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पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री पटेल ने माँ नर्मदा का किया पूजन

अनूपपुर  मध्यप्रदेश शासन के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  लखन पटेल ने पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित माँ नर्मदा मंदिर में माँ नर्मदा का पूजन-अर्चन किया। उन्होंने माँ नर्मदा से प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इस दौरान उप संचालक पशु पालन डॉ बी बी चौधरी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, मां नर्मदा मंदिर के पुजारी तथा श्रद्धालु उपस्थित रहे।

आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट: डॉ. मोहन यादव

भोपाल भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में हम विकसित भारत का मिशन लेकर आगे बढ़ रहे हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा, उद्योगों को सरल प्रक्रियाएँ, निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई सेक्टर को संस्थागत समर्थन और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त होंगी। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की जो नींव प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रखी गई है उसे वर्ष 2026-27 के बजट ने और ज्यादा मजबूत किया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब तेजी से नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तत्पर है। युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और उदयमिता के सहयोग से भारत ने आगे बढ़ने जो संकल्प लिया है वह कई अर्थों में अदभुत है। आज जब भारत औदयोगिक निवेश और निर्माण क्षेत्र का हब बनने जा रहा है, उसमें मध्यप्रदेश भी अपनी पूरी शक्ति के साथ योगदान देने के लिए तैयार है। हमने औदयोगिक निवेश के लिये अनूकूल वातावरण तैयार किया, जिससे निरंतर निवेश आ रहा है। नये बजट से पूरे इको-सिस्टम को नई ऊर्जा मिली है। बजट में हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया गया है। इससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ होने वाला है। कृषक कल्याण और कृषि विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया है। इसी प्रकार सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीक के विकास पर बजट में ध्यान केन्द्रित किया गया है। इन तीनों क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को हाई‑टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। इन क्षेत्रों के लिये नीतियां बनाने का काम पूरा कर लिया है। निवेश आकर्षित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं। केन्द्रीय बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। यह सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश में तेजी से शिक्षा का आधुनिकीकरण हो रहा है, नया बजट युवाओं के कौशल विकास और रोज़गार के लिए व्यापक अवसर लेकर आया है। शिक्षा से रोजगार एवं उदयम स्थायी समिति का गठन और 15 हजार माध्यमिक विदयालयों एवं 500 महाविदयालयों में एपीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10 हजार गाइड्स के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेलों के परिदृश्य में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। महिलाओं के लिये एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रूपये का आवंटन लाभदायी होगा। युवा भारत के लिये सेवा क्षेत्र का विस्तार संभावनाओं के नये द्वार खोलेगा और रोज़गार और उदयम के अवसर बढ़ेंगे। महिला उदयमिता को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना में महिला उदयमियों को क्रेडिट लिंक आजीविका से उद्म स्वामित्व से जोड़ने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश ने पहले ही इस दिशा में ठोस प्रयास किये हैं। सिटी ईकॉनामिक रीजन बनाने की नीति मध्यप्रदेश के शहरी विकास के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। शहरों को संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने में यह सहायक सिद्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक‑व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इससे मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे और निवेश‑अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। यह निवेश मॉडल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स तथा व्यापारिक सुगमता को व्यापक रूप से मजबूत बनायेगा। बजट में सामाजिक समावेश पर पूरा ध्यान दिया गया है। आर्थिक विकास की ये पहल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। समावेशी विकास के साथ मानव-पूंजी निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। शी-मार्ट्स, दिव्यांगजन कौशल योजना, सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा‑कौशल आधारित पहल से सामाजिक सशक्तिकरण के साथ आर्थिक विकास को समावेशी स्वरूप मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव‑पूंजी का सृजन होगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को विकास के केन्द्र में रखते हुए यह बजट प्रशासनिक सरलीकरण, निवेश-अनुकूल नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की ठोस आधारशिला रखता है। मध्यप्रदेश के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक नीति-दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है, जो मध्यप्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में अत्यंत सहायक एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी।  

हर मंगलवार जनसुनवाई, देश में मिसाल बने अकेले विधायक

सिवनी.  दिनेश राय मुनमुन मध्यप्रदेश के अकेले ऐसे विधायक हे जो हर मंगलवार जनता की समस्याओं को सुनकर तुरंत हल करते हे या हल कराने की कोशिश करते हैं। यदि किसी को छोटी मोटी बीमारी के लिए आर्थिक मदद की आवश्यकता होती हैं तो ये अपनी जेब से उसे तुरंत मदद करते है। इसी कारण इनकी लोकप्रियता जनता में अलग छाई हुई हैं। आज तक इनके ऊपर दलाली और कमीशन का दाग नहीं है।  बेबाक बिना भय के इनकी बोलने की शैली इनकी पहचान हे। कोई भी कार्यक्रम चाहे सामाजिक विकास की बात हो हो या राजनीतिक कार्यक्रम हो इसके लिए वे सबसे आगे होते हैं। इसी कड़ी में पिछले  मंगलवार को,सिवनी स्थित अपने बारापत्थर  कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई मे अनेकों आवेदनों पर सुनवाई कर समस्याओं का निराकरण किये जाने निर्देश दिया। ​प्रातः 11:00 बजे विधायक * दिनेश राय मुनमुन जी द्वारा अपने कार्यालय मे आयोजित जनसुनवाई आरंभ की गयी। इस जनसुनवाई में विधानसभा क्षेत्र के दूर-दराज से आए नागरिकों द्वारा अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं से संबंधित अनेकों आवेदन प्रस्तुत किये गये। जिसमें विधायक  दिनेश मुनमुन जी ने प्रत्येक आवेदकों की बात को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनता की सेवा ही हमारा मुख्य ध्येय है समस्याओं का शीघ्र और प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा विधायक  दिनेश राय मुनमुन जी ने ग्राम पंचायत अलोनिया द्वारा गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम मे सहभागिता किया। जहां पर बालिकाओं द्वारा कलश लेकर आपकी आगवानी की गयी। इसके तदोपरांत सर्वप्रथम विधायक  दिनेश राय मुनमुन जी ने मां भारती का पूजन-अर्चन कर कार्यक्रम आरंभ कराया। तत्पश्चात पंचायत प्रतिनिधियों ने साफा पहनाकर फूलमालाओं आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान विधायक  दिनेश राय मुनमुन जी ने छात्र-छात्राओं एवं उपस्थितों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते कहा कि कला और संस्कृति हमारे समाज की आत्मा होती है। अभी मंच पर जो प्रस्तुतियां मैंने देखीं,वे यह दर्शाती हैं कि हमारे क्षेत्र की प्रतिभा किसी से कम नहीं है। ​ राय ने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि शिक्षा का अर्थ केवल किताबों से नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास से है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।विधायक  दिनेश राय मुनमुन जी ने आगे कहा कि मैं आयोजकों को बधाई देता हूं कि उन्होंने छात्र- छात्राओं को मंच प्रदान किया। सभी विद्यार्थियों से यही कहूंगा कि आप अपनी कला को जीवित रखें, खूब मेहनत करें और अपने माता-पिता व क्षेत्र का नाम रोशन करें। आप सभी के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। इस अवसर पर सर्व जयदीप ठाकुर जी अध्यक्ष भाजपा मंडल बंडोल, राकेश बैस (काकू), विशाल साहू जी सरपंच, नीरज यादव जी उपसरपंच, राकेश यादव जी, टेकराम बरकडे जी, रामनाथ यादव जी, जयवंती यादव जी, अमरीश डहेरिया जी, निखिल राय जी, संजू बंजारा जी, तीरन ठाकुर जी, पवन साहू जी, नीलू बघेल जी सहित अभिभावक, शिक्षक,  शिक्षिकाऐं एवं बड़ी संख्या मे छात्र-छात्राओं की गरिमामय उपस्थिति रही।  

बयान बना बवाल: ‘दौड़ते विधायक’ कहानी सुनाने वाले जतिन सांसद पर कानूनी शिकंजा

इंदौर दौड़ते हुए ‘विधायक जी संग युवा नेता के किस्से’ सुनाकर लाखों लोगों को अपना फैन बना चुके जतिन शुक्ला बुरी तरह घिर गए हैं। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर जतिन शुक्ला के खिलाफ मध्य प्रदेश के इंदौर में केस दर्ज किया गया है। सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल होने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई है। क्राइम ब्रांच ने प्राथमिक जांच के बाद जतिन शुक्ला के खिलाफ आईटी ऐक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।   एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि सांसद के प्रतिनिधि विशाल गदवानी ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत देकर बताया था कि ‘जतिन ऑफिशियल’ नामक इंस्टाग्राम से एक वीडियो वायरल किया गया है जिसमें सांसद का नाम लेकर अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें कहीं गईं हैं। जतिन शुक्ला के खिलाफ बीनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है। डीसीपी ने बताया कि एक पेन ड्राइव में वीडियो और लिंक शेयर किया गया है। किसी प्रकार की असत्य और अशोभनीय और भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करना एक अपराध है। वहीं, शिकायतकर्ता विशाल गिदवानी ने कहा कि कुछ दिनों पहले उन्हें जानकारी मिली कि इंदौर शहर और जनप्रतिनिधियों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए वीडियो बनाया गया। शिकायतकर्ता ने क्या कहा? गिदवानी ने कहा कि जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं है जो पूरी तरह असत्य हैं। गिदवानी ने कहा कि सांसद कभी जतिन से मिले भी नहीं हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत को लेकर कटाक्ष करते हुए सांसद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल जतिन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का आह्वान: स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार और योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करें

स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, योजनाओं का करें प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता एवं चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के लिए सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अधोसंरचना विकास, चिकित्सकीय सहायक एवं चिकित्सकीय मैनपावर की नियुक्ति तथा स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन से संबंधित प्रस्तावों की गहन समीक्षा की। उन्होंने इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। रिमोट लोकेशन में स्थित मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण स्टाफ की नियुक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से अतिरिक्त इंसेंटिव प्रदान करने के प्रस्ताव को कैबिनेट अनुमोदन हेतु शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में योग्य शिक्षण स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना गुणवत्तापूर्ण चिकित्सकीय शिक्षा के लिए अहम है। बैठक में अंतर्विभागीय विषयों पर चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर औपचारिकताओं की पूर्ति प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो। सीएम केयर्स के अंतर्गत टर्शरी केयर स्वास्थ्य सुविधाओं में अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ आवश्यक मैनपावर की नियुक्ति के प्रस्तावों को प्राथमिकता से अग्रेषित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर रोगों के उपचार हेतु टर्शरी केयर सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जाना आवश्यक है, ताकि नागरिकों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं प्रदेश के हर क्षेत्र में उपलब्ध हों। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने दमोह, छतरपुर एवं बुधनी मेडिकल कॉलेजों के संचालन के लिए आवश्यक शिक्षण स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र में संचालन शुरू करने के लिए प्राथमिकता से समस्त औपचारिकताओं की पूर्ति की जाये। बैठक में केंद्रीय बजट के प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने उपलब्ध बजटीय संसाधनों के समयबद्ध एवं प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए विभाग को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  संदीप यादव, आयुक्त  धनराज एस, एमडी एमपीपीएचएससीएल  मयंक अग्रवाल, एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. अरुणा कुमार सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मंत्री पटेल का ऐलान, नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों में बड़े पैमाने पर होगा पेड़ लगाना

नर्मदा परिक्रमा पथ के आश्रय स्थलों पर होगा व्यापक वृक्षारोपण : मंत्री  पटेल  राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक सम्पन्न भोपाल  पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री  प्रहलाद पटेल ने नर्मदा परिक्रमा पथ पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आश्रय स्थलों पर व्यापक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिये है।  पटेल सोमवार को जीवनदायिनी माँ नर्मदा के जल को निर्मल बनाए रखने, उनके प्रवाह को अविरल सुनिश्चित करने तथा नर्मदा से जुड़े समग्र विकास कार्यों के संबंध में राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सर्व छोटे सिेंह, दिनेश जैन, मती हर्षिका सिंह,  अविप्रसाद एवं  दीपक आर्य उपस्थित थे। मंत्री  पटेल ने अधिकारियों को परिक्रमा पथ पर प्रस्तावित पुल, पुलिया एवं ब्रिज के सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर सुनियोजित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये। बैठक में विधानसभा से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। मंत्री  पटेल ने सभी लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनहित से जुड़े विषयों का शीघ्र समाधान हो सके। बैठक में माँ नर्मदा के संरक्षण एवं विकास को जनभागीदारी से जोड़ने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।  

बरगी बांध में लीक से 6 गांवों और खेतों में पानी फैलने से स्थिति बिगड़ी, जबलपुर में मचा हड़कंप

 जबलपुर/बरगी नगर  बरगी बांध से रीवा की ओर जाने वाली दाईं तट मुख्य नहर रविवार दोपहर करीब 12 बजे सगड़ा-झपनी ग्राम पंचायत के पास अचानक फूट गई। नहर फूटते ही हजारों क्यूसेक पानी तेज रफ्तार से बाहर निकलते हुए खेतों से लेकर आसपास की बस्तियों और निचले इलाकों की ओर बढ़ने लगा। देखते ही देखते क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई। नहर में लंबे समय से पानी का दबाव अधिक बना हुआ था। नहर की दीवार कमजोर होने से ध्वस्त हो गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ ही देर में खेत जलमग्न हो गए और छह गांवों में जगह-जगह पानी भर गया। गनीमत रही कि नहर का पानी घरों में प्रवेश नहीं कर पाया। जिन गांवों तक नहर का पानी पहुंचा, वहां के लोगों का आरोप है कि नहर की दीवारें लंबे समय से जर्जर थीं। जहां नहर फूटी है वहां एक साल से पानी का रिसाव हो रहा था। सिंचाई विभाग को शिकायत दी गई थी, लेकिन मरम्मत नहीं की गई। अधिकारियों की अनदेखी व लापरवाही का खामियाजा नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। किसान नीरज उपाध्याय ने बताया कि नहर से पानी के रिसाव की शिकायत ग्रामीणों ने की थी, अधिकारी मौके पर पहुंचे थे, परंतु सुनवाई नहीं हुई। किसान अजय पटेल ने बताया कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि विभागीय लापरवाही का नतीजा है। गनीमत रही कि, केनाल के पास ही नरई नाला है, नाला नहीं होता, तो खेत ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों के घरों में पानी घुस जाता। विभाग द्वारा नहर की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की गई, जिसका नतीजा सामने है। तत्काल कराई मुनादी प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल मुनादी कराई, ताकि ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर रहें। क्षतिग्रस्त नहर से सगड़ाझपनी, बम्हनोदा, रोसरा, चारघाट, पिपरियाकला और घाना गांव प्रभावित हुए। नहर का अधिकतम बहाव नरई नाला की ओर गया और इसके आगे का पानी नर्मदा नदी में प्रवाहित हुआ। चारघाट क्षेत्र का रिपटा जलमग्न हो गया है। निरीक्षण के दौरान पता चला है कि प्रभावित गांवों में गेहूं, चना और सब्जियों की फसल जलमग्न हुई है। जिला प्रशासन के मुताबिक स्थिति नियंत्रण में है। फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशन पर एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह और बरगी बांध दाईं तट नहर के कार्यपालन यंत्री, सिंचाई विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिसके बाद नहर का पानी की निकासी पूरी तरह रोकते हुए टूटे हिस्से के आगे के सभी गेट खोल दिए गए, जिसके बाद हालात सामान्य हो पाए। वहीं खेतों में पानी भरने से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे प्रारंभ कर दिया गया। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित किसानों को शासन की ओर से राहत राशि दी जाएगी। बाईं तट नहर से भी हो रहा रिसाव बरगी बांध से निकली बाईं तट नहर में भी रिसाव हो रहा है। विभाग का कहना है कि इस एक्वाडक्ट में रिसाव को सुधारने के लिए जल्द शासन स्तर पर प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। बरगी बांध में भी सीपेज बरगी बांध के ब्लाक नंबर 3/10 में सीपेज हो रहा है। भोपाल और दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम जांच कर चुकी है। पानी का रिसाव सामान्य स्तर से अधिक पाया गया, लेकिन टेंडर और काम देने की प्रक्रिया में ही मामला उलझा है। 2021 में भी हुई थी घटना इधर, 2021 में पाटन और मझौली ब्लाक में बरगी बांध की नहरें फूटी थी। पाटन के पास जिनवाणी कलां में नहर फूटने से लगभग ढाई सौ एकड़ में धान की फसल को नुकसान हुआ था। वहीं चरगंवा में नहर फूटने से कोहा नाले में पानी भर गया था।

नर्मदा नदी में भव्य नाव रैली, मेधा पाटकर ने बीच पानी में मछुआरों के अधिकारों का मुद्दा उठाया

बड़वानी  नर्मदा बचाओ आंदोलन के बैनर तले नर्मदा घाटी के विस्थापित मछुआरों ने सोमवार को अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर के नेतृत्व में मछुआरों ने कसरावद से राजघाट तक नर्मदा नदी में 30 से अधिक नावों के साथ भव्य नाव रैली निकाली. यह नाव रैली सरकार और प्रशासन का ध्यान वर्षों से लंबित मछुआरा समुदाय की समस्याओं की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई. मेधा पाटकर ने मछुआरों के साथ निकाली नाव रैली नाव रैली के समापन के बाद मछुआरा संगठनों द्वारा बड़वानी कलेक्टर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा. ज्ञापन में सरदार सरोवर परियोजना से प्रभावित मछुआरों को नर्मदा ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुरूप अधिकार देने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई है. इसमें प्रस्तावित नर्मदा मत्स्य सहकारी उत्पादन व विपणन संघ के पंजीकरण, विस्थापित मछुआरों को पुनर्वास लाभ, आवास और आजीविका उपलब्ध कराने मत्स्य व्यवसाय को ठेकेदारी से मुक्त कर सहकारी समितियों को सौंपने की मांग शामिल है. आंदोलनकारियों ने रखी 10 मांग इसके साथ ही आंदोलनकारियों ने जलाशय में बढ़ते प्रदूषण, अवैध रेत खनन, क्रूज संचालन, जलस्तर में लगातार गिरावट से मत्स्याखेट पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव, मछुआरों को किसान का दर्जा, केसीसी कार्ड, बंद अवधि में आर्थिक सहायता राशि बढ़ाने और पुलिस-प्रशासन द्वारा कथित उत्पीड़न के मामलों पर त्वरित कार्रवाई की भी मांग की. कुल मिलाकर ज्ञापन में 10 प्रमुख मांगें रखी गई हैं. इस मौके पर मेधा पाटकर ने कहा कि “नर्मदा घाटी के मछुआरे विस्थापन के सबसे बड़े पीड़ित हैं, लेकिन दशकों बाद भी उन्हें उनके कानूनी अधिकार नहीं मिल पाए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और तीव्र किया जाएगा.” कई जिलों के मछुआरा परिवार हुए शामिल इस नाव रैली और जल भरो आंदोलन में बड़वानी, धार, खरगौन और अलीराजपुर जिलों के बड़ी संख्या में मछुआरा परिवार शामिल हुए. आंदोलनकारियों ने बताया कि सरदार सरोवर परियोजना एक अंतरराज्यीय परियोजना है. इससे जुड़े लाभ, हानि और पुनर्वास से संबंधित सभी विषयों पर नर्मदा ट्रिब्यूनल के फैसले के अनुसार ही कार्रवाई की जानी चाहिए. यह फैसला 18 अक्टूबर 2000 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तहत कानूनन मान्य है, जिसका पालन करना शासन की जिम्मेदारी है. सरदार सरोवर में मतस्य पालन का अधिकार सरकार के पास नर्मदा ट्रिब्यूनल के फैसले की धारा XI, उपधारा V(8) के अनुसार सरदार सरोवर जलाशय में मत्स्य पालन का अधिकार राज्य शासन के पास है. इसी संदर्भ में केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मत्स्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा पूर्व में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के मुख्य सचिवों को पत्र भी लिखा जा चुका है, बावजूद इसके मछुआरों को उनके अधिकार अब तक नहीं मिल पाए हैं.

छिंदवाड़ा: NHM डाटा मैनेजर रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोकायुक्त की कार्रवाई में हुआ खुलासा

छिंदवाड़ा  भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को छिंदवाड़ा में एक बड़ी कार्रवाई की। CMHO कार्यालय खजरी में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के डाटा मैनेजर को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत एक नर्सिंग ऑफिसर के स्थानांतरण के बदले मांगी गई थी। कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। CMHO कार्यालय में लोकायुक्त की दबिश छिंदवाड़ा में जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में कार्रवाई करते हुए CMHO कार्यालय खजरी में पदस्थ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के डाटा मैनेजर जितेन्द्र यदुवंशी को गिरफ्तार किया। आरोपी को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। स्थानांतरण के बदले मांगी थी रिश्वत जानकारी के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोहनाकला (ब्लॉक पिण्डरईकला) में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा वडघरे अपना स्थानांतरण नजदीकी संजीवनी क्लीनिक में करवाना चाहती थीं। इस कार्य के लिए डाटा मैनेजर जितेन्द्र यदुवंशी ने उनसे 50,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त में की गई शिकायत रिश्वत की मांग से परेशान नर्सिंग ऑफिसर पुष्पा वडघरे ने इसकी शिकायत लोकायुक्त जबलपुर में की। शिकायत सत्य पाए जाने पर लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने की रणनीति बनाई। रंगे हाथों गिरफ्तारी सोमवार को जैसे ही आवेदिका ने रिश्वत की राशि आरोपी जितेन्द्र यदुवंशी को सौंपी, पहले से घात लगाए लोकायुक्त दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। आरोपी के हाथ धुलाने पर वे गुलाबी हो गए, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। कानूनी कार्रवाई शुरू आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7, 13(1)(b) एवं 13(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई यह सफल कार्रवाई पुलिस महानिदेशक (लोकायुक्त) योगेश देशमुख के निर्देश और डीआईजी मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई। टीम में निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, राहुल गजभिये, उप निरीक्षक शिशिर पांडेय सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।  

नक्सल मोर्चे पर सख्ती के बाद भोपाल में नई जिम्मेदारी, संजय कुमार ने संभाला पुलिस कमिश्नर का पद

भोपाल  राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के पांचवे साल में तीसरे नए पुलिस कमिश्नर की नियुक्ति की गई है. मध्य प्रदेश कैडर के वर्ष 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुमार को भोपाल का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है. उन्होंने सोमवार 2 फरवरी को चार्ज ले लिया. इससे पहले वे बालाघाट जोन में पुलिस महानिरीक्षक के पद पर पदस्थ थे. नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने तत्कालीन पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र से औपचारिक रूप से पुलिस कमिश्नर का कार्यभार ग्रहण किया. नए कमिश्नर संजय कुमार ने लिया चार्ज आईपीएस संजय कुमार को एक सख्त, अनुशासित और मजबूत फील्ड एक्सपीरियंस वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है. वह प्रदेश के कई जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक अपनी सेवाएं दे चुके हैं. संजय कुमार बालाघाट को नक्सल मुक्त करने के लिए जवानों के साथ जंगलों में लाल लड़ाकों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की. संजय कुमार करीब 12 साल पहले भोपाल में एसपी पुलिस मुख्यालय के पद पर भी रह चुके हैं. ऐसे में लंबे अंतराल के बाद राजधानी की कमान संभालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन उनके अनुभव और कार्यशैली से भोपाल पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम को मजबूती मिलेगी. बीट सिस्टम को बनाएंगे प्रभावी ईटीवी भारत से बातचीत में नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अपनी प्राथमिकताओं और कार्य योजना को स्पष्ट किया. उन्होंने कहा, “12 साल बाद भोपाल लौटना एक अलग अनुभव है. मेरा फोकस टीम वर्क और बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था पर रहेगा. इसके लिए बीट सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाएंगे, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और फील्ड स्तर पर पुलिस की मौजूदगी मजबूत हो. शहरी पुलिसिंग अपने आप में कई चुनौतियां लेकर आती है. बदमाशों को नहीं मिलेगी रियायत कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता में रखते हुए पुलिसिंग के सभी पहलुओं पर गंभीरता से काम किया जाएगा. पहले से लागू व्यवस्थाओं की समीक्षा कर उन्हें और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा. बदमाशों पर किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी. चाहे चाकूबाजी हो या कोई अन्य गंभीर अपराध, सभी मामलों में सख्त और त्वरित कार्रवाई की जाएगी. साइबर क्राइम आज का गंभीर मुद्दा पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि “अपराधियों में पुलिस का डर बनाए रखना जरूरी है, ताकि कानून व्यवस्था कायम रह सके. भोपाल जैसे शहर के लिए ट्रैफिक सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक है. इसे प्राथमिकता पर लिया जाएगा. इसके लिए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर ठोस योजना बनाई जाएगी. पुरानी ट्रैफिक पॉलिसी को प्रभावी ढंग से इंप्लीमेंट किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उसमें सुधार करेंगे, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके. साइबर अपराधों के बढ़ते मामले चिंताजनक है. साइबर क्राइम आज के समय में एक गंभीर अपराध बन चुका है. इसे रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जन जागरूकता भी बेहद जरूरी है. 

जतिन सांसद के बयान से बढ़ा बवाल, ‘दौड़ते विधायक’ टिप्पणी पर MP में FIR दर्ज

इंदौर दौड़ते हुए ‘विधायक जी संग युवा नेता के किस्से’ सुनाकर लाखों लोगों को अपना फैन बना चुके जतिन शुक्ला बुरी तरह घिर गए हैं। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर जतिन शुक्ला के खिलाफ मध्य प्रदेश के इंदौर में केस दर्ज किया गया है। सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल होने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई है। क्राइम ब्रांच ने प्राथमिक जांच के बाद जतिन शुक्ला के खिलाफ आईटी ऐक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कहा कि सांसद के प्रतिनिधि विशाल गदवानी ने क्राइम ब्रांच थाने में शिकायत देकर बताया था कि ‘जतिन ऑफिशियल’ नामक इंस्टाग्राम से एक वीडियो वायरल किया गया है जिसमें सांसद का नाम लेकर अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें कहीं गईं हैं। जतिन शुक्ला के खिलाफ बीनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज किया गया है। डीसीपी ने बताया कि एक पेन ड्राइव में वीडियो और लिंक शेयर किया गया है। किसी प्रकार की असत्य और अशोभनीय और भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित करना एक अपराध है। वहीं, शिकायतकर्ता विशाल गिदवानी ने कहा कि कुछ दिनों पहले उन्हें जानकारी मिली कि इंदौर शहर और जनप्रतिनिधियों के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हुए वीडियो बनाया गया। शिकायतकर्ता ने क्या कहा? गिदवानी ने कहा कि जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं है जो पूरी तरह असत्य हैं। गिदवानी ने कहा कि सांसद कभी जतिन से मिले भी नहीं हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौत को लेकर कटाक्ष करते हुए सांसद पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल जतिन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

शूटिंग बॉल वर्ल्ड कप में विदिशा की इशिका मीणा, भारतीय टीम में चयन से जिले में खुशी की लहर

विदिशा  विदिशा जिले की होनहार खिलाड़ी इशिका मीणा ने खेल जगत में एक नई पहचान बनाते हुए जिले के साथ-साथ पूरे मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है। इशिका का चयन भारतीय शूटिंग बॉल टीम में हुआ है और वे दूसरे शूटिंग बॉल वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए मध्य प्रदेश से चुनी गई वे एकमात्र खिलाड़ी हैं। शूटिंग बॉल वर्ल्ड कप का आयोजन 1 से 3 फरवरी 2026 तक राजधानी नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में किया जाएगा। शूटिंग बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में 18 देशों की टीमें हिस्सा लेंगी। भारतीय टीम में इशिका मीणा को मुख्य अटैकर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इशिका मीणा की शैक्षणिक और खेल यात्रा भी प्रेरणादायक रही है। वे विदिशा स्थित महारानी लक्ष्मी बाई गर्ल्स स्कूल की पूर्व छात्रा रही हैं। उन्होंने बीपीईएस में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है और वर्तमान में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से बीपीएड की पढ़ाई कर रही हैं। खेल के क्षेत्र में इशिका लगातार सक्रिय रही हैं और अब तक सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर वर्ग की छह राष्ट्रीय शूटिंग बॉल प्रतियोगिताओं में सहभागिता कर चुकी हैं। उनकी इस सफलता के पीछे शूटिंग बॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के कोषाध्यक्ष एवं अनुभवी कोच जितेंद्र सिंह बघेल का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है, जिन्होंने इशिका की प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई। इशिका के चयन की खबर मिलते ही उनके स्कूल, खेल जगत और पूरे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। वी टीच स्कूल प्रबंधन, खेल प्रेमी पंकज भार्गव, रविकांत नामदेव सहित अनेक गणमान्य नागरिकों और खेल प्रेमियों ने इशिका को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और देश के लिए पदक जीतने की शुभकामनाएं दी हैं। विदिशा की यह बेटी आज युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है। 

बड़वानी नगर पालिका बनी मूकदर्शक, सिवरेज लाइन ने शहर को बनाया छलनी

बड़वानी नगर पालिका बनी मूकदर्शक, सिवरेज लाइन ने शहर को बनाया छलनी  गड्ढों में तब्दील सड़कें, उड़ती धूल–कीचड़ से जनता त्रस्त, हादसों का डर बड़वानी शहर में चल रहा सिवरेज लाइन का काम अब विकास कम और परेशानी ज़्यादा बन चुका है। नगर के प्रमुख मार्गों से लेकर वार्डों की गलियों तक सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन बहाली के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। हालात यह हैं कि नगर पालिका सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बनी बैठी है। कई इलाकों में महीनों पहले खुदाई हो चुकी है, पर सड़कें आज तक ठीक नहीं की गईं। गड्ढों में भरा पानी, बिखरी मिट्टी और उड़ती धूल से राहगीरों का निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक रोज़ फिसल रहे हैं, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिवरेज लाइन डालने के बाद गुणवत्ता के अनुसार सड़क बहाली नहीं हो रही। कहीं आधा-अधूरा डामर, तो कहीं केवल मिट्टी डालकर काम चला दिया गया। कुछ ही दिनों में सड़क फिर उखड़ जाती है। इससे साफ जाहिर है कि ठेकेदारों की मनमानी पर कोई अंकुश नहीं है। नागरिकों का कहना है कि कई बार नगर पालिका में शिकायतें की गईं, मगर न निरीक्षण हुआ और न कार्रवाई। बारिश में गड्ढे तालाब बन जाते हैं और आसपास बदबू फैलने लगती है, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर पालिका और संबंधित अधिकारी नींद से जागेंगे या जनता यूं ही बदहाल सड़कों पर हादसों का इंतजार करती रहेगी। जरूरत है कि जिम्मेदार अफसर मौके पर उतरें, ठेकेदारों पर सख्ती करें और सिवरेज कार्य के बाद तुरंत स्थायी और गुणवत्तापूर्ण सड़क बहाली कराई जाए।

कर्नाटक की बड़ी जीत, 16वें वित्त आयोग में मध्य प्रदेश के लिए फंड जुटाना हुआ मुश्किल

नई दिल्ली/ भोपाल  केंद्र सरकार द्वारा करों के बंटवारे के लिए अपनाए गए नए फार्मूले (2026-31) ने राज्यों के बीच राजस्व वितरण के समीकरण को पूरी तरह बदल दिया है. इस नए बदलाव का सबसे बड़ा लाभ कर्नाटक को मिला है, जिसका कर बंटवारे में हिस्सा 3.65% से बढ़कर 4.13% हो गया है. इसके परिणामस्वरूप कर्नाटक को अतिरिक्त ₹7,387 करोड़ प्राप्त होंगे, जिससे उसका कुल आवंटन बढ़कर ₹63,050 करोड़ हो जाएगा. इस ऐतिहासिक लाभ के पीछे सबसे मुख्य कारण फार्मूले में “जीडीपी (GDP) में योगदान” को दिया गया 10% वजन है. विनिर्माण, सेवाओं और तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी होने के कारण कर्नाटक को उसके आर्थिक प्रदर्शन के लिए यह विशेष ‘इनाम’ मिला है. कर्नाटक के बाद केरल दूसरा सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है, जिसके आवंटन में ₹6,975 करोड़ की वृद्धि हुई है. अधिक प्रति व्यक्ति आय और मजबूत आर्थिक योगदान के चलते गुजरात (₹4,228 करोड़) और हरियाणा (₹4,090 करोड़) को भी महत्वपूर्ण बढ़त मिली है, जबकि महाराष्ट्र का हिस्सा बढ़कर 6.44% हो गया है. यह नया फार्मूला स्पष्ट रूप से उन राज्यों को पुरस्कृत कर रहा है जो राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. दूसरी ओर, नए दक्षता मानकों पर खरा न उतर पाने वाले राज्यों को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है. मध्य प्रदेश को सबसे बड़ा झटका लगा है, जिसका आवंटन ₹7,677 करोड़ घट गया है. जनसंख्या-प्रधान राज्यों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव दिखा है; उत्तर प्रदेश को ₹4,884 करोड़ और पश्चिम बंगाल को ₹4,701 करोड़ की कमी झेलनी पड़ी है. बिहार को भी ₹1,679 करोड़ का नुकसान हुआ है, हालांकि वह अभी भी कुल आवंटन प्राप्त करने के मामले में देश में दूसरे स्थान पर बना हुआ है. यह आवंटन नीति अब केवल जनसंख्या के बजाय ‘आर्थिक प्रदर्शन और दक्षता’ की ओर झुकती नजर आ रही है.

सीएम यादव का ऐतिहासिक निर्णय, सरकारी अस्पतालों में ‘गर्भ संस्कार’ कक्ष की अनिवार्यता, 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे

इंदौर   सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। यह पहल ‘दिव्य संतान प्रकल्प’ के तहत ‘गर्भ संस्कार’ को बढ़ावा देगी। इसका मकसद बच्चों के जन्म से पहले ही उनके शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को मजबूत बनाना है। यह पहल आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष मंत्रालय के सहयोग से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताए फायदे सीएम यादव ने इंदौर में ‘दिव्य संतान प्रकल्प’ कार्यक्रम में कहा कि गर्भ संस्कार एक ऐसी प्रक्रिया है जो आने वाली पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक विज्ञान और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का एक मेल है। इसे राष्ट्र निर्माण में एक लंबे समय का निवेश माना जाना चाहिए। अस्पतालों में बनेंगे अलग कमरे मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में राज्य के सरकारी अस्पतालों के डिज़ाइन में गर्भ संस्कार के लिए विशेष कमरे बनाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि एलोपैथी के डॉक्टर भी अब व्यापक प्रसव पूर्व देखभाल के फायदों को स्वीकार कर रहे हैं। 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जोर देते हुए, यादव ने कहा कि राज्य सामान्य प्रसव को बढ़ावा दे रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे। यह आजादी के बाद पहली बार है जब इतने सारे आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जा रहे हैं। इनमें से आठ कॉलेज एक साल के भीतर चालू हो जाएंगे। अभिमन्यु और अष्टावक्र का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने गर्भ संस्कार की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में अभिमन्यु और अष्टावक्र जैसे उदाहरण हैं। इनसे पता चलता है कि गर्भ में ही मूल्यों, सीखने और संस्कारों को ग्रहण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि COVID-19 महामारी ने एकीकृत स्वास्थ्य दृष्टिकोण की प्रभावशीलता को दिखाया है, जहां आयुर्वेद और एलोपैथी एक दूसरे के पूरक थे। उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण जीवन शैली, भारतीय रसोई और स्वदेशी आहार के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।

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