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मुख्यमंत्री ने की किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की समीक्षा, प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रागी, कोदो-कुटकी, ज्वार-बाजरा, मक्का जैसे श्रीअन्न का उत्पादन बढ़ाया जाए और किसानों को श्रीअन्न उत्पादन के लिए प्रोत्साहि त किया जाए। किसानों द्वारा उत्पादित श्रीअन्न अब सरकार खरीदेगी। उन्होंने कहा कि तुअर उत्पादक किसानों को अच्छे किस्म के खाद, बीज और उत्पादन वृद्धि के लिए प्रोत्साहन भी दिया जाए। इसके लिए किसानों को फसल अनुदान देने और उनकी फसल का बीमा कराने जैसे नवाचार भी किये जा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव सहकारिता श्री अशोक बर्णवाल, सचिव कृषि श्री एम. सेल्वेन्द्रम सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। कृषि उपज मंडी के अलावा फल व सब्जी मंडी, मसाला मंडी स्थापना के लिए भी करें प्रयास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की सभी मंडियों में प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी मंडियों का विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों से आकस्मिक निरीक्षण करायें। मंडियों की व्यवस्थाओं को और भी बेहतर बनाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई जरूरतों के मुताबिक अब अलग-अलग मंडियों की स्थापना पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंडियों का फसलवार मॉडल तैयार करें। कृषि उपज मंडी के अलावा अब फल व सब्जी मंडी, मसाला मंडी या अन्य विशेष पैदावार की मंडी स्थापना के लिए भी प्रयास किए जाएं। इसके लिए रोडमैप तैयार किया जाए और यदि आवश्यकता है तो इसमें प्रायवेट सेक्टर को भी सम्मिलित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मंडियों में जारी वर्तमान व्यवस्थाओं का समुचित तरीके से किसानों के हित में प्रबंधन किया जाए। मंडी शुल्क की प्राप्त राशि से किसानों की कल्याण गतिविधियों पर फोकस किया जाए। आदर्श बनें प्रदेश की कृषि उपज मंडियां मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की कृषि उपज मंडियों को आदर्श बनाया जाए। मंडियों में कृषि आधारित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों। मंडियों में किसानों को फसल बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। मंडी में अपनी फसल बेचने आने वाले हर किसान को उसकी उपज का सही दाम मिले किसी का भी नुकसान न होने पाए। मंडियों को और अधिक आधुनिक बनाया जाए यहां किसानों को उनके उपज में गुणवत्ता संवर्धन के बारे में भी बताया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी मंडियां अपने विकास कार्यों के लिए आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कृषि अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्थानीय निकायों से नई मंडियों की स्थापना/ फसल भण्डारण क्षमता बढ़ाने के लिए समन्वय करें, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अधिक सुविधाएं मिल सकें। किसानों को मिले प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। प्रदेश के किसानों को रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों, अच्छा भाव, अनुदान आदि का प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न रागी, कोदो-कुटकी, मक्का, ज्वार, बाजरा की फसलों को प्रोत्साहन दिया जाए। इन फसलों के उत्पादक क्षेत्र को अच्छी पैदावार करने के लिए प्रोत्साहन मिले। आवश्यकता अनुसार अनुदान की राशि भी बढ़ाई जाए। ग्रीष्मकालीन मूंग में खरपतवारनाशकों के उपयोग को करें हतोत्साहित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीष्मकालीन मूंग में खरपतवारनाशकों के उपयोग से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए खरपतवारनाशकों को हतोत्साहित करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा मिले। स्वाभाविक फसलों की पैदावार पर विशेष जोर दिया जाए। कृषि उद्योग समागम के अनुभवों से आगे बढ़ें, किसानों को मिले बेहतर परिणाम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के हर संभाग में किसान मेलों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन मेलों में कृषि आधारित उद्योगों में निवेश पर जोर दिया जा रहा है। हाल ही में मंदसौर जिले के सीतापुर में आयोजित कार्यक्रम में किसानों को कृषि के आधुनिक यंत्रों और तकनीक से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीतामऊ में हुए कृषि उद्योग समागम के अनुभवों को सामने रखें और इन अनुभवों के आधार पर आगे होने वाले कृषि उद्योग समागमों की तैयारी करें, जिससे किसानों को इन समागमों से अधिक और बेहतर परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने कहा कि किसानों को खेतों में नरवाई जलाने से रोकने के प्रयास किए जाएं। किसानों को हैप्पी सीडर कृषि यंत्र का उपयोग करने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कृषि यंत्रों को प्रोत्साहन और हर ग्राम पंचायत में हैप्पी सीडर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। तीन फसलों को जल्द ही मिलेगा जीआई टैग बैठक में बताया गया कि राज्य शासन की प्रगतिशीलता से प्रदेश में उत्पादित होने वाली 3 फसलों को बहुत जल्द जीआई-टैग मिल जाएगा। सचिव कृषि ने बताया कि डिंडोरी जिले की नागदमन मकुटकी, सिताही कुटकी और बैंगनी अरहर की फसल को जीआई टैग परीक्षण के लिए भेजा गया है, उम्मीद है कि जल्द ही इन फसलों को जीआई टैग प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि ई-अनुज्ञा प्रणाली लागू करने के बाद प्रदेश में बीते एक अप्रैल 2025 से प्रदेश की सभी 259 मंडियों में ई-मंडी योजना भी लागू कर दी गई है। सभी मंडियों में अब डिजीटल तरीके से रिकार्ड कीपिंग की जा रही है। 26,27 एवं 28 मई को नरसिंहपुर में होगा कृषि आधारित उद्योगों का सम्मेलन बैठक में सचिव कृषि ने जानकारी दी कि आगामी 26, 27 एवं 28 मई को जिला मुख्यालय नरसिंहपुर में कृषि आधारित उद्योगों का सम्मेलन सह विशाल कृषि मेला आयोजित किया जाएगा। आयोजन में कृषि आधारित उद्योगों के बारे में जानकारी के अलावा दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन, शाक-सब्जी उत्पादन, श्रीअन्न उत्पादन, उद्यानिकी, बागवानी, उन्नति किस्म के बीज, खाद, उर्वरक की जानकारी सहित उन्नत कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तीन दिन अलग-अलग गतिविधियां होंगी। इस दौरान उन्नत कृषि उपकरणों के साथ किसानों से आधुनिक कृषि उपकरणों की बुकिंग भी कराई जाएगी। कृषि के क्षेत्र में नए र्स्टाट-अप्स के बारे में जानकारी भी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर के बाद 8 से 10 जून 2025 तक सतना में विशाल … Read more

मोहम्मद जावेद नामक युवक ने इंदौर में पाकिस्तान के पक्ष में लगाया नारा, करणी सेना ने जमकर की पिटाई

इंदौर भारत-पाकिस्तान के मध्य चल रहे तनाव के बीच इंदौर में मेट्रो की कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारियों का आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है। आरोपी ‘पाकिस्तान जिंदाबाद और एक रात में भारत साफ’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर की गांधीनगर पुलिस ने मोहम्मद जावेद नामक युवक को गिरफ्तार कर लिया है।   भारत विरोधी नारे लगा रहे थे आरोपी गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल यादव के अनुसार आरोपी मोहम्मद जावेद किताब अंसारी मेट्रो निर्माण में लगी कंस्ट्रक्शन कंपनी का कर्मचारी है। गुरुवार रात उसका एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा था। इसमें जावेद और उसके साथी रूम में खाना बनाते हुए नजर आ रहे हैं। एक व्यक्ति उनका वीडियो बना रहा है। आरोपी हंसी-ठिठौली करते हुए भारत विरोधी बातें बोल रहे हैं। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा रहा है, जबकि खाना बना रहा युवक एक रात में भारत साफ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है। इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी होने के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जावेद को पकड़ लिया। भारत विरोधी बातें करने पर उसकी पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया।   पुलिस ने आरोपी के साथियों का भी लगा रही पता टीआइ के अनुसार आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 196, 353 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी मोहम्मद जावेद अमोदई रामढगढ़वा बिहार का रहने वाला है। वह इन दिनों इंदौर में यूआरसी लैबर कैंप सुपर कॉरिडोर गांधीनगर में रह रहा है। पुलिस उसके अज्ञात साथियों का भी पता लगा रही है। पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगाने के मामले में पार्षद को जमानत इंदौर में गत 30 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में प्रदर्शन के दौरान लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस पार्षद को कोर्ट से जमानत मिल गई। दरअसल, इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग विरोध प्रदर्शन के जुलूस में पाकिस्तान मुर्दाबाद और आतंकवाद मुर्दाबाद लिखा पुतला और बैनर लिए नजर आ रहे थे। इस बीच वीडियो में अज्ञात व्यक्ति दो बार पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते सुनाई दे रहा है। इस वायरल वीडियो के आधार पर सदर बाजार पुलिस ने नगर निगम के कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी सहित दो के खिलाफ धारा 196 (1)(बी) और 223 के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।

पीएम सूर्य घर योजना में अब तक 10 हजार 118 उपभोक्‍ताओं के खातों में पहुंची 68 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक कुल 10 हजार 118 उपभोक्‍ता पंजीकृत किये गये हैं। इन्‍हें 68 करोड़,  4 लाख 42 हजार रूपये की सब्सिडी के रूप में उनके खातों में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बाद विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। प्रबंधक संचालक ने कहा कि देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। लोगों को इस योजना का लाभ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किया जा रहा है। प्रबंध संचालक ने कहा कि इस योजना के तहत एक किलोवाट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवाट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट या उससे ऊपर 10 किलोवॉट तक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है। प्रबंधक संचालक ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। तब से लेकर अब तक हजारों बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ा गया है। योजना में शामिल होने के लिए आनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्सएप चेटबॉट एवं टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है। प्रबंध संचालक ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्‍ता को प्रदान किए जाएंगे। जिससे उपभोक्‍ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी आयेगी। प्रबंध संचालक ने यह भी निर्देश दिए कि जिन रूफटॉप सोलर प्लांट में नेट मीटर के साथ मोडेम व सिम लगे होने के बाद भी अगर डाटा कम्युनिकेशन का अभाव है तो संबंधित सोलर वेंडर को नोटिस जारी किया जाए और कम्युनिकेशन फिर भी स्थापित नहीं हो तो वेंडर पर सख्त कार्रवाई की जाए।  

बारिश में करंट से बचने के लिये एडवायजरी जारी

भोपाल मॉनसूनी मौसम के दौरान हवा में नमी के कारण करंट लगने की आशंका ज्यादा रहती है। करंट से लोगों की मौत हो जाती है। लेकिन ज्यादातर मौतों को टाला जा सकता है। ज्यादातर मौतें घरों में अर्थिंग नहीं होने या कमजोर अर्थिंग की वजह से होती है। अर्थिंग या तो स्थानीय स्रोत से प्राप्त की जा सकती है या घर पर ही गहरा गढ़डा खोदकर खुद बनाई जा सकती है। बारिश में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने के लिए विद्युत विभाग द्वारा एडवायजरी जारी की गयी है। जारी एडवायजरी में घर में अर्थिंग की उचित व्यवस्था रखें। हरे रंग के तार को हमेशा याद रखें, इसके बिना कभी बिजली उपकरण का प्रयोग न करें, खास कर जब यह पानी के स्रोत को छू रहा हो। पानी करंट के प्रवाह की गति को बढ़ा देता है, इसलिए नमी वाले माहौल में अतिरिक्त सावधानी रखें। दो पिन वाले बिना अर्थिंग के उपकरणों का प्रयोग न करें। तीन पिन वाले प्लग का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि तीनों तार जुड़े हों और पिनें खराब न हों। तारों को सॉकेट में लगाने के लिए माचिस की तीलियों का प्रयोग न करें। किसी भी तार को तब तक न छुएं, जब तक बिजली बंद न कर दी गई हो। अर्थिग के तार को न्यूट्रल के विकल्प के तौर पर प्रयोग न करें। सभी जोड़ों पर बिजली वाली टेप लगाएं, न कि सेलोटेप या बेंडेड। गीज़र के पानी का प्रयोग करने से पहले गीज़र बंद कर दें। हीटर प्लेट का प्रयोग नंगी तार के साथ न करें। घर पर सूखी रबड़ की चप्पलें पहनें। घर पर मिनी सर्किट ब्रेकर और अर्थ लीक सर्किट ब्रेकर का प्रयोग करें। मेटलिक बिजली उपकरण पानी के नल के पास न रखें। रबड़ के मैट और रबड़ की टांगों वाले कूलर स्टैंड बिजली उपकरणें को सुरक्षित बना सकते हैं। केवल सुरक्षित तारें और फ्यूज का ही प्रयोग करें। अर्थिंग की जांच हर छह महीने में करते रहें। किसी भी आम टैस्टर से करंट के लीक होने का पता लगाया जा सकता है। फ्रिज के हैंडल पर कपड़ा बांध कर रखें। प्रत्येक बिजली उपकरण के साथ बताए गए निर्देश पढ़ें।

ज़िंदगी के रंग: अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और जीवन कौशल का उत्सव

भोपाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क ने इस सप्ताह “ज़िंदगी के रंग” नामक एक प्रेरणादायक और सृजनात्मक श्रृंखला की शुरुआत की, जो युवाओं को आत्म-अभिव्यक्ति का एक प्रभावशाली मंच देने और उनके भीतर छिपी रचनात्मकता एवं जीवन कौशल को उजागर करने की एक अनूठी पहल है। तीन दिवसीय आयोजन में पेंटिंग, अभिनय और फोटोग्राफी जैसे कला रूपों के माध्यम से प्रतिभागियों को न केवल अपनी भावनाओं और दृष्टिकोण को अभिव्यक्त करने का अवसर मिला, बल्कि उन्होंने नेतृत्व, टीम भावना और आत्मविश्वास जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों को भी आत्मसात किया। श्रृंखला में पहले दिन, प्रसिद्ध लाइफ कोच सायंती अधिकारी के सान्निध्य में छात्रों ने रंगों के ज़रिए अपने विचारों और भावनाओं को कैनवास पर साकार किया। दूसरे दिन, सौरभ अनंत और विहान आर्ट ग्रुप के सहयोग से प्रतिभागियों ने अभिनय के माध्यम से संवाद, अभिव्यक्ति और मंचीय आत्मबल को निखारा। तीसरे दिन अनुभवी फोटोग्राफर भावना जायसवाल ने छात्रों को फोटोग्राफी की तकनीकी बारीकियों और रचनात्मक दृष्टिकोण से परिचित कराया, जिससे उन्होंने कैमरे की आंख से दुनिया को नए अंदाज़ में देखना सीखा। हर सत्र में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि युवा प्रतिभाएं जब सही दिशा और मंच पाती हैं, तो वे सीमाओं को लांघ सकती हैं। जीएसपी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री गिरीश शर्मा के मार्गदर्शन ने छात्रों में ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया। “ज़िंदगी के रंग” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि GSP की उस प्रगतिशील सोच की झलक है, जिसमें शिक्षा को तकनीकी प्रशिक्षण से आगे बढ़ाकर समग्र व्यक्तित्व निर्माण का साधन बनाया गया है। यह पहल निश्चित ही युवाओं में नवाचार, आत्मविश्वास और जीवन-दृष्टि को मजबूती प्रदान करेगी।

स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण, जल्द ही बनकर होगा तैयार

भोपाल खेल और युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को भोपाल स्थित बरखेड़ा नाथू में निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मापदण्ड के अनुसार निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है और शेष कार्यों को तेजी व गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रदेश के युवाओं को खेल के क्षेत्र में वैश्विक मंच तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान खेल संचालक श्री राकेश कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव, कांट्रेक्टर, इंजीनियर्स, प्रोजेक्ट मैनेजर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने एथलेटिक्स स्टेडियम, लाइटिंग सिस्टम, प्रैक्टिस हॉकी फील्ड, वार्म-अप ट्रैक, मल्टीलेवल पार्किंग, फुटबॉल फील्ड, वॉटर एवं सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और अन्य निर्माण कार्यों का जायज़ा लिया। उन्होंने प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन डिटेल्स का प्रस्तुतीकरण भी देखा और तकनीकी पहलुओं पर अधिकारियों से चर्चा की। सभी खेल सुविधाएं एक परिसर में मंत्री श्री सारंग ने कहा कि इस सर्वसुविधायुक्त स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के तैयार होने से मध्यप्रदेश में खेलों के लिए एक नया आयाम स्थापित होगा। यहाँ के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण से लेकर प्रतियोगिताओं तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मजबूती मिलेगी।  

मध्यप्रदेश में अक्टूबर में होगी एशियन रोइंग चैम्पियनशिप, मुख्यमंत्री ने की खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में आगे लाने के लिए सरकार कटिबद्ध होकर प्रयासरत है। खेल और खिलाड़ियों के विकास में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन कराने केंद्र सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ को प्रस्ताव भेजा गया है। वर्ष-2028 में जनवरी से मार्च के दौरान राष्ट्रीय खेलों का आयोजन प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समय रहते राष्ट्रीय खेल आयोजन की सभी तैयारियों को अंजाम दें। राष्ट्रीय खेल का मध्यप्रदेश में आयोजन सरकार के लिए गौरव का विषय है। इसकी तैयारियों में कोई कमी न रहे। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जल पर्यटन को प्रोत्साहन किया जा रहा है। भोपाल आने वाले लोगों को यहां के छोटे और बड़े तालाब में जल क्रीड़ाओं का प्राकृतिक एवं वास्तविक आनंद प्रदान करने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं और व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी 14 से 19 अक्टूबर 2025 के दौरान एशियन रोईंग चैम्पियनशिप का आयोजन होना है। यह आयोजन भोपाल के खानूगांव स्थित वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर में होगा। इसमें 22 से ज्यादा देशों के लगभग 450 खिलाड़ी, 100 टेक्निकल ऑफिशियल और 12 ज्यूरी मेम्बर्स सहित बड़ी संख्या में वॉटर स्पोर्टस में रूचि रखने वाले भोपाल आएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि एशियन रोईंग चैम्पियनशिप के लिये तय आयोजन स्थल खानूगांव वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर को अंतर्राष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार सर्वसुविधायुक्त बनाया जाए। इससे भोपाल तालाब की ब्रांडिंग के साथ देश में ओलम्पिक-2036 में वॉटर स्पोर्ट्स के आयोजन के लिये भोपाल शहर प्रबल दावेदार भी बनेगा। साथ ही मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स, मध्यप्रदेश टूरिज्म एवं स्थानीय व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 14 से 19 अक्टूबर को होने वाली एशियन रोईंग चैम्पियनशिप की सभी तैयारियां अभी से प्रारंभ कर लें। स्थल का सौन्दर्यीकरण और समतलीकरण इत्यादि कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करा लिए जाएं। उन्होंने कहा कि मलखम्भ को बढ़ावा देने के लिये अन्य देशों में इसका डेमो प्रदर्शन किया जाये। खेलो एमपी गेम्स में रस्साकशी, तीरंदाजी- इंडियन स्टाईल, शूटिंग बॉल एवं पिट्ठू जैसे पारम्परिक खेलों का समावेश भी किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेल विभाग के अधिकारी स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों से समन्वय कर प्रदेश में विभिन्न खेल प्रतिभाओं को निखारें। उन्होंने कहा कि खेलों को स्कूल/कॉलेज के पाठ्यकम्रम का हिस्सा बनायें। इसके लिये महाविद्यालय स्तर पर अलग से खेल संकाय बनाने के प्रयास किये जायें। उन्होंने कहा कि साहसिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये ओंकारेश्वर और पचमढ़ी में ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किये जायें। भोपाल के बड़े और छोटे तालाब की तरह अन्य जल खेल गतिविधियों के लिए जल स्थल चयनित किये जायें। इससे जल पर्यटन और इस क्षेत्र के प्रतिभावान खिलाड़ियों को भी लाभ मिलेगा। बैठक में बताया गया कि खेल विभाग द्वारा प्रदेश के युवाओं को पुलिस-आर्मी में भर्ती के लिए शारीरिक एवं लिखित परीक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए पार्थ योजना (पुलिस-आर्मी रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग हाउस) प्रारंभ की गई है। एमपी युवा पोर्टल एवं मध्यप्रदेश युवा प्रेरक योजना भी संचालित की जा रही है। विक्रम आवार्डी एवं अन्य अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को शासकीय पदों पर नियुक्ति देने की योजना भी संचालित है। इस पर मुख्यमंत्री ने देश के दूसरे राज्यों में इस संबंध में प्रावधानों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मलखम्भ एवं जिम्नास्टिक जैसे खेलों के विकास पर ध्यान दें और इन खेलों के विकास के लिए आवश्यकतानुसार पृथक-पृथक अंतर्राष्ट्रीय स्तर की अकादमी की स्थापना के लिए भी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्पोटर्स यूनिवर्सिटी प्रारंभ करने के लिए भी प्रयास किए जाएं। इस संबंध में बताया गया कि भोपाल में स्पोटर्स कोचिंग एवं अलाईड सब्जेक्ट के सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। स्पोटर्स यूनिवर्सिटी के लिए निजी निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए जा रहे हैं। खेलों के जरिए स्पोर्टस टूरिज्म को मिल रहा प्रोत्साहन बैठक में बताया गया कि प्रदेश में स्पोर्टस टूरिज्म के प्रोत्साहन तथा प्रदेश को स्पोर्टस हब बनाने के लिए भोपाल के नाथू-बरखेड़ा में 985.76 करोड़ रुपए से 2 चरणों में अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्टस कॉम्पलेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। पहले चरण में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के एथलेटिक, फुटबॉल व हॉकी के स्टेडियम तैयार किए जा रहे हैं। दूसरे चरण में मल्टीपर्पस इण्डोर काम्पलेक्स, ऑल वेदर स्वीमिंग पूल, क्रॉस कन्ट्री रेस ट्रैक एवं अन्य आउटडोर फील्ड का निर्माण किया जाएगा। इसी स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्पोर्टस साईंस सेंटर की स्थापना भी प्रस्तावित है। परियोजना के तीसरे चरण में इस स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण भी किया जाएगा।  

बिजली चोरी के सूचनाकर्ता को पारितोषिक की पांच फीसदी राशि तुरंत मिलेगी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली चोरी की रोकथाम के लिए चलाई जा रही पारितोषिक योजना के तहत बिजली के अवैध उपयोग की सूचना देने पर प्रकरण बनाने एवं राशि वसूली होने पर सूचनाकर्ता को दी जाने वाली 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि में से योजना के संशोधित प्रावधान के अनुसार पांच प्रतिशत राशि का भुगतान संबंधित सूचनाकर्ता को सूचना सही पाए जाने पर जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश के तुरंत बाद किया जाएगा। शेष पांच प्रतिशत राशि पूर्ण वसूली उपरांत देय होगी। कंपनी में कार्यरत नियमित कर्मचारी/ संविदा/ आउटसोर्स कर्मचारी को भी सूचनाकर्ता के रूप में शामिल किया गया है, परंतु उसे सूचना सही पाए जाने एवं जारी किए गए अंतिम निर्धारण आदेश की पूर्ण वसूली होने पर एक प्रतिशत प्रोत्‍साहन राशि के रूप में दी जाएगी। कंपनी ने कहा है कि विभिन्न परिसरों की जांच एवं उसके बाद बनाये गये पंचनामा के आधार पर आरोपी के विरूद्ध निकाली गयी राशि की वसूली में सभी कर्मचारियों का महत्‍वपूर्ण योगदान रहता है। कंपनी ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ जांच एवं वसूली के कार्य में सम्मिलित बाह्य स्त्रोत कर्मचारियों को भी परितोषिक योजना के तहत दी जाने वाली 2.5 (ढाई) प्रतिशत प्रोत्साहन राशि को सभी संबंधितों को समान रूप में दिया जाना निर्धारित किया गया है। कंपनी ने कहा है कि अब पारितोषिक योजना की पूरी जानकारी जैसे बिलिंग एवं भुगतान से संबंधित गतिविधियों को ऑनलाइन कर दिया गया है। अब सूचनकर्ता को कंपनी के पोर्टल पर गुप्‍त रूप से दिए गए प्रारूप में बैंक खाता, पहचान क्र. (आधार अथवा पेन ) देना अनिवार्य कर दिया गया है। कंपनी द्वारा विद्युत की चोरी के प्रभावी रोकथाम एवं विद्युत के अवैध उपयोग को रोकने के लिए यह योजना चलाई गई है। योजनांतर्गत कोई भी व्यक्ति बिजली के अवैध उपयोग के संबंध में सूचना कंपनी मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय में मुख्य महाप्रबंधक, संचा.संधा/शहर वृत्त कार्यालय के महाप्रबंधकों को लिखित अथवा मोबाईल के साथ ही कंपनी की वेबसाईट portal.pmcz.in पर ऑनलाईन सूचना दे सकते हैं। योजना के अंतर्गत सूचनाकर्ता के संबंध में जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखते हुए, कंपनी मुख्यालय से प्रोत्साहन की राशि सीधे संबंधित सूचनाकर्ता के बैंक के खाते में हस्तांतरित की जाती है। इस योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय, वृत्त स्तर के अधिकारियों को जो शिकायतें प्राप्त होती है, उन शिकायतों पर तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने के लिये कंपनी मुख्यालय के द्वारा सतत रूप से निगरानी रखी जाती है। पोर्टल अथवा उपाय ऐप पर देनी होगी सूचना कंपनी द्वारा योजना में सूचनाकर्ता को निर्धारित शर्तों के अधीन पारितोषिक देने का प्रावधान है। इस राशि की अधिकतम सीमा नहीं है। वर्तमान में इस व्यवस्था को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया गया है तथा कंपनी वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर informer scheme लिंक पर क्लिक करके, सूचनाकर्ता के द्वारा गुप्त सूचना दर्ज की जा सकती है एवं उपाय ऐप के माध्यम से भी बिजली चोरी की सूचना दी जा सकती है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समस्त नागरिकों के साथ साथ आउटसोर्स कर्मचारियों तथा उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे गुप्त सूचना देकर, पारितोषिक योजना का लाभ उठाकर कंपनी को सहयोग प्रदान करें।  

स्कूल शिक्षा विभाग में स्वैच्छिक स्थानांतरण आवेदन की तिथि बढ़ी

भोपाल स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण नीति के क्रियान्वयन की समय-सारणी जारी की है। विभाग ने समय-सारणी तालिका में आंशिक संशोधन किया है। स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिये ऑनलाइन आवेदन करने की नियत सीमा 16 मई से बढ़ाकर अब 21 मई की गयी है। इसी के साथ ऑनलाइन स्थानांतरण आदेश जारी करने की तिथि 20 मई से बढ़ाकर 25 मई, 2025 नियत की गयी है। इस संबंध में आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किये हैं।

इंदौर एवं उज्जैन संभाग में आने वाले स्थानीय निकायों की समीक्षा बैठक

भोपाल नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त श्री संकेत भोंडवे ने इंदौर में शुक्रवार को उज्जैन और इंदौर संभाग के अंतर्गत आने वाले नगर निगम, नगरपालिका एवं नगर परिषदों के विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में अमृत-2.0, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के क्रियान्वयन की समीक्षा की गयी। बैठक में कायाकल्प, मुख्यमंत्री नगरीय अधोसंरचना निर्माण योजना, मुख्यमंत्री विकास योजना, चतुर्थ चरण के अंतर्गत हो रहे कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गयी। बैठक में आयुक्त श्री भोंडवे ने निकायों के अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिये राजस्व आय बढ़ाने के लिये भी प्रयास हों। बैठक में नगरीय निकायों के कर्मचारियों के वेतन भुगतान की स्थिति, पेयजल आपूर्ति, विद्युत बिलों के भुगतान की जानकारी प्राप्त की गयी। समीक्षा बैठक में निर्देश दिये गये कि वर्षा के पहले प्रत्येक निकाय अपने क्षेत्र के नालों की सफाई और जीर्णशीर्ण भवनों की स्थिति का आंकलन कर खाली कराने की कार्यवाही अभी से करें। बैठक में सीएम हेल्पलाइन और सीएम मॉनीटर पोर्टल पर प्राप्त जन-शिकायतों एवं घोषणाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गयी। विभागीय अधिकारियों को उच्च न्यायालय से संबंधित अवमानना प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये गये। आयुक्त नगरीय प्रशासन ने कहा कि शहर में अग्निशमन, वायु गुणवत्ता सुधार, ऐतिहासिक शहरों में सौंदर्यीकरण के लिये इनसे जुड़े विभागों से राशि प्राप्त की जाये। उन्होंने निकायों की हॉर्टीकल्चर विंग को सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। आयुक्त नगर निगम इंदौर ने बताया कि इंदौर शहर को 110 नई ईव्ही बसें प्रदान की गयी हैं। उन्होंने इंदौर में स्वच्छता के क्षेत्र में लगातार हो रहे उल्लेखनीय कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मिले मॉक ड्रिल में घायल जवानों से, उपचार की जानकारी भी डॉक्टर्स से ली

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मॉक ड्रिल के दौरान घायल हुए उपचाररत जवानों से शुक्रवार को अस्पताल पहुंचकर कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने उनके उपचार की जानकारी भी डॉक्टर्स से ली। क्षेत्रीय विधायक श्री रामेश्वर शर्मा भी साथ थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल जवानों श्री संतोष कुमार और श्री विशाल सिंह से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अस्पताल के चिकित्सकों को इन जवानों का समुचित उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत हुई तो इन जवानों को उच्च चिकित्सा संस्थान में भी भिजवाएं। चिकित्सकों ने बताया कि जवानों का इसी अस्पताल में समुचित उपचार हो जाएगा। घायल जवानों में कांस्टेबल श्री संतोष कुमार को आंख में गंभीर चोट आई है और हेड कांस्टेबल श्री विशाल सिंह भी चोटिल है। दोनों का सघन चिकित्सा कक्ष में इलाज चल रहा है। यह दोनों जवान सीटीजी होप फोर्स के सदस्य हैं और 25वीं बटालियन में पदस्थ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घायल जवानों के परिजनों से भी मुलाकात की और उन्हें सांत्वना देखकर कहा कि दोनों जवानों के बेहतर इलाज के लिए सभी प्रबंध किए जाएंगे। चिंता की कोई बात नहीं है। जवानों का हर संभव इलाज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की जांच के निर्देश भी दिये हैं। जयप्रकाश लखेरा और इनके परिजन से भी मिले मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाणगंगा चौराहे पर विगत दिवस हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल श्री जय प्रकाश लखेरा से भी अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने श्री लखेरा को आश्वस्त किया कि उनका समुचित इलाज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री लखेरा के परिजनों को भी आश्वस्त किया कि इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीदों को श्रध्दांजली अर्पित कर घोड़े पर सवार होकर तिरंगा यात्रा की शुरूआत की

भोपाल भोपाल भारतीय सेना द्वारा आतंकियों के विरूद्ध ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर भारतीय सेना के शौर्य एवं पराक्रम के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए शुक्रवार को उज्जैन में भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहीद पार्क से प्रारंभ हुई भव्य तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद पार्क स्थित जय स्तम्भ पर शहीदों को श्रध्दांजली अर्पित कर घोड़े पर सवार होकर तिरंगा यात्रा की शुरूआत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व  में भारत की सेना ने पाकिस्तान में दाखिल होकर दुश्मनों से बदला लिया। भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस पर संपूर्ण देश को गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर से दुनिया के सामने हमारी सेनाओं ने अदम्य साहस और शौर्य का प्रमाण दिया हैं। हमने एकजुट होकर विश्व को यह संदेश दिया कि दुश्मन कितना ही चालाक क्यों न हो हम अपनी एकता को अक्षुण्ण रखेंगे। राष्ट्रीय एकता सर्वोपरी है, इसे यदि शत्रु ने हानि पहुचाने की कोशिश की तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उज्जैन भगवान श्री महाकालेश्वर की नगरी है, यह सम्राट विकमादित्य के पराक्रम की नगरी है। लगभग 2000 हजार साल पहले सम्राट विकमादित्य ने विदेशी आक्रमणकारियों को पराजित कर देश से खदेड दिया था, आज फिर से हमारी सेना ने वही शौर्य और पराक्रम दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्र की वेदी पर अपने चिराग न्योछावर करने वाले शहीदों के परिजनों को प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारे देश कि आन, बान और शान है इसकी मर्यादा का सदैव ध्यान रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगातार तिरंगा यात्राओं के माध्यम से पूरी दुनिया में संदेश जा रहा है कि हम सभी भारतीय एक जुट हो कर समय आने पर देश कि रक्षा के लिए सर्वस्व बलिदान कर सकते है । भव्य तिरंगा यात्रा में शहिदों के परिजन पूर्व सैनिक, राज्यसभा सांसद बालयोगी श्री उमेशनाथ जी महाराज, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, विधायक श्री अनिल जैन कालुहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सत्यनारयण जटिया, शहरकाजी खलीकुर्रहमान, श्री संजय अग्रवाल, श्री रवि सोलंकी, श्री जगदीश पांचाल, श्री मुकेश यादव, श्री अनिल शिंदे, श्री दिनेश जाटवा, श्री कल्याण शिवहरे, श्री सुहास वैद्य, श्री इकबाल सिंह गांधी शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और गणमान्य नागरिकों ने भी बढ़-चढ़ कर सहभागिता की।  भव्य तिरंगा यात्रा शहीद पार्क से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों चामुण्डा माता चौराहा, देवास गेट चौराहा, मालीपुरा,दौलतगंज चौराहा से होती हुई फव्वारा चौक पर समाप्त हुई। यात्रा में शहीदों के परिजन बग्गियों पर सवार होकर शामिल हुए। यात्रा में पुलिस बैण्ड, बोहरा समाज के बैण्ड और अन्य बैण्ड शामिल हुए। यात्रा के दौरान देश भक्ति के गीतों की भावविभोर प्रस्तुतियां दी गई। सभी धर्म और समाज के लोगों ने देश भक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत होकर उत्साह पूर्ण माहौल में यात्रा में सहभागिता की। विभिन्न स्थानों पर बनाएं गये स्वागत मंच के द्वारा यात्रा का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। यह यात्रा उन जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए भी निकाली गई जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। मुख्यमंत्री ने फ्रीगंज स्थित श्री अखंड ज्योति हनुमान मंदिर में दर्शन कर देश-प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन के फ्रीगंज स्थित श्री अखंड ज्योति हनुमान मंदिर पर दर्शन कर पूजन अर्चन किया और देश-प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजन कर कहा कि देश प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दुश्मनों को नेस्तनाबूद कर विकास की नित नई ऊंचाइयां छू रहा है।

विधायक देवेंद्र जैन ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, कहा- बच्चों का आहार हड़प गए, हाईकोर्ट जाऊंगा

शिवपुरी शिवपुरी जिले में सत्ताधारी बीजेपी के विधायकों ने स्थानीय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वह विधानसभा से लेकर हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाएंगे। इससे पहले पिछोर विधायक प्रीतम लोधी भी पुलिस अधीक्षक पर आरोप लगाकर दिल्ली तक कूच करने की बात कह चुके हैं। प्रेसवार्ता में जैन ने लगाए गंभीर आरोप शुक्रवार को प्रेसवार्ता में देवेंद्र जैन ने कहा कि क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ईमानदारी चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवपुरी में भूदान और विक्रय-वर्जित जमीनों की अवैध रजिस्ट्रियां हो रही हैं। पोषण आहार केंद्र में भी गड़बड़ी जैन ने पोषण आहार केंद्रों में बच्चों के लिए मिलने वाला आहार हड़पने का सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। हाईकोर्ट तक जाएंगे जैन जैन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो वह विधानसभा में मुद्दा उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट का रुख करेंगे। जिले में बढ़ते भ्रष्टाचार पर सत्ताधारी विधायकों की यह मुखरता चर्चा का विषय बनी हुई है।

भोपाल: तहज़ीब, तालीम, तरक्क़ी और तासीर का शहर

दुआ है कि गंगा-जमुनी तहज़ीब को कभी कोई बुरी नज़र न लगे और इसकी खूबसूरती बनी रहे •    ताहिर अली यदि मंदिरों से घंटियों की मधुर आवाज़ और मस्जिदों से बुलंद अज़ान एक साथ गूंजे, तो समझ लीजिए आप उस शहर में हैं, जहाँ सदियों से गंगा-जमुनी तहज़ीब ने अपने खूबसूरत रंग बिखेरे हैं। यह शहर है भोपाल – झीलों की नगरी, नवाबी संस्कृति की परछाईं, प्राकृतिक सौंदर्य की मिसाल और ऐतिहासिक धरोहरों का सजीव संग्रह। तहज़ीब और भाईचारा भोपाल की सबसे बड़ी खासियत इसकी साझा संस्कृति है। यहाँ तालाब के बीचों-बीच मंदिर, मस्जिद और मजारों का साथ-साथ दिखना आम बात है। यही वह शहर है, जहाँ सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक – ताजुल मस्जिद है, तो वहीं विश्व की सबसे छोटी मस्जिद मानी जाने वाली ‘ढाई सीढ़ी मस्जिद’ भी यहीं स्थित है। भोपाल में उर्दू भाषा का उपयोग लगभग सभी समुदाय के लोग करते हैं। भोपाल की सड़कों पर चलते हुए अगर कोई राहगीर किसी मोहल्ले का पता पूछ ले, तो भोपाली उसे दरवाजे तक छोड़कर आते हैं। यही इसकी तहज़ीब है, यही इसकी पहचान है। भोपाल की एक बात ओर मशहूर है कि जो भी भोपाल आता है यहां के लोग उसे सीने से लगा लेते हैं। हिन्दुस्तान के किसी भी कोने से जो भोपाल आया जैसे नौकरीपेशा या कोई भी व्यवसाय के लिए यहीं का होकर रह गया। भेल कारखाना इसका जीता-जागता उदाहरण है। ज्यादातर नौकरी पेशा अधिकारी एवं कर्मचारी रिटायर होने के बाद भोपाल को ही अपना मानकर यहीं बस गए। काफी लोग कारोबार करने के उद्देश्य से यहीं आकर आबाद हो गये। भोपाल की मज़ेदार ‘उर्फ़ियत’ – नाम के पीछे नाम की दुनिया! भोपाल, भोपाली और भोपालियत की पहचान  केवल ताल-ता‍लैया और ऐतिहासिक इमारतों आबोहवा, तहजीब और संस्‍क़ति तक सीमित नहीं है,  बल्कि अपनी अनोखी और मज़ेदार ‘उर्फ़ियतों’ के लिए भी मशहूर है। जब किसी मोहल्ले में एक ही नाम के कई लोग हों, तो पहचान बनाने के लिए नाम के पीछे कुछ जोड़ना लाज़मी हो जाता है, फिर चाहे वो पहनावे से जुड़ा हो, बोलचाल से, शौक से या किसी मज़ेदार किस्से से – हर भोपाली को मिल जाता है उसका ख़ास “उर्फ़ी टाइटल”। तो मिलिए भोपाल की इस अनोखी नामावली से – तारिक़ टाई, जो हमेशा टाई में दिखते थे, तारिक़ चपटे, जिनके गाल खुद गवाही देते हैं, तारिक़ होंठ कटे, जिनके होंठों की कहानी हर गली जानती है, और तारिक़ झबरे, जिनकी आंखें ही उनकी पहचान हैं। आरिफ़ अंडे का नाश्ता शहर भर में मशहूर है, तो आरिफ़ बुलबुल अपने गले से सबको दीवाना बना देते हैं। बाबूलाल 501 नाम की सिगरेट की तरह मशहूर हैं, और सेठ छगनलाल, जिनका “सेठपना” मोहल्ले में आज भी कायम है। रविंद्र सिंह लखरत, बाबूलाल लठमार, चांदमल हिटलर, मोहन पंचायती, लाला मुल्कराज, सरदारमल लालवानी, नाहर सिंह सूरमा भोपाली, कन्हैयालाल ‘बीड़ी’ और के. अमीनउद्दीन-301 तो अपनी शान और रसूख़ के लिए पहचाने जाते हैं। अखिलेश अग्रवाल गफूरे और वहीद अग्रवाल की उर्फ़ियतें उनकी दोस्ती और कारोबार की दास्तान सुनाती हैं। हफ़ीज़ पाजामे और चांद कटोरे का नाम सुनते ही भोपाल मुस्कुरा उठता है, वहीं चांद चुड़वे मोहल्ले की कहानियों के नायक हैं। सुरेश 501, अनिल अग्रवाल पटीये, और देवेश सिमहल वकील साहब अपने नाम से ही काफ़ी असरदार हैं। बाबू साहब घोड़े और बाबू साहब नाम की सादगी में गजब की शान है। आलू बड़े, ज़ायकों की दुनिया के हीरो हैं, और लोक सिंह ताल ठोंकू हर बहस में जीत की गारंटी हैं। रईस भूरा, मुन्ने मॉडल ग्राउंड, मुन्ने पेंटर, मुईन क़द्दे और माहिर मदीना – ये नाम जैसे ही कान में पड़ें, पूरा मोहल्ला मुस्करा उठता है। भोपाल की गलियों में लोग नाम से कम और उर्फ़ियत से ज़्यादा जाने जाते हैं। जावेद चपटे और जावेद चिराटे जैसे नामों में मज़ाकिया तंज है, तो बन्ने पहलवान और बन्ने लखेरा में मोहल्ले की दो अलग-अलग शख्सियतें झलकती हैं। कल्लू अट्ठे, बाबू भड़भुजे, मुन्ने फुक्की, ईरानी और डूंड जैसे नाम रोज़मर्रा की आदतों, मज़ाक या पेशे से जुड़े हैं। सईद बुल, छुटकटे, वहीद ढेलकी, आरिफ पिस्स, और अनफिट भोपाल की उस खास तासीर को दर्शाते हैं, जहां हर नाम के पीछे एक किस्सा है — हँसी, अपनापन और तंज से भरा। यही भोपाल की असली पहचान है — उर्फ़ियतों में बसी यारी और यादें। भोपाल की इन मज़ेदार उर्फ़ियतों में वो अपनापन है, जो किसी GPS में नहीं मिलता – सिर्फ मोहल्लों की यादों और बातों में ही जिंदा रहता है। भोपाल में हिंदू-मुस्लिम एकता : सांस्कृतिक सह-अस्तित्व की मिसाल भोपाल की सांस्कृतिक विरासत की सबसे मजबूत कड़ी उसकी हिंदू-मुस्लिम एकता है, जो सिर्फ सामाजिक सौहार्द का प्रतीक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक संघर्षों के बीच पनपी सहिष्णुता और साझेदारी की अनूठी मिसाल है। जब देश के अन्य हिस्सों में अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ नीति ने सांप्रदायिक तनाव को जन्म दिया, तब भी भोपाल ने अपनी गंगा-जमुनी तहज़ीब को संजोए रखा। हर वर्ग के लोगों ने एक दूसरे से बहुत प्यार मोहब्बत के साथ दिली लगाव रखा। सन 1812 की लड़ाई में हिंदू योद्धाओं जैसे डांगर सिंह, जय सिंह, और अमन सिंह पटेल ने भोपाल की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यहां तक कि युद्ध में महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी की, यह दिखाते हुए कि भाईचारा केवल धार्मिक स्तर पर नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के स्तर पर भी जीवित था। भोपाल रियासत के प्रशासन में हर कालखंड में हिंदुओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दीवान (प्रधानमंत्री) जैसे उच्च पदों पर लाला घानी राम, लाला फूलानाथ, राजा अवध नारायण जैसे हिंदू अधिकारी रहे। यह समावेशिता केवल औपचारिक नहीं थी — ये अधिकारी नवाबों के विश्वासपात्र भी थे। नवाब क़ुदसिया बेग़म के दरबार में एक हिंदू, एक मुसलमान और एक ईसाई मंत्री नियुक्त थे — यह उस समय की धार्मिक विविधता के प्रति सम्मान का प्रतीक था। रियासत के इंजिमाम (शामिल करने) के बाद शरीफ़ शरणार्थियों में (उच्च परिवार के शरणार्थी) सरदार गुरबख्श सिंह भी थे, जिनके बेटे अमरीक सिंह रंजीत होटल चलाते हैं। वे बहू मियाँ के साथ ईद पर नवाब साहब को सलाम करने जाते। एक बार नवाब साहब ने पूछा कि भोपाल कैसा लग रहा है, तो सरदार साहब ने हाथ जोड़कर कहा कि जहाँ गरीब परवर सरकार का साया हो, वहाँ कोई कैसे … Read more

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि: संदिग्ध गतिविधियों पर आरपीएफ की सख्त कार्रवाई

भोपाल मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा स्टेशन परिसरों में संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसी क्रम में, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त श्री प्रशांत यादव के निर्देशन में आरपीएफ टीम ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त एक व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की। दिनांक 16 मई 2025 को प्रातः 6:00 बजे, प्लेटफॉर्म क्रमांक 02 पर आरक्षक आरिफ खान ने एक युवक को संदिग्ध स्थिति में घूमते हुए पकड़ा, जिसकी नीयत यात्री सामान की चोरी प्रतीत हुई। पूछताछ में उक्त व्यक्ति की पहचान रफीक (आयु 20 वर्ष) के रूप में हुई। उसके पास कोई वैध यात्रा टिकट अथवा पहचान पत्र उपलब्ध नहीं था। घटना स्थल पर कोई प्रत्यक्ष शिकायतकर्ता नहीं होने के बावजूद, संदिग्ध गतिविधियों और रेलवे परिसर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय रेलवे अधिनियम की धारा 145 (अशांति फैलाना) एवं धारा 137 (बिना टिकट यात्रा) के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे पूरी तरह से सतर्क है। स्टेशन परिसरों में हर प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने यात्रियों से भी अपील की कि यदि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि को देखें, तो तत्काल इसकी सूचना नजदीकी रेलवे स्टाफ या आरपीएफ को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जा सके। रेल प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं निर्बाध यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है।

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