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होली पर दिए बयान की वजह से फिर चर्चा में CO अनुज चौधरी, जब कभी व्यवस्था बदलेगी तो ऐसे लोग जेल में होंगे- रामगोपाल यादव

संभल होली को लेकर संभल के सीओ अनुज चौधरी के बयान पर सियासत शुरू हो गई है. समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि अनुज चौधरी ने ही तो दंगा कराया है. वो कह ही रहे थे कि गोली चलाओ, गोली चलाओ. जब कभी व्यवस्था बदलेगी तो ऐसे लोग जेल में होंगे. आपको बता दें कि बीते दिन संभल जिले में पीस कमेटी की बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक के दौरान सीओ अनुज चौधरी ने होली और ईद के मद्देनजर असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर किसी को रंगों से दिक्कत है तो वो होली वाले दिन घर में ही रहे. कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो पुलिस सख्त एक्शन लेगी. सीओ अनुज चौधरी के इस बयान के बाद आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव पीडीए कार्यक्रम में शामिल होने फिरोजाबाद पहुंचे. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि संभल में जो हिंसा हुई उसमें अनुज चौधरी जैसे पुलिसवालों की लापरवाही और बयानबाजी थी. रामगोपाल यादव ने कहा कि अनुज चौधरी खुलेआम संभल में पुलिसवालों से कह रहे थे कि गोली चलाओ. इसलिए जब कभी व्यवस्था बदलेगी तो ऐसे लोग जेल जाएंगे. उत्‍तर प्रदेश का संभल जिला पिछले कुछ महीनों से विवादित ढांचे की वजह से देश और दुनिया में सुर्खियों में छाया हुआ है। संभल में सीओ पद पर तैनात अनुज चौधरी भी अपने बयानों की वजह से लगातार चर्चा में बने हुए हैं। उनका होली को लेकर दिया गया ताजा आदेशों की खासी चर्चा हो रही है। वह तमाम विपक्षी नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। अनुज चौधरी का कहना है कि होली साल में एक बार आने वाला त्‍योहार है, जबकि जुमे की नमाज साल में 52 बार होती है। अगर किसी को होली के रंगों से परेशानी है तो उसे उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए। जो लोग बाहर निकलते हैं, उन्‍हें खुले विचारों वाला होना चाहिए क्‍योंकि त्‍योहार एक साथ मनाने के लिए होते हैं। अंतरराष्‍ट्रीय कुश्‍ती में भारत का मान बढ़ा चुके अनुज चौधरी खेल कोटे से उत्‍तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए हैं। वह अपनी लंबी चौड़ी कद काठी, फिटनेस और बेधड़क अंदाज के लिए जाने जाते हैं। वह 2002 और 2010 नेशनल गेम्‍स में दो सिल्‍वर मेडल जीत चुके हैं। साथ ही एशियाई चैंपियनशिप में दो कांस्‍य पदक जीत चुके हैं। 1997 से 2014 तक वे कुश्‍ती में नेशनल चैंपियन रहे। 2001 में उनको लक्ष्‍मण अवॉर्ड और 2005 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्‍मानित किया जा चुका है। 2012 में वह खेल कोटे से (सीओ) डिप्‍टी एसपी बनाए गए। जब आजम ने कहा- अखिलेश यादव का एहसान याद है? इससे पहले अनुज चौधरी यूपी के कद्दावर कैबिनेट मंत्री आजम खान से बहस को लेकर चर्चा में आ चुके हैं। दरअसल, आजम खान सपा प्रतिनिधिमंडल के साथ मुरादाबाद कमिश्‍नर से मिलने जा रहे थे। इस दौरान सीओ सिटी रहते हुए अनुज चौधरी ने उनसे कहा कि सिर्फ 27 लोग ही अंदर जा सकते हैं। इस पर आजम खान नाराज हो गए। उन्‍होंने कहा कि समाजवादियों ने ही पहलवानों की प्रतिभा को पहचाना था। अखिलेश यादव का एहसान याद है? इस पर अनुज चौधरी ने भी बेधड़क जवाब दिया। उन्‍होंने कहा कि एहसान कैसा। मुझे अर्जुन अवार्ड मिला है। किसी के एहसान से अर्जुन अवार्ड नहीं मिलता है। आजम और अनुज चौधरी के बीच बहस का वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। संभल हिंसा के दौरान पैर में लगी थी गोली बीते साल संभल में जब विवादित ढांचे के सर्वे को लेकर हिंसा और बवाल हुआ था, तब कई पुलिसकर्मियों को गोली लगी थी। इसमें संभल सीओ अनुज चौधरी भी शामिल थे। उनके पैर में गोली लगी। इस दौरान मीडिया से बाचचीत में अनुज चौधरी ने कहा कि हम मरने के लिए पुलिस में नहीं आए हैं। हमारा भी परिवार है। बच्‍चे हैं। बचाव में गोली चलाएंगे। हमें आत्‍मरक्षा का अधिकार है। अनुज चौधरी मूलरूप से मुजफ्फरनगर के बहेड़ी गांव के रहने वाले हैं। अनुज चौधरी का बयान सीओ अनुज चौधरी ने संभल में कहा था- जुम्मा साल में 52 बार आता है, होली साल में एक बार आती है. मुस्लिम समुदाय में किसी को लगता है कि होली के रंग से आपका धर्म भ्रष्ट हो जाएगा… तो वो उस दिन घर से ना निकले. अगर निकले तो उसका बड़ा दिल होना चाहिए. जिस तरह पूरे साल मुस्लिम पक्ष ईद का इंतजार करता है, उसी तरह से होली का भी इंतजार हिंदू पक्ष करता है. होली रंग डाल के, मिठाई खिला के, बुरा ना मानो होली है… कहकर मनाई जाती है. उन्होंने आगे कहा- ईद में भी लोग सेवईयां बनाते हैं, गले मिलते हैं. एक दूसरे के यहां जाते हैं. दोनों पक्ष हिंदू मुस्लिम आप एक दूसरे का सम्मान करें. अनावश्यक किसी पर रंग न डालें. अगर कोई हिंदू समाज का आदमी रंग से बच रहा है तो उसपर भी न डालें. सीओ ने कहा था कि जिसको रंग से परहेज हो वह व्यक्ति घर से बाहर ना निकले. जिस किसी में रंग को झेलने की कैपेसिटी हो वही व्यक्ति घर से निकले. यह बात बिल्कुल ध्यान में रखना है कि किसी भी हाल में शांति-व्यवस्था ना बिगड़े. रामगोपाल का सरकार पर निशाना वहीं, रामगोपाल यादव ने महाकुंभ में नाविक के 30 करोड़ कमाने के दावे को लेकर सरकार पर निशाना साधा. साथ ही दिल्ली में बीजेपी सांसद द्वारा घर की नेम प्लेट पर सड़क का नाम बदलने पर भी कटाक्ष किया. जबकि, अपने विधायक अबू आजमी के औरंगजेब वाले बयान पर कहा कि आजमी ने जो बोला है मीडिया ने उसको सही से नहीं दिखाया.   शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन सख्त संभल प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अशांति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीओ अनुज चौधरी ने कहा, “अगर किसी को होली के रंग से परहेज है, तो वह अपने घर में ही रहे। इससे न केवल शांति बनी रहेगी, बल्कि एक अच्छा संदेश भी जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है और किसी भी पक्ष की लापरवाही को सहन नहीं किया जाएगा।    

राहुल गांधी को 14 अप्रैल को न्यायालय में व्यक्तिगत रुप से उपस्थिति दर्ज कराने का आखिरी मौका दिया गया, दी चेतावनी

लखनऊ वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के मामले में लखनऊ की एक अदालत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी को 14 अप्रैल को न्यायालय में व्यक्तिगत रुप से उपस्थिति दर्ज कराने का आखिरी मौका दिया गया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि अगली सुनवाई में यदि कांग्रेस सांसद अपनी हाजिरी नहीं लगाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। राहुल गांधी को लगाया 200 रुपये का जुर्माना दरअसल, बुधवार को राहुल गांधी को लखनऊ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के सामने पेश होना था मगर वह कोर्ट में नहीं आए। इस पर अदालत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की व्यक्तिगत हाजिरी माफ करने के एवज में 200 रुपये का जुर्माना लगा दिया। साथ ही उन्हें अगली तारीख में हाजिर होने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के वकील ने दलील दी थी कि दिल्ली के एक विदेशी प्रतिनिधिमंडल से जरुरी मुलाकात के चलते उनके मुव्वकिल न्यायालय आने में असमर्थ हैं, इसलिए उन्हें निजी रुप से उपस्थित न होने की माफी दी जाए। अदालत ने की तल्ख टिप्पणी इस पर अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है कि जब राहुल गांधी सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। उन्हें अगली सुनवाई में हाजिर होने का अंतिम मौका दिया जाता है, जिसके बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। जानिए पूरा मामला स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का आरोप शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडे ने राहुल गांधी पर लगाया था। उनका कहना है कि राहुल गांधी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान 2022 में महाराष्ट्र के अकोला में सावरकर को अंग्रेजों का पेंशनर और नौकर कहकर अपमानित किया था, जिससे समाज में वैमनस्य फैल सके।

महाकुंभ में गड़बड़ी की फिराक में था, बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के एक सक्रिय आतंकवादी को किया गिरफ्तार

लखनऊ यूपी एसटीएफ और पंजाब पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दोनों टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर कौशांबी जिले से बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के एक सक्रिय आतंकवादी को गुरुवार सुबह करीब 3.20 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आतंकी के पास से 3 हैंड ग्रेनेड, 2 डेटोनेटर, एक विदेशी पिस्तौल और 13 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। इसकी पहचान पंजाब के अमृतसर के रामदास क्षेत्र के कुर्लियान गांव के रहने वाले संदिग्ध आतंकी लाजर मसीह के रूप में हुई है। गिरफ्तार आतंकी महाकुंभ में गड़बड़ी फैलाने की फिराक में था। यूपी के डीजीपी प्रशांत कुमार ने प्रेस कान्फ्रेंस करके ये जानकारी दी। पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने गिरफ्तार आतंकी को लेकर कई बड़े खुलासे किए। उन्होंने बताया कि आतंकी लाजर लगातार आईएसआई के संपर्क में था। पाकिस्तान में बैठे कुछ हैंडलर उसे लगातार ड्रोन और गोला बारूद और असलहे भेज रहे थे। डीजीपी ने बताया कि आतंकी लजर प्रयागराज में हुए महाकुंभ में कोई बड़ी आतंकी घटना करना चाहता था। इसके अलावा आतंकी पाकिस्तान से कई विस्फोटक हथियार भी अपने साथ लेकर आया था। महाकुंभ में आतंकी साजिश रचने के बाद लाजर पुर्तगाल भागने की फिराक में था। डीजीपी ने बताया कि महाकुंभ में आतंकी घटना करने के लिए उसने कौशांबी, लखनऊ और कानपुर में रहकर प्लान भी तैयार किया था। पुलिस को जब आतंकी घटना की जानकारी मिली तो सर्च अभियान चलाया। पुलिस की कार्रवाई में बब्बर खालसा इंटरनेशनल का आतंकी लाजर मसीह को कौशांबी से गिरफ्तार कर लिया गया। बतादें कि पिछले साल 23 दिसंबर को यूपी के पीलीभीत में तीन आतंकीवादी को मार गिराया गया था। उनके पास से भी असलहे बरामद हुए थे। पकड़े गए आतंकी के पास से क्या-क्या मिला अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यूपी स्पेशल टास्क फोर्स, कानून व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि पंजाब के अमृतसर के कुर्लियान गांव का निवासी मसीह कथित तौर पर बीकेआई के जर्मन-आधारित मॉड्यूल के प्रमुख स्वर्ण सिंह उर्फ ​​जीवन फौजी से जुड़ा हुआ है और वह पाकिस्तान स्थित आईएसआई के गुर्गों के सीधे संपर्क में भी था। ऑपरेशन के दौरान यूपी एसटीएफ ने तीन सक्रिय हैंड ग्रेनेड सहित विस्फोटक और अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया। इसके अलावा दो सक्रिय डेटोनेटर। एक विदेशी निर्मित नोरिन्को एम-54 टोकरेव पिस्तौल (7.62 मिमी)। विदेश में बने तेरह कारतूस (7.62×25 मिमी)। सफेद रंग का विस्फोटक पाउडर। गाजियाबाद के पते वाला आधार कार्ड। बिना सिम कार्ड वाला मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

कुमार विश्वास की बेटी अग्रता के रिसेप्शन में पहुंचे नरेंद्र मोदी,नए जीवन की शुभकामनाएं दी

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी और मशहूर कवि डॉ. कुमार विश्वास ने अपनी बेटी अग्रता शर्मा और दामाद पवित्र खंडेलवाल के लिए भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया। दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य लोग पहुंचे। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस मौके पर पहुंच कर नवदंपत्ति को आशीर्वाद दिया। उन्हें नए जीवन की शुभकामनाएं दी। पीएम मोदी के कार्यक्रम में पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें पीएम मोदी और डॉ. कुमार विश्वास को हल्का-फुल्का क्षण बिताते देखा जा सकता है। इन वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।   पीएम मोदी रहे मौजूद पीएम नरेंद्र मोदी ने अग्रता शर्मा-पवित्र खंडेलवाल के रिसेप्शन समारोह में भाग लिया। समारोह की रौनक बढ़ाई। उन्होंने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। कुमार विश्वास की बेटी अग्रता ने गाजियाबाद के डीपीएस से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने ब्रिटेन में बिजनेस स्कूल में एडमिशन लिया। अग्रता ने नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी से फैशन मार्किटिंग में मास्टर ड्रिगी ली। अभी वह डिजिटल खिलाड़ी नाम की कंपनी चला रही हैं। उनके रिसेप्शन में पीएम मोदी के पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। पीएम मोदी को लेकर गहराई चर्चा पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में पहुंचने को लेकर तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई है। दरअसल डॉ. कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं। पिछले वर्षों में कुमार विश्वास और आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के बीच के संबंध चर्चा का विषय रहे हैं। कुमार विश्वास लगातार आदमी पार्टी संयोजक के खिलाफ बोलते रहे हैं। पिछले दिनों हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बड़ी जीत मिली। आम आदमी पार्टी करीब एक दशक बाद दिल्ली की सत्ता से बेदखल हो गई। दिल्ली में रेखा गुप्ता सरकार का गठन हुआ। इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी, डॉ. कुमार विश्वास की पुत्री के रिसेप्शन समारोह में पहुंचे। दोनों की जुगलबंदी शानदार दिखी। इसको लेकर अब चर्चा का बाजार गरमा रहा है। सोशल मीडिया पर कुमार विश्वास और भारतीय जनता पार्टी की नजदीकी को लेकर भी कई प्रकार की चर्चा शुरू हो गई है। वहीं, कई लोग अलग-अलग सवाल करने लगे हैं। कहा जा रहा है कि राजनीतिक विचारधारा का कभी भी निजी संबंधों पर राजनेता असर नहीं पड़ने देते हैं। हालांकि, यूजर्स का सवाल है कि क्या बेटी की शादी के रिसेप्शन समारोह में भी कुमार विश्वास ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को आमंत्रित नहीं किया? या फिर अरविंद केजरीवाल उनकी बेटी के रिसेप्शन का आमंत्रण मिलने के बाद भी नहीं आए। इसको लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। अरविंद केजरीवाल के कार्यक्रम में आने की फोटो या वीडियो सामने नहीं आई है। दोनों एक समय में करीबी माने जाते रहे हैं। उदयपुर में हुई थी शादी मशहूर कवि, कथावाचक और पूर्व राजनेता डॉ. कुमार विश्वास की बड़ी बेटी अग्रता शर्मा की शादी उदयपुर के लीला पैलेस होटल में संपन्न हुई थी। पिछले दिनों तीन दिनों तक चले विवाह समारोह के कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। अग्रता और पवित्र खंडेलवाल की शादी के समारोह को कवि ने गोपनीय रखा था। इस कार्यक्रम में केवल परिवार के लोगों और कुछ निकटवर्ती लोगों को आमंत्रित किया गया। हालांकि, रिसेप्शन समारोह काफी भव्य रहा। बाबा बागेश्वर भी आए नजर अग्रता-पवित्र के रिसेप्शन समारोह में बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी नजर आए। बाबा बागेश्वर भी एक बड़े कथावाचक हैं। वहीं, पिछले दिनों डॉ. कुमार विश्वास ने कविता के साथ सबके अपने राम कार्यक्रम के साथ कथावाचन शुरू किया है। उनके अलावा ग्रैंड रिसेप्शन में कई राजनेता, फिल्म स्टार्स और नामी हस्तियां दिखाई दीं। रिसेप्शन में तो कुछ कटेंट किएटर्स और यूट्यूबर्स भी दिखे। कार्यक्रम में चर्चित सिंगर बी प्राक, कवि एवं टीवी कलाकार शैलेंद्र लोढ़ा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, उमेश गौतम भी दिखाई दिए। इनके अलावा समाजवादी पार्टी सांसद प्रो. रामगोपाल यादव भी कार्यक्रम में दिखे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी कार्यक्रम में देखा गया।

लड़की को अगवा कर आरोपियों ने एक घर में बंधक बनाकर पीड़िता के साथ किया गैंगरेप, तेजाब से ॐ के टैटू को मिटाया

मुरादाबाद यूपी के मुरादाबाद में बर्बरता की हदें पार कर दी गईं। यहां भगतपुर थाना क्षेत्र में दो माह पहले बाजार गई नाबालिग लड़की को कर सवार 4 युवकों ने अगवा कर लिया। आरोपियों ने एक घर में बंधक बनाकर पीड़िता के साथ गैंगरेप किया। उसे खाने में बीफ दिया और हाथ पर बना ॐ का टैटू तेजाब डाल कर मिटा दिया। मामले में पीड़िता की चाची की तहरीर पर पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सलमान नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। थाना भगतपुर के एक गांव निवासी महिला के अनुसार, दो जनवरी को उसकी 14 वर्षीय नाबालिग भतीजी कपड़े सिलवाने के लिए बाजार वाले रास्ते से टेलर की दुकान पर जा रही थी। आरोप है कि बाजार के पास उन्हीं के गांव के चार युवक कार लिए रास्ते मे खड़े थे। चारों आरोपी खींच करके उसकी भतीजी को अपनी कार मे डाल कर अगवा कर लिए। आरोप है कि आरोपी उसे एक कमरे पर ले गये व नशीला पदार्थ देकर गैंगरेप किया। आरोपियों ने लड़की को काफी प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं भूख लगने पर उसे जबरन बीफ भी खिलाया। पीड़िता के अनुसार आरोपियों ने उसकी भतीजी के हाथ पर बना ॐ का चिन्ह भी तेजाब डाल कर मिटा दिया। महिला ने पुलिस को बताया कि भतीजी के गायब होने के बाद से ही वे उसकी तलाश कर रहे थे। करीब दो माह बाद 2 मार्च को किशोरी बदहवास हालात में अपने घर पहुंची और परिजनों से आपबीती सुनाई। जिसके बाद परिजनों ने आरोपीयों के विरुद्ध भगतपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। एसएचओ भगतपुर संजय कुमार पांचाल ने बताया कि इस मामले में सलमान, जुबैर, राशिद और आरिफ के खिलाफ, दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी सलमान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।

बुलडोजर ऐक्शन पर SC सख्त, एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने घरों को तोड़े जाने को अत्याचारी कदम बताया है, घर बनाकर देने होंगे

प्रयागराज सुप्रीम कोर्ट ने प्रयागराज में कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना लोगों के घर गिराए जाने के मामले पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार को जमकर फटकार लगाई। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि इस तरह की कार्रवाई चौंकाने वाली है और बेहद गलत उदाहरण पेश करती है। सुनवाई के दौरान जस्टिस अभय ओका और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने घरों को तोड़े जाने को अत्याचारी कदम बताया है। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि सरकार को लोगों को मकान वापस बना कर देना होगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, “प्रथम दृष्टया, यह कार्रवाई चौंकाने वाली है और गलत संदेश देती है। इसे ठीक करने की जरूरत है। आप घरों को तोड़कर ऐसे एक्शन क्यों ले रहे हैं। हम जानते हैं कि इस तरह के तकनीकी तर्कों से कैसे निपटना है। आखिरकार अनुच्छेद 21 और आश्रय के अधिकार जैसी कोई चीज होती है।” सुप्रीम कोर्ट में जुल्फिकार हैदर, प्रोफेसर अली अहमद, दो विधवाओं और एक अन्य व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई चल रही थी, जिन्होंने सरकार पर गैर कानूनी तरीके से घरों को गिराने के आरोप लगाए हैं। वहीं सरकार के मुताबिक जमीन गैंगस्टर-राजनेता अतीक अहमद की थी, जो 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। सरकार का क्या था तर्क? इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करने कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने उच्चतम न्यायालय से गुहार लगाई थी। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्हें मार्च 2021 में शनिवार रात को नोटिस दिया गया और रविवार को घर तोड़ दिए गए। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है कि राज्य को अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए। वहीं सरकार की तरफ से पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि लोगों को नोटिस का जवाब देने के लिए उचित समय दिया गया था। हालांकि जस्टिस ओका इससे असहमत थे। जस्टिस ओका ने कहा, “नोटिस इस तरह क्यों चिपकाया गया? कूरियर से क्यों नहीं भेजा गया? कोई भी इस तरह नोटिस देगा और तोड़फोड़ करेगा। यह एक खराब उदाहरण है।” हाईकोर्ट भेजने की मांग खारिज इस दौरान अटॉर्नी जनरल ने मामले को हाईकोर्ट में स्थांतरित करने की मांग की। AG ने कहा, “मैं डिमोलिशन का बचाव नहीं कर रहा हूं, लेकिन इस पर हाईकोर्ट को विचार करने दें।” हालांकि कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा, “बिल्कुल नहीं। दोबारा हाईकोर्ट नहीं जाना चाहिए। तब मामला टल जाएगा।” पुनर्निर्माण कराने के आदेश कोर्ट ने कहा कि ध्वस्त किए गए घरों का पुनर्निर्माण करना होगा। कोर्ट ने कहा, “इसका पुनर्निर्माण करना होगा। अगर आप हलफनामा दाखिल करके विरोध करना चाहते हैं तो ठीक है, अन्यथा दूसरा कम शर्मनाक तरीका यह होगा कि उन्हें निर्माण करने दिया जाए और फिर कानून के अनुसार उन्हें नोटिस दिया जाए।”

‘Mohammed Shami ने रोजा ना रखकर गुनाह किया, माफी मांगें’

 बरेली यूपी के बरेली के मौलाना इंडियन क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी से खफा हैं. उनका कहना है कि मोहम्मद शमी ने रमजान में रोजा नहीं रखा, वह ऑस्ट्रेलिया से मैच के दौरान ग्राउंड पर जूस/एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आए थे. उन्होंने जानबूझकर रोजा नहीं रखा, जो की गुनाह है, शरीयत की नजर में वो मुजरिम हैं. दरअसल, दुबई में खेले गए मैच के दौरान मोहम्मद शमी का जूस पीते हुए वीडियो सामने आया था. जिसपर बरेली के मौलानाओं ने नाराजगी जताई. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बयान जारी करके कहा कि इस्लाम ने रोजे को फर्ज करार दिया है. अगर कोई शख्स जानबूझकर रोजा नही रखता है तो वह निहायती गुनेहगार है. मोहम्मद शमी ने रोजा नहीं रखा जबकि रोजा रखना उनका वाजिब फर्ज है. रोजा ना रखकर शमी ने बहुत बड़ा गुनाह किया है, शरीयत की नजर में वो मुजरिम हैं. तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने रमजान के माह में ऐसा करने पर उनके बचपन के कोच बदरुद्दीन स‍िद्दीकी का बयान भी सामने आया है. बदरुद्दीन ने कहा- इस मामले में मोहम्मद शम्मी की कोई गलती नहीं है, पूरा देश उनके साथ है. देश के आगे कुछ नहीं है, वह यही संदेश सभी मौलवियों को देना चाहते हैं. बदरुद्दीन स‍िद्दीकी ने कहा- पहले देश है, उसके आगे कुछ भी नहीं है. वह बाद में भी रोजा रख सकता है. हमारा इस्लाम इतना छोटा नहीं है कि कहीं सिकुड़ जाए एक जगह… इस्लाम में ये भी है कि यदि आप बीमार हैं तो बाद में रोजा रख सकते हैं. जो लोग यह सवाल उठा रहे हैं वे देश को सपोर्ट नहीं कर रहे हैं. वह (शमी) तो देश के लिए कुछ भी करने को तैयार है, रोजा भी छोड़ता है… वह सबुकछ देश के लिए कर रहा है. टीम को चैम्प‍ियंस ट्रॉफी का फाइनल खेलना है और इस तरह के बयान से खिलाड़ी का मनोबल टूटता है… और आप बेवकूफी वाले बातें कर रहे हैं. किसने आपको हक दिया इस तरह की बातें करने का. मोहम्मद शमी के भाई ने क्या कहा? वहीं इस पूरे मामले में मोहम्मद शमी के भाई हशीब शमी ने कहा- ख‍िलाड़ी होने के नाते जब मैच खेलना होता है, तो  गेंदबाजी में काफी मेहनत करनी होती हैं.  ऐसे में रमजान के माह में रोजा नहीं रख पाते हैं. अगर खेल नहीं हो रहा होता है तो वह सभी रोजे रखते हैं. अगर मैच के दौरान शमी ने रोजा नहीं रखा है, तो इसे वो आगे रख लेते हैं. बकौल मौलाना शहाबुद्दीन रजवी- मोहम्मद शमी को हरगिज ऐसा नहीं करना चाहिए. मैं उनको हिदायत और नसीहत देता हूं कि इस्लाम के जो नियम हैं उनपर वो अमल करें. क्रिकेट, खेलकूद भी करें, सारे काम अंजाम दें, मगर अल्लाह ने जो जिम्मेदारी बंदे को दी है, उनको भी निभाएं. शमी को ये सब समझना चाहिए. शमी अपने गुनाहों के लिए अल्लाह से माफी मांगें. आपको बता दें कि दुबई में खेले गए इंडिया बनाम ऑस्ट्रेलिया सेमीफइनल मैच के दौरान मोहम्मद शमी की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसमें वह गर्मी के बीच एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आ रहे हैं. जिसके बाद मौलाना लोगों ने इसे गलत करार दिया. उनका कहना है कि रमजान में रोजा न रखना गुनाह है. मौलानाओं ने शमी को नसीहत देना शुरू कर दिया है. इस कड़ी में बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का बयान सामने आया है.    

संभल में हिंसा में उपद्रवियों ने जिन ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल किया,अब उन्हीं का उपयोग पुलिस चौकी के निर्माण में

 संभल उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के दौरान उपद्रवियों द्वारा जिन ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल किया गया था, अब उन्हीं ईंट-पत्थरों का उपयोग पुलिस चौकी के निर्माण में किया जाएगा. दरअसल, पिछले साल जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के बाद करीब 6 ट्रॉली ईंट-पत्थर जमा किए गए थे. ये ईंट-पत्थर हिंसा वाली जगह पर बिखरे पड़े थे. पुलिस-प्रशासन ने इन्हें इकट्ठा करवाकर रख लिया गया था. मामले में SP केके बिश्नोई ने कहा कि हिंसा के दौरान पत्थरबाजों के द्वारा फेंके गए पत्थरों को ही संभल के लोगों की सुरक्षा के लिए प्रयोग किया जाएगा. जिले के दीपा सराय और हिंदूपुराखेड़ा में बन रही पुलिस चौकियों के निर्माण में पत्थरबाजों के द्वारा फेके गए पत्थरों का भी प्रयोग किया जाएगा. शासन द्वारा दिए बजट का भी इस्तेमाल किया जाएगा. आपको बता दें कि हिंसा के बाद संभल में 38 आउटपोस्ट बनाई जा रही हैं. संभल की सुरक्षा के लिए ‘SAFE SAMBHAL’ प्रोजेक्ट लाया जा रहा है. साथ ही शहर के 200 चौराहों पर फेस आईडेंटिफिकेशन वाले CCTV कैमरे लगाए जाएंगे. जिले में नई पुलिस चौकियों के निर्माण में सरकार से बजट भी मिला है. दरअसल, संभल के विवादित ढांचे (जामा मस्जिद) में 24 नवंबर 2024 को एडवोकेट कमीशन सर्वे के दौरान मस्जिद के आसपास के इलाके में हिंसा भड़क गई थी और उग्र भीड़ ने पुलिस पर कई घंटे तक भारी पत्थरबाजी की थी. कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया था. जिसके बाद पुलिस-प्रशासन ने नगर पालिका की टीमों को लगाकर हिंसा वाली जगह से 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली भरकर ईंट-पत्थर हटवाए थे. हालांकि, इन्हें फेंकने के बजाय नगर पालिका ने ईंट पत्थरों को यार्ड में रखवा दिया था. जमा ईंट-पत्थर अब संभल पुलिस के एसपी केके बिश्नोई ने पत्थरबाजों के द्वारा फेंके गए इन्हीं ईंट पत्थरों से पुलिस चौकी बनाने का बड़ा फैसला किया है. स्थानीय सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के गढ़ दीपासराय इलाके के मोहल्ला चौक में हजार स्क्वायर फीट में मुस्लिम आबादी के बीचोबीच बन रही नई पुलिस चौकी के निर्माण में पत्थरबाजों के द्वारा फेंके गए ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके अलावा हिंदूपुराखेड़ा में भी बन रही नई पुलिस चौकी के निर्माण में पत्थरबाजों के द्वारा फेंकी गई ईंटों का इस्तेमाल होगा.    

मसूरी पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, 30 लाख की 20 टन प्रतिबंधित खैर लकड़ी जब्त, दो गिरफ्तार

गाजियाबाद गाजियाबाद की मसूरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 20 टन प्रतिबंधित खैर प्रजाति की लकड़ी बरामद की। इसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपए है। पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया है। घटना के संबंध में थाना मसूरी पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस ने बताया है कि आरोपियों की पहचान दीपक तिवारी (36), निवासी ग्राम बसई, थाना बसई, जिला दतिया, मध्य प्रदेश और हरी सिंह परिहार (38), निवासी ग्राम बसई, थाना बसई, जिला दतिया, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया है कि मसूरी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग ट्रक में प्रतिबंधित खैर प्रजाति की लकड़ी का परिवहन कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने ईस्टर्न पेरीफेरल अंडरपास के पास से ट्रक को रोका और जांच की। ट्रक से करीब 20 टन खैर प्रजाति की लकड़ी बरामद हुई, जिसकी कीमत लगभग 30 लाख रुपए है। पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि वे लकड़ी मध्य प्रदेश से चोरी-छुपे लेकर आ रहे थे और हिमाचल प्रदेश के सागर कत्था फैक्ट्री में पहुंचाने की योजना थी। इनकी योजना में तीसरा आरोपी, देवेन्द्र सिंह सोलंकी भी शामिल था, जो मध्य प्रदेश में एक ट्रांसपोर्ट व्यवसाय चलाता है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि इन लोगों को पूरी जानकारी थी कि यह लकड़ी प्रतिबंधित है और उनके पास जो दस्तावेज थे, वे फर्जी थे। अभियुक्तों ने बताया कि वे पिछले दो सालों से इस काम में शामिल थे और उन्हें यह भी बताया गया था कि इस तरह के अवैध व्यापार से अधिक मुनाफा होगा। वहीं, देवेन्द्र सोलंकी पूर्व में भी इस प्रकार के व्यापार में शामिल रह चुका है और उसने पहले भी प्रतिबंधित लकड़ी के व्यापार के मामले में जेल की सजा काटी है। मामले को लेकर मसूरी थाना में भारतीय वन संरक्षण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला पंजीकृत किया गया है और आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। साथ ही, उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

अजय राय ने आगामी विधानसभा चुनाव में सपा से गठबंधन होगा अथवा नहीं यह राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा

इटावा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी कर रही है। ब्लॉक से लेकर जिला व प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत किया जा रहा है। यह बात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने ग्राम राहतपुर में पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष अनिल यादव के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में सपा से गठबंधन होगा अथवा नहीं यह राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा और भविष्य में विधान सभा चुनाव राष्ट्रीय नेतृत्व के आदेश पर उसी हिसाब से तैयारी करके लड़ा जाएगा। उन्होंने महाकुंभ के आयोजन पर कहा कि कुंभ में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर्वाेच्च पद पर आसीन मोहन भागवत नहीं आए जिसका जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए कि आखिर वे सबसे बड़े हिंदूवादी संगठन के मुखिया हैं फिर वे इस आयोजन में क्यों नहीं आए। प्रदेश अध्यक्ष ने अनिल यादव के चाचा मुलायम सिंह यादव के निधन पर शोक जताया और श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि ईश्वर परिवार को सहनशक्ति प्रदान करे। उनका जिला कांग्रेस महासचिव सतीश नागर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। जिलाध्यक्ष मलखान सिंह यादव, प्रांतीय नेता आशुतोष दीक्षित, शहर अध्यक्ष पल्लव दुबे, प्रशांत तिवारी, प्रेम किशोर द्विवेदी आदि मौजूद रहे। कांग्रेस अध्यक्ष ने दिया था बयान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी के कठमुल्ला वाले बयान पर घेरा था। कहा था कि योगी को पता होना चाहिए कि यह देश सिर्फ योगी का नहीं, यह देश राम का, रहीम का, गुरुनानक का है। यह देश डा. आंबेडकर के बनाए कानून से ही चलेगा। इस देश की आजादी में सभी वर्ग का योगदान था, यह देश सभी का है। विविधता में एकता ही यहां की पहचान है। कुंभ पर भी योगी को घेरा था उन्होंने महाकुंभ में अव्यवस्था को लेकर योगी सरकार को निशाने पर लिया था। कहा था कि अव्यवस्था पर आस्था भारी पड़ी। महाकुंभ में आस्था के साथ लोग गए, लेकिन सरकार का सबसे अधिक फोकस वीआईपी की सेवा पर पर रही। जन को उनके हाल पर छोड़ दिया गया। महाकुंभ में मरे लोगों के बारे भी अनर्गल बाते सरकार की ओर से की जा रही है। गाजीपुर के मृत दारोगा की पत्नी को भी सम्मान मिलना चाहिए। महाकुंभ में ड्यूटी के दौरान उनकी मौत हुई थी।

सीएम योगी ने कहा- अबू आजमी को लेकर योगी सपा पर खूब गरजे, कहा कि उसको एक बार यूपी भेज दो, उपचार हम कर देंगे

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी के बजट सत्र में विधान परिषद को संबोधित करते हुए सपा पर जमकर हमला बोला। योगी ने कहा कि इस्लामीकरण करने वाले का सपा आदर्श मानती है। औरंगजेब को समाजवादी नायक मानते हैं। सीएम योगी ने कहा कि लोहिया के विचारों से कोसों दूर हैं। औरंगजेब क्रूर शासक था। औरंगजेब ने अपने पिता को ही जेल भेजा था। खुदा करे कि ऐसा कमबख्त किसी को पैदा न हो। अबू आजमी को लेकर योगी सपा पर खूब गरजे। कहा कि उसको एक बार यूपी भेज दो, उपचार हम कर देंगे। क्या उसको भारत के अंदर रहने का अधिकार होना चाहिए? समाजवादी पार्टी को इस पर जवाब देना चाहिए अबू आजमी को पार्टी से क्यों नहीं निकालते ? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसकी जैसी दृष्टि थी उसको वैसी ही सृष्टि प्रयागराज महाकुंभ में देखने को मिली। उन्होंने विधान परिषद में बजट पर चर्चा के दौरान यह भी कहा कि कई पार्टियां और संगठन इस आयोजन को लेकर अनर्गल बातें कर रहे थे लेकिन सरकार उनकी मौन साक्षी बनकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रही थी। आदित्यनाथ ने कहा कि जब महाकुंभ का आयोजन हो रहा था उस समय हम लोग इस बात का अनुभव कर रहे थे कि बहुत सारे ऐसे माननीय सदस्य थे, या ऐसी पार्टियां थीं, ऐसे संगठन थे जो तमाम तरह के अनर्गल प्रलाप उस समय कर रहे थे लेकिन उस सबसे इतर रहकर के हम लोग उन सभी घटनाओं के मौन साक्षी बनाकर अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन कर रहे थे। उनका कहना था कि भगवान श्री कृष्ण ने भी श्रीमद् भागवत गीता में इस बात का उल्लेख किया है कि मुझे जो जिस रूप में स्मरण करता है मैं उसी रूप में उसको दिखाई देता हूं। मुझे लगता है कि जिसकी जैसी दृष्टि थी उसको वैसी ही सृष्टि प्रयागराज में देखने को मिली। आदित्यनाथ ने कहा कि कुंभ के बारे में चर्चा वही कर सकता है जिसने महाकुंभ का दर्शन किया हो और महाकुंभ की नगरी में जाकर जो साक्षात इस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन में सहभागी बना हो। उन्होंने कहा, ”यह पहला आयोजन है जिसको पूरी दुनिया की मीडिया ने सराहा है। चाहे वह ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ (अमेरिकी अखबार) हो, ‘बीबीसी’ हो, ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ हो, रायटर हो, द गार्जियन हो, सीएनएन हो, इन सब ने इस महा आयोजन की तारीफ की।” मुख्यमंत्री के अनुसार, महाकुंभ प्रयागराज हर उसे व्यक्ति के मन मस्तिष्क पर छाता हुआ नजर आया है जो अपने आप में दुनिया का एक ”यूनीक इवेंट” (अद्भुत आयोजन) बनकर लंबे समय तक दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवाद है। अपने विचारों की अभिव्यक्ति मर्यादा के दायरे में हम अपनी अभिव्यक्ति को सदन के मंच पर रखें, इससे बड़ी दूसरी बात नहीं हो सकती है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य के बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष से जुड़े हुए सदस्यों ने जो रुचि ली है इस सदन के सामने अपने बहुमूल्य विचार रखे हैं मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं।’

आखिर एफआईआर में जाति लिखने की क्या जरूरत है और इससे क्या फायदा होगा, हाई कोर्ट ने UP डीजीपी से मांग लिया जवाब

इलाहाबाद किसी भी केस की एफआईआर में संदिग्धों की जाति का उल्लेख करने की क्या जरूरत है? इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी से यह सवाल पूछा है। अदालत ने पुलिस के शीर्ष अधिकारी से कहा है कि वे बताएं कि आखिर एफआईआर में जाति लिखने की क्या जरूरत है और इससे क्या फायदा होगा। जस्टिस विनोद दिवाकर ने संस्थागत पूर्वाग्रह और कुछ समुदाय के साथ सौतेले बर्ताव के खतरे को लेकर भी चिंता जताई। अदालत ने कहा, ‘डीजीपी को आदेश दिया जाता है कि वह पर्सनल एफिडेविट दाखिल करें। अगली तारीख पर वह बताएं कि आखिर किसी मामले की एफआईआर में संदिग्धों की जाति लिखने की क्या जरूरत है। एक ऐसे समाज में ऐसा क्यों जरूरी है, जहां जाति एक संवेदनशील मसला है और उसके नाम पर समाज में विभाजन की स्थिति पैदा हो सकती है।’ जज ने कहा कि संविधान इस बात की गारंटी देता है कि देश में जातिगत भेदभाव खत्म होगा। सभी के लिए समानता और गरिमा के साथ बर्ताव किया जाएगा। पक्षपात के साथ न्याय की परिभाषा पूरी नहीं होती। न्याय सभी के लिए एक समान और एक जैसे तरीके से होना चाहिए। जस्टिस दिवाकर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं में जाति और धर्म के उल्लेख करने पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने कहा कि था कि याचिका में जाति या धर्म लिखने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होता। इसकी बजाय भेदभाव को ही बढ़ा देता है। अदालत ने 3 मार्च को जारी आदेश में कहा कि आप एफिडेविट दें और बताएं कि जाति का उल्लेख करने की क्या कानूनी जरूरत है। इसकी बजाय यह व्यवस्थागत भेदभाव ही करता है। दरअसल यह मामला 2023 में दायर एक केस को लेकर सुनवाई का है। इटावा पुलिस ने 2013 में आईपीसी और एक्साइज ऐक्ट के तहत एक केस दर्ज किया था। इस मामले में आरोपी बनाए गए शख्स को लेकर पुलिस का दावा था कि वह एक अन्य शख्स के साथ कार में सवार था। जांच के दौरान गाड़ी से व्हिस्की की 106 बोतलें पाई गईं। इन बोतलों पर लिखा था- केवल हरियाणा में बिक्री के लिए। उससे पूछताछ के बाद एक और कार को पकड़ा गया, जिससे 237 बोतलें बरामद हुई थीं। इस मामले में पुलिस का दावा था कि आरोपी गैंग लीडर है, जो हरियाणा से शराब लाता है और उसकी बिहार में बिक्री होती है। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि हरियाणा से सस्ती शराब लाकर बिहार में ऊंचे दामों पर बेचा जाए, जहां शराब पर बैन है। इस काम से वे मोटा मुनाफा कमा रहे थे। ऐसा करने के लिए आरोपियों की ओर से अलग-अलग गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था। कई बार एक ही गाड़ी को नंबर प्लेट बदलकर इस्तेमाल किया जाता था। इस मामले की एफआईआर पढ़ने के बाद अदालत ने पाया कि सभी आरोपियों की जाति का भी जिक्र किया गया है। इसको अदालत ने आपत्तिजनक माना और डीजीपी से जवाब मांगा है। केस की अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी। इस सुनवाई में डीजीपी को एफिडेविट देकर कारण बताना होगा कि आखिर एफआईआर में जाति का उल्लेख क्यों किया गया।

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने भाई आनंद कुमार पर की कार्रवाई, राष्ट्रीय समन्वयक पद से हटाया

लखनऊ बसपा सुप्रीमो मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से निकालने के बाद अब उनके पिता आनंद कुमार को भी नेशनल कोआर्डिनेटर पद से हटा दिया है। उनकी जगह रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोआर्डिनेटर बनाया गया है। मायावती ने एक्स पर बयान जारी कर कहा कि काफी लम्बे समय से निस्वार्थ सेवा व समर्पण के साथ कार्यरत बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनन्द कुमार, जिन्हें अभी हाल ही में नेशनल कोआर्डिनेटर भी बनाया गया था, उन्होंने पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनजर एक पद पर रहकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की है, जिसका स्वागत है। मायावती ने लिखा कि ऐसे में आनंद कुमार पहले की ही तरह बीएसपी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए सीधे मेरे दिशा-निर्देशन में अपनी जिम्मेदारियों को निभाते रहेंगे। अब उनकी जगह यूपी के जिला सहारनपुर के रहने वाले रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोआर्डिनेटर की नई जिम्मेदारी दी गई है। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने लिखा कि इस प्रकार, अब रामजी गौतम, राज्यसभा सांसद रणधीर बेनीवाल ये दोनों बीएसपी नेशनल कोआर्डिनेटर (राष्ट्रीय समन्वयक) के रूप में सीधे तौर पर मेरे दिशा-निर्देशन में देश के विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारियों को संभालेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि ये लोग पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करेंगे। सोमवार को पार्टी से आकाश को निकाला मायावती ने सोमवार को अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से निकाल दिया था। इसके पहले रविवार को उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाया था। आकाश ने सोमवार को मायावती के फैसले पर प्रतिक्रिया दी थी। इससे नाराज होकर मायावती ने उन्हें बसपा से निष्कासित करने का फैसला लिया था।   ‘ससुर के प्रभाव वाली स्वार्थी व अहंकारी बयानबाजी’ मायावती ने कहा था कि आकाश को पार्टी के हित में ज्यादा बसपा से निकाले गए अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में रहने के कारण सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर किया गया। उन्हें इसका पश्चाताप कर परिपक्वता दिखानी थी। इसके उलट फैसले पर आकाश की प्रतिक्रिया उनके ससुर के प्रभाव वाली स्वार्थी व अहंकारी बयानबाजी है।  

राम मंदिर पर हमले का पूरा ब्लूप्रिंट था तैयार, अब्दुल रहमान के ठिकाने से मिली, किया गया था उसका ब्रेनवॉश

अयोध्या  फरीदाबाद के पाली से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध आतंकी अब्दुल रहमान को राम मंदिर पर हमले का टारगेट दिया गया था. 19 वर्षीय अब्दुल रहमान को इस हमले के लिए पूरी तरह तैयार किया गया था. पूरे महीनों तक ब्रेनवॉश और ट्रेनिंग के बाद, अब्दुल को दो ग्रेनेड देकर नापाक मंसूबे को अंजाम देने के लिए भेजा जा रहा था. हालांकि, अयोध्या के लिए निकलने से पहले ही गुजरात एटीएस ने उसे दबोच लिया. अयोध्या के मिल्कीपुर में दुकान चलाता था अब्दुल पूछताछ में यह बात सामने आई है कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आरोपी को आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए उसका ब्रेनवॉश किया गया था. अब्दुल रहमान, जो अयोध्या के मिल्कीपुर में दुकान चलाता था, लंबे समय से राम मंदिर की रेकी कर रहा था. गुजरात एटीएस के हत्थे चढ़े अब्दुल ने खुलासा किया कि राम मंदिर को उड़ाने की साजिश आतंकी संगठनों ने रची थी. वह इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था और नाम बदलकर बड़ी साजिश रच रहा था.   वीडियो कॉल पर ली थी ट्रेनिंग अब्दुल ने वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग ली थी और दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में भी काफी समय बिताया था. एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस दौरान वह किस-किसके संपर्क में रहा. राम मंदिर के अलावा, अब्दुल रहमान के निशाने पर अन्य कई धार्मिक स्थल भी थे. उसके मोबाइल में कई अन्य धार्मिक स्थलों की फोटो और वीडियो मिले हैं, जिसके चलते उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. आईएस के इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस मॉड्यूल से जुड़ा अब्दुल रहमान नाम बदलकर बड़ी साजिश रच रहा था। उसने वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग ली थी। वह दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में भी काफी समय बिताया था। एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इस दौरान वह किस-किसके संपर्क में रहा। मोबाइल में कई धार्मिक स्थलों के फोटो और वीडियो मिले निशाने पर राम मंदिर के अलावा भी अन्य कई धार्मिक स्थल भी थे। अब्दुल रहमान के मोबाइल में कई अन्य धार्मिक स्थलों की फोटो और वीडियो मिले हैं। जिसे लेकर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। राम मंदिर और आसपास के फुटेज खंगाल रहीं एजेंसियां सूत्रों ने बताया है कि सुरक्षा एजेंसियां राम मंदिर और आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगालेगी। पता किया जा रहा है कि राम मंदिर की रेकी के अलावा वह जहां-जहां गया उसके साथ कौन-कौन मौजूद था। अब्दुल रहमान के फरीदाबाद पहुंचने का राज सीसीटीवी कैमरा खोलेगा। जांच में जुटी गुजरात एटीएस और पलवल एसटीएफ की टीम अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अलावा पाली में मौका स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है। सीसीटीवी की जांच कर रही पुलिस सुरक्षा एजेंसियां राम मंदिर और आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही हैं. सूत्रों के अनुसार, यह पता किया जा रहा है कि राम मंदिर की रेकी के अलावा वह जहां-जहां गया, वहां कौन-कौन मौजूद था. अब्दुल रहमान के फरीदाबाद पहुंचने का राज सीसीटीवी कैमरा खोलेगा. जांच में जुटी गुजरात एटीएस और पलवल एसटीएफ की टीम अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के अलावा पाली में मौका स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है.  

मायावती ने ट्वीट कर दी जानकारी, मायावती के भाई आनंद कुमार अब सिर्फ उपाध्यक्ष के पद पर काम करेंगे

नई दिल्ली बसपा प्रमुख मायावती के भाई आनंद कुमार पार्टी के नेशनल कॉर्डिनेटर नहीं रहेंगे। उन्हें इसी सप्ताह यह जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन मायावती ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि अब वह सिर्फ उपाध्यक्ष के पद पर काम करेंगे। मायावती ने कहा कि आनंद कुमार ने ही एक पद पर ही काम करने की इच्छा जाहिर की, जिसका स्वागत है। मायावती ने एक्स पर लिखा, ‘काफी लम्बे समय से निस्वार्थ सेवा व समर्पण के साथ कार्यरत बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनन्द कुमार को अभी हाल ही में नेशनल कोआर्डिनेटर भी बनाया गया था। उन्होंने पार्टी व मूवमेन्ट के हित के मद्देनज़र एक पद पर रहकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की है, जिसका स्वागत है।’ इसके आगे मायावती लिखती हैं, ‘आनन्द कुमार पहले की ही तरह बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए सीधे मेरे दिशा-निर्देशन में पूर्ववत अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाते रहेंगे। और अब उनकी जगह यूपी के ज़िला सहारनपुर निवासी रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोआर्डिनेटर की नई ज़िम्मेदारी दी गई है। इस प्रकार, अब रामजी गौतम व रणधीर बेनीवाल ये दोनों बीएसपी नेशनल कोआर्डिनेटर के रूप में सीधे तौर पर मेरे दिशा-निर्देशन में देश के विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारियों को संभालेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि ये लोग पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।’ इस तरह मायावती ने तीन दिन के अंदर ही अपना फैसला बदल लिया है। रविवार को ही आनंद कुमार को नेशनल कॉर्डिनेटर घोषित किया गया था। आकाश आनंद को लेकर मायावती के फैसले ने बसपा के भीतर भी लोगों को चौंकाया है। मायावती ने भतीजे को दो बार अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया, लेकिन रविवार को उन्हें नेशनल कॉर्डिनेटर के पद से हटा दिया। यही नहीं फिर उन्होंने सोमवार को ऐलान कर दिया कि आकाश आनंद को पार्टी से ही निकाला जाता है। मायावती ने यह भी कहा कि आकाश आनंद ने प्रायश्चित नहीं किया बल्कि अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ की तरह ही अहंकार दिखाया। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद ने अपने ससुर के साथ मिलकर पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसलिए उन्हें पार्टी से ही बाहर का रास्ता दिखाया जाता है।

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