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सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बने लुका मोड्रिक, रिकॉर्ड धारक फेरेंक पुस्कास को पीछे छोड़ दिया

पोंटेवेद्रा (स्पेन) रियल मैड्रिड के कप्तान लुका मोड्रिक ने क्लब के इतिहास में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनकर नया रिकॉर्ड बनाया। 39 साल और 40 दिन की उम्र में उन्होंने सेल्टा विगो के खिलाफ मैच खेला, जिससे उन्होंने पहले के रिकॉर्ड धारक फेरेंक पुस्कास को पीछे छोड़ दिया। पुस्कास ने 1966 में 39 साल और 36 दिन की उम्र में अपना आखिरी मैच खेला था। इसके अलावा, इस मैच में लुका ने ला लिगा में अपनी 250वीं जीत भी हासिल की। उन्होंने रियल मैड्रिड के लिए अपनी 369वीं ला लीगा मैच में यह मुकाम हासिल किया। लुका 2012 में क्लब से जुड़े थे और तब से उन्होंने 28 गोल किए हैं, जिससे क्लब ने चार बार ला लीगा का खिताब जीता है (2017, 2020, 2022 और 2024)। लुका ने सबसे ज्यादा जीत सेल्टा टीम के खिलाफ हासिल की है, जिनके खिलाफ उन्होंने 19 बार जीत दर्ज की है। मोड्रिक रियल मैड्रिड के सबसे सफल खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने क्लब के लिए 547 मैचों में 27 खिताब जीते हैं, जिनमें 6 यूरोपियन कप, 5 क्लब वर्ल्ड कप, 5 यूरोपियन सुपर कप, 4 स्पेनिश लीग खिताब, 2 स्पेनिश कप और 5 स्पेनिश सुपर कप शामिल हैं। रियल मैड्रिड के मैनेजर कार्लो एंचेलोटी (65) ने भी मिडफील्डर लुका मोड्रिक की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा था, “मोड्रिक के साथ काम करना मेरे लिए सम्मान की बात है। उन्होंने जो कुछ भी हासिल किया है, वह उनकी कड़ी मेहनत और बेहतरीन प्रोफेशनलिज्म का नतीजा है।” मोड्रिक का रिकॉर्ड काफी शानदार है, लेकिन चैंपियंस लीग के इतिहास में सबसे उम्रदराज खिलाड़ी होने का खिताब इटली के गोलकीपर मार्को बालोट्टा के पास है, जिन्होंने 43 साल और 252 दिन की उम्र में खेला था। ला लीगा में, सबसे उम्रदराज खिलाड़ी इंग्लैंड के हैरी लोव हैं, जो 1935 में रियल सोसिएदाद टीम के लिए खेलते समय 48 साल के थे।  

सरफराज खान बनेंगे ऑस्ट्रेलिया का सिरदर्द, इस खूबी का जवाब नहीं; संजय मांजरेकर ने की बड़ी भविष्यवाणी

नई दिल्ली सरफराज खान ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में कमाल की बल्लेबाजी की। सरफराज ने बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में पहली पारी में शून्य पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में 150 रन बनाए। उन्होंने 195 गेंदों का सामना किया, जिसमें 18 चौके और 3 सिक्स शामिल हैं। यह उनकी पहली इंटरनेशनल सेंचुरी है। सरफराज ने विराट कोहली (70) के साथ 136 और ऋषभ पंत (99) के संग 177 रनों की साझेदारी की, जिससे भारत 462 का स्कोर बनाने में सफल रहा। सरफराज की पारी की काफी तारीफ हो रही है। वहीं, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने सरफराज को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। मांजरेकर ने कहा कि सरफराज बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया का सिरदर्द बनेंगे। भारत को 22 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। सरफराज ने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों का जिस अंदाज में सामना किया, उसने मांजरेकर को बेहद प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि मध्यक्रम बल्लेबाज की इस खूबी का जवाब नहीं। ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार, मांजरेकर ने कहा, “जिस तरह से वह तेज गेंदबाजों को खेलता है, उसे देखकर बहुत खुशी हुई। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पहले भी तेज गेंदबाजों को खेला है। यह पिच (बेंगलुरु) विदेशी पिचों के समान ही थी, जहां थोड़ी गति और उछाल होती है। दिलचस्प बात यह है कि मैं उन्हें ऑस्ट्रेलिया की सपाट पिच पर खेलने की कल्पना कर रहा हूं, जहां बहुत अधिक सीम मूवमेंट नहीं होता।” उन्होंने आगे कहा, ”वह जिस तरह के शॉट खेलता है, उससे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को सिरदर्द मिलने वाला है। निश्चितता है, शांत है। अगर आप सरफराज का क्लोजअप देखें तो वह हमेशा गेंद को अपने बल्ले पर आते हुए देखता है। उसके हाथ और आंख का समन्वय बहुत बढ़िया है। ऑस्ट्रेलिया के लिए उसकी तकनीक खराब नहीं है। मैं यह देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं कि वह कैसा प्रदर्शन करता है? वह निश्चित तौर पर एक उम्मीदवार है और उसे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाना चाहिए।” सरफराज ने फरवरी 2024 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वह अब तक चार टेस्ट मैच खेल चुके हैं।

न्यूजीलैंड कप्तान ने किया खुलासा- रोहित शर्मा जैसी गलती कर बैठते टॉम लैथम, ‘बदकिस्मती’ से चमकी किस्मत

बेंगलुरु रोहित शर्मा की अगुवाई वाली भारतीय टीम का न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में बंटाधार हो गया। भारत को बेंगलुरु में रविवार को 8 विकेट से करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड को केवल 107 रनों का लक्ष्य मिला था। न्यूजीलैंड के कप्तान टॉम लैथम ने बेंगलुरु टेस्ट जीतने के बाद एक दिलचस्प खुलासा किया है। लैथम की ‘बदकिस्मती’ से न्यूजीलैंड की किस्मत चमक उठी। लैथम ने कहा कि वह टॉस हारने की वजह से रोहित जैसी गलती करने से बच गए। दरअसल, बारिश के कारण मुकाबले के पहले दिन एक भी गेंद नहीं फेंकी जा सकी। वहीं, दूसरे दिन रोहित ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी, जो गलत फैसला था। रोहित खुद अपनी गलती स्वीकार कर चुके हैं। भारत की पहली पारी महज 46 रनों पर सिमट गई थी, जिसमें पांच प्लेयर शून्य पर लौटे। जवाब में न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 402 बनाकर मजबूत बढ़त हासिल की। ‘अच्छा हुआ हम टॉस हार गए’ टीम इंडिया ने दूसरी पारी में 462 जोड़कर जबर्दस्त वापसी की लेकिन पहली पारी में हुआ नुकसान ले डूबा। पहला टेस्ट जीतने के बाद लैथम ने कहा, ”हमने भी सोचा था कि पहले बल्लेबाजी चुनेंगे। अच्छा हुआ कि हम टॉस हार गए।” उन्होंने कहा, ”हमने लंबे समय तक सही एरिया में गेंद डाली और रिजल्ट मिला। पहली दो पारियों ने हमारे लिए गेम तैयार कर दिया। हम जानते थे कि भारत तीसरी पारी में वापसी करेगा लेकिन गेंदबाजों ने दूसरी नई गेंद से अच्छे बॉलिंग की। हम जानते हैं कि भारत अपनी सरजमीं पर कितनी बेहतरीन टीम है। हमने देखा कि नई गेंद ने हमारे लिए क्या किया, इसलिए हमें उनसे भी यही अपेक्षा थी।” लैथम ने रचिन रविंद्र (134) और टिम साउदी (65) की तारीफ की, जिन्होंने आठवें विकेट के लिए 137 रन जोड़े।   ‘राचिन नई भूमिका में ढल गए’ न्यूजीलैंड कैप्टन ने कहा, ”मुझे लगता है कि रचिन और साउदी की पार्टनरशिप ने हमें उस समय आगे बढ़ाया जब गेम संतुलित लग रहा था। केवल 100 का पीछा करना अच्छा था। ओरूर्के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शानदार रहे हैं। उनमें गति, उछाल, हवा में और विकेट के बाहर गेंद को घुमाने की क्षमता है। उन्हें अनुभवी साउदी और मैट हेनरी का भी सपोर्ट मिला। जिस तरह से साउदी ने पहली पारी में गेंदबाजी की, उससे शानदार लय सेट हुई। हम जानते हैं कि साउदी में बल्ले से कितनी क्षमता है। राचिन ने पिछले 12 महीनों में एक नई भूमिका में ढल गए हैं। उन्होंने पहली पारी में अपनी क्लास दिखाई। उन्होंने आज फिर शानदार बल्लेबाजी की।” रचिन दूसरी पारी में 39 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्हें प्लेयर द मैच अवॉर्ड मिला।। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच 24 अक्टूबर से पुणे में खेला जाएगा।

कीवी टीम ने भारत को भारत में आखिरी बार 24 नवंबर 1988 को हराया था, टीम इंडिया की शर्मनाक हार के साथ खत्म हुआ सूखा

नई दिल्ली न्यूजीलैंड ने बेंगलुरु टेस्ट में टीम इंडिया को 8 विकेट से हराकर ना सिर्फ तीन मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई है, बल्कि 1988 के बाद भारत में पहली जीत भी दर्ज की है। जी हां, कीवी टीम ने भारत को भारत में आखिरी बार 24 नवंबर 1988 को हराया था। इसके बाद टीम 10 टेस्ट हारी और 9 मुकाबले ड्रॉ रहे। 19 मैचों के बाद न्यूजीलैंड को अब भारत में एक बार फिर जीत नसीब हुई है। वहीं न्यूजीलैंड की यह टीम इंडिया के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर 37 मैचों में मात्र तीसरी जीत है। 2024 और 1988 से पहले टीम ने पहला टेस्ट 1969 में जीता था। भारत ने बेंगलुरु टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया था। पहला दिन बारिश की भेंट चढ़ने के बावजूद रोहित का यह फैसला क्रिकेट पंडितों की समझ के परे था। रोहित के इस गलत फैसले का खामियाजा भारत को उठाना पड़ा और टीम इंडिया मात्र 46 के स्कोर पर सिमट गई। भारत का यह घर पर टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे कम स्कोर है। न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को इतने कम स्कोर पर समेट पहली पारी में 402 रन बनाए और 356 रनों की बढ़त हासिल की। कीवी टीम के लिए डेवोन कॉन्वे ने 91 तो रचिन रविंद्र ने शतक जड़ते हुए 134 रनों की पारी खेली। रचिन ने इस दौरान पूर्व कप्तान टिम साउदी के साथ 8वें विकेट के लिए 137 रनों की साझेदारी की जो टीम इंडिया पर काफी भारी पड़ी। साउदी ने इस दौरान 65 रनों की शानदार पारी खेली। टीम इंडिया ने दूसरी पारी में शानदार कमबैक किया और बोर्ड पर 462 रन लगाए। सरफराज खान ने इस दौरान इंटरनेशनल मंच पर पहला शतक जड़ते हुए 150 रनों की पारी खेली, वहीं ऋषभ पंत ने 99 रन बनाए। पंत मात्र 1 रन से अपने शतक से चूके। टीम इंडिया दूसरी पारी में 462 रनों के साथ पारी से तो हार टालने में कामयाब रही, मगर जीत के लिए भारत न्यूजीलैंड के सामने 107 रनों का टारगेट रखने में कामयाब हुआ। कीवी टीम ने इस स्कोर को 8 विकेट शेष रहते हासिल किया और सीरीज में बढ़त बनाई।

भारतीय टीम को बेंगलुरु में हारते ही हुआ नुकसान, न्यूजीलैंड की आई मौज, इंग्लैंड को झटका

बेंगलुरु भारतीय टीम को रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में 8 विकेट से हार झेलनी पड़ी। भारत ने सिर्फ 107 रनों का लक्ष्य रखा, जिसे न्यूजीलैंड ने आसानी से चेज कर लिया। भारत को बेंगलुरु टेस्ट में हार के बाद आईसीसी टेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2023-25 की पॉइंट्स टेबल में नुकसान झेलना पड़ा है। भारत शीर्ष पर बरकार है लेकिन जीत प्रतिशत में घाटा हुआ है। भारत का जीत प्रतिशत 74.24 से घटकर 68.05 हो गया है। भारत ने डब्ल्यूटीसी के मौजूदा चक्र में 12 टेस्ट मैचों में से 8 जीते और तीन गंवाए हैं। केवल एक ड्रॉ रहा। वहीं, बेंगलुरु में जीत दर्ज करने के बाद न्यूजीलैंड की मौज आ गई है। कीवी टीम दो स्थान ऊपर चढ़कर चौथे पर पहुंच गई है। उसका जीत प्रतिशत 37.50 से 44.44 पर चला गया है। न्यूजीलैंड ने डब्ल्यूटीसी में 9 टेस्ट में से चार जीते हैं और 5 में हार का मुंह देखा है। ऑस्ट्रेलिया दूसरे स्थान पर है, जिसका जीत प्रतिशत 62.50 है। श्रीलंका (55.56) तालिका में तीसरे पायदान पर हैं। इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका को झटका लगा है। दोनों एक-एक पायदान खिसक गए हैं। इंग्लैंड (43.06) पांचवें और साउथ अफ्रीका (38.89) छठे स्थान पर है। बांग्लादेश (34.38) सातवें और पाकिस्तान (25.93) आठवें नंबर पर है। पाकिस्तान और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज जारी है। वेस्टइंडीज पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे नौवें स्थान पर है। वेस्टइंडीज का जीत प्रतिशत 18.52 है। इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड बेंगलुरु टेस्ट की बात करें तो रोहित ब्रिगेड पहली पारी में महज 46 रनों पर सिमट गई थी। जवाब में न्यूजीलैंड ने 402 रन बनाकर दमदार बढ़त हासिल की। सरफराज खान (150), ऋषभ पंत (99) और विराट कोहली की शानदार बल्लेबाजी के दम पर भारत ने दूसरी पारी में अच्छी वापसी की। भारत ने 462 रन जुटाए। हालांकि, भारत बड़ा टारगेट देने में नाकाम रहा। सीरीज का दूसरा टेस्ट 24 अक्टूबर से शुरू होगा।

बेंगलुरु में टीम इंडिया को 8 विकेट से हराया, साल बाद भारत में टेस्ट मैच जीता NZ

नई दिल्ली न्यूजीलैंड ने भारत को बेंगलुरु टेस्ट में 8 विकेट से हराकर तीन मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कीवी टीम की यह पिछले 36 सालों में भारतीय सरजमीं पर पहली जीत है। इससे पहले 1988 में न्यूजीलैंड ने भारत को भारत में आखिरी बार हराया था। न्यूजीलैंड की इस जीत के हीरो रचिन रविंद्र रहे जिन्होंने पहली पारी में शतक जड़ने के साथ दूसरी इनिंग में 107 रनों का पीछा करते हुए नाबाद 39 रन बनाए। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया मात्र 46 रनों पर ढेर हो गई थी, जिसके बाद न्यूजीलैंड ने 402 रन बनाकर भारत पर 356 रनों की बढ़त हासिल की। भारत ने दूसरी पारी में 462 रन बनाकर पारी से हार को टाला, मगर वह कीवी टीम को 107 रनों का टारगेट ही दे पाई। न्यूजीलैंड ने इस स्कोर को दो विकेट खोकर हासिल कर लिया। इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड दूसरा टेस्ट पुणे में 24 अक्टूबर से खेला जाना है। न्यूजीलैंड 8 विकेट से जीता 28वें ओवर की चौथी गेंद पर विल यंक ने रविंद्र जडेजा को चौका लगाकर न्यूजीलैंड को जीत दिलाई। कीवी टीम ने 8 विकेट से मैच जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। विल यंग 48 तो रचिन रविंद्र 39 रन बनाकर नाबाद रहे। यंग-रचिन के बीच अर्धशतकीय साझेदारी विल यंग और रचिन रविंद्र के बीच तीसरे विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी हो गई है। भारत के हाथों से मैच भी फिसल चुका है। मेहमान टीम जीत से मात्र 22 रन दूर है।

कप्तान कमिंस ने स्टीव स्मिथ को टेस्ट में चौथे नंबर पर वापस भेजने का फैसला किया

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया पुरुष टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने खुलासा किया कि उन्होंने और कप्तान पैट कमिंस ने स्टीव स्मिथ को टेस्ट में चौथे नंबर पर वापस भेजने का फैसला किया है, जबकि कुछ समय तक उन्होंने ओपनिंग की थी। डेविड वार्नर के संन्यास के बाद स्मिथ चौथे नंबर से ओपनिंग करने के लिए टेस्ट में आए, लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली, उन्होंने वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ मैचों में 28.50 की औसत से 171 रन बनाए। मैकडोनाल्ड ने एबीसी रेडियो के समर ग्रैंडस्टैंड शो में कहा, “यह पैटी और मेरे ऊपर है और हम इस अंतिम निर्णय को लेते हैं। हमें सामूहिक रूप से लगा कि नेतृत्व समूह के रूप में, टीम के लिए यह सबसे अच्छा था कि वह ओपनिंग से हट जाए। स्पष्ट रूप से, पिछले साल के चरण में हमें लगा कि टीम के लिए यह सबसे अच्छा था कि वह ओपनिंग करे।” कोच ने कहा, “इससे हमें कैमरून (ग्रीन) को नंबर 4 स्लॉट पर लाने में मदद मिली। जैसे-जैसे समय बीतता है, आप भविष्य के बारे में सोचते हैं और इस गर्मी में हमारे सामने अलग-अलग चुनौतियाँ हैं। यह सामूहिक निर्णय था। आखिरकार, यह ऐसा निर्णय है जो स्टीव नहीं लेते।” उस्मान ख्वाजा के टेस्ट में ओपनिंग करने के साथ, शीर्ष पर उनके साथ कौन होगा, इस दौड़ पर रविवार से नज़र रहेगी, जब मार्कस हैरिस, कैमरून बैनक्रॉफ्ट, मैथ्यू रेनशॉ और युवा खिलाड़ी सैम कोंस्टास शेफ़ील्ड शील्ड के अगले दौर में अपनी-अपनी टीमों के लिए खेलेंगे। हैरिस, बैनक्रॉफ्ट और कोंस्टास के साथ ऑस्ट्रेलिया ‘ए’ टीम में भारत ‘ए’ के खिलाफ़ दो चार दिवसीय मैचों के लिए, जो इस महीने के अंत में मैके और मेलबर्न में खेले जाने हैं, मैकडोनाल्ड ने कहा कि ऊपर बताए गए सभी नाम 22 नवंबर को पर्थ में शुरू होने वाली महत्वपूर्ण बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज़ के लिए दावेदारी में हैं। उन्होंने कहा, “पहले शील्ड गेम में सैम कोंस्टास ने जो काम किया, उससे उन्हें ऑस्ट्रेलिया ए सेट-अप में मौका मिला है और साथ ही उन्हें अपना काम करने का मौका भी मिला है। हम ऑस्ट्रेलिया ए के कुछ चयनों में भविष्य को लेकर थोड़ी-बहुत नजर रखते हैं और कुछ हद तक यहां और अभी को लेकर भी।” मैकडोनाल्ड ने निष्कर्ष निकाला, “इसके बजाय, सामान्य उम्मीदवारों के बारे में बात की जा रही है: बैनक्रॉफ्ट, हैरिस, रेनशॉ, साथ ही कोंस्टास। लेकिन यह कोई बैट-ऑफ नहीं है, सभी कारकों को ध्यान में रखा जाएगा। हमारे पास कुछ बाएं हाथ के विकल्प हैं, कुछ दाएं हाथ के विकल्प हैं।हमारे पास कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने समय-समय पर रन बनाए हैं, इसलिए हम उस समय उन्हें पुरस्कृत करते हैं। लेकिन वे सभी इस समय चर्चा में हैं।”  

जायसवाल से बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें : ज्वाला

बेंगलुरु  भारतीय क्रिकेट टीम को युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल से अगले माह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीदें हैं। यशस्वी के कोच ज्वाला सिंह का मानना है कि यश्स्वी की सबसे बड़ी परीक्षा ऑस्ट्रेलिया दौरे में होगी पर जिस एकाग्रता से वह खेलते हैं उससे उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में सहायता मिलेगी। कोच ने कहा इस स्तर पर पहुंचकर ये अहम होता है कि आप दबाव को कैसे संभालते हैं। आप हमेशा तकनीक पर काम कर सकते हैं पर अगर आपके पास सही रवैया और मानसिकता नहीं है, तो आप सफल नहीं हो सकते। यशस्वी काफी परिपक्व हैं और इसका लाभ उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में मिलेगा। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में हालात अलग होते हैं। इसका कारण है कि वे वहां काफी कठिन क्रिकेट खेलते हैं और विपक्ष पर बेहद दबाव डालते हैं। पूर्व कोच के अनुसार टेस्ट पदार्पण के बाद से ही एक बल्लेबाज के रूप में विकास किया है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहने से उन्हें काफी सहायता मिली है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के बाद से यशस्वी ने 11 टेस्ट मैचों में 64.05 की औसत से 1217 रन बनाए हैं और तीन लंबी पारियां खेली हैं जिसमें 171,209 और 214 रन शामिल हैं। साथ ही कहा कि वह हमेशा एक बल्लेबाज के रूप में आक्रामक रहा है। पहले, वह लगभग हर गेंद पर प्रहार करने जाता था पर अब वह हालात के अनुसार ऐसा करता है। वह अब अपने खेल के बारे में अधिक जानकारी रखता है। उसे इस बारे में बेहतर जानकारी है कि किस गेंद पर आक्रमण करना है और किस को छोड़ना है। इसके साथ ही उसकी फील्डिंग भी बेहतर होती है। इस साल की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ यशस्वी ने अच्छी बल्लेबाजी की थी। वहीं भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा को भी यशस्वी के कौशल स्तर और अनुकूलन क्षमता पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, उनके पास हर तरह की परिस्थितियों में खेलने के लिए मैच है। आप उन पर दांव लगा सकते हैं और उनसे टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर सकते हैं।

इंटरनेशनल मास्टर्स लीग के मैच लखनऊ और रायपुर में आयोजित होंगे, समापन मैच की मेजबानी रायपुर करेगा

मुंबई इंटरनेशनल मास्टर्स लीग (आईएमएल) ने अपनी गवर्निंग काउंसिल के गठन की घोषणा की है, जिसमें तीन महान क्रिकेट खिलाड़ी और मास्टर्स शामिल होंगे – लीग कमिश्नर सुनील गावस्कर, सर विवियन रिचर्ड्स और शॉन पोलक। यह त्रिमूर्ति आईएमएल की रणनीतिक दिशा, नियमों और संचालन की देखरेख करेगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लीग खेल प्रेमियों के लिए एक प्रमुख मंच बनी रहे, जहां खेल की विरासत और मनोरंजन का संगम हो, और दुनिया भर के प्रशंसकों को दिग्गजों के खेल का अद्वितीय रोमांच मिल सके। इंटरनेशनल मास्टर्स लीग का उद्घाटन संस्करण 17 नवंबर से 8 दिसंबर 2024 तक आयोजित हो रहा है। नवी मुंबई के डी. वाई. पाटिल स्टेडियम में उद्घाटन मैच खेला जाएगा। इसके अलावा लखनऊ और रायपुर में भी मैच आयोजित होंगे। समापन मैच की मेजबानी रायपुर करेगा। टेस्ट क्रिकेट में 10, 000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज और क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक सुनील गावस्कर अपनी उत्कृष्ट क्रिकेट समझ और खेल की शुचिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, “गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में हमारा ध्यान यह सुनिश्चित करने पर होगा कि इंटरनेशनल मास्टर्स लीग क्रिकेट की भावना के प्रति सच्ची रहे, जबकि दुनिया भर के प्रशंसकों को मनोरंजन प्रदान करे। आईएमएल न केवल खेल के दिग्गजों को सम्मान देने का मंच है, बल्कि उन प्रशंसकों के लिए भी एक उत्सव है, जो आज भी अपने नायकों का सम्मान करते हैं।“ सर विवियन रिचर्ड्स, जो क्रिकेट इतिहास के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक माने जाते हैं, 1970 और 1980 के दशक में वेस्टइंडीज टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा थे, जिसने उस समय क्रिकेट जगत पर अपना दबदबा कायम रखा। सीमित ओवरों के खेल में अपने समय से आगे माने जाने वाले सर विवियन रिचर्ड्स की कप्तानी में वेस्टइंडीज ने एक भी टेस्ट सीरीज नहीं हारी। आईएमएल की गवर्निंग काउंसिल में शामिल होने पर सर विवियन रिचर्ड्स ने कहा, “आईएमएल एक अद्भुत मंच है, जहां खेल के पूर्व दिग्गजों को एक बार फिर से एक्शन में देखने का अनोखा रोमांच खेल प्रशंसकों को मिलेगा। मैं गवर्निंग काउंसिल का हिस्सा बनकर और इस नवाचारी लीग को सफल बनाने में मदद करने के लिए उत्साहित हूं।“ शॉन पोलक, पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान और सर्वकालिक सफल ऑलराउंडर्स में से एक, आईएमएल गवर्निंग काउंसिल के सदस्य के रूप में अपने अनुभव और बहुमुखी प्रतिभा को सामने लाएंगे। उन्होंने कहा, “क्रिकेट के महान खिलाड़ियों के साथ गवर्निंग काउंसिल का हिस्सा बनना शानदार है। आईएमएल उन मास्टर्स के कौशल और क्लास का आनंद लेने का एक अवसर है, जिन्होंने वर्षों तक अपने लाखों- करोड़ों प्रशंसकों का मनोरंजन किया है। वे एक नई पीढ़ी को भी प्रेरित करेंगे। मैं इस लीग को सभी के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बनाने में अपनी भूमिका निभाऊंगा।”    

महिला हॉकी लीग में रानी पंजाब और हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए सूरमा हॉकी क्लब की कोच होंगी

नई दिल्ली भारतीय महिला हॉकी की पूर्व कप्तान रानी रामपाल अब महिला हॉकी लीग में अब मेंटोर और कोच की भूमिका में नजर आयेंगी। महिला हॉकी लीग के इस पहले सीज़न में रानी पंजाब और हरियाणा का प्रतिनिधित्व करते हुए सूरमा हॉकी क्लब की कोच होंगी। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समग्र रूप से भारतीय महिला हॉकी के लिए एक कदम आगे है। रानी ने कहा कि इससे उनके जीवन का एक नया अध्याय शुरु होगा। रानी कई सालों तक भारतीय महिला हॉकी का चेहरा रहीं। इस दौरान उनका नेतृत्व कौशल और जुनून प्रेरणादायक रहा।  रानी टोक्यो ओलंपिक 2021 में ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम की कप्तान रही थीं। रानी ने कहा, ‘‘हॉकी मेरा जुनून है। मैने जितने समय खेला, जुनून के साथ खेला। मेरे दिमाग में हमेशा से यह था कि भारतीय हॉकी से जुड़ने के लिये जो भी मौका मिलेगा, उसे मैं स्वीकार जरूर करूंगी। हॉकी मेरे दिमाग में हमेशा चलती रहती थी।’’ रानी ने भारत के लिये 212 मैचों में 134 गोल कर किये हैं और इस प्रकार उन्हें खेल का लंबा अनुभव है। इस खिलाड़ी ने कहा कि पहली बार शुरु हो रही इस महिला लीग से उभरती हई खिलाड़ियों को एक मंच मिलेगा। रानी ने कहा कि मैं एक महिला खिलाड़ी हूं और मैने बहुत संघर्ष झेला है। एक खिलाड़ी हमेशा खिलाड़ी होता है। खेलने की इच्छा कभी खत्म नहीं होती। कई बार आपको कठिन फैसला लेना होता है और इसी लिए लीग में न खेलते हुए ही मैने कोचिंग स्टाफ के साथ जुड़ने का फैसला किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संन्यास के बारे में बोलना अभी मुश्किल है। अभी लीग में नई चुनौती का सामना करूंगी और उसके बाद कोई अंतिम फैसला लूंगी।’’ साथ ही कहा कि भारतीय हॉकी टीम को अब 2026 एशियाई खेलों और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारी करनी चाहिये। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पास हरेंद्र सिंह के रूप में एक बेहतरीन कोच है जो पोडियम फिनिश का सपना पूरा कर सकते हैं। इस महान स्ट्राइकर ने कहा, ‘‘कोई भी टीम हारना नहीं चाहती। हम अतीत को बदल नहीं सकते लेकिन अब 2028 के लिये देखना है। पहला लक्ष्य 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर ओलंपिक के लिये सीधे क्वालीफाई करना होना चाहिये। साथ ही कहा कि महिला लीग खिलाड़ियों का पूल तैयार करने में काफी सहायक हो सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हरेंद्र सर कोच के तौर पर लौटे हैं जिनके साथ मैंने काफी हॉकी खेली है। उनके साथ सबसे बड़ा फायदा यह है कि वह हमारी संस्कृति और जानते हैं। हमें भरोसा है कि हरेंद्र सर के साथ टीम 2028 में टीम अच्छा करेगी।’’रानी ने स्वीकार किया कि महिला लीग के पहले सत्र में नीलामी के लिये पर्स छोटा है लेकिन उम्मीद जताई कि आने वाले समय में अधिक फ्रेंचाइजी लीग से जुड़ेंगी और पैसा भी बढेगा। उन्होंने कहा, ‘‘नीलामी के लिये पर्स कम जरूर है लेकिन कोई भी चीज शुरू करना कठिन होता है। हॉकी इंडिया के लिये भी यही है लेकिन लीग का प्रभाव अच्छा रहता है तो उम्मीद है कि और टीमें आगे आयेंगी और पर्स भी बढेगा। हमारे खिलाड़ी बहुत साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं तो आर्थिक तौर पर यह लीग बहुत मदद करेगी।’’    

टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में आज दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी न्यूजीलैंड

दुबई  सोफी डिवाइन के नेतृत्व में न्यूजीलैंड की स्वर्णिम पीढ़ी के खिलाड़ियों के पास वैश्विक आईसीसी ट्रॉफी पर हाथ रखने का आखिरी मौका होगा जब टीम टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में रविवार को यहां दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी। इस फाइनल मैच से टी20 विश्व का नया चैम्पियन मिलना तय है क्योंकि दोनों टीमों ने इससे पहले कभी भी इस प्रारूप का खिताब नहीं जीता है। न्यूजीलैंड की महिला टीम ने 2000 में एकदिवसीय विश्व कप जीता था लेकिन मौजूदा टीम का कोई भी सदस्य उस ऐतिहासिक खिताबी जीत का हिस्सा नहीं था। इस आयोजन के शुरू होने से पहले लगातार 10 मैचों में हार के कारण न्यूजीलैंड का आत्मविश्वास डगमगाया हुआ था लेकिन डिवाइन के नेतृत्व में इस समूह ने शानदार वापसी की। टीम को सुजी बेट्स, अमेलिया केर और ली ताहुहू जैसी अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी का फायदा मिला। यह संभवतः आखिरी बार है डिवाइन, बेट्स और ताहुहू किसी वैश्विक टूर्नामेंट में राष्ट्रीय टीम की ओर से खेलेंगे। पैतीस वर्षीय डिवाइन के नाम सफेद गेंद प्रारूप में 7000 से अधिक रन हैं, जबकि 37 वर्षीय बेट्स के नाम 10, 000 से अधिक रन हैं। तेज गेंदबाज ताहुहू 34 साल की है। उन्होंने वनडे में 112 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 93 विकेट चटकाये हैं। यह खिलाड़ी विश्व कप ट्रॉफी के सपने को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। दक्षिण अफ्रीका भी पिछले साल की कसक को दूर कर खिताब को अपने नाम करना चाहेगा। पिछले साल घरेलू मैदान पर विश्व कप फाइनल में उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों शिकस्त मिली थी। न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों में टूर्नामेंट में अहम मौकों पर अपने खेल के स्तर को ऊंचा उठाया है और जब बल्लेबाजों के प्रदर्शन में गिरावट आयी तो गेंदबाजों ने टीम को मैच जिताया है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में भी ऐसा ही नजारा दिखा जब गेंदबाजों ने वेस्टइंडीज के आक्रामक बल्लेबाजों को रोककर कम स्कोर वाले मैच को अपने नाम किया। केर के नाम टूर्नामेंट में अब 12 विकेट है। उन्हें दूसरे छोर से एडेन कारसन (आठ विकेट), रोसमरी मायर (सात विकेट) और अनुभवी ताहुहू का अच्छा साथ मिला। न्यूजीलैंड ने प्रतियोगिता में अपने अभियान का आगाज भारत पर बड़ी जीत से किया था लेकिन ग्रुप चरण में उसे टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में से एक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 60 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। टीम ने कम स्कोर वाले सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज पर मनोबल बढ़ाने वाली जीत दर्ज कर तीसरी बार फाइनल का टिकट पक्का किया। दक्षिण अफ्रीका ने खेल के हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया है। लौरा वोलवार्ट (190 रन) और तजमिन ब्रिट्स (170 रन) टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों में शामिल है। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर आठ विकेट की शानदार जीत के कारण टीम का मनोबल काफी बढ़ा होगा। दक्षिण अफ्रीका ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट पर 135 रन पर रोकने के बाद दो ओवर से अधिक बाकी रहते मैच को अपने नाम किया था। दक्षिण अफ्रीका की टीम काफी हद तक वोलवार्ट और ब्रिट्स की जोड़ी पर निर्भर रहेगी। इस जोड़ी को हालांकि एनेके बॉश और मारिजान कैप जैसे खिलाड़ियों के साथ की भी जरूरत होगी। गेंदबाजी में नॉनकुलुले म्लाबा (10 विकेट) को भी सेमीफाइनल के अपने प्रदर्शन को दोहराने के लिए बाकी गेंदबाजों की जरूरत होगी। टीमें: न्यूजीलैंड: सोफी डिवाइन (कप्तान), सूजी बेट्स, एडेन कारसन, इसाबेला गेज (विकेटकीपर), मैडी ग्रीन, ब्रुक हॉलिडे, फ्रैन जोनास, लेह कास्पेरेक, अमेलिया केर, जेस केर, रोसमरी मायर, मौली पेनफोल्ड, जॉर्जिया प्लिमर, हन्ना रोवे, ली ताहुहू। दक्षिण अफ्रीका: लौरा वोलवार्ट (कप्तान), एनेके बॉश, ताजमिन ब्रिट्स, नादिन डी क्लार्क, एनेरी डर्कसन, मिके डी रिडर (विकेटकीपर), अयांदा ह्लुबी, सिनालो जाफ्ता (विकेटकीपर), मारिजान कैप, अयाबोंगा खाका, सुने लुस, नॉनकुलुले म्लाबा, सेशनी नायडू, तुमी सेखुखुने, क्लो ट्रायॉन। मैच भारतीय समयानुसार शाम 07:30 बजे शुरू होगा।  

भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौती, न्यूजीलैंड जीत से 107 रन दूर

बेंगलुरु बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की श्रृंखला के पहले टेस्ट मैच में शनिवार को चौथे दिन के खेल के आखिरी सत्र में भारत की दूसरी पारी को 462 रन पर समेट दिया जिससे उसे जीत के लिए 107 रन की जरूरत है। न्यूजीलैंड ने लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया ही था कि पहले ओवर के दौरान खराब रोशनी के कारण अंपायरों ने मैच को रोक दिया। इसके बाद तेज बारिश होने लगी और दिन के खेल को समाप्त घोषित कर दिया गया। भारत के लिए सरफराज खान ने 150 जबकि ऋषभ पंत ने 99 रन का योगदान दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 177 रन की साझेदारी कर मैच में भारत की वापसी करवाई। न्यूजीलैंड भारतीय पारी के 80वें ओवर के बाद नई गेंद ली जिसके बाद टीम ने 15.2 ओवर के अंदर 7 विकेट चटका लिए। भारत ने 29 रन के अंदर अपने आखिरी के छह विकेट गंवाए। न्यूजीलैंड के लिए मैट हेनरी और विलियम ओ’राउरकी ने तीन-तीन विकेट लिए।   भारत ने रोहित शर्मा, विराट कोहली और सरफराज खान के अर्धशतकों की बदौलत तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 3 विकेट गंवाकर 231 रन बनाए। इस दौरान यशस्वी जायसवाल (35), रोहित शर्मा (52) और विराट कोहली (70) के विकेट गंवाए जबकि सरफराज खान क्रीज पर टिके रहे। टीम इंडिया अभी भी 125 रन पीछे है।  इससे पहले न्यूजीलैंड ने तीसरे दिन रचिन रविन्द्र (157 गेंदों पर 13 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 134 रन) के शतक की बदौलत 402 के स्कोर के साथ पहली पारी में भारत पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। न्यूजीलैंड के पास अब 356 रन की मजबूत बढ़त हैं। रचिन के अलावा डेवोन कॉनवे और टिम साउथी ने क्रमशः 91 और 65 रन की शानदार पारी खेलते हुए टीम को 400 के पार पहुंचाया। भारत की तरफ से कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा ने 3-3 विकेट अपने नाम किए। मोहम्मद सिराज को 2 विकेट मिले जबकि अश्विन और जसप्रीत बुमराह के नाम 1-1 विकेट रहा।

ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए ईशान किशन भारत ए टीम में वापसी करने के लिए तैयार

नई दिल्ली ईशान किशन को इस साल की शुरुआत में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया था, क्योंकि उन पर घरेलू क्रिकेट की तुलना में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को प्राथमिकता देने का आरोप था। अब वे भारत ए टीम में वापसी करने के लिए तैयार हैं। वर्तमान में झारखंड की अगुआई कर रहे किशन ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो चार दिवसीय मैचों और सीनियर राष्ट्रीय टीम के साथ एक इंट्रा-स्क्वाड मैच में खेलेंगे। ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो ‘टेस्ट’ 31 अक्टूबर से 3 नवंबर तक मैके में और 7 से 10 नवंबर तक एमसीजी में होने हैं। हालांकि बीसीसीआई ने अभी तक टीम की पुष्टि नहीं की है, लेकिन रुतुराज गायकवाड़ या अभिमन्यु ईश्वरन के टीम की कप्तानी करने की उम्मीद है। अभिमन्यु, जो अपने पिछले चार प्रथम श्रेणी मैचों में चार शतकों के साथ शानदार फॉर्म में हैं, उन्हें सीनियर टीम के लिए बैकअप ओपनर के रूप में भी बुलाया जा सकता है। कप्तान रोहित शर्मा के व्यक्तिगत कारणों से पहले दो टेस्ट में से एक के दौरान ब्रेक लेने की उम्मीद है। बंगाल के भारत ए टीम में दो प्रतिनिधि तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और कीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल होंगे।  

दिल्ली हाफ मैराथन के आगामी संस्करण में कल कुछ विश्व स्तरीय धावक भाग लेंगे

नई दिल्ली विश्व एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस, दिल्ली हाफ मैराथन के आगामी संस्करण में रविवार को राष्ट्रीय राजधानी में शीर्ष सम्मान के लिए कुछ विश्व स्तरीय धावक भाग लेंगे। युगांडा के जोशुआ चेप्टेगी, जो दो बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं, का सामना इथियोपिया के दो बार के 5000 मीटर विश्व चैंपियन मुक्तार एड्रिस से होने वाला है। दिलचस्प बात यह है कि एड्रिस ने हाल ही में टिलबर्ग में 10 मील की दौड़ में चेप्टेगी को हराया था। शुक्रवार शाम को यहां रेस से पहले प्रेस मीट में शीर्ष एथलीटों ने हिस्सा लिया। युगांडा पुलिस बल में कार्यरत चेप्टेगी ने बताया कि कैसे भारत में उनकी पहली रेस ने उनके करियर के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया। उन्होंने कहा, “भारत ने मेरे लिए एक बड़ी भूमिका निभाई, खासकर इसलिए क्योंकि यह मेरी सफलता की कहानी का एक बड़ा हिस्सा था। इसने मुझे एक वास्तविक अवसर दिया, और दस साल बाद भी, मेरी प्रबंधन टीम ने कहा, ‘यदि आप अपने करियर के और 10 साल सड़कों पर बिताना चाहते हैं, तो आपको भारत वापस जाना होगा। इसलिए मैं लोगों को कुछ वापस देने के लिए भारत वापस आया हूं।” दिल्ली हाफ मैराथन में अपने प्रदर्शन को लेकर आश्वस्त चेप्टेगी ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि रविवार की दौड़ मेरे लिए अच्छी रहेगी। मेरी प्राथमिकता दिल्ली हाफ मैराथन के माध्यम से अपने अगले अध्याय की ओर बढ़ना है।” हाल ही में लगी चोट से उबरने को लेकर एड्रिस ने कहा, “मेरी चोट अब लगभग 95% ठीक हो गई है, हालांकि एक छोटी सी समस्या आई है। लेकिन यह प्रबंधनीय है। मैं वर्तमान में अपने पिछले फॉर्म के 70-80% पर हूं और लगातार सुधार कर रहा हूं। मेरा लक्ष्य पूरी ताकत से वापसी करना है, खासकर लंबी दौड़ के लिए। मेरे परिवार ने पूरे समय मेरा बहुत साथ दिया।” 2019 में एक चुनौतीपूर्ण दौड़ को याद करते हुए, एथलीट ने बताया कि कैसे चोटों के कारण उन्हें शुरुआत में मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “दोहा में 5000 मीटर की फ़ाइनल के दौरान, गर्मी और उमस बहुत ज़्यादा थी। यह कठिन था, लेकिन इसने मेरे पक्ष में काम किया। मैं अंतिम 400 मीटर तक समूह के साथ रहा और अंतिम चरण में, मैं अन्य एथलीटों और खुद को आश्चर्यचकित करने में कामयाब रहा। किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि मैं उस दिन जीत जाऊंगा।” महिलाओं के वर्ग में 10,000 मीटर में 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की चैंपियन, इलिश मैककोलगन शामिल हैं। हालांकि, केन्या की सिंथिया लिमो, 2016 विश्व हाफ मैराथन की रजत पदक विजेता, आगामी दौड़ में ब्रिटिश धावक को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार हैं। दिल्ली हाफ मैराथन से पहले अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत करने वाली मैककोलगन ने कहा, “इतने लंबे समय तक खेल से बाहर रहना कठिन है। वापसी में लगभग छह महीने लगते हैं और फिर फिटनेस को फिर से बनाने में और समय लगता है। मैं अभी तक ब्रिटिश रिकॉर्ड या अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हूं, लेकिन चीजें अच्छी तरह से हो रही हैं। मैंने हाल ही में लगातार सप्ताहांत में दो हाफ मैराथन की, जो मैं आमतौर पर नहीं करती। एक करना मुश्किल है, दो तो छोड़िए, लेकिन इसने मुझे विश्वास दिलाया है कि मेरा शरीर ठीक है और अच्छी तरह से ठीक हो रहा है।” वह 2008 के बाद पहली बार किसी प्रतियोगिता के लिए भारत लौट रही हैं और दिल्ली हाफ मैराथन में भाग लेने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा, “मेरी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता भारत में 2008 के राष्ट्रमंडल युवा खेलों में थी, इसलिए मैं यहाँ फिर से दौड़ने के लिए उत्साहित हूँ। दिल्ली हाफ मैराथन मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली है, जो पेशेवर दौड़ में मेरी वापसी का प्रतीक है। मैं अपना पीबी नहीं बना पाई, लेकिन मैं इस इवेंट से पहले अपनी प्रगति से खुश हूँ।” अपने करियर के कठिन समय को लेकर, जब उन्हें अपने पहले बच्चे को खोना पड़ा, लिमो ने कहा, “आपको खुद को प्रोत्साहित करना होगा और चीजों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। जो कुछ भी हुआ है, उसके बावजूद यह मेरे लिए कठिन रहा है, लेकिन मैंने हमेशा खुद को प्रोत्साहित किया। मेरे अंदर वह भावना थी और इसी ने मुझे हर चीज में आगे बढ़ने और अपनी ताकत बनाए रखने में मदद की।” लिमो 2015 के बाद पहली बार दिल्ली लौटी हैं, उस समय उन्होंने रेस जीती थी। रोड रेस के बारे में उन्होंने कहा, “मैं वास्तव में सम्मानित महसूस कर रही हूँ कि आयोजकों ने मुझे दिल्ली हाफ मैराथन के लिए भारत वापस आमंत्रित किया है। यह मेरा दूसरा भाग है; मैंने 2015 में मैराथन में भाग लिया था, और यह मेरे लिए एक बेहतरीन वर्ष था। मैंने तब अच्छा प्रदर्शन किया था। फिर से दौड़ना मेरे लिए सौभाग्य की भावना से भर देता है। रविवार के लिए मेरी आशा है कि मैं नौ साल पहले 2015 की तरह ही अच्छा प्रदर्शन करूँ। यही मेरा लक्ष्य है। मुझे इस देश से गहरा लगाव है… मैं प्रशंसकों की बेहद आभारी हूँ। यहाँ के लोग अद्भुत हैं, और मैं इस अनुभव के बारे में सब कुछ की सराहना करती हूँ।” 20 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से शुरू होने वाली दिल्ली हाफ मैराथन में 260,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि है।  

भारतीय खिलाड़ियों को अंपायर से बहस करते देख भाग खड़े हुए कीवी खिलाड़ी, कोहली-रोहित का मूड खराब

बेंगलोर न्यूजीलैंड ने तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में चौथे दिन के खेल के आखिरी सत्र में भारत की दूसरी पारी को 462 रन पर समेट दिया, जिससे उसे जीत के लिए 107 रन की जरूरत है। न्यूजीलैंड ने लक्ष्य का पीछा करना शुरू किया ही था कि पहले ओवर के दौरान खराब रोशनी के कारण अंपायरों ने मैच को रोक दिया। इसके बाद तेज बारिश होने लगी और दिन के खेल को समाप्त घोषित कर दिया गया। हालांकि न्यूजीलैंड की दूसरी पारी के दौरान अंपायरों ने खराब होते मौसम को देखते हुए मैच को रोकने का फैसला किया, जिससे भारतीय खिलाड़ी नाराज दिखे, कप्तान रोहित शर्मा और विराट कोहली ने अंपायर से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को वापस बुलाने के लिए कहा, जोकि भारतीय खिलाड़ियों को अंपायर से बहस करता देख मैदान से बाहर चले गए। न्यूजीलैंड को जीत के लिए 107 रनों का लक्ष्य मिला है। दूसरी पारी में पहले ही ओवर में जसप्रीत बुमराह शानदार गेंदबाजी करते हुए नजर आए। इस ओवर में भारत ने लेथम के खिलाफ एलबीडब्ल्यू के लिए रिव्यू भी लिया था लेकिन वह बच गए। इस ओवर में चार गेंद के होने के बाद ही अंपायर ने खेल को रोकने का निर्णय किया, जिससे भारतीय खिलाड़ी नाखुश दिखे। कप्तान रोहित शर्मा ने अंपायर से बातचीत की लेकिन कप्तान की बात नहीं सुनी गई, जिससे वह और नाराज दिखे। सीनियर खिलाड़ी विराट कोहली भी अंपायर्स से बात करते नजर आए। इस बीच न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने मैदान छोड़ दिया और ड्रेसिंग रूम चले गए , जिससे भारतीय खिलाड़ी और गुस्सा हो गए और अंपायर से न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को वापस बुलाने के लिए दबाव बनाया हालांकि तेज बारिश होने के कारण भारतीय खिलाड़ी भी मैदान से बाहर चले गए। भारत के लिए सरफराज खान ने 150 जबकि ऋषभ पंत ने 99 रन का योगदान दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 177 रन की साझेदारी कर मैच में भारत की वापसी करवाई। न्यूजीलैंड भारतीय पारी के 80वें ओवर के बाद नयी गेंद ली जिसके बाद टीम ने 15.2 ओवर के अंदर सात विकेट चटका लिए। भारत ने 29 रन के अंदर अपने आखिरी के छह विकेट गंवाए। न्यूजीलैंड के लिए मैट हेनरी और विलियम ओ’राउरकी ने तीन-तीन विकेट लिए।

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