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संगोष्ठी में भाग लेने के लिए आ रहे हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति की कार की टक्कर, टल गया बड़ा हादसा, बाल-बाल बचे

देवरिया उच्च न्यायालय इलाहाबाद के न्यायमूर्ति राजीव कुमार सिंह की कार शनिवार देवरिया में सिविल लाइंस रोड पर पुलिस स्कॉट वाहन से अचानक टकरा गई। संयोग रहा कि किसी को चोट नहीं आई है। न्यायमूर्ति सहित कार में सवार सभी लोग बाल बाल बच गए। न्यायमूर्ति दोपहर में दीवानी न्यायालय देवरिया के सभागार में आयोजित न्याय में फॉरेंसिक साइंस का योगदान विषय पर आयोजित संगोष्ठी में भाग लेने के लिए आ रहे थे। उनका काफिला अभी सिविल लाइंस रोड पर विकास भवन के आगे पहुंचा था कि आगे आगे चल रहे पुलिस स्कॉर्ट वाहन का अचानक ब्रेक लग गया। इसकी वजह से न्यायमूर्ति की कार पुलिस स्कॉर्ट वाहन से टकरा गई। न्यायमूर्ति की कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद वहां अफरा तफरी मच गई। कुछ मिनट के लिए काफिला रुक गया। कार में सवार न्यायमूर्ति सहित स्टाफ बाल बाल बच गए। न्यायमूर्ति के काफिले में अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ जीके गोस्वामी भी शामिल थे। इसके बाद काफिला दीवानी न्यायालय के लिए रवाना हो गया।

योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी का कार्यकाल बढ़ा, उनका कार्यकाल तीसरी बार बढ़ाया गया

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी का कार्यकाल एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है। नए आदेश के अनुसार, अवनीश अवस्थी अब 28 फरवरी 2026 तक अपने पद पर बने रहेंगे। यह उनके कार्यकाल का तीसरा विस्तार है। सलाहकार के रूप में उनका कार्यकाल तीसरी बार बढ़ाया गया है। पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी 2022 में रिटायर होने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में प्रशासनिक मामलों में सलाहकार के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने योगी सरकार के पहले कार्यकाल में गृह और सूचना विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली थी। पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी सहयोगियों में माने जाते हैं और वह योगी सरकार में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें राज्य प्रशासन में सबसे प्रभावशाली और ताकतवर अधिकारियों में से एक माना जाता है। 1987 बैच के यूपी कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी 31 अगस्त 2022 को रिटायर हो गए थे, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भरोसेमंद सहयोगी होने के कारण उन्हें मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था। सीएम योगी को प्रशासनिक मामलों में सलाह देने के लिए एक सलाहकार के तौर पर एक अस्थायी पद सृजित किया गया था।  

उत्तर प्रदेश के हरदोई में ट्रेन को पटरी से उतारने की बना रहे थे प्लान, दो संदिग्ध हिरासत में लिया

हरदोई उत्तर प्रदेश के हरदोई में शनिवार को एक बार फिर दो अराजक तत्वों की खौफनाक साजिश का खुलासा हुआ। दोनों आरोपी ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश कर रहे थे। उन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हरदोई के सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने बताया कि शनिवार को आरपीएफ ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी कि हरदोई और कौढ़ा रेलवे स्टेशनों के मध्य दो युवकों द्वारा एक पत्थर और नट-बोल्ट को उठाकर ट्रैक पर रखा जा रहा है। आरपीएफ ने दो संदिग्धों को पकड़कर स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस द्वारा गहनता से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच के उपरांत जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। दोनों युवकों से पूछताछ में साजिश से जुड़ी अन्य जानकारियां भी जुटाई जा रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस साजिश में कोई अन्य शामिल है या नहीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि दो व्यक्ति लोहे के बोल्ट और पत्थर को रेल ट्रैक पर रखकर ट्रेन को डिरेल करने की साजिश कर रहे थे। उसी समय लोको पायलट ने अचानक ट्रेन रोक दी और घटना की जानकारी रेलवे के गेट मैन को दी। जानकारी होते ही ट्रेन मैनेजर ने तत्परता दिखाते हुए घटना में शामिल दो संदिग्धों को पकड़ लिया और ट्रेन में बैठा लिया। रेलवे सुरक्षा बल हरदोई ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। हिरासत में लिए गए दोनों संदिग्धों को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

योगी सरकार ने कहा- नदियों केकिनारे पर 5/5 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ प्राकृतिक खेती होगी, खेती को देंगे विस्तार

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को और विस्तार देगी। सरकार ने तय किया है कि अब सिर्फ गंगा ही नहीं स्थानीय नदियों के दोनों किनारे पर 5/5 किलोमीटर के दायरे में सिर्फ प्राकृतिक खेती होगी। इस बाबत 1886 क्लस्टर बनाए जाएंगे। सरकार इस पर 270.62 करोड़ रुपए खर्च करेगी। अधिकृत सूत्रों ने बताया कि हाल में हुई राज्य स्तरीय कृषि समिति की बैठक में इस कार्ययोजना को मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके पूर्व कैबिनेट में भी प्राकृतिक खेती और खेत तालाब योजना के लिए इसके पूर्व भी 1191.51 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली थी। सरकार ने बनाई ये योजना सूत्रों के अनुसार, हाल ही में सरकार की ओर से प्रस्तुत बजट में भी नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के तहत प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन देने के लिए 124 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। सरकार की योजना है कि प्रदेश में गंगा सहित सभी स्थानीय नदियों जिन जिलों से गुजरती है उनके दोनों किनारों पर एक दायरे में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जाए। ऐसी खेती जिसमें रासायनिक खादों और जहरीले कीटनाशकों की जगह उपज बढ़ाने और फसलों के सामयिक संरक्षण के लिए पूरी तरह जैविक उत्पादों का प्रयोग हो ताकि लीचिंग रिसाव के जरिए रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों का जहर इन नदियों में घुलकर उनको प्रदूषित न कर सकें। 1000 से अधिक गांवों में हो रही है प्राकृतिक खेती उल्लेखनीय है कि गंगा के तटवर्ती 27 जनपदों में पहले से ही नमामि गंगे योजना चलाई जा रही है, जिसके अंतर्गत रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। अद्यतन आंकड़ों के अनुसार गंगा के किनारे के 1000 से अधिक गांवों में प्राकृतिक खेती हो रही है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 54 जनपदों में परंपरागत कृषि विकास योजना संचालित की जा रही है। सरकार की मंशा निराश्रित गोवंश के नाते सबसे प्रभावित बुंदेलखंड को प्राकृतिक खेती के लिहाज से उत्तर प्रदेश का हब बनाना है। योगी सरकार के पहले कार्यकाल से ही यह सिलसिला शुरू हो चुका है। जिन करीब 5000 क्लस्टर्स में 18000 से अधिक किसान लगभग 10 हजार हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं उनमें नमामि गंगा योजना के तहत करीब 3300 क्लस्टर्स में 6 लगभग 6500 हैक्टेयर में प्राकृतिक खेती हो रही है। इस खेती से जुड़े किसानों की संख्या एक लाख से अधिक है। 

जिन लोगों ने महाकुंभ पर सवाल उठाए थे, उमड़े जनसैलाब ने उनके मुंह पर मारा तमाचा: केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हाल ही में महाकुंभ को लेकर उठाए गए सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने महाकुंभ पर सवाल उठाए थे, उनके मुंह पर वहां उमड़े लाखों भक्तों का जनसैलाब एक तरह से करारा तमाचा साबित हुआ है। अखिलेश पर साधा निशाना महाकुंभ से हुई आय को भगदड़ में मृत हुए परिवारों को देने की सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मांग पर केशव प्रसाद मौर्य ने जवाब दिया कि अखिलेश यादव हमारे सलाहकार नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अपने काम को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी से कर रही है, और किसी की सलाह की आवश्यकता नहीं है। ‘सपा दंगाइयों, माफियाओं, गुंडों की पार्टी’ जब उनसे पूछा गया कि समाजवादी पार्टी के सांसदों पर सबसे ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं, तो केशव प्रसाद मौर्य ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी दंगाइयों, माफियाओं और गुंडों की पार्टी बन चुकी है। उनका कहना था कि अगर इन लोगों को पार्टी से निकाल दिया जाए, तो समाजवादी पार्टी का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।

गर्लफ्रेंड से परेशान होकर युवक ने की आत्महत्या, प्रेमिका और उसके परिजनों को ठहराया जिम्मेदार

किरावली आगरा में टीसीएस मैनेजर मानव शर्मा की आत्महत्या वीडियो वायरल होने के बाद अब किरावली में थाना अछनेरा क्षेत्र में 16 फरवरी को युवक ने आत्महत्या की थी। शुक्रवार को युवक का सुसाइड नोट और वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। युवक ने आत्महत्या के लिए प्रेमिका और उसके परिजनों को जिम्मेदार ठहराया है। परिजनों की तहरी पर पुलिस ने प्रेमिका और उसके परिजनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। जितेंद्र कुमार उर्फ बंटी बघेल पुत्र राजेंद्र सिंह दो बहनों के बीच इकलौता भाई था। किसी प्राइवेट कंपनी में कार्यरत था। उसने संदिग्ध परिस्थितियों में 16 फरवरी को घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद परिजनों को मालूम हुआ कि जितेंद्र ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो और सुसाइड नोट छोड़ा था। वीडियो और सुसाइड नोट में उसने अपनी प्रेमिका और उसके परिजनों पर धमकाने और धनराशि हड़पने के बावजूद शादी नहीं करने का जिक्र किया था। अब परिजनों ने थाना अछनेरा में सुसाइड नोट में नामजदों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने प्रेमिका नीरू, उसके भाई मनोज, सौरभ, पिता कमल सिंह फौजी और मां मीना देवी के विरुद्ध इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। अछनेरा के थाना प्रभारी, विनोद मिश्रा ने कहा कि घटना की समस्त तथ्यों पर जांच की जा रही है। मृतक के मोबाइल फोन की सीडीआर और सोशल मीडिया अकाउंट की पोस्ट की तकनीकी जांच कराई जा रही है। प्रेमिका, उसके भाई और माता-पिता के विरद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है। शादी के बहाने सात लाख रुपये हड़पे मृतक जितेंद्र द्वारा अपने 2:29 मिनट के वीडियो में बोला जा रहा है कि उसका जिस लड़की से अफेयर था, वह उसके साथ शादी करना चाहता था। शादी की आड़ में लड़की ने धीरे धीरे लगभग सात लाख रुपये हड़प लिए। इसके बावजूद शादी से इनकार किया जाता रहा। अपनी धनराशि वापस मांगे जाने पर उस लड़की ने अपने परिजनों के साथ मिलकर धमकाना शुरू कर दिया। आए दिन धमकियां मिलने लगी। इसके बाद मजबूरी में आत्महत्या का कदम उठाना पड़ रहा है।

मथुरा में चंद्र शेखर के काफिले पर दो बाइक सवारों ने फेंके पत्थर, इसके बाद समर्थकों ने जमकर किया हंगामा

मथुरा मथुरा में चंद्र शेखर के काफिले पर हमला हुआ है। मांट के सिर्रेला से भगत नगरिया जाते समय परसोतीगढ़ी के पास दो बाइक सवारों ने चंद्र शेखर के काफिले पर पत्थर फेंके हैं। इसके बाद समर्थकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान लोगों ने एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। अब उस व्यक्ति कि सहभागिता पर पुलिस जांच कर रही है। बता दें कि रिफाइनरी थाना क्षेत्र के एक गांव में सात दिन पहले दुल्हन बनीं दो सगी दलित बहनों और बरातियों से मारपीट का मामला सामने आया था। बरात ब‍िना शादी के वापस हो गई थी। अब ये मामला तूल पकड़ गया है। इन्हीं दुल्हनों के परिजनों से मिलने सांसद चंद्रशेखर पहुंचे थे। वापसी के समय उनके काफिले पर हमला हो गया।

कार में सवार लोग महाकुंभ में स्नान कर अयोध्या दर्शन के बाद सूरत लौट रहे थे, तभी हुआ हादसा, 4 सदस्यों की मौत, बेटी गंभीर

मोंठ (झांसी) चिरगांव थाना क्षेत्र में हाईवे पर शुक्रवार तड़के सुबह एक भीषण सड़क हादसे में गुजरात के सूरत के रहने वाले एक हीरा कारोबारी परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर घायल हो गई। हादसा सुल्तानपुरा मोड़ फ्लाईओवर पर हुआ, जहां तेज रफ्तार कार आगे चल रहे एक ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। ट्रक से भिड़ी कार, परखच्चे उड़े जानकारी के मुताबिक, हादसा शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे हुआ। कार में सवार लोग महाकुंभ में स्नान कर अयोध्या दर्शन के बाद सूरत लौट रहे थे। रास्ते में चाय के लिए सेमरी टोल प्लाजा के पास एक ढाबे पर रुके थे। वहां से रवाना होने के कुछ ही मिनट बाद उनकी कार तेज रफ्तार में आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक ने कार को घसीट दिया और फिर चालक मौके से फरार हो गया। चार की मौत, बेटी की हालत गंभीर हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से कार के दरवाजे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला गया और मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने जगदीश भाई (50), उनकी पत्नी कैलाश बेन (48), साले विपिन भाई (54) और उनकी पत्नी भावना बेन (51) को मृत घोषित कर दिया। वहीं, जगदीश की बेटी मिली (20) गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है। तेज रफ्तार बनी मौत की वजह जानकारी मिली है कि हादसे से कुछ देर पहले कार विपिन भाई चला रहे थे, जिन्हें जल्दी सूरत पहुंचना था। इसी कारण कार की रफ्तार काफी तेज थी। एसपी ग्रामीण गोपीनाथ सोनी ने बताया कि हादसे के समय एयरबैग खुल गए थे, लेकिन तेज रफ्तार के कारण टक्कर इतनी भीषण थी कि जान नहीं बच सकी। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हादसे की खबर मिलते ही सूरत में परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे और वहां से कार से झांसी आ रहे हैं। जगदीश और कैलाश की एक बेटी मिली और एक बेटा है, जबकि विपिन और भावना के दो बेटे हैं। एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से घर में मातम पसरा हुआ है। ट्रक चालक की तलाश जारी शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। एसपीआरए गौरीनाथ सोनी का कहना है कि हादसे की पूरी जांच की जाएगी और दोषी ट्रक चालक के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी। फिलहाल ट्रक की तलाश की जा रही है।

फिर अतुल सुभाष जैसा मामला सामने आया, पत्नी से परेशान TCS मैनेजर ने लगाई फांसी, माता-पिता को कोई परेशान न करे

आगरा आगरा में अतुल सुभाष जैसा सुसाइड सामने आया है। यहां पत्नी से परेशान TCS मैनेजर ने फांसी लगा ली है। मानव ने फंदा डालकर रोते हुए वीडियो बनाया। मानव ने कहा कि उनके माता-पिता को कोई परेशान न करे। यूपी में एक बार फिर अतुल सुभाष जैसा मामला सामने आया है। मल्टीनेशनल कंपनी टीसीएस के एक मैनेजर ने पत्नी से तंग आकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो सोशल मीडिया पर डाला और उसमें रोते हुए अपना सारा दर्द बयां किया। टीसीएस मैनेजर मानव शर्मा ने आत्महत्या से पहले बनाई वीडियो में खुलासा किया कि वो पत्नी के उत्पीड़न से परेशान हैं। साथ ही उसने मांग की कि कानून पुरुषों को भी सुरक्षा दे। मानव शर्मा ने गले में फंदा लगाकर वीडियो बनाया और कहा कि उनके माता-पिता को कोई परेशान न करे। गले में फंदा बांधकर बनाया वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट की 6 मिनट 56 सेकेंड के वीडियो में मानव शर्मा गले में फंदा लगाकर बात कर रहे हैं। फंदे का एक छोर पंखे से बंधा है। इस वीडियो में मानव कह रहे हैं कि ये उन अधिकारियों के लिए जो पुलिस और कानून से जुड़े हैं। कानून पुरुषों को सुरक्षित रखने के लिए होना चाहिए नहीं तो ऐसा समय आएगा कि कोई आदमी बचेगा नहीं जिस पर इल्जाम लगा सको। मैं अपना बताता हूं मेरा सभी की तरह ही है। मेरी पत्नी का पता चला कि किसी के साथ संबंध है। लेकिन कोई बात नहीं। मुझे जाने से कोई दिक्कत नहीं है। मैं तो जाना चाहता हूं। मर्दों का सोचो। मर्दों के बारे में कोई तो बात करे। बेचारे बहुत अकेले हैं। माता-पिता से मांगी माफी इसके बाद मानव शर्मा वीडियो में रोते हुए दिखे। उन्होंने इसके बाद अपने परिवार से माफी मांगी। उन्होंने कहा पापा सॉरी, मम्मी सॉरी। मेरे जाते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। अच्छा मैं समझ रहा हूं कि कैसे मरते हैं। लेकिन तब तक फिर गुजारिश करुंगा कि अपनी जिंदगी में शामिल मर्दों के बारे में सोचो। मैं हमेशा सब छोड़ने वालों में से रहा। मैंने पहले भी सुसाइड की कोशिश की है कई बार। उन्होंने अपनी कलाई पर लगे कट के निशान भी दिखाए। रोते हुए बयां किया दर्द मानव शर्मा ने वीडियो में कहा कि मुझे छोड़ो बस आप लोग अपना सभी ध्यान रखो। उन्होंने कहा चलो ठीक है पीस आउट। तुम्हारा लॉ एंड ऑर्डर, लॉ एंड ऑर्डर, लॉ एंड ऑर्डर ढंग से करो अगर करना है लेकिन नहीं तो फिर ठीक है जाएंगे कोई दिक्कत नहीं है। माता-पिता को नहीं करना टच मानव शर्मा ने आखिर में कहा कि इतना मैं कहना चाहता हूं कि मेरे मां-बाप को टच नहीं करना। इतना कहते हुए वीडियो बीच में बंद होता दिखा। इसके बाद बताया जा रहा है कि मानव शर्मा ने आत्महत्या कर ली। पुलिस वीडियो का संज्ञान लेकर मामले की जांच में जुटी है।

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या ने तोड़े रिकॉर्ड, 65 करोड़ भक्त पहुंचे, 8 लाख श्रद्धालुओं को मिला आयुष का लाभ

प्रयागराज महाकुंभ में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई व्यवस्थाएं की गई। इसी के तहत लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए, आयुष मंत्रालय ने आठ लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं, जिससे महाकुंभ मेले के दौरान उनकी पवित्र यात्रा सुरक्षित और स्वस्थ रही। 20 आयुष ओपीडी स्थापित करने से लेकर मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों की तैनाती तक, 90 से अधिक डॉक्टर और 150 स्वास्थ्यकर्मी पूरे भव्य आध्यात्मिक आयोजन के दौरान निरंतर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। इन समर्पित प्रयासों ने सुनिश्चित किया कि भक्त, कल्पवासी और संत बिना किसी स्वास्थ्य संबंधी चिंता के पवित्र उत्सव में भाग ले सकें, खासकर पवित्र महाशिवरात्रि स्नान के दौरान। आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ली सेवाएं प्रयागराज महाकुंभ में आयुष के नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मंत्रालय ने आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जो पारंपरिक भारतीय चिकित्सा में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। श्रद्धालुओं को मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) द्वारा आयोजित चिकित्सीय योग सत्रों से भी लाभ मिला, जिससे शारीरिक और मानसिक कल्याण को बढ़ावा मिला। अखाड़ों के साधुओं के लिए समर्पित स्वास्थ्य जांच स्वास्थ्य सेवा तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर-2, सेक्टर-21 और सेक्टर 24 में तीन आयुष कन्वेंशन हॉल स्थापित किए गए, जहां प्रतिदिन योग और स्वास्थ्य सत्रों के माध्यम से तीर्थयात्रियों को निवारक स्वास्थ्य सेवा, रोग प्रबंधन और समग्र जीवन शैली के बारे में शिक्षित किया गया। जूना, आनंद, निरंजनी और वैष्णव अखाड़ों जैसे प्रमुख अखाड़ों में समर्पित स्वास्थ्य जांच के साथ श्रद्धेय साधुओं और संतों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मोबाइल आयुष स्वास्थ्य इकाइयां इसके अतिरिक्त, मोबाइल आयुष स्वास्थ्य इकाइयों ने पूरे मेला क्षेत्र में दवाइयां वितरित कीं, जबकि विभिन्न टीमों ने विभिन्न आयुष सुविधाओं पर छतरियों से कार्य करते हुए कल्पवासियों को आवश्यक स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराई। श्रद्धालुओं को आम बीमारियों से बचाने के लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने एक विशेष पहल की शुरुआत की, जिसके तहत 10,000 आयुष रक्षा किट वितरित की गईं, जिनमें आवश्यक आयुर्वेदिक दवाएँ और स्वास्थ्य उत्पाद शामिल थे। इस पहल के साथ ही एक सप्ताह तक चलने वाला स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें 15,000 तीर्थयात्रियों को लाभ मिला, जिससे निवारक और समग्र स्वास्थ्य सेवा के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को बल मिला। श्रद्धालुओं को 25,000 से अधिक औषधीय पौधे किए वितरित इस आयोजन में हरित स्पर्श जोड़ते हुए, राष्ट्रीय औषधीय पौध बोर्ड (एनएमपीबी) ने श्रद्धालुओं को 25,000 से अधिक औषधीय पौधे वितरित किए – जिनमें तुलसी, अश्वगंधा, शतावरी, नीम, आंवला और करी पत्ता शामिल हैं – जिससे प्राकृतिक उपचार को बढ़ावा मिला और दैनिक जीवन में औषधीय पौधों के महत्व पर बल मिला। महाकुंभ मेला सिर्फ़ आध्यात्मिक जागृति के लिए न होकर; यह उन लाखों लोगों की भलाई के लिए भी है जो इस पवित्र यात्रा पर निकलते हैं। आयुष मंत्रालय इस भव्य आयोजन में पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा को एकीकृत करने के अपने प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध रहा, जिससे समग्र स्वास्थ्य आध्यात्मिक अनुभव का एक अभिन्न अंग बन गया। महाशिवरात्रि के दिन 81 लाख श्रद्धालु पहुंचे संगम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन (जो महाकुंभ का आखिरी दिन था), रात 2 बजे तक 11.66 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। अगले दो घंटों में ये संख्या बढ़कर 25.64 लाख और सुबह 6 बजे तक 41.11 लाख हो गई। सुबह 10 बजे तक कुल 81.09 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। महाकुंभ का यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा आर्थिक ड्राइवर साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था कि महाकुंभ यूपी की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाएगा। महाकुंभ 2025 की चौंकाने वाली संख्या महाकुंभ में 65 करोड़ श्रद्धालु जुटे हैं, जो किसी भी अन्य धार्मिक आयोजन की तुलना में सर्वाधिक हैं। महाशिवरात्रि का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य मिलन की याद में मनाया जाता है। महाकुंभ के दौरान प्रमुख स्नान दिनों पर जैसे माघी संक्रांति (14 जनवरी) को 3.5 करोड़, मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा पर क्रमशः 2 करोड़ और 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यूपी सरकार ने अनुमान जताया था कि 45 दिनों में 45 करोड़ श्रद्धालु आएंगे, जो आंकड़ा महाकुंभ ने दो सप्ताह पहले ही पार कर दिया। 3 लाख करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति महाकुंभ के आयोजन में सरकार ने 7,500 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि मुख्यमंत्री योगी ने 3 लाख करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद जताई है। उनके अनुसार, अगर एक श्रद्धालु 8,000 रुपए खर्च करता है, तो कुल खर्च 3.2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी इस आंकड़े को समर्थन दिया और बताया कि इस आयोजन से होटल, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यापारिक गतिविधियों में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की आय हो सकती है। सुरक्षा और प्रबंधन महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद सख्त थी। यूपी पुलिस के अनुसार, 50,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी और 2,700 ए.आई. कैमरों का उपयोग किया गया था। इसके अलावा, 113 अंडरवाटर ड्रोन भी पानी की निगरानी के लिए लगाए गए थे। कुंभ में विशाल तंबू और श्रमिकों की मेहनत इस बार के कुंभ मेले में लगभग 68 लाख लकड़ी की पोल का इस्तेमाल किया गया, जिनकी लंबाई कुल मिलाकर 20,726 किलोमीटर से अधिक थी। इसके अलावा, 100 किलोमीटर के कपड़े और 250 टन CGI शीट्स का उपयोग किया गया। इन संरचनाओं को तैयार करने के लिए 3,000 श्रमिकों ने तीन शिफ्टों में काम किया।  

मेरठ में घरवालों को दूध में नशा मिलाकर पिलाया, फिर रात में दुल्हन ने किया कांड; सुबह मची चीख-पुकार

 मेरठ उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक लुटेरी दुल्हन का मामला सामने आया है. यहां एक शख्स ने पुलिस से शादी के 10 दिन बाद नई नवेली दुल्हन पर ज्वेलरी और नगदी लेकर फरार होने का आरोप लगाते हुए शिकायत की है .पुलिस अब पूरे मामले की जांच में लगी है.   दरअसल मामला मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव का है जहां के रहने वाले जोगेंद्र ने पुलिस से शिकायत की है कि 26 जनवरी को दौराला थाना क्षेत्र का रहने वाला मदनपाल नाम का व्यक्ति मिला जो कि शादी कराने का काम करता है. इसके बाद मदनपाल दो और लोग – सुनील और शिवम को लेकर उस के घर आया.सुनील ने बताया कि उसके भाई की एक लड़की है जिसका नाम लक्ष्मी है और वह उससे जोगेंद्र की शादी कराना चाहता है.लड़की की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और अगर जोगेंद्र शादी का खर्चा 8 लाख रुपये देगा तो वह शादी कर देगा. इसके बाद जोगेंद्र शादी करने के लिए तैयार हो गया और 8 लाख रुपये भी दे दिए.8 फरवरी को हिंदू रीति रिवाज के अनुसार योगेंद्र और लक्ष्मी की शादी हो गई और 18 तारीख को मदनपाल , सुनील व शिवम लक्ष्मी से मिलने घर आए और तीनों ने लक्ष्मी के साथ मिलकर जोगेंद्र और उसके परिवार को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी और पूरा परिवार गहरी नींद में सो गया. इसके बाद अगले दिन सुबह 8:00 बजे जोगेंद्र और पूरा परिवार उठा तो मदनपाल ,लक्ष्मी , सुनील और शिवम सभी गायब थे.घर से सोने चांदी के जेवर भी गायब थे और घर में रखे 60  हजार रुपये भी गायब थे. इसके बाद जोगेंद्र को घर में नींद की गोली के रैपर भी मिले.जोगेंद्र का कहना है कि इसके बाद वह अपनी ससुराल गया और अपना सामान और पैसे मांगे तो उसके साथ इन लोगों ने गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी.लक्ष्मी ने भी उसके साथ आने से मना कर दिया और घर से भगा दिया .जोगेंद्र का कहना है कि गांव से पता चला है कि लक्ष्मी पहले भी ऐसा कर चुकी है.जोगेंद्र ने पुलिस से गुहार लगाई कि उसकी रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की जाए. इस मामले में मेरठ के एसपी देहात राकेश कुमार ने बताया कि थाना क्षेत्र भावनपुर के मुबारकपुर गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें आरोप लगाया है कि इसी महीने में उसकी शादी हुई है और घर का कीमती सामान लेकर दुल्हन चली गई है. जब उससे संपर्क करने का प्रयास किया गया तो संपर्क नहीं हो रहा है और अन्य भी आरोप है इस संबंध में थाना भावनपुर को निर्देशित किया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है. जो भी तथ्य प्रकाश में आएंगे उनके अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.  

चंदौली में भीषण हादसा ट्रक-बोलेरो की टक्कर से बच्‍ची समेत 4 की मौत, 7 घायल

चंदौली  नौगढ़-मधुपुर मुख्य मार्ग पर गुरुवार की देर रात बोलेरो और ट्रक की जोरदार टक्कर में बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में बालिका समेत चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 108 एंबुलेंस से सोनभद्र के मधुपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्‍टरों ने जांच के बाद चार को मृत घोषित कर दिया। चार की हालत नाजुक होने पर ट्रामा सेंटर वाराणसी भेज दिया। तीन का उपचार मेडिकल कॉलेज सोनभद्र में किया जा रहा। चकिया थाना के पालपुर ग्राम में इस्तखार अहमद के घर 22 फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन था। इसमें शामिल होने किए उनके रिश्तेदार विभिन्न जगहों से आए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लोगों के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया था। इसी क्रम कोलकाता से आए कुछ रिश्तेदारों को ट्रेन पर बैठाने के लिए इस्तेखार बोलेरो से रेणुकूट जा रहे थे। ट्रक की टक्‍कर से पलट गई बोलेरो, चार लोगों की मौत जैसे ही वाहन नौगढ़ थाना के जयमोहिनी पोस्ता गांव के पास पहुंचा, विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने बोलेरो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्‍कर की वजह से गाड़ी पलट गई। हादसे में पालपुर निवासी 46 वर्षीय इस्तखार अहमद, कोलकाता के रहने वाले 52 वर्षीय अख्तर अंसारी, 33 वर्षीय हकीमुन निशा व सात वर्षीय सायना की मौत हो गई। वहीं, नूर अहमद, रोशन आरा, साबरा खातून, अफसाना खातून समेत तीन बच्चियां घायल हो गईं। पेड़ से टकराई अनियंत्रित कार, व्यवसायी की मौत, चार घायल इससे पहले बुधवार की देर रात में बभनियांव गांव के पास कमालपुर के व्यवसायी ओमप्रकाश रस्तोगी की कार असंतुलित होकर सड़क के किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में ओमप्रकाश की मौके पर मौत हो गई। वहीं, अन्य चार लोग घायल हो गए। महाशि‍वरात्र‍ि पर पूजा करके वापस लौट रहे थे ओमप्रकाश कमालपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी ओम प्रकाश रस्तोगी अक्सर मार्कंडे महादेव जाकर जलाभिषेक करते थे। इसी क्रम में वह बीते 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर जलाभिषेक करने के लिए अपने चार अन्य व्यापारियों के साथ गए थे। वहां पर पूजा अर्चन कर जब सभी लोग घर वापस आ रहे थे तो कार का दुर्घटना का शिकार हो गई।

महाकुंभ के समापन के बाद भी संगम में भारी भीड़, कार-बाइक से डुबकी लगाने पहुंच रहे श्रद्धालु

 प्रयागराज प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 का बुधवार को समापन हो गया, लेकिन बावजूद इसके बड़ी संख्या में तीर्थयात्री संगम तट पर उमड़े. जिनमें से कई ऐसे भी थे जो 45 दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन के दौरान पवित्र स्नान करने से चूक गए थे. चूंकि, प्रयागराज में यातायात प्रतिबंधों में ढील दी गई है, इसलिए कुंभ मेला क्षेत्र के पास के मैदान अब विभिन्न राज्यों से आई कारों और अन्य वाहनों के पार्किंग स्थल बन गए हैं. कई लोग सीधे गंगा घाटों की ओर जा रहे हैं. हालांकि, कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है, लेकिन शुक्रवार सुबह से ही हजारों लोग त्रिवेणी संगम पर उमड़ पड़े हैं और सुबह तक स्नान अनुष्ठान कर रहे हैं. सुबह पांच बजे तक घाटों पर लोगों की ऊर्जा और उत्साह अभी भी बरकरार था, जिनमें से बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु के अलावा प्रयागराज के कई स्थानीय निवासी भी आए थे. महाकुंभ मेले में न आ पाने वाले कई तीर्थयात्री संगम पर आए हैं और संगम पर पवित्र स्नान करने से पहले और बाद में उनकी भावनाएं उसी उत्साह को दर्शाती हैं, जैसा कि मेला अवधि के दौरान स्नान करने वालों ने दिखाया था. अधिकांश तीर्थयात्री संगम के सिरे पर संगम नोज पर उमड़ रहे हैं, जबकि इसके पास के घाट भी तीर्थयात्रियों से भरे हुए हैं. इनमें से एक चेन्नई निवासी आशीष कुमार सिंह भी थे, जो तमिलनाडु की राजधानी से आए थे. उन्होंने बताया कि वे गुरुवार रात करीब 11.30 बजे पवित्र स्नान करने के लिए संगम स्थल के पास पहुंचे थे. उन्होंने न्यूज एजेंसी से कहा, “मैं रात करीब 11.45 बजे स्नान करने की योजना बना रहा था, लेकिन उसी समय आग लगने की घटना घट गई, इसलिए मैं नंदी द्वार पार करते समय दमकल गाड़ियों के पीछे-पीछे चला गया. लेकिन, मैं आखिरकार सुबह करीब 3 बजे वहां पहुंच गया. यह एक अद्भुत अनुभव था.” कक्षा 11 के छात्र आशीष कुमार सिंह ने बताया कि उनका जन्म बिहार में हुआ, लेकिन वे चेन्नई में पले-बढ़े हैं और हिंदी, भोजपुरी, अंग्रेजी और तमिल भाषाएं समान रूप से बोलते हैं. संगम नोज पर उनके बगल में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से आए परिवार के सदस्यों के एक समूह ने भी पवित्र स्नान किया. बता दें कि 12 साल में एक बार होने वाला यह धार्मिक आयोजन 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को शुरू हुआ और नागा साधुओं के भव्य जुलूस और तीन ‘अमृत स्नान’ हुए. बुधवार यानि 26 फरवरी को को महाशिवरात्रि पर अंतिम शुभ ‘स्नान’ के साथ इसका समापन हुआ. महाकुंभ मेले के दौरान 66 करोड़ से अधिक लोगों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई. हालांकि, महाकुंभ के समापन के बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है. गंगा जल ले जाने के लिए पानी के बर्तन बेचने वाले केदारनाथ भी संगम नोज क्षेत्र में मौजूद थे और आधी रात से भोर तक अपना सामान बेचते रहे. उन्होंने कहा कि कुंभ मेला खत्म हो गया है, लेकिन धार्मिक उत्साह अभी भी वैसा ही है, एक दिन बाद भी लोग संगम पर उमड़ रहे हैं. यह वैसा ही रहेगा, क्योंकि प्रयागराज गैर-मेला दिनों में भी तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है. जैसे-जैसे भोर हुई, पवित्र स्नान के लिए संगम स्थल पर आने वाले लोगों की संख्या हर गुजरते घंटे के साथ कम होती गई.   सुरक्षा पहले की तरह: संगम पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की ही तरह है. श्रद्धालु आराम से स्नान कर रहे हैं. स्वच्छता कर्मी साफ-सफाई में लगे दिखे. पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को संगम नोज पर बाइक और कार न ले जाने के लिए माइक से अनाउंस कर रहे हैं. आगाह भी कर रहे हैं. संगम नोज पर काफी संख्या में बाइक और कार पहुंच चुकी हैं. जारी रहेंगी संगम नोज पर सभी सुविधाएं: महाकुंभ का 26 फरवरी को समापन हो चुका है. 13 जनवरी से लेकर के 26 फरवरी तक महाकुंभ रहा है, जिसमें 66 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया है. आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कुंभ नगर में मौजूद हैं और उन्होंने महाकुंभ के समापन की औपचारिक घोषणा कर दी है. हालांकि, मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं के लिए जो सुविधाएं हैं, उन्हें अभी संगम क्षेत्र में बहाल रखा जाए. टॉयलेट, प्रकाश व्यवस्था, वह सब अभी संगम क्षेत्र में रहेगी. इसके साथ ही साथ जो सेक्टर 1 से लेकर के चार तक में प्रदर्शनियां हैं, पंडाल हैं, वह सब अभी बने रहेंगे . 13 अखाड़ों के पंडाल और कल्पवासियों के शिविर भी उजड़े : 13 जनवरी से लेकर के 26 फरवरी तक महाकुंभ नगर के आकर्षण का केंद्र बने अखाड़े अब पूरी तरह से उजड़ चुके हैं. उनके जो शिविर हैं, वह सब भी खाली कर दिए गए हैं. महाशिवरात्रि तक कुछ नागा संन्यासी जूना अखाड़े में धूनी रमाए थे, वह जरूर देखे गए थे, लेकिन अब वह भी वाराणसी की तरफ निकल गए हैं. जो सभी प्रमुख 13 अखाड़े हैं, वह पहले ही वाराणसी कूच कर गए हैं और होली तक वाराणसी में रहेंगे. कल्पवासियों के शिविर अब पूरी तरह से उजड़ चुके हैं. गैर जनपदों से आए प्रशासनिक अफसर भी रिलीव किए जा रहे : महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन 29 जनवरी को हुई भगदड़ के बाद प्रदेश में अच्छी छवि के अफसरों को बुलाया गया था. पीपीएस, आईपीएस और आईएएस स्तर के इन अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई थीं. अब महाकुंभ की औपचारिक समापन के बाद इन्हें उनके संबंधित जिलों और जिम्मेदारियां के लिए रिलीव किया जा रहा है. कुंभ नगर से अब तक 34 एसडीएम स्तर के अधिकारियों को रिलीव किया गया है. आईएएस और आईपीएस स्तर के अधिकारियों को अभी कुछ दिन बाद रिलीव किया जाएगा.  

मंत्री अश्वनी वैष्णव ने रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की व्यक्तिगत रूप से मिलकर सराहना की

प्रयागराज केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्वनी वैष्णव ने प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी के बीच आयोजित महाकुंभ में भारतीय रेलवे द्वारा करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रयागराज में लाने और पुनः उनके गंतव्य स्थल तक पहुंचाने के लिए रेलवे के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की व्यक्तिगत रूप से मिलकर सराहना की तथा उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने प्रयागराज स्थित प्रयागराज जंक्शन रेलवे स्टेशन, प्रयाग जंक्शन रेलवे स्टेशन, प्रयागराज रामबाग रेलवे स्टेशन तथा प्रयाग सुबेदारगंज रेलवे स्टेशनों का किया दौरा महाकुंभ में भारतीय रेल द्वारा 16000 से अधिक रेलगाड़ियों के संचालन के माध्यम से 4.5 करोड़ से 5 करोड़ के बीच श्रद्धालुओं को उनके गंतव्य स्थलों तक पहुंचाया गया: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन से ढाई वर्ष पहले ही पांच हजार करोड़ रुपए का निवेश करके 21 से ज्यादा फ्लाईओवरों, अंडरपासों और पुलों का निर्माण कार्य किया गया शुरू: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

हटाया गया आपात प्लान, फिर बदली प्रयागराज रेलवे स्टेशन की व्यवस्था, परिवर्तित मार्ग हुआ समाप्त

प्रयागराज महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर महादेव की कृपा ऐसी रही कि यात्रियों को आपात प्लान के कारण डायवर्जन का सामना नहीं करना पड़ा। रेलवे ने आपात प्लान हटा दिया, जिससे यात्रियों को सीधे रेलवे स्टेशन तक पहुंचने में कोई समस्या नहीं हुई। यात्री आश्रय स्थल के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्लेटफार्म तक ले जाया गया। रात आठ बजे तक रेलवे ने 272 ट्रेनों का संचालन किया था। जबकि रात 12 बजे तक लगभग 300 ट्रेनें चला दी गई। भीड़ को आश्रय स्थल पर रोकने की जगह उन्हें तेजी के साथ गंतव्य तक भेजने के लिए आन डिमांड ट्रेनों के संचालन की योजना कारगर रही। आश्रय स्थल में भीड़ नहीं जुटी तो स्टेशन मार्ग पर भी लगातार आवागमन सुचारू रहा।   कंट्रोल रूम से डीआरएम हिमांशु बड़ोनी लगातार सड़क व स्टेशन पर भीड़ का सजीव प्रसारण देखते रहे। उन्होंने हर रूट पर भीड़ प्रबंधन के लिए कार्ययोजना बनाई थी, जिसे क्रियान्वित किया गया। बुधवार रात आठ बजे तक रेलवे ने 141 विशेष ट्रेन और 131 दैनिक ट्रेनों का संचालन किया। शाम के बाद रेलवे स्टेशनों पर भीड़ का दबाव तो बढ़ा लेकिन लगातार ट्रेनों के संचालन से स्थिति सामान्य बनी रही। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से आश्रय स्थल तक ले जाया जाता रहा। एक-एक लोग को सीट पर बैठाया जाता। सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार को रात आठ बजे तक प्रयागराज जंक्शन से 76, छिवकी से 13 ,नैनी से 15, सूबेदारगंज पांच, प्रयाग स्टेशन से नौ, रामबाग से छह और झूंसी से 17 विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया। रेलवे स्टेशनों पर लगातार होती रही उद्घोषणा वहीं, दूसरी ओर सभी रेलवे स्टेशनों पर लगातार उद्घोषणा की जाती रही कि उन्हें किस दिशा और किस गंतव्य की ट्रेन कहां मिलेगी। इससे भीड़ सिर्फ प्रयागराज जंक्शन पर ही नहीं जुटी, बल्कि वह अलग-अलग स्टेशनों पर गई। इससे भीड़ प्रबंधन में आसानी रही। वहीं, दूसरी ओर यात्रियों के लिए खुसरोबाग आश्रय स्थल भी खोल दिया गया था। जिन यात्रियों को आराम करना था वह यहां जाकर बैठे और लेटे रहे। मंडल पीआरओ अमित सिंह ने बताया कि खुसरोबाग में यात्रियों की सुविधा व मनोरंजन के लिए टीवी स्क्रीन लगाया गया था। जिस पर रामायण धारावाहिक सभी को दिखाया गया।

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