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अयातुल्लाह अली खामेनेई ने तेहरान में शिक्षकों के साथ एक बड़ी बैठक की, ट्रंप ने शांति स्थापित कराने का झूठा दावा किया

तेहरान ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल में किए उस दावे को ‘झूठा’ करार दिया है। ट्रंप ने कहा था कि वह शांति सुनिश्चित करने के लिए अपने ‘पावर’ का इस्तेमाल करना चाहते हैं। खामेनेई ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि गाजा पट्टी में हो रही हत्याओं को ट्रंप प्रशासन का समर्थन प्राप्त है। अयातुल्लाह अली खामेनेई ने तेहरान में शिक्षकों के साथ एक बड़ी बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पश्चिम एशिया के अपने दौरे के दौरान क्षेत्र में शांति की स्थापना के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया दी। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ईरना के अनुसार, शनिवार को तेहरान में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, “क्षेत्र की अपनी यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति की हालिया टिप्पणियां वक्ता और अमेरिकी राष्ट्र दोनों का अपमान हैं।” ईरानी नेता ने कहा, “ट्रंप ने कहा कि वह शांति के लिए अपनी शक्ति का उपयोग करना चाहते हैं और यह उन्होंने झूठ बोला। उन्होंने, अन्य अमेरिकी अधिकारियों और अमेरिकी प्रशासन ने गाजा में हत्याओं को पूरा समर्थन दिया, उन्होंने किसी भी स्थान पर युद्ध भड़काने और अपने भाड़े के सैनिकों का समर्थन करने के लिए सत्ता का इस्तेमाल किया है।” अली खामेनेई ने इजरायल पर दिए अपने पूर्व के बयानों को दोहराया और उसे क्षेत्र का घातक और खतरनाक कैंसर बताते हुए उखाड़ फेंके जाने की आवश्यकता बताई। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने विश्वास जताया कि क्षेत्रीय देशों के दृढ़ संकल्प और प्रयासों के साथ, अमेरिका को इस क्षेत्र को अवश्य छोड़ना चाहिए। इस सप्ताह की शुरुआत में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में स्थित तीन खाड़ी अरब देशों – सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात का दौरा किया था। मंगलवार को सऊदी की राजधानी रियाद में दिए एक बयान में ट्रंप ने ईरान को मध्य पूर्व में ‘सबसे विनाशकारी शक्ति’ बताया था और उस पर क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। हालांकि, ट्रंप ईरान के साथ एक ऐसे सौदे से बचना चाहते हैं जो संयुक्त व्यापक कार्य योजना की तरह हो, जिस पर बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान सहमति बनी थी। इसमें यूरोपीय संघ और चीन भी शामिल थे। ट्रंप ने 2018 में संयुक्त व्यापक कार्य योजना से खुद को अलग कर लिया था और तेहरान पर फिर से प्रतिबंध लगाए थे। ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने शनिवार को कहा कि देश शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा।

सीजफायर को किसी निर्धारित समयसीमा में नहीं बांधा गया, गोली चली तो PAK के लिए बहुत मुश्किल होगी: भारतीय सेना

नई दिल्ली ऑपेरशन सिंदूर के बाद सैन्य टकराव को टालने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को सीजफायर पर बनी सहमति अभी कायम रहेगी। भारतीय सेना ने कहा कि दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच रविवार को कोई बातचीत प्रस्तावित नहीं थी मगर इस सीजफायर को किसी निर्धारित समयसीमा में नहीं बांधा गया है। सीजफायर जारी रहने की घोषणा से साफ है कि भारत सैन्य टकराव को स्थाई विराम देने की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए नियंत्रण रेखा और अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर विश्वास बहाली के विकल्पों पर ठोक-बजाकर कदम उठाना चाहता है। एक भी गोली नहीं चलाए जाने की बात कही गई थी एलओसी और अंतर्राष्ट्रीय सीमा एक भी गोली नहीं चलाने यानि शून्य फायरिंग को सीजफायर कायम रहने की अनिवार्य शर्त बनाया गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत-पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच 12 मई को हुई दूसरी बातचीत में सीमा के अग्रिम मोर्चों से सैनिकों की संख्या घटाने के साथ-साथ सीजफायर कायम रखने के लिए दोनों तरफ से एक भी गोली नहीं चलाए जाने की बात कही गई थी। भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष को बेलाग बता दिया था कि उस पार से एक भी गोली चली तो सीजफायर को कायम रखना मुश्किल होगा। इस सख्त चेतावनी का ही असर है कि 10 मई के बाद एलओसी तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर दोनों ओर से कोई भी गोलीबारी की खबर अब तक नहीं आयी है। सीजफायर बनाए रखने पर की जाएगी समीक्षा सेना के सूत्रों की ओर से भी पुष्टि की गई है कि सीजफायर प्रभावी होने के बाद से सीमा पर किसी तरह की फायरिंग नहीं हुई है। सीजफायर को बनाए रखने पर दूसरी बैठक में बनी सहमति के बाद ही संकेत दिए गए थे कि 18 मई को भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच संभवत: बातचीत में इसकी समीक्षा की जाएगी। इस वार्ता को लेकर मीडिया में बढ़ी सुर्खियों को देखते हुए रविवार को सेना की ओर से कहा गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के आज समाप्त होने की बात सही नहीं है। दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच आज कोई वार्ता निर्धारित नहीं हैं। जहां तक 12 मई को डीजीएमओ की बातचीत में तय किए गए युद्ध विराम के जारी रहने का सवाल है, इसकी कोई समाप्ति तिथि नहीं है। वैसे भारत तथा पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच प्रत्येक मंगलवार को हाटलाइन पर बातचीत की स्थापित व्यवस्था है और ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इसके अनुरूप ही 20 मई को सीजफायर के स्वरूप को आगे बढ़ाने के लिए अगले दौर की बातचीत होगी।

न्यूयॉर्क में मैक्सिकन जहाज पुल से टकराया, 277 लोग सवार थे। हादसे में 2 लोगों की मौत, कई घायल

न्यूयॉर्क न्यूयॉर्क में उत्सव मनाने जा रहा मैक्सिकन नौसेना का एक विशाल जहाज ब्रुकलिन ब्रिज से टकरा गया। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। समाचार के अनुसार, कथित तौर पर यह जहाज मैक्सिकन सेना का कुआउथेमोक था। इसमें 277 लोग सवार थे। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 19 घायल हैं, 4 की हालत गंभीर है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो से पता चलता है कि जहाज का 147 फुट लंबा ऊपरी हिस्सा पुल के नीचे से सुरक्षित रूप से नहीं गुजर सकता था। ट्रैफिक ज्यादा था, इस वजह से हादसा हुआ। टक्कर जोरदार नहीं थी, नहीं तो कई और लोगों की जान जा सकती थी। हालांकि घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल था। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। न्यूयॉर्क के मेयर एरिक एडम्स ने प्रेस कांफ्रेंस करके इस घटना की पुष्टि की। अधिकारियों ने मरने वाले दो चालक दल के सदस्यों के नाम जारी नहीं किए हैं। अग्निशमन अधिकारियों ने मोटर चालकों को चेतावनी दी कि वे ब्रुकलिन में न्यू डॉक स्ट्रीट और वॉटर स्ट्रीट के नजदीक ट्रैफिक जाम से जूझ सकते हैं। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट डालते हुए लोगों को इस घटना के संबंध में जानकारी देते हुए चेताया भी है। पोस्ट में बताया गया है, “भारी यातायात और महत्वपूर्ण आपातकालीन दल की मौजूदगी के कारण ब्रुकलिन ब्रिज के आसपास के क्षेत्रों का रुख करने से बचना चाहिए।” अमेरिकी मीडिया के मुताबिक इस सूचना के बाद ब्रुकलिन ब्रिज की सभी लेन दोनों दिशाओं में बंद कर दी गई थीं, बाद में इसे जनता के लिए फिर से खोल दिया गया। जिस पुल से मैक्सिकन जहाज टकराया है उसका नाम ‘सस्पेंशन ब्रिज’ है। इसे अमेरिका के मशहूर पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। ब्रुकलिन और मैनहट्टन नदी पर यह पुल 1883 में बना था। रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज को अमेरिका के 250वें जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए जुलाई 2026 में न्यूयॉर्क लौटना था।

आईएमएफ के बाद अब पाकिस्तान चीन से भी भीख चाहता है, वांग यी से मुलाकात करने जाएंगे इशाक डार

इस्लामाबाद आईएमएफ से भीख मिलने के बाद अब पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार सोमवार को चीन की यात्रा पर जाएंगे। यहां उनकी चीनी विदेश मंत्री वांग यी से द्विपक्षीय वार्ता होगी। माना जा रहा है कि आईएमएफ के बाद अब पाकिस्तान चीन से भी भीख चाहता है। पाकिस्तान के अलावा अफगानिस्तान के कार्यवाहक विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भी चीन पहुंचेंगे। वह 20 मई को चीन पहुंचने वाले हैं। जियो न्यूज के मुताबिक, यहां उनकी पाकिस्तान और चीन के विदेश मंत्रियों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता होगी। सीजफायर के बाद पहली विदेश यात्रा इन तीनों देशों के बीच क्षेत्रीय ट्रेड को विस्तार देने, सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने और हालिया भारत-पाक संघर्ष पर चर्चा होने की उम्मीद है। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई को सीदफायर होने के बाद इशाक डार की यह पहली विदेश यात्रा है। चीन ने सीजफायर का स्वागत करते हुए कहा था कि यह दोनों देशों के लिए हितकारी है और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए अनुकूल है। बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक कर उन्हें तबाह कर दिया था।

भागवत की इस टिप्पणी पर ओवैसी बोले – मुसलमान और आरएसएस समंदर के दो किनारे

हैदराबाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिम (एआईएमआईएम) के नेता और हैदराबाद सीट से सांसद असदुद्दीन ओवैसी अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। भारत-पाक तनाव के बीच उनके बयानों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। पूरे भारत में उन्होंने एक तरह से अपनी नई छवि पेश की। हालांकि, अब उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के बयानों को लेकर प्रतिक्रिया दी है जिसकी चर्चा जोरों पर है। उन्होंने संघ प्रमुख के मुसलमानों के प्रति दिए बयान को “बेतुका” बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि आरएसएस और मुसलमान समंदर के दो किनारे हैं जो कभी नहीं मिल सकते। भागवत ने कहा था हिंदुओं और मुसलमानों का ‘डीएनए’ एक ओवैसी से भागवत की इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी कि हिंदुओं और मुसलमानों का ‘डीएनए’ एक है और हर मस्जिद के नीचे शिवलिंग नहीं ढूंढना चाहिए। भागवत ने यह बयान देश की स्वतंत्रता से पहले की, मुगल-काल की या उससे भी पहले की मस्जिदों को लेकर उपजे विवादों को लेकर दिया था। कुछ हिंदुओं का मानना ​​है कि ये मस्जिदें, मंदिरों को नष्ट करके बनाई गई थीं। हैदराबाद से पांच बार के सांसद और संसद में अपनी पार्टी के एकमात्र प्रतिनिधि ओवैसी ने कहा, ‘क्या ये सभी लोग जो अदालतों में जा रहे हैं और वाद दायर कर रहे हैं (मस्जिदों की उत्पत्ति की जांच की मांग कर रहे हैं) मोहन भागवत के समर्थक नहीं हैं?’ ओवैसी ने यह भी कहा कि आरएसएस भारत की विविधता को नष्ट करना चाहता है। उन्होंने शनिवार (17 मई,2025) को ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में कहा, “आप भले ही नजदीकी बताने वाली बातें कर रहे हों, लेकिन ये आपके ही लोग हैं जो यह (मुस्लिम विरोधी) तमाशा कर रहे हैं। अगर आपको लगता है कि वे गलत हैं, तो आप उन्हें क्यों नहीं रोक रहे।” उनके ही आदेश पर हो रहा सबकुछ- ओवैसी ओवैसी से जब पूछा गया कि शायद भागवत इन्हीं लोगों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, ‘खीर का स्वाद खाने पर ही पता चलता है। उन्हें रोकिए। इसका मतलब है कि वे आपकी बात नहीं सुन रहे हैं। क्या आप उन्हें रोकने में असमर्थ हैं? नहीं, ऐसा भी नहीं है। यह आपके नियंत्रण में है। यह आपके आदेश पर हो रहा है। यह आपकी सहमति से हो रहा है।’ भागवत के बयान पर संघ ने पेश की सफाई उन्होंने कहा कि भागवत की टिप्पणी के तुरंत बाद आरएसएस के एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी ने बयान जारी कर कहा कि भागवत ने जो कहा, उसका मतलब वह नहीं था। ओवैसी ने कहा, ‘यह आरएसएस का भ्रम का सिद्धांत है। भागवत के बयान पाखंडपूर्ण हैं। यह सिर्फ बेतुकी बातें हैं, फिजूल की बातें हैं, जिनका उद्देश्य अमेरिका या खाड़ी क्षेत्र के मुस्लिम देशों को संदेश देना है।’

केंद्र ने पंजीकृत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को वित्तीय रूप से ‘बीमार’ होने से बचाने के लिए कदम उठाए: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्र ने पंजीकृत प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को वित्तीय रूप से ‘बीमार’ होने से बचाने के लिए कदम उठाए हैं। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि पैक्स के परिसमापन की स्थिति में उनके तेजी से समाधान और उनके स्थान पर नए पैक्स के पंजीकरण के लिए जल्द ही एक नीति बनेगी। केंद्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार का लक्ष्य 2029 तक दो लाख नये पैक्स की स्थापना करना है। इन्हें 22 विभिन्न प्रकार के व्यवसायों से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने की व्यवस्था की जा रही है कि पंजीकृत पैक्स वित्तीय रूप से बीमार न हों। शाह ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अवसर पर यहां आयोजित सहकारी महासम्मेलन में कहा, ”केंद्र सरकार ने 22 विभिन्न प्रकार के व्यवसायों को पैक्स से जोड़ने का काम किया गया है और मुझे यकीन है कि आने वाले समय में एक भी पंजीकृत पैक्स वित्तीय रूप से बीमार नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जल्द ही परिसमापन में गए पैक्स के तेजी से समाधान और उनकी जगह नए पैक्स के पंजीकरण के लिए नीति लाने जा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र में आइसक्रीम, चीज, पनीर बनाने, दूध को ठंडा रखने और वसा मापने जैसे उपकरणों के निर्माण के लिए सहकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार डेयरी क्षेत्र में चक्रिय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की योजना बना रही है, जिसमें मरने वाले पशुओं की खाल, हड्डियों और सींगों के उपयोग के लिए सहकारी समिति का गठन किया जाएगा।  

एयरपोर्ट स्टाफ की करतूत, कस्टम को चकमा देने की थी कोशिश, एयरपोर्ट पर तैनात दो कर्मचारी निकले तस्कर

मुंबई मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (CSMIA) पर कस्टम अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में कुल 5.75 किलोग्राम सोना जब्त किया है। इस जब्त सोने की अनुमानित कीमत करीब ₹5.10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई 17 मई 2025 को की गई और दोनों मामलों में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। एयरपोर्ट स्टाफ की करतूत, कस्टम को चकमा देने की थी कोशिश सबसे हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए दोनों आरोपी मुंबई एयरपोर्ट पर ही कार्यरत थे। उन्होंने इस तस्करी को अंजाम देने के लिए अपने कपड़ों के अंदर और जैकेट की जेब में सोने को छिपा रखा था। दोनों की हरकतें संदिग्ध लगने पर कस्टम अधिकारियों ने उन्हें रोका और पूछताछ शुरू की। जब जांच की गई तो उनके पास से भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ। कड़ी निगरानी से फंसे आरोपी कस्टम विभाग ने बताया कि वे लगातार एयरपोर्ट पर गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। इन मामलों में तस्करी के तरीके बेहद चौंकाने वाले थे क्योंकि आरोपी खुद एयरपोर्ट स्टाफ थे और उन्हें सिस्टम की अच्छी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर वे तस्करी को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कस्टम अधिकारियों की सजगता से उनका मंसूबा नाकाम हो गया। आरोपियों से पूछताछ जारी, नेटवर्क का हो सकता है बड़ा खुलासा दोनों आरोपियों को कस्टम एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ा तस्करी नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है। इस दिशा में जांच तेज कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस सोने की सप्लाई कहां से हुई और आगे किसे पहुंचाई जानी थी।

92वें जन्मदिन पर पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा को मोदी ने दी बधाई

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा को रविवार को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। जून 1996 से अप्रैल 1997 तक प्रधानमंत्री रहे देवेगौड़ा रविवार को 92 वर्ष के हो गए। गौड़ा का जन्म 18 मई 1933 को हासन जिले के उनके पैतृक गांव हरदनहल्ली में हुआ था। जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष गौड़ा 11 दिसंबर 1994 से 31 मई 1996 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री भी रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा,’पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा जी को जन्मदिन की बधाई। वह अपनी दूरदर्शी सोच और जनसेवा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘विभिन्न विषयों पर उनकी समझ और अनुभव हम सभी के लिए प्रेरणादायक हैं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करे।’ कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘देश के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा को जन्मदिन की बधाई। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उन्हें अच्छा स्वास्थ्य और लंबी आयु प्रदान करें।’ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बी एस येदियुरप्पा और उनके बेटे एवं भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने भी गौड़ा को जन्मदिन की बधाई दीं।  

पाकिस्तान का पक्ष वैश्विक मंच पर रखने के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को विश्व की प्रमुख राजधानियों में भेजेगा

इस्लामाबाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पृष्ठभूमि में भारत द्वारा आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश देने के लिए प्रमुख साझेदार देशों में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किए जाने के कुछ घंटों बाद ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी घोषणा की कि पाकिस्तान एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को विश्व की प्रमुख राजधानियों में भेजेगा ताकि वह पाकिस्तान का पक्ष वैश्विक मंच पर रख सके। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह निर्णय प्रधानमंत्री शरीफ ने पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष एवं पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी से टेलीफोन पर बातचीत के बाद लिया। प्रधानमंत्री ने इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई बिलावल को सौंपी है। सरकार द्वारा संचालित ‘रेडियो पाकिस्तान’ की खबर के अनुसार, “प्रधानमंत्री शहबाज ने भारतीय दुष्प्रचार को उजागर करने के लिए विश्व की प्रमुख राजधानियों में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है।” ‘रेडियो पाकिस्तान’ की खबर के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बिलावल करेंगे। बिलावल ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रधानमंत्री (शहबाज शरीफ) ने आज मुझसे संपर्क किया और पाकिस्तान का पक्ष अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने के लिए मुझसे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अनुरोध किया। मैं इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को स्वीकार करने पर गर्व महसूस करता हूं और इस चुनौतीपूर्ण समय में पाकिस्तान की सेवा करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हूं।” बिलावल के अलावा प्रतिनिधिमंडल में ऊर्जा मंत्री मुसादिक मलिक, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेता खुर्रम दस्तगीर खान, सासंद शेरी रहमान, पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार, मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट के सांसद फैसल सुब्जवारी, पूर्व विदेश सचिव तहमीना जंजुआ और जलील अब्बास जिलानी शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल “क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए पाकिस्तान के ईमानदार प्रयासों को भी रेखांकित करेगा।” उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल हाल में हुए संघर्ष पर पाकिस्तान के रुख को सामने रखने के लिए जल्द ही अमेरिका, ब्रिटेन, ब्रुसेल्स, फ्रांस और रूस का दौरा करेगा।  

भारत के खिलाफ नारे लगाते और पाकिस्तान का समर्थन करने के आरोप में शिलांग से दो लोग गिरफ्तार

शिलांग,  मेघालय के उत्तरी गारो हिल्स जिले में सोशल मीडिया पर भारत विरोधी सामग्री पोस्ट करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को बाजेंगडोबा थानाक्षेत्र के अंतर्गत अलग-अलग गांवों में उनके घरों से हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने ‘फेसबुक’ पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वे गारो भाषा में भारत के खिलाफ नारे लगाते और पाकिस्तान का समर्थन करते नजर आ रहे थे। जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जिला प्रशासन द्वारा 15 मई को दोनों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्हें कल (शनिवार को) उनके घरों से गिरफ्तार किया गया।” इससे पहले, पहलगाम आतंकवादी हमले के एक सप्ताह बाद पूर्वी खासी हिल्स जिले में एक व्यक्ति को अपने ‘फेसबुक’ पेज पर घृणास्पद सामग्री पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।  

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद तिरंगा यात्रा, सीएम देवेंद्र फडणवीस हुए शामिल

नागपुर, महाराष्ट्र के नागपुर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद भारतीय सशस्त्र बलों के सम्मान में ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई। इस तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए। मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने कितनी बहादुरी से काम किया है। देश भर के लोग भारतीय सेना के साथ मजबूती से खड़े हैं और प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प का पुरजोर समर्थन करते हैं। सेना के सम्मान में शहरों में तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। शहरों के अलावा पंचायत में भी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी क्योंकि पंचायत के लोग भी अपनी सेना को धन्यवाद करना चाहते हैं। मैं समझता हूं कि जिस प्रकार से इस तिरंगा यात्रा में आम लोगों ने भाग लिया और लोगों ने जो उत्साह दिखाया, वह हमें अभिभूत कर रहा है। तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों ने पीएम मोदी और सेना के प्रति अपना प्रेम दिखाया है। ऑपरेशन सिंदूर पर ऑल पार्टी डेलिगेशन पर हो रही राजनीति पर सीएम फडणवीस ने कहा कि कुछ लोग नकारात्मक सोच वाले होते हैं और नकारात्मक राजनीति करना ही उनका एकमात्र मकसद होता है। उन्हें देश और समाज से कुछ भी लेना-देना नहीं है। वह ऐसी राजनीति करके ही समाप्त हो जाएंगे। तुर्की का भारत की ओर से बहिष्कार करने पर सीएम फडणवीस ने कहा कि भारतीय व्यापारियों ने जो कदम उठाया है, हम उसका स्वागत करते हैं। कांग्रेस की जय हिंद यात्रा पर सीएम ने कहा कि हमारी उनकी यात्रा से बस इतनी अपेक्षा है कि वह इसे राजनीतिक यात्रा न बनाएं और हमारी सेना पर सवाल खड़े न करें। जिस तरह राहुल गांधी ने बीते दिनों में बातें की हैं, उसमें सेना के प्रति अविश्वास झलकता है। एक ओर सेना पर अविश्वास जताते हैं और दूसरी ओर जय हिंद यात्रा निकालते हैं। जय हिंद तभी कह सकते हैं जब आप सेना के पीछे विश्वास के साथ खड़े हों।  

कर्नल सोफिया पर विवादित टिप्पणी के मामले में अशोका यूनवर्सिटी के प्रोफेसर गिरफ्तार

नई दिल्ली कर्नल सोफिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में अशोका यूनवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्य कर रहे अली खान महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद महिला अधिकारियों को प्रेस ब्रीफिंग के लिए भेजने को दिखावा और ढोंग बताया था। इसके बाद हरियाणा राज्य के महिला आयोग ने उन्हें नोटिस भेजकर तलब किया था। कर्नल सोफिया और विंग कमांडर व्योमिका सिंह को आगे करने को लेकर महमूदाबाद ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट की थीं। माना जा रहा था कि ऑपरेशन सिंदूर का संबंध महिलाओं से है क्योंकि पहलगाम में आतंकियों ने उन लोगों की भी हत्या कर दी जिनकी हाल ही में शादी हुई थी। कई नवविवाहित महिलाओं की मांग उड़ गई। इसीलिए भारतीय सेना की आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में जानकारी देने के लिए महिला अधिकारियों को आगे किया गया। वहीं अली खान महमूदाबाद महिला अधिकारियों को आगे करने के फैसले को ही गलत बताने लगे। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सरकार ऐसा करके केवल दिखावा और ढोंग कर रही है। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी पोस्ट पर आपत्ति जताई। पहलगाम हमले के बाद जब एक शख्स के ‘अल्लाहू अकबर’ चिल्लाने और गोलियां चलने को लेकर गिरफ्तारी हुई थी तब भी उन्होंने सोशल मीडिया पर आपत्ति जाहिर की थी। उनका कहना था कि अगर किसी के इस तरह अल्लाहू अकबर चिल्लाने से कुछ साबित करने की कोशिश हो रही है तो आप कश्मीर को समझ ही नहीं पाए हैं। इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर उन्होंने काफी बहस भी की। कौन हैं अली खान महमूदाबाद अली खान महमूदाबाद अशोका यूनिवर्सिटी में प्राध्यापक होने के साथ ही राजनीतिक टिप्पणीकार और स्तंभकार हैं। उन्होंने कैंब्रिज से पीएचडी की है। वह राजनीति शास्त्र और इतिहास से डिग्री हासि कर चुके हैं। इसके अलावा दमिश्क यूनिवर्सिटी से उन्होंने अरबी भाषा की पढ़ाई की है। वह सोशल मीडिया पर काफी ऐक्टिव रहते हैं। फेसबुक पर की गई टिप्पणी को लेकर वह मुसीबत में घिरे हैं।

नग्न तस्वीरें भेजी, प्राइवेट पार्ट छुआ, बच्चे का यौन शोषण करने वाली महिला टीचर कैसे पकड़ में आई

रूस रूस में एक महिला टीचर को 11 साल के बच्चे के साथ अश्लील हरकत करने के आरोप में कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई है। महिला पर आरोप है कि उसने बच्चे को अपनी नग्न तस्वीरें भेजीं। उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ। रूस की एक शादीशुदा स्कूल टीचर पर 11 साल के छात्र के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। कोर्ट के दस्तावेजों के मुताबिक, टीचर ने उसे अपनी नग्न तस्वीरें दिखाईं। बच्चे को जबरन अपने स्तन छूने और होठों पर किस करने के लिए मजबूर किया। महिला टीचर ने खुद पर लगे सभी आरोप स्वीकार कर लिए हैं। उसने दावा किया कि स्टूडेंट के मुंह से उसकी तारीफ सुनने के बाद वह उसके प्रति आकर्षित हो गई थी। कोर्ट ने महिला को 9 साल की जेल की सजा सुनाई है। कैसे खुला राज पोस्ट के मुताबिक, 27 साल की अन्ना प्लाक्स्युक को पहले अभिभावक “ड्रीम टीचर” मानते थे, लेकिन उसने छात्र को क्लास के बाद रोककर उसके निजी अंगों को कपड़ों के ऊपर से छुआ। उसने बच्चे को अपनी नग्न तस्वीरें भेजीं और उससे भी ऐसी ही तस्वीरें मांगीं। पीड़ित बच्चे की मां ने उसके व्हाट्सएप पर शिक्षिका और बेटे के बीच अश्लील मैसेज और फोटो देखी तो चौंक गईं। उसने फिर स्कूल प्रिंसिपल को शिकायत की। अन्ना ने आरोपों को स्वीकार करते हुए दावा किया कि”बच्चे ने पहले उसे कॉम्प्लिमेंट्स दिए, जिससे वह उसके प्रति आकर्षित हुई।” ड्रीम टीचर को सजा अन्ना को “14 साल से कम उम्र के बच्चे के साथ यौन हिंसा” के आरोप में 9 साल जेल की सजा मिली है। जेल से रिहा होने के बाद उसे 1 साल तक पढ़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस मामले से स्थानीय अभिभावक हैरान हैं, क्योंकि अन्ना को पहले एक “ड्रीम टीचर” के रूप में जाना जाता था। यह मामला नवंबर 2023 से शुरू हुआ और करीब 4 महीने तक चला, जिसके बाद अन्ना को फरवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया।

अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी, सेना का खर्च बढ़ाना भी हो जाएगा मुश्किल!

इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने अपने राहत कार्यक्रम की अगली किस्त जारी करने के लिए पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। इसके साथ ही आईएमएफ ने पाकिस्तान को चेताया है कि भारत के साथ तनाव से योजना के राजकोषीय, बाह्य और सुधार लक्ष्यों के लिए जोखिम बढ़ सकते हैं। रविवार को मीडिया की खबरों में यह जानकारी दी गई है। आईएमएफ ने ऐसी शर्तें लगाई हैं जिसके तहत उसे खर्च और बजट की सारी जानकारी आईएमफ को देनी होंगी। इसके अलावा विकास कार्यों पर 10700 अरब से ज्यादा खर्च करना होगा। ऐसे में जाहिर है कि सेना और आतंकियों पर खर्च करने वाला पाकिस्तान सकते में आ जाएगा। वह खुलकर सेना पर खर्च नहीं बढ़ा पाएगा। पाकिस्तान पर लगाई गई नई शर्तों में 17,600 अरब रुपये के नए बजट को संसद की मंजूरी, बिजली बिलों पर ऋण भुगतान अधिभार में वृद्धि और तीन साल से अधिक पुरानी कारों के आयात पर प्रतिबंध को हटाना शामिल है। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएमएफ द्वारा शनिवार को जारी कर्मचारी स्तर की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव से इस कार्यक्रम के राजकोषीय, बाह्य और सुधार लक्ष्यों के लिए जोखिम बढ़ सकते हैं।’ रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि पिछले दो सप्ताह में पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, लेकिन अबतक, बाजार की प्रतिक्रिया मामूली रही है और शेयर बाजार ने अपने हाल के अधिकांश लाभ को बरकरार रखा है। आईएमएफ की रिपोर्ट में अगले वित्त वर्ष के लिए रक्षा बजट 2,414 अरब रुपये रुपये दिखाया गया है, जो 252 अरब रुपये या 12 प्रतिशत अधिक है। आईएमएफ के अनुमान की तुलना में सरकार ने इस महीने की शुरुआत में भारत के साथ टकराव बढ़ने के बाद रक्षा क्षेत्र के लिए 2,500 अरब रुपये या 18 प्रतिशत अधिक आवंटित करने का संकेत दिया है। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में छह और सात मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद पाकिस्तान ने भी आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया। 10 मई को दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमति बनी। रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएमएफ ने पाकिस्तान पर अब 11 और शर्तें लगाई हैं। इस तरह पाकिस्तान पर अबतक 50 शर्तें लगाई जा चुकी हैं। नई शर्तों के तहत अगले वित्त वर्ष के बजट के लिए संसद की मंजूरी शामिल है। आईएमएफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान का कुल बजट आकार 17,600 अरब रुपये का है। इसमें से 1,0700 अरब रुपये विकास कार्यों के लिए होंगे। प्रांतों पर भी एक नई शर्त लगाई गई है। इसमें चार संघीय इकाइयां एक व्यापक योजना के माध्यम से नए कृषि आयकर कानूनों को लागू करेंगी, जिसमें रिटर्न प्रसंस्करण, करदाता पहचान और पंजीकरण, संचार अभियान और अनुपालन सुधार योजना के लिए एक परिचालन मंच की स्थापना शामिल है। इस शर्त के तहत प्रांतों के लिए समयसीमा जून तक है। एक और नई शर्त यह है कि सरकार आईएमएफ के संचालन में सुधार के आकलन की सिफारिशों के आधार पर कामकाज के संचालन की कार्रवाई योजना प्रकाशित करेगी। इसके अलावा एक और शर्त यह है कि सरकार 2027 के बाद की वित्तीय क्षेत्र की रणनीति की रूपरेखा तैयार करेगी और उसे प्रकाशित करेगी। आईएमएफ ने ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी चार नई शर्तें लगाई हैं।

रूस ने यूक्रेन पर एक साथ दागे 273 ड्रोन, यूक्रेनी शहरों में तबाही के मंजर सामने आए

रॉयटर्स, कीव रूस ने यूक्रेन पर अपनी अब तक की सबसे बड़ी ड्रोन बमबारी की है। यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया कि यह हमला युद्ध की शुरुआत से अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला है। हमले के बाद यूक्रेनी शहरों में तबाही के मंजर सामने आए हैं। हमले में कीव क्षेत्र में कम से कम एक महिला की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों ने रविवार को इसकी जानकारी दी। इस हमले में रूस ने 273 ड्रोन दागे। यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने अधिकतर हमले कीव के केंद्रीय क्षेत्र और देश के पूर्वी हिस्सों ड्निप्रोपेत्रोव्स्क व डोनेस्क क्षेत्रों को निशाना बनाया। इससे पहले फरवरी 2025 में रूस ने 267 ड्रोन हमले किए थे, जो तब का रिकॉर्ड था। तुर्की में शांति वार्ता विफल हाल ही में इस्तांबुल में रूस-यूक्रेन के बीच तीन साल बाद हुई शांति वार्ता विफल रही। दोनों पक्षों ने केवल कैदियों के आदान-प्रदान का समझौता किया, लेकिन युद्ध विराम पर कोई सहमति नहीं बन पाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से बातचीत करने का ऐलान किया है। रविवार की तड़के चली लगातार हमलों में कीव क्षेत्र के ओबुखिव जिले में 28 वर्षीय एक महिला की मौत हुई जबकि एक 4 साल का बच्चा समेत कम से कम तीन लोग घायल हुए। घायल सभी अस्पताल में भर्ती हैं। इस हमले में कई आवासीय इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं। यूक्रेन का दावा- 88 ड्रोन मार गिराए यूक्रेनी वायु रक्षा बलों ने 88 ड्रोन मार गिराए, जबकि 128 नकली ड्रोन बिना किसी नुकसान पहुंचाए गिर गए। कीव और इसके आसपास के क्षेत्रों में नौ घंटे तक हवाई हमले की चेतावनी जारी रही। यूक्रेन के डिसइन्फॉर्मेशन सेंटर के प्रमुख आंद्रेई कोवालेन्को ने कहा, “रूस ने हमेशा वार्ता के समय धमकाने के लिए युद्ध का सहारा लिया है।” पिछले दिन भी रूस के ड्रोन हमले में यूक्रेन के सुमी क्षेत्र में एक बस पर हमला हुआ था, जिसमें नौ आम नागरिक मारे गए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे “जानबूझकर हमला” करार देते हुए रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की है। रूस ने हालांकि दावा किया था कि उन्होंने एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया था।  

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