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अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री साय से की सौजन्य भेंट

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में  अखिल भारतीय रामनामी महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने सक्ती जिले के ग्राम जमगहन में 9 अप्रैल को आयोजित होने वाले बड़े भजन रामनामी मेला में मुख्यमंत्री साय को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस निमंत्रण के लिए महासभा के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया और उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर चंद्रपुर विधायक राम कुमार यादव सहित सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार-भाटापारा एवं रायगढ़ जिले के रामनामी संप्रदाय से जुड़े सदस्यगण बड़ी संख्या में  उपस्थित थे।

कटघोरा में तेज आंधी से गिरी दीवार, दो मजदूरों की मौत, 6 की हालत गंभीर

कटघोरा छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. कोरबा जिले में तेज आंधी और बारिश से दीवार गिरने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. यह घटना कटघोरा के ग्राम लखनपुर बरभाटा स्थित न्यू वैष्णवी राईस मिल की है. हादसे के बाद घटना स्थल पर चीखपुकार मच गई है. मलबे में और मजदूरों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा पुलिस पहुंची मौके पर पहुंची. घायलों को डायल 112 की मदद से कटघोरा अस्पताल पहुंचाया गया. घटना स्थल पर रेस्क्यू कार्य जारी है. पुलिस गिरे हुए दीवार के मलबे में दबे हुए एक मजदूर के शव को निकालने में जुटी है. कटघोरा थाना प्रभारी धर्म नारायण तिवारी ने बताया कि घटना की सूचना पर मौके पर पुलिस की टीम पहुंची है. पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है.

छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी आगामी अप्रैल माह में मलेशिया में आयोजित होने वाली 16वीं विश्व योग प्रतियोगिता में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगे

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने गत दिवस विश्व योग प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रतिभागियों को 50 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की है। ये प्रतिभागी आगामी अप्रैल माह में मलेशिया में आयोजित होने वाली 16वीं विश्व योग प्रतियोगिता में भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करेंगे। छत्तीसगढ़ के प्रतिभागी खिलाड़ी सुसाक्षी वर्मा और विभांशु बंजारे और उनके योग प्रशिक्षक नमेश कुमार साहू ने राजभवन में राज्यपाल डेका से मुलाकात की। डेका ने  प्रत्येक प्रतिभागी के लिए  25-25 हजार रूपये की अनुदान सहायता राशि स्वीकृत की और उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दी।

राज्यपाल ने मनोहर गौशाला में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और गौ माता की आराधना में भाग लिया

रायपुर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में आज गौ सेवा रत्न अलंकरण महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें राज्यपाल रमेन डेका  विशेष रूप से उपस्थित हुए। राज्यपाल ने मनोहर गौशाला में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और गौ माता की आराधना में भाग लिया। राज्यपाल रमेन डेका ने मंदिर में गौ आरती में हिस्सा लिया और गौ माता की पूजा की। उन्होंने इस अवसर पर गौ सेवा के महत्व पर भी अपने विचार रखे और गौ रक्षा और संवर्धन की दिशा में निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। पूजा-अर्चना और आरती के पश्चात, राज्यपाल ने गौशाला परिसर का भ्रमण किया और गौवंश की देखरेख और सेवा के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गौ सेवा न केवल हमारी संस्कृति का हिस्सा है, बल्कि यह पर्यावरण और ग्रामीण जीवन के संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस अवसर पर गौशाला प्रबंधन के सदस्य और ग्रामीणजन भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित , पिछली सरकार ने युवाओं के सपनों को अंधेरे में धकेला: सीएम साय

रायपुर विधानसभा में चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक 2025 सदन में पारित हुआ. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अटल बिहाई बाजपेयी ने जिस उद्देश्य से किया था उसे भाजपा की सरकार ने साकार किया है. आज वर्तमान में कुल 17 निजी विश्वविद्यालय खुल गए है. बीते पांच साल में पिछली सरकार ने युवाओं के सपनों को अंधेरे में धकेलने का काम किया था. सीएम साय ने कहा, छत्तीसगढ़ को विकासशील राज्य से विकसित राज्य बनाने के लिए शिक्षा की गुणवत्ता सबसे जरूरी है. शिक्षा की पहुंच दुरस्त अंचलों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. कोहका दुर्ग में रूंगटा स्किल निजी विश्वविद्यालय शुरू किया जाना प्रस्तावित है. राज्य में युवाओं को कौशल युक्त शिक्षा दिया जाएगा. छात्रों को बेहतर करियर विकल्प मिलेगा. राज्य के सकल प्रवेश अनुपात बढ़ाने यह विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह 18 निजी विश्वविद्यालय होगा. निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग ने भी इस नए विश्वविद्यालय खोलने की अनुशंसा की है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, कांग्रेस सरकार के दौरान लाए गए निजी विश्वविद्यालय के कानून को सर्वोच्च न्यायालय ने अमान्य कर दिया था. उस वक्त ऐसे-ऐसे कुलपति थे जो लूना में चलते थे. पंचर की दुकान में पंचर बनाते खड़े रहते थे और उनकी गाड़ी में कुलपति लिखा होता था. छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय क़ानून इसी विधानसभा से निकला और देश के दूसरे राज्यों ने भी उसी क़ानून के आलोक में क़ानून बनाए थे. मैं उच्च शिक्षा मंत्री था तब मैंने जीआर पूछा तब विभाग को मालूम नहीं था. भाजपा के 15 सालों में कितने निजी विश्वविद्यालय बने इसे मैं आज ख़ुद नहीं गिन सकता. शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जिसे जो पियेगा वह दहाड़ेगा : चंद्राकर विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, दुरस्त अंचलों में भी विश्वविद्यालय खोले गए. जब मैं उच्च शिक्षा विभाग का प्रतिवेदन पढ़ रहा था तब मुझे आश्चर्य हुआ कि वहां भी शिक्षकों की कमी है. निजी विश्वविद्यालय में कोर्स को पढ़ाने वाले नहीं है. इसे ठीक करने का कोई मैकेनिज्म नहीं है. कौन-कौन सी कंपनियां प्लेसमेंट के लिए आई. कितनी नौकरी लगी, इसका भी कोई मैकेनिज्म नहीं दिखता. जीआर में हम आज राष्ट्रीय स्तर पर भी पीछे हैं. बाबा साहब अंबेडकर कहते थे कि शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जिसे जो पियेगा वह दहाड़ेगा. आज अख़बारों में छपा है कि हैपीनेस इंडेक्स में हम पाकिस्तान बांग्लादेश से भी पीछे हैं. शिक्षा से ऐसे इंडेक्स बदले जा सकते हैं. बड़ी चिंता 8-9 हज़ार रिक्त पदों की है. वेलफेयर स्टेट में शिक्षा को उच्च स्थान मिले. निजी विश्वविद्यालय खोलने से बेहतर है काॅलेज खोलें : व्यास कश्यप कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने कहा, निजी विश्वविद्यालय खोले जाने चाहिए. छत्तीसगढ़ में छात्रों को बेहतर शिक्षा दिए जाने के प्रयास होने चाहिए. सिर्फ़ इंडेक्स बढ़ाने के लिए इतने विश्वविद्यालय नहीं खोले जाने चाहिए. निजी विश्वविद्यालय के अधिकांश छात्र बड़े घरों के होते हैं और सिर्फ डिग्री लेने के लिए प्रवेश लेते हैं. निजी विश्वविद्यालय डिग्री बेचने का काम करते हैं. निजी विश्वविद्यालय शिक्षा की हत्या है. निजी विश्वविद्यालय खोलने से बेहतर है काॅलेज खोलें.

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखाकर रायपुर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा दिलाने की मांग की

रायपुर रायपुर एयरपोर्ट को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा दिलाने की मांग को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र लिखा है. उन्होंने रायपुर को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों से जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने की अपील की है. सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पत्र में लिखा कि 26 दिसंबर को हुई एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठक के बाद, हमने रायपुर हवाई अड्डे को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों से जोड़ने के लिए विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस से संपर्क किया है. इस दौरान यह जानकारी सामने आई कि भारत और यूएई के बीच 2014 में हुए द्विपक्षीय समझौते के अनुसार, वर्तमान में केवल 15 भारतीय शहरों से ही यूएई के लिए सीधी उड़ानों की अनुमति है, जिसमें 66,000 सीटों का आदान-प्रदान हो रहा है. उन्होंने बताया कि यूएई के राजदूत से हुई चर्चा में यह सुझाव सामने आया है कि इस समझौते का पुनरीक्षण करते हुए, 15 के स्थान पर 30 भारतीय हवाई अड्डों को यूएई से जोड़ने का प्रावधान किया जाए. इस विषय को पूर्व में भी कई सांसदों द्वारा उठाया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है. बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री से भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय समझौते का पुनरीक्षण किया जाए, ताकि रायपुर हवाई अड्डे को अंतर्राष्ट्रीय दर्जा प्रदान किया जा सके. यह कदम न केवल रायपुर बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में सहायक सिद्ध होगा.

अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे मवेशियों को कुचला, 8 मवेशियों की मौत

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. मुंगेली रोड स्थित पेंडारी के पास एक अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे मवेशियों को कुचल दिया. इस घटना में 8 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 घायल हो गए. यह मामला सकरी थाना क्षेत्र का है. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. सकरी थाना पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को इलाज के लिए व्यवस्था की और मृत मवेशियों को हटाया. वहीं पुलिस अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है.

107 गांवों के 211 तालाबों को भरेगा खूंटाघाट जलाशय, आज खुलेंगे गेट

बिलासपुर भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में निस्तारी तालाबों को भरने के लिए खूंटाघाट जलाशय से आज पानी छोड़ा जाएगा. इससे 107 गांवों के 211 तालाबों को भरा जाएगा. क्षेत्रवासियों की मांग के बाद जल संसाधन विभाग ने डेम से पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं. बता दें कि गर्मी को ध्यान रखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नहर किनारे बसे गांवों से प्राप्त आवेदनों, जन प्रतिनिधियों की मांग और ग्रामों में जल की आवश्यकता को देखते हुए निस्तारी के लिए तालाब भर जाएं. इसके लिए खूंटाघाट जलाशय के बांयी तट एवं दांयी तट नहरों से 21 मार्च को सुबह 11 बजे से पानी छोड़ा जाएगा. निस्तारी के लिए 107 ग्रामों के 211 तालाबों को भरा जाना प्रस्तावित है. इसके साथ ग्रामवासियों से अपील की गई है कि नहर के पानी का उपयोग केवल निस्तारी के लिए तालाबों को भरने के लिए हो. वहीं जल संसाधन विभाग के मैदानी अमलों को भी निर्देशित किया गया है कि निस्तारी के अलावा अन्य प्रयोजन के लिए पानी न दिया जाए और न ही पानी का अपव्यय हो.

महासमुन्द : नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने आकांक्षी जिलों के प्रगति सूचकांकों की समीक्षा

महासमुन्द : नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने आकांक्षी जिलों के प्रगति सूचकांकों की समीक्षा सूचकांकों की सतत समीक्षा होती रहे – श्रीमती छिब्बर महासमुन्द नीति आयोग की महानिदेशक व राज्य नोडल अधिकारी आकांक्षी विकास कार्यक्रम श्रीमती निधि छिब्बर ने आज शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक लेकर आकांक्षी सूचकांकों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों जैसे स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि, कौशल, वित्तीय समावेश, और बुनियादी ढांचे में हुए कार्यों की समीक्षा की और रैंकिंग सुधारने के लिए अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। श्रीमती छिब्बर ने कहा कि सम्पूर्णता अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसके लिए अधिकारियों को सक्रिय रूप से कार्य करना होगा। साथ ही, कार्यों की प्रगति सूचकांकों के अनुरूप तीव्र गति से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आंकड़े लक्ष्य पूर्ति के पश्चात ही सतत समीक्षा करते रहे ताकि विकास की प्रक्रिया न रूके। उन्होंने कहा कि मैदानी अमलों को जो आंकड़े भरते हैं उनका प्रशिक्षण किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जिले में पिथौरा विकासखंड को नीति आयोग द्वारा आकांक्षी जिला के रूप में चयन किया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस.आलोक ने विभागीय गतिविधियों से संबंधित प्रगति एवं लक्ष्य के संबंध में पावर पाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुति दी। समीक्षा में स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने, बीमारियों की पहचान के लिए अभियान चलाने और कुपोषित बच्चों के लिए सघन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए विभिन्न सर्वे रिपोर्ट के आधार पर सुधार करने की बात की गई और पारम्परिक व्यवसायों को कौशल विकास प्रशिक्षण के साथ जोड़ा जाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। श्रीमती छिब्बर ने डाटा एंट्री के लिए विशेष प्रशिक्षण की भी आवश्यकता बताई और बच्चों के कम वजन की समस्या पर ध्यान देते हुए एनआरसी में भर्ती कराने और पोषण ट्रेकर के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विकासखण्डों में एनआरसी खोले जाएं। वहीं किसानों को सशक्त बनाने के लिए किसान उत्पादक संघ का निर्माण भी किया जाए। महिलाओं को उनके रिवॉल्विंग फंड समय पर उपलब्ध कराएं ताकि फंड से अपने व्यवसायों को गति दे सकें। श्रीमती छिब्बर ने सूचकांकों के सुधार के लिए जन्म के समय बच्चों के कम वजन को ध्यान में रखते हुए एनआरसी में भर्ती कराने और पोषण ट्रेकर के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करने कहा है। साथ ही महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और मितानिनों को आपस में समन्वय कर डाटा एकत्र करने के  निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग को शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए नियमित वार्षिक कैलेण्डर का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं। अध्यापकों को राज्य एवं जिला स्तर पर अलग-अलग विषयों पर प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। बैठक में अपर कलेक्टर रविराज ठाकुर, अनुविभागीय अधिकारी श्री हरिशंकर पैकरा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, महिला एवं बाल विकास एवं जिले के विभिन्न विभागों के ज़िला अधिकारी उपस्थित थे।

अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र अबूझमाड़ के 120 बच्चों ने आज विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा वनमंत्री केदार कश्यप से मुलाकात की। ये बच्चे ‘स्वामी विवेकानंद युवा प्रोत्साहन योजना’ के तहत राजधानी रायपुर के शैक्षणिक भ्रमण पर आए थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से संवाद किया और उन्हें विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार अबूझमाड़ के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ वर्षों तक विकास की धारा से वंचित रहा, लेकिन हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि यहां के हर गांव तक शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचे।  उन्होंने भ्रमण पर आए बच्चों से कहा कि आपका उज्ज्वल भविष्य ही हमारी प्राथमिकता है। अबूझमाड़ में तेजी से हो रहे विकास कार्य मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अबूझमाड़ के गांवों में सड़क निर्माण, मोबाइल टावर लगाने, स्कूलों के विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के तहत वहां तेजी से बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में अबूझमाड़ सहित पूरे बस्तर क्षेत्र के विकास को लेकर व्यापक चर्चा हुई। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कार्ययोजनाओं पर काम कर रही हैं। आपकी शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य हमारी जिम्मेदारी- उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि हम चाहते हैं कि अबूझमाड़ के हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, ताकि वे अपने क्षेत्र और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है और हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आश्वस्त किया कि अबूझमाड़ में बेहतर स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।

प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा, 22 एवं 23 मार्च को होगा दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर पंडुम

रायपुर : बस्तर जिले के 5 विकासखण्डों में हुआ ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन बस्तर जिले के 5 विकासखण्डों में हुआ बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मिला समुचित मंच प्रतिभागियों ने बस्तर पंडुम में लिया उत्साहपूर्वक हिस्सा 22 एवं 23 मार्च को होगा दो दिवसीय जिला स्तरीय बस्तर पंडुम   रायपुर बस्तर जिले के जगदलपुर, बस्तर, तोकापाल, बास्तानार एवं दरभा विकासखण्ड में गुरुवार को ब्लॉक स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों ने कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। बस्तर पंडुम के माध्यम से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी रीति-रिवाजों को मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है। इस उत्सव में विभिन्न जनजातीय समूह अपनी कला और परंपराओं का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे न केवल सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। जिले के इन सभी ब्लॉक में आयोजित उक्त कार्यक्रम में स्थानीय लोक कलाकारों, जनजातीय समुदायों और संस्कृति प्रेमियों का उत्साह देखते ही बना। बस्तर पंडुम न केवल संस्कृति को सहेजने का प्रयास है बल्कि सामाजिक एकता और पारंपरिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। जिले के इन सभी विकासखंड में बस्तर पंडुम के तहत हजारों प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिले में बस्तर पंडुम का जिला स्तरीय कार्यक्रम 22 एवं 23 मार्च को इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें ब्लॉक स्तर से चयनित प्रतिभागी शामिल होंगे।          उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत अनेक विधाएं शामिल की गई जिसमें जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी,  हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत- चैतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल,  हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि)  जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेषभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर  मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा  शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन- सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, पेज, कोसरा एवं मड़िया पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा,मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर इत्यादि के बनाने की विधि, स्थानीय मसाले, स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण बस्तर पंडुम 2025 के मुख्य आकर्षण रहे। इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कार भी प्रदान किया गया। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहा बस्तर  जिले में विकासखण्ड स्तर पर आयोजित बस्तर पंडुम में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले समाज प्रमुखों में बस्तर पंडुम के प्रति खासा उत्साह एवं अलग ही लगाव देखने को मिला। इस दौरान इन समाज प्रमुखों ने बस्तर पंडुम आयोजन को सराहनीय पहल निरूपित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट किया। इस मौके पर पूर्व विधायक एवं सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजाराम तोड़ेम ने बस्तर पंडुम को राज्य सरकार की जनजातीय समुदाय की सांस्कृतिक विविधता को देश-दुनिया में पहुंचाने की अनुपम प्रयास रेखांकित किया। वहीं सर्व आदिवासी समाज के बस्तर जिला अध्यक्ष दशरथ कश्यप ने बस्तर पंडुम को जनजातीय संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने की दिशा में उल्लेखनीय पहल निरूपित करते हुए इसे हर साल आयोजित करने का सुझाव दिया। सर्व आदिवासी समाज के महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष चमेली जिराम ने बस्तर पंडुम को जनजातीय समुदाय के भावी पीढ़ी के लिए समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सीखने-समझने का बेहतर मंच बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भावी पीढ़ी अपनी संस्कृति,परम्परा, रीति-रिवाजों से दूर हो रही है। बस्तर पंडुम जैसे आयोजन में सक्रिय सहभागी बनकर भावी पीढ़ी अपना जुड़ाव महसूस करेगी। इस बस्तर पंडुम में जनजातीय पेय पदार्थों के विधा में अपना प्रदर्शन करने पहुंचे नगरनार की अन्नपूर्णा नाग एवं भेजापदर की बुधरी बघेल ने कहा बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की अलग छटा दिख रही है। जिसमें परम्परा, रीति-रिवाज, खान-पान सभी शामिल है। यह हमारी पहचान है और इसे संरक्षित करने के लिए सरकार का प्रयास प्रशंसनीय है।

डीएमईओ, नीति आयोग और राज्य नीति आयोग के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन

रायपुर छत्तीसगढ़ में शासन की प्रभावशीलता और योजनाओं की दक्षता को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य नीति आयोग एवं नीति आयोग (भारत सरकार) के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (डीएमईओ) के सहयोग से “मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह दो दिवसीय कार्यशाला  20 और 21 मार्च को आयोजित की जा रही है, जिसमें राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पारदर्शी, प्रभावी और डेटा-आधारित निगरानी सुनिश्चित करना तथा नीति निर्माण को अधिक परिणामोन्मुखी बनाना है। कार्यशाला में प्रमुख रूप से नीति आयोग, भारत सरकार की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम, योजना विभाग के सचिव अंकित आनंद, राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया तथा डीएमईओ, नीति आयोग के निदेशक अबिनाश दास और देवी प्रसाद भुक्या उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जिनमें सुशासन एवं अभिसरण विभाग, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, स्कूल शिक्षा, खाद्य विभाग, नगरीय प्रशासन और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर फोकस डीएमईओ की विशेषज्ञ टीम ने सरकारी योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन के आधुनिक तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों को डेटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर प्रशिक्षित किया गया। डीएमईओ के प्रशिक्षकों ने डेटा गवर्नेंस, गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicators), परिणाम-आधारित निगरानी (Output-Outcome Based Monitoring) और मूल्यांकन प्रणाली जैसे विषयों पर सत्र लिए। उन्होंने बताया कि कैसे वैज्ञानिक रूप से योजनाओं की निगरानी कर उनके वास्तविक प्रभाव को मापा जा सकता है, जिससे शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बन सके। लॉजिकल फ्रेमवर्क और डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स पर चर्चा विशेषज्ञों द्वारा “आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क”, “डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स” और “लॉजिकल फ्रेमवर्क” विषयों पर गहन परिचर्चा की गई।    राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रमण्यम ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से राज्य के अधिकारियों को आधुनिक निगरानी और मूल्यांकन तकनीकों से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे अपनी योजनाओं को और अधिक प्रभावी बना सकें। डीएमईओ, नीति आयोग की महानिदेशक श्रीमती निधि छिब्बर ने कहा कि  मॉनिटरिंग और इवैल्यूएशन (M&E) किसी भी प्रभावी शासन प्रणाली की आधारशिला है। भारत सरकार ने योजनाओं के प्रभावी मूल्यांकन और निगरानी के लिए डीएमईओ की स्थापना की है। राज्य में भी इसी तरह की संस्था बनाई जानी चाहिए। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।” मुख्यमंत्री के सलाहकार  डॉ. धीरेंद्र तिवारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नीति-निर्माण में डेटा-आधारित दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यशाला से राज्य के अधिकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को बेहतर तरीके से मापने और विश्लेषण करने में सक्षम होंगे।  योजना विभाग  के सचिव अंकित आनंद ने कहा कि इस प्रशिक्षण से सरकारी योजनाओं की दक्षता और पारदर्शिता में सुधार होगा, जिससे राज्य के विकास कार्यक्रमों को नई दिशा मिलेगी। राज्य नीति आयोग की सदस्य सचिव डॉ. नीतू गोरडिया ने कहा कि  निगरानी और मूल्यांकन सुशासन का प्रमुख आधार है। राज्य नीति आयोग पहले से ही सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के लिए विभिन्न संकेतकों की निगरानी कर रहा है। इस कार्यशाला से डेटा संग्रह और निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। राज्य नीति आयोग और डीएमईओ, नीति आयोग, भारत सरकार के संयुक्त सहयोग से आने वाले समय में इस तरह की और कार्यशालाएं आयोजित करने की योजना है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में डेटा-संचालित नीति निर्माण और प्रभावी निगरानी प्रणाली को मजबूत करना है।इस कार्यशाला से छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन को एक नई दिशा मिलेगी, जिससे प्रदेश में विकास और सुशासन को और अधिक गति मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए

रायपुर उप मुख्यमंत्री अरुण साव  मुंगेली जिले के बरेला और जरहागांव नगर पंचायत में नवनिर्वाचित अध्यक्षों और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। विधायक पुन्नूलाल मोहले भी शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल हुए। मुंगेली की एसडीएम श्रीमती पार्वती पटेल ने बरेला और जरहागांव में आयोजित दो अलग-अलग समारोहों में बरेला नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष नरेश पटेल और जरहागांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती रूपाली वेदप्रकाश कश्यप तथा दोनों नगर पंचायतों के पार्षदों को विधिपूर्वक शपथ दिलाई। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शपथ ग्रहण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने कार्यों से नगरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की अपील की। उन्होंने नवगठित नगर पंचायतों की जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए कहा कि जनता ने जिन उम्मीदों के साथ जनादेश दिया है, उन पर पूरी निष्ठा से काम करना सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों का कर्तव्य है। उप मुख्यमंत्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि विष्णु देव साय सरकार के नेतृत्व में नगर पंचायत बरेला एवं जरहागांव के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने दोनों नगर पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी को मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने बिलासपुर के मोहभट्ठा में 30 मार्च को होने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में नागरिकों को शामिल होने का आग्रह किया। मुंगेली के विधायक पुन्नूलाल मोहले ने अपने संबोधन में कहा कि नगर की जनता ने निष्पक्ष रूप से अपने मतदान का प्रयोग कर आप लोगों को जिताया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नगर पंचायत बरेला और जरहागांव के सभी नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षद नागरिकों की अपेक्षाओं एवं आकांक्षाओं पर खरा उतरेंगे और नगर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। मुंगेली जिला पंचायत के सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय, उपाध्यक्ष श्रीमती शांति देवचरण भास्कर और मुंगेली जनपद पंचायत के अध्यक्ष रामकमल सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में समारोह में मौजूद थे।

सुरक्षाबलों की वीरता और अदम्य साहस को नमन है- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के समूल उन्मूलन की दिशा में निर्णायक अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आज सुरक्षाबलों ने बीजापुर-गंगालूर और कांकेर-नारायणपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 नक्सलियों को मार गिराया। इनमें 26 नक्सली बीजापुर-गंगालूर में और 4 नक्सली कांकेर-नारायणपुर में ढेर हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस सफलता को नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की वीरता और अदम्य साहस को नमन है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई मजबूती से जारी है। यह संघर्ष तब तक नहीं रुकेगा, जब तक प्रदेश पूरी तरह से नक्सलमुक्त नहीं हो जाता। मुख्यमंत्री साय ने इस ऑपरेशन के दौरान डीआरजी के एक जवान की शहादत को नमन करते हुए कहा कि हमारे वीर जवानों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उनका यह त्याग व्यर्थ नहीं जाएगा। 2026 तक नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन – संकल्प की ओर तेज़ी से अग्रसर मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के संपूर्ण खात्मे के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षाबलों की यह सफलता इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और  गृह मंत्री अमित शाह का संकल्प पूरा होगा। प्रदेश का हर नागरिक भयमुक्त जीवन जिएगा। नक्सलवाद की अंतिम घड़ी आ चुकी है। छत्तीसगढ़ में निर्णायक कार्रवाई का दौर जारी प्रदेश में सुरक्षाबलों की लगातार सफल कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हो चुका है कि नक्सलवाद का अंत अब निकट है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हम केवल नक्सली गतिविधियों को रोकने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्थायी शांति और विकास को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। छत्तीसगढ़ के हर नागरिक को सुरक्षित, भयमुक्त और समृद्ध जीवन देना हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार और सुरक्षाबल मिलकर निर्णायक युद्ध लड़ रहे हैं। यह केवल एक सुरक्षा अभियान नहीं, बल्कि एक नई, शांतिपूर्ण और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखने की मुहिम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह निर्णायक युद्ध तब तक जारी रहेगा, जब तक छत्तीसगढ़ पूरी तरह से नक्सलमुक्त नहीं हो जाता। सुरक्षाबलों की यह वीरता प्रदेश को नक्सलवाद के अंधकार से निकालकर स्थायी शांति और विकास के पथ पर ले जाने में मील का पत्थर साबित होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को आईआईएम रायपुर के पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में शामिल होने का आमंत्रण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर के निदेशक रामकुमार काकानी ने आज सौजन्य मुलाकात की और उन्हें 22 एवं 23 मार्च 2025 को आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री साय ने इस निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर प्रोफेसर संजीव पाराशर भी उपस्थित थे। नेतृत्व और नीति निर्माण पर केंद्रित होगा कार्यक्रम काकानी ने बताया कि यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के विधायकों के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका उद्देश्य समकालीन प्रबंधन और नीति निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है। इस मंच पर प्रख्यात नीति निर्माता, शिक्षाविद, और विचारक एकत्र होंगे, ताकि विभिन्न विषयों पर सहयोगात्मक सोच और समस्याओं के व्यावहारिक समाधान की प्रक्रिया   के सम्बन्ध में सारगर्भित विचार विमर्श किया जा सके। छत्तीसगढ़ में नेतृत्व कौशल को नया आयाम देने की पहल भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक काकानी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति और उनके अनुभवजन्य विचार न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे, बल्कि प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायक भी होंगे। काकानी ने यह भी उल्लेख किया कि यह कार्यक्रम विधायकों को प्रभावी नेतृत्व कौशल विकसित करने और नीति निर्माण में नवीन दृष्टिकोण अपनाने के लिए सहयोग करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में सुशासन और जनहितैषी नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

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