LATEST NEWS

इंदौर के अन्नपूर्णा में बदमाशों का तांडव सीसीटीवी में कैद हुई कारों की तोड़फोड़

The orgy of miscreants in Annapurna, Indore, the vandalism of cars captured in CCTV इंदौर के अन्नपूर्णा इलाके में बदमाशों ने घरों के बाहर खड़ी कारों में जमकर तोड़फोड़ मचाई। पीड़ित प्रमोद शर्मा ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंप दिए हैं, जिसमें बदमाशों की करतूत साफ नजर आ रही है। बावजूद इसके, अन्नपूर्णा पुलिस ने अभी तक केवल आवेदन ही लिया है और आरोपियों की पहचान में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। प्रिकांको कॉलोनी के निवासी प्रमोद शर्मा परिवार के साथ रहते हैं और 9 जनवरी से तीर्थयात्रा पर गए हुए थे। 20 जनवरी की रात पड़ोसी ईश्वर भारद्वाज का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि बदमाशों ने घर के बाहर खड़ी कारों पर पथराव किया है। प्रमोद की कार के कांच भी इस दौरान तोड़ दिए गए। मामले की जानकारी पड़ोसी ने पुलिस कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची एफवीआर टीम ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने को कहा। 21 जनवरी को इंदौर लौटने के बाद प्रमोद शर्मा ने अन्नपूर्णा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज सौंपे, जिसमें बाइक सवार बदमाश साफ तौर पर कारों में तोड़फोड़ करते दिख रहे हैं। पुलिस ने फुटेज देखने के बाद मामले की जांच का आश्वासन दिया, लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी अब तक पकड़ में नहीं आए हैं। इस मामले में पुलिस की सुस्ती से क्षेत्र के निवासियों में नाराजगी है।

कैलाश विजयवर्गीय : हाथ लग गए तो उल्टा लटका कर शहर में घुमाऊंगा… इंदौर में दंगा फैलाने वालों को मंत्री विजयवर्गीय की चेतावनी

Kailash Vijayvargiya: If I get hold of him, I will hang him upside down and roam around the city… Minister Vijayvargiya’s warning to those who spread riots in Indore. इंदौर: शहर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में हुए विवाद और पथराव को लेकर मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। वे सोमवार को छत्रीपुरा में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। क्या बोले मंत्री विजयवर्गीयइस दौरान विजयवर्गीय ने मीडिया से कहा की ‘छत्रीपुरा मामले में सही चेहरों की पहचान नहीं हुई तो फिर मैं भी देखूंगा कि इंदौर में कौन अशांति फैलाता है। ऐसे लोग मेरे हाथ लग गए तो मैं उन्हें उल्टा लटकाकर शहर में घुमाऊंगा। इस शहर में कोई अशांति नहीं फैला सकता। इंदौर का किसी भी तरह से कोई नुकसान करेगा तो हम पीछे नहीं हटेंगे। इस शहर के लिए हम कुछ भी कर सकते हैं। मेरा खुला संदेश है…इंदौर में जो दंगा फैलाएगा, वो इंदौर में नहीं रह पाएगा।’ अब तक 8 आरोपी हो चुके है गिरफ्तारइंदौर में दिवाली के दूसरे दिन दो पक्षों में पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पथराव, तोड़फोड और आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। पूरे मामले में पुलिस ने पहले पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। महिला समेत कई अभी भी फरारसोमवार को फरार आरोपी अनीस, नानू, राजा उर्फ अमान को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें इंदौर के अलग-अलग स्थान से पकड़ा गया है। यह घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे और लगातार अपना लोकेशन बदल रहे थे। अभी भी महिला सहित कई आरोपी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

स्वच्छता के बाद जल संरक्षण में भी इंदौर अव्वल… राष्ट्रपति ने दिल्ली में चौथी बार किया सम्मानित

After cleanliness, Indore also tops in water conservation… President honored for the fourth time in Delhi इंदौर (water conservation in Indore)। मध्य प्रदेश के इंदौर को एक और राष्ट्रीय उपलब्धि प्राप्त हुई है। फिफ्थ नेशनल वाटर अवॉर्ड में इंदौर जिला वेस्टर्न जोन में बेस्ट डिस्ट्रिक्ट कैटेगरी में प्रथम स्थान पर रहा है। मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जिला कलेक्टर आशीष सिंह, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन को यह पुरस्कार प्रदान किया। गौरतलब है कि इंदौर को वर्ष 2018 व 2022 में पश्चिम जोन में प्रथम स्थान का पुरस्कार मिला था। वहीं वर्ष 2023 में बेस्ट नगरीय निकाय श्रेणी में इंदौर को दूसरा स्थान मिला था। चौथा अवार्ड लेते ही पांचवें की तैयारी में जुटा इंदौरचौथी बार वाटर अवार्ड लेने के साथ ही इंदौर ने पांचवीं बार भी पुरस्कार लेने की तैयारी कर ली। जिला पंचायत के सीईओ सिद्धार्थ जैन के मुताबिक अब जिले की सभी नदियों, तालाब व कुओं की जीआईएस मैपिंग की जाएगी।इसके माध्यम से जलाशयों की सतत निगरानी कर जल संरक्षण किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी शहरी क्षेत्र में जहां एक लाख घरों में जल पुनर्भरण इकाइयां लगाई गईं, अगले एक वर्ष में दो से तीन लाख घरों में यह इकाइयां लगाई जाएंगी।इसके अलावा जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाया जाएगा। कान्ह व सरस्वती नदियों के कैचमेंट एरिया को बढ़ाने के साथ इन नदियों के पानी को किसी नए तालाब में ले जाकर सहेजने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

महाकाल मंदिर में सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे की पूजा: नियमों की अनदेखी पर सवाल

Worship of CM Eknath Shinde’s son in Mahakal temple: Question on ignoring rules उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आम और खास सभी के लिए एक ही नियम का दावा किया जाता रहा है, लेकिन वीआईपी कल्चर और प्रभावशाली लोगों के नियम तोड़ने के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं. अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे ने परिवार सहित गर्भगृह में पूजा अर्चना कर मंदिर के नियम को तोड़ा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस मामले में बिना अनुमति दर्शन के लिए गर्भगृह में जाने का दावा किया है. गुरुवार (17 अक्तूबर) की शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे और मुंबई से सांसद श्रीकांत शिंदे परिवार के साथ महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने वीआईपी पॉइंट के जरिए दर्शन के लिए अधिकारियों से आग्रह किया. इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर समिति के बड़े अधिकारी के पीए के साथ श्रीकांत शिंदे का परिवार गर्भगृह तक पहुंच गया. इस दौरान उनके साथ उज्जैन जिले के एक बीजेपी विधायक भी मौजूद रहे. यहां सभी ने उस समय गर्भगृह में जाकर पूजा अर्चना की, जब भगवान महाकाल का भांग से श्रृंगार चल रहा था. इस घटना के बाद हंगामा मच गया है. कांग्रेस के विधायक महेश परमार ने मंदिर की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, “भगवान के दरबार में भी बीजेपी सरकार आम और खास के बीच मतभेद कर रही है. यह न्यायोचित नहीं है.” महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष ने क्या कहा?महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर में नियम सबके लिए बराबर है. उन्होंने कहा, किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है कि वह गर्भगृह में जाकर पूजा अर्चना करे. प्रोटोकॉल के तहत जिन्हें अनुमति है, केवल वही प्रवेश कर सकते हैं. इनमें महामंडलेश्वर, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित वीआईपी शामिल हैं. महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ का भी कहना है कि उन्होंने भी किसी को गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं दी थी. महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश बंद हुए कई महीने हो गए हैं. महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन दो लाख से ज्यादा श्रद्धालु आते हैं. ऐसे में सभी को गर्भगृह से दर्शन कराया जाना मुश्किल है. यदि महाकालेश्वर मंदिर समिति गर्भगृह दर्शन शुरू करवा देती है, तब भी 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को अंदर से दर्शन कराया जाना मुश्किल है. जबकि गर्भगृह में जब दर्शन शुरू होते हैं तो बाहर से श्रद्धालुओं के दर्शन में परेशानी होती है. इस वजह से मंदिर समिति ने गर्भगृह दर्शन को पूरी तरह बंद कर रखा है. पहले 750 रुपये की रसीद कटवा कर श्रद्धालुओं को अंदर प्रवेश दिया जाता था. ऐसा नहीं है कि महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में जाकर पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने नियम तोड़ा है. पहले भी कई बार इस तरह की तस्वीरें आ चुकी हैं. मंदिर समिति द्वारा आम लोगों के गर्भगृह में प्रवेश की कोशिश करने पर भी एफआईआर दर्ज कर दी जाती है, लेकिन रसूखदार लोगों पर अभी तक महाकालेश्वर मंदिर समिति का नियम पूरी तरह लागू नहीं हो पा रहा है. यही वजह है कि शिव भक्तों में भी मंदिर समिति की दोहरी नीति को लेकर आक्रोश है. महाकालेश्वर मंदिर के भक्त राजेश प्रजापति का कहना है कि मंदिर में सभी के लिए नियम बराबर होना चाहिए.

उज्जैन : महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी ,सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

Ujjain: Threat to bomb Mahakal temple, security agencies alert राजस्थान के हनुमानगढ़ में रेलवे स्टेशन मास्टर को एक धमकीभरा पत्र मिला है। जिसमें उज्जैन के महाकाल मंदिर को 2 नवंबर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके साथ ही राजस्थान के कुछ रेलवे स्टेशनों को भी बम से उड़ाने की बात लिखी है। पत्र मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। उज्जैन। राजस्थान के हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन पर 1 अक्टूबर को एक पत्र मिला है, जिसमें उज्जैन के महाकाल मंदिर सहित कई रेलवे स्टेशनों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। पत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लिखा है। इस घटना के बाद पुलिस अलर्ट हो गई और सुरक्षा जांच कड़ी कर दी गई है। राजस्थान के हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर को मंगलवार को एक पत्र मिला था। जिसमें 2 नवंबर को उज्जैन के महाकाल मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके साथ ही जयपुर, उदयपुर, बूंदी, कोटा, बीकानेर, जोधपुर, हनुमानगढ़ और गंगानगर रेलवे स्टेशनों को बम 30 अक्टूबर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट परहनुमानगढ़ स्टेशन मास्टर को भेजे गए पत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लिखा हुआ है। यह पत्र डाक के जरिए भेजा गया है। स्टेशन मास्टर ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने स्टेशन पहुंचकर पत्र की जांच की और इसकी जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को दी। पत्र मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। Read more : https://saharasamachaar.com/removal-of-cf-in-bhopal-forest-division-against-the-cadre-and-posting-of-junior-dfo-tainted/ महाकाल मंदिर में रोज बम स्क्वाड की टीम करती है जांचउज्जैन के महाकाल मंदिर में रोज बम स्क्वाड की टीम जांच करती हैं। इसके साथ ही मंदिर के प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर भी लगाए हैं। धमकी वाला पत्र भेजने वाले ने खुद को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का एरिया कमांडर बताया है। महाकाल मंदिर के साथ उसने राजस्थान के धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने की बात लिखी है।

इंदौर में प्रशासन ने कांग्रेस के किसान न्याय यात्रा को घुसने से रोका

Administration stopped Congress' Kisan Nyay Yatra from entering Indore

Administration stopped Congress’ Kisan Nyay Yatra from entering Indore मध्य प्रदेश में सोयाबीन के भाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जमकर राजनीतिक रस्साकशी चल रही है. इसी के चलते आज (शुक्रवार, 20 सितंबर) पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस आंदोलन कर रही है. सोयाबीन के दाम बढ़ाने को लेकर इंदौर में भी किसान न्याय यात्रा निकाली गई. इसे लेकर आंशिक रूप से अनुमति को रद्द कर दिया गया. शहर के बीच ट्रैक्टर यात्रा निकालने पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए. इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि कांग्रेस के आंदोलन को लेकर पुलिस विभाग के माध्यम से अनुमतियां जारी की गई थी. कांग्रेस नेताओं को स्पष्ट रूप से निर्देश दे दिए गए थे कि वे सांकेतिक रूप से कलेक्टर कार्यालय आ सकते हैं, लेकिन उन्हें शहर के बीच से ट्रैक्टर रैली के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय आने की अनुमति नहीं है. इसी को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा विरोध किया जा रहा था. बढ़ जाती है दुर्घटना की आशंका- कलेक्टरकांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे ट्रैक्टर रैली के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय में पहुंचेगे. इसे लेकर पुलिस महकमे ने अनुमति नहीं दी. इंदौर में पुलिस कमिश्नरी लागू है, इसलिए इस प्रकार की अनुमति को लेकर पुलिस विभाग के पास अधिकार है. कलेक्टर आशीष सिंह ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि शहर में इतनी संख्या में ट्रैक्टर लेकर प्रवेश करने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाएगी. इसके अलावा यातायात व्यवस्था भी बाधित होगी है. इसी के चलते अनुमति नहीं दी गई है सोयाबीन के भाव को लेकर निकली जा रही है यात्रासोयाबीन के भाव को लेकर इंदौर में किसान न्याय यात्रा निकाली गई. इसका नेतृत्व कांग्रेस नेताओं ने किया. कांग्रेस नेता चाहते थे कि यह यात्रा शहर के बीच ट्रैक्टर के माध्यम से निकले.

इंदौर के उपचुनाव में जीती भाजपा, चार हजार वोट से कांग्रेस प्रत्याशी को हराया

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes

BJP wins Indore by-election, defeats Congress candidate by four thousand votes इंदौर नगर निगम के वार्ड 83 के उप चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत हो गई है। भाजपा के जीतू राठौर को 6490 और कांग्रेस के उम्मीदवार विकास जोशी को 2235 वोट मिले हैं। भाजपा उम्मीदवार 4255 वोटों से चुनाव जीत गए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र रघुवंशी ने बताया कि मतगणना के लिए 15 टीमें बनाई थी। 11 टेबलों पर गणना हुई और 4 टीमें रिजर्व में थीं। शुक्रवार को नेहरू स्टेडियम में मतगणना सुबह 9 बजे शुरू हुई। मतदाताओं ने रुचि नहीं दिखाईपार्षद कमल लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुए हैं। बुधवार को वोटिंग हुई थी। भाजपा से जीतू राठौर, कांग्रेस विकास जोशी सहित 6 उम्मीदवारों मैदान में थे। इस उप चुनाव में खास बात यह रही की भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले इस वार्ड में मतदाताओं ने चुनाव में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। इस वार्ड में 11 सितंबर को 41.32 प्रतिशत ही मतदान हुआ। जो पिछली बार से कम है। 21 हजार 700 मतदाताओं में से महज 8900 वोटर्स ने ही वोट डाले। कमल लड्ढा 8 हजार वोट से जीते थेइंदौर नगर निगम चुनाव में कमल लड्ढा की जीत सबसे बड़ी जीत थी। बता दें कि इस वार्ड में अब लड्ढा के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुआ है। 2022 में हुए चुनाव में इस वार्ड से बीजेपी के कमल लड्ढा की जीत 8803 वोट से हुई थी। कमल लड्ढा को उस समय 11 हजार 280 वोट मिले थे। वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के आशीष लाहोटी को 2 हजार 477 वोट मिले थे। वहीं वार्ड 83 के बाद सबसे बड़ी जीत वार्ड 81 में बीजेपी के अभिषेक बबलू शर्मा की हुई थी। शर्मा 8 हजार 696 वोट से जीते थे।

अतिक्रमण हटाने गए कर्मचारी को युवती ने मार दिया चांटा, FIR हुई दर्ज

Girl slaps employee who went to remove encroachment, FIR registered

Girl slaps employee who went to remove encroachment, FIR registered इंदौर। मेघदूत चौपाटी पर अतिक्रमण हटाने गए अमले पर एक युवती ने हाथ उठा दिया। युवती ने आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान लगा रखी थी, जब अतिक्रमण अमला उसे हटाने लगा तो वह भड़क गई और कर्मचारी को चांटा मार दिया। देर रात तक हंगामा होता रहा। आखिर में पुलिस को युवती के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में एफआइआर दर्ज करनी पड़ी। विजयनगर पुलिस के मुताबिक फरियादी का नाम देवकरण यादव निवासी शांतिनगर छोटा बांगड़दा है। देवकरण नगर निगम के अतिक्रमण दल क्रमांक-9 में पदस्थ है। गुरुवार को अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक करमेंद्र जांगिड़, मनोहर गौर, राहुल गौर, अभिषेक यादव, महेंद्र चौहान आदि के साथ मेघदूत चौपाटी पर अतिक्रमण हटाने आया था। कई लोगों ने चाट नाश्ता के ठेले, आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकानें लगा कर रास्ता रोक रखा था। रिषिका अरगल ने भी ज्वेलरी की दुकान लगा ली थी। उसने निगमकर्मियों से हुज्जत की। देवकरण को चांटा मार दिया। एसआइ अनिल गौतम के मुताबिक देर रात अफसर थाने पहुंचे और रिषिका के खिलाफ केस दर्ज करवाया। आरई-2 में बाधक 17 मकान हटाएइंदौर: नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आरई-2 में बाधक 17 मकानों को जमींदोज कर दिया। इस दौरान मामूली विवाद भी हुआ। करीब चार घंटे चली कार्रवाई के बाद आरई-2 का आइएसबीटी से नेमावर रोड तक का हिस्सा साफ हो गया है। आरई-2 से हटाए गए 35 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए फ्लैट में शिफ्ट किया है। अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी ने बताया कि आरई-2 में बाधक दो और बस्तियों को हटाया जाना है। आपसी सहमति के प्रयास जारी हैं। सहायक रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे ने बताया कि निगम ने शुक्रवार सुबह 10 बजे मकान हटाने की कार्रवाई शुरू की थी। कुछ लोगों ने विरोध भी किया। उनका कहना था कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं। हालांकि इन सभी को पीएम आवास में फ्लैट आवंटित किए जा चुके थे। बावजूद इसके ये लोग मकान खाली करने को तैयार नहीं थे। आपसी सहमति के बाद कार्रवाई की। उपायुक्त लता अग्रवाल व अधीक्षण यंत्री लोधी पूरे समय मौजूद रहे।

दर्दनाक हादसा, फॉर्म हाउस की छत गिरने से 5 मजदूरों की मौत

Tragic accident, 5 laborers died due to roof collapse of farm house

Tragic accident, 5 laborers died due to roof collapse of farm house इंदौर ! महू में गंभीर हादसा हो गया है. यहां एक फॉर्म हाउस की छत गिरने की वजह से उसमें छह मजदूर दब गए, जिनमें से पांच मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी है. वहीं एक मजदूर की तलाश जारी है. प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची है, जहां तीन जेसीबी, एक पोकलेन की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है. पुलिस फॉर्म हाउस मालिक की तलाश कर रही है. इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह के अनुसार महू तहसील के अंतर्गत चोरल गांव में निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से यहां कार्यरत कुछ मजदूरों के दबने की सूचना मिली है. कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया है कि यहां एक निर्माणाधीन मकान में कल स्लैब डाली गई थी और रात में मजदूर उसी के नीचे सो गए थे. स्लेब गिरने से छह व्यक्तियों के दबे होने की सूचना थी. उन्होंने बताया कि फिलहाल अभी तक पांच डेड बॉडी मलबे से निकाली गई है. पुलिस और प्रशासन के अधिकारी यहां पहुंच गए गए हैं और राहत और बचाव कार्य जारी है. मौके पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण हितिका वासल, एसडीओपी उमाकांत चौधरी, एर्सडीएम चरणजीत सिंह हुड्डा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद हैं.

तहसीलदार-पटवारी पर चलीं दनादन गोलियां, जान बचाकर भागे अधिकारी, देखें वीडियो

Heavy bullets were fired on Tehsildar-Patwari, officers ran away to save their lives, watch video

Heavy bullets were fired on Tehsildar-Patwari, officers ran away to save their lives, watch video इंदौर ! अतिक्रमण हटाने पहुंचे तहसीलदार और पटवारी पर दनादन गोलियां चलाई गईं हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें दनादन गोलियां चलती दिख रही हैं और अधिकारी जान बचाकर भागते हुए नजर आ रहे हैं। घटना से हड़कंप मच गया है, घटना बाणगंगा थाना इलाके की है जहां अरबिंदो अस्पताल के पीछे की जमीन पर अतिक्रमण हटाने के लिए अधिकारी पहुंचे थे। खेत पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने चलाईं गोलियांघटना इंदौर के बाणगंगा थाना इलाके की है जहां अरविंदो अस्पताल के पीछे की जमीन से अवैध कब्जा हटाने के लिए तहसीलदार और पटवारी टीम के साथ पहुंचे थे। अधिकारी कार्रवाई कर पाते इससे पहले ही खेत पर तैनातद सिक्योरिटी गार्ड ने बंदूक उठा ली और अंधाधुंध फायरिंग करना शुरू कर दी। गार्ड ने 25-30 फायर किए हैं। वहीं फायरिंग होता देख तहसीलदार व पटवारी सहित टीम के सदस्य जान बचाकर भागनेप मजबूर हो गए। घटना के जो वीडियो सामने आए हैं उनमें आप देख सकते हैं कि किस तरह से अंधाधुंध फायरिंग की गई है। विवादित है जमीनबताया गया है कि एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार व पटवारी जमीन से कब्जा हटाने के लिए पहुंचे थे। ये जमीन अरविंदो अस्पताल और सुरेश पटेल परिवार के बीच विवादित है। घटना के वक्त मौके पर दो सिक्योरिटी गार्ड मौजूद थे, जिनमें से एक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि दूसरे की तलाश की जा रही है। बता दें कि इंदौर विशेष न्यायालय ने 2023 में अरविंदो अस्पताल के पक्ष में जमीन को लेकर फैसला सुनाया था। इस जमीन पर पटेल परिवार के 10 लोगों का कब्जा था। 9 लोगों ने अपने-अपने कब्जे हटा लिए थे, लेकिन सुरेश पटेल का वहां पर एक मकान बना हुआ था। जिसके अंदर 4 से 5 गार्ड रह रहे थे। कलेक्टर के आदेश पर जमीन का कब्जा हटाने के लिए तहसीलदार पटवारी मौके पर पहुंचे थे। जिन पर मौजूद गार्ड ने फायर कर दिया।

बीजेपी विधायक ने जनता के 13 लाख रुपए किए गबन, कांग्रेस ने पेश किए सबूत

BJP MLA embezzled Rs 13 lakh from public money, Congress presented evidence विधायक निधि से मंजूर किए गए काम में बगैर काम किए ही हो गया 13 लाख रुपए का भुगतान इंदौर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने निगम में भाजपा की परिषद के कार्यकाल में हुए बड़े घोटाले का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में विधायक निधि के तहत पहले काम मंजूर करवाया गया फिर बिना कुछ काम किए ठेकेदार को 13 लाख रुपए का भुगतान कर दिया। उन्होंने विधायक रमेश मेंदोला पर सीधे इसके गबन का आरोप लगाया है। विधायक की तरफ से इस मामले में अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। चिंटू चौकसे में आज यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो के विधायक रमेश मेंदोला ने नगर निगम के वार्ड क्रमांक 20 में खातीपुरा चौराहे के पास राम मंदिर के समीप स्थित सामुदायिक भवन का निर्माण करने के लिए अपनी विधायक निधि से 10 लाख रुपए की राशि मंजूर की थी। यह कार्य इंदौर नगर निगम को सौंपा गया था। निगम ने इस काम को करने के लिए निविदा आमंत्रित की गई एवं एसके कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस कार्य का टेंडर दिया गया। इस कंपनी के द्वारा इस टैंडर के परिपेक्ष में आज तारीख तक उक्त स्थान पर कोई काम नहीं किया गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने अपनी फाइल में इस काम को पूर्ण होना बताया। इसके बाद ठेकेदार से प्राप्त बिलों को मंजूरी देते हुए 13 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया गया। चौकसे ने बताया कि आज तक भी इस स्थान पर सामुदायिक भवन के निर्माण का कार्य शुरू भी नहीं हो सका है। यह मामला भ्रष्टाचार का नहीं बल्कि घोटाला और गबन का है। इस मामले में भाजपा के नेताओं, अधिकारियों और ठेकेदार के गठजोड़ ने मिलकर कागज पर फर्जी काम दर्शाते हुए शासन और निगम के खजाने को 13 लाख रुपए का चूना लगाया है । चौकसे ने कहा कि इस पूरे गबन के मामले में कार्य को मंजूरी देने वाले विधायक रमेश मेंदोला की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उनके द्वारा बगैर काम के भी भुगतान होने दिया गया। विधायक के द्वारा जब काम मंजूर किया जाता है तो यह विधायक की नैतिक जिम्मेदारी होती है कि वह सुनिश्चित करे कि वह काम सही स्थान पर सही तरीके से हो रहा है अथवा नहीं। यदि वह काम बराबर नहीं हो रहा है तो विधायक की ही जिम्मेदारी है कि वह नोडल एजेंसी बनाई गई नगर निगम को इस बात की शिकायत करते। विधायक मेंदोला के द्वारा यह शिकायत नहीं किया जाना इस बात का पर्याय है कि इस गबन में वे भी शामिल हैं। चौकसे ने कहा कि मेरा आरोप है कि इस गबन के पूरे पैसे विधायक की जेब में गए हैं। किसी ठेकेदार और अधिकारी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह विधानसभा क्षेत्र क्रमांक दो का फर्जी बिल बिना विधायक की सहमति के बना ले।उन्होंने कहा कि इस मामले में हमारे द्वारा निगम आयुक्त को शिकायत की जा रही है। हमारी मांग है कि जिम्मेदार अधिकारियों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाना चाहिए। इसके साथ ही इन अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की जाएगी।

जहाँ जहाँ पड़े श्रीकृष्ण के पाँव, वहीँ बनेगा तीरथ धाम…. मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री का ऐलान.

Wherever the feet of Lord Krishna touch, there will become a pilgrimage site… Announcement by the Chief Minister of Madhya Pradesh. उज्जैन । मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान किया है कि मध्यप्रदेश मे जहाँ जहाँ भगवान कृष्ण के पाँव पड़े है उनको तीर्थ स्थलों के स्वरुप मे विकसित किया जायेगा, मध्य प्रदेश संस्कृति धरोहरों, अध्यात्म और पौराणिक कहानियो के लिए जाना जाता है धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन मे हमेशा मध्यप्रदेश अग्रणी रहा है, इसी क्रम मध्यप्रदेश के नये मुख्य्मंत्री मोहन यादव ने भगवान श्री कृष्ण की उन विरासत को जहाँ भगवान ने लीलाएं की थी उन्हें तीर्थ स्थल के स्वरुप मे विकसित करने का ऐलान किया है. ज्ञात हो कि महाकाल की नगरी उज्जैन मे भगवान ने गुरु संदीपन जी के आश्रम मे शिक्षा ग्रहण की थी जहाँ पर उन्होंने 18 दिनों मे 18 पुराण, 4 दिनों मे चारों वेद, 6 दिनों मे 6 शास्त्र, 16 दिनों मे 16 कलाएं और 20 दिनों मे गीता का ज्ञान प्राप्त किया था, उज्जैन मे मंगालनाथ मार्ग पर क्षिप्रा नदी के पावन तट पर गंगा घाट पर महर्षि संदीपन की तपोभूमि पर आज से तकरीबन 5235 साल पहले भगवान श्री कृष्ण अपने बड़े भाई बलराम और सखा सुदामा जी के साथ विद्यारम्भ संस्कार धारण किया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल के राष्ट्रीय प्रमुख एवं पक्षकार राजेश मणि त्रिपाठी जी बताते हैँ कि उज्जैन मे भगवान ने 64 दिन मे 64 कलाएं सीखी थी, यही पर गुरु संदीपन जी ने भगवान को 3 मंत्र लिखवाये थे तथा भगवान ने गुरु दक्षिणा के रूप मे उनके मृत पुत्र को वापस कराया था,श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्तिदल के मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रभारी उदित नारायण बता रहे थे कि मध्य प्रदेश के धार ज़िले मे स्थित अमझेरा जहाँ जानापाव वही स्थल है जहाँ प्रवास के दौरान भगवान परसुराम जी ने श्रीकृष्ण जी को उनका पावन अस्त्र सुदर्शन भेंट किया था तथा द्वापर युग मे धर्म कि स्थापना का उपदेश दिया था, श्री कृष्ण जन्मभूमि के राष्ट्रीय सहप्रमुख तथा संगठन मंत्री महेंद्र तिवारी ने चर्चा के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्य्मंत्री जी का इस पावन पहल हेतु धन्यवाद प्रेषित करते हुये बताया कि मध्यप्रदेश के साथ भगवान श्रीकृष्ण का बहुत गहरा नाता रहा है भगवान कि शिक्षा के अतिरिक्त उज्जैन कि अवंतिका नगरी को भगवान कि ससुराल भी माना जाता है मान्यता है कि यहाँ के राजा जयसेन की पुत्री मित्रविंद्रा से विवाह किया था जहाँ के मंदिर मे भगवान मित्रविंद्रा जी के साथ विराजमान हैँ कृष्ण विद्रा धाम के पुजारी श्री गिरीश गुरु बालक महराज बताते हैँ कि मित्रविंद्रा जी भगवान की पाँचवी पटरानी थी जिनसे भगवान ने स्वयंबर मे विवाह किया था. मुख्य्मंत्री की यह पहल विश्व मे श्री कृष्ण के अनुनायियों के लिए हर्ष का विषय है और इससे मध्यप्रदेश पर्यटन को भी सनातन के साथ विश्व पटल पर आकर्षित करेगी

प्रदेश में कोरोना वायरस ने फैलायें पांव, इन्दौर में मिलें दो मरीज़ मिलें

Corona virus spread in the state, two patients found in Indore इंदौर ! मध्य प्रदेश फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दो कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से हड़कंप मंच गया है। इंदौर में एक महिला और पुरुष कोरोना संक्रमित मिले है। दोनों पलासिया क्षेत्र में रहने वाले महिला पुरुष एक ही परिवार से है। दोनों हाल ही में मालदीव से लौटे थे। सप्ताहभर पहले एक मरीज मिला था। वह ठीक हो गया। मध्य प्रदेश में दो कोरोना संक्रमित मिलने से चिंता बढ़ा दी है। दोनों मरीजों को आईसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड प्रोटोकॉल को लेकर दिशा निर्देश जारी किए है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनको कोई गंभीर लक्षण नहीं है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी किया है। इसमें आरटी पीसीआर और रैपिड जांच के निर्देश सरकार ने दिए हैं। अस्पतालों में इलाज के इंतजाम करने के लिए भी कहा गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बयान दिया था कि केंद्र की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी किए गए है। कोविड समेत दूसरी बीमारियों से निपटने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। केंद्र ने बुलाई बैठककेरल समेत दूसरे राज्यों में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमित की संख्या को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के साथ ही इलाज के अस्पतालों में तैयारी को लेकर जानकारी साझा की जा सकती है। क्या है नया सब वेरिएंटकेंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि जेएन.1, एसएआरएस-सीओवी-2 का एक उप्रकार है, जो कोविड-19 का कारण बनता है। इसका एक मामला केरल में सामने आया है। इस सबवेरिएंट को ओमिक्रॉन सबवेरिएंट का ही एक रूप बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया वेरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। इसमें सर्दी, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण हैं। इससे संक्रमित जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।

कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका पर आज लग सकती है मुहर.

Today, the seal could be placed on Kailash Vijayvargiya’s role. मंत्रिमंडल में शामिल होंगे या फिर संगठन की कमान संभालेंगे भोपाल । आज या कल में प्रदेश के मंत्रियों का फैसला हो जाएगा। इस बीच यह भी खबरें आइंर् कि प्रदेश के कद्दावर नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इनमें इंदौर से विधायक और भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हैं। हमेशा से पार्टी कहती आई है कि विजयवर्गीय को बड़ी जवाबदारी मिलेगी और विजयवर्गीय भी इसकी ओर इशारा करते आए हैं। अब उन्हें संगठन में कोई बड़ी जवाबदारी सौंपी जा सकती है या फिर मंत्रिमंडल में लिया जा सकता है, इस पर संभवत: आज फैसला हो सकता है। कैलाश विजयवर्गीय जैसे कद्दावर नेता का नाम पहले मुख्यमंत्री के लिए चला था और इसी फेहरिस्त में प्रहलाद पटेल, नरेन्द्रसिंह तोमर जैसे नाम भी शामिल थे। तोमर को तो विधानसभा अध्यक्ष बना दिया गया है, वहीं अब प्रहलाद पटेल और कैलाश विजयवर्गीय को बड़ी जवाबदारी देने की बात कही जा रही है। ये जवाबदारी क्या हो सकती है, इस बारे में आज और कल होने वाली संगठन की बैठक में फैसला हो सकता है। फिलहाल तो भोपाल से यही खबर उड़ रही है कि विजयवर्गीय और पटेल को मंत्रिमंडल में कोई बड़ा विभाग दिया जा सकता है। यह फैसला भी आज-कल में हो जाएगा, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रिमंडल पर चर्चा के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। दिल्ली से होने वाले फैसले के बाद विजयवर्गीय जैसे नेता की भूमिका पर चल रही गाहे-बगाहे भी समाप्त हो जाएगी। सूत्रों का कहना है कि उन्हें संगठन में कोई बड़ी जवाबदारी दी जा सकती है। संभवत: उन्हें प्रदेश संगठन में लिया जा सकता है। हालांकि यह भी बड़े नेताओं के कयास है, लेकिन यह तो तय है कि अब विजयवर्गीय कद बढ़ना तय है।

सशक्त, समृद्ध राष्ट्र की पहचान है “एकजुटता“

The recognition of a strong, prosperous nation is “Unity.” तरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस आज डॉ. केशव पाण्डेयआधुनिक युग में पूरी दुनिया एक गठबंधन की भावना के साथ आगे बढ़ रही है। जिसमें मानव एकजुटता की महत्वपूर्ण भूमिका है। विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी युग में यह वह अद्वितीय मौका है, जब हम सभी मिलकर समस्त मानव जाति के लिए एकमत और समृद्धि की दिशा में बेहतर काम कर सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस के अवसर पर आज हम इसके महत्व को समझेंगे और इसकी महत्वपूर्णता को भी जानेंगे। 20 दिसंबर को प्रति वर्ष अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को एकजुटता के महत्त्व को बताना, गरीबी पर अंकुश लगाना एवं विकासशील देशों में मानव और सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र ने 22 दिसंबर 2005 को इस दिवस को मनाने की घोषणा की थी। इस दिवस को विश्व एकजुटता कोष और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा बढ़ावा दिया जाता है, जो दुनिया भर में गरीबी उन्मूलन के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने पर केंद्रित हैं। विश्व एकजुटता कोष की स्थापना फरवरी 2003 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के ट्रस्ट फंड के रूप में की गई थी।विश्व में एकजुटता का दौर : मौजूदा परिवेश में बेशक कुछ देशों के बीच युद्ध चल रहे हैं या फिर कुछ में टकराव की स्थिति है, बावजूद इसके दुनिया के अनेक देशों और समुदायों के बीच मित्रता, समरसता और एकजुटता के हालात जन्म ले रहे हैं। आपसी समझ, भावना, सहयोग, साझा जिम्मेदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने हमें एक समृद्धि भरे भविष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए मजबूती दी है। इस संदर्भ में यह दिवस हमें सकारात्मक रूप से सोचने और उस दिशा में आगे बढ़कर कार्रवाई करने का अवसर प्रदान करता है। इसके माध्यम से सरकारों को सतत् विकास लक्ष्य के गरीबी और अन्य सामाजिक बाधाओं का जवाब देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति शिक्षा को बढ़ावा देकर या गरीबों, शारीरिक व मानसिक रूप से अक्षम लोगों की मदद करके इस दिवस में अपना योगदान दे सकता है। क्योंकि इस दिवस की थीम ही- “सहयोग, समानता और सामाजिक न्याय की संस्कृति को बढ़ावा देना“ है। अन्य अंतरराष्ट्रीय दिनों के विपरीत इस दिवस की थीम प्रति वर्ष एक समान ही रहती है।दरअसल, एकजुटता का अर्थ है- साझा लक्ष्यों और हितों के बारे में जागरूकता। जो एक ऐसे समाज में एकता की मनोवैज्ञानिक भावना को जन्म देकर संबंधों को मजबूत करता व बांधता है। इसका उद्देश्य पूरी दुनिया में, विशेषकर विकासशील देशों में सहयोग, समानता और सामाजिक न्याय की संस्कृति को बढ़ावा देना है।ताकि सामाजिक, आर्थिक विकास, मानवाधिकार और शांति को बढ़ावा देने के लिए दुनिया के देशों और लोगों को एक साथ लाने का प्रयास किया जा सके। वैश्विक साझेदारी भी संयुक्त राष्ट्र की तरह वैश्विक सहयोग और एकजुटता की नींव पर ही बनाई जा सकती है। सतत विकास एजेंडा इसी पर केंद्रित है, जो लोगों को गरीबी, भूख और बीमारी से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध वैश्विक साझेदारी द्वारा समर्थित है। मानवाधिकारों और सामाजिक न्याय के महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करता है।यह दिवस हमें सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है ताकि हम सभी मिलकर समस्त विश्व के लिए सुधार कर सकें। विभिन्न सांघीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से हम एक बेहतर और संबलित समाज की दिशा में काम कर सकें।अंत में, अंतरराष्ट्रीय मानव एकजुटता दिवस हमें एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट विश्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए संकल्पित करता है। हमें यहां एक मौका मिलता है कि हम सभी मिलकर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि के लिए काम करें और एक समृद्धि भरे भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं। यह दिन सभी को समर्पित होना चाहिए ताकि हम समृद्धि और एकता की दिशा में आगे बढ़ सकें। क्योंकि किसी भी राष्ट्र की समृद्धि और सशक्तता की प्रतीक है एकजुटता।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live