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डीएम का आदेश, कानपुर व आसपास के जिलों में 8वीं तक के सभी स्कूल 11 जनवरी तक रहेंगे बंद

कानपुर. हवा में नमी का स्तर 92 से बढ़कर 95 होने के साथ सोमवार को भी बादल पूरे दिन छाए रहे। इससे सूरज पूरे दिन भर मुंह छुपाता रहा और दिन का तापमान लगातार दूसरे दिन भी 14.2 डिग्री पर बना रहा। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 3.8 डिग्री नीचे रहा जिससे सोमवार भी शीत दिवस में शामिल हो गया। मौसम विभाग के अनुसार सर्दी का मौसम अभी पूरे सप्ताह बना रहेगा। कानपुर व आसपास के जिलों में इस दौरान घना कोहरा भी रह सकता है। वहीं, सर्दी बढ़ने पर डीएम राकेश कुमार सिंह ने सोमवार को नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल 11 जनवरी तक बंद रखने और नौ से 12वीं तक की कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करने के आदेश जारी किए। जिन स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने की व्यवस्था नहीं हैं, वहां सुबह 10 से दोपहर तीन बजे तक स्कूल संचालन किया जाएगा। दिन भर ठिठुरते रहे लोग कड़ाके की सर्दी अपना पूरा असर दिखा रही है। सोमवार को सुबह से दोपहर तक कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद में सूरज की हल्की झलक दिखी लेकिन बादलों ने उसे तुरंत छुपा दिया। शाम को चार बजे से ही कोहरे ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। सूरज की गर्मी नहीं मिलने से दिन भर लोग सर्दी से ठिठुरते दिखे। हवा की औसत गति रविवार के 3.4 किमी प्रति घंटा के मुकाबले घटकर 2.4 किमी प्रति घंटा पर पहुंच गई। इससे बर्फीली हवाओं की चुभन कम रही। मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि सात जनवरी को भी सुबह से मध्यम कोहरा छाए रहने की उम्मीद है। दिन में थोड़ी देर के लिए सूर्य दिख सकता है लेकिन सर्दी कम होने के आसार कम हैं। सुबह-शाम को घना कोहरा, धुंध भी रहेगी। उत्तर-पश्चिमी सर्द बर्फीली हवाओं का प्रकोप भी बढ़ने के आसार हें। इससे रात के तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है। अगले सप्ताह होगी बरसात उन्होंने बताया कि सर्दी के इस मौसम में पश्चिमी विक्षोभ से भी बदलाव आने के आसार हैं। अगले सप्ताह में सर्दी के साथ ही बारिश भी होगी जो फसलों के लिए लाभकारी होगी। एक और पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहा है। इससे लगातार सर्दी का मौसम बना रहेगा। स्कूल में यूनिफार्म पहनकर आने की बाध्यता नहीं डीएम ने सर्दी के चलते स्कूलों में छुट्टियों का आदेश जारी करते हुए स्पष्ट कहा है कि कक्षाओं में विद्यार्थियों को सर्दी से बचाने के लिए पर्याप्त प्रबंध हों। बच्चों को खुले में न बिठाया जाए। विद्यार्थियों के लिए यूनिफार्म पहनकर आने की बाध्यता खत्म करते हुए गरम कपड़े पहनकर स्कूल पहुंचने की रियायत दी गई है। डीआइओएस अरुण कुमार ने बताया, आदेश का पालन न करने की शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

अयोध्या जिले की मिल्कीपुर सीट पर भी 5 फरवरी को वोटिंग होगी, जिसके नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे: चुनाव आयोग

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर सीट पर भी चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है. दिल्ली के साथ अयोध्या जिले की मिल्कीपुर सीट पर भी 5 फरवरी को वोटिंग होगी, जिसके नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे.  मिल्कीपुर सीट पर उम्मीदवारों का नॉमिनेशन 10 जनवरी से शुरू होगा और 17 जनवरी तक चलेगा. उसके बाद 18 जनवरी को प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी और जो प्रत्याशी अपना नामांकन वापस लेना चाहें, वो 20 जनवरी तक वापस ले सकते हैं. अगर वोटिंग की बात करें तो यहां 5 फरवरी को वोटिंग होगी और 8 फरवरी को नतीजे घोषित किए जाएंगे.   अवधेश प्रसाद के इस्तीफे से खाली हुई सीट 2022 के विधानसभा चुनावों में मिल्कीपुर सीट से समाजवादी पार्टी के अवधेश प्रसाद विधायक चुने गए थे. अखिलेश यादव ने 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें फैजाबाद (अयोध्या) सीट से टिकट दिया और वो बीजेपी के लल्लू सिंह को हराकर चुनाव जीते, जिसके बाद उन्होंने मिल्कीपुर विधायक के पद से इस्तीफा दे दिया और इस सीट पर अब उपचुनाव हो रहे हैं. यूपी की 9 सीटों पर पहले ही हो चुके हैं उपचुनाव इससे पहले यूपी की नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो चुके हैं. इनमें से 7 सीटों पर एनडीए जबकि दो सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी. करहल और सीसामऊ सीट पर समाजवादी पार्टी जीती थी, जबकि मझवां, कुंदरकी, खैर, गाजियाबाद सदर, कटेहरी और फूलपुर में बीजेपी और मीरापुर में आरएलडी ने जीत दर्ज की थी. सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नतीजा कुंदरकी का रहा था क्योंकि ये सीट बर्क परिवार की मानी जाती रही है. इस बार बीजेपी के रामवीर सिंह ने कुंदरकी में कमल खिलाया है. मिल्कीपुर में क्यों नहीं हुआ था चुनाव? चुनाव आयोग ने बताया था कि पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने 2022 के विधानसभा चुनाव को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की हुई थी. ये याचिका 2022 विधानसभा चुनाव के बाद गोरखनाथ बाबा ने सपा के अवधेश प्रसाद के चुनाव जीतने को लेकर दायर की थी, जो कोर्ट में लंबित थी. हालांकि अब इस याचिका को वापस ले लिया गया है. उम्मीदवारों का ऐलान करें तो सपा ने मिल्कीपुर विधानसभा सीट से अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है. हालांकि बीजेपी ने अबतक यहां अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है.

UP में एक और जामा मस्जिद पर सवाल, अदालत मे मामला

अलीगढ़ जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश में किसी भी धार्मिक स्थल के परिवर्तन की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई पर रोक लगी हुई है तो दूसरी ओर अब संभल के बाद अलीगढ़ की जामा मस्जिद का मामला भी न्यायालय पहुंच गया है. अलीगढ़ के RTI एक्टिविस्ट केशवदेव गौतम ने अलीगढ़ की जिला अदालत में जामा मस्जिद को हिंदू किला बता कर याचिका दायर की है और याचिका में दावा किया गया कि जामा मस्जिद के पास ओम का निशान मौजूद है, साथ ही याचिका में दावा किया गया है कि अलीगढ़ की जामा मस्जिद असल में हिंदुओं का बाला ए किला है. याचिका में याचिकाकर्ता की तरफ से दावा किया कि RTI के तहत याचिकाकर्ता को जानकारी दी गई कि जामा मस्जिद के नाम से ASI के पास कोई संपत्ति नहीं दर्ज है. याचिका में दावा किया गया कि किला ASI के द्वारा नोटिफाई है साथ इसके टीले के अवशेष बौद्ध स्तूप या मंदिर से मेल खाते हैं. याचिका में यह भी दावा किया गया कि जामा मस्जिद असल में हिंदुओं का किला है जिस पर भूमाफियाओं ने धर्म विशेष के नाम पर अवैध कब्जा कर रखा है और आसपास दुकान मकान से किराया वसूल कर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है. कब बनी थी यह मस्जिद? याचिका में यह भी दावा किया गया कि मस्जिद सार्वजनिक भूमि पर बनी हुई है और हिंदुओं के बाला ए किला का इतिहास मिटा कर उसे जामा मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया ऐसे याचिका में मांग की गई है कि प्रशासन कब्जा हटा कर इसे सरकारी नियंत्रण में ले और इसे तीर्थस्थल बनाए. कहा जाता है कि यह मस्जिद मुगल शासनकाल के दौरान मोहम्मद शाह (1719-1728) के समय में कोल (अब अलीगढ़) के गवर्नर साबित खान द्वारा 1724 में बनवानी शुरू की गई थी. मस्जिद के निर्माण में चार वर्ष का समय लगा और 1728 में यह पूरी हो गई.

मनरेगा श्रमिकों का बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो, योगी सरकार ने दिए निर्देश

लखनऊ योगी सरकार श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अहम कदम उठाते हुए भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिकों और मनरेगा श्रमिकों के पंजीकरण को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मनरेगा श्रमिकों का उत्तर प्रदेश बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड (BOCW) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो। जिससे कई भी श्रमिक बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का हुआ पंजीकरण योगी सरकार का यह कदम न केवल श्रमिकों को योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने में सहायक है, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इस दिशा में, मनरेगा योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड धारकों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम्य विकास मुख्यालय स्तर से जनपदों के अधिकारियों को पंजीकरण के कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही इसी बकायदा मॉनिटरिंग भी की जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा चुका है। शेष श्रमिकों का पंजीकरण शीघ्र कराने के लिए अधिकारी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। श्रमिक पंजीकरण प्रक्रिया की हो रही नियमित समीक्षा योगी सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही, नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जा रही है। बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के तहत चलाई जा रही योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। इनमें मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना शामिल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता प्रदान करती है। कन्या विवाह सहायता योजना गरीब श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद प्रदान करती है। संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करती है, जबकि अटल आवासीय विद्यालय योजना उन्हें बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा प्रदान करती है। निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना दुर्घटनाओं की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। महात्मा गांधी पेंशन योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों को नियमित पेंशन सुविधा प्रदान करती है। आपदा राहत सहायता योजना प्राकृतिक आपदाओं में श्रमिकों को राहत प्रदान करती है, और गंभीर बीमारी सहायता योजना श्रमिकों को इलाज के लिए वित्तीय सहायता देती है। इसके अतिरिक्त, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना श्रमिकों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए विशेष सहायता प्रदान करती है। श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही योगी सरकार श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिक अपने अधिकारों और योजनाओं की जानकारी से अवगत हों। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की भलाई के लिए ठोस कदम उठा रही है। यह पहल न केवल श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उनके जीवन को भी सरल और सम्मानजनक बनाएगी। श्रमिक पंजीकरण और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की यह रणनीति प्रदेश में समग्र विकास और समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है।

वेब पोर्टल के पत्रकार मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर लगाई गई रोक 16 जनवरी तक बढ़ा दी: उच्च न्यायालय

प्रयागराज यति नरसिंहानंद के खिलाफ कंट्रोवर्शियल ‘एक्स’ पोस्ट कर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने के मामले में आरोपी वेब पोर्टल के पत्रकार मोहम्मद जुबैर की गिरफ्तारी पर लगाई गई रोक इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 16 जनवरी तक बढ़ा दी है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति योगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने प्राथमिकी को चुनौती देने वाली जुबैर की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को यह आदेश पारित किया। इससे पहले 20 दिसंबर को हाई कोर्ट ने मौखिक रूप से यह कहते हुए कि वह खूंखार अपराधी नहीं है, उसकी गिरफ्तारी पर छह जनवरी तक रोक लगा दी थी। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा था कि एफआईआर को पढ़ने से धारा 196 बीएनएस के तहत अपराध बनता है। हालाँकि, यह देखना होगा कि उसके खिलाफ धारा 152 बीएनएस बनती है या नहीं।

यूपी के 5 जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों पर निकली भर्ती, जानिए कौन कैसे कर सकते है आवेदन ?

लखनऊ यूपी में आंगनबाड़ी में नौकरी करने की चाह रखने वालों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, राज्य सरकार ने  5 जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के पदों पर भर्ती करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। मुरादाबाद, कानपुर देहात, इलाहाबाद, बहराइच और अंबेडकरनगर में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों में पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपको बता दें कि आवेदन करने की आखिरी तारीख हर जिले के लिए अलग-अलग है। यूपी आंगनवाड़ी भर्ती 2024 के लिए आवेदन आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं। यूपी आंगनवाड़ी भर्ती अधिसूचना 2025 में उल्लिखित विवरण, अंतिम तिथि, रिक्त पदों की संख्या नीचे लेख में देख सकते हैं। यूपी के इन जिलों में होगी भर्ती उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती विभिन्न चरणों में आयोजित की जा रही है। 5 नए जिलों में रिक्तियां, अंतिम तिथि के लिए नीचे दी तालिका देखें:     मुरादाबाद: 151 पद, आवेदन की अंतिम तिथि- 31 जनवरी 2025     कानपुर देहात: 88 पद, अंतिम तिथि- 15 जनवरी 2025     बलिया: 301 पद, अंतिम तिथि- 12 जनवरी 2025     बहराइच: 598 पद, अंतिम तिथि- 9 जनवरी 2025     अंबेडकर नगर: 223 पद, अंतिम तिथि- 7 जनवरी 2025 शैक्षणिक योग्यता: आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए महिला उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं कक्षा पास होना आवश्यक है। केवल महिला उम्मीदवार ही आवेदन के पात्र हैं। उम्मीदवार जिस गांव, नगर, वार्ड या न्याय पंचायत से आवेदन कर रही हैं, वहां की निवासी होना आवश्यक है। कृपया ध्यान दें कि पात्रता मानदंड राज्य और पद के अनुसार भिन्न हो सकते हैं। अतः संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट या आधिकारिक अधिसूचना अवश्य देखें। आयु सीमा: न्यूनतम आयु: 18 वर्ष अधिकतम आयु: 35 वर्ष

देश, धर्म के लिए बलिदान होने वाली लंबी श्रृंखला सदैव से समाज को नया जीवन देती रही है: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शहीद का बलिदान कौम की जिंदगी होती है। देश, धर्म के लिए बलिदान होने वाली लंबी श्रृंखला सदैव से समाज को नया जीवन देती रही है। आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर पीएम मोदी ने आगामी 25 वर्ष का लक्ष्य रखते हुए कहा कि देश को 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाना है। उन्होंने पंच प्रण की बात कही। इसमें मुख्यतः गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करना, महापुरुषों पर गौरव की अनुभूति, सुरक्षा बलों के जवानों का सम्मान करना है। उन्होंने सोमवार को होटल ताज में आयोजित ‘शौर्य सम्मान-2025’ कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों सहित उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी ने कहा कि जवान सर्दी, गर्मी, बरसात की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। इस समय भी जब माइनस 20, 25, 10 तापमान है, तब देश की सीमाओं पर भारत मां के जवान दिन-रात खड़े होकर, पुलिस बल के जवान निरंतर पेट्रोलिंग में रहकर आमजन के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करते हैं। यदि समाज आर्मी, पैरामिलिट्री, पुलिस बल के जवानों का सम्मान नहीं करेगा या शहीद परिवारों के बारे में नहीं सोचेगा तो इसका मतलब हम राष्ट्रीय दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां 1965-1971 में पाकिस्तान के खिलाफ हुए युद्ध में भागीदार, शहीदों के परिजनों, भारतीय सेना के जवानों, देश के अंदर विभिन्न ऑपरेशन में भाग लेने वाले स्मृतिशेष जवानों के परिजनों का सम्मान हुआ। सुरक्षा के बिना सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। स्वतंत्रता का अहसास हो, लेकिन हमारी स्वतंत्रता दूसरे की स्वतंत्रता में बाधा न बने। बाबा साहेब ने जो संविधान दिया, उसके अनुसार सुरक्षा की पहली शर्त सुशासन है। सुशासन की स्थापना के लिए जो जवान दिन-रात लगे रहते हैं, उन्हें सम्मान देना राष्ट्रीय दायित्वों के निर्वहन जैसा है। सीएम योगी ने 2017 के पहले और अब के उत्तर प्रदेश का अंतर बताते हुए कहा कि 2017 के पहले कोई सुरक्षित नहीं था। नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ होता था। उनके पास नौकरी और रोजगार नहीं था। यूपी की पहचान दंगाग्रस्त और अराजक प्रदेश के रूप में थी। आज उत्तर प्रदेश सुरक्षित है। स्वत:स्फूर्त भाव के साथ प्रदेश में सभी कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। तंत्र वही है, बस सरकार का चेहरा बदल गया। यह वही प्रदेश है, जहां पहले कोई निवेश नहीं करता था। 2017 के पहले हर परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते थे। प्रत्येक सप्ताह दो से तीन बड़े दंगे होते थे, लेकिन आज प्रदेश दंगामुक्त है। सर्वाधिक निवेश को आमंत्रित करने वाला प्रदेश है। बिना भेदभाव के योग्यता के आधार पर सरकारी-निजी क्षेत्र में नौकरी और रोजगार की गारंटी देने वाला प्रदेश है। सीएम योगी ने कहा कि जिस प्रदेश में 40 हजार करोड़ का निवेश नहीं आता था, उस प्रदेश में आज 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे 1.25 करोड़ नौकरी की गारंटी मिली। बदली परिस्थितियों की नींव में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था की बेहतर स्थिति है। इसके लिए हमने अपने जवान भी खोए हैं। 2017 में प्रदेश सरकार ने पॉलिसी बनाई कि कोई जवान (सेना, अर्धसेना, पुलिस बल) शहीद होता है तो उसके परिवार की जिम्मेदारी सरकार की होगी। हमने 1.50 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों के खाली पदों को भरा। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले पुलिस भागती थी, अपराधी दौड़ाता था। आज अपराधी हांफते-हांफते मर रहा है। पुलिस, अपराधी और उनके आकाओं को सही जगह पहुंचा रही है। यह नए भारत के नए उत्तर प्रदेश का बदला स्वरूप है। यहां सुरक्षा, सम्मान, पहचान भी है। इस साल के अंत तक जब गंगा एक्सप्रेसवे बन जाएगा तो देश का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास होगा। सबसे अधिक रेलवे नेटवर्क, एयरपोर्ट, मेट्रो संचालित, सर्वाधिक नगर निकाय, आस्था को गौरव के साथ आगे बढ़ाने वाला प्रदेश उत्तर प्रदेश होगा। सीएम ने कहा कि 13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज की धरती पर महाकुंभ-2025 होने जा रहा है। यह मुहूर्त 144 वर्ष बाद आया है। महाकुंभ के बहाने प्रयागराज और आसपास के शहरों का भी कायाकल्प हुआ है। 200 से अधिक सड़कों को सिंगल से डबल, डबल से फोरलेन, फोरलेन से सिक्सलेन बनाया गया। एक वर्ष में एक शहर में 14 नए फ्लाईओवर बनकर तैयार हुए। रेलवे स्टेशनों का पुनरुद्धार हुआ, एयरपोर्ट नए सिरे से देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अक्षयवट, सरस्वती देवी, बड़े हनुमान, महर्षि भारद्वाज, श्रृंगवेरपुर, पातालपुरी कॉरिडोर आदि पहली बार देखने को मिलेंगे। दुनिया की तीसरी बड़ी आबादी के बराबर श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे। एक दिन में 10 करोड़ श्रद्धालु भी आ गए तो आसानी से स्नान कर पुण्य प्राप्त करेंगे। ‘स्वच्छ महाकुंभ’ के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज की व्यवस्था है। 1.50 लाख से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में इस सदी का महाकुंभ ‘डिजिटल महाकुंभ’ के रूप में जाना जाएगा। प्रयागराज महाकुंभ आस्था और आधुनिकता का संगम होगा। अयोध्या, काशी, मां विंध्यवासिनी धाम, चित्रकूट, लखनऊ, श्रृंगवेरपुर आदि आध्यात्मिक विरासत से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने भारतीय संस्कृति के समागम में सभी को आमंत्रित किया।  

सिंगरौली शिफ्टिंग टैंक में मिले 4 शवों मिलने के बाद मचा था पूरे इलाके में हड़कंप

सिंगरौली सिंगरौली शिफ्टिंग टैंक में मिले 4 शवों मिलने के बाद मचा था पूरे इलाके में हड़कंप,4 में से 3 लोगों की 6 आरोपियों ने 6 फायर करके 3 लोगों को उतारा था मौत के घाट एवं एक आरोपी के सर पर राड मारकर एवं गला दबाकर की थी आरोपियों ने हत्या,मुख्य आरोपी राजा रावत आदतन था अपराधी, मृतकों का था मुख्य अपराधी दोस्त , सुरेश प्रजापति,राकेश सिंह उर्फ सोनू  ,करन शाह ,पप्पू से आरोपियों का था पुराना विवाद, 3 मृतको राजा, पप्पू ,सुरेश का था पुराना अपराधी प्रकरण,3 दिन तक सभी की चलती रही है मृतकों एवं आरोपियों के साथ में पार्टी, प्लानिंग के पूरी घटना की वारदात को दिया गया अंजाम, आरोपियों ने पहले सुरेश को 2 गोली करन को एक गोली सर पर लगी एवं राकेश सिंह को 3 गोली चलाकर कर दी गई हत्या,2 पिस्टल सहित 6 आरोपीयों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, मुख्य आरोपी को पुलिस ने आज सुबह बनारस से गिरफ्तार किया गया है पूरा विवाद घर बनाने को लेकर एनसीएल की जमीन को लेकर महिलाओं का भी घटना में शामिल होना जांच पर चला पता,32 बोर की पिस्टल 4 जिंदा कारतूस 1 खाली मैग्जीन किया गया जप्त,एक पिस्टल और जप्त करना है शेष, मुख्य आरोपी राजा रावत बुध्सेन साकेत रोहित हरिश्चंद्र एव एक 17 साल का नाबालिक युवक सहित नीरज ने मिलकर पूरी हत्या की वारदात को दिया था अंजाम।  

सीएम योगी करेंगे 11 जनवरी को 11 बजे रामलला का अभिषेक, भजन भी होगा लॉन्च, 13 जनवरी तक प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन

अयोध्या भव्य मंदिर में रामलला के विराजमान होने के एक वर्ष पूरे होने पर अयोध्या में 11 से 13 जनवरी तक प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन होगा। 11 जनवरी को पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 बजे गर्भगृह में श्रीरामलला का अभिषेक करेंगे। उसके बाद अंगद टीला पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन कर श्रद्धालुओं को संबोधित भी करेंगे। उसी दिन सोनू निगम, शंकर महादेवन और मालिनी अवस्थी समेत कई मशहूर कलाकारों द्वारा गाया गया भजन भी रिलीज किया जाएगा। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के अधिष्ठाता मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी के जन्म स्थान अयोध्या धाम में नवनिर्मित मंदिर की स्थापना का एक वर्ष 11 जनवरी को संपन्न हो रहा है। इस दौरान 13 जनवरी तक उत्सव मनाया जाएगा। इसकी तैयारियां तेजी से चल रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 11 जनवरी को रामलला का अभिषेक करेंगे। महोत्सव के मद्देनजर नगर के प्रमुख चौराहों लता चौक, जन्मभूमि पथ, श्रृंगार हाट, राम की पैड़ी, सुग्रीव किला, छोटी देवकाली समेत अन्य स्थलों पर कीर्तन भी होगा। इसमें युवा कलाकार वाद्य यंत्रों से नगरी को मंत्रमुग्ध कर देंगे। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इस अवसर पर तीन दिवसीय श्रीराम राग-सेवा का कार्यक्रम मंदिर परिसर में गर्भगृह के निकट मंडप में संपन्न होगा। इसमें प्रभु श्रीराम की भक्ति के प्रति विनीत भाव से संगीत, नृत्य और वादन से उन्हें सेवा प्रदान करने का उपक्रम होगा। अनुष्ठान के परिकल्पनाकार और समन्वयक अयोध्या के कलाविद् यतीन्द्र मिश्र हैं। इस कार्य में उनका सहयोग संगीत नाटक अकादमी कर रहा है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सभी संतों को बुलाया गया है। अयोध्या से बड़ी संख्या में लोग महाकुंभ में गए हैं। उन्होंने आग्रह किया कि तीन दिन के कार्यक्रम में एक दिन लोग अयोध्या पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हों। पहला दिन : 11 जनवरी को लता मंगेशकर की बहन व प्रख्यात गायिका उषा मंगेशकर और मयूरेश पई भगवान के सम्मुख भजन से राग-सेवा का आरंभ करेंगी। इसके बाद साहित्य नाहर सितार व संतोष नाहर वायलिन की जुगलबंदी से भक्ति का कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। पहले दिन का समापन डॉ. आनंदा शंकर जयंत के भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति से होगा। दूसरा दिन : 12 जनवरी को महोत्सव की शुरुआत राग सेवा प्रसिद्ध लोक गायिका शैलेश श्रीवास्तव के बधावा, सोहर गायन से होगी। इसके बाद प्रख्यात शास्त्रीय गायिका कलापिनी कोमकली श्री राम भजन व निर्गुण गायन से राग-सेवा प्रस्तुत करेंगी। कार्यक्रम का समापन विश्वविख्यात बांसुरी वादक राकेश चौरसिया के बांसुरी वादन से होगा। तीसरा दिन : तीसरे व अंतिम दिन 13 जनवरी को राग-सेवा का आरंभ आरती अंकलिकर के शास्त्रीय गायन से होगा, जिसके बाद प्रख्यात कथक नृत्यांगना शोभना नारायण की कथक प्रस्तुति होगी। अंत में दक्षिण के गायक श्रीकृष्ण मोहन एवं श्रीराम मोहन त्रिचूर ब्रदर्स के शास्त्रीय गायन व श्रीराम भजन से कार्यक्रम संपन्न होगा।

महाकुंभ स्थल की जमीन को वक्फ की संपत्ति करार दिया, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने किया बड़ा दावा

बरेली प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की तैयारी अपने अंतिम चरण में है। महाकुंभ मेले में मुस्लिमों के प्रवेश और दुकानें लगाने को लेकर बयानबाजी तेज है।इस बीच उत्तर प्रदेश के बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी बड़ा दावा करते हुए महाकुंभ स्थल की जमीन को वक्फ की संपत्ति करार दिया। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने रविवार को एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि मुसलमानों ने हमेशा बड़ा दिल दिखाया है और उसके सबूत दिए हैं। उसकी मिसालें भी बहुत सारी मिलेंगी। महाकुंभ मेले में अखाड़ा परिषद, नागा संन्यासियों और स्वामी बाबाओं ने मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया। लेकिन खुद प्रयागराज के जो मुसलमान हैं, उनमें से एक सरताज ने इस बात की जानकारी दी कि जिस जमीन के ज्यादातर हिस्से पर शामियाने और तंबू लगाए गए हैं, वो जमीन वक्त की है और वहां के मुसलमानों की है। ये जमीन लगभग 54 बीघा है। उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद भी मुसलमानों की दरियादिली देखिए कि उन्होंने बड़ा दिल दिखाते हुए मेले की तैयारियों पर कोई आपत्ति नहीं की है। मगर अखाड़ा परिषद और दूसरे बाबा लोगों की तंग दिली देखिए कि वे मेले में मुसलमानों के प्रवेश पर पाबंदी लगा रहे हैं। मेले में मुसलमानों को दुकानें लगाने के लिए मना कर रहे हैं। वक्फ की 55 बीघा जमीन पर मेला लग रहा है। इन तमाम चीज़ों को बहुत गौर से साधु संतों को सोचना चाहिए। उन्हें इस तरह की सोच को छोड़नी होगी, मुसलमानों की तरह बड़ा दिल दिखाना होगा। वहां के जो जिम्मेदार लोग हैं उन लोगों को इस पर गौर करना चाहिए।

यूपी में दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला, डीआईजी वैभव कृष्ण को महाकुंभ प्रयागराज की अहम जिम्मेदारी दी

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया है। 2010 बैच के आईपीएस सुनील कुमार सिंह को आजमगढ़ का नया डीआईजी बनाया गया है। वहीं, आजमगढ़ के डीआईजी वैभव कृष्ण को महाकुंभ मेला प्रयागराज की अहम जिम्मेदारी दी गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाकुंभ मेला के आयोजन के लिए सुरक्षा और प्रबंधन की दृष्टि से वैभव कृष्ण की नियुक्ति को अहम माना जा रहा है। उनका अनुभव इस ऐतिहासिक आयोजन को सुरक्षित और सुगम बनाने में मददगार साबित होगा। सरकार ने यह कदम प्रशासनिक दक्षता और बेहतर जनसेवा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। अधिकारियों की नई तैनाती से संबंधित क्षेत्रों में प्रभावी प्रशासनिक सुधार की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अधिकारियों को तत्काल पदभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है। बता दें कि अपनी कुशल प्रशासनिक शैली और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाने वाले वैभव कृष्ण 2010 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। वह यूपी के बागपत जिले के निवासी हैं। उन्होंने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। साल 2009 में पहली बार यूपीएससी परीक्षा में शामिल होकर वैभव कृष्ण ने पूरे भारत में 86वीं रैंक हासिल की और आईपीएस बने।  

महाकुंभ में होगा स्पेशल कलर कोड, वीआईपी, साधु-संतों से श्रद्धालुओं को मिलेगी सुरक्षा

प्रयागराज प्रयागराज के महाकुंभ में श्रद्धालुओं की सुविधा, अच्छी व्यवस्था के अलावा सुरक्षा के लिए छह रंग के ई-पास जारी किए जा रहे हैं. पुलिस से लेकर अखाड़े और वीआईपी तक के लिए अलग-अलग रंग के ई-पास जारी किए जा रहे हैं. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं. साथ ही, कैटेगरी के आधार पर कोटा निर्धारित किया जा रहा है. देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए, इस लिहाज से विभागीय स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं. यूपीडेस्को के जरिए ई-पास प्रणाली लागू करने की व्यवस्था वाहन ई-पास के लिए उत्तर प्रदेश की नोडल आईटी संस्था यूपीडेस्को के जरिए से ई-पास प्रणाली लागू करने की व्यवस्था की गई है. व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए कई विभागों के नोडल अधिकारी, मेला पुलिस, सभी संस्थाओं के वाहन पास के आवदेनों का सत्यापन निर्धारित कोटा के आधार पर करेंगे. ये कागजात हैं जरूरी आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत प्रत्येक वाहन पास के लिए आवेदक का व्यक्तिगत विवरण, कलर्ड पासपोर्ट फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड और वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की छाया प्रति लेनी होगी. यूपीडेस्को की ओर से अनुबंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि की ओर से अस्थायी मेला पुलिस स्थल पर अनुमोदित ई-पास को प्रिंट कर मेला पुलिस कार्यालय से ही उपलब्ध कराया जाएगा. किस तरह जारी होंगे अलग-अलग ई-पास उच्च न्यायालय, वीआईपी, विदेशी राजदूत, विदेशी नागरिक और अप्रवासीय भारतीयों के साथ केंद्र, राज्य के विभाग के लिए सफेद रंग का ई-पास जारी किया जा रहा है. अखाड़ों और संस्थाओं को केसरिया रंग का ई-पास प्रदान किया जा रहा है. वहीं, कार्यदायी संस्थाओं, वेंडर, फूड कोर्ट और मिल्क बूथ के लिए पीले रंग का ई-पास जारी किया जा रहा है. मीडिया को आसमानी, पुलिस बल को नीला और आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं के लिए लाल रंग का ई-पास प्रदान किया जा रहा है. सभी सेक्टर में वाहन पार्किंग की व्यवस्था महाकुंभ के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अफसरों को स्पष्ट निर्देश है कि देश दुनिया के कोने-कोने से आने वाले एक भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो पाए. इसी के मद्देनजर मेला प्राधिकरण की ओर से सभी सेक्टर में वाहन पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. निकटतम पार्किंग तक पहुंचाने के लिए सभी विभागों, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के वाहनों के ई-पास जारी किए जाने हैं. वाहनों के पास के लिए कैटेगरी के आधार पर कोटा निर्धारित किया गया है, जिसके अनुरूप वाहन पास के अनुमोदन के लिए प्रत्येक विभाग के स्तर से नोडल अधिकारी नामित किया जा रहा है. उनकी संस्तुति के आधार पर ही वाहन पास के लिए जरूरी सभी विवरण ऑनलाइन भरकर सबमिट किए जा रहे हैं.  

उत्तर प्रदेश में देर रात दो आईपीएस अफसरों का किया तबादला, DIG वैभव कृष्ण को मिली महाकुंभ जिम्मेदारी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में देर रात दो आईपीएस अफसरों का तबादला किया गया है। आजमगढ़ मंडल के DIG वैभव कृष्ण को महाकुंभ मेले की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें महाकुंभ का डीआईजी बनाया गया है। वहीं 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी सुनील सिंह को वैभव कृष्ण की जगह आजमगढ़ मंडल का DIG नियुक्त किया गया है। बता दें कि वैभव कृष्ण को जून 2024 में डीआईजी बनाया गया था। अपराधियों में वैभव कृष्ण के नाम का खौफ डीआईजी वैभव कृष्ण पूरे प्रदेश में अपने काम के लिए मशहूर है। 6 महीने तक उन्होंने आजमगढ़ के माफियाओं के नाक में दम करके रख दिया था। बदमाश उनके नाम से खौफ खाने लगे थे। महिला संबंधी अपराधों के खिलाफ उन्होंने कड़ी कार्रवाई की। साथ ही बदमाशों की संपत्ती कुर्क करने में भी उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी। क्षेत्र की कानून व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त रखने के लिए उन्होंने समय-समय पर कई अभियान भी चलाए। जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हुई थी। DIG वैभव कृष्ण को महाकुंभ की जिम्मेदारी अब IPS वैभव कृष्ण को महाकुंभ की जिम्मेदारी मिली है। महाकुंभ में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में मेला क्षेत्र की कानून व्यवस्था को चुस्त और दुरुस्त रखने के लिए उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इधर, महाकुंभ पर अराजक तत्वों की नजर है। इन सब समस्याओं से निपटने के लिए आईपीएस वैभव कृष्ण, क्या योजना बनाएंगे ये देखना दिलचस्प होगा।

चंदन गुप्ता हत्याकांड मामले में बड़ा खुलासा, आरोपियों को न्यूयॉर्क-वॉशिंगटन से मिली फंडिंग!

कासगंज यूपी के कासगंज में चंदन गुप्ता हत्याकांड के बाद हुई हिंसा में आरोपियों को विदेशी और भारतीय एनजीओ से फंडिंग का खुलासा हुआ है. एनआईए विशेष कोर्ट ने इस मामले में आदेश जारी करते हुए बताया कि न्यूयॉर्क, लंदन और भारत से संचालित एनजीओ ने आरोपियों को फंडिंग की. कोर्ट ने इस फंडिंग के स्रोत और इसके उद्देश्यों पर सवाल उठाते हुए सरकार से जांच की सिफारिश की है. जानकारी के अनुसार, NIA Special Court के Order में देश और विदेश के सात NGO का नाम सामने आया है. चंदन गुप्ता के हत्यारोपियों की मदद के लिए न्यूयॉर्क और लंदन से चल रहे एनजीओ ने फंडिंग की थी. New York की Alliance for justice and accountability, वॉशिंगटन से संचालित Indian American Muslim council और लंदन से संचालित South Asia solidarity Group ने फंडिंग की थी. NIA स्पेशल कोर्ट के फैसले में विदेश के साथ-साथ भारत से संचालित हो रहे तीन NGO का भी जिक्र है, जिन्होंने आरोपियों को फंडिंग की थी. इनमें मुंबई का एनजीओ Citizens for justice and Peace, नई दिल्ली (New Delhi) का एनजीओ People Union for civil liberties और लखनऊ से संचालित Rihai मंच ने आरोपियों की मदद की थी. कोर्ट ने अपने फैसले में आशंका जाहिर की कि इन तमाम एजेंसियों की फंडिंग कहां से हो रही है और इनका सामूहिक उद्देश्य क्या है. गैर जरूरी तरीके से न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप रोकने के लिए कोर्ट ने फैसले की कॉपी गृह मंत्रालय और भारत काउंसिल आफ इंडिया को भेजने के लिए भी कहा है. बता दें कि बीते शुक्रवार को चंदन गुप्ता हत्याकांड में सभी 28 आरोपियों को NIA कोर्ट लखनऊ ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. NIA कोर्ट के आदेश की कॉपी भारत सरकार के गृह मंत्रालय के साथ-साथ बार काउंसिल आफ इंडिया को भी भेजी जाएगी. कौन-कौन दोषी ठहराए गए? एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने चंदन गुप्ता हत्याकांड के मामले में आसिफ कुरैशी उर्फ हिटलर, असलम कुरैशी, असीम कुरैशी, शबाब, साकिब, मुनाजिर रफी, आमिर रफी, सलीम, वसीम, नसीम, बबलू, अकरम, तौफीक, मोहसिन, राहत, सलमान, आसिफ, आसिफ जिम वाला, निशु, वासिफ, इमरान, शमशाद, जफर, शाकिर, खालिद परवेज, फैजान, इमरान, शाकिर, जाहिद उर्फ जग्गा को दोषी ठहराया है. कौन-कौन आरोपी हुए बरी? एनआईए कोर्ट ने आरोपी नसरुद्दीन और आरोपी असीम कुरैशी को बरी कर दिया है. इन दोनों को सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी किया है. इसी के साथ अजीजुद्दीन नाम के आरोपी की मौत हो गई थी. साल 2018 में कर दी गई थी चंदन गुप्ता की हत्या बता दें कि कासगंज में 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता चंदन गुप्ता की हत्या कर दी गई थी. छह साल 11 महीने बाद एनआईए की विशेष अदालत ने 28 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस मामले में कुल 31 आरोपी थे, जिनमें से दो को बरी किया गया और एक की मृत्यु हो चुकी थी. इस मामले में बीते शुक्रवार को 28 दोषियों को उम्रकैद की सजा हुई है.  

फेरो से पहले ही दुल्हन नकदी और जेवर लेकर हुई फरार, दूल्हा बोला- सब कुछ लुट गया

 गोरखपुर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (Gorakhpur) में हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां शादी के बीच दुल्हन नकदी और गहने लेकर फरार हो गई. दुल्हन के साथ उसकी मां भी मौके से गायब थी. इसके बाद दूल्हा इंतजार करता है, लेकिन दुल्हन नहीं लौटी. दूल्हे का कहना है कि उसने एक व्यक्ति को 30 हजार रुपये देकर रिश्ता पक्का किया था. एजेंसी के अनुसार, यह मामला गोरखपुर के खजनी इलाके का है. यहां 40 वर्षीय किसान अपनी दूसरी शादी के लिए रस्में पूरी कर रहा था. उसकी पहली पत्नी का कुछ समय पहले निधन हो गया था. दूल्हा सीतापुर के गोविंदपुर गांव का रहने वाला है. उसने शादी के लिए 30,000 रुपये देकर एक मीडिएटर की मदद से रिश्ता तय किया था. दूल्हे का कहना है कि शादी से पहले उसने दुल्हन को साड़ियां और जेवरात दिए थे. शादी के अन्य खर्च भी किए. इसके बाद वह परिवार के लोगों के साथ शादी करने मंदिर पहुंचा, जहां दुल्हन अपनी मां के साथ मौजूद थी. शादी की रस्में शुरू होते ही दुल्हन ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाया और फिर वापस नहीं लौटी. इसी दौरान उसकी मां भी गायब हो गई. दूल्हे ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि मैंने अपना परिवार फिर से बसाने के लिए रिश्ता तय किया था, लेकिन सब कुछ लुट गया. इस मामले को लेकर गोरखपुर के एसपी (दक्षिण) जितेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है. अगर शिकायत आती है तो पूरे घटनाक्रम की जांच-पड़ताल की जाएगी.  

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