LATEST NEWS

बांध में कपड़े धोने के दौरान बेटी का फिसला पैर, बचाने गई मां भी डूबी

अंबिकापुर बलरामपुर जिले के पस्ता थाना अंतर्गत ग्राम पुटसु में बांध में गिरी बेटी को बचाने के चक्कर में मां की भी डूबने से मौत हो गई। नगर सेना के गोताखोरों ने बांध से मां – बेटी की लाश को बाहर निकाल लिया है। सेमरसोत अभयारण्य क्षेत्र के ग्राम पुटसू में बस्ती से दूर वन विभाग द्वारा बांध का निर्माण कराया गया है। गांव वाले इस बांध के पानी का उपयोग निस्तारी के लिए करते हैं। इसी गांव के मोहन यादव की बेटी सरिता यादव (18) गुरुवार को कपड़ा धोने बांध गई थी। पैर फिसलने के कारण अचानक वह बांध में गिर गई। देखते ही देखते वह गहरे पानी में जाने लगी। बेटी को बांध में डूबता देख मां उर्मिला यादव (42) भी पानी में उतर गई। दोनों गहरे पानी में समा गए। गोताखोरों की टीम की तलाश शुरू घटना की सूचना पर पस्ता थाना प्रभारी विमलेश सिंह सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। स्थानीय स्तर पर मां – बेटी को बांध से बाहर निकालने कोई प्रबंध नहीं हो पा रहा था। जिला मुख्यालय बलरामपुर से नगरसेना के गोताखोरों की टीम ने मोटर बोट और लाइफ जैकेट के माध्यम से मां – बेटी की तलाश शुरू की। बांध में पानी लबालब,दोनों का मिला शव कई घण्टे की कड़ी मेहनत के बाद जब मां – बेटी को बांध से बाहर निकाला गया तो उनकी मौत हो गई थी। बांध में पानी लबालब भरा हुआ है। लगभग 10 से 15 फीट पानी होने के कारण दोनों उसी में समा गए थे। मां – बेटी को संभवतः तैरना भी नहीं आता था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मां – बेटी के शव को स्वजन को सौंप दिया है। दुखद हादसे से पुटसू गांव में शोक का माहौल है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 दिसंबर को छत्तीसगढ़ पुलिस को प्रदान करेंगे ‘प्रेसिडेंट पुलिस कलर’

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 दिसंबर को छत्तीसगढ़ का दौरा करेंगे. उनके साथ केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी रायपुर आएंगे. जानकारी के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह बस्तर ओलंपिक के कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस के कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिसमें वे प्रेसिडेंट पुलिस कलर प्रदान करेंगे. कार्यक्रम को लेकर शासन-प्रशासन और पुलिस महकमे की तैयारी शुरू हो गई है. 1. बस्तर ओलंपिक में भागीदारी: अमित शाह बस्तर ओलंपिक के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। बस्तर ओलंपिक एक प्रमुख खेल आयोजन है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर क्षेत्र में खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री का बस्तर ओलंपिक में भाग लेना खेलों के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के योगदान को बढ़ावा देने का संकेत है। 2. राष्ट्रपति ध्वज सम्मान समारोह: अमित शाह के रायपुर दौरे का एक प्रमुख कार्यक्रम छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति ध्वज पुरस्कार से सम्मानित करना होगा। छत्तीसगढ़ पुलिस को उनकी उत्कृष्ट सेवा और कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रपति ध्वज सम्मान मिला है, और इस सम्मान का अलंकरण समारोह दिसंबर में आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। 3. आगमन की तैयारियां: अमित शाह के आगमन के मद्देनजर रायपुर प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था की पूरी योजना बनाई है। शहर के प्रमुख स्थानों पर यातायात व्यवस्थाएं और सुरक्षा कड़ी कर दी गई हैं, ताकि उनका दौरा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। कार्यक्रमों के स्थल पर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। 4. राजनीतिक और प्रशासनिक पहलू: अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर अगले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर। उनके दौरे के दौरान राजनीतिक कार्यकर्ताओं और राज्य के नेताओं के साथ विभिन्न बैठकें और संवाद हो सकते हैं।

अम्बिकापुर में नवंबर माह का सबसे कम 7.2 डिग्री

अंबिकापुर 36 वर्ष पूर्व नवंबर माह के दौरान अम्बिकापुर में रिकार्डतोड़ ठंड पड़ी थी, तब न्यूनतम तापमान 6.9 डिग्री तक गिर गया था। यह दिन 29 नवंबर 1988 था। ठीक 36 वर्ष के बाद अम्बिकापुर में नवंबर माह का सबसे कम 7.2 डिग्री तापमान 29 नवंबर को ही दर्ज किया गया। हालांकि माह को समाप्त होने में अभी एक दिन शेष है। लंबे समय बाद क्षेत्र में सरगुजिहा ठंड की दस्तक हुई है। मौसम विभाग की माने तो दो-तीन दिसंबर के आसपास पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बना तूफान सरगुजिहा ठंड को प्रभावित करेगा। न्यूनतम तापमान में कुछ वृद्धि की संभावना है। 54 साल बाद 12 दिनों से न्यूनतम तापमान 10 से नीचे मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 12 दिनों से नगर का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से लगातार नीचे बना हुआ है। यह भी अपने आप मे एक रिकॉर्ड स्थापित करता है। नवम्बर में न्यूनतम तापमान में लगातार 10 डिग्री से नीचे बने रहने का रिकार्ड सन 1970 में 16 दिनों का रहा है। इसके बाद 54 वर्षों के अंतराल में इस वर्ष सर्वाधिक पिछले 12 दिनों से नवम्बर में नगर का न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे बना हुआ है। पाट क्षेत्रों में पारा पांच डिग्री से नीचे उत्त्तरी छत्तीसगढ़ का पाट इलाका भी कड़ाके की ठंड की चपेट में है। मैनपाट, सामरी पाट सहित अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान पिछले तीन चार दिनों से पांच डिग्री के आसपास बना हुआ है। शुक्रवार को मैनपाट का तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। इन इलाक़ों में ठिठुरन भरी ठंड पड़ने से जनजीवन बेहाल है। नवंबर में न्यूनतम तापमान का रिकार्ड –     30 नवम्बर 1970 – 4.2     27 नवम्बर 1981 – 6.0     23 नवम्बर 1975 – 6.2     28 नवम्बर 1984 – 6.4     30 नवम्बर 1974 – 6.5     30 नवम्बर 1982 – 6.5     29 नवम्बर 1988 – 6.9     26 नवम्बर 1973 – 7.2     29 नवम्बर 2024 – 7.2     29 नवम्बर 1985 – 7.5 न्यूनतम तापमान के लगातार 10 से नीचे रहने के रिकार्ड     1970 – 16 दिन     2024 – 12 दिन (अभी माह में एक दिन शेष)     1975 – 11 दिन     1981 – 11 दिन     2009 – 10 दिन     1991 – 9 दिन  

धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ बोलकर कांग्रेस किसानों को गुमराह करने और अराजकता फैलाने में लगी है : किरण सिंह देव

रायपुर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ फैलाने और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज पर जमकर निशाना साधा है। श्री देव ने कहा कि बैज समेत सभी कांग्रेस नेता धान खरीदी के मुद्दे पर लगातार झूठ बोलकर प्रदेश के किसानों को गुमराह करने और प्रदेश में येन-केन-प्रकारेण अराजकता फैलाने के टूलकिट एजेंडा पर चल रहे हैं। भाजपा प्रदेशअध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि सत्ता के लिए बौखलाती कांग्रेस ने पहले महतारी वंदन योजना को लेकर लगातार झूठ बोला। जब भाजपा सरकार ने तथ्यों के साथ कांग्रेस के झूठ की धज्जियाँ उड़ाई तो अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर नया टूलकिटिया एजेंडा चलाया। जब कांग्रेस के लोग ही अमूमन हर बड़े अपराध में संलिप्त पाए जाकर बेनकाब होने लगे, कानून के शिकंजे में जब खुद कांग्रेसी या उनके करीबी आने लगे तब अपने ही बुने षड्यंत्रों के जाल में फँसकर कांग्रेस छटपटाने लगी। महतारी वंदन और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर मुँह की खाने के बाद भी कांग्रेस अपनी ओछी और साजिशाना राजनीति से बाज नहीं आ रही है और अब वह धान खरीदी के मुद्दे पर फिर झूठ की राजनीति करने पर आमादा है। श्री देव ने कहा कि धान खरीदी को लेकर किसी भी बिंदु पर प्रदेश की भाजपा सरकार पर उंगली उठाने का नैतिक अधिकार कांग्रेस को नहीं रह गया है। कांग्रेस को कोई भी आक्षेप लगाने से पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस ने वादाखिलाफी करके अपने 5 वर्ष के कार्यकाल में लगातार किसानों को प्रताड़ित करने का काम किया। किसानों को इन 5 वर्षों में धान बेचने के लिए सोसाइटियों में बारदाने की समस्या से लगातार जूझना पड़ा। भूपेश बघेल की सरकार ने किसानों को कभी गिरदावरी के नाम पर कटौती कर किसानों को परेशान किया तो कभी बारदाने नहीं है, कहकर किसानों को बारदाने खरीदने के लिए कहा और बाहर से बारदाने लाने का पैसा स्वयं देने का भी वादा किया लेकिन आज तक उन किसानों को बारदाने के पैसे का भुगतान नहीं किया गया। श्री देव  ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के किसानों को लगातार 5 वर्षों तक धान खरीदी का पैसा हमेशा किश्तों में दिया जाता था। कभी भी किसानों को उनकी उपज का एकमुश्त भुगतान पिछली भूपेश सरकार ने नहीं किया जिसकी वजह से किसान  कोई बड़ा काम नहीं कर पाता था। श्री देव ने कहा कि आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी कर रही है और 3100 रुपए प्रति क्विंटल धान का भुगतान किसानों को एकमुश्त किया जा रहा है जिससे आज प्रदेश का किसान खुशहाल है।

बिलासपुर की मृणमयी शुक्ला ने CGPSC परीक्षा में हासिल की दूसरी रैंक

रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC Result) ने गुरुवार को राज्य सेवा परीक्षा 2023 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है. बिलासपुर के नर्मदा नगर की मृणमयी शुक्ला ने इस परीक्षा में दूसरा रैंक हासिल किया है. मृणमयी अब डिप्टी कलेक्टर बनेंगी. यह उनका छठा प्रयास था. फिलहाल, वे राज्य वित्त सेवा में कार्यरत हैं. मृणमयी ने बताया कि डिप्टी कलेक्टर बनना उनका सपना था. नौकरी के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था लेकिन उन्होंने अपने खाली समय का सही इस्तेमाल कर पूरी लगन से तैयारी की. जानकारी के लिए बता दें कि PSC 2023 के लिए 703 अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू दिया. दरअसल, शुरुआती परीक्षा के बाद 3597 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए चुना गया जिनमें से 703 को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. परीक्षा कुल 243 पदों के लिए आयोजित हुई थी. टॉप-10 में कौन-कौन है? 1. रविशंकर वर्मा 2. मृणमयी शुक्ला 3. आस्था शर्मा 4. किरण राजपूत 5. नंदिनी 6. सोनल यादव 7. दिव्यांश सिंह चौहान 8. सशांक कुमार 9. पुनीत राम 10. उत्तम कुमार फर्स्ट रैंक पर कौन आया ? बलौदाबाजार के रविशंकर वर्मा ने पहली रैंक हासिल की है. वे फिलहाल बैकुंठपुर में जिला रोजगार अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. रविशंकर ने एनआईटी रायपुर से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और बाद में प्रशासनिक सेवा में जाने का फैसला लिया. 24वीं रैंक पर शिशिर द्विवेदी सरगुजा के अंबिकापुर निवासी शिशिर द्विवेदी ने 24वां स्थान हासिल किया. इंटरव्यू में कम अंक मिलने के कारण वे टॉप 10 में नहीं आ सके. शिशिर ने बताया कि वे हर दिन 6-8 घंटे पढ़ाई करते थे. वे गणित में पोस्टग्रेजुएट और गोल्ड मेडलिस्ट हैं. शिशिर के माता-पिता दोनों टीचर हैं. उनकी मां ने उनकी पढ़ाई के लिए नौकरी छोड़ दी थी ताकि शिशिर को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े. शिशिर का कहना है कि वह अब UPSC की तैयारी करेंगे.

दिव्यांश ने स्कूल में अधिकारियों को देखकर अफसर बनने का सपना देखा था, 7वीं रैंक की हासिल

रायपुर मेहनत का फल आखिरकार मिलता है, तो उसका अहसास सच में अद्भुत होता है। आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी ही प्रेरणादायक सफलता की कहानी की। पेंड्रा के 26 वर्षीय दिव्यांश सिंह चौहान ने तीसरी बार में सीजीपीएससी परीक्षा पास कर परिवार को गर्व महसूस कराया। उनके परिवार में इस जीत को लेकर खुशी का माहौल है। दिव्यांश के परिजनों के अनुसार, उन्होंने घर पर रहकर कड़ी मेहनत की, और उसी मेहनत का परिणाम उन्हें अब मिला है। बता दें कि सीजीपीएससी ने 2023 के रिजल्ट जारी कर दिए हैं। दिव्यांश ने सातवां स्थान हासिल किया है। बचपन से था अफसर बनने का सपना पेंड्रा के 26 वर्षीय दिव्यांश सिंह चौहान ने 2023 की पीएससी परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल कर न सिर्फ अपनी मेहनत का फल पाया, बल्कि अपने सपने को भी साकार किया। उनका यह सपना बचपन में ही तब पनपा था जब वे अपने माता-पिता के स्कूल में निरीक्षण के लिए आने वाले सरकारी अधिकारियों को देखते थे। इन अधिकारियों की कार्यशैली और प्रभावशाली व्यक्तित्व ने उन्हें भी अधिकारी बनने की प्रेरणा दी। दिव्यांश के माता-पिता दोनों ही शिक्षक हैं, और इसी कारण उन्होंने शिक्षा के महत्व को अच्छे से समझा। पेंड्रा में 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने रायपुर के शंकराचार्य कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उनका ध्यान प्रशासनिक सेवाओं की ओर मुड़ा, और उन्होंने पीएससी की तैयारी शुरू की। घर पर रहकर की मेहनत सबसे पहले उन्होंने बिलासपुर के कोचिंग क्लास से अपनी तैयारी की शुरुआत की, लेकिन जब महसूस किया कि घर पर ही अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, तो उन्होंने घर पर रहकर ही अपनी पूरी मेहनत लगाई। पहले साल 2021 में दिव्यांश ने 138वीं रैंक हासिल की, फिर 2022 में 225वीं रैंक मिली। हालांकि, पोस्टिंग नहीं मिल पाई, लेकिन उन्होंने हार मानने का नाम नहीं लिया और लगातार अपने प्रयासों को जारी रखा। आखिरकार, 2023 में उनकी मेहनत रंग लाई, जब उन्होंने पीएससी परीक्षा में 7वीं रैंक प्राप्त की। उनका अगला लक्ष्य डिप्टी कलेक्टर बनने का है, और इस दिशा में वे पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। उनका परिवार भी उनके इस लक्ष्य को लेकर काफी उत्साहित है और चाहता है कि दिव्यांश इसी पद पर कार्यरत हो। दिव्यांश के साथ ही उनकी बहन ज्योत्सना चौहान भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।

कलेक्टर पहुंचे सिम्स, व्यवस्था परखने मरीजों से जाना की कैसी है सुविधा

बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण गुरुवार को सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) का निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से सिम्स की व्यवस्था की बारे में जानकारी न लेते हुए सीधे वार्ड पहुंचकर मरीजों से मुलाकात कर व्यवस्था जानने की कोशिश की। यहां मरीजों से उन्हें मिलाजूला फीडबैक मिला। निर्माण कार्यो की गति में तेजी लाकर उन्हें तत्परता से पूरा करने के निर्देश कुछ ने व्यवस्थाओं और सुविधाओं पर संतोष जाहिर किया तो कुछ ने चिकित्सकीय सुविधा को और भी बेहतर बनाने की आवश्यकता बताया। इसके बाद कलेक्टर ने व्यवस्था सुधारने और भी जरूरी निर्देश सिम्स प्रबंधन को दिए। कलेक्टर अवनीश शरण ने निरीक्षण के दौरान बचे हुए निर्माण कार्यो की गति में तेजी लाकर उन्हें तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए। विभिन्न वार्डों का दौरा कर इलाज कराने आए मरीजों से मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। व्यवस्थाओं पर संतुष्टि मेल एवं फीमेल वार्ड में मरीजों से मुलाकात कर मिल रहे खाने की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। मरीजों ने भोजन की गुणवत्ता पर संतुष्टि जाहिर की। तिफरा से आई सुष्मिता डोंगरे से मिल रहे इलाज के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि बेहतर इलाज मिल रहा है। पामगढ़ से आई वेदमती जोशी ने भी व्यवस्थाओं पर संतुष्टि जाहिर की। नियमित साफ-सफाई के निर्देश इमलीपारा के अब्दुल रहीम ने बताया कि बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है। इसके बाद कलेक्टर ने त्वचा रोग ओपीडी, लेबर वार्ड, आपातकालीन वार्ड, गार्डन, ट्रायज (आपातकालीन सेवा कक्ष), किचन शेड, बर्न वार्ड, सर्जिकल वार्ड, पार्किंग आदि का निरीक्षण किया। अस्पताल में नियमित साफ-सफाई के निर्देश दिए।  

आइकोनिक टूरिज्म प्रोजेक्ट्स के द्वारा छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड को केंद्र सरकार से एक बड़ी उपलब्धि प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार ने स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2024-25 के तहत राज्य की दो महत्वपूर्ण पर्यटन परियोजनाओं के लिए 147.66 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत की है।  इसके अंतर्गत 95.79 करोड़ रूपए की लागत से माना तूता रायपुर में चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण तथा 51.87 करोड़ रूपए की लागत से माना तूता रायपुर में जनजातीय और सांस्कृतिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण शामिल है। छत्तीसगढ़ में इन परियोजनाओं के शुरू होने से राज्य में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी। ये योजनाएं रोजगार सृजन, विकास और छत्तीसगढ़ को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र में  स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से 15 अक्टूबर 2024 को नई दिल्ली में मुलाकात कर छत्तीसगढ़ की पर्यटन गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट योजना के तहत राजधानी रायपुर में फिल्म सिटी, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस रिसॉर्ट और नेचर सिटी के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे जिसके परिप्रेक्ष में फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 147.66 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। पर्यटन मंत्रालय,भारत सरकार के इस ठोस कदम से छत्तीसगढ़ में फिल्म मेकिंग और फिल्म टूरिज्म के लिए फिल्म सिटी निर्माण के माध्यम से अपार संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। यह सफलता छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और राज्य को एक वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने की दिशा में नए अवसर खोल रही है।

बड़े बकायादार समेत सभी पटा रहे टैक्स निगम कमिश्नर के निर्देश पर चल रहा वसूली अभियान

बिलासपुर निगम कमिश्नर अमित कुमार के सख्त निर्देश के बाद वसूली में लगे राजस्व विभाग ने पिछले तीन महीनों में बड़ी राशि वसूला है। सितंबर से वर्तमान स्थिति तक 9 करोड़ 98 लाख 60 हजार रूपये की राजस्व वसूली की गई है। जिसमें से 5 करोड़ नवंबर महीने में वसूला गया है, वसूली अभियान में तेजी लाते हुए अमले ने नवंबर माह में ही इतने राशि की वसूली की है, माह पूरा होने में अभी तीन दिन शेष है, आकंड़े में और भी इजाफा होगा। बड़े बकायादार भाटिया परिवार भी वसूल की गई राजस्व में संपत्ति, जल समेत अन्य कर भी शामिल है। राजस्व वसूली के अभियान में ऐसे बकायादारों ने भी अपने हिस्से का टैक्स जमा किया हैं जिनका सालों से बकाया था, इनमें से एक बड़े बकायादार भाटिया परिवार से भी 23 लाख 42 हजार 600 की वसूली की गई है। राजस्व है नगर निगम का आय स्त्रोत नगर निगम के आय का एक बड़ा स्त्रोत राजस्व है, जिसकी धीमी वसूली और करदाताओं द्वारा नहीं देने पर निगम पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। निगम कमिश्नर अमित कुमार ने राजस्व वसूली को प्राथमिकता में रखने के निर्देश देते हुए सभी जोन को वृहद स्तर पर अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत ऐसे बड़े बकायादार जिन्होंने सालों से टैक्स नहीं दिया है और राशि भी बड़ी है उनसे सख्ती के साथ वसूलने के भी निर्देश दिए थे। जिसके बाद राजस्व वसूली में तेजी आई है। निगम कमिश्नर द्वारा राजस्व वसूली की रोजाना समीक्षा की जाती है जिसमें कम वसूली करने वाले जोन को फटकार भी निगम कमिश्नर अमित कुमार द्वारा लगातार लगाया जा रहा है। तीन महीने में 13052 करदाताओं से वसूली निगम कमिश्नर की सख्ती के बाद चलाए जा रहे अभियान के तहत सितंबर माह से अब तक शहर के कुल 13052 करदाताओं से 9 करोड़ 98 लाख 60 हजार रूपये की राजस्व वसूली की गई है। जिसमें सभी जोन क्षेत्र के करदाता शामिल है। निगम कमिश्नर ने सभी जोन और राजस्व अधिकारी को प्रतिदिन वसूली करने के निर्देश दिए है। लंबे समय से टैक्स नहीं देने वाले बकायादारों के द्वारा टैक्स जमा नहीं करने पर कार्रवाई करने को भी कहा गया है।

वन्य प्राणी विचरण क्षेत्र का बोर्ड देखते ही पर्यटकों का बढ़ जाता है रोमांच

बिलासपुर अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर एक नई पहल की है। यह पहल सुरक्षा में मदद कर रही है। इसके साथ ही पर्यटकों के बीच उत्साह का माहौल बन रहा है। इसके लिए प्रबंधक ने टाइगर रिजर्व के भीतर पर्यटन मार्ग से लेकर कई जगहों पर वन्य प्राणी विचरण क्षेत्र का बोर्ड लगाया है। हाथी प्रभावित क्षेत्र की सूचना भी दी जा रही है, ताकि पर्यटकों के अलावा ग्रामीण भी सजग रहे। टाइगर रिजर्व के अंदर बड़ी संख्या में बोर्ड लगाए जा रहे पर्यटकों की सुविधा और भ्रमण का भरपूर लुत्फ दिलाने के लिए प्रबंधन ने लगातार कुछ न कुछ नया करने का प्रयास कर रहा है। यह प्रयास वन्य प्राणियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसी के तहत ही टाइगर रिजर्व के अंदर बड़ी संख्या में बोर्ड लगाए जा रहे हैं। पीले रंग के इस सूचना बोर्ड को बेहद आकर्षक बनाया गया है। उसमें वन्य प्राणियों की तस्वीर है और टाइगर रिजर्व का नया लोगो भी है। ताकि इस बात की जानकारी रहे कि यह अधिकृत बोर्ड है और प्रबंधन की ओर से ही लगाए गए हैं। कुछ बोर्ड में वन्य प्राणी विचरण के साथ हाथी प्रभावित क्षेत्र की सूचना दी गई है। दरअसल एटीआर में हाथियों को मूमेंट है। हार्न न बजाने व गति सीमा की जानकारी भी नए बोर्ड में पर्यटकों को बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में हार्न न बजाए, इससे वन्य प्राणी प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा 20 किमी की गति से चलने का निर्देश भी दिया गया, ताकि वाहन से किसी भी वन्य प्राणी को नुकसान न पहुंचे। इससे पहले पीडब्ल्यूडी से निवेदन कर सकरी बोर्ड से लेकर एटीआर तक बोर्ड लगाए गए। जिसके जरिए एटीआर पहुंचने की राह पर्यटकों के लिए आसान हो गई है। पर्यटकों एटीआर आ रहा पसंद अचानकमार टाइगर रिजर्व पर्यटकों पसंद आ रहा है। यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले साल नवंबर माह में पर्यटकों की संख्या 650 थी। इस वर्ष नवंबर माह में 825 पर्यटकों की उपस्थिति दर्ज की गई है। इतना ही नहीं राजस्व में 25 फीसद इजाफा भी हुआ है। प्रबंधन इस आंकड़े से खुश है और बेहतर प्रबंधन का प्रयास कर रहा है। बेहतर प्रबंधन के कारण ही पर्यटक को टाइगर रिजर्व का भ्रमण पसंद आ रहा है। एटीआर पहुंचे पीसीसीएफ, विस्थापन पर जनप्रतिनिधयों से की चर्चा पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ सुधीर अग्रवाल गुरुवार को अचानकमार टाइगर रिजर्व पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गांवों के विस्थापन व बाघ, हाथी सहित अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा के संबंध में अधिकारियों और कोर एरिया के जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में विस्थापन के संबंध में गांव के जनप्रतिनिधियों से उनकी इच्छा एवं समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उनके समाधान के संबंध में व्यापक चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त शिवतराई स्थित बैगा रिसार्ट पहुंचे पर्यटक से मुलाक़ात की और इको टूरिज्म के संबंध में प्रबंधन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी की। बाघ और हाथी को केंद्र में रखकर प्रत्येक स्तर पर सिक्युरिटी मानिटरिंग के लिए निर्देशित किया। गांवों में वन्यजीव मुआवजा प्रकरण में तेज़ी लाकर वन्यजीवो की सुरक्षा में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने आवश्यक कदम उठाने के लिए कहा। बैठक वन्य प्राणी सीसीएफ मनोज पांडेय, डिप्टी डायरेक्टर गणेश यू आर उपस्थित रहे।

मौसम में फिर बदलाव ठंड के बीच कई इलाकों में बारिश का अलर्ट

रायपुर मौसम एक बार फिर से करवट बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में अवदाब की स्थिति बनने से बारिश होने के आसार बन रहे हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। वहीं, राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि इसका असर अधिकतम तापमान पर नहीं पड़ेगा, लेकिन न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी के आसार बन रहे हैं। इसी बीच गुरुवार को प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। प्रदेश में सर्वाधिक तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दंतेवाड़ा में, जबकि न्यूतनम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज किया गया। यह बन रहा है सिस्टम एक गहरा अवदाब दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है, लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके और अधिक प्रबल होने की संभावना है। उसके बाद इसके लगातार उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए, श्रीलंका तट को छुते हुए तमिलनाडु तट के पास पहुंचने की संभावना है। इसकी वजह से दक्षिणी छत्तीसगढ़ से 30 नवंबर से वर्षा का दौर शुरू हाेने की संभावनाएं बन रही हैं। नमी का भी प्रारंभ जारी अवदाब के बनने की वजह से प्रदेश के दक्षिणी भाग में वातावरण के मध्य स्तर पर नमी की आगमन के कारण हल्के बादल छाए हुए हैं तथा न्यूनतम तापमान में लगातार वृद्धि होने की संभावना है। इसी बीच प्रदेश के उत्तरी भाग में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना है। प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। प्रदेश में बदला स्कूलों का समय प्रदेश के बलरामपुर और मनेंद्रगढ़ सहित कई जिलों में ठंड बढ़ने के कारण स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। हालांकि, राजधानी रायपुर में शीतलहर का इंतजार हो रहा है। जिन स्कूलों में कक्षाएं दो पालियों में संचालित होती हैं, वहां छोटे बच्चों की कक्षाएं सुबह की पाली में और बड़े बच्चों की कक्षाएं दोपहर की पाली में आयोजित की जा रही हैं।

छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखित 12 पुस्तकों का सीएम ने किया विमोचन

रायपुर पद्मश्री सम्मान से विभूषित छत्तीसगढ़ की विभूतियों को दी जाने वाली सम्मान राशि प्रतिमाह पांच हजार रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दी गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा की। साय छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा में दिए गए अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। छत्तीसगढ़ी गुरतुर भाषा है, जो हमें आपस में दिल से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी फिल्में काफी लोकप्रिय हैं। छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा देने में छत्तीसगढ़ी फिल्मों का भी बड़ा योगदान है। मुख्यमंत्री ने साहित्य परिषद में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के विलय की समाप्ति की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग राजभाषा छत्तीसगढ़ी को बढ़ावा देने का कार्य करता रहेगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का साहित्य परिषद में विलय कर दिया गया था।साहित्यकारों को मिला सम्मान मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा को समृद्ध करने वाले छह साहित्यकारों को शाल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखित 12 पुस्तकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा को लोकप्रिय बनाने और राजभाषा का सम्मान देने के लिए यह जरूरी है कि हम छत्तीसगढ़ी भाषा में बातचीत करें और नई पीढ़ी को भी छत्तीसगढ़ी बोलना सिखाए। उन्होंने साहित्यकारों से छत्तीसगढ़ी भाषा में उपन्यास, कविता और इतिहास का लेखन करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदस्य छत्तीसगढ़ी में अपना संबोधन दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद के रूप में वे छत्तीसगढ़ी को संविधान की आठवें अनुसूची में शामिल कराने का प्रयास करेंगे। कार्यक्रम में पद्श्री डा. सुरेन्द्र दुबे और डा. रमेन्द्रनाथ मिश्र विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सांस्कृतिक विकास की दिशा में बड़ा कदम इस अवसर पर पद्मश्री सम्मानित डॉ. सुरेंद्र दुबे और डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति को संरक्षित और लोकप्रिय बनाने के प्रयासों को नई दिशा दी गई।

बिलासपुर में दिनदहाड़े चोरी की घटना , युवती दो मोबाइल लेकर भागी

बिलासपुर तिफरा ओवरब्रिज के पास स्थित अजीज मोबाइल दुकान में गुरुवार दोपहर एक युवती ने चालाकी से दो महंगे मोबाइल चुरा लिए। घटना तब हुई जब युवती मोबाइल खरीदने के बहाने दुकान में आई। उसने संचालक से कुछ मोबाइल दिखाने को कहा दो अलग अलग मॉडल पसंद किए। संचालक का ध्यान भटकाया और मोबाइल ले भागी युवती ने मोबाइल फाइनेंस कराने की बात कही और संचालक को फाइनेंस प्रक्रिया में उलझाए रखा। बातचीत के दौरान युवती ने संचालक का ध्यान भटकाया और मौका पाकर दोनों मोबाइल फोन लेकर फरार हो गई। घटना इतनी तेजी से घटी कि संचालक को कुछ समझने का समय नहीं मिला। चोरी की यह घटना सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में कैद दुकान संचालक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली जा रही है, जिससे युवती की पहचान हो सके। संचालक के अनुसार, चोरी किए गए मोबाइलों की कीमत हजारों रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय अस्मिता, अस्तित्व और विकास विषय पर आयोजित संगोष्ठी को किया संबोधित

रायपुर मुख्यमंत्री ने जनजातीय अस्मिता, अस्तित्व और विकास विषय पर आयोजित संगोष्ठी को किया संबोधित जनजातीय समाज का इतिहास धरती पर मनुष्य के पहले पदचाप के साथ जुड़ा हुआ है। जनजातीय संस्कृति ने भगवान श्रीराम को अपने हृदय में बसा रखा है। भगवान राम ने छत्तीसगढ़ में ही वनवास बिताया, यहीं पर उन्होंने माता शबरी के जूठे बेर खाए। जनजातीय अस्मिता का प्रश्न भारत की सनातन परंपरा की अस्मिता से जुड़ा हुआ प्रश्न है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में जनजातीय अस्मिता, अस्तित्व और विकास विषय पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि आज हमें जनजातीय समुदायों की अस्मिता और विरासत के प्रति संवेदनशील यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का नेतृत्व मिला है। आज जनजातीय समुदाय की हमारी बहन श्रीमती द्रौपदी मुर्मु भारत के सर्वाेच्च पद पर आसीन हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जनजाति समाज सांस्कृतिक रूप से समृद्ध समाज है। यह समाज कुप्रथाओं का मुखर विरोध करता है। भारत की संस्कृति और देश की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए जनजातीय जननायकों के योगदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर पूरे देश में 13 से 15 नवम्बर तक जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज की परंपराओं, संस्कृति रीति-रिवाज, तीज-त्यौहार और शासन द्वारा जनजातीय उत्थान के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 13 नवंबर को जशपुर जिले में आयोजित पदयात्रा इतनी सफल रही कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी खुलकर तारीफ की और ऐसे आयोजनों को जनजातीय समाज के विकास और उत्थान में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर हुए राष्ट्रीय आयोजन ने अन्य प्रांतों से आए आदिवासी समुदाय को एक दूसरे की संस्कृति को जानने-समझने का सुंदर अवसर दिया। साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी ने अपने कार्यकाल के दौरान सबसे पहले पृथक जनजातीय कल्याण मंत्रालय बनाया और आदिवासियों के विकास के लिए एक मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि हम मैदानी और जनजातीय क्षेत्रों में अवसरों की समानता स्थापित करने के लिए अपनी योजनाएं और नीतियां बना रहे हैं ताकि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक समुदाय के पास विकास के समान अवसर हों और जनजातीय समाज अपनी प्राकृतिक और भौगोलिक जटिलताओं पर जीत हासिल करते हुए समग्र भारत के विकास की मुख्य धारा में शामिल हो सकें। जब हम जनजातीय समुदायों की अस्मिता की रक्षा करेंगे, उनकी संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन करेंगे, उनके इतिहास और उनके नायकों का गौरवगान करेंगे तो निश्चित रूप से मां भारती का यश बढ़ेगा, उसका गौरव गान होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत के जनजातीय समुदायों के समग्र विकास के लिए मोदी जी पीएम जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाएं चला रहे हैं। ये योजनाएं जनजातीय समुदायों के जीवन में परिवर्तन लाने के लिए क्रांतिकारी योजनाएं साबित हो रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जैसी अनेक योजनाओं से जनजातीय समुदायों को बड़ा संबल मिला है। पिछले 11 महीने में छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर अंचल में शांति स्थापित करने के लिए तेजी से अपने कदम बढ़ाए हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से शासन की योजनाओं को दूरस्थ अंचलों तक पहुंचाने की अनूठी पहल की गई है। बस्तर अंचल में सुरक्षाबलों के 34 नए कैंप खोले गए हैं और लगभग 96 गांवों में शासकीय योजनाओं का लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जनजातीय महानायकों के गौरवशाली इतिहास की जानकारी आने वाली पीढ़ी को हो इसलिए ऐसे आयोजन आवश्यक हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि उनके मूल्यों को अगली पीढ़ी तक ले जाएं। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज ने सदैव प्रकृति के संरक्षण की दिशा में कार्य किया है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता अतुल जोग ने कहा कि बिना स्वार्थ के जनजातीय समाज ने मानव सेवा का काम किया है। इसका सुंदर उदाहरण पद्म पुरस्कारों की घोषणाओं में भी देखने को भी मिला, जिसमें बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग शामिल रहे हैं। संगोष्ठी को पवन साय और अनुराग जैन ने भी संबोधित किया। उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनजातीय समुदाय के विद्यार्थियों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

चित्रोत्पला फिल्म सिटी से छत्तीसगढ़ी फिल्मों, नाटकों के साथ पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

छत्तीसगढ़ में 147 करोड़ रूपए की लागत से बनेगी चित्रोत्पला फिल्म सिटी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस पर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात चित्रोत्पला फिल्म सिटी से छत्तीसगढ़ी फिल्मों, नाटकों के साथ पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा पद्मविभूतियों की सम्मान राशि प्रतिमाह 5 हजार रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए करने की घोषणा रायपुर छत्तीसगढ़ में 147 करोड़ रूपए की लागत से  चित्रोत्पला फिल्म सिटी बनेगी। इसके लिए भारत सरकार ने 147 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा में दिए गए अपने सम्बोधन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार द्वारा फिल्म सिटी के निर्माण की स्वीकृति प्रदान करते हुए राशि की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण से छत्तीसगढ़ी फिल्मों, छत्तीसगढ़ी नाटकों को प्रोत्साहन तो मिलेगा ही, साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।     मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में पद्मसम्मान से विभूषित छत्तीसगढ़ की विभूतियों को दी जाने वाली सम्मान राशि प्रतिमाह 5 हजार रूपए से बढ़ाकर 10 हजार रूपए करने की घोषणा की।     मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ी भाषा के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। छत्तीसगढ़ी गुरतुर भाषा है, जो हमें आपस में दिल से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी फिल्में काफी लोकप्रिय हैं। छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा देने में छत्तीसगढ़ी फिल्मों का भी बड़ा योगदान है।     मुख्यमंत्री ने साहित्य परिषद में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के विलय की समाप्ति की घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग राजभाषा छत्तीसगढ़ी को बढ़ावा देने का कार्य करता रहेगा। उल्लेखनीय है कि पूर्व में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का साहित्य परिषद में विलय कर दिया गया था।     मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा को समृद्ध करने वाले छह साहित्यकारों को शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा प्रकाशित छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखित 12 पुस्तकों का विमोचन भी किया।     कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा को लोकप्रिय बनाने और राजभाषा का सम्मान देने के लिए यह जरूरी है कि हम छत्तीसगढ़ी भाषा में बातचीत करें और नई पीढ़ी को भी छत्तीसगढ़ी बोलना सिखाए। उन्होंने साहित्यकारों से छत्तीसगढ़ी भाषा में उपन्यास, कविता और इतिहास का लेखन करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सदस्य छत्तीसगढ़ी में अपना सम्बोधन दे सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद के रूप में वे छत्तीसगढ़ी को संविधान की आठवें अनुसूची में शामिल कराने का प्रयास करेंगे।     कार्यक्रम में पद्डॉ. सुरेन्द्र दुबे और डॉ. रमेन्द्रनाथ मिश्र विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी., संचालक संस्कृति एवं राजभाषा विवेक आचार्य ने छत्तीसगढ़ी राजभाषा में सम्बोधन दिया। राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार ने बताया कि आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ी में 2700 से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। आयोग द्वारा अब तक छत्तीसगढ़ी भाषा की 1400 पुस्तकों का प्रकाशन किया जा चुका है।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet