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प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0: शहर के 40 वार्डों में शिविर और घर-घर किया गया रेपिड सर्वे

धमतरी भारत सरकार द्वारा सितम्बर 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 लागू किया गया। योजना के तहत लाभ लेने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड, 31 अगस्त 2024 के पूर्व निवासरत होने संबंधी दस्तावेज, भारत वर्ष में किसी सदस्य के नाम पर पक्का मकान नहीं होने का शपथ पत्र, आय प्रमाण पत्र (सक्षम अधिकारी से सत्यापित), भू-स्वामित्व संबंधी दस्तावेज(पट्टा/ऋण पुस्तिका/बी.1 पी.2), जाति प्रमाण पत्र (एस.सी./एस.टी./ओ.बी.सी.), हितग्राही का बैंक पासबुक की छायाप्रति, राशन कार्ड की छायाप्रति तथा अन्य योजनाओं का विवरण (एसबीएम/एनयूएलम/सूर्यघर बिजली/प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना/पूर्व में लाभार्थी आवास) आदि दस्तावेज आवश्यक हैं।   बता दें कि प्रदेश में बीते 15 नवम्बर को उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0  की शुरूआत की थी। कलेक्टर नम्रता गांधी के निर्देश पर इसके तहत जिले में बीते 15 नवम्बर से 24 नवम्बर तक धमतरी नगरपालिक निगम के 40 वार्डों में शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान 1200 आवेदन प्राप्त किए गए। इसके अलावा रेपिड सर्वे के माध्यम से प्रत्येक वार्ड में संभावित पात्र हितग्राहियों का डोर-टू-डोर सर्वे किया गया।

सीएम साय ने ”नालंदा परिसर” का किया भूमिपूजन, महतारी वंदन योजना की जारी की 10वीं किश्त

रायगढ़ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के ड्रीम प्रोजेक्ट हाईटेक लाइब्रेरी नालंदा परिसर के भूमिपूजन समेत 137 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके अलावा, सीएम ने महतारी वंदन योजना की 10वीं किश्त की राशि ऑनलाइन जारी की। साथ ही रायगढ़ में रिंग रोड बनाने और रामलला दर्शन योजना से लाभ देने की भी घोषणा की है। वहीं कांग्रेस के धान खरीदी निरीक्षण के फैसले का स्वागत करते हुए निशाना भी साधा। बता दें कि रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने रायपुर की तर्ज पर रायगढ़ के मरीन ड्राइव एरिया में 42 करोड़ की लागत से बनने वाले नालंदा परिसर का भूमिपूजन किया, इसके साथ ही उन्होंने रायगढ़ जिले को 137 करोड़ रुपये की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात दी, जिसमें 97 करोड़ 51 लाख रुपये की लागत से निर्मित 67 कार्यों का लोकार्पण और 37 करोड़ 58 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 13 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। वहीं रायगढ़ में रिंग रोड की घोषणा भी सीएम साय ने की। रायगढ़ में प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर गौरतलब है कि रायगढ़ के मरीन ड्राइव में सर्वसुविधायुक्त नालंदा परिसर प्रदेश का सबसे बड़ा नालंदा परिसर होगा। इसके लिए नगर निगम और एनटीपीसी के मध्य 42 करोड़ 56 लाख का करार हुआ है। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। बता दें कि नालंदा परिसर एक अत्याधुनिक लाइब्रेरी होगी। इसमें वह सारी सुविधाएं होंगी जो अमूमन बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों की को लाइब्रेरी में देखने को मिलती हैं। इसमें आने वाले समय के मांग और जरूरतों के अनुसार सुविधा संसाधन होंगे। यहां अध्ययन-अध्यापन का एक ऐसा इको सिस्टम छात्रों को मिलेगा, जिससे वे खुद को प्रदेश के साथ राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकेंगे। नालंदा परिसर स्मार्ट लाइब्रेरी और स्टडी जोन होगा। कार्यक्रम के बाद रायगढ़ में पत्रकारों से चर्चा करते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा- रायगढ़ के बेटा-बेटियों के लिए नालंदा परिसर बनाया जा रहा है। शहर को रिंग रोड की जरूरत थी, वह भी पूरी की जाएगी। रामलला दर्शन योजना का भी रायगढ़ वासियों को लाभ मिल रहा है। सीएम साय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- कि कांग्रेस के धान खरीदी निरीक्षण का स्वागत है। वह धान खरीदी केंद्रों में जाएं और वस्तुस्थिति की जानकारी लें।

तालाब में तैरता मिला नवजात शिशु का शव, ग्रामीणों में आक्रोश

खैरागढ़ जिले में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां तालाब में एक नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है. यह मामला ग्राम देवरी का है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं इस घटना को लेकर गांव के लोगों में आक्रोश है. ग्रामीण दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे. जानकारी के मुताबिक, आज सुबह गांव के कुछ लोग तालाब पहुंचे तो उन्होंने तालाब में एक अज्ञात वस्तु को तैरते हुए देखा. करीब जाकर जांच की तो यह नवजात शिशु का शव निकला. यह दृश्य देखकर ग्रामीण स्तब्ध रह गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही खैरागढ़ थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची और तालाब से शव को बाहर निकाला. प्रथम दृष्टया यह मामला किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा शिशु को तालाब में फेंकने का प्रतीत होता है. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है. पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है. वहीं गांव के लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है. ग्राम देवरी के निवासी इसे मानवता के खिलाफ एक क्रूर घटना मान रहे हैं. गांव के बुजुर्ग और युवा इस कृत्य के दोषी को कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं. घटना की जांच कर रहे, दोषियों पर होगी कार्रवाई : थाना प्रभारी खैरागढ़ थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया, हम हर पहलू से इस घटना की जांच कर रहे हैं. नवजात के माता-पिता की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मूढ़ीपार में भी मिला था नवजात शिशु का शव बता दें कि इसके पहले भी खैरागढ़ जिले के ग्राम मूढ़ीपार में नवजात शिशु का शव मिला था, जिसके बाद आज फिर जिले के ग्राम देवरी में एक नवजात शिशु का शव मिला है. यह घटना समाज के लिए एक बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती है. एक नवजात शिशु को इस तरह तालाब में फेंकना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह समाज में बढ़ती संवेदनहीनता का भी संकेत है. इस मामले ने शिशु संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल उठाए हैं. फिलहाल पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है. साथ ही आसपास के अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों से हाल ही में हुए प्रसव के मामलों की भी जांच की जा रही है.

‘देशी टॉक कवि सम्मेलन’ का फिर होगा आयोजन, सीएम साय ने पोस्टर का किया विमोचन

रायपुर प्रदेश में अपनी एक अलग पहचान बना चुके ‘देशी टॉक कवि सम्मेलन’ का एक बार फिर से आयोजन किया जा रहा है. ‘देशी टॉक कवि सम्मेलन 5.0’ के पोस्टर का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज विमोचन किया. मुख्यमंत्री निवास में कार्यक्रम के दौरान चैनल के चेयरमैन नमित जैन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सरकार के एक साल पूरे होने पर बधाई दी. इस मौके पर न्यूज चैनल के चेयरमैन नमित जैन के अलावा संपादकीय निदेशक मनोज सिंह बघेल, सलाहकार संपादक संदीप अखिल, स्थानीय संपादक आशीष तिवारी, राजनीतिक संपादक डॉ. वैभव शिव पाण्डेय, जनसंपर्क आयुक्त डॉ. रवि मित्तल, जनसंपर्क संचालक अजय अग्रवाल और प्रेस अधिकारी आलोक सिंह मौजूद रहे. देशी टॉक कवि सम्मेलन के इस आयोजन में टाइटल स्पॉन्सर हीरा ग्रुप (eblu) हैं. साथ ही पावर्ड बाय में सिंघानिया बिल्डकॉन, शुभम के मार्ट और संभव स्टील पाइप्स एंड ट्यूब्स हैं. इस कार्यक्रम में डिजिटल पार्टनर डेली हंट है. कवि सम्मेलन में शामिल होने वाले कवि देशी टॉक कवि सम्मेलन 5.0 का आयोजन इंडोर स्टेडियम में 18 दिसंबर को किया जाएगा. कवि सम्मेलन में वीर रस के कवि डॉ हरिओम पवार, हास्य व्यंग के कवि डॉ सुनील जोशी, डॉ सुरेंद्र दुबे, अनिल चौबे, श्रृंगार रस की कवियित्री अनामिका जैन, गीतकार स्वयं श्रीवास्तव और रमेश विश्वहार शामिल होंगे. बता दें कि देशी टॉक कवि सम्मेलन का पांचवीं बार आयोजन किया जा रहा है. इसके पहले हुए चार आयोजन 2019, 2021, 2022, 2023-24 में दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है. न केवल आयोजन में शामिल होने प्रदेश से कोने-कोने से पहुंचे दर्शकों ने भी सराहा है.

जनादेश दिवस पर कांग्रेस ने भाजपा पर कसा तंज, पूर्व पीसीसी चीफबोले- सरकार अपनी उपलब्धि बताए

रायपुर भाजपा आज जनादेश दिवस मना रही. इस पर पूर्व पीसीसी चीफ धनेंद्र साहू ने तंज कसा है. उन्होंने कहा कि यह जीत जनादेश नहीं था, ईवीएम मशीनों के साथ छेड़छाड़ के कारण जीत हुई थी. एक साल में सरकार ने प्रदेश के विकास के लिए क्या किया, अपनी उपलब्धि बताते तो अच्छा होता. उसका उत्सव मनाते तो ठीक था, ये चुराई हुई जीत का जश्न मना रहे हैं. कांग्रेस का धान खरीदी केंद्र चलो अभियान पर पूर्व विधायक धनेंद्र साहू ने कहा, आज से धान खरीदी केंद्र चलो अभियान चलाया जा रहा है. आज पहला दिन है. आज धरसींवा और तिल्दा ब्लॉक के सांकरा गांव के धान खरीदी केंद्र में निरीक्षण के लिए जाएंगे. किसान चिंतित हैं, क्योंकि जो लिमिट तय किए हैं उसके अंदर धान खरीदी नहीं हो पाएगा. किसानों के मन में शंका है कि सरकार धान खरीदना नहीं चाहती है. साहू ने कहा, पॉलिसी बदलने की जरूरत ही क्या थी ? सभी अव्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षण के लिए जाएंगे. इसके बाद सरकार को समस्याओं से अवगत कराएंगे. नतीजा नहीं आने पर आगे धरना प्रदर्शन और घेराव हमारा लक्ष्य रहेगा. डायरेक्ट मेयर चुनाव पर धनेंद्र साहू बोले – डरी हुई है सरकार अब डायरेक्ट मेयर चुनाव होगा. इस पर धनेन्द्र साहू ने कहा, अभी साय सरकार ने ये फैसला लिया है. आज इसकी जरूरत क्यों पड़ रही है? पुरानी पद्धति को बदलकर सरकार प्रत्यक्ष पद्धति से चुनाव कर रही है. सरकार डर रही है कि पुरानी पद्धति से चुनाव कराने पर उनको जनादेश नहीं मिल पाएगा. साहू ने कहा, काम तो कुछ हुआ नहीं है. सरकार पांच ही योजना बता दे. मुझे लगता है कि ये नगरीय निकाय चुनाव भी मोदी की गारंटी पर लड़ेंगे, क्योंकि इनकी तो कोई उपलब्धि नहीं है.

महतारी वंदन योजना: पोषणयुक्त आहार लेकर ममता अपने मजबूत भविष्य की रख रहीं नींव

अम्बिकापुर जिन छोटी-मोटी जरूरतों के लिए पहले महिलाओं को बार-बार अपने बजट में जोड़-तोड़ करनी पड़ती थी, अब महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली 1 हजार रुपए की सहायता राशि से वे पूरी हो रहीं हैं। यही नहीं, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार के क्षेत्र में भी महिलाएं इस राशि का उपयोग कर सामाजिक-आर्थिक रुप से सशक्त हो रही, और ऐसी महिलाओं की कहानी रोजाना हमें देखने मिल रही है। ऐसी ही एक कहानी अम्बिकापुर के खालपारा की ममता दास की है। ममता बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत उनके खाते में हर महीने 1 हजार रुपए आते हैं। ये राशि मेरे लिए बहुत अहम है, क्योंकि यह मेरे होने वाले शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए आधार साबित होगा। इस राशि से पोषणयुक्त आहार लेकर ममता अपने मजबूत भविष्य की नींव रख रहीं हैं। ममता ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं, पति मेहनत मजदूरी करते हैं, छोटी-सी आय में जीवनयापन हो रहा है, पर मैं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर आगे बढ़ाना चाहती हूं, इसलिए बच्चों के स्वास्थ्य एवं खान-पान का पूरा ध्यान रखती हूं। फल, सब्जी, दूध आदि पोषणयुक्त आहार महतारी वंदन योजना की राशि से खरीदकर मैं स्वयं अपने स्वास्थ्य एवं पोषण का ध्यान रख रही हूं, ताकि होने वाला बच्चा स्वस्थ एवं तंदरूस्त हो। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता ने मातृशक्ति को आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाया है।

राज्यपाल डेका की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ के राज्य प्रबंधन समिति की बैठक सम्पन्न

रायपुर, राज्यपाल रमेन डेका की अध्यक्षता में आज राजभवन में सैनिक कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ के राज्य प्रबंधन समिति की 16वीं बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं, व उनके आश्रितों के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई एवं भूतपूर्व सैनिकों के हितों में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। राज्यपाल ने कहा कि भारत माता की सेवा में अपना जीवन गुजारने वाले वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्त्तव्य है। इसमे मानवीय संवेदना के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। इस दिशा में हम सभी को विशेष ध्यान देना चाहिए। राज्यपाल श्री डेका ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘सशस्त्र सेना झंडा‘‘ दिवस निधि के लिए संग्रह बढ़ाने के लिए राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड एवं गृह विभाग के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि संग्रह बढ़ाने के लिए सभी तरीकों पर ध्यान देना चाहिए। सरकार की सहायता पर ही निर्भर ना रहते हुए समुदाय को भी इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए और अधिक योजनाएं शुरू की जा सकें। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आज की बैठक में लिये गये सभी निर्णयों से छत्तीसगढ़ में भूतपूर्ण सैनिक उनके लाभान्वित होंगे। श्री डेका ने राज्य के दूरदराज के इलाकों में कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ की सैनिक कल्याण टीम द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि समर्पण के साथ देश की सेवा करने वाले हमारे बहादुर पूर्व सैनिकों की अच्छी तरह से देखभाल की जाए। बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई बिदुओं पर निर्णय लिये गये। जिसमें जवानों की भांति जूनियर कमिश्नड ऑफिसर (जे.सी.ओ.) के लिये भी पुत्री विवाह हेतु 50 हजार रूपए का आर्थिक अनुदान तथा चार्टेड एकाउटेन्ट, कंपनी सेक्टरी के व्यवसायिक पाठयक्रम का अध्ययन करने वाले बच्चों को 20 हजार रूपए एकमुश्त प्रतिवर्ष का आर्थिक अनुदान प्रदान किया जायेगा। आईटीआई प्रशिक्षण के दौरान भूतपूर्व सैनिक प्रशिक्षु को देय 5 हजार रूपए प्रति माह के स्थान पर प्रशिक्षु द्वारा संस्थान को देय वास्तविक शुल्क प्रदान किया जायेगा तथा लघु व्यवसाय हेतु देय आर्थिक अनुदान 15 हजार रूपए जो सैम्फेक्स योजनाओं में सम्मिलित नहीं थे उनको वृद्धि कर 25 हजार रूपए कर दिया गया है। समिति ने जिला सैनिक कल्याण कार्यालय जगदलपुर के द्वितीय तल पर सभागार का निर्माण एवं भूतल पर दिव्यांग भूतपूर्व सैनिकों के लिए कमरा निर्माण के प्रस्ताव को अनुमोदित किया। बैठक में सैनिक कल्याण बोर्ड के संचालक विवेक शर्मा ने बोर्ड की अब तक की गतिविधियों एवं बजट के संबंध में प्रस्तुतिकरण दिया।   बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह विभाग मनोज पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार, गृृह विभाग के सचिव  हिम शिखर गुप्ता, वित्त विभाग की सचिव शारदा वर्मा, ब्रिगेडियर प्रशासन, मध्य भारत एरिया, ब्रिगेडियर एस. के. मल्होत्रा, कार्यवाहक सचिव केंद्रीय सैनिक बोर्ड, नई दिल्ली कैप्टेन (भा.नौ.) शाश्वत पूर्णानंद, अतिरिक्त महानिदेशक, पुनर्वास परिक्षेत्र मध्य कमान, लखनऊ ब्रिगेडियर विक्रम हिरू, कर्नल सुमीत शर्मा प्रभारी कमान्डर मुख्यालय छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया (कोसा) ने भाग लिया। इसके अलावा बैठक में अशासकीय सदस्यगण मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि.), विंग कमाण्डर ए श्रीनिवास राव (से.नि.), गैर शासकीय सदस्य द्वय श्री कैलाश नाहटा एवं श्री टी आर साहू उपस्थित थे।

नशीले इंजेक्शन से फैला संक्रमण!, छत्तीसगढ़-गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में 252 HIV संक्रमित

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में एड्स (HIV) संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 252 तक पहुँच गई है, जो स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, बीते नवंबर माह में ही 8 नए HIV पॉजिटिव मरीज मिले हैं, यह संख्या जो एक छोटे जिले के काफी चौंकाने वाली है। इनमें जनरल मरीजों के अलावा ऐसे कम उम्र के युवा भी शामिल हैं, जो इंजेक्शन के माध्यम से नशा करते हैं। बता दें कि HIV दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक बिमारी है। बीते दिन अंतरराष्ट्रीय विश्व एड्स दिवस भी मनाया गया था, जिसमें एड्स से बचने के उपायों पर चर्चा की गई। जैसे असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित खून का इस्तेमाल आदि के विषय में जानकारी जिला अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा कार्यक्रम के जरिए लोगों को उपलब्ध कराई गई थी। हम लोगों की कर रहे काउंसलिंग – CMHO रामेश्वर शर्मा CMHO रामेश्वर शर्मा ने बताया कि जिले में HIV पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 250 के पार पहुँच गया है, जो काफी चिंता का विषय है। हम लगातार इस संक्रमण को फैलाने से रोकने के उद्देश्य से काम कर रहे हैं। बीते 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस पर हमने इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया था, ताकि लोग इससे डरे नहीं बल्कि खुद भी जागरूक हो और दूसरे लोगों की मदद के लिए आगे आए। अगर कोई एड्स से संक्रमित है तो उसे भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि HIV का ट्रीटमेंट उपलब्ध है और हमारे पास भी इसकी व्यवस्था है। हम लोगों की काउंसलर के माध्यम से काउंसलिंग कर रहे हैं। लोगों को यह जानना जरूरी है कि किसी बीमारी को छिपाने से उसका इलाज संभव नहीं है, उन्हें निश्चिन्त होकर जांच कराना चाहिए। नशीले इंजेक्शन का सेवन बन रहा HIV फैलने का कारण – ICTC काउंसलर अजरा खान ICTC (Integrated Counselling and Testing Centre) काउंसलर अजरा खान ने बताया कि जब से जिला हॉस्पिटल बना है, तब से जांच में बढ़ोतरी हुई है, जिससे HIV के नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मौजूदा समय में जिले में 250 से ज्यादा एक्टिव केस हैं, जिनमें से 8 बीते नवंबर महीने में सामने आए हैं। HIV मामलों में वृद्धि के लिए नशीली दवाओं के दुरुपयोग को जिम्मेदार ठहराते हुए अजरा खान ने बताया कि इन 8 मरीजों में से 4 मरीज सामान्य हैं और अन्य 4 को इंजेक्शन की वजह से HIV हुआ है। उन्होंने बताया कि इंजेक्शन से HIV फैलने के मुख्य तौर पर दो कारण होते हैं, इनमें से पहला कारण संक्रमित व्यक्ति की सुई किसी दूसरे पर इस्तेमाल करने पर और दूसरा इंजेक्शन से नशीली दवाओं का सेवन है। आजकल युवाओं में नशीली इंजेक्शन लेने का चलन बढ़ रहा है, जिन्हें IDU (Injecting drug user) कहा जाता है। ऐसे मरीज जिले के कई इलाकों से सामने आए हैं। हैरानी की बात यह है कि सबकी उम्र 30 साल से भी कम है। इंजेक्शन से ऐसे फैलता है HIV का संक्रमण ICTC काउंसलर अजरा खान ने बताया कि जो युवा नशे के लिए इंजेक्शन वाली दवाएं लेते हैं, वह एक ही इंजेक्शन को आपस में साझा कर बार-बार इस्तेमाल करते हैं। ऐसे ग्रुप में दो, चार या उससे ज्यादा युवक शामिल हो सकते हैं। कोई युवक अगर एक संक्रमित के साथ नशा कर दूसरे ग्रुप में जाता है और वहां उनके साथ उसी सिरिंज या सुई का इस्तेमाल नशा करता है तो ऐसे में संक्रमण तेजी से फैलता है। ऐसे में अगर कोई शादीशुदा है तो फिर वह अपनी पत्नी को संक्रमित कर देता है और अगर वह गर्भवती है तो फिर यह संक्रमण उसके बच्चे तक भी पहुँच जाता है।

अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजन और संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार से किया सम्मानित

रायपुर समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा विकसित राष्ट्र बनाने में दिव्यांगजन अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण पुनर्वास एवं उनके हित के संरक्षण के लिए अनेक कार्य किए जा रहे हैं। वे आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज में मैदान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस समारोह को सम्बोधित कर रही थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने की। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजन और संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने आगे कहा कि राज्य में दिव्यांग जनों के कल्याणार्थ एवं पुनर्वास हेतु विभिन्न योजनाएं तथा कार्यक्रम संचालित हैं। जिसमें से सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत पेंशन योजनाएं कृत्रिम अंग सहायक उपकरण प्रदाय, मोटराइज्ड ट्राईसाईकिल वितरण, छात्रवृत्ति सहित अन्य योजना का लाभ सभी दिव्यांगजनों को मिल रहा है। प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण तथा हित में बेहतर कार्य कर रही है हम आगे भी आपके हितों के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग जनों को समाज के लोगों का भरपुर प्यार और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन आज देश और प्रदेश में विभिन्न कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, सचिव समाज कल्याण विभाग श्री भुवनेश्वर यादव सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित थे। समारोह में उत्कृष्ट कार्य के लिए 4 विभिन्न श्रेणियों में दिव्यांगजनों एवं संस्थाओं को राज्य स्तरीय पुरस्कार दिए गए। जांजगीर-चांपा जिले के ही देव सेवा समिति संस्थान को तथा निःशक्तजन कल्याण संघ को दिव्यांगजन राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह में 130 दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक बैटरी चलित ट्राइसाइकिल तथा अन्य उपकरण प्रदान किए गए। कार्यक्रम में सर्वाेत्तम दिव्यांग कर्मचारी के श्रवण बाधित श्रेणी में कोरबा जिले के श्री प्रकाश खाकसे को अस्थि बाधित श्रेणी में जांजगीर-चांपा जिले के संतोष बंजारे को पुरस्कृत किया गया। दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना अंतर्गत 05 दंपत्तियों को एक-एक लाख तथा 05 दंपत्तियों को 50-50 हजार का चेक तथा 10वीं और 12वीं में उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि का चेक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुति दी।

डिप्टी सीएम और कलेक्टर-एसपी सपरिवार शामिल, छत्तीसगढ़-मुंगेली के ‘व्यापार मेला’ का खूबसूरत यादों के साथ समापन

मुंगेली। क्या आम और क्या खास, हर वर्ग ने मुंगेली के व्यापार मेला में पहुंचकर आनंद लिया, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम और विधायक से लेकर डिप्टी सीएम और केंद्रीय राज्य मंत्री जैसे दिग्गज जनप्रतिनिधियों ने भी मुंगेली का त्यौहार बन चुके व्यापार मेले में शिरकत कर न सिर्फ आयोजन समिति स्टार्स ऑफ टुमारो वेलफेयर सोयायटी बल्कि मुंगेली की जनता का विश्वास बढ़ाते हुए मेले में चार चांद लगाया. वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का भी लगभग रोजाना उपस्थिति देखने को मिल रही थी, एसपी के निर्देश पर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी दल बल के साथ रोजाना कार्यक्रम समाप्त होते तक उपस्थित रहते थे और लोगों को ये एहसास दिलाते थे कि पुलिस आपके साथ है, मेले का आप लोग आराम से आनंद ले सकें. वहीं आयोजन समिति के द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से मेला सम्पन्न हो सके इसलिए सीसीटीवी कैमरा से मेला परिसर को लैस किया गया था. आखिरी दिन सपत्नीक पहुंचे कलेक्टर – सीईओ व्यापार मेला यूं ही नही मुंगेली का त्यौहार कहलाता है, हर वर्ग इस मेले के रंग में रंग जाता है, यही वजह है कि मेले के आखिरी दिन कलेक्टर राहुल देव व जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय सपत्नीक इस मेले में पहुँचकर आम नागरिक की भांति मेले में शामिल होकर, न सिर्फ खरीद दारी की, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रम का लुत्फ भी उठाया. इसके अलावा कलेक्टर-सीईओ ने सपत्नीक बच्चों के साथ झूले का भी आनंद उठाया. जिससे यह प्रतीत हो रहा था कि इसीलिए मुंगेली का व्यापार मेला, मुंगेली का त्यौहार बना हुआ है. एसपी ने मां के साथ झूला झूलकर लिया आनंद इधर मेले के आखिरी दिन पुलिस कप्तान भोजराम पटेल देर रात तक मेले में उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए मेला परिसर में देर रात तक मौजूद रहे. इस दौरान उन्होंने आम नागरिक की तरह अपनी मां और पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों के साथ परिवार की भांति व्यापार मेला में ड्रैगन झूला झूलकर आनंद लेते हुए बचपन की यादों को ताजा किया. तो वहीं हवाई झूला झूलने के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी संजय सिंह राजपूत को हवाई झूला झूलने में सर दर्द व चक्कर आने जैसी शिकायत रहती है, जिसके कारण वे हवाई झूला झूलने में हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे, लेकिन पुलिस कप्तान ने हिम्मत बांधते हुए उन्हें झूला में बैठाकर अपने साथ झुला भी झुलाया. 6वें दिन रहा ये आयोजन मुंगेली व्यापार मेला 2024 का समापन शानदार भव्यता के साथ संपन्न हुआ. कोलकाता ब्लीज डांस टूप कोलकाता मुंबई की बैंड की टीम द्वारा शानदार प्रस्तुति हुई. बैंड द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे गीत और डांस पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे. बैंड का लोगों ने खूब आनंद उठाया. इसके पूर्व मुंगेली व्यापार मेला के समापन दिवस के आखिरी दिन के अतिथि के रूप में मुंगेली व्यापार मेला के संरक्षक गण रहे. मां सरस्वती, विघ्नहर्ता गणेश और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र में दीप प्रज्वलन के साथ अंतिम दिवस का मंचीय कार्यक्रम आरंभ हुआ. आयोजन समिति ने जताया मुंगेलीवासियों का आभार स्टार्स ऑफ टुमारो के अध्यक्ष महावीर सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा मुंगेली व्यापार मेला केवल हमारा नहीं अपितु शहर और मुंगेली जिले का आयोजन है और आप सबकी सहभागिता से ही यह सफलता की ओर आगे बढ़ रहा है. मैं आप सबका हृदय से अभिनंदन करता हूं. मुंगेली व्यापार मेला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए टीम के संयोजक रामपाल सिंह ने कहा मुंगेली व्यापार मेला, व्यापार के साथ-साथ बड़े शहरों के आयोजन को अपने नगर में उपलब्ध कराने का रहा है. साथ ही नई प्रतिभाओं को मंच देकर आगे बढ़ाने का उद्देश्य है और आप सबके सहयोग से हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. इस अवसर स्टार्स ऑफ टुमारो टीम के सचिव विनोद यादव ने मुंगेली नगर के लोगो साथ-साथ शासन, प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में सहयोग की अपेक्षा की बात रखी. व्यंजन सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन छठवें और आखिरी दिन दोपहर के कार्यक्रम में व्यंजन सजाओ प्रतियोगिता संपन्न हुआ. व्यंजन प्रतियोगिता में अजीत कौर प्रथम, पूर्वी एवं भावना पोपटानी द्वितीय, कशिश एंड पूर्वी राजेश तृतीय रहीं. व्यंजन प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में एकता करतानी, विनया सिंह एवं कृति जैन रही. सायं 7:00 बजे से मुंगेली श्री (बॉडी बिल्डिंग) कार्यक्रम आरंभ हुआ. जिसमें 28 प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता निभाई. मुंगेली श्री प्रतियोगिता में विजेंद्र नागरे, राजेंद्र पटेल एवं कमल साहू ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया. मुंगेली श्री प्रतियोगिता के निर्णायक तेजा सिंह साहू, प्रफुल्ल साहू , जितेंद्र सिंह राजपूत एवं आशीष तिवारी रहे.

सीएम साय के नेतृत्व में दिव्यांगों को मिल रहा योजनाओं का लाभ

विश्व दिव्यांग दिवस हर वर्ष 3 दिसंबर को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, उनके लिए अवसरों का विस्तार करना और उनके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिव्यांग दिवस की शुरुआत 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ऐसा समाज बनाना जहां वे बिना किसी भेदभाव के अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें, इस दिव्यांग दिवस का मुख्य लक्ष्य है। सन् 1981 में संयुक्त राष्ट्र ने ’’अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग वर्ष’’ मनाया। इसके बाद 1983 से 1992 के दशक को ’’दिव्यांग व्यक्तियों का दशक’’ घोषित किया गया। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर प्रदान करने के प्रयास किए गए। 2006 में संयुक्त राष्ट्र ने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों पर अभिसमय (United Nations Convention on the Rights of Persons with Disabilities) लागू किया। यह अभिसमय दिव्यांग व्यक्तियों को समाज के हर क्षेत्र में अधिकार और समावेश प्रदान करने के लिए कानूनी मान्यता देता है। भारत ने इसे 2007 में अंगीकृत किया और इसे अपनी नीतियों में सम्मिलित किया। भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को लेकर 1995 में ’’दिव्यांग व्यक्तियों का अधिकार अधिनियम’’ लागू हुआ। इस अधिनियम ने शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक स्थानों पर दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया। 2016 में इस कानून को संशोधित कर दिव्यांगताओं की संख्या 21 कर दी गई और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत बनाया गया है। केंद्र सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’ प्रमुख है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक भवनों, परिवहन और डिजिटल सेवाओं को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुलभ बनाना है। ’’दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग’’ दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, रोजगार और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराता है। वहीं ’’स्किल इंडिया’’ पहल के अंतर्गत दिव्यांग युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दिव्यांग व्यक्तियों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। समावेशी शिक्षा के तहत विशेष स्कूल और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  दिव्यांगजन स्वरोजगार योजना के तहत दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार के अवसर देने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ के माध्यम से सार्वजनिक भवनों और परिवहन को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अनुकूल बनाया गया है। सरकार ने विभिन्न प्रकार के नि:शुल्क उपकरण वितरण और दिव्यांग पेंशन योजना के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक और भौतिक सहायता प्रदान की है। फिर भी आज दिव्यांग व्यक्तियों के समक्ष कई चुनौतियां हैं। इनमें समाज में भेदभाव, सुविधाओं की कमी और रोजगार और शिक्षा में सीमित अवसर प्रमुख हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्कूल खोलने और तकनीकी नवाचार का उपयोग करने की आवश्यकता है। आज दिव्यांगता को शारीरिक, मानसिक, संवेदी और बौद्धिक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। शारीरिक दिव्यांगता जैसे पोलियो या रीढ़ की हड्डी में चोट, दृष्टिबाधित दिव्यांगता, श्रवण बाधित दिव्यांगता, मानसिक और बौद्धिक दिव्यांगता और न्यूरोलॉजिकल दिव्यांगता मुख्य प्रकार हैं। इनके प्रमुख कारणों में जन्मजात दोष, दुर्घटनाएं, संक्रमण, कुपोषण और मानसिक आघात शामिल हैं। इन समस्याओं का उपचार फिजियोथेरेपी, सर्जरी, काउंसलिंग और सहायक उपकरणों के माध्यम से किया जा सकता है। दिव्यांग व्यक्तियों को समाज में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज भी उन्हें कहीं-कहीं भेदभाव का शिकार बनाया जाता है, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उनके अवसर सीमित होते हैं, और सार्वजनिक स्थानों तक उनकी पहुंच नहीं होती। स्वास्थ्य सेवाओं और उपकरणों की कमी भी उनकी चुनौतियों को बढ़ाती है। इन समस्याओं से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाने, सुलभता बढ़ाने, विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता देने की आवश्यकता है। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’, ’’दिव्यांगजन स्वरोजगार योजनाएं’’ और ’’कृत्रिम अंग योजनाएं’’ प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समावेशी शिक्षा, स्वरोजगार योजना और ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ जैसी योजनाओं के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह विश्व दिव्यांग दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग दिवस हमें एक ऐसा समाज बनाने की प्रेरणा देता है जो समानता, अधिकार और समावेशिता के मूल्यों पर आधारित हो। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की सरकार ने इस दिशा में सराहनीय प्रयास किए हैं। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इन प्रयासों को आगे बढ़ाएं और एक ऐसा वातावरण बनाएं जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मान और समान अवसर मिले।

सिविल सर्जन निलंबित, छत्तीसगढ़-गरियाबंद में महिला डॉक्टरों से दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना पर बड़ी कार्रवाई

गरियाबंद। महिला डॉक्टरों से मानसिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार के मामले में जिला अस्पताल गरियाबंद में पदस्थ सिविल सर्जन डॉ. मुकेश हेला को निलंबित कर दिया गया है. यह निलंबन आदेश लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अवर सचिव मुकेश चौहान ने जारी किया है. बता दें कि जिला अस्पताल में पदस्थ महिला चिकित्सकों ने सिविल सर्जन पर मानसिक प्रताड़ना और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया था. जिसके बाद सिविल सर्जन के विरुद्ध विशाखा कमेटी की जांच बिठाई गई थी. कमेटी के प्रमुख जिला सीईओ रिता यादव ने जांच रिपोर्ट 11 नवंबर को सौंप दिया था, जिसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि हुई. नाराज थे कलेक्टर और विधायक कलेक्टर दीपक अग्रवाल और विधायक रोहित साहू द्वारा अलग-अलग समय में जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया गया था. सिविल सर्जन इस निरीक्षण में अस्पताल से अनुपस्थित मिले थे, जिसके चलते अफसर और जनप्रतिनिधि भी नाराज चल रहे थे.

दवा दुकान संचालकों में हड़कंप, छत्तीसगढ़-रायपुर में 30 मेडिकल स्टोर्स पर खाद्य एवं औषधि विभाग का छापा

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के निर्देश पर नशीली दवाओं के अवैध व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई. खाद्य एवं औषधि विभाग और रायपुर पुलिस की संयुक्त 11 टीमों ने रायपुर जिले के विभिन्न इलाकों के 30 मेडिकल स्टोर्स पर छापेमारी की. इस कार्रवाई में 4 मेडिकल स्टोर्स से नारकोटिक्स दवाओं का विक्रय करना पाया गया, जिसपर विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने बताया विभागीय समीक्षा बैठक में दिए निर्देशानुसार नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के मार्गदर्शन में औषधि विभाग एवं रायपुर पुलिस विभाग के लगभग 50 अधिकारियों के कुल 11 संयुक्त टीमों ने आज रायपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों माना, खरोरा, बिरगांव, हीरापुर, संतोषी नगर, रायपुरा, कबीरनगर, टिकरापारा, अवंतिविहार, लाभांडी, शंकरनगर, गुढियारी, चंगोराभाटा आदि में संचालित कुल 30 मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर नियंत्रण के छापामार कार्रवाई की गई. छापामार कार्रवाई में टेस्ट परचेस किया गया. रायपुरा स्थित जय दुर्गा मेडिकल स्टोर्स में बिना प्रिस्किपशन के नारकोटिक्स दवाओं का विक्रय पाया गया जिसमें विभाग द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है और 04 दुकानों दिनेश मेडिकल स्टोर्स, चंगोराभांटा, श्री मेडिकल स्टोर्स खरोरा, गुजरात मेडिकल स्टोर्स खरोरा और जय दुर्गा मेडिकल स्टोर्स रायपुरा में नारकोटिक्स दवाएं बरामद किया गया है, जिनका कय-विक्रय अभिलेख फर्म द्वारा प्रस्तुत नहीं किया जा सका और इन मेडिकल स्टोर्स के विरूद्ध औषधि से संबंधित प्रचलित कानूनों के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है. औषधि विभाग द्वारा नशीली दवाओं के विक्रय के संबंध में विगत 6 माह में रायपुर जिला के विभिन्न 52 औषधि प्रतिष्ठानों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया, जिसमें से 33 मेडिकल दुकानों की लाइसेंस को निलंबित और 05 मेडिकल दुकानों के लाइसेंस को निरस्त किया गया है. राज्य के समस्त जिलों के मेडिकल स्टोर्स में नशीली दवाओं के अवैध विक्रय में नियंत्रण के लिए आगामी समय में इसी प्रकार औषधि विभाग एवं रायपुर पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से चरणबद्ध तरीकों से कार्रवाई की जाएगी.

नवजोत सिद्धु के बयान से कैंसर के मरीजों में भ्रम, दिनों के भीतर इलाज के प्रमाणित डॉक्यूमेंट पेश करें : सीजी सिविल सोसाइटी

रायपुर कांग्रेस नेता पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने हाल ही में प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के 4 थे स्टेज के कैंसर से बिलकुल ठीक होने को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था, जिसमें उन्होंने ने दावा किया था कि उनकी पत्नी केवल 40 दिनों में बिना किसी मेडिकल ट्रीटमेंट या दवाई के ठीक हो गईं. सिर्फ अपने खान-पान में कुछ बदलाव करके स्वस्थ हुई है. इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने अब नवजोत सिंह सिद्धू शो-कॉज नोटिस जारी किया है. 7 दिनों में प्रमाणित डाॅक्यूमेंट नहीं देने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. नोटिस में लिखा है कि STAGE 2 Breast Cancer को स्टेज 4 क्यों बता रहे हैं. नवंबर 2023 में डॉ. सिद्धू कैंसर फ्री हो गई थी तो नवजोत सिद्धू नवंबर 2024 में ठीक होने का दावा क्यों कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने कहा है कि नवजोत सिंह झूठ बोलना और मरीजों की जान से खिलवाड़ करना बंद करें. 7 दिनों के भीतर इलाज के प्रमाणित डॉक्यूमेंट पेश करें अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि इससे पहले भी सोसाइटी ने सिद्धू दम्पत्ति को लीगल नोटिस जारी किया था और 7 दिन के भीतर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के स्वास्थ्य दस्तावेज मंगाए गए हैं, जिससे उनके (नवजोत सिंह सिद्धू) की तरफ से किए गए दावों को वे साबित कर सकें. ऐसा नहीं करने पर उन पर 850 करोड़ की क्षतिपूर्ति का दावा करने की चेतावनी दी है. सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ कुलदीप सोलंकी ने बताया कि नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी पत्नी के असाध्य कैंसर रोग के संबंध में अमृतसर स्थित आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया था. उन्होंने मीडिया में बोलते हुए खुलासा किया था कि उनकी पत्नी का स्टेज 4 कैंसर को लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव कर मात दे दी है. सिर्फ डाइट में कुछ चीजों को शामिल करके उनकी पत्नी ने 40 दिन में कैंसर को मात दे दी है. इसे सुनकर देश विदेश के कैंसर ग्रसित मरीजों में भ्रम व एलोपेथी मेडिसिन के विरोध की स्थिति उत्पन्न हो रही है इसलिए हम इस लीगल नोटिस के जरिए सिद्धू परिवार से स्पष्टीकरण व दस्तावेज की मांग कर रहे हैं. अब शो-कॉज नोटिस भी जारी किया गया है.

एसी कोच के यात्रियों को मिलेगा स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाला लिनेन, छत्तीसगढ़-रायपुर रेलवे की पहल

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वातानुकूलित (एसी) श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब रेलवे यात्रियों को स्वच्छ, हाइजीनिक, अच्छी तरह से प्रेस किए गए और उच्च गुणवत्ता वाले लिनेन उपलब्ध कराने के लिए नवीनतम अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है, जिससे यात्रियों की सुविधा और संतुष्टि में वृद्धि हो सके. यात्रियों को स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाला लिनन प्रदान करने के प्रयास को सुनिश्चित करने के लिए – उच्च गुणवत्ता वाले लिनन की खरीद, आधुनिक और यंत्रीकृत वाशिंग सुविधाएं, यात्रियों के लिए बेड रोल्स के सेट को इको-फ्रेंडली पैकेजिंग में प्रस्तुत करना एवं मजबूत और प्रभावी परिवहन के लिए बेहतर लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया जाता है. इसके साथ ही सभी लिनन सेट भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) मानक विनिर्देशों के अनुसार तैयार किए गए हैं. ट्रेनों के वातानुकूलित कोचों में हैंडलूम के उच्च गुणवत्ता वाले बेडशीट्स प्रदान की जाती हैं. लिनन के भंडारण के लिए डिपो और ट्रेनों में उपयुक्त स्थान निर्धारित किए गए हैं. सभी लिनन प्रत्येक उपयोग के बाद धोए जाते हैं और उनकी स्थिति या आयु के अनुसार हटाए जाते हैं. कंबल कम से कम महीने में एक बार ड्राई-क्लीन किए जाते हैं. यात्रियों को बिना धोया या उपयोग किया हुआ कोई भी लिनन नहीं दिया जाता. प्रत्येक किट को इको-फ्रेंडली बैग (आकार: 30×42 सेमी) में पैक किया जाता है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर और दुर्ग कोचिंग डिपो में क्रमशः 3 टन और 4 टन क्षमता वाली लॉन्ड्री यूनिट स्थापित किया गया हैं, जहां पर न्यूनतम दो शिफ्ट में काम किया जाता हैं. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से प्रारंभ होने वाली ट्रेनों में प्रतिदिन लगभग 16,000 लिनन सेट लोड किए जाते हैं. भारतीय रेल के साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्री सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है. इस दिशा में, नई प्रौद्योगिकी, बेहतर लॉजिस्टिक्स और यात्री केंद्रित सेवाओं को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है.

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