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इंदौर महानगर रीजन: नर्मदा पेयजल योजना का प्लान नए सिरे से बनेगा, शिप्रा शुद्धिकरण योजना भी तीनों शहरों को मिलाकर

इंदौर प्रदेश सरकार ने मध्य प्रदेश मेट्रो पाॅलिटन एक्ट की मंजूरी दी है। अब महानगर विकास प्राधिकरण का गठन होगा। इसका सेटअप नए सिरे से होगा या इंदौर विकास प्राधिकरण को इसमे मर्ज किया जाएगा, यह तय नहीं है। राजनीतिक समीकरणों पर इस एक्ट का प्रभाव न पड़े। इस पर भी सरकार की नजर है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महानगर विकास प्राधिकरण समन्वय की भूमिका में रहेगा, इसके अधीन नगर निगम या विकास प्राधिकरण नहीं होंगे,हालांकि इसके गठन में भी अभी लंबा समय लगना है। इंदौर महानगर रीजन में पांच जिले धार, उज्जैन, देवास,इंदौर और शाजापुर जुड़ेंगे। पांचों जिलों की आबादी 60 लाख है। रीजन का प्लान 75 लाख की आबादी के हिसाब से होगा और इसका दायरा 9 हजार वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। नर्मदा पेयजल योजना का प्लान नए सिरे से बनेगा अभी नर्मदा परियोजना अलग-अलग शहरों में बनी है। इंदौर में नर्मदा का चौथा चरण लाने की तैयारी की जा रही है। उज्जैन और देवास को भी नर्मदा- शिप्रा योजना से पानी मिल रहा है। महानगर रीजन बनने के बाद पेयजल की समग्र योजना तैयार हो सकती है। इसके लिए केंद्र से भी ज्यादा पैसा मिलेगा। शिप्रा शुद्धिकरण योजना भी तीनों शहरों को मिलाकर शिप्रा नदी तीन शहर इंदौर, देवास और उज्जैन से जुड़ी है। इंदौर की कान्ह नदी उज्जैन के पहले शिप्रा नदी में मिलती है। कान्ह नदी प्रदूषित नदी है। इस कारण शिप्रा का जल भी गंदा हो जाता है,जबकि देवास शहर के बड़े हिस्से को शिप्रा नदी से पानी सप्लाई होता है। सिंहस्थ के लिए इंदौर में अलग और उज्जैन के लिए अलग योजना बनती थी, लेकिन अब एक ही शुद्धिकरण प्लान बनेगा। इससे इंदौर से लेकर उज्जैन तक ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे। जनप्रतिनिधि भी होंगे शामिल कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महानगर विकास प्राधिकरण के लिए तीन कमेटियां बनेगी। तीसरी कमेटी में जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे और उनकी स्वीकृति के बाद ही योजना को अमल में लाया जाएगा। एक्ट बनने के बाद अब महानगर प्राधिकरण का सेटअप तैयार किया जाएगा।  

कार्य में लाये तेजी, प्रचार-प्रसार पर करे फोकस : खाद्य मंत्री श्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने घरों में पाइप लाइन के माध्यम से पी.एन.जी. और सी.एन. जी कार्य में तेजी लाने के निर्देश क्रियान्वयन कंपनियों को दिये। मंत्री श्री राजपूत मंत्रालय में प्रदेश के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कार्य की समीक्षा कर रहे थे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कंपनियों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश क्रियान्वयन कंपनी को दिये है। मंत्री श्री राजपूत ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के तहत जिलों में कार्य करने वाली कंपनियों को समझाइश देते हुए कहा कि गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिये पर्यावरण के क्षेत्र में क्रांति लाने का कार्य प्रदेश में होने जा रहा है । सभी कंपनियां इसमें भागीदार है, पर आम-जन के बीच सी.एन.जी. और पी.एन.जी. गैस के लाभ की जानकारी नहीं होने के कारण आम-जन का रुझान इस ओर नहीं बढ़ पा रहा है। मंत्री श्री राजपूत ने कंपनियों को प्रचार-प्रसार में फोकस करने का निर्देश देते हुए कहा कि कंपनियों को विभिन्न प्रकार की परमिशन के लिये सुविधा के लिए सिंगल विंडो प्रणाली विकसित कर दी जायेगी, जिससे किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े। पाइप लाइन नेटवर्क बिछाने में जनता परेशान न हो समीक्षा बैठक के दौरान सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में कार्य कर रही कंपनियों द्वारा पाइपा लाइन बिछाने के बाद रेस्टोरेशन का कार्य अधूरा छोड़ देने की ओर कंपनियों का ध्यान दिलाते हुए मंत्री श्री राजपूत ने नसीहत दी की सरकार की तरफ से कंपनियों को हर प्रकार का सहयोग दिया जायेगा पर कंपनियां पाइप लाइन बिछाने के बाद रेस्टोरेशन का कार्य समय पर पूरा करे इससे जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो सके और समय पर सुविधा मिल सके। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति अपर मुख्य सचिव, श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने भी कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्कमें कार्य कर रही कंपनियों को धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी चिंता जता चुके है। आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा ने सभी कम्पनियों को हर महीने का लक्ष्य तय कर कार्य करने और प्रगति की जानकारी से खाद्य विभाग को अवगत कराने के निर्देश दिये। दो साल में बिछ जायेगा गैस नेटवर्क का जाल समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि लक्ष्य के आधार पर मध्यप्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क 55 जिलों के 25 भौगोलिक क्षेत्र में निर्धारित किया गया है, तथा 60 लाख उपभोक्ताओं तक पी.एन.जी.गैस कनेक्शन का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं 1207 सी.एन. जी. स्टेशन बनाये जायेंगे। इस लक्ष्य के सापेक्ष 3.19 लाख उपभोक्ताओं को पाइप लाइन के माध्यम से गैस आपूर्ति की जा रही है जबकि 378 सी.एन.जी. स्टेशन तैयार कर दिये गये है। बैठक के दौरान गेल गैस नेटवर्क, अवंतिका गैस लिमिटेड, थिंक गैस, इंडिया आयल कॉर्पोरेशन, गुजरात गैस लिमिटेड, अडानी गैस लिमिटेड, राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड और मेघा गैस के अधिकारियों ने 2 साल में 90 प्रतिशत से अधिक पाइप लाइन नेटवर्क बिछाने का भरोसा दिया है।  

राजगढ जिला ओवर-ऑल 81.60 अंकों के साथ जल संवर्धन कार्यों में प्रथम

भोपाल जल गंगा संवर्धन अभियान में जल संरचनाओं के प्रदेश में सर्वाधिक निर्माण पूरा करने पर राजगढ़ जिले को अब तक 100 में से 81.60 अंक प्राप्त हुए हैं। जिला अब तक प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। जल गंगा संवर्धन अभियान में राजगढ़ जिले में अमृत सरोवर लक्ष्य से अधिक और प्रदेश में सर्वाधिक कार्य प्रारंभ कराए गए हैं। इसी तरह जिला खेत तालाब भी लक्ष्य से अधिक प्रारंभ कराने में प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। इस तरह जल गंगा संवर्धन अभियान के लिए My Bharat पोर्टल पर युवाओं का रजिस्ट्रेशन भी राजगढ़ ने लक्ष्य 5,400 से अधिक 10,186 से अधिक रजिस्ट्रेशन कराए हैं। राजगढ़ कलेक्‍टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में जिले में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए जा रहे जल संवर्धन के कार्यो में मनरेगा योजना में कुल 18 अमृत सरोवर तालाब निर्माण का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुआ है। लक्ष्य अनुसार सभी 19 तालाबों के लिए स्थल चयन SIPRI ऐप से किया जाकर भारत सरकार के अमृत सरोवर पोर्टल पर उसकी प्रविष्टि कराई जा चुकी है। इन सभी अमृत सरोवरों का निर्माण प्रारंभ कर दिया गया है। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 1866 खेत तालाब के लक्ष्य से अधिक 1989 खेत तालाबों के स्थल चयन एसआईपीआरआई मोबाइल ऐप से फायनल कर निर्माण प्रारंभ किये जा चुके हैं। जिला खेत तालाब कार्य प्रारंभ करने में जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। मनरेगा योजनान्तर्गत जल संरक्षण के लिये कुल 3,500 कूप रिचार्ज निर्माण के लक्ष्य से अधिक 3600 कूपों का चयन कर 3165 पर कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इसकैटेगरी में भी प्रदेश स्तर पर हो रही रैंकिंग में 20 में से अब तक 18 अंक प्राप्त हुए हैं। बोरी बंधान से 12 घंटे में मुड़ना नदी हुई लबालब शहडोल में सोहागपुर के जोधपुर गांव से बहने वाली मुड़ना नदी की जलधारा सूख सी गई थी। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्मशान घाट के पास पहले से निर्मित स्टॉप-डैम में जन-अभियान परिषद की जोधपुर समिति और ग्राम पंचायत ने इसी स्टॉप-डैम में बोरी बंधान का निर्माण किया। श्रमदानसे हुए बोरी बंधान से धीरे-धीरे मुड़ना नदी के बहाव क्षेत्र में जल स्तर बढ़ने लगा। श्रमदान दिवस के बाद की सुबह नदी को लबालब देख गांव के पशु-पक्षियों तक में खुशी की लहर दौड़ गई। अब नदी में पेयजल के साथ ही सबके लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो गया है। देवास का मीठा तालाब हुआ साफ देवास जिले में “जल गंगा संवर्धन अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने के लिए 30 जून 2025 तक ये अभियान जारी रहेगा। जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में नगर निगम देवास के राजोदा स्थित मीठा तालाब की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य किया गया। तालाब के किनारे पौधारोपण भी किया गया। भंडारी नदी में बोरी बंधान से ग्रीष्म ऋतु में भी पर्याप्त जल भराव जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत उमरिया जिले की नगर परिषद मानपुर में भंडारी नदी में बोरी बंधान किया गया। बोरी बंधान से नदी में जल संग्रह की क्षमता बढ़ गई है और पर्याप्त मात्रा में पानी रुकने लगा है। बोरी बंधान से नदीं में सहरेजे गए पानी का उपयोग पशु पक्षियों के साथ आम जन भी कर सकेंगे।  

हर ईंट में लोक कल्याण की सोच : सड़कें बनीं सामाजिक और आर्थिक समृद्धि की आधारशिला

भोपाल मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास का स्वरूप अब केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी परिवर्तन की दिशा में निर्णायक भूमिका निभा रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के मूलमंत्र के साथ सुदृढ़, पारदर्शी और जनहितकारी अधोसंरचना का निर्माण किया जा रहा है। राज्य का विशाल सड़क नेटवर्क प्रदेश में लोक निर्माण विभाग के अधीन 80,775 किलोमीटर लंबा सड़क नेटवर्क है। इसमें 9,315 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग, 11,389 किमी राज्य राजमार्ग, 25,639 किमी मुख्य जिला मार्ग और 34,432 किमी अन्य जिला मार्ग शामिल हैं। यह नेटवर्क प्रदेश के ग्रामीण, शहरी, औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों को जोड़ने का कार्य कर रहा है। विगत एक वर्ष में हुआ अभूतपूर्व निर्माण कार्य विगत एक वर्ष से अधिक लगभग 14 महीनों में 6,400 करोड़ रुपये की लागत से 5,500 किमी सड़कों का निर्माण एवं सशक्तिकरण, 345 करोड़ रुपये से 1,500 किमी का डामरीकरण तथा 2,000 करोड़ रुपये से 110 पुलों और एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में 22,500 करोड़ रुपये की लागत से 10,000 किमी सड़कों और 10,463 करोड़ रुपये से 474 पुलों एवं फ्लाईओवर पर निर्माण कार्य जारी है। शहरी विकास और बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल और इंदौर जैसे प्रमुख शहरों में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश में 6 प्रमुख कॉरिडोर परियोजनाएं – नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ कॉरिडोर, अटल प्रगति पथ, बुंदेलखंड कॉरिडोर और मध्य भारत विकास पथ प्रारंभ की गई हैं। ये पिछड़े क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ेंगी। राष्ट्रीय राजमार्गों का चौड़ीकरण और नया समझौता प्रदेश के लगभग सभी राष्ट्रीय राजमार्गों को 4 लेन में परिवर्तित करने की योजना में अब तक 4,740 किमी मार्गों को 4 लेन में बदला जा चुका है। शेष 3,050 किमी पर कार्य जारी है। मध्यप्रदेश शासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच 1 लाख करोड़ रुपये की लागत से 4,010 किमी लंबाई की 22 नई सड़क परियोजनाओं हेतु ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इसमें इंदौर-भोपाल, भोपाल-जबलपुर हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, लखनऊ-रायपुर एक्सप्रेसवे, आगरा-ग्वालियर, उज्जैन-झालावाड़, सतना-चित्रकूट और रीवा-सीधी जैसे महत्त्वपूर्ण मार्ग शामिल हैं। महाकुंभ-2028 और रोपवे परियोजनाएं उज्जैन महाकुंभ-2028 को ध्यान में रखते हुए इंदौर-उज्जैन मार्ग का 6 लेन में चौड़ीकरण तथा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का कार्य तेज़ी से चल रहा है। यह प्रदेश का पहला पूर्ण ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे होगा।साथ ही उज्जैन के महाकाल मंदिर, सागर के नट निकेतन, जबलपुर के गुरुद्वारा और बलदेव बाग में रोपवे परियोजनाएं भी भारत सरकार के सहयोग से प्रारंभ की गई हैं। तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता नियंत्रण गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए फुल डेप्थ रिक्लेमेशन, व्हाइट टॉपिंग और माइक्रो सर्फेसिंग जैसी नवीन तकनीकों को अपनाया गया है। निरीक्षण प्रक्रिया में सॉफ्टवेयर आधारित प्रणाली, गुप्त कोडिंग और सैंपलिंग प्रक्रिया लागू की गई है। पिछले 2 महीनों में 21 जिलों में 104 निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें दोषियों पर कार्रवाई की गई और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया। डिजिटल समाधान: लोकपथ ऐप और निगरानी तंत्र लोक निर्माण विभाग ने तकनीकी उन्नयन के तहत “लोक पथ” मोबाइल ऐप, सार्थक ऐप, इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम और पीएम गति शक्ति पोर्टल को लागू कर निगरानी और शिकायत निवारण प्रक्रिया को सशक्त किया है। गौरतलब है कि लोकपथ ऐप का उल्लेख ‘कौन बनेगा करोड़पति’ जैसे प्रतिष्ठित मंच पर भी हुआ है। मानव संसाधन विकास और नीति निर्माण प्रदेश के 1,750 इंजीनियरों का कौशल विश्लेषण कर उनके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है। साथ ही दीर्घकालिक रोड नेटवर्क मास्टर प्लान एवं रोड सेक्टर पॉलिसी का निर्माण भी प्रगति पर है। हरियाली और जल संरक्षण की दिशा में पहल पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वृक्षों को काटने की बजाय स्थानांतरित किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘ग्राउंड वॉटर रिचार्ज बोर’ और ‘लोक कल्याण सरोवर’ जैसी योजनाएं जल संरक्षण के उद्देश्य से लागू की गई हैं। प्रदेश नवाचार की नींव पर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर प्रदेश में अधोसंरचना विकास अब केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि का आधार बन गया है। “लोक निर्माण से लोक कल्याण” के ध्येय वाक्य को साकार करते हुए लोक निर्माण विभाग प्रदेशवासियों को बेहतर भविष्य की ओर ले जा रहा है।  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का करेंगे उद्घाटन

भोपाल भोपाल मंडल के अंतर्गत आने वाले नर्मदापुरम एवं शाजापुर रेलवे स्टेशनों को ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत नए स्वरूप में विकसित किया गया है। यह दोनों स्टेशन अब आधुनिक यात्री सुविधाओं, स्थानीय सांस्कृतिक पहचान और भव्य संरचनाओं के साथ अपनी नई पहचान के लिए तैयार हैं। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मई 2025 को इन स्टेशनों का लोकार्पण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाएगा। भारतीय रेल को देश की जीवन रेखा माना जाता है, और रेलवे स्टेशन किसी भी शहर की पहचान का केंद्र होते हैं। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे ने 1300 से अधिक स्टेशनों के पुनर्विकास का महत्त्वाकांक्षी कार्य प्रारंभ किया है। यह विकास केवल संरचनात्मक परिवर्तन नहीं है, बल्कि एक ऐसी पहल है जो स्टेशन को यात्रियों के लिए सुगम, सुसज्जित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन – माँ नर्मदा की सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित ₹26 करोड़ से अधिक की लागत से पुनर्विकसित नर्मदापुरम स्टेशन को स्थानीय संस्कृति और ‘नर्मदा थीम’ पर आधारित डिज़ाइन में ढाला गया है। स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, नवनिर्मित प्रतीक्षालय, मॉर्डन टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप व शौचालय, 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज तथा दोनों ओर उच्च स्तरीय प्लेटफॉर्म पर विस्तृत शेड्स की व्यवस्था की गई है। साथ ही, यात्रियों के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया तथा 1000 वर्गमीटर में आधुनिक LED लाइटिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह स्टेशन अब न केवल यात्रियों के लिए एक सुविधाजनक केंद्र बनेगा, बल्कि माँ नर्मदा की पुण्यभूमि पर आधुनिकता और आस्था का संगम भी प्रस्तुत करेगा। शाजापुर रेलवे स्टेशन – आधुनिकता और परंपरा का संगम शाजापुर रेलवे स्टेशन को ₹13 करोड़ की लागत से आधुनिक रूप में विकसित किया गया है। यहां प्लेटफॉर्मों का उच्चीकरण, विस्तृत छायादार क्षेत्र, नया फुट ओवर ब्रिज, सौंदर्यीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, आकर्षक प्रवेश द्वार और सुव्यवस्थित प्रतीक्षालय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं। स्टेशन के फासाद को सांस्कृतिक रूप प्रदान किया गया है, जिसमें शाजापुर की स्थानीय परंपराओं की झलक स्पष्ट है। साथ ही, पुरुष व महिला शौचालयों के अतिरिक्त दिव्यांगजन के लिए विशेष सुविधाएं, द्वितीय श्रेणी वेटिंग हॉल, VIP प्रतीक्षालय और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था भी की गई है। 140 वर्ग मीटर में फैला ‘आर्ट एंड कल्चर ज़ोन’ विशेष रूप से यात्रियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है, जो शाजापुर की सांस्कृतिक विविधता को सजीव रूप में दर्शाता है। यह स्टेशन अब जिले की सामाजिक और आर्थिक पहचान को एक नया आयाम देने के लिए तैयार है। भोपाल मंडल रेल प्रशासन द्वारा इन दोनों स्टेशनों के पुनर्विकास को स्थानीय आवश्यकताओं और राष्ट्रीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए अंजाम दिया गया है। यह पहल भारतीय रेलवे की ‘अमृत काल’ में यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- मध्यप्रदेश देश का दिल है, इसकी धड़कनों में प्रदेश की आहट होना चाहिए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल है, और देश की धड़कनों में मध्यप्रदेश की आहट होना चाहिए। यह प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, योग्यता और दक्षता से ही संभव है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा वर्ष 2024 में प्रदेश के 60 युवाओं का चयन मध्यप्रदेश की क्षमता को दर्शाता है। प्रदेश के यह युवा, देश की अलग-अलग सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और पूरा देश हमारे प्रदेश के प्रभाव का अनुभव करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में चयनित प्रतिभागियों के सम्मान तथा उनसे संवाद के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी चयनित प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह तथा भारतीय ज्ञान परम्परा पुस्तक की प्रति भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल का लोकार्पण भी किया। उन्होंने पुस्तिका “मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम” का विमोचन किया। इस अवसर पर ई-ज्ञानसेतु और चयनित प्रतिभागियों पर वृत चित्र का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक श्री अशोक कड़ेल, प्रतिभागी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश को एक स्वस्थ्य लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की ही देन है कि जमीन से जुड़े व्यक्ति को भी देश-प्रदेश का नेतृत्व करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। यह भी गर्व का विषय है कि सिविल सेवा में चयनित अधिकांश युवाओं ने शासकीय स्कूलों से पढ़ाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता संग्राम में श्रद्धेय नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वासियों की योग्यता को सिद्ध करने के लिए ही उन्होंने आईसीएस की परीक्षा दी और उसमें सफलता प्राप्त कर अंग्रेजों का घमंड तोड़ा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य और लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की न्यायप्रियता और सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता के उद्धरण देते हुए अभ्यर्थियों से अपने कर्तव्यों के निर्वहन में जनसामान्य के प्रति संवेदनशील, जनकल्याण के लिए सक्रिय और लोकहित के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहने का आहृवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जन कल्याण और देश का विकास लोक सेवा का मुख्य उद्देश्य है। चयनित अभ्यर्थी अपनी कार्यकुशलता और निपुणता के साथ परिश्रम करेंगे तो उनके कार्यों और भावनाओं की सुगंध चंदन की तरह वातावरण में फैलेगी। उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में प्रदेश के युवाओं का चयन प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। आप सबके सहयोग से प्रदेश के सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सिविल सेवा परीक्षा के लिए कोचिंग की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष प्रयास कर रहा है। इस वर्ष शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में प्रतिभागियों का चयन हुआ है, जो दर्शाता है कि न केवल स्कूल शिक्षा अपितु उच्च शिक्षा का भी ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी रूप से विस्तार हुआ है। अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 1009 अभ्यर्थियों में से 60 मध्यप्रदेश से हैं। अभ्यर्थियों की इस सफलता से प्रदेश के सभी युवा प्रेरणा ले सकें, इस उद्देश्य से कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में किया जा रहा है। कार्यक्रम में मंदसौर के श्री ऋषभ चौधरी और बालाघाट की फरखंदा कुरैशी ने सिविल सेवा चयन परीक्षा में अपने अनुभव साझा किए।

लोक निर्माण मंत्री ने की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं, औचक निरीक्षण रिपोर्ट्स और वर्षा पूर्व तैयारियों की समीक्षा

भोपाल लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह की अध्यक्षता में आज एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण परियोजनाओं, 20 मई को हुए औचक निरीक्षणों और वर्षा पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में 20 मई को आयोजित औचक निरीक्षण व्यवस्था के अंतर्गत 7 मुख्य अभियंताओं के दलों से प्रदेश के 7 जिलों में किए गए कुल 35 निर्माण कार्यों के निरीक्षण प्रतिवेदनों पर चर्चा की गई। मंत्री श्री सिंह ने निरीक्षण व्यवस्था को विभागीय पारदर्शिता और गुणवत्ता नियंत्रण की दिशा में एक सशक्त पहल बताया। राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर विशेष ध्यान बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए श्री राकेश सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से वन विभागीय अनुमतियों और भू-अर्जन से जुड़ी समस्याओं को समय रहते हल करने हेतु ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए। NHAI सड़कों को लोकपथ मोबाइल ऐप से जोड़ने की पहल बैठक में लोकपथ मोबाइल ऐप की कार्यप्रणाली पर भी विचार हुआ। मंत्री श्री सिंह ने निर्देशित किया कि एनएचएआई के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों को भी लोकपथ मोबाइल ऐप से जोड़ने की संभावनाएं तलाशी जाएं। वर्तमान में ऐप पर केवल लोक निर्माण विभाग की सड़कों का डेटा उपलब्ध है। यह पहली बार होगा जब अन्य एजेंसियों की सड़कों को भी इस पोर्टल से जोड़ा जाएगा। वर्षा पूर्व सड़क रखरखाव की समयबद्ध समीक्षा मंत्री श्री राकेश सिंह ने सभी सड़कों के प्रिवेंटिव मेंटेनेंस कार्यों को 15 जून से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के अंतर्गत आने वाली सड़कों के ठेकेदारों को लिखित में मेंटेनेंस कार्यों हेतु निर्देशित करने की बात कही।  500 लोक कल्याण सरोवरों के निर्माण का संकल्प बैठक में मंत्री श्री सिंह ने पर्यावरणीय उत्तरदायित्वों की चर्चा करते हुए कहा कि इस मानसून पूर्व 500 लोक कल्याण सरोवरों के निर्माण के प्रयास किए जाएं। इन सरोवरों का निर्माण नियोजित खनन के माध्यम से किया जाएगा, जिनमें फेंसिंग, वृक्षारोपण और चेतावनी संकेतक अनिवार्य होंगे। मंत्री ने कहा कि यह सरोवर वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण में सहायक होंगे। एलिवेटेड कॉरिडोर से वर्षा जल पुनर्भरण की योजना मंत्री श्री राकेश सिंह ने जबलपुर में निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर के उदाहरण का हवाला देते हुए सभी फ्लाईओवर्स और एलिवेटेड संरचनाओं में वर्षा जल निकासी को रिचार्ज बोर से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सभी फ्लाईओवर्स से संभावित भूजल पुनर्भरण की गणना की जाए। जुलाई में वृहद वृक्षारोपण अभियान एवं ट्री-शिफ्टिंग की तैयारी मंत्री श्री सिंह ने आगामी जुलाई माह में विभागीय अभियंताओं और ठेकेदारों की सहभागिता से वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। यह वृक्षारोपण रिक्त भूमि क्षेत्रों में किया जाएगा, जिसके लिए जिओ-टैगिंग सुविधायुक्त विशेष पोर्टल तैयार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने ट्री-शिफ्टिंग की संभावनाओं को चिन्हित कर इस वर्षा काल में इसे प्रारंभ करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि नई एसओआर दरों में अब ट्री-शिफ्टिंग को औपचारिक प्रक्रिया के तहत अनुमति मिल गई है।  

हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल द्वितीय परीक्षा आवेदन की तिथि बढ़ी

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मण्डल मध्यप्रदेश भोपाल ने सत्र 2024-25 की हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी द्वितीय परीक्षा के लिये पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की तिथि में वृद्धि की है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा 2025 में उत्तीर्ण छात्र अंक सुधार के लिये अथवा अनुत्तीर्ण छात्र उत्तीर्ण विषयों के अंक सुधार के लिये अब 25 मई 2025 रात्रि 12 बजे तक ऑनलाईन आवेदन कर सकेंगे। हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा में केवल अनुत्तीर्ण विषयों की द्वितीय परीक्षा के लिये 31 मई 2025 की रात्रि 12 बजे तक ऑनलाईन आवेदन किये जा सकेंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्री अनिल दुबे के परिजन से मिलकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार स्व. श्री अनिल दुबे के चार इमली स्थित निवास पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्री दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती प्रतिभा दुबे एवं पुत्री सुश्री गौरी दुबे सहित अन्य शोक संतप्त परिजन से मिलकर अपनी संवेदनाएं प्रकट कर उन्हें सांत्वना दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. श्री अनिल दुबे के परिवार को जनसम्पर्क विभाग की मध्यप्रदेश संचार प्रतिनिधि कल्याण सहायता योजना के तहत 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। यह राशि जल्द ही परिवार को प्राप्त होगी।  

प्रधानमंत्री मोदी के भोपाल आगमन के लिए जारी तैयारियों का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया निरीक्षण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाओं की प्रगति के बिना देश-प्रदेश की प्रगति अधूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने ज्ञान के सूत्र के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व दिया है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी महिला सम्मेलन में सहभागिता के लिए 31 मई को भोपाल पधार रहे हैं। लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के त्रिशताब्दी जयंती समारोह के उपलक्ष्य में महिला सशक्तिकरण और महिला स्वावलम्बन पर केन्द्रित इस सम्मेलन में दो लाख से अधिक महिलाएं भाग लेंगी। भोपाल में होने वाला यह आयोजन, नया रिकार्ड बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जम्बूरी मैदान पर जारी तैयारियों, प्रस्तावित यातायात और बैठक व्यवस्था आदि की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में बड़ी संख्या में बहनें भाग ले रही हैं, उनकी बैठक व्यवस्था, खान-पान और पेयजल की उपलब्धता तथा आयोजन स्थल पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस अवसर पर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए संचालित गतिविधियों और महिला स्वावलम्बन की दिशा में स्व-सहायता समूहों व कौशल उन्नयन के लिए संचालित गतिविधियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। लोकमाता देवी अहिल्या, सुशासन का प्रतीक रही हैं। अत: जनकल्याण और प्रदेशवासियों का जीवन सुगम बनाने के लिए प्रदेश में संचालित कार्यक्रमों को भी यहां प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के भोपाल आगमन के संबंध में जम्बूरी मैदान (भेल) में जारी तैयारियों के निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा में यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर खेल एवं युवक कल्याण मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, महापौर श्रीमती मालती राय, सांसद खजुराहो श्री वीडी शर्मा, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित जिला प्रशासन, भोपाल पुलिस तथा नगर निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।  

कलेक्टर भोपाल की अध्यक्षता में हुई जिला स्वास्थ्य समिति बैठक

भोपाल कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा हेतु जिला स्वास्थ्य समिति एवं टास्क फोर्स बैठक 21 मई को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई।  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी, नगर निगम, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारियों सहित शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में रैन बसेरों, जेल बंदियों, कामकाजी महिलाओं, न्यूज पेपर हॉकर्स, सिटी बस चालकों, कंडक्टर्स,  वृद्धजनों को आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से दी गई स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई । ऑर्गन डोनेशन और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लाभान्वितों के लिए किए गए जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में अवगत करवाया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आत्महत्या रोकथाम के लिए गेट कीपर्स प्रशिक्षण, डॉग हैंडलर्स प्रशिक्षण , राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य प्रशिक्षण, पी एम श्री एयर एम्बुलेंस एवं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में किए गए कार्यों की जानकारी साझा की गई। बैठक में कलेक्टर महोदय ने कहा कि अस्पतालों को पेशेंट फ्रेंडली बनाया जाए , जिससे वहां आने वाले मरीज को उपचार में कोई परेशानी ना हो। 70 साल से अधिक उम्र के नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने के काम में तेजी लाने के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए गए।  कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने भोपाल जिले में हितग्राहियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए की जा रही आउटरीच गतिविधियों की प्रशंसा की।  उन्होंने कहा कि बड़े अस्पतालों पर ओ पी डी लोड कम करने के लिए संजीवनी क्लीनिक को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।   बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिले की 77 ग्राम पंचायतें टी बी मुक्त घोषित हुई हैं। आयुष्मान भारत निरामयम योजना में 1198789 कार्ड बनाए जा चुके हैं।  जिले में 68477 ए एन सी पंजीयन हुए हैं जो की लक्ष्य का 110% है। इनमें से 89% महिलाओं को प्रथम त्रैमास में पंजीकृत किया गया। मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना में 10983 एवं जननी सुरक्षा योजना में 14380 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 28513 ए एन सी जांच की गई है। जिले की 118 स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित गर्भपात की सेवाएं उपलब्ध हैं। शिशु टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एम आर 1- 97% एवं एम आर 2- 92% है । पूर्ण टीकाकरण 110 प्रतिशत  है। जिले में जयप्रकाश जिला चिकित्सालय और डॉ कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट संचालित की जा रही है। इन यूनिट्स में पिछले साल में 1036 बच्चों को भर्ती किया गया है। इसी अवधि में सिविल अस्पताल बैरागढ़, सिविल अस्पताल बैरसिया, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलार में न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट में 785 नवजात बच्चों को भर्ती किया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में 17 टीम में काम कर रही है । कार्यक्रम में पिछले साल जन्मजात हृदय रोग की 66, क्लेफ्ट लिप क्लेफ्ट पेलेट की 12 , न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की 1,क्लब फुट की 23, कॉक्लियर इंप्लांट की 3, कंजेनिटल कैटरेक्ट की 17 सर्जरी निशुल्क की गई हैं। भोपाल जिले में पहल करते हुए निजी स्कूलों में भी स्क्रीनिंग करवाई जा रही है । निजी स्कूलों में 175925 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। जिले में संचालित 5 पोषण पुनर्वास केंद्रों में 791 बच्चों को भर्ती कर उपचारित किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम,  कुष्ठ उन्मूलन, टीबी, अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम, तंबाखू नियंत्रण कार्यक्रम सहित विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि ओपीडी में आने वाले 70 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति के आयुष्मान और आभा आईडी बनाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिवनी-मालवा से करेंगे 200 करोड़ से अधिक के कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नर्मदापुरम में सुबह 10:30 नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उन्नयन कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के बीकानेर से नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उन्नयन कार्य का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में 97 करोड़ 7 लाख के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 102 करोड़ 94 लाख के कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री सिवनी-मालवा में तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे। तिरंगा यात्रा के बाद मुख्यमंत्री कुसुम महाविद्यालय में प्रबुद्धजनों से चर्चा करेंगे।  

एक लाख से अधिक महिला किसानों से 8.98 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन: खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों के हित में न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा के परिणामस्वरूप रबी विपणन वर्ष 2025-26 में लगभग 9 लाख किसानों से 77 लाख 75 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि गत वर्ष 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ था। इंदौर में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में उन्होंने किसानों के हित में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दिये गये बोनस एवं उसके बाद हुए रिकार्ड गेहूँ उपार्जन पर उनका अभिनंदन कर लोकहित में कार्य करने के लिए लोकमाता की प्रतिमा भेंट की। मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि गेहूँ के उपार्जन में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। एक लाख से अधिक महिला किसानों से 8.98 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये है और राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल बोनस दिया गया है। इस तरह से गेहूँ का उपार्जन 2600 रूपये प्रति क्विंटल की दर से किया गया है, जो कि देश में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि 9 लाख किसानों में से 1 लाख 23 हजार महिला किसानों द्वारा 8 लाख 98 हजार मीट्रिक टन गेहूँ का विक्रय किया गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए 3623 केन्द्र खोले गए जिसमें से 293 केन्द्र महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित किए गए, इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला। महिला किसानों के खाते में 2 हजार 335 करोड़ रूपये का बोनस सहित भुगतान किया जा चुका है। किसानों के खातों में कुल 19 हजार 322 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। रबी विपणन वर्ष 2025-26 में गेहूं उत्पादक किसानों की सुविधा के लिए समिति स्तरीय 3 हजार 176 पंजीयन केन्द्रों के अतिरिक्त 9311 एमपी ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोक सेवा केन्द्रों, पंचायतों के केन्द्रों के साथ किसान द्वारा स्वयं पंजीयन करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के व्यय को सीमित करने के लिए 2440 केन्द्र गोदाम स्तरीय बनाए गए जिससे परिवहन एवं हैण्डलिंग व्यय की बचत हुई है। किसानों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्था समर्थन मूल्य का लाभ बिचौलियों/व्यापारियों द्वारा समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करने से रोकने हेतु इस वर्ष बायोमेट्रिक / ओटीपी आधारित किसान पंजीयन की व्यवस्था की गई। किसानों द्वारा विक्रय उपज के समर्थन मूल्य की राशि उनके बैंक खाते में निर्बाध रूप से भुगतान किया जा सके, इसलिए कृषक के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था की गई है। कृषक द्वारा स्वयं उपार्जन केन्द्र का चयन कर उपज विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था की गई। उपार्जन करने वाली समितियों को दैनिक व्यय की पूर्ति हेतु मंडी लेबर व्यय का भुगतान प्रतिदिन किसानों के भुगतान के साथ करने की व्यवस्था की गई है। शनिवार एवं अन्य अवकाश के दिनों में किसान द्वारा अपनी उपज विक्रय के लिए उपार्जन केन्द्र पर लाने पर खरीदी की गई। इस वर्ष पंजीयन 20 जनवरी 2025 से शुरू कर दिया गया जो 9 अप्रैल तक चलता रहा। इस वर्ष, पिछले वर्ष की तुलना में पंजीयन के लिए ज्यादा समय दिया गया था। इस दौरान मंत्रि-परिषद के सदस्य, अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा और एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले दिव्यांग खिलाड़ी रोहित सिंह, मुख्यमंत्री ने एक लाख रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मंत्रालय में ग्वालियर जिले के दिव्यांग खिलाड़ी (पैरा प्लेयर) श्री रोहित सिंह ने सौजन्य भेंट की। श्री रोहित ने पैरा आर्म रेसलिंग कप-2025 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए 60 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक और 70 किग्रा भार वर्ग में दो कांस्य पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रौशन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रोहित की प्रशंसा कर उसे पुरस्कार के रूप में एक लाख रुपए देने की घोषणा की। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग कल्याण, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह भी उपस्थित थे।  

खमतरा गांव के पास दर्दनाक सड़क हादसा, तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलटी, तीन महिलाओं की मौके पर मौत

कटनी कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत खमतरा गांव के पास बुधवार की दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जब एक कार के सामने अचानक गाय आ जाने से वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस भीषण दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे खमतरा गांव में मातम छा गया है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदारी से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक खमतरा निवासी बर्मन परिवार के लोग पिंडरई गांव में एक रिश्तेदारी के चौक समारोह में शामिल होने मंगलवार को कार से गए थे। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे सभी लोग समारोह से लौटकर खमतरा गांव की ओर जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार मुख्य मार्ग पर खमतरा गांव के पास पहुंची, तभी अचानक एक गाय सामने आ गई। गाय को बचाने की कोशिश में कार चालक ने नियंत्रण खो दिया और कार पलट गई।

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