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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बूंद सहेजे बावड़ी पुस्तक का किया विमोचन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव  जल गंगा संवर्धन अभियान में श्री चिंतामण गणेश मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मण बावड़ी से बावड़ी उत्सव में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘बूंद सहेजे बावड़ी’ पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ में चिंतामण गणेश मंदिर परिसर में सिंदूर के पौधे का रोपण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री चिंतामण गणेश के आशीर्वाद से देश-प्रदेश विकास की नई ऊंचाईयाँ छू रहा है। उज्जैन में आयोजित की गई वेलनेस समिट में हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। उज्जैन देश-विदेश के लिए मानसिक शांति, आध्यात्म, वेलनेस केयर का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन-इंदौर नवीन फोरलेन पर भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिंतामण गणेश रेलवे स्टेशन का उन्नयन भी किया जाएगा। मां क्षिप्रा को कान्ह क्लोज़ डक्ट परियोजना और सेवारखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना से स्वच्छ, निर्मल और प्रवाहमान किया जा रहा है। इससे सिंहस्थ स्नान मां क्षिप्रा के स्वच्छ जल से हो होगा। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नवीन क्षिप्रा घाटों का निर्माण किया जा रहा है। सभी सुविधा श्रद्धालुओं को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से 30 मार्च से 30 जून तक जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है जिसमें प्रदेश में जल संरक्षण का संदेश, जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार और भू-जल स्तर में सुधार पर कार्य कर जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने के उपाय किये गये हैं। बावड़ी-उत्सव जन अभियान परिषद द्वारा बताया गया कि बावड़ी उत्सव में बावड़ियों के स्थल की जन सहभागिता से जीर्णोद्धार, प्रकाश, साफ सफाई, साज-सज्जा, जल आने के मार्गो को खोलकर जल संरचनाओं को नव जीवन प्रदान किया जा रहा है। जीर्णोद्धार के बाद बावड़ी उत्सव अंतर्गत बावड़ी का परंपरागत पूजन भी किया जा रहा है और जलस्त्रोत संरक्षण केन्द्रित संदेश अथवा बावड़ी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक महत्व के बारे में जानकारी देकर, जल संचय का संदेश दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में संपूर्ण अभियान में परिषद के प्रयासों से 36 लाख 34 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हुई है। परिषद् द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान में 2139 बावड़ी सफाई, 4254 तालाब सफाई, 3468 नदी घाट सफाई,15913 जल संगोष्ठी,1677 नुक्कड़ नाटक, दीवार लेखन के कार्य किए गए है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बावड़ी उत्सव में लक्ष्मण बावड़ी का पूजन किया। कार्यक्रम का संचालन श्री पीयूष त्रिपाठी ने किया और आभार संभाग समन्वयक श्री शिवप्रसाद मालवीय ने किया। कार्यक्रम में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी, चिंतामण गणेश मंदिर प्रशासक श्री अभिषेक शर्मा, पुजारी श्री राजेश गुरु, जनअभियान परिषद के कार्यपालक निर्देशक डॉ बकुल लाड़,सदस्य श्रीमती अजीता परमार,जिला समन्वयक श्री देवेंद्र शर्मा और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने किया देव फ़िल्म एंड टीवी इंस्टिट्यूट के कार्यालय का शुभारंभ

भोपाल  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने देव श्री फ़िल्म एंड टीवी इंस्टिट्यूट के भोपाल कार्यालय का उद्घाटन किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने संस्थान की स्थापना को स्थानीय प्रतिभाओं के प्रोत्साहन और क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, विशेष रूप से भोपाल और उसके आस-पास के अंचल में कला, संगीत, अभिनय, निर्देशन और तकनीकी दक्षता से परिपूर्ण प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है तो उन्हें उचित मंच देने की। उन्होंने कहा कि देव श्री फ़िल्म एंड इंस्टिट्यूट इस दिशा में एक सशक्त भूमिका निभा सकता है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि आज का युग संचार, सिनेमा और डिजिटल मीडिया का है, जिसमें क्षेत्रीय भाषाएँ, लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाएं भी वैश्विक मंच पर पहुँच रही हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह संस्थान मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक मूल्यों को फिल्म और मीडिया के माध्यम से उजागर करेगा, जिससे न केवल राज्य की पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और पहचान के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने संस्थान के संस्थापक एवं संचालक श्री विनोद तिवारी को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर सांस्कृतिक, मीडिया और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।  

सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रक्रिया अब और तेज, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत पद

भोपाल मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रक्रिया अब और तेज हो गई है। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग ने इसके लिए अधीनस्थ संस्थाओं और विभागों के भर्ती नियमों में संशोधन करते हुए इसे लागू करना शुरू कर दिया है। “मध्य प्रदेश फर्म्स एवं संस्थाएं सेवा भर्ती नियम 1988” में अब सीधी भर्ती के पदों में 27 प्रतिशत पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए जाएंगे। इसके अलावा अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए 20 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान रहेगा।   पूर्व में मध्य प्रदेश में ओबीसी को 14 प्रतिशत आरक्षण मिलता था, जिसे वर्ष 2019 में बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया था। हालांकि, इस निर्णय की वैधानिकता को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई और इसके क्रियान्वयन पर रोक लग गई थी। कुछ भर्तियों में संशोधित आरक्षण के अनुसार परीक्षा तो हुई, लेकिन परिणाम अटक गए। स्थिति को ध्यान में रखते हुए सितंबर 2021 में “83:13 फॉर्मूला” लागू किया गया था, जिसके तहत 27 प्रतिशत आरक्षण वाले पदों को स्थगित कर बाकी पदों पर नियुक्तियां की गईं। इस फॉर्मूले को भी हाई कोर्ट में चुनौती दी गई और अगस्त 2023 में इस पर भी रोक लगा दी गई। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिससे अब इस पर कोई कानूनी बाधा नहीं बची है। सरकार आरक्षण को लेकर प्रतिबद्ध आरक्षण की मांग को लेकर मुखर लोकेंद्र गुर्जर का कहना है कि अब सरकार को तत्काल 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहले ही साफ कर चुके हैं कि सरकार इस आरक्षण को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इससे जुड़ी लंबित याचिकाओं पर गंभीर संवाद जारी है। महिलाओं को भी मिलेगा आरक्षण महत्वपूर्ण बात यह है कि महिलाओं को भी आरक्षित वर्गों के भीतर 35 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। वहीं, एससी-एसटी के लिए आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था यथावत बनी रहेगी। सरकार द्वारा सेवा भर्ती नियमों में किए जा रहे संशोधन से अब स्पष्ट हो गया है कि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने का रास्ता लगभग साफ हो चुका है।

बिजली बिल कम करने तथा खपत को नियंत्रित करने में मददगार साबित हुआ स्‍मार्ट मीटर

भोपाल  केन्द्र सरकार की रिवेम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) योजना के अंतर्गत वितरण कंपनियों द्वारा लगाये गये स्मार्ट मीटर बेहतर कार्य कर रहे हैं। जहां-जहां स्‍मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, वहां पर समय पर बिलिंग तथा रीडिंग हो रही है। कंपनी ने कहा है कि स्‍मार्ट मीटर लगने से उपभोक्‍ताओं को बेहतर सेवाएं, सटीक बिलिंग और ऊर्जा दक्षता में सुधार हो रहा है। स्‍मार्ट मीटर लगाने का काम समय सीमा में पूर्ण करने के लिए कंपनी की टीमें लगातार कार्य में जुटी हुई हैं। रियल टाइम डेटा उपलब्‍ध स्‍मार्ट मीटर से रियल टाइम डेटा प्राप्‍त किया जा सकता है। इससे उपभोक्‍ताओं को सटीक और समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जा रही है। नए टैरिफ आर्डर के अनुसार स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को अब खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में छूट भी दी जा रही है। रीडिंग में कोई गड़बड़ी नहीं उपभोक्‍ताओं को वा‍स्‍तविक समय में ऊर्जा खपत की सटीक तथा अद्यतन जानकारी मिल रही है, साथ ही रीडिंग में किसी तरह की कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। उपभोक्‍ताओं के परिसर में जाकर रीडिंग लेने की जरूरत भी नहीं है, क्‍योंकि निर्धारित तिथि पर ऑटोमेटिक रीडिंग करके उपभोक्‍ताओं के पंजीकृत मोबाइल पर बिल जारी किया जा रहा है। उपभोक्‍ता स्‍वयं खपत की निगरानी कर रहे जहां-जहां भी स्‍मार्ट मीटर स्‍थापित किए जा चुके हैं वहां पर निर्धारित समय पर तथा सटीक रीडिंग मिल रही है। उपभोक्‍ता स्‍वयं भी ऊर्जा खपत की निगरानी कर सकते हैं, इसके लिए हर 15 मिनट में डाटा अद्यतन हो रहा है, ताकि यह समझने में आसानी रहे कि किस समय कितनी ऊर्जा की खपत हुई है। अब बिजली खपत को नियंत्रित करने में आसानी हो रही है। बिलों में त्रुटि की संभावना नहीं स्‍मार्ट मीटर से बिजली के बिलों में त्रुटि की संभावना बहुत कम हो गई है और बिजली की चोरी रोकने में भी स्‍मार्ट मीटर मददगार साबित हो रहे हैं। स्‍मार्ट मीटर वास्तविक समय में अपनी बिजली की खपत पर नज़र रखने में मदद करते हैं, जिससे उपभोक्‍ता स्‍वयं भी अपनी खपत को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। साथ ही गैरजरूरी उपकरणों को बंद करके ऊर्जा की बचत कर सकते हैं।  

नक्शा’ वेब-जीआईएस प्लेटफॉर्म बनेगा भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण की आधारशिला

भोपाल ‘नक्शा’ वेब-जीआईएस समाधान पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन तकनीकी सत्रों, विचार-विमर्श और राज्यों के अनुभव-साझा के साथ हुआ। कार्यशाला का आयोजन मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन एवं भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में देशभर के 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 44 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी एवं जीआईएस विशेषज्ञों ने भाग लिया। भूमि संसाधन विभाग, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री कुणाल सत्यार्थी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्य स्तर पर सहयोग और व्यवहारिक समाधान अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “सबसे अच्छी तकनीक वही होती है जिसे लोग सहज रूप से अपनाएं।” उन्होंने प्रशिक्षण, सुधार और नागरिक-केंद्रित डिजिटल सिस्टम विकसित करने का आग्रह किया। कार्यशाला के दूसरे दिन की शुरुआत सांची क्षेत्र के फील्ड सर्वेक्षण डेटा के लाइव प्रदर्शन से हुई। इसमें NAKSHA ऐप की प्रमुख कार्यक्षमताएं जैसे भूखंडों का विभाजन-मिलान, रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (RoR) सुधार और प्रकाशन प्रक्रिया का वर्कफ़्लो प्रदर्शित किया गया। एमपीएसईडीसी टीम ने बताया कि कैसे ऑफलाइन डेटा अपलोड और इंटरैक्टिव डैशबोर्ड जैसे फीचर्स भूमि प्रबंधन को अधिक सरल और सुलभ बनाते हैं। सत्र के दौरान विभिन्न राज्यों ने अपनी डिजिटल सर्वेक्षण पहलों को साझा किया। केरल ने अपनी “एंटे भूमि” परियोजना के तहत विकसित वेब-जीआईएस प्लेटफॉर्म प्रस्तुतिकरण दिया, जो शिकायत निवारण, फील्ड मॉनिटरिंग और नागरिक सेवाओं को एकीकृत करता है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश ने भी अपने नवाचारों और डिजिटल मैपिंग के अनुभव साझा किए। बाद में प्रतिभागियों को राज्यों के चार समूहों में विभाजित कर एमपीएसईडीसी की तकनीकी टीम के साथ राउंडटेबल सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें डेटा एकीकरण, प्रशिक्षण, कार्यान्वयन की समय-सीमा और यूजर इंटरफेस सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन संवाद हुआ। विशेष रूप से आंध्र प्रदेश, केरल और मेघालय के प्रस्तुत सुझावों को सराहना मिली। कार्यक्रम के समापन पर एमपीएसईडीसी के एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री संदीप गोयल ने सभी राज्यों के योगदान और सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यशाला भारत में डिजिटल भूमि प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुई है। साथ ही, ‘नक्शा’ पहल के राष्ट्रीय विस्तार हेतु सहयोग का सशक्त मंच भी बनी है।  

स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को खपत के आधार पर दिन के टैरिफ में 20 प्रतिशत की मिलेगी छूट

भोपाल मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को दिन के टैरिफ में छूट प्रदान की जाएगी। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी को छोड़कर की जाएगी। कंपनी ने कहा है कि यह छूट निम्‍नदाब उपभोक्ता श्रेणियों के लिए विशिष्ट नियमों और शर्तों के आधार पर दिन के विभिन्न समय (सोलर ऑवर) के दौरान खपत की अवधि के अनुसार ऊर्जा शुल्क पर लागू होगी। सामान्‍य उपभोक्‍ताओं को सोलर आवर में छूट घरेलू और गैर घरेलू सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट श्रेणी के उपभोक्‍ताओं को सोलर ऑवर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। इसी तरह गैर-घरेलू और निम्नदाब के औद्योगिक उपभोक्‍ताओं, आटा चक्‍की आदि को सौर ऑवर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। यह छूट 10 किलोवाट से अधिक स्वीकृत लोड, अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को ही मिलेगी। स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं को सोलर ऑवर में छूट स्‍मार्ट मीटर उपभोक्‍ताओं के लिए जिसमें घरेलू, गैर घरेलू, सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और निम्‍नदाब औद्योगिक उपभोक्‍ताओं के लिए सोलर ऑवर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड, अनुबंध मांग वाले उपभोक्‍ताओं को ही मिलेगी।  

पुण्यश्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर स्मरण प्रसंग

भोपाल संस्कृति विभाग की मराठी साहित्य अकादमी द्वारा “स्मरण प्रसंग’’ शीर्षक से पुण्यश्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर 7 एवं 8 जून को दो दिवसीय पोवाडा एवं नृत्यनाट्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन शाम 5 बजे से हंसध्वनि सभागार, रवीन्द्र भवन में होगा। निदेशक मराठी साहित्य अकादमी भोपाल श्री संतोष गोडबोले ने बताया कि सांस्कृतिक संध्या में भोपाल की लगभग 14 स्थानीय संस्थाओं के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति लोक-नृत्यों, अभंग-गायन, पर्व एवं त्यौहार आदि की संगीतमय प्रस्तुति होगी। सांगली महाराष्ट्र से आमंत्रित कलाकार शाहीर रत्न प्रसाद विभूते एवं साथी कलाकारों द्वारा मराठी पोवांडा गायन की संगीतमय प्रस्तुति होगी। इस दौरान आई साहेब मातृशक्ति सम्मेलन भी होगा।  

रेगुलर, नॉन रेगुलर कर्मचारियों के डाटा का परीक्षण सरकार की निरंतर प्रक्रिया

भोपाल  राज्य शासन द्वारा रेगुलर और नॉन रेगुलर कर्मचारियों के डाटा का परीक्षण आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर के माध्यम से नियमित रूप से किया जा रहा है। यह एक निरंतर प्रक्रिया है। इस संबंध में कार्यालय आयुक्त एवं लेखा द्वारा सभी कोषालय, आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को समय-समय पर पत्र लिखकर डाटा की पुष्टि के लिए निर्देश दिए गये है। आयुक्‍त कोष एवं लेखा कार्यालय के अंतर्गत एक राज्‍य वित्तीय इंटेलिजेंस सेल (एस.एफ.आई.सी.) संचालित है जो नियमित अंतराल पर कोषालय के डाटा का विश्‍लेषण करता है। जिसमें कर्मचारियों के वेतन आहरण की मॉनिटरिंग भी की जाती है। इस सेल द्वारा ऐसे लगभग 50 हजार कर्मचारियों के कर्मचारी कोड के डेटा का विश्‍लेषण किया गया, जिनके पिछले चार महिनों से वेतन का आहरण कोषालय सॉफ्टवेयर से नहीं किया गया। इसलिए ऐसे कर्मचारियों के विवरण का सत्‍यापन कोषालय अधिकारियों के माध्‍यम से संबंधित डी.डी.ओ. से करवाये जाने हेतु आयुक्‍त कोष एवं लेखा द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं। यह एक निरंतर प्रक्रिया है जो समय-समय पर आयुक्‍त कोष एवं लेखा कार्यालय द्वारा की जाती है। माह दिसंबर 2024 के डाटा का परीक्षण कर पाया गया कि ऐसे कर्मचारी हैं जिनके एम्पलाई कोड आवंटित है किंतु सेवानिवृत्ति तिथि की प्रविष्टि नहीं हुई है। आईएफएमआईएस सॉफ्टवेयर में एग्जिट प्रक्रिया भी पूरी नहीं हुई है, फिर भी चार माह से वेतन आहरण नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में कार्यालय आयुक्त कोष एवं लेखा द्वारा सभी कोषालय अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को संबंधित डाटा प्रदान कर 15 दिन में कारण सहित पुष्टि करायी जाए। उनके द्वारा वेतन आहरण किस कारण से नहीं किया जा रहा है। आहरण एवं संवितरण अधिकारियों से प्राप्त जानकारी को कार्यालय आयुक्त कोष-लेखा को अवगत कराया जायेगा। यदि डेटा के सत्यापन में कोई ऋटि संज्ञान में आती है तो संभागीय संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा के माध्यम से तत्काल प्रतिवेदन भेजा जाना होगा। इससे स्पष्ट है कि रेगुलर और नॉन रेगुलर एम्पलाई के डाटा संबंधी परीक्षण और निरीक्षण एक सामान्य और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। 

एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के प्रकरणों में मौसमी वृद्धि के दृष्टिगत सतर्कता बरतने व हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयारी के निर्देश

भोपाल प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री संदीप यादव ने एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस के प्रकरणों में मौसमी वृद्धि के दृष्टिगत प्रदेश के समस्त जिलों के कलेक्टर, डीन मेडिकल कॉलेज, सीएमएचओ और सिविल सर्जन को इन्पेशेंट केयर इंस्टिट्यूशन्स की तैयारी की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। ज़ारी आदेश में यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी डायग्नॉस्टिक फैसिलिटीज़, आवश्यक दवाएं, पीपीई किट्स, आईसोलेशन बेड्स, मेडिकल ऑक्सीजन, आईसीयू तथा वेंटिलेटर सपोर्टेड बेड्स की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। साथ ही पीएसए प्लांट्स की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के लिए मॉक ड्रिल्स कराई जाए। कोविड-19 की रोकथाम के मॉडिफाइड सर्विलांस स्ट्रैटेजी अनुसार एसएआरआई मामलों और न्यूनतम 5% आईएलआई मामलों के सैम्पल्स की टेस्टिंग की जाए। कोविड पॉज़िटिव पाए गए एसएआरआई पेशेंट्स के सैम्पल्स को होल जीनोमिक सीक्वेंसिंग के लिए क्षेत्रीय वीआरडीएल सेंटर्स को भेजे जाने के निर्देश हैं। जिला स्तर पर कार्यरत डिस्ट्रिक्ट सर्विलांस यूनिट्स को अपने क्षेत्रों में आईएलआई / एसएआरआई ट्रेंड्स पर करीबी निगरानी रखने और एसएआरआई केस रेश्यो की नियमित मॉनिटरिंग करने के लिए कहा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि सभी कोविड-19 संबंधित डेटा, जिसमें को-मॉर्बिडिटीज़ की जानकारी भी सम्मिलित हो, आईडीएसपी-आईएचआईपी पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज किया जाए। सभी सूचनाएं स्टेट सर्विलांस यूनिट को भेजी जाएं और सार्थक पोर्टल पर भी अपलोड किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। सामुदायिक स्तर पर कोविड उपयुक्त व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता गतिविधियों के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। इसमें हाथ धोने की आदत, रेस्पिरेटरी हाइजीन, खाँसते/छींकते समय मुँह ढकना, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकना आदि व्यवहार शामिल हों। वरिष्ठ-जन, को-मॉर्बिड एवं इम्यूनो-कम्प्रोमाइज़्ड व्यक्तियों को कम हवादार या भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचने और ऐसे क्षेत्रों में फेस मास्क्स का प्रयोग करने के लिए कहा गया है। तीव्र श्वसन संक्रमण के लक्षण वाले लोगों को अपने स्वास्थ्य की सेल्फ-मॉनिटरिंग करने और यदि उन्हें सांस लेने में तकलीफ़, सीने में दर्द या अन्य गंभीर लक्षण हों तो निकटतम हेल्थ फैसिलिटी से तुरंत संपर्क करने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस लाइन उज्जैन में कई कार्यों का किया लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलिस लाइन उज्जैन स्थित सेल्फ स्टडी जोन, दिशा लर्निंग सेंटर, पार्क और ओपन जिम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पुलिस बैंड द्वारा मुख्यमंत्री डॉ यादव को सलामी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पार्क में सांकेतिक रूप से एक्सरसाइज कर सभी को नियमित व्यायाम कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा,नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जनप्रतिनिधि श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी आदि उपस्थित रहे।  

सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट में मिलेंगे निवेश के व्यापक अवसर

भोपाल  प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सौर ऊर्जीकरण अंतर्गत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट के लक्ष्य को हासिल करने संबंधी स्वप्न को साकार करने में अपना योगदान देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में निरंतर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये एक के बाद एक संयंत्र लगाये जा रहे हैं। इनसे प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में सौर ऊर्जा की भागीदारी निरंतर बढ़ती जा रही है। कृषकों की ऊर्जा आवश्‍यकताओं, मुख्‍य रूप से सिंचाई आवश्‍यकताओं की पूर्ति के लिए, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्‍पादन कर, आय के अवसर उपलब्ध करवाते हुए, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्‍थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना लागू की गयी है। पीएम-कुसुम योजना के घटक कुसुम-सी में ग्रिड संबंद्ध सिंचाई पम्‍पस् को ऊर्जीकृत करने के लिये कृषि फ़ीडर का सोलराइजेशन किया जाना है। योजना में सोलर संयंत्र स्‍थापना के लिये रु. 1.05 करोड़ प्रति मेगावाट केन्‍द्रीय सहायता राशि का प्रावधान है। परियोजना के विकासकों एवं अन्य स्टेक होल्डर्स को निगम द्वारा इस निविदा, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी जानकारी देने के लिये “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट” 10 जून को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित होगी। सौर ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण पक्ष उपयोग करने के स्थान (बिंदु) पर इसके उत्‍पादन के साथ उपयोग करना भी है। सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग के लिये इन परियोजनाओं को विकेंद्रीकृत रूप से स्थापित किया जा सकता है। सरकार कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसानों के हित में सिंचाई के लिये ऊर्जा की 10 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगभग 8000 समर्पित कृषि फीडर स्थापित किए गए हैं। इनका निरंतर विस्तार प्रक्रियाधीन है। प्रदेश में 33/11 किलो वोल्ट विद्युत उप केन्द्रों पर सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना के समग्र लाभ को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में पीएम-कुसुम योजना के घटक कुसुम-सी में प्रदत्‍त लक्ष्‍य तक सीमित न रखते हुए और योजना को तकनीकी रूप से अधिक उपयोगी बनाते हुए कृषि फ़ीडर सोलराइजेशन को विस्तार दिया जा रहा है। इसके विस्तारीकरण के लिये ही ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर” योजना क्रियान्वित की जा रही है। ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर” योजना के प्रमुख उद्देश्य म.प्र. पॉवर मैनेज़मेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध कराना है। सीधे विद्युत खपत स्थल पर ऊर्जा प्रदाय कर पारेषण हानि को कम करना, कृषि लोड का दिन में प्रबंध करना, किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराना भी इसका उद्दइेश्य है ताकि कृषकों की जीवन शैली को बेहतर बनाया जा सके। इसका उद्देश्य 33/11 किलो वोल्ट विद्युत वितरण उप केन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्राँसफार्मर पर ओवर-लोडिंग के परिणाम स्वरूप लो-वोल्टेज एवं पॉवर कट की समस्या को कम करना भी है। इन परियोजनाओं की स्थापना से विद्युत उपकेन्द्रों के उन्नयन पर आने वाले वित्तीय भार से बचा जा सकेगा। साथ ही बिना किसी निवेश के ग्रिड स्‍टेबिलिटी प्रबंधन किया जा सकेगा। ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर” योजना में 100 प्रतिशत क्षमता तक विद्युत् सब-स्टेशन की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी। इन परियोजनाओं के विकासकों के चयन के लिये म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा निविदा जारी की गयी है। इसमें शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत क्रय अनुबंध किया जाएगा। निविदा में 1900 से अधिक सब-स्टेशन पर 14 हजार 500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन के लिये अवसर उपलब्ध हैं। परियोजनाओं की स्थापना में पीएम कुसुम योजनान्तर्गत अनुदान प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध होगा। परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत्त ब्याज में छूट का प्रावधान भी किया गया है। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।  

चिनाब रेलवे ब्रिज और केबल-स्टेड रेलवे पुल का शुभारंभ देशवासियों के लिए गौरव का क्षण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे ब्रिज और देश के पहले केबल-स्टेड रेलवे पुल का शुभारंभ देशवासियों के लिए गौरव का क्षण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक्स संदेश में कहा है कि जम्मू-कश्मीर में स्थापित चिनाब रेलवे अत्याधुनिक तकनीक, बेमिसाल इंजीनियरिंग और दृढ़ संकल्प को साकार करने का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चिनाब रेलवे ब्रिज और केबल-स्टेड रेलवे पुल “अंजी ब्रिज” का शुभारंभ सभी भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण सौगात है ।  

अरी थाना क्षेत्र में भीषण सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की दर्दनाक मौत, चालक फरार

सिवनी अरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा सिवनी-कटंगी (बालाघाट) मार्ग पर स्थित खमरिया गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कूटी और सब्जी से भरे एक ऑटो वाहन की आमने-सामने से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।   सड़क पर बिखरे पड़े थे शव पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सब्जी से भरा ऑटो सिवनी से कटंगी की ओर जा रहा था। स्कूटी पर सवार तीन युवक अरी से सिवनी की दिशा में तेज रफ्तार से जा रहे थे। खमरिया गांव के पास दोनों वाहनों में आमने-सामने से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए। तीनों युवक सड़क पर जा गिरे। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। युवकों की मौत से गांव में पसरा मातम हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान 35 वर्षीय अविनाश पुत्र सत्यनारायण भलावी निवासी नयेगांव, 26 वर्षीय अरविंद पुत्र सियानंद भालेकर और 23 वर्षीय रोहित पुत्र शिवचरण कुमरे दोनों निवासी रैयतवाड़ी गांव के रूप में हुई है। तीनों युवक मित्र थे। हादसे की खबर लगते ही गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। ऑटो चालक वाहन छोड़कर फरार अरी थाना प्रभारी आशीष खोब्रागढ़े ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद ऑटो चालक वाहन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ऑटो और स्कूटी को जब्त कर लिया है। चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। मृतकों के शवों का पंचनामा कर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। प्राथमिक दृष्टि में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं

रीवा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में सांदीपनि विद्यालय और अन्य विद्यालयों के उन्नयन एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पी.के. गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल, रीवा को सांदीपनि विद्यालय के रूप में विकसित किए जाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विशेष चर्चा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ऑडिटोरियम, खेल सुविधाएँ, फर्नीचर और अन्य निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। जिससे आगामी शैक्षणिक सत्र से सेवाओं का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की तकनीकी अड़चनों को त्वरित रूप से उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाकर प्राथमिकता के आधार पर निराकृत किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा शहर के समीपवर्ती क्षेत्रों में स्थित विद्यालयों के प्रस्तावित उन्नयन कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की और निर्देशित किया कि सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूर्ण कर प्रस्तावों को सक्षम स्तर पर अनुमोदन के लिए भेजा जाए। उन्होंने कहा कि रीवा शहर से लगे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के उन्नयन को प्राथमिकता से किया जाये, जिससे इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और उन्हें शिक्षा के लिये शहर आने की असुविधा न हो। आयुक्त, स्कूल शिक्षा श्रीमती शिल्पा गुप्ता, पीआईयू, एवं एप्को के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल

गुरू ही जीवन की दिशा तय करते है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन समारोह में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शुक्रवार को लोकमान्य तिलक शिक्षण समिति के अभिनंदन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि लोकमान्य तिलक विद्यालय परिसर में भविष्य के विकास का संकल्प निर्मित हुआ है। ये परिसर राष्ट्रवादी विचारों का जीवंत केंद्र है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में कुलपति के स्थान पर कुलगुरु संबोधित किए जाने पर कहा कि गुरु शब्द अंधेरे से प्रकाश को जोड़ता है। माता-पिता के बाद गुरु ही जीवन की दिशा तय करते हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में लोटी स्कूल से जुड़े अपने विद्यार्थी परिषद के समय के अनुभव भी साझा किए। विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। कार्यक्रम में स्वागत भाषण किशोर खंडेलवाल ने दिया। मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों को पुरस्कार प्रदान किये। खंडेलवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष शिक्षकों के उन्नयन के लिए 3 दिवसीय अभ्यास वर्ग के चलते आयोजित किया जाता है। इसमें अलग-अलग विषय होते हैं। कार्यकम में विद्यालय का स्टाफ उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कार्यक्रम में 10वीं में टॉपर 3 छात्र, छात्राओं एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिता मल्लखम्भ खेल में मैडल हासिल करने वाले 4 खिलाड़ी छात्र, छात्राओं का सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष किशोर खंडेलवाल, सचिव विश्वनाथ सोमन और गिरीश भालेराव ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन गिरीश भालेराव ने किया और आभार प्रदर्शन विश्वनाथ सोमन ने किया।  

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