LATEST NEWS

MP : गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा बोले- किसान आंदोलन के पीछे CAA, NRC और दंगा भड़काने वाली ताकतें

जबलपुर. मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इस पूरे आंदोलन को संशोधित नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NRC) को लेकर दंगा भड़काने वाली ताकतों की साजिश बताया है. गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दिल्ली में जारी किसान आंदोलन पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ बातचीत का प्रयास कर रही है. इसका हल किसानों से बातचीत के ज़रिए ही निकल सकता है. लेकिन जो उकसाने वाले असामाजिक तत्व और जो लोग जबर्दस्ती वहां पहुंचे हैं वह आपसी बातचीत और समन्वय के बीच व्यवधान पैदा कर रहे हैं. एमपी के गृह मंत्री ने स्पष्ट आरोप लगाए कि किसान आंदोलन के पीछे वही ताकतें हैं जो सीएए और एनआरसी आंदोलन के पीछे जुड़ी रही हैं. विधानसभा सत्र में अहम प्रस्तावो पर होगी चर्चा सिंगरौली प्रवास पर निकले प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा कुछ देर के लिए जबलपुर के डुमना विमान तल पर रुके. इस दौरान उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत की. करीब 30 मिनट पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ समय बिताने के बाद वे यहां से सिंगरौली के लिए रवाना हुए.

MP में कौन बनेगा यूथ कांग्रेस अध्यक्ष: मैदान में विधायक और नेता पुत्रों के अलावा 12 उम्मीदवार

भोपाल. लंबे समय बाद यूथ कांग्रेस (Youth Congress) के मध्य प्रदेश (MP) अध्यक्ष का चुनाव होने जा रहा है. चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदर सियासी माहौल गर्म हो उठा है. सात साल तक युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने वाले कुणाल चौधरी की जगह अब नया अध्यक्ष चुना जाना है. इसके लिए चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं.प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में कांग्रेस के 2 विधायकों, नेता पुत्रों सहित कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं.15 दिसंबर को ऑनलाइन चुनाव होगा. एमपी यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल चेहरों पर नजर डालें तो… -कांग्रेस नेता प्रेमचंद गुड्डू के बेटे अजीत बोरासी – अंकित डोली -हर्षित गुरु – जावेद खान – मोना कौरव – पिंकी मुद्गल – संजय यादव – विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा – विधायक विपिन वानखेड़े – वंदना बेन – विक्रांत भूरिया और विवेक त्रिपाठी शामिल हैं. ऑनलाइन चुनाव उपचुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस अपनी यूथ ब्रिगेड में जान फूंकने की तैयारी में है. यही कारण है कि लंबे समय से अटका यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कराने की उसने पूरी तैयारी कर ली है. 12 उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं. 15 दिसंबर को होने वाले चुनाव की प्रक्रिया कोरोना के कारण ऑनलाइन होगी. यूथ कांग्रेस के सदस्य मोबाइल नंबर पर ओटीपी के जरिए मतदान की प्रक्रिया में शामिल होंगे. दिसंबर के आखिरी तक नतीजों का ऐलान हो जाएगा. नये अध्यक्ष के नेतृत्व में यूथ कांग्रेस को मजबूती देने की तैयारी है. ताकि 2023 के चुनाव से पहले कांग्रेस अपनी यूथ ब्रिगेड तैयार कर सके. लेकिन सवाल यह भी है कि कांग्रेस विधायक और नेता पुत्रों के सहारे संगठन को कितना मजबूत कर पाती है.

शेयर बाजार : सेंसेक्स 44655 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद

मुंबई। अच्छे GST कलेक्शन जैसे मजबूत घरेलू संकेतों और एशियाई बाजारों में तेजी के चलते मंगलवार को शेयर बाजार में अच्छी बढ़त देखने को मिली। सेंसेक्स 505.72 अंक ऊपर चढ़कर 44,655.44 के रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। क्लोजिंग के वक्त पिछला रिकॉर्ड स्तर 26 नवंबर को था, जब सेंसेक्स 44,259.74 पर बंद हुआ था। सेंसेक्स का अब तक का हाइएस्ट लेवल 44,825.37 है, लेकिन 25 नवंबर का यह आंकड़ा इंट्रा-डे का है। शेयर बाजार में बने 2 और रिकॉर्ड निफ्टी का रिकॉर्ड लेवल: मंगलवार को निफ्टी इंडेक्स भी 140.10 अंक ऊपर चढ़कर पहली बार 13,109.05 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। कारोबारी दिन में इंडेक्स ने 13,128.40 को टच किया। हालांकि, इंडेक्स का हाइएस्ट लेवल 13,145.85 है, जो 25 नवंबर को इंट्रा-डे में बना था। मंगलवार को बाजार की तेजी को ऑटो और आईटी शेयरों ने लीड किया। निफ्टी ऑटो, आईटी और मेटल इंडेक्स में 1-1% से ज्यादा की बढ़त रही। मार्केट कैप: BSE में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप भी रिकॉर्ड 176.26 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा। इससे पहले यह 30 अक्टूबर को 157.90 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचा था। यानी तब से अब तक टोटल मार्केट कैप 18.36 लाख करोड़ रुपए बढ़ चुका है। निफ्टी में सरकारी कंपनी गेल का शेयर 8% ऊपर बंद हुआ है। सन फार्मा और इंडसइंड बैंक के शेयर 5-5 फीसदी ऊपर बंद हुए। टेक महिंद्रा का शेयर भी 4% ऊपर बंद हुआ। वहीं, नेस्ले इंडिया का शेयर 2% नीचे बंद हुआ। ऑटो इंडेक्स में अमारा राजा बैट्रीज का शेयर भी 2% नीचे बंद हुआ है। सुबह BSE सेंसेक्स 286.11 अंक ऊपर 44,435.83 पर और निफ्टी 93.25 अंक ऊपर 13,062.20 पर खुला था।

सीएम शिवराज की हुई किरकिरी, पत्नी पर कविता चोरी करने का आरोप

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी पर कविता चोरी करने का आरोप लगा है। एक लड़की ने दावा किया है कि उसने अपने डैडी की याद में इस कविता को लिखा था और 21 नवंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया था। साधना सिंह ने इस कविता को कॉपी किया। डैडी शब्द की जगह बाबूजी किया और पोस्ट कर दिया। बाद में शिवराज ने इसे शेयर करते हुए साधना सिंह की लिखी कविता बताया। सीएम ने लिखा था कि उनकी पत्नी साधना ने कविता अपने पिता के लिए लिखी है, जिनकी कुछ दिनों पहले ही मौत हो गई थी। भूमिका ने कविता के शब्दों में हेरफेर पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने लिखा है कि वे अपने पिता को डैडी कहती थी, लेकिन सोशल मीडिया इसे कुछ लोग बाबूजी, बाऊजी या पापा जैसे शब्दों के साथ शेयर कर रहे हैं। उन्होंने अपील की है कि कविता के शब्द बेहद व्यक्तिगत हैं और इससे उनकी भावनाएं जुड़ी हैं। इसे तोड़-मरोड़कर कविता के साथ अन्याय न करें। कांग्रेस ने कहा- भाजपा नाम बदलने में माहिर इस विवाद पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि भाजपा नाम बदलने में माहिर है। अब तो शिवराज दूसरों की लिखी कविता को अपनी धर्म पत्नी की लिखी हुई बता रहे हैं। 18 नवंबर को सीएम शिवराज के ससुर का निधन हो गया था 18 नवंबर की देर रात मुख्यमंत्री के ससुर घनश्यामदास मसानी का निधन हो गया था। 88 साल के मसानी भोपाल के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। उस समय सीएम अपनी पत्नी और दोनों बेटों के साथ तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए गए थे। खबर मिलते ही शिवराज अपनी यात्रा बीच में छोड़कर लौट आए थे

जानें … दुनिया की सबसे तेज खुफिया एजेंसी मोसाद के सबसे चर्चित मिशन

नई दिल्ली। मोसाद को दुनिया की एक सबसे तेज खुफिया एजेंसी माना जाता है। ऐसी खुफिया एजेंसी जो अपना निशाना नहीं चूकती है। मोसाद ने कई ऐसे मिशन को अंजाम दिया है जिसको सोचकर इंसान सिहर जाए। मोसाद का सफलता का ट्रैक रेकॉर्ड काफी प्रेरक रहा है। यही कारण है कि अमेरिका और भारत समेत दुनिया की कई खुफिया एजेंसिया मोसाद के साथ मिलकर ट्रेनिंग और कई सीक्रेट मिशन्स को अंजाम देती हैं। भारत तो अपनी खुफिया एजेंसी में काम करने वाले अधिकारियों की ट्रेनिंग तक इजरायली खुफिया एजेंसी के साथ करवाता है। ऑपरेशन थंडरबोल्ट ने दुनिया में दिखाया मोसाद का दम 27 जून 1976 को जब इजरायली यात्रियों से भरी फ्रांस के एक यात्री विमान को अरब के आतंकियों ने अपहरण कर लिया। तब मोसाद ने अपनी ताकत और बुद्धिमानी के दम पर हजारों किलोमीटर दूर स्थित देश से अपने 94 नागरिकों को सुरक्षित वापस निकाल लिया। युगांडा के एंतेबे हवाई अड्डे पर मोसाद के ऑपरेशन को आज भी पूरी दुनिया में सबसे सफल हॉइजैकर्स मिशन माना जाता है। इस ऑपरेशन में वर्तमान में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाई जोनाथन नेतन्याहू भी शामिल हुए थे। हालांकि, उनकी ऑपरेशन के दौरान गोली लगने से मौत हो गई थी। जब मोसाद ने रूसी मिग-21 लड़ाकू विमान को चुराया 60 के दशक में अगर कोई लड़ाकू विमान सबसे अडवांस्ड और फास्ट था तो वह मिग-21 विमान था। अगर यह कहें कि अमेरिका भी इससे डरता था तो शायद कुछ गलत नहीं होगा। इस विमान को पाने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए फी असफल हो गई थी, जिसके बाद इसकी जिम्मेदारी मोसाद को दी गई। पहली कोशिश में पकड़े जाने के बाद दिसंबर 1962 में मोसाद के एक एजेंट को मिस्र में फांसी दे दी गई। मोसाद ने दूसरी कोशिश इराक में की, लेकिन यह प्रयास भी असफल रहा। 1964 में मोसाद की महिला एजेंट ने एक इराकी पायलट को इस विमान के साथ इजरायल लाने के लिए मना लिया था। म्यूनिख ओलिंपिक में इजरायली टीम के हत्यारों को ढूंढ-ढूंढकर मारा मोसाद ने 1972 में हुए म्यूनिख ओलिंपिक में इजरायली टीम के 11 खिलाड़ियों के हत्यारों को कई देशों में ढूंढ-ढूंढकर मौत के घाट उतार दिया। इजरायली खिलाड़ियों की हत्या का आरोप ब्लैक सेप्टेंबर और फिलीस्तीन लिबरेशन अर्गनाइजेशन पर लगा था। मोसाद की लिस्ट में 11 आतंकी थे, जो म्यूनिख में इजरायली खिलाड़ियों की हत्या के बाद अलग-अलग देशों में जाकर छिप गए थे। लेकिन, मोसाद ने 10 साल के ऑपरेशन में सभी आतंकियों को खोजकर मार दिया। कहा जाता है कि मोसाद ने सभी 11 आतंकियों को 11-11 गोलियां मारी थी। अर्जेंटीना में दिया सबसे घातक मिशन को अंजाम मोसाद ने अर्जेंटीना में 11 मई 1960 को एक ऐसे मिशन को अंजाम दिया जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी। यह मिशन इतना सीक्रेट था कि अर्जेंटीना की सरकार को इसकी भनक तक नहीं लगी। मोसाद नाजी युद्ध अपराधी एडोल्फ एकमैन का अपहरण कर इजरायल लेकर आई। जिसके बाद उसे यहूदियों के खिलाफ किए गए अत्याचारों के लिए मुकदमा चलाकर सजा दी गई। इस मिशन को इजरायल के पांच एजेंटों ने अंजाम दिया था जिसने नाम बदलकर अर्जेंटीना में छिपे एडोल्फ एकमैन को ढूंढ निकाला। एकमैन को पकड़ने के बाद एक सीक्रेट लोकेशन पर ले जाकर उसकी पहचान सुनिश्चित की गई। उसके बाद टीम उसे गुपचुप तरीके से इजरायल लेकर आ गई। यासिर अराफात के करीबी को परिवार के सामने मारी 70 गोलियां मोसाद ने फिलीस्तीन के प्रसिद्ध नेता रहे यासिर अराफात का दाहिना हाथ कहे जाने वाले खलील अल वजीर को ट्यूनिशिया में उसके परिवारवालों के सामने गोलियों से छलनी कर दिया। खलील को अबू जिहाद के नाम से भी जाना जाता था। यह फिलीस्तीन के आतंकी संगठनों का मुखिया माना जाता था जिसके इशारे पर इजरायल में कई हमले भी हुए थे। इस मिशन को मोसाद के 30 एजेंट्स ने अंजाम दिया। ये एजेंट एक-एक कर टूरिस्ट बनकर ट्यूनिशिया पहुंचे। जहां उन्होंने अबू जिहाद के घर का पता लगाकर उसके परिवार के सामने 70 गोलिया मारी। उस वक्त ट्यूनिशिया के आसमान में उड़ रहे इजरायली प्लेन ने सभी कम्यूनिकेशन सिस्टम्स को ब्लॉक कर दिया था।

सिंधिया को करना पड़ा सीएम शिवराज का 40 मिनट इंतजार, सिर्फ 10 मिनट ही हुई मुलाक़ात

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और सांसद ज्याेतिरादित्य सिंधिया के बीच हुई मुलाकात महज 10 मिनट में खत्म हो गई। इससे पहले सिंधिया को सीएम हाउस में शिवराज का करीब 40 मिनट इंतजार करना पड़ा। दरअसल, शिवराज सुबह गोंदिया गए थे। वे तय कार्यक्रम से करीब आधा घंटा लेट दोपहर 2:30 बजे भोपाल पहुंचे। सिंधिया से मुलाकात के तत्काल बाद मुख्यमंत्री ने शहडोल में नवजातों की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक की। इसके बाद शाम 4 बजे दोनों नेता ओरछा रवाना हो गए हैं। जहां वे केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल की पुत्री के विवाह समारोह में शामिल होंगे। शिवराज और सिंधिया आज ही देर शाम दिल्ली रवाना हो जाएंगे। मुख्यमंत्री मंगलवार को सुबह 10:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर बातचीत हुई है। हालांकि जानकारों का कहना है कि अभी मंत्रिमंडल विस्तार में समय लग सकता है। लेकिन जब भी मंत्रिमंडल विस्तार होगा सिंधिया खेमे के विधायक तुलसी सिलावट और गोविंदसिंह राजपूत को पहले मंत्री बनाया जाएगा। उपचुनाव के परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा था कि मंत्रिमंडल विस्तार की कोई जल्दी नहीं है। इसके बाद सिंधिया ने भी मुख्यमंत्री के बयान पर सहमति जताई थी। दरअसल, मंत्रिमंडल के विस्तार से पहले भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा होने की उम्मीद है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अपनी टीम का चयन कर लिया है। इससे पहले शर्मा की दिल्ली में सिंधिया के साथ बैठक हो चुकी है। इससे पहले मुख्यमंत्री और प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत के साथ उन्होंने कार्यसमिति को लेकर मंथन किया था। आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की जानकारी मोदी को देंगे सीएम मुख्यमंत्री मंगलवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश योजना के तैयार किए जा रहे रोडमैप की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के अलावा मप्र में कोरोना की मौजूदा स्थिति और इससे निपटने के लिए तैयारियों से भी प्रधानमंत्री को अवगत कराएंगे। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री केंद्र से मिलने वाली लंबित राशि राज्य को देने का प्रधानमंत्री से अनुरोध कर सकते हैं।

उज्जैन में 41 लाख की जमीन 12 लाख में नीलाम करने वाली तहसीलदार दीपाली निलंबित

भोपाल। कलेक्टर गाइड लाइन को धता बताते हुए 41 लाख की जमीन को मात्र 12 लाख में अपने पति रंजीत कर्नाल के ड्राइवर प्रेमकुमार दांगी को नीलाम करना तत्कालीन उज्जैन नायब तहसीलदार दीपाली जाधव (वर्तमान में देवास में तहसीलदार) को महंगा पड़ गया। लोकायुक्त पुलिस की चार्जशीट के बाद शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। रजिस्ट्रार ने जब आपत्ति जताई तो दीपाली ने अपने ओहदे का प्रभाव दिखाते हुए रजिस्ट्रार पर दबाव बनाकर रजिस्ट्री करा दी थी। यह है मामला दरअसल, उज्जैन तहसील के बमौरा निवासी नाथूलाल ने अपनी 3.21 हेक्टेयर जमीन को बंधक रखकर बैंक से पांच लाख का लोन लिया था। लोन नहीं चुका पाने पर वर्ष 2014 में नाथूलाल की जमीन नीलाम हो गई। तत्कालीन नायब तहसीलदार दीपाली जाधव ने उक्त भूमि को अपने पति रंजीत कर्नाल के ड्राइवर प्रेमकुमार दांगी के पक्ष में महज 12 लाख 11 हजार रुपए में नीलाम कर दी। जबकि उस समय कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार उस भूमि की कीमत 41 लाख 60 हजार रुपए थी। शिकायत होने पर लोकायुक्त पुलिस उज्जैन ने पूरे मामले की जांच की। नायब तहसीलदार के पति रंजीत कर्नाल लोकायुक्त पुलिस इंसपेक्टर बंसत श्रीवास्तव ने बताया कि नियमों को ताक पर रखकर नायब तहसीलदार दीपाली ने जमीन की नीलामी की थी। इसमें उसके पति रंजीत कर्नाल ने भी साथ दिया। जांच में पता चला कि नीलामी में प्रेमकुमार दांगी के साथ उज्जैन के अशोक नगर निवासी सहदेव और नीमनवासा के रहने वाले रमेश गुर्जर ने बोली लगाई थी। प्रेमकुमार की बोली 12.11 लाख पर छूटी। प्रेमकुमार ने नीलामी राशि को जमा करने के लिए चेक दिया था लेकिन उसने उसी समय आवेदन देकर चेक वापस ले लिया और उसी दिन तीन बजे तक सरकारी खाते में 12.11 लाख रुपए कैश जमा कर दिया। जांच में पता चला कि प्रेमकुमार के खाते में उस समय इतनी धनराशि नहीं थी तो वह इतना कैश कहां से लाया। लोकायुक्त पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि यह सब मैडम (दीपाली) और साहब (रंजीत) का करा-धरा है। साहब ने ही पैसों की इंतजाम किया था। इंसपेक्टर बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि रंजीत ने अपने इंदौर के पते पर प्रेमकुमार को किराएदार दिखाया था। उसी पते पर प्रेमकुमार का बैंक खाता भी खुलवाया था। प्रेमकुमार के पक्ष में नीलामी करवाने के बाद जमीन की रजिस्ट्री में रंजीत गवाह भी बना। जबकि यह नियमों के विरुद्ध था। नीलामी में पीठासीन अधिकारी का कोई सगा-संबंधी शामिल नहीं हो सकता है। रजिस्ट्रार ने की थी आपत्ति जांच अधिकारी बसंत श्रीवास्तव ने बताया कि मात्र 12 लाख में नीलामी करने को लेकर तत्कालीन रजिस्ट्रार ने प्रेमकुमार के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री करने से मना कर दिया था। तब दीपाली जाधव ने रजिस्ट्रार काे पत्र लिखकर रजिस्ट्री करने का दबाव बनाया। नीलामी में शामिल होने से किया इंकार जांच अधिकारी ने बताया कि नीलामी में तीन लोग आए ही नहीं थे। प्रेमकुमार के साथ बोली लगाने वाले सहदेव और रमेश गुर्जर ने लोकायुक्त पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि उन्हें न तो नीलामी के बारे में पता था और न ही वे बोली लगाने आए थे। पूरी नीलामी सिर्फ कागजों में की गई। नोटिस के बावजूद बयान देने नहीं आईं थीं दीपाली लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान बयान देने के लिए तत्कालीन नायब तहसीलदार दीपाली जाधव को नोटिस भेजा गया था, लेकिन वह नहीं आईं। उधर, प्रेमकुमार दांगी भी बयान देने के बाद से फरार है। उसकी फरारी में ही इसी साल 15 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया गया।

MP: पत्नी से झगड़े के बाद टावर पर चढ़ गया पति, बोला- मायके गई तो कूद जाऊंगा

इंदौर। मध्य प्रदेश के बड़वानी में पत्नी से झगड़ा होने के बाद पति हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया. ग्रामीणों ने जब ये नजारा देखा तो हैरान रह गये. गनीमत ये रही कि उस समय हाईटेंशन में करंट नहीं दौड़ रहा था. टावर पर 80 फीट ऊपर चढ़ा पति बार-बार अपनी पत्नी से बोल रहा था कि तुम मायके गईं तो कूद जाऊंगा. ग्रामीणों की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई. करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने पति को समझा-बुझाकर नीचे उतारा जा सका. बड़वानी के बालसमुद पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम टमेला में एक घंटे तक चले ड्रामे से पुलिस और ग्रामीणों के पसीने छूट गये. गांव का ही रहने वाला मूलचंद पत्नी से झगड़े के बाद हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया. करीब 80 फीट ऊंचाई पर चढ़े हुए इस युवक को जब देखा, तो मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. युवक को बार-बार नीचे उतरने के लिए कहा जा रहा था, लेकिन वो कह रहा था, कि पत्नी मायके गई, तो वो यहां से कूद जायेगा. वहीं पति की इस हरकत की जानकारी जब पत्नी को मिली तो वो भी मौके पर पहुंच गई. सूचना पर पुलिस भी ग्राम टमेला पहुंच गई. युवक को टावर से उतारने के लिए समझाने का क्रम शुरू हो गया. करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसे समझा-बुझाकर टावर से नीचे उतारा जा सका. बताया गया है कि युवक का किसी बात को लेकर पत्नी से विवाद हो गया था. इस विवाद के दौरान पत्नी ने मायके जाने की धमकी दी. पत्नी के इस फैसले से नाराज युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया. गनीमत ये रही, कि उस समय तारों में करंट नहीं दौड़ रहा था, नहीं तो गंभीर हादसा हो सकता था.

दिल्ली के सभी बॉर्डर पर किसानों का डेरा, बोले – देश में सभी कानून कॉरपोरेट के लिए बन रहे हैं

नई दिल्ली। दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान जमे हुए हैं. कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में मौजूद निरंकारी ग्राउंड में प्रदर्शन करने की इजाजत दी गई है. लेकिन किसानों का एक गुट सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर ही डेरा डाले हुआ है और सरकार से बिना शर्त बातचीत की मांग कर रहा है.किसान नेता गुरनाम सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस आंदोलन को कुचलने के लिए 30 से ज्यादा मुकदमा दर्ज हो चुके हैं. आज जगह जगह से और लोग आ रहे हैं. हरियाणा से किसान कुच कर रहा है. ये लड़ाई सिर्फ किसान की नहीं है, सबकी है. पैदावार करने वाले किसानों को कम भाव मिलेगा. ये सभी का आंदोलन है. उन्होंने कहा, “ब्राह्मण समाज ने हमें समर्थन दिया . हरियाणा में सब मंडियां बंद रहेंगी. जो भी देश में कानून बन रहे हैं, वो सिर्फ कॉरपोरेट के लिए बन रहे हैं. पूरी जनता का शोषण कारपोरेट कर रही है. पूरे देश के नागरिक इस लड़ाई में शामिल हों. अपील करता हूं. जब तक बाते नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा. कहीं इससे भी कड़ा कदम ना उठाना पड़े. उससे पहले बातचीत के लिए आ जाएं.” प्रेस कॉन्फ्रेंस में योगेंद्र यादव ने कहा, ”देश और दुनिया मे आज सब तरफ उत्सव मनाया जा रहा है, उसकी बधाई. किसान आज देश में अपनी छाप छोड़ने के लिए खड़े हैं. इस आंदोलन ने 5 झूठ का पर्दाफाश किया . पहला- ये आंदोलन किसानों का नहीं है. आप खुद चेक करें. दूसरा- किसानों को बरगलाने का काम किया जा रहा है. किसानों को सब पता है . तीसरा- सिर्फ पंजाब का आंदोलन है. यहां सब बैठे हैं. देश के कोने कोने से. उत्तराखंड से आए हैं. पंजाब के किसानों ने शुरुआत सभी किसानों के लिए की है. चौथा- इसकी कोई लीडरशिप नहीं है. 30 संगठनों का समहू है. इतनी अच्छी लीडरशिप मैंने कभी नहीं देखी. 30 किसान संगठन हर रोज मिल रहे हैं. क्लियर लीडरशिप है. पांचवां- पॉलिटिकल पार्टी ने करवाया. हरियाणा का किसान हमारे साथ है. ये आंदोलन ऐतिहासिक आंदोलन है.” भारती किसान यूनियन (दकुंडा) के जनरल सेक्रेट्री जगमोहन सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी को गुरु पर्व की बधाई दी और कहा, ” हमारे 30 संगठन की मीटिंग हुई. मुंह में राम राम बगल में छुरी. अमित शाह फ़ोन पर बात कर रहे हैं, लेकिन इसमें कोई सच्चाई नहीं है. ये पंजाब का संघर्ष नहीं है. ये सभी का संघर्ष है . सभी की जो स्थिति है, हम जहां हैं वही रहंगे, और आगे कैसे बढ़ना है. आज देश के किसान अपने मन की बात सुनाने आए हैं.”

MP : अपराधियों पर सीएम शिवराज सख्त, कहा- अपराधियों को दफन करना है

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को भोपाल में आपात बैठक बुलाई। इसमें शिवराज ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में गुंडों बदमाशों और रसूखदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी से लेकर प्रमुख सचिव और भोपाल डीआईजी, नगर निगम कमिश्नर और कलेक्टर को तलब किया गया गया था। शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में गुंडों बदमाशों और अपराधियों को दफन करना है। इनके खिलाफ दंड ही एकमात्र उपाय है। उनके खिलाफ कार्रवाई चलती रहना चाहिए। एक तो सीधे सुशासन का कार्य करना है। जहां गड़बड़ी की संभावना हो, वहां बिना देरी समय पर कार्रवाई हो। उदाहरण बनना चाहिए। भोपाल को मॉडल बनाना है। यहां मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी तक हैं। मध्यप्रदेश का मॉडल भोपाल कैसे बने, आप बैठकर सभी चीजों पर नए सिरे से विचार करें। 10 से 15 दिन में रूप रेखा बनाकर विकास के लिए प्लान तैयार करें। प्रशासन, सुशासन, सुविधाओं और विकास पर काम करना है। मेट्रो के कार्य में तेजी लाना है। धीमी गति से काम नहीं चलेगा। अगर बाधा है, तो उसे दूर करने के उपाय करें। अगर दिक्कत है, तो तत्काल सीएमओ को सूचना दें। हम इसे दूर करेंगे। इससे पहले सीएम ने ईरानी डेरे के बाहर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ली। उन्होंने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने के लिए कहा। इसके अलावा, सीएम ने कोरोना को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को अतिक्रमण और कोरोना से निपटने के लिए कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के बाद शिवराज सिंह शाहगंज रवाना हो गए। सीएम 7 दिसंबर को वीसी करेंगे मुख्यमंत्री चौहान 7 दिसंबर को कलेक्टरों और संभागायुक्तों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे। इसमें शिवराज 13 नवंबर 2020 को आयोजित वीडियो कांफ्रेंसिंग में दिए गए निर्देशों का पालन प्रतिवेदन लेंगे। साथ ही आयुष्मान भारत कार्यक्रम-निरामयम मध्यप्रदेश योजना, मिलावट से मुक्ति अभियान, खरीफ-2020 उपार्जन एवं रबी-2020-21 हेतु यूरिया/खाद उपलब्धता, आबादी सर्वे की समीक्षा करेंगे।

Farmers Protest: किसान यूनियन का बड़ा ऐलान- हम बुराड़ी कभी नहीं जाएंगे, वो खुली जेल है

नई दिल्ली. नए कृषि कानूनों (Farm Laws 2020) को वापस लेने तथा अपनी फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. किसान संघों ने रविवार दोपहर की मीटिंग में गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्‍ताव को खारिज कर दिया है. इसके बाद मीटिंग के फैलने की जानकारी देने के लिए किसान संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि हम सरकार की ओर से बुराड़ी में प्रदर्शन करने का प्रस्तव नामंजूर करते हैं. किसान संगठन बिना शर्त सरकार से बातचीत चाहता है. उन्‍होंने कहा कि बुराड़ी ओपन जेल की तरह है और वह आंदोलन की जगह नहीं है. किसानों ने कहा कि हमारे पास पर्याप्‍त राशन, हम 4 महीने तक हम रोड पर बैठ सकते हैं. आंदोलन कर रहे किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर ही डटे रहने का फैसला किया केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रविवार को फैसला किया कि वे राष्ट्रीय राजधानी के बुराड़ी मैदान में नहीं जाएंगे और दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहेंगे. हजारों किसानों ने लगातार चौथे दिन रविवार को सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर अपना प्रदर्शन जारी रखा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को किसानों से अपील की थी कि वे बुराड़ी के संत निरंकारी मैदान चले जाएं. शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए किसानों को इस मैदान की पेशकश की गई है. शाह ने यह भी कहा था कि निरंकारी मैदान में चले जाने के बाद केंद्र सरकार उनसे वार्ता करने को तैयार है. भारतीय किसान संघ (डकौंदा) के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल ने फोन पर बताया, ‘हमने फैसला किया है कि हम दिल्ली की सीमाओं पर जमे रहेंगे. हम बुराड़ी नहीं जाएंगे.’ उन्होंने कहा कि कई किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने यह फैसला किया है. बीकेयू (कादियान) के प्रमुख हरमीत सिंह कादियान ने भी कहा कि प्रदर्शनकारी बुराड़ी मैदान नहीं जाएंगे. केंद्रीय गृह मंत्री की अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए कादियान ने सिंघू बॉर्डर के नजदीक पत्रकारों से कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करने के लिए कोई शर्त नहीं थोपनी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘हम कोई पूर्व शर्त नहीं चाहते हैं. हम चाहते हैं कि बिना किसी शर्त के बैठक हो. हम बातचीत के लिए राज़ी हैं.’ किसान नेता ने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान जल्द ही प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं. गौरतलब है कि ऑल-इंडिया किसान संघर्ष को-ओर्डिनेशन कमेटी, राष्ट्रीय किसान महासंघ और भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के अलग-अलग धड़ों ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च का आह्वान किया था. किसान केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. उनको आशंका है कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था खत्म हो जाएगी और उन्हें बड़े उद्योगपतियों के “रहम“ पर छोड़ दिया जाएगा. केंद्र सरकार ने पंजाब के किसानों के कई संगठनों को दूसरे चरण की बातचीत करने के लिए तीन दिसंबर को दिल्ली में आमंत्रित किया है.

लिफ्ट में फंसकर एक 5 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

मुंबई। मुंबई के धारावी इलाके में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. यहां लिफ्ट में फंसकर एक पांच साल के बच्चे की मौत हो गई. ये पूरी घटना लिफ्ट में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है. बता दें कि मुंबई के धारावी इलाके की घोषी शेल्टर बिल्डिंग की लिफ्ट में ये हादसा हुआ है. दरअसल तीन भाई बहन ग्राउंड फ्लोर से चौथे मंजिल पर आने के लिए चढ़े. तीनों बच्चे खेलते हुए लिफ्ट में चढ़े और लिफ्ट का बटन दबा दिया, जिस वक्त ये हादसा हुआ तब करीब पौने 1 बजे हुए थे. कुछ ही पल में लिफ्ट ग्राउंड फ्लोर से चौथी मंजिल तक आ गई, पहले दोनों लड़की बाहर निकली उसके बाद पांच वर्षीय हुजैफा बाहर निकलता है लेकिन इस से पहले की हुजैफा बाहर निकलता लिफ्ट के बाहर का लकड़ी का दरवाजा बंद हो जाता है, हुजैफा लिफ्ट के दरवाजे और बाहर के लकड़ी के दरवाजे के बीच मे फंस जाता है, और अगले ही पल लिफ्ट चल पड़ती है. हुजैफा भी लिफ्ट के साथ नीचे चला जाता है जिस से उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो जाती है. हादसे के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की मदद से हुजैफा को बाहर निकाला जाता है. इस घटना में साहू नगर पुलिस ने ADR के तहत मामला दर्ज कर जांच कर रही है.

MP : मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष नगद योजना

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष नगद योजना लेकर आई है। इस योजना के तहत सरकारी कर्मचारियों को 12,000 की खरीदी पर नगद 4000 की छूट मिलेगी । इस योजना का लाभ प्रदेश के 11 लाख कर्मचारियों को मिलेगा। केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार ने अपने 11 लाख कर्मचारियों को विशेष नगद पैकेज योजना की घोषणा की है। इसके तहत अधिकारी बाजार से 12 हजार रुपए की सामग्री खरीदते हैं तो 4 हजार रुपए का भुगतान राज्य सरकार करेगी। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए भी इसी तरह की छूट रहेगी। वित्त विभाग ने शनिवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। इसमें शर्त ये रखी गई है कि नगद पैकज योजना में छूट की पात्रता 12 प्रतिशत जीएसटी लगने वाली वस्तुओं की खरीदी पर ही मिलेगी। खरीदी गई वस्तु का डिजिटल पेमेंट किया गया हो। सरकार के जिन कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलेगा, उनमें नियमित, कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन पाने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इस योजना का लाभ 31 मार्च 2021 तक मिलेगा और डिजिटल पेमेंट का बिल 30 मई तक कार्यालय प्रमुख को देना होगा। इस अवधि में खरीदी के मामलों में ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। सरकार का ये आदेश सातवें वेतनमान के एरियर की तीसरी किश्त 25 प्रतिशत के भुगतान और फेस्टिवल एडवांस 10 हजार रुपए के अलावा है। दरअसल, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने बजट में घोषणा की थी कि राज्य सरकार नगद पैकेज योजना के संबंध में योजनाएं शुरू करें, जिसका लाभ कर्मचारियों को मिल सके। इसी तर्ज पर राज्य सरकार ये योजना लेकर आई है। इसकी एक बड़ी वजह बाजार को मंदी से भी उबारना है। योजना के मुताबिक 12% से ज्यादा के GST वाले समान खरीदने पर ये छूट मिलेगी। डिजिटल पेमेंट करने पर ही कर्मचारी को 4000 की छूट मिलेगी।

MP में लव जिहाद : सलमान ने उमेश बनकर की लव मैरिज, अब बना रहा धर्म परिवर्तन के लिए दबाव

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार लव जिहाद के खिलाफ विधेयक लाने वाली है, लेकिन उसके पहले ही भोपाल में लव जिहाद का मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के निवास पर मदद मांगने एक युवती पहुंची। पीड़ित का आरोप है कि काफी दिनों तक उसका पति उमेश नाम से उसके साथ रहा, लेकिन बाद में असली चेहरा सामने आया। युवती ने कहा कि अब पति उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बना रहा है। गृह मंत्री ने भोपाल डीआईजी को मामले की जांच का आदेश दिया है। पीड़ित को मदद का भरोसा दिया है। युवती का कहना है कि गेंहूखेड़ा इलाके में रहने वाले युवक से उसकी करीब साल भर पहले मुलाकात हुई थी। उस वक्त युवक ने अपना नाम उमेश बताया। पीड़ित युवती से मन्दिर में शादी कर ली। युवती का शादी के बाद एक बच्चा भी है। युवती का कहना है, बाद में पता चला कि उसके पति का नाम उमेश नहीं, बल्कि सलमान है। धर्म परिवर्तन के लिए दबाव युवती का आरोप है कि धर्म परिवर्तन ना करने पर उसे घर में प्रताड़ित किया जा रहा है. पीड़ित युवती की मानें, तो आरोपी पति ने उसके बच्चे को भी मारने की कोशिश की। इस पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है, मामले की जांच की जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. लव जिहाद के खिलाफ कानून इधर, मध्य प्रदेश सरकार लव जिहाद रोकने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान करने की तैयारी कर रही है। हाल ही में इसका ड्राफ्ट भी तैयार किया गया है, जिसके तहत लव जिहाद के आरोप सही पाए जाने पर दोषी के खिलाफ 10 साल तक की सजा हो सकती है।

किसानों को दिल्ली आने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षाबलों ने हाईवे खोद डाला

पानीपत। दिल्ली करनाल हाईवे पूरी तरह बंद कर दिया है। दिल्ली को हरियाणा से जोड़ने वाले सिंघु बॉर्डर पर सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किए गए हैं। यहां दिल्ली वाले छोर पर दिल्ली पुलिस की कई टुकड़ियां, हरियाणा वाले छोर पर हरियाणा पुलिस और इनके बीच BSF, RAF(रैपिड एक्शन फोर्स) और CISF की तैनाती की गई है। जवानों की यह तैनाती पंजाब और हरियाणा के किसानों को किसी भी तरह से दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए की गई है। पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान बीते काफी समय से कृषि संबंधी नए कानूनों का विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध को आगे बढ़ाते हुए किसान संगठनों ने 26 नवंबर से ‘दिल्ली कूच’ का कार्यक्रम रखा है और इसमें शामिल होते हुए लाखों किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं। इन किसानों में सबसे बड़ी संख्या पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग जिलों से आए किसानों की ही है। किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा और दिल्ली पुलिस कई तरह की रणनीति अपना रही है। पुलिस ने दिल्ली-करनाल हाईवे को जगह-जगह बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया है और कई जगह तो नक्सलियों जैसी रणनीति अपनाते हुए सड़क तक खोद डाली है। सोनीपत जिले की गनौर तहसील का नजारा इसी कारण बिलकुल किसी नक्सली इलाके जैसा बन पड़ा है। जिस तरह बस्तर के कई नक्सल प्रभावित इलाकों में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई पड़ते हैं, ठीक वैसे ही गड्ढे इन दिनों सोनीपत के नजदीक हाईवे पर दिख रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि बस्तर में ये गड्ढे नक्सलियों द्वारा किए जाते हैं, ताकि सुरक्षा बल के जवान उन तक न पहुंच सकें, जबकि सोनीपत में सड़क खोदने का काम खुद सुरक्षाबलों ने किया है, ताकि किसान इन सड़कों पर आगे न बढ़ सकें। सड़क खोदने के साथ ही यहां पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए नक्सलियों जैसी एक अन्य रणनीति भी अपनाई है। हाइवे पर चलने वाले ट्रकों को रोककर पुलिसकर्मी ने आड़ा-तिरछा खड़ा करवा दिया गया है, जिसके चलते ये ट्रक ही कई किलोमीटर लंबे बैरिकेड बन गए हैं। किसानों का आरोप है कि ऐसा करके पुलिस आम ट्रक ड्राइवरों और उनकी निजी संपत्ति को अपनी ढाल की तरह वैसे ही इस्तेमाल कर रही है जैसे नक्सली आम लोगों को अपनी ढाल बनाने का काम करते हैं। सिरसा के रहने वाले किसान नेता सुरेश ढाका बताते हैं, ‘हमने इतने सालों में ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि किसी आंदोलन को रोकने के लिए पुलिस इस हद तक गई हो। आज करनाल में किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आम ट्रक ड्राइवरों को अपनी ढाल बनाकर आगे खड़ा कर दिया था। वहां उनके लदे हुए ट्रक एक पुल पर खड़े करवा दिए थे और उनसे चाबियां छीन ली गई थीं, ताकि वे ट्रक हटा न सकें और इससे पूरी रोड जाम कर दी गई। लेकिन किसानों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि उन्होंने धक्के लगाकर ही ट्रकों को किनारे कर दिया और वहां लगे बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए।’ पंजाब और हरियाणा के हजारों किसान बीते दो दिनों से कई बैरिकेड पार करते हुए पानीपत से आगे बढ़ चुके हैं और दिल्ली के काफी नजदीक आ गए हैं। लेकिन सोनीपत में खुदी हुई सड़कों और कई किलोमीटर में खड़े ट्रकों से जाम हुई सड़क को ये किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ पार कर सकेंगे? ये पूछने पर कुरुक्षेत्र से आए किसान जसमेर सिंह कहते हैं, ‘पुलिस चाहे कितने भी गड्ढे खोद ले किसानों की संख्या इतनी ज्यादा है कि अगर वो एक-एक मुट्ठी भरकर मिट्टी भी इन गड्ढों में डालेंगे तो गड्ढे भर जाएंगे। ट्रकों को भी किसान हटाकर अपना रास्ता बना ही लेंगे, जैसे अब तक बनाते हुए यहां तक पहुंचे हैं, ऐसे ही दिल्ली तक भी पहुंच जाएंगे। हम पूरे महीने का राशन-पानी लेकर निकलें हैं। अब चाहे जितने भी दिन लगें, लेकिन बिना अपनी शर्तें मनवाए हम लौटने वाले नहीं हैं।’

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet