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होली के लिए वक्फ बोर्ड ने सभी मस्जिदों के पदाधिकारी को पत्र भेज जुम्मे की नमाज का बदला समय

रायपुर  होली के दिन शुक्रवार को छत्तीसगढ़ की मस्जिदों में नमाज के वक्त में बदलाव किया गया है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने बताया, सामाजिक समरसता बनी रहे, इस वजह से यह फैसला लिया गया है। ज्यादातर मस्जिदों में दोपहर एक बजे होने वाली नमाज अब 2 से 3 बजे के बीच होगी। शुक्रवार को होली है, इस वजह से यह बदलाव किया गया है। सभी मस्जिदों के पदाधिकारी को इस संबंध में वक्फ बोर्ड की ओर से पत्र भेज दिया गया है। इस बार शुक्रवार को होली है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग जुम्मे की नमाज पढ़ते हैं। दोपहर 12 बजे जोहर की नमाज होती है। इस नमाज को पढ़ने के लिए नमाजी मस्जिद के लिए निकलेंगे तो विवाद की आशंका है इसलिए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ये निर्णय लिया है और सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है. छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड अध्यक्ष द्वारा लिए गए निर्णय का बीजेपी ने स्वागत किया है।

बस्तर में 45 हजार निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का अभियान शुरू, कराया जाएगा 200 घंटे का कोर्स

बस्तर छत्तीसगढ़ के बस्तर में 45 हजार निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने के लिए एक नया अभियान शुरू किया गया है. इस पहल के तहत, 200 घंटे का विशेष कोर्स आयोजित किया जाएगा, जिसमें निरक्षर लोगों को पढ़ाई के माध्यम से साक्षर बनाया जाएगा. अब तक 36,000 लोगों ने अपना कोर्स पूरा कर लिया है. यह अभियान बस्तर के गांवों और पंचायतों में विशेष रूप से चलाया जा रहा है. इन सभी लोगों को राष्ट्रव्यापी महा परीक्षा के माध्यम से साक्षरता प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा. 23 मार्च 2025 को, 200 घंटे का पाठ्यक्रम पूरा करने वाले सभी अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. परीक्षा में 3 घंटे का प्रश्न पत्र होगा, जिसमें पढ़ाई, लेखन और गणित की परीक्षा शामिल होगी. इस परीक्षा का उद्देश्य केवल सामान्य साक्षरता नहीं, बल्कि गणित में भी दक्षता प्राप्त करना है. यह कार्यक्रम 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन सभी लोगों के लिए है, जिन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी नहीं की या जिन्होंने किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ दी थी. अब इन्हें फिर से शिक्षित किया जाएगा और सफल होने पर साक्षरता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा. इस पहल से बस्तर में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा और निरक्षरता की समस्या में महत्वपूर्ण सुधार होगा.

छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक मल्हार महोत्सव इस बार भी संकट में, 6 साल से ठप आयोजन

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक मल्हार महोत्सव को राज्य की सांस्कृतिक धरोहर और परंपराओं का प्रमुख उत्सव माना जाता है। मगर, यह बीते छह साल से ठप पड़ा है। प्रशासनिक अड़चनों और वित्तीय अनिश्चितताओं के चलते इस वर्ष भी आयोजन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मल्हार, बिलासपुर जिले के मस्तूरी तहसील का एक ऐतिहासिक नगर है, जो प्राचीन मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। मल्हार महोत्सव का उद्देश्य इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित रखना और लोक कलाकारों को मंच प्रदान करना है। हर साल यहां पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत, नाटक, हस्तशिल्प प्रदर्शन, व्यंजन मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते थे, जो आकर्षण का केंद्र रहे हैं। साल 2019 से 2023 तक महोत्सव का आयोजन कोविड-19 के बहाने बाधित रहा। 2024 में सरकार द्वारा आयोजन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन आचार संहिता लागू होने के कारण स्वीकृत राशि समिति तक नहीं पहुंच पाई। राशि जारी होने के बाद अधर में आयोजन बिलासपुर लोकहित सांस्कृतिक सेवा समिति ने 24 फरवरी 2025 को कलेक्टर को पत्र सौंपकर 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की मांग की थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 23 नवंबर 2024 को बिलासपुर प्रवास के दौरान महोत्सव के लिए राशि को 5 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने की घोषणा की थी। स्थानीय कलाकारों और जनता में रोष स्थानीय कलाकारों और नागरिकों में प्रशासनिक देरी को लेकर गहरा असंतोष है। समिति के सचिव रविशंकर केवट, कोषाध्यक्ष कृष्णकुमार साहू और उपाध्यक्ष राजेश पाटले ने कई बार प्रशासन से संपर्क किया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला। लोक कलाकारों का कहना है कि इस आयोजन के रुकने से उनकी आजीविका संकट में आ गई है। हस्तशिल्पी, पारंपरिक कलाकार और स्थानीय व्यापारी इससे आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। सभी ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द राशि को हस्तांतरित करके आयोजन को कराया जाए।  

राजस्थान की जनता का विश्वास उनकी सरकार पर बना रहेगा और सभी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा: भजनलाल शर्मा

जयपुर राजस्थान विधानसभा के सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास और सुशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने सदन में ग्रीन बजट पेश किए जाने को एक ऐतिहासिक कदम बताया, जो राज्य की सतत विकास यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सिटीजन फर्स्ट’ दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए बजट तैयार किया गया है। इसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और ज्ञान को केंद्र में रखकर नीतिगत फैसले लिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट प्रदेश के कल्याणकारी योजनाओं को मजबूती देने वाला है और समुचित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के रुख पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब वित्त मंत्री ने सरकार का दूसरा बजट प्रस्तुत किया, तब प्रतिपक्ष के चेहरों पर असमंजस और उतार-चढ़ाव स्पष्ट दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अगर प्रदेश के आमजन की खुशहाली की परवाह करता है, तो उसे बजट का सकारात्मक रूप से स्वागत करना चाहिए था। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि राजस्थान की आर्थिक स्थिति लगातार सशक्त हो रही है और वर्ष 2025-26 तक राज्य की जीएसडीपी 19,89,835 करोड़ रुपये (230 बिलियन डॉलर) तक पहुंचने का अनुमान है। इसी प्रकार, 2028-29 तक जीएसडीपी 35,02,629 करोड़ रुपये (350 बिलियन डॉलर) तक पहुंचने की उम्मीद है। प्रदेश के विकास को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की जनता का विश्वास उनकी सरकार पर बना रहेगा और सभी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा। उन्होंने विधानसभा में सभी माननीय सदस्यों को संविधान क्लब के क्रियाशील होने पर शुभकामनाएं भी दीं। हरित विकास की ओर बढ़ता राजस्थान मुख्यमंत्री ने सदन में यह भी कहा कि पहली बार राज्य में ग्रीन बजट प्रस्तुत किया गया है, जो पर्यावरण-संवेदनशील योजनाओं को प्राथमिकता देगा। इससे प्रदेश में हरित ऊर्जा, जल संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। सरकार के इन सकारात्मक कदमों से स्पष्ट है कि राजस्थान तेजी से आर्थिक और सामाजिक विकास की ओर अग्रसर है और आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा। 2030 तक आर्थिक लक्ष्य प्राप्त करने को प्रतिबद्ध राजस्थान सरकार, निवेश को बढ़ावा देने पर जोर राजस्थान सरकार अपने कुशल वित्तीय प्रबंधन और डबल इंजन की नीति के तहत 2030 तक निर्धारित आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति पूर्ण रूप से आश्वस्त है। वर्तमान आर्थिक वृद्धि दर के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्य तय समय सीमा से पहले ही अपने विकास लक्ष्यों को हासिल कर लेगा। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य केवल आर्थिक प्रगति ही नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया गया है, जिससे उद्योगों को आवश्यक अनुमतियां और सेवाएं सुगमता से प्राप्त हो सकें। निवेश और कंप्यूटर इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा राजस्थान सरकार ने कंप्यूटर इकोसिस्टम और आधुनिक तकनीक में निवेश को लेकर उद्यमियों को आमंत्रित किया है। इस पहल के तहत विभिन्न देशों के उद्योगों के प्रतिनिधियों और देश के अन्य राज्यों के उद्यमियों ने भी भाग लिया। सरकार ने छह महीने का विशेष ‘ग्रोथ एक्सीलेरेशन प्रोग्राम’ चलाया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सरकार के प्रयासों से विभिन्न क्षेत्रों में 35 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश संभव हो पाया है। इससे प्रदेश में न केवल आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सतत विकास के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है और निवेश को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए नई योजनाएं भी लाई जा रही हैं। इसके साथ ही, प्रशासनिक सुधारों और नई औद्योगिक नीतियों के जरिये राजस्थान को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। नवाचार और आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ता राजस्थान राज्य सरकार का ध्यान केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह नवाचार, टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा दे रही है। सरकार की डिजिटल और टेक्नोलॉजी ड्रिवन नीतियां राजस्थान को देश के अग्रणी औद्योगिक हब के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगी। प्रदेश की विकास यात्रा को देखते हुए यह स्पष्ट है कि राजस्थान सरकार अपनी योजनाओं को समय से पहले पूरा करने में सफल होगी और 2030 तक राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

रायपुर में ताबड़तोड़ छापे मार कार्यवाही, पुलिस ने वाहनों की जांच के दौरान पुलिस ने कैश वाली गाड़ी पकड़ी

रायपुर छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद पुलिस ने कैश वाली एक कार बरामद की है। कार में 500, 200 और 100 के नोटों की गड्डियों को रखा गया था। भारी मात्रा में कैश देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। गिनती के बाद पता चला कि कार में पूरे 1.5 करोड़ रुपए की नकदी थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैसा किसका था और कहां ले जाया जा रहा था। मंगलवार रात रायपुर में सफेद रंग की इनोवा गाड़ी (23 BH886J) में भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया है। वाहनों की जांच के दौरान पुलिस ने कैश वाली गाड़ी पकड़ी। नोटों को एक सूटकेश और बैग में छिपाकर गाड़ी में रखा गया था। पुलिस ने अमानका चेक पॉइंट पर इस गाड़ी को पकड़ा। कैश की बात पता चलने पर गाड़ी को थाने लाकर जांच की गई। नोटों की गड्डियां देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। मीडिया के सामने कैश दिखाने के बाद मशीनों से गिनती की गई। बताया गया कि कुल 1.5 करोड़ रुपए बरामद किए गए हैं। रायपुर से मुंबई ले जा रहे थे पैसे पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। पैसा कहां से आया और कहां जा रहा था, इसकी जांच चल रही है। पुलिस को शक है कि यह हवाला का पैसा हो सकता है। कार में एक अलग से डेक बनाया गया था, जिसमें पैसे छिपाए गए थे। दोनों लोगों से पूछताछ की जा रही है। नागपुर से गाड़ी बदलने को कहा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक कार में बड़ी मात्रा में नकद ले जाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने आमानाका में चेकिंग पॉइंट लगाया था। कार के पकड़े जाने के बाद कार चालक और उसके साथी से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि उन्हें नागपुर के पास गाड़ी बदलने के लिए कहा गया था। पुलिस प्रशासन का कहना आजाद चौक सब डिवीजन के सीएसपी आईपीएस अमन झा ने बताया कि बड़ी मात्रा में नकद रकम बरामद की गई है। कार चालक और उसके सहयोगी ने रकम की कोई जानकारी नहीं दी है। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल जब्ती की कार्रवाई कर आगे जांच की जा रही है। एसपी अमन झा ने पीटीआई को बताया कि आज एक सफर रंद की इनोवा जांच के लिए रोकी गई। उसको जब चेक कर रहे थे तो पता चला कि उसमें कैश है। गाड़ी को जब थाने लगाया गया तो उसमें भारी मात्रा में कैश मिला। 500, 200 और 100 की गड्डियां थीं। अभी देखा जाएगा कि नकदी को वैध रूप से ले जाया जा रहा था या अवैद रूप से। पुलिस ने पूरे मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। भारी मात्रा में नकदी की बरामदगी ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में ईडी ने छत्तीसगढ़ में कई हाई प्रोफाइल लोगों के खिलाफ छापेमारी की है। सफेद रंग की इनोवा में कैश मिलने की खूब चर्चा हो रही है।

बिलासपुर में पुलिस ने बदमाशों पर कसा शिकंजा, पांच गिरफ्तार

बिलासपुर होली के मद्देनजर सरकंडा पुलिस ने असामाजिक तत्वों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान धारदार हथियार लहराकर लोगों को डराने वाले पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा सात अन्य बदमाशों और दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। सरकंडा थाना प्रभारी निलेश पांडेय ने बताया कि महामाया आईटीआई के पास 10 मार्च को गोविंद दास और बगदई मंदिर के पास विजयदास मानिकपुरी को धारादार चाकू के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके दूसरे दिन सुभाष चौक के पास भौमिक कौशल, पठान मोहल्ला चांटीडीह में मोह. सादाब कुरैशी और भूकंप अटल आवास में राजा उर्फ राज ठाकुर को धारदार चाकू के साथ पकड़ा गया। इनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। हुड़दंग मचा रहे थे बदमाश पुलिस ने गश्त के दौरान सार्वजनिक जगहों पर हुड़दंग मचा रहे अभिषेक सूर्यवंशी, संदीप सूर्यवंशी, सन्नी लास्कर, अभिषेक लास्कर, रितेश पांडेय, सतीश सिंह ठाकुर और मोह. दिशान को गिरफ्तार कर सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। सरकंडा पुलिस ने दो स्थायी वारंटी ईश्वर गोड़ उर्फ छोटा क्राइम और शिब्बू साहू को भी गिरफ्तार किया है।  

भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के बरमकेला में जनपद पंचायत चुनाव के दौरान जबरदस्त बवाल हो गया. भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पहले तीखी बहस हुई और फिर मामला हाथापाई तक पहुंच गया. स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई. मौके पर मौजूद पुलिस विवाद को रोकने में नाकाम रही. वहीं स्थिति को नियंत्रण करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. क्या है मामला जानकारी के मुताबिक, भाजपा प्रभारी कैलाश नायक की गाड़ी से जनपद सदस्यों को छीनने के प्रयास के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता भिड़ गए. इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट हुई. देखते ही देखते पंचायत कार्यालय के बाहर तनाव की स्थिति बन गई और दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई. बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है. पुलिस लगातार दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस प्रत्याशी की जीत वहीं कड़ी सुरक्षा और विवाद के बीच हुए चुनाव में तमाम कोशिशों के बावजूद भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा. कांग्रेस की डॉक्टर विद्या किशोर ने चुनाव जीतकर जनपद पंचायत अध्यक्ष का पद हासिल कर लिया है.

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने एक्स पर शेयर भोजन करते वीडियो

रायपुर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अपने गांव से एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वे अपनी गांव के घर में भोजन करते नजर आ रहे हैं. खास बात यह है कि इस वीडियो में ओपी चौधरी गांव में हरियाली के बीच घर के छत पर सुकून से खाट पर बैठकर खाना खा रहे हैं. इस वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ी में लिखा कि “गांव घर के सोन्हा खुसबू, खटिया के सुकुन, अउ दाल-भात-चटनी के सुवाद… जय हो छत्तीसगढ़ महतारी.”

विधानसभा रंग-गुलाल से सराबोर: विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष सहित सभी विधायकों ने खेली होली

मंत्री-विधायकों के फाग गीतों पर झूमे सदस्य, डॉ. सुरेंद्र दुबे की कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बांधा रायपुर,  विधानसभा परिसर में आज होली मिलन समारोह का रंगारंग आयोजन हुआ, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित तमाम विधायकों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। आयोजन का पूरा माहौल होली के उल्लास में सराबोर रहा। मंत्रियों और विधायकों ने पारंपरिक फाग गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिस पर विधानसभा सदस्य झूमते नजर आए। मंत्री-विधायकों के फाग गीतों से गूंजा विधानसभा परिसर होली मिलन समारोह में लोक परंपरा का विशेष रंग देखने को मिला। मंत्री-विधायकों द्वारा गाए गए फाग गीतों से विधानसभा परिसर में सांस्कृतिक समृद्धि की झलक दिखी। राजस्व मंत्री  टंकराम वर्मा ने मुख मुरली बजाए, छोटे से श्याम कन्हैया गीत की मधुर प्रस्तुति दी।विधायक अनुज शर्मा ने का तैं मोला मोहिनी डाल दिये रे और रंग बरसे गीत गाकर समां बांध दिया। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने फागुन मस्त महीना और चना के डार राजा गीत गुनगुनाया। विधायक दिलीप लहरिया ने नदिया के पार म, कदली कछार म गीत सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। विधायक रामकुमार यादव और श्रीमती चातुरी नंद ने भी फाग गीतों से समां बांधा। डॉ. सुरेंद्र दुबे की कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया रंग लोकप्रिय कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे ने अपनी हास्य और होली की रंगीन कविताओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा राकेश तिवारी और उनकी टीम ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने डॉ. सुरेंद्र दुबे, राकेश तिवारी व उनकी टीम को सम्मानित किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री  अरुण साव, वनमंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन, विधायक अजय चंद्राकर, धर्मलाल कौशिक, पुरंदर मिश्रा, धर्मजीत सिंह, मोतीलाल साहू, सुशांत शुक्ला, संदीप साहू, गुरु खुशवंत साहेब, भैयालाल राजवाड़े, ईश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, रिकेश सेन, रामकुमार यादव, श्रीमती भावना बोहरा, योगेश्वर राजू सिन्हा, अटल श्रीवास्तव, ललित चंद्राकर सहित विधानसभा के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।  

बस्तर के असल जीवन को करीब से जानने-समझने का मिलेगा अवसर : मुख्यमंत्री साय

बस्तर पंडुम 2025: लोकसंस्कृति और परंपराओं का भव्य उत्सव बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की अनूठी पहल है बस्तर पंडुम रायपुर, बस्तर के लोग जीवन का हर पल उत्सव की तरह जीते हैं और अपनी खुशी की अभिव्यक्ति के लिए उनके पास समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। बस्तर में शांति स्थापना के लिए हम तेजी से अपने कदम बढ़ा रहे हैं और बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के लोकजीवन और लोकसंस्कृति को सहेजने के साथ ही उनकी उत्सवधर्मिता में हम सहभागी बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में मांदर की थाप पर नाचते कलाकारों की मौजूदगी में बस्तर पंडुम 2025 के लोगो का अनावरण किया और यह बातें कही। उन्होंने बस्तर पंडुम के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आयोजन सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ ही बस्तर के प्रतिभाशाली कलाकारों को सशक्त मंच प्रदान करेगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बस्तर पंडुम के बुकलेट का विमोचन किया।     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर का विकास और वहां के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल रहा है। बस्तर को माओवाद से मुक्त करने की दिशा में हमने तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और हाल ही में आयोजित अबूझमाड़ पीस हॉफ मैराथन में भी बस्तर वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। यह दर्शाता है कि बस्तर वासियों का विश्वास लगातार शासन के प्रति बढ़ा है और वे क्षेत्र में शांति और अमन-चैन चाहते हैं।         मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमने बजट में नक्सली हिंसा से ग्रसित रहे पुवर्ती गांव में भी अस्पताल खोलने का बड़ा निर्णय लिया है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से हम बस्तर वासियों के मूलभूत जरूरत को तेजी से पूरा कर रहें हैं।         मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं और हर मौके को अपने खास अंदाज में सेलिब्रेट करते हैं । बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर के असल जीवन को और करीब से देखा जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर पंडुम में नृत्य, गीत, लोककला, लोकसंस्कृति, नाट्य, शिल्प, रीति- रिवाज, परंपरा और व्यंजन सहित विभिन्न 7 विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी। श्री साय ने कहा कि बस्तर में खुशहाली हो, लोग भयमुक्त होकर अपने अंदाज में जिये और उन्हें शासन की सभी सुविधाओं का लाभ मिले।        इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, विधायक श्री किरण देव, विधायक सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री विनायक गोयल, संस्कृति विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी. और संचालक संस्कृति श्री विवेक आचार्य मौजूद रहे। बस्तर की पहचान को दर्शा रहा है बस्तर पंडुम का लोगो      बस्तर पंडुम के लोगो में बस्तर के लोकजीवन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया है और यह उनकी सांस्कृतिक पहचान से गहरे से जुड़ा हुआ है। बस्तर के विरासत को बहुत ही कलात्मक ढंग से दिखाने का प्रयास इसमें किया गया है।  “बस्तर पंडुम” गोंडी का शब्द है जिसका अर्थ है बस्तर का उत्सव। प्रतीक चिन्ह में बस्तर की जीवनरेखा इंद्रावती नदी, चित्रकूट जलप्रपात, छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु वनभैंसा, राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना, बायसन हॉर्न मुकुट, तुरही, ढोल, सल्फी और ताड़ी के पेड़ को शामिल गया है। इस प्रतीक चिन्ह के माध्यम से सरल, सहज और उम्मीदों से भरे अद्वितीय बस्तर को आसानी से जाना और समझा जा सकता है। नृत्य, गीत समेत 07 प्रमुख विधाओं पर केंद्रित होगा आयोजन ‘‘बस्तर पंडुम 2025’’ में जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषण, शिल्प-चित्रकला और जनजातीय व्यंजन एवं पारंपरिक पेय से जुड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ये स्पर्धाएं तीन चरणों में संपन्न होंगी। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता 12 से 20 मार्च, जिला स्तरीय प्रतियोगिता 21 से 23 मार्च, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता दंतेवाड़ा में 1 से 3 अप्रैल तक सम्पन्न होगी। प्रत्येक स्तर पर प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। बस्तर के लोकजीवन और परंपराओं पर आधारित आयोजन होंगे प्रमुख आकर्षण     बस्तर पंडुम में बस्तर की पारंपरिक नृत्य-शैली, गीत, रीति-रिवाज, वेशभूषा, आभूषण और पारंपरिक व्यंजनों का शानदार प्रदर्शन होगा। प्रतियोगियों के प्रदर्शन को मौलिकता, पारंपरिकता और प्रस्तुति के आधार पर अंक दिए जाएंगे। आयोजन में समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। प्रतियोगिता के विजेताओं के चयन के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ आदिवासी समाज के वरिष्ठ मुखिया, पुजारी और अनुभवी कलाकार शामिल रहेंगे। इससे प्रतियोगिता में पारदर्शिता बनी रहेगी और पारंपरिक लोककला को न्याय मिलेगा।

प्रीलिम्स परीक्षा 2024: 3737 अभ्यर्थियों ने मेंस के लिए किया क्वालीफाई

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा प्रीलिम्स परीक्षा 2024 (CGPSC PCS Prelims Result 2024) का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस परीक्षा के माध्यम से डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, आबकारी सब इंस्पेक्टर समेत 17 सेवाओं के 246 पदों पर भर्ती की जाएगी। परीक्षा 9 फरवरी 2025 को दो पालियों में आयोजित हुई थी। जारी परिणाम के अनुसार, कुल 3737 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा (मेंस) के लिए क्वालीफाई किया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर या नीचे दी गई इमेज पर क्लिक कर देख सकते हैं। बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया में 246 पदों में से सर्वाधिक 90 पद आबकारी सब इंस्पेक्टर के हैं। वहीं, डिप्टी कलेक्टर के 7 और डीएसपी के 21 पद शामिल हैं। पिछले साल डीएसपी का कोई पद नहीं था, लेकिन इस बार आयोग ने 21 पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी निकाली है।

श्री श्री ने नक्सली विचारधारा से प्रभावित युवाओं से विकास की मुख्यधारा में शामिल होने का आव्हान

मुख्यमंत्री शंखनाद महासत्संग में हुए शामिल हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से तरंगित हो उठा राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कल राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में श्रीश्री रविशंकर के शंखनाद महासत्संग कार्यक्रम में शामिल हुए । उन्होंने श्रीश्री रविशंकर जी से प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद ग्रहण किया । श्रीश्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री की तारीफ की। उन्होंने  कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय प्रगतिशील विचारों के हैं, उनके दिल में प्रदेश के लिए बड़ी सोच है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीश्री रविशंकर परोपकार और मानवता की सेवा का ऐसा कार्य कर रहे हैं, जिसे भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने श्रीश्री रविशंकर महाराज का प्रदेश की जनता की ओर से छत्तीसगढ़ की धरती पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उनका संस्थान योग, ध्यान और मानवता के कल्याण का अच्छा कार्य कर रहा है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से देश दुनिया में करोड़ों निराश लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ध्यान और मेडिटेशन को हम भूलते जा रहे थे। आर्ट ऑफ लिविंग के माध्यम से फिर से इसे स्थापित किया जा है।  उन्होंने बताया कि आज छत्तीसगढ़ राज्य और आर्ट ऑफ लिविंग के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं जिसके तहत प्रदेश के गांव-गांव में जल संरक्षण, कृषि संवर्धन, शिक्षा, आजीविका – रोजगार, महिला सशक्तिकरण और नशा मुक्ति के कार्य उनकी संस्था द्वारा किया जाएगा। नया रायपुर में आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र के लिए स्थान चिन्हित कर लिया गया है। श्रीश्री रविशंकर और मुख्यमंत्री श्री साय ने आर्ट ऑफ लिविंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास किया। यह केंद्र योग, ध्यान, कौशल विकास, आत्म विकास और सामुदायिक विकास को समर्पित रहेगा। यह महा सत्संग ज्ञान, ध्यान और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम रहा है। आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर महाराज ने आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धांतों की सारगर्भित जानकारी अपने संबोधन में दी। उन्होंने उपस्थित लोगों को ध्यान कराया। ध्यान के दौरान हजारों श्रद्धालुओं द्वारा उच्चारित ॐ ध्वनि से रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान तरंगित हो उठा। नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं से मुख्यधारा में शामिल होने का आह्वान श्रीश्री रविशंकर ने नक्सलवाद से प्रभावित युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आप विकास की मुख्य धारा में आएं, हम आपके साथ खड़े हैं, हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनाएंगे। जहां सभी के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। गरीबों के उत्थान के कार्यों हों। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में शांति और समृद्धि आवश्यक है। जब शांति होगी तो समृद्धि आएगी। आप जब हमारे साथ आएंगे तो आपको भी समता ,समृद्धि और न्याय मिलेगा। बंदूक से कोई काम नहीं बनता। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यहां प्राकृतिक सौंदर्य है। विविध फल फूल और प्राकृतिक संपदा भरपूर है। यह प्रदेश दुनिया के आकर्षण का केंद्र बन सकता है। अब यह समय आ गया है कि हम सभी मिलकर प्रदेश को उत्तम और भारत को श्रेष्ठ बनने के लिए काम करें । आर्ट ऑफ लिविंग के संबंध में उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में शक्ति, भक्ति, युक्ति और मुक्ति होनी चाहिए। विपरीत और अनुकूल परिस्थितियों में मन का समभाव बना रहे । जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार करें। दूसरों के विचारों को प्रेरणा लें, लेकिन उनसे पूरी तरह प्रभावित न हो और वर्तमान में जिएं। हमारे जीवन में प्रेम हो, प्रेम का अर्थ है कि कोई हमारे लिए गैर नहीं है । उन्होंने लोगों से गुरु दक्षिणा मांगते हुए कहा कि यहां आए सभी लोग अपनी परेशानी, दुख – दर्द यहां छोड़ कर जाएं, यही मेरी गुरु दक्षिणा है । ईश्वर पर भरोसा रखें । कार्यक्रम के अंत में भजन की धुन पर पूरा मैदान झूम उठा। श्रीश्री रविशंकर रैंप पर चलकर लोगों के पास पहुंचे और उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, विधायक श्री किरण सिंहदेव, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

आदिवासी क्षेत्रों में एकल शिक्षक स्कूलों की समस्या को शीघ्रता से करेंगे हल : सीएम साय

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य में जनजाति समुदाय की जनसंख्या 32 प्रतिशत है। इनका समग्र विकास हमारे राज्य की प्राथमिकता है। यह परिषद केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि नीति-निर्माण और निर्णय-क्रियान्वयन की महत्वपूर्ण संवैधानिक इकाई है। वह मंगलवार को विधानसभा परिसर स्थित समिति कक्ष में जनजाति सलाहकार परिषद की पहली बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में रखे गए सभी बहुमूल्य सुझावों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए अधिकारियों से कहा कि जनजातीय समुदाय के जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी त्रुटियों के निवारण के लिए विस्तृत अध्ययन कर समाधान सुनिश्चित किया जाए। जनजातीय आस्था स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए देवगुड़ी के साथ सरना स्थलों को भी शामिल करने की व्यवस्था की जाए। शिक्षा में सुधार के लिए आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षकविहीन और एकल शिक्षक स्कूलों की समस्या को शीघ्रता से हल किया जाए। योजनाओं को समुदाय तक पहुंचाएं- नेताम जनजातीय समुदाय की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं पर प्रभावी अमल किया जाए, जिससे उनकी प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हो। कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य जनजाति सलाहकार परिषद, सरकार और जनजातीय समाज के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है। सभी सदस्य प्रदेश के एक-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए जिम्मेदारी है कि शासन की योजनाओं को प्रभावी रूप से समुदाय तक पहुंचाएं। उन्होंने परिषद के लिए निर्णयों को नीति-निर्माण में प्रभावी रूप से शामिल करने का आश्वासन दिया। बैठक में आदिम जाति व अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने विभिन्न एजेंडा बिंदुओं पर प्रेजेंटेशन दिया और परिषद के समक्ष विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, विधायक लता उसेंडी, शंकुतला सिंह पोर्ते, उद्देश्वरी पैंकरा आदि उपस्थित थे। सदस्यों ने सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े दिए सुझाव बैठक में परिषद के सदस्यों ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव प्रस्तुत किए।     जनजातीय बालिकाओं के लिए छात्रावासों की संख्या और सुविधाओं में वृद्धि की जाए।     जनजातीय बहुल क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार व भर्ती प्रक्रिया को प्रोत्साहित करना।     स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर उपलब्धता व जनजातीय क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार।     आदिवासियों की पारंपरिक आजीविका को सशक्त करने के लिए विशेष योजनाएं लागू करना।     जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए विशेष योजनाएं हों।  

निर्दयी माँ ने झाड़ियों में फेंका 2 महीने की मासूम को

रायपुर अमलेश्वर के ग्रीन अर्थ सिटी के पास एक 2 माह की मासूम झाड़ियों में मिली है. फिलहाल बच्ची की तबियत स्वस्थ है और उसे आगे की उपचार हेतु 108 टीम द्वारा मेकाहारा अस्पताल में एडमिट कराया गया है.जानकारी के अनुसार बुधवार आज सुबह मॉर्निंग वॉक करते समय ग्रीन अर्थ सिटी अमलेश्वर के सामने डीह रोड़ पर एक लावारिस बच्ची एमएम जैन को रोते हुए दिखाई दी. उन्होंने मॉर्निंग वॉक पर निकले अपने मित्र विकास पंसारे और नारायण शर्मा को इसकी सूचना दी. बच्ची को एक थैले में ढंककर फेंका गया था.  बच्ची को चींटियां काट रही थी. इसके बाद बच्ची को झाड़ियों से बाहर लेकर आए और 108 को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही 108 के पायलट रविंद कुमार और ईएमटी विनोद कुमार तुंरत मौके पर पहुंचें और बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट व प्राथमिक उपचार करते हुए मेकाहारा अस्पताल में लेकर आएं.

राजधानी में मिठाई दुकानों पर पहुंचे खाद्य अधिकारी, 50 सैंपल में से दो मिले अमानक

रायपुर होली में मिलावटी मिठाई के कारोबार में वृद्धि की आशंका को देखते हुए, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिठाई की दुकानों की जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को कई दुकानों से नमूने लिए गए। इसके अतिरिक्त संचालित खाद्य प्रयोगशाला में 50 नमूनों की जांच की गई। इसमें से 48 नमूने मानक और दो नमूने अमानक पाए गए। विवान फूड प्रोफेसर कॉलोनी, अग्रवाल मिठाई वाला दावड़ा कॉलोनी पचपेड़ी नाका, कलकत्ता स्वीट टाटीबंध रायपुर और न्यू दिल्ली स्वीट्स रायपुर से नमूने लिए गए। गुलाब जामुन (खुला), कुंदा लूस, चमचम लूस और गुजिया के चार-चार विधिक नमूने लिए गए। जांच दल में खाद्य सुरक्षा अधिकारी साधना चंद्राकर, रोशनी राजपूत, बृजेंद्र भारती और सिद्धार्थ पांडे शामिल रहे। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आगे भी जांच जारी रहेगी। होली के दो दिन पहले शुरू हुई जांच बता दें कि राजधानी में तकरीबन एक हजार मिठाई दुकानें हैं। इनमें होली के त्योहार में खपाने के लिए मिठाइयां बनकर तैयार हैं। एक दिन में चार मिठाई दुकानों की जांच हुई है। ऐसे में होली के बाद भी एक चौथाई दुकानों की जांच नहीं हो पाएगी। सड़कों पर मुरूम बिछाने में जुटा निगम होलिका दहन 13 मार्च को है और 14 मार्च को होली खेली जाएगी। नगर निगम अमला होलिका दहन स्थलों पर मुरुम बिछाने का कार्य शुरू कर दिया है। वहीं, आयुक्त विश्वदीप ने अधिकारियों से कहा कि होलिका स्थलों पर पेयजल की आपूर्ति और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने सभी 10 जोन कमिश्नरों से कहा कि शहर में प्रस्तावित होलिका दहन स्थल पर मुरुम पहले से ही बिछा दिया जाए। इससे सड़कों को खराब होने से बचाया जा सकेगा। साथ ही गली-मोहल्लों और चौक-चौराहों की होलिका समितियों को भी कहा जाए कि मुरुम के ऊपर ही होलिका जलाई जाए।  

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