LATEST NEWS

मेडिकल बोर्ड के कंसल्टेशन के दौरान सुनीता केजरीवाल मौजूद नहीं रह सकतीं लेकिन बाद में मेडिकल बोर्ड से मिल सकती है

नई दिल्ली दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल को मेडिकल बोर्ड से मिलने की इजाजत दे दी है। हालांकि एक झटका भी दिया है। दरअसल कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल की मेडिकल बोर्ड के साथ होने वाली कंसल्टेशन के दौरान सुनीता केजरीवाल को मौजूद रहने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह मेडिकल बोर्ड केजरीवाल के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए एम्स द्वारा गठित किया गया है। अरविंद केजरीवाल पिछले कई दिनों से कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद हैं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक मेडिकल बोर्ड के कंसल्टेशन के दौरान सुनीता केजरीवाल मौजूद नहीं रह सकतीं लेकिन वह बाद में मेडिकल बोर्ड से मिल सकती हैं और उनके खान-पान और स्वास्थ्य को लेकर बात कर सकती हैं। इसी के साथ कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधिकारियों को अरविंद केजरीवाल को मेडिकल बोर्ड के साथ उनके कंसल्टेशन के मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बता दें, अरविंद केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था जबकि सीबीआई ने उन्हें 26 जून को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल 12 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं।  

केजरीवाल को एक गहरे राजनीतिक षडयंत्र का शिकार बनाया गया, वीडियो संदेश किया जारी: सुनीता केजरीवाल

नई दिल्ली CBI द्वारा CM अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल ने शनिवार को एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह NDA के सांसद मगुंटा श्रीनिवासन रेड्डी (MSR) के झूठे बयान देने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया है। सुनीता ने बताया कि जब तक MSR ने सीएम के खिलाफ बयान नहीं दिया गया, ईडी ने मगुंटा के बेटे की जमानत नहीं होने दी। और सीएम के खिलाफ बयान देते ही दो दिन के अंदर ही MSR के बेटे की जमानत हो गई। सुनीता ने कहा कि अपने बेटे को जेल से निकलवाने के लिए MSR ने झूठा बयान दिया, कोर्ट ने भी केजरीवाल जी को जमानत देते हुए यही माना कि ईडी ने बिना किसी सबूत के जमानत का लॉलीपॉप देकर MSR का बयान लिया। सुनीता ने कहा कि आपके बेटे केजरीवाल जी को एक गहरे राजनीतिक षडयंत्र का शिकार बनाया गया है। वे एक सामान्य, पढ़े-लिखे, देशभक्त और कट्टर ईमानदार व्यक्ति हैं और आज  आज हमें उनके साथ खड़े होने की आवश्यकता है। अपने वीडियो संदेश में सुनीता केजरीवाल ने कहा, ‘नमस्कार, क्या आपको पता है कि केजरीवाल जी को गिरफ्तार क्यों किया है, केजरीवाल जी को NDA के एक सांसद के बयान पर गिरफ्तार किया गया है। उनका नाम है मगुंटा श्रीनिवासन रेड्डी यानी MSR, जो कि आंध्र प्रदेश से NDA के एक सांसद हैं। उन्होंने ऐसा क्या बयान दिया कि आपके मुख्यमंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया। 17 सितम्बर 2022 को MSR के ठिकानों पर ईडी का छापा पड़ा। उनसे पूछा गया किया कि क्या आप कभी केजरीवाल जी से मिले हैं। उन्होंने कहा- हां मैं 16 मार्च 2021 को केजरीवाल जी से दिल्ली सचिवालय में उनके दफ्तर में मिला था। उन्होंने कहा-  मैं दिल्ली में एक फैमिली चैरिटेबल ट्रस्ट खोलना चाहता था, उसके लिए दिल्ली के सीएम से जमीन के लिए बात करने गया था। केजरीवाल जी ने कहा, लैंड एलजी के पास है, आवेदन दे दो, हम देखते हैं और कहकर चले गए। ईडी को MSR का जवाब पसन्द ही नहीं आया। कुछ दिन बाद ईडी ने MSR के बेटे राघव मगुंटा को गिरफ्तार कर लिया। फिर से MSR के और बयान लिए गए, मगर वो अपना पहले वाला बयान ही दोहराते रहे, क्योंकि वही सच था और उनके बेटे राघव की जमानत खारिज होती रही।’ आगे सुनीता ने कहा, ‘इस दौरान सदमे से राघव की पत्नी यानी MSR की पुत्रवधू ने आत्महत्या करने की कोशिश की और उनकी बूढ़ी मां बहुत बीमार हो गई। इन सबको देखते हुए बेटे के लिए बाप भी टूट गया। 17 जुलाई 2023 को पिता MSR ने ईडी में अपना बयान बदल लिया। उन्होंने अब कहा- 16 मार्च 2021 को मैं केजरीवाल जी से मिलने गया था, मुश्किल से 4-5 मिनट मुलाकात हुई, वहीं 10-12 लोग बैठे हुए थे, मेरे कमरे में घुसते ही केजरीवाल जी ने मुझसे कहा कि दिल्ली में आप शराब का काम शुरू करो, बदले में आम आदमी पार्टी को 100 करोड़ रुपए दे दीजिए। केजरीवाल जी से ये मेरी पहली और आखिरी मुलाकात थी।’ उन्होंने आगे बताया, ‘इस बयान के बाद अगले ही दिन MSR के बेटे राघव रेड्डी को ईडी ने जमानत दिलवा दी। जाहिर है कि MSR का यह बयान झूठा है। वे खुद कह रहे हैं कि यह केजरीवाल जी से उनकी पहली और आखिरी मुलाकात थी। 10-12 लोग वहां बैठे हुए थे, अगर किसी को किसी से पैसे मांगने भी थे, तो क्या कोई किसी अजनबी से पहली मुलाकात में ही 10-12 लोगों के सामने इस तरह पैसे मांग लेगा। जाहिर है कि MSR के बेटे और परिवार को 5 महीने बुरी तरह प्रताड़ित किया गया। इसीलिए MSR ने अपने बेटे को बचाने के लिए झूठा बयान दिया। और इस बयान को देने के बाद दो दिन में ही MSR के बेटे को जमानत मिल गई।’ आगे उन्होंने कहा, ‘इन सब बयानों से एक बात तो साफ हो गई कि अपने बेटे को जेल से निकलवाने के लिए MSR ने झूठा बयान दिया, कोर्ट ने भी केजरीवाल जी को जमानत देते हुए यही माना कि ईडी ने जमानत का लॉलीपॉप देकर MSR का बयान लिया, बिना किसी सबूत के, आपके बेटे केजरीवाल जी को एक गहरे राजनीतिक षडयंत्र का शिकार बनाया गया है। वे एक सामान्य, पढ़े-लिखे, देशभक्त और कट्टर ईमानदार व्यक्ति हैं। यदि आज आप उनके साथ खड़े नहीं हुए तो इस देश में पढ़े-लिखे ईमानदार लोग कभी राजनीति में नहीं आएंगे। क्या मोदीजी केजरीवाल जी के साथ ठीक कर रहे हैं। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करिए, ताकि देश को पता चल सके कि मोदीजी कैसे ईडी, सीबीआई के जरिए एक गहरे राजनीतिक षडयंत्र के तहत आपके केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को खत्म करना चाह रहे हैं, जय हिन्द।’  

शराब घोटाले की CBI जांच हुई पूरी, अब केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका की जांच की जा रही है

नई दिल्ली दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले की जांच कर रही सीबीआई ने शनिवार को स्पष्ट किया कि अरविंद केजरीवाल को छोड़कर केस से जुड़े अन्य सभी आरोपियों की भूमिका की जांच पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने कहा कि अब केवल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भूमिका की जांच की जा रही है। सीबीआई के वकील एडवोकेट डीपी सिंह ने आगे कहा कि हम 4 जून के बाद हुए कुछ नए घटनाक्रमों के बारे में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी देंगे, जिसके कारण हमें अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करना पड़ा। सीबीआई ने आगे कहा कि केवल केजरीवाल की भूमिका और जांच की आगे जांच की गई है और बाकी आरोपियों के खिलाफ जांच लगभग पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने आगे स्पष्ट किया कि सॉलिसिटर जनरल द्वारा पहले दिया गया बयान केजरीवाल को छोड़कर मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों से संबंधित था। इससे पहले 4 जून को सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर गौर किया था कि जांच जल्द पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा था कि अंतिम शिकायत और आरोप पत्र शीघ्रता से और किसी भी स्थिति में 3 जुलाई, 2024 को या उससे पहले दायर किया जाएगा और उसके तुरंत बाद ट्रायल कोर्ट मुकदमे की कार्यवाही के लिए स्वतंत्र होगा। उक्त दलीलों के मद्देनजर और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि इस न्यायालय द्वारा 30 अक्टूबर, 2023 के आदेश द्वारा निर्धारित “6-8 महीने” की अवधि खत्म नहीं हुई है,  इन याचिकाओं का निपटारा करना पर्याप्त होगा। साथ ही याचिकाकर्ता को सॉलिसिटर जनरल द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार अंतिम शिकायत/आरोप पत्र दाखिल करने के बाद अपनी प्रार्थना को नए सिरे से रिवाइव करने की स्वतंत्रता दी जाएगी। मनीष सिसोदिया और के. कविता के वकीलों ने शनिवार को आरोप लगाया कि सीबीआई बयानों को गलत तरीके से गढ़ रही है और गुमराह कर रही है। 22 मार्च को अदालत द्वारा पारित न्यायिक आदेश में कहा गया था कि जांच पूरी हो चुकी है। सीबीआई ने अदालत के समक्ष गलत तरीके से कहा कि जांच पूरी हो चुकी है। आज स्थिति यह है कि दायर की गई स्टेटस रिपोर्ट इसके विपरीत है। विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा ने शनिवार को दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 15 जुलाई 2024 तक बढ़ा दी। इस बीच, कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को विधायक निधि से अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की भी अनुमति दे दी। कोर्ट ने उन्हें अपने परिवार के खर्चों के लिए बैंक चेक पर हस्ताक्षर करने की भी अनुमति दी। हालांकि, कोर्ट ने बीआरएस नेता के कविता के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेने के पहलू पर भी अपनी सुनवाई टाल दी। कोर्ट ने आरोपपत्र के कुछ पन्नों पर गलत पृष्ठांकन होने के बाद मामले की सुनवाई 8 जुलाई 2024 तक टाल दी।  

हाईकोर्ट ने DDA के अतिक्रमण हटाओ अभियान का किया सपोर्ट, कहा दिल्ली अपनी जड़ों को खो रही

नई दिल्ली  दिल्ली हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण करने वालों को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली अपनी जड़ों को खो रही। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में आने वाली बाढ़ मानव निर्मित है, क्योंकि यमुना के मैदानी इलाकों पर बड़ी संख्या में लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। इस वजह से पानी के निकलने का रास्ता बंद हो गया है और शहर में बाढ़ आ रही है। हाईकोर्ट मयूर विहार में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की ओर से अतिक्रमण हटाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि कृपया मगरमच्छ के आंसू न बहाएं। दिल्ली में बाढ़ को लेकर हाईकोर्ट सख्त अदालत ने कहा कि DDA ने दशकों पहले यमुना नदी के रास्ते को साफ करने और अतिक्रमण करने वालों को हटाने की मुहिम तेज की थी। हालांकि, अतिक्रमणकारी वहां से हटने को तैयार नहीं हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेड़ेला की पीठ ने कहा कि यह शहर अपनी जड़ों को ही खो रहा है। यह कैसे हो सकता है कि कोई विवेकशील व्यक्ति यमुना के मैदानों पर भी कब्जा कर ले। आखिर पानी कहां जाएगा? उसे तो जगह चाहिए। आज इस शहर के सभी नाले, जिनसे होकर पानी बहता है, अवैध निर्माण के कारण बंद हैं। इससे कानून का पालन करने वाला एक आम नागरिक ही परेशान हो रहा है। अतिक्रमण की वजह से डूब रहे घर- कोर्ट अदालत ने यमुना खादर स्लम यूनियन के वकील से कहा, ‘अतिक्रमण की वजह से उन लोगों के घर डूब रहे, जिन्होंने अधिकृत क्षेत्रों में निर्माण किया है। जिन्हें घर बनाने को लेकर सभी तरह की अनुमति मिली हैं। उनके घर डूब रहे हैं। ऐसा उन लोगों की वजह से हो रहा जिन्होंने कानून को अपने हाथ में ले लिया है और यमुना के पानी बहाव वाले एरिया पर कब्जा कर अवैध निर्माण किया है। मगरमच्छ के आंसू न बहाएं, कोर्ट की दो टूक यमुना खादर स्लम यूनियन के वकील ने दावा किया कि वे वैकल्पिक आवास की मांग कर रहे हैं। वो यमुना खादर पर रहने की अनुमति नहीं मांग रहे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि उन्होंने पहले ही बेदखली के खिलाफ अंतरिम रोक हासिल कर ली है। पीठ ने कहा, ‘कृपया मगरमच्छ के आंसू न बहाएं। यह भूमि अधिग्रहण यमुना नदी के चैनलाइजेशन के लिए था। अब कानून का पालन करने वाले नागरिक पीड़ित हैं क्योंकि उनके घरों में बाढ़ आ गई है। आप एक कब्जाधारक हैं। अदालत पहले ही एक फैसला सुना चुकी है। कब्जाधारक अदालत में आ रहे हैं और छह साल के लिए रोक आदेश प्राप्त कर रहे हैं।’ अदालत ने इस दौरान एकल पीठ के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया जिसने DDA अभियान के लिए रास्ता साफ कर दिया था। पीठ ने DDA की ओर से किए गए उस सैटेलाइट इमेजरी का जिक्र किया जिसमें अतिक्रमण दिखाया गया था। अदालत ने याचिकाकर्ताओं के वैकल्पिक भूमि पर पुनर्वास के तर्कों का जवाब देते हुए कहा कि यह दावा कि आपके मुवक्किल 1970 के दशक से वहां रह रहे हैं, बकवास है। यह सब कल्पना की उपज है, सब झूठ का पुलिंदा है। जब DUSIB पुनर्वास के लिए कॉलोनियों को मान्यता दे रहा है, तो वह आपकी कॉलोनी को क्यों छोड़ेगा? कोर्ट ने आदेश में क्या कहा याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कहा था कि वे बेघर हैं और खादर क्षेत्र में रैन बसेरों और झुग्गियों में रह रहे। DDA ने कहा कि वे यमुना में बाढ़ के मैदान पर अवैध रूप से रह रहे हैं। सिंगल जज ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर किए गए दस्तावेजों में 2006 की कटऑफ डेट्स से पहले स्लम और जेजे क्लस्टर्स के निरंतर अस्तित्व का पता नहीं चलता है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर किए गए कुछ दस्तावेजों में स्लम और जेजे क्लस्टर्स का अस्तित्व नहीं दिखाया गया है जो उन्हें पुनर्वास के हकदार बनाते हैं। इसमें कहा गया है कि केवल वे ग्रुप जिन्हें दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की ओर से पहचाना गया है, वे ही पुनर्वास के हकदार हैं।  

मनीष सिसोदिया को अदालत से नहीं मिली राहत, राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 15 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा

नई दिल्ली दिल्ली शराब घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद आप नेता मनीष सिसोदिया को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 15 जुलाई तक बढ़ा दी है। उनकी न्यायिक हिरासत सीबीआई के मामले में बढ़ाई गई है। आज यानी 6 जुलाई को उनकी न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद सीबीआई ने उन्हें कोर्ट में पेश किया था जिसके बाद कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत 15 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। सीबीआई की गिरफ्तारी के बाद मनीष सिसोदिया पिछले साल 26 फरवरी से हिरासत में है। इसके बाद ईडी ने भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले बुधवार को दिल्ली की एक कोर्ट ने मनीष सिसोदिया और बीआरएस नेता के कविता की न्यायिक हिरासत 25 जुलाई तक बढ़ा दी थी। इसी के साथ कोर्ट ने ईडी को आरोपी व्यक्तियों को दो दिनों के भीतर चार्जशीट और दस्तावेजों की कॉपियों उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। इससे पहले ईडी ने दिल्ली शराब घोटाले से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नौवीं चार्जशीट दायर की थी और विनोद चौहान नाम के व्यक्ति को आरोपी बनाया था। ईडी ने जांच के तहत मई में चौहान को गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने कहा कि यहां धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में नई और नौवीं अभियोजन शिकायत (आरोपपत्र) दायर की गई जिसमें आरोपी का नाम विनोद चौहान है। इस मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किया गया वह 18वां व्यक्ति है। एजेंसी ने इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह, बीआरएस नेता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता तथा कई शराब कारोबारियों और अन्य को भी हिरासत में लिया था।

गाजियाबाद में अप्रैल, मई और जून में बीयर की रिकॉर्डतोड़ बिक्री, 400 करोड़ की बीयर गटकी !

 गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में अप्रैल, मई और जून में बीयर की रिकॉर्डतोड़ बिक्री हुई है. आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद वासी मात्र तीन महीने में करीब 400 करोड़ रुपये की बीयर गटक गए. साल 2024 के अप्रैल से जून तक रिकॉर्ड 397.54 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया, जो कि पिछली बार की अपेक्षा 106% से भी ज्यादा है. दरअसल, दिल्ली-एनसीआर समेत गाजियाबाद में बीते कुछ महीनों में प्रचंड गर्मी का प्रकोप देखने को मिला. इस गर्मी के बीच बीयर प्रेमियों ने जमकर बीयर की खरीददारी की और पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया. ऐसे में जिले के आबकारी विभाग को मोटा राजस्व भी प्राप्त हुआ. गाजियाबाद में भीषण गर्मी के बीच अप्रैल, मई और जून (तीन महीने) में बीयर प्रेमी लगभग 400 करोड़ की बीयर पी गए. आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते तीन महीने में रिकॉर्ड 397.54 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. ये राजस्व पिछली बार की तुलना में 106% से भी ज्यादा है. वहीं, गर्मी के इन 3 महीनों में अगर बीयर के कैन की बिक्री की बात करें तो उसमें भी 116% का इजाफा देखा गया. जहां पहले 11501960.26 बीयर की कैन बिकी थी, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 13369674.50 हो गई. इस तरह बीयर की कैन की बिक्री में 116% का इजाफा देखा गया. गर्मी के इन तीन महीनों में आबकारी विभाग की चांदी दिखाई दी. आबकारी विभाग के अधिकारियों ने भी माना इस बार यह आंकड़े इसलिए बढ़े क्योंकि गर्मी बहुत थी और बीयर के रेट भी नहीं बढ़े थे. ज्यादा बिक्री के करण 397 करोड़ से ज्यादा का राजस्व अर्जित किया गया. साथ ही बीयर के कैन की बिक्री में 116% का इजाफा भी हुआ.  

HC ने आइसक्रीम डिब्बे में कनखजूरा पाए जाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का दिया निर्देश, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली दिल्ली उच्च न्यायालय ने नोएडा की एक महिला को अमूल की आइसक्रीम के डिब्बे में कनखजूरा मिलने के आरोप वाला अपना पोस्ट हटाने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोड़ा ने अमूल ब्रांड के तहत उत्पादों का विपणन करने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन संघ की ओर से दायर वाद पर सुनवाई करते हुए ग्राहक पर अगले आदेश तक सोशल मीडिया मंच पर इस तरह की सामग्री पोस्ट करने और अपलोड करने पर रोक लगाई है। दरअसल सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 15 जून को दीपा देवी ने एक तस्वीर साझा की थी जिसमें कथित तौर पर अमूल की आइसक्रीम के डिब्बे के अंदर एक कनखजूरा दिखाई दे रहा है। महिला ने यह आइसक्रीम एक ऐप के माध्यम से मंगवाई थी। वाद दाखिल करने वाली कंपनी ने उच्च न्यायालय में तर्क दिया कि यह दावा झूठा और गलत है क्योंकि उसके कारखाने में पैक किए गए आइसक्रीम के डिब्बे में कोई भी बाहरी सामान चाहे वह कीड़ा ही क्यों न हो, मौजूद होना बिल्कुल असंभव है। अदालत ने यह आदेश चार जुलाई को पारित किया। इसमें कहा गया कि ग्राहक वर्तमान कार्यवाही में आज भी मौजूद नहीं है और उसके असहयोग वाले रवैए ने कंपनी के मामले को बल दिया है। आदेश में कहा गया कि ग्राहक को अदालती कार्यवाही में भाग लेने और अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे को सही साबित करने का अवसर दिया गया था लेकिन उन्होंने ‘उपस्थित नहीं होने को तरजीह दी’ और जांच के लिए आइसक्रीम का डिब्बा भी कंपनी को नहीं दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि प्रतिवादी तीन दिन में सोशल मीडिया पोस्ट नहीं हटाता तो कंपनी ‘एक्स’ को अपने मंच से इसे हटाने के लिए कह सकती है। वाद दाखिल करने वाली कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सुनील दलाल और वकील अभिषेक सिंह ने अपनी दलील में कहा कि कंपनी मामले की जांच के लिए तैयार थी और उसने 15 जून को ग्राहक से संपर्क भी किया था लेकिन उन्होंने अधिकारियों को आइसक्रीम का डिब्बा उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया था।    

पहली बार जल बोर्ड में भ्रष्टाचार को भी जांच एजेंसी ने अपने दायरे में लिया: भाजपा सांसद मनोज तिवारी

नई दिल्ली दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार मामले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम एक्शन मोड में है। मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में छापेमारी की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक ईडी की टीम को छापेमारी के दौरान 41 लाख रुपये कैश बरामद हुआ है। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि यह एक अच्छा कदम है। पहली बार जल बोर्ड में भ्रष्टाचार को भी जांच एजेंसी ने अपने दायरे में लिया है। इससे दिल्ली की आंखें खुलेंगी। हम बार-बार कह रहे हैं कि दिल्ली जल बोर्ड भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है। आम आदमी पार्टी का नेतृत्व सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। वो उसको प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह जांच का विषय है कि ईडी की छापेमारी में जो पैसे पकड़े गए हैं वो कहां से आए। इसका निराकरण होना चाहिए। दिल्ली जल बोर्ड कथित भ्रष्टाचार मामला कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के विस्तार में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ईडी की टीम इस मामले की जांच कर रही है। ईडी ने छापेमारी के दौरान 41 लाख रुपये नकद समेत कुछ दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें कई कंपनियों के ऊपर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए गए हैं। इनमें यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड, कोरोनेशन पिलर, नरेला, रोहिणी (पैकेज 3) और कोंडली (पैकेज 4), पप्पनकला, निलोठी (पैकेज 1), नजफगढ़ और केशोपुर (पैकेज 2) कंपनियां शामिल हैं। इन पर 10 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के संवर्धन और उन्नयन के नाम पर डीजेबी में धांधली करने का आरोप है। रिपोर्ट के अनुसार, 1,943 करोड़ रुपये के चार टेंडर लगभग दो साल पहले अक्टूबर, 2022 में विभिन्न संयुक्त उद्यम संस्थाओं को दिए गए थे। इनमें से सिर्फ तीन जेवी कंपनियों ने भाग लिया था।

बारिश में ऐसे हालात नहीं बने, इसके लिए दिल्ली सरकार लगातार इस मुद्दे पर अपने अधिकारियों के साथ की अहम मीटिंग

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने अपने अधिकारियों और एनडीआरएफ की टीमों के साथ एक हाई लेवल बैठक की। इस बैठक का एजेंडा रहा आने वाले दिनों में अगर ज्यादा बारिश होती है तो पिछले साल जैसे हालात दिल्ली में ना बने। दरअसल, दिल्ली में पिछले साल बाढ़ जैसे हालात बन गए थे। यमुना नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर से ऊपर पहुंच गया था। इस बार बारिश में ऐसे हालात नहीं बने, इसके लिए दिल्ली सरकार लगातार इस मुद्दे पर अपने अधिकारियों के साथ बैठक कर रही है। साथ ही अलग-अलग जगह पर कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जिससे किसी भी हालात की निगरानी की जा सके। दिल्ली सरकार की जल मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि दिल्ली में पिछली बार यमुना का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। जिस वजह से काफी परेशानी हुई थी। लेकिन, इस बार पूरी तैयारी कर ली गई है। इस बार पूर्वी जिले के डीएम ऑफिस में बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसमें सभी विभागों के अधिकारी तैनात रहते हैं। यहां से हर समय निगरानी रखी जा रही है। हथिनी कुंड बैराज से 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी के रिलीज़ होते ही बाढ़ नियंत्रण विभाग समेत सभी एजेंसी सक्रिय हो जाएंगी। आतिशी के मुताबिक मीटिंग में सभी तैयारियों का जायजा लिया गया। बैठक में एनडीआरएफ की तरफ से भी अधिकारी आए थे। हम उम्मीद करते हैं कि दिल्ली में इस बार बाढ़ की स्थिति ना आए, लेकिन अगर ऐसा होता भी है तो दिल्ली सरकार पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पिछले 2 दिन में अच्छी बारिश हुई है। जिससे हथिनी कुंड बैराज से ज़्यादा पानी डिस्चार्ज हो रहा है। हालांकि, अभी वहां से 352 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। जब इस बैराज से 1 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी डिस्चार्ज होता है, तभी बाढ़ की आशंका होती है। पिछली बार हथिनीकुंड से ज़्यादा पानी छोड़ा गया और आईटीओ बैराज के गेट नहीं खुलने की वजह से स्थिति बिगड़ गई थी। इस बार आईटीओ बैराज के सभी गेट खुलवा दिए गए हैं और जो गेट नहीं खुले, उन्हें कटवा दिया गया है।

दिल्ली जल बोर्ड में भ्रष्टाचार का मामला, ED ने चार शहरों में छापेमारी कर 41 लाख रुपये जब्त किए

 नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) से जुड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भ्रष्टाचार मामले के संबंध में दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद में कई स्थानों पर छापेमारी की है. भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी), जीएनसीटीडी, नई दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर ईडी की जांच में दिल्ली में 10 एसटीपी के अपग्रेडेशन में 1943 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया है. एफआईआर में यूरोटेक एनवायरनमेंटल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी और अन्य पर बढ़ी हुई दरों पर टेंडर हासिल करने के लिए मिलीभगत करने का आरोप लगाया गया है, जिससे सरकारी खजाने को काफी नुकसान हुआ है. क्या है मामला इस छापेमारी में 41 लाख रुपये की नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. ईडी ने आगे की जांच के लिए इन सामग्रियों को जब्त कर लिया है. इस मामले में चार टेंडर शामिल हैं, जिनकी कीमत 1943 करोड़ रुपये हैं, जो अक्टूबर 2022 में तीन संयुक्त उद्यम संस्थाओं को दिए गए. ईडी ने पाया है कि निविदाएं बढ़ी हुई दरों पर दी गई थीं, और डीजेबी द्वारा अपनाई गई लागतें कम थीं, जबकि अपग्रेडेशन की लागत वृद्धि से कम थी. कंपनियों ने टेंडर लेकर दूसरी कंपनी को दिया ठेका जांच से पता चला है कि तीनों संयुक्त उद्यमों ने निविदाएं हासिल करने के लिए ताइवान की एक परियोजना से जारी एक ही अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया. इसके अलावा, तीनों संयुक्त उद्यमों ने हैदराबाद की मैसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को काम का उप-ठेका दिया. ईडी कथित घोटाले में डीजेबी अधिकारियों, संयुक्त उद्यमों और मैसर्स यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड की भूमिका की जांच कर रहा है. तलाशी अभियान डीजेबी की एसटीपी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों के पीछे की सच्चाई को उजागर करने में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.  

नोएडा के LOGIX मॉल में लगी आग, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड

नोएडा नोएडा के लॉजिक्स मॉल के अंदर स्थित एक शोरूम में आग लगने की घटना सामने आई है। आग की सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियों और नोएडा पुलिस के जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। पुलिस ने किसी बड़ी अप्रिय घटना को होने से रोकने के लिए आनन-फानन में पूरे मॉल को खाली करा लिया। जानकारी के अनुसार, नोएडा के थाना सेक्टर-24 के अंतर्गत आने वाले लॉजिक्स मॉल के अंदर स्थित एक कपड़े के शोरूम में शुक्रवार सुबह आग लगने से हड़कंप मच गया। थाना सेक्टर 24 पुलिस बल और फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं। मॉल में धुआं भरने के बाद सभी लोगों को बाहर निकाल दिया गया। फायर विभाग मौके पर है और आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मॉल के अंदर कोई फंसा हुआ नहीं है। जैसे ही मॉल में धुआं भरना शुरू हुआ, वैसे ही सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। मॉल प्रबंधन की ओर से प्रारंभिक चरण में आग को बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग का दायरा बढ़ने पर इसकी सूचना पुलिस बल और अग्निशमन विभाग को दी गई। इसके बाद दमकल  की 6 गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद 4 और गाड़ियां वहां पहुंच गईं। इस घटना में अभी तक किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने का कारण अभी पता नहीं चल सका है। मॉल के बाहर भारी संख्या में लोग एकत्रित हैं। मौके पर मौजूद एक दमकल अधिकारी ने बताया कि हम लोगों को सुबह 11 बजे फायर सर्विस यूनिट को कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि लॉजिक्स मॉल के फर्स्ट फ्लोर पर स्थित एडिडास का शोरूम, जोकि बंद था उसमें आग लगी है। त्वरित कार्रवाई करते हुए हमने यहां पर 10 गाड़ियां भेजी हैं। दमकल कर्मियों ने आग पूरी तरह बुझा दी है, अब मशीनों के माध्यम से मॉल में भरे धुएं को निकालने का प्रयास किया जा रहा है। हम आसपास की दुकानों में भी वायरिंग और आग की जांच कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि हमने ऊपर से नीचे तक पूरा मॉल चेक कर लिया है, अंदर किसी भी फ्लोर पर कोई फंसा हुआ नहीं है। उन्होंने कहा कि चूंकि, शोरूम का शटर बंद और और मॉल भी पूरी तरह से खुला नहीं था, इसलिए शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत होता है।    

CM केजरीवाल की जमानत में देरी पर 150 वकीलों ने CJI को लिखा पत्र, जज पर भी उठाए सवाल

नईदिल्ली अरविंद केजरीवाल को जमानत नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए 150 से अधिक वकीलों ने गुरुवार को भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) डी वाई चंद्रचूड़ को एक ज्ञापन भेजा है. सीजेआई को दिए गए ज्ञापन में वकीलों ने कहा कि मामले की सुनवाई कर रहे जज, ईडी और सीबीआई के मामलों में जमानत का अंतिम रूप से निपटारा नहीं कर रहे हैं और लंबी तारीखें दे रहे हैं. इस प्रतिवेदन में यह भी कहा गया है कि केजरीवाल की जमानत पर रोक लगाने वाले जस्टिस सुधीर कुमार जैन को मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेना चाहिए था, क्योंकि उनके सगे भाई ईडी के वकील हैं. प्रतिवेदन में कही गई ये बात चीफ जस्टिस को भेजे गए प्रतिवेदन में कहा गया है कि एएसजे न्याय बिंदु द्वारा अरविंद केजरीवाल के लिए जमानत आदेश पारित किए जाने के तुरंत बाद, राउज एवेन्यू कोर्ट के जिला जज द्वारा एक आंतरिक प्रशासनिक आदेश जारी किया गया, जिसमें सभी अवकाश अदालतों को निर्देश दिया गया कि वे किसी भी मामले में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेंगे और केवल नोटिस जारी करेंगे. हालांकि, पीटीआई को सूत्रों ने बताया कि वकील अनुराग जैन कथित आबकारी नीति घोटाले से संबंधित धन शोधन के किसी भी मामले को नहीं देख रहे हैं. इस प्रतिवेदन पर 157 वकीलों द्वारा हस्ताक्षर किए गए हैं. इस प्रतिवेदन पर आम आदमी पार्टी (आप) के विधि प्रकोष्ठ के प्रमुख वकील संजीव नासियार के हस्ताक्षर भी हैं. हाईकोर्ट ने लगा दी थी आदेश पर रोक यह प्रतिवेदन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अवकाशकालीन न्यायाधीश न्याय बिंदु द्वारा 20 जून को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धन शोधन के एक मामले में जमानत दिए जाने के मद्देनजर भेजा गया है. बाद में ईडी की अपील पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने जमानत आदेश पर रोक लगा दी थी. हाईकोर्ट द्वारा निचली अदालत के जमानत आदेश को तत्काल सूचीबद्ध करने, सुनवाई करने और स्थगन लगाने का उल्लेख करते हुए, प्रतिवेदन में कहा गया है, ‘भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया है और इसने कानूनी बिरादरी के मन में गहरी चिंता पैदा कर दी है.’

आम आदमी पार्टी ने संजय सिंह को दी अहम जिम्मेदारी, राज्यसभा में AAP संसदीय दल का अध्यक्ष बनाया

Aam Aadmi Party gave important responsibility to Sanjay Singh, made him the President of AAP Parliamentary Party in Rajya Sabha

Aam Aadmi Party gave important responsibility to Sanjay Singh, made him the President of AAP Parliamentary Party in Rajya Sabha

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार AAP MLA अमानतुल्लाह के दो सहयोगियों को जमानत देने से HC का इनकार

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड की भर्तियों में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार दो लोगों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। इसी मामले में आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान भी शामिल हैं। आरोपी जीशान हैदर और दाउद नासिर की जमानत याचिका खारिज करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने कहा कि, एंटी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत जमानत देने से रोकने के लिए इस मामले में अदालत के सामने पर्याप्त सामग्री मौजूद है। इस केस में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने दोनों आरोहियों को नवम्बर 2023 में गिरफ्तार किया था। 1 जुलाई को पारित आदेश में, जस्टिस शर्मा ने कहा, जैसा कि आरोप लगाया गया है अमानतुल्लाह खान ने वास्तविक मूल्य को छिपाकर और विक्रेता को नकद में भुगतान की गई राशि को सक्रिय रूप से छिपाते हुए बेनामीदारों हैदर और नासिर के नाम पर अचल संपत्तियां खरीदीं। अदालत ने आगे कहा, ‘प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच के दौरान एकत्र किए गए भौतिक साक्ष्य से पता चलता है कि अमानतुल्लाह खान ने अपने करीबी सहयोगियों यानी वर्तमान आवेदकों/आरोपी और अन्य के साथ मिलकर एक आपराधिक साजिश रची थी और उसी के तहत, उसने अपने सहयोगियों जीशान हैदर, दाउद नासिर और अन्य के माध्यम से अपनी अवैध कमाई यानी अपराध की आय को अचल संपत्तियों में निवेश किया था।’ कोर्ट ने कहा कि सम्पत्ति की खरीद से सम्बन्धित लेनदेन नकद और बैंक दोनों के माध्यम से हुए थे, जिनकी कुल राशि लगभग 36 करोड़ रुपए थी। अदालत ने फैसला देते हुए कहा कि, ‘इस मामले में अदालत के सामने प्रस्तुत सामग्री दोनों आवेदकों पर PMLA की धारा 45 के तहत प्रतिबंध लगाने के लिए पर्याप्त है। उपरोक्त तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए, यह अदालत वर्तमान आवेदकों यानी जीशान हैदर और दाउद नासिर को नियमित जमानत देने के लिए उपयुक्त मामला नहीं मानती है।” AAP नेता अमानतुल्लाह खान के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की FIR और दिल्ली पुलिस की तीन शिकायतों से उपजा है। एजेंसी ने अपनी अभियोजन शिकायत (आरोप पत्र) में पांच लोगों का नाम लिया है, जिसमें खान के तीन कथित सहयोगी – जीशान हैदर, दाउद नासिर और जावेद इमाम सिद्दीकी शामिल हैं। विधायक के परिसरों पर छापा मार चुकी ईडी ने दावा किया है कि खान ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध भर्ती के जरिए अपराध से अकूत कमाई की और इन पैसों को अपने साथियों के नाम से अचल संपत्तियां खरीदने में लगाया। ईडी का कहना है कि यह छापेमारी वक्फ बोर्ड में अवैध कर्मचारियों की भर्ती और बोर्ड की संपत्तियों को 2018-2022 के दौरान गलत तरीके से पट्टे पर देकर आरोपियों द्वारा किए गए अवैध व्यक्तिगत लाभ से संबंधित मामले में की गई थी, जब खान इसके अध्यक्ष थे। ईडी ने कहा है कि छापेमारी के दौरान भौतिक और डिजिटल साक्ष्य के रूप में अपराध से सम्बंधित कई सामग्रियां जब्त की गईं, जो मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में खान की संलिप्तता का संकेत देती हैं।    

पीएम मोदी और अमित शाह बीमार के चुनाव को अयोग्य घोषित करने की मांग, याचिका पर क्यों बोला HC, तुम बीमार हो

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को एक ऐसी याचिका को खारिज कर दिया जिसमें पीएम मोदी को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी। याचिका को रद्द करते हुए कोर्ट ने यहां तक कहा कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत होता है। एक्टिंग चीफ जस्टिस मनमोहन और जस्टिस तुषार राव गेडेला ने स्थानीय एसएचओ को याचिकाकर्ता दीपक कुमार पर नजर रखने को कहा। कोर्ट ने कहा कि यदि जरूरी लगे तो मेंटल हेल्थकेयर ऐक्ट के तहत अधिकार का प्रयोग किया जाए।   कोर्ट ने यह आदेश तब दिया जब कुमार ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारतीय संविधान के प्रति निष्ठा रखने की झूठी शपथ ली। कुमार ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के साथ मिलकर उसकी हत्या की कोशिश कर रहे हैं। कोर्ट ने इस पर उससे पूछा कि क्या वह सही है। बेंच ने कहा, ‘क्या आप ठीक हो? आपकी याचिका बेतुकी है। यह एक तरफ से दूसरी तरफ जा रही है। कोई इंसान इसे समझ नहीं सकता है। इसका कोई मतलब नहीं है।’  कैप्टन दीपक कुमार की ओर से दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि मोदी और उनके सहयोगियों ने 2018 में एअर इंडिया की उस उड़ान की दुर्घटना का षड्यंत्र रचकर राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने का प्रयास किया, जिसके पायलट वह थे। कुमार ने अदालत के समक्ष दलील देते हुए आरोप लगाया कि मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में लिप्त हैं और उन्हें लोकसभा से बर्खास्त किया जाना चाहिए।  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet