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बुरहानपुर हत्याकांड: फर्नीचर कारोबारी के भाई ने एकतरफा प्रेम में महिला कर्मचारी की ली जान

बुरहानपुर मंगलवार दोपहर शहर के गणपति थाना क्षेत्र में हत्या की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। एक फर्नीचर शोरूम संचालक ने अपने ही शोरूम में बुलाकर अपनी महिला कर्मचारी को मौत के घाट उतार दिया। मामला एकतरफा प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार गणपति थाने से चंद मीटर दूर स्थित राजकुमार फर्नीचर के संचालक अर्जुन सुगंधी ने अपने यहां काम करने वाली निकिता सुराड़े को बातचीत करने के लिए बुलाया था। जहां उसके साथ पहले अर्जुन के बड़े भाई की पत्नी ने मारपीट की और जब वह भाग कर घर जाने लगी तो अर्जुन ने धारदार हथियार से उसके सीने पर वार कर दिए। इससे वह वहीं ढेर हो गई। निकिता के साथ गई उसकी छोटी बहन स्नेहा सुराड़े ने तुरंत अपनी मां को फोन कर जानकारी दी। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे स्वजन एम्बुलेंस से निकिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां मौजूद सर्जन दर्पण टोके ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। गणपति थाना प्रभारी सुरेश महाले ने बताया कि हत्या के आरोपित अर्जुन सुगंधी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घर छोड़ कर फरार हो गए हैं। निकिता बड़ा भाई करता था पसंद मृतका निकिता की छोटी बहन स्नेहा ने बताया कि निकिता बीते दो साल से फर्नीचर शोरूम में काम कर रही थी। इस बीच अर्जुन का बड़ा भाई अजय सुगंधी निकिता को पसंद करने लगा था, लेकिन निकिता ने उसे मना कर दिया था। इसी के चलते एक दिन पहले यानी सोमवार को ही निकिता ने काम छोड़ दिया था। इसकी जानकारी 00 की पत्नी को लगी तो घर में विवाद शुरू हो गया। मंगलवार सुबह से अर्जुन के घर से लगातार फोन आने के कारण वह बातचीत करने के लिए गई थी। जहां उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। दस दिन बाद होने वाला था विवाह शहर के आलमगंज क्षेत्र में रहने वाली निकिता के स्वजन ने बताया कि निकिता का विवाह पुणे में तय हो गया था। दस दिन बाद उसका विवाह होने वाला था। परिवार उसकी तैयारी में लगा हुआ था। निकिता के परिवार में दो छोटी बहनें और मां है। उसके पिता का देहांत काफी पहले हो चुका था। मां मारवाड़ी परिवार में भोजन बना कर परिवार चलाती थी। निकिता और स्नेहा कालेज में पढ़ रही थीं और कॉलेज की फीस आदि के लिए ही वे काम करती थीं। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। सीसीटीवी का डीवीआर किया जब्त पुलिस ने फर्नीचर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर जब्त किया है। बताया जाता है कि हत्या की यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस इसे खंगाल कर सबूत के तौर पर न्यायालय में प्रस्तुत करेगी। अर्जुन के परिवार के शहर में दो से तीन फर्नीचर शोरूम हैं। इस घटना से अर्जुन का परिवार भी आहत है।  

रिश्वतखोरी पर वार: भोपाल में हाउसिंग बोर्ड का ऑपरेटर 5 हजार लेते रंगे हाथों पकड़ा गया

भोपाल राजधानी के जवाहर चौक स्थित मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हाउसिंग बोर्ड) के कार्यालय में मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने संपदा शाखा प्रक्षेत्र-एक में पदस्थ आउटसोर्स डाटा एंट्री ऑपरेटर ज्ञानेंद्र कुमार पटेल को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपित ने एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से उनके ईडब्ल्यूएस मकान की लीज नवीनीकरण के बदले 10 हजार रुपये की मांग की थी। जानकारी के अनुसार, सुल्तानाबाद निवासी आवेदक दूधनाथ शुक्ला, जो उपभोक्ता संघ से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, ने वर्ष 1993 में कोटरा सुल्तानाबाद स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में अपनी पत्नी के नाम से एक ईडब्ल्यूएस मकान लिया था। इस मकान की लीज के नवीनीकरण के लिए आरोपित ज्ञानेंद्र पटेल लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। परेशान होकर आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की। पुलिस महानिदेशक,याेगेश देशमुख विशेष पुलिस स्थापना ( लोकायुक्त संगठन) के निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश राठौर के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार को जैसे ही आरोपित ने पहली किश्त के रूप में 5,000 रुपये लिए, लोकायुक्त की टीम ने उसे उसके कार्यालय कक्ष में ही धर दबोचा। आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधन) 2018 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।  

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना: 44 हजार जोड़ों को लाभ, तिथियों का हुआ निर्धारण

मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना की तिथियों का निर्धारण,  44 हजार जोड़े हो सकेंगे लाभान्वित भोपाल  गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आयोजित किए जाने वाले मुख्यमंत्री कन्या विवाह/ निकाह योजना के लिए तिथियों का निर्धारण किया गया है। इनमें अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026, देवउठनी ग्यारस (तुलसी विवाह) 20 नवंबर 2026, बसंत पंचमी 11 फरवरी 2027 तथा एक अन्य तिथि स्थानीय मांग और कलेक्टर के निर्णय अनुसार निर्धारित की जा सकती है। वर्ष 2026-27 में पक्ष 44 हजार से अधिक विवाह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पर राज्य सरकार 242 करोड़ से अधिक राशि व्यय करेगी। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाय योजना के प्रभावी व्यवस्थि और गरिमापूर्ण ढंग से आयोजन के लिए विभाग द्वारा सामूहिक विवाह समारोह में भाग लेने वाले जोड़ों की न्यूनतम संख्या 11 और अधिकतम संख्या 200 निर्धारित की गई है। प्रदेश के 55 जिलों में इन अवसरों पर 800 जोड़े यानिकी 44 हजार जोड़ों का विवाह संभव हो सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 51 हजार 899 मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना तथा 28 हजार 362 मुख्यमंत्री निकाह कराए गए हैं। इन हितग्राहियों से 321 करोड़ 41 लाख 58 हजार की सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीयन कराया जा सकता है। योजना में 49 हजार रूपये की राशि कन्या के बैंक खाते में तथा 6 हजार रूपये की राशि आयोजन समिति को कुल 55 हजार रूपये प्रति विवाह खर्च किया जाता है।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुश्री समीक्षा द्विवेदी को भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं

उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सुश्री समीक्षा द्विवेदी को दी उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से सुश्री समीक्षा द्विवेदी ने मंत्रालय में अपने माता-पिता के साथ सौजन्य भेंट की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने रीवा की बेटी सुश्री समीक्षा के यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 56वीं रैंक प्राप्त करने की उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि सुश्री समीक्षा द्विवेदी ने इस उल्लेखनीय सफलता से रीवा, विंध्य क्षेत्र और पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सुश्री समीक्षा की यह सफलता प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। यह उपल‍ब्धि दर्शाती है कि कठिन परिश्रम, समर्पण और लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प से किसी भी ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है।  

दिव्यांग बच्चों के परिवार से जुड़ाव के लिए जागरूकता अभियान की आवश्यकता, मंत्री सुश्री भूरिया का अहम बयान

दिव्यांग बच्चों को परिवार से जोड़ने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान की आवश्यकता: मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया क्षेत्रीय परामर्श बैठक में दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने, राज्यों के समन्वय और विशेष बच्चों के पुनर्वास पर हुआ मंथन भोपाल  दिव्यांग बच्चों को संस्थाओं से निकालकर परिवार का स्नेह और सुरक्षित भविष्य दिलाने के उद्देश्य से आयोजित क्षेत्रीय परामर्श बैठक मंगलवार को रवीन्द्र भवन में हुई। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज की संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच से ही इन बच्चों को परिवार और बेहतर जीवन मिल सकता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा “दिव्यांग” शब्द देकर समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में गैर-संस्थागत पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है और मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के माध्यम से स्पॉन्सरशिप तथा ऑफ्टर-केयर की व्यवस्था कर बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। भोपाल में आयोजित क्षेत्रीय परामर्श बैठक में सचिव महिला बाल विकास श्रीमती जी वी रश्मि , केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) की उप निदेशक श्रीमति ऋचा ओझा , उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बाल संरक्षण के क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ उपस्थित रहे। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि दिव्यांग बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए परिवार का स्नेह अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि कोई भी संस्था परिवार का स्थान नहीं ले सकती। सुश्री भूरिया ने कहा कि वर्ष 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार देश में 4,155 बच्चों को गोद लिया गया, जिनमें केवल 7 प्रतिशत विशेष आवश्यकता वाले बच्चे थे और इनमें से भी अधिकांश बच्चों को विदेशी दम्पत्तियों ने अपनाया। यह स्थिति बताती है कि देश में दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से आईवीएफ जैसी तकनीक का प्रचार हो रहा है वैसा ही प्रभावी प्रचार दत्तक ग्रहण के लिये होना चाहिए। इसके लिये फोकस्ड एप्रोच के साथ नि:संतान दम्पतियों को परामर्श देना आवश्यक है। हमारे देश में ऐसे अनेक उदाहरण दिव्यांग बच्चे हैं जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्र चाहे वह खेल का मैदान हो, यूपीएससी में सफलता हासिल करना हो। सभी में अपना परचम लहराया है। सुश्री भूरिया ने सुझाव दिया कि सफल दिव्यांग व्यक्तियों को ब्रांड एम्बेसडर बनाकर समाज में सकारात्मक संदेश दिया जा सकता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को गोद लेने वाले परिवारों के लिए चिकित्सा उपचार, निःशुल्क फिजियोथेरेपी, परामर्श सेवाएं, शिक्षा सहायता और बीमा जैसी सुविधाओं पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की संख्या कम होने के कारण राज्यवार विशेष योजनाऐं बनाकर उनके समुचित पुनर्वास के लिए बजट का प्रावधान किया जा सकता है। समाज की संवेदनशीलता से ही बदल सकता है दिव्यांग बच्चों का भविष्य – श्रीमती रश्मि महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती जी. वी. रश्मि ने कहा कि भारतीय समाज में संस्कारों का अत्यधिक महत्व है, लेकिन जब बात विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गोद लेने की आती है तो सामाजिक रूढ़ियां अक्सर निर्णय में बाधा बनती हैं। उन्होंने कहा कि समाज की संवेदनशीलता से ही बदल सकता है दिव्यांग बच्चों का भविष्य। सचिव श्रीमती रश्मि ने विश्वास जताया कि यह बैठक सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य और विधि जैसे विभिन्न विभागों के समन्वय से बेहतर समाधान खोजने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने सहभागी राज्यों से अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचार और श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों को साझा करने का आग्रह किया। दिव्यांग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार आधारित पुनर्वास पर जोर केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की उप निदेशक श्रीमती ऋचा ओझा ने कहा कि देशभर में क्षेत्रीय स्तर पर ऐसे परामर्श कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य विशेष बच्चों के दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में दत्तक ग्रहण का प्रतिशत अभी भी कम है, जिसे जागरूकता और नीति सुधारों के माध्यम से बढ़ाने की आवश्यकता है। श्रीमती ओझा ने बताया कि इस बैठक में 4 राज्यों के प्रतिनिधि दत्तक ग्रहण नीति से जुड़े मुद्दों, नवाचारों और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा कर रहे हैं। श्रीमती ओझा ने कहा कि बैठक का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए परिवार आधारित पुनर्वास पर जोर देना है । बैठक में राज्यों में दिव्यांग बच्चों के दत्तक गृहण को वर्तमान स्थिति की समीक्षा, चिकित्सीय आंकलन और कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श तथा बाल संरक्षण और स्वास्थ्य तंत्र के बीच बेहतर समन्वय के उपायों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बालिका गृह भोपाल की बालिकाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जवाहर बाल भवन के बच्चों ने नृत्य-नाटिका से संदेश दिया कि दत्तक ग्रहण बच्चों के जीवन को नया भविष्य और नया परिवार दे सकता है।  

मोनालिसा को सीरिया भेजने की योजना, सुप्रीम कोर्ट वकील ने खरगोन में नाजिया इलाही का बड़ा दावा किया

खरगोन  सुप्रीम कोर्ट की वकील और अपने फायरब्रांड बयानों के लिए चर्चित नाजिया इलाही खान ने मोनालिसा और फरमान खान की शादी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शाम खरगोन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह विवाह कानूनी रूप से सही नहीं है और इसमें हिन्दू मैरिज एक्ट का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि मोनालिसा को सीरिया भेजने की तैयारी है। हिंदू परंपराओं का दुरुपयोग हुआ नाजिया इलाही खान ने कहा कि इस शादी में हिंदू परंपराओं का दुरुपयोग किया गया है और उनका मजाक उड़ाया गया है। उन्होंने कहा कि यदि फरमान खुद को अभी भी मुसलमान बता रहा है तो वह हिंदू रीति-रिवाजों के तहत मंदिर में विवाह कैसे कर सकता है। उनके अनुसार हिंदू मैरिज एक्ट के तहत विवाह के लिए दोनों पक्षों का हिंदू होना आवश्यक है, इसलिए यह विवाह कानूनी रूप से संदिग्ध प्रतीत होता है। लव जिहाद करार दिया उन्होंने इस पूरे मामले को सुनियोजित लव जिहाद करार देते हुए कहा कि इसमें प्रतिबंधित संगठन पीएफआई और इस्लामी कट्टरपंथ की मिलीभगत की आशंका है। नाजिया ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है ताकि सच्चाई सामने आ सके। सख्त कानूनी प्रावधान की मांग की नाजिया इलाही खान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील करते हुए कहा कि बीएनएसकी धारा 69 लव जिहाद जैसे मामलों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अलग और सख्त कानूनी प्रावधान बनाए जाने चाहिए ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई हो सके। मोनालिसा को सीरिया भेजने की तैयारी उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के मजबूत नेटवर्क के कारण केरल इस तरह की घटनाओं के लिए अनुकूल स्थान बन गया है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार मोनालिसा का जो तत्काल पासपोर्ट बनाया गया है, वह उसे सीरिया भेजने की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। नाजिया ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए देश की सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए और पूरे प्रकरण की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए।  

इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, धार और खंडवा पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई

धार एवं खंडवा जिले की संयुक्त पुलिस टीम ने नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश 48 घंटे में मुख्य आरोपी सहित 8 आरोपियों को किया गिरफ्तार 1करोड़ 35लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त धार /खंडवा धार एवं खंडवा जिलों में नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर डकैती की सनसनीखेज घटना का धार और खंडवा की संयुक्त पुलिस टीमों ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों से पुलिस ने घटना में लूटे गए सोने के आभूषण, नगदी तथा वारदात में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग1 करोड़ 35 लाख 57 हजार रुपयेकीमत की संपत्ति जब्तकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 13 मार्चको फरियादी ने थाना बाग में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सुबह लगभग 9:30 बजे कुछ अज्ञात बदमाश नकली इनकम टैक्स अधिकारी बनकर उसके घर पहुंचे, उसे बंधक बनाकर घर में फर्जी रेड डालते हुए सोने के आभूषण और नगदी लूटकर फरार हो गए। इस संबंध में थाना बाग में बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। टीम द्वारा जांच के दौरान सामने आया कि इसी तरह की एक वारदात 12 मार्चको ग्राम पामाखेड़ी थाना नर्मदानगर जिला खंडवा में भी की गई थी। घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण जोन  अनुराग, उप महानिरीक्षक इंदौर ग्रामीण जोन  मनोज कुमार सिंहऔर उप महानिरीक्षक खरगौन  सिद्धार्थ बहुगुणा केनिर्देशन मेंखंडवा पुलिस से समन्वय स्थापित कर घटना में प्रयुक्त वाहन के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए गए तथा धार और खंडवा की संयुक्त टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह पहले सुनियोजित तरीके से मकानों की रेकी कर मकान की लोकेशन, परिवार की स्थिति, घर में वाहन एवं संपत्ति होने की संभावना सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाते थे। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से स्वयं को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर घरों में प्रवेश कर डरा-धमकाकर डकैती की वारदात को अंजाम देता था।जांच में यह भी सामने आया कि 12 मार्च को खंडवा जिले में हुई घटना तथा 13 मार्च को हुई दूसरी घटना में समान तरीके से ब्लैक स्कॉर्पियो वाहन का उपयोग किया गया था। पुलिस को इस वाहन की सूचना पूर्व में ही प्राप्त हो गई थी, जिससे दोनों घटनाओं के बीच संबंध स्थापित हुआ। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आसपास के थानाक्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों में नाकाबंदी और घेराबंदी की। पुलिस की सक्रियता की जानकारी मिलने पर आरोपी डकैती का सामान लेकर भागते समय काले रंग की स्कॉर्पियो वाहन को सुनसान जंगल में छोड़कर अन्य वाहन से फरार हो गए।पुलिस को स्कॉर्पियो वाहन की तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों से वाहन का मालिक शहजाद पिता रोशन खान निवासी बैरछा होना पाया गया, जो इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड निकला। गाड़ी में पुलिस की वर्दी भी बरामद हुई है। इसके बाद संयुक्त पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपियों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है। इसमें से 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट की गई संपत्ति बरामद की।पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर उन्होंने खंडवा जिले की घटना को कारित करना भी स्वीकार किया। पूछताछ में गिरोह के मुख्य सदस्यों के रूप में संजय शर्मा, नसीर, रणजीत एवं शहजाद के नाम सामने आए हैं, जिनके विरुद्ध पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड पाया गया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि धार की घटना में कुल 14 तथा खंडवा की घटना में 16 आरोपी शामिल थे, जिनमें से 10 आरोपी दोनों घटनाओं में समान रूप से शामिल थे।जबकि कुछ आरोपी स्थानीय स्तर पर वाहन एवं अन्य सहयोग उपलब्ध कराने वाले हैं। गिरफ्तार आरोपियों में आबिद पिता मुबारिक शाह, अय्यूब शाह पिता निजामुद्दीन शाह, दिनेश पिता रुखड़िया, दिलीप पिता रामचंद्र अहिरवार, शहजाद पिता रोशन खान, रमेश पिता गजरिया मोरी, राजा उर्फ अब्दुल गफ्फार पिता अब्दुल हमीद खान तथा नरसिंह पिता भलिया बघेल शामिल हैं। आरोपियों ने अपने अन्य फरार साथियों के साथ मिलकर उक्‍त घटना एवं खंडवा जिले में उक्त वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।पुलिस द्वारा आरोपियों से प्रदेश के अन्य जिलों में इस प्रकार की घटनाओं के संबंध में भी गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना है।  

प्यार में किया अहम फैसला, दो बहनों ने धर्म बदलकर शादी की, नया नाम लेकर पतियों के साथ थाने गईं

नौगांव जिले के नौगांव में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक मामला इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां मुस्लिम समाज की दो चचेरी बहनें और हिंदू समाज के दो चचेरे भाइयों की प्रेम कहानी अब शादी में बदल गई है। करीब एक माह पहले दोनों युवतियां अपने घरों से चली गई थीं, जिसके बाद परिजनों और समाज के लोगों में हड़कंप मच गया था। परिजनों ने युवतियों के अपहरण की आशंका जताते हुए नौगांव थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी।  उस समय मुस्लिम समाज के लोगों ने नौगांव थाने पहुंचकर घेराव किया था और युवतियों की जल्द तलाश की मांग की थी। घटना के कुछ दिनों बाद 13 और 14 फरवरी के आसपास दोनों युवतियों ने अपने साथियों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने बताया कि वे अपनी मर्जी से घर से गई हैं और दोनों ने अपने-अपने साथियों से शादी कर ली है। युवतियों ने यह भी कहा कि वे बालिग हैं और किसी दबाव में नहीं हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। अब करीब एक महीने बाद सोमवार 16 मार्च को दोनों जोड़े नौगांव थाने पहुंचे और यहां थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे की मौजूदगी में अपने बयान दर्ज कराए। इस दौरान दोनों पक्षों के परिजन और समाज के लोग भी थाने पहुंचे। युवाओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने नागपुर में आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया है और अब वे पति-पत्नी के रूप में साथ रहना चाहते हैं। उनका कहना है कि यह विवाह दोनों की सहमति से हुआ है और इस पर किसी तरह का दबाव नहीं है। विवाह के बाद दोनों युवतियों ने हिंदू धर्म अपनाने की बात कही और अपने नए नाम भी रख लिए। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे पिछले 7-8 साल से एक-दूसरे को जानते थे और एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों ने बालिग होने का इंतजार किया और इसके बाद अपनी मर्जी से शादी करने का फैसला लिया। दोनों जोड़ों ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है। उनका कहना है कि शादी के बाद उन्हें किसी तरह के खतरे की आशंका है, इसलिए प्रशासन उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराए। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि सुरक्षा की आवश्यकता पाई जाती है तो नियमानुसार सुरक्षा दी जाएगी। जब दोनों युवतियां थाने पहुंचीं तो मुस्लिम समाज के कई लोग भी वहां पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन युवतियों ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह किया है और अब वे अपने पति के साथ ही रहेंगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद नौगांव क्षेत्र में यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। 

मध्य प्रदेश में कमर्शियल गैस की कमी जारी, होटल-रेस्टोरेंट को गैस देने के ऑर्डर का इंतजार, घरेलू सिलेंडर की सप्लाई सुधरी

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की कमी से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग अभी भी प्रभावित है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में कमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दिए जाने से लगभग 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट सोमवार को गैस के बिना काम करने को मजबूर रहे। भोपाल के भौंरी स्थित ऑयल कंपनी डिपो से कमर्शियल सिलेंडर ट्रकों में लोड किए जा रहे हैं, लेकिन इन्हें होटल और रेस्टोरेंट तक पहुंचाने के आदेश अभी जारी नहीं हुए हैं। जिला फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, पुलिस, सेना और रेलवे कैंटीन जैसे आवश्यक सेवाओं को ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया, भौंरी स्थित डिपो से कमर्शियल सिलेंडर के ट्रक लोड हो रहे हैं, लेकिन फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट को सिलेंडर देने के आदेश नहीं है। इसलिए सोमवार को अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाएं, पुलिस, सेना-रेलवे कैंटिंग को ही सिलेंडर की सप्लाई की गई है। महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल सोमवार को कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए ‘ऑक्सीजन’ मिलने जैसा रहेगा। पिछले 7 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया। प्रदेश के होटल कारोबारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से कमर्शियल गैस की आपूर्ति बाधित है। इसके कारण भोपाल, इंदौर सहित कई बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट का गैस स्टॉक खत्म होने लगा है। मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के मुताबिक महाराष्ट्र में होटल उद्योग को लगभग 70 प्रतिशत गैस सप्लाई देने के निर्देश जारी किए गए हैं और उम्मीद है कि इसी तरह का निर्णय मध्य प्रदेश में भी जल्द लिया जाएगा। गैस की कमी के कारण कई होटल और रेस्टोरेंट वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन चूल्हे और डीजल भट्टियों का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि यह विकल्प काफी महंगा साबित हो रहा है। इसी वजह से कई स्थानों पर होटल संचालकों ने अस्थायी रूप से मेन्यू में बदलाव करने के निर्देश भी जारी किए हैं। बावजूद इसके, होटल उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि अब तक किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला गया है। उधर घरेलू गैस सिलेंडरों की स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार प्रदेश में घरेलू सिलेंडर बुकिंग से जुड़ी लगभग 50 प्रतिशत समस्याएं कम हो गई हैं। भोपाल में ही सोमवार को करीब 12 हजार से अधिक बुकिंग दर्ज की गईं। हालांकि कई उपभोक्ता भविष्य की संभावित कमी को देखते हुए अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे बाजार में घबराहट की स्थिति बनी हुई है। घरेलू गैस बुकिंग की 50% समस्या हुई कम गैस एजेंसी संचालकों की माने तो प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की बुकिंग की 50% समस्या खत्म हो गई है। भोपाल में सोमवार को 12 हजार से अधिक बुकिंग आई। हालांकि, पैनिक स्थिति ज्यादा है। यानी, लोग भविष्य में सिलेंडर न मिलने की समस्या आने पर अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर रहे हैं। इधर, सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। राजधानी में ही सोमवार को करीब 50 सिलेंडर जब्त किए गए। गैस किल्लत को लेकर प्रदेश में प्रदर्शन का दौर गैस की किल्लत के चलते पूरे प्रदेश में प्रदर्शन का दौर भी जारी है। सोमवार को भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चाय की दुकान लगाई। नाले में पाइप लगाकर उससे निकलने वाली गैस से चाय बनाने की कोशिश की। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए पोस्टर में लिखा था- कृपया मोदी जी की सलाह मानें। रसोई गैस के पीछे न भागें, गंदे नाले की गैस का उपयोग करें। मंदसौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ठेले पर गैस सिलेंडर रखकर रैली निकाली। प्रधानमंत्री के खिलाफ नरेंदर-सरेंडर के नारे लगाए। गैस संकट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए नाले की गैस से चाय बनाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए पोस्टरों में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। मंदसौर सहित अन्य जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर के साथ रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम लोगों और कारोबारियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है।

‘रोटी-पराठे से तौबा कीजिए…’, कलेक्टर जयति सिंह का ईंधन बचाने के लिए खाने के मेन्यू में बदलाव का सुझाव

बड़वानी मध्य प्रदेश की बड़वानी कलेक्टर ने जिले के लोगों से ईंधन की खपत कम करने की अपील की है. कहा कि यह एक अच्छा मौका है, जब हम अपनी ईंधन जरूरतों की समीक्षा कर सकते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि ज्यादा ईंधन में बनने वाले व्यंजनों की जगह अन्य विकल्प अपनाए जा सकते हैं ताकि कम ईंधन में भी भोजन व्यवस्था चल सके और गैस की बचत हो सके। कलेक्टर ने जिले के नागरिकों से ईंधन की बचत करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि सभी लोग अपनी ईंधन की आवश्यकता पर एक बार विचार करें. किस तरह हम अपनी ईंधन खपत को कम कर सकते हैं, इस पर सोचने की जरूरत है। आईएएस अफसर ने सुझाव दिया कि लोग अपने खाने के मेन्यू में भी बदलाव कर सकते हैं. खासकर ऐसे व्यंजन जिनमें ज्यादा ईंधन लगता है, उन्हें कुछ समय के लिए कम किया जा सकता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रोटी और पराठे जैसे व्यंजनों की जगह ऐसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं, जिनमें कम ईंधन लगे। कलेक्टर का मानना है कि अगर सभी लोग थोड़ा सहयोग करें तो ईंधन की बचत संभव है. साथ ही इससे गैस की उपलब्धता भी बेहतर तरीके से बनी रह सकती है। IAS जयति सिंह ने कहा, ”मेरा सभी से अनुरोध रहेगा कि यह एक अच्छा मौका है कि आप अपनी ईंधन की आवश्यकता को एक बार देखें. हम अपने मेन्यू में भी परिवर्तन कर सकते हैं. जैसे रोटी और पराठे बनाने में अधिक ईंधन लगता है, उससे शिफ्ट होकर हम अन्य ऐसे विकल्पों पर जा सकते हैं जिनमें कम ईंधन लगे।

MP में मौसम का नया सिस्टम कल से लागू, आंधी-बारिश और गरज-चमक के साथ तेज गर्मी का मुकाबला

भोपाल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 18 मार्च से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर करीब आधे मध्यप्रदेश में नजर आएगा। इस सिस्टम के चलते तीन दिन तक आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रह सकता है।राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी मौसम बदलेगा। हालांकि इससे पहले मंगलवार तक गर्मी का असर बरकरार रहेगा और दिन में तेज धूप लोगों को परेशान करेगी।मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहा यह सिस्टम 17 मार्च की रात से असर दिखाना शुरू करेगा, जो 18 से 20 मार्च के बीच मध्यप्रदेश में व्यापक प्रभाव डालेगा।  फिलहाल प्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन इनका खास असर अभी दिखाई नहीं दे रहा है. इसी वजह से कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।  खंडवा रहा सबसे गर्म शहर प्रदेश में सोमवार को सबसे ज्यादा गर्मी खंडवा में दर्ज की गई. यहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. इसके अलावा नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सिवनी, मंडला, टीकमगढ़, सागर और खजुराहो में भी तापमान 37 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया।  अगर बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 35.8°C, भोपाल में 35.2°C, इंदौर और उज्जैन में करीब 35°C के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया. वहीं ग्वालियर में अधिकतम तापमान 34.1°C रहा।  वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है. इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा. इसी वजह से 18 मार्च से 20 मार्च के बीच प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आएगा. कई जगहों पर तेज हवा, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना जताई गई है।  18 मार्च को इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 18 मार्च को ग्वालियर, मुरैना, दतिया, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, छिंदवाड़ा, सिवनी, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।  19 मार्च को इन इलाकों में बदलेगा मौसम 19 मार्च को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।  20 मार्च को भोपाल-जबलपुर समेत कई शहरों में असर 20 मार्च को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है।  अप्रैल-मई में चलेगी लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के दूसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में लगातार 3 दिन तक तीव्र लू वाला मौसम रहा। मौसम विभाग ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लू का असर दिखाई देने लगेगा। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में लगातार तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। फरवरी में 4 बार ओले-बारिश हुई इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया भोपाल: 20.0°C इंदौर: 19.0°C जबलपुर: 19.6°C ग्वालियर: 17.1°C उज्जैन: 15.8°C

उज्जैन में विकास की बयार, राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे सौगातें

राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें गीता भवन और विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन उज्जैन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 17 मार्च को उज्जैन में 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं एवं सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के अंतर्गत 662.46 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन होगा। नगर विकास योजना ग्राम नीमनवासा, धतरावदा एवं लालपुर में 473.32 हैक्टयेर में विकसित की जा रही है, जिसमें लगभग 35 कि.मी. के 24 मी. एवं 30 मी. के सीसी रोड अन्तर्गत सीवर लाईन, वॉटर लाईन, स्थाई अण्डर ग्राउण्ड विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाईट आदि विकास कार्य किए जाएंगे। उक्त कार्य में 160.39 करोड़ रुपए की लागत आएगी। विक्रम नगर आरओबी का निर्माण कार्य राशि 30.68 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा हैं, जिसमें विक्रम उद्योगपुरी के पास एमआर 5 से नगर विकास योजना क्रं.- 03,04, 05 & 06, को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। आरओबी के निर्माण से रेल्वे लाईन क्रॉसिंग से शहर को जोड़ने का कार्य एवं सिंहस्थ के दौरान मक्सी एवं देवास से आने वाले यातायात को सुगमता प्रदान करेगा। नवीन सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन का भूमि-पूजन सिंहस्थ मेला कार्यालय का निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी होगा, जिसकी लागत राशि 29.84 करोड़ रुपए की है। सिंहस्थ के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रबंधन एवं प्रभावी नियत्रंण के लिए किया जा रहा है। उक्त भवन G+1 होकर निर्मित क्षेत्रफल 63 हजार वर्गफीट होगा। उक्त मेला कार्यालय भवन में एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित होगा।

ऑटो-बाइक हादसे में बाइक चालक घायल, पैर की दो उंगलियों के टूटने का खतरा

ऑटो और बाइक की भिंडत, बाइक चालक को आया गंभीर चोटें पैर की दो उंगली टूटने की आशंका  राजेंद्रग्राम छबिलाल थाना क्षेत्र राजेंद्रग्राम अंतर्गत आने वाली ग्राम बरगी सांधा जो राजेंद्रग्राम बसनिहा से बेनीबारी को जोड़ती है वही बरगी साधा में ऑटो और बाइक की जोरदार भिंडत होने से बाइक चालक प्रवीण कुमार मराबी 23 वर्ष पिता जान सिंह मरावी ग्राम दमगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है।जो अपने निजी काम से बेनीबारी की ओर गए हुए थे और घर लौटते समय राजेंद्रग्राम की ओर से स्कूली बच्चों को लेकर जा रही ऑटो आमने सामने भिड़ने से ऑटो में सवार एक विद्यार्थी बच्चे को भी चोट लगने की जानकारी बताई जा रही है।और घायल व्यक्ति प्रवीण कुमार मरावी को भी गंभीर चोट लगने की आसंका जताई जा रही है,और प्रवीण मरावी को उनके परिजनों के द्वारा अपने निजी वाहन से अस्पताल लाया गया,लेकिन देख भाल करने वाले डॉक्टरों का कोई अता पता नहीं है,जिससे घायल व्यक्ति को सही तरीके से इलाज किया जा सके।वही ड्रेसिंग करने वालों के द्वारा घायल व्यक्ति के पैर में टांका लगाकर,घाव को साफ कर, मलहम पट्टी लगाकर, जिला अस्पताल अनूपपुर ले जाने की सलाह दी गई,और परिजनों का कहना है की हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ डॉक्टरों के द्वारा ना किया जाए जिससे होने वाले बीमारी या एक्सीडेंट से डॉक्टरों के द्वारा छुटकारा दिलाया जा सकता है,अगर वो समय से अस्पताल को निगरानि मे रखकर काम करेंगे तो ,नही फिजूल में मरीज अपने मौत को गले लगाने से किसी को बचाया नहीं जा सकता है।

इंदौर में मेट्रो ट्रेन का अंतिम स्पीड ट्रायल, टीम ने मेट्रो में सवार होकर किया सर्वे

इंदौर  मध्य प्रदेश के इंदौर में मेट्रो प्रोजेक्ट के 17 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो के संचालन की राह आसान होती नजर आ रही है। सोमवार को कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (CMRS)की टीम ने मेट्रो ट्रेन में सवार होकर कोच की सुरक्षा, स्टेशनों की स्थिति देखी।  ट्रेन को अलग-अलग स्पीड पर चलाकर भी देखा गया। इस दौरान ट्रेक के जिस हिस्से में मोड़ है या ढलान है, वहां पर बारिकी से जांच की गई, ताकि 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन के संचालन के दौरान कोई परेशानी न हो। टीम ने रविवार से फाइनल निरीक्षण शुरू किया है और ट्रैक, स्टेशनों और मेट्रो सिस्टम की बारीकी से जांच की गई। रविवार को टीम ट्राली पर दौरा कर रही थी। सोमवार को मेट्रो ट्रेन में सवार होकर सर्वे किया। निरीक्षण के पहले दिन ट्रॉली रन किया गया। निरीक्षण 18 मार्च तक चलेगा। मंगलवार और बुधवार को मेट्रो ट्रेन को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा का परीक्षण किया जाएगा। यह देखा जाएगा कि तेज रफ्तार में ट्रेन और ट्रैक का प्रदर्शन कैसा रहता है। इसके बाद ही मेट्रो ट्रेन के संचालन की अनुमति मिलेगी। टीम के सर्वे के कारण गांधी नगर से बागड़दा तक छह किलोमीटर के हिस्से में मेट्रो का संचालन बंद कर दिया गया है। 80 रुपये तक होगा किराया मेट्रो के संचालन की मंजूरी मिलने के बाद मेट्रो रेल कार्पोरेशन किराए का निर्धारण करेगी। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक अधिकतम किराया 80 रुपये तक तक हो सकता है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक की दूरी 17 किलोमीटर है। अगले माह से मेट्रो का कमर्शियल संचालन हो सकता है। सरकार इसके लिए बड़ा लोकार्पण कार्यक्रम भी रख सकती है। फिलहाल मेट्रो साढ़े छह किलोमीटर हिस्से में संचालित हो रही है, लेकिन उस हिस्से में मेट्रो के लिए यात्री नहीं मिल रहे है।

MP में स्मार्ट मीटर से बिजली बिल में बढ़ोतरी, हर महीने लोड बढ़ने से आएगा तगड़ा झटका

भोपाल   प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को जल्द ही जोर का झटका लगेगा। केंद्र के इलेक्ट्रिसिटी एक्ट-2025 में बिजली बिल का लोड बढ़ाने के लिए स्मार्ट तरीका अपनाया गया है। इसके तहत उपभोक्ता ने यदि स्वीकृत लोड से तीन बार अधिक बिजली खर्च की तो अधिकतम खर्च होने वाली बिजली आधार पर ही लोड स्वतः अपडेट हो जाएगा। इस नए लोड को तय करने के लिए किसी कर्मचारी या आवेदन की जरूरत नहीं होगी। नए लग रहे स्मार्ट मीटर ही यह लोड अपडेट कर देगा। इससे हर माह उपभोक्ताओं की जेबें खाली होंगी। अभी घरेलू उपभोक्ता के टैरिफ में 150 यूनिट तक 129 रुपए का फिक्स्ड चार्ज तय है। इसके बाद प्रति 0.1 किलोवॉट (15 यूनिट) के बाद 28 रुपए तक फिक्स्ड चार्ज बढ़ेगा। संस्थाओं के 10 किलोवॉट स्वीकृत लोड तक अभी 161 रुपए प्रति किलोवॉट फिक्स्ड चार्ज है। नए टैरिफ में इसे 15% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। यानि बिना किसी सुनवाई, प्रस्ताव उपभोक्ता का बिजली बिल फिक्स्ड चार्ज हर साल चुपके से बढ़ा दिया जाएगा। नए नियम से घरेलू उपभोक्ताओं की जेब कैसे ढीली होंगी, समझें सवाल- मैं घरेलू उपभोक्ता हूं। मेरे घर में 1 किलोवॉट लोड का कनेक्शन है। मुझे कितना फिक्स्ड चार्ज देना होगा? जवाब- यदि आपने 51-150 यूनिट बिजली हर माह खर्च की तो 129 रु. प्रति कनेक्शन देने होंगे। सवाल- यदि मैंने स्वीकृत 1 किलोवॉट लोड कनेक्शन पर 151-300 यूनिट बिजली प्रति माह खर्च कर दी तो क्या होगा ? जवाब- आपको प्रति 0.1 किलोवॉट (15 यूनिट) भार पर 28 रुपए ज्यादा फिक्स्ड चार्ज देने होंगे। यानी, हर 300 यूनिट बिजली खर्च करने पर 280 रुपए देने होंगे। यह 280 रुपए बेस फिक्स्ड चार्ज 129 के अलावा जुड़ेंगे। यूं कहें आपको हर माह 409 रुपए फिक्स्ड चार्ज देना होगा। सवाल- यदि मैंने 1 किलोवॉट लोड का कनेक्शन लिया और गर्मी में मैंने 2 किलोवॉट बिजली खपत कर ली तब ? जवाब– यदि आपने साल में तीन साल में 2 किलोवॉट बिजली खपत की तो आपका स्वीकृत लोड ऑटोमैटिक दो किलोवॉट हो जाएगा। फिर इसी भार पर आपको फिक्स्ड चार्ज देना होगा। चाजे का ऐसा खेल किसी घरेलू बिजली उपभोक्ता का स्वीकृत लोड दो किलोवॉट है। वह यदि एक साल में तीन बार दो की बजाय 5 किलोवॉट लोड इस्तेमाल करता है तो साल के अंत में लोड ऑटोमैटिक रूप से 5 किलोवॉट हो जाएगा। यानी, जो उपभोक्ता दो किलोवॉट लोड पर प्रति 0.1 किलोवॉट 15 यूनिट 28 रुपए की दर से 72 रुपए देता है। 5 किलोवॉट होने पर उसे 280 रुपए देने होंगे। क्या है फिक्स्ड चार्ज फिक्स्ड चार्ज कनेक्शन के स्वीकृत लोड पर आधारित है। इसे बिजली कंपनी हर माह उपभोक्ताओं से वसूलती है। फिर चाहे वह बिजली का उपयोग करे या न करे। यह यदि स्वीकृत लोड 2 किलोवॉट व फिक्स्ड चार्ज 100 रुपए/किलोवॉट है। इसमें एक माह में एक यूनिट भी बिजली जलाई तो ₹200 फिक्स्ड चार्ज देना पड़ेगा। यानी, लोड बढ़ेगा तो फिक्स्ड चार्ज भी बढ़ेगा। यह भी जाने मैरिज गार्डन, सामाजिक कार्यक्रमों के लिए अस्थायी कनेक्शन पर 1 किलोवॉट स्वीकृत लोड पर अभी 82 रुपए प्रति किलोवॉट फिक्स्ड चार्ज है। बड़े संस्थानों में 10 किलोवॉट तक लोड पर 162 रुपए/किलोवॉट फिक्स्ड चार्ज लगेगा। यानी, कुल फिक्स्ड चार्ज ₹1620 होगा। लोड 10 से 11 किलोवॉट होने पर 281 रुपए प्रति किलोवॉट फिक्स्ड चार्ज। कुल 1620 के अलावा 281 रुपए/किलोवॉट बढ़ेगा। आयोग इनके अनुसार प्रावधान करेगा- सचिव केंद्रीय नियम तय प्रक्रियाओं से बनाए जाते हैं। पहले सुझाव आपत्ति ली जाती है। यहां नियामक आयोग इनके अनुसार प्रावधान करेगा।- उमाकांत पांडा, सचिव, एमपीइआरसी   

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