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कारगिल की हीरो बोफोर्स फिर पाकिस्तान के लिए बनी सिर दर्द, सेना के लिए सुरक्षा कवच बनकर सामने आई

इस्लामाबाद कारगिल युद्ध के बाद एक बार फिर बोफोर्स की विरासत भारतीय सेना के लिए सुरक्षा कवच बनकर सामने आई है। लेकिन इस बार बोफोर्स की चर्चित तोपों की जगह उसका विकसित किया गया आधुनिक संस्करण L-70 गन, पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चे पर दिखा। एल-70 ने बीती रात पाकिस्तान द्वारा दागे गए करीब 50 ड्रोन और लूटर हथियारों को मार गिराकर एक बार फिर साबित कर दिया कि यह ड्रोन के दौर में भारत की नई ढाल है। भारतीय सेना ने पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन हमलों का करारा जवाब देते हुए एल-70 गन, ZSU-23mm शिल्का सिस्टम और अन्य एडवांस एयर डिफेंस हथियारों से पाकिस्तान के करीब 50 ड्रोन और लूटर हथियारों को आसमान में ही नष्ट कर दिया। पाकिस्तान ने इन हमलों के दौरान हमास की रणनीति अपनाते हुए सस्ते और कम विध्वंसक ड्रोन का उपयोग किया ताकि भारत एस-400 जैसे महंगे सिस्टम की मिसाइलें खर्च करे। लेकिन भारत ने इसकी काट पहले ही तैयार कर रखी थी एल-70 गन। इसे फ्रंटलाइन पर भेजकर भारतीय सेना ने बेहद कम लागत में बड़ी संख्या में ड्रोन को गिरा दिया, जिससे दुश्मन की रणनीति विफल हो गई।एल-70 तोप मूल रूप से स्वीडन की बोफोर्स कंपनी द्वारा डिजाइन की गई थी, लेकिन अब इसका उत्पादन भारत में लाइसेंस के तहत हो रहा है। 40 मिमी की यह गन अब पूरी तरह आधुनिक हो चुकी है। इसमें रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर, ऑटोमैटिक ट्रैकिंग सिस्टम, थर्मल और डे कैमरा जैसे अत्याधुनिक उपकरण जुड़ चुके हैं। यह गन प्रति मिनट 240 से 330 राउंड फायर कर सकती है, जिससे यह ड्रोन के झुंड को बेहद कम समय में ध्वस्त करने में सक्षम है। यही नहीं, इसे इस तरह अपग्रेड किया गया है कि यह दुश्मन के रडार को चकमा भी दे सकती है। एल-70 में 2017 के बाद कई अत्याधुनिक बदलाव किए गए।  इन अपग्रेड्स की वजह से यह गन अब ड्रोन हमलों से निपटने में और भी अधिक सक्षम हो गई है। इनमें शामिल हैं:  डिजिटल फायर कंट्रोल सिस्टम  ऑटो टारगेट ट्रैकिंग रडार  नाइट फायरिंग क्षमता  मैनलेस ऑपरेशन यानी बिना सैनिक के चलने वाला सिस्टम   पाकिस्तान की रणनीति नाकाम भारतीय सेना ने पाकिस्तान की उस रणनीति को भी विफल कर दिया, जिसमें वह हमास की तरह कम लागत वाले लेकिन बड़ी संख्या में ड्रोन भेजकर भारत की एयर डिफेंस लागत बढ़ाना चाहता था। भारत ने सटीक और कम लागत वाले एल-70 जैसे हथियारों से जवाब देकर यह संदेश दे दिया कि वह हर मोर्चे पर तैयार है। एल-70 गन का यह प्रदर्शन बताता है कि भारत सिर्फ महंगे हथियारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसने समय रहते रणनीतिक और तकनीकी तैयारी कर रखी है ताकि हर प्रकार के खतरे का सटीक जवाब दिया जा सके। एल-70 अब सिर्फ एक तोप नहीं, बल्कि ड्रोन युग में भारत की नई ढाल है। यह न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि किसी भी संभावित खतरे के खिलाफ भारत की एयर डिफेंस क्षमता को एक नई ऊंचाई पर ले गया है।

पाकिस्तान के निशाने पर मुख्य निशाना जालंधर का सुरानुसी इलाका था, जहां सेना का गोला-बारूद डिपो स्थित

नई दिल्ली/जालंधर वीरवार देर रात पाकिस्तान ने पंजाब के कई ज़िलों में एक बार फिर ड्रोन हमलों की कोशिश की, लेकिन भारतीय रक्षा प्रणाली की मुस्तैदी के चलते ये मंसूबे नाकाम हो गए। पंजाब के जालंधर, पठानकोट, फिरोजपुर, कपूरथला और अन्य सीमावर्ती इलाकों में अचानक धमाकों की आवाज़ों ने लोगों को चौकन्ना कर दिया। इन हमलों का मुख्य निशाना जालंधर का सुरानुसी इलाका था, जहां सेना का गोला-बारूद डिपो स्थित है। सूत्रों के मुताबिक, जालंधर के सुरानुसी क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन से करीब 50 धमाकों की आवाज़ें सुनाई दीं। आसपास के गांवों हीरापुर और पट्टकड कलां में भी धमाके महसूस किए गए। सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने समय रहते एक ड्रोन को मार गिराया और बाकी ड्रोन को ट्रैक कर निष्क्रिय कर दिया गया। वहीं कपूरथला और फिरोजपुर में भी कई धमाकों की पुष्टि हुई है। इन हमलों के चलते जालंधर, चंडीगढ़ और पंजाब के छह सीमावर्ती ज़िलों — पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का — में ऐहतियातन ब्लैकआउट लागू कर दिया गया। जालंधर में व्रज कोर का मुख्यालय और आदमपुर एयरफोर्स स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने स्थित हैं, जिन्हें सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। इससे पहले बुधवार रात अमृतसर के विभिन्न गांवों — दुधाला, जेठूवाल, पंढेर और मखणविंडी — पर रॉकेट हमले किए गए थे, जिन्हें वायुसेना की डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। घटनास्थलों से कई रॉकेट के अवशेष भी बरामद किए गए हैं। सौभाग्य से इन हमलों में किसी प्रकार की जनहानि या भारी नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि धमाकों की आवाज़ से उनकी नींद टूट गई और वह तुरंत अपने परिजनों के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। पुलिस और सेना की टीमों ने रातभर तलाशी अभियान चलाया और क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर जांच शुरू कर दी है। यह घटनाएं एक बार फिर पाकिस्तान की नापाक हरकतों को उजागर करती हैं, लेकिन भारतीय सेना की तत्परता ने एक बड़ा खतरा टाल दिया। सुरक्षा एजेंसियां अब इन हमलों के पीछे की रणनीति और संभावित खतरे की तह तक जाने में जुट गई हैं।

पाक में आतंकियों के ढॉंचा एवं सहयोगी तंत्र पर की जा रही सैनिक कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक : मोहन भागवत

नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया है। आरएसएस ने मोहन भागवत के हवाले से कहा कि पहलगाम की कायरतापूर्ण आतंकवादी घटना के पश्चात पाक प्रायोजित आतंकवादियों एवं उनके समर्थक पारितंत्र पर की जा रही निर्णायक कार्रवाई “ऑपरेशन सिंदूर” के लिए भारत सरकार के नेतृत्व और सैन्यबलों का हार्दिक अभिनंदन। हिंदू यात्रियों के नृशंस हत्याकांड में आहत परिवारों को एवं समस्त देश को न्याय दिलाने हेतु हो रही इस कार्रवाई ने समूचे देश के स्वाभिमान एवं हिम्मत को बढ़ाया है। भागवत ने कहा कि हमारा यह भी मानना है कि पाकिस्तान में आतंकियों, उनका ढॉंचा एवं सहयोगी तंत्र पर की जा रही सैनिक कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक एवं अपरिहार्य कदम है। राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में संपूर्ण देश तन-मन-धन से देश की सरकार एवं सैन्य बलों के साथ खड़ा है। पाकिस्तानी सेना द्वारा भारत की सीमा पर धार्मिक स्थलों एवं नागरिक बस्ती क्षेत्र पर किए जा रहे हमलों की हम निंदा करते हैं और जो इन हमलों का शिकार हुए, उनके परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। देश का स्वाभिमान, हिम्मत संघ के संदेश में कहा गया है कि पहलगाम की कायरतापूर्ण आतंकवादी घटना के पश्चात पाक प्रायोजित आतंकवादियों एवं उनके समर्थक पारितंत्र पर की जा रही निर्णायक कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारत सरकार के नेतृत्व और सैन्यबलों का हार्दिक अभिनंदन। हिंदू यात्रियों के नृशंस हत्याकांड में आहत परिवारों को एवं समस्त देश को न्याय दिलाने हेतु हो रही इस कार्रवाई ने समूचे देश के स्वाभिमान एवं हिम्मत को बढ़ाया है। पाकिस्तानी गोलाबारी की निंदा संघ ने आगे कहा कि हमारा यह भी मानना है कि पाकिस्तान में आतंकियों, उनका ढॉंचा एवं सहयोगी तंत्र पर की जा रही सैनिक कार्रवाई देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक एवं अपरिहार्य कदम है। राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में संपूर्ण देश तन-मन-धन से देश की सरकार एवं सैन्य बलों के साथ खड़ा है। आरएसएस ने आगे कहा कि पाकिस्तानी सेना की तरफ से भारत की सीमा पर धार्मिक स्थलों एवं नागरिक बस्ती क्षेत्र पर किए जा रहे हमलों की हम निंदा करते हैं और जो इन हमलों का शिकार हुए, उनके परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करते हैं। सूचनाओं का पालन करने का आह्वान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस चुनौतीपूर्ण अवसर पर समस्त देशवासियों से आह्वान करता है कि शासन एवं प्रशासन द्वारा दी जा रही सभी सूचनाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करे। इसके साथ-साथ इस अवसर पर हम सबको अपने नागरिक कर्तव्य का निर्वहन करते हुए यह भी सावधानी रखनी है कि राष्ट्र विरोधी शक्तियों के सामाजिक एकता एवं समरसता को भंग करने के किसी भी षड्यंत्र को सफल न होने दें। संघ ने लिखा कि समस्त देशवासियों से अनुरोध है कि अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना एवं नागरी प्रशासन के लिए जहां भी, जैसी भी आवश्यकता हो, हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहे और राष्ट्रीय एकता तथा सुरक्षा को बनाए रखने के सभी प्रयासों को बल प्रदान करे। अनिल कुमार उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस चुनौतीपूर्ण अवसर पर समस्त देशवासियों से आह्वान करता है कि शासन एवं प्रशासन द्वारा दी जा रही सभी सूचनाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करे। इसके साथ-साथ इस अवसर पर हम सबको अपने नागरिक कर्तव्य का निर्वहन करते हुए यह भी सावधानी रखनी है कि राष्ट्र विरोधी शक्तियों के सामाजिक एकता एवं समरसता को भंग करने के किसी भी षड्यंत्र को सफल न होने दें। समस्त देशवासियों से अनुरोध है कि अपनी देशभक्ति का परिचय देते हुए सेना एवं नागरी प्रशासन के लिए जहाँ भी, जैसी भी आवश्यकता हो, हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहे और राष्ट्रीय एकता तथा सुरक्षा को बनाए रखने के सभी प्रयासों को बल प्रदान करे।

हमारा PM मोदी का नाम लेने से डरता है, हमारा PM ही बुजदिल है: पाक सांसद

इस्लामाबाद पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जोरदार एयरस्ट्राइक पाकिस्तान के अंदर घुसकर की थीं। इसके बाद बौखलाए पाकिस्तान ने जंग तो छेड़ दी, लेकिन उसमें भी मुंह की ही खा रहा है। हर दिन पाकिस्तान के शहरों तक में भारत टारगेट कर रहा है, जबकि पाकिस्तानी हमले आसमान में ही नाकाम हो रहे हैं। इस बीच शुक्रवार को पाकिस्तान की संसद में जंग को लेकर डिबेट हुई तो एक सांसद ने अपनी सरकार को गीदड़ बता दिया। इमरान खान की पार्टी पीटीआई के सांसद शाहिद अहमद ने कहा कि शहबाज शरीफ की सरकार तो गीदड़ है। उन्होंने कहा कि इतने कमजोर लोग हैं कि नरेंद्र मोदी का नाम तक लेने से डरते हैं। शाहिद अहमद ने टीपू सुल्तान के एक कथन का जिक्र करते हुए शहबाज शरीफ की सीधे गीदड़ से ही तुलना कर दी। शाहिद अहमद ने कहा,’अगर एक लश्कर का सरदार यदि शेर हो और उसकी सेना में गीदड़ हों तो भी वे शेर की तरह जंग लड़ते हैं। लेकिन नेतृत्व यदि गीदड़ के हाथ में तो शेरों का भी दम कम हो जाता है। जब आपका नेता और वजीर-ए-आजम यानी प्रधानमंत्री बुजदिल हो तो आप अवाम को क्या पैगाम देंगे। ऐसा नेता हमारे पास है, जो नरेंद्र मोदी का नाम तक नहीं लेता। इसमें भी डरता है।’ उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ ने तो अपने भाषण में नरेंद्र मोदी का नाम तक नहीं लिया। इनके कारोबारी ताल्लुक हैं। ये उनका नाम तक नहीं ले सकते। नवाज शरीफ का तो भारत पर एक बयान तक नहीं आया। इमरान खान के करीबी सांसद ने कहा कि सीमा पर जिस तरह के हालात हैं, उसमें कहा जा रहा है कि हमें बहादुरी के साथ लड़ना है। मेरा कहना है कि आखिर वह कौन लोग हैं, जिन्होंने अपने स्वार्थ के लिए इमरान खान जैसे नेता को बंद कर रखा है। उन्होंने कहा कि मेरा या आपके भाषणों से कौम आपके साथ नहीं आएगी। हम उनसे कल जेल में मिलने गए तो इसकी भी परमिशन नहीं मिली। हमारी उम्मीद थी कि वह कौम के लिए कोई बात कहेंगे, जिसे हम जनता के बीच पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि 9 मई, 2023 को जिस तरह से कौम के महबूब लीडर को पकड़ा गया, वह आज भी लोगों को याद है। पाकिस्तान की कौम उन लोगों से नफरत करती है, जिन्होंने इमरान खान को पकड़ा। उन्होंने कहा कि जंग होगी तो हम अपने मुल्क के साथ खड़े होंगे। सांसद बोले- आपके तो घर यूरोप में भी हैं, हम कहां जाएंगे शहबाज शरीफ पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जंग होगी तो हम ही साथ देंगे क्योंकि हमें यहां वक्त गुजारना है। आप लोगों के तो यूरोप से लेकर यूएई तक में घर हैं। मैं कह दूंगा कि हम आपके साथ खड़े हैं, लेकिन मुल्क की अवाम आपके साथ खड़ी नहीं है। उन्होंने कहा कि आखिर इमरान खान को जेल में क्यों रखा गया है। वह जब कहेगा कि हम लड़ सकते हैं तो पूरा पाकिस्तान फौज के साथ खड़ा होगा। आपने 9 मई को महिलाओं तक को सड़कों पर घसीटा। हम सब कुछ भूलने के लिए तैयार हैं, लेकिन इमरान खान को जेल से निकालो। परेड ग्राउंड में जलसा रखिए।

पाक SC का हैरान करने वाला फैसला, भारत से जंग के बीच आसिम मुनीर को मिली बेतहाशा ताकत

इस्लामाबाद भारत से जारी जंग के बीच पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अपनी सेना और कुख्यात आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को बेतहाशा ताकत दे दी है। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आम नागरिकों के लिए चिंतानजक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को अपने फैसले में कहा कि आम नागरिकों पर भी मिलिट्री कोर्ट में केस चल सकते हैं, जिसकी सजा मृत्युदंड तक होती है। इस तरह जनरल आसिम मुनीर के हाथ में यह पावर आ गई है कि वह देश और सेना के लिए खतरा बताकर किसी भी नागरिक के खिलाफ मिलिट्री कोर्ट में केस चलवा सकते हैं। ऐसी स्थिति पाकिस्तान के आम नागरिकों और खासतौर पर विपक्षियों के लिए बड़ी चिंताजनक है। पाकिस्तान की अदालत ने 7 मई को फैसला सुनाया, जिसमें पुराने निर्णय को पलट दिया गया। पहले अदालत ने अपने एक फैसले में कहा था कि मिलिट्री कोर्ट में नागरिकों के खिलाफ केस चलना असंवैधानिक है, लेकिन अब उस निर्णय को पलट दिया गया है। इससे सीधे तौर पर जनरल आसिम मुनीर मजबूत हो गए हैं। पहले ही आसिम मुनीर राजनीतिक नेतृत्व के मुकाबले कहीं ज्यादा मजबूत हैं और वही सारे अहम निर्णय ले रहे हैं। दरअसल यह फैसला 9 मई, 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों के मामलों को लेकर है। अब इमरान खान के समर्थकों पर मिलिट्री कोर्ट में केस चल सकेगा और उन्हें खौफनाक सजाएं भी दी जा सकती हैं। भारत से तनाव के बीच यह अहम फैसला आया है, जब सेना के खिलाफ कोई टिप्पणी भी नहीं कर सकता। इस वक्त पाकिस्तान में सेना के खिलाफ बोलने से उसे देशविरोधी करार दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत से ऐसा फैसला दिलाने के लिए जानबूझकर यह वक्त चुना गया। बता दें कि 9 मई की हिंसा के मामले में इमरान खान के करीब 1000 समर्थकों को अरेस्ट किया गया था। यही नहीं पीटीआई का कहना था कि उसके सैकड़ों समर्थकों को बिना किसी सबूत के ही जेलों में डाल रखा है। दरअसल अक्तूबर 2023 में अदालत ने फैसला दिया था कि मिलिट्री कोर्ट्स में नागरिकों के खिलाफ फैसला देना गलत है। फिर इस फैसले पर कई अपीलें दायर हुई थीं, जिन पर सुनवाई करते हुए 7 मई को सुप्रीम कोर्ट ने अपना पुराना फैसला ही पलट दिया।

चिनाब नदी पर बने बगलिहार और सलाल डैम के कई गेटों को खोल दिया गया

जम्मू भारत और पाकिस्तान के तनाव की बीच कई डैम के पानी को भारत की ओर से रोक दिया गया था। भारत ने सबसे पहले सिंधु नदी का पानी रोक दिया था, जिसके बाद चिनाब नदी पर बने डैम से भी पानी को भी रोक दिया गया था। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद से चिनाब नदी पर बने बगलिहार और सलाल डैम को बंद कर दिया था। हालांकि आज शुक्रवार को चिनाब नदी पर बने दोनों डैम के कुछ गेट खोल दिया गए। इसके वीडियो भी सामने आए है। दोनों डैम के कई गेट खुले दरअसल, भारत की ओर से पिछले सप्ताह ही चिनाब नदी के पानी को रोक दिया गया था। इसमें पहले बगलिहार डैम और फिर सलाल डैम को बंद करके पानी रोका गया था। हालांकि जम्मू-कश्मीर में बीते दिनों आई बारिश के बाद डैम का जलस्तर बढ़ गया था। इसके बाद अब रामबन में चिनाब नदी पर बने बगलिहार हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट बांध के दो गेट खोल दिए गए हैं। इसके अलावा चिनाब नदी पर ही बने रियासी के सलाल बांध के भी तीन गेट खोल दिए गए हैं। इस दौरान दोनों डैम से पानी का फ्लो आगे बढ़ता हुआ दिखा और चिनाब नदी में कई दिनों के बाद से सूखा खत्म हुआ। पानी रुकने से सूखी नदी बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से भारत ने सबसे पहले सिंधु नदी पर बने बांध को बंद कर दिया था। भारत ने तत्काल प्रभाव से सिंधु जल समझौते को खत्म कर दिया था। बता दें कि विश्व बैंक द्वारा ये सिंधु जल संधि की गई थी। इस संधि पर 1960 में तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और तत्कालीन पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे। इसे अक्सर दो शत्रुतापूर्ण पड़ोसियों के बीच शांतिपूर्ण सहयोग के एक दुर्लभ उदाहरण के रूप में सराहा जाता है। उन्होंने कहा कि स्थिति सुबह के समय क्षेत्र की छानबीन करने पर स्पष्ट होगी. घुसपैठ की यह कोशिश ऐसे दिन में हुई है जब भारत ने जम्मू, पठानकोट, उधमपुर एवं कुछ अन्य स्थानों पर पाकिस्तान द्वारा मिसाइल एवं ड्रोन से किए गए हमलों को विफल कर दिया. वहीं, दूसरी तरफ जम्मू शहर में शुक्रवार तड़के धमाकों की आवाज गूंजने पर तत्काल ‘ब्लैकआउट’ हो गया. यह घटना भारत द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की पाकिस्तानी सेना की कोशिशों को विफल करने के कुछ घंटों बाद हुई. सायरन बजने के बाद सुबह 3:50 से 4:45 बजे के बीच धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने खतरे को बेअसर कर दिया. वीडियो में आसमान में उड़ती हुई चीजों और धमाकों को दिखाया गया है क्योंकि हमले को बेअसर कर दिया गया. रातभर संघर्षविराम का उल्लंघन किये जाने की खबरें हैं। इस दौरान पाकिस्तानी सैनिकों ने पुंछ, राजौरी और जम्मू जिलों में गोलाबारी की। इस पर भारतीय सैनिकों ने भी जवाबी कार्रवाई की. ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जम्मू के उपायुक्त ने निवासियों से शांत रहने का आग्रह किया. भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर क्षेत्र में सभी स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बंद कर दिए गए हैं.

बलूचिस्तान का लोकतांत्रिक गणराज्य दावा, भारत की धमाकेदार कार्रवाई के बीच दिल्ली में दूतावास खोलने की मांग

क्वेटा भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, एक मशहूर बलूच लेखक मीर यार बलूच ने पाकिस्तान से बलूचिस्तान की आजादी का दावा किया है. उन्होंने भारत सरकार से नई दिल्ली में बलूच दूतावास खोलने की अनुमति देने का आह्वान किया है. बलूच लोगों की वकालत करने के लिए जाने जाने वाले मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट करते हुए ऐलान किया. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान में शांति सेना भेजने की गुजारिश की और मांग की है कि पाकिस्तानी सेना इस इलाके से चली जाए. मीर यार का यह बयान भारत और पाकिस्तान के बीच गंभीर टकराव के बीच आया है. 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया. इसमें साफ किया गया कि किसी भी पाकिस्तानी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया गया. इसके जवाब में, पाकिस्तान ने गुरुवार को नागरिक और सैन्य इलाकों को ड्रोन, मिसाइलों और तोपखाने की गोलाबारी से निशाना बनाकर तनावपूर्ण स्थिति को बढ़ा दिया. भारत ने जवाब में आते हुए ड्रोनों और मिसाइलों को मार गिराया. इसने पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों और एक एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) विमान को भी नष्ट कर दिया. ‘हमने अपनी आजादी का दावा किया है’ मीर यार बलूच ने दावा किया कि बलूच स्वतंत्रता सेनानियों ने डेरा बुगती में पाकिस्तान के गैस क्षेत्रों पर हमला किया था, जहां 100 से ज्यादा गैस कुएं स्थित हैं. अपनी एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मुमकिन है कि जल्द ही एक ऐलान किया जाना चाहिए क्योंकि आतंकवादी पाकिस्तान का पतन निकट है. हमने अपनी आजादी का दावा किया है और हम भारत से गुजारिश करते हैं कि वह दिल्ली में बलूचिस्तान के आधिकारिक कार्यालय और दूतावास की अनुमति दे.” उन्होंने इंटरनेशनल सपोर्ट की मांग करते हुए कहा, “हम संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान लोकतांत्रिक गणराज्य की आजादी को मान्यता देने और मान्यता के लिए समर्थन देने के लिए सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्यों की बैठक बुलाने का भी गुजारिश करते हैं.” उन्होंने कहा कि करेंसी और पासपोर्ट प्रिंटिंग के लिए अरबों डॉलर के फंड जारी किए जाने चाहिए. ‘बलूचिस्तान का कंट्रोल…’ मीर यार बलूच ने संयुक्त राष्ट्र से बलूचिस्तान में तत्काल शांति सैनिक भेजने की भी गुजारिश की है. उन्होंने कहा, “हम संयुक्त राष्ट्र से गुजारिश करते हैं कि वह बलूचिस्तान में तुरंत अपने शांति मिशन भेजे और पाकिस्तान की कब्जे वाली सेना से बलूचिस्तान के इलाकों, हवाई क्षेत्र और समुद्र को खाली करने और सभी हथियार और संपत्ति बलूचिस्तान में छोड़ने के लिए कहे.” उन्होंने आगे कहा कि सेना, सीमा कोर, पुलिस, सैन्य खुफिया, आईएसआई और नागरिक प्रशासन में सभी गैर-बलूच कर्मियों को तुरंत बलूचिस्तान छोड़ देना चाहिए. मीर यार ने आगे कहा, “बलूचिस्तान का कंट्रोल जल्द ही आजाद बलूचिस्तान स्टेट की नई सरकार को सौंप दिया जाएगा और जल्द ही एक ट्रांजिशनल कंक्लूजिंग अंतरिम सरकार का ऐलान किया जाएगा. मंत्रिमंडल में बलूच महिलाओं का प्रतिनिधित्व हमारे राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता की पूर्ति है.” उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान की आजादी सरकार का राजकीय समारोह जल्द ही होगा. हम अपने मित्र देशों के राष्ट्राध्यक्षों को नेशनल परेड देखने और हमें दुआएं देने के लिए बुलाते हैं.” एक अन्य मैसेज में मीर यार बलूच ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “अरे ना-पाकिस्तान. अगर तुम्हारे पास सेना है, तो हमारे पास भी सेना है. बलूच स्वतंत्रता सेनानी हमला करते हैं.” इससे पहले इंटरनेट पर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों को ले जा रहे एक वाहन को बाहर ले जाते हुए दिखाया गया था. धमाके की जिम्मेदारी लेते हुए बीएलए ने कहा कि इस घटना में इस्लामाबाद ने 14 सैनिक खो दिए. बलूचिस्तान – दिल्ली में एम्बेसी खोलने की मांग आतंकियों का अड्डा बने पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक ओर जहां पाकिस्तान भारत से पिट रहा है, वहीं बलूचिस्तान की आजादी के लिए काम कर रहे लोग हर मोर्चे पर उस पर हमला कर रहे हैं। अब बलोच लेखक मीर यार बलोच ने एक्स पर पोस्ट कर बलूचिस्तान की पाकिस्तान से आजादी का एलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ को बलूचिस्तान में अपना शांति मिशन जल्द से जल्द भेजना चाहिए। लेखक मीर यार ने इसके साथ भारत की राजधानी दिल्ली में बलूचिस्तान की एम्बेसी की खोलने की भी मांग की है। बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहे लोग लगातार पाकिस्तानी सेना को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में हमले में पाकिस्तान के 12 सैनिकों को मार गिराया गया था। पाक सेना अब एक तरफ भारत तो दूसरी ओर बलूचिस्तानी लड़ाकों से घिर गई है। पाकिस्तान की पतन करीब मीर यार बलोच ने लिखा है कि पाकिस्तान का पतन अब बहुत ही करीब है, अब जल्द ही इस बात की घोषणा हो जाएगी। उन्होंने इस पर अपनी आजादी का दावा करते हुए भारत सरकार से अपने देश का दूतावास दिल्ली में खोलने की मांग की है।  

सीमा पर ताजा स्थिति और सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई, समीक्षा की, राजनाथ ने सीडीएस, तीनों सेना प्रमुखों के साथ की बैठक

नई दिल्ली पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज CDS और तीनों सेना प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक लगभग दो घंटे तक चली, जिसमें सीमा पर ताजा स्थिति और सुरक्षा तैयारियों पर चर्चा हुई। सेना प्रमुख ने दी जमीनी हालात की जानकारी- बैठक के दौरान, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान के साथ लगे सीमावर्ती क्षेत्रों के मौजूदा हालात से रक्षा मंत्री को अवगत कराया। वहीं, एयरफोर्स प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारतीय वायुसेना द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी। भारतीय सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले की कोशिश भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से बुरी तरह बौखलाए पाकिस्तान की सेना ने गुरुवार रात भारत के उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों में स्थित कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। पाकिस्तानी सेना ने इन हमलों के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया। भारत ने S-400 ने नाकाम किए हमले पाकिस्तान की इन नापाक कोशिशों को भारत के अत्याधुनिक S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पूरी तरह से विफल कर दिया। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने दुश्मन के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जिससे किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।

इंडिया के ऐक्शन से अमेरिका भी खुश, अजहर मसूद के भाई के मारे जाने पर बोला- थैंक्यू इंडिया

नई दिल्ली भारतीय हमलों में पाकिस्तान के अंदर बैठा खूंखार आतंकी अब्दुल रऊफ अजहर मारा गया है। यह आतंकी मसूद अजहर का भाई भी है, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है। अब्दुल अजहर ही जैश की कमान संभालता था और लंबे समय से सीनियर कमांडर है। कंधार विमान अपहरण कांड में मसूद अजहर को छोड़ना पड़ा था और उसने ही मुंबई आतंकी हमलों की साजिश रची थी। ऐसे में उसके भाई का मारा जाना भारत के एक दुश्मन के खत्म होने जैसा है। यही नहीं अमेरिकियों ने भी इस आतंकी के कत्ल पर भारत को थैंक्यू बोला है। अमेरिका के टॉप डिप्लोमैट्स ने अब्दुल रऊफ अजहर को मार गिराने पर टिप्पणी की है। हालांकि अब तक रऊफ के मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई है। अब्दुल रऊफ अजहर वह आतंकी है, जिसने यहूदी पत्रकार डेनियल पर्ल की 2002 में सिर कलम कर हत्या कर दी थी। यह वीभत्स हत्याकांड पूरी दुनिया में चर्चित हुआ था। डेनियल पर्ल वॉल स्ट्रीट जर्नल के सीनियर पत्रकार थे और उन्हें किडनैप करने के बाद कत्ल किया गया था। अफगानिस्तान और इराक में अमेरिका के पूर्व राजदूत एवं संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि जालमे खलीलजाद ने कहा अब्दुल रऊफ अजहर के मारे जाने पर भारत को थैंक्यू बोला है। उन्होंने एक्स पर लिखी पोस्ट में कहा, ‘पाकिस्तान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई के दौरान भारत ने क्रूर आतंकवादी अब्दुल रऊफ अजहर का कत्ल कर दिया है। उसने 2002 में पत्रकार डेनियल पर्ल का कत्ल किया था, जो आज तक सबको याद है। न्याय हुआ है। थैंक्यू इंडिया।’ अमेरिका की टॉप डिप्लोमैट ने भारत के पीएमओ को किया टैग अमेरिका की एक और डिप्लोमैट एली कोहैनिम ने भी पोस्ट किया है और भारत के पीएमओ को टैग करते हुए थैंक्यू बोला है। उन्होंने लिखा, ‘लंबे समय से हमें डेनियल पर्ल के लिए न्याय का इंतजार था। उन्हें बेरहमी से कत्ल किया गया था। मैं निजी तौर पर पीएमओ इंडिया के प्रति आभारी हूं। डेनियल पर्ल के आखिरी शब्द हमें हमेशा याद रहेंगे। उन्होंने कहा था- मेरा पिता यहूदी थे, मेरी मां यहूदी है और मैं भी यहूदी हूं। उनके ये शब्द यहूदी इतिहास में हजारों साल तक सुनाई देते रहेंगे।’ इस तरह मसूद अजहर के भाई को मार गिराने पर अमेरिका ने जमकर तारीफ की है। यही नहीं दुनिया भर का यहूदी समुदाय भी इस घटना से खुश है और आभार जता रहा है। इजरायली अखबार द येरूशलम पोस्ट ने इस खबर को प्रमुखता से कवर किया है।

सांबा में सेना की बड़ी कार्रवाई, घुसपैठ की कोशिश कर रहे 7 आतंकियों को मार गिराया

 सांबा भारत और पाकिस्तान के बीच इन दिनों भारी तनाव देखने को मिल रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. यही कारण है कि हमले की नाकाम कोशिश कर रहा है. 8 और 9 मई 2025 की दरमियानी रात को जम्मू फ्रंटियर बीएसएफ के सांबा सेक्टर में एक बड़े आतंकवादी समूह द्वारा घुसपैठ की कोशिश की गई, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. BSF ने यहां पाकिस्तान की तरफ से भारत में घुसने की कोशिश कर रहे सात आतंकवादियों को ढेर कर दिया है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि मारे गए आतंकियों की पहचान जैश के रूप में हुई है. भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. आतंकियों ने आधी रात को घुसपैठ की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया है. सेना ने इस पूरी घटना का एक वीडियाे भी जारी किया है, जिसमें आतंकी घुसपैठ और गोलीबारी दिखाई दे रही है. सेना की इस जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की ढांढर पोस्ट को भारी नुकसान पहुंचा है. घुसपैठ की इस कोशिश में अधिकारियों की मानें तो पाकिस्तान की BAT यानी बॉर्डर एक्शन टीम का हाथ हो सकता है. आतंकियों को देखते ही सेना ने चला दी गोलियां बॉर्डर पर रात में सेना की टुकड़ी गश्ती कर रही थी. इसी दौरान उनकी नजर आतंकियों पर पड़ी. रात करीब 11.30 बजे आतंकियों ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत के अंदर घुसने का प्रयास किया. जवानों की तरफ रोके जाने के बाद उन्होंने भागना चाहा, लेकिन जवानों ने गोलीबारी शुरू कर दी. सांबा पहले से भी घुसपैठ के मामले में काफी संवेदनशील क्षेत्र है. यही कारण है कि भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए यहां चौकसी बढ़ा दी गई है. भारत के एक्शन से बौखलाया पाकिस्तान भारत ने जब से ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की है. तभी से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. भारत लगातार आतंकी ठिकानों और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को अंजाम दे रहा है. इससे बौखलाए पाकिस्तान ने जम्मू एयरपोर्ट पर हमले की नाकाम कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया. इस कार्रवाई में पाकिस्तान के 50 से ज्यादा ड्रोन मार गिराए. यही कारण है कि पाकिस्तान बदला लेने की लगातार नाकाम कोशिश कर रहा है.

भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच पाकिस्तान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से तत्काल वित्तीय सहायता की अपील की

इस्लामाबाद  भारत-पाकिस्तान युद्ध के बीच पाकिस्तान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से तत्काल वित्तीय सहायता की अपील की है। युद्ध में भारी नुकसान, स्टॉक मार्केट में गिरावट और विदेशी मुद्रा भंडार के तेजी से गिरने के चलते पाकिस्तान की आर्थिक हालत नाज़ुक हो गई है। पाकिस्तान की सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है है कि “पाकिस्तान सरकार ने दुश्मन द्वारा भारी नुकसान के बाद अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से ज्यादा ऋण की अपील की है। बढ़ते युद्ध और शेयरों में गिरावट के बीच, हम अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से तनाव कम करने में मदद करने का आग्रह करते हैं। राष्ट्र से मजबूत रहने का आग्रह किया गया है।” ये ट्वीट पाकिस्तान सरकार के इकोनॉमिक अफेयर्स डिवीजन की तरफ से किया गया है। लेकिन पाकिस्तानियों का कहना है कि ट्विटर अकाउंट को हैक कर लिया गया है और ऐसे पोस्ट किए जा रहे हैं। लेकिन ये पोस्ट उस वक्त किया गया है, जब IMF की आज बैठक होने वाली है, जिसमें तय किया जाएगा कि पाकिस्तान के लिए कर्ज की अगली किस्त जारी किया जाए या नहीं। पाकिस्तान सरकार का ये पोस्ट उस वक्त आया है, जब IMF की आज बैठक होने वाली है, जिसमें तय किया जाएगा कि पाकिस्तान के लिए कर्ज की अगली किस्त जारी किया जाए या नहीं। पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी खराब है और उसे डर है कि भारत, IMF के कर्ज की किस्त को रोक सकता है। पाकिस्तान को अगर किस्त नहीं मिलता है तो देश दिवालिया होने की तरफ बढ़ सकता है। वहीं जंग की वजह से उसे कई मिलियन डॉलर हर दिन खर्च करने पड़ रहे हैं। गहरे आर्थिक संकट में फंसा है पाकिस्तान भारत से तनाव बढ़ने के बाद कराची स्टॉक एक्सचेंज 1100 से ज्यादा अंक गिरकर नेपाल स्टॉक एक्सचेंज से भी नीचे जा चुका है। डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया ऐतिहासिक स्तर पर नीचे जा चुका है और विदेशी निवेशकों ने भारत से जंग की आशंका के डर से पाकिस्तानी बाजार से तेजी से अपने निवेश को निकालना शुरू कर दिया है, जिससे रुपया और ज्यादा गिरा है। पाकिस्तान को अब सिर्फ IMF से राहत की उम्मीद है। विश्लेषकों का कहना है कि युद्ध लंबे समय तक खिंचा, तो पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था 1998 के बाद सबसे बड़े संकट में घिर सकती है। पाकिस्तानी रुपया 320 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है और पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में भी तेजी से गिरावट आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में ब्याज दरें 23 प्रतिशत और महंगाई दर 36 प्रतिशत को पार कर चुका है। पाकिस्तानी वित्त मंत्रालय बार बार चेतावनी देती रहती है कि अगर राहत नहीं मिलती है तो सरकार वेतन, सब्सिडी और आयात के बिल चुकाने में असमर्थ हो जाएगी। दूसरी तरफ पाकिस्तान ने भारत के साथ जंग भी शुरू कर दी है। जंग लड़ना आसान नहीं होता है। सैनिकों को एक जगह से दूसरे जगह भेजने, फाइटर जेट्स के ऑपरेशन, मिसाइल चलाने और तमाम साजो सामान जुटाने में हर दिन का खर्च कई मिलियन डॉलर से ज्यादा का होता है। ऐसे में पाकिस्तान के लिए ज्यादा दिनों तक भारत के खिलाफ जंग लड़ना आर्थिक मोर्चे पर भी विनाशक साबित होगा। मूडी इसको लेकर पिछले हफ्ते चेतावनी जारी कर चुका है।

पकिस्तान को मुँह की खानी पड़ी, वह अमेरिका से लगातार मदद की गुहार भी लगा रहा

नई दिल्ली भारत के ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है. वह लगातार भारत पर हमले की कोशिश कर रहा है. लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ रही है. इस बीच वह अमेरिका से लगातार मदद की गुहार भी लगा रहा है. लेकिन इस बीच अमेरिका ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि भारत और पाकिस्तान की इस मौजूदा स्थिति में अमेरिका हस्तक्षेप नहीं करेगा. यह अमेरिका का काम नहीं है. वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि हम दोनों पक्षों से तनाव कम करने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं. लेकिन हम जंग के बीच में इसमें शामिल नहीं होंगे क्योंकि यह हमारा काम नहीं है और हम इसे कंट्रोल नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि अमेरिका, भारतीयों से हथियार डालने को नहीं कह सकता. हम पाकिस्तानियों से हथियार डालने को नहीं कह सकते. हम डिप्लोमैटिक माध्यमों से इसे हल कर सकते हैं. हमारी उम्मीद है कि मौजूदा स्थिति किसी तरह के व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या परमाणु युद्ध में तब्दील नहीं हो. हालांकि, अभी हमें नहीं लगता कि ऐसा होगा. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर मौजूदा स्थिति को लेकर मैं कुछ मदद कर सकूं तो मैं करूंगा. यह भयावह स्थिति है. मेरे भारत और पाकिस्तान दोनों से अच्छे संबंध हैं और मैं चाहता हूं कि दोनों इस मुद्दो को हल करें. वहीं, इससे पहले पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र से भी बड़ा झटका लगा था. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक क्लोज-डोर मीटिंग की थी. पाकिस्तान के अनुरोध के बाद की गई इस मीटिंग में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला था.   यूएनएससी में बंद कमरे में सोमवार दोपहर को डेढ़ घंटे हुई बैठक के बाद पाकिस्तान की फजीहत हुई थी. संयुक्त राष्ट्र ने इस बैठक के बाद ना तो किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी किया और ना किसी तरह का रिजॉल्यूशन पारित किया गया. इस बैठक के दौरान पाकिस्तान ने लगातार झूठे बयान दिए थे. उन्होंने कहा था कि भारत ने सिंधु नदी समझौते को सस्पेंड करने के कदम को गैरकानूनी करार दिया. इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को खतरा है.  

इंडिया के जबरदस्त प्रहार से पाकिस्तान की हेकड़ी निकली, दो JF-17 और एक F-16 फाइटर जेट को मार गिराया

नई दिल्ली भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब तक की चरम स्थिति पर है. इंडिया के जबरदस्त प्रहार से पाकिस्तान की हेकड़ी निकल गई है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के दो JF-17 और एक  F-16 फाइटर जेट को मार गिराया है. साथ ही पाकिस्तान एयरफोर्स का AWACS विमान पाकिस्तान के ही पंजाब प्रांत में ध्वस्त कर दिया गया. बताया जा रहा है कि यह विमान पाकिस्तान की सीमा में गिरा. इसके अलावा सीमा पर ड्रोन हमलों को भी सेना की एयर डिफेंस यूनिट्स ने जवाब दिया. भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, पाकिस्तान ने गुरुवार को जम्मू स्थित एयरस्ट्रिप पर रॉकेट दागे. हालांकि भारतीय सेना की सतर्कता और ताकतवर वायु रक्षा प्रणाली ने इस हमले को पूरी तरह नाकाम कर दिया. आइए जानते हैं कि भारत के पास मौजूद किन हथियारों ने पाकिस्तान को घुटने पर लाने में मदद की है. कल रात, जब पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा और इंटरनेशनल बॉर्डर्स के साथ कई जगहों पर स्वार्म ड्रोन भेजने की कोशिश की, तो उधमपुर, सांबा, जम्मू, अखनूर, नगरोटा और पठानकोट क्षेत्रों में भारतीय सेना की वायु डिफेंस यूनिट्स द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए काउंटर-ड्रोन ऑपरेशन के दौरान 50 से ज्यादा ड्रोन्स को नष्ट कर दिया गया. भारत ने एस-400, एल-70 एंटी-एयरक्राफ्ट गन और सोवियत मूल की ZSU-23-4 शिल्का यूनिट्स सहित ड्रोन रोधी और कम ऊंचाई वाले एयर डिफेंस सिस्टम की पूरी सीरीज तैनात कर दी है. इसके अलावा अन्य एडवांस काउंटर-यूएएस इक्विपमेंट का बड़े स्तर उपयोग किया गया, जिससे हवाई खतरों का मुकाबला करने की सेना की मजबूत क्षमता का प्रदर्शन हुआ. एस-400 इंडिया-पाकिस्तान बॉर्डर पर S-400 ने पाकिस्तान के मंसूबे को शिकस्त दी है. पाकिस्तान ने गुरुवार को जम्मू स्थित एयरस्ट्रिप पर रॉकेट दागे. हालांकि, भारतीय सेना की सतर्कता और ताकतवर वायु रक्षा प्रणाली ने इस हमले को पूरी तरह नाकाम कर दिया. भारतीय सेना की आधुनिक S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की ओर से दागे गए 8 मिसाइलों को हवा में ही खत्म कर दिया. सेना के सूत्रों के मुताबिक, इन मिसाइलों का निशाना जम्मू एयरस्ट्रिप था, लेकिन वक्त पर जवाबी कार्रवाई से बड़ा नुकसान टाल दिया गया. INS विक्रांत भारत के पास मौजूद INS विक्रांत ने समंदर में ताकत दिखाई. पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से बढ़े तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने पहले ही आईएनएस विक्रांत को अरब सागर में तैनात कर रखा है. नौसेना का ये स्ट्राइक शिप करवर तट के पास तैनात किया गया था. इसके स्ट्राइक ग्रुप में एक विमानवाहक पोत, विध्वंसक, फ्रिगेट, पनडुब्बी रोधी युद्धपोत और अन्य सहायक जहाज शामिल हैं. मसलन, भारत की तीनों सेनाओं ने मिलकर पहले पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह किया और इसके बाद ऐसा लगता है कि पाकिस्तान ने जंग की ठान ली है, जिसका सेनाओं माकूल जवाब दे रही हैं. ZSU-23-4 शिल्का रूसी उपनाम ‘शिल्का’ से मशहूर, यह ऑटोमेटिक सिस्टम एक ट्रैक किए गए चेसिस पर चार 23 मिमी ऑटोकैनन लगाती है, जो 20 किमी दूर तक के टारगेट का पता लगाने में सक्षम रडार द्वारा निर्देशित होती है. यह प्रति मिनट 4,000 राउंड तक फायर कर सकता है और हाल ही में इसे छोटे ड्रोन से निपटने के लिए प्रॉक्सिमिटी-फ़्यूज़ गोला-बारूद और उन्नत फायर-कंट्रोल सिस्टम के साथ अपग्रेड किया गया है. इसकी तेज़ फ़ायर और रडार सटीकता इसे न केवल यूएवी बल्कि हेलीकॉप्टर और हल्के बख्तरबंद वाहनों के लिए भी घातक बनाती है. आकाश मिसाइल सिस्टम 7-8 मई 2025 की रात को पाकिस्तान ने श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, चंडीगढ़, और अन्य 15 शहरों में भारतीय सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने की कोशिश की. आकाश मिसाइल सिस्टम ने श्रीनगर की ओर बढ़ रहे एक पाकिस्तानी JF-17 जेट को नष्ट किया. इस प्रणाली ने ड्रोनों और मिसाइलों को ट्रैक और नष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. भारत द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एक मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइल प्रणाली है, जिसे डीआरडीओ (DRDO) ने डिज़ाइन किया है. यह भारतीय सेना और वायुसेना की रीढ़ है. 8 मई 2025 को पाकिस्तान द्वारा भारत के 15 शहरों में सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले की कोशिश को भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने पूरी तरह नाकाम कर दिया. ये हथियार सिस्टम भारत की एयर डिफेंस रणनीति का अभिन्न हिस्सा हैं. दुश्मन के हवाई खतरों को नष्ट करने में सक्षम हैं.

कराची समेत पूरा पाकिस्तान कुछ ही मिनटों में तबाह कर सकता है INS Vikrant जानिए ताकत

नई दिल्ली पहलगाम आंतकी हमले के भारतीय नौसेना ने अपने पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत INS Vikrant को अरब सागर में करवर तट के पास तैनात किया है. इस युद्धपोत के स्ट्राइक ग्रुप में  एक विमानवाहक पोत, विध्वंसक, फ्रिगेट, पनडुब्बी रोधी युद्धपोत और अन्य सहायक जहाज शामिल हैं. यह समूह एक शक्तिशाली इकाई के रूप में काम करता है, जो विभिन्न समुद्री अभियानों में भाग ले सकता है. ये ग्रुप एक मजबूत सुरक्षा कवच बनाती हैं जो वायु, सतह और पनडुब्बी से बचाव करती हैं. अगर ये स्ट्राइक ग्रुप किसी भी समय पाकिस्तानी नौसेना के छक्के छुड़ा सकती है. कराची और ग्वादर बंदरगाह तक और पूरे पाकिस्तान को तबाह कर सकता है. कितने युद्धपोत हैं इस स्ट्राइक ग्रुप में? आईएनएस विक्रांत का डिस्प्लेसमेंट 45 हजार टन है. यह 262 मीटर लंबा और 59 मीटर चौड़ा है. यह अपने ऊपर 40 फाइटर जेट्स को लेकर चल सकता है. INS विक्रांत में जनरल इलेक्ट्रिक के ताकतवर टरबाइन लगे हैं. जो इसे 1.10 लाख हॉर्सपावर की ताकत देते हैं. इस पर MiG-29K लड़ाकू विमान और 10 Kmaov Ka-31 हेलिकॉप्टर के दो स्क्वॉड्रन हैं. इस विमानवाहक पोत की स्ट्राइक फोर्स रेंज 1500 km है. इसपर 64 बराक मिसाइलें लगी हैं. जो पोत से हवा में मार करने में सक्षम हैं. ब्रह्मोस मिसाइलें भी लैस हैं, जिनसे पाकिस्तान डरता है. कोलकाता क्लास का पहला विध्वंसक. 2014 से नौसेना में तैनात. मोटो है हमेशा युद्द के लिए तैयार. 7500 टन डिस्प्लेसमेंट वाले इस जंगी जहाज की लंबाई 535 फीट है. बीम 57 फीट की है. अधिकतम 56 km/hr की गति से चल सकता है. छह तरह के आधुनिक सेंसर्स से लैस. तीन तरह के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और डेकॉय सिस्टम से लैस. 32 बराक-8 और 16 ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस. 1 ओटो मेलारा 76 mm नेवल गन, 4 एके-630 CIWS, 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से लैस. इस पर दो सी किंग या ध्रुव हेलिकॉप्टर तैनात हो सकते हैं.   विशाखापट्टनम क्लास का पहला स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक. 2021 से नौसेना में तैनात. 7400 टन का डिस्प्लेसमेंट. लंबाई 535 फीट. बीम 57 फीट है. अधिकतम गति 56 km/hr. रेंज 7400 km है. समंदर में 45 दिन रहने की क्षमता. 50 अधिकारी और 250 नौसैनिक इसमें सवार हो सकते हैं. 6 कवच डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसमें 32 बराक 8 मिसाइलें, 16 ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइल 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स, 7 प्रकार के गन्स होते हैं. ध्रुव और सी किंग हेलिकॉप्टर तैनात हैं. 21 इंच के 4 टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. साथ ही 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स भी लगाए गए हैं. यह विशाखापट्टनम क्लास का स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर है. 24 नवंबर 2022 से नौसेना में तैनात. यह 7400 टन डिस्प्लेसमेंट का जंगी जहाज है. 535 फीट लंबे इस युद्धपोत की अधिकतम गति 56 KM प्रतिघंटा है. इस पर 300 नौसैनिक रह सकते हैं. 6 कवच डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसमें 32 बराक 8 मिसाइलें, 16 ब्रह्मोस एंटी शिप मिसाइल 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स, 7 प्रकार के गन्स होते हैं. ध्रुव और सी किंग हेलिकॉप्टर तैनात हैं. 21 इंच के 4 टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. साथ ही 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर्स भी लगाए गए हैं.   कोलकाता क्लास का स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर. 2016 से नौसेना की ताकत बना हुआ है. मोटो है शत्रु संहारक. 7500 टन डिस्प्लेसमेंट वाले इस जंगी जहाज की लंबाई 535 फीट है. बीम 57 फीट की है. अधिकतम 56 km/hr की गति से चल सकता है. छह तरह के आधुनिक सेंसर्स से लैस. तीन तरह के इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और डेकॉय सिस्टम से लैस. 32 बराक-8 और 16 ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस. 1 ओटो मेलारा 76 mm नेवल गन, 4 एके-630 CIWS, 4 टॉरपीडो ट्यूब्स, 2 आरबीयू-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर से लैस. इस पर दो सी किंग या ध्रुव हेलिकॉप्टर तैनात हो सकते हैं.   तलवार क्लास के सभी जंगी जहाज असल में स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट हैं. इन जंगी जहाजों का समंदर में डिस्प्लेसमेंट 3850 टन होता है. इनकी लंबाई 409.5 फीट, बीम 49.10 फीट और ड्रॉट 13.9 फीट है. ये जंगी जहाज समंदर में अधिकतम 59 km/hr की रफ्तार से चलते हैं. अगर इनकी गति को 26 km/hrकिया जाएगा तो ये 4850 km की रेंज कवर करते हैं. INS Talwar 18 अधिकारियों समेत 180 सैनिकों को लेकर 30 दिन तक समंदर में रह सकता है. उसके बाद इसमें रसद और ईंधन डलवाना पड़ता है. ये जंगी जहाज इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम से लैस हैं. साथ ही 4 केटी-216 डिकॉय लॉन्चर्स लगे हैं. इसके अलावा इसमें 24 Shtil-1 मीडियम रेंज की मिसाइलें तैनात हैं. 8 इगला-1ई, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप मिसाइल क्लब, 8 वर्टिकल लॉन्च एंटी-शिप और लैंड अटैक ब्रह्मोस मिसाइल भी तैनात है. इसमें एक 100 मिलिमीटर की A-190E नेवल गन लगी है. इसके अलावा एक 76 mm की ओटो मेलारा नेवल गन लगी है. 2 AK-630 CIWS और 2 काश्तान CIWS गन लगी हैं. इन खतरनाक बंदूकों के अलावा दो 533 मिलिमीटर की टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. एक रॉकेट लॉन्चर भी तैनात की गई है. इस जंगी जहाज पर एक कामोव-28 या एक कामोव-31 या ध्रुव हेलिकॉप्टर लैस हो सकता है.  

133 कार्डिनल निर्वाचकों ने कैथोलिक चर्च के लिए एक नया नेता चुन लिया, रॉबर्ट प्रीवोस्ट बने ईसाई धर्मगुरु

  वेटिकन सिटी वेटिकन सिटी में सिस्टिन चैपल की चिमनी से सफेद धुएं का गुबार उठ गया है. इसका मतलब है कि कैथोलिक चर्च के कार्डिनल्स ने अगले पोप को चुन लिया है. गुरुवार को सेंट पीटर के स्क्वेयर में सीनियर कार्डिनल्स ने ऐलान किया कि अमेरिका के रॉबर्ट प्रीवोस्ट कैथोलिक चर्च के नए पोप होंगे और उन्हें पोप लियो XIV के नाम से जाना जाएगा. रॉबर्ट प्रीवोस्ट पहले अमेरिकी पोप हैं. पोप लियो सेंट पीटर्स बेसिलिका की सेंट्रल बालकनी में सिस्टिन चैपल की चिमनी से सफेद धुआं निकलने के करीब 70 मिनट बाद दिखाई दिए. फिर स्पष्ट हुआ कि 133 कार्डिनल निर्वाचकों ने कैथोलिक चर्च के लिए एक नया नेता चुन लिया है. नए पोप के रूप में रॉबर्ट प्रीवोस्ट के नाम की घोषणा फ्रांस के कार्डिनल डोमिनिक माम्बरटी ने की. सेंट पीटर्स स्क्वेयर में जुटे हजारों लोगों के बीच उन्होंने कहा कि ‘हमारे पास एक पोप है.’ कौन हैं रॉबर्ट प्रीवोस्ट? 69 वर्षीय रॉबर्ट प्रीवोस्ट मूल रूप से शिकागो के रहने वाले हैं. प्रीवोस्ट ने अपना ज्यादातर करियर पेरू में एक मिशनरी के रूप में बिताया है और वह 2023 में ही कार्डिनल बने थे. उन्होंने बहुत कम मीडिया इंटरव्यूज दिए हैं और सार्वजनिक रूप से कम ही बात करते हैं. पोप फ्रांसिस की मृत्यु के बाद लियो 267वें कैथोलिक पोप बने हैं. पोप फ्रांसिस पहले लैटिन अमेरिकी पोप थे और उन्होंने 12 साल तक कैथोलिक चर्च का नेतृत्व किया था. क्या है पोप चुनने की प्रक्रिया? कैथोलिक परंपरा के अनुसार, Papel Conclave में नए पोप को चुना जाता है. इसमें दुनियाभर से आए कार्डिनल्स पोप को चुनते हैं. कार्डिनल्स कैथोलिक चर्च के सबसे उच्च रैंक वाले पादरी होते हैं. कार्डिनल्स दरअसल दुनियाभर के बिशप और वेटिकन के अधिकारी होते हैं जिन्हें निजी तौर पर पोप के द्वारा ही चुना जाता है. ये कार्डिनल्स नया पोप चुनने के लिए कई बैठकें करते हैं. बता दें कि नए पोप के लिए वोटिंग वेटिकन सिटी के सिस्टीन चैपल में होती है. 80 से कम उम्र के कार्डिनल्स को वोट देने का अधिकार होता है. वोटिंग और बैठक की पूरी प्रकिया गुप्त रखी जाती है. इस दौरान कार्डिनल्स को बाहरी दुनिया से संपर्क की अनुमति नहीं होती है. कार्डिनल्स सीक्रेट बैलेट से वोट करते हैं. हर दिन चार राउंड तक वोटिंग चलती है और तब तक चलती है जब तक किसी उम्मीदवार को दो-तिहाई वोट नहीं मिल जाते. इस प्रक्रिया की शुरुआत में स्पेशल मॉर्निंग गेदरिंग होती है, जहां 120 कार्डिनल सिस्टिन चैपल में इकट्ठा होते हैं. यही 120 कार्डिनल नए पोप का चुनाव करते हैं. इस अहम मीटिंग के बाद कार्डिल सभी को बाहर जाने को कहते हैं. इससे पहले ये कार्डिनल गोपनीयता की शपथ लेते हैं और नया पोप चुने जाने तक खुद को कॉनक्लेव के भीतर कैद कर लेते हैं. इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि पहले दिन की वोटिंग में ही नया पोप मिल जाए. काले और सफेद धुएं का क्या मतलब है? नतीजों के ऐलान के लिए तीन कार्डिनल्स को नियुक्त किया जाता है. ये कार्डिनल्स हर बैलेट के नतीजों को जोर से पढ़ते हैं. अगर किसी भी उम्मीदवार को निर्धारित दो-तिहाई वोट नहीं मिलते तो बैलेट को स्टोव में जला दिया जाता है. जिन रसायनों के जरिए इन बैलेट को जलाया जाता है उससे बेहद काला धुंआ बाहर निकलता है. ठीक इसी तरह जब किसी उम्मीदवार को किसी राउंड में जरूरी दो-तिहाई वोट मिल जाते हैं तो कॉलेज ऑफ कार्डिनल्स के डीन से कहा जाता है कि क्या वह इसे स्वीकार करते हैं. अगर वह इसे स्वीकार कर लेता है तो इसके बाद अंतिम राउंड के बैलेट को जला दिया जाता है लेकिन इस बार जिन रसायनों के इस्तेमाल से बैलेट जलाए जाते हैं उससे बाहर सफेद धुंआ निकलता है जिससे बाहरी दुनिया को पता चलता है कि नया पोप चुन लिया गया है.

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