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मुख्यमंत्री साय बोले- पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है हमारा छत्तीसगढ़

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में रामनवमी के शुभ अवसर पर पारिवारिक छत्तीसगढ़ी फिल्म सुहाग का ट्रेलर लॉन्च किया।उन्होंने विधायक और फिल्म में मुख्य किरदार निभा रहे अभिनेता पद्मश्री अनुज शर्मा और उनकी पूरी टीम को बधाई व शुभकामनाएं दी।  इस अवसर पर विधायक पुरन्दर मिश्रा, नवनियुक्त छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष मोना सेन, राज्य समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष  शालिनी राजपूत, उपाध्यक्ष चंद्रकांति वर्मा और छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे। साय ने कहा कि लंबे अरसे के बाद छत्तीसगढ़ में एक पारिवारिक फिल्म दर्शकों के सामने आ रही है। फिल्म में परिवार को केंद्र में रखा गया है और यही बात फिल्म को खास बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति, परंपरा, रिश्तों और भावनाओं को पर्दे पर जीवंत करने का यह प्रयास निश्चित रूप से सफल होगा। उन्होंने कहा कि फिल्म की मूल भावना दर्शकों को पारिवारिक मूल्यों और भावनात्मक रिश्तों की गहराइयों से रूबरू कराता है। मुख्यमंत्री के साथ फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों का परिचय हुआ और फिल्म के कुछ रोचक किस्सों पर चर्चा हुई।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि फिल्म निर्माता व निर्देशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है और लगातार फिल्में और वेब सीरीज यहां बन रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश में फिल्मों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है ताकि इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले प्रदेश के युवाओं को भी पर्याप्त अवसर मिले। विधायक और फिल्म अभिनेता अनुज शर्मा ने मुख्यमंत्री को फिल्म सुहाग के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि फिल्म 18 अप्रैल से सिनेमाघरों में लगेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को फिल्म देखने के लिए आमंत्रित किया।       गौरतलब है कि फिल्म सुहाग  ( वचन में बंधे मया के कहानी ) फिल्म 18 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में मुख्य भूमिका में छत्तीसगढ़ी सिनेमा के सुपरस्टार “श्री अनुज शर्मा” नज़र आएंगे, जिनका अभिनय हमेशा की तरह गहराई, सहजता और संवेदनशीलता से भरपूर है। अभिनेता अनुज शर्मा और अभिनेत्री सुश्री अनिकृति चौहान पहली बार बड़े पर्दे पर एक साथ नजर आएंगे। ट्रेलर लॉन्च के दौरान फिल्म से जुड़े सिद्धांत, डायरेक्टर और राइटर राहुल थवाईत, निर्माता चंद्रशेखर तिवारी, वत्सला सौरभ शर्मा, सह निर्माता लोकनाथ दीवान मौजूद रहे।

लाल आतंक के अंत में सुरक्षा बलों की भूमिका सराहनीय : केंद्रीय गृह मंत्री

रायपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने  दंतेवाड़ा में सुरक्षा बल के जवानों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बस्तर अब लाल आतंक से बाहर निकलकर उन्नति की ओर अग्रसर है। यह बदलाव हमारे वीर जवानों की बहादुरी और सतत प्रयासों का परिणाम है।डीआरजी, कोबरा बटालियन, छत्तीसगढ़ पुलिस और पैरा मिलिटरी फोर्सेस की इसमें उल्लेखनीय भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि अंदरूनी क्षेत्रों में सुरक्षा कैम्पों की स्थापना से अनेक गाँव नक्सल मुक्त हो रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सली हिंसा में घायल होने वाले जवानों के बेहतर इलाज के लिए रायपुर और जगदलपुर में विशेष अस्पतालों की स्थापना की भी घोषणा की। इस दौरान उन्होंने जवानों से आत्मीय बातचीत में कहा कि सरकार हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर पण्डूम जैसे सांस्कृतिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच बस्तर की कला, संस्कृति, खानपान, वेशभूषा, आभूषण, नृत्य-संगीत को देश-विदेश तक पहुँचाने का माध्यम बना है। भय से विश्वास की ओर बढ़ता बस्तर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर पण्डुम जैसे सांस्कृतिक आयोजन में केंद्रीय गृहमंत्री   अमित शाह की उपस्थिति हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हर बार उनके आगमन से प्रदेश के वीर जवानों का हौसला बढ़ता है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह संवाद बस्तर के उस परिवर्तन का प्रतीक है जो भय से विश्वास, आतंक से विकास की ओर बढ़ रहा है। केंद्रीय नेतृत्व और जवानों के साहस ने मिलकर बस्तर को एक नई दिशा दी है। उन्होंने जवानों को सफल नक्सल ऑपरेशनों के लिए बधाई दी और उनके योगदान को नमन किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर की शांति के लिए हमारे सुरक्षा बल के जवान पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। बस्तर को नक्सल मुक्त करना केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हम सब मिलकर इस संकल्प को पूर्ण करेंगे।

मनरेगा योजनांतर्गत संगम अभियान, युक्तधारा एवं जल शक्ति अभियान पर आधारित जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

रायपुर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री डी. राहुल वेंकट के मार्गदर्शन में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आज महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत “संगम अभियान”, “युक्तधारा” और “जल शक्ति अभियान (कैच द रेन)” पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में किया गया, जिसमें जिले के सभी संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, उपसंभागीय अधिकारी (RES), उप अभियंता तथा तकनीकी सहायकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2025-26 में मनरेगा योजनांतर्गत विभिन्न कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु विभागीय समन्वय, अभिसरण और तकनीकी दक्षता को मजबूत करना रहा। “संगम अभियान” के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर GIS तकनीक की सहायता से ग्राम-योजना एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया। यह अभियान महिला नेतृत्व में एकीकृत प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (INRM) और आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस अवसर पर आयोजित कार्यशाला में “युक्तधारा पोर्टल” के माध्यम से भविष्य में योजना निर्माण और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को पूर्णतः GIS आधारित बनाए जाने की दिशा में तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षित किया गया। साथ ही “जल शक्ति अभियान” के अंतर्गत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और कृषि आधारित आजीविका विकास पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। कार्यशाला में उपस्थित जिला अधिकारियों ने जल प्रबंधन, कृषि विकास और आजीविका संवर्धन के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा की और बताया कि विभिन्न विभागों के समन्वय से कैसे एक स्थायी और समृद्ध ग्रामीण विकास मॉडल तैयार किया जा सकता है। युक्तधारा पोर्टल की कार्यप्रणाली और इसके उपयोग की प्रस्तुति ने प्रतिभागियों को योजनाओं की वैज्ञानिक, पारदर्शी और सटीक प्लानिंग की दिशा में महत्वपूर्ण जानकारी दी। अंत में सभी अधिकारियों एवं प्रतिभागियों को संगम अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्तावित कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिससे DPR निर्माण की प्रक्रिया अधिक सरल, सटीक और राज्य सरकार की मंशा अनुरूप हो सके। कार्यशाला के सफल आयोजन से यह स्पष्ट हुआ कि जिले में मनरेगा योजनांतर्गत आगामी विकास कार्यों में समावेशी दृष्टिकोण और तकनीकी समन्वय से ग्रामीण क्षेत्र को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।      इस बैठक में रितेश, अनिल कुमार मिश्रा, अजय सिंह राठौर, वैशाली सिंह, एस.एस. कुंवर, के.के चौधरी, अरविंद निकुंज, एन.सी.सिंह, डॉ. एम.बी.सिंह, ए.के.वखारे, एच.एन.वर्मा, प्रिया मिश्रा, उर्मिला, रामनरेश, शैलेंद्र करन, रोशन कुजुर, शशांक पाल, विकेश कुमार, अर्जुन सिंह मार्को, धर्मेंद्र कुर्रे, अंशुल कुमार जायसवाल, शुभम, कमल किशोर जायसवाल, रामनिक कुमार गुप्ता, राज नारायण सिंह, के.पी.सिंह, विवेक आनंद विश्वकर्मा, सुरेश वर्मा, संतोष राठौर, राकेश विश्वकर्मा, दीपक सिंह, अनुप कुमार, शशिकांत कुमार, अपर्णा राय, अशोक, सी.बी.पांडेय, सुमेर सिंह, नरेंद्र कंवर, प्रतिक कुमार, पंकज पटेल, प्रदीप, प्रदीप सिंह, मुकुल आनंद,  उषा पासी, इंदु देवी, देव कुंवर, जानकी, सुनीता, शिवशांति के साथ अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

गरियाबंद में सरकारी डॉक्टर को CBI जांच का डर दिखाकर लाखों की ठगी

गरियाबंद जिला अस्पताल में पदस्थ एक वरिष्ठ डॉक्टर से कथित रूप से CBI जांच और गिरफ्तारी की धमकी देकर 6 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठगी का अहसास होने के बाद डॉक्टर कोतवाली थाने पहुंचे और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ FIR दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित डॉक्टर का नाम वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बिपिन अग्रवाल (66 वर्षीय) है, जिनकी पहचान अधिवक्ता राकेश मिश्रा से पहले से थी। अगस्त महीने में मिश्रा ने डॉक्टर को बताया कि उनके खिलाफ CBI में शिकायत हो चुकी है, लेकिन उसने भरोसा दिलाया कि “मैं सब संभाल लूंगा।” पहचान के नाते डॉक्टर ने भरोसा कर लिया। वकील की बातों में आकर डॉक्टर ने 21 और 22 अगस्त को राकेश मिश्रा के बेटे के खाते में कुल 6 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद जब डॉक्टर को शक हुआ, तो उन्होंने खुद जानकारी जुटाना शुरू किया। जल्द ही उन्हें पता चला कि CBI में उनके खिलाफ कोई शिकायत दर्ज ही नहीं हुई है। यहीं से डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ। डॉक्टर ने जब राकेश मिश्रा से पैसे लौटाने को कहा, तो वह टालमटोल करने लगा। आखिरकार थक-हारकर डॉक्टर कोतवाली पहुंचे और लिखित शिकायत दी। एडिशनल एसपी जितेंद्र चंद्राकर ने बताया कि शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वकील ने जान-पहचान का गलत फायदा उठाकर डॉक्टर से जबरन रकम ऐंठी। इस आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी वकील राकेश मिश्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है और अब आगे की जांच जारी है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अध्यक्षता में शुरू हुई नक्सलवाद के खात्मे को लेकर अहम बैठक

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर एक अहम बैठक नवा रायपुर के मेफेयर रिसॉर्ट में शुरू हो चुकी है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं. बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं. बैठक में विशेष रूप से कांकेर, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जिलों पर फोकस किया जा रहा है, जहां नक्सल गतिविधियां अब भी सक्रिय हैं. इन चारों जिलों के कलेक्टर और एसपी भी बैठक में शामिल हैं. इस बैठक में पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक एक महत्वपूर्ण प्रेजेंटेशन देंगी. इस बैठक में नक्सलियों के शांति प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी. बस्तर पंडुम 2025 के ऐतिहासिक समापन समारोह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि असली विकास तब होगा जब बस्तर से डॉक्टर, कलेक्टर, बैरिस्टर और प्रशासनिक अधिकारी निकलेंगे. उन्होंने आह्वान किया कि अब बस्तर को हथियार नहीं, कलम और कंप्यूटर की शक्ति से आगे ले जाना है. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को मिलेगा पुनर्वास केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो नक्सली हथियार छोड़ देंगे, उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ मुख्यधारा में लाया जाएगा. लेकिन जो हथियार नहीं डालेंगे, उनके विरुद्ध सुरक्षाबल कड़ी कार्रवाई करेगी. विकास की नई योजना: नक्सलमुक्त गांवों को मिलेगा 1 करोड़ रुपये केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे, उन्हें “नक्सली मुक्त गांव” घोषित कर 1 करोड़ रुपये की विकास निधि दी जाएगी. उन्होंने अपील की कि ग्राम सभा कर गांवों को सरेंडर की प्रक्रिया में आगे लाएं.

दर्दनाक सड़क हादसा : दो बाइकों की भिड़ंत, एक की मौत, 3 गंभीर घायल

जशपुर छत्तीसगढ़ के जशपुर में शनिवार को दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. जहां दो बाइकों के बीच आमने-सामने की भिड़त हो गई. बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं तीन लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. घायलों को बगीचा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया है. घटना बगीचा थाना क्षेत्र के पण्ड्रापाठ की है. जानकारी के मुताबिक, मृतक और उसका छाेटा भाई दाेनाे बाइक से PDS के काम से बगीचा जा रहे थे. पंड्रापाठ के पास सामने आ रही बाइक से उनकी बाइक तेज रफ्तार में जा भिड़ी. दर्दनाक हादसे में खखरा निवासी युवक ने मौक पर ही दम तोड़ दिया. वहीं तीन घायलों का इलाज जारी है. घटना की सूचना के बाद बगीचा पुलिस मौके पर पहुंचकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है.

विवेकानंद महाविद्यालय में एक दिवसीय राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का आयोजन

एमसीबी/मनेन्द्रगढ़  महाविद्यालय में राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी सम्पन हुई। उच्च शिक्षा में शोध केवल एक अकादमिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय विकास का एक प्रभावशाली माध्यम भी है। यह न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है, बल्कि भविष्य के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करता है। इसीलिए, उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध कार्य को प्रोत्साहित किया जाना अत्यंत आवश्यक है, जिससे आत्मनिर्भर और सशक्त समाज का निर्माण संभव हो सके। इन्हीं उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़ में ‘शोध पद्धतिः मात्रात्मक और गुणात्मक  दृष्टिकोण’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेब संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्राबनी चक्रवर्ती के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा तथा प्रो. रिजवान उल्लाह अपर संचालक, उच्च शिक्षा, सरगुजा संभाग के मुख्य संरक्षण तथा डॉ. सुशील कुमार तिवारी के संयोजन एवं डॉ. प्रभा राज और डॉ. अरूणिमा दत्ता (आइक्यूएसी प्रभारी) के सह-संयोजन में संपन्न हुई।      संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता डॉ. शुभाशीष बनर्जी, सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी, नागालैंड केंद्रीय विश्वविद्यालय कोहिमा और डॉ. पुष्पिता रजावत, सहायक प्राध्यापक शिक्षा, डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर मध्यप्रदेश उपस्थित रहे। सर्वप्रथम प्राचार्य डॉ. चक्रवर्ती ने अपने उद्बोेधन में वेब पटल पर उपस्थित समस्त अतिथियों एवं प्रतिभागियों का अभिनंदन एवं स्वागत किया तथा् उन्होंने संगोष्ठी के आयोजन एवं उद्देश्य से सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि शोध पद्धति किसी भी अध्ययन की नींव होती है तथा यह शोध को व्यवस्थित, विश्वसनीय और प्रभावी बनाती है, जिससे समाज, विज्ञान और उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों में नवीनतम खोज और समाधान संभव हो पाते हैं। यह किसी समस्या का गहन विश्लेषण कर उचित समाधान खोजने में सहायक होती है तथा अध्ययन को तार्किक और प्रामाणिक बनाकर सटीक निष्कर्ष प्रदान करती है, जिससे शोध की विश्वसनीयता और गुणवत्ता में वृद्धि होती है। उच्च शिक्षा में शोध शिक्षकों और छात्रों को अपने विषय में गहराई से जानकारी प्राप्त करने में सहायक होता है, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावशाली और गुणवत्तापूर्ण बनती है। तत्पश्चात् उद्बोधन के क्रम में प्रथम वक्ता डॉ. शुभाशीष बनर्जी ने विशद विश्लेषण के द्वारा शोध की दोनों विधाओं- मात्रात्मक एवं गुणात्मक के मूलभूत अंतर, उपयोगिता तथा प्रासंगिकता को स्पष्ट किया। मात्रात्मक शोध की वैज्ञानिक विधियों, सांख्यिकीय उपकरणों और वस्तुनिष्ठ दृष्टिकोण के साथ ही, गुणात्मक शोध की अंतर्दृष्टिपूर्ण, संदर्भ आधारित तथा अनुभवजन्य प्रवृत्तियों पर उनका व्याख्यान अत्यंत प्रभावशाली रहा। दूसरे वक्ता डॉ. पुष्पिता रजावत ने अपने व्याख्यान में बताया कि मात्रात्मक शोध पद्धति संख्यात्मक डेटा, सांख्यिकीय विश्लेषण और गणितीय मॉडल पर आधारित होती है। इसमें डेटा को संख्याओं के रूप में एकत्र कर उनके बीच संबंधों का विश्लेषण किया जाता है। वहीं, गुणात्मक शोध पद्धति वर्णनात्मक और व्याख्यात्मक होती है, जो शब्दों, भावनाओं, धारणाओं और अनुभवों पर केंद्रित होती है। दोनों पद्धतियाँ अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं और शोध के उद्देश्यों के अनुसार इनका चयन किया जाता है। इस प्रकार शोधकर्ताओं को उपयुक्त विधा चयन करने में सहायक उनका यह व्याख्यान न केवल अनुसंधान की प्रक्रिया को स्पष्ट करता है, बल्कि एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने हेतु प्रेरित भी करता है। गूगल मीट एवं यू-ट्यूब लाइव इस वेब संगोष्ठी में देशभर से पाँच सौ से अधिक प्रतिभागियों ने सहभागिता की।      आज के आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति एवं महाविद्यालयीन समिति के प्राध्यापक गण डॉ. सरोजबाला श्याग बिश्नोई, डॉ. रश्मि तिवारी, भीमसेन भगत, डॉ. नसीमा बेगम अंसारी, स्मृति अग्रवाल, अनूपा तिग्गा, कमलेश पटेल, सुनील कुमार गुप्ता, सुशील कुमार छात्रे, डॉ. रेनू प्रजापति एवं कार्यालयीन स्टॉफ यशवंत शाक्या, मनीष श्रीवास्तव, सुनीत जॉनसन बाड़ा, पीएल पटेल, बीएल शुक्ला, आर.के. गुप्ता मीना त्रिपाठी आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। रंजीतमनी सतनामी, अभिषेक सिंह, थनेन्द्र कश्यप एवं शुभम गोयल ने तकनीकि सहयोग प्रदान किया। संगोष्ठी का संचालन संगोष्ठी संयोजक डॉ. सुशील कुमार तिवारी एवं सह संयोजक डॉ. प्रभा राज के द्वारा किय गया। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन डॉ अरूणिमा दत्ता, प्रभारी आईक्यूएसी के द्वारा किया गया। उन्होंने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सभी के सहयोग के प्रति आभार जताया।

बस्तर के लोग अब विकास की ओर: नक्सलवाद के खात्मे के साथ लौटेंगे बस्तर के सुनहरे दिन : मुख्यमंत्री साय

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम उत्सव को संबोधित करते हुए  कहा कि बस्तर अब बदल रहा है, और यह बदलाव स्थायी होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बस्तर के लोग अब नक्सलवाद से मुक्ति चाहते हैं और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस जनभावना के प्रतीक हैं। नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई: केंद्र और राज्य की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया है। छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बल के जवानों की मजबूत कार्रवाई के कारण निरंतर सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने आशा जताई कि मां दंतेश्वरी की कृपा से यह संकल्प अवश्य पूरा होगा। बस्तर: प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत का संगम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर एक प्राकृतिक स्वर्ग है – यहां अनेक जलप्रपात और अबूझमाड़ के घने जंगल हैं। यहां फिर से देश-दुनिया के पर्यटक आएँगे और बस्तर को उसका गौरवमय स्थान मिलेगा। बस्तर पंडुम में 47 हजार कलाकारों और बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख युवाओं की भागीदारी इस परिवर्तन की सबसे बड़ी गवाही है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का प्रतीक बना बस्तर पंडुम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर पंडुम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के सपने को साकार किया है। इस आयोजन में ओड़िशा, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश जैसे 6 पड़ोसी राज्यों के 47 हजार कलाकारों ने भाग लिया। इस उत्सव में आदिवासी संस्कृति, वेशभूषा, खानपान और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन हुआ। डबल इंजन सरकार की योजनाएँ बदल रही हैं ज़िंदगी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पिछले 15 महीनों से राज्य में डबल इंजन की सरकार है। प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों से जुड़ी योजनाएँ, और 70 लाख माताओं और बहनों को हर महीने 1000 रुपए देने वाली महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से मोदी की गारंटी को पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जनमन योजना से आदिवासी समुदायों को नया जीवन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  द्वारा शुरू की गई पीएम जनमन योजना के माध्यम से अबुझमाड़िया, कोरवा, बिरहोर, पंडो जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों तक सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं पहुँचाई जा रही हैं। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना: 80,000 करोड़ की ऐतिहासिक पहल मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना  के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,500 जनजातीय गांवों में सर्वांगीण विकास होगा। यह योजना ग्रामीण समृद्धि और सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है। नियद नेल्लानार योजना: सुरक्षा से सेवा तक का सफर मुख्यमंत्री साय ने बताया कि 100 से अधिक गांवों में सुरक्षा कैंप खोले जा चुके हैं। इन कैंपों के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, और स्कूल-अस्पताल जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जहां पहले गोलियों की आवाज आती थी, अब वहां स्कूल की घंटी बज रही है। छत्तीसगढ़ का भविष्य: समृद्धि, शिक्षा और शांति मुख्यमंत्री साय ने विश्वास जताया कि जल्द ही छत्तीसगढ़ नक्सलवाद मुक्त होगा और एक विकसित, खुशहाल राज्य के रूप में प्रतिष्ठित होगा। हर घर में खुशहाली और समृद्धि आएगी। बस्तर पंडुम: सांस्कृतिक समरसता का महोत्सव मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर पंडुम आयोजन 45 दिन चला और ब्लॉक से लेकर संभाग स्तर तक इसका आयोजन हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने इस आयोजन में शामिल सभी कलाकारों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर बदल रहा है, और यह बदलाव  सरकार के प्रयासों के साथ ही जनता के विश्वास का परिणाम है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह केवल दिल्ली से नीतियाँ नहीं बनाते, वे बस्तर की पीड़ा को महसूस करने स्वयं यहां आते हैं, पीड़ितों से मिलते हैं, उनके साथ भोजन करते हैं। यह बस्तर के प्रति सच्ची संवेदना और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में बस्तर की मिट्टी से जुड़ा हुआ बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में आज सड़क, बिजली, पानी, मोबाइल टावर, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी, सिंचाई जैसी सुविधाएं तीव्र गति से गांव-गांव पहुँच रही हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि बस्तर पंडुम में जनजातीय समाज की वस्त्र, वाद्ययंत्र, भोजन, लोकगीत, पारंपरिक जीवनशैली की जीवंत झांकी प्रस्तुत की गई, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान भी प्राप्त हुआ है। यह पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है।   कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह दिन बस्तर के लिए इतिहास रचने का दिन है। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में ही जनघोषणा पत्र के वादों को वास्तविकता में बदला जा रहा है और जनजातीय समाज को मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

बस्तर अब बंदूक नहीं, विकास की आवाज से जाना जायेगा : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह

रायपुर जनजातीय परंपराओं, लोक कला और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक बस्तर पंडुम 2025 आज दंतेवाड़ा में भव्य समापन समारोह के साथ सम्पन्न हुआ। बस्तर पण्डुम को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का संकल्प केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने अपने उद्बोधन में बस्तर पण्डुम को अगले वर्ष से राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देशभर के आदिवासी जिलों के कलाकारों को इस महोत्सव में आमंत्रित किया जाएगा, और बस्तर की संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने बस्तर पंडुम उत्सव में अपने उद्बोधन में जनजातीय आराध्य देवताओं को नमन किया। साथ ही महाराजा प्रवीर चंद भंजदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उन्होंने जल, जंगल, जमीन और संस्कृति की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने स्वतंत्रता सेनानी एवं सामाजिक न्याय के प्रतीक बाबू जगजीवन राम को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि उन्होंने दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए जीवन समर्पित कर दिया। 47000 कलाकारों की भागीदारी, 5 अप्रैल तक चला आयोजन उन्होंने कहा कि बस्तर पण्डुम में 1850 ग्राम पंचायतों, 12 नगर पंचायतों, 8 नगर परिषदों, और एक नगर पालिका के कुल 47000 कलाकारों ने भाग लिया। यह उत्सव 12 मार्च से 5 अप्रैल तक चला और इस वर्ष 7 श्रेणियों में आयोजित किया गया। अगले वर्ष इसे 12 श्रेणियों में विस्तारित किया जाएगा। संस्कृति, भाषा और परंपराओं को संजोने का आह्वान केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर की बोलियां, वाद्य यंत्र, भजन और परंपराएं केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे भारत की सांस्कृतिक विरासत हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें संरक्षित रखना हम सबकी ज़िम्मेदारी है। विकास की नई योजना: नक्सलमुक्त गांवों को मिलेगा 1 करोड़ रुपये केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे, उन्हें “नक्सली मुक्त गांव” घोषित कर 1 करोड़ रुपये की विकास निधि दी जाएगी। उन्होंने अपील की कि ग्राम सभा कर गांवों को सरेंडर की प्रक्रिया में आगे लाएं। 5500 रुपये में सीधे तेंदूपत्ता की खरीदी, बिचौलियों का अंत केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब तेंदूपत्ता 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से सीधे सरकार खरीद रही है, और राशि सीधे आदिवासियों के खाते में जा रही है। इससे लाल आतंक से जुड़े लोगों का नियंत्रण समाप्त होगा। आत्मसमर्पण  करने वाले नक्सलियों को मिलेगा पुनर्वास केंद्रीय गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो नक्सली हथियार छोड़ देंगे, उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ मुख्यधारा में लाया जाएगा। लेकिन जो हथियार नहीं डालेंगे, उनके विरुद्ध सुरक्षाबल कड़ी कार्रवाई करेगी। हर गांव में स्कूल, दवाखाना, आधार और राशन कार्ड की व्यवस्था केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि हर गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए छोटे अस्पताल, स्कूल, आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। ‘वोकल फॉर लोकल’ के अंतर्गत बस्तर के उत्पादों को बाजार उपलब्ध केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर के बेल मेटल, टेराकोटा, लकड़ी शिल्प, गोदना और चित्रकला को वैश्विक मंच देने की योजना बताई। ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत इन उत्पादों को दिल्ली तक के बाजारों में पहुंचाया जाएगा। आदिवासी नायकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस घोषित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत के इतिहास में पहली बार एक आदिवासी महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाकर आदिवासी समाज को ऐतिहासिक सम्मान देने का कार्य हमारी सरकार में किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने 10 साल में 4 करोड़ से अधिक घर बनाए, 11 करोड़ को गैस सिलेंडर, 12 करोड़ घरों में शौचालय, 15 करोड़ घरों में नल से जल, और 70 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन और 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा दिया है। बस्तर का नया सपना: सुकमा से सब-इंस्पेक्टर, कांकेर से कलेक्टर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि असली विकास तब होगा जब बस्तर से डॉक्टर, कलेक्टर, बैरिस्टर और प्रशासनिक अधिकारी निकलेंगे। उन्होंने आह्वान किया कि अब बस्तर को हथियार नहीं, कलम और कंप्यूटर की शक्ति से आगे ले जाना है।

कैफे लाइट होटल के सामने नो-पार्किंग में खड़े वाहनों से अवैध वसूली

रायपुर रायपुर रेलवे स्टेशन में पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली का खेल चल रहा है. ये खेल इसलिए भी फल-फूल रहा है क्योंकि अवैध वसूली करने वाले के खिलाफ आरपीएफ और कमर्शियल विभाग कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है और पूरे खेल देखकर भी जिम्मेदार अपनी आंखे बंद कर लेते है. रायपुर रेलवे स्टेशन में कैफे लाइट होटल के सामने नो-पार्किंग में परिजन अपनी गाड़ी खड़ी करते है.  यही कारण है कि वहां पर्ची लेकर बाईक चालकों से अवैध वसूली का पूरा खेल चल रह है. ये खेल सुबह 6 से 9 बजे और फिर शाम को रोजाना चलता है. एक यात्री ने परेशान होकर को बनाया वीडियो. इस वीडियो में वहां मौजूद एक युवक के हाथ में पर्ची नजर आ रही है और वो यात्री को छोड़ने रेलवे स्टेशन आने वाले परिजनों से पैसे लेते हुए दिखाई दे रहा है. अब आरपीएफ के लिए ये जांच का विषय है कि अवैध वसूली करने वाले ये युवक पार्किंग संचालक का स्टॉफ है या रायपुर रेलवे स्टेशन में पार्किंग की अवैध वसूली के लिए कोई दूसरा गैंग एक्टिव हो गया है. बता दें कि वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में भी सारे प्रमाण मौजूद होंगे.

नक्सली बस्तर के विकास को रोक नहीं सकते, वो जमाना चला गया जब दंतेवाड़ा में गोलियां चलती थीं: अमित शाह

बस्तर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि नक्सली छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आदिवासियों के विकास को रोक नहीं सकते और उनसे हथियार छोड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है. राज्य सरकार के ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “वो जमाना चला गया जब यहां पर गोलियां चलती थी, बम धमाके होते थे. जिनके हाथों में हथियार हैं उनसे विनती करता हूं कि हथियार डालकर मेनस्ट्रीम में आइए क्योंकि आप हमारे अपने हैं. कोई नक्सली मारा जाता है किसी को आनंद नहीं होता है. इस क्षेत्र को विकास चाहिए. बीते 50 वर्षों में जो विकास यहाँ नहीं पहुंचा, मोदी जी 5 साल में विकास को यहां पहुंचाएंगे.” उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति तभी हो सकती है, जब बच्चे स्कूल में जाएं, माताओं के स्वास्थ्य की चिंता हो, आदिवासी युवा कुपोषण से पीड़ित ना हो और उसकी पढ़ाई लिखाई की व्यवस्था हो, हर गांव में एक दवाखाना हो, हर तहसील में अस्पताल हो, हर घर में 7 किलो चावल मुफ्त पहुंचता हो, सभी के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य का बीमा हो. यह तभी हो सकता है जब बस्तर के लोग तय करें कि, यहां का हर गांव नक्सलमुक्त बनेगा. शाह ने कहा कि विकास तभी संभव है जब बस्तर की जनता यह तय करे कि वे अपने गांवों और घरों को नक्सल मुक्त बनाएंगे. उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में मदद करेंगे और खुद को माओवादी मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें 1 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों की सौगात दी जाएगी. अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि 2024 में यह संख्या 881 रही. उन्होंने कहा, “जिन नक्सलियों ने यह समझ लिया है कि विकास के लिए बंदूक, आईईडी और ग्रेनेड की जरूरत नहीं, बल्कि कंप्यूटर और कलम की जरूरत है, उन्होंने आत्मसमर्पण किया है.” ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि अगले वर्ष इसे राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुरोध करेंगे कि वह इसके उद्घाटन समारोह में शामिल होकर आदिवासी भाई-बहनों को आशीर्वाद दें.  

बस्तर पंडुम में जा रहे ग्रामीणों से भरी पिकअप पलटी, 25 घायल, 6 की हालत गंभीर

दंतेवाड़ा बस्तर पंडुम में शामिल होने दंतेवाड़ा आ रहे ग्रामीणों से भरी एक पिकअप पलट गई. हादसे में पिकअप में सवार 25 ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें से 6 की हालत गंभीर है. घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है. दंतेवाड़ा हाई स्कूल मैदान में आज बस्तर पंडुम का समापन कार्यक्रम है. कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शिरकत करने पहुंच रहे हैं. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नक्सल प्रभावती इलाके पोटली के ग्रामीण पिकअप के माध्यम से दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय जा रहे थे. पिकअप पालनार के पास वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें 25 सवार घायल हो गए. हादसे के बाद मची अफरा-तफरी के बीच मौके पर मौजूद लोगों ने निजी वाहनों के माध्यम से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया है.

थाईलैंड की प्रधानमंत्री को डोकरा पीतल की ‘मोर नाव’ भेंट कर प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान

रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश यात्राओं के दौरान मेजबान को भारत में बनी कोई न कोई ऐसी कलाकृति भेंट करते हैं, जिनका अपना विशेष महत्व होता है. थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित BIMSTEC शिखर सम्मेलन भी एक ऐसा अवसर था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाईलैंड की प्रधानमंत्री पाइतोंग्तार्न शिनवात्रा को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले सुंदर हस्तशिल्प भेंट किए. थाई प्रधानमंत्री शिनवात्रा को प्रधानमंत्री मोदी ने डोकरा पीतल की मोर नाव भेंट में दी है. यह छत्तीसगढ़ के जनजातीय कारीगरों द्वारा प्राचीन ‘लॉस्ट-वैक्स’ ढलाई तकनीक से हाथ से बनाई गई कलाकृति है. मोर के आकार की इस नौका पर की गई जटिल नक्काशी और एक शांत आदिवासी नाविक मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य को दर्शाता है, जो डोकरा कला की मूल भावना है.

सीएम साय ने प्रदेशवासियों को महाष्ठमी की दी शुभकामनाए, बोले- जहां आती थी गोलियों की आवाज, अब बज रही स्कूल की घंटियां

दंतेवाड़ा  बस्तर पंडुम 2025 का आज समापन होने जा रहा है. दंतेवाड़ा में 1 अप्रैल से संभाग स्तरीय प्रतियोगिता जारी है. समापन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री अरुण साव शामिल हुए हैं. सीएम साय ने प्रदेशवासियों को चैत्र नवरात्र और महाष्ठमी की शुभकामनाए दी. उन्होने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मां दंतेश्वरी का दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की है. इस अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर 2026 मार्च तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया है. सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि हमारा सौभाग्य है की हम डबल इंजन की सरकार से विकास कर रहे है. गृहमंत्री अमित शाह ने पूरे देश में नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प लिया है. अमित शाह के मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से हमारे जवान नक्सलवाद के विरुद्ध मुंहतोड़ लड़ाई लड़ रहे हैं. हमारा बस्तर स्वर्ग है और हमारा पुराना समय आएगा. जहां देश और दुनिया से लोग आएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम महोत्सव का आज समापन समारोह है. इस कार्यक्रम को ब्लॉक स्तर से शुरू कर संभाग स्तर तक आयोजित किया गया है. इस 45 दिनों के महोत्सव में हमारे 6 राज्यों से लोगों ने हिस्सा लिया है. जिसमें उड़ीसा, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और मध्यप्रदेश जैसे राज्य शामिल हुए हैं. बस्तर ओलंपिक के बाद अब बस्तर पंडुम में जिस तरीके से आदिवासियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया है. उससे साफ है कि बस्तरवासी अब नक्सलवाद से मुक्त होना चाहते हैं और विकास की गति में हिस्सा बनना चाहते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार समूचे क्षेत्र में विकास कर रही है. सीएम ने कहा कि अमित शाह के आशीर्वाद से आज बस्तर के उन इलाको में जाना संभव है, जहां कभी नक्सवलाद का कब्जा था. अब पूरे प्रदेश में कोने-कोने तक स्कूल पर अस्पताल खोले जा रहे हैं. हम बंद पड़े स्कूलों को अब खोल रहे हैं, नियत नेल्लनार योजना से 100 गांव को विकसित किए हैं, पहले जहां गोलियों की आवाज आती थी, आज वहां स्कूल के घंटियों की आवाज सुनाई देती है. मैं सभी को बधाई देता हूं. हर गांव तक विकास पहुंचाना हमारा संकल्प : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पूरे देश से आतंकवाद को समाप्त करने वाले और 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने वाले लौह पुरुष अमित शाह का स्वागत करता हूं. आदिवासी समाज से आये हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्वागत करता हूं. बस्तर पंडुम के समापन समारोह और बस्तर की संस्कृति को जानने अमित शाह आए हैं. पूरे बस्तर के सात जिलों में यह महोत्सव हुआ है. इस आयोजन में सारा बस्तर एक साथ नजर आ रहा है. आज का यह कार्यक्रम पूरी दुनिया में विश्व रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है, जिसके लिए हृदय से आभार है. बस्तर के कई गांव आज भी ऐसे रह गए हैं. जहां पहुंचना शेष है. हमारा संकल्प है कि बस्तर के हर गांव तक विकास पहुंचा कर रहेंगे. बस्तर के गांव-गांव तक बिजली, पानी समेत सभी आव्यश्यक वस्तु पहुंचकर रहेंगे. डिप्टी सीएम शर्मा ने कहा कि पवित्र चैत्र नवरात्र के अष्टमी तिथि पर आज दंतेवाड़ा में देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ मां दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ. बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी से समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की. इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव, विजय शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा उपस्थित रहे.

केंद्रीय गृह मंत्री शाह बोले – मां दंतेश्वरी से आशीर्वाद लेकर आया हूं, अगले चैत्र नवरात्र तक लाल आतंक समाप्त हो जाए

रायपुर बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से देश-दुनिया को परिचित कराने के लिए आयोजित बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिना लाग-लपेट के सीधे नक्सलवाद पर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि आज मैं मां दंतेश्वरी से आशीर्वाद लेकर आया हूं कि अगले चैत्र नवरात्रि तक यहां से लाल आतंक समाप्त हो जाए, और हमारा बस्तर खुशहाल हो. आयोजन में बड़ी संख्या में जुटे आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस साल ‘बस्तर पंडुम’ बस्तर के उत्सव के रूप में मनाया गया है. लेकिन मैं मोदी जी का संदेश लेकर आया हूं. अगले साल बस्तर पंडुम – यही नाम के साथ देश के हर आदिवासी जिले से कलाकारों को हम यहां लाएंगे. यही नहीं हम बस्तर पंडुम को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने के लिए दुनियाभर के राजदूत जो राजधानी में हैं, उनको बस्तर में लाकर हमारी परंपराओं को, संस्कृति को और आदिवासी बच्चों की कला को पूरे विश्व में पहुंचाने का काम भाजपा की सरकार करेगी. अमित शाह ने कहा कि 12 मार्च से लेकर आज तक जिला प्रशासन और संस्कृति विभाग ने पांच करोड़ का आवंटन किया है, जो सबसे पहला इतना बड़ा संस्कृतिक आयोजन है. स्थानीय कला और संस्कृति, पारंपरिक लोककलाएं, शिल्प, तीज-त्योहार, खान-पान, बोली-भाषा, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, पारंपरिक गीत-संगीत, व्यंजन, पेय पदार्थ – इन सभी को मूल रूप में संवंर्धित और संरक्षित करने का काम यह पंडुम करेगा. गृह मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे बस्तर का युवा सबसे आधुनिक शिक्षा प्राप्त करे. विश्व के युवाओं के साथ हर मंच पर दो-दो हाथ करे. दुनियाभर की समृद्धि प्राप्त करे, परंतु अपनी संस्कृति को कभी न भूले, अपनी भाषा को कभी न भूले, अपनी परंपराओं को कभी न भूले. यह बस्तर की संस्कृति, बस्तर की बोलियां, यहां के गान, यहां के वाद्य, पेय पदार्थ, भोजन… यह केवल छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण नहीं है. यह भारत की संस्कृति का गहना है, इसको हमें संजो कर रखना है. तेंदूपत्ता के लिए मिलेगा अब 5500 रुपए उन्होंने कहा कि इस बार बस्तर पंडुम 7 श्रेणियों में मनाया गया है, अगली बार 12 श्रेणियों में मनाएंगे, और देशभर के आदिवासी यहां पर आएंगे. आयोजन में शामिल सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं. प्रदेश के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के तौर पर विष्णु देव साय को मंच पर आमंत्रित करते हुए कहा कि तेंदूपत्ता अब 5500 रुपए पर अब सीधे सरकार खरीदेगी. कोई दलाल के पास आपको नहीं जाना पड़ेगा. जो लाल आतंक फैलाने वालों के डर से वो ले जाते थे, विष्णु देव सीधे आपके बैंक अकाउंट में डालने का काम करेंगे. नक्सलियों से मुख्य धारा में जुड़ने की अपील गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से मुख्य धारा में जुड़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आप हमारे अपने हैं. कोई भी नक्सली मारा जाता है, तो किसी को आनंद नहीं होता है. लेकिन इस क्षेत्र को विकास चाहिए. जो पचास साल में विकास नहीं हुआ वह हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन पांच साल में इस बस्तर को सबकुछ देना चाहते हैं. लेकिन यह तभी हो सकता है, जब बस्तर के अंदर शांति हो. बच्चे स्कूल जाएं. माताओं की स्वास्थ्य की चिंता हो. आदिवासी युवा कुपोषण से पीड़ित न हो, पढ़ाई-लिखाई से वंचित न हो, तहसील में छोटी से अस्पताल हो. जिला केंद्र में हर रोग का इलाज हो. और हर घर में सात किलो चावल मुफ्त में पहुंचे. नक्सल मुक्त गांव को मिलेगा एक करोड़ रुपए अमित शाह ने कहा कि बस्तर में तभी शांति आ सकती है, वो तभी हो सकता है, जब बस्तर के लोग तय करें कि हर गांव को नक्सल मुक्त कराएं. विष्णु देव और विजय शर्मा ने घोषणा किया है, जो गांव हर नक्सली को सरेंडर कराएगा, उस गांव को नक्सल मुक्त घोषित कर एक करोड़ रुपए का राशि देंगे. विकास की प्रक्रिया में भागीदारी बनिए गृह मंत्री ने कहा कि ये जो दुष्प्रचार करते हैं कि हमारे युवाओं को मारते हैं. किसी को कोई मारना नहीं चाहता. कितने भी काम किए हो हथियार डाल दो, मुख्य धारा में आ जाओ. आपका पूरा संरक्षण भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार करेगी. लेकिन अब आप हथियार उठाकर, पूरे बस्तर को बैन कर आदिवासियों का विकास नहीं रोक सकते. हथियार डालकर शरण में आ जाइए. आप भी विकास की प्रक्रिया में भागीदार बनिए. अगले बस्तर में आएं महामहिम द्रोपदी मुर्मू 75 साल हो गए थे, कोई आदिवासी देश का राष्ट्रपति नहीं बना था. नरेंद्र मोदी ने ओडिशा की गरीब आदिवासी बेटी द्रोपदी मुर्मू को महामहिम द्रोपदी मुर्मू बनाने का काम किया. आज वे राष्ट्रपति भवन में शोभायमान हैं. अगली बार जब बस्तर पंडुम मनाया जाएगा, मैं और विष्णु देव जी विनती करना चाहता हूं कि राष्ट्रपति महोदया आएं, और शोभा बढ़ाएं. अब विकास के लिए हथियार की जरूरत नहीं गृह मंत्री ने कहा कि आज जब हम नक्सलवाद के खिलाफ हम दोनों तरह से आगे बढ़ रहे हैं. जो समझ गए हैं कि अब विकास के लिए हाथ में बंदूक की जरूरत नहीं है, अब कंप्यूटर की जरूरत है. विकास के लिए हाथ में आईईडी और हथगोला नहीं चाहिए, कलम चाहिए, वे सभी सरेंडर हो गए हैं. 2025 के चौथे महीने के दौरान 521 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं. 2024 में 881 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं. और मैं आपको विश्वास दिलाया हूं, जो सरेंडर होंगे, वे मेन स्ट्रीम में आएंगे. जो हथियार ले आएंगे, उनके खिलाफ सुरक्षाकर्मी मोर्चा संभालेंगे. जो भी होगा, अगले साल मार्च तक पूरे देश को इस लाल आतंक से मुक्त करने का काम भाजपा की सरकार करेगी. बस्तर भय का नहीं भविष्य का पर्याय बनेगा बस्तर अब भय का नहीं भविष्य का पर्याय बनेगा. मैं पहले भी आया था, सभाएं करने के लिए, लेकिन रोक लिया जाता था. मुख्यमंत्री कहते थे आप मत जाइए. आज धड़ल्ले के साथ 50 हजार आदिवासियों के सामने राम नवमीं और अष्टमी का उत्सव मना रहे हैं. बस्तर पंडुम में हम सब शामिल हो रहे हैं. यह शुरुआत हुई है यह हमारे मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने बहुत परिश्रम कर विकास लाने का प्रयास किया है. यहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां मशीनों की आवाज आती है. जहां गांव विरान थे, वहां स्कूलों … Read more

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