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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना को दिया कड़ा एक्शन लेने का निर्देश

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल के ड्रोन हमलों में नागरिक इलाकों को निशाना बनाने पर भारतीय सेना को पाकिस्तान की सेना के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. सूत्रों ने बताया कि, राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान सेना जो नियंत्रण रेखा के पास भारतीय नागरिकों को निशाना बना रही है, उसके विरुद्ध सख्त और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच, रक्षा मंत्री शनिवार को दिल्ली में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और तीनों सेवाओं के प्रमुखों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लेंगे. इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस गंभीर मामले पर बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें रक्षा मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सशस्त्र बलों के प्रमुखों समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए. पाकिस्तान की सीजफायर उल्लंघन पर भारत का जवाब पिछले कुछ दिनों में, पाकिस्तान ने पूंछ और राजौरी सेक्टर में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. भारतीय सेना ने कई जगहों पर पाकिस्तान की सीजफायर उल्लंघन का जोरदार जवाब दिया है. शुक्रवार को भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात के 20 से अधिक शहरों को निशाना बनाने वाले पाकिस्तानी ड्रोन को इंटरसेप्ट किया. पाकिस्तानी सेना को प्रभावी और सख्त जवाब दिया जाए यह हमला दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ाने वाला दूसरा दिन था. इन घटनाओं के बीच, भारत की सशस्त्र सेना पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रही है और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जा रहा है. राजनाथ सिंह की मांग है कि पाकिस्तानी सेना को प्रभावी और सख्त जवाब दिया जाए, जिससे सीमा पर शांति स्थापित हो सके.  

पाकिस्तान भारत के रिहायशी इलाकों पर लगातार हमला कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही

नई दिल्ली भारत के ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस (Operation Bunyan Ul Marsoos) शुरू कर दिया है. इस ऑपरेशन के तहत वह भारत के रिहायशी इलाकों पर बीती रात से लगातार हमला कर रहा है, जिसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब दे रही है. भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने अपने इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस दिया है, जिसका मतलब है- शीशे जैसी मजबूत दीवार यानी एक ऐसी दीवार जो बहुत मजबूती से रक्षा करती है. इस नाम के साथ पाकिस्तान खुद को दुनिया के सामने मजबूत दिखाना चाहती है. इस ऑपरेशन को नाम देते हुए पाकिस्तान ने शनिवार तड़के भारत पर फतेह-1 मिसाइल सहित ड्रोन और मिसाइलें दागीं. रेडियो पाकिस्तान के मुताबिक, पाकिस्तान ने ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस शुरू कर दिया है. यह नाम कुरान की एक आयत से लिाय गया है, जिसका मतलब होता है मजबूत दीवार. इस ऑपरेशन के तहत भारत के कई शहरों पर हमले किए गए. लेकिन भारत ने पाकिस्तान के इस ऑपरेशन को शुरू में ही पस्त कर दिया. पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का कहना है कि भारत ने उनके तीन सैन्यअड्डों पर हमला किया, जिसके जवाब में हमने भारत के पंजाब के सिख इलाकों में छह बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. उन्होंने कहा कि भारत ने जो शुरू किया है, हमारी सेना उसे खत्म करने की तैयारी कर रही है. पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि भारत के अन्य सैन्य ठिकानों पर भी हमले जारी है. पाक सेना ने कहा कि भारत के उन सभी ठिकानों, जहां से पाकिस्तानी नागरिकों और मस्जिदों पर हमले किए गए थे, उन्हें पाकिस्तान की ओर से निशाना बनाया जा रहा है. इससे पहले पाकिस्तान की ओर से देर रात पीओके और इंटरनेशनल बॉर्डर पर सीजफायर का उल्लंघन किया गया. पाकिस्तान ने रातभर में लगभग भारत के 30 से ज्यादा इलाकों में ड्रोन से हमला किया जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल कमांड अथॉरिटी (NCA) की बैठक बुलाई है. यह कमेटी परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर फैसले लेती है.  

भारत ने पाकिस्तान के एयरबेसों को निशाना बनाया और इसके बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया

नई दिल्ली हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है. दोनों देश जंग के मुहाने पर खड़े हो गए हैं और सेनाएं लामबंद हैं. शुक्रवार की शाम पाकिस्तान ने भारत की 26 जगहों पर हमले की कोशिश की थी. इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के एयरबेसों को निशाना बनाया और इसके बाद पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. वही, भारत पर पाकिस्तान की तरफ से फतह-1 मिसाइल दागी गई. शुक्रवार रात को पाकिस्तान द्वारा किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों का भारत की तरफ से जवाब दिया गया. पाकिस्तान के द्वारा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, गुजरात और राजस्थान के कई इलाकों को निशाना बनाने की कोशिश की गई है. पाकिस्तान के एयरबेस पर तबाही शनिवार की सुबह, भारत ने राजधानी इस्लामाबाद के करीब स्थित कुल चार एयरबेसों पर मिसाइलें दागी हैं और तबाही मचा दी है. देर रात टेलीविज़न पर दिए गए बयान में पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा, “भारत ने अपने विमानों के ज़रिए हवा से सतह पर मिसाइलें दागीं.” वहीं, बीती रात हुए हमलों से जुड़े सभी पहलुओं पर ताजा अपडेट देने के लिए सुबह 10 बजे भारत सरकार की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी. शनिवार की सुबह तड़के क्या-क्या हुआ?     जम्मू-कश्मीर में वायुसेना स्टेशन को निशाना बनाने की पाकिस्तानी कोशिशें नाकाम कर दी गईं. पाकिस्तान की ओर से रात को हुए हमले के बाद जम्मू-कश्मीर से सुबह की ताजा तस्वीरें सामने आई हैं.     गुजरात के कच्छ में पाकिस्तान के ड्रोन हमले को भारत ने नाकाम कर दिया है.     पठानकोट में भी सुबह होते ही कई विस्फोट हुए. कम से कम आधे घंटे तक रुक-रुक कर विस्फोट होते रहे, जवाबी कार्रवाई में विमान-रोधी तोपों से भी गोलीबारी की गई.     अमृतसर प्रशासन ने कहा कि हम रेड अलर्ट पर हैं. लोगों से घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है. फ़िरोज़पुर और बठिंडा इलाके में हवाई हमले हुए और सायरन की आवाजें भी सुनी गईं.     सुबह 5.20 बजे श्रीनगर, एयरपोर्ट के पास, सुबह 4.50 बजे बारामुल्ला और उधमपुर में भी धमाके की आवाज़ें सुनी गईं.     गोलीबारी की वजह से जम्मू शहर के रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचा है. कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं.     जम्मू-कश्मीर के उरी में पाकिस्तानी गोलाबारी में मकान और संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं, ये गोलाबारी नागरिक इलाकों को निशाना बनाकर की जा रही है. भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए: भारत ने पाकिस्तान के नूर खान (रावलपिंडी), मुरीद (चकवाल) और रफीकी (शोरकोट) एयरबेस को प्रभावी ढंग से निशाना बनाया है. इन स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है और पाकिस्तान के सैन्य ढांचे पर यह हमला एक बड़ा झटका माना जा रहा है. ऐसे हमले से सीमा पर तनाव और भी तीव्र हो गया है. पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद किया: तनाव के कारण पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस आज सुबह 12 बजे तक के लिए पूरी तरह बंद कर दी है. इस दौरान पेशावर जाने वाली पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट PIA218 को क्वेटा के ऊपर उड़ते देखा गया. इस्लामाबाद और अन्य प्रमुख शहरों में धमाके: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और लाहौर समेत कई बड़े शहरों में धमाके की आवाजें सुनाई दी. पाकिस्तान सेना का दावा है कि भारत ने बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इस घटना से दोनों देशों के बीच विवाद और बढ़ गया है. ड्रोनों के हमलों के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई: पाकिस्तान की तरफ से सीमा पार ड्रोनों से कई हमले किए जाने के बाद, भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नीलम घाटी और सियालकोट में कड़ा जवाब दिया. सोशल मीडिया पर आईं वीडियोज में दिखा भारत का मिसाइल इंटरसेप्शन: कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जिनमें भारत ने सरसा क्षेत्र के ऊपर पाकिस्तानी लॉन्ग रेंज मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकते हुए दिखाया गया है. सरसा के जिला सूचना अधिकारी ने नागरिकों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है. भारत की एडवांस डिफेंस सिस्टम का प्रभाव: S-400, L-70, Zu-23 और शकिल्का जैसे आधुनिक वायु रक्षा उपकरण लगातार सीमा पर भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूत बनाए हुए हैं. इन सिस्टम्स ने पाकिस्तान की ड्रोन हमलों और अन्य कारगर हथियारों को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करने से रोक रखा है.  

भारत सैन्य संघर्ष को तब तक खींचेगा जब तक पाकिस्तान खुद ब खुद न टूट जाए

नई दिल्ली पाकिस्तान के निर्माण में मुहम्मद अली जिन्ना की टू नेशन थ्‍योरी की महत्वपूर्ण भूमिका थी. इसी आधार पर 1947 में भारत के विभाजन और पाकिस्तान के निर्माण की मांग की गई थी. यह सिद्धांत मुख्य रूप से यह तर्क देता था कि भारतीय उपमहाद्वीप के हिंदू और मुस्लिम दो अलग-अलग राष्ट्र हैं, जिनके धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक पहचान इतने भिन्न हैं कि वे एक साथ एक राष्ट्र में नहीं रह सकते. इस सिद्धांत ने मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लिए एक अलग देश, पाकिस्तान, की स्थापना को औचित्य प्रदान किया. 1971 में ही इस सिद्धांत को तिलांजलि देते हुए पूर्वी पाकिस्तान ने पाकिस्तान से अलग होकर अलग देश बांग्लादेश बना लिया. कायदे से इस सिद्धांत का अंत उसी दिन हो गया था. पर पाकिस्तान के हुक्मरान आज भी अपनी गद्दी बचाने और पाकिस्तान को बिखरने से रोकने के लिए इस सिद्धांत की दुहाई देते हैं. पहलगाम अटैक से कुछ रोज पहले ही पाकिस्तानी सेना के प्रमुख असीम मुनीर ने प्रवासी पाकिस्तानियों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए टू नेशन थियरी को सही बताया था. मुनीर ने इस सम्मेलन में हिंदुओं पर अपनी श्रेष्ठता को सिद्ध करते हुए भारत के खिलाफ खूब जहर उगला था. यही कारण है कि पाकिस्तान में भी लोगों का मानना है कि मुनीर ने अपनी महत्वाकांक्षा के चलते पहलगाम अटैक को अंजाम दिया है. पर पहलगाम हमले का खामियाजा अब पूरा पाकिस्तान भुगत रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जैसी हरकतें की हैं उससे यही लगता है कि पाकिस्तान का भविष्य अधर में है. आइये देखते हैं कि भविष्य में पाकिस्तान का क्या हाल हो सकता है? 1-पाकिस्तान में मुनीर को हटाकर कोई सैन्य तानाशाह आ जाए, आंशिक लोकतंत्र भी खत्म हो जाए पाकिस्तान में मार्शल ला का इतिहास रहा है. यहां सेना ने अतीत में कई बार सत्ता हथियाई है जैसे 1958, 1977, 1999 में. वर्तमान में भी सेना का राजनीतिक प्रभाव मजबूत है. जिस तरह वर्तमान सेना प्रमुख असीम मुनीर के खिलाफ पाकिस्तान में हवा चल रही है उससे उनके लिए खतरा बढ़ रहा है. हो सकता है कि भारत के हाथों पाकिस्तानी सेना के मुंह की खाने के बाद सेना का कोई दूसरा सैन्य अधिकारी मुनीर को कैदकर खुद तानाशाह बन जाए. पिछले दिनों पाक सेना में आंतरिक असंतोष की तमाम खबरें आईं थीं. मार्च 2025 में, पाकिस्तानी सेना के जूनियर अधिकारियों (कर्नल, मेजर, कैप्टन रैंक) और जवानों ने असीम मुनीर के खिलाफ एक खुला पत्र लिखा, जिसमें उनके इस्तीफे की मांग की गई. पत्र में उन पर सेना को राजनीतिक उत्पीड़न का हथियार बनाने, लोकतांत्रिक ताकतों को कुचलने और आर्थिक बर्बादी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया. पत्र में 1971 के युद्ध की तुलना की गई, जिसमें कहा गया कि मुनीर के नेतृत्व ने सेना की प्रतिष्ठा को गटर में डाल दिया और जनता के बीच सेना को बेगाना बना दिया. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और X पोस्ट्स में दावा किया गया कि 500 जवानों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया, हालांकि सेना मुख्यालय ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. जाहिर है कि पाक सेना में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. पाकिस्तान का इतिहास रहा है कि ऐसी स्थिति में नया नेतृत्व जन्म लेता है जो हमेशा तख्तापलट से ही आता है. आम जनता भी आर्थिक संकट, आतंकवाद, और राजनीतिक अस्थिरता के कारण सैन्य शासन को स्वीकर कर लेती है. 2-पाकिस्तान की स्थिति सीरिया जैसी हो सकती है पाकिस्तान के लिए युद्ध कितना मुश्किल है यह इससे समझा जा सकता है कि पाकिस्तान सरकार अभी से आर्थिक संकट में है. जाहिर है कि ऐसी दशा में कर्ज संकट ($73 बिलियन 2025 तक चुकाना) और बेरोजगारी बढ़नी तय है. अगर ऐसा होता है तो सामाजिक अशांति (प्रदर्शन, हड़ताल) सीरिया जैसे विरोध प्रदर्शनों को जन्म दे सकती है. बलूचिस्तान में BLA और KPK में PTM हिंसा को बढ़ा सकते हैं. सोशल मीडिया पर तमाम दावे हैं कि बलूचिस्तान स्वतंत्रता की ओर बढ़ रहा है, और भारत का समर्थन इस समस्या को और बढ़ा सकता है. TTP और ISIS-खोरासान जैसे समूह सीरिया के ISIS की तरह अराजकता फैला सकते हैं, विशेष रूप से KPK और बलूचिस्तान में. जाहिर है कि पाक सेना का पूरा ध्यान भारतीय सेना से बचाव पर रहेगा. इसका प्रभाव और सरकार की अक्षमता को बढ़ाएगा जो जनता के असंतोष को और बढ़ा सकती है, जैसा सीरिया में असद के खिलाफ हुआ. 3-भारत सीमित सैन्य संघर्ष को तब तक खींचेगा जब तक पाकिस्तान खुद ब खुद न टूट जाए भारत की रणनीति हो सकती है कि पाकिस्तान के साथ तनाव को सीमित सैन्य संघर्ष में बदल दिया जाए. पाहलगाम हमले के बाद जिस तरह के कदम भारत ने उठाए हैं वो कुछ ऐसा ही संकेत देते हैं. सिंधु जल संधि को निलंबित करना  और ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदम कुछ ऐसा ही फैसला है जो बताता है कि भारत सीधे जंग में उतरने की बजाय सीमित सैन्य संघर्ष को लंबा खींचना चाहेगा. भारत और पाकिस्तान दोनों तरफ से सीमा पर गोलीबारी, सर्जिकल स्ट्राइक, या हवाई हमले बढ़ सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, और ईरान ने संयम की अपील की है पर कोई भी खुलकर किसी भी पक्ष से सामने नहीं आना चाहता है. दरअसल सीमित संघर्ष से आर्थिक नुकसान विशेष रूप से पाकिस्तान को होगा. क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था पहले से कमजोर है. भारत की सैन्य श्रेष्ठता (S-400, राफेल) उसे बढ़त दे सकती है. भारत यही चाहेगा कि पाकिस्तान युद्ध में इस तरह फंस जाए कि उसकी आर्थिक रूप से कमर टूट जाए. सेना भारतीय सीमा पर फंसेगी जिसके चलते पाकिस्तान में बलूच और खैबर पख्तुनवा, सिंध आदि में स्थिति अनियंत्रित हो जाएगी. 4-पाकिस्तान कम से कम 3 टुकड़ों में बंट जाए भारत जिस तरह की आक्रामकता इस बार दिखा रहा है उससे यही लगता है कि 1971 जैसे युद्ध के लिए वो तैयार है. अगर भारत और पाकिस्तान में सीधा मुकाबला होता है तो बलूचिस्तान, सिंध, और खैबर पख्तूनख्वा जैसे क्षेत्र अलग होने की उड़ान भर सकते हैं. कुछ लोगों का दावा है कि भारत, अफगानिस्तान और कुछ अन्य देश इन आंदोलनों को समर्थन दे सकते हैं. पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट में है. कर्ज का बोझ ($73 बिलियन 2025 तक चुकाना) और … Read more

कुछ सेकेंड में तबाही मचा देता है भारत का स्वदेशी रॉकेट Pinaka, पाकिस्तान हो जाओ सावधान

नई दिल्ली  शांति का संदेश पूरे विश्व को देगा लेकिन साथ ही भारत आतंकवाद से लड़ेगा. भारत अपनी संप्रभुता को चुनौती देने वालों से लड़ेगा. भारत उसके नागरिकों का खून बहाने वालों से लड़ेगा. जो जिस जुबान में बात करेगा, उसे उसकी जुबान में जवाब देगा. इस बार इन सारे समीकरण में पाकिस्तान है जिसने न सिर्फ भारत की जमीं पर अटैक करने के लिए आतंकवादियों को पनाह और ट्रेनिंग दी बल्कि भारत के उनपर एक्शन लेने के बाद आम भारतीयों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. हवाई हमले के लिए ड्रोन भेजे और मिसाइल गिराने की जुर्रत की. लेकिन इन तमाम कोशिशों के बीच भारत की सेना और उनके हथियार डिफेंस की दीवार बनकर खड़े हैं. चलिए आपको मिलाते हैं पाकिस्तान जैसे हर विरोधी के लिए भारत के अस्त्र- पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम (Pinaka multi-barrel rocket launcher) से. आपको बताएंगे कि भारत के जखीरे में यह अस्त्र खास क्यों है, यह क्या करता है. गौरतलब है कि भारतीय सेना ने हाल ही में राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपने स्वदेशी रूप से विकसित पिनाका सिस्टम की लाइव फायरिंग ड्रिल का आयोजन किया. इसे ऑपरेशन सिंदूर के पहले पाकिस्तान के खिलाफ भारत की तैयारियों का संदेश माना जा रहा था. पिनाका रॉकेट लॉन्चर: 44 सेकेंड में 72 रॉकेट लॉन्च आपके मन में यह सवाल आ सकता है कि पिनाका का नाम आखिर पिनाका क्यों है. पिनाका दरअसल भगवान शिव का पौराणिक धनुष का नाम है इसी पर इस मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्च सिस्टम का नाम रखा गया है. मल्टी बैरल सिस्टम होने का मतलब है कि इससे एक साथ कई रॉकेट को लॉन्च किया जा सकता है. यह भारत के तोपखाने की शक्ति का एक मुख्य घटक है. इसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने डिजाइन किया है, और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और लार्सन एंड टुब्रो जैसी भारतीय रक्षा कंपनियों ने इसे बनाया है. इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाया गया है. यह डिफेंस सिस्टम में पहला पिनाक के रॉकेट में GPS भी लगा होता है और यह इसमें गाइडेड सिस्टम पहले से लगा होता है. विशेषज्ञों ने कहा कि पिनाका रॉकेट मैक 4.7 (5,800 किमी/घंटा) की गति तक पहुंच सकते हैं, जिससे उन्हें रोकना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है. भारतीय सेना में चार पिनाका रेजिमेंट सेवा में हैं और छह और ऑर्डर पर हैं. किसी जंग की स्थिति में इसका सबसे बड़ा काम यही होता है कि यह दुश्मन के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्र में टारगेट पर बहुत कम समय में बड़े हमला करे. जनवरी में ही सरकार ने पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के लिए गोला-बारूद के 10,200 करोड़ रुपये के ऑर्डर को मंजूरी दे दी. भारत ने पहले ही आर्मेनिया को इसका निर्यात किया है और फ्रांस के साथ भी डील करने की बात चल रही थी.

भारतीय सेना के बेड़े में शामिल है ये खतरनाक टैंक और जहाज, जान लीजिए क्या है खासियत

नई दिल्ली India के पास कौन कौन से टैंक हैं और उनकी क्या ख़ासियत है? हम जानेंगे कि भारत के पास कौन से प्रमुख टैंक हैं? उनकी क्या विशेषताएं हैं और ये टैंक देशी हैं या विदेशी. भारत के पास तीन प्रमुख टैंक हैं. ये T-72, T-90 और अर्जुन टैंक हैं. भारत के कई टैंक, इन टैंकों के नए संस्करण हैं. इसके अलावा और भी कई टैंक हैं. T-72 से शुरू करते हैं. T-72 टैंक T-72 सोवियत ज़माने का टैंक है. माने रूसी टैंक. 1971 में इसका प्रोडक्शन शुरू हुआ था. इसे लियोनिद कार्तसेव और वलेरी वेनेदिक्तोव ने सबसे पहली बार डिजाइन किया था. इसका सेकेंड जेनरेशन T-72A टैंक 1979 में आया. थर्ड जेनरेशन टैंक 2010 में T-72B3 के नाम से आया. T-72 ब्रिज लेयर टैंक. T-72 को लाइटवेट टैंक में गिना जाता है. इसका वजन करीब 41 टन होता है. ये टैंक 5 मीटर की गहराई वाली नदियों से होकर गुजर सकते हैं. अगर पानी में इंजन बंद भी होता है, तो वह 6 सेकेंड्स में रीस्टार्ट हो जाता है. इस टैंक में न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और केमिकल (NBC) सुरक्षा प्रणाली है. भारत के पास करीब 2400 T-72 टैंक हैं. भारत ने T-72 से 3 प्रमुख टैंक बनाए हैं भारत ने टी-72 टैंक से अपने 3 प्रमुख टैंक बनाए हैं. अजेय MK1, अजेय MK2, कॉम्बैट इमप्रूव्ड अजेय हैं. अजेय MK1, T-72M1 का भारतीय वर्जन है. ऐसे ही अजेय MK2, T-72M1 का ही एक वर्जन है. यह एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर के साथ आता है. ये दुश्मन टैंक के साथ ही गर्मी आदि से सुरक्षित रखते हैं. कॉम्बैट इमप्रूव्ड अजेय टैंक T-72 टैंक के सबसे आधुनिक संस्करणों में से है. भारत पहले इस टैंक पर बहुत फोकस नहीं कर रहा था, क्योंकि भारत की नज़रें देशी अर्जुन टैंक पर अधिक थी. लेकिन अर्जुन टैंक में अधिक वक्त लगने के कारण भारत ने इस पर काम करना मुनासिब समझा. इस टैंक में इज़रायल, पोलैंड, जर्मनी, साउथ अफ्रीका आदि देशों के टूल लगे हुए हैं, जो इस टैंक को सुपर टैंक बनाते हैं. Combat Improved Ajeya   T-90 टैंक T-90 टैंक भी रूसी टैंक है. यह थर्ड जेनरेशन रूसी बैटल टैंक है. यह T-72B और T-80U का मॉडर्न वर्जन है. इस टैंक को पहले T-72BU के नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसे T-90 नाम दे दिया गया. अभी चीन के साथ तनाव को लेकर भारत ने लद्दाख के देपसांग इलाके में T-90 टैंक तैनात किए थे. T90 Tank इसका वजन करीब 46 टन है. यह डीजल इंजन पर चलता है. इसमें अधिकतम 1600 लीटर फ्यूल डाला जा सकता है. T-90 टैंक को सामान्य रास्ते पर 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जा सकता है. जबकि उबड़खाबड़ रास्ते पर इसकी अधिकतम रफ्तार 50 किलोमीटर प्रतिघंटे के करीब होती है. इस टैंक में 125 मिलीमीटर की मोटाई वाली स्मूदबोर टैंक गन होती है. इसके जरिए कई तरह के गोले और मिसाइलें दागी जा सकती हैं. इस टैंक से एक राउंड में सात मिसाइल छोड़ी जा सकती हैं. इसमें मिसाइल ऑटोमैटिक लोड होती है. इस टैंक से एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल भी दागे जा सकते हैं. इससे 2 किलोमीटर तक की रेंज में हैलीकॉप्टर को भी मार गिरा सकते हैं. T-90 भीष्म टैंक साल 2001 में भारत ने पहली बार रूस से T-90 टैंक खरीदने का सौदा किया था. भारत ने रूस को 310 T-90 टैंक का ऑर्डर दिया. इनमें से 124 रूस से बनकर आए, जबकि बाकी को भारत में असेंबल किया गया. जिन T-90 टैंकों को भारत में असेंबल किया गया उन्हें ‘भीष्म’ नाम दिया गया. भीष्म को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए रूस के साथ ही फ्रांस की भी मदद ली जाती रही है. T90 Bhishma Tank पहले 10 भीष्म टैंक अगस्त 2009 में सेना में शामिल हुए. भारत ने सैकड़ों और भीष्म टैंक को शामिल करने का प्लान किया हुआ है. अभी भारत के पास 2000 के करीब T-90 सीरीज़ के टैंक है. अर्जुन टैंक अर्जुन टैंक को कतई देशी टैंक कह सकते हैं. इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट आर्गेनाइजेशन (DRDO) और कॉम्बैट व्हीकल्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (CVRDE) द्वारा विकसित किया गया है. इसकी अधिकतम स्पीड 70 किलोमीटर प्रति घंटे की है. उबड़खाबड़ रास्ते पर इसकी अधिकतम स्पीड 40 किलोमाटर प्रति घंटे की है. इस टैंक का वजन 58.5 टन है. इसमें कई अत्याधुनिक फीचर्स दिए गए हैं. जैसे कि थर्मल इमेजिंग के साथ नाइट विजन, डिजिटल बैलिस्टिक कंप्यूटर, एंटी एयरक्राफ्ट मशीन गन, हाई परफॉरमेंस इंजन. यह टैंक प्रति मिनट 6-8 राउंड फायर कर सकता है. भारत के पास अर्जुन टैंक के सभी मॉडल को मिलाकर करीब 370 टैंक हैं. अर्जुन टैंक को कई बार T-90 टैंकों के साथ तुलना किया गया और रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अर्जुन टैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा. शुरुआत में अर्जुन टैंक को बनाने के लिए भी कई पार्ट्स बाहरी देशों से मंगवाए गए, लेकिन बाद में इसे धीरे-धीरे कम किया जाता गया. Mbt Arjun Tank अर्जुन MBT MK1 हाल ही में पीएम मोदी ने सेना को अर्जुन टैंक का एक उन्नत संस्करण सेना को सौंपा है. इस टैंक को भी CVRDE और DRDO द्वारा विकसित किया गया है. DRDO के मुताबिक़ अर्जुन एमबीटी एमके 1ए, अर्जुन एमबीटी एमके 1 का उन्नत संस्करण है. इसमें 14 प्रमुख अपग्रेड किए गए हैं. यह टैंक बेहतर गोलाबारी, उच्च गतिशीलता, उत्कृष्ट सुरक्षा और चालक दल के नज़रिए से बेहतरीन बताया गया है. DRDO के सेक्रेटरी सतीश रेड्डी ने बताया था कि इस टैंक में 71 अतिरिक्त फीचर दिए हैं. उन्होंने बताया था कि 118 टैंकों का आर्डर 8500 करोड़ रुपए का है. लाइट टैंक में भारत थोड़ा पीछे चल रहा भारत के पास अभी कोई लाइट टैंक नहीं है. लाइट टैंक से मतलब है 20 से 30 टन के टैंक. लाइट टैंक होने से उनका पहाड़ी इलाकों में इस्तेमाल आसान हो जाता है. चीन के पास इस तरह के टैंक हैं. पिछले 10 साल से भारतीय सेना इस तरह के टैंक की तलाश में है, लेकिन अभी तक खरीद नहीं हो पाई है और न ही भारत ने अभी तक ऐसा कोई टैंक बनाया है. लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस दिशा में काम ज़ारी है.

पाकिस्तान ने भारतीय एयरोस्पेस का उल्लंघन किया, श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिलहाल बंद: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार दूसरे दिन भी तनाव की स्थिति बनी रही। पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात में हमले किए। पाकिस्तान के सभी हमलों को भारत के S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही मार गिराया। वहीं पाकिस्तान के 2 फाइटर जेट F-16 और JF-17 को भी गिरा दिया। पाकिस्तान पर पलटवार करते हुए भारत ने लाहौर, कराची और रावलपिंडी में HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम को भी तबाह कर दिया। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला आज जम्मू रवाना हो रहे हैं। भारत ने पाकिस्तान को दो टूक चेतावनी दी है कि अगर पड़ोसी मुल्क अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो भारत हर वार का मुंहतोड़ जवाब देगा।   पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइल से किया उकसावे वाला हमला विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया कि 7 मई की रात 8:30 बजे पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन और मिसाइल से असफल व उकसावे वाला हमला किया। उसके बाद भी उसने अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया। पाकिस्तान जानबूझकर नागरिक विमानों को ढाल बना रहा है। यह जानते हुए कि भारत की एयर डिफेंस से त्वरित जवाब मिलेगा। यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय उड़ानों सहित आम नागरिक विमानों के लिए खतरनाक है। जो भारत-पाक सीमा के पास उड़ान भर रहे थे। करतारपुर कॉरिडोर की यात्रा रोकी गई विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि पाकिस्तान धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है। पूंछ में गुरुद्वारा पर हमले की कोशिश की वहीं ननकाना साहब पर भी हमले का नापाक प्रयास किया गया है। पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा के पार गोलीबारी की कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के तंगधार, उरी, पुंछ, मेंढर, राजौरी, अखनूर और उधमपुर में भारी कैलिबर आर्टिलरी गन और सशस्त्र ड्रोन का उपयोग करके नियंत्रण रेखा के पार गोलीबारी भी की। जिसके परिणाम स्वरूप भारतीय सेना के कुछ जवान हताहत हुए और घायल हुए। भारतीय जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है। पाक ने की बठिंडा सैन्य स्टेशन को निशाना बनाने की कोशिश कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया कि रात में पाकिस्तान के सशस्त्र UAV (मानव रहित हवाई वाहन) ने बठिंडा सैन्य स्टेशन को निशाना बनाने की कोशिश भी की जिसे पकड़ कर निष्क्रिय कर दिया गया। पाकिस्तानी हमले के जवाब में पाकिस्तान में 4 हवाई रक्षा स्थालों पर सशस्त्र ड्रोन लॉन्च किए गए। इनमें से एक ड्रोन AD रडार को नष्ट करने में सक्षम रहा। पाकिस्तान ने पूंछ में गुरुद्वारे पर हमला किया था विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि अपनी हरकतों को स्वीकार करने के बजाय पाकिस्तान ने बेतुका और अपमानजनक दावा कर रहा है। विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान ने गलत सूचना फैलाई कि भारत ने ड्रोन हमले के जरिए नानकम साहिब गुरुद्वारे को निशाना बनाया जो सरासर झूठ है। पाकिस्तान सांप्रदायिक विवाद पैदा करने के इरादे से ऐसी गलतबयानी कर रहा है। पाकिस्तान ने नागरिक विमानों को ढाल बनाया विदेश मंत्रालय ने बताया  कि  पाक वायुसेना ने बड़े पैमाने पर हमले किए, बठिंडा स्टेशन पर हमले की कोशिश की गई। PAK ने नागरिक विमानों को ढाल बनाया। पाकिस्तान ने तुर्किये के ड्रोन से हमले किए विदेश मंत्रालय ने बताया कि 8-9 मई की मिड नाइट पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से भारतीय युद्ध क्षेत्र में कई बार हमला किया। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 36 स्थानों पर घुसपैठ का प्रयास किया गया। भारत ने घुसपैठियों को मार गिराया। ये तुर्किये के ड्रोन थे। इनकी जांच की जा रही है। पाकिस्तान ने भारतीय एयरोस्पेस का उल्लंघन किया: विदेश मंत्रालय विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय पक्ष का हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद है। हाई अलर्ट किया गया है। इसके बावजूद विमान एयरबस का 5:50 दमन से शुरू हुआ और रात के 9 बजे लाहौर में उतरा। भारतीय वायुसेना ने जिम्‍मेदारी दिखाते हुए पाकिस्‍तानी नागरिक विमान की सुरक्षा सुनिश्चित की। ड्रोन अटैक पर बोलीं कर्नल सोफिया कुरैशी कर्नल सोफिया कुरैशी ने कहा कि इतने बड़े लेवल पर ड्रोन और मिसाइल हमला करने का मकसद वायुसेना प्रणाली का परीक्षण करना और खुफिया जानकारी जुटाना था।

केंद्र सरकार का फैसला, सेना प्रमुख को अगले तीन वर्षों तक प्रादेशिक सेना को सहयोग के लिए जुटाने का अधिकार दिया

नई दिल्ली भारत सरकार देश की सुरक्षा और पाकिस्तान को माकूल जवाब देने के लिए कई बड़े फैसले ले रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने सेना प्रमुख को बड़ा अधिकार दिया है। जिसके तहत उन्हें अगले तीन वर्षों तक प्रादेशिक सेना को सहयोग के लिए जुटाने का अधिकार दिया गया है। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे सैन्य तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब सेना प्रमुख को अधिकार दिया गया है कि वे प्रादेशिक सेना के हर अफसर और सैनिक को तैनात कर सकते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर नियमित सेना की मदद की जा सके या उसकी ताकत बढ़ाई जा सके। तीन साल तक लागू रहेगा आदेश रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग ने 6 मई को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया है कि यह आदेश 10 फरवरी 2025 से प्रभावी होगा और 9 फरवरी 2028 तक लागू रहेगा। इसका मतलब है कि अगले तीन सालों तक सेना प्रमुख के पास टीए को किसी भी जरूरी मिशन के लिए तैनात करने का पूरा अधिकार रहेगा। प्रादेशिक सेना: 75 सालों की सेवा प्रादेशिक सेना, जिसे 9 अक्तूबर 1949 को स्थापित किया गया था, ने पिछले साल अपनी 75वीं वर्षगांठ मनाई थी। यह बल न सिर्फ युद्ध के समय देश की सेवा करता है, बल्कि आपदा राहत, पर्यावरण सुरक्षा और मानवीय मदद में भी सक्रिय भूमिका निभाता है। टीए पूरी तरह से नियमित सेना के साथ जुड़ा हुआ है और इसके जवानों को उनकी बहादुरी और सेवा के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। देश में 14 बटालियन होंगी तैनात सरकार की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा 32 टीए इन्फैंट्री बटालियनों में से 14 को तैनात करने का आदेश दिया गया है। इन्हें देश के कई सैन्य कमानों में भेजा जाएगा।     साउथर्न कमांड     ईस्टर्न कमांड     वेस्टर्न कमांड     सेंट्रल कमांड     नॉर्दर्न कमांड     साउथ वेस्टर्न कमांड     अंडमान और निकोबार कमांड     आर्मी ट्रेनिंग कमांड (एआरटीआरएसी) बजट की उपलब्धता पर निर्भर होगी तैनाती अधिसूचना में यह भी साफ किया गया है कि इन बटालियनों की तैनाती तभी होगी जब बजट में इसके लिए पैसे उपलब्ध होंगे या फिर आंतरिक बचत से पैसे की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, जिन यूनिट्स को रक्षा मंत्रालय के अलावा किसी अन्य मंत्रालय की मांग पर तैनात किया जाएगा, उसका खर्च संबंधित मंत्रालय ही उठाएगा।

दिल्ली एयरपोर्ट पर 138 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द, बढ़ते तनाव के बीच देशभर में 27 हवाईअड्डे बंद

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार को 138 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को विभिन्न एयरलाइनों ने दिल्ली हवाई अड्डे से आने-जाने वाली 138 उड़ानें रद्द की हैं। हवाई अड्डों पर भी सुरक्षा उपाय बढ़ा दिए गए हैं। मीडिया के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के मद्देनजर देश के विभिन्न भागों में लगभग 27 हवाईअड्डे बंद हैं। सूत्रों ने कहा है कि शुक्रवार को सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच दिल्ली एयरपोर्ट जाने वाली कुल 66 घरेलू और 63 आने वाली उड़ानों के साथ ही पांच अंतरराष्ट्रीय प्रस्थान और 4 आगमन उड़ानें रद्द कर दी गईं। डीआईएएल ने एयरलाइन और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ सहयोग की अपील की दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) ने एक एक्स पोस्ट में लिखा है कि दिल्ली हवाई अड्डे पर परिचालन सामान्य बना हुआ है। हालांकि, हवाई क्षेत्र की बदलती परिस्थितियों और सुरक्षा उपायों के कारण कुछ उड़ानों के समय पर असर पड़ सकता है। डीआईएएल ने यात्रियों को सुरक्षा चौकियों पर अतिरिक्त समय के लिए तैयार रहने और सुचारू प्रक्रिया के लिए एयरलाइन और सुरक्षा कर्मचारियों के साथ सहयोग करने की भी सलाह दी।

भारत के शीर्ष बैंकों ने कहा- देश में बिना किसी परेशानी के सामान्य चल रही एटीएम और डिजिटल सेवाएं

नई दिल्ली भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) सहित भारत के शीर्ष बैंकों ने कहा कि उनके एटीएम और डिजिटल सेवाएं पूरी तरह से काम कर रही हैं और सभी ऑपरेशन सामान्य हैं। बैंकों की ओर से यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चल रही उन फर्जी खबरों के जवाब में की गई है, जिनमें दावा किया गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आने वाले दिनों में एटीएम बंद होने की संभावना है। भारतीय स्टेट बैंक ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे सभी एटीएम, सीडीएम/एडीडब्ल्यूएम और डिजिटल सेवाएं पूरी तरह से चालू हैं और जनता के उपयोग के लिए उपलब्ध हैं।” इसके साथ ही भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने अपने ग्राहकों से कहा कि वे असत्यापित जानकारी पर भरोसा न करें। वहीं, पंजाब नेशनल बैंक ने भी कहा, “हमारी सभी डिजिटल सेवाएं भी सुचारू रूप से चल रही हैं, जिससे आप घर बैठे ही आसानी से बैंकिंग सुविधाओं का फायदा उठा सकते हैं।” केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब एंड सिंध बैंक ने भी इसी तरह के पोस्ट किए हैं। मंत्रालय ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शाम को बैंकों और वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा तैयारियों पर समीक्षा बैठक करेंगी। इससे पहले देश की सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल ने कहा था कि देश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल,डीजल और एलपीजी मौजूद है और घबराहट में अतिरिक्त खरीदारी न करें। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सरकारी तेल विपणन कंपनी ने लिखा, “इंडियन ऑयल आपको यह आश्वस्त करना चाहता है कि देशभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। हमारी आपूर्ति श्रृंखलाएं सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं, और सभी रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन और एलपीजी आसानी से उपलब्ध हैं।”

रूसी राष्ट्रपति पुतिन से भारत के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने की मुलाकात, समर्थन के लिए जताया आभार

रांची/नई दिल्ली द्वितीय विश्व युद्ध में विजय की 80वीं वर्षगांठ पर रूस में आयोजित समारोह में भारत की ओर से भाग ले रहे रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही लड़ाई में रूस के समर्थन के लिए आभार जताया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने पुतिन से मुलाकात और विजय दिवस समारोह की तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “अपनी रूस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। 80वें विजय दिवस की वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित भोज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में रूस के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।” रक्षा राज्य मंत्री सेठ, जो कि रांची से भाजपा के सांसद भी हैं, गुरुवार को रूस की राजधानी मास्को पहुंचे थे। भारत के राजदूत विनय कुमार और रूस रक्षा मंत्रालय के मेजर जनरल ओलेग मोलेसेव ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वह रूसी उप रक्षा मंत्री कर्नल जनरल अलेक्जेंडर फोमिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में शामिल हुए। सेठ की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में बहुआयामी सैन्य और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि हमने मौजूदा संस्थागत तंत्र के ढांचे के भीतर इन संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई। भारत और रूस भविष्य में भी नियमित परामर्श जारी रखेंगे और बदलती स्थिति में आपसी सहयोग बढ़ाएंगे। इसके पहले संजय सेठ द्वितीय विश्व युद्ध के बलिदानी सैनिकों की समाधि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मास्को में आयोजित विजय दिवस परेड में पहले भारत की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भाग लेने वाले थे। माना जा रहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को देखते हुए उन्होंने अपनी यात्रा स्थगित की।

पाकिस्तान की हवाइसेना ने अपने F-16 ब्लॉक 52+ लड़ाकू विमानों में से आधे विमानों को ग्वादर के पास किया स्थानांतरित

इस्लामाबाद भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान में खलबली मच गई है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान की  हवाइसेना ने अपने F-16 ब्लॉक 52+ लड़ाकू विमानों  में से आधे विमानों को अरब सागर तट पर स्थित ग्वादर के पास पासनाई एयरफील्ड में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम पाकिस्तान की ओर से उठाया गया एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के S-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम  द्वारा इन विमानों की पहचान और नष्ट होने से बचना है।   पाकिस्तान का कदम और भारत का रिएक्शन पाकिस्तान की हवाइसेना  ने अपनी उन्नत F-16 विमानों की तैनाती को बदलते हुए उन्हें  ग्वादर के पास ब लोचिस्तान के पासनी एयरफील्ड में स्थानांतरित कर दिया है। यह कदम  भारत के S-400 सिस्टम से बचने के लिए एक सुरक्षा उपाय  के तौर पर देखा जा रहा है। S-400 को बेहद प्रभावशाली एयर डिफेंस सिस्टम  माना जाता है, जो दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को दूरी से ही नष्ट करने  में सक्षम है। पाकिस्तान को डर है कि अगर भारत के पास S-400  जैसे सिस्टम हैं, तो इन विमानों को  भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा आसानी से टारगेट  किया जा सकता है। S-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस सिस्टम भारत के पास हाल ही में आया है और यह दुनिया के सबसे बेहद शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम में से एक माना जाता है। इसके माध्यम से भारत अपनी सीमाओं में आने वाले विमानों, मिसाइलों और अन्य खतरे को दूर से ही नष्ट कर सकता है। ऐसे में, पाकिस्तान ने अपनी  F-16 लड़ाकू विमानों  को  पाकिस्तान के अन्य सुरक्षित स्थानों पर  शिफ्ट कर दिया है ताकि इन विमानों को भारतीय  S-400 सिस्टम के दायरे से बाहर  रखा जा सके।   पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति ग्वादर  के पास स्थित पासनाई एयरफील्ड पाकिस्तान के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य एयरबेस  है। यह तटवर्ती क्षेत्र में स्थित है, जो पाकिस्तान को समुद्र के रास्ते से अपने विमानों की सुरक्षा का एक बेहतर विकल्प प्रदान करता है। इसके अलावा, यह पाकिस्तान एयरफोर्स (PAF)  के  F-16 विमानों को  सुरक्षित स्थान पर  स्थित करके संभावित खतरे से बचने का एक कुशल तरीका  प्रदान करता है। पाकिस्तान द्वारा F-16 विमानों की तैनाती को बदलने के पीछे  रणनीतिक उद्देश्य है । इन महंगे और शक्तिशाली विमानों की सुरक्षा करना। पाकिस्तान का यह कदम  S-400 प्रणाली के खतरे से बचने  के लिए किया गया है, जिससे यह सिद्ध होता है कि पाकिस्तान  भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को गंभीरता से ले रहा है।  चीन की चिंता और प्रतिक्रिया इस बीच चीन  ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर  चिंता जताई है और दोनों देशों से शांति बनाए रखने की  अपील की है । चीन ने कहा है कि दोनों देशों को अपने सैन्य गतविधियों में संयम  बरतना चाहिए, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति और अधिक बिगड़ने से बच सके। पाकिस्तान का यह कदम यह दर्शाता है कि भारत की सैन्य ताकत और  S-400 सिस्टम से पाकिस्तान  भयभीत है।    

भारत-पाक युद्ध: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बोले – म लाहौर का नाम ‘लव नगर’ रखेंगे

नई दिल्ली भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाक की दयनीय स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने चुटकी ली है। उन्होंने फेसबुक पर दो पोस्ट लिखा है और पाकिस्तान पर जमकर कटाक्ष किया है।. उन्होंने कहा कि जल्द ही हम लाहौर में नाश्ते में बेकन और अंडे खाएंगे। इस्लामाबाद में लंच में बिरयानी का मजा लेंगे। इसके बाद पेशावर में चाय के साथ डोनट्स खाएंगे और कराची में डिनर में सी-फूड का स्वाद लेंगे। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस ने अपने एक और फेसबुक पोस्ट में लिखा, “हम लाहौर का नाम ‘लव नगर’ रखेंगे (लाहौर वाली को खुश करने के लिए), कराची को ‘न्यू काशी’, पेशावर को ‘पेशवा नगर’ और क्वेटा को ‘कृष्णा नगर’ नाम देंगे। जस्टिस काटजू का बयान ऐसे समय पर आया है जब पाकिस्तान लगातार भारत को युद्ध के लिए उकसा रहा है और ड्रोन से हमले की कोशिश कर रहा है। भारत ने दिया पाकिस्तान के ड्रोन हमले का जवाब बता दें कि पाकिस्तान ने बीती रात (08 मई) भारत के 15 सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से अटैक करने की कोशिश की, जिसका भारतीय सेना ने बखूबी जवाब दिया। भारत ने 50 से ज्यादा पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया. इसके बाद पाकिस्तानी सेना की तरफ से एलओसी पर भी गोलाबारी की गई, जिसका भरतीय सेना ने डटकर जवाब दिया। पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ा तनाव बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत ने आम लोगों और मासूम बच्चों को निशाना बनाया। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से भारत पर ड्रोन से हमला किया गया हैय़ पाकिस्तानी सेना लगातार एलओसी पर भी सीजफायर का उल्लंघन कर रही है और गोलीबारी कर रही है। इसका भारतीय सेना मजबूती से जवाब भी दे रही है।

पाकिस्तानी सेना ने पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया, भारतीय सेना ने किया पर्दाफाश: सोफिया कुरैशी

नई दिल्ली कर्नल सोफिया कुरैशी ने बताया, ‘8-9 मई की मध्यरात्रि को पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से पूरी पश्चिमी सेना पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलीबारी भी की। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर 36 जगहों पर 300-400 ड्रोनों का इस्तेमाल घुसपैठ के लिया किया गया। भारत ने इनमें से कई ड्रोन को मार गिराया।’ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बौखलाए पाकिस्तान की कायरना हरकतों को लेकर विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान के नापाक चेहरे और इरादों का पर्दाफाश कर दिया। विदेश सचिव विक्रम मिसरी के साथ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह 8 से 9 मई की रात की पाकिस्तान के हमलों की जानकारी दी। इस दौरान सबसे बड़ी खुलासा यह हुआ कि पाकिस्तान ने अतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 जगहों पर 300-400 ड्रोन से घुसपैठ की कोशिश की। ये ड्रोन तुर्किये के बताए जा रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के इरादे से भारतीय इलाकों में हमला किया। पाकिस्तान ने 36 स्थानों पर घुसपैठ का प्रयास किया। पाकिस्तान की ओर से 300 से 400 ड्रोन्स भेजे गए। जांच में पता चला है कि ड्रोन तुर्किये निर्मित थे। इस तनाव की स्थिति और भारत के पलटवार की संभावना के बावजूद भी पाकिस्तान ने अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया। वह उसका इस्तेमाल ढाल के तौर पर कर रहा है। हमने जवाबी कार्रवाई कर उसका एक और एयर डिफेंस सिस्टम नष्ट कर दिया। ‘लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 जगहों पर 300-400 ड्रोन से घुसपैठ का प्रयास’ कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने बताया, ‘पाकिस्तानी सेना ने सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की नीयत से पूरी पश्चिमी सीमा पर भारतीय वायुक्षेत्र का कई बार उल्लंघन किया। पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण रेखा पर भारी कैलिबर वाले हथियारों से गोलाबारी भी की। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर लेह से लेकर सरक्रीक तक 36 जगहों पर 300-400 ड्रोन का इस्तेमाल कर घुसपैठ का प्रयास किया। भारतीय सशस्त्र बलों ने काइनेटिक और नॉन काइनेटिक साधनों से कई ड्रोन मार गिराए। बड़े पैमाने पर ड्रोन के जरिए हवाई घुसपैठ का संभावित उद्देश्य देश की वायुरक्षा प्रणालियों का परीक्षण और खुफिया जानकारी जुटाना था। ड्रोन के मलबे की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में तुर्किये के ड्रोन होने बात पता चली है।’ ‘यात्री विमानों को ढाल बनाया’ उन्होंने बताया, ‘पाकिस्तान ने 7 मई को शाम 8:30 बजे एक असफल बेवजह ड्रोन और मिसाइल हमला करने के बावजूद अपना नागरिक हवाई क्षेत्र बंद नहीं किया। पाकिस्तान नागरिक विमान को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, यह अच्छी तरह से जानते हुए कि भारत पर उसके हमले के बाद उसे तेज हवाई रक्षा प्रतिक्रिया मिलेगी। यह भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास उड़ान भरने वाले अंतरराष्ट्रीय विमानों सहित सभी नागरिक विमानों के लिए सुरक्षित नहीं है। हमने आपको एक स्क्रीनशॉट भी दिखा रहे हैं, उसमें पंजाब सेक्टर में उच्च वायु रक्षा चेतावनी की स्थिति के दौरान एप्लीकेशन फ्लाइट रडार 24 का डेटा दिखाया गया है। जैसा कि आपने देखा है, हमारे घोषित बंद के कारण भारतीय पक्ष का हवाई क्षेत्र नागरिक हवाई यातायात से पूरी तरह से खाली है। हालांकि, कराची और लाहौर के बीच हवाई मार्ग पर नागरिक विमान उड़ान भर रहे हैं। भारतीय वायुसेना ने अपनी प्रतिक्रिया में काफी संयम दिखाया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय नागरिक वाहकों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।’ ‘जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान का एक और एयर डिफेंस रडार नष्ट’ उन्होंने बताया, ‘पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के तंगधार, उड़ी, पुंछ, मेंढर, राजौरी, अखनूर और उधमपुर में भारी कैलिबर आर्टिलरी गन और सशस्त्र ड्रोन का इस्तेमाल कर नियंत्रण रेखा के पार गोलाबारी की। भारतीय सेना के कुछ जवान हताहत हुए। जवाबी कार्रवाई में भारत ने भी बड़ा नुकसान पहुंचाया। इसके अलावा रात में पाकिस्तान के सशस्त्र UAV (मानव रहित हवाई वाहन) ने बठिंडा सैन्य स्टेशन को निशाना बनाने की कोशिश भी की जिसे पकड़ कर निष्क्रिय कर दिया गया। पाकिस्तानी हमले के जवाब में पाकिस्तान में चार हवाई रक्षा स्थालों पर सशस्त्र ड्रोन लॉन्च किए गए। इनमें से एक ड्रोन AD रडार को नष्ट करने में सक्षम रहा।’

सभी राज्यों को भेजी स्पेशल चिट्ठी, पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत पूरी तरह तैयार है

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच भारत पूरी तरह तैयार है। भारतीय सेना ने आज सुबह तड़के पाकिस्तान द्वारा भेजे गए कई ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, पाकिस्तान बॉर्डर से लगे कई चेक पोस्टों पर भीषण गोलीबारी का सिलसिला जारी है, जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया है। इस माहौल को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष चिट्ठी भेजी है, जिसमें उन्हें हर स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। गृह मंत्रालय द्वारा भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और प्रशासकों को पूरी तरह तैयार रहने की सलाह दी गई है। चिट्ठी में यह भी कहा गया है कि सभी प्रशासन को नागरिक सुरक्षा नियमों के तहत आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करना होगा ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, मंत्रालय ने युद्ध के दौरान जरूरी सामग्री जैसे रसद आदि की खरीदारी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया, ताकि जब जरूरत पड़े, ये सामग्रियां सभी को उपलब्ध कराई जा सकें। पाकिस्तान ने बीती रात भारत के कई शहरों पर मिसाइल, ड्रोन और फाइटर जेट से हमला किया था, लेकिन भारतीय सेना ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के तीन फाइटर जेट्स और दर्जनों मिसाइलों को आसमान में ही नष्ट कर दिया, जिससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा। इसके बाद, भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान के कई शहरों में जवाबी कार्रवाई की और वहां भारी तबाही मचाई। इस समय, दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बावजूद भारतीय सेना ने अपनी ताकत और तैयारियों का प्रदर्शन किया है, और गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों को दिए गए निर्देश देशभर में सुरक्षा बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।

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