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3 मजदूरों की दबकर हुई मौत, राजस्थान-जालोर स्कूल के कंस्ट्रक्शन के दौरान गिरी दीवार

जालोर. राजस्थान के जालोर के सायला उपखंड क्षेत्र के पोषाणा मे गुरुवार सुबह एक बड़ी घटना हो गई. यहां राजकीय विधालय का निर्माण कार्य करते समय दिवार ढहने से 3 मजदूरों की मौत हो गई. जालोर डिप्टी एसपी गौतम जैन ने फोन पर बातचीत करते हूए बताया की दीवार के नीचे दबे 4 मजदूर में से 3 मजदूरों की हुई मौत, एक गंभीर घायल हो गया है. घटना की सूचना मिलने पर सायला पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने मलबे को हटाकर मृतक मजदूरों के शव को बाहर निकाला ओर घायल को अस्पताल में भर्ती करवाया. पूरी घटनाक्रम के बाद गांव मे शौक की लहर छा गई है. कंस्ट्रक्शन साइट्स पर लापरवाही के चलते मजदूरों की मौत के कई मामले सामने आते हैं. हाल में बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो टनल में हादसा हो गया. तीन मजदूरों पर लोको पिक अप चढ गई. लोको मशीन का ब्रेक फेल हो गया था जिसके चलते हादसा हुआ. दो मजदूरों की मौत हो गई जबकि कुछ को रेस्क्यू किया गया, दो मजदूर घायल हो गए. तब 25 मजदूर काम कर रहे थे. दरअसल, एनआईटी मोड़ पर एग्जिट पॉइंट के पास मेट्रो टनल में हादसा हुआ था. इसके बाद दो मजदूरों को रेस्क्यू करके निकाला गया था. कहा गया कि तीन मजदूरों पर ब्रेक फेल होने की वजह से लोको पिक-अप चढ़ गया था. बताया जा रहा है कि टनल के अंदर नाइट शिफ्ट में मजदूर काम कर रहे थे. इसी दौरान एक लोको पिक-अप का ब्रेक फेल हो गया और वह मजदूरों पर चढ़ गया. एक स्थानीय ने बताया कि लोको पूरा फुल और ओवरलोड था. उसे लोड करके अंदर भेजा गया था.

विधायक बनते ही डीसी बैरवा ने दिखाए तेवर, गद्दारी करने वालों को निकाल दो नहीं तो हम निकालेंगे

जयपुर उपचुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक दलों में आंतरिक खींचतान खुलकर सामने आ रही है। भाजपा में भीतरघात और विश्वासघात के आरोपों के बाद अब कांग्रेस में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। इस विवाद को उजागर करते हुए कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायक दीनदयाल (डीसी) बैरवा ने अपनी बात खुलकर रखी। सम्मान समारोह में कहा गद्दारी करने वालों को निकाल दो नहीं तो हम निकालेंगे मंगलवार को चौधरी धर्मशाला में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा संगोष्ठी और विधायक दीनदयाल बैरवा के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान बैरवा ने पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता और गद्दारी का मुद्दा उठाते हुए कहा, “कई लोगों ने टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी को केवल एक ही देना था। इसके बाद कई लोग घर बैठ गए। कांग्रेस मजबूत है और हम उनके बिना भी जीत गए। कांग्रेस के पास कार्यकर्ताओं की कोई कमी नहीं है।”   विधायक बैरवा ने जिलाध्यक्ष से आग्रह करते हुए कहा, “पार्टी के साथ गद्दारी करने वालों को बाहर करो या फिर हम खुद उन्हें बाहर कर देंगे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग छह महीने में ही गद्दारी करने लगे। उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कहा कि “आने वाले पंचायती राज और निकाय चुनाव में ऐसे लोग फिर से टिकट मांगेंगे, लेकिन उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान जो उनके साथ खड़े रहे, वे उनके लिए भगवान समान हैं, जबकि जो नजरों से उतर गए, उन्हें सहन नहीं किया जाएगा। सर्व समाज का डीसी बैरवा ने जताया आभार बैरवा ने अपनी जीत का श्रेय सर्वसमाज को देते हुए कहा, “मैं सर्वसमाज का आभारी हूं, जिन्होंने इस रण में मेरा साथ दिया और विधायक बनाया। कार्यकर्ताओं की मेहनत का फल मिला है।” इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें पीसीसी सदस्य कमल मीना, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रुक्मणि गुप्ता, मंजू मीना, ब्लॉक अध्यक्ष हेमराज आवाना, रामरतन सैनी, खेमराज मीना, नगर अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, दौसा प्रधान प्रहलाद रोहड़ा, सिकंदरा प्रधान सुल्तान बैरवा, डॉ. मोहनलाल मीणा, नांगल प्रधान दिनेश मीणा, लवाण प्रधान बीना देवी, उप प्रधान जयंत मीणा, एनएसयूआई अध्यक्ष विजेंद्र गुर्जर, उपाध्यक्ष विजेंद्र डोई, संगठन मंत्री हंसराज गुर्जर, मंडल अध्यक्ष शरद नागर, चेयरमैन कल्पना जैमन, इंदिरा बैरवा, नरेंद्र जैमन, राकेश चौधरी, एडवोकेट जगजीवनराम बैरवा, मीडिया प्रभारी उमाशंकर बनियाना, प्रवक्ता मुकेश राणा समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नवनिर्वाचित विधायक का सम्मान किया।

पुलिस ने अपराधियों पर की ताबड़तोड़ कार्रवाई, राजस्थान-जयपुर में चोरी-अफीम तश्करी- वाहन चोरी और रिश्वतखोरी

जयपुर. सबसे पहले राजधानी जयपुर के सदर थाना की बात करते है। यहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंदिरों में घुसकर चोरी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है और उसके पास से मंदिरों से चुराए गए चांदी के छत्र सहित वारदात में प्रयुक्त नकब सामान भी बरामद किया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम अमित कुमार ने बताया कि सदर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मंदिरों में घुसकर चोरी करने वाले सूरज सिंह उर्फ बिट्टू निवासी मजदूर नगर हसनपुरा जयपुर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से मंदिरों से चुराए गए चांदी के छत्र सहित वारदात में प्रयुक्त नकब सामान जब्त किया है और साथ ही एक अवैध हथियार कटार भी बरामद की है। पुलिस पूछताछ में और भी कई वारदातें खुलने की आशंका जताई जा रही है। अवैध मादक पदार्थ अफीम की तस्करी करने वाला आरोपी गिरफ्तार दूसरी ओर जालूपुरा थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम जयपुर उत्तर (डीएसटी) ने ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ अफीम की तस्करी करने वाले एक आरोपी को पकड़ा है और उसके पास 467 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम जब्त की है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उपायुक्त जयपुर (उत्तर) राशि डोगरा डूडी ने बताया कि पुलिस कमिश्नरेट की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत जालूपुरा थाना और डीएसटी उत्तर ने कार्रवाई करते हुए अवैध मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले तस्कर नारायण लाल सालवी निवासी गंगरार जिला चित्तौड़गढ़ को गिरफ्तार कर उसके पास से 467 ग्राम अवैध मादक पदार्थ अफीम बरामद की है। पुलिस आरोपित से अवैध मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त के बारे में पूछताछ करने में जुटी है। मौज-मस्ती व अन्य शौक पूरा करने लिए वाहन चुराने वाला गिरफ्तार विधाधर नगर थाना पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपित रात में रेकी कर घरों के बाहर खड़ी बाइक चोरी किया करता था और उन्हें औने-पौने दामों में बेच कर मौज मस्ती व अन्य शौक पूरे करता था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह शहर में दर्जनों वाहन चोरी कर चुका हैं। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उपायुक्त जयपुर उत्तर राशि डोगरा डूडी ने बताया कि विधाधर नगर थाना पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर  मुकेश कुमार (20) निवासी गांव दिलावरपुर थाना केसरीया जिला मोतिहारी बिहार को गिरफ्तार किया है। जिसने पूछताछ में वाहन चोरी करना कबूला। आरोपित जयपुर शहर में कई वाहन चोरी की वारदात कर चुका हैं। पैसा और शौक पूरा करने के लिए वह वाहन चोरी करता था। पुलिस हेड कांस्टेबल पच्चीस हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की सिरोही टीम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना सांचौर जिला सांचौर के पुलिस हेड कांस्टेबल किशनाराम को परिवादी से पच्चीस हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो पुलिस महानिदेशक डॉ. रवि प्रकाश मेहरड़ा ने बताया कि एसीबी की सिरोही टीम को परिवादी ने शिकायत दी कि उसके परिवारजनों के विरूद्ध दर्ज मुकदमे में मदद करने की एवज में पुलिस हैड कांस्टेबल किशनाराम पचास हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। जिसपर एसीबी की सिरोही टीम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर लाल के नेतृत्व में शिकायत का सत्यापन कर ट्रेप की कार्रवाई करते हुए पुलिस हैड कांस्टेबल किशनाराम को पच्चसी हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। उल्लेखनीय है कि शिकायत के सत्यापन के दौरान भी पुलिस हेड कांस्टेबल किशनाराम ने परिवादी से पांच हजार रुपये अपने परिचित के खाते में जरिये फोन पे ट्रांसफर करवाकर वसूले थे।

‘रामायण की सीता और महाभारत की गीता हमारी मार्गदर्शक’, राजस्थान-राज्यपाल पहुंचे अखिल भारतीय यादव महासभा के कार्यक्रम में

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि रामायण में सीता और महाभारत में गीता हमारी मार्गदर्शक है। सीता माई ने जो कठिनाई झेली वह जीवन पथ का आलोक है। उन्होंने रामायण और गीता को विश्व के प्राचीनतम ग्रंथ बताते हुए कहा कि यही भारत की संस्कृति और धर्म है। बागडे गुरुवार को अखिल भारतीय यादव महासभा “अहीर” द्वारा ‘भगवान श्री कृष्ण विचार एवं जनमानस’ विषयक आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यादव महासभा द्वारा श्री कृष्ण के सर्वधर्म सद्भाव की संस्कृति का सर्वत्र प्रसार करने का आह्वान किया। उन्होंने श्री कृष्ण के फल की इच्छा के बगैर कर्म करने के गीता के संदेश से प्रेरणा लेकर जीवन जीने पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण कभी इतिहास नहीं हो सकते। वह जनमानस में गहरे से रचे-बसे हैं। श्री कृष्ण की बांसुरी और राधा से उसकी डाह की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके बगैर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण को युगप्रवर्तक बताते हुए कहा कि जहां अन्याय-अत्याचार हुआ उसका विरोध किया। संस्कृति की हानि हुई तो भगवान ने आगे आकर उसका संरक्षण किया। राज्यपाल ने श्री कृष्ण- सुदामा की मित्रता की चर्चा करते हुए कहा कि उनकी मित्रता निभाने के संस्कार से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने श्री कृष्ण के माखनचोर स्वरूप की कथा सुनाते हुए कहा कि वह हमेशा ईश्वर होते हुए भी मनुष्य की भांति रहे। समारोह में नगरीय विकास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने श्री कृष्ण और यादव समाज से जुड़े गौरव की चर्चा की। अखिल भारतीय यादव महासभा के डा. अशोक यादव ब्रिगेडियर प्रताप सिंह आदि ने भी विचार रखे।

शैक्षणिक उन्नयन करने प्रदेश सरकार कृत संकल्पित, राजस्थान-जोधपुर के स्कूल में संसदीय कार्य मंत्री ने किया कक्षा-कक्ष का लोकार्पण

जयपुर। संसदीय कार्य,विधि एवं विधिक कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल ने जोधपुर जिले की ग्राम पंचायत गंगाणा की राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मध्य पूर्व पुलिस चौकी में गुरुवार को 19.86 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित कक्षा–कक्ष का विधिवत् रूप से फीता काटकर लोकार्पण किया। संसदीय कार्य मंत्री श्री पटेल ने कहा माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शैक्षणिक उन्नयन एवं विद्यालयों में अवसंरचना विकास के कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कक्षा-कक्ष, लैब, पुस्तकालय एवं शौचालय निर्माण के लिए इस बजट में 350 करोड़ रुपए और  प्रदेश के 750 विद्यालयों के भवनों की मरम्मत के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। मेधावी विद्यार्थियों को निःशुल्क टैबलेट्स— श्री पटेल ने कहा बजट में राज्य में सभी वर्गों के राजकीय एवं अनुदानित छात्रावासों तथा आवासीय विद्यालयों में आवासित छात्र-छात्राओं को देय मैस भत्ता 2 हजार 500 रुपए से बढ़ाकर 3 हजार रुपए  प्रतिमाह किया गया है। उन्होंने कहा राजकीय विद्यालयों के मेधावी विद्यार्थियों को उच्च अध्ययन के लिए प्रोत्साहन देने के लिए 8 वीं,10 वीं एवं 12 वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में राज्य तथा जिला स्तरीय मेरिट में आने वाले  विद्यार्थियों को तीन वर्ष की इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ टैबलेट्स  निःशुल्क दिए जा रहे है। कक्षा-कक्ष निर्माण के लिए 11 लाख रुपए की घोषणा— श्री पटेल ने कहा विद्यालय भारत के भविष्य निर्माण के केंद्र है। उन्होंने कहा शिक्षक राष्ट्र निर्माण में सबसे महत्ती भूमिका निभाते है। संसदीय कार्य मंत्री ने विद्यालय में कक्षा-कक्ष निर्माण के लिए 11 लाख रुपए की घोषणा की। उन्होंने कहा क्षेत्र के विद्यालयों के विकास में किसी प्रकार की कमी नहीं रखी जाएगी। क्षेत्र के सड़क तंत्र का हो रहा सुदृढ़ीकरण— श्री पटेल ने कहा लूणी क्षेत्र में 3 अरब रुपए से भी अधिक राशि के सड़क निर्माण के कार्य स्वीकृत हो चुके है। सभी कार्यों को तय समयावधि में पूर्ण करवा कर क्षेत्र के सड़क तंत्र का सुदृढ़ किया जाएगा। उन्होंने कहा क्षेत्र में निवासरत पाक विस्थापित बंधुओं की कॉलोनियों का सर्वे कर आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएगी।

राइजिंग राजस्थान का सौर ऊर्जा से संचालित होगा उद्घाटन दिवस, राजस्थान-मुख्यमंत्री 10 दिनों तक लेंगे नव संकल्प

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आगामी 9-11 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले राइजिंग राजस्थान समिट के माध्यम से राज्य में औद्योगिक परिदृश्य को एक नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की आर्थिक उन्नति के संकल्प को पूरा करने के लिए जी जान से जुटी हुई हैं। हम राइजिंग राजस्थान के सफल आयोजन के लिए आगामी 10 दिनों तक प्रत्येक दिन एक नया संकल्प लेंगे। शर्मा ने कहा कि इन संकल्पों के माध्यम से अगले 5 वर्षों में प्रदेश को 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाया जाएगा। विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प सिद्धि में राइजिंग राजस्थान का आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने समिट के सफल आयोजन में सभी महत्वपूर्ण वर्गों को भागीदार बनने का आह्वान किया। श्री शर्मा ने आज पहला संकल्प लेते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान समिट का उद्घाटन दिवस पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होगा। उन्होंने कहा कि यह समिट सूरज की ताकत से प्रदेश के विकास में नया सवेरा लाएगा। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता है कि प्रदेश में निर्बाध बिजली की आपूर्ति के लिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जाए। राज्य सरकार की अनुकूल निवेश नीतियों से राजस्थान अक्षय ऊर्जा में निवेशकों की पसंद बना हुआ है तथा आज राजस्थान भारत में अक्षय ऊर्जा उत्पादन में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि हम प्रदेश को 2027 तक ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।

सिन्धु दर्शन यात्रा पर 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, राजस्थान-सरकार का सिंधी समाज को तोहफा

अजमेर. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के आग्रह पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सिन्धी समाज को बड़ा तोहफा दिया है। राज्य सरकार ने सिन्धी समाज की सबसे बड़ी और पवित्र मानी जाने वाली लेह-लद्दाख सिन्धु दर्शन यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को 15 हजार रूपए प्रति व्यक्ति आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सिन्धु दर्शन यात्रा में चार दिन तक लेह-लद्दाख में धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन होते हैं तथा यह यात्रा 18 जून से शुरू होकर 30 जून को समाप्त होती है। सिन्धी समाज के तीर्थयात्री हर साल 23 से 26 जून तक लेह-लद्दाख में सिन्धु दर्शन यात्रा पर जाते हैं। यह यात्रा 18 जून से जम्मू एवं कुरूक्षेत्र से प्रारंभ होती है तथा 30 जून को इसका अधिकारिक समापन होता है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को ज्ञापन देकर आग्रह किया था कि सिन्धु दर्शन तीर्थ यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को भी अन्य तीर्थ यात्राओं की तरह आर्थिक सहायता दी जाए। इस पर निर्णय करते हुए राज्य सरकार ने तीर्थ यात्रियों के लिए 15 हजार रूपए प्रति यात्री की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। गौरतलब है कि वर्ष 1997 में भारत रत्न एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने सिन्धु दर्शन यात्रा की शुरूआत की थी। प्रतिवर्ष यह यात्रा 23 से 26 जून तक लेह-लद्दाख में आयोजित की जाती है। इसमें बड़ी संख्या में सिंधी धर्मावलम्बी भाग लेते हैं। वेद, शास्त्र एवं धार्मिक मान्यताओं में सिन्धु नदी का बड़ा महत्व है। लगभग सभी ग्रन्थों में सिन्धु नदी का उल्लेख मिलता है। इसके साथ ही भारतीय राष्ट्रगान में भी सिन्धु नदी का उल्लेख है। सिन्धी समाज में भी ईष्ट देव श्री झूलेलाल जी के अवतार का जल से संबंध है। ऎसे में यह यात्रा सिन्धी धर्मावलम्बियों के लिए बड़ी पवित्र मानी जाती है। प्रतिवर्ष देश के लगभग 25 राज्यों से सिन्धी धर्मावलम्बी इस पवित्र यात्रा पर जाते हैं। यह यात्रा जम्मू एवं कुरूक्षेत्र से प्रारम्भ होती है एवं लगभग 12 दिन चलती है। यात्रा में लेह-लद्दाख में विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होते हैं।

‘सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए सब कुछ हो रहा’, राजस्थान-अजमेर की दरगाह के शिव मंदिर होने के दावे पर दीवान बोले

अजमेर. राजस्थान के अजमेर मे स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह को हिंदू मंदिर बताने वाली याचिका को निचली अदालत ने बुधवार को सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है। कोर्ट ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया है और सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तारीख तय की है। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने सिविल न्यायाधीश के समक्ष वाद पेश किया है, जिसमें उन्होंने अजमेर दरगाह में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा किया है। इस मामले पर अब दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती का बयान सामने आया है। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि “हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दरगाह से संबंधित वाद को अजमेर न्यायालय में प्रस्तुत किया था। कोर्ट ने वाद दर्ज कर नोटिस जारी किया है। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है, इस मामले में ज्यादा कहना उचित नहीं है। न्याय प्रक्रिया पर हम लोग नजर लगाए हुए हैं। हम अपने वकीलों से राय ले रहे हैं। हम वकीलों से आगे की प्रक्रिया की राय ले रहे हैं। जैसे ही हमें एक्सपर्ट ओपिनियन मिलेगा, उसके अनुसार हम आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे। हमें मालूम हुआ कि है वादी ने दरगाह कमेटी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और अल्पसंख्यक मंत्रालय को पक्षकार बनाया है। गरीब नवाज के किसी वंशज को पक्षकार नहीं बनाया गया है। इसलिए, हम वकीलों से राय लेकर आगे की जो प्रक्रिया पर विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि देश नई परंपरा डाली जा रही है। आए दिन जो देखने में आ रहा है कि हर दरगाह या मस्जिद पर हर कोई लोकप्रियता पाने के लिए दावा कर रहा है कि यहां मंदिर था, उसे तोड़कर मस्जिद बनाई गई या दरगाह बनाई गई। उन्होंने कहा, “यह परंपरा देश के हित में सही नहीं है। हमारे समाज के हित में सही नहीं है। यह सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए है। ये लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं।” उन्होंने कहा कि यह हिंदुस्तान की वह दरगाह है, जिससे पूरी दुनिया के हर मजहब का आदमी जुड़ा हुआ है। हर मजहब के आदमी की आस्था दरगाह से जुड़ी हुई है। इस दरगाह की तारीख कोई सौ दो सौ साल पुरानी नहीं, लगभग 850 साल पुरानी है। साल 1195 में गरीब नवाज हिंदुस्तान में तशरीफ लाए थे। साल 1236 में आपका विसाल हुआ था। उसी समय से यह दरगाह कायम है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में इस तारीख के दौरान जो हिंदू राजा गुजरे हैं, यह दरगाह सबकी अकीदत का मरकज रही है। सबने अपने अपने तरीके से गरीब नवाज की बारगाह में नजराना पेश किया है। दरगाह में चांदी का कटहरे है जो जयपुर महाराज का चढ़ाया हुआ है। उस दौर में जितने राजा रजवाड़े हुए हैं, चाहे वह किसी भी मजहब के हों, इस बारगाह से किसी न किसी तरीके से जुड़ रहे हैं। तारीख में कोई ऐसा इतिहासकार नहीं है, जिसने इस बारगाह के बारे में लिखा होगा कि यहां पर मंदिर था या कुछ तोड़ करके बनाया गया। कहीं तारीख नहीं है। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि वादी ने हरविलास शारदा की किताब को आधार बनाया है जो कोई इतिहासकार नहीं थे। वह अजमेर के सम्मानित शख्सियत थे। उनकी किताब अजमेर हिस्टोरिकल एंड डिस्क्रिप्टिव 1910 में आई और 1920 में पुनः प्रकाशित हुई। उस किताब को आधार बनाकर के इस तरह के मनगढ़ंत दावे पेश करना या बात करना बिल्कुल गलत है।

साल 2025 में मकर संक्रांति और शीतला अष्टमी के दिन स्थानीय अवकाश घोषित किया गया

जयपुर  जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने जयपुर जिले में वर्ष 2025 के लिए मकर संक्रांति एवं शीतला अष्टमी (मेला चाकसू) का स्थानीय अवकाश घोषित किया है. जिला कलेक्टर ने एक आदेश जारी कर अगले साल 2025 में मकर संक्रांति 14 जनवरी (मंगलवार) एवं शीतला अष्टमी 21 मार्च (शुक्रवार) को स्थानीय अवकाश घोषित किया है. जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने दोनों ही जिलों (जयपुर शहर और जयपुर ग्रामीण) के लिए अलग-अलग आदेश जारी किए हैं. बता दें कि मकर संक्रांति और शीतला अष्टमी का पर्व जयपुर जिले में धूमधाम से मनाया जाता है. इन दोनों ही त्योहार पर आम जनता का उत्साह देखने वाला होता है. जयपुर जिले में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी देखने लायक होती है. मकर संक्रांति पर बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक में पतंगबाजी का उत्साह देखने को मिलता है. लोग पतंगबाजी के लिए सुबह से ही छत पर चढ़ जाते हैं और पतंगबाजी का दौर देर शाम तक जारी रहता है. इस दिन लोग दान पुण्य भी करते हैं. मकर संक्रांति पर खरमास का समापन होता है और मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाती है. इसी तरह शीतला अष्टमी पर जयपुर के चाकसू कस्बे में शील की डूंगरी पर शीतला माता का दो दिवसीय लक्खी मेला लगता है. इस मेले में दूर दराज से लोग शीतला माता के दर्शन करने आते हैं. इस दिन माता को ठंडे पकवानों का भोग भी लगाया जाता है. बता दें कि कलेक्टर अपनी शक्ति का इस्तेमाल कर साल में दो अवकाश घोषित कर सकते हैं, इसलिए जयपुर कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी ने मकर संक्रांति और शीतला अष्टमी का अवकाश घोषित किया है.

विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भड़के, राजस्थान के 49 नगरीय निकायों में प्रशासक लगाना असंवैधानिक

अलवर. राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार द्वारा 49 नगर निकायों में प्रशासक लगाये जाने के निर्णय का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह कदम पूर्णतया असंवैधानिक और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार ने राज्य के पांच नगर निगम, 20 नगर परिषद और 24 नगर पालिका का कार्यकाल समाप्त होने का तर्क देकर इनमें सरकारी अधिकारियों को प्रशासक लगा दिया है। जबकि सरकार को इन निकायों की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कायम रखने के लिए इनमें तत्काल चुनाव कराने की घोषणा करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार से मांग है कि इन निकायों के अविलम्ब चुनाव कराये जायें। जूली ने कहा कि इसके पीछे राज्य सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ एजेंडे का बहाना बना रही है, लेकिन वस्तुतः राज्य की भाजपा सरकार इन नगर निकायों के चुनाव अपनी पराजय के भय से नहीं कराना चाहती। प्रदेश के अनेक नगर निकायों का कार्यकाल पूरा होने में अभी एक साल और इससे ज्यादा का समय शेष है। तब तक राज्य सरकार कार्यकाल पूरा कर चुके नगर निकायों में नगर निगमों को जिला कलेक्टर, नगर परिषदों को एडीएम और नगर पालिकाओं को एसडीएम स्तर के सरकारी अधिकारियों के भरोसे चलाना चाहती है। सरकार का यह रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वाला है। आम जनता को उनके निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से वंचित करने की राज्य सरकार की यह चेष्टा अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है। सरकार के इस कदम से इन निकायों में अव्यवस्था पनपेगी और आम जनता अपनी रोजमर्रा की समस्याओं के निराकरण के लिए तरसेगी। नगर निकायों में नौकरशाही को हावी करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह दुर्भाग्य का विषय है कि जब सब ओर संविधान दिवस मनाने की तैयारियां चल रही थी। उसके एक दिन पहले राजस्थान में राज्य सरकार ने यह कदम उठाकर सिद्ध किया है कि सरकार लोकतंत्र पर अपनी मनमानी थोपना चाहती है और उसका संविधान में कोई विश्वास नहीं है।

दो की मौत और तीन लोग गंभीर घायल, राजस्थान-बीकानेर के भारतमाला एक्सप्रेस-वे दो वाहनों की भीषण टक्कर

बीकानेर. लूणकरणसर के पास भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर देर रात भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेस मार्ग पर दो वाहनों की आपस में टक्कर के कारण यह हादसा हुआ। इस दुर्घटना में जालोर के सायला तहसील के इकबाल खान पुत्र आलम खान, बालोतरा निवासी तगाराम की मौत की सूचना है। जबकि नवाब खान, रजाक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि जालोर निवासी ट्रक चालक भारतमाला एक्सप्रेस मार्ग पर सहजरासर ढाणी भोपाला के पास ढाबे पर खाना खाकर ट्रक के पिछले हिस्से की जांच कर रहे थे। तभी तेज गति से आ रहा दूसरा ट्रक अंदर जा घुसा। दुर्घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर लूणकरणसर थाना पुलिस के हेड कांस्टेबल श्याम लाल, ड्राइवर हजारी सिंह और प्यारे लाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक में फंसे ड्राइवरों को बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के लिए लूणकरणसर हॉस्पिटल भेजा। बाद में घायलों को गंभीर हालत में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया। जहां घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

थाने में दर्ज हुआ केस, राजस्थान-हनुमानगढ़ में प्रिंसिपल से गाली-गलौज और मारपीट

हनुमानगढ़. हनुमानगढ़ जिले के 2 एमडी स्कूल में घुसकर प्रिंसिपल के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, मारपीट करने सहित स्कूल के रिकॉर्ड फेंकने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ तलवाड़ा थाने में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। स्कूल में हुए इस घटनाक्रम का वीडियो भी सीसीटीवी में कैद हो गया। घटना के बाद से ही टीचर्स संगठनों और प्रिंसिपलों में खासा रोष व्याप्त हुआ था। जिसके चलते एसपी दफ्तर पहुंच सभी ने मंगलवार को आक्रोश प्रकट करते हुए मांग पत्र सौंपा था। तलवाड़ा पुलिस ने प्रधानाचार्य की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तलवाड़ा थाना पुलिस के अनुसार चक दो एमडी के महात्मा गांधी राजकीय स्कूल के प्रिंसिपल रतनलाल पुत्र साहबराम निवासी वार्ड 27 रावतसर हाल प्रिंसिपल महात्मा गांधी स्कूल 2 एमडी मेहरवाला दर्ज करवाते हुए बताया कि वे 23 नवंबर की दोपहर करीब 2.30 बजे छठे पीरियड के दौरान कार्यालय में बैठकर राजकीय कार्य कर रहा था। उस समय कार्यालय में वरिष्ठ शिक्षक पवन कुमार भी मेरे साथ कार्य कर रहे थे। उसी दौरान भजन लाल भाट एवं गजानंद पुत्र गिरधारी लाल लाठी-डंडे लेकर कार्यालय में घुसे एवं उन पर जानलेवा हमला करते हुए अभद्रता एवं गाली-गलौज की। स्कूल रिकॉर्ड को फेंकते हुए अस्त-व्यस्त कर राजकार्य बाधित किया। अचानक हुई इस घटना से पूरा स्कूल स्टाफ सहमा हुआ है। ये पूरी मारपीट की घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसका वीडियो भी अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रिंसिपल ने इस विषय में संज्ञान लेते हुए हमला करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कानूनी करने की मांग एसपी से की थी। इस दौरान दो टीचर संगठनों व कई स्कूलों के प्रिंसिपल मौजूद रहे। इस संबंध में बुधवार को तलवाड़ा झील थाने में दो नामजद व्यक्तियों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया हैं। जिसको लेकर अब पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

अजमेर दरगाह शरीफ का होगा सर्वे! शिव मंदिर बताने वाली याचिका मंजूर, शुरू हुई सियासत

​अजमेर अजमेर शरीफ दरगाह को हिंदू मंदिर बताने वाली याचिका को लेकर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दरगाह पक्ष को नोटिस जारी किया है। ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में संकट मोचन महादेव मंदिर वाली याचिका को कोर्ट ने स्वीकार किया। इस मामले की सच्चाई जानने के लिए कोर्ट ने इसे स्वीकार किया है क्योंकि लंबे समय से इसकी मांग उठ रही थी। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने यह याचिका लगाई और न्यायाधीश जज मनमोहन चंदेल ने प्रतिवादी को नोटिस जारी किया। दरगाह कमेटी के कथित अनाधिकृत कब्जा हटाने संबंधी याचिका दो महीने पहले दायकर करी थी।याचिका में दावा किया गया था कि दरगाह की जमीन पर पूर्व में भगवान शिव का मंदिर था और वहां पूजा पाठ होता रहा है। दरगाह परिसर में जैन मंदिर होने का भी दावा किया गया है और याचिका में हरविलास शारदा द्वारा लिखी गई एक पुस्तक का हवाला दिया गया। इसमें मंदिर होने के प्रमाण का उल्लेख किया गया है कि दरगाह परिसर में बुलंद दरवाजे के निर्माण में मंदिर के अंश हैं। साथ ही एक तहखाना या गर्भ गृह होने की बात की गई और कहा गया है कि वहां शिवलिंग था, ब्राह्मण परिवार उसकी पूजा अर्चना करने का काम करता था। 1991 पूजा स्थल एक्ट यहां इसलिए लागू नहीं होता, क्योंकि दरगाह के अंदर कभी किसी इंसान को पूजा करने के लिए अंदर जाने ही नहीं दिया गया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और अजमेर दरगाह समिति को नोटिस जारी किया। याचिका हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने दावा किया था कि अजमेर शरीफ दरगाह में काशी और मथुरा की तरह एक मंदिर था। वादी विष्णु गुप्ता के अधिवक्ता योगेश सिरोजा ने अजमेर में संवाददाताओं को बताया कि वाद पर दीवानी मामलों के न्यायाधीश मनमोहन चंदेल की अदालत में सुनवाई हुई। सिरोजा ने कहा कि दरगाह में एक शिव मंदिर होना बताया जा रहा है। उसमें पहले पूजा पाठ होता था… पूजा पाठ दोबारा शुरू करवाने के लिये वाद सितंबर 2024 में दायर किया गया। अदालत ने वाद स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में अजमेर दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) कार्यालय-नयी दिल्ली को समन जारी हुए हैं। हालांकि, अब इसको लेकर सियासत तेज हो गई है। AIMIM सांसद असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि यह दरगाह पिछले 800 वर्षों से वहां मौजूद है। नेहरू से लेकर कई प्रधान मंत्री दरगाह पर चादर भेजते रहे हैं। पीएम मोदी भी वहां चादर भेजते हैं। उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी-आरएसएस ने मस्जिदों और दरगाहों को लेकर ये नफरत क्यों फैलाई है? निचली अदालतें पूजा स्थल कानून पर सुनवाई क्यों नहीं कर रही हैं? इस तरह कानून का शासन और लोकतंत्र कहां जायेगा? यह देश के हित में नहीं है। मोदी और आरएसएस का शासन देश में कानून के शासन को कमजोर कर रहा है। ये सब बीजेपी-आरएसएस के निर्देश पर किया जा रहा है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ऐसी बातें पूरे देश में आग लगा देंगी। क्या हो रहा है? पीएम को इस मामले को देखना चाहिए और सुप्रीम कोर्ट को इस मामले पर संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने सवा किया कि आप एक पूरे समुदाय को कहां किनारे करना चाहते हैं? आप उनके धार्मिक स्थलों और संपत्तियों को नहीं छोड़ रहे हैं। आप हमें कहां दरकिनार करना चाहते हैं? किस मस्जिद के नीचे आप मंदिर ढूंढेंगे? कोई सीमा है या नहीं? उन्होंने (केंद्र सरकार) पूजा अधिनियम 1991 को किनारे रख दिया है। क्या वे (भाजपा) अपने राजनीतिक लाभ के लिए पूरे देश को जला देंगे? केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अजमेर में कोर्ट ने सर्वे के निर्देश दिये। यदि किसी हिंदू ने याचिका दायर की है और अदालत ने सर्वेक्षण का आदेश दिया है, तो समस्या क्या है? मुगलों ने हमारे मंदिर तोड़े। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तब तक केवल तुष्टीकरण किया। अगर नेहरू ने मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाने के इस अभियान को रोक दिया होता, तो आज हम अदालत में जाने की स्थिति में नहीं होते। अजमेर शरीफ विवाद पर क्या बोल गए रामगोपाल यादव इस मामले को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। विवाद पर अपनी बात रखते हुए समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने जजों को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी है। यादव ने एएनआई से बातचीत में कह दिया कि छोटे छोटे जज देश में आग लगवाना चाहते हैं। हाल में उन्होंने रिटायर हो चुके चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को लेकर भी विवादित टिप्पणी कर दी थी और बाद में यूटर्न ले लिया था। अजमेर शरीफ मुद्दे पर एएनआई से बातचीत में सपा नेता राम गोपाल यादव ने कहा, ‘ऐसा है मैंने पहले भी कहा था, इस तरह के छोटे-छोटे जज बैठे हैं जो इस देश में आग लगवाना चाहते हैं। कोई मतलब नहीं है इसका। अजमेर शरीफ पर हमारे प्रधानमंत्री स्वयं चादर भिजवाते हैं। देश दुनिया से लोग वहां आते हैं। उसको विवादों में डालना बहुत ही घृणित और ओछी मानसिकता का प्रतीक है। सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा समर्थित लोग कुछ भी कर सकते हैं, देश में आग लग जाए इससे इन्हें कोई मतलब नहीं है। सत्ता में बने रहें बस।’ उनसे सवाल किया गया था कि नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा है कि उन्हें इस मामले में पक्षकार नहीं बनाया गया है। राजस्थान के अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा करते हुए एक वाद स्थानीय अदालत में दायर किया गया है। अदालत ने  याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए तीन पक्षकारों को नोटिस जारी किया। वादी विष्णु गुप्ता के वकील योगेश सिरोजा ने अजमेर में बताया कि वाद पर दीवानी मामलों के न्यायाधीश मनमोहन चंदेल की अदालत में सुनवाई हुई। सिरोजा ने कहा, ‘दरगाह में एक शिव मंदिर होना बताया जा रहा है। उसमें पहले पूजा पाठ होता था… पूजा पाठ दोबारा शुरू करवाने के लिये वाद सितंबर 2024 में दायर किया गया। अदालत ने वाद स्वीकार करते हुए नोटिस जारी किए हैं।’ उन्होंने बताया कि इस संबंध में अजमेर दरगाह कमेटी, अल्पसंख्यक मंत्रालय, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) कार्यालय-नयी दिल्ली को समन … Read more

राजस्थान में राजनीतिक हलचल बढ़ी, वन स्टेट-वन इलेक्शन की तर्ज पर होना संभव

जयपुर    राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिससे राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। राज्य की 40 प्रतिशत पंचायतों का कार्यकाल जनवरी में खत्म हो रहा है, और इसके बाद सवाल यह उठ रहा है कि क्या पंचायत चुनाव एक साथ होंगे, या फिर सरकार इन पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करेगी? क्योंकि चुनावों पर अभी तक कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। जनवरी में 6759 पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा, जबकि बाकी पंचायतों का कार्यकाल 2025 तक रहेगा। इस बीच, सरकार ने राज्य में 49 निकायों में प्रशासक नियुक्त किया है, लेकिन पंचायतों में क्या कदम उठाए जाएंगे, यह अभी तक तय नहीं हो पाया है। पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि इस मुद्दे पर निर्णय कैबिनेट की मीटिंग में लिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजस्थान का मामला एमपी या झारखंड से अलग होगा और सरकार पंचायत चुनावों के लिए सही समय पर निर्णय लेगी। पंचायतीराज चुनावों के भविष्य को लेकर कयास राज्य के 40 प्रतिशत सरपंचों का कार्यकाल जनवरी में खत्म होने वाला है, और इस समय तक सरकार को निर्णय लेना होगा कि क्या पंचायतों में प्रशासनिक नियुक्तियां की जाएंगी, या फिर सरपंचों को ही चेयरमैन के रूप में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पंचायतों के चुनावों को लेकर मंत्रिमंडल की मीटिंग में जल्द ही फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, राज्य निर्वाचन विभाग ने इस विषय में अब तक कोई तैयारियां नहीं की हैं।  पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि चुनावों के बारे में सरकार जल्द ही फैसला लेगी और इस फैसले से किसी भी जनप्रतिनिधि को कंफ्यूजन में नहीं आना चाहिए। कार्यकाल समाप्त होने वाली पंचायतों की सूची: •        जनवरी 2025: 6759 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त •        मार्च 2025: 704 पंचायतों का कार्यकाल खत्म •        सितंबर 2025: 3847 पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होगा इसके बाद 2026 में भी कई पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होगा, जिसमें जिला परिषद और पंचायत समितियां शामिल हैं। पंचायतों में प्रशासक या सरपंच? राज्य सरकार ने हाल ही में 49 निकायों में प्रशासक नियुक्त किए हैं, और अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या पंचायतों में भी इसी तरह प्रशासक लगाए जाएंगे, या फिर पंचायतों की जिम्मेदारी सरपंचों को सौंपी जाएगी। पंचायत चुनावों की तारीखों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, और यह निर्भर करता है कि मंत्रिमंडल की मीटिंग में सरकार क्या फैसला करती है। सरपंचों ने की मुख्य सचिव से मुलाकात राज्य के सरपंचों ने भी इस मामले में अपनी राय दी है। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश और झारखंड की तर्ज पर जब तक पंचायत चुनाव नहीं होते, तब तक कमेटी बनाई जाए और इसका चेयरमैन सरपंचों को बनाया जाए। इस संबंध में उन्होंने मुख्य सचिव सुधांश पंत से भी मुलाकात की है और अपनी बात रखी है। सरकार जल्द लेगी पंचायत चुनाव पर फैसला? पंचायत चुनावों को लेकर सवालों की कोई कमी नहीं है, और यह राज्य सरकार पर निर्भर करेगा कि वह इन पंचायतों में क्या कदम उठाती है। क्या सरकार पंचायतों में प्रशासक लगाएगी, या पंचायत चुनावों की तैयारी करेगी? यह फैसला जल्द ही लिया जाएगा, जिससे राज्य की सियासत में और हलचल मच सकती है। जनवरी में पंचायतों के चुनाव होंगे या नहीं, यह सवाल फिलहाल बाकी है। वन नेशन-वन इलेक्शन का कॉन्सेप्ट: भारत में वन नेशन-वन इलेक्शन का मतलब है कि संसद के निचले सदन यानी लोकसभा चुनाव के साथ ही सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव भी कराए जाएं। इसके साथ ही स्थानीय निकायों यानी नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों के चुनाव भी हों। इसके पीछे विचार है कि ये चुनाव एक ही दिन या फिर एक निश्चित समय सीमा में कराए जा सकते हैं। कई सालों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव के साथ ही राज्यों की विधानसभाओं का चुनाव कराने पर जोर देते रहे हैं। वन नेशन-वन इलेक्शन के फायदे: एक देश एक चुनाव का सबसे बड़ा फायदा यह है कि चुनाव का खर्च घट जाएगा। अलग-अलग चुनाव कराने पर हर बार भारी-भरकम राशि खर्च होती है। बार-बार चुनाव होने से प्रशासन और सुरक्षा बलों पर बोझ पड़ता है, क्योंकि उन्हें हर बार चुनाव ड्यूटी करनी पड़ती है। एक बार में चुनाव निपट जाने पर केंद्र और राज्य सरकारें कामकाज पर फोकस कर सकेंगी। बार-बार वह इलेक्शन मोड में नहीं जाएंगी और विकास के कामों पर ध्यान दे सकेंगी।  

शिक्षा मंत्री ने दिए निर्देश, राजस्थान-जयपुर में पैरालंपिक प्लेयर दिव्यांग शिक्षक को प्रताड़ित करने पर डीईओ पर होगी कार्रवाई

जयपुर. शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने नेत्रहीन अध्यापक लेवल-1 अजय देवेंदा, जो राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय,करतारपुरा ,जयपुर में पदस्थापित हैं, को प्रताड़ित करने के मामले में सख्त नाराजगी प्रकट करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक, जयपुर ग्रामीण  कृष्णपाल सिंह, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका अंजू तथा आरोपी रेखा सोनी अध्यापक लेवल-1 के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश संयुक्त निदेशक शिक्षा मंजू शर्मा को दिए हैं। पीड़ित अध्यापक अजय देवेंदा ने शिक्षा मंत्री को बताया कि अध्यापिका रेखा सोनी, जिसका स्कूल के बच्चों से हाथ-पैर दबवाने का वीडियो गत दिनों वायरल हुआ था, अजय को वीडियो वायरल करने का दोषी बताकर झूठे आरोप लगाकर लगातार प्रताड़ित कर रही है। अजय ने बताया कि उक्त अध्यापिका की शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कृष्णपाल सिंह ने मेरे खिलाफ 16सीसी की कार्रवाई करते हुए मुझे नोटिस दिया है, जिसमें मेरे ऊपर विद्यालय में वीडियो बनाकर वायरल करने, रेखा सोनी अध्यापिका की छवि खराब करने तथा उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना कर विद्यालय में मोबाइल का उपयोग करने का आरोप लगाया है, जबकि मैं नेत्रहीन हूं। शिक्षामंत्री  मदन दिलावर ने पीड़ित अध्यापक की पीड़ा सुनकर तत्काल संयुक्त निदेशक शिक्षा जयपुर को जिला शिक्षा अधिकारी जयपुर ग्रामीण, स्कूल की प्रधानाध्यापिका अंजू और आरोपी शिक्षक रेखा सोनी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। विदित रहे कि पीड़ित अजय पैरालंपिक के इंटरनेशनल प्लेयर हैं। जनसुनवाई में सुनी समस्याएं शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने नियमित जनसुनवाई के क्रम में अपने राजकीय आवास 18, सिविल लाइन्स पर प्रातः 8 से 10 बजे तक आगंतुकों की नियमित जनसुनवाई की तथा आमजन की समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

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