LATEST NEWS

सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर, इस दौरान नये साल के पहले जनता दर्शन में दिया न्याय का भरोसा

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद नए साल के पहले जनता दर्शन में गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं एवं संतुष्टिपरक समाधान का भरोसा दिया। दरअसल, सीएम योगी गोरखपुर दौरे पर है। आज दौरे के दूसरे दिन हमेशा की तरह सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद जनता दर्शन किया। जनता दर्शन में योगी ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।  जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी खुद लोगों के पास गए और सबकी समस्या सुनीं। उन्होंने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए द्दढ़ संकल्पित है। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि हर पीड़ित की समस्या पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।  मुख्यमंत्री योगी के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता व निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। यदि कोई किसी की भूमि पर जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसे कानून सम्मत सबक सिखाया जाए।  

चंगेज़ खान जैसे धुर्तों ने भारतीय सनातन संस्कृति की धरोहर को तोड़कर मस्जिदों को बनाया है: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

रामपुर रामपुर में एक निजी कार्यक्रम में प्रवचन करने पहुंचे बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने हिन्दुत्व को जगाने की बात की। अपने पूरे प्रवचन के दौरान उन्होंने हिंदुत्व जनजागरण और हिन्दुओं की तरक्की को लेकर प्रवचन दिए, उन्होंने कहा देश मे केवल एआई नहीं एचआई भी होना चाहिए जिसमें एच आई का मतलब उन्होंने हिन्दुत्व इंटेलिजेंस बताया। प्रवचन के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए भी हिंदुत्व को लेकर कई बड़े बयान दिए। भारत हिंदू राष्ट्र के लिए हमारी कोशिशें, हमारा प्रयत्न है भारत हिंदू राष्ट्र बने, हिंदू राष्ट्र का मतलब किसी मजहब के खिलाफ नहीं हिंदू राष्ट्र का मतलब सबको लेकर चलना जैसे दुबई में सभी कल्चर संस्कृति रहती हैं। वैसे भी भारत में सबको रहने का अधिकार है यह भारत किसी का नहीं सबका है। सबके दादा परदादाओं ने आज़ादी के लिए युद्ध लड़े हैं। अपने प्राणों की आहुतियां दी हैं। हिंदुत्व का मतलब यह है जीवन जीने की सही विचार धारा। हिंदुत्व का मतलब अहिंसावादी जीवन है। ‘हिंदुत्व का मतलब भारत को विश्व गुरु बनाने की पहल’ संभल पर दिए बयान को लेकर हो रही चर्चाओं पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि संभल वाले बयान में हमने कुछ गलत नहीं दिया हैं। वहां के कलेक्टर महोदय, वहां के एसपी महोदय, वहां के कार्यकर्ता, पुलिस अधिकारी, पदाधिकारी, धन्यवाद के पात्र हैं। सदियों से बंद पड़े हनुमान मंदिर शिव मंदिर को खोद निकाला। सनातन का युग स्वर्णं युग है। हमारे देश में आक्रांताओं ने बाबर ने ब्रिटिश के समय में मुगलों ने चंगेज़ खान जैसे धुर्तों ने भारतीय सनातन संस्कृति की धरोहर को तोड़कर मस्जिदों को बनाया है। अब वहां पुनः मंदिर स्थापित हो रहे हैं। इसलिए मुसलमानों से हम यही कहेंगे और सभी मजहब के लोगों से कि आप बिल्कुल टेंशन ना लें आपके मजहब के खिलाफ सनातन संस्कृति के लोग नहीं हो सकते। जहां जहां मंदिर थे बस वहां वहां मंदिर बनेंगे बस इतना होना है। ‘हमारे मंदिर की जांच करवा लें हमें कोई दिक्कत नहीं’ धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा कि अब हमारे बयान के बाद ओबीसी के पेट में दर्द हो रहा है तो उनकी मूर्खता है। बल्कि उन्हें उदार दिल दिखाते हुए कहना चाहिए कि गुरुजी जितने सनातन धर्म के मंदिर हैं। हमारी तरफ से स्वागत है और हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करना देश की आचार्य श्रद्धा को न मानना है। देश के संविधान का मजाक उड़ाना है। हम तो कहते हैं हमारे मंदिर की जांच करवा लें हमें कोई दिक्कत नहीं है। भैया हिंदुओ को तो दिक्कत नहीं होगी। कितने भी मंदिरों की जांच हो जाए? उन्हें क्यों दिक्कत है इसका मतलब खोट है। उन्हें पता है के अंदर शिव जी बैठे हुए हैं।

शाही जामा मस्जिद सर्वे रिपोर्ट यूपी कोर्ट को सौंपी गई, 60 तस्वीरों से खुलेगा राज़!

संभल संभल की शाही जामा मस्जिद के अंदर की एडवोकेट कमीशन रिपोर्ट बंद लिफाफे में कोर्ट में पेश कर दी गई है। इस सर्वे रिपोर्ट की इनसाइड डिटेल सामने आई है। बताया जा रहा है कि जामा मस्जिद में मंदिर होने के प्रमाण मिले हैं। मस्जिद के अंदर दो वट वृक्ष हैं। अमूमन हिंदू धर्म के मंदिरों में ही वट वृक्ष की पूजा होती है। इतना ही नहीं मस्जिद में कुंआ भी है, जो आधा अंदर है और आधा बाहर है। बाहर वाले हिस्से को ढक दिया गया है। मस्जिद के अंदर कमल के फूल भी उकेरे हुए मिले हैं। बता दें कि संभल की जामा मस्जिद के अंदर हुए सर्वे की एडवोकेट कमीशन की रिपोर्ट सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की कोर्ट में पेश की गई है। एडवोकेट कमिश्नर रमेश राघव ने यह रिपोर्ट कोर्ट में पेश की है। सूत्रों के मुताबिक, इस सर्वे रिपोर्ट में शाही जामा मस्जिद में मंदिर होने के काफी सबूत मिले हैं। जामा मस्जिद के सर्वे के पहले दिन यानि 19 नवंबर, 2024 को करीब डेढ़ घंटे की वीडियोग्राफी हुई थी, जबकि दूसरे दिन करीब तीन घंटे की वीडियोग्राफी हुई। इस दौरान करीब 1200 फोटो लिए गए. सारी चीजों का अवलोकन करने पर मस्जिद के अंदर 50 से अधिक फूल के निशान/ कलाकृतियां मिलीं। वहीं, गुंबद के हिस्से को प्लेन कर दिया गया है। पुराने ढांचे को बदलने के भी सबूत मिले हैं, साथ ही उस जगह नए कंस्ट्रशन के सबूत मिले हैं। मंदिर के शेप वाले स्ट्रक्चर पर प्लास्टर लगाकर पेंट कर दिया गया है। मस्जिद में अंदर जहां बड़ा गुंबद है, उस पर झूमर को तार से बांधकर एक चेन से लटकाया गया है। ऐसी चेन का इस्तेमाल मंदिर के घंटों में किया जाता है। सूत्रों के अनुसार, विवादित स्थल में वैसे प्रतीक भी मिले हैं, जो उस दौर के मंदिरों और देवालयों में बने होते थे। मंदिर के दरवाजों, झरोखों और अलंकृत दीवारों पर प्लास्टर लगाकर पेंट कर दिया गया है, जिससे पुराना निर्माण ढक गया है। गौरतलब हो कि संभल में अदालत के आदेश पर 19 नवंबर को कोट गर्वी इलाके में मुगलकालीन शाही जामा मस्जिद का सर्वे किए जाने के बाद से ही तनाव है। दरअसल कोर्ट में दायर याचिका में दावा किया गया कि जिस जगह यह मस्जिद बनी है, वहां पहले हरिहर नाथ मंदिर था। 24 नवंबर को जब मस्जिद के दूसरे सर्वे के लिए टीम आई तो हिंसा भडक़ उठी थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हिंसा मामले में पुलिस का एक्शन जारी है। 50 फूल, बरगद के पेड़, कुआं भी मौजूद सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में मस्जिद के अंदर हिंदू धर्म से जुड़े 50 से ज्यादा फूल के निशान/कलाकृतियां मिलीं हैं. मस्जिद के अंदर दो बरगद के पेड़ हैं. अमूमन हिंदू धर्म के मंदिरों में ही बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है. इतना ही नहीं मस्जिद में कुआं भी है, जो आधा अंदर है और आधा बाहर है. बाहर वाले हिस्से को ढंक दिया गया है. पुराने ढांचे को बदला गया, रिपोर्ट में दावा इतना ही नहीं सर्वे रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पुराने ढांचे को बदला गया है. गुम्मद के हिस्से को प्लेन कर दिया गया है. साथ ही उस जगह नए कंस्ट्रशन के सबूत मिले हैं. मंदिर के शेप वाले स्ट्रक्चर पर प्लास्टर लगाकर पेंट कर दिया गया है. मस्जिद के अंदर जहां बड़ा गुम्मद है उस पर झूमर को तार से बांधकर एक जंजीर से लटकाया गया है. ऐसी जंजीर का इस्तेमाल मंदिर के घंटों को लटकाने में किया जाता है. मंदिरों के दरवाजों पर प्लास्टर लगाकर किया गया पेंट सूत्रों के अनुसार, विवादित स्थल में वैसे प्रतीक भी मिले हैं जो उस दौर के मंदिरों और देवालयों में बने होते थे. मंदिर के दरवाजों, झरोखों और अलंकृत दीवारों पर प्लास्टर लगाकर पेंट कर दिया गया है, जिससे पुराना निर्माण छिप गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके शिलालेख के साथ छेड़छाड़ हुई है. ऐसा लगता है पुरानी लिखावट को मिटाकर नया शिलालेख बढ़ाने की कोशिश की गई है. जामा मस्जिद के पूर्व के हिस्से में गेट के कुछ हटाकर वहां नया निर्माण कराया गया. नमाज पढ़ने वाली मुख्य स्थान पर परिक्रमा जैसे स्ट्रक्चर मिले हैं. बताया जा रहा है जिसे बदलकर अब कोठरी में तब्दील कर दिया गया है. जामा मस्जिद के मुख्य गेट को तोड़कर अंदर तक रेलिंग लगाए जाने का भी जिक्र है. मुख्य गेट पर फूल की आकृति है और ऐसे ही कई फूल भीतर भी बने हैं. कई कलाकृतियों को हटाकर उन पर पेंट करने की कोशिश की गई है, कुछ आले (ताखे) भी मिले हैं जिन्हें बंद किया गया है. संभल में सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा बता दें कि संभल की शाही जामा मस्जिद को लेकर दावा किया गया है कि प्राचीन काल में ये हरिहर मंदिर था. इसको लेकर 19 नवंबर 2024 को सिविल कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. उसी दिन सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने मस्जिद के अंदर सर्वे करने का आदेश जारी कर दिया था. अदालत ने रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया. उसी दिन शाम को करीब चार बजे सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंच गई और करीब दो घंटे के सर्वे किया. हालांकि उस दिन सर्वे का काम पूरा नहीं हुआ. इसके बाद सर्वे की टीम 24 नवंबर को जामा मस्जिद पहुंची. दोपहर में मस्जिद के अंदर सर्वे हो रहा था, इसी दौरान भारी संख्या में लोग जमा हो गए. भीड़ ने पुलिस की टीम पर पत्थर फेंके, जिसके बाद अफरा-तफरी का माहौल हो गया. इस दौरान हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई. मंदिर के ये निशान मस्जिद के अंदर दो वट वृक्ष के साथ कुंआ 50 से अधिक फूल के निशान, कलाकृतियां पुराने ढांचे को बदलने के भी मिले सबूत मंदिर की शेप वाले स्ट्रक्चर पर किया प्लास्टर

चंदन गुप्ता हत्याकांड में दोषी ठहराए गए 28 आरोपियों को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

लखनऊ कासगंज में चंदन गुप्ता हत्याकांड में दोषी ठहराए गए 28 आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।बता दें कि एक दिन पहले बृहस्पतिवार को ही एनआईए की विशेष अदालत ने 28 आरोपियों को दोषी करार दिया था, जबकि दो को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। कासगंज में 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान भड़के दंगे में चंदन गुप्ता की हत्या कर दी गई थी। एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने सरकार बनाम सलीम व अन्य के मामले में गुरुवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोष सिद्ध हो चुके आरोपी बरकतुल्लाह के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी करने का भी आदेश दिया। सभी आरोपियों को आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 341, 336, 307, 504, 506 और वसीम, नसीम, मोहसिन, राहत, बबलू और सलमान को राष्ट्रध्वज अपमान निवारण अधिनियम की धारा – 2 और आयुध अधिनियम की धारा 2/25 जबकि अभियुक्त सलीम को आयुध अधिनियम की धारा 25/27 के अंतर्गत भी दोषी करार दिया गया है। दोषी पाए गए आरोपी सलीम के अदालत में पेश नहीं होने पर उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी किया गया है। ये है पूरा मामला, तिरंगा यात्रा का किया था आयोजन कासगंज में विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी और हिंदू वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा का आयोजन किया था, जिसमें मोटर साइकिलों पर सवार 100 से अधिक लोगों ने तिरंगा लेकर यात्रा निकाली थी। यात्रा कोतवाली इलाके के बड्डूनगर पहुंची, जहां गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम चल रहा था। तिरंगा यात्रा को आगे नहीं बढ़ने देने से दो पक्षों के बीच तनातनी शुरू हो गई, जिसके बाद पथराव होने लगा। चंद मिनटों बाद ही दंगा भड़क गया, जिसमें चली एक गोली चंदन गुप्ता को लगने से उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद पूरा शहर दंगे की चपेट में आ गया। हालात काबू में नहीं आने पर प्रशासन को इंटरनेट सेवाएं बंद करनी पड़ी थी।

SP सांसद जियाउर्रहमान बर्क को जोरदार झटका, हाईकोर्ट ने ठुकराई एफआईआर रद्द करने की मांग

संभल  यूपी के संभल हिंसा मामले में सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क को हाई कोर्ट से झटका लगा है। शुक्रवार को अदालत ने बर्क की एफआईआर रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि सांसद बर्क को पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा। हाई कोर्ट ने फिलहाल बर्क की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। संभल पुलिस ने हिंसा मामले में सांसद बर्क को भी आरोपी बनाया है। संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इसके चलते पांच लोगों की मौत हुई और 20 पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में संभल पुलिस ने बर्क को मुख्य आरोपी बनाया है। हालांकि, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। सांसद का तर्क है कि उनकी गिरफ्तारी से उन्हें अपूरणीय क्षति होगी और वह घटना के दौरान संभल में मौजूद नहीं थे। बर्क के अनुसार, संभल में हिंसा के दौरान वह उस समय बेंगलुरु में थे और एफआईआर के बारे में जानने के बाद उन्होंने मामले को बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली में ही रहने का फैसला किया। सांसद का कहना है कि उन्होंने समुदाय के सदस्यों से संपर्क किया और उनसे शांति बनाए रखने का आग्रह किया। बर्क पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप संभल पुलिस ने बर्क पर हिंसा से कुछ दिन पहले मस्जिद में भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि उनके बयान के बाद ही अशांति भड़की थे। इसके अलावा एफआईआर में स्थानीय विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल का भी नाम है, जो इस घटना में कथित तौर पर शामिल है। बर्क ने अपनी याचिका में आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आरोप उन्हें और उनकी पार्टी को निशाना बनाने के एक बड़े प्रयास का हिस्सा हैं। शाही जामा मस्जिद को मंदिर के ऊपर बनाए जाने के दावों के बाद बढ़े तनाव के बीच हिंसा भड़की। पत्थरबाजी और आगजनी के साथ स्थिति और बिगड़ गई, जिसमें कई पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

महाकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया, श्रद्धालुओं के लिए तैयार प्रयागराज

महाकुंभ नगर कभी संकरी और खस्ताहाल सड़कों के लिए पहचाने जाने वाले प्रयागराज का आज कायाकल्प हो चुका है। पहले कुंभ 2019 और अब महाकुंभ 2025 को देखते हुए योगी सरकार ने यहां की सूरत ही बदल दी है। 2019 कुंभ के दृष्टिगत जो विकास कार्य हुए, उसे 2025 महाकुम्भ में और विस्तार देते हुए स्थाई कार्यों पर जोर दिया गया है। सनातन आस्था के सबसे बड़े समागम महाकुंभ के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया गया है। आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो, इसको देखते हुए इस बार 200 सड़कों का निर्माण और विकास किया गया है। इन सड़कों को 3 लाख पौधों और एक लाख हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग से सजाया गया है। कुल मिलाकर महाकुंभ के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आएंगे तो यहां की सड़कों और उनके सौंदर्यीकरण की मनमोहक छवि के साथ यादगार अनुभव लेकर वापस जाएंगे। प्रयागराज में महाकुंभ के महा आयोजन को देखते हुए कुल 200 ऐसी सड़कें हैं, जिनका उन्नयन किया गया है। इसमें नई सड़कों का भी निर्माण हुआ है, जबकि सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण भी किया गया है। सड़कों के निर्माण और विकास में तीनों विभागों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसमें सबसे ज्यादा काम प्रयागराज नगर निगम की ओर से किया गया है, जिसने कुल 78 सड़कों का नव निर्माण, चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करने में सफलता प्राप्त की है। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 74 और प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने कुल 48 सड़कों का विकास किया है। इसके साथ ही सड़कों का सौंदर्यीकरण भी किया गया है। खासतौर पर विभिन्न तरह के पौधों को यहां सजाया गया है, जबकि हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग्स भी की गई है। इन 200 सड़कों पर कुल मिलाकर तीन लाख पौधों को रोपित किया गया है, जबकि एक लाख हॉर्टिकल्चर सैंपलिंग्स को प्लांट किया गया है। इन्हीं सड़कों के माध्यम से श्रद्धालुओं का संगम तक आवागमन सुगम हो सकेगा और उन्हें दिव्य आनंद की अनुभूति प्राप्त होगी। इन सड़कों का निर्माण तीनों विभागों के लिए कतई आसान नहीं रहा है। इसके लिए इन्हें कई तरह की चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। उदाहरण के तौर पर निर्माण के दौरान कई ऐसे स्थल थे, जहां पर एंक्रोचमेंट था जिन्हें हटाया गया है। श्रद्धालुओं के साथ ही प्रयागराज वासियों की सुविधा के लिए निर्मित इन सड़कों के विकास के लिए कुल मिलाकर 4426 एंक्रोचमेंट को ध्वस्त किया गया है। इसी तरह, कई स्थलों पर निर्माण को लेकर कोर्ट केस का भी सामना करना पड़ा है। कुल मिलाकर 82 कोर्ट केसेस को रिजॉल्व किया गया है। वहीं, निर्माण के दौरान 4893 इलेक्ट्रिक पोल्स को भी यहां से शिफ्ट करने में सफलता प्राप्त हुई है। इतना ही नहीं, सड़कों के निर्माण के साथ-साथ 170 किमी. लंबी अंडरग्राउंड केबलिंग भी की गई है।  

Maha Kumbh में 4500 टन लोहे से बना ब्रिज तैयार, श्रद्धालुओं को होगी सहूलिययत… संगम तट पर सीधे पहुंचेंगे

 प्रयागराज महाकुंभ के दृष्टिगत फाफामऊ में सिक्सलेन पुल के विकल्प के रूप में स्टील ब्रिज बनकर तैयार हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस ब्रिज का दो जनवरी को शुभारंभ कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर तैयारी तेजी से चल रही है। अब इस समय मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआइटी) के विशेषज्ञों की पुल की लोड टेस्टिंग का काम कर रही है। लगभग 30 करोड़ रुपये की लागत से यह अस्थायी ब्रिज बनाया गया है। गंगा पर लगभग 1948 करोड़ रुपये की लागत से सिक्सलेन पुल का निर्माण चल रहा था, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। इसलिए लगभग चार माह पहले पुल के विकल्प के रूप में स्टील ब्रिज के निर्माण का निर्णय लिया गया था। लगभग 450 मीटर लंबे दो लेन के इस स्टील ब्रिज में 4500 टन लोहे का प्रयोग हुआ है। इसके लिए तीन किमी का एप्रोच रोड का भी निर्माण कराया गया है। पश्चिमी यूपी के श्रद्धालुओं को होगी सहूलियत स्टील ब्रिज से पश्चिमी यूपी, अयोध्या, गोरखपुर, लखनऊ, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान की ओर से महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को काफी सहूलियत मिलेगी। उन्हें शहर नहीं जाना पड़ेगा। गंगा किनारे रिवर फ्रंट टाइप रोड से ये वाहन सीधे महाकुंभ मेला में प्रवेश कर सकेंगे। पुल का काम देखने मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह व मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी शनिवार को आए थे। मुख्य सचिव ने रायबरेली-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण का भी काम देखा था। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री भी रायबरेली से कार फाफामऊ आ सकते हैं, जहां से स्टील ब्रिज से उनका काफिला गुजरेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री कई अन्य परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। महाकुंभ मेला क्षेत्र में चल तैयारियों का भी वह जायजा लेंगे। इसके बाद प्रयागराज मेला प्राधिकरण के सभागार में समीक्षा बैठक करेंगे। क्यों पड़ी पुल बनाने की जरूरत 26 नवंबर 2020 से गंगा नदी पर 10 किलोमीटर लंबे देश के दूसरे सबसे बड़े 6 लेन ब्रिज को बनाने का काम शुरू हुआ. ये पुल मलाका से शहर के त्रिपाठी चौराहे तक बनाया जा रहा है. इसमें करीब 4 किमी का पुल गंगा नदी पर बनना था. ये पुल NH-19: भदरी गांव (मलाका) से शुरू होकर गंगा नदी पार कर शहर के त्रिपाठी चौराहा तक बन रहा है. शिलान्यास के समय इसकी कुल लागत 980.77 करोड़ रुपए तय की गई थी. पुल की कुल लंबाई 9.9 किलोमीटर है. जर्मन तकनीक केबल और बॉक्सेस से बनने वाले देश के आधुनिकतम पुलों में से एक इस पुल के निर्माण के लिए 3 साल का लक्ष्य तय किया गया था लेकिन ये तय समय मे पूरा नहीं हो पाया. विकल्प के तौर पर बनाया जा रहा ये पुल महाकुंभ-2025 के लिए यह पुल बहुत जरूरी था. वजह गंगा नदी पर बने 50 साल पुराने पुल का जर्जर होना. दूसरा यह कि एक रास्ते से करोड़ों श्रद्धालुओं का संगम तक पहुंचना भी आसान नहीं है. इस पुल को फरवरी 2024 में बनकर तैयार हो जाना चाहिए था लेकिन जब ये पता चला कुंभ मेले तक ये पुल बनकर तैयार नहीं हो पाएगा तो विकल्प के तौर पर इस स्टील ब्रिज को बनाने की योजना तैयार की गई. फिलहाल स्टील के ब्रिज के निर्माण का काम अंतिम चरण में है. एक हफ्ते के अंदर पुल चालू हो जाएगा. हाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पुल का निरीक्षण कर इसे जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं. इस स्टील ब्रिज का निर्माण वही एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है, जो 10 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन ब्रिज का निर्माण कर रही है. 6 लेने ब्रिज समय पर पूरा नहीं हो पाया जिसके बाद कंपनी को कुंभ से पहले विकल्प के तौर पर ये स्टील ब्रिज खड़ा करना पड़ा है. अब तक 98 % तक काम पूरा हो चुका है. 4500 टन के इस ब्रिज की चौड़ाई 16 मीटर है लिहाजा पुल के एक एक पिलर की पुख्ता जांच के बाद ही इसे कार्य में लाया जाएगा. 60 दिन बाद मिट जाएगा पुल का नामों निशान कुंभ खत्म होने के बाद इस पुल को तोड़ दिया जाएगा. अब सवाल उठता है कि पुल को तोड़ने के बाद उसमें लगे 4500 टन लोहे का क्या होगा तो एसपी सिंगला कंपनी के इंजीनियर ने बताया कि काम के बाद सरकार और हमारी कंपनी की सहमति से तय किया जाएगा कि इस लोहे का क्या होगा. कंपनी के लोग कहते हैं कि ये सच है कि जब सिक्स लेन ब्रिज का काम पूरा नहीं हो पाया तो उन्हें विकल्प के तौर पर इसे बनाना पड़ा लेकिन इसको बनाने के पीछे एक मकसद यह भी है कि मेला प्रशासन को पुल के पास बड़ी पार्किंग मिल जाएगी. लखनऊ-अयोध्या समेत पश्चिमी यूपी की तरफ से आने वाली गाड़ियों को इधर ही पार्क किया जाएगा. यहां करीब डेढ़ लाख गाड़ियों को एक साथ पार्क किया जा सकता है. यहां से संगम की दूरी 10 से 12 किमी होगी. श्रद्धालुओं को शाही स्नान और महत्वपूर्ण दिनों पर पैदल ही जाना होगा. इससे पहले गाड़ियों को फाफामऊ पुल से पहले ही रोकने की कोशिश होती थी, उस वक्त इस इलाके में भीषण जाम लग जाता था. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि स्टील ब्रिज अपने आप में अनोखा है. प्रदेश में पहली बार ऐसा हो रहा कि कोई स्टील ब्रिज सिर्फ 2 महीने के लिए बनाया जा रहा. 2 महीने बाद यहां से इस पुल का नामोनिशान मिट जाएगा. उम्मीद की जानी चाहिए कि बगल में बनने वाला सिक्स लेन ब्रिज जल्द आम लोगों को समर्पित किया जाएगा. सिक्सलेन पुल का भी तेजी से चल रहा निर्माण फाफामऊ में गंगा पर सिक्सलेन पुल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। हालांकि इसका काम जुलाई तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 26 नवंबर 2020 को इसका शिलान्यास किया। 9.9 किमी लंबे पुल के लिए 1948 करोड़ रुपये का बजट है। जर्मन टेक्नोलॉजी से सिक्सलेन पुल को केबल और बाक्स के जरिए बनाया जा रहा है। लगभग 3840 मीटर का हिस्सा गंगा नदी और कछार एरिया पर बनना है। इसके लिए 67 पिलर तैयार किए गए।

सपा पार्टी के नेता एसटी हसन ने कहा- शाही जामा मस्जिद के पास अवैध तरीके से बनाई जा रही पुलिस चौकी

मुरादाबाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद एसटी हसन ने गुरुवार को संभल में स्थित शाही जामा मस्जिद के पास बन रही पुलिस चौकी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि मस्जिद वक्फ की संपत्ति है। ऐसी सूरत में उसके पास पुलिस चौकी का निर्माण अवैध है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने पुलिस चौकी के निर्माण की तेजी गति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस गति से पुलिस चौकी का निर्माण किया जा रहा है, उसे लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि प्रशासनिक अधिकारियों का रवैया निष्पक्ष होना चाहिए। चाहिए। लेकिन, वर्तमान में जिस तरह से शाही मस्जिद के बगल में पुलिस चौकी के निर्माण में गतिशीलता दिखाई जा रही है, वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें सूत्रों से पता चला है कि वो वक्फ की संपत्ति है और मैं आप लोगों को बता दूं कि वक्फ की संपत्ति को ना तो बेचा जा सकता है और ना ही खरीदा जा सकता है। वक्फ की संपत्ति पर किसी भी प्रकार का कब्जा अस्वीकार्य है। वहां पर अवैध तरीके से पुलिस चौकी बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि हमें आगे इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का भी रुख करना पड़ सकता है। मैं एक बात कह देना चाहता हूं कि अगर ऐसा हुआ, तो कुछ लोगों को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों को अवैध रूप से किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं कराना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस चौकी के निर्माण में 50 लोग एक साथ काम कर रहे हैं, जिसे लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को यह शोभा नहीं देता है कि वो पुलिस की वर्दी में काम करें। पुलिस प्रशासन को अपने रवैए से इस तरह का संदेश नहीं देना चाहिए कि वो किसी विशेष समुदाय से जुड़े लोगों के लिए काम कर रही है। पुलिस प्रशासन हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी लोगों का है। हमारे समाज में किसी भी को ऐसा नहीं लगना चाहिए कि मौजूदा प्रशासन से हमें इंसाफ नहीं मिल सकता।

‘निक्षय मित्र’ वरिष्ठ नागरिक ‘टीबी उन्मूलन’ के प्रयासों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगे: सीएम योगी

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेवानिवृत्त हो चुके आईएएस, आईपीएस, पूर्व कुलपतियों/शिक्षाविदों व अन्य वरिष्ठ नागरिकों को‘निक्षय मित्र’ की बड़ी जिम्मेदारी दी है।‘निक्षय मित्र’ के रूप में यह वरिष्ठ नागरिक ‘टीबी उन्मूलन’ के प्रयासों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए सहयोग करेंगे। गुरुवार को मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सभी के साथ बैठक की और टीबी मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग का आह्वान किया। स्वस्थ भारत से ही समर्थ भारत का निर्माण संभव हैः योगी विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त आईएएस, आईपीएस और पूर्व कुलपतियों को प्रधानमंत्री मोदी के ‘टीबी मुक्त भारत’ के संकल्प के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्वस्थ भारत से ही समर्थ भारत का निर्माण संभव है और जब भारत समर्थ होगा तभी शक्तिशाली होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2030 तक विश्व को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा था, जिसे मिशन मोड में लेते हुए प्रधानमंत्री ने भारत के लिए वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि विश्व में सबसे अधिक टीबी रोगी भारत मे हैं और भारत को टीबी मुक्त करने के लिए सबसे बड़ी आबादी के राज्य उत्तर प्रदेश में टीबी उन्मूलन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में टीबी रोगियों की जाँच पहले के मुकाबले चार गुना हो गई है। नैट एवं एक्सरे मशीनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रदेश में टीबी उपचार की सफलता दर पिछले चार वर्षों में 79 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत हो गई है। ‘प्रदेश की 1372 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया’ टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में जनभागीदारी के महत्व पर चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि अब तक 45 हजार से अधिक नि:क्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को गोद लिया गया है और प्रदेश की 1372 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। उन्होंने सभी से सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी ने लंबे समय तक समाज के बीच कार्य किया है। सभी सुदीर्घ अनुभव रखते हैं। अब सेवानिवृत्ति के बाद आप सभी इस राष्ट्रीय मिशन में सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सबका साझा दायित्व है कि कोई भी टीबी का रोगी छूटने न पाये और जिनको भी टीबी से ग्रसित पाया जाये, उनको तत्काल सही और निरंतर चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जाये। उनको अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराया जाए और कोई न कोई नि:क्षय मित्र उनसे जुड़कर उनका सहारा बने। इसके साथ ही उनके परिवार के शेष सदस्यों की भी जांच कराकर उचित चिकित्सा परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया जाए। ‘टीबी रोगी को सम्मान प्रदान कराना हमारी प्राथमिकता’ मुख्यमंत्री ने कहा कि टीबी रोगी समाज का अंग हैं, समाज में उनको सम्मान प्रदान कराया जाना, हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए। निक्षय मित्र के रूप में सभी सेवानिवृत्त आईएएस/आईपीएस और पूर्व कुलपतियों टीबी मरीजों को गोद लें, उन्हें उपचार के बारे में जानकारी दें और समुचित सहायता उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के लापता रोगियों को खोजना, टीबी की मृत्यु दर को कम करना एवं स्वस्थ व्यक्तियों को टीबी के संक्रमण से बचाना है। प्रदेश को टीबी मुक्त करने के लिए प्रदेश सरकार पूर्णत: प्रतिबद्ध है और प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी अति आवश्यक है।

बुलडोजर पर निशाना साधते हुए इस पोस्टर पर लिखा गया है ‘सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में: अखिलेश यादव

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेता रंजीत सिंह द्वारा नए साल की शुभकानाएं देने के लिए एक पोस्टर लगाया गया है। यह पोस्टर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवास के पास लगाया गया है। इस पोस्टर पर अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ-साथ डॉक्टर बी.आर अंबेडकर की तस्वीर भी है। साथ ही बुलडोजर पर निशाना साधते हुए इस पोस्टर पर लिखा गया है ‘सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में।’ बीजेपी के पोस्टर पर सपा का पलटवार नए साल के अवसर पर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच पोस्टर वॉर शुरू हो गई है। नए साल के मौके पर बीजेपी दफ्तर के बाहर एक पोस्टर लगाया गया था। जिसपर लिखा था, ” चरखे से क्रांति आई, बुलडोजर से शांति आई।”  इस पोस्टर के जवाब में अब सपा ने एक पोस्टर जारी कर बुलडोजर पर निशाना साधते  हुए लिखा, “सपा के राज में बुलडोजर जाएगा गैराज में. बुलडोजर में नहीं रह गया कोई दम, साइकिल दिखाएगी 27 में दम।” उपचुनाव से ही जारी है पोस्टर वॉर दोनों पार्टियों के पोस्टर को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। ये पहला मौका नहीं है जब दोनों पार्टियों के बीच पोस्टरबाजी देखने को मिल रही है। गौरतलब हो कि उपचुनाव के समय से ही सपा और भाजपा में पोस्टर वॉर छिड़ी हुई है। पोस्टर की ये सियासी जंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बंटेंगे तो कटेंगे वाले बयान से शुरू हुई थी। जिसके बाद दोनों पार्टियों की सियासत तेज हो गई थी। अब एक बार फिर बुलडोजर को लेकर दोनों में सियासत गरमा रही है।

चंदन हत्याकांड में 28 आरोपी दोषी ठहराए गए। दो आरोपी संदेह का लाभ देकर बरी किए, कोर्ट सजा के लिए नई डेट दे सकता है

लखनऊ लखनऊ एनआईए कोर्ट ने कासगंज के चर्चित चंदन गुप्ता हत्याकांड में फैसला सुना दिया है। चंदन हत्याकांड में 28 आरोपी दोषी ठहराए गए। दो आरोपी संदेह का लाभ देकर बरी किए गए। सजा के प्रश्न पर सुनवाई होनी है। हो सकता है कि कोर्ट सजा के लिए कोई नई डेट दे। अभियोजन पक्ष के विशेष अधिवक्ता के मुताबिक 26 जनवरी 2018 को कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुए विवाद में चंदन गुप्ता उर्फ अभिषेक गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की रिपोर्ट पिता सुशील गुप्ता ने 26/27 जनवरी की रात 12:17 बजे कासगंज थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक गणतंत्र दिवस के मौके पर निकाली गई तिरंगा यात्रा में चंदन उर्फ अभिषेक गुप्ता अपने भाई विवेक गुप्ता तथा अन्य साथियों के साथ शामिल था। आरोप लगाया कि जुलूस तहसील रोड होते हुए जैसे ही राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के गेट के सामने पहुंचा तभी हथियारों से लैस होकर योजना बद्ध तरीके से पहले से घात लगाए सलीम, वसीम व नसीम पुत्रगण बरकतुल्लाह उर्फ बरकी तथा जाहिद उर्फ जग्गा, आसिफ कुरैशी उर्फ हिटलर,असलम कुरैशी, असीम कुरैशी, नसीरुद्दीन, अकरम, तौफीक,खिल्लन, शबाब राहत, मो. नवाब मोहसिन, आसिफ जिम वाला, साकिब, बबलू, नीशू व वासिफ तथा अन्य लोगों ने रास्ता घेरकर रोक लिया तथा हाथों से तिरंगा छीनकर जमीन पर फेंकते हुए पाकिस्तान जिंदाबाद व हिंदुस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए हथियार तानकर धमकी दी कि अगर इस रोड से निकलना है तो पाकिस्तान जिंदाबाद कहना होगा। अदालत कोई यह भी बताया गया कि जब चंदन व अन्य लोगों ने इसका विरोध किया तो सभी लोगों ने जान से मारने की नीयत से पथराव व फायरिंग करना शुरू कर दिया। आरोपी सलीम ने चंदन को निशाना बनाकर गोली मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया तथा आरोपियों की फायरिंग से अन्य कई लोग भी घायल हुए। चंदन को उसका भाई विवेक किसी तरह से जान बचाते हुए पहले थाना कासगंज गया फिर वहां से इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल ले गया जहां पर डॉक्टरों ने चंदन को मृत घोषित कर दिया। इस मामले की स्थानीय पुलिस द्वारा विवेचना प्रारंभ की गई थी लेकिन घटना की गंभीरता एवं राष्ट्र विरोधी कृत्यों को देखते हुए आगे की विवेचना एनआईए को सौंप दी गई थी। दो आरोप पत्र में 30 आरोपियों पर चला मुकदमा एनआईए ने पहला आरोप पत्र 26 अप्रैल 2018 को दाखिल किया। इसमें सलीम, वसीम, नसीम, बबलू, नसरुद्दीन, अकरम, तौफीक, मोहसिन, राहत, सलमान, आसिफ,नीशू,खिल्लन, वासिफ, इमरान, शमशाद, जफर,शाकिव खालिद, फैजान, इमरान,साकिर, अजीजुद्दीन एवं जाहिद उर्फ जग्गा को आरोपी बनाया गया। दूसरे पूरक आरोप पत्र में आसिफ कुरेशी उर्फ हिटलर, असीम कुरैशी,शवाव, साकिब, असलम कुरैशी, मुनाजिर एवं आमिर रफी को आरोपी बनाया गया है। मुकदमे के विचारण के दौरान अजीजुद्दीन की मृत्यु हो गई। जिसके कारण 30 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा चलाया गया। इन आरोपों में चला मुकदमा विशेष अदालत में सभी आरोपियों के विरुद्ध बलवा, नाजायज मजमा, ईट पत्थर फेंककर चोट पहुंचाना, जानलेवा हमले का प्रयास करना, हत्या, गाली गलौज, जान माल की धमकी तथा देशद्रोह एवं राष्ट्रीय ध्वज अपमान निवारण अधिनियम के आरोप तय करते हुए विचारण किया गया है। कुल 12 गवाह पेश किए गए। जिनमें मृतक के पिता सुशील कुमार गुप्ता के अलावा चश्मदीद भाई विवेक गुप्ता एवं सौरभ पाल विशेष रूप से पेश किए गए। जिन्होंने आरोपियों के विरुद्ध चश्मदीद गवाही दी है।

दरसे में चलता था नकली नोट का कारखाना, यूट्यूब से सीखा बनाना, पांच बीवियों का पति है गिरोह का सरगना

    लखनऊ उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती (Shravasti) में एक मदरसे में नकली नोट छापने का मामला सामने आया है. यहां मदरसा संचालक मुबारक अली उर्फ नूरी ने यूट्यूब से नकली नोट छापने का तरीका सीखा और नोट छापने लगा. इस मामले की भनक लगी तो पुलिस ने छापेमारी कर दी. पुलिस ने मदरसे से प्रिंटर, लैपटॉप, स्याही, 34,500 के नकली नोट और अवैध हथियार बरामद किए हैं. इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि मदरसा संचालक की पांच बीवियां हैं, जिनमें एक मदरसे में पढ़ाती है. जानकारी के अनुसार, श्रावस्ती के मदरसे में नकली नोट छापने का धंधा चल रहा था. पुलिस का कहना है कि मदरसा संचालक ने यूट्यूब पर नकली नोटों को छापने का तरीका सीखा था. नकली नोट छापने के इस गिरोह का सरगना मुबारक अली उर्फ नूरी है, जो मल्हीपुर के गंगापुर स्थित मदरसे का प्रबंधक भी है. आरोपी मदरसा संचालक नकली नोट छापकर स्थानीय बाजार में चलाता था. पकड़े गए मदरसा संचालक की पांच बीवियां थीं, एक बीवी इस मदरसे में पढ़ाती थी, जबकि एक घर में रहती थी. इसी के साथ तीन बीवियां और बताई जा रही हैं, लेकिन उनके बारे में ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है. दरअसल, मल्हीपुर में नकली नोटों के छापे जाने की जानकारी मिली थी. इसके बाद पुलिस फैजुरनबी मदरसे में छापा मारा, जहां से प्रिंटर, लैपटॉप, स्याही और 34000 से ज्यादा के नकली नोट के साथ ही असलहे भी बरामद किए. इस दौरान दो आरोपी मदरसे से और तीन आरोपी अन्य जगह से गिरफ्तार किए गए. पुलिस का कहना है कि तीन आरोपी चेकिंग के दौरान नकली नोट और तमंचे के साथ पकड़े गए हैं. नकली नोट बनाने के धंधे में मदरसे का प्रबंधक शामिल था. इस पूरे गिरोह का सरगना भी वही था. 34500 के नकली नोट मिले हैं. वहीं 15000 के असली नोट बरामद हुए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में दो श्रावस्ती के रहने वाले हैं, वहीं तीन बहराइच जिले के रहने वाले हैं. पुलिस को अनुमान है कि नकली नोट बनाने का ये धंधा वर्षों से चल रहा था. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है.  

श्रद्धालुओं के लिए होंगे ‘हाईटेक इंतजाम’, छह मोटर हाउसबोट का किया गया इंतजाम, बच्चों-बुजुर्गों को देंगे बड़ी राहत

प्रयागराज   महाकुंभ में श्रद्धालुओं को संगम तट पर हाईटेक हाउसबोट और आधुनिक आइसोलेटेड चेंजिंग रूम बड़ी राहत देंगे। हाउसबोट तट से संगम जाएंगे। जहां बोट के अंदर बने एंक्लोज्ड एरिया में श्रद्धालु सीढ़ी की मदद से नीचे उतरेंगे और संगम में डुबकी लगाएंगे। हाईटेक हाउसबोट की यह सुविधा बच्चों और बुजुर्ग के लिए कारगर साबित होगी। साथ ही साथ उन लोगों के लिए भी जो लोग पानी में उतरने से डरते हैं। छह मोटर हाउसबोट का किया गया इंतजाम आपको बता दें संगम के तट पर श्रद्धालुओं के लिए खास हाउसबोट का इंतजाम मेला प्रशासन ने किया है। मेला प्रशासन की तरफ से छह मोटर हाउसबोट का इंतजाम किया गया है। जिसमें कई तरह की आधुनिक सुविधा रहेगी। यह सभी हाउसबोट किसी भी कोने में जा सकती हैं। मतलब की घाट के किनारे से श्रद्धालुओं को बैठना होगा उसके बाद यह हाउसबोट मोटर की मदद से संगम तक पहुंचेगी। हाइटेक हाउसबोट में श्रद्धालुओं को सोफा सेट और चेंजिंग रूम भी मिलेगा। जिसमें श्रद्धालु डुबकी लगाने के बाद कवर्ड चेंजिंग रूम में कपड़े पहन सकेंगे। 144 आइसोलेटेड चेंजिंग रूम बनकर तैयार हाउसबोट के मैनेजर हर्ष अग्रवाल बताते हैं कि फिलहाल हाउसबोट का रेट डिसाइड नहीं किया गया है, लेकिन सबसे ज्यादा मदद उन श्रद्धालुओं को मिलेगी जिनको नदी में जाने से डर लगता है। वह सुरक्षित बैठकर संगम में जाकर डुबकी लगा सकते हैं। इसके साथ ही 144 आइसोलेटेड चेंजिंग रूम भी तैयार किए गए हैं। जो पहली बार संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए हैं। यह चेंजिंग रूम अंदर से गर्म रहेंगे और श्रद्धालुओं को बड़ी राहत देंगे। महिलाओं को खास ध्यान में रखते हुए इन चेंजिंग रूम को बनाया गया है।

‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’ में यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा भी होगी, मिलेगी आवश्यक जानकारी

प्रयागराज  महाकुम्भ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं के सुगम और आरामदायक सफर के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष प्रबंध किए हैं। रेलवे की ये पहल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और समय की बचत करने के उद्देश्य से की गई है। कुम्भ रेल सेवा ऐप महाकुम्भ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं का स्मार्ट साथी उत्तर मध्य रेलवे ने महाकुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की है – ‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’। इस ऐप का उद्देश्य महाकुंभ मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को रेलवे से जुड़ी सभी जानकारी एक ही स्थान पर प्रदान करना है। यह ऐप यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल संसाधन होगा, जो उनकी यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।   यात्रियों को मिलेगी सभी आवश्यक जानकारी ‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’ के माध्यम से यात्रियों को महाकुंभ से जुड़ी सारी आवश्यक जानकारी एक ही स्थान पर मिल सकेगी। इसमें ट्रेनों की समय-सारणी, टिकट बुकिंग, स्टेशन से मेला क्षेत्र तक पहुंचने के मार्ग, और रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी शामिल होगी। इसके अलावा, ऐप में महाकुंभ के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी भी दी जाएगी, जिससे श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना बेहतर तरीके से बना सकेंगे।   आपातकालीन सेवाएं और सुरक्षा की व्यवस्था महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में सुरक्षा और आपातकालीन सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। इस ऐप में आपातकालीन संपर्क नंबरों की जानकारी भी उपलब्ध होगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में यात्री तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, आरपीएफ द्वारा रेलवे स्टेशनों और मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यात्रियों को सभी आवश्यक जानकारी प्रदान की जाएगी, जिससे वे सुरक्षित रूप से अपनी यात्रा पूरी कर सकें।   विशेष सुविधाएं और डिजिटल टिकट बुकिंग ‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’ में यात्रियों के लिए ट्रेन टिकट बुकिंग की सुविधा भी होगी, जिससे वे ऐप के माध्यम से सीधे टिकट बुक कर सकेंगे। यह सुविधा यात्रियों के लिए बहुत सहायक होगी, क्योंकि उन्हें अलग से काउंटर या वेबसाइट पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, ऐप में रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी दी जाएगी, जैसे वेटिंग रूम, रेस्ट रूम, फूड स्टॉल्स, पीने के पानी की व्यवस्था और सफाई जैसी सुविधाएं।   हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध जानकारी यात्रियों की सुविधा के लिए इस ऐप को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा संबंधी कोई परेशानी न हो। इसके माध्यम से वे अपनी यात्रा को बेहतर तरीके से योजना बना सकेंगे और ऐप का पूरा लाभ उठा सकेंगे।   महाकुंभ से जुड़ी तस्वीरें और ऐतिहासिक जानकारी इस ऐप में महाकुंभ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और तस्वीरें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें अतीत के महाकुंभ के फोटो गैलरी, महाकुंभ के इतिहास, आयोजनों और धार्मिक महत्व की जानकारी भी दी जाएगी। इससे श्रद्धालु महाकुंभ के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को बेहतर समझ सकेंगे।   उत्तर मध्य रेलवे का यह प्रयास श्रद्धालुओं की यात्रा को आसान, सुरक्षित और आरामदायक बनाने में मदद करेगा। ‘कुम्भ रेल सेवा ऐप’ महाकुंभ 2025 के आयोजन को एक नया डिजिटल दृष्टिकोण प्रदान करेगा, जिससे यात्रियों को पूरी यात्रा के दौरान आवश्यक जानकारी और सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।

नए साल में घट गया ट्रेनों का किराया, पांच साल बाद पैसेंजर ट्रेनों को उनके पूर्व के नंबर से चलाया जाएगा

मेरठ नए साल के पहले दिन से दैनिक यात्रियों को पैसेंजर ट्रेनों के किराये में राहत मिलेगी। पांच साल बाद पैसेंजर ट्रेनों को उनके पूर्व के नंबर से चलाया जाएगा। एक जनवरी 2025 से उत्तर रेलवे ने 551 ट्रेनों के नंबर बदलने का निर्णय लिया है, जिसमें 11 ट्रेनें वाया मेरठ या मेरठ से संचालित होने वाली हैं। अभी तक इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को एक्सप्रेस ट्रेनों का किराया देना पड़ रहा था। वर्तमान में मेरठ से नई दिल्ली का किराया 45 रुपये है। पुराने नंबरों से चलने से पूर्व की तरह पैसेंजर ट्रेन का किराया लिया जाएगा। जिसके तहत किराया लगभग 20 रुपये हो जाएगा। कोरोना काल में पैसेंजर और मेमू ट्रेनों का संचालन स्पेशल ट्रेन के रूप में किया गया था। पैसेंजर ट्रेनों के नंबर का पहला अक्षर पांच और मेमू ट्रेनों का पहला अक्षर छह हटा कर शून्य लगा दिया गया था। स्पेशल ट्रेन के रूप में संचालित करने से पैसेंजर ट्रेनों का किराया एक्सप्रेस ट्रेन का लिया जा रहा था। एक जनवरी 2025 से ट्रेनों का संचालन पुराने नंबर से होगा। वाया मेरठ और मेरठ से चलने वाली चार ट्रेनें मेमू व सात पैसेंजर हैं।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet