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मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी, प्रोजेक्ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य.

मुंबई मुंबई के थाणे इलाके में एक ऐसा रेलवे स्‍टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 11 मंजिल होगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही नहीं, बल्कि लोगों के मनोरंजन को ध्‍यान में रखकर बनाया जा रहा है. रेलवे स्‍टेशन के ऊपर ही मॉल, ऑफिस स्‍पेस और रिटेल शॉप भी होंगी. यह प्रोजेक्‍ट रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ सरकार के लिए मोटा राजस्‍व भी पैदा करेगा. थाणे रेलवे स्‍टेशन के प्‍लेटफॉर्म 10ए के पास 9,000 वर्गमीटर एरिया में इस प्रोजेक्‍ट को डेवलप किया जाएगा. इसके साथ ही 24,280 वर्गमीटर का लीज स्‍पेस भी रहेगा. इस जगह को 60 साल की लीज पर दिया जा सकता है. प्रोजेक्‍ट को 30 जून, 2026 तक पूरा करने का लक्ष्‍य रहेगा. इस रेलवे स्‍टेशन के पास कनेक्टिविटी का पूरा ख्‍याल रखा गया है, जिसे बस और मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा. क्‍या-क्‍या सुविधाएं होंगी रेलवे स्‍टेशन के बेसमेंट में पार्किंग की सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही रेलवे की सुविधाएं भी यहां दी जाएंगी. इससे जुड़ा ही बस का डेक बनाया जाएगा, जहां से लोकल बस पकड़ी जा सकेगी. नीचे के 2 फ्लोर पर यह सभी सुविधाएं उपलब्‍ध कराई जाएंगी. ऊपर के फ्लोर को कॉमर्शियल यूज के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा. इन फ्लोर पर शॉपिंग और रिटेल शॉप बनाई जाएंगी. यह रेलवे स्‍टेशन सिर्फ कनेक्टिविटी को ही बढ़ावा नहीं देगा, बल्कि लोगों को सुविधाएं भी उपलब्‍ध कराएगा. ऊपर के फ्लोर पर फूड कोर्ट और रेस्‍तरां भी बनाए जाएंगे. यहां बच्‍चों के लिए गेमिंग जोन होगा, जबकि ऑफिस के लिए भी बड़ा स्‍पेस तैयार किया जा रहा है. होटल और सर्विस अपार्टमेंट के अलावा इस पर कोचिंग इंस्‍टीट्यूट भी बनाया जाएगा. किन जगहों के लिए होगी कनेक्टिविटी इस स्‍टेशन पर ट्रेन के अलावा अन्‍य साधनों की कनेक्टिविटी भी उपलब्ध कराई जाएगी. इस पर 2.24 किलोमीटर का एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, जो ईस्‍टर्न एक्‍सप्रेसवे को सीधे रेलवे स्‍टेशन से जोड़ेगा. प्‍लेटफॉर्म 10 के पास से बस मूवमेंट के लिए डेक बनाया जाएगा, ताकि यात्रियों को ट्रेन से उतरकर बस पकड़ने के लिए दूर न जाना पड़े. इस प्रोजेक्‍ट को रेल लैंड डेवलपमेंट अथॉरिटी और थाणे म्‍यूनिसिपल कॉरपोरेशन मिलकर बना रहे हैं.

मिडिल ईस्ट के हथियार बाजार में चीन को बड़ा झटका, शी जिनपिंग की स्ट्रैटजी की क्राउन प्रिंस ने निकाली हवा

रियाद  चीन की मिडिल ईस्ट स्ट्रैटजी को तगड़ा झटका देते हुए सऊदी अरब ने J-35 स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने से इनकार कर दिया है। शी जिनपिंग के लिए ये बहुत बड़ा झटका है। क्योंकि शी जिनपिंग की स्ट्रैटजी के मुताबिक खाड़ी के ताकतवर देशों में चीनी हथियारों से अमेरिकी हथियारों को रिप्लेस करना था। शी जिनपिंग चाहते थे कि सऊदी अरब जैसे ताकतवर देश अगर J-35 स्टील्थ फाइटर खरीदते हैं, तो ना सिर्फ चीनी जेट्स की बिक्री बढ़ेगी, बल्कि रणनीतिक तौर पर मिडिल ईस्ट में अमेरिकी हथियारों के लिए भी वो दरवाजे बंद कर सकता है। लेकिन IDRW की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने चीन को उस वक्त झटका दिया है, जब पिछले साल नवंबर में जी-20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था और चीनी अधिकारी झुहाई एयर शो के कामयाब होने का जश्न मना रहे थे। चीन ने बार बार दावा किया था कि सऊदी अरब चीनी स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने वाला है। लेकिन जी-20 शिखर सम्मेलन ने एक कहानी के एक नये अध्याय को ही खोलकर रख दिया है। नई रिपोर्ट में कहा गया है की सऊदी अरब अब छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण के लिए ब्रिटेन, इटली और जापान के साथ मिलकर काम करने वाला है और इन देशों के बीच प्रोजेक्ट को लेकर बातचीत एडवांस स्तर तक पहुंच चुकी है। माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक ये सौदा पक्का हो जाएगा। इस दौरान प्रोजेक्ट की रूपरेखा तय कर ली जाएगी। चीन को सऊदी ने दिया बहुत बड़ा झटका चीन के लिए ये पैरों तले जमीन खिसकाने वाला झटका है। मिडिल ईस्ट में उसकी रणनीति पश्चिमी देशों के प्रभुत्व को कमजोर करने की थी। इसके अलावा वो J-35 स्टील्थ फाइटर के लिए बड़े बाजार की तलाश कर रहा है। अभी तक J-35 स्टील्थ फाइटर को खरीदने के लिए सिर्फ पाकिस्तान तैयार हुआ है। एक्सपर्ट्स लगातार J-35 स्टील्थ फाइटर की क्षमता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पाकिस्तान भी चीनी प्रेशर की वजह से इस फाइटर को खरीदने के लिए तैयार हुआ है। लेकिन सऊदी अरब के सामने ऐसी कोई दिक्कत नहीं थी। सऊदी अरब के इनकार के बाद कई और देश, जिनके साथ चीन J-35 स्टील्थ फाइटर की बिक्री को लेकर बातचीत कर रहा था, वो सौदे से पीछे हट सकते हैं। इसकी टेक्नोलॉजी पर अब शक के बादल और गहरे हो गये हैं। IDRW की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने ये फैसला अचानक नहीं लिया है। बल्कि चीन की तरफ से करीबी संबंध बनाने के बावजूद बीजिंग की मानसिकता को लेकर सतर्क रहा है। उसने चीनी सैन्य हार्डवेयर को लेकर संतुलित रवैया अपनाया है। उसने कुछ चीनी हथियार जरूर खरीदे हैं, लेकिन स्ट्रैटजिक हथियार अभी तक नहीं खरीदे हैं। लिहाजा एक्सपर्ट्स इसे सिर्फ सऊदी अरब की हथियार खरीद में विविधिता के नजरिए से ही देख रहे हैं। IDRW ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सऊदी अरब और पश्चिमी देशों के अधिकारी पहले से ही गोपनीय स्तर पर इस नये प्रोजेक्ट पर बातचीत कर रहे हैं। पश्चिमी देशों के बीच फाइटर जेट निर्माण के लिए हाई टेक्नोलॉजी है, जो सऊदी और पश्चिमी देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीति का संकेत देता है। जे-35 लड़ाकू विमान को नहीं मिल रहा खरीददार? पाकिस्तान के अलावा किसी भी और देश ने अभी तक जे-35 लड़ाकू विमान को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई है। चीनी फाइटर जेट हालांकि एफ-35 जैसे अमेरिकी फाइटर जेट्स की तुलना में काफी सस्ता है और इसका मेटिनेंस भी कम खर्चीला है, लेकिन ये प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहा है। फरवरी 2024 में सऊदी अरब में आयोजित ग्लोबल एयरशो के दौरान चीन ने FC-31 को प्रदर्शन के लिए भेजा था। FC-31 लड़ाकू विमान, J-35 का पूर्व वैरिएंट है। लेकिन FC-31 भी डिफेंस एक्सपर्ट्स को प्रभावित नहीं कर पाया। चीन की डिफेंस इंडस्ट्री ने बहुत शानदार तरक्की की है और देश की रक्षा जरूरतों को पूरा किया है। लेकिन बावजूद इसके चीन को विदेशी ग्राहकों की तलाश के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। मध्य-पूर्व से चीन को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वहां भी उसे कामयाबी नहीं मिल पा रही है। इन बातों के अलावा भी साल 2019 से 2023 तक चीन के हथियार कंपोनेंट्स में 77% हिस्सा रूस से आयात किया गया था। वहीं चीन कई क्रिटिकल हथियारों के लिए फ्रांस और रूस पर भी निर्भर था, लिहाजा यह निर्भरता चीन के आत्मनिर्भरता और तकनीकी कौशल के दावों पर सवाल उठाती है।

वैष्णो देवी मंदिर ने वित्त वर्ष 24 में 683 करोड़ रुपये कमाए, प्रसाद और धार्मिक समारोह जीएसटी से मुक्त

श्रीनगर दुनिया में भारत मंदिरों का देश है, यहां मंदिरों की संख्या लाखों में है. लेकिन, क्या आप जानते हैं देश का सबसे अमीर मंदिर कौन-सा है? दरअसल, मंदिरों की कमाई और उस पर टैक्स को लेकर इन दिनों एक सियासी बहस छिड़ी हुई है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी सरकार मंदिरों को जीएसटी बकाया का नोटिस भेज रही है. उधर, बीजेपी ने इस मामले में कांग्रेस पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया है. आइये आपको बताते हैं देश के सबसे अमीर मंदिर की कमाई और टैक्स के बारे में… कहां है स्थित है सबसे दौलतमंद मंदिर मनीकंट्रोल ने अपनी रिपोर्ट में एक विश्लेषण के बाद पाया है कि भारत का सबसे अमीर मंदिर ट्रस्ट तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTS) है, जो वित्त वर्ष 2025 में अपनी 4,774 करोड़ रुपये की वार्षिक आय पर 1.5 प्रतिशत से कम वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का भुगतान करेगा. नवंबर 2024 में, देश के सबसे धनी मंदिरों में से एक तिरुवनंतपुरम के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर को बकाया टैक्स भुगतान के लिए नोटिस भेजा गया था. मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि 7 साल की अवधि के लिए मांग केवल 1.57 करोड़ रुपये की थी, जबकि मंदिर ने अकेले 2014 में 700 करोड़ रुपये कमाए हैं. करोड़ों का चढ़ावा, ब्याज से भी कमाई जम्मू के कटरा में स्थित वैष्णो देवी मंदिर ने वित्त वर्ष 24 में 683 करोड़ रुपए कमाए, जिसमें से 255 करोड़ रुपए चढ़ावे से आए, जो टैक्स-फ्री हैं और 133.3 करोड़ रुपए ब्याज से आए. टीटीडी के मामले में, 4,800 करोड़ रुपए की कमाई में से एक तिहाई से अधिक हुंडी संग्रह से आए. इस मामले में जीएसटी के तहत टैक्स लायबिलिटी वित्त वर्ष 21 से पांच वर्षों में लगभग 130 करोड़ रुपये रही है. हालांकि, इस मामले में मंदिरों के डिटेल विवरण उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन भारत के दो सबसे बड़े मंदिर ट्रस्टों की आय पिछले सात वर्षों में दोगुनी हो गई है. साल दर साल बढ़ी मंदिरों की आय -तिरुपति ट्रस्ट का वित्त वर्ष 2017 में बजट 2,678 करोड़ रुपये था, जो इसकी वेबसाइट के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में बढ़कर 5,145 करोड़ रुपये हो गया. -वैष्णो देवी ट्रस्ट की आय वित्त वर्ष 2017 में 380 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2024 में 683 करोड़ रुपये हो गई है. जीएसटी भुगतान की रकम संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, तिरुपति मंदिर ने वित्त वर्ष 2017 में 14.7 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2022 में 15.58 करोड़ रुपये, वित्त वर्ष 2023 में 32.15 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024 में 32.95 करोड़ रुपये का जीएसटी भुगतान किया. धार्मिक समारोह और प्रसाद होते हैं ‘टैक्स फ्री’ -प्रसाद और धार्मिक समारोह जीएसटी संग्रह से मुक्त हैं. टीटीडी और वैष्णो देवी के मामले में यह आय एक तिहाई से अधिक थी. -वित्त वर्ष 24 में वैष्णो देवी मंदिर ट्रस्ट ने अपनी आय का 37 प्रतिशत दान से अर्जित किया. वहीं, वित्त वर्ष 25 में टीटीडी को दान से लगभग 4,800 करोड़ रुपये अर्जित करने की उम्मीद है. -यदि कमरे का शुल्क 1,000 रुपये से अधिक है और यदि सामुदायिक हॉल या खुले क्षेत्र का शुल्क 10,000 रुपये से अधिक है, तो परिसर के किराये पर जीएसटी लगाया जाता है. -व्यवसाय के लिए किराए पर दी गई दुकानों और अन्य स्थानों पर भी जीएसटी नहीं लगता है, यदि मासिक किराया 10,000 रुपये से कम है. -ट्रस्ट द्वारा संचालित स्मारिका दुकानों और अन्य वाणिज्यिक उपक्रमों पर जीएसटी लागू है. वैष्णो देवी ट्रस्ट एक हेलीकॉप्टर सेवा और स्मारिका दुकानें चलाता है. -ट्रस्ट ने वित्त वर्ष 24 में बिक्री से 19 प्रतिशत या 129.6 करोड़ रुपये और किराये की आय से 84 करोड़ रुपये या 12 प्रतिशत कमाए.

नेपल्स शहर में 40 वर्षों में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है, कुछ ही मिनटों में घर ढह गए, लोग मलबे के नीचे फंसे

नेपल्स इटली के शहर नेपल्स में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे कई इमारतों और संपत्तियों को नुकसान हुआ और स्थानीय लोगों में डर फैल गया। यह शहर में 40 वर्षों में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप है, जिसके कारण कुछ ही मिनटों में घर ढह गए और कुछ निवासी मलबे के नीचे फंस गए। इटली के भूकंप वैज्ञानिकों के अनुसार, यह भूकंप गुरुवार सुबह 1:25 बजे स्थानीय समय के अनुसार आया था। भूकंप की गहराई केवल दो मील (लगभग 3.2 किलोमीटर) थी। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने इसे 4.2 तीव्रता का भूकंप बताया और उसकी गहराई 10 किलोमीटर (6.2 मील) मापी। स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप आने से कुछ क्षण पहले उन्होंने “बहुत तेज़ गर्जना” सुनी और तड़के इतालवी शहर जाग उठा। भूकंप के कारण मलबा ज़मीन पर गिर गया और इमारतें हिलने लगीं, जिसके बाद क्षेत्र और उसके आस-पास के कई लोगों ने रात सड़कों पर बिताई। नेपल्स, जो कैंपी फ्लेग्रेई (Campi Flegrei) ज्वालामुखी के पास स्थित है, ज्वालामुखीय गतिविधि के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र वेसुवियस (Vesuvius) ज्वालामुखी के साथ कैम्पेनियन ज्वालामुखीय श्रृंखला का हिस्सा है, जो अक्सर भूकंपीय गतिविधियों से प्रभावित होता है।  

सूडान में आवासीय इलाकों और एक आश्रय केंद्र पर अर्धसैनिक बलों के हमले में 10 लोगों की मौत, 23 घायल

सूडान सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) ने बताया कि पश्चिमी सूडान के उत्तरी दारफुर राज्य की राजधानी अल फशर में आवासीय इलाकों और एक आश्रय केंद्र पर अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) ने गोलाबारी की थी, जिसमें 10 लोग मारे गए और 23 अन्य घायल हो गए। सूडानी सशस्त्र बलों की 6वीं इन्फैंट्री डिवीजन ने एक बयान में कहा, “विद्रोही मिलिशिया ने अल फशर शहर के इलाकों और एक आश्रय केंद्र पर गोले दागे।” बयान में कहा गया, “इस हमले में 3 साल की बच्ची समेत 10 नागरिकों की मौत हो गई और 23 अन्य घायल हो गए, जिनमें से कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।” एसएएफ ने कहा कि आरएसएफ ने अल फशर के भीतर प्रमुख स्थलों को निशाना बनाकर ड्रोन भी दागे, लेकिन सेना की वायु रक्षा ने उन्हें सफलतापूर्वक मार गिराया। रिपोर्ट के अनुसार, अल फशर में हुए हमले के बारे में आरएसएफ की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की गई। बता दें कि अल फशर पिछले साल 10 मई से सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) के बीच भीषण संघर्ष का केंद्र रहा है। संयुक्त राष्ट्र के क्राइसिस मॉनिटरिंग ग्रुप ‘आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा’ के अनुसार, सूडान में अप्रैल 2023 के मध्य से सूडानी सशस्त्र बल (एसएएफ) और आरएसएफ के बीच एक भयावह संघर्ष चल रहा है, जिसमें करीब 29,683 लोगों की जान जा चुकी है। अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन के अनुमान के अनुसार, संघर्ष ने सूडान के अंदर और बाहर 15 मिलियन से अधिक लोगों को विस्थापित किया है।

भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला, यह रेल मार्ग कारगिल को भी जोड़ेगा जिससे इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी

नई दिल्ली रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को संसद में बताया कि बिलासपुर-मनाली-लेह रेलवे लाइन की अनुमानित लागत 1.31 लाख करोड़ रुपये होगी। यह रेल मार्ग कारगिल को भी जोड़ेगा जिससे इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। लद्दाख के लिए अहम रेलवे प्रोजेक्ट लोकसभा में एक सवाल के जवाब में रेल मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा, “यह रेलवे लाइन लद्दाख क्षेत्र में भी आएगी और इसे रक्षा मंत्रालय ने एक रणनीतिक प्रोजेक्ट के रूप में चिह्नित किया है। 489 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना के लिए सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और अब आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।” श्रीनगर-कारगिल-लेह रेलवे लाइन क्यों नहीं बनी? इससे पहले श्रीनगर-कारगिल-लेह रेलवे परियोजना पर भी काम शुरू हुआ था। यह 480 किलोमीटर लंबी थी और इसकी अनुमानित लागत 55,896 करोड़ रुपये थी। साल 2016-17 में इसका सर्वेक्षण हुआ था लेकिन कम यातायात की संभावना को देखते हुए इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। रणनीतिक और विकास की दृष्टि से बड़ा कदम बिलासपुर-मनाली-लेह रेलवे लाइन रक्षा और विकास दोनों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ लद्दाख और कारगिल की कनेक्टिविटी बेहतर होगी बल्कि यहां के लोगों और सेना के लिए यातायात और आपूर्ति भी आसान होगी।  

एक परिवार के चार सदस्यों ने की आत्महत्या, जांच में जुटी पुलिस

चेन्नई अन्ना नगर में आज सुबह एक परिवार के चार सदस्यों ने कथित तौर पर आत्महत्या कर दी। मरने वालों में डॉक्टर, उनकी पत्नी और दो बेटे शामिल हैं। सभी के शव उनके घर में फंदे से लटके हुए मिले। पुलिस ने सभी शव बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है। डॉक्टर के ड्राइवर ने बताया कि दंपति बेहद खुश और ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा था। केस ने पुलिस को पूरी तरह से उलझा दिया है। प्राथमिक जांच में पुलिस के सामने दो वजहें सामने आई हैं। पुलिस अधिकारियों अनुसार, मरने की वजह कर्ज का बोझ या बेटे पर नीट परीक्षा का दबाव माना जा रहा है। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम में भेजकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर बालामुरुगन पेशे से सोनोलॉजिस्ट थे। उनकी पत्नी सुमथी वकील थीं। उनके दो बेटे नीट परीक्षार्थी जसवंत कुमार और कक्षा 11 के छात्र लिंगेश कुमार दो अलग-अलग कमरों में फांसी पर लटके मिले। डॉ. बालामुरुगन कई अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाते थे। आज सुबह जब उनके घर का ड्राइवर वहां पहुंचा और दरवाजा खटखटाया, तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिसने मौके पर पहुंचकर चारों शव बरामद किए। रिपोर्ट के मुताबिक, एक पुलिस अधिकारी ने बताया “हम इसे आत्महत्या का मामला मान रहे हैं, हालांकि अभी तक किसी ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। यह स्पष्ट नहीं है कि परिवार ने कोई सुसाइड नोट छोड़ा था या फिर वे किसी कर्जदाता के दबाव में थे।”

पति ने पत्नी की गैरमौजूदगी में अपनी ही साली से कर ली शादी, पत्नी से वीडियो कॉल पर कहा अब घर लौटने की जरूरत नहीं

अकोला पति, पत्नी और प्रेम संबंधों पर आधारित कई फिल्में आपने देखी होंगी, लेकिन ऐसे मामले असल जिंदगी में भी सामने आते रहते हैं. ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला महाराष्ट्र के अकोला जिले से सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की गैरमौजूदगी में अपनी ही साली से शादी कर ली. इसके बाद उसने पत्नी को वीडियो कॉल करके कहा कि अब उसे घर लौटने की जरूरत नहीं है. हैरान रह गई पत्नी यह सुनते ही पत्नी हैरान रह गई और गुस्से में अपने परिजनों के साथ पति के घर पहुंची, लेकिन पति ने उसे घर में घुसने नहीं दिया. परेशान पत्नी ने थाने जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराई. जब पुलिस ने पति को थाने बुलाया तो पत्नी ने वहां गुस्से में उसकी पिटाई कर दी. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है. वीडियो कॉल पर पत्नी को बताया सच यह घटना बार्शीटाकली तालुका के विजोरा गांव की है. यहां रहने वाले सूरज तायडे ने 9 महीने पहले कोमला से प्रेम विवाह किया था और उसे जीवनभर साथ निभाने का वादा किया था. शादी के बाद कोमला अपनी पढ़ाई पूरी कर रही थी और परीक्षा के चलते उसे अमरावती जाना पड़ा. परीक्षा समाप्त होने के बाद जब कोमला घर लौटने की तैयारी कर रही थी, तभी उसके पति ने वीडियो कॉल कर कहा कि वह अब उसके साथ नहीं रहना चाहता, इसलिए उसे घर लौटने की जरूरत नहीं है. साली से ही कर ली शादी पत्नी ने जब यह बात अपने परिजनों को बताई तो वे सभी उसके साथ पति के घर पहुंच गए. वहां जाकर उन्होंने देखा कि पति ने उसकी चचेरी बहन श्रेया से शादी कर ली थी. यह देखकर पूरे परिवार का गुस्सा भड़क उठा, लेकिन सूरज ने किसी को भी घर में घुसने नहीं दिया. इसके बाद पत्नी सीधे थाने पहुंची और वहां रोते हुए पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी. थाने में हुई जमकर पिटाई पुलिस ने सूरज को थाने बुलाया. जैसे ही सूरज अपनी नई पत्नी श्रेया के साथ वहां पहुंचा, कोमला ने गुस्से में उसकी पिटाई शुरू कर दी. थाने में काफी देर तक ये हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा. गुस्से से तमतमाई पत्नी अपने पति को लगातार पीटती रही, जिसे रोकने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है. अब देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना का अंजाम क्या होता है.

पाक सेना ने ट्रेन हाईजैक के सभी बंधक छुड़ाए, 24 घंटे चला ऑपरेशन

कराची पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बुधवार रात 9:30 बजे ट्रेन हाईजैक खत्म होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने 33 बलूच लड़ाकों को मार गिराया है।उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में कुछ बंधक भी मारे गए हैं। बाकी सभी बंधकों को रिहा करा लिया गया है। पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि हमारे सैनिकों ने कई विद्रोहियों को नरक भेज दिया है। न्यूज एजेंसी AFP ने पाकिस्तान आर्मी के हवाले से बताया है कि ट्रेन में यात्रा कर रहे 27 ऑफ ड्यूटी पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि 1 सैनिक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मारा गया। जबकि बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का दावा है कि उसने दो दिन में 100 पाकिस्तानी सैनिक मार गिराए हैं। ट्रेन हाईजैक ऑपरेशन लगभग 36 घंटे चला। इसमें 450 लोगों को बंधक बनाया गया था। पाकिस्तानी आर्मी अफसर ने बताया कि 346 बंधकों को छुड़ा लिया गया है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि हमने महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ा लिया है. 212 यात्रियों को बीएलए के चंगुल से छुड़ाया है. विद्रोहियों इस ऑपरेशन में 21 बंधकों की मौत हुई है और सभी 33 विद्रोहियों को मार गिराया है. इससे पहले बीएलए ने 150 से ज्यादा बंधकों को रिहा कर दिया था. 10 पाइंट्स में समझिए अब तक क्या क्या हुआ…     बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कल दोपहर 1 बजे बलूचिस्तान के बोलान जिले के माशकाफ इलाके में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला कर 450 यात्रियों को बंधक बनाया।     BLA ने जेल में बंद बलूच कार्यकर्ताओं, राजनैतिक कैदियों, गायब लोगों, लड़ाकों और अलगाववादियों की बिना शर्त रिहाई की मांग की है। सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।     हमले के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तानी सेना ने पैसेंजर्स की रिहाई के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लड़ाकों पर ड्रोन और हेलिकॉप्टर से हमला किया।     पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि हम ऐसे जानवरों से कोई समझौता नहीं करेंगे, जिन्होंने बेकसूर यात्रियों पर गोलीबारी की।     पाकिस्तानी सेना ने सुबह 150 बंधकों को छुड़ाने की बात कही, शाम होते तक 190 बंधकों को रिहा करने की बात कही।     सेना के अफसर ने बताया विद्रोही विस्फोटक से लदे आत्मघाती जैकेट पहने हुए हैं, इससे बाकी बंधकों को रिहा कराने में मुश्किल हो रही है।     पाक सरकार की तरफ से 200 ताबूत क्वेटा भेजे गए। बताया गया कि ये ताबूत प्रोटोकॉल के तहत भेजे गए हैं।     BLA ने दावा किया कि हमले में 100 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। हालांकि सेना ने अब तक इतनी मौतों की पुष्टि नहीं की।     प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मारे गए लोगों के लिए संवेदना जाहिर की। बताया कि इस ऑपरेशन में दौरान दर्जनों आतंकवादी मारे गये हैं।     पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि 33 बलूच लड़ाके मारे गए हैं और सभी बंधकों को रिहा करा लिया गया है। BLA ने कैसे दिया हमले को अंजाम? पाकिस्तान के क्वेटा से जाफर एक्सप्रेस मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे पेशावर के लिए रवाना हुई थी. इस ट्रेन को दोपहर 1.30 बजे सिब्बी पहुंचना था. लेकिन बोलान के माशफाक टनल में हमला हुआ. ट्रेन जहां से गुजर रही थी, वह पहाड़ी इलाका है. यहां 17 सुरंगें हैं, जिस कारण ट्रेन की रफ्तार धीमी करना पड़ी, जिसका फायदा उठाकर बीएलए ने माशफाक में टनल नंबर-8 को उड़ा दिया. इससे ट्रेन बेपटरी हो गई और ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया था. इस हमले को BLA ने पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया था. BLA के लड़ाके पहले से ही घात लगाकर बैठे थे. हमले के लिए BLA ने अपने सबसे घातक लड़ाके मजीद ब्रिगेड और फतेह को तैयार किया था. पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन की वजह से आतंकी दो समूहों में बंटे हुए थे. बीएलए के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को मशकाफ टनल (Mashkaf Tunnel) में हाईजैक किया था. यह टनल क्वेटा से 157 किलोमीटर की दूरी पर है. यह टनल जिस इलाके में है, वह बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका है, जिसका सबसे नजदीकी स्टेशन पहरो कुनरी है. हाईजैक हुई ट्रेन बोलन दर्रे में खड़ी हुई थी. यह पूरा इलाका पहाड़ियों और सुरंगों से घिरा हुआ है. बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है. यहां 1948 से ही बलूचों और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव होता रहा है. बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग समय से कर रहे हैं. बीते कुछ समय में चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा है. चीन इस इलाके में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिस वजह से उन पर लगातार हमले भी हो रहे हैं.

चार साल में असम में पर्यटन में बेहतरीन वृद्धि हुई, 2021 से अब तक तीन करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटक असम आए – सीएम सरमा

दिसपुर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पिछले चार साल में असम में पर्यटन में बेहतरीन वृद्धि हुई है और पिछले चार साल में तीन करोड़ से ज़्यादा घरेलू पर्यटक असम आए हैं। सीएम सरमा ने कहा कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या भारत में एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में असम की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और बेहतर बुनियादी ढांचे ने पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। असम बना पर्यटकों के लिए पसंदीदा राज्‍य उन्होंने कहा, “असम एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है, जो पूरे देश से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।” सरमा ने कहा कि घरेलू पर्यटकों के अलावा 2021 से अब तक 60,000 से ज़्यादा विदेशी पर्यटकों ने असम का दौरा किया है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की बढ़ती आमद पर्यटन क्षेत्र में राज्य की वैश्विक मौजूदगी को और भी ज़्यादा दिखाती है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि मुख्यमंत्री ने इस वृद्धि के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने, सांस्कृतिक स्थलों को संरक्षित करने और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई सरकारी पहलों को श्रेय दिया। अपने हरे-भरे परिदृश्यों, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान जैसे वन्यजीव अभ्यारण्यों और जीवंत त्योहारों के साथ असम लगातार देश में शीर्ष पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है। सरमा ने पहले कहा था कि पिछले साल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व (केएनपीटीआर) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है। पीएम मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक रात बिताई है पीएम मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक रात बिताई है। उन्होंने लोकसभा चुनाव शुरू होने से पहले मार्च के महीने में वहां का दौरा किया था। उन्होंने पार्क में हाथी और जीप सफारी का आनंद लिया। उन्होंने वन कर्मचारियों से भी बातचीत की और उन्हें पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए। असम सरकार ने हाल ही में काजीरंगा में एक लक्जरी होटल स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल के दिनों में, असम में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है, खासकर काजीरंगा में, जब प्रधानमंत्री मोदी विश्व धरोहर स्थल पर रात भर रुके थे।” असम सरकार ने हाल ही में काजीरंगा में एक लक्जरी होटल स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। सरमा ने दावा किया कि यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में पर्यटकों की आमद बढ़ाने के लिए यह पहल की गई है। असम की हिमंत सरकार ने विज्ञापनों पर किए खर्च असम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने भी विज्ञापन पर जमकर खर्च किया है. राज्य के सूचना और जनसंपर्क मंत्री पीयूष हजारिका ने आज  विधानसभा को बताया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने पिछले चार वित्तीय सालों में विज्ञापनों पर 370 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं. हजारिका ने कहा कि साल 2016 से 2021 तक असम के मुख्यमंत्री रहे सर्बानंद सोनोवाल की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने 2016-17 से 5 वित्तीय सालों में विज्ञापनों पर 125.6 करोड़ रुपये खर्च किए थे. पहले साल सरमा सरकार ने किए 73 करोड़ खर्च कांग्रेस विधायक अब्दुल बातिन खांडाकर की ओर से पूछे गए सवाल पर अपने लिखित जवाब में हजारिका ने कहा कि वर्तमान भारतीय जनता पार्टी सरकार ने 2021-22 से पिछले चार वित्तीय सालों के दौरान प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और आउटडोर मीडिया में विज्ञापनों पर कुल 372.33 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.हिमंत बिस्वा सरमा ने मई 2021 में बीजेपी की अगुवाई वाली दूसरी असम सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला. बीजेपी के दोनों कार्यकाल के लिए साझा किए गए वर्षवार आंकड़ों से पता चला है कि 2020-21 में सोनोवाल सरकार ने 30.24 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि सरमा की ओर से राज्य में एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में पदभार संभालने के बाद अगले साल 72.83 करोड़ रुपये खर्च किए गए. असम में विज्ञापनों पर खर्च बढ़ता गया विधानसभा को जानकारी दी गई कि इसके बाद की अवधि में, सरमा सरकार की ओर से हर साल विज्ञापन के खर्च में बढ़ोतरी की जाती रही. अगले साल 2022-23 में खर्च बढ़कर 78.85 करोड़ रुपये हो गया जबकि 2023-24 में यह वृद्धि 160.92 करोड़ रुपये की हो गई. हजारिका ने सदन को बताया कि जारी वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक सरकार द्वारा अलग-अलग प्रकार के विज्ञापनों के लिए 59.72 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया है. निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई के एक सवाल के जवाब मंत्री हजारिका ने कहा कि असम सरकार ने 2015-16 में विज्ञापनों पर 18.58 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल का अंतिम वित्तीय वर्ष था, जिसके बाद बीजेपी की सरकार आई और सोनोवाल ने उनकी जगह ली थी. अगले ही साल सोनोवाल सरकार का विज्ञापन खर्च बढ़कर 26.88 करोड़ रुपये हो गया.  

राष्ट्रपति ट्रंप का वादा भी टूटा, फिर टल गई सुनीता विलियम्स की अंतरीक्ष से वापसी, 9 महीने से स्पेस स्टेशन में फंसी हुईं

न्यूयॉर्क अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की धरती पर वापसी एक बार फिर से अटक गई है. अंतरिक्ष में 9 महीने से फंसी सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी की बड़ी उम्मीद थी. अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा सुनीता की वापसी सुनिश्चित करने के लिए क्रू-10 नाम का एक स्पेसशिप लॉन्च करने वाली थी. लेकिन तकनीकी दिक्कतों की वजह से क्रू-10 की लॉन्चिंग को टालनी पड़ी. NASA ने कहा कि क्रू-10 में हाइड्रोलिक सिस्टम में दिक्कत की वजह से इसकी लॉन्चिंग रोकनी पड़ी. भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता की वापसी के लिए क्रू-10 महत्वपूर्ण है क्योंकि इसका उद्देश्य क्रू-9 की जगह लेना है. क्रू-9 से ही अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर स्पेस गए हैं.  नासा ने पहले कहा था कि क्रू-9 अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से तभी वापस आ सकता है जब क्रू-10 अंतरिक्ष में लॉन्च हो जाए. गौरतलब है कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी में स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूचि ले रहे हैं. उन्होंने स्पेस एक्स के मालिक एलन मस्क को भी इसकी जिम्मेदारी दी है. ट्रंप ने कुछ ही दिन पहले कहा था कि बाइडेन ने सुनीता और बुच विल्मोर को अंतरिक्ष में ही छोड़ दिया है. उन्होंने कहा कि इस बारे में एलन मस्क से उनकी बात हुई है और वे मस्क ने इसके लिए हामी भर दी है. इसके बाद मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने इस दिशा में काम शुरू किया था और क्रू-10 को लॉन्च करने वाली थी. लेकिन इसकी लॉन्चिंग एक बार फिर से टल गई है.   NASA के अनुसार अब क्रू-10 की अगली लॉन्चिग गुरुवार 17 मार्च को सकती है. हालांकि ये तारीख भी फिक्स नहीं है और  मौसम समेत दूसरे फैक्टर पर ध्यान देना जरूरी होगा. क्रू-10, स्पेस एक्स के मानव अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली का 10वां क्रू रोटेशन मिशन है. बता दें कि सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पिछले साल 5 जून को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गई थी. उन्हें एक हफ्ते बाद वापस लौटना था, लेकिन बोइंग स्टारलाइनर में गड़बड़ी की वजह से वो वहां पर फंस गईं. दोनों एस्ट्रोनॉट्स बोइंग और नासा के जॉइंट क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन पर स्पेस गए थे. इसके बाद उन्हें वापस लाने की कई कोशिशें हो रही हैं. बता दे की सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर की वापसी सुनिश्चित हो इस दिशा में खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी आगे बढ़कर काम कर रहे हैं। स्पेस एक के मालिक एलन मस्क को भी इस महत्वपूर्ण मिशन में शामिल किया गया है उन्हें भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। कुछ समय पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि बाइडन ने सुनीता और बुच को अंतरिक्ष में छोड़ा। इस बारे में एलन मस्क से उन्होंने बात करी है और वह भी इस मामले में मदद के लिए तैयार है। गॉडजिला भाई की डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक ने अंतरिक्ष में यह भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी। ग्रुप 10 को लॉन्च भी किया जाना था लेकिन इसकी लांचिंग टल गई है। नासा का कहना है कि 17 मार्च को एक बार फिर से इसकी लांचिंग की कोशिश की जा सकती है। हालांकि लॉन्चिंग से पहले मौसम समेत कई अन्य फैक्टर्स पर भी ध्यान दिया जाएगा।  

गुजरात: भावनगर में दोस्ती के बाद महिला से गैंगरेप, प्राइवेट पार्ट में डाल दी मिर्ची!

 अहमदाबाद गुजरात के भावनगर (Bhavnagar) में गैंगरेप की घटना सामने आई है. इस मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पीड़िता से कहा था कि तुम्हें माता-पिता ने मिलने बुलाया है, यह कहकर अगवा कर लिया और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. रेप के बाद प्राइवेट पार्ट में मिर्ची डाली गई. पुलिस ने कहा कि भावनगर में पीड़िता के पास एक आदमी पहुंचा था, उसने पीड़िता से कहा कि माता-पिता ने मिलने बुलाया है, यह कहकर महिला को कार में ले गया और उसे बेहोश कर अगवा कर लिया. पीड़िता को एक बिल्डिंग में ले जाया गया, जहां उसके साथ तीन आरोपियों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम किया. आरोपियों ने पीड़िता से कहा कि तुमने मेरी बहन की जिंदगी बर्बाद कर दी है. तुम्हारी होगी. इसके बाद पीड़िता को झाड़ू से पीटा, फिर रेप करने के बाद उसके प्राइवेट पार्ट में मिर्ची डाल दी. इस घटना के बाद मामले की शिकायत पुलिस से की. पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की. पीड़िता की मेडिकल जांच कराई जा रही है. इस पूरे मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि पीड़ित महिला का पहले एक युवक के साथ प्रेम संबंध था. उसी मामले में युवक की पत्नी ने पीड़ित महिला के खिलाफ बीते साल पुलिस से शिकायत की थी. अब इसी मामले को लेकर पीड़िता का कहना है कि युवक की पत्नी के तीन भाइयों ने उसके दुष्कर्म किया है. फिलहाल अभी आरोपी फरार हैं. पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी है.  

बंगाल में होली के आयोजन पर रोक से बढ़ा विवाद, होली के रंग राजनीति कर रही भंग, इस दौरान भड़की भाजपा

कोलकाता होली खुलकर खुशियां मनाने का त्योहार है, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने बीरभूम जिले में स्थित शांतिनिकेतन में कार्यक्रम के आयोजन पर रोक लगा दी है। सरकार ने सोनाझुरी हाट में होली के आयोजन पर यह कहते हुए रोक लगा दी है कि इससे वन क्षेत्र के ग्रीन बेल्ट को नुकसान होगा। सोनाझुरी हाट विश्व भारती के शांतिनिकेतन कैंपस में स्थित है, जिसे यूनेस्को से हेरिटेज साइट का दर्जा प्राप्त है। बोलापुर डिविजन के वन अधिकारी राहुल कुमार का कहना है कि इलाके में कई बैनर लगाए गए हैं। इनमें लोगों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में यहां न जुटें। यहां वाहनों की पार्किंग न करें और होली भी न खेलें। अधिकारियों का कहना है कि होली का आयोजन बड़े पैमाने पर किए जाने से हरित क्षेत्र को नुकसान की संभावना है। इसके अलावा विजिटर्स को वीडियोग्राफी न करने की भी सलाह दी गई है। राहुल कुमार ने कहा, ‘वन विभाग पुलिस और प्रशासन की मदद से लोगों की भीड़ को यहां जुटने से रोकेगा। लेकिन हम चाहते हैं कि लोग खुद ही अनुशासन दिखाएं। यहां बड़ी संख्या में न जुटें और परिसर में होली न खेलें।’ सेंट्रल यूनिवर्सिटी विश्व भारती के प्रवक्ता ने कहा कि होली के मौके पर लाखों लोगों के लिए कैंपस एरिया को खोला नहीं जा सकता। हमें ध्यान देना होगा कि इस जगह को यूनेस्को हेरिटेज साइट का दर्जा मिला है। वन अधिकारी ने कहा कि हम चाहते हैं कि सोनाझुरी के जंगलों को कोई नुकसान न पहुंचे। यहां इतनी बड़ी संख्या में लोग न आएं कि समस्या हो। इसके अलावा यदि रंग से भरा पानी फैला जाएगा तो उससे यहां की इको बेल्ट को नुकसान होगा और पेड़-पौधे प्रभावित होंगे। हालांकि इसे लेकर विवाद की स्थिति भी बन गई है। ऐसा पहली बार है, जब वन विभाग ने सोनाझुरी हाट में होली सेलिब्रेशन पर रोक लगाई है। यह इलाका सोनाझुरी जंगल के तहत आता है। यहां हर साल ही लोग बड़ी संख्या में होली के मौके पर जुटते रहे हैं। विश्व भारती के प्रवक्ता ने कहा कि हम बसंतोत्सव के चलते कैंपस को पब्लिक के लिए नहीं खोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा किया गया तो करीब 5 लाख लोग पहुंच सकते हैं। इतने लोगों की व्यवस्था के लिए यहां का इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है। वहीं इस पर राजनीति भी शुरू हो गई है। नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि यह किसी एक जगह पर नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर यही स्थिति है। होली पर दूसरे समुदाय के लोगों को साथ लेकर मीटिंग की जा रही हैं। हर पुलिस थाने में बैठकें हो रही हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘थाने में बैठकें हो रही हैं। यहां लोगों को बुलाकर कहा जा रहा है कि इस बार होली शुक्रवार को पड़ रही है औऱ रमजान का महीना है। इसलिए इस बार आप होली पर रंगों का इस्तेमाल न करें। बीरभूम के अडिशनल एसपी का कहना है कि शांतिनिकेतन में सुबह 10 बजे तक ही होली का सेलिब्रेशन कर लिया जाए क्योंकि जुमा भी है। ऐसा बंगाल में पहली बार हो रहा है। ममता बनर्जी का पुलिस प्रशासन राज्य में विभाजन कराने में जुटा है। तुष्टिकरण की राजनीति के लिए ऐसा किया जा रहा है।’

राफेल और साब ग्रिपेन भी भारत को फाइटर जेट बेचने की रेस में, भारत 114 लड़ाकू विमानों को खरीदने की योजना बना रहा

वॉशिंगटन अमेरिका लगातार प्रेशर बना रहा है कि भारत उसके F-21 या F-15EX में से किसी ने किसी फाइटर जेट को जरूर खरीदे। भारतीय वायुसेना मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) प्रोग्राम के तहत 114 लड़ाकू विमानों को खरीदने की योजना बना रही है। लेकिन अमेरिका की तरफ से ये प्रेशर उस वक्त बनाया गया है, जब दोनों देशों के बीच कारोबार को लेकर कुछ विवाद शुरू हो गये हैं। अमेरिका लगातार भारतीय सामानों पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहा है। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप पहले ही एफ-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान का ऑफर भारत को दे चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने संकेत दिया है कि अगर भारत, अमेरिकी फाइटर जेट खरीदने का फैसला करता है तो उसे व्यापार लाभ मिल सकता है। लेकिन भारतीय वायुसेना के मन में इन दोनों फाइटर जेट को लेकर चिंताएं हैं। क्षेत्रीय खतरों से निपटने में ये फाइटर जेट कितने सक्षम हो पाएंगे, भारतीय वायुसेना के मन में गहरा शक है। लिहाजा वायुसेना कोई भी फैसला लेने से पहले उनकी तकनीकी क्षमताओं को गहराई से जानने की कोशिश कर रही है। F-15EX लड़ाकू विमान पर पर शक क्यों है? इसमें कोई शक नहीं है कि अमेरिकी F-21 और F-15EX बेहतरीन लड़ाकू विमान हैं। लेकिन भारतीय हालात में उनके ऑपरेशन को लेकर गंभीर सवाल हैं। F-21 और F-15EX, अमेरिक के पुराने लड़ाकू विमानों के एडवांस वैरिएंट हैं। लेकिन इन दोनों फाइटर जेट्स में चीन के J-20 और J-35A जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों से मुकाबला करने की क्षमता नहीं है। इन दोनों में ऐसे फीचर्स नहीं हैं कि ये चीनी लड़ाकू विमानों का मुकाबला कर सके। भारत के लिए परेशानी की बात इसलिए भी है क्योंकि पाकिस्तान पहले ही चीन से J-35 खरीदने की घोषणा कर चुका है। लिहाजा भारत ऐसे फाइटर जेट्स में भला निवेश क्यों करना चाहेगा, जो उसकी जरूरतों से मेल ही नहीं खाता हो। हालांकि अमेरिका भारत को एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट ऑफर कर चुका है, लेकिन अमेरिकी विमान कई शर्तों के साथ आते हैं। अमेरिका भारत में एफ-35 बनाने के लिए हरगिज तैयार नहीं है। जबकि भारत हर हाल में देश में उत्पादन चाहता है। भारत का MRFA टेंडर मीडियम वजन वाले लड़ाकू विमानों के खरीदने को लेकर है, लेकिन F-15EX एक भारी भरकम लड़ाकू विमान है। लिहाजा इंडियन एयरफोर्स के लिए इस पैमाने पर भी ये फिट नहीं बैठता है। हालांकि एफ-21 की तुलना में फिर भी ये एक बेहतर विकल्प है, लेकिन भारत पहले से ही रूसी Su-30MKI लड़ाकू विमान ऑपरेट कर रहा है, जो F-15EX जितना ही भारी है। ऐसे में F-15EX भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल जरूरतों से मेल नहीं करता है। भारत मीडियम रेंज वजन वाला लड़ाकू विमान इसलिए चाहता है कि भारतीय वायुसेना अपने बेड़े में प्रदर्शन, क्षमता और रखरखाव को बैलेंस कर सके। लेकिन भारतीय वायुसेना किसी राजनीतिक दवाब में नहीं आना चाह रही है। भारतीय वायुसेना रक्षा खरीद में रणनीतित स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। लिहाजा अमेरिकी दबाव के बावजूद, भारत MRFA टेंडर को लेकर अपनी जरूरतों पर अडिग है। फाइटर जेट खरीदने का फैसला भारत की लंबे समय की जरूरतों और ऑपरेशनल आवश्यकताओं पर निर्भर करता है। F-15EX की क्षमता क्या है? आपको बता दें कि F-15EX, F-15 एडवांस्ड ईगल सीरीज लड़ाकू विमानों का नेक्स्ट वैरिएंट है। इसे F-15E स्ट्राइक ईगल का एडवांस वैरिएंट माना जाता है। अमेरिकी वायुसेना ने इसे असाधारण प्रदर्शन के लिए डिजाइन किया है। F-15EX एडवांस्ड मिसाइल और बम इजेक्शन रैक (AMBER) सिस्टम से लैस है। ये एक साथ 22 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को लेकर उड़ान भरने में सक्षम है। यह पिछले F-15 मॉडल की तुलना में काफी घातक है। इसके अलावा इसकी एक प्रमुख ताकत AMBER मिसाइल रैक सिस्टम के जरिए एक साथ कई ठिकानों पर हमला करने में मदद करता है। इसके अलावा इसे किसी टारगेट पर सटीक हमला करने के लिए छोटे आकार के बमों को भी अपने अंदर रखने की क्षमता देता है। आपको बता दें कि एडवांस मिसाइल और बम इजेक्शन रैक (AMBER) एक हाई कैपिसिटी वाली मिसाइल रैक है, जिसे लड़ाकू जेट की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। हर एक AMBER रैक में चार मिसाइलें रखी जा सकती हैं, जिससे F-15EX कई हथियारों को लेकर एक साथ उड़ान भर सकता है और फायर कर सकता है। इस जेट में प्रत्येक पंख के नीचे चार AMBER रैक और धड़ के नीचे एक रैक होने की उम्मीद है। इसके अलावा इस फाइटर जेट में एक साथ 20 लंबी दूरी की AIM-120D मिसाइलों को ले जाने की क्षमता भी है। वहीं विंगटिप्स पर लगी दो छोटी दूरी की AIM-9X मिसाइलों को ले जाने की क्षमता भी इसमें है। लिहाजा कुल मिसाइलों की संख्या 22 हो जाती है। यानि फाइटर जेट काफी ताकतवर है, इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन भारत की जरूरतों के मुताबिक ये फिट बैठ पाएगा या नहीं, फिलहाल इसका आकलन किया जा रहा है।

पीएम मोदी ने गंगा तालाब में प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया

पोर्ट लुईस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस की यात्रा के दौरान बुधवार को पवित्र गंगा तालाब के दर्शन किए। उन्होंने इसे एक भावानात्मक अनुभव बताया। प्रधानमंत्री ने हिंद महासागर द्वीपसमूह में सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थल माने जाने वाले गंगा तालाब में पूजा-अर्चना की और प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान त्रिवेणी संगम से लाए गए पवित्र जल का विसर्जन भी किया। पीएम मोदी ने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, “मॉरीशस में पवित्र गंगा तालाब के दर्शन कर भावविभोर हो गया। इसकी पावन जलधारा के किनारे दोनों देशों के बीच के आध्यात्मिक संबंधों को आसानी से महसूस किया जा सकता है। यह सीमाओं से परे है और हमारी कई पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ता है।” गंगा तालाब, जिसे मॉरीशस में ग्रैंड बेसिन के नाम से भी जाना जाता है, एक क्रेटर झील है, जो समुद्र तल से लगभग 550 मीटर ऊपर है। यह सावेन के पहाड़ी दक्षिण-पश्चिमी जिले में स्थित है। इसके तट पर मंदिर भी स्थित है। स्थानीय लोगों का मानना ​​है कि इस स्थान की खोज 1897 के आसपास एक हिंदू पुजारी ने की थी। 1970 के दशक में, भारत से एक अन्य पुजारी गंगा से पवित्र जल लेकर आए और पवित्र जल को झील में डाला, इस प्रकार इसका नाम ‘गंगा तालाब’ रखा गया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में दूसरी बार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान उन्हें मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में भाग लेने के बाद एक्स पर लिखा, “मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मॉरीशस के लोगों को निरंतर समृद्धि और सफलता की शुभकामनाएं देता हूं, साथ ही हम अपने देशों के बीच गहरे संबंधों को भी मजबूत करते हैं।” यह दूसरी बार है जब पीएम मोदी मॉरीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल हुए। वह इससे पहले 2015 में इस समारोह में शामिल हो चुके थे। समारोह के दौरान मॉरीशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखूल ने प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ (जीसीएसके) से सम्मानित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय नेता को यह सम्मान मिला। यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार भी है।

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