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हिन्दुओं के आंदोलन को कुचलने को यूनुस सरकार ने बैंक खातों से लेन-देन पर 30 दिनों के लिए रोक लगाने का आदेश दिया

ढाका बांग्लादेश के वित्तीय अधिकारियों ने इस्कॉन के पूर्व सदस्य और देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किए गए चिन्मय कृष्ण दास समेत हिन्दू समुदाय के 17 लोगों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए हैं। सरकार ने इन बैंक खातों से लेन-देन पर 30 दिनों के लिए रोक लगाने का आदेश दिया है। मीडिया में शुक्रवार को आई खबर में यह जानकारी दी गई। ‘प्रथम आलो’ अखबार की खबर के मुताबिक, बांग्लादेश बैंक की वित्तीय खुफिया इकाई (BFIU) ने विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों को बृहस्पतिवार को ये निर्देश जारी करते हुए इन खातों से सभी तरह के लेन-देन पर एक महीने के लिए रोक लगा दी। BFIU ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से इन बैंक खातों से संबंधित जानकारी तीन कार्य दिवस में भेजने को कहा है। इसमें इन 17 व्यक्तियों के स्वामित्व वाले सभी तरह के व्यवसायों के सभी खातों के अद्यतन लेन-देन के विवरण शामिल हैं। यह कदम बांग्लादेश मे हाई कोर्ट द्वारा हिंदू नेता के समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प में एक वकील की हत्या के बाद इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज करने के बाद उठाया गया है। 30 अक्टूबर को चटगाँव के कोतवाली पुलिस स्टेशन में चिन्मय कृष्ण दास समेत 19 लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था, जिसमें उन पर हिंदू समुदाय की एक रैली के दौरान चटगाँव के न्यू मार्केट इलाके में बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का आरोप लगाया गया था। बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण ज्योत के प्रवक्ता दास को भी देशद्रोह के एक मामले में सोमवार को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से गिरफ्तार किया गया था। उन्हें चटगांव की एक अदालत ने सोमवार को जमानत देने से इनकार कर दिया और उन्हें भी जेल भेज दिया। सुरक्षाकर्मियों और हिंदू नेता के समर्थकों के बीच झड़प में एक वकील की मौत हो गई थी। दास, बांग्लादेश में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) के पूर्व प्रवक्ता हैं। नई दिल्ली ने हिन्दू पुजारी की गिरफ्तारी और अदालत द्वारा जमानत नहीं दिए जाने पर चिंता जताई है और बांग्लादेश से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा। बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भी पुजारी की रिहाई की माँग की है। उन्होंने उनकी गिरफ़्तारी के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान वकील की हत्या की भी निंदा की। इस्कॉन के पुजारी की गलत तरीके से गिरफ्तारी का वहां अल्पसंख्यक हिन्दू समाज विरोध कर रहा है और उनकी रिहाई के समर्थन में प्रदर्शन कर रहा है। 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान बांग्लादेश की आबादी का करीब 22 प्रतिशत हिस्सा हिंदू समुदाय था, जो अब लगभग 8 प्रतिशत शेष रह गया है। बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार अत्चाचार की खबरें आती रहती हैं।

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, राज्य वक्फ बोर्ड को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपए वितरित करने का आदेश वापस

मुंबई महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपए वितरित करने के अपने आदेश को वापस ले लिया है। राज्य की मुख्य सचिव सुजाता सौनिक ने यह जानकारी दी है। यह घटनाक्रम एक सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी होने के एक दिन बाद हुआ है, जिसमें राज्य प्रशासन ने राज्य वक्फ बोर्ड को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपए के फंड वितरित करने का आदेश दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या जीआर वापस ले लिया गया है, सौनिक ने घटनाक्रम की पुष्टि की। 28 नवंबर के जीआर के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य वक्फ बोर्ड (एमएसबीडब्ल्यू) को मजबूत करने के लिए 2024-25 के लिए 20 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए थे। उसमें से 2 करोड़ रुपए छत्रपति संभाजीनगर में मुख्यालय वाले एमएसबीडब्ल्यू को वितरित किए गए।

मौसम विभाग ने बताया- डीप डिप्रेशन तूफान फेंगल में बदल गया, 90 की स्पीड से चलेंगी हवाएं, यहां होगी बहुत भारी बारिश

चेन्नई आखिरकार जिस बात का डर लंबे समय से लगाया जा रहा था, वैसा ही हुआ। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव चक्रवाती तूफान फेंगल में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को बताया कि दोपहर ढाई बजे डीप डिप्रेशन तूफान फेंगल में बदल गया है। इस तूफान का असर तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, रायलसीमा, केरल आदि में देखने को मिलेगा। यह कल दोपहर उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी तटों को पार कर जाएगा। मौसम कार्यालय ने गुरुवार को कहा था कि यह दबाव तेज नहीं होगा बल्कि कमजोर होगा और शुक्रवार सुबह डिप्रेशन के रूप में तट को पार करेगा, लेकिन अब दबाव ने गति पकड़ ली, जिसके बाद उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और आसपास के दक्षिण आंध्र प्रदेश तटों के लिए चक्रवात अलर्ट जारी किया गया। इस दौरान हवा की गति 70-80 किमी प्रति घंटा से बढ़कर 30 नवंबर की दोपहर तक 90 किमी प्रति घंटा हो सकती है। मौसम कार्यालय ने कहा कि बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी पर गहरा दबाव उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया है और नागपट्टिनम से 310 किलोमीटर पूर्व, पुडुचेरी से 360 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 400 किलोमीटर दक्षिणपूर्व में उसी क्षेत्र पर केंद्रित है। इस बीच कल रात से चेन्नई और उसके पड़ोसी जिलों चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर और उत्तरी तटीय जिलों में मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग ने बताया कि जैसे जैसे दबाव गहरा होगा, तेज हवाओं के साथ बारिश की तीव्रता बढ़ेगी। विभाग ने बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया कि 29 और 30 नवंबर को उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी, रायलसीमा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 29 और 30 नवंबर को दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि 30 नवंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। IMD के अनुसार, 29 नवंबर से 3 दिसंबर के दौरान तमिलनाडु और पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा, 30 नवंबर से 3 दिसंबर के दौरान केरल और माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में, 29 और 30 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम और रायलसीमा में, 1 से 3 दिसंबर के दौरान तटीय कर्नाटक में, 2 और 3 दिसंबर को लक्षद्वीप में बारिश होगी। इसके अलावा सप्ताह के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं, 30 नवंबर और 03 दिसंबर को केरल और माहे में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है और 30 नवंबर को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी वर्षा होने की संभावना है। एक और दो दिसंबर को केरल और माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इस समय दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55-65 किमी प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाएं चल रही हैं जो बढ़कर 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। 29 नवंबर की शाम तक हवा की गति बढ़कर 60-70 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है और 30 नवंबर की सुबह तक हवा की गति बढ़कर 70-80 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद, 30 नवंबर की शाम तक हवा की गति घटकर 55-65 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 75 किमी प्रति घंटे तक हो जाएगी।

पुंछ में आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया, गोला-बारूद तथा अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई

पुंछ जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में सुरक्षाबलों ने आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। यहां से गोला-बारूद तथा अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मेंढर इलाके के मनकोट सेक्टर में सुरक्षाबलों ने संयुक्त रूप से तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षाबलों ने एक आतंकी ठिकाना ढूंढ़ निकाला। जहां से दो आईईडी, आरडीएक्स, एक बैटरी और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गईं। सुरक्षाबलों ने गोला-बारूद और अन्य संदिग्ध सामान कब्जे में लेकर आतंकी ठिकाना ध्वस्त कर दिया। क्षेत्र तथा आसपास के इलाकों में आतंकियों की तलाश जारी है।  

लॉरेंस बिश्नोई ने शूटर को जेल से बाहर निकालने और विदेश भेजने का दिया था भरोसा, सिद्दीकी की हत्या मामले में नया मोड़

मुंबई एनसीपी नेता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले में नया मोड़ आया है। एनसीपी नेता की हत्या में शामिल एक आरोपी ने यह स्वीकार कर लिया है कि जब बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश रची जा रही थी, तब उसने गुजरात की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से बातचीत की थी। मुख्य शूटर शिवकुमार गौतम ने क्राइम ब्रांच के अधिकारियों को यह जानकारी दी। गौतम ने अधिकारियों को बताया कि हत्या की योजना बनाने के दौरान उसने लॉरेंस बिश्नोई से बातचीत की थी, जो गुजरात की जेल में बंद है। शूटर ने बताया कि इस दौरान लॉरेंस बिश्नोई ने शूटर को हत्या के बाद पुलिस से डरने की जरूरत नहीं होने का आश्वासन दिया था। बिश्नोई ने गौतम से कहा था कि अगर वह पकड़ा जाता है, तो भी वह घबराए नहीं, उसे जेल से कुछ ही दिनों में बाहर निकाल लिया जाएगा। शूटर गौतम ने आगे बताया कि बिश्नोई ने हत्या के लिए उसे 12 लाख रुपये देने का वादा किया था। इसके अलावा, उसे जेल से बाहर आने के बाद विदेश भेजने की व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया था। गौतम की मानें तो लॉरेंस बिश्नोई ने उसे यह भी बताया कि उसके पास वकीलों की एक टीम है, जो उसकी गिरफ्तारी के बाद कुछ ही दिनों में रिहा करवा सकती है। यह पहली बार है जब लॉरेंस बिश्नोई का नाम बाबा सिद्दीकी की हत्या मामले में सामने आया है। इससे पहले इस मामले में बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई का नाम भी सामने आ चुका था। अनमोल का नाम हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में जांच में आया था, लेकिन अब लॉरेंस बिश्नोई का नाम भी इस मामले में जुड़ने से पुलिस जांच में नया मोड़ आ गया है। बता दें कि एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर को मुंबई के बांद्रा में उनके बेटे जीशान के ऑफिस के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। गैंग का कहना है कि बाबा सिद्दीकी की हत्या अभिनेता सलमान खान से उनके करीबी संबंधों के कारण की गई।  

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बीजेपी की उपलब्धियों और केंद्र सरकार की नीतियों को बताया, आगामी चुनावों के लिए जनता से समर्थन मांगा

ओडिशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (29 नवंबर) को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जो लोग सत्त्ता को अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं, देश की जनता ने जिनको 10 सालों से सत्ता से दूर रखा है. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बीजेपी की उपलब्धियों और केंद्र सरकार की नीतियों को बताते हुए आगामी चुनावों के लिए जनता से समर्थन मांगा. पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनीतिक दल सत्ता को अपना “जन्मसिद्ध अधिकार” समझते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जब इन दलों को सत्ता से दूर रखा गया, तो उनका गुस्सा देश की जनता पर उतरने लगा. उन्होंने कहा कि अब यह देश के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. अब यह लोग झूठ की दुकान लेकर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं. ऐसे लोगों से हमें सतर्क रहना है ,आपको बचना है. सत्ता के यह भूखे लोग पहले चौकीदार को चोर बता रहे थे, लेकिन अब चौकीदार ईमानदार हो गया. 2024 के चुनाव में इन्हें चौकीदार को गाली देने का मौका नहीं मिला. बीजेपी की नीतियों का प्रभाव और जनता का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार की नीतियों और उनके लाभों का जिक्र करते हुए बताया कि किस प्रकार उनकी सरकार ने गरीबों के जीवन को आसान बनाया. उन्होंने ओडिशा के लिए विशेष रूप से कहा कि पहली बार मुख्यमंत्री गांवों में सक्रिय रूप से जाते दिखाई दिए. उन्होंने ओडिशा की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के निर्वाचन को आदिवासी समुदाय के गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा “मुझे खुशी है कि भाजपा के प्रयासों से ओडिशा की आदिवासी बेटी द्रौपदी मुर्मू जी आज देश की राष्ट्रपति हैं. इससे पूरे देश के आदिवासी समाज का गौरव बढ़ा है.मुर्मू जी के देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होने से हर वर्ग की बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ा है.एक आदिवासी बेटी की ये यात्रा आने वाली कई पीढ़ियों तक प्रेरित करेगी”. चुनावी जीत और बीजेपी की ताकत पीएम मोदी ने हरियाणा, महाराष्ट्र, और ओडिशा में भाजपा की बढ़ती शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक विशेषज्ञों ने भाजपा को ओडिशा में खारिज कर दिया था, लेकिन चुनाव परिणामों ने उन्हें गलत साबित किया. उन्होंने कहा “ओडिशा की जनता ने सभी ‘तीस मार खानों’ को करारा जवाब दिया. भाजपा को न केवल ओडिशा में बल्कि हरियाणा और महाराष्ट्र में भी अपार समर्थन मिला.” प्रधानमंत्री ने ओडिशा पर्व के अनुभव बताते हुए ओड़िया संस्कृति और विरासत की भव्यता को याद किया. संविधान और लोकतंत्र की मर्यादा पर क्या बोले पीएम? प्रधानमंत्री ने संविधान की भावना और लोकतंत्र की मर्यादाओं पर जोर देते हुए कहा “कुछ लोग संविधान की भावना को कुचल रहे हैं और लोकतंत्र की मान-मर्यादाओं को अस्वीकार कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक विरोध स्वाभाविक है, लेकिन इसे मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए. भविष्य का रोडमैप मोदी की गारंटी प्रधानमंत्री ने जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार जो कहती है, उसे पूरा करती है. उन्होंने कहा “इसलिए मैं कहता हूं मोदी की गारंटी यानि हर गारंटी को पूरा होने की गारंटी. हमारी सरकार हर गारंटी को पूरा करने की गारंटी देती है.”

दो प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं पर प्रारंभिक काम शुरू करने का निर्देश केरल के पर्यटन मंत्री ने दिया

तिरुवनंतपुरम केरल के पर्यटन मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास ने अपने विभाग के अधिकारियों को राज्य सरकार के प्रस्तावों के जवाब में केंद्र द्वारा अनुमोदित दो प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं पर प्रारंभिक काम शुरू करने का निर्देश दिया है। यह कदम कोल्लम जिले में जैव विविधता और पर्यावरण-मनोरंजक केंद्र और सर्गालय: मालाबार सांस्कृतिक क्रूसिबल परियोजनाओं के लिए वैश्विक प्रवेश द्वार को साकार करने के प्रयासों की शुरुआत का प्रतीक है। अधिकारी कुल 155.05 करोड़ रुपये की दो पहलों को समय पर पूरा करने के लिए एक कार्यक्रम तैयार करेंगे। जहां कोल्लम पहल ने अपने तीन समूहों के साथ केरल को केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से 59.71 करोड़ रुपये दिए, वहीं सर्गालय गेटवे के लिए अनुदान 95.34 करोड़ रुपये है। साथ में वे वैश्विक पैमाने पर प्रतिष्ठित पर्यटक केंद्रों के विकास नामक एक परियोजना के तहत आते हैं। कोल्लम परियोजना राज्य पर्यटन विभाग के दक्षिणी जिले के यात्रा स्थलों पर ध्यान केंद्रित करने वाले जैव विविधता सर्किट का परिणाम है। जैव विविधता और मनोरंजन केंद्र इसके विस्तार की परिकल्पना करता है। सर्गालय: मालाबार सांस्कृतिक क्रूसिबल का वैश्विक प्रवेश द्वार एक पर्यटन श्रृंखला है जो कोझिकोड जिले के वडकारा के पास सर्गालय केरल कला और शिल्प गांव से 51 किलोमीटर दक्षिण में समुद्र तटीय बेपोर तक फैली हुई है। इस परियोजना में इरिंगल में 2011 में स्थापित सर्गालय केरल कला और शिल्प गांव के विस्तार की भी परिकल्पना की गई है। श्री रियास के निर्देश पर राज्य विभाग के अधिकारियों द्वारा इस साल की शुरुआत में दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के समक्ष दो परियोजनाओं की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करने के बाद कुल 155.05 करोड़ रुपये का अनुदान मिला। मंत्री ने गुरुवार को कहा, “दोनों परियोजनाओं के साकार होने से राज्य के पर्यटन के विकास में एक बड़ी छलांग लगेगी।” “हमने केरल में और अधिक गंतव्य विकसित करने की दृष्टि से प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे।” इस पहल से पूरे केरल को पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए कदम उठाएगा। कोल्लम परियोजना, जो जिले के समुद्र तट से लेकर कोट्टाराकारा और पूर्व में पहाड़ी थेनमाला तक फैली हुई है, केरल पर्यटन द्वारा जिले को विश्व स्तर पर प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने का एक उल्लेखनीय अगला कदम है। यह परियोजना आधुनिक मनोरंजन सुविधाओं को सुनिश्चित करते हुए कोल्लम की अमूल्य जैव विविधता की सुरक्षा और इसकी सांस्कृतिक विरासत के परिचय और संरक्षण को जोड़ती है। यह परियोजना राज्य के सतत पर्यटन विकास के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है, जो पर्यटकों को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है, साथ ही पर्यावरण-अनुकूल और राज्य स्तरीय पर्यटन के बीच स्थानीय आबादी को वित्तीय लाभ की गारंटी भी देती है। इनमें कोल्लम मरीना, अष्टमुडी झील व्याख्या केंद्र, एक तैरता हुआ रेस्तरां, जैव विविधता पथ, एक साहसिक पार्क, बच्चों का पार्क और झील वॉकवे शामिल होंगे। केरल के पर्यटन सचिव के बीजू ने कहा कि कोल्लम जैव विविधता और सर्गालय परियोजनाएँ विश्व स्तरीय पर्यटन स्थलों के लिए केरल के प्रयासों को प्रेरित करेंगी। उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें समय पर पूरा करेंगे।’ पर्यटन निदेशक सिखा सुरेंद्रन ने कहा कि दोनों परियोजनाएं केरल को दक्षिण के साथ-साथ राज्य के उत्तर में भी पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेंगी।  

रोडवेज बसें अब केवल अधिकृत ढाबों पर ही रुकेंगी, नियम न मानने पर ड्राइवर-कंडक्टर पर होगी कार्रवाई

देहरादून. कई मार्गों पर रोडवेज की बसें केवल अधिकृत ढाबों पर ही रुकेंगी। अगर ड्राइवर-कंडक्टर ने मनमर्जी से बसें रोकी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महाप्रबंधक संचालन पवन मेहरा ने सभी सहायक महाप्रबंधकों को कड़ा पत्र जारी किया है। कहा, देहरादून-दिल्ली, देहरादून-नैनीताल, टनकपुर-देहरादून, देहरादून-हरिद्वार-अंबाला, चंडीगढ़-देहरादून, दिल्ली-नैनीताल, टनकपुर-दिल्ली मार्गों पर परिवहन निगम प्रबंधन ने ढाबे और रेस्टोरेंट अधिकृत किए हुए हैं। लेकिन, संज्ञान में आया है कि कई ड्राइवर-कंडक्टर बसों का ठहराव अवैध ढाबों या रेस्टोरेंट पर कर रहे हैं, जिससे यात्रियों से खाने के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। निगम की छवि धूमिल हो रही है। स्पष्ट किया कि अग्रिम आदेशों या नए ढाबे अधिकृत करने तक पूर्व के अधिकृत ढाबों पर ही रोडवेज बसों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा कार्रवाई होगी।

केरल में घर पर है BMW कार और गरीबों को मिलने वाली ले रहे सरकारी पेंशन, ऑडिट रिपोर्ट से हड़कंप

केरल केरल में वित्त विभाग ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों के संबंध में एक समीक्षा की है, जिसमें पता चला कि बीएमडब्ल्यू कारों के मालिक और एसी कमरों में रहने वाले लोग पेंशन का लाभ उठा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। केरल में राजपत्रित अधिकारियों और कॉलेज के प्रोफेसरों समेत लगभग 1,500 सरकारी कर्मचारियों के फर्जी तरीके से सामाजिक सुरक्षा पेंशन हासिल करने खबर सामने आई है। इसे लेकर बड़े पैमाने पर आक्रोश फैला हुआ है। आर्थिक रूप से मजबूत पृष्ठभूमि के लोगों के सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने का यह मामला मलप्पुरम जिले के कोट्टक्कल नगर पालिका से सामने आया है। वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार पूरे राज्य में ऐसा ऑडिट किया जाएगा, जिसका लक्ष्य सभी गैर पात्र व्यक्तियों को लाभार्थी सूची से हटाना है। इसके अलावा, सभी स्थानीय स्वशासी निकायों को बैंक खातों में पेंशन राशि हासिल करने वाले लाभार्थियों की पात्रता का नियमित मूल्यांकन करने का निर्देश दिया जाएगा। राज्य के वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने कोट्टक्कल मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने शुक्रवार को उन अधिकारियों की सतर्कता जांच के आदेश दिए, जिन्होंने गरीबों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में ऐसे समृद्ध व्यक्तियों को शामिल किया था। सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने की जांच एक सूत्र ने कहा, ‘वित्त मंत्री ने पात्रता का सत्यापन करने वाले अधिकारियों, आय प्रमाण पत्र जारी करने वाले राजस्व अधिकारियों और पेंशन को मंजूरी देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सतर्कता जांच की बात कही है। वित्त विभाग ने प्रशासनिक विभागों को तुरंत कार्रवाई की रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है।’ कोट्टक्कल नगर पालिका के 7वें वार्ड में सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से जांच की गई। इससे पहले मलप्पुरम वित्त लेखा परीक्षा विभाग ने पेंशन लाभार्थियों की जांच की थी। सूत्र ने कहा, ’42 लाभार्थियों की जांच की गई, जिनमें से 38 अयोग्य पाए गए और एक की मृत्यु हो चुकी है।’ अधिकारियों के अनुसार, ऑडिट में बीएमडब्ल्यू कारों के मालिकों समेत अपात्र व्यक्तियों के पेंशन का लाभ लेने जैसे चौंकाने वाले मामले सामने आए। एक अधिकारी ने कहा कि कुछ पेंशनभोगी कथित तौर पर एयर कंडीशनर जैसी सुविधाओं वाले घरों में रहते हैं। ऐसे भी उदाहरण मिले, जिनमें सरकारी नौकरी कर चुके पेंशनभोगियों के पति या पत्नी कल्याण पेंशन ले रहे थे। ऑडिट में पता चला कि कई अपात्र लाभार्थी 2,000 वर्ग फुट से बड़े मकानों में रह रहे हैं। बड़े पैमाने पर अयोग्य लाभार्थी हैं शामिल वित्त विभाग को एक ही वार्ड की पेंशन सूची में बड़े पैमाने पर अयोग्य लाभार्थियों को शामिल करने के पीछे भ्रष्टाचार और मिलीभगत का संदेह है। सरकार ने कोट्टक्कल नगर पालिका में सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों की पात्रता की जांच करने का निर्णय लिया है। स्थानीय स्वशासन विभाग को यह मामला सामने आने के बाद नगर पालिका को निर्देश देने के लिए कहा गया है। इससे पहले, सूचना केरल मिशन की ओर से किए गए निरीक्षण में पता चला था कि राज्य में 1,458 सरकारी कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। मिशन ने वित्त मंत्री बालगोपाल से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अपील की गई थी।

राज्यपाल गुरमीत सिंह पहुंचे हरिद्वार , हरकी पैड़ी पर की पूजा-अर्चना, गंगा आरती में हुए शामिल

हरिद्वार. उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह शुक्रवार को हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्होंने हरकी पौड़ी पहुंचकर विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना कर दुग्धाभिषेक किया। इसके साथ ही गंगा आरती में शामिल होकर देश-प्रदेश की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हमें गंगा पूजन का अवसर मिला है। राज्यपाल के हरकी पौड़ी पहुंचने पर श्री गंगा सभा के सभापति कृष्ण कुमार शर्मा, उपाध्यक्ष मनोज झा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि, प्रचार सचिव शैलेश मोहन ने अंगवस्त्र और गंगाजलि आदि भेंट कर स्वागत किया।  इस दौरान जिलाधिकारी कर्मेन्द्र सिंह, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी भी मौजूद रहे।  

विदेश में शरण मांगने वालों पर भड़की सरकार, शरण के लिए करते है भारत को बदनाम: विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशों में शरण के लिए आवेदन करने और शरण पाने वाले लोगों की वास्तविक संख्या के बारे में सरकार के पास सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही सरकार का कहना है कि शरण के लिए अपील करने वाले दूसरे देशों में भारत को बदनाम करने का काम करते हैं। राज्यसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने सटीक संख्या नहीं होने को लेकर बताया कि ऐसा इसलिए है क्योंकि संबंधित विदेशी सरकारें गोपनीयता और डेटा सुरक्षा कानूनों के कारण ऐसे आंकड़ों को साझा करने में असमर्थता का हवाला देती हैं। वरिष्ठ सदस्य कपिल सिब्बल ने सरकार से विगत तीन वर्षों के दौरान विदेशों में शरण मांगने वाले भारतीयों की कुल संख्या पर सवाल किया था। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या यह सच है कि वर्ष 2021 और 2023 के बीच संयक्त राज्य अमेरिका में शरण मांगने वाले भारतीयों की संख्या में 800 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और उनमें से आधे गुजरात से हैं। इसके जवाब में सिंह ने कहा, ‘शरण के लिए आवेदन करने वालों की संख्या और शरण पाने वाले लोगों की वास्तविक संख्या या शरण मांगने अथवा प्रदान करने के आधार के बारे में सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं है, क्योंकि संबंधित विदेशी सरकारें गोपनीयता और डेटा सुरक्षा कानूनों के कारण ऐसे आंकड़ों को साझा करने में असमर्थता का हवाला देती हैं।’ उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार का मानना है शरण चाहने वाले, विदेशी सरकार से शरण के लिए आवेदन करते समय व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करने के लिए देश और समाज को बदनाम करते हैं जबकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जो सभी को अपनी शिकायतों का कानूनी तरीके से निवारण करने के लिए अवसर प्रदान करता है।’

कोलकाता में सड़कें जाम रहीं, बांग्लादेश में चल रहे संकट के खिलाफ हिंदू सड़कों पर, मुसलमान भी कर रहे हैं विरोध

कोलकाता पश्चिम बंगल की राजधानी कोलकाता में सड़कें जाम रहीं। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश में चल रहे संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया, वहीं मुस्लिम संगठनों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल स्टेट जमीयत-उल-उलमा की तरफ से विरोध में एक सभा आयोजित की गई। शहर के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग इस विरोध में शामिल हुए। उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ आवाज उठाई और साथ ही एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य की भी मांग की। इस सभा को जमीयत-उल-उलमा पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष और राज्य के जन शिक्षा विस्तार व पुस्तकालय सेवा मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा, “भारत का संविधान हर नागरिक को स्वतंत्रता प्रदान करता है। यदि कोई संविधान में छेड़छाड़ करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ विरोध होगा। वक्फ संशोधन विधेयक के माध्यम से सरकार ने सीधे संविधान पर हमला किया है। यह मुस्लिम समुदाय के अधिकारों को छीनने और वक्फ संपत्तियों को नष्ट करने की साजिश है।” हिंदू संगठनों का प्रदर्शन वहीं दूसरी ओर हिंदू संगठनों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे कथित अत्याचारों पर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा रुख अपनाने की मांग की। कोलकाता में यातायात व्यवस्था चरमराई इन दोनों बड़े प्रदर्शनों के चलते कोलकाता की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। शहर के महत्वपूर्ण मार्गों पर जाम लगा रहा और लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सरकार के खिलाफ बढ़ता विरोध मुस्लिम संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि वक्फ संशोधन विधेयक वापस नहीं लिया गया, तो राज्यभर में व्यापक प्रदर्शन किए जाएंगे। दूसरी ओर, हिंदू संगठनों ने भी बांग्लादेश के मामले पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। राजनीतिक हलकों में इन प्रदर्शनों को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ बंगाल में विरोध की यह लहर और तेज हो सकती है।

चीन में मिला दुनिया का सबसे बड़ा सोने का खदान, कीमत भारत की जीडीपी से भी ज्यादा!, खोज की पुष्टि हुई

चीन चीन में दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार मिला है। खबरों के मुताबिक मध्य चीन में एक विशाल सोने भंडार में 1,000 मीट्रिक टन उच्च गुणवत्ता वाला सोना होने का अनुमान है। हुनान प्रांत के खनिज वैज्ञानिकों ने इलाके के पिंगजियांग काउंटी में इस खोज की पुष्टि की है। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार इस भंडार की कीमत 600 बिलियन युआन यानी लगभग 6,91,473 करोड़ रुपये है। दिलचस्प है कि यह भारत की जीडीपी से दोगुना ज्यादा राशि है। अनुमानित मूल्य के हिसाब से यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार हो सकता है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के साउथ डीप माइन में पाए गए 930 मीट्रिक टन को सबसे बड़ा खदान माना जाता था। शुरुआती खोज में 2 किलोमीटर की गहराई में खरे सोने से भरी 40 शिराएं मिली थी जिनमें लगभग 300 मीट्रिक टन सोना है। इसके बाद आगे की जांच की गई। 3डी मॉडलिंग से पता चलता है कि और गहराई पर जाएं तक अतिरिक्त भंडार मौजूद हैं। जमीन के लगभग 3 किलोमीटर नीचे तक सोना मौजूद है। इस खोज का चीन के सोने के उद्योग पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, “कई ड्रिल किए गए रॉक कोर में भारी मात्रा में सोना दिखाई दिया।” उन्होंने कहा कि 2,000 मीटर की रेंज में एक टन अयस्क में अधिकतम 138 ग्राम सोना होता है। अधिकारी ने कहा कि वांगू गोल्ड फील्ड में 3डी मॉडलिंग जैसी नई तकनीकों का उपयोग किया गया था। दुनिया के कुछ प्रमुख सोने की खादों की बात करे तो इनमें दक्षिण अफ्रीका का साउथ डीप गोल्ड माइन इंडोनेशिया का ग्रासबर्ग गोल्ड माइन, रूस का ओलंपियाडा गोल्ड माइन, दक्षिण अफ्रीका का मपोनेंग गोल्ड माइन शामिल हैं।

कोर्ट ने कहा कि मंदिर में कॉन्सुलर कैंप के दौरान 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रहेगी

कनाडा कनाडा में खालिस्तानियों को मिलने वाली खुली छूट के बीच एक कोर्ट ने राहत भरी खबर सुनाई है। टोरंटो क स्कारब्रॉ में स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर की याचिका पर ओंटारियो के कोर्ट ने कहा कि मंदिर में कॉन्सुलर कैंप के दौरान 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रहेगी। बिना इजाजत कोई भी मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाएगा। सुपीरियर कोर्ट ऑफ जस्टिस के जज ने कहा कि मंदिर मांग कर रहा है कि परिसर के 100 मीटर के दायरे में उपद्रवी पहुंच ना पाएं और इसके लिए निषेधाज्ञा की जरूरत है। पिछलमे मामलों को देखते हुए मंदिर को इजाजत दी जाती है। कोर्ट ने कहा कि इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि मंदिर पर हमला हो सकता है। वहीं कॉन्सुलर कैंप में बुजुर्ग लोग पहुंचते हैं। ऐसे में अगर हमला होता है तो जान को भी नुकसान हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोर्ट निषेधाज्ञा नहीं लगाता है तो गंभीर क्षति हो सकती है। कोर्ट ने टोरंटो पुलिस को निर्देश दिया है कि मंदिर में अगर कोई बिना आज्ञा के प्रवेश करनी की कोशिश करता है तो उसे गिरफ्तार किया जाए और एक्शन लिया जाए। यह नियम शनिवार को सुबह 8 बजे से 6 बजे तक लागू रहेगा। बता दें कि मंदिर में लगने वाले कॉन्सुलर कैंप को पहले भी खालिस्तानी निशाना बना चुके हैं। खालिस्तान समर्थक भारतीय दूतावास का विरोध करते हैं। आने वाले वीकेंड में इंडिया मिशन कनाडा में आखिरी बैच के कॉन्सुलर कैंप आयोजित करने जा रहा है। लक्ष्मी नारायण मंदिर के अलावा सूरी में भी कैंप का आयोजन किया जाएगा। बीते सप्ताह भी शिविरों का आयोजन होना था लेकिन अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और खालिस्तानियों के हमले की वजह से कैंप कैंसल कर दिए गए। 3 नवंबर को ब्राम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में खालिस्तानियों ने हमाल कर दिया था। इसके बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

मजदूर की वजह से नेटवर्क की खुली पोल, गुजरात के गोदाम में छाप रहे थे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, चार गिरफ्तार

अहमदाबाद गुजरात के अहमदाबाद में नकली ऑस्ट्रेलियाई डॉलर छापने के आरोप में पुलिस ने एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वटवा के एक गोदाम से नकली नोट मिले हैं। जांचकर्ताओं ने बताया कि अहमदाबाद पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) को अहमदाबाद के वेजलपुर में नकली करेंसी सर्कुलेशन के बारे में सूचना मिल थी। जिसके बाद इस रैकेट का भंडाफोड़ किया गया। 24 साल के मजदूर रौनक राठौड़ को सबसे पहले 50 डॉलर के 119 नकली ऑस्ट्रेलियाई नोट बदलने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया था। उसने पूछताछ में बताया कि उसे नकली नोट 24 साल के खुश पटेल से मिले थे, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पुलिस को कथित मास्टरमाइंड 36 साल के मौलिक पटेल तक पहुंचाया, जो एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी है। एसओजी को पता चला कि मौलिक पटेल 20 साल के छात्र ध्रुव देसाई के साथ मिलकर वटवा केएक कारखाने में नकली ऑस्ट्रेलियाई डॉलर छापने का काम करता है। पुलिस ने 50 डॉलर के 32 तैयार नकली नोट और 18 आंशिक रूप से छपे हुए नोट बरामद किए हैं। जब्त की गई वस्तुओं की कुल कीमत 11,92,500 है, जिसमें 2,10,000 मूल्य के सात मोबाइल फोन और 16,500 भारतीय करेंसी शामिल है। पुलिस ने नकली करेंसी के लिए टेम्पलेट के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली असली करेंसी भी बरामद की। पिछले महीने नवरंगपुरा इलाके में एक सर्राफा व्यापारी से 500 रुपये के नकली नोटों की स्कीम के जरिए 1.6 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। नकली नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर की जगह बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर की तस्वीर छपी थी। यह घोटाला 2,100 ग्राम सोने के सौदे के तहत सामने आया, जिसकी कीमत 1.6 करोड़ थी।

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