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छत्तीसगढ़ सरकार इस बार एक नहीं, चार से छह नवंबर को मनाया जाएगा राज्योत्सव

रायपुर राज्योत्सव के अवसर पर दीवाली होने के चलते इस बार छत्‍तीसगढ़ सरकार ने चार से छह नवंबर तक तीन दिन राज्योत्सव का मुख्य आयोजन करने का निर्णय लिया है। नवा रायपुर में मेला स्थल पर राज्य स्तरीय राज्योत्सव और राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन एक साथ आयोजित होगा। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है। संस्कृति विभाग के सचिव अन्बलगन पी.ने बताया कि राज्य स्तरीय राज्योत्सव का शुभारंभ नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मेला स्थल में चार नवंबर 2024 को होगा। जिसका समापन छह नवंबर 2024 को होगा। अंतिम दिवस समापन समारोह के दिन राज्य अलंकरण समारोह भी आयोजित किया जाएगा। मेला स्थल की व्यवस्था के तहत कार्यक्रम स्थल का ले-आउट और स्टाल आवंटन एनआरडीए और सीएसआइडीसी द्वारा किया जाएगा। इसमें विभिन्न विभागों द्वारा शिल्पग्राम, वनोपज, हर्बल उत्पादों और सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। राज्य अलंकरण समारोह के लिए संबंधित विभागों से पुरस्कार की सूची, चयनित व्यक्तियों का परिचय और सम्मान राशि की जानकारी मांगी गई है। यह जानकारी समय-सीमा में संस्कृति विभाग को दी जाएगी। इन्हें यह मिली जिम्मेदारी तीन दिवसीय राज्योत्सव समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत की जाएगी। राज्योत्सव स्थल में मंच, पंडाल और सजावट का काम लोक निर्माण विभाग एवं सीएसआइडीसी के सहयोग से किया जाएगा। साथ ही, फूड कोर्ट, पार्किंग और स्टाल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। मेला स्थल पर पेय जल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी एनआरडीए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग और नगर निगम रायपुर को दी गई है। आयोजन स्थल पर 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था ऊर्जा विभाग और एनआरडीए द्वारा की जाएगी। जिला मुख्यालयों में पांच नवंबर को एक दिवसीय जिला स्तरीय राज्योत्सव भी आयोजित किया जाएगा।

राजस्व विभाग की बड़ी कार्रवाई, छत्तीसगढ़-कोंडागांव में 15 डिसमिल सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया

कोंडागांव. कोंडागांव में राजस्व विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 डिसमिल शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया। तहसीलदार मनोज रावटे के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई, जिसमें ज्योतिस्मिता साहू, निवासी माकड़ी, द्वारा मोटेल के पास शासकीय आबादी मद की भूमि पर बाउंड्री वॉल बनाकर अतिक्रमण किया गया था। तहसीलदार रावटे ने जानकारी दी कि इस भूमि पर अतिक्रमण को लेकर पहले भी कई बार बेदखली आदेश जारी किए गए थे। इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से ज्योतिस्मिता साहू को अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार सूचित किया गया था, लेकिन उन्होंने कोई कदम नहीं उठाया। मजबूरन, राजस्व विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आज यह अतिक्रमण हटाया। इस कार्रवाई में राजस्व विभाग की टीम के साथ कोटवार, पटवारी, पुलिस बल, और नगर पालिका के कर्मचारी भी शामिल थे। अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया, जिससे 15 डिसमिल भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया। तहसीलदार ने बताया कि यह शासकीय भूमि अब किसी अन्य सरकारी उपयोग के लिए आवंटित की जाएगी। तहसीलदार रावटे ने यह भी कहा कि मोटेल के आसपास की अन्य भूमि पर भी अतिक्रमण के मामले देखे जा रहे हैं। इसके लिए पटवारी से रिपोर्ट मांगी गई है और भविष्य में इन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भी विधिवत कार्रवाई की जाएगी।

टीकू सिन्हा बने हॉस्पिटल अधीक्षक, छत्तीसगढ़-राजनादगांव के डॉक्टर प्रदीप बेक बने मेकाज के डीन

राजनादगांव. राजनादगांव में पदस्थ डॉक्टर प्रदीप बेक को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के डीन का कार्यभार सौंपा गया है, जबकि मेकाज में कुछ वर्षों तक अधीक्षक के पद में पदस्थ रहे डॉक्टर टीकू सिन्हा को प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल जगदलपुर का प्रभार सौंपा गया है। लंबे समय से मेकाज डीन को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही थी, उस पर छत्तीसगढ़ शासन के अवर सचिव ने विराम लगा दिया। इस स्थानांतरण में राजनादगांव में पदस्थ डॉक्टर प्रदीप बेक को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के डीन का कार्यभार सौंपा गया है, जबकि मेकाज में कुछ वर्षों तक अधीक्षक के पद में पदस्थ रहे डॉक्टर टीकू सिन्हा को प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल जगदलपुर का प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा अन्य चिकित्सा अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। रायपुर मेडिकल कॉलेज की पूर्व अधिष्ठाता तृप्ति नागरिया को दुर्ग के चंदूलाल चंद्राकर स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में ट्रांसफर किया गया है। इसके साथ ही डॉ. विवेक चौधरी को रायपुर मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता के पद पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा कई अन्य अधिष्ठाताओं, अधीक्षकों, प्राध्यापकों और सहायक प्राध्यापकों के भी तबादले किए गए हैं।

यातायात व्यवस्था बनाने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा पर भी नजर रखेंगे 500 पुलिस जवान

बिलासपुर दुर्गा पंडालों की मनमोहक और सुंदर झांकियों को देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है, जिससे शहर की सड़कों पर जगह-जगह जाम की स्थिति बनती है। इस समस्या से निपटने के लिए पुलिस और यातायात विभाग ने विशेष योजना तैयार की है।पुलिस ने अपील की है कि लोग अपने वाहनों को सड़क किनारे बेतरतीब खड़ी करने की बजाय पार्किंग में लगाएं, ताकि जाम की स्थिति न बने। प्रदेश में मशहूर है बिलासपुर का दुर्गा और दशहरा उत्सव बिलासपुर का दुर्गा और दशहरा उत्सव जिले के साथ ही पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। इसी कारण से नवरात्र में जिले के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों से भी लोग यहां पहुंचते हैं। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ दुर्गा पंडालों और दशहरा देखने तथा उत्सव का आनंद लेने के लिए उमड़ पड़ती है। ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं की परेशानी तब और बढ़ जाती है, जब उन्हें जाम से जूझना पड़ता है। इससे न तो वे ठीक से दुर्गा प्रतिमा के दर्शन कर पाते हैं और न ही सड़कों पर सुगम यातायात का लाभ उठा पाते हैं। प्रमुख झांकियों को देखने के लिए करें पार्किंग का उपयोग पुलिस जवान चौक-चौराहों और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर भीड़ को नियंत्रित करने के साथ ही लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यदि अपनी कार या अन्य वाहन से दुर्गा या दशहरा देखने पहुंचे हैं, तो उसे पार्किंग स्थल पर ही खड़ा करें, ताकि स्वयं और अन्य लोगों को परेशानी न हो और जाम की स्थिति निर्मित न हो। थाने और यातायात विभाग के दो-दो जवान रहेंगे तैनात शहर के बाहर मंगला चौक से पं. देवकीनंदन चौक, गोल बाजार, सदर बाजार, जुना बिलासपुर से लेकर गांधी चौक, गुरुनानक चौक, रेलवे स्टेशन होते हुए तारबाहर, पुराना बस स्टैंड और राजेंद्र नगर तक दुर्गा प्रतिमा की मनमोहक झांकी और पंडालों के निर्माण पर समितियां विशेष जोर देती हैं। इन मनमोहक पंडालों और मूर्तियों को देखने पहुंचे श्रद्धालुओं को जाम का सामना न करना पड़े, इसके लिए पुलिस और यातायात विभाग के दो-दो जवानों को तैनात किया जाएगा। पूरे शहर में लगभग पांच सौ जवानों की तैनाती की जाएगी, जो यातायात व्यवस्था बनाने के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा पर भी नजर रखेंगे। पार्किंग के लिए इन स्थानों का करें उपयोग पंडित देवकीनंदन चौक से गोल बाजार तक झांकी देखने वाले श्रद्धालु अपनी बाइक या कार को प्रेस क्लब परिसर, लखीराम आडिटोरियम या फिर लाल बहादुर शास्त्री स्कूल मैदान में पार्किंग कर सकते हैं। इससे देवी दर्शन और पंडालों की झांकी का आनंद बिना जाम की समस्या के लिया जा सकता है। शक्ति टीम करेगी पेट्रोलिंग दुर्गा प्रतिमा दर्शन के लिए पहुंचने वाली महिला दर्शनार्थियों के साथ छेड़छाड़ और चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों की आशंका बनी रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग ने महिला पुलिस बल शक्ति को पेट्रोलिंग में लगाया है। यह टीम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेगी और महिलाओं की सहायता करेगी। वर्जन शहर में यातायात व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस और यातायात विभाग ने अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है। चौक-चौराहों और प्रमुख स्थलों, जहां भीड़ की संभावना रहती है, वहां जवानों को तैनात किया जा रहा है, जो जाम की स्थिति को रोकने का कार्य करेंगे। नीरज चंद्राकर, एएसपी यातायात  

18 डीएसपी को मिला एएसपी के पद पर प्रमोशन, छत्तीसगढ़-नारायणपुर के ऐश्वर्य चंद्राकर बने एएसपी

जगदलपुर. राज्य सरकार ने डीएसपी से एडिश्नल एसपी के पद पर प्रमोशन का आदेश जारी कर दिया है। डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) व सहायक सेनानी के पद से एडिश्नल एसपी व उप सेनानी के पद पर प्रमोशन आदेश जारी करते हुए नयी जगह पोस्टिंग दी है। गृह विभाग की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक 18 डीएसपी को एडिश्नल एसपी के पद पर प्रमोशन दिया गया है। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में पदस्थ 18 डीएसपी व सहायक सेनानियों को एडिशनल एसपी के पद पर पदोन्नति दी गई है। पदोन्नत पुलिस अफसरों को नई पदस्थापना भी दी गई हैं। लिस्ट में महासमुंद में पदस्थ डीएसपी कृष्णा कुमार पटेल को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राज्य इन्वेस्टीगेशन एजेंसी पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। विश्व दीपक त्रिपाठी को अनु, अधिकारी केशलूर जिला बस्तर से बलरामपुर रामानुजगंज का एएसपी बनाया गया है। उदयन बेहार को उप पुलिस अधीक्षक बिलासपुर से एएसपी आसूचना शाखा, कांकेर कैम्प पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर। कु. नवनीत कौर एसडीओपी बालोद से मुंगेली का एएसपी बनाया गया है। अमित पटेल सरगुजा डीएसपी को आसूचना शाखा कैम्प बस्तर का एएसपी बनाया गया है। गंगा उपाध्याय सहायक सेनानी प्रथम वाहिनी छसबल भिलाई से उप सेनानी 8वीं वाहिनी छसबल जिला राजनांदगांव भेजा गया है। ऐश्वर्य कुमार चंद्राकर अनु. अधिकारी बलौदाबाजार भाटापारा से एएसपी आॅप्स नारायणपुर बनाया गया है। नितेश कुमार गौतम उप पुलिस अधीक्षक गैर कानूनी चिटफण्ड एवं वित्तीय कंपनियों के नियंत्रण प्रकोष्ठ बस्तर संभाग से एसपी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई बनाया गया है।

150 से ज्यादा माओवादी अब तक ढेर, छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़

नारायणपुर/दंतेवाड़ा. नक्सलियों के गढ़ बस्तर संभाग को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए छत्तीसगढ़ में जवानों ने अभियान चला रखा है। लगातार नक्सलियों का एनकाउंटर हो रहा है। इससे नक्सलियों के पैर उखड़ रहे हैं। नक्सल मोर्चे पर फोर्स को एक के बाद एक बड़ी कामयाबी मिल रही है। जवान बस्तर संभाग में डेरा जमाए हुए हैं। जवान नक्सलियों की मांद में घुसकर उनसे टक्कर ले रहे हैं। बस्तर की मनमोहक और खूबसूरत प्राकृतिक वादियों से ‘लाल आतंक’ के साये को खत्म करने के लिए बस्तर संभाग में फोर्स मोर्चा संभाले हुए है। नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले के बॉर्डर पर चार अक्तूबर को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच सुबह से ही मुठभेड़ शुरू हुई। शाम सात बजे तक 40 नक्सलियों को जवानों ने ढेर कर दिया। नक्सलियों के शवों के साथ भारी मात्रा हथियार बरामद किए गए। इसमें एके-47, एसएलआर समेत कई अत्याधुनिक हथियार शामिल थे। तीन अक्तूबर को जवानों को बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद लगभग 400 फोर्स के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसमें सीआरपीएफ, राज्य पुलिस बल संयुक्त टीम के जवान शामिल थे। इस मुठभेड़ में कई इनामी नक्सलियों के भी मारे जाने की खबर है। दूसरी ओर नक्सलियों के कंपनी नंबर 6 को भी पुलिस ने ध्वस्त कर दिया है। 16 अप्रैल को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। यह देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से दो की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। 27 मार्च को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों का किया गया एनकाउंटर 27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था। दो अप्रैल को 13 नक्सली ढेर दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग – 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक – हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी राईटर, वॉकीटॉकी और नक्सली वर्दी, पिट्ठू, सोलर प्लेट, नक्सली प्रचार प्रसार सामग्री, नक्सली साहित्य और रोजमर्रा के सामान शामिल थे। छह अप्रैल को मारे गये तीन नक्सली फोर्स और नक्सलियों के साथ छह अप्रैल को हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गये थे। तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर पुजारी कांकेर के कर्रीगुटा के जंगलों में मुठभेड़ में तीन नक्सली ढेर हुए थे। मामला उसूर थाने क्षेत्र का था। इतना ही नहीं घटनास्थल से एक एलएमजी और एक एके-47 समेत कई हथियार बरामद हुए थे। 16 अप्रैल को 29 नक्सलियों को सुलाया मौंत की नींद 16 अप्रैल को कांकेर जिले के छोटे बेठिया थाना क्षेत्र के माड़ इलाके में देश की सबसे बड़ी मुठभेड़ में 29 नक्सली मारे गये थे। पुलिस फोर्स और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में नक्सली कमांडर शंकर राव ढेर हो गया था। शंकर राव पर 25 लाख का इनाम था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद किया था। मारे गए सभी नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 78 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वहीं, नक्सलियों से जब्त एके- 47 और इंसास जैसे हथियारों पर पुलिस ने 7 लाख 55 हजार का इनाम रखा था। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ में 10 नक्सली ढेर 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष नक्सली शामिल थे। प्राथमिकतौर पर मुठभेड़ में मारे गये नक्सलियों से दो की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। 10 मई को बीजापुर के पीड़िया जंगल में 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के पीड़िया के जंगल में 10 मई की सुबह 12 घंटे तक चली मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए। इस दौरान दो जवान घायल भी हुए थे। सुरक्षाबलों और नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में सभी 12 नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और हथियार भी बरामद किये गये थे। जवानों को गंगालूर थाना क्षेत्र के पीड़िया इलाके में नक्सलियों के टॉप हार्डकोर नक्सली कमांडर लिंगा और पापाराव समेत बड़े लीडर्स के जंगल में होने की सूचना मिली थी। नक्सलियों की इस कमेटी में डीकेएसजेडसी, डीवीसीएम और एसीएम कैडर के बड़े नक्सली भी मौजूद थे। सूचना पर पड़ोसी जिले दंतेवाड़ा, सुकमा व बीजापुर से एसटीएफ, डीआरजी,सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के 1200 जवानों ने साझा अभियान चलाया था, जिसमें मौके पर 12 नक्सली ढेर हो गये। 23 और 24 मई को आठ नक्सली ढेर छत्तीसगढ़ में 23 मई को नारायणपुर के अबूझमाड़ के जंगलों में सुरक्षा बल के जवानों ने धावा बोला। जंगल के अंदर बड़ी संख्या में नक्सलियों के मौजूदगी की सूचना पर बस्तर फाइटर्स और एसटीएफ के करीब एक हजार जवान रवाना हुए थे। पुलिस जैसे ही जंगल के भीतर घुसी, नक्सलियों ने उन पर हमला बोल दिया। जवानों ने भी मोर्चा संभाला और घंटों तक रुक-रुककर फायरिंग होती रही। मुठभेड़ के बाद मौके से सात नक्सलियों के शव मिले। पुलिस ने घटना स्थल से … Read more

‘नक्सलवाद के खात्मे पर ही ख़त्म होगी ये लड़ाई’, छत्तीसगढ़-सीएम साय का हाई लेवल मीटिंग में दो टूक जवाब

रायपुर/दंतेवाड़ा. देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ को लेकर छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने शुक्रवार की रात मुख्यमंत्री निवास में हाई लेवल मीटिंग बुलाई। इसमें नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के थुलथुली जंगल में चल रही मुठभेड़ को लेकर चर्चा की गई। पुलिस महकमे के आला अधिकारियों से नक्सल एनकाउंटर पर मंथन किया गया। बैठक में बताया गया कि 28 नक्सलियों के शव बरामद होने की खबर मिल रही है। पुलिस इस मामले को लेकर कल यानी शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा करेगी। इस बड़ी सफलता पर सीएम ने पुलिस जवानों पर हर्ष जताते हुए उन्हें बधाई दी है। सीएम साय ने कहा कि मुठभेड़ में अब तक 31 से ज्यादा नक्सलियों की मारे जाने की खबर है। जवानों को मिली बड़ी कामयाबी सराहनीय है। उनके हौसले और अदम्य साहस को नमन करता हूं। नक्सलवाद के खात्मे के लिए शुरू हुई हमारी लड़ाई अब अपने अंजाम तक पहुंचकर ही दम लेगी। इसके लिए हमारी डबल इंजन सरकार दृढ़ संकल्पित है। प्रदेश से नक्सलवाद का खात्मा ही हमारा लक्ष्य है। सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों से कड़ा मुकाबला कर रहे हैं। ‘अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन’ मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नारायणपुर-दंतेवाड़ा की सीमा स्थित अबूझमाड़ क्षेत्र में हमारे सुरक्षा बलों के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। सर्चिंग में अभी तक 28 नक्सलियों के मारे जाने की जानकारी मिली है। सर्चिंग में एके-47 सहित कई हथियार मिले हैं । मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मैं समझता हूं कि छत्तीसगढ़ में यह अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन हुआ है। इसके लिए मैं अपने जवानों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं और उनके साहस को मैं नमन करता हूं।’ ‘अंतिम सांस गिन रहे नक्सली’ उन्होंने कहा कि ‘हम पहले से ही नक्सलियों से कहते आए हैं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़ दें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। अब हम लोग डबल इंजन सरकार के कारण मजबूती से नक्सलियों से लड़ रहे हैं। नक्सली अपनी अंतिम सांस गिन रहा है। आज मैं बीजापुर के दौर पर था, जहां नक्सल हिंसा  पीड़ित लोगों से मुलाकात की। आज इस घटना के बाद शायद उनका विश्वास और अधिक बढ़ गया होगा। निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ में माओवाद समाप्ति की ओर अग्रसर है।’ ‘गृहमंत्री शाह का संकल्प मार्च 2026 तक का नक्सलवाद’ मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पिछले नौ महीने में नक्सलवाद की समीक्षा के लिये दो बार छत्तीसगढ़ आ चुके हैं और उनका संकल्प है कि मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद खत्म हो जाए। उनकी सोच के अनुरूप हमारे जवान छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों से मुकाबला कर रहे हैं।

पानी की टंकी से लगाई छलांग, छत्तीसगढ़-कोरबा में स्कूल ड्रेस में खून से लथपथ मिली 12वीं की छात्रा

कोरबा. कोरबा के हरदी बाजार थाना अंतर्गत एक गांव में 17 वर्षीय 12वीं की छात्रा संदिग्ध हालात में खून से लथपथ बेहोशी की हालत में मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। छात्रा को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। बताया जा रहा है कि हरदी बाजार थाना क्षेत्र की ग्रामीण इलाके से 12वीं की छात्रा रोज की तरह शुक्रवार को 10 बजे गांव से लगे स्कूल में पढ़ाई करने गई हुई थी। वहीं, काफी समय बीत जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटी। खून से लतपथ छात्रा गांव में लगी पानी टंकी के नीचे बेहोश पड़ी हुई मिली। ग्रामीणों की नजर पड़ने पर इसकी सूचना उसके परिजनों को दी गई। जहां मौके पर पहुंचे उस छात्रा के पिता ने पहले हरदी बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने जांच के दौरान उसकी हालत को देखते हुए जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया उसकी हालत अभी बेहद गंभीर बनी हुई है। छात्रा के पिता ने बताया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब थी। जिसे लेकर वह बिलासपुर गया हुआ था। शाम 7 बजे लगभग वह इलाज करा कर घर वापस पहुंचा। जहां गांव में रहने वाले एक व्यक्ति के द्वारा फोन कर उसे जानकारी दी गई कि उसकी बेटी बेहोशी की हालत में पड़ी हुई है। उसे अस्पताल लेकर पहुंचा। छात्रा के पिता ने बताया कि उसकी बेटी और बेटा स्कूल गए हुए थे। लेकिन ऐसा क्या हुआ कि उसकी बेटी की यह हालत हुई है। उसे आशंका है कि उसके साथ कुछ गलत हुआ होगा। इस पर पुलिस को जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। वही, इस घटना की सूचना मिलते हैं पुलिस के आला अधिकारी जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचे और जांच कार्रवाई शुरू की गई। जहां ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि छात्रा पानी टंकी पर चढ़ी हुई थी उसके बाद क्या हुआ उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इन सब बातों से पुलिस आशंका का व्यक्त कर रही है कि छात्रा ने खुदकुशी करने के लिए पानी की टंकी से नीचे छात्रा छलांग लगाई होगी। फिलहाल हरदी बाजार थाना पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

ड्राइवर को पुलिस ने बचाया, छत्तीसगढ़-कोरबा में तेज रफ्तार कार पेड़ से टकराने से लगी भीषण आग

कोरबा. कोरबा के दर्री थाना अंतर्गत एनटीपीसी कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर सड़क हादसे में कार में भीषण आगजनी से हड़कप मच गया। वाहन चालक वाहन में ही फंस गया। वहीं वाहन धू-धूकर जलने लगा। देर रात पुलिस की पेट्रोलिंग टीम की नजर पड़ने पर कार के चालक को काफी मशक्कत के बाद बाहर निकल गया। वहीं, देखते ही देखते राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई। जिसके बाद दमकल विभाग की टीम को आग लगने की सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि रात लगभग 12 बजे तेएनटीपीसी के विभागीय कॉलोनी में एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। उसकी रफ्तार इतनी तेज थी कि हादसे के बाद वाहन में देखते ही देखते आग लग गई। वाहन का चालक अंदर ही फंस गया। जहां चालक की चीख पुकार मचाने पर राहगीरों की भी भीड़ एकत्रित हो गई। वहीं, दर्री थाना पुलिस की पेट्रोलियम टीम की नजर पड़ने पर तत्काल वाहन में फंसे चालक को किसी तरह बाहर निकाला गया। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, वाहन धू-धूकर जलता रहा। काफी समय बाद एनटीपीसी के दमकल वाहन मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इस घटना के बाद वाहन चालक को दर्री एनटीपीसी के विभागीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां एक हादसे में चालक का दाया पैर फैक्चर हो गया है। वहीं सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। इस घटना के बाद घायल के परिजनों को सूचना दी गई है।

मंत्री जायसवाल ने चिरमिरी में कृषि विश्व विद्यायल बनाने तथा चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ के मध्य एक नर्सिंग कॉलेज बनाने की घोषण की

 मंत्री जायसवाल ने कृषि विश्वविद्यालय तथा नर्सिंग कॉलेज बनाने की घोषणा की स्वास्थ्य मंत्री ने कहा नए संस्थान के शुभारंभ से क्षेत्र के छात्रों को तकनीकी शिक्षा में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे  मंत्री जायसवाल ने चिरमिरी में कृषि विश्व विद्यायल बनाने तथा चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ के मध्य एक नर्सिंग कॉलेज बनाने की घोषण की मनेन्द्रगढ़/एमसीबी  04 अक्टूबर 2024/ माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा अस्थाई भवन आईटीआई कॉलेज के प्रथम तल पर शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज चिरमिरी का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित के साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य गीत का गायन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके पश्चात जायसवाल ने रिबन काटकर कॉलेज का कक्षाओं का उद्घाटन किया। स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस नए संस्थान के शुभारंभ से क्षेत्र के छात्रों को तकनीकी शिक्षा में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। उद्घाटन समारोह के दौरान मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस कॉलेज की स्थापना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है इस शुभारंभ के साथ ही चिरमिरी के छात्रों को अब स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने की दो घोषणाएं:- इस दौरान उन्होंने सरभोका के आसपास चिरमिरी में कृषि विश्व विद्यायल बनाने तथा चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ के मध्य एक नर्सिंग कॉलेज बनाने की घोषण की। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र  में आने वाले सत्र में भौतिक, गणित, हिन्दी तथा अंग्रेजी विषय से यहां के विद्यार्थी स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर सकेंगे। सरकार ने शासकीय पालिटेक्निक कॉलेज के भवन हेतु निर्माण एवं उपकरण तथा साजसजा के लिए 10  करोड़ रूपये की शासकीय स्वीकृति दी है। इसके साथ ही चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 01 में 5 एकड़ भूमि का आबंटन किया गया है। कॉलेज निर्माण के सभी कार्य प्रक्रियाधीन है। पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग, माइनिंग इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम)  एवं जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली) ब्रॉच प्रारंभ किया गया है। सभी ब्रांचों में 60-60 सीट उपलब्ध है। कॉलेज के सुचारू संचालन के लिए 23 शैक्षणिक स्टाफ, 45 सहयोगी स्टाफ कुल 68 लोगों सेटअप तैयार किया गया है। इस कॉलेज को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त है तथा छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानन्द तकनीकी विश्वविद्यालय से संबध्यता किया गया है। अभी कॉलेज में सिविल इंजीनिरिंग के 8 तथा माइंनिंग इंजीनियरिंग 19 विद्यार्थियों के साथ कुल 27 छात्र है। आईटीआई कॉलेज के विद्यार्थियों ने नल कलेक्शन, वाटर कूलर, सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए मंच तथा कॉलेज परिसर में मोटर साइकिल स्टैंड की मांग रखी जिन्हें मंत्री जी तुरंत स्वीकृति दे दी और छात्रों को परेशानी न हो इसके लिए उन्होंने तत्काल नगर निगम आयुक्त इनके प्राक्कलन तैयार इसकी जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।   कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने नव प्रवेशी छात्र एवं छात्राओं को पेन एवं कॉपी देकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम जिला अध्यक्ष अनिल केशरवानी, नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह, भूतपूर्व महापौर डब्ल्यू बेहरा, वार्ड पार्षद राय सिंह, जनप्रतिनिधी, विजयेन्द्र सारथी, नगर निगम आयुक्त राम प्रसाद आंचल, तहसीलदार शशि शेखर मिश्रा, पॉलिटेक्निक कॉलेज प्राचार्य आर. जे. पाण्डेय आईटीआई कॉलेज के छात्र एवं छात्राएं तथा उनके अभिभावक सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बोरियाखुर्द खेल मैदान में बनेगा 55 फीट का रावण, 40-40 फीट के मेघनाथ और कुंभकरण : अध्यक्ष गजेन्द्र तिवारी

रायपुर बोरियाखुर्द खेल मैदान में आयोजित होने वाले दशहरा उत्सव की तैयारी में मोहल्ले के लोग अभी से जुट गए है। दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष गजेन्द्र तिवारी ने बताया कि इस वर्ष 55 फीट का रावण, 40-40 फीट का मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले का दहण किया जाएगा, जिसे कारीगर अभी से बनाने में जुट गए है। दशहरा समिति के मीडिया प्रभारी एवं प्रचार प्रसार के विजय वर्मा व फलेश्वर साहू ने बताया कि 12 अक्टूबर को सुबह 10 बजे बच्चों एवं युवाओं द्वारा पतंगबाजी के बाद स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके बाद शाम को 7 बजे रावण दहन किया जाएगा इससे पहले भव्य आतिशबाजी की जाएगी। रात्रि 8 बजे से छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध अंजोर लोक कला मंच के गरिमा स्वर्णा दिवाकर के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इससे पूर्व गुरुवार को आयोजन स्थल पर भूमि पूजन कर तैयारियां प्रारंभ की गई। इस अवसर पर समिति के कार्यकारी अध्यक्ष लच्छूराम निषाद, उपाध्यक्ष रमेश कुमार नंदे, दूज राम साहू, सचिव रुद्र कुमार साहू, कोषाध्यक्ष कोमल साहू, एनके शुक्ला, लेखराम साहू, संदीप साहू, गोपाल साहू, रोशन लाल साहू, धनराज सतपुते, मोहित सेन समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

राज्योत्सव – 2024 : 5 नवम्बर को एक दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रायपुर से भिन्न सभी जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है। जिला मुख्यालयों में 5 नवम्बर को एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विकास विभागों की विभागीय प्रदर्शनी में उपलब्धियों, महत्वपूर्ण योजनाओं एवं सफल परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित की जाएगी। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला स्तर पर स्थानीय कलाकारों द्वारा 5 नवम्बर को एक दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह एक नवम्बर से 6 नवम्बर तक जिला मुख्यालयों के समस्त शासकीय भवनों में रोशनी की जाएगी। शासन की जनकल्याणकारी तथा हितग्राही मूलक योजनाओं से संबंधित कार्यक्रमों में लोगों को लाभान्वित किया जाए। जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में मंत्रीगण, सांसदों, विधायकगण, जन-प्रतिनिधि को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। राज्य शासन द्वारा उक्त कार्यक्रम के आयोजन में मितव्ययिता बरतने के निर्देश दिए हैं।

सुरक्षा बलों के जवानों के साथ किया संवाद, बस्तर अब शांति की ओर हो रहा अग्रसर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बीजापुर प्रवास के दौरान विश्रामगृह में आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली हिंसा से पीड़ित युवाओं से संवाद किया। ये युवा छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत पुलिस विभाग में भर्ती होकर माओवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नक्सल संगठन को छोड़कर पुनर्वास नीति से लाभान्वित होने वाले युवाओं से मिलकर खुशी जाहिर की और कहा कि बस्तर अब शांति की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विगत दिवस नक्सलियों की हिंसा के शिकार 55 से ज्यादा नक्सल पीड़ितों ने दिल्ली जाकर महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु एवं केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह से मिले और नक्सलवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली हिंसा के शिकार लोगों की बातों को सुनकर बहुत ही दुख लगा कि निर्दाेष लोग हिंसा के शिकार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय से संवाद के दौरान नक्सली पीड़ित नव आरक्षक सुमित्रा ने बताया कि उनके पिता की नक्सलियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत वे आरक्षक के पद पर नियुक्त हुए है। शासन के पुनर्वास नीति नक्सल पीड़ित परिवार के लिए वरदान साबित हो रही है। वहीं चेरकंटी निवासी श्री मंगल मोड़ियम पूर्व में 19 वर्षों तक नक्सल संगठन में शामिल था। माओवादियों के खोखली विचारधारा को छोड़कर आत्मसमर्पण किया, जिन्हें पुनर्वास नीति के तहत पुलिस विभाग में नियुक्ति मिली। श्री मंगल मोड़ियम ने बताया कि बस्तर, बीजापुर में शांति स्थापित होना जरूरी है। भोले-भाले आदिवासियों का नक्सलियों द्वारा जल, जंगल, जमीन के नाम पर गुमराह किया जाता है।   इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह बस्तर आईजी श्री सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार उपस्थित थे।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 75 ट्रैक मशीन, रेल लाइनों के अनुरक्षण के लिए हैं तैनात

बिलासपुर  भारतीय रेलवे के एक महत्वपूर्ण अंग के रूप में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे लगभग 5465 ट्रैक किलोमीटर रेल लाइन के साथ प्रतिदिन औसत लगभग 400 से भी अधिक ट्रेनों का परिचालन करती है । इतनी बड़ी संख्या में रेल लाइनों पर गाडि?ों के परिचालन से निश्चित ही रेल लाइनों का समयानूसार आवश्यक मेंटेनेंस कार्य की आवश्यकता होती है । अगर रेल लाइनों की बात की जाए तो यह मात्र लोहे के दो पटरियों को समतल जगह पर गिट्टी के ऊपर बिछाकर रेल चलाने जितनी सरल नहीं है । रेल परिचालन जितना महत्वपूर्ण है उतना ही जरूरी रेल पटरियों का मेंटेनेंस भी है । संरक्षा की दृष्टि से तो यह और भी अतिआवश्यक है । रेल लाइनों के मेंटेनेंस में मुख्य रूप से रेल लाइनों की लाइनिंग, लेवलिंग एवं अलाइनमेंट बहुत ही महत्वपूर्ण है इसके साथ ही साथ रेल लाइनों के नीचे बिछा हुआ गिट्टी या बैलास्ट, जो कि लाइनों के लिए कुशन का कार्य करती है तथा रेल लाइनों के ऊपर पड?े वाली गाडि?ों के भार को सही मात्रा में बाँटकर रेल यात्रियों के आरामदायक यात्रा को सुनिश्चित करने में मदद करती है । रेल यात्रियों के संरक्षित सफर को सुनिश्चित करने में रेल लाइनों के मेंटेनेंस कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है । नए जरूरतों को देखते हुए रेलवे द्वारा अत्यधिक आधुनिक मशीन का प्रयोग किया जा रहा है। इन अत्?याधुनिक मशीन के द्वारा रेल ट्रैक के रखरखाव से संबंधित अनेक प्रकार के कार्य सुगमता से सरलता से किए जाते हैं। मशीन के द्वारा कार्य में लागत अत्यधिक कम आती है, और साथ-साथ में रेल ट्रैक की भारी संरचना के कार्य को भी सरल एवं सुरक्षित तरीके से कर देती है जिससे ट्रैक कर्मियों की सुरक्षा भी बनी रहती है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तीसरी लाइन, चौथी लाइन एवं नई लाइन के निर्माण कार्य तथा कार्यरत लाइन के अनुरक्षण एवं मरम्मत के लिए मशीनों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण हो गई है । इसके के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेल में मैनपावर के साथ, उच्च तकनीक के मशीनों का भी इस्तेमाल करके आधुनिक ट्रैक मेंटेनेंस किया जा रहा है । नागपुर से झारसुगुड़ा मेन लाइन की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे की जा चुकी है । ऐसे में इन सेक्शनों की गति की गति में वृद्धि के साथ ही इस तरह की मशीनों की आवश्यकता तथा महत्ता और अधिक बढ़ गई है । इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रेल लाइनों का ट्रैक मशीनों के द्वारा वर्तमान वित्तीय वर्ष 2024-25 के अप्रैल2024 से सितंबर 2024 के दौरान 06 महीनों में 104 किलोमीटर ट्रैक रिन्यूअल, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 49 किलोमीटर की तुलना में 112 प्रतिशत अधिक है, 133 किलोमीटर ट्रैक में गिट्टी की छनाई, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 59 किलोमीटर की तुलना में 125 प्रतिशत अधिक है, 96 टर्नआउट का रिन्यूअल, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 44 टर्नआउट रिन्यूअल की तुलना में 118 प्रतिशत अधिक है, तथा 3642 किलोमीटर प्लेन ट्रैक की टैंपिंग, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 2610 किलोमीटर की तुलना में 40 प्रतिशत अधिक है, का कार्य किया गया है । रेल लाइनों के मेंटेनेंस से संबंधित ये सारी उपलब्धियां गाडि?ों के परिचालन के साथ-साथ बेहतर प्लानिंग एवं सामंजस्य के साथ हासिल की गई है । ट्रैक मेंटेनेंस के दौरान दिन हो या रात, सर्दी हो या बरसात 24 घंटे रेल कर्मचारी एक-एक मिनट के समय का सदुपयोग करते हुए संरक्षित रेल परिचालन के लिए कार्य करता है । इसके साथ ही साथ इन्ही दौरान रेलवे लाइनों पर ट्रैको के रिनिवल एवं मेंटेनेंस करनेवाली मशीनों से भी कार्य लिया जाता है । वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अपने 75 ट्रैक मशीनों के साथ ट्रैक रखरखाव एवं अनुरक्षण के कार्य में मुस्तैदी के साथ कार्यरत है । ट्रैक मशीनों मे मुख्यत: सीएसएम, ड्योमैटिक, एमपीटी, यूनिमेट, बीसीएम, एफआरएम, बीआरएम, पीक्यूआरएस, टी28, आदि शामिल हैं । इस वित्तीय वर्ष दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में अलग-अलग तरह के 11 और मशीन भी शामिल होने वाले है । इन मशीनों के संचालन के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के ट्रैक मशीन विभाग में लगभग 700 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है ।

दंतेवाड़ा-नारायणपुर सीमा पर मुठभेड़ में 36 नक्सली ढेर, सर्च अभियान जारी

दंतेवाड़ा अबूझमाड़ क्षेत्र में शुक्रवार की दोपहर हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बल को इस वर्ष अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले की सीमा पर थुलथुली गांव के पास जंगल व पहाड़ी में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने अब तक 36 नक्सलियों को ढेर कर दिया है। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ अभी जारी है। मुठभेड़ स्थल से अब तक 36 नक्सलियों के शव सहित एके-47 राइफल, एसएलआर जैसी आटोमेटिक बंदूकें व भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए हैं। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मुठभेड़ में बड़े कैडर के इनामी नक्सली भी मारे गए हैं। मुठभेड़ में नक्‍सलियों के शव बरामद जानकारी के अनुसार यह मुठभेड़ तब हुई जब नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में नक्‍सलियों की उपस्थिति की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सर्चिंग अभियान शुरू किया। संयुक्त पुलिस पार्टी ने सर्चिंग अभियान के दौरान शुक्रवार सुबह नक्‍सलियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान मारे गए नक्सलियों के शव मौके पर बरामद किए गए हैं। साथ ही पुलिस ने AK-47, SLR और कई अन्य हथियार भी बरामद किए हैं। मुठभेड़ के दौरान सभी पुलिस जवान सुरक्षित हैं। फिलहाल इलाके में सर्च अभियान को जारी है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस की तरफ से कोई नुकसान नहीं हुआ। मुठभेड़ की जानकारी मिलने के बाद अतिरिक्त बल भी मौके पर भेजा गया है ताकि नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई को जारी रखा जा सके।

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