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अनूपपुर के इस जिले में बनेगा AI आधारित चेक पोस्ट, खनिज के अवैध परिवहन पर रखेगा निगरानी

अनूपपुर जिले में खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन को रोकने के लिए विभाग अब एआई की मदद से इस पर कार्रवाई करेगा। जिसके लिए एआई चेक गेट कोतमा से बिजुरी जाने वाले मार्ग पर ग्राम डोंगरिया के समीप स्थापित कर दिया गया है। कुछ दिनों में इसका मॉनिटरिंग एवं कमांड रूम खनिज कार्यालय में स्थापित हो जाएगा। इसके पश्चात यहां से गुजरने वाले प्रत्येक वाहनों में किए जा रहे खनिज के परिवहन की निगरानी हो सकेगी। खनिज वाहनों की सूचना विभाग को भेजेगा एआई चेक गेट अनूपपुर जिला खनिज संपदा से भरपूर है, जहां रेत, पत्थर एवं कोयला जिले में भरपूर मात्रा में है। ऐसे में इनका अवैध उत्खनन एवं परिवहन किए जाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। इसको देखते हुए संचालनालय खनिज विभाग ने जिले में एआई चेक गेट बनाते हुए अब हाईवे पर खनिज के अवैध उत्खनन एवं परिवहन को रोकने की योजना बनाई है। इस चेक गेट में दोनों ओर तीन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही यहां इसका सिस्टम भी लगाया गया है। एआई चेक गेट यहां से निकलने वाले वाहनों की जांच करते हुए अवैध उत्खनन एवं परिवहन कर ले जाने वाले वाहनों की ट्रैकिंग करेगा और इसकी सूचना खनिज कार्यालय को भेजेगा। जहां से विभाग ऐसे वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई कर सकेगा। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर होगी चौकसी जिले में कोयले के परिवहन तथा कोयले की हेरा फेरी के मामले लगातार सामने आते रहे हैं, जिसको देखते हुए मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित इस जगह पर एआई चेक गेट को लगाया गया है। विभाग ने इसे स्थापित करने के लिए तीन स्थान का चयन करते हुए वरिष्ठ कार्यालय को भेजा था जिसके पश्चात छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्र से लगे हुए डोंगरिया के समीप इसे स्थापित करने का निर्धारण किया गया। यह क्षेत्र मुख्य रूप से कोयला क्षेत्र है, जहां पूरे संभाग में कई कोयला खदानें संचालित हैं जिनमें ज्यादातर छत्तीसगढ़ के रास्ते इन कोयले का परिवहन कर ले जाया जाता है। सॉफ्टवेयर से होगी मॉनिटरिंग एआई चेक गेट के स्थापित होने के बाद जिले में संचालित रेट खदानों की जिओ फेसिंग की जाएगी। इसके बाद खनिज परिवहन करने वाले वाहनों को भी जीपीएस युक्त किए जाने की योजना है। चेक गेट के सॉफ्टवेयर को एटीपी जारी करने वाले पोर्टल के साथ इंटीग्रेट कर बिना रॉयल्टी के खनिज का परिवहन करने वाले वाहनों को चिन्हित करेगा, फिर ऐसे वाहनों के विरुद्ध सूचना एआई चेक गेट खनिज विभाग को भेजेगा और विभाग सूचना मिलने के बाद इन वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे।     एआई चेक गेट की स्थापना की जा रही है, जो कि ऑटोमेटिक अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वाले वाहनों की मॉनिटरिंग करते हुए इसकी सूचना विभाग को भेजेगा। इसके लिए कमांड रूम स्थापित होगा, जहां इसके लिए अलग से कर्मचारी शासन से नियुक्त किए गए हैं।     -ईशा वर्मा, खनिज निरीक्षक अनूपपुर  

लश्कर क्षेत्र में दूध डेयरियों पर दूध के दाम 11 अप्रेल से तीन रुपए लीटर बढ़ाए जा रहे , अब 58 रुपए लीटर में मिलेगा

ग्वालियर  तेज गर्मी के साथ रोजमर्रा की चीजों पर महंगाई भी अब अपना असर दिखाने लगी है। लश्कर क्षेत्र में दूध डेयरियों पर दूध के दाम 11 अप्रेल से सीधे तीन रुपए लीटर बढ़ाए जा रहे हैं। 55 रुपए लीटर बिकने वाला दूध अब 58 रुपए लीटर में मिलेगा। बता दें कि इससे पहले 1 अप्रैल से उपनगर ग्वालियर(Milk Price Hike in MP) में भी दूध के दामों में दो रुपए लीटर की बढ़ोतरी करते हुए 60 रुपए लीटर किया जा चुका है। दूध के दाम बढ़ाने को लेकर मंगलवार को दूध डेयरी व्यवसायी संघ की महत्वपूर्ण बैठक सिटी सेंटर स्थित निजी होटल में की गई, जिसमें सभी दूध कारोबारियों ने दूध के दाम तीन रुपए लीटर बढ़ाने का निर्णय लिया। दूध उत्पादकों की मांग के बाद बढ़ाए दाम बैठक में व्यापारियों ने बताया कि पिछले दो वर्ष से दूध के दाम नहीं बढ़ाए गए थे। दूध उत्पादक पिछले कई दिनों से दामों में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। इसके आधार पर दूध के दाम बढ़ाए जा रहे हैं। बैठक में दूध डेयरी व्यवसायी संघ संपूर्ण भारत के महासचिव नरेन्द्र मांडिल, हरमीत सिंह सेठी, ग्वालियर अध्यक्ष राहुल पाल, सचिव स्पर्श जैन आदि उपस्थित रहे। आवक अभी भी हो रही भरपूर ग्वालियर शहर की दूध डेयरियों पर रोजाना करीब साढ़े चार लाख से पांच लाख लीटर दूध की खपत होती है। गर्मी बढऩे के बावजूद अभी भी दूध की आवक भरपूर है। 14 अप्रेल से शुरू होने वाले सहालग के चलते दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग और निकलेगी।

पश्चिम मध्य रेल वित्तीय वर्ष अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की समयावधि के दौरान रेल सुरक्षा बल द्वारा कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की

भोपाल  रेल सुरक्षा बल, रेल संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारियों का कुशलता पूर्वक निर्वहन करने हेतु चौबीस घंटे सतत् कार्य करते हुये सुरक्षित माल परिवहन के साथ-साथ रेल यात्रियो की सुरक्षा एवं सहायता भी कर रही है। पश्चिम मध्य रेल वित्तीय वर्ष अप्रैल 2024 से मार्च 2025 की समयावधि के दौरान रेल सुरक्षा बल द्वारा कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल पश्चिम मध्य रेल के द्वारा वर्ष 2023-24 में 428 बिछड़े/घर से भागे/अपहरण का शिकार हुये बच्चों को उनके परिजनों/पुलिस/गैर सरकारी संगठन जैसे चाइल्ड लाइन इत्यादि को सुपुर्द किया था तथा वर्ष 2024-25 में 595 बिछडे/ घर से भागे/अपहरण का शिकार हुये बच्चों को उनके परिजनों/पुलिस/ गैर सरकारी संगठन जैसे चाइल्ड लाइन इत्यादि को सुपुर्द किया। ऑपरेशन अमानत ऑपरेशन अमानत के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा वर्ष 2023-24 में 704 यात्रियों को उनकी खोयी हुयी संपत्ति (जैसे- मोबाइल, लैपटॉप, पर्स, ज्वैलरी इत्यादि) अनुमानित कीमत 2,04,25,289/- रूपये को सुपुर्द किया तथा वर्ष 2024-25 में 916 यात्रियों को उनकी खोयी हुयी संपत्ति (जैसे- मोबाइल, लैपटॉप, पर्स, ज्वैलरी इत्यादि) अनुमानित कीमत 1,81,87,108 /- रूपये को सुपुर्द किया। ऑपरेशन जीवन रक्षा ऑपरेशन जीवन रक्षा के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा वर्ष 2023-24 में 14 यात्रियों की जान को बचाया गया तथा वर्ष 2024-25 में 31 यात्रियों की जान को बचाया गया। ऑपरेशन मेरी सहेली ऑपरेशन मेरी सहेली के अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा वर्ष 2023-24 में 6,985 ट्रेनों में 52,511 महिलाओं को आरपीएफ महिला अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा अटेंड कर आवश्यक सहायता प्रदान की गयी। तथा वर्ष 2023-24 में 7,521 ट्रेनों में 58,312 महिलाओं को आरपीएफ महिला अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा अटेंड कर आवश्यक सहायता प्रदान की गयी।

सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिये केन्द्र से मिली 5 हजार 914 करोड़ रूपये की मंजूरी

प्रदेश में 360 मटेरियल रिकवरी फेसिलिटीज से सूखे कचरे का हो रहा प्र-संस्करण इंदौर में संचालित है 500 टन प्रतिदिन क्षमता का आधुनिक सीएनजी प्लांट सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिये केन्द्र से मिली 5 हजार 914 करोड़ रूपये की मंजूरी भोपाल प्रदेश में नगरीय निकायों में कचरा संग्रहण, परिवहन एवं प्र-संस्करण सुविधाओं के विकास के लिये नगरीय निकायों को अनुदान दिया जा रहा है। इसके साथ ही केन्द्र सरकार ने प्रदेश के सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिये 5 हजार 914 करोड़ रूपये की मंजूरी दी है। 360 मटेरियल रिकवरी फेसिलिटीज प्रदेश के 405 नगरीय निकायों में कम्पोस्टिंग इकाइयों के माध्यम से गीले कचरे का और 360 मटेरियल रिकवरी फेसिलिटीज के माध्यम से सूखे कचरे का प्र-संस्करण किया जा रहा है। इंदौर में गोबरधन बॉयो सीएनजी प्लांट इकाई के माध्यम से 500 टन प्रतिदिन क्षमता का अत्याधुनिक प्लांट संचालित किया जा रहा है। इंदौर के प्लांट से वेस्ट-टू-वेल्थ तथा सर्कुलर इकॉनामी की परिकल्पना साकार हुई है। इंदौर के प्लांट से सीएनजी के अलावा प्रतिदिन 100 टन उच्च गुणवत्ता की खाद भी तैयार की जा रही है। इसका उपयोग इंदौर शहर के आस-पास स्थानीय खेतों में किया जा रहा है। इससे खेतों में रासायनिक उर्वरकों की जरूरत कम हुई है। नगरीय निकायों में स्थित लीगेसी वेस्ट का निपटान की कार्य योजना नगरीय विकास विभाग ने तैयार की है। अगले 3 वर्षों में यह कार्य शत-प्रतिशत किये जाने का कार्यक्रम तैयार किया गया है। प्रदेश में अब तक 50 स्थानीय निकायों के शत-प्रतिशत लीगेसी वेस्ट अपशिष्ट का प्र-संस्करण कार्य पूर्ण कर दिया गया है। द्वितीय चरण में 108 नगरीय निकायों में लीगेसी अपशिष्ट के प्र-संस्करण का कार्य विभिन्न चरणों में प्रक्रियाधीन है। स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 प्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के अंतर्गत सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाने तथा अपशिष्ट जल प्रबंधन के लिये आगामी 5 वर्षों में 4 हजार 914 करोड़ रूपये की योजनाओं की स्वीकृति भी प्राप्त की जा चुकी है। इस कार्य के लिये नगरीय विकास विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिये करीब 473 करोड़ रूपये का प्रावधान किया है। निकायों की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना लागत 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहरों के लिये 50 प्रतिशत, एक से 10 लाख की जनसंख्या के लिये 66 प्रतिशत तथा एक लाख से कम जनसंख्या वाले निकायों के लिये 90 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा दी जा रही है। शेष राशि निकाय अंशदान और जन निजी भागीदारी का अंशदान होता है। निकायों में दैनिक आधार पर उत्सर्जित होने वाले कचरे का निपटान निर्धारितप्रक्रिया और मानदंडों के आधार पर किया जाता है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री गडकरी का माना आभार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के उन्नयन की स्वीकृति और अन्य विकास कार्यों की बहुमूल्य सौगात प्रदान करने पर केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार माना। उन्होंने कहा है कि राज्य में विकास की गति को और अधिक बढ़ाने के लिए रोड और हाईवे का विशाल नेटवर्क आकार ले रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन से क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना मध्यप्रदेश की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के साथ समृद्धि के नए द्वार खोलेगी। केंद्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के शाहगढ़-बक्सवाहा-नरसिंहगढ़-दमोह से 63.50 किमी लंबाई के खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2-लेन में अपग्रेड करने के लिए 531.84 करोड़ रुपए की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-34 उत्तराखंड के गंगोत्री धाम को मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर) पर लखनादौन से जोड़ता है। इन उन्नयन कार्यों में शाहगढ़-दमोह खंड के उन्नयन में 5 प्रमुख पुल, बक्सवाहा, भटेरा, नरसिंहगढ़ और पिपरिया चंपत में 4 बायपास और दमोह के निर्मित क्षेत्रों में सर्विस/स्लिप रोड (दोनों तरफ 1.3 किलोमीटर) शामिल हैं।  

Bhopal Metro: कारिडोर में खर्च होंगे 1122 करोड़ रुपये, वर्ष 2026 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट, 2027 से शहर के 30 किलोमीटर मार्ग में दौड़ेगी मेट्रो

 भोपाल मेट्रो की ब्ल्यू लाइन यानि रत्नागिरी से भदभदा तक प्रस्तावित लाइन में 531 संपत्तियों को हटाने के लिए चिन्हित किया गया है। इन लाइन में 6725 वर्गमीटर की जमीन नॉन टाइटल होल्डर की है। टाइटल होल्डर यानि जिनके पास संपत्ति को लेकर कोई दस्तावेज है, उनके पास 4218 वर्गमीटर जमीन है। इनके अलावा 1249 वर्गमीटर की अतिरिक्त संपत्ति भी प्रभावित होगी। मेट्रो ब्ल्यू लाइन में ये क्षेत्र होंगे प्रभावित     मेट्रो की ब्ल्यू लाइन के लिए सबसे ज्यादा प्रभावित मिंटोहॉल, प्रभात चौराहा व रोशनपुरा चौराहा होगा। मिंटो हॉल के पास तो रोड का आधा हिस्सा बंद कर यहां सर्वे व पीलर के लिए काम चल रहा है। इसी तरह पुल बोगदा के पास की करीब आधी संपत्तियों- निर्माण प्रभावित होंगे। लाइन के किनारे जमीन की कीमत तय भोपाल में मेट्रो लाइन(Bhopal Metro) के किनारे जमीन की दरें प्रस्तावित गाइडलाइन में 13 हजार रुपए वर्गमीटर से 40 हजार रुपए वर्गमीटर तक तय की है। आपको मेट्रो लाइन के किनारे रहना है तो अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार तय करें कि कहां जमीन आपको सस्ती मिलेगी। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट में सबसे महंगी जमीन करोद क्षेत्र में है। गौरतलब है कि मेट्रो की पहली ओरेंज लाइन एम्स से करोद तक बिछाई जा रही है। करीब 14 किमी लंबाई के ट्रैक पर मेट्रो का ट्रायल हो चुका है। गाइडलाइन की दरों पर 19 मार्च तक कलेक्ट्रेट कार्यालय या पंजीयन भवन या फिर ऑनलाइन आपत्ति कर सकते हैं। गाइडलाइन में क्या खास     हाउसिंग बोर्ड के सबसे महत्वाकांक्षी और वीवीआइपी प्रोजेक्ट तुलसी ग्रीन के निर्मित क्षेत्र की रजिस्ट्री के 71 हजार वर्गमीटर के दर से होगी। इसमें करीब 20 हजार रुपए वर्गमीटर की बढ़ोतरी की गई है।     जिला प्रशासन ने मेट्रो के लिए रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर छह की ओर इरानी डेरे को लगभग हटा दिया है। पूरा बाजार हटाया जा चुका है, लेकिन गाइडलाइन में इसकी दर तय है। इरानी डेरा मार्केट के पीछे वाले हिस्से में आवासीय प्लॉट के लिए 10 हजार रुपए वर्गमीटर तो बने हुए आवासीय मकान के लिए 23 हजार वर्गमीटर की कीमत तय की है। यहां एक हेक्टेयर जमीन की दर 7.60 करोड रुपए तय की।     प्रदेश की पहली सीसी सिक्सलेन कोलार मुख्यमार्ग पर अब प्लॉट 50 हजार रुपए वर्गमीटर तो आवासीय निर्मित मकान 63 हजार वर्गमीटर कीमत का है।     टीटी नगर के स्मार्टसिटी प्रोजेक्ट में प्लॉट की दर यथावत 72 हजार वर्गमीटर रखी है, जबकि निर्मित भवन की कीमत 1.08 लाख रुपए है। व्यवसायिक प्लॉट 85 हजार रुपए वर्गमीटर ही रखा गया।     लैंड पुलिंग विवाद में उलझे बीडीए के मिसरोद बर्रई में आवासीय प्लॉट के लिए 25 हजार रुपए जबकि निर्मित आवासीय भवन की कीमत 38 हजार रुपए प्रतिवर्गमीटर है। बता दें कि ऑरेंज लाइन के साथ भदभदा-रत्नागिरी के बीच मेट्रो की ब्लू लाइन का काम भी शुरू हो गया है। ये पूरा प्रोजेक्ट 1006 करोड़ रुपए का है। कुल 13 किमी लंबे इस रूट पर 14 स्टेशन भी बनेंगे। दो तरह से परीक्षण मिट्टी की टेस्टिंग दो तरह से हो रही है। पहला परीक्षण उन जगहों पर हो रहा है, जहां पिलर बनाए जाएंगे। वहीं, दूसरा परीक्षण मेट्रो स्टेशन के नीचे हो रहा है। रायसेन रोड स्थित आईटीआई के सामने और जेके रोड पर पिलर के लिए टेस्टिंग हो चुकी है। वहीं, मिंटो हॉल के सामने स्टेशन के लिए टेस्टिंग शुक्रवार को की गई। इन जगहों पर बनेंगे 14 स्टेशन ब्लू लाइन के लिए कुल 14 स्टेशन बनेंगे। इनमें भदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रोशनपुरा चौराहा, कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, परेड ग्राउंड, प्रभात चौराहा, गोविंदपुरा, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, जेके रोड, इंद्रपुरी, पिपलानी और रत्नागिरी तिराहा शामिल हैं। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी स्टेशन एक स्टेशन कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर पर भी बनेगा। 14वें स्टेशन के तौर पर बोगदा पुल (इंटरचेंज) सेक्शन बनाया जाएगा। जहां करोंद चौराहा से एम्स के बीच बनने वाली ऑरेंज लाइन और भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा के बीच चलने वाली ब्लू लाइन का इंटरचेंज होगा। यह एक ऐसा सेक्शन होगा, जहां यात्री एक मेट्रो से उतरकर दूसरी में सवार हो सकेंगे। पुल बोगदा के पास का हिस्सा सुभाष नगर से एम्स (प्रायोरिटी ट्रैक) के पास ही है। इसलिए इंटरचेंज सेक्शन पर भी जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि इंटरचेंज सेक्शन को अभी से डिजाइन करना पड़ेगा। 50 मी. की दर सिर्फ पुराने शहर में मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत एम्स से करोद तक 14 किमी में लाइन तय है, लेकिन लाइन से 50 मीटर दायरे में जमीन की कीमत सिर्फ शहर के पुराने हिस्से वाली लाइन पर ही तय की गई। सुभाष ब्रिज, केंद्रीय विद्यालय, एमपी नगर, रानी कमलापति से लेकर अल्कापुरी, एम्स तक अलग से कोई दर तय नहीं की। रोड किनारे वाली दर ही इसमें लागू करना तय किया है। आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन समिति ही अंतिम मंजूरी देगी। – कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

कानपुर-सागर सिक्सलेन रोड को सागर रोड पर चौका गांव से लेकर चंद्रपुरा तक लाया जाएगा, चार दिशाओं के लिए अलग-अलग होगी लेन

छतरपुर शहर में आने वाले समय में यातायात व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। झांसी-खजुराहो फोरलेन और कानपुर-सागर सिक्सलेन अब चंद्रपुरा में एक-दूसरे से जुडऩे जा रहे हैं। इस परियोजना के तहत चंद्रपुरा में एक विशेष चंद्राकार फ्लाईओवर बनाया जाएगा, जिससे चारों दिशाओं की लेनें अलग-अलग मार्गों पर आसानी से मुड़ सकेंगी। यह निर्माण कार्य न केवल यातायात को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि छतरपुर शहर को दुर्घटना और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगा। क्या है योजना? कानपुर-सागर सिक्सलेन रोड को सागर रोड पर चौका गांव से लेकर चंद्रपुरा तक लाया जाएगा। चंद्रपुरा में विशेष चंद्रकार जंक्शन बनेगा, जो ग्वालियर जैसे मॉडल पर आधारित होगा। इससे एक लेन से वाहन झांसी की ओर, दूसरी से सतना-रीवा की ओर (पन्ना रोड से),तीसरी से कानपुर की ओर और चौथी से छतरपुर शहर में प्रवेश कर सकेंगे। रिंगरोड का बदला गया प्रस्ताव पहले छतरपुर शहर में दो राष्ट्रीय राजमार्गों को जोडऩे के लिए रिंगरोड बनाए जाने की योजना थी, लेकिन व्यावहारिक समस्याओं और भारी लागत को देखते हुए अब बाइपास का विकल्प चुना गया है। कानपुर-सागर सिक्सलेन को झांसी-खजुराहो फोरलेन से जोडकऱ सीधा संपर्क बाइपास मार्ग विकसित किया जाएगा। 43 कलोमीटर लंबा होगा बाइपास छतरपुर से गुजरने वाला प्रस्तावित सिक्सलेन बाइपास कुल 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। यह चौका, चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक जाएगा। परियोजना पर कुल 982 करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके अतिरिक्त सागर रोड से साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन बनाया जाएगा, जिसकी लागत 1671 करोड़ रुपए तय की गई है। शहर को मिलेगी दुर्घटना और जाम से राहत छतरपुर शहर दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के चौराहे पर स्थित है। बाइपास न होने के कारण यहां आए दिन भारी जाम और सडक़ दुर्घटनाएं होती रही हैं। अब यह सिक्सलेन बाइपास दोनों राजमार्गों को शहर के बाहर जोड़ देगा, जिससे भारी वाहनों का शहर में प्रवेश रुकेगा और ट्रैफिक लोड घटेगा। 6 लेन के लिए तैयार होगी सडक़ संरचना प्रस्तावित फोरलेन हाइवे को भविष्य में सिक्सलेन में परिवर्तित किया जा सके, इसके लिए डीपीआर इस प्रकार तैयार की जा रही है कि अंडरपास और फ्लाईओवर पहले से ही सिक्सलेन मानकों पर बने। छतरपुर से गुजरने वाला यह मार्ग भोपाल-लखनऊ इकॉनोमिक कॉरिडोर का हिस्सा भी बनेगा। छतरपुर बनेगा केंद्रीय कनेक्टिविटी हब यह हाइवे बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर और सागर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को भोपाल और कानपुर से जोड़ेगा। छतरपुर, जो अब तक केवल पर्यटन के लिए जाना जाता था, अब लॉजिस्टिक्स और यातायात नेटवर्क का केंद्रीय हब बनने की ओर अग्रसर है। गठेवरा के पास जुड़ेंगे सिक्सलेन व फोरलेन बाइपास शहर में पहले दोनों नेशनल हाइवे को जोड़ते हुए रिंगरोड बनाए जाने का प्रस्ताव था। लेकिन इसके लेकर आ रही परेशानियों को देखते हुए अब कानपुर सागर सिक्सलेन को झांसी खजुराहो फोरलेन से जोडक़र बाइपास बनाया जाएगा। सिक्सलेन के लिए जमीन अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो चुकी है। अब इसी जमीन पर बाइपास बनाया जाएगा। सिक्सलेन बाइपास होने से अलग-अलग लेन के वाहन अलग-अलग आ-जा सकेंगे। चंद्रपुरा से अलग-अलग हो जाएंगे सभी लेन सागर कानपुर सिक्सलेन सागर रोड पर चौका गांव से पन्ना रोड पर चंद्रपुरा तक सिक्सलेन बाइपास बनाया जाएगा। चंद्रपुरा में ग्वालियर जैसा चंद्रकार कनेक्शन देकर सभी लेनों को अलग-अलग जोड़ा जाएगा। सागर से आ रही सिक्सलेन की एक लेन के वाहन झांसी -खजुराहो मार्ग से झांसी की ओर निकल सकेंगे। वहीं, दूसरी लेन के वाहन पन्ना रोड पर सतना-रीवा की ओर निकल जाएंगे। जबकि तीसरी लेन के वाहन कानपुर के लिए निकल सक ेंगे। एक अन्य लेन के जरिए वाहन छतरपुर शहर में आ पाएंगे। 43 किलोमीटर लंबा होगा छतरपुर शहर का बाइपास कानपुर-सागर फोरलेन प्रोजेक्ट पर छतरपुर शहर से गुजरने वाला बाइपास 43.44 किलोमीटर लंबा होगा। जो चौका से होकर चंद्रपुरा, निवाड़ी, गढ़ीमलहरा, उजरा होते हुए कैमाहा तक बनाया जाएगा। इसके लिए 982 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। चुनाव बाद इसके लिए टेंडर भी होंगे। इसके अलावा सागर रोड पर चौका से छतरपुर जिले की सीमा में साठिया घाट तक 55 किलोमीटर फोरलेन का निर्माण किया जाएगा। इस पर 1671 करोड़ रुपए की लागत आएगी। छतरपुर से गुजरेगा भोपाल-लखनऊ इकॉनोमिक कॉरिडोर बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर, सागर नेशनल हाइवे के रूटों से भोपाल और कानपुर महानगर से सडक़ मार्ग से जुड़ा हैं। अब इन दोनों महानगरों को फोरलेन सडक़ से जोड़ा जा रहा है। डीपीआर कुछ इस तरह तैयार की गई है कि भविष्य में इसे छह लेन भी किया जा सके। ये फोरलेन हाइवे छतरपुर से होकर गुजरेगा। कबरई से भोपाल के बीच अलग-अलग सेक्टर में भोपाल-कानपुर हाइवे की डीपीआर तैयार की गई है। प्रस्तावित फोरलेन हाइवे में अंडरपास और एलीवेटेड पुलों का निर्माण 6 लेन के अनुसार होगा, ताकि भविष्य में विस्तार होने पर हाइवे को 6 लेन किया जा सके।

लाडली बहनों के खाते में आने वाले हैं 1250 रुपए, इन लाडली बहनों को नहीं मिलेंगे पैसे

भोपाल मध्य प्रदेश में लाडली बहनों को 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है. हालांकि यह इंतजार अब खत्म होने वाला है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव 1.27 करोड़ लाडली बहनों के खाते में 23वीं किस्त जारी करेंगे. वहीं सतना और मैहर जिले की 11 हजार महिलाओं के खाते में लाडली बहना की 23वीं किस्त की राशि नहीं आएंगे. अप्रैल का महीना जारी है. ऐसे में मध्य प्रदेश की लाडली बहनों को लाडली बहना योजना का 23वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार है. दरअसल, हर महीने की 10 तारीख को योजना की किस्त जारी होती है. वहीं त्योहारों के मौके पर तय तारीख से पहले किस्त जारी कर दी जाती है. ऐसे में यहां जानते हैं कि इस महीने कब जारी होगी लाडली बहना की 23वीं किस्त की राशि? संभावना तो यह भी जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अप्रैल को अशोकनगर जिले की ईसागढ़ तहसील स्थित श्री आनंदपुर धाम आएंगे, ऐसे में 10 की बजाय 11 अप्रैल को योजना की किस्त जारी की जा सकती है। इससे पहले जनवरी में 10 की बजाय 12 जनवरी (स्वामी विवेकानंद जयंती) को किस्त जारी की गई थी।उम्मीद है कि आज शाम तक 23वीं किस्त के डेट को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी, तब तब बहनों को थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा। इस बार 11 हजार बहनों को नहीं मिलेंगे पैसे     जानकारी के मुताबिक, इस बार 11 हजार महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा। 1. 27 करोड़ लाभार्थियों में से उम्र अधिक होने के चलते सतना व मैहर की 11 हजार महिलाओं को लाभ नहीं मिलेगा।चुंकी नियम के तहत योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं की उम्र 23 से 60 वर्ष तक होनी चाहिए।     वर्तमान में सतना व मैहर जिलों में तकरीबन 3 लाख 78 हजार महिलाओं को योजना का लाभ मिलता है, लेकिन 9 हजार महिलाओं की उम्र 60 वर्ष पूरी हो चुकी है, ऐसे में एमपी शासन के पोर्टल से उनका नाम ऑटोमेटिक हट गया है। इसके अलावा 2 हजार के करीब महिलाओं ने इस योजना का लाभ लेना स्वतः बंद कर दिया है। Ladli Behna Yojana: हर माह मिलते है 1250 रुपए     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।    इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मार्च 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 22 किश्तों का अंतरण किया गया है।इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। लाड़ली बहना योजना: आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं।     जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।     जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद, विधायक हो या फिर किसी सरकारी पद का लाभ ले रहा है, उस परिवार की महिलाएं भी लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।     यदि महिला के पति के पास सरकारी योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्रता नहीं है, तो वह भी इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएगी। ऐसे लिस्ट में चेक करें अपना नाम, पैसा मिलेगा या नहीं     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी। लाडली बहनों को 23वीं किस्त की बेसब्री से इंतजार लाडली बहना योजना के अंतर्गत 22 किस्तें महिलाओं के खाते में जारी कर दिए गए हैं. बता दें कि पिछले महीने 8 मार्च, 2025 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश सरकार की ओर से लाडली बहना योजना की 22वीं किस्त जारी की गई थी. कब आएगी लाडली बहना योजना की 23वीं किस्त? मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के खातें में हर महीने 1250 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाती है. लाडली बहना योजना की किस्त ज्यादातर महीने की 10 तारीख को दी जाती है. हालांकि नवरात्रि जैसे त्योहारों पर तारीख में बदलाव किया जाता है और ये किस्त पहले भी आ जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा कि 23वीं किस्त 10 अप्रैल, 2025 को ही खाते में आएगी. हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है. शिवराज सिंह ने शुरू की थी लाडली बहना योजना बता दें … Read more

‘नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक’, नेता प्रतिपक्ष ने Nursing Scam को लेकर सरकार को फिर घेरा, कहा- 300 से ज्यादा कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे

‘The condition of nursing education is shameful’, the Leader of Opposition again cornered the government over the Nursing Scam भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार को जमकर घेरा हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नाकामी का नतीजा है। एमपी में कभी 300 से ज्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ 95 बचे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक बार फिर नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर लिखा- ‘मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा की हालत शर्मनाक है! BJP सरकार की नाकामी का नतीजा – कभी 300 से ज़्यादा नर्सिंग कॉलेज थे, अब सिर्फ़ 95 बचे हैं।’ सिंघार ने आगे कहा कि ‘CBI जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया, सैकड़ों कॉलेज मानकों पर खरे नहीं उतरे और बंद हो गए। घोटाले के बाद छात्रों का भरोसा इतना टूट गया कि 2023-24 में एक भी दाखिला नहीं हुआ – पूरा सेशन शून्य रहा! जो सरकार शिक्षा नीति पर बड़ी-बड़ी बातें करती है, उसी के राज में शिक्षा की ये दुर्दशा क्यों?’ उन्होंने मध्य प्रदेश बीजेपी को टैग करते हुए पूछा कि ‘युवाओं का भविष्य यूं बर्बाद क्यों हो रहा है ?’ https://twitter.com/UmangSinghar/status/1910213082942521781

बस और ऑटो की भिड़ंत से तीन की मौत

अनूपपुर राजेंद्रग्राम रोड किरण मार्ग के पास नफीस की बस और ऑटो की भिड़ंत हुई जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। जिसमें दो महिलाएं तथा एक पुरुष की मृत्यु बताई जा रही है। यह घटना राजेंद्रग्राम रोड किधर के पास सुबह 10:40 के करीब यह घटना घटित हुई है। जिसमें गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 108 की मदद से जिला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अनूपपुर में लाया गया जहां उनका उपचार कराया जा रहा है। जन चर्चा का व्याप्त है । किरण के पास घटना घटित हुई है। खबर मिलते ही जिला प्रशासन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैं पहुंच कर घायलों का हाल जाना इस घटना का जायजा लेने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अनूपपुर पहुंचे जहां घायलों का हाल-चाल जाना और घायलों के उपचार हेतु उत्तम व्यवस्था का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि घायलों को सरकार की ओर से जो सहायता राशि दी जाती है । वही जैसे ही बस और ऑटो की भिड़ंत हुई तो तुरंत 108 की मदद से गंभीर लोगों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अनूपपुर में पहुंचने का कार्य भी किया गया

हमें आने वाली पीढ़ी के उज्जवल, सुगम भविष्य के लिए आज चिंतन करने की आवश्यकता है : प्रभारी मंत्री पटेल

भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री एवं भिंड जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल की अध्यक्षता में बुधवार को जिला योजना समिति की बैठक जिला पंचायत सभागार भिण्ड में की गई। विधायक भिण्ड श्री नरेन्द्र सिंह कुशवाह, विधायक गोहद श्री केशव देसाई, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कामना सिंह भदौरिया, कलेक्टर श्री संजीव श्रीवास्तव, सीईओ जिला पंचायत श्री सुनील दुबे, सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। मंत्री श्री पटेल ने बैठक में जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा कर कहा कि यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का महत्वाकांक्षी अभियान है। इससे पानी का भण्डारण कर आम जन मानस को पर्याप्त पेयजल की सुविधा प्रदान की जा सके। अभियान को जन प्रतिनिधियों सहित जन भागीदारी के सहयोग से वृहद रूप से संचालित करें। उन्होंने कहा कि जल स्त्रोत लगातार सूख रहे हैं, हमें आने वाली पीढ़ी के उज्जवल सुगम भविष्य के लिए आज चिंतन करने की आवश्यकता है। उन्होंने जल स्त्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा पौध-रोपण के लिए युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिये कहा कि पौधे लगाना ही नहीं बल्कि पौधे को वृक्ष बनाना भी जरूरी है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से आने वाले बेहतर भविष्य के लिए जल संरक्षण एवं पौध-रोपण का आहवान किया। मंत्री श्री पटेल ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रीष्म काल में पेयजल की समस्या निदान के लिए जिले में वृहद स्तर पर जल गंगा संवर्धन अभियान को संचालित करना है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए अधिक से अधिक खेत, तालाब, नदी तालाबों का निर्माण कराया जाये। साथ ही सम्मानित जन प्रतिनिधिगण भी अपने-अपने क्षेत्रों के ऐसे स्थानों को चयनित कर कार्य प्रारंभ कराएं। मंत्री श्री पटेल ने निर्देश दिए कि ऐसे हैंडपंप जो खराब हो चुके हैं, पेयजल योग्य नहीं हैं, उन्हें हटाकर वर्षा का जल संरक्षण के योग्य बनाया जाए, जिससे जितना जल उस हैंडपंप के माध्यम से निकाल चुके हैं कम से कम उतना जल वर्षा जल के माध्यम से भूमि को वापस किया जा सके। मंत्री श्री पटेल ने क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता की समीक्षा कर कहा कि पिछले वर्ष जिले में जिन स्थानों पर पेयजल की समस्या थी और वर्तमान में पेयजल समस्या की क्या स्थिति है। उन्होंने पेयजल संकट के निदान के लिये किए गए प्रयास एवं कार्य योजना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित कर कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए पेयजल व्यवस्था हर हाल में सुचारू बनायी रखी जाये। ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये जिससे कि किसी भी नागरिक को पेयजल की समस्या नहीं रहे और ईधर-उधर भटकना नहीं पड़े। मंत्री श्री पटेल ने उपार्जन की समीक्षा के दौरान पिछले वर्ष गेहूं एवं सरसों उपार्जन के लिए बनाए गए केन्द्र एवं इस वर्ष बनाए गए केन्द्रों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित कर कहा कि उपार्जन केन्द्रों पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति नहीं बने, इसके लिए समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तीसरे एवं चौथे चरण अंतर्गत जिले में वर्तमान में प्रगतिरत सड़कों के संबंध में जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व महाअभियान में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, आधार सीडिंग की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। मंत्री श्री पटेल ने जिले में अतिक्रमण मुक्त मुक्तिधाम, अतिक्रमण मुक्त मंदिर और भूमिहीन मुक्तिधाम के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्देशित कर कहा कि जिन मुक्तिधाम और मंदिरों पर अतिक्रमण है उन्हें मुक्त कराया जाना सुनिश्चित करें। सभी जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन मिलकर देखें और चिन्हित करें कि भूमिहीन मुक्तिधाम कितने हैं और मुक्तिधाम कहां बनाए जाना हैं। उन्होंने म.प्र. विद्युत मंडल की समीक्षा कर लहार, भिण्ड, मेहगांव और गोहद में प्रगतिरत सब स्टेशन के कार्य प्रारंभ और पूरा होने की टाईम लाईन के संबंध में जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। मंत्री श्री पटेल ने विभागों के माध्यम से किये जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए प्रगति समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन संबंधित आवश्यक निर्देश भी दिए।  

जल की बूंद-बूंद का संरक्षण करें : मंत्री सिलावट

भोपाल जल संसाधन विभाग मंत्री श्री तुलसी राम सिलावट ने बुधवार को ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान के अंतर्गत केरवा डैम के समीप श्रमदान किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित सभी नागरिकों से जल की एक-एक बूंद को संरक्षित करने का आह्वान किया। मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प को पूरा करने और नदियों एवं तालाबों के संवर्धन के लिए प्रदेश में 30 मार्च से 30 जून तक ‘जल गंगा संवर्धन’ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में जल स्रोतों के संरक्षण, जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य व्यापक पैमाने पर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सभी अपनी सक्रिय भागीदारी से सफल बनाएं। केरवा डैम, भोपाल के समीप जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आयोजित किए गए श्रमदान कार्यक्रम में विधायक श्री भगवानदास सबनानी, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, विधायक श्री विष्णु खत्री, श्री तीरथ मीणा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद राजपूत, सरपंच श्रीमती मीरा तोमर, पर्यावरण विद श्री अभिलाष खांडेकर, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे। मंत्री श्री सिलावट ने अधिकारियों को जल स्रोतों के सौंदर्यीकरण और गहरीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के तालाबों पर हर प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने के भी सख्त निर्देश दिए। श्री सिलावट ने कहा कि जल संकट का समाधान जल गंगा संवर्धन अभियान में निहित है। उन्होंने झाबुआ जिले की प्रसिद्ध हलमा प्रथा से प्रेरणा लेते हुए सभी से अपने जीवन में कम से कम 1 घंटा श्रमदान करने का आग्रह किया। मंत्री श्री सिलावट ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो अभियान के संकल्प को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजनाओं के माध्यम से पूरा किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। श्री सिलावट ने मध्य प्रदेश में अगले पांच वर्षों में सिंचाई रकबे को 65 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने के लक्ष्य की भी बात कही। मंत्री श्री सिलावट ने वहां उपस्थित सभी लोगों को जल संसाधनों की रक्षा और संरक्षण करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि यह अभियान हम सभी का है और इसकी सफलता की नींव प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी पर टिकी हुई है।  

भगवान महावीर ने समाज को सत्य, अहिंसा और त्याग का मार्ग दिखाया : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर कहा कि भगवान महावीर ने समाज को सत्य, अहिंसा व त्याग का मार्ग दिखाया है इनके विचार और आदर्श आज भी हमें प्रेरित करते है उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने कहा था कि हमें दूसरे के साथ वैसा ही व्यवहार करना चाहिए जैसा हम अपने साथ चाहते है, उन्होंने समाज को जियो और जीने दो का मूलमंत्र दिया है। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने भगवान महावीर जयंती की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि हम सब भगवान महावीर के आदर्शों को अपनाने और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें। भगवान महावीर की शिक्षा ने जैन धर्म को एक नई दिशा में ले जाने का काम किया है, उनकी शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक है और सही रास्तों पर चलने के लिए प्रेरित करती है।  

स्मार्ट पीडीएस एक मई से लागू करना प्रस्तावित : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि स्मार्ट पीडीएस एक मई 2025 से लागू किया जाना प्रस्तावित है। मंत्री श्री राजपूत ने पीडीएस के सभी पात्र हितग्राहियों की ई-केवायसी 30 अप्रैल तक कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने बताया है कि उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार भी सभी पात्र हितग्राहियों का ई-केवायसी कराना अनिवार्य है। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बुधवार को ई-केवायसी अभियान और न्यूनतम समर्थन मूल्य गेहूँ उपार्जन की वीडियो कान्फ्रेंसिंग से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों का ई-केवायसी कर दोहरे एवं मृत हितग्राहियों के नाम सूची से विलोपित करवायें। ई-केवायसी की सुविधा पीओएस मशीन पर उपलब्ध है। मोबाइल ऐप से भी ई-केवायसी किया जा सकता है। एसीएस श्रीमती शमी ने इस कार्य में लगी टीम ग्राम/मोहल्ले में जाकर ई-केवायसी करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ई-केवायसी अभियान के दौरान राशन वितरण प्रभावित नहीं होना चाहिए। इस कार्य में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अमले का भी सहयोग लिया जाये। एसीएस श्रीमती शमी ने गेहूँ उपार्जन की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि उपार्जन केन्द्र पर बारदाना एवं हम्माल/तुलावटी की समुचित व्यवस्था करें। स्लॉट बुकिंग अनुसार उपार्जन केन्द्रों में तौलकांटों की संख्या बढ़ाई जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन किसानों द्वारा स्लॉट बुक कर लिया गया है, उनसे उपज विक्रय के लिये सम्पर्क करें। भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफएक्यू मापदण्ड के गेहूँ का ही उपार्जन करें। उपार्जित गेहूँ के परिवहन पर विशेष ध्यान दें। असामयिक वर्षा से उपार्जित गेहूँ की सुरक्षा सुनिश्चित करें। किसानों को बैठने के लिये छायादार स्थल, पेयजल एवं जनसुविधा की व्यवस्था करें। बैठक में आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा, एमडी नागरिक आपूर्ति निगम श्री अनुराग वर्मा, संभागीय आयुक्त, कलेक्टर और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

केन्द्रीय मंत्री शाह 13 अप्रैल को करेंगे राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन में शिरकत

भोपाल केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह 13 अप्रैल को रवीन्द्र भवन में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारिता सम्मेलन में शामिल होंगे। इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री श्री शाह सहकारिता विभाग की समीक्षा भी करेंगे। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस परिप्रेक्ष्य में कार्यक्रम स्थल रवीन्द्र भवन में आयोजित होने वाले सम्मेलन की रूपरेखा तय की। उन्होंने कार्यक्रम स्थल का मुआयना कर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे। मंत्री श्री सारंग ने निर्देश दिये कि कार्यक्रम स्थल पर विभागीय नवाचार संबंधी प्रदर्शनी लगाई जाये। उन्होंने बैठक के लिये बोर्ड रूम सहित हॉल और अन्य व्यवस्थाओं को भी देखा।  

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