LATEST NEWS

बावली जलाशय के कार्यों के लिए 44.49 लाख रूपए स्वीकृत

रायपुर, जल संसाधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन, ने कबीरधाम जिले के विकासखंड-बोड़ला की बावली जलाशय योजना के जीर्णोद्धार, पुलिया निर्माण नहर के सीसी लाईनिंग सहित अन्य कार्यों के लिए 44 लाख 49 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्यों को कराने के लिए मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

कोरबा में नगर निगम के लाखों रुपए का एक्सिस बैंक ने किया गबन, प्रबंधन तलब

कोरबा नगर निगम कोरबा को मालूम हुआ कि सीएमएस कंपनी के द्वारा डेली कलेक्शन की जो राशि एक्सिस बैंक को भेजी जा रही है। वह जमा ही नहीं हुई। यह राशि कोई छोटी-मोटी नहीं बल्कि 79 लाख 42 हजार रुपये है। वर्ष 2023 से जनवरी 2024 तक का यह किस्सा बताया जा रहा है। मामला प्रकाश में आने पर नगर निगम में इस बारे में सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी प्रमोद डनसेना ने बताया कि बैंकिंग संस्थान के खिलाफ बीएनएस की धारा के अंतर्गत गबन का प्रकरण दर्ज किया गया है। आगे विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा कि मामला एक्सिस बैंक की कोरबा शाखा में हुए कथित गबन से जुड़ा है। जिसमें नगर पालिका निगम कोरबा के खाते से 79,42,274 रुपये की राशि गायब होने का आरोप है। प्रदीप कुमार सिकदार ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई है। जो नगर पालिका निगम कोरबा में प्र. सहायक लेखा अधिकारी हैं। आरोप है कि तत्कालीन एक्सिस बैंक प्रबंधन ने उक्त राशि का गबन किया है। मामले की जांच के लिए नगर पालिका निगम कोरबा द्वारा जांच समिति गठित की गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट में पाया कि एक्सिस बैंक की कोरबा शाखा में निगम के खाते में उक्त राशि जमा नहीं की गई थी। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए एफआईआर दर्ज की गई है। मामले के मुख्य बिंदु: – आरोपी: तत्कालीन एक्सिस बैंक प्रबंधन, शाखा पावर हाउस रोड कोरबा – गबन की गई राशि: 79,42,274 रुपये – मामले की जांच: नगर पालिका निगम कोरबा द्वारा जांच समिति गठित की गई थी – कार्रवाई: एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है

मौसम ने छत्तीसगढ़ में बदली करवट, गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ेंगी, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग सहित 24 जिलों में आज बूंदाबांदी के आसार

रायपुर छत्तीसगढ़ में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से पिछले एक हफ्ते से मौसम बदला हुआ है। 4 दिन आंधी बारिश का अलर्ट है, वहीं 24 जिलों में आज बूंदाबांदी की संभावना है। आंधी बारिश के बावजूद सबसे ज्यादा गर्म राजनांदगांव है, जहां 39 डिग्री टेम्प्रेचर है। हीं अगले 3 दिनों में अधिकतम तापमान में बदलाव के आसार नहीं है। उसके बाद अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। रायपुर में दिन का तापमान सामान्य से कम आज धूप-छांव वाला मौसम होगा। कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। सोमवार को दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री था जो सोमवार को लुढ़क कर 37.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 1.7 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री ज्यादा था। बिलासपुर में 3 डिग्री लुढ़का दिन का पारा यहां सोमवार को दिन का पारा सामान्य से करीब 3 डिग्री कम रहा। जिसकी वजह से लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात का पारा 23.8 डिग्री रहा। मौसम विभाग के मुताबिक यहां अगले 2 दिन अधिकतम तापमान में गिरावट होगी। रायपुर में धूप- छांव भरा रहा मौसम सोमवार को राजधानी रायपुर में धूप- छांव वाला मौसम रहा और अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है। रविवार को दिन का टैम्प्रेचर 39.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा, जो सामान्य से 0.9 डिग्री ज्यादा था। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण रविवार को सरगुजा संभाग के कुछ स्थानों में बूंदाबांदी हुई। अंबिकापुर में अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री रहा। जो नॉर्मल टेम्प्रेचर से 3 डिग्री कम था। वहीं रात का पारा 21.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि, सामान्य से 0.5 डिग्री अधिक रहा।

शिक्षा का अधिकार प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन 1,04,317 आवेदन मिले, एक और दो मई को होगा सीटों का आवंटन

रायपुर  शिक्षा का अधिकार (Right to Education) से निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू है। प्रथम चरण में ऑनलाइन आवेदन 1,04,317 आवेदन मिल चुके हैं। हालांकि अभी दूसरे चरण में आवेदन करने की तिथि निर्धारित है, लेकिन आवेदन शुरू नहीं हुए। दरअसल, पहले चरण की अंतिम तिथि आठ अप्रैल को थी। 2025-26 सत्र में प्रदेशभर के 6,732 स्कूल में प्रवेश दिए जाएंगे। इस सत्र 51,978 सीटों में प्रवेश दिए जाएंगे। दरअसल, शिक्षा सत्र 2025-26 में प्रवेश के लिए केजी-वन और कक्षा पहली में प्रवेश के लिए कार्रवाई जारी है। अब 25 अप्रैल तक नोडल अधिकारी मिले दस्तावेजों की जांच करेंगे। लॉटरी से सीटों का आवंटन एक और दो मई को किया जाएगा। इसके बाद पांच से 30 मई तक चिह्नित स्कूलों में लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया चलेगी। दोगुने मिले थे आवेदन, फिर भी नहीं भरी सीटें गौरतलब है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Admissions) के अंतर्गत बीते सत्र निजी स्कूलों में आठ हजार से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। बीते सत्र में प्रदेशभर में 6,749 निजी स्कूलों में 54,367 सीटें थी। इनमें 46,219 में दाखिला हुआ। जबकि 8,000 सीटें खाली रह गई हैं। वहीं, एक लाख 22 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। फिर भी सीटें नहीं भर पाई हैं। यह स्थिति तब बनी है, जब सीटों की संख्या से दोगुना आवेदन आया था। वहीं, रायपुर जिले में लगभग 800 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 6,000 सीटें आरक्षित हैं, जिनमें से लगभग 1,000 सीटें खाली रह गई थी। वहीं, इस सत्र भी ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है। प्रदेश में शिक्षा विभाग ने आरटीई के तहत प्रवेश देने के लिए लॉटरी प्रणाली को लागू किया है। इसके तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आरटीई के तहत भरी जानी अनिवार्य हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन होंगे आवेदन प्रदेश में सत्र 2025-26 में 403 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय और 348 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय संचालित है। इन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया शिक्षा विभाग ने निर्धारित कर दी है। प्रवेश के लिए आवेदन पांच मई तक कर सकते हैं। इन विद्यालयों में प्रवेश आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकेगा। ऑनलाइन आवेदन सेजेस पोर्टल से करना होगा। एक विद्यार्थी एक विद्यालय के लिए ही आवेदन कर सकेगा। वहीं, पहले चरण की प्रवेश की अन्य आवश्यक कार्रवाई 11 मई से 15 मई को होगा। अधिक आवेदन की स्थिति में लॉटरी के माध्यम से सीट आवंटन छह मई से 10 मई तक होंगे। महतारी दुलार योजना में देना होगा पालक का डेथ सर्टिफिकेट महतारी दुलार योजना अंतर्गत कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बच्चों को विशेष प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओ) द्वारा जारी पालक का मृत्यु प्रमाण पत्र देना होगा। इसी तरह बीपीएल एवं आर्थिक रूप से कमजोर पालकों के बच्चों को कुल रिक्त सीट के 25 प्रतिशत सीटों के विरूद्ध प्रवेश दिया जाएगा। पालकों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। कुल रिक्त पदों के 25 प्रतिशत सीटों पर आवेदक बच्चों का प्रवेश लॉटरी सिस्टम से होगा। यानी कंप्यूटर के माध्यम से रेंडमली चयन किया जाएगा। रिक्त सीट के विरूद्ध अधिक पात्र आवेदक होने पर लॉटरी से चयन किया जाएगा। सीटें खाली रहने पर दूसरे चरण की प्रक्रिया द्वितीय चरण नवीन स्कूल पंजीयन, दर्ज संख्या प्रविष्टि एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन दो जून से 16 जून तक किया जाएगा। फिर छात्र पंजीयन (आवेदन) 20 जून से 30 जून तक होगा। नोडल अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच एक जुलाई से आठ जुलाई तक होगा। लॉटरी एवं आवंटन 14 जुलाई से 15 जुलाई को होगा। स्कूल में दाखिला प्रक्रिया 18 जुलाई से 31 जुलाई तक होगा।

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में कैंप के दौरान हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का मामला सामने आया

 बिलासपुर छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) कैंप के दौरान हिंदू छात्रों को जबरन नमाज़ पढ़वाने का मामला सामने आया है। छात्रों ने इस संबंध में कोनी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। यह कैंप 26 मार्च से 1 अप्रैल 2025 तक आयोजित किया गया था, जिसमें विश्वविद्यालय के कुल 159 छात्र शामिल हुए थे। ईद के दिन नमाज पढ़वाने का आरोप छात्रों का कहना है कि 30 मार्च को ईद के दिन कैंप में सभी छात्रों को एकत्र कर नमाज अदा करने के लिए मजबूर किया गया। छात्रों का आरोप है कि NSS कोऑर्डिनेटर और प्रोग्राम ऑफिसर ने इसे धार्मिक सद्भावना का प्रतीक बताते हुए अनिवार्य उपस्थिति दर्ज करवाई। कैंप (Bilaspur NSS Camp) में शामिल 159 छात्रों में केवल 4 मुस्लिम छात्र थे, जबकि बाकी सभी छात्र हिंदू समुदाय से थे। कोटा ब्लॉक के शिवतराई में लगा था कैंप छात्रों ने बताया कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई की ओर से कोटा ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र शिवतराई में 26 मार्च से 1 अप्रैल तक कैंप लगा था, वहीं नमाज पढ़वाया गया है। छात्रों का आरोप- योगा क्लास में नमाज पढ़ने मजबूर किया छात्रों ने अपनी शिकायत में बताया है कि जब एनएसएस कैंप में रोज सुबह योगा क्लास लगाया जाता था, तब वहां हिंदू छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। छात्रों ने नमाज पढ़ने का विरोध भी किया। लेकिन, प्रोग्राम ऑफिसर और कोआर्डिनेटर उन्हें डराते-धमकाते रहे और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ ही सर्टिफिकेट नहीं देने की चेतावनी देते रहे। छात्रों ने बताया कि बाकी दिनों की तरह एनएसएस कैंप में सुबह 6:15 से 7:00 बजे योग करने छात्र एकत्रित हुए, जिसमें कुल 159 छात्र कैंप में थे। इसमें 4 छात्र मुस्लिम थे। 31 मार्च को मुसलमानों का त्योहार ईद उल फितर था अचानक से कोऑर्डिनेटर ने चारों मुस्लिम छात्रों को मंच पर बुलाया और बाकी छात्रों को मुस्लिम छात्रों द्वारा जो मंच पर नमाज अदा करने की प्रक्रिया की गई और उसका जस का तस दोहराने और सीखने का आदेश दिया। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी करेगी जांच गुरु घासीदास सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी की मीडिया प्रभारी MN त्रिपाठी ने बताया कि यूनिवर्सिटी को इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। मीडिया से जानकारी मिली है, जिसकी जांच और सच्चाई का पता लगाने के लिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की गई है। तथ्य जुटा रही पुलिस कोनी थाना टीआई लखेश्वर केंवट ने बताया कि यूनिवर्सिटी के छात्रों ने शिकायत कर NSS कैम्प में नमाज पढ़ाने का आरोप लगाया, जिसकी जांच की जा रही है। मामले में यूनिवर्सिटी प्रबंधन से भी जानकारी लेकर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। अपराध घटित होना पाए जाने पर केस दर्ज किया जाएगा। छात्रों का मोबाइल कराया जमा छात्रों ने बताया कि एनएसएस कैंप के दौरान उनका मोबाइल जमा करा लिया गया था, ताकि वो इसका वीडियो-फोटो न बना सके। यही वजह है कि उनके पास इस घटना का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस दौरान छात्रों को नमाज पढ़ने के तरीके सिखाए गए। छात्रों के धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन शिकायत दर्ज कराने वाले छात्रों का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता का सीधा उल्लंघन है। छात्रों का आरोप है कि उन्हें बिना किसी सहमति के धार्मिक गतिविधियों में शामिल किया गया, जो उनकी व्यक्तिगत आस्था के खिलाफ है। छात्रों का यह भी कहना है कि यदि ऐसी स्थिति उल्टी होती, तो भारी हंगामा होता। मामले को लेकर अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। छात्रों द्वारा की गई शिकायत को कोनी थाना पुलिस ने स्वीकार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। क्या कहता है संविधान ? यह मामला एक बार फिर शिक्षा संस्थानों में धर्म और सेकुलरिज़्म की सीमाओं को लेकर बहस छेड़ रहा है। बता दें, भारतीय संविधान अनुच्छेद 25 के तहत हर नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता प्राप्त है, लेकिन किसी पर धर्म विशेष का पालन थोपना असंवैधानिक है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा:मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी हुई पूरी प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल पंचायत दिवस से शुरू होगी नगद भुगतान की सुविधा सहित अन्य डिजिटल सेवाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का किया था वादा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए आयोजित एमओयू कार्यक्रम को किया संबोधित कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता और सरपंचों के बीच हुआ एमओयू रायपुर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी पूरी होने जा रही है। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से नगद भुगतान सहित अन्य डिजिटल सेवाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड की 10-10 ग्राम पंचायतों में “अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र” के लिए एमओयू किया गया। इन सुविधा केंद्रों में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। वे अपने खाते से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली-पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे तथा पेंशन-बीमा जैसी अनेक सुविधाओं का लाभ अपने पंचायतों में ही ले सकेंगे। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाताओं और सरपंचों के बीच आज एमओयू हुआ। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित किया गया। इन सुविधा केंद्रों के आरंभ होने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए विकासखंड और जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। गांव में ही उन्हें बहुत-सी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मोदी की गारंटी की एक और गारंटी पूरी करने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का वादा किया था, जो अब पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सवा साल में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। चाहे किसानों के लिए 3100 रुपये में धान खरीदी हो या पिछले दो वर्षों का धान बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, बुजुर्गों के लिए रामलला दर्शन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का पुनः प्रारंभ, या 5 लाख 62 हजार कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये देने का वादा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों में शुरू हो रहे इन सुविधा केंद्रों से किसान धान का भुगतान, महतारी वंदन योजना, पेंशन तथा अन्य योजनाओं की राशि का भुगतान ले सकेंगे, साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाओं का भी लाभ ले सकेंगे। आवास सर्वे की सूची में हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का नाम हो शामिल, योजना का मिले लाभ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर किसी का पक्का मकान हो। पिछली सरकार के कार्यकाल में 18 लाख हितग्राही आवास से वंचित रह गए थे। शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। अभी तक हमें केंद्र से 14 लाख आवास मिले हैं। दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए साढ़े तीन लाख आवास स्वीकृत करने जा रहे हैं। सभी को आवास मिले, इसके लिए हमने “आवास प्लस प्लस” सर्वे में पात्रता के दायरे को बढ़ाया है, जिससे हर किसी के घर का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस प्लस का सर्वे 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हो रहा है। इस सर्वे की सूची में सभी जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों का नाम शामिल हो, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। गांव-गांव में वाटर हार्वेस्टिंग की अपील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गांव-गांव में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंचायतों में वित्तीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। इनसे निश्चित ही एक ही स्थान पर रेलवे टिकट बुकिंग हो या छात्रवृत्ति, पेंशन राशि का आहरण की सुविधा ग्राम पंचायतों में ही उपलब्ध होगी। इससे हम ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के संकल्प को पूरा कर सकते हैं। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भू-जल का गिरता स्तर बहुत ही चिंताजनक है। इसके लिए गांव-गांव में भू-जल स्तर बढ़ाने हेतु विभाग से अलग से एसओपी जारी किया जा रहा है। हम जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों से भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान जिला मुख्यालयों में सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच सहित नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिन पंचायतों में पहले से PMAY-G पंचायत एंबेसडर हैं, उन्हें विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। जिन पंचायतों में अब तक कोई PMAY-G पंचायत एंबेसडर नियुक्त नहीं हुआ है, वहाँ उपयुक्त व्यक्ति को चयनित कर एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा “मोर दुवार साय सरकार” महाभियान (15 अप्रैल से 30 अप्रैल) की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों के भू-जल स्तर के संबंध में जानकारी दी गई तथा वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, आयुक्त मनरेगा एवं संचालक पीएमएवाई ग्रामीण रजत बंसल, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित थीं।

कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता ओर सरपंचों के बीच हुआ एमओयू

सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती ग्राम पंचायतों में खुलेंगे अटल डिजिटल सुविधा केंद्र कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाता ओर सरपंचों के बीच हुआ एमओयू मोर दुआर साय सरकार महाअभियान की शुरूआत बिलासपुर बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश में  बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाया गया।  जिला स्तरीय कार्यक्रम जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित किया गया। सभी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संबोधन को सुना।         जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, विधायक कोटा श्री अटल श्रीवास्तव, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, जिला पंचायत सदस्यगण, प्रभारी कलेक्टर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, जनपद पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, समाज प्रमुख श्री महेश चंद्रिकपुरे , श्री बसंत अंचल मौजूद थे। कार्यकम की शुरूआत भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम में संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया ।      कार्यक्रम में हर विकासखण्ड से चयनित 10 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सीएससी-वीएलई सेवा प्रदाताओं के मध्य एमओयू (सहमति पत्र) पर हस्ताक्षर किए गए। डिजिटल सुविधा केन्द्र का उद्देश्य ग्राम पंचायत कार्यालयों को डिजिटल सुविधा केन्द्र के तौर पर विकसित करना है। इन सुविधा केन्द्र में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। वे अपने खाते से पैसे आसानी से निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे, तथा पेंशन बीमा जैसी अनेक सुविधाओं का लाभ अपने पंचायत में ही ले सकेंगे। 24 अप्रैल को पंचायत राज दिवस के अवसर पर डिजिटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया जाएगा।     कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि बाबा साहब का संपूर्ण जीवन संघर्ष का अनुपम मिसाल है। उन्होंने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो भारत को लोकतंत्र, समानता और न्याय की मजबूत नींव प्रदान करता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जनहितैषी अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार सुशासन के लिए वचनबद्ध हैं। कार्यक्रम को कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव और महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायत एंबेसडर की भूमिका को और प्रभावी बनाने हेतु कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई । उन्हें कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। जहाँ एंबेसडर नियुक्त नहीं हैं, वहाँ उपयुक्त प्रतिनिधि का चयन कर उन्हें नियुक्त किया जाएगा। *मोर दुआर साय सरकार महाअभियान की शुरूआत*15 से 30 अप्रैल तक चलने वाले विशेष पखवाड़ा के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की  जानकारी लाभार्थियों तक पहुँचाने और योजना की पात्रता संबंधी जानकारी देने महाअभियान की शुरूआत की गई। भूजल संरक्षण हेतु जनजागरूकता बढ़ाने और जल संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।  विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के स्थाई प्रतीक्षा सूची एवं आवास प्लस सूची में छूटे हुए ग्रामीण परिवारों को लाभान्वित करने हेतु इनकी पहचान के लिए सर्वेक्षण कार्य किया जा रहा है। प्रत्येक ग्राम पंचायत हेतु पीएम आवास एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा।

बाबा साहब का जीवन करोड़ों लोगों के अधिकारों की रोशनी है-जिला पंचायत उपाध्यक्ष

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी आज डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती एवं सामाजिक समरसता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेशानुसार जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट निर्देशानुसार और प्रभारी जिला पंचायत सीईओ श्री नितेश उपाध्यक्ष के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिसमें जनपद सदस्य, सरपंच गण और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह मुख्य अतिथि थीं, जबकि जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजेश साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस दौरान विभिन्न समाजों के प्रमुखों को मंच पर सम्मानित किया गया। जनपद सदस्य श्री रामजीत लकड़ा ने डॉ. अंबेडकर की जयंती पर सामाजिक समरसता और न्याय की भावना को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने ‘मोर दुवार साय सरकार’ जैसे अभियानों को ग्राम विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। जनपद सदस्य अनीता चौधरी ने बाबा साहब के संघर्ष और उनके द्वारा दिए गए समानता, शिक्षा और अधिकार के सिद्धांतों को याद किया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू ने कहा कि बाबा साहब ने अपने जीवन में भेदभाव और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया, और उनका यह संघर्ष आज भी समाज को प्रेरणा देता है। वही जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने भी इस अवसर पर बाबा साहब के योगदान की सराहना की और उनके विचारों को समाज के जागरण के रूप में बताया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कार्यरत पंचायत एंबेसडरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया और जिन पंचायतों में एंबेसडर नियुक्त नहीं थे, वहां उपयुक्त प्रतिनिधियों की नियुक्ति की गई। कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना थी, जिसमें जिले के तीनों विकासखंडों में से 19 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और CSC सेवा प्रदाताओं के बीच एमओयू हस्ताक्षर किए गए जिसमें सभी जो काम तहसील में होता था वह काम अब ग्राम पंचायत  में  ही होगा। इसमें महतारी वंदन योजना की पैसा भी ग्राम पंचायत स्तर में मिलेगा । इन डिजिटल केंद्रों का औपचारिक शुभारंभ 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस पर किया जाएगा। इसके साथ ही “मोर दुवार साय सरकार” महाअभियान की घोषणा की गई, जो 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पर विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हितग्राहियों को योजना की प्रक्रिया से अवगत कराकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र परिवार लाभ से वंचित न रह जाए। जल संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की गई और उपस्थित जनों को जल संवर्धन के प्रति जागरूक किया गया। वही कार्यक्रम छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, ग्राम विकास और जल संरक्षण जैसे विषयों पर प्रदेशवासियों को प्रेरित किया। उन्होंने वर्षा जल संचयन, नल का उपयोग बंद करने और पानी की बर्बादी को रोकने के उपायों पर जोर दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय जल मिशन के तहत सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जल शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में अन्य प्रमुख अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही। इस बैठक में जनपद सदस्य अनिता सिंह, प्रिया, उजीत नारायण सिंह, रामजीत लकड़ा, सरपंच सोनू किन्नर, NRLM अधिकारी सिमेंद्र सिंह, जिला समन्वयक  राजेश कुमार जैन, ई डिस्टिक मैनेजर नारायण सिंह पोर्ते, अभीषेक गुप्ता, तीनों विकासखण्ड के सरपंच और जनप्रतिनिधी  सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ राज्य में अब पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसान, लाइसेंस की जरूरत खत्म

रायपुर : छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पंप के लिए लाइसेंस की जरूरत खत्म छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया छत्तीसगढ़ राज्य में अब पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसान, लाइसेंस की जरूरत खत्म रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंप के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यह बदलाव 14 नवंबर 2024 को खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के जरिए लागू किया गया है। अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायियों को सिर्फ केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना होगा। पहले की दोहरी अनुमति की प्रक्रिया को हटाकर इसे आसान बना दिया गया है। क्या बदला और क्यों है यह अहम पहले पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए व्यवसायियों को कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय विक्रय का लाइसेंस प्राप्त करना होता था। प्रत्येक वर्ष अथवा तीन वर्ष में एक बार लाइसेंस का रिन्यूवल कराना होता था। राज्य शासन और केंद्र, दोनों जगह से अनुमति लेने की दोहरी प्रक्रिया से समय और पैसा दोनों खर्च होते थे, साथ ही कागजी कार्रवाई भी बढ़ जाती थी। अब केवल केंद्र के नियमों का पालन करना काफी होगा। इससे व्यवसायियों को राहत मिलेगी और पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया तेज और सस्ती हो जाएगी। यह कदम छत्तीसगढ़ में व्यवसाय को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है। व्यवसायियों को कैसे होगा फायदा अब कम कागजी कार्रवाई और एक ही स्तर की अनुमति से पेट्रोल पंप जल्दी शुरू हो सकेंगे। नए व्यवसायी, खासकर छोटे उद्यमी और तेल कंपनियां, बिना ज्यादा परेशानी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। यह सुधार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने को बढ़ावा देगा, जहां अभी ईंधन की पहुंच कम है। राज्य और जनता को क्या लाभ इस बदलाव से छत्तीसगढ़ में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल आसानी से मिल सकेगा। खासकर उन इलाकों में, जहां अभी पेट्रोल पंप कम हैं, वहां सुविधा बेहतर होगी। साथ ही, नए पेट्रोल पंप खुलने से राज्य में निवेश बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। यह सरकार के उस लक्ष्य को भी पूरा करता है, जिसमें व्यवसाय करने में आसानी और आर्थिक विकास पर जोर दिया गया है। छत्तीसगढ़ बन रहा व्यवसाय के लिए आकर्षक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने को लेकर गंभीर है। नियमों को सरल करके और अनावश्यक बाधाओं को हटाकर राज्य उद्योग, व्यवसाय को सहूलियत और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे न सिर्फ व्यवसायियों को फायदा होगा, बल्कि राज्य की जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल पंप खोलना आसान हो गया है। यह कदम न केवल सभी क्षेत्रों में ईंधन की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश पांडेय के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पांडेय को नए दायित्व के लिए बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत 10 महिला हितग्राहियों को बांस टूल किट प्रदान की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि पांडेय ने लंबे समय से संगठन में कार्य किया है। उनकी कुशल संगठन क्षमता के बारे में हम सभी अवगत हैं। निश्चित ही अब उनके अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड को मिलेगा। उन्होंने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’, ‘स्वावलंबी भारत’ के निर्माण एवं स्थानीय रोजगार सृजन में खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हमेशा खादी एवं ग्रामोद्योग के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए हम सबको प्रेरित करते हैं। उन्होंने शासकीय भवनों से लेकर ट्रेनों तक में खादी वस्त्र की उपयोगिता को बढ़ावा दिया है। वे कहते हैं कि खादी हमारी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे हर वर्ष एक बार स्वयं दुकान जाकर खादी का वस्त्र खरीदते हैं और पहनते हैं। छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के पास राष्ट्रीय बांस मिशन का भी कार्य है।उन्होंने कहा कि आज बांस से न केवल गुलदस्ते, ट्री गार्ड, बल्कि क्रैश बेरियर तक बनाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन भी हो रहा है। उन्होंने बेमेतरा जिले के एक गांव का उल्लेख किया, जहाँ बांस के ऊंचे मीनार और क्रैश बेरियर बनाए जा रहे हैं, जिसकी प्रशंसा केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी ने की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर आए थे, तब महिला स्व-सहायता समूह की बहनों ने उन्हें बांस से निर्मित गुलदस्ता भेंट किया, जिसकी उन्होंने सराहना की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन उत्पादों में रंगों का उपयोग किया जाए, तो उनका आकर्षण और मूल्य दोनों ही बढ़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे उत्पादों को अधिक आकर्षक और बाज़ार योग्य बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए और मुझे विश्वास है कि बोर्ड इस दिशा में आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर मोदी की एक और गारंटी को पूर्ण करने की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में “अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र” के लिए कॉमन सर्विस सेंटर सेवा प्रदाता एवं सरपंचों के मध्य एमओयू किया गया है। आगामी 24 अप्रैल पंचायत दिवस से इन केंद्रों में नगद भुगतान की सुविधा प्रारंभ होगी। इन केंद्रों से विभिन्न प्रमाण पत्र भी प्राप्त किए जा सकेंगे और ग्रामवासियों को अनेक वित्तीय सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा। इससे लोगों को विकासखंड एवं जिला मुख्यालयों में नहीं जाना पड़ेगा। इस सुविधा का विस्तार चरणबद्ध रूप से सभी ग्राम पंचायतों में किया जाएगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हर घर खादी पहुंचे, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष राकेश पांडेय को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, गजेंद्र यादव, अमर अग्रवाल, अनुज शर्मा, धरमलाल कौशिक, प्रेमप्रकाश पांडेय, पूर्व सांसद सुसरोज पांडेय सहित विभिन्न निगम, मंडल, आयोग के अध्यक्षगण, गणमान्य नागरिकगण एवं छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम नरदहा में सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज रायपुर राज के 79वें महाधिवेशन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम नरदहा में कुर्मी समाज के सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा की। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी और प्रदेश की महान विभूतियों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, पूर्व राज्यपाल रमेश बैस, रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, तथा छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोड़स राम कश्यप सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि कुर्मी समाज एक परिश्रमी और आत्मनिर्भर समाज है, जो परंपरागत रूप से खेती-किसानी से जुड़ा रहा है और विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वायदों में से अधिकांश वायदे हमारी सरकार द्वारा अल्पकाल में ही पूर्ण किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इसके लिए आज एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से प्रारंभ होगी, और इसका विस्तार चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण के दूसरे ही दिन गरीबों के लिए 18 लाख पक्के मकानों की स्वीकृति दी गई। कुर्मी समाज के कृषक हितों को ध्यान में रखते हुए, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान की खरीदी की गई, साथ ही पिछले दो वर्षों का धान बोनस भी किसानों को दिया गया। महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें फोन कर यह जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ के लिए 3.5 लाख नए आवास और स्वीकृत किए जा रहे हैं। इससे हम और अधिक जरूरतमंदों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर घर के सपने को साकार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, जो पूर्व में बंद कर दी गई थी, अब पुनः प्रारंभ की जा चुकी है, ताकि हमारे बुजुर्ग अपने इच्छित तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकें। उन्होंने कहा कि जीवन में एक बार तीर्थ करने की इच्छा हर बुजुर्ग की होती है, लेकिन आर्थिक कारणों से यह सपना अधूरा रह जाता है, जिसे अब हम साकार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। वनवासी भाइयों के पैरों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए, चरण पादुका योजना को वर्ष 2025-26 के बजट में पुनः शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले चार-पांच दिन बारिश का अलर्ट

रायपुर छत्तीसगढ़ में रविवार शाम से मौसम ने करवट ली है. राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के एक-दो स्थानों पर तेज आंधी के साथ ही हल्की से मध्यम बारिश हुई है. वहीं आज भी मौसम विभाग ने प्रदेश के 7 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. अगले 3 घंटों में बेमेतरा, बिलासपुर, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कबीरधाम, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, कोरबा, मुंगेली में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. अगले 5 दिनों तक प्रदेश में मौसम का मिजाज ऐसे ही बने रहने की संभावना है. अगले 48 घंटों में 2-3 डिग्री लुढ़केगा पारा मौसम विभाग के अनुसार, समुद्र तल पर चक्रवाती परिसंचरण बनने के कारण मौसम में बदलाव आया है. इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक तेज हवा के साथ हल्की बारिश होने की संभावना बनी रहेगी. आज 14 अप्रैल से बादल गरजने के साथ तेज हवा की गतिविधि बढ़ने की संभावना है. वहीं अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की गिरावट होने और आगामी दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी. बीते दिन ऐसा रहा प्रदेश का मौसम बीते दिन एक्टिव सिस्टम के चलते प्रदेश के बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में तेज बारिश हुई. कोंडागांव में आंधी-बारिश के साथ ओले भी गिरे. कई घरों के छप्पर उड़ गए हैं. सड़कों पर पानी भर गया. वहीं सरगुजा संभाग में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई. राजधानी में मौसम का पूर्वानुमान रायपुर में 14 अप्रैल को आकाश आंशिक मेघमय रहने और चमक गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 40 और 25 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है. बीते दिन ऐसा रहा प्रदेश का तापमान शहर अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान रायपुर 39.8°C 25.5°C बिलासपुर 38°C 24.7°C जीपीएम 35°C 23.4°C अंबिकापुर 33.9°C 21.6°C राजनांदगांव 42°C 25°C जगदलपुर 37.3°C 22°C    

रायपुर में आज 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा CG JOB FAIR, जानिए डिटेल्स

रायपुर  नौकरी की तलाश कर रहे शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र रायपुर द्वारा मंगलवार 15 अप्रैल को जॉब फेयर का आयोजन किया जाएगा। इस जॉब फेयर में निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। जॉब फेयर में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गई जानकारी ध्यानपूर्वक पढ़ें। बता दें कि इस जॉब फेयर का आयोजन राजभवन के पीछे, पुराना पुलिस मुख्यालय स्थित जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, रायपुर के कार्यालय में मंगलवार, 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। इस जॉब फेयर में निजी क्षेत्र के नियोजक मोनेट टॉल्क बिजनेस एवं पीवीआर आइनॉक्स लिमिटेड रायपुर द्वारा सेल्स जॉब, बेक ऑफिसर, टेली कॉलर, सर्विस एसोसिएट, टेक्निशियन एवं एक्सिक्यूटिव एकाउंट आदि के 34 पदों पर पर भर्ती के लिए साक्षात्कार लिए जाएंगे। शैक्षणिक योग्यता उक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदकों को न्यूनतम 12वी पास से स्नातक (बी.कॉम), आई.टी.आई. (इलेक्ट्रॉनिक) उत्तीर्ण होना आवश्यक है। कितनी मिलेगी सैलरी? बता दें कि चयन के पश्चात आवेदकों को उनके पद के अनुसार 15 हजार से 26 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा। नोट: इन पदों पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के नौकरी के इच्छुक एवं योग्य आवेदक, निर्धारित तिथि एवं स्थल पर अपने बायोडाटा, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता व अनुभव प्रमाण-पत्रों की छायाप्रति के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आवेदक जिला रोजगार कार्यालय, रायपुर में भी संपर्क कर सकते हैं।

बस्तर अब विकास और पर्यटन की नई राह पर बढ़ चला, जम्मू-कश्मीर मॉडल पर होम स्टे पॉलिसी लागू करने की तैयारी

रायपुर कभी माओवादियों के गढ़ के रूप में कुख्यात रहा बस्तर अब विकास और पर्यटन की नई राह पर बढ़ चला है। राज्य सरकार यहां जम्मू-कश्मीर मॉडल पर होम स्टे पॉलिसी लागू करने की तैयारी में है। सरकार का उद्देश्य बस्तर को पर्यटन का केंद्र बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करना है। राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है, ताकि आर्थिक मदद प्राप्त हो सके। पॉलिसी के तहत आदिवासी गांवों में छोटे-छोटे पर्यटन केंद्र विकसित किए जाएंगे। इसके लिए ग्रामीणों को उनके घर के अतिरिक्त एक और घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। पर्यटक इन घरों में ठहरेंगे, स्थानीय व्यंजन खाएंगे और गांव की संस्कृति को करीब से जानेंगे। इससे ग्रामीणों की आय में इजाफा होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया जीवन मिलेगा। बताते चलें कि एक होम स्टे विकसित करने में औसतन एक लाख रुपये तक का खर्च आता है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल इसकी डिजाइन खुद तैयार करेगा। इससे ग्रामीणों के रोजगार का नया रास्ता मिलेगा और प्रदेश के पर्यटन को पंख लगेंगे। बस्तर, सरगुजा के बाद अन्य जिलों में विस्तार पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने बताया कि केंद्र से प्रस्ताव स्वीकृत होते ही योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया जाएगा। ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी जाएगी और इच्छुक लोगों का पंजीयन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें होम स्टे निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। चित्रकोट और धुड़मारास जैसे गांवों होंगे विकसित बस्तर जिले के चित्रकोट और धुड़मारास गांवों को हाल ही में ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज 2024’ प्रतियोगिता में विशेष सम्मान मिला है। यह सम्मान केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने प्रदान किया। धुड़मारास गांव अपनी एडवेंचर गतिविधियों के लिए लोकप्रिय है। वहीं, चित्रकोट जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सरकार अब ऐसे अन्य गांवों की पहचान कर रही है जो पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। छोटेबोडाल : बस्तर का पहला मिलिस्टिक विलेज होम स्टे बस्तर जिले में होम स्टे की शुरुआत सबसे पहले छोटेबोडाल गांव से हुई। यह गांव नांगूर के पास स्थित है और बस्तर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर है। यहां 2007 में शकील रिजवी ने जिले का पहला होम स्टे शुरू किया, जो तीन कमरों वाला एक पारंपरिक मिट्टी का घर है। इस घर में 12 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। यहां आने वाले पर्यटक न केवल ग्रामीण परिवेश का आनंद लेते हैं, बल्कि आदिवासी जीवनशैली, परंपराएं, और स्थानीय वनस्पतियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं। पर्यटन मंडल कर रहा विस्तार की तैयारी बस्तर में वर्तमान में 27 होम स्टे चल रहे हैं। चित्रकोट के आस-पास के गांवों में भी जिला प्रशासन की मदद से होम स्टे विकसित किए गए हैं। यह ग्रामीणों के लिए आय के नए स्रोत बन रहा है। माओवाद सिमटा, सुरक्षित हुए पर्यटन क्षेत्र बस्तर के कोंडागांव और बस्तर जिले माओवादी प्रभाव से लगभग पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे जिलों में अब भी कुछ हद तक नक्सली गतिविधियां हैं। मगर, राज्य सरकार की रणनीति और सुरक्षाबलों की मुस्तैदी से हालात तेजी से बदल रहे हैं। अब पर्यटन विभाग का फोकस उन क्षेत्रों पर है जो अब सुरक्षित हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए आयोजित एमओयू कार्यक्रम को किया संबोधित

रायपुर भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ में मोदी की एक और गारंटी पूरी होने जा रही है। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से नगद भुगतान सहित अन्य डिजिटल सेवाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में प्रदेश के प्रत्येक विकासखंड की 10-10 ग्राम पंचायतों में “अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र” के लिए एमओयू किया गया। इन सुविधा केंद्रों में ग्रामीणों को अब बहुत सारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। वे अपने खाते से आसानी से पैसे निकाल सकेंगे, अपने खाते से किसी अन्य के खाते में पैसे भेज सकेंगे, बिजली-पानी बिल का भुगतान कर सकेंगे तथा पेंशन-बीमा जैसी अनेक सुविधाओं का लाभ अपने पंचायतों में ही ले सकेंगे। अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र के लिए कॉमन सर्विस सेंटर के सेवा प्रदाताओं और सरपंचों के बीच आज एमओयू हुआ। यह कार्यक्रम प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में आयोजित किया गया। इन सुविधा केंद्रों के आरंभ होने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए विकासखंड और जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा। गांव में ही उन्हें बहुत-सी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। मोदी की गारंटी की एक और गारंटी पूरी करने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की जनता से ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा शुरू करने का वादा किया था, जो अब पूरा होने जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने सवा साल में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। चाहे किसानों के लिए 3100 रुपये में धान खरीदी हो या पिछले दो वर्षों का धान बोनस, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना, बुजुर्गों के लिए रामलला दर्शन, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का पुनः प्रारंभ, या 5 लाख 62 हजार कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपये देने का वादा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ग्राम पंचायतों में शुरू हो रहे इन सुविधा केंद्रों से किसान धान का भुगतान, महतारी वंदन योजना, पेंशन तथा अन्य योजनाओं की राशि का भुगतान ले सकेंगे, साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य सुविधाओं का भी लाभ ले सकेंगे। आवास सर्वे की सूची में हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति का नाम हो शामिल, योजना का मिले लाभ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर किसी का पक्का मकान हो। पिछली सरकार के कार्यकाल में 18 लाख हितग्राही आवास से वंचित रह गए थे। शपथ लेने के दूसरे दिन हमने कैबिनेट की बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी। अभी तक हमें केंद्र से 14 लाख आवास मिले हैं। दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि छत्तीसगढ़ के लिए साढ़े तीन लाख आवास स्वीकृत करने जा रहे हैं। सभी को आवास मिले, इसके लिए हमने “आवास प्लस प्लस” सर्वे में पात्रता के दायरे को बढ़ाया है, जिससे हर किसी के घर का सपना पूरा हो सके। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना प्लस प्लस का सर्वे 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक हो रहा है। इस सर्वे की सूची में सभी जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों का नाम शामिल हो, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके। गांव-गांव में वाटर हार्वेस्टिंग की अपील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में गिरते भू-जल स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने गांव-गांव में जल संचयन को बढ़ावा देने के लिए वॉटर हार्वेस्टिंग अपनाने की अपील की। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंचायतों में वित्तीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा। इनसे निश्चित ही एक ही स्थान पर रेलवे टिकट बुकिंग हो या छात्रवृत्ति, पेंशन राशि का आहरण की सुविधा ग्राम पंचायतों में ही उपलब्ध होगी। इससे हम ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के संकल्प को पूरा कर सकते हैं। शर्मा ने कहा कि प्रदेश में भू-जल का गिरता स्तर बहुत ही चिंताजनक है। इसके लिए गांव-गांव में भू-जल स्तर बढ़ाने हेतु विभाग से अलग से एसओपी जारी किया जा रहा है। हम जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करेंगे। उन्होंने उपस्थित लोगों से भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करने का संकल्प लेने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के सर्वे अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान जिला मुख्यालयों में सांसद, विधायक, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सरपंच सहित नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में जिन पंचायतों में पहले से PMAY-G पंचायत एंबेसडर हैं, उन्हें विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। जिन पंचायतों में अब तक कोई PMAY-G पंचायत एंबेसडर नियुक्त नहीं हुआ है, वहाँ उपयुक्त व्यक्ति को चयनित कर एंबेसडर नियुक्त किया जाएगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण विशेष पखवाड़ा “मोर दुवार साय सरकार” महाभियान (15 अप्रैल से 30 अप्रैल) की जानकारी हितग्राहियों को दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों के भू-जल स्तर के संबंध में जानकारी दी गई तथा वॉटर हार्वेस्टिंग बनाने हेतु जनप्रतिनिधियों को संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस., पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, विशेष सचिव तारण प्रकाश सिन्हा, आयुक्त मनरेगा एवं संचालक पीएमएवाई ग्रामीण रजत बंसल, संचालक पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया उपस्थित थीं।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet