राज्यपाल अमृत भारत स्टेशन उद्घाटन पर आमंत्रित किए गए
रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) रायपुर श्री दयानंद ने भेंट कर अमृत भारत स्टेशन के उद्घाटन के अवसर पर उन्हें आमंत्रित किया।
रायपुर राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) रायपुर श्री दयानंद ने भेंट कर अमृत भारत स्टेशन के उद्घाटन के अवसर पर उन्हें आमंत्रित किया।
बलरामपुर रामानुजगंज शहर के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली कनहर नदी में बने एनिकट का गेट अचानक खुल गया, जिससे स्टोर किया गया पानी बहकर निकल गया. इस घटना के बाद शहर में जल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है. दरअसल, करीब 25 हजार की आबादी को पेयजल आपूर्ति इसी स्रोत से की जाती है. दरअसल, कनहर नदी का ही पानी फिल्टर होने के बाद लोगों के घर तक पहुंचता है. लेकिन एनिकट से पानी का बह जाना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है. लोगों को जैसे ही पानी खाली होने की जानकारी मिली, तो बड़ी संख्या में मछली पकड़ने वालों की भीड़ वहां उमड़ पड़ी. सबसे हैरानी की बात यह है कि एनिकट का गेट कैसे खुला, इसकी किसी के पास कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. इस घटना ने लोगो की चिंता और अधिक बढ़ गई है.
रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में 155 इन्फैंट्री बटालियन जम्मू-कश्मीर राइफल्स (छत्तीसगढ़ टेरियर्स) नवा रायपुर के कमाडिंग ऑफिसर कर्नल राज कुमार ने सौजन्य भेंट की।
रायपुर राजधानी रायपुर का ह्रदयस्थल कहे जाने वाला जयस्तंभ चौक इन दिनों बदहाल स्थिति में है. चौक पर चारों ओर लगाई गई एलईडी स्क्रीनें टूट चुकी हैं और कांच चकनाचूर होकर बिखरा पड़ा है. इन एलईडी में महात्मा गांधी, सुभाषचन्द्र बोस, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महापुरुष की तस्वीर दिखती थी. स्थिति ये है कि एलईडी टूटने के बाद किसी जनप्रतिनिधि का इसमें ध्यान नहीं जा रहा है. बता दें कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने राजधानी रायपुर के जयस्तंभ चौक के सौंदयींकरण में लाखों रुपए खर्च किए गए थे. रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत चौक के चारों ओर एलईडी लाइटें और डिजिटल स्क्रीन लगाई गई थीं, जिनका उद्देश्य चौक को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाना था. विधायक चंद्राकर ने विधानसभा में जताई थी आपत्ति पिछले दिनों विधायक अजय चंद्राकर ने विधानसभा में आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया था कि ऐतिहासिक जयस्तंभ चौक को प्रचार का माध्यम क्यों बनाया जा रहा है? तब सरकार ने सौंदर्याकरण और महापुरुषों की तस्वीरों का हवाला दिया था. हादसे की आशंका वर्तमान में इन एलईडी लाइटें उखड़ चुकी हैं. टूटे कांच और लाइट रिफ्लेक्शन के कारण हादसे की आशंका भी बनी हुई है. इसके बावजूद न तो किसी जनप्रतिनिधि और न ही प्रशासन की ओर से इस ओर कोई ध्यान दिया जा रहा है. जबकि पिछले पखवाड़े भर से यहां विभिन्न आयोजन हो रहे हैं.
दुर्ग दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल ने जिले के 14 जवानों को लाइन अटैच कर दिया है. इनमें से 8 जवान एसीसीयू के थे. इसके अलावा 53 पुलिस जवानों को भी ट्रांसफर आदेश जारी किया गया है, जिनमें से 41 जवानों को थानों में और 11 जवानों को एसीसीयू भेजा गया है. थाने में ट्रांसफर किए गए कुल 41 जवानों में से 11 एएसआई, 9 एसआई और 33 आरक्षक हैं. इनमें से 8 महिला आरक्षक भी शामिल हैं. बता दें, लाइन अटैच किए गए 14 एसीसीयू के एएसआई पूर्ण बहादुर , प्रधान आरक्षक चंद्रशेखर बंजीर, आरक्षक अनूपशर्मा, आरक्षक संतोष गुप्ता, आरक्षक पन्नेलाल, आरक्षक खुर्रमबख्श, आरक्षक विक्रांतयदु, आरक्षक शहबाज खान शामिल हैं. बता दें, दुर्ग SP अग्रवाल ने कमान संभालते ही पहले थानों के TI बदल दिए, जिनमें दुर्ग कोतवाली, सुपेला, खुर्सीपार, छावनी, पुरानी भिलाई जैसे महत्वपूर्ण थाने शामिल हैं. इसके बाद उन्होंने अब बड़ी संख्या में पुलिस जवानों के ट्रांसफर आदेश जारी किए हैं. गृह मंत्री विजय शर्मा के प्रभार वाले जिले दुर्ग में SP अग्रवाल ने अपनी इस सर्जरी से साफ संदेश दिया है कि जो दागी हैं, उनसे महत्वपूर्ण विभागों में काम नही लिया जाएगा.
रायपुर राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज सुकमा जिले के जगरगुंडा पहुँचे, जहाँ उन्होंने समाधान शिविर में शामिल होकर स्थानीय ग्रामीणों से मुलाक़ात की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जगरगुंडा क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। समाधान शिविर को संबोधित करते हुए वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही तेंदूपत्ता की ख़रीद दर बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की गई है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीणों को 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि घर निर्माण हेतु दी जा रही है। उन्होंने स्मरण किया कि करीब 12-13 साल पहले जब मैं संयुक्त रूप से दंतेवाड़ा जिले का कलेक्टर था तब सुकमा भी दंतेवाड़ा जिले में आता था तब बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए बतौर कलेक्टर मैने एजुकेशन सिटी, ‘छू लो आसमान’, ‘उड़ते परिंदे’ और लाइवलीहुड कॉलेज जैसी योजनाओं की शुरुआत की थी। आज इसके बहुत ही अच्छे और सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इसके माध्यम से हमने बच्चों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने की शुरुवात की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हम सड़क मार्ग से पालनार तक ही आ सकते थे। उसके बाद हमारी सरकार के निरंतर प्रयासों से आज हम बिना रुके सीधे जगरगुंडा तक पहुँच रहे हैं। मेरा यह सपना था की मैं जगरगुंडा सड़क मार्ग से जाऊँ और आज मेरा सपना साकार हुआ। मंत्री चौधरी ने कहा कि आज से 25 साल पहले यहाँ के राज्य ग्रामीण बैंक को नक्सलियों ने लूट लिया था, वर्तमान में हमारी सरकार के बन जाने से पुनः जनता की सुविधा के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक की स्थापना की गई है। अब आपके सारे बैंकिंग कार्य अब जगरगुंडा में ही हो पाएगा। *वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जगरगुड़ा के विकास हेतु की प्रमुख घोषणाएँ:* *जलाशय निर्माण:* ग्रामीणों की मांग पर जगरगुंडा में सिंचाई सुविधा हेतु 2 करोड़ रुपये की लागत से जलाशय का निर्माण किया जाएगा। *मिनी स्टेडियम:* क्षेत्रीय युवाओं के खेल विकास हेतु मिनी स्टेडियम की स्थापना की जाएगी। *मिडिल स्कूल:* शिक्षा की पहुँच को और मजबूत करने हेतु एक नए मिडिल स्कूल का निर्माण कराया जाएगा। *बैंक सुविधा:* वर्षों बाद जगरगुंडा में इंडियन ओवरसीज बैंक की स्थापना की गई है, जिससे स्थानीय लोगों को अब बैंकिंग सुविधाएँ यहीं मिल सकेंगी। *संचार और परिवहन सुविधा:* मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी और सुगम यातायात योजना के तहत बस सेवा शुरू की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि इस क्षेत्र के बच्चे कलेक्टर, एसपी, डॉक्टर, इंजीनियर बनें और समाज व देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सुदीपिका सोरी, कलेक्टर सुकमा देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता जैन, बैंक के रीजनल मैनेजर गौरीशंकर नायक, एएसपी उमेश गुप्ता, एसडीएम सबाब खान, जनप्रतिनिधिगण, जनपद सदस्यगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
रायपुर : देश की तरक्की के लिए समाज का जागरूक होना जरूरी – श्री अरुण साव उप मुख्यमंत्री ने कबीर आश्रम में डोम निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की राज्य और केंद्र सरकार मिलकर लोगों के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने और हर परिवार को आत्म-निर्भर बनाने का काम रही :उप मुख्यमंत्री रायपुर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के सेलूद स्थित कबीर आश्रम में आयोजित दो दिवसीय विराट संत समागम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कबीर आश्रम के मुखिया व साहित्य वेदांताचार्य महंत सुकृत दास शास्त्री द्वारा आयोजित इस संत समागम में सांसद श्री विजय बघेल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने संतों की मांग पर आश्रम के कार्यक्रम स्थल में डोम निर्माण के लिए 25 लाख रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने आश्रम की अन्य मांगों को भी पूरा करने का भरोसा दिलाया। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने संत समागम को सम्बोधित करते हुए कहा कि संत समाज को मार्गदर्शन देते हैं। संत कबीर ने जीवन जीने का आचरण बताया है। उनकी वाणी आज भी प्रासंगिक है। उन्हें मानने वाले पूरे देशभर में हैं। इस आश्रम में कई तरह के अभावों के बीच भी कबीर के विचारों को लोगों तक पहुंचाने में आप लोग लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी संत कबीर की वाणी को जन-जन तक पहुंचाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। देश की तरक्की के लिए समाज का जागरूक होना जरूरी है। आज राज्य की सरकार और केंद्र की सरकार मिलकर लोगों के आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने और हर परिवार को आत्म-निर्भर बनाने का काम रही है। संतों के आशीर्वाद से यह काम भी पूरा होगा। सांसद श्री विजय बघेल ने संत समागम में कहा कि विगत 60 वर्षों से इस आश्रम में संत समागम का आयोजन होते आ रहा है। उन्होंने सभी संतों का अभिवादन करते हुए कहा कि आश्रम का मुझे आर्शीवाद मिला है। कबीर की वाणी में ईश्वर का वास था। कबीर की वाणी आज भी जीवंत है। हम सभी को कबीर के बताये मार्ग को जीवन में आत्मसात करना है। उन्होंने आश्रम में स्नानागार और शौचालय निर्माण का कार्य शीघ्र पूरा कराने का भरोसा दिलाया। संत समागम में श्री परमेश्वर साहेब, श्री भूपत साहेब और साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री टहल सिंह साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और संत कबीर के अनुयायी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सुशासन तिहार 2025 के तहत छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अति संवेदनशील और सुदूर ग्राम मुलेर में की गई घोषणाएं अब धरातल पर उतरने लगी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थापना, तीन सीसी सड़कों के निर्माण और डोम शेड निर्माण के लिए कुल 21.54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री साय ने बीते दिनों सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम मुलेर का औचक दौरा कर विकास शिविर का निरीक्षण किया था। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामवासियों में विशेष उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने मौके पर स्वास्थ्य, सड़क और सामुदायिक सुविधा से जुड़ी अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिन पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल स्वीकृति दी और प्रशासन को निर्देशित किया कि कार्यों को प्राथमिकता से शीघ्र पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की इस त्वरित और जनहितैषी पहल से न केवल ग्राम मुलेर में बुनियादी सुविधाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है, बल्कि शासन की जनकल्याण के प्रति संवेदनशीलता भी देखने को मिली है। पहल शासन और आम जनता के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत करेगी।
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की बैठक संपन्न लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय क्रमबद्ध आंदोलन का होगा आगाज एमसीबी/मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ जिला मनेद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर की जिला स्तरीय बैठक दिनांक 18 मई 2025 दिन रविवार को जिला मुख्यालय में आयोजित की गई जिसमें भ्रष्टाचार, कर्मचारियों की समस्या, जनता को होने वाली असुविधा, इत्यादि समस्याओं के संबंध में सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा कई निर्णय लिए गए जिसमें आगामी माह में रायपुर में होने वाले राज्य स्तरीय महासम्मेलन में उपस्थित होने, जिला अस्पताल चिरमिरी में अध्यक्ष मनोनीत करने, आयुष्मान प्रोत्साहन राशि विगत दो वर्षों से प्राप्त न होने, समयमान वेतनमान व परिवीक्षावधि के प्रकरण लंबित होने व उनके एरियर्स भुगतान के संबंध में, 1 वर्ष से हेल्थ वेलनेस सेंटर की राशि भुगतान ना होने, सीआरएमसी प्रोत्साहन राशि न मिलने, यात्रा एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति भत्ता विकासखण्डों में प्रदान करने, कर्मचारियों को फॉर्म 16 प्रदान किए जाने ,जीपीएफ पासबुक का संधारण व सीपीएस से पुरानी पेंशन योजना अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को मासिक कटौती का विवरण प्रदान करने, विकासखण्डों में जीवनदीप समिति की बैठक कराकर कर्मचारियों को कलेक्टर दर पर भुगतान करवाने,कई संस्थाओं में स्टाफ की कमी के कारण होने वाली समस्याओं के संबंध में, कर्मचारियों से ऑनलाइन कार्य शासन की नियमावली अनुसार करवाने, कई वर्षों से अवकाश प्रकरण को लंबित रखकर कर्मचारियों का वेतन भुगतान न करने ,अस्पताल में ओपीडी व परीक्षण कक्ष में सीसीटीवी कैमरा लगवाए जाने ,कर्मचारियों की सुरक्षा हेतु सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने, निश्चय निरामया कार्यक्रम अंतर्गत प्रोत्साहन राशि का भुगतान करवाने ,मनेद्रगढ़ अस्पताल में महिला वार्ड का बाथरूम कई वर्षों से बंद होने के संबंध में, सदस्यता अभियान पूर्ण करने, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का कार्य आधारित वेतन 7 माह से प्रदान नहीं होने के संबंध में, शासकीय अस्पताल मनेद्रगढ़ में स्टाफ नर्सो की कमी व अत्यधिक कार्य व पदस्थापना के संबंध में, हेल्थ वेलनेस सेंटर प्रोत्साहन राशि जो भुगतान किया गया उसकी गाइडलाइन व गणना पत्रक प्रदान करने, विकासखंड जनकपुर की समस्याओं पर समिति गठित करने, सफाई कर्मचारियों के भुगतान में अनियमितता के संबंध में कार्यवाही करने, आयुष्मान प्रोत्साहन राशि के भुगतान में हुई अनियमितता के संबंध में आज दिनांक तक समिति गठित न करने, कोविड टीकाकरण राशि के भुगतान में हुई अनियमितता के दस्तावेज अवलोकन आज दिनांक तक न कराये जाने, शासकीय अस्पताल मनेद्रगढ़ में सायंकालीन ड्यूटी में लगातार चिकित्सकों की अनुपस्थिति के कारण जनता को होने वाली असुविधा के संबंध में, संविदा कर्मचारी जिन्हें शासकीय आवास आवंटित है का हाउस रेंट कटौती न करने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। वर्षों से लंबित समस्याओं का एक सप्ताह में निराकरण न होने पर 28 मई 2025 दिन बुधवार को एक दिवसीय सांकेतिक ध्यानाकर्षण धरना प्रदर्शन (दोपहर 1 से 5 बजे तक कार्य अवधि उपरांत ताकि मरीजों को कोई परेशानी ना हो )का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया उक्त बैठक में कार्यकारी प्रांत अध्यक्ष आर डी दीवान, प्रांतीय सचिव अंजय मिश्रा विदेशी नाहक, जिला अध्यक्ष अरुण ताम्रकार ,ब्लॉक अध्यक्ष मनेंद्रगढ़ प्रवीण सिंह ,ब्लॉक अध्यक्ष जनकपुर,आर एस चेचाम, संभागीय सचिव उमाशंकर सिंह, लिपिक प्रकोष्ठ जिला संयोजक गौरी शंकर सोंधिया, अल्पना पटेल, साकरा बानो, मोहम्मद इल्फान, मोहम्मद आफताब ,शैलेंद्र मिश्रा ,जितेंद्र सेन ,सोभनाथ मिश्रा ,राहुल शर्मा मुकेश गहरवार प्रमेन्द्र सिंह सहित सभी पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
लंबे समय से नक्सल समस्या से प्रभावित रहे जगरगुंडा में खुली इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा, CM ने किया वर्चुअल शुभारंभ डबल इंजन की सरकार में बस्तर में शांति स्थापित करने में मिल रही कामयाबी: मुख्यमंत्री राज्य सरकार के प्रयासों से दूरस्थ अंचल में बैंकिंग सुविधाओं का हो रहा प्रसार: मुख्यमंत्री 12 गांव के लगभग 14 हजार लोगों को मिलेगा बैंक का लाभ रायपुर लंबे समय से नक्सल समस्या से प्रभावित रहे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र के लोगों को भी अब बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास से सुकमा के जगरगुंडा में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया। बैंक की इस शाखा से आसपास के 12 गांव के लगभग 14 हजार ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने शुभारंभ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन इस क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक है। लंबे समय से यह क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी डबल इंजन की सरकार में हम बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने में कामयाब हुए हैं। यही कारण है कि आज यहां बैंक की नई शाखा खुली है। लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की सुरक्षा, विकास और विश्वास की रणनीति, सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और केंद्र और राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प से बस्तर अंचल के गांव तेजी से नक्सल समस्या से उबर कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी में सभी ग्राम पंचायत में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की गारंटी दी गई है, जिस पर अमल करते हुए 24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर प्रत्येक विकासखंड की 10 – 10 ग्राम पंचायतों में 1460 अटल पंचायत डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। जहां ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों में इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सुशासन तिहार की भी विस्तार से जानकारी दी। श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान उन्होंने स्वयं डिजिटल सेवा केंद्रों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। ग्रामीण यहां बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब वे दंतेवाड़ा में कलेक्टर थे, तब यह इलाका घोर नक्सल प्रभावित था। अंदरूनी इलाके में जाने के पहले सोचना पड़ता था। वर्ष 2001 में इस भवन में ग्रामीण बैंक की शाखा थी, जिसे नक्सलियों द्वारा लूटने का प्रयास किया गया था। आज इसी भवन में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा खुल रही है। यहां से ग्रामीणों को तेंदूपत्ता बोनस, किसान सम्मान निधि जैसी अनेक योजनाओं की राशि गांव में ही मिलेगी। वित्तमंत्री श्री चौधरी ने बैंक परिसर में कैश काउंटर और शाखा प्रबंधक कार्यालय का निरीक्षण करते हुए बैंक में अपना भी खाता खुलवाया। उनके साथ महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने भी बैंक में अपना खाता खुलवाया। उल्लेखनीय है कि बैंक के साथ ही एटीएम की सुविधा भी ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराई गई है। शुभारम्भ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव वर्चुअली जुड़े थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, कलेक्टर सुकमा श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता जैन और बैंक के रीजनल मैनेजर श्री गौरीशंकर नायक जगरगुण्डा में उपस्थित थे।
रायपुर छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बनेगा राज्य का पहला एक्वा पार्कछत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बनेगा राज्य का पहला एक्वा पार्कछत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बनेगा राज्य का पहला एक्वा पार्कछत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बनेगा राज्य का पहला एक्वा पार्क हसदेव-बांगो जलाशय के डूबान क्षेत्र में छत्तीसगढ़ राज्य का पहला एक्वा पार्क विकसित किया जा रहा है, जो राज्य में मछली पालन, प्रसंस्करण एवं पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन करेगा। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत भारत सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए 37 करोड़ 10 लाख 69 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह एक्वा पार्क कोरबा जिले के एतमानगर और सतरेंगा क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। एतमानगर में स्थापित किए जाने वाले एक्वा पार्क में फीड मिल, फिश प्रोसेसिंग प्लांट, हेचरी एवं रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम की स्थापना की जाएगी। इसके माध्यम से मछलियों के उत्पादन से लेकर उनकी प्रोसेसिंग एवं निर्यात तक की समग्र व्यवस्था होगी। फिश प्रोसेसिंग प्लांट में मछलियों की सफाई, बोन हटाकर फिले तैयार करना और उच्च गुणवत्ता पैकिंग कर निर्यात की सुविधा होगी। हेचरी के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज का उत्पादन किया जाएगा। सतरेंगा में एक्वा पार्क का विस्तार कर एक्वा म्यूजियम, एंगलिंग डेस्क, कैफेटेरिया, फ्लोटिंग हाउस तथा मोटर बोट जैसी पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह स्थल मछली पालन की जानकारी, मनोरंजन और ताजे जल की मछलियों के स्वाद का समागम स्थल बनेगा। गौरतलब है कि हसदेव जलाशय के सरभोंका स्थित निमउकछार क्षेत्र में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना तथा जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के सहयोग से लगभग 800 नग केज की स्थापना की गई है। इन केजों के माध्यम से मछली पालन हेतु 9 पंजीकृत मछुआ सहकारी समितियों के 160 सदस्यों का चयन किया गया, जिन्हें 5-5 केज आवंटित किए गए हैं। केज कल्चर के माध्यम से ग्रामीणों को औसतन 88 हजार रुपये वार्षिक आमदनी प्राप्त हो रही है। मछुआरा समिति के सदस्यों दीपक राम मांझीवार, अमर सिंह मांझीवार एवं महिला सदस्य श्रीमती देवमति उइके ने बताया कि इस तकनीक ने उन्हें न केवल रोजगार दिया है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी सुधरी है। मत्स्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग 1600 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है, जिससे प्रतिदिन 70-80 लोगों को प्रत्यक्ष एवं 15-20 चिल्लहर विक्रेताओं को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। हसदेव जलाशय क्षेत्र में तिलापिया एवं पंगास (बासा) प्रजाति की मछलियों का उत्पादन किया जा रहा है। तिलापिया मछली कम लागत में पाली जा सकती है, यह पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत होने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अत्यंत लोकप्रिय है। इसकी खपत अमेरिका जैसे देशों में भी हो रही है। यह मछली रोग प्रतिरोधक होती है तथा 6-8 माह में बाजार योग्य आकार में विकसित हो जाती है। वहीं पंगास मछली में कांटा कम होता है, जिससे यह उपभोक्ताओं के बीच अधिक लोकप्रिय है। हसदेव-बांगो जलाशय क्षेत्र में विकसित हो रहा एक्वा पार्क राज्य में मछली पालन, स्वरोजगार एवं पर्यटन को एक नई पहचान देगा। यह पहल न केवल क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि ग्रामीणों के लिए सम्मानजनक और टिकाऊ आजीविका के नए द्वार भी खोलेगी।
रायपुर समय के साथ सुविधाएं लोगों को घर-द्वार में मिल रही हैं. इस कड़ी में पासपोर्ट भी शामिल हो गया है, जिसके लिए अब आपको कार्यालय का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, बल्कि घर बैठे ही पासपोर्ट से जुड़े काम हो जाएंगे. सरकार ने अब घर बैठे ही फिंगर प्रिंट्स और बायोमेट्रिक स्कैनिंग मशीन, दस्तावेजों की जांच, फोटो खींचने समेत सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराने जा रही है. विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट बनाने में आने वाली दिक्कतों को देखते हुए लोगों को सुविधा के लिहाज से पासपोर्ट मोबाइल वैन चला रही है. इस हाईटेक वैन में पासपोर्ट बनाने की पूरी प्रक्रिया संपन्न होगी. इस वैन को अलग-अलग इलाकों में हफ्ते में एक बार पहुंचाया जाएगा. लोगों को केवल इस वैन तक पहुंचना होगा. बाकी के काम वैन में तैनात कर्मचारी और अफसर कर लेंगे. मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत कई राज्यों में यह सुविधा शुरू भी हो गई है. अब इस विदेश मंत्रालय की इस महती योजना में छत्तीसगढ़ को भी शामिल कर लिया गया है. जल्द ही छत्तीसगढ़ पासपोर्ट दफ्तर को पहली वैन मिलने वाली है. यहां वैन कहां-कहां जाएगी, इसका रूट भी तैयार किया जा रहा है. तीन दिन में तत्काल पासपोर्ट दरअसल, बिना पासपोर्ट के विदेश जाना संभव नहीं है. विदेश जाने वालों की संख्या भी हर साल बढ़ रही है. पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया भी आसान हुई है. तत्काल पासपोर्ट तीन दिन में उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके लिए शुल्क 3500 रुपए ही है. सामान्य पासपोर्ट के लिए 1500 रुपए शुल्क लिया जाता है. सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दो हफ्ते में इसे जारी कर दिया जाता है. क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी गौरव गर्ग ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए मोबाइल वैन शुरू की जा रही है. इसमें पासपोर्ट बनाने के सारे काम होंगे. लोगों को सेंटर तक नहीं जाना होगा. शुरुआत में इस वैन को वहां चलाया जाएगा जहां पासपोर्ट दफ्तर नहीं है. ताकि लोग घरों के सामने ही पासपोर्ट बनवा सकें. 19 साल में 6 लाख पासपोर्ट रायपुर में 2007 में पासपोर्ट दफ्तर खुलने के पहले तक लोगों को नया पासपोर्ट बनवाने के लिए भोपाल जाना पड़ता था. पहली बार दफ्तर खुला तो उस वर्ष 45 पासपोर्ट बने थे. इसके बाद हर साल पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या बढ़ती गई. पिछले तीन साल से हर साल 50 हजार से ज्यादा लोग पासपोर्ट बनवा रहे हैं. जहां दफ्तर नहीं, वहां सुविधा पहले क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी गौरव गर्ग ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए मोबाइल वैन शुरू की जा रही है. इसमें पासपोर्ट बनाने के सारे काम होंगे. लोगों को सेंटर तक नहीं जाना होगा. शुरुआत में इस वैन को वहां चलाया जाएगा, जहां पासपोर्ट दफ्तर नहीं है. ऑनलाइन पता चलेगा कब-कहां आएगी गाड़ी मोबाइल वैन से पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को अलग से अपॉइंटमेंट दिया जाएगा लोग सुविधा के अनुसार टाइम स्लॉट बुक करा सकेंगे. दिन भी चुन सकेंगे. अपॉइंटमेंट बुक करने से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक की प्रक्रिया सरल और तेज होगी. ऐसे करेंगे आवेदन आवेदकों को passportindia.gov.in वेबसाइट पर लॉग इन कर स्लॉट बुक करना होगा. अलग-अलग प्रक्रियाओं में मोबाइल वैन के ऑप्शन को सिलेक्ट करना होगा. स्लॉट बुक होने के बाद वैन तय समय पर इलाके में पहुंचेगी. जहां प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
रायपुर राजधानी रायपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। न्यू राजेन्द्र नगर थाना क्षेत्र के महावीर नगर स्थित रामरामा रेसिडेंसी के पास से पुलिस ने तीन आरोपियों को प्रतिबंधित मादक पदार्थ कोकीन के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 7.48 ग्राम कोकीन, लग्जरी कार और मोबाइल फोन समेत करीब 9 लाख रुपये की सामग्री जब्त की गई है। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और न्यू राजेन्द्र नगर थाना की संयुक्त टीम ने की है। आरोपियों के खिलाफ न्यू राजेन्द्र नगर में धारा 21, 22 नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, 18 मई को एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति रामरामा रेसिडेंसी के पास एक कार में बैठे हैं और अपने पास प्रतिबंधित मादक पदार्थ कोकीन रखकर उसकी बिक्री की फिराक में ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) डी.आर. पोर्ते, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) संदीप मित्तल, नगर पुलिस अधीक्षक (पुरानी बस्ती) राजेश देवांगन और उप पुलिस अधीक्षक (क्राइम) संजय सिंह ने तत्काल संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिसके बाद संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर चारपहिया वाहन (Kia Seltos – CG/04/MV/1022) और उसमें बैठे तीन व्यक्तियों को चिन्हित कर हिरासत में लिया। पूछताछ में व्यक्तियों ने अपना नाम शुभांक पॉल, सागर पीटर और सिद्धार्थ पांडेय, निवासी रायपुर होना बताया। टीम के सदस्यों द्वारा उनकी चारपहिया वाहन की तलाशी लेने पर वाहन में प्रतिबंधित मादक पदार्थ कोकीन रखा होना पाया गया। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7.48 ग्राम प्रतिबंधित मादक पदार्थ कोकीन, नगदी रकम तथा घटना में प्रयुक्त 03 नग आईफोन एवं 01 नग चारपहिया वाहन CG/04/MV/1022, जुमला कीमती लगभग ₹9,00,000 जब्त किया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम शुभांक पॉल (35 वर्ष) – निवासी कटोरा तालाब, मदर टेरेसा स्कूल के पास, थाना सिविल लाइन सागर पीटर (33 वर्ष) – निवासी श्याम नगर क्रिश्चियन कॉलोनी, थाना तेलीबांधा सिद्धार्थ पाण्डेय (34 वर्ष) – निवासी शैलेन्द्र नगर, कन्या शाला के पास, थाना कोतवाली
मुंगेली मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को पथरिया मोड़ के पास एक बार फिर बड़ा हादसा हुआ, जहां यात्री बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराए गए है। लेकिन ये हादसा अकेला नहीं है। महज 15 दिन पहले थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर रात के अंधेरे में हुए एक सड़क हादसे में 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। दुर्भाग्य की बात ये है कि आज तक न आरोपी वाहन चालक व वाहन का पता चला, न ही यह साफ हो पाया कि दुर्घटना कैसे हुई। परिजनों का कहना है कि जांच की रफ्तार इतनी धीमी है कि परिजन आज भी न्याय की आस में हैं। धरमपुरा से बरेला तक की सड़क को लगातार हो रहे हादसों के कारण कथित तौर पर स्थानीय लोग ‘रेड जोन’के रूप में देख रहे है, लेकिन न सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, न बैरियर पर निगरानी व्यवस्था। जिला बॉर्डर और थानों के पास सुरक्षा कैमरे तक नहीं लगे हैं, जिससे दुर्घटनाओं के कारणों की जांच या दोषियों की पहचान मुश्किल हो जाती है।आलम ये है कि जरूरत पड़ने पर कि निजी घरो अथवा दुकानों के सीसीटीवी कैमरे पर पुलिस को निर्भर रहना पड़ता है। क्या जान की कीमत इतनी सस्ती है? स्थानीय लोगों का कहना है कि हर हादसे के बाद जांच और वादे तो होते हैं, लेकिन स्थायी समाधान आज तक नहीं निकला। तेज रफ्तार, लापरवाही और प्रशासन की निष्क्रियता की ये त्रासदी अब लोगों की जान लेने लगी है। स्थानीयों की मांग स्थानीय रहवासियों एवं राहगीरों की ये मांग है कि कथित रेड जोन में सीसीटीवी कैमरे और स्पीड मॉनिटरिंग उपकरण लगाए जाएं। बैरियर और बॉर्डर एरिया में निगरानी व्यवस्था हो। थानों को सक्रिय रूप से दुर्घटनाओं की जांच करनी चाहिए। हादसों की स्वतंत्र जांच और समयबद्ध रिपोर्ट पेश हो, क्योंकि सवाल अब सिर्फ हादसे का नहीं, व्यवस्था की संवेदनहीनता का है। क्या जिम्मेदार अब भी नही जागेंगे?
राज्य सरकार के प्रयासों से दूरस्थ अंचल में बैंकिंग सुविधाओं का हो रहा प्रसार 12 गांव के लगभग 14 हजार लोगों को मिलेगा बैंक का लाभ रायपुर, लंबे समय से नक्सल समस्या से प्रभावित रहे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र के लोगों को भी अब बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास से सुकमा के जगरगुंडा में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया। बैंक की इस शाखा से आसपास के 12 गांव के लगभग 14 हजार ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने शुभारंभ कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन इस क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक है। लंबे समय से यह क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। पिछले डेढ़ वर्षों में हमारी डबल इंजन की सरकार में हम बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापित करने में कामयाब हुए हैं। यही कारण है कि आज यहां बैंक की नई शाखा खुली है। लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार की सुरक्षा, विकास और विश्वास की रणनीति, सुरक्षा बलों के लगातार अभियान और केंद्र और राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प से बस्तर अंचल के गांव तेजी से नक्सल समस्या से उबर कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी में सभी ग्राम पंचायत में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की गारंटी दी गई है, जिस पर अमल करते हुए 24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर प्रत्येक विकासखंड की 10 – 10 ग्राम पंचायतों में 1460 अटल पंचायत डिजिटल सेवा केंद्र प्रारंभ किए गए हैं। जहां ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो गया है। एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों में इस सुविधा का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को सुशासन तिहार की भी विस्तार से जानकारी दी। श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान उन्होंने स्वयं डिजिटल सेवा केंद्रों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। ग्रामीण यहां बैंकिंग सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि जब वे दंतेवाड़ा में कलेक्टर थे, तब यह इलाका घोर नक्सल प्रभावित था। अंदरूनी इलाके में जाने के पहले सोचना पड़ता था। वर्ष 2001 में इस भवन में ग्रामीण बैंक की शाखा थी, जिसे नक्सलियों द्वारा लूटने का प्रयास किया गया था। आज इसी भवन में इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा खुल रही है। यहां से ग्रामीणों को तेंदूपत्ता बोनस, किसान सम्मान निधि जैसी अनेक योजनाओं की राशि गांव में ही मिलेगी। वित्तमंत्री श्री चौधरी ने बैंक परिसर में कैश काउंटर और शाखा प्रबंधक कार्यालय का निरीक्षण करते हुए बैंक में अपना भी खाता खुलवाया। उनके साथ महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी ने भी बैंक में अपना खाता खुलवाया। उल्लेखनीय है कि बैंक के साथ ही एटीएम की सुविधा भी ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराई गई है। शुभारम्भ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव वर्चुअली जुड़े थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, कलेक्टर सुकमा श्री देवेश कुमार ध्रुव, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता जैन और बैंक के रीजनल मैनेजर श्री गौरीशंकर नायक जगरगुण्डा में उपस्थित थे।