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ऑनलाइन होगा सारा डाटा, एक क्लिक में सीधे खाते में आएंगे पैसे, अब नहीं रुकेगी बच्चों की पढ़ाई!

कानपुर बाल सेवा योजना का पोर्टल बनाया जा रहा है। सभी डाटा ऑनलाइन हो जाएगा। अभी मैनुअल तरीके से लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी जाती है। डाटा ऑनलाइन होने पर लखनऊ मुख्यलाय से प्रदेशभर के सभी लाभार्थियों के खाते में एक साथ धनराशि भेजने की सुविधा रहेगी। पूरी व्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी। यह सुविधा इसी माह के आखिर तक चालू करने की तैयारी है। बाल सेवा योजना और स्पांसरशिप योजना का ब्योरा अभी तक ऑफलाइन है। इस कारण मैनुअल तरीके से लाभार्थियों के खातों में धनराशि भेजी जाती है। इसके लिए अलग-अलग बिल बनाने पड़ते हैं। डाटा संग्रह में भी दिक्कत रहती है। लाभार्थी के बारे में किसी तरह की जानकारी में काफी समय लगता है। इसी माह के आखिर तक बन जाएगा पोर्टल अब इन दोनों योजना का इसी माह के आखिर तक पोर्टल बन जाएगा। इस पर सभी डाटा अपलोड होगा। बाल सेवा योजना में शहर में 189 और स्पांरशिप योजना में 1075 लाभार्थी हैं। पिता या मां अथवा दोनों के निधन पर बच्चों को पढ़ाई के लिए धनराशि दी जाती है। बाल सेवा योजना में ढाई हजार और स्पांसरशिप योजना में चार हजार रुपये प्रतिमाह पढ़ाई के लिए दिए जाते हैं। जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह का कहना है कि इन दोनों योजना का पोर्टल इसी माह तैयार होने की उम्मीद है। इसके बाद कई तरह की दिक्कतें दूर हो जाएंगी। डीएम ने पात्र बच्चे चिह्नित करने के लिए कहा जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न हो। किसी भी बच्चे के पिता, मां या दोनों के निधन के बाद पढ़ाई प्रभावित हुई है तो ऐसे बच्चे चिह्नित किए जाएं। बीएसए और डीआइओएस को पत्र लिखकर ऐसे बच्चे चिह्नित करने के लिए कहा है जिनके पिता या मां का निधन होने पर वह पढ़ाई न कर पा रहे हो। इन्हें इन दोनों योजनाओं के तहत पढ़ाई के लिए धनराशि दिलाई जाएगी।

UP के जिलों से आने लगी रिपोर्ट, धार्मिक नाम पर आवंटित वक्फ संपत्तियों पर बने हैं मकान-दुकान

लखनऊ यूपी के जिलों से जिलाधिकारियों ने धीरे-धीरे वक्फ संपत्तियों की जानकारी शासन को भेजनी शुरू कर दी है। शासन को अब तक मिली जिलों की रिपोर्ट के मुताबिक धार्मिक, शैक्षिक कामों और कब्रिस्तान के लिए दी गई 761 से अधिक संपत्तियों पर घर और दुकानें बना दी गई हैं। शासन ने जिलाधिकारियों से वक्फ संपत्तियों के बारे में पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसमें पूछा गया है कि वक्फ की संपत्तियों का आवंटन के बाद मनमाना इस्तेमाल किया जा रहा है। जिलाधिकारियों से अपने-अपने जिलों में स्थित वक्फ संपत्तियों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश भर में वक्फ संपत्तियों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। शासन को करीब 2528 वक्फ संपत्तियों की रिपोर्ट मिली है। इनमें 761 संपत्तियां ऐसी हैं जिनका उपयोग किन्हीं और कार्यों में किया जा रहा है। 25 संपत्तियों को वक्फ संपत्तियां घोषित करने के मामला अदालत में चल रहा है। चंदौली की 15 और मुजफ्फरनगर की चार, बाराबंकी, हमीरपुर, झांसी, कासगंज, लखीमपुर खीरी व सिद्धार्थनगर की एक-एक संपत्तियां हैं। अंबेडकरनगर में 15 संपत्तियों का सही और 15 का उपयोग दूसरे कार्यों में हो रहा है। अमेठी में छह का उपयोग सही और छह का उपयोग दूसरे, इटावा में 11 का सही और 11 का गलत, गौतमबुद्ध नगर में एक-एक, हमीरपुर में चार का सही और एक का गलत उपयोग हो रहा है। अमरोहा में पांच का सही एक का गलत उपयोग हो रहा है। बागपत में 44 का सही चार का गलत, बाराबंकी में 21 में से तीन संपत्तियों का उपयोग दूसरे कार्यों में किया जा रहा है। इसी प्रकार झांसी में 20 में से एक संपत्ति का उपयोग दूसरे कार्य में किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, आगरा, बस्ती, उन्नाव, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत में भी गड़बड़ियां मिली हैं।

योगी सरकार प्रदेश के दो लाख से अधिक युवाओं को अग्नि सुरक्षा कर्मी के पद पर तैनाती के अवसर उपलब्ध कराएगी

लखनऊ योगी सरकार पिछले आठ वर्षों में प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए नए-नए अवसर प्रदान कर रही है। इसी क्रम में योगी सरकार प्रदेश के दो लाख से अधिक युवाओं को अब अग्निशमन विभाग द्वारा प्रशिक्षण के बाद निजी संस्थानों में अग्नि सुरक्षा अधिकारी और अग्नि सुरक्षा कर्मी के पद पर तैनाती के अवसर उपलब्ध कराएगी। इसके लिए सीएम योगी के निर्देश पर विभाग ने कार्ययोजना तैयार कर ली है। इन युवाओं को ट्रेनिंग के बाद प्रदेश के मॉल, हॉस्पिटल, स्कूल और बड़े व्यावसायिक भवनों में नौकरी के अवसर उपलब्ध होंगे। योगी सरकार की यह पहल एक ओर जहां प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ेगी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश को अधिक सुरक्षित, सजग और समय रहते आपदा से निपटने में सक्षम बनाएगी। इसी के साथ उत्तर प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य बन जाएगा, जहां युवाओं को अग्निशमन का प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। अग्निशमन विभाग की एडीजी पद्मजा चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश के निजी भवनों में सिक्याेरिटी गार्ड की तरह अनिवार्य रूप से अग्नि सुरक्षा अधिकारी और अग्नि सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके लिए योग्यता के मानक भी तय कर लिए गए हैं। विभाग द्वारा प्रदेश के इच्छुक युवाओं को एक हफ्ते से लेकर चार हफ्ते की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद उन्हें विभाग द्वारा सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा, फिर प्रदेश के निजी भवनों जैसे मॉल, मल्टीप्लेक्स, 100 या उससे अधिक बेड की क्षमता वाले हॉस्पिटल, 24 मीटर से अधिक ऊंचाई के गैर आवासीय भवन, 45 मीटर से अधिक ऊंचाई के आवासीय भवन, 10,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले औद्योगिक भवनों में नौकरी के अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने केंद्र सरकार के ‘मॉडल फायर सर्विस बिल- 2019’ को स्वीकार करते हुए ‘उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम- 2022’ लागू किया है। इस अधिनियम के तहत निजी भवनों में प्रशिक्षित अग्नि सुरक्षा अधिकारियों के साथ अग्नि सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अनिवार्य है। इन भवनों में अग्नि सुरक्षा अधिकारियों और अग्नि सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने वाला देश का पहला राज्य उत्तर प्रदेश बन जाएगा। एडीजी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लागू ‘उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा अधिनियम- 2022’ और ‘अग्निशमन नियमावली- 2024’ देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श बन चुकी है। अन्य राज्य इस मॉडल का अध्ययन कर रहे हैं और अपने यहां इसी तरह की व्यवस्था लागू करने की दिशा में प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि इच्छुक युवाओं को प्रशिक्षण देने के लिए अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ अत्याधुनिक उपकरणों का गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के लिए उन्नाव स्थित ट्रेनिंग सेंटर की क्षमता 196 से बढ़ाकर 600 किए जाने का कार्य प्रगति पर है। रीजनल ट्रेनिंग सेंटरों की स्थापना का भी लक्ष्य है, जिससे आम नागरिकों और विभिन्न कंपनियों और संस्थाओं के कर्मियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त हो सके। विभिन्न श्रेणियों के भवनों के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हता और अनुभव प्राप्त महिला-पुरुष, जिसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष हो, अपने जनपद के किसी भी फायर स्टेशन पर एक सप्ताह के अनुकूलन/प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद फायर सेफ्टी ऑफिसर हो सकेगा। इसी प्रकार अग्नि सुरक्षा कर्मी के लिए कक्षा-10 उत्तीर्ण कोई भी महिला या पुरुष, किसी फायर स्टेशन से 4 सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त करके या अग्नि सचेतक/फायर वॉलंटियर के रूप में लगातार 2 वर्ष तक पंजीकृत रहकर योगदान देने के बाद अग्नि सुरक्षा कर्मी बन सकेगा।

दुल्हन ने रिश्ता तय होने के बाद दूल्हे से कहा- वह शेरवानी पहनकर आए, बताने के बाद भी दो-दो गलतियां कर बैठा दूल्हा

औरैया यूपी के औरैया के एक गेस्ट हाउस में उस समय अफरा-तफरी मच गई मच गई जब एक दूल्हा बताने के बाद भी दो-दो गलतियां कर बैठा। दुल्हन ने रिश्ता तय होने के बाद दूल्हे से कहा था कि वह शेरवानी पहनकर आए, लेकिन कोर्ट पैंट पहनकर चला गया। ये देखते ही दुल्हन का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। दुल्हन का मूड खराब था। जयमाल का कार्यक्रम शुरू हो तो दूल्हा वरमाला लाना ही भूल गया। हालांकि लड़के वालों ने वरमाला की आनन-फानन में व्यवस्था कर ली। इसके बाद भी दुल्हन का मूड ठीक नहीं हुआ और अचानक से शादी न करने की घोषणा कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद की स्थिति में किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। भोर तक दोनों पक्षों के बीच समझौते के प्रयास होते रहे। मगर बात नहीं बनी। तय रकम देने के बाद दुल्हा व उसके घर वाले घर जा पाए। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र से एक बारात बीती रात औरैया कोतवाली के एक गेस्ट हाउस में आई थी। दूल्हा और उसका परिवार दिल्ली में रहता है। शादी तय होने के बाद परिवार शादी के लिए यहां आया था। दूल्हा बाराती भी कम ले गया था। चर्चा है कि दुल्हन ने दूल्हे से शेरवानी पहनकर आने को कहा था। मगर दूल्हा कोट पैंट पहनकर पहुंच गया। इससे दुल्हन नाराज थी। जयमाल के पहले ही दूल्हे के पिता ने शराब पी ली। इसकी जानकारी होने पर दुल्हन व उसके घर वाले नाराज हो गए। मगर रिश्तेदारों के समझाने बुझाने के बाद शांत हो गए। जयमाल के समय जब दूल्हा दुल्हन स्टेज पर पहुंचे। तब फोटो सेशन के बाद जयमाल की बारी आई तब पता चला कि दूल्हा वरमाला लाना ही भूल गया है। हालांकि, आनन फानन में दूल्हा पक्ष के लोगों ने वरमाला की व्यवस्था थोड़ी ही देर में कर ली। मगर इस बार दुल्हन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उसने शादी से इंकार कर दिया। इससे दोनों ही पक्षों में अफरातफरी मच गई। काफी समझाने बुझाने के बाद भी दुल्हन शादी के लिए तैयार नहीं हुई। तब कन्या पक्ष के लोग भी उसके समर्थन में आ गए। वर व कन्या पक्ष में शादी को लेकर विवाद होने लगा। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। और दोनों पक्षों को बैठाकर समझौते का प्रयास किया। मगर बात नहीं बनी। भोर तक दूल्हा व उसके पिता कोतवाली में बैठे रहे। समझौते में तय रकम ढाई लाख रुपये देने के बाद दूल्हे व उसके पिता को जाने दिया गया।

‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के तहत अब 51 हजार नहीं बल्कि एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी: यूपी सरकार

लखनऊ उत्तर प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के तहत शादी करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी खबर है। इस योजना के तहत गरीब और जरूरतमंद लोगों के बच्चों की शादी कराई जाती है। शादी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाती है। लेकिन, अब सहायता राशि बढ़ा दी गई है। अब मिलेंगे इतने रुपये यूपी सरकार ने फैसला किया  है कि ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के तहत अब 51 हजार नहीं बल्कि एक लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। सरकार के इस फैसले से उन लोगों को फायदा होगा, जो आर्थिक तंगी के कारण अपनी बेटियों की शादी में मुश्किल झेल रहे हैं। एक लाख दी धनराशि से लोगों को काफी राहत मिलेगी। इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हें मिलेगा जो यूपी के निवासी हैं और जिनकी सालाना पारिवारिक आय सरकारी मानकों के अनुसार निर्धारित सीमा में आती हो। इस योजना से ये है सरकार का मकसद इस योजना से सरकार का मकसद साफ है, हर बेटी की शादी सम्मान और खुशी से हो, चाहे परिवार की आर्थिक हालत जैसी भी हो। योजना के तहत दी जाने वाली ये सहायता राशि में से 75,000 रुपये नगद कन्या के बैंक अकाउंट में जमा होंगे। 15 हजार रुपये विवाह आयोजन पर मिलेगे और 10 हजार रुपये का जरुरी सामान मिलेगा। जरुरी सामान में जैसे कपड़े, बर्तन और उपहार दिए जाएंगे। ऐसे कर सकते है रजिस्ट्रेशन अगर आप शादी कर रहे है तो अभी रजिस्ट्रेशन करा सकते है। रजिस्ट्रेशन करने के लिए सबसे पहले समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां पर योजना के तहत ऑनलाइन फॉर्म भरना है। डॉक्युमेंट अपलोड करने के बाद विवाह की तारीख चुनें और अपना फॉर्म जमा करें। इसके बाद दस्तावेज जांच होगी और योग्य पाए जाने पर आवेदकों को तय तिथि पर विवाह समारोह में शामिल किया जाएगा। विवाह होने के बाद सहायता राशि दी जाएगी।

‘मैं समलैंगिक हूं, अब तक 150 से अधिक पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बना चुका हू, अब परेशान हू, बहार निकलना चाहता हू

मथुरा वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज  के दरबार में दूर-दूर से लोग अपनी मन की बातें लेकर आते हैं। कोई आध्यात्मिक समाधान की खोज में आता है, तो कोई जीवन की उलझनों को सुलझाने की उम्मीद लेकर। हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जिसने महाराज के सामने एक ऐसी आपबीती रखी, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को कुछ देर के लिए चौंका दिया। एक युवक महाराज से मिलने उनके दरबार पहुंचा और खुलकर अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि वह समलैंगिक है और अब तक 150 से अधिक पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बना चुका है। उसकी आवाज़ में पछतावे और मानसिक उलझन की झलक साफ दिख रही थी। उसने कहा कि वह अब इस जीवन से बेहद परेशान और दुखी हो चुका है और इससे बाहर निकलना चाहता है। प्रेमानंद महाराज ने उसकी बात ध्यान से सुनी और फिर उसे जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो उसने खुद पैदा की हो, बल्कि यह एक संस्कार है जो मन में गहराई तक बैठा हुआ है। उन्होंने इसे एक मानसिक प्रभाव बताते हुए कहा कि व्यक्ति को चाहिए कि वह इस संस्कार से बाहर निकलने की कोशिश करे, न कि उसमें पूरी तरह डूब जाए। महाराज ने युवक को समझाया कि जीवन हमें आंतरिक संघर्षों से लड़ने और उन्हें जीतने के लिए मिला है, न कि किसी एक प्रवृत्ति या आदत में समर्पित होकर खो जाने के लिए। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई अपने भीतर की लड़ाई से हार जाता है, तो समाज में उसकी छवि भी कमजोर हो सकती है। यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग इस मुद्दे पर तरह-तरह की राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे आत्मस्वीकृति का साहसिक कदम मानते हैं, तो कुछ इसे मानसिक और सामाजिक संघर्ष का उदाहरण बता रहे हैं। वृंदावन जैसे धार्मिक और पारंपरिक स्थान पर एक व्यक्ति द्वारा अपनी समलैंगिकता को स्वीकारना और समाधान की तलाश में संत के पास आना, आज के समाज में बदलती सोच, संघर्ष और आत्म-खोज की जटिलताओं को भी उजागर करता है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला- स्वेच्छा से शादी करने वाले जोड़ों को समाज का सामना करना सीखना होगा

प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि स्वेच्छा से शादी करने वाले जोड़ों को समाज का सामना करना सीखना होगा। सिर्फ भागकर शादी करने के आधार पर सुरक्षा नहीं दी जा सकती। उन्हें यह साबित करना होगा कि उनके जीवन और स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा है। न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव ने चित्रकूट की श्रेया केसरवानी की याचिका निस्तारित करते हुए यह टिप्पणी की है। चित्रकूट के कर्वी थाना निवासी श्रेया ने कोर्ट से शांतिपूर्ण वैवाहिक जीवन में विपक्षियों के हस्तक्षेप न करने के लिए निर्देश देने की गुहार लगाई थी। याची अधिवक्ता की दलील थी कि शादी करने वाले जोड़े बालिग हैं। जिले के विवाह अधिकारी के यहां सिविल मैरिज के लिए आवेदन दिया हुआ है। परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की है। आशंका है कि परिजन उन्हें क्षति पहुंचा सकता है। लड़की के साथ पहले भी दुर्व्यवहार हुआ है। ऐसे में उन्हें सुरक्षा दी जाए। वास्तविक खतरे के मुताबिक पुलिस उठा सकती है कानूनी कदम कोर्ट ने कहा कि याचियों ने एसपी चित्रकूट को प्रत्यावेदन दिया है। पुलिस वास्तविक खतरे के मुताबिक कानूनी कदम उठा सकती है। रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य नहीं है, जिससे यह प्रतीत हो कि याचियों को गंभीर खतरा है और उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए। विपक्षियों की ओर से याचियों पर शारीरिक या मानसिक हमला करने का कोई साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किया गया है। पुलिस सुरक्षा देने का नहीं बनता मामला याचियों ने विपक्षियों के किसी अवैध आचरण को लेकर एफआईआर दर्ज करने के लिए संबंधित थाने में कोई अर्जी भी नहीं दी है। न ही मुकदमा दर्ज करने के लिए कोई तथ्य प्रस्तुत किया गया। ऐसे में पुलिस सुरक्षा देने का कोई केस नहीं बनता। कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए कहा कि परेशानी होने पर प्रार्थना पत्र देने पर पुलिस उचित कार्रवाई करेगी। ब्रेकअप के प्रतिशोध में झुलस रही वैवाहिक रिश्तों की पवित्रता : हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहमति संबंध के पल भर में बनते-बिगड़ते रिश्तों पर गंभीर चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने कहा कि ब्रेकअप से पैदा हुए प्रतिशोध की आग में वैवाहिक रिश्तों की पवित्रता झुलस रही है। नई पीढ़ी के बीच आपसी सहमति से बन रहे अंतरंग संबंधों की तकरार को आपराधिक रंग देने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो वास्तव में कानून का दुरुपयोग है।  इस तल्ख टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की अदालत ने 25 वर्षीय युवती संग दुष्कर्म के आरोपी बांदा निवासी अरुण कुमार मिश्रा की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि असफल अंतरंग संबंधों में उपजे कलह का प्रतिशोध लेने के लिए आपराधिक कानून के दुरुपयोग की इजाजत नहीं दी जा सकती।  पीड़िता वाकिफ थी कि आरोपी पहले तीन महिलाओं से शादी कर चुका है। फिर भी उसके संग संबंध बनाए। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ बांदा जिले के महिला थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप लगाया कि वह दिल्ली के निजी बैंक में काम कर रही थी।   इसी दौरान हुई मुलाकात में आरोपी ने उसे अपनी कंपनी में नौकरी दिलाने को कहा तो उसने नौकरी छोड़ दी। इसके बाद आरोपी संग कंपनी में काम करने लगी। आरोप है कि जनवरी 2024 में आरोपी ने उसे नशीली दवा पिला कर दुष्कर्म किया। अश्लील वीडियो बना कर ब्लैकमेल भी किया।

पूरे देश की सभी जातियों को एकजुट करने के लिए हर हिंदू के घर-घर जाकर दस्तक देगा संघ : संघ प्रमुख

कानपुर इस साल अक्तूबर में विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने वाले हैं। ऐसे में संघ की ओर से संकल्प लिया गया है कि तब तक पूरे देश की सभी जातियों को एकजुट करने के लिए हर हिंदू के घर-घर जाकर दस्तक दी जाएगी। संघ प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को कारवालो नगर के संघ भवन से करीब 12 किलोमीटर दूर कोयला नगर में स्थापित शाखा में सुबह-सुबह पहुंचे। यहां उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा कि शहर के प्रत्येक मोहल्ले, गली, बस्ती, कस्बों और गांव-गांव में शाखाएं लगाई जाएं इसके लिए काम करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी का संघ से परिचय हो, यह आवश्यक है। समाज में संघ के विचार फैलें, इसके लिए भी स्वयं सेवकों को काम करना है। उन्होंने कहा कि हर बस्ती के प्रत्येक घर में एक-एक स्वयंसेवक तैयार करें जो समाज के लिए काम करे, हमें इस दिशा में काम करना है। भागवत ने कहा कि हर समाज का विचार, संस्कृति, भावना, सोच एक जैसी हो, इस दिशा में हम सभी को सोचना है। उन्होंने कहा कि यह काम सिर्फ स्वयंसेवकों को ही नहीं समाज में रहने वाले हर व्यक्ति, जनप्रतिनिधि सभी को करना है।   जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव रोकने के लिए शैक्षणिक, धार्मिक संस्थाएं हों एकजुट : भागवत जलवायु परिवर्तन की वजह से पर्यावरण में हो रहे बदलाव और लोगों पर पड़ रहे उसके दुष्प्रभाव को लेकर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने चिंता जाहिर की है। बुधवार को पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जुड़े संघ के कार्यकर्ताओं की बैठक में उन्होंने कहा कि लगातार कम हो रहे वन, नीचे जा रहा भूजल, मिलावटी खाद्य सामग्रियां, सिकुड़ रहीं नदियों पर अंकुश नहीं लगा तो स्थिति काफी भयावह होगी। भागवत ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर छह स्तर पर काम करने की बात कही।  उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक संस्थाओं, नारी शक्ति, स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ जनसंपर्क और जन संवाद के माध्यम से इसमें सुधार लाया जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के तहत पौधे लगाओ, पानी बचाओ, पॉलिथीन हटाओ के नारे के साथ काम करने की जरूरत बताई। साैर ऊर्जा पर भी विशेष जोर दिया।   उन्होंने इस अभियान से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ते हुए कहा कि घर की बनावट चाहे जैसी हो लेकिन वहां की बालकनी में, छत पर पौधे जरूर लगाएं। सरसंघचालक ने कहा कि जीवन में राष्ट्रभक्ति का भाव आना चाहिए। जैसे यह बिजली और पानी हमारे देश का है। इसे बेकार नहीं करना है। जब राष्ट्र प्रथम का भाव होगा तो हम छोटी-छोटी बातों पर भी विचार करेंगे।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की महिला कंडक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से प्रदेशभर में पांच हजार महिला संविदा परिचालकों की भर्ती आठ अप्रैल से शुरू कर दी गई है। वहीं लखनऊ में परिचालकों की भर्ती 17 अप्रैल को सप्रू मार्ग स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पर होगी। इसके लिए रोजगार मेला लगाया जाएगा। निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से महिला संविदा परिचालकों की अनुबंध के आधार पर सीधी भर्ती की जाएगी। लखनऊ में गुरुवार को भर्ती के लिए रोजगार मेला लगाया जाएगा। यह सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा। संविदा परिचालकों के लिए महिला अभ्यर्थी रोजगार मेले के साथ-साथ वेबसाइट www.upsrtc.com पर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन अपलोड करने के बाद सत्यापन ऑनलाइन व ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से कराया जा सकता है। महिला संविदा परिचालकों को 2.02 रुपये प्रतिकिमी की दर से पारिश्रमिक का भुगतान किया जाएगा। प्रतिमाह 22 दिन ड्यूटी व पांच हजार किमी पूरा करने पर तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। साथ ही फ्री यात्रा पास, रात्रिभत्ता भी दिया जाएगा। यह है अर्हता -महिला अभ्यर्थियों के लिए शैक्षिक योग्यता में इंटरमीडिएट पास होने के साथ केंद्र या राज्य सरकार से मान्यताप्राप्त संस्थाओं से कम्प्यूटर का सीसीसी प्रमाणपत्र होना चाहिए। -आयुसीमा न्यूनतम 18 व अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए। अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए शासनादेश के अनुसार छूट मिलेगी। -एनसीसी बी प्रमाणपत्र, एनएसएस प्रमाणपत्र, स्काउट एवं गाइड के राज्य पुरस्कार व राष्ट्रपति पुरस्कार प्रमाणपत्र धारक महिला अभ्यर्थियों को इंटर में मिले प्राप्तकों पर 5 प्रतशत का वेटेज मिलेगा।

अखिलेश यादव ने कहा- कांग्रेस ने ही ईडी का गठन किया था, आज वे ईडी के कारण मुश्किल में हैं, खत्म कर देना चाहिए

नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट दायर होने के बाद जहां देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक अलग और तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि “ईडी जैसी एजेंसियों को खत्म कर देना चाहिए। नेशनल हेराल्ड मामले पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, “कांग्रेस ने ही ईडी का गठन किया था। आज वे ईडी के कारण मुश्किल में हैं…आर्थिक अपराधों की जांच के लिए कई संस्थाएं हैं…ईडी जैसी एजेंसियों को खत्म कर देना चाहिए। कांग्रेस ने ही ईडी कानून बनाया था। उस समय कई पार्टियों ने इसका विरोध किया था और कांग्रेस से कहा था कि आप ऐसा कानून ला रहे हैं जिससे अंततः आपको ही परेशानी हो सकती है। महाराष्ट्र में भाजपा के खिलाफ कोई भी नेता ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का सामना करता था…मैं इतना समझता हूं कि ईडी जैसे विभाग को खत्म कर देना चाहिए। मैं कांग्रेस से भी यही मांग करने को कहूंगा। ईडी होने का मतलब है कि आप आयकर विभाग या जीएसटी जैसी अपनी संस्थाओं पर भी भरोसा नहीं कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा, “… यूपी का डबल इंजन एक दूसरे के पक्ष में नहीं है। एक दूसरे से टकरा रहे हैं। साथ नहीं चल रहे। आमने सामने टक्कर मार रहे हैं। पहले इंजन टक्कर मार रहे थे, अब डिब्बे भी टक्कर मार रहे हैं

2027 के रण के लिए सपा की बड़ी तैयारी, अखिलेश यादव ने सभी जिला और शहर अध्यक्षों को दिए निर्देश

लखनऊ समाजवादी पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने का मन बना लिया है। पार्टी ने रणनीति के तहत हर बूथ पर न्यूनतम पांच सक्रिय युवाओं की तैनाती का लक्ष्य तय किया है, जिनका कार्य पार्टी की विचारधारा को जन जन तक पहचान और मतदाता सूची की निगरानी करना होगा। जिला-शहर अध्यक्षों को कड़े निर्देश समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी जिला और शहर अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दें। UP Election 2027पार्टी का लक्ष्य लोकसभा चुनावों में मिली सफलता को विधानसभा चुनाव में भी दोहराना का है। लोकसभा चुनाव में आपको बता दें समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। समाजवादी पार्टी हर जिले में अभियान चलाएगी और युवाओं को जोड़ने का काम करेगी। UP Election 2027 सपा उन्हें मतदाता सूची की जानकारी, उसमें संभावित गड़बड़ियों और सुधार की प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षित करेती। सूची में नाम जोड़ने या हटाने में गड़बड़ी पाए जाने पर ये युवा तुरंत जिले व शहर की कमेटियों के साथ-साथ प्रदेश नेतृत्व को भी जानकारी देंगे।

सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं?, ‘दंगाइयों का इलाज ही डंडा है

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर एक बार फिर ममता सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल जल रहा है और मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं। सीएम योगी ने यह भी कहा कि लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं? सीएम योगी ने मंगलवार को हरदोई में अमर सेनानी राजा नरपति सिंह स्मारक स्थल पर आयोजित विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि याद कीजिए 2017 के पहले के उत्तर प्रदेश को, हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा होता था, इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है। बिना डंडे के मानेंगे नहीं। आप देख रहे होंगे कि बंगाल जल रहा है, वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं, दंगाइयों को शांति दूत कहती हैं, लातों के भूत बातों से कहां मानने वाले हैं, लेकिन सेकुलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे रखी है। सीएम योगी ने ममता सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरा मुर्शिदाबाद एक सप्ताह से जल रहा है, राज्य सरकार मौन है, इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए और मैं वहां के न्यायालय को इस बात के लिए धन्यवाद दूंगा कि जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाया है। उन्होंने विपक्षी दलों की चुप्पी पर कहा कि सब लोग मौन हैं, मुर्शिदाबाद दंगों पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी मौन हैं, टीएमसी मौन है, वे धमकी पर धमकी दिए जा रहे हैं, बांग्लादेश के अंदर जो हुआ था, उसका समर्थन कर रहे हैं, अगर उन्हें बांग्लादेश अच्छा लगता है, तो उन्हें बांग्लादेश जाना चाहिए, क्यों भारत की धरती पर बोझ बने हुए हैं? सीएम योगी ने जिक्र किया कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के आभारी हैं, जिन्होंने वक्फ कानून को लाकर गरीबों की जमीनों पर डकैती पर लगाम लगाने का काम किया है, अब जो जमीन वापस आएगी, उस पर अस्पताल, गरीबों के लिए घर, ऊंची इमारतें, स्कूल और विश्वविद्यालय बनाए जाएंगे। निवेश के लिए भूमि बैंक बनाया जाएगा। लेकिन, किसी को भी जमीन पर कब्जा करने और गुंडागर्दी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसलिए ये लोग चिंतित हैं क्योंकि जमीन के नाम पर लूट बंद होने वाली है। उन्होंने वक्फ कानून का विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि वे सभी परेशान हैं कि अब उनके गुर्गे खाली हो जाएंगे, जो पहले जनता को लूटते थे, इनको अब भय है कि इनके द्वारा पाले गए गुर्गे ‘भस्मासुर’ बन जाएंगे और इन्हें ही ना लूटना शुरू कर दें। इसलिए, ये अब वक्फ के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं और उन्हें गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

मंगेतर के सामने युवती से हैवानियत, युवती से कपड़े उतरवाएं और उसकी वीडिया भी बनाया, की गैंगरेप, योगी ने लिया संज्ञान

कासगंज उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में मंगेतर के साथ झाल के पुल पर घूमने आई युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इतना ही नहीं हैवानों ने मंगेतर के सामने युवती से कपड़े उतरवाएं और उसकी वीडिया बना ली। अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस वारदात का संज्ञान लिया और पीड़िता को आर्थिक मदद करने के निर्देश दिए। पीड़िता को दी पांच लाख की सहायता सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद डीएम मेधा रूपम, एसपी अंकिता शर्मा ने उसके घर जाकर पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इस दौरान डीएम व एसपी ने घटना के दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया गया। डीएम ने बताया कि पीड़िता को शीघ्र न्याय दिलाया जाएगा। आठ आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अन्य विधिक कार्रवाई तेजी से संचालित हैं। जानिए पूरा मामला बीते शुक्रवार शाम 4 बजे आस-पास एक युवती अपने मंगेतर के साथ पिकनिक प्वाइंट झाल के पुल पर घूमने के लिए गई थी। इस दौरान दोनों एकांत में बैठे हुए थे तभी अचानक से 8 लोग मिलकर उनके पास पहुंच गए और दोनों को लोकर गंदे-गंदे शब्द बोलने लगे। थोड़े ही देर बाद मंगेतर पकड़कर मारपीट करने लगे। तभी कुछ आरोपी युवती को घसीटते हुए सुनसान जगह पर ले गए और आठों आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया। यह सिलसिला लगभग 2 घंटे तक चला। जब सबका मन भर गया तो दोनों को छोड़कर चले गए। दोनों जैसे तैसे घर आ गए लेकिन बेइज्जती की वजह से घटना को छुपाने की कोशिश करने लगे। लेकिन युवती की तबियत खराब हो गई। डरी सहमी युवती ने खुद पर बीती घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन युवती को लेकर घटना स्थल पर पहुंचे। जहां 112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दी। परिजनों की सुरक्षा के किए इंतजाम इस घटना के बाद पुलिस ने परिजनों की सुरक्षा के लिए इंतजाम किए। एसपी अंकिता शर्मा ने पीड़िता के परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान कराई। जिससे कोई भी उन्हें भयभीत न कर सके। इसके अलावा पीड़िता के घर पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं।

योगी ने कहा कि दंगाइयों का उपचार ही डंडा है, बंगाल जल रहा है लेकिन मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं

 हरदोई पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद सहित कई जिलों में भड़की हिंसा पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिक्रिया दी है. योगी ने कहा कि बंगाल हिंसा पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी खामोश है. योगी आदित्यनाथ ने हरदोई में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल जल रहा है. वहां की मुख्यमंत्री चुप हैं. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे. योगी ने कहा कि इन दंगाइयों का उपचार ही डंडा है. बंगाल जल रहा है लेकिन वहां की मुख्यमंत्री दंगाइयों को शांतिदूत कहती हैं. अरे लातों के भूत, बातों से कहां मानने वाले हैं. सेक्युलरिज्म के नाम पर इन लोगों ने दंगाइयों को दंगा करने की पूरी छूट दे दी है. पूरा मुर्शिदाबाद एक हफ्ते से जल रहा है लेकिन सरकार मौन है. उन्होंने कहा कि दंगाई डंडे से ही मानेंगे, जिसे बांग्लादेश पसंद है, वो बांग्लादेश चला जाए. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी बंगाल हिंसा पर खामोश है. लातों के भूत बातों से नहीं मानेंगे. दंगाई डंडे से ही मानेंगे. इस प्रकार की अराजकता पर लगाम लगनी चाहिए. मैं धन्यवाद करना चाहूंगा वहां के न्यायालय को जिन्होंने वहां पर केंद्रीय बलों की तैनाती करके वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा की व्यवस्था करने का कदम उठाया है. बता दें कि सबसे पहले शुक्रवार को मुर्शिदाबाद के सूती में हिंसा की शुरुआत हुई थी. उसके बाद जंगीपुर से पुलिसबल मौके पर पहुंचा और हालात संभालने में जुट गया. इसी दौरान सूती से 10 किमी दूर शमशेरगंज में भी बवाल की खबरें आईं. हालांकि, पुलिसबल सूती में हाइवे से जाम हटवाने में जुटा रहा. पुलिस शमशेरगंज तक नहीं पहुंच पाई और वहां हिंसा का ताडंव मचा रहा. ऐसे में सेंट्रल फोर्स BSF को उतरना पड़ा, तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था. दोपहर से शुरू हुई हिंसा देर रात तक चलती रही. जब मालदा और बहरामपुर से फोर्स आई और इन इलाकों में पहुंची, तब हिंसा पर काबू पाया जा सका. भीड़ ने पहले नेशनल हाइवे 34 जाम किया. जब पुलिस ने उन्हें हटाना शुरू किया तो पत्थरबाजी होने लगी. पुलिस ने फिर आंसू गैस छोड़ी. लाठीचार्ज किया. दो दिन पहले भी मुर्शिदाबाद पुलिस पर हमला हुआ था. तब प्रदर्शनकारियों ने दो गाड़ियों में आग लगा दी थी. एनआरसी के दौर में भी मुर्शिदाबाद में जबरदस्त हिंसा देखने को मिली थी. दरअसल, मुर्शिदाबाद में शुक्रवार की नमाज के बाद वक्फ विधेयक के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर पड़े और नेशनल हाइवे 34 ब्लॉक कर दिया था. जब पुलिस ने नेशनल हाइवे से अवरोध हटाने की कोशिश की तो पुलिस के साथ एक तरह से जंग छिड़ गई. ठीक उसी समय मुर्शिदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर शमशेर गंज में भी नेशनल हाइवे पर हजारों की संख्या में लोग आ गए थे.  

PM मोदी की नाराजगी के बाद वाराणसी गैंगरेप मामले में अब नप गए DCP चंद्रकांत मीणा, लखनऊ अटैच

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाराजगी के बाद वाराणसी गैंगरेप मामले में कमिश्नरेट के वरुणा जोन के डीसीपी चंद्रकांत मीणा को हटा दिया गया। उन्हें डीजीपी कार्यालय में स्थानांतरित कर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई पांडेयपुर की युवती से गैंगरेप के मामले में हुई है। बीते दिनों दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। वाराणसी में लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र की एक 19 वर्षीय युवती से एक हफ्ते तक अलग-अलग जगहों पर गैंगरेप किया गया था। छात्रा ने अपने शिकायत में आरोप लगाया है कि 23 लड़कों ने उसके साथ रेप किया। छात्रा की मां की तरफ से एफआईआर कराई गई। एफआईआर में 12 नामजद और 11 अज्ञात लड़कों पर केस हुआ है। आरोप में कहा गया कि छात्रा के साथ 29 मार्च को दरिंदगी की शुरुआत हुई थी। सबसे पहले उसे हुक्का बार में ले जाकर रेप किया गया। इसके बाद होटल और अन्य स्थानों पर नशा देकर अलग अलग युवकों ने रेप किया। इस दौरान चलती गाड़ी में भी छात्रा से रेप किया जाता रहा। चार अप्रैल को छात्रा को नशे की हालत में ही सड़क किनारे छोड़कर युवक फरार हो गए थे। गैंगरेप मामले अब तक 13 लड़कों की ही गिरफ्तारी हो सकी है। अब भी 10 लड़के फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगी है। पुलिस का कहना है जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी। बीते दिन वाराणसी पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी ने इस गैंगरेप मामले में ही अधिकारियों से पूछताछ की थी। प्लेन से उतरने के बाद रनवे पर ही वाराणसी के मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी एस राजलिंगम से पूरे मामले की जानकारी ली थी। पीएम मोदी ने दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था।

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