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यदि महिलाएं राफेल उड़ा सकती हैं तो सेना की कानूनी शाखा में उनकी संख्या सीमित क्यों है फिर, उच्चतम न्यायालय का सवाल

नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने सेना की ‘जज एडवोकेट जनरल’ (जेएजी-विधि) शाखा में 50-50 चयन मानदंड पर सवाल उठाते हुए केंद्र से पूछा कि यदि भारतीय वायुसेना में कोई महिला राफेल लड़ाकू विमान उड़ा सकती है तो सेना की जेएजी शाखा के लैंगिक रूप से तटस्थ पदों पर कम महिला अधिकारी क्यों हैं? न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने आठ मई को दो अधिकारियों अर्शनूर कौर और आस्था त्यागी की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। याचिकाकर्ताओं ने अपने कई समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर क्रमश: चौथा और पांचवां स्थान प्राप्त किया था लेकिन महिलाओं के लिए कम रिक्तियां निर्धारित होने के कारण जेएजी विभाग के लिए उनका चयन नहीं किया गया। अधिकारियों ने पुरुषों और महिलाओं के लिए ‘‘असंगत” रिक्तियों को चुनौती देते हुए कहा था कि उनका चयन नहीं किया जा सका क्योंकि कुल छह पदों में से महिलाओं के लिए केवल तीन रिक्तियां थीं। पीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा, ‘‘हम याचिकाकर्ता अर्शनूर कौर द्वारा प्रस्तुत मामले से प्रथम दृष्टया संतुष्ट हैं।” शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘हम प्रतिवादियों को निर्देश देते हैं कि ‘जज एडवोकेट जनरल’ (जेएजी) के रूप में नियुक्ति के लिए अगले उपलब्ध प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में उन्हें शामिल करने के उद्देश्य से जो भी कार्रवाई आवश्यक है, उसे शुरू किया जाए।” पीठ ने एक समाचार पत्र के लेख का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि एक महिला लड़ाकू पायलट राफेल विमान उड़ाएगी। उसने कहा कि ऐसी स्थिति में उसे युद्ध बंदी बनाए जाने का खतरा है। न्यायमूर्ति दत्ता ने केंद्र और सेना की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा, ‘‘अगर भारतीय वायुसेना में एक महिला का राफेल लड़ाकू विमान उड़ाना स्वीकार्य है तो सेना के लिए जेएजी में अधिक महिलाओं को शामिल करने की अनुमति देना इतना मुश्किल क्यों है?” पीठ को बताया गया कि कार्यवाही के लंबित रहने के दौरान दूसरी याचिकाकर्ता त्यागी भारतीय नौसेना में शामिल हो गईं। इसके बाद शीर्ष अदालत ने पदों के लैंगिक आधार पर तटस्थ होने का दावा करने के बावजूद महिलाओं के लिए सीमित पद निर्धारित करने के लिए केंद्र से सवाल किया। भाटी ने कहा कि जेएजी शाखा सहित सेना में महिला अधिकारियों की भर्ती और नियुक्ति एक प्रगतिशील प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, ‘‘2012 से 2023 तक 70:30 (या अब 50:50) के अनुपात में पुरुष और महिला अधिकारियों की भर्ती की नीति को भेदभावपूर्ण एवं मौलिक अधिकारों का हनन कहना न केवल गलत होगा बल्कि यह कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र का भी अतिक्रमण होगा जो भारतीय सेना में पुरुष एवं महिला अधिकारियों की भर्ती के बारे में निर्णय लेने के लिए एकमात्र सक्षम प्राधिकारी है।” शीर्ष अदालत ने सवाल किया कि पदों को लैंगिक रूप से तटस्थ क्यों बताया गया है जबकि रिक्तियां लैंगिकता के आधार पर विभाजित होने के कारण उच्च योग्यता वाली महिला उम्मीदवारों को शामिल नहीं किया जा सका। न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि यदि 10 महिलाएं योग्यता के आधार पर जेएजी के लिए योग्य हैं तो क्या उन सभी को जेएजी शाखा की अधिकारी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। पीठ ने कहा कि लैंगिक तटस्थता का मतलब 50:50 का अनुपात नहीं है बल्कि इसका मतलब यह है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई किस लिंग से है। भाटी ने केंद्र के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि श्रम बल आकलन और आवश्यकता के आधार पर सेना की सभी शाखाओं में लिंग-विशिष्ट रिक्तियां मौजूद हैं। भाटी ने कहा कि रक्षा सेवाओं में लैंगिक एकीकरण एक विकासशील प्रक्रिया है और यह समय-समय पर समीक्षा एवं अध्ययन का विषय है।  

अमेरिका सऊदी अरब को 124 अरब डॉलर के हथियार और युद्धक साजो-सामान डिलिवर करेगा, खतरे में ईरान!

रियाद अमेरिका और खाड़ी के प्रमुख मुस्लिम देश सऊदी अरब के बीच इतिहास का सबसे बड़ा हथियार सौदा हुआ है। इसके तहत अमेरिका सऊदी अरब को 124 अरब डॉलर के हथियार और युद्धक साजो-सामान डिलिवर करेगा। वॉइट हाउस ने इस बारे में जानकारी दी है। यह हथियार बिक्री सऊदी अरब के साथ 600 अरब डॉलर के ऐतिहासिक सौदे का हिस्सा है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रियाद यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किया गया। सुन्नी इस्लामिक मुल्क सऊदी अरब के साथ यह हथियार डील शिया ईरान के लिए खतरे की घंटी है। ट्रंप ने दी ईरान को चेतावनी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ईरान को यह तय करने की जरूरत है कि वह परमाणु हथियार विकसित करके युद्ध करना चाहता है या शांति और व्यापारिक संबंध चुनना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने शांति को अस्वीकार कर दिया तो हमारे पास परमाणु हथियार रखने से रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। ट्रंप ने कहा, ‘ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा।’ सऊदी को पहले दौरे के लिए चुना डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की पहली राजकीय यात्रा पर मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। हालांकि, उन्हें पिछले महीने पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इटली जाना पड़ा था। इसके पहले साल 2016 में पहले कार्यकाल में डोनाल्ड ट्रंप पहली राजकीय यात्रा सऊदी अरब की ही थी। रियाद पहुंचने पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने स्वागत किया। अमेरिका से हथियार डील सऊदी अरब की रक्षा क्षमताओं में सुधार करेगा। ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ 1 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार सौदे का लक्ष्य रखा है। सऊदी-इजरायल संबंध बहाल कराने की कोशिश ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सऊदी अरब जल्द ही अब्राहम समझौते में शामिल होगा और ‘अपने समय में’ इजराइल को मान्यता देगा। ट्रंप और युवराज सलमान रॉयल कोर्ट में दोपहर के भोज में शामिल हुए, जिसमें मेहमान और सहयोगी भी शामिल हुए। ट्रंप का यह दौरा अमेरिका की मध्य पूर्व में फिर से वापसी को दिखाता है। अहमद शरा से करेंगे मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात करेंगे। शरा एक पूर्व विद्रोही नेता हैं जो इराक में पकड़े जाने के बाद कई वर्षों तक अमेरिकी सेना की कैद में रहे थे। शरा ने बशर असद को पिछले साल सत्ता से बेदखल कर दिया था। अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ ने बताया कि ट्रंप ने सऊदी अरब में अपने प्रवास को समाप्त करने और कतर जाने से पहले अल-शरा से मिलने पर सहमति व्यक्त की है। शरा से मुलाकात के बाद वह कतर की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। उनका संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाने का भी कार्यक्रम है।

बलूच नेता मीर यार बलूच ने राज्य में दशकों से हो रही हिंसा के चलते पाक से स्वतंत्रता का एलान किया, भारत से मांगी ये मदद

बलूचिस्तान बलूचिस्तान ने पाकिस्तान से आजाद होने का एलान किया है। बलूच नेता मीर यार बलूच ने बुधवार को राज्य में दशकों से हो रही हिंसा, जबरन गायब किए जाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर पाकिस्तान से स्वतंत्रता का एलान किया। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान पाकिस्तान नहीं हैं। उन्होंने भारत और वैश्विक समुदाय से आजादी के लिए समर्थन देने की मांग की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बलूचिस्तान के लोगों ने अपना फैसला दे दिया है। अब दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान के लोग सड़कों पर हैं। उनका कहना है कि तुम मारोगे हम टूटेंगे, हम नाक बचाएंगे आओ हमारा साथ दो। उन्होंने भारतीय नागरिकों, खास तौर पर मीडिया, यूट्यूबरों और बुद्धिजीवियों से बलूचों को ‘पाकिस्तान के अपने लोग’ कहने से बचने का आग्रह किया है। पाकिस्तान के अपने लोग पंजाबी हैं: मीर यार बलूच उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तानी नहीं हैं। हम बलूचिस्तानी हैं। पाकिस्तान के अपने लोग पंजाबी हैं। जिन्होंने कभी हवाई बमबारी, जबरन गायब किए जाने और नरसंहार का सामना नहीं किया। मीर यार बलूच ने कहा कि दुनिया को पाकिस्तान के एकतरफा बयान पर भरोसा नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान बलूचिस्तान के नेता के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर और 27 मार्च 1948 को बलूचिस्तान के पाकिस्तान में शामिल होने के समारोह में अंतरराष्ट्रीय या तीसरे देश की भागीदारी को साबित करने वाला एक भी कागज और कानूनी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। बलूचिस्तान में लंबे समय से मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन होता रहा है। इसमें जबरन गायब कर दिया जाना, न्यायेतर हत्याएं और असहमति को दबाना शामिल है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सशस्त्र समूहों दोनों पर ही मानवाधिकारों के हनन का आरोप लगाया गया है। गुलाम जम्मू-कश्मीर को खाली करने का किया समर्थन बलूच नेता मीर यार बलूच ने भारत के पाकिस्तान से गुलाम जम्मू-कश्मीर खाली करने की कहने के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बलूचिस्तान भारत द्वारा 14 मई 2025 को पाकिस्तान से गुलाम जम्मू-कश्मीर को खाली करने के लिए कहने के फैसले का पूरा समर्थन करता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान से तुरंत गुलाम जम्मू-कश्मीर छोड़ने का आग्रह करना चाहिए ताकि ढाका में उसके 93000 सैन्यकर्मियों को आत्मसमर्पण के एक और अपमान से बचाया जा सके। भारत पाकिस्तानी सेना को हराने में सक्षम है और अगर पाकिस्तान ने कोई ध्यान नहीं दिया तो केवल पाकिस्तानी सेना के जनरलों को ही रक्तपात के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि पाकिस्तान गुलाम जम्मू-कश्मीर के लोगों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है। बलूचिस्तान में बंदूकधारियों ने चार ट्रक ड्राइवरों की हत्या की अशांत बलूचिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने चार ट्रक ड्राइवरों का अपहरण कर लिया और बाद में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि मंगलवार रात को क्वेटा से लगभग 100 किलोमीटर पश्चिम में नोश्की के गलांगूर इलाके में गोलियों से छलनी उनकी लाशें मिलीं। हालांकि अभी तक किसी ने भी हत्याओं की जिम्मेदारी नहीं ली है।

भारतीय वायु सेना ने एयरस्ट्राइक से पहले पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम को कर दिया था जाम, चीन भी हैरान

नई दिल्ली भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और गुलाम जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक कर उन्हें तबाह कर दिया था। ये वही ठिकाने थे, जहां आतंकियों की ट्रेनिंग और लॉन्चिंग होती थी। भारत की स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम पर सवाल उठने लगे थे। दरअसल पाकिस्तान ने अपना एयर डिफेंस चीन से खरीदा है। पीआईबी ने एक प्रेस रिलीज में बताया है कि चीन में बने इस एयर डिफेंस को भारतीय वायु सेना ने स्ट्राइक के दौरान जाम और बाइपास कर दिया था। वहीं भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर सटीक और लक्ष्यभेदी हमले किए थे। पाकिस्तान के सभी हमले नाकाम पीआईबी की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान को विदेशों से मिली कई टेक्नोलॉजी को न्यूट्रलाइज कर दिया था। इसके ठोस सबूत भी मौजूद हैं। इसमें चीन में बने पीएल-15 मिसाइल के टुकड़े, तुर्किए में बने यूएवी और लंबी दूरी के रॉकेट, क्वाडकॉप्टर और कॉमर्शियल ड्रोन शामिल हैं। भारत की जवाई कार्रवाई में पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों- नूर खान और रहीमयार खान को सर्जिकल सटीकता के साथ निशाना बनाया गया। भारत के अत्याधुनिक हथियारों ने दुश्मन के रडार और मिसाइल सिस्टम सहित कई सिस्टम को खोजकर नष्ट कर दिया। बता दें कि भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में सात मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत सटीक हमले किए। भारतीय कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने आठ, नौ और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने की नाकाम कोशिश की।

अभी ख़त्म नहीं हुआ ऑपरेशन सिन्दूर, फिर से अटैक कर सकते है पीएम मोदी, अब भी डर: इमरान खान

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान जेल में बंद हैं, लेकिन भारत से तनाव पर उनकी पूरी नजर है। इमरान खान से जेल में मुलाकात करने उनकी बहनें पहुंची थीं। उन्होंने मीटिंग के बाद बताया कि इमरान खान को डर है कि भारत ने भले ही सीजफायर स्वीकार कर लिया है, लेकिन अब भी हमला हो सकता है। इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि भाई को इस बात की चिंता है कि अब भी भारत अटैक कर सकता है। उन्होंने पाकिस्तान की सेना और सरकार से अलर्ट रहने को कहा है। जेल प्रशासन की तरफ से इमरान खान की बहनों को 8 सप्ताह के बाद मिलने की परमिशन दी गई थी। पाकिस्तानी अखबार के अनुसार अलीमा ने इमरान से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, ‘उन्होंने कहा कि भारत की तरफ से अब भी अटैक हो सकता है। इमरान खान ने कहा कि नरेंद्र मोदी पाकिस्तान से नफरत करते हैं और गुस्से में फिर से कोई अटैक कर सकते हैं।’ इमरान खान के हवाले से अलीमा ने कहा कि जंग में 60 फीसदी जंग तो मानसिक ही होती है। मुझे डर है कि नरेंद्र मोदी फिर से अटैक कर सकते हैं। अलीमा ने कहा कि इमरान खान ने देश की चिंताओं पर बात की। इमरान खान की ओर से इस दौरान मिलिट्री कोर्ट में चल रहे मुकदमों को लेकर भी बात की। दरअसल इमरान खान 9 मई, 2023 से ही जेल में बंद हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शन हुए थे और उनके समर्थकों ने सेना के प्रतिष्ठानों पर भी हमले बोले थे। इन ठिकानों पर हमला करने वाले लोगों के खिलाफ मिलिट्री कोर्ट्स में केस चल रहे हैं। इमरान खान ने कहा कि इन मामलों के विरोध में उनके समर्थकों को सड़कों पर उतर जाना चाहिए। दरअसल पिछले सप्ताह पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने सेना को पावर दी है कि आम नागरिकों के खिलाफ भी मिलिट्री कोर्ट्स में केस चल सकते हैं। इसके बाद से ही चर्चा है कि सेना प्रमुख आसिम मुनीर को बहुत ज्यादा ताकत मिल गई है। इससे इमरान खान के समर्थकों पर सख्त ऐक्शन के कयास तेज हो गए हैं। माना जाता है कि इमरान खान को जेल भेजने और राजनीतिक रूप से कमजोर करने का इनाम ही आसिम मुनीर को मिला है।  

अमेरिका में भारतीय मूल के छात्र की छुट्टियों की मस्ती बनी मातम, पढ़ाई पूरी होने से कुछ दिन पहले हुई मौत

नूयॉर्क अमेरिका में भारतीय मूल के एक छात्र की स्नातक की पढ़ाई पूरी होने से कुछ दिन पहले बहामास में होटल की बालकनी से दुर्घटनावश गिरने से मौत हो गई। गौरव जयसिंह मैसाचुसेट्स के वाल्थम स्थित बेंटले विश्वविद्यालय का छात्र था और कॉलेज के छात्रों के साथ प्रति वर्ष होने वाली यात्रा (ट्रिप) के लिए बहामास गया था। इसी दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। जयसिंह की इस सप्ताह के अंत में स्नातक की पढ़ाई पूरी होने वाली थी। बेंटले विश्वविद्यालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ में कहा, ‘‘पिछले कुछ दिन बहुत मुश्किल भरे रहे हैं और हमारा समुदाय गौरव जयसिंह (25) की मौत से बहुत दुखी है। हमारी संवेदनाएं गौरव के परिवार और दोस्तों के साथ हैं। हम 17 मई को होने वाले स्नातक दीक्षांत समारोह में गौरव को सम्मानित करने की योजना बना रहे हैं।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बेंटले विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘गौरव के परिवार, दोस्तों और प्रियजन के साथ हमारी गहरी संवेदनाएं हैं। स्थानीय अधिकारी जांच कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि गौरव बालकनी से दुर्घटनावश गिर गया।” इसमें कहा गया, ‘‘हम उसके परिवार की निजता का सम्मान करते हुए संबंधित जानकारी साझा करेंगे। यह हमारे समुदाय के लिए बहुत बड़ी त्रासदी है…।” मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जयसिंह मैसाचुसेट्स के श्रूजबरी का मूल निवासी था और डेल्टा सिग्मा पाई बिरादरी के साथ-साथ संस्थान के दक्षिण एशियाई छात्र संघ का सदस्य भी था। ‘रॉयल बहामास पुलिस’ बल ने एक बयान में कहा कि 11 मई को पुलिस ने ‘पैराडाइज आइलैंड’ पर एक पुरुष की मौत के मामले की जांच शुरू की। शुरुआती खबरों के अनुसार पुलिस ने कहा कि रात 10 बजे के आसपास छात्र होटल के अपने कमरे में अन्य छात्रों के साथ था। उसने बताया कि वह बालकनी से शायद दुर्घटनावश गिर गया और निचले तल पर अचेत अवस्था में पाया गया। पुलिस ने बताया कि उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की जांच जारी है।  

कनाडा की राजनीति में बड़ा बदलाव, अनीता आनंद को मिली विदेश मंत्रालय की कमान, जयशंकर ने दी बधाई

कनाडा कनाडा की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। हाल ही में प्रधानमंत्री बने मार्क कार्नी ने अपनी नई कैबिनेट का ऐलान किया है। इस नई कैबिनेट में अनीता आनंद को  कनाडा की विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है। उन्होंने मेलानी जोली की जगह ली है। प्रधानमंत्री कार्नी ने पुराने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की 39 सदस्यीय टीम को घटाकर 29 मंत्रियों की नई टीम बनाई है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया पर अनीता आनंद को बधाई दी और लिखा-“विदेश मंत्री बनने पर @AnitaAnandMP को बधाई।”   कौन हैं अनीता आनंद ? अनीता आनंद एक प्रसिद्ध  वकील, प्रोफेसर और शोधकर्ता हैं। उन्होंने 2019 में पहली बार ओकविल से सांसद के रूप में चुनाव जीता था और 2021 में फिर से चुनी गईं।वह नोवा स्कोटिया में पैदा हुई थीं और 1985 में  ओंटारियो चली गई थीं। उनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं और पंजाब  से संबंध रखते हैं। उनके पिता एस.वी. आनंद  जनरल सर्जन थे और मां  सरोज राम एनेस्थीसियोलॉजिस्ट थीं। क्वीन्स यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल स्टडीज़ में ऑनर्स ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुरिसप्रूडेंस में ऑनर्स डालहौजी यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ लॉज़ टोरंटो यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ लॉज़   नई कनाडा कैबिनेट प्रधानमंत्री कार्नी के नेतृत्व में यह नई कैबिनेट अब कनाडा की नई दिशा तय करेगी। अनीता आनंद के विदेश मंत्री बनने से भारत-कनाडा रिश्तों पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है।

मां वैष्णो देवी जाने वालों के लिए जरूरी सूचना, अचानक बंद हुई हेलीकॉप्टर सेवा फिर हुई शुरू

कटरा  जम्मू एवं कश्मीर के रियासी जिले में स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के लिए हेलीकॉप्टर सेवा बुधवार को फिर से शुरू हो गई। भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य गतिरोध के कारण यह सेवा करीब एक सप्ताह से निलंबित थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने से एक दिन पहले ही जम्मू और श्रीनगर सहित 32 हवाई अड्डों पर उड़ानें बहाल की गई थीं। दोनों पड़ोसी देशों के बीच सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनने के बाद यह कदम उठाया गया है। मंदिर प्रबंधन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, ‘माता वैष्णो देवी मंदिर में हेलीकॉप्टर सेवा पिछले सात दिनों से निलंबित थी जिसे आज सुबह बहाल कर दिया गया।’ उन्होंने बताया कि इस महीने की शुरुआत से तीर्थयात्रियों की संख्या में तेजी से कमी आई थी लेकिन अब यह बढ़ रही है। अधिकारी ने बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए बैटरी कार सेवा भी चालू है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनवरी से अब तक 30 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने मंदिर में दर्शन किए हैं, जबकि पिछले वर्ष यह संख्या 94.84 लाख थी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह संख्या आने वाले दिनों में कई गुना बढ़ जाएगी। दिल्ली से आए श्रद्धालु शुभम कुमार ने कहा, ‘‘हम हेलीकॉप्टर सेवा दोबारा शुरू होने और मंदिर प्रबंधन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से खुश हैं।’

अप्रैल में लुढ़क कर 3.16 % पर आई रिटेल महंगाई दर, जानें टूटा कितने सालों का रिकॉर्ड

नई दिल्ली भारत की रिटेल महंगाई (CPI) 2019 के बाद सबसे कम हो गई और इसका कारण सब्जियों की कम कीमतें हैं. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के  जारी आंकड़ों के मुताबिक, कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स-बेस्ड इन्फ्लेशन अप्रैल में घटकर 3.16% रह गई, जो मार्च में 3.34% थी. खुदरा महंगाई लगातार घट रही है. ऐसे में आने वाले दिनों में रिजर्व बैंक (RBI) मॉनेटरी पॉलिसी में कुछ नरमी बरत सकता है. महंगाई दर पिछले कुछ वक्त से रिजर्व बैंक के 2 से 4% के लक्ष्य के अंदर रह रही है. पिछली पॉलिसी के दौरान RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिए थे कि अगर महंगाई कम होती है तो दरें और घट सकती हैं. RBI ने पिछली बैठक में रेपो रेट को 6% तक घटाया था, जो लगातार दूसरी कटौती थी. ताजा महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए अब एक बार फिर दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है. इस साल मार्च में खाद्य वस्तुओं की खुदरा महंगाई दर 2.69 प्रतिशत थी। खुदरा महंगाई दर के छह साल के निचले स्तर पर आने के बाद आगामी जून माह में आरबीआइ की तरफ से एक बार फिर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है। महंगाई में कमी का क्या मिलेगा फायदा? आनंद राठी ग्रुप के मुख्य अर्थशास्त्री एवं कार्यकारी निदेशक सुजान हाजरा ने बताया कि खाद्य वस्तुओं के साथ कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से खुदरा महंगाई दर चार प्रतिशत से नीचे बने रहने का अनुमान है जिससे मौद्रिक नीति कमेटी की आगामी बैठक में आरबीआइ के लिए रेपो रेट में कटौती करने की पूरी गुंजाइश है। महंगाई में कमी से सरकार को विकास नीति में तेजी और कारपोरेट सेक्टर को आय बढ़ोतरी में मदद मिलेगी। पिछले महीने सब्जी के दाम में पिछले साल अप्रैल के मुकाबले 11 प्रतिशत, दाल व दलहन में 5.23 प्रतिशत, मसाले में 3.04 प्रतिशत तो मांस व मछली के दाम में 0.35 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस साल अप्रैल में पिछले साल अप्रैल की तुलना में सबसे अधिक 17.42 प्रतिशत की बढ़ोतरी खाद्य तेल व वनस्पति की कीमतों में रही। अप्रैल में फल के खुदरा दाम में 13.80 प्रतिशत, अनाज में 5.35 प्रतिशत, दूध में 2.72 प्रतिशत, चीनी में 4.59 प्रतिशत, गैर अल्कोहल पेय पदार्थ में 4.40 प्रतिशत का इजाफा रहा। तेलंगाना व दिल्ली की महंगाई दर दो प्रतिशत से नीचे अप्रैल में सबसे कम 1.26 प्रतिशत की खुदरा महंगाई दर तेलंगाना में दर्ज की गई। दिल्ली की खुदरा महंगाई दर इस अवधि में 1.77 प्रतिशत रही तो सबसे अधिक महंगाई दर केरल में 5.94 प्रतिशत दर्ज की गई। कर्नाटक में 4.26 प्रतिशत, पंजाब में 4.09 प्रतिशत तो जम्मू-कश्मीर में खुदरा महंगाई दर 4.25 प्रतिशत रही। रिटेल महंगाई के आंकड़े     अप्रैल CPI रूरल महंगाई 2.92% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI अर्बन महंगाई 3.36% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI हाउसिंग प्राइस बढ़ी 3% बढ़ी (YoY)     अप्रैल CPI क्लोथिंग & फुटवियर प्राइस 2.67% बढ़ी (YoY)     April CPI फ्यूल & लाइटिंग प्राइस 2.92% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड & बेवरेज प्राइस 2.14% बढ़ी (YoY)     April CPI फूड प्राइस 1.78% बढ़ी (YoY) कहां बढ़ी और घटी महंगाई (YoY)     दालों की महंगाई अप्रैल में 5.35% रही, मार्च में 5.93% थी     मीट और मछली की महंगाई अप्रैल में 0.35% घटी, मार्च में 0.32% बढ़ी थी     दूध, मिल्क प्रोडक्ट्स की महंगाई दर अप्रैल में 2.72% रही, मार्च में 2.56% थी     ईंधन और बिजली की महंगाई दर अप्रैल में 2.92% रही, मार्च में 1.48% थी     कपड़ों की महंगाई 2.67% बढ़ी है     हाउसिंग प्राइस 3% बढ़ी है

देश में संकट आ जाएगा… सिंधु जल समझौते के ठंडे बस्ते में जाने से बिलबिलाया पाकिस्तान, भारत से लगाई गुहार

नई दिल्ली 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को रोकने का ऐलान किया था. इससे पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है. इस फैसले को लेकर पाकिस्तान ने भारत से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई है. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को पत्र लिखकर अपील की है कि भारत का यह कदम पाकिस्तान में गंभीर जलसंकट पैदा कर सकता है. पत्र में भारत से अपील की गई है कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करे. सिंधु जल समझौते को ठंडे बस्ते में डालने के भारत सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. पाक की शहबाज सरकार ने भारत से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है. भावी संकट को देखते हुए भारत से गुहार लगाई है. शहबाज सरकार ने कहा कि इस फैसले से पाकिस्तान में संकट हो जाएगा. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्रालय में सचिव सैय्यद अली मुर्तुजा ने जल शक्ति मंत्रालय में सचिव देवश्री मुखर्जी को पत्र लिखा है. इसमें फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील की है. पत्र में कहा गया है कि पाकिस्तान इस मसले पर बात करने को तैयार है. सूत्रों के अनुसार नियम के मुताबिक यह पत्र विदेश मंत्रालय भेज दिया गया है. पाकिस्तान का कहना है कि अगर भारत तीन नदियों के जल पर अपने अधिकार का पूर्ण उपयोग करने लगा, तो पाक‍िस्‍तान के कई राज्‍यों में गंभीर जल संकट पैदा हो जाएगा. इस खतरे को भांपते हुए पाकिस्तान ने भारत से तुरंत बात करने की अपील की है. लेकिन भारत इस बार नरमी के मूड में नहीं दिखता. पीएम मोदी ने एक द‍िन पहले ही कहा था क‍ि पाक‍िस्‍तान को क‍िसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते- PM मोदी सूत्रों से मुताबिक भारत को पाकिस्तान की गुहार से कोई हमदर्दी नहीं. पीएम मोदी ने सोमवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि खून और पानी एकसाथ नहीं बह सकते. भारत अब तीन नदियों के पानी का अपने लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है. इस पर तुरंत काम शुरू कर दिया गया है. इसके अलावा मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है.  भारत ने बना ल‍िया प्‍लान सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार पाकिस्तान की गुहार से प्रभावित नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन में साफ किया कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते. यह बयान पाकिस्तान के लिए भारत के कड़े संदेश की तरह देखा जा रहा है. भारत अब रावी, ब्यास और सतलुज नदियों के जल पर अपना अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है, जिससे पाकिस्तान की चिंताएं और गहराती जा रही हैं. क्‍यों बेचैन है पाक‍िस्‍तान सिंधु जल समझौता सस्पेंड होने से पाकिस्तान बेचैन है. क्योंकि उसकी कृषि और वाटर सप्‍लाई का बड़ा हिस्सा भारत से बहने वाली नदियों झेलम, चेनाब और सिंधु पर निर्भर है. भारत अगर इन नदियों के पानी को रोककर अपने इस्तेमाल में लाता है तो पाकिस्तान में सिंचाई, पीने के पानी और बिजली उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा. पहले से जल संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह स्थिति और भी गंभीर हो जाएगी. भारत की योजना से उसे 3 नदियों के जल पर अधिक नियंत्रण मिलेगा, जिससे पाकिस्तान की जल-आर्थिक सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराने लगा है. सिंधु जल समझौता पाकिस्तान की लाइफ लाइन दरअसल, पहलगाम हमले के अगले ही दिन भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था. 1960 में हुए सिंधु जल समझौते को पाकिस्तान की लाइफ लाइन माना जाता है. पाकिस्तान की करीब 21 करोड़ से ज्यादा की आबादी पानी के लिए सिंधु और उसकी चार सहायक नदियों पर निर्भर है. इसके अलावा 90% जमीन में सिंचाई का पानी सिंधु नदी से मिलता है. तनाव के बाद भारत ने रोका चिनाब नदी पानी भारत ने पाकिस्तान के साथ 1965, 1971 और 1999 की जंग के बाद भी सिंधु जल समझौते को सस्पेंड नहीं किया था. लेकिन पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. भारत ने चिनाब नदी पर बने बगलिहार बांध से पाकिस्तान की ओर जाने वाले पानी के प्रवाह को रोक दिया और झेलम पर किशनगंगा परियोजना से भी पानी के बहाव को कम कर दिया.  

युनूस सरकार ने भारत सरकार से अपील की, भविष्य में अवैध घुसपैठियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही डिपोर्ट किया जाए

ढाका भारत की ओर से अवैध रूप से घुसपैठ कर चुके करीब 300 बांग्लादेशी नागरिकों को सुंदरबन के रास्ते नाव में बैठाकर वापस बांग्लादेश भेज दिया गया है। यह कार्रवाई बीते कुछ दिनों में भारतीय खुफिया एजेंसियों के अलर्ट और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर बांग्लादेश सरकार द्वारा की गई। बांग्लादेश की युनूस  सरकार ने भारत सरकार से अपील की है कि भविष्य में अवैध घुसपैठियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही डिपोर्ट किया जाए। युनूस  सरकार ने भारत सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि “कृपया डिपोर्ट करने से पहले दोनों देशों के बीच तय प्रक्रिया का पालन करें।” ढाका में गृह सलाहकार क्वेलेट्टे जुरल जहरगीर आलम चौधरी की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में यह तय हुआ कि बांग्लादेश की एजेंसियां उन नागरिकों को फिर से पहचानेंगी, जो अवैध रूप से भारत में घुस आए थे। इसके लिए 200 से ज्यादा घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है। हरियाणा के  हिसार में मंगलवार को 39 बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गए हैं। ये सभी अलग-अलग गांवों और इलाकों में रह रहे थे। छानबीन के दौरान इनके पास वैध दस्तावेज नहीं मिले।भारत की सीमाओं पर सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और पहचान के डर से कई बांग्लादेशी नागरिक देर रात लुंगी पहनकर नाव के जरिये बांग्लादेश में वापस लौटने लगे। सुंदरबन के रास्ते तीन दिनों में 300 से अधिक लोगों को जबरन नाव में बैठाकर वापस भेजा गया। परिवार के कुछ सदस्यों ने बताया कि उन्हें खुद पता नहीं चला कि उन्हें अचानक क्यों वापस भेजा जा रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि वे कई सालों से भारत में रह रहे थे। बांग्लादेश के सेनाध्यक्ष और युनूस  सरकार के बीच इस डिपोर्ट को लेकर असहमति सामने आई है। सेना ने 300 लोगों के जबरन डिपोर्ट पर नाराजगी जताई है और कहा है कि इससे दोनों देशों के संबंधों में खटास आ सकती है।विपक्षी  बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ( BNP)  ने आरोप लगाया कि यह सरकार का तानाशाही कदम है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने मांग की है कि भारत से आने वाले सभी डिपोर्ट को वैध प्रक्रिया से ही निपटाया जाए।  

भारत की सख्ती के बाद पाकिस्तान ने BSF के अगवा जवान को छोड़ा, DGMO लेवल की बातचीत के बाद रिहाई; 20 दिन बाद अटारी-वाघा बॉर्डर से लौटे

अटारी पाकिस्तान ने भारत के बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को वापस लौटा दिया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा है. वे पिछले करीब बीस दिनों से पाकिस्तान के कब्जे में थे. कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार सुबह 10:30 बजे वतन वापस लौटे हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है. कैसे पाकिस्तान पहुंच गए थे पूर्णम कुमार? पूर्णम कुमार, गलती से इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करके पाकिस्तान पहुंच गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. वे पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे. भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. पाकिस्तान ने भी जवाबी हमले किए, जिससे तनाव बढ़ गया. ऐसे में पूर्णम के परिवार की चिंता और भी बढ़ गई. पत्नी ने जताई थी उम्मीद पूर्णम कुमार की पत्नी राजनी ने उम्मीद जताई थी कि डीजीएमओ की बातचीत में पूर्णम कुमार के मुद्दे को उठाया जाएगा. उन्होंने कहा था, ‘जब भारतीय सेना ने 3 मई को एक पाकिस्तानी रेंजर को राजस्थान में हिरासत में लिया, तब लगा था कि शायद मेरे पति को भी छोड़ा जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब DGMO वार्ता से नई उम्मीद जगी है.’ राजनी ने यह भी कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को उन्हें फोन किया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने उनके ससुरालवालों की चिकित्सा सहायता की भी बात कही. बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ की पत्नी रजनी अपने पति के पाकिस्तान के हिरासत में लिए जाने की कहानी सुना ही रही थी तब ही इसी बीच उन्हें एक कॉल आती है. रजनी हमारा कॉल ऑन रखते हुए दूसरा कॉल पिक करती हैं, दूसरी तरफ से कुछ आवाज आती है और रजनी ऊंची आवाज में कहती हैं क्या बात कर रहे हैं, सच में? तब ही क्विंट के रिपोर्टर ने पूछा क्या हुआ, सब ठीक है? तब रजनी ये बोलते हुए कॉल कट कर देती हैं कि भैया मैं थोड़े देर में कॉल करती हूं. रजनी के कॉल कट करते ही हमने तुरंत इंटरनेट पर बीएसएफ जवान पूर्णम से जुड़ी जानकारी देखने की कोशिश की. लेकिन हमें पूर्णम के पाकिस्तान में गलती से घुस जाने और परिवार से जुड़ी पुरानी खबरों के अलावा कुछ नया नहीं मिला. दरअसल, 23 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ के एक जवान पूर्णम कुमार शॉ को हिरासत में ले लिया था. साव गलती से पाकिस्तान बॉर्डर में घुस गए थे. करीब 21 दिन बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूरनम कुमार शॉ को मंगलवार लगभग साढ़े 10 बजे पाकिस्तान ने भारत को सौंप दिया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा है. मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं शॉ जवान शॉ मूल रूप से पश्चिम बंगाल में हुगली के रिसड़ा गांव के रहने वाले हैं। वह 23 अप्रैल को फिरोजपुर में किसानों के साथ भारत-पाक बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान वह गलती से एक पेड़ के नीचे बैठने के लिए पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गए। जहां पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया और अपने साथ ले गए। क्या है पूरी कहानी? हिमाचल के कांगड़ा में बीएसएफ के 34 बटालियन में तैनात पूर्णम कुमार की ड्यूटी 16 अप्रैल 2025 को पंजाब के पठानकोट के पास फिरोजपुर में पोस्टिंग हुई थी. 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली. इसी बीच कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार शॉ 23 अप्रैल 2025 को दोपहर 11:50 बजे, फिरोजपुर सेक्टर के क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान गलती से पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए, जिसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पर्यटकों और नागरिकों पर हमला किया, जिसे 26/11 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना गया. इस हमले ने भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को और मजबूत किया. जवाब में, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने समन्वित रूप से पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों को नष्ट किया. इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा. पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के बाद 7-8 मई की रात को भारत के 15 सैन्य ठिकानों जैसे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना के एकीकृत प्रयासों ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया. भारतीय नौसेना ने अपनी वाहक युद्ध समूह (Carrier Battle Group) और उन्नत वायु रक्षा तंत्र का उपयोग कर पाकिस्तानी वायु तत्वों को समुद्री क्षेत्र में निष्क्रिय कर दिया. गर्भवती पत्नी भी फिरोजपुर पहुंची थी 28 अप्रैल को BSF जवान की गर्भवती पत्नी रजनी पश्चिम बंगाल से फिरोजपुर पहुंची थी। यहां उन्होंने BSF के सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की। वह 2 दिन फिरोजपुर में रुकी भी रहीं। हालांकि, उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें वापस भेजा गया। क्या है जीरो लाइन और उसका प्रोटोकॉल…     जीरो लाइन बेहद संवेदनशील हिस्सा: जीरो लाइन अंतरराष्ट्रीय सीमा का वह संवेदनशील हिस्सा होता है जहां दो देशों की सीमाएं बेहद पास होती हैं। भारत-पाकिस्तान की जीरो लाइन पर सीमित समय और परिस्थितियों में किसानों को खेती करने की अनुमति दी जाती है। साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए भारत की तरफ से BSF के जवान तैनात किए जाते हैं। इन जवानों को ‘किसान गार्ड’ भी कहा जाता है।     क्या कहता है प्रोटोकॉल: आमतौर पर ऐसी घटनाओं में 24 घंटे के भीतर जवानों को लौटा दिया जाता है। हालांकि, मौजूदा मामले में ऐसा नहीं किया गया। इस मामले में एक अधिकारी ने बताया कि पहले दोनों देशों के बीच अगर कोई जवान बॉर्डर पार कर लेता था तो फ्लैग मीटिंग के बाद उसे लौटा दिया जाता था। यह सामान्य बात थी, लेकिन पहलगाम में आतंकी हमले के बाद बदले हालात में यह घटना असामान्य हो गई है। पहले भी गलती से जवान … Read more

पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले ने बताया कोहली के बाद नंबर-4 का करुण नायर को दावेदार, अब सभालेंगे भार

नई दिल्ली विराट कोहली के रिटायरमेंट के बाद भारतीय टीम थोड़ी कमजोर सी नजर आ रही है। टॉप पर ना तो अब रोहित शर्मा होंगे और ना ही मिडिल ऑर्डर का भार संभालने वाले किंग कोहली। ऐसे में इंग्लैंड दौरे पर टीम थोड़ी बिखरी-बिखरी नजर आ सकती है। इस समय कप्तानी के अलावा सवाल यह है कि नंबर-4 की पोजिशन पर कौन बैटिंग करेगा। कोहली ने सचिन के बाद यह जिम्मेदारी संभाली थी, मगर अब उनके बाद कौन? इस सवाल का जवाब पूर्व स्पिनर अनिल कुंबले ने दिया है। इस लीजेंड्री स्पिनर ने इंग्लैंड दौरे पर करुण नायर को नंबर-4 का दावेदार बताया है। बता दें, नायर ने आखिरी टेस्ट 2017 में खेला था। कुंबले ने कहा, “करुण ने जिस तरह का घरेलू प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए वह भारतीय टीम में वापसी के हकदार हैं। इसलिए शायद वह भारत के लिए नंबर 4 पर खेल सकते हैं, क्योंकि मुझे लगता है कि आपको थोड़े अनुभव की जरूरत होती है। आपको इंग्लैंड में किसी ऐसे खिलाड़ी की जरूरत है जो वहां जाकर खेल चुका हो। वह काउंटी क्रिकेट खेल चुका है, इसलिए वह वहां की परिस्थितियों को जानता है। करुण की उम्र भले ही 30 के पार हो, लेकिन वह अभी भी युवा है। अगर उसे मौका मिलता है, तो युवाओं के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलने की काफी उम्मीदें होंगी। अगर घरेलू क्रिकेट में किए गए प्रदर्शन को मान्यता नहीं मिलती है, तो यह थोड़ी चुनौती बन जाती है।” नायर अपने जीवन के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं, उन्होंने हाल ही में घरेलू सत्र में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने रणजी ट्रॉफी 2024-25 में विदर्भ की जीत में अहम भूमिका निभाई और इस सत्र के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। उन्होंने 16 पारियों में 53.93 की औसत से 863 रन बनाए, जिसमें चार शतक और दो अर्द्धशतक शामिल हैं। चयनकर्ता उन्हें सनियर टीम में मौका देने से पहले इंग्लैंड दौरे पर इंडिया ए के स्क्वॉड के लिए भी चुन सकते हैं।

जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी, मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, फोन, लैपटॉप के दाम होंगे सस्ते!

नई दिल्ली भारत में अब वो दिन दूर नहीं जब भारतीय फोन और लैपटॉप अपने ही देश में सस्ते दामों पर खरीद सकते हैं। दरअसल, मोदी सरकार ने भारत की चिप बनाने की महत्वाकांक्षाओं को बढ़ावा दिया है। इसके मद्देनजर आज बुधवार को मोदी कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के जेवर में भारत की छठी सेमीकंडक्टर यूनिट को मंजूरी दी है। 3,706 करोड़ रुपये के निवेश के साथ यह परियोजना एचसीएल और फॉक्सकॉन के बीच एक ज्वाइंट वेंचर होगी। बता दें कि जेवर प्लांट में उत्पादित चिप्स का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल, पीसी आदि में किया जाएगा। अन्य पांच सेमीकंडक्टर गुजरात और असम में अंडर कंस्ट्रक्शन हैं। अश्विनी वैष्णव ने दी जानकारी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि करीब 3706 करोड़ रुपए के निवेश से स्थापित होने वाली इस प्लांट में लगभग दो हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह यूनिट एचसीएल और फोक्सकाॅन के सहयोग से स्थापित की जाएगी और इसमें डिस्प्ले ड्राइव का निर्माण किया जाएगा। इसकी कैपासिटी मंथली 3.6 करोड़ माइक्रो चिप्स की होगी। भारत में तेजी से बढ़ रहा सेमीकंडक्टर उद्योग सरकार ने कहा, “पहले से ही पांच सेमीकंडक्टर यूनिट निर्माण के एडवांस स्टेज में हैं। अब 6वीं यूनिट के साथ भारत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहा है। सेमीकंडक्टर उद्योग अब पूरे देश में आकार ले रहा है। देश भर के कई राज्यों में विश्व स्तरीय डिजाइन सुविधाएं आ गई हैं। राज्य सरकारें डिजाइन फर्मों से सख्ती से संपर्क कर रही हैं।” भारत में लैपटॉप, मोबाइल फोन, सर्वर, चिकित्सा उपकरण, बिजली इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरण और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के तेजी से विकास के साथ सेमीकंडक्टर की मांग बढ़ रही है, यह नई यूनिट भारत के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को और आगे बढ़ाएगी।  

भारत-पाकिस्तान: जबरन दोनों देशों के विवाद को सुलझाने के लिए सरपंच बनने की कोशिश कर रहे हैं डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण सबंध के बीच भारत के द्वारा बार-बार मना करने के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जबरन मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं। जबरन दोनों देशों के विवाद को सुलझाने के लिए सरपंच बनने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रंप ने सऊदी अरब में एक संबोधन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष विराम को अपनी सरकार की शांति स्थापना की उपलब्धि करार दिया है। उन्होंने यहां तक कहा कि भारत और पाकिस्तान को एक साथ डिनर पर जाना चाहिए ताकि तनाव और कम हो सके। आपको यह भी बता दें कि भारत ने बार-बार कहा है कि पाकिस्तान से पीओके और आतंकवाद पर ही सिर्फ बात होगी। और किसी की मध्यस्थता हमें स्वीकार नहीं। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मौजूदगी में हुए यूएस-सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों के बीच संभावित परमाणु युद्ध को टालने में अहम भूमिका निभाई। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “कुछ ही दिन पहले मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच एक ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराने में सफलता हासिल की। हमने इसमें व्यापार को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया। मैंने कहा कि दोस्तों, आओ कुछ ट्रेड करो। न्यूक्लियर मिसाइल्स का नहीं, बल्कि उन चीजों का जो तुम खूबसूरती से बनाते हो।” उन्होंने आगे कहा, “दोनों ही देशों के पास बहुत ताकतवर और समझदार नेता हैं। और यह सब रुक गया। उम्मीद है ऐसा ही बना रहेगा।” भारत की तीखी प्रतिक्रिया- तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं भारत सरकार ने ट्रंप के इन बयानों को एक बार फिर सिरे से खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पूरी तरह से दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMOs) के बीच आपसी बातचीत का परिणाम है। इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी। यह पहली बार नहीं है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का दावा किया है। इससे पहले भी वे कश्मीर मुद्दे पर इसी प्रकार की पेशकश कर चुके हैं, जिसे भारत ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया था। अपने संबोधन में ट्रंप ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो की ओर मुड़कर कहा, “मुझे लगता है कि अब भारत-पाकिस्तान वास्तव में साथ में ठीक रह रहे हैं। शायद हम उन्हें थोड़ा और करीब ला सकें। क्यों न उन्हें साथ में डिनर पर भेजा जाए? कितना अच्छा होगा?”

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