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चुनावी बॉन्ड की पूरी जानकारी का खुलासा करें, सुप्रीम कोर्ट ने SBI को खूब सुनाया

Supreme Court tells SBI to disclose complete details of electoral bonds नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तीसरी बार SBI को फटकार लगाई। उसे चुनिंदा रवैया न अपनाने और 21 मार्च तक चुनावी बॉन्ड स्कीम से जुड़ी सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करने को कहा। इसके मुताबिक, SBI को यूनिक बॉन्ड नंबर्स बताने होंगे, जिससे खरीदार और उसे भुनाने वाले राजनीतिक दल के बीच संबंध का खुलासा होगा। चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि SBI को सभी जानकारियों का पूरी तरह खुलासा करना होगा। निर्वाचन आयोग को ये जानकारियां तुरंत अपनी वेबसाइट पर अपलोड करनी होंगी। 21 मार्च तक सारी जानकारी देंकोर्ट ने कहा, ‘आदेश को पूरी तरह से प्रभावी बनाने और भविष्य में किसी भी विवाद से बचने के लिए SBI के चेयरमैन और MD 21 मार्च को शाम 5 बजे से पहले एक हलफनामा दाखिल कर ये बताएं कि बॉन्ड की सभी जानकारियों का खुलासा कर दिया है और कोई भी जानकारी छिपाई नहीं है।’ SBI की ओर से पेश हुए वकील हरीश साल्वे ने कहा कि बैंक को उसके पास मौजूद सभी जानकारियों का खुलासा करने में कोई आपत्ति नहीं है। सोशल मीडिया पर हम पर भी कमेंट होते हैं: CJIसुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक बार जब अदालत फैसला सुना देती है, तो यह देश की प्रॉपर्टी बन जाता है और बहस के लिए खुला होता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र ओर से कहा, ‘बेबुनियादी बयानबाजी शुरू हो गई हैं। कोर्ट में पेश लोगों ने प्रेस को इंटरव्यू देना, कोर्ट को जानबूझकर शर्मिंदा करना शुरू कर दिया है।’ इस पर CJI ने कहा, ‘जज होने के नाते हम संविधान के मुताबिक फैसला करते हैं। हम कानून के मुताबिक काम करते हैं। हम पर भी सोशल मीडिया और प्रेस में कमेंट किए जाते हैं। एक संस्था के तौर पर हमारे कंधे मजबूत हैं। हमारी अदालत को उस राजनीति में एक संस्थागत भूमिका निभानी है, जो संविधान और कानून के शासन द्वारा शासित होती है। यही एकमात्र काम है।’

एक्शन में चुनाव आयोग, 6 राज्यों के गृह सचिव हटाए

Election Commission in action, removed Home Secretaries of 6 states पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को भी हटा दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर को भी बदला गया है। नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद चुनाव आयोग (EC) एक्शन में है। चुनाव आयोग ने सोमवार को 6 राज्यों के गृह सचिवों को हटा दिया। ये राज्य हैं – यूपी, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात।साथ ही पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को भी हटा दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर को भी बदला गया है। मिजोरम के प्रशासनिक सचिव को हटाया गया है। हिमाचल के सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। आयोग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें, जो तीन साल पूरे कर चुके हैं या अपने गृह जिलों में हैं। चंडीगढ़ के डीजीपी का पदभार संभालने के बाद सुरेंद्र सिंह यादव ने कहा, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना निश्चित रूप से एक चुनौती है। चुनाव को किस तरह से मैनेज किया जाए, इसके लिए आईजी और यूटी के एसएसपी हर छोटी से छोटी बात पर नजर रखकर इसकी तैयारी कर रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए तैयार है।

 7 चरणों में होगा लोकसभा चुनाव, 4 जून को आएंगे नतीजे

Lok Sabha elections will be held in 7 phases, results will come on June 4 नई दिल्ली। केंद्रीय चुनाव आयोग (EC) ने शनिवार को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मतदान की तारीखों का एलान कर दिया। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रेस वार्ता में घोषणा के साथ ही देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि 12 राज्यों में महिला मतदाताओं का अनुपात पुरुष मतदाताओं से अधिक है। यहां देखिए लोकसभा चुनाव 2024 से जुड़ा हर अपडेट

लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कलः चुनाव आयोग दोपहर 3 बजे शेड्यूल जारी करेगा, आचार संहिता भी लागू हो जाएगी

Lok Sabha election dates announced tomorrow: Election Commission will release the schedule at 3 pm, code of conduct will also come into force. चुनाव आयोग CEC राजीव कुमार, EC सुखबीर संधू और ज्ञानेश कुमार ने शुक्रवार को ही लोकसभा चुनावों को लेकर मीटिंग की है। आम चुनाव 2024 और राज्य विधानसभाओं के कार्यक्रम की घोषणा करने के लिए चुनाव आयोग शनिवार 16 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। यह दोपहर 3 बजे आयोजित की जाएगी। इसे ईसीआई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइवस्ट्रीम किया जाएगा। इसके साथ ही पूरे देश में आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। एक दिन पहले ही दो चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति गई है। ज्ञानेश कुमार और सुखबीर संधू नए चुनाव आयुक्तों ने शुक्रवार 15 मार्च को पदभार संभाला है। आयोग के तीनों अधिकारियों ने शुक्रवार को ही चुनाव कार्यक्रम को लेकर बैठक का आयोजन किया था। 2024 लोकसभा चुनाव में 97 करोड़ वोटर्स, 2 करोड़ नए मतदाता जुड़े 2024 लोकसभा चुनाव में 97 करोड़ लोग वोटिंग कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने 8 फरवरी को सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के वोटर्स से जुड़ी स्पेशल समरी रिवीजन 2024 रिपोर्ट जारी की थी। आयोग ने बताया कि वोटिंग लिस्ट में 18 से 29 साल की उम्र वाले 2 करोड़ नए वोटर्स को जोड़ा गया है। 2019 लोकसभा चुनाव के मुकाबले रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या में 6% की बढ़ोतरी हुई है। चुनाव आयोग ने कहा- दुनिया में सबसे ज्यादा 96.88 करोड़ वोटर्स लोकसभा चुनावों में वोटिंग के लिए रजिस्टर्ड हैं। साथ ही जेंडर रेशो भी 2023 में 940 से बढ़कर 2024 में 948 हो गया है।

वन नेशन-वन इलेक्शन पर कोविंद कमेटी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी रिपोर्ट

Kovind Committee submits report to President Draupadi Murmu on One Nation-One Election यह रिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। इसमें रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत आठ सदस्य हैं। वन नेशन-वन इलेक्शन यानी एक देश, एक चुनाव के लिए पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप दी है। कमेटी के सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन जाकर रिपोर्ट सौंपी। वन नेशन वन इलेक्शन पर कमेटी ने 18 हजार 626 पन्नों की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में 2029 में एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश की गई है। कोविंद की अगुवाई में सितंबर 2023 में बनी थी कमेटीरिपोर्ट 2 सितंबर 2023 को पैनल के गठन के बाद से हितधारकों और एक्सपर्ट्स परामर्श और 191 दिन के रिसर्च का नतीजा है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुआई में 8 सदस्यों की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। 23 सितंबर 2023 को पहली बैठक दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक हुई थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गए हैं। क्या है पैनल के सुझाव? 2029 में एकसाथ चुनाव कराने की सिफारिशरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विधि आयोग के प्रस्ताव पर सभी दल सहमत हुए तो यह 2029 से ही लागू होगा। साथ ही इसके लिए दिसंबर 2026 तक 25 राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने होंगे। मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम विधानसभाओं का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाकर जून 2029 तक किया जाए। उसके बाद सभी राज्यों में एक साथ विधानसभा-लोकसभा चुनाव हो सकेंगे।

लाइफ करियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल में धूम धाम से मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 

International Women’s Day celebrated with pomp in Life Career Senior Secondary CBSE School हरिप्रसाद गोहे आमला ।। लाइफ  करियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल में तहसीलदार आमला श्रीमती पूनम साहू के मुख्य आतिथ्य , श्रीमती रश्मि सोनी प्राचार्या यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल  एवं श्रीमती शहनाज  खान के विशिष्ट आतिथ्य तथा श्रीमती संगीता यादव प्राचार्या लाइफ करियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल की अध्यक्षता मे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन हुआ ।  कार्यक्रम में श्रीमती पूनम साहू ने अपने  मुख्य आतिथ्य उद्बोधन में ने उपस्थित जनों के समक्ष महिलाओं के अधिकारो एवं उनके अस्तित्व के महत्व के संबंध में अपने विचार सांझा किये, “उन्होंने कहा कि स्त्री होना अपने आप में एक गर्व की बात है क्योंकि स्त्री ही परिवार एवं समाज की सृजनकर्ता है एक स्त्री ही अपने घर परिवार और समाज को सुंदर बनाने का सामर्थ रखती है”एवं उनके विकास और उत्थान मे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है l  विशिष्ट अतिथि श्रीमती रश्मि सोनी ने अपने उद्बोधन में  इस बात पर खेद जताया कि समाज की सृजनकर्ता  स्वयं अपने अधिकारों व अपने महत्व के प्रति जागरूक नहीं है , और अपने स्वयं के निर्णय लेने में भी सक्षम नहीं है उन्होंने कहा कि समानता  का अधिकार होने के बावजूद महिला अपने निर्णय स्वयं नहीं ले पाती है समाज मे समानता तभी संभव है जब एक महिला को भी अपने निर्णय स्वयं लेने का अधिकार हो वही कार्यक्रम अध्यक्षा श्रीमती संगीता यादव ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की सलाह दी l  कार्यक्रम में लाइफ करियर सीनियर सेकेंडरी सीबीएसई स्कूल  एवं यूनिवर्सल इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती ऋतु गुगनानी एवं श्रीमती सोनिका जोशी  ने किया  l

‘संसदीय विशेषाधिकार नहीं है रिश्वतखोरी’, ‘वोट के बदले नोट’ फैसले में CJI ने की अहम टिप्पणियां

‘Bribery is not a parliamentary privilege’, CJI made important comments in the ‘note for vote’ decision वोट के बदले नोट लेने के मामले में अभियोजन (मुकदमे) से छूट देने का फैसला सुनाया था। चीफ जस्टिस ने कहा कि ‘माननीयों को मिली छूट यह साबित करने में विफल रही है कि माननीयों को अपने विधायी कार्यों में इस छूट की अनिवार्यता है।’ सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में रिश्वत लेकर वोट देने वाले माननीयों को अभियोजन से राहत देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में पीवी नरसिम्हा राव के मामले में दिए अपने पिछले फैसले को पलट दिया। सात जजों की संविधान पीठ ने कहा कि संसदीय विशेषाधिकार के तहत रिश्वतखोरी की छूट नहीं दी जा सकती। जानिए क्या बोले सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़फैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ‘पीठ के सभी जज इस मुद्दे पर एकमत हैं कि पीवी नरसिम्हा राव मामले मे दिए फैसले से हम असहमत हैं।’ नरसिम्हा राव मामले में अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने सांसदों-विधायकों को वोट के बदले नोट लेने के मामले में अभियोजन (मुकदमे) से छूट देने का फैसला सुनाया था। चीफ जस्टिस ने कहा कि ‘माननीयों को मिली छूट यह साबित करने में विफल रही है कि माननीयों को अपने विधायी कार्यों में इस छूट की अनिवार्यता है।’ मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि ‘संविधान के अनुच्छेद 105 और 194 में रिश्वत से छूट का प्रावधान नहीं है क्योंकि रिश्वतखोरी आपराधिक कृत्य है और ये सदन में भाषण देने या वोट देने के लिए जरूरी नहीं है। पीवी नरसिम्हा राव मामले में दिए फैसले की जो व्याख्या की गई है, वो संविधान के अनुच्छेद 105 और 194 के विपरीत है।’ ‘माननीयों के भ्रष्टाचार से तबाह हो जाएगा संसदीय लोकतंत्र’मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि हम मानते हैं कि रिश्वतखोरी, संसदीय विशेषाधिकार नहीं है। माननीयों द्वारा किया जाने वाला भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी भारत के संसदीय लोकतंत्र को तबाह कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि जो विधायक राज्यसभा चुनाव के लिए रिश्वत ले रहे हैं उनके खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि आज सात जजों की पीठ ने कहा है कि अगर सांसद पैसे लेकर सदन में सवाल पूछते हैं या वोट करते हैं, तो वे विशेषाधिकार का तर्क देकर अभियोजन से छूट का दावा नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पैसे लेकर वोट देने या सवाल पूछने से भारत का संसदीय लोकतंत्र तबाह हो जाएगा।

दुनिया की पहली वैदिक घड़ी का उद्घाटन, देवास में बनेगा देवी लोक

World’s first Vedic clock inaugurated, Devi Lok to be built in Dewas; PM will give a gift of Rs 17 thousand crores उज्जैन !प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मध्य प्रदेश सरकार के विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस दौरान PM मोदी 17 हजार 500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात देंगे।लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने के पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को मध्य प्रदेश सरकार के विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। प्रदेश की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में हो रहे इस कार्यक्रम का पूरे प्रदेश के 500 स्थानों पर लाइव प्रसारण होगा। गुरुवार शाम 4 बजे पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना वर्चुअल संबोधन देंगे। इस दौरान PM मोदी मध्य प्रदेश में 17 हजार 500 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शाम चार बजे वर्चुअली लोकार्पण-भूमिपूजन करेंगे। स्वीकृत हो चुके 16961 करोड रुपए से अधिक के कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। इस दौरान पूरे हो चुके प्रोजेक्ट को राष्ट्र को समर्पित किया जाएगा, इसमें सिंचाई, बिजली, सड़क, रेल, जलपूर्ति, कोयला उद्योग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के प्रोजेक्ट शामिल है। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी मध्य प्रदेश में साइबर तहसील परियोजना का शुभारंभ और उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण भी करेंगे। वही महाकाल लोक की तर्ज पर देवास में देवी लोक भी बनाया जाएगा। विश्व की पहली वैदिक घड़ी का शुभारंभ उज्जैन के चिंतामन रोड स्थित जंतर मंतर वेधशाला परिसर में 85 फीट ऊंचे टावर पर विश्व की एकमात्र और पहले वैदिक घड़ी स्थापित की गई है। यह समय के साथ मुहूर्त पर्व ग्रह नक्षत्र समेत कई जानकारियां दर्शाएगी। उज्जैन की वैदिक घड़ी दुनिया की पहली ऐसी डिजिटल वॉच होगी, जो इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) और ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) तो बताएगी ही साथ ही पंचांग और मुहूर्तों की भी जानकारी देगी। इस घड़ी में सूर्योदय-सूर्यास्त से लेकर सूर्य और चंद्र ग्रहण कब होगा, घड़ी यह भी बताएगी। उज्जैन में जंतर-मंतर पर 85 फीट ऊंचे टॉवर पर इसे लगाया गया है। इसके साथ ही वैदिक घड़ी का एप भी लॉन्च किया जाएगा। गुरुवार को इसका शुभारंभ शाम 4 बजे पीएम नरेंद्र मोदी वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। वैदिक घड़ी की क्या है खासियत:इस घड़ी की एक खास बात यह भी है कि यह समय की गणना एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक की अवधि के आधार पर करती है. यह नक्षत्र, धूमकेतु, कालग्रहण, संचार, परिभ्रमण, तिथि वार, नक्षत्र, योग आदि की जानकरी उपलब्ध करायेगी. यह घड़ी दो सूर्योदयों के बीच की समयावधि को आईएसडी के अनुसार 30 भागों में विभाजित करती है. समय की गणना 0:00 बजे से सूर्योदय के साथ 30 घंटे (48 मिनट का एक घंटा) के लिए शुरू होगा. यह घड़ी वैदिक हिंदू पंचांग से 30 मुहूर्त, तिथि और विभिन्न अन्य समय के बारें में भी बताएगी. इसकी बारें में जानकारी देते हुए महाराजा विक्रमादित्य शोध संस्थान के निदेशक ने बताया कि ”यह दुनिया की पहली घड़ी होगी जिसमें भारतीय समय की गणना प्रदर्शित की जाएगी”. इस वैदिक घड़ी के लिए एक एप्लिकेशन भी तैयार किया गया है जिसकी मदद से मोबाइल, एलईडी, स्मार्ट टीवी, टैब में भी इसे इंस्टाल करके देखा जा सकता है.

स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह- सीजनल फ्लू से करें बचाव, जानिए इसके लिए क्या करें-क्या नहीं?

Health Ministry’s advice – Protect yourself from seasonal flu, know what to do and what not to do? फरवरी-मार्च के महीने में देश में मौसम में तेजी से बदलाव आने लगता है और बदलता मौसम कई प्रकार की बीमारियों और संक्रमण का कारक हो सकता है। विशेषतौर पर मौसम बदलने के कारण सीजनल फ्लू (इंफ्लूएंजा) के मामले सबसे ज्यादा देखे जाते रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है उनमें संक्रामक रोगों के विकसित होने का खतरा अधिक होता है। बच्चे और बुजुर्ग मौसमी फ्लू का अधिक शिकार होते हैं। मौसम में होने वाले परिवर्तन के साथ इस संक्रामक रोग से बचाव को लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी सीजनल फ्लू और इसके जोखिमों को लेकर लोगों को सावधान किया है। आइए जानते हैं इस संक्रमण से किस प्रकार से बचाव किया जा सकता है और सुरक्षात्मक तौर पर लोगों को क्या करना चाहिए-क्या नहीं? मौसमी फ्लू (इन्फ्लूएंजा) का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, मौसमी फ्लू को इन्फ्लूएंजा के नाम से भी जाना जाता है, ये वायरल संक्रमण श्वसन समस्याओं का कारण बनता है। इसके कारण सर्दी-जुकाम के साथ बुखार, शरीर-सिर में दर्द के साथ थकान की समस्या हो सकती है। इन्फ्लूएंजा वायरस, संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने पर आसानी से फैल सकता है। फ्लू का टीकाकरण इस बीमारी से बचाव का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। डॉक्टर कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में कुछ प्रकार के बदलाव करके भी आप संक्रामक रोगों के खतरे से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं। सीजनल फ्लू से बचाव के लिए क्या करें? स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक पोस्ट में सीजनल फ्लू से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें, इसको लेकर स्पष्ट जानकारी साझा की है। आइए जानते हैं कि इस बदलते मौसम में स्वस्थ और फिट रहने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?मास्क पहनें और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें।छींकते और खांसते समय मुंह और नाक को ढकें।आंखों और नाक को बार-बार छूने से बचें।तरल पदार्थों-पानी का खूब सेवन करें।बुखार और शरीर में कुछ समय से दर्द महसूस हो रहा है तो पैरासिटामॉल लें। संक्रामक रोग से बचाव के लिए क्या न करें? स्वास्थ्य मंत्रालय ने सीजनल फ्लू से बचाव के लिए कुछ बातों का ध्यान रखने और उसे न करने की सलाह दी है। क्या है डब्ल्यूएचओ की सलाह? विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) कहता है, थोड़ी सी सावधानी आपको और परिवार के अन्य सदस्यों को इस संक्रामक रोग से सुरक्षित रख सकती है। मौसमी फ्लू आसानी से फैल सकता है, स्कूलों और नर्सिंग होम सहित भीड़-भाड़ वाली जगहों पर इसका प्रसार अधिक तेजी से होने का जोखिम रहता है। जब कोई संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो इससे निकलने वाली ड्रॉपलेट (संक्रामक बूंदें) हवा में फैल जाती हैं और निकटतम व्यक्तियों को संक्रमित कर सकती हैं। संचरण को रोकने के लिए, खांसते समय अपने मुंह और नाक को रुमाल से ढकना और नियमित रूप से अपने हाथ धोना जरूरी है।

संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती विशेष प्रकाशन

Sant Shiromani Guru Ravidas Jayanti Special Publication Ravidas Jayanti 2024: गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ ? संत गुरु रविदास जी को प्रेम और करुणा की शिक्षाओं और समाज से जाति के भेदभाव को दूर करने के लिए जाना जाता है. हर साल माघ पूर्णिमा को रविदास जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है.भारत के प्रसिद्ध संत रविदास को रैदास के नाम से भी जाना जाता है. रविदास ऐसे संत और कवि थे, जिनका भक्ति आंदोलन में अहम योगदान रहा. समाज विभाजन को दूर करने पर इन्होंने जोर दिया और व्यक्तिगत आध्यात्मिक आंदोलन के लिए एकता को बढ़ावा दिया. रविदास जी के जन्मदिन को ही हर साल रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है, जोकि आज शनिवार, 24 फरवरी 2024 को है. संत रविदास ईश्वर को पाने का केवल एक रास्ता जानते थे और वो है ‘भक्ति’. इसलिए उनका एक मुहावरा ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ वर्तमान में काफी प्रसिद्ध है. संत रविदास जी ने अपना सारा जीवन समाज सुधार कार्य, समाज कल्याण और समाज से जाति भेदभाव को दूर करने के कार्यों में समर्पित कर दिया. आइये जानते हैं गुरु रविदास जी का जन्म कब और कहां हुआ था? कब और कहां हुआ संत रविदास का जन्म संत गुरु रविदास एक महान कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे. संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी क्षेत्र में माघ पूर्णिमा को 1377 में हुआ था. इसलिए हर साल माघ पूर्णिमा के दिन रविदास जयंती मनाई जाती है. लेकिन इनके जन्म को लेकर विद्वानों के बीच अलग-अलग मत हैं. इनकी माता का नाम कर्मा देवी और पिताजी का नाम संतोष दास था. संत रविदास का जन्म एक मोची परिवार में हुआ था और इनके पिता जूते बनाने का काम किया करते थे. रविदास जी बचपन से बहादुर और ईश्वर के भक्त थे. पंडित शारदानंद गुरु से इन्होंने शिक्षा प्राप्त की. जैसे-जैसे रविदास जी की उम्र बढ़ने लगी भक्ति के प्रति इनकी रुचि भी बढ़ गई. आजीविका के लिए रविदास जी ने पैतृक काम को करते हुए भगवान की भक्ति में भी लीन रहे. चर्मकार कुल के होने के कारण वे जूते बनाया करते थे और अपने पैतृक कार्य में उन्हें आनंद भी मिलता था. वे अपना काम ईमानदारी, परिश्रम और पूरे लगन से करते थे. साथ ही लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने की शिक्षा भी दिया करते थे. संत शिरोमणि गुरु रविदास कौन थे, समाज के लिए क्या है इनका योगदान भारत में कई संतों ने लोगों को आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा जमुनी तहजीब सिखाई. इन्हीं में एक थे संत रविदास, जिनका भक्ति आंदोलन और समाज सुधार में विशेष योगदान रहा. संत गुरु रविदास भारत के महान संतों में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज सुधार कार्य के लिए समर्पित कर दिया. समाज से जाति विभेद को दूर करने में रविदास जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा. वो ईश्वर को पाने का एक ही मार्ग जानते थे और वो है ‘भक्ति’, इसलिए तो उनका एक मुहावरा आज भी बहुत प्रसिद्ध है कि, ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’. रविदास जी का जन्म रविदास जी के जन्म को लेकर कई मत हैं. लेकिन रविदास जी के जन्म पर एक दोहा खूब प्रचलित है- चौदस सो तैंसीस कि माघ सुदी पन्दरास. दुखियों के कल्याण हित प्रगटे श्री गुरु रविदास. इस पंक्ति के अनुसार गुरु रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा को रविवार के दिन 1433 को हुआ था. इसलिए हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है जोकि इस वर्ष 24 फरवरी 2024 को है. रविदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मोची परिवार में हुआ. उनके पिताजी जाति के अनुसार जूते बनाने का पारंपरिक पेशा करते थे, जोकि उस काल में निम्न जाति का माना जाता था. लेकिन अपनी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद भी रविदास जी भक्ति आंदोलन, हिंदू धर्म में भक्ति और समतावादी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उजागर हुए. 15 वीं शताब्दी में रविदास जी द्वारा चलाया गया भक्ति आंदोलन उस समय का एक बड़ा आध्यात्मिक आंदोलन था. समाज के लिए गुरु रविदास का योगदान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी एक महान संत और समाज सुधारक थे. भक्ति, सामाजिक सुधार, मानवता के योगदान में उनका जीवन समर्पित रहा. आइये जानते हैं गुरु रविदास के महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में- धार्मिक योगदान: भक्ति और ध्यान में गुरु रविदास का जीवन समर्पित रहा. उन्होंने भक्ति के भाव से कई गीत, दोहे और भजनों की रचना की, आत्मनिर्भरता, सहिष्णुता और एकता उनके मुख्य धार्मिक संदेश थे. हिंदू धर्म के साथ ही सिख धर्म के अनुयायी भी गुरु रविदास के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं. रविदास जी की 41 कविताओं को सिखों के पांचवे गुरु अर्जुन देव ने पवित्र ग्रंथ आदिग्रंथ या गुरुग्रंथ साहिब में शामिल कराया था.सामाजिक योगदान: समाज सुधार में भी गुरु रविदास जी का विशेष योगदान रहा. इन्होंने समाज से जातिवाद, भेदभाव और समाजिक असमानता के खिलाफ होकर समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया.शिक्षा और सेवा: गुरु रविदास जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने शिष्यों को उच्चतम शिक्षा पाने के लिए प्रेरित किया. अपने शिष्यों को शिक्षत कर उन्होंने शिष्यों को समाज की सेवा में समर्थ बनाने के लिए प्रेरित किया. मध्यकाल की प्रसिद्ध संत मीराबाई भी रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं. Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि SAHARA SAMACHaar.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड को मिला बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड का पुरस्कार

Madhya Pradesh Tourism Board received the Best State Tourism Board award मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार नवाचार करने पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।प्रदर्शनी में बोर्ड ने प्रमुखता से सहभागिता कर देश एवं विदेशों से आए ट्रेवल एजेंट्स टूर आपरेर्ट्सहोटेलियर्स एवं विभिन्न हितधारकों के समक्ष प्रदेश के पर्यटन स्थलों एवं उत्पादों को प्रचारित किया। भोपाल। मध्य प्रदेश के पर्यटन गंतव्यों के प्रचार-प्रसार, नवाचार करने, पर्यटकों को अनुभव आधारित पर्यटन प्रदान करने एवं पर्यावरण अनुकूल पर्यटन के क्षेत्र में सबसे बेहतर काम करने के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रमुख ट्रेवल प्रदर्शनी एसएटीटीई (साउथ एशियन ट्रेवल एंड टूरिज्म एक्सचेंज) में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड को ‘बेस्ट टूरिज्म स्टेट बोर्ड के अवार्ड से सम्मानित किया गया है। युवराज पडोले ने ग्रहण किया पुरस्कारवहीं, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जाने पर प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने इस खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन विभाग सदैव ही प्रदेश में भ्रमण के लिए पहुंचने वाले पर्यटकों की सुलभता, सुगमता एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड की ओर से यह सम्मान उपसंचालक युवराज पडोले ने ग्रहण किया। इस आधार पर मिला परस्कार एमपीटीबी स्टाल पर आगंतुकों को सांची, अमरकंटक, नर्मदा के घाटों और अन्य गंतव्यों के वर्चुअल टूर का अनुभव करने का भी मौका मिला। बोर्ड को यह सम्मान पर्यटन, बुनियादी ढांचे के विकास, स्थानीय समुदाय के आर्थिक विकास, राज्य की संस्कृति और विरासत के संरक्षण इत्यादि क्षेत्र में उच्च स्तरीय प्रदर्शन के आधार पर दिया गया है।

बसंत के मौसम में घूमने जाएं भारत की ये 6 जगहें, लगती हैं अधिक खूबसूरत

Visit these 6 places of India in spring season, they look more beautiful. सर्दियां खत्म होने वाली हैं तो क्यों न बसंत मौसम की छुट्टियों में कहीं घूमने जाया जाए? अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो भारत की कुछ जगह घूमने के लिए बेस्ट हैं. भारत के अधिकांश जगहों पर सर्दी धीरे-धीरे खत्म होने लगी है और बसंत का मौसम लगभग आने ही वाला है. भारत में सर्दी और गर्मी के बीच के मौसम को बसंत ऋतु कहा जाता है. ऐसे में अक्सर लोग गर्मी का मौसम आने से पहले ही घूमने का प्लान बना लेते हैं क्योंकि बसंत का मौसम अधिक समय तक नहीं रहता.अगर आप भी बसंत के मौसम में घूमने जाना चाहते हैं तो हम आपको कुछ ऐसी जगहें बता रहे हैं जो आपके लिए बेस्ट रहेंगी. इन जगहों में से आप अपने मुताबिक स्थान चुनें कि आप मौसम का लुत्फ उठाने जाना चाहते हैं या फिर खिलते हुए फूलों को देखने जाना चाहते हैं. कश्मीर धरती के स्वर्ग के रूप में फेमस कश्मीर का मौसम बसंत (मार्च से मई की शुरुआत तक) के मौसम में काफी अच्छा रहता है. इस दौरान आप कश्मीर के साथ-साथ श्रीनगर के इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन में खिलते हुए ट्यूलिप आपका दिल जीत लेंगे. मुन्नार (केरल) अपने चाय बागानों और हरी-भरी हरियाली के लिए फेमस, मुन्नार बसंत मौसम के दौरान स्वर्ग में बदल जाता है. इस मौसम में यहां का तापमान 19 डिग्री सेल्सियस से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है. आप यहां पहाड़ों के साथ-साथ हरियाली का मजा ले सकते हैं. शिलांग (मेघालय)  ईस्ट स्कॉटलैंड के रूप में जाना जाने वाला शिलांग बसंत ऋतु में काफी अच्छा रहकता है. जब यहां पर रोडोडेंड्रोन और ऑर्किड फूल खिलते हैं पूरा शहर काफी सुंदर दिखने लगता है. कूर्ग (कर्नाटक)  भारत का स्कॉटलैंड कहा जाने वाला कूर्ग अपने कॉफी बागानों और धुंध भरी पहाड़ियों के लिए फेमस है. बसंत के दौरान यहां की पहाड़ियां कॉफी के फूलों की सुगंध और कॉफी की झाड़ियों को ढंकने वाले सफेद फूलों से काफी अच्छी लगती है. गुलमर्ग (कश्मीर) गुलमर्ग में अप्रैल से जून के आसपास आना चाहिए. यह वो मौसम होता है जब यात्रियों को हरे-भरे घास के मैदान और बर्फ से ढकी हुई पहाड़ियां देखने मिलती हैं. बसंत ऋतु में बर्फ पिघलना शुरू हो जाती है जिससे रंग-बिरंगे फूलों का कालीन बिछा हुआ नजर आता है. ऊटी (तमिलनाडु)  नीलगिरि पहाड़ियों में बसा, ऊटी एक फेमस हिल स्टेशन है जो अपने अच्छे मौसम और राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है. बसंत ऋतु में यहां के वनस्पति उद्यानों में रंग भरती है जिसमें रोडोडेंड्रोन, ऑर्किड और गुलाब जैसे फूल पूरी तरह खिल जाते हैं

मैं किसान का बेटा हूं झुकूंगा नहीं, तानाशाह सरकार का मुकाबला करूंगा, सत्यपाल मलिक

I am a farmer’s son, I will not bow down, I will fight the dictatorial government, Satyapal Malik पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर छापे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा – पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूँ और अस्पताल में भर्ती हूं। जिसके बावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाएं जा रहें हैं। मेरे ड्राईवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। मैं किसान का बेटा हूँ, इन छापों से घबराऊंगा नहीं,मैं किसानों के साथ हूँ। जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के घर और अन्य 30 ठिकानों पर सीबीआई ने आज गुरुवार सुबह छापा मारा है खबर है कि सीबीआई का ये एक्शन हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर किया गया है , उधर छापे की कार्रवाई के बाद सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर लिखा – मैं बीमार हूँ , अस्पताल में भर्ती हूँ, मैं किसान का बेटा हूँ घबराऊंगा नहीं। किरू हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक्शनजो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ में किरू हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के दौरान 2019 में 2200 करोड़ रुपये का सिविल काम के लिए ठेका हुआ था इसमें कथित तौर पर भ्रष्टाचार हुआ था , इस समय सत्यपाल मलिक वहां के राज्यपाल थे , उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें इस प्रोजेक्ट की दो फाइलों को मंजूर करने के लिए 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी। मलिक के दिल्ली स्थित घर सहित 30 अन्य ठिकानों पर CBI के छापेसीबीआई हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी जुटा रही है , बताया जा रहा है कि सीबीआई ने आज गुरुवार को दिल्ली स्थित घर पर सुबह सुबह छापा मरा साथ ही मलिक के करीबियों के करीब 30 अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की है, उधर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोशल मीडिया X पर छापे के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है। X पर मलिक ने लिखा – मैं किसान का बेटा, इन छापों से घबराऊंगा नहींउन्होंने लिखा – पिछले 3-4 दिनों से मैं बीमार हूँ और अस्पताल में भर्ती हूं। जिसके बावजूद मेरे मकान में तानाशाह द्वारा सरकारी एजेंसियों से छापे डलवाएं जा रहें हैं। मेरे ड्राईवर, मेरे सहायक के ऊपर भी छापे मारकर उनको बेवजह परेशान किया जा रहा है। मैं किसान का बेटा हूँ, इन छापों से घबराऊंगा नहीं,मैं किसानों के साथ हूँ।

राजकोट टेस्ट में इंग्लैंड 319 पर ऑलआउट: भारत को 126 रन की बढ़त

England all out for 319 in Rajkot Test: India lead by 126 runs मोहम्मद सिराज को 4 विकेट; बेन डकेट की सेंचुरी राजकोट टेस्ट में इंग्लैंड टीम 319 रन पर ऑलआउट हो गई। तीसरे दिन के दूसरे सेशन में मोहम्मद सिराज ने जेम्स एंडरसन को बोल्ड किया। इसी के साथ इंग्लैंड की पारी सिमट गई। भारत ने पहली पारी में 445 रन बनाए थे, इसलिए टीम को 126 रन की बढ़त मिली। मोहम्मद सिराज ने 4 विकेट लिए। 2-2 विकेट रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव को मिले। जबकि जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन के हाथ 1-1 सफलता लगी। इंग्लैंड से बेन डकेट ने 153 रन बनाए। कप्तान बेन स्टोक्स 41 और ओली पोप 39 रन बनाकर आउट हुए। इनके अलावा कोई और प्लेयर 20 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सका।

विस्फोट के बाद पटाखा फैक्ट्री के आधा किलोमीटर के दायरे में बिखरे पड़े थे शवों के टुकड़े

After the explosion, pieces of dead bodies were scattered within half a kilometer of the firecracker factory. हरदा। हरदा की पटाखा फैक्ट्री सोमेश फायर वर्क में हुए विस्फोट के बाद आसपास रहने वाले लोगों को लगा कि भूकंप आया हो। घरों के खिड़की के शीशे टूट गए। बर्तन जमीन पर गिर पड़े और कच्चे मकानों की दीवारों में दरारें आ गई। फैक्ट्री के आधा किलोमीटर के दायरे में तो भयावह स्थिति है।शवों के टुकड़े बिखरे पड़े। कही पैर पड़े थे तो कही धड़। सड़क से गुजर रहे लोग भी हादसे का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद हरदा में एम्बुलैंस, दमकलों के सायरन ही गूंज रहे है। इस घटना का आंखों देखा हाल फैक्ट्री से एक किलोमीटर दूर बेरागढ़ वार्ड में रहने वाले जितेंद्र सैनी ने बताया। यदि उनकी बातों पर गौर करे तो हादसे में बड़ी संख्या में लोग शिकार हुए है। सड़क से गुजर रहे लोग भी हो गए घायल मैं सुबह घर पर ही था। 11 बजे अचानक धमका हुआ। खिड़की के शीशे टूट गए। बाहर निकल कर देखा तो आसमान में आग का गुबार नजर आया। चारों तरफ धुंआ ही धुंआ था। लगातार विस्फोट हो रहे थे। फैक्ट्री के आसपास के खेतों मे शवों के टुकड़े बिखरे पड़े थे। किसी का सिर गायब था जो किसी का हाथ।बस्तीवाले शवों को कपड़ों से ढक रहे थे। फैक्ट्री के पास से गुजरने वाली सड़क से गुजर रहे दोपहिया वाहन चालक भी घायल हो गए। फैक्ट्री का मलबा उड़कर उन्हें लगा। लोहे के 10-15 किलो के एंगल उड़कर खेतों में आ गए थे।हरदा के आसपास में पैर रखने की जगह नहीं है। फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों के परिजन बदहवास हालत में घूम रहे है। मोबाइल लगाकर फैक्ट्री में गए श्रमिकों की सलामती की तसल्ली परिजन कर रहे थे।

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