LATEST NEWS

युवाओं के दम पर बनेगा विकसित भारत: मंत्री सारंग

भोपाल. सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को एक निजी यूनिवर्सिटी में आयोजित युवा संवाद- बजट 2026 कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सम्मिलित होकर युवाओं से संवाद किया। मंत्रीसारंग ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं केंद्रीय बजट वर्ष 2026–27 के प्रमुख प्रावधानों, सरकार की दूरदृष्टि और विकसित भारत के संकल्प पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंत्री सारंग ने कहा कि यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं बल्कि देश के उज्ज्वल भविष्य की सशक्त आधारशिला है। इसमें ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार समाज के हर वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। यह बजट GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) पर केंद्रित है जो युवाओं के सपनों को उड़ान देने वाला, किसानों के आत्मविश्वास को मजबूत करने वाला, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाला तथा मध्यम और गरीब वर्ग को सशक्त करने वाला है। संवाद कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्षश्याम टेलर, जिला अध्यक्षरविंद्र यति, जेएलयू के वॉइस चांसलर डॉ. विवेक खरे सहित बड़ी संख्या में युवाओं की उपस्थिति रही। युवाओं के लिए अवसर सृजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। युवाओं के लिए नए अवसरों का सृजन सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। बजट 2026 में विशेष रूप से युवाओं की सहभागिता और नेतृत्व को केंद्रित किया गया है। स्किल इंडिया, डिजिटल स्किल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी का मानना है कि महिलाएं केवल लाभार्थी नहीं बल्कि भारत की ग्रोथ इंजन है। यही कारण है कि सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा बल्कि उसे नीति और नीयत दोनों का हिस्सा बनाया। यह बजट इसी स्पष्ट नीयत का प्रमाण है, जहां हर योजना, हर निवेश और हर सुधार के केंद्र में महिला की गरिमा, सुरक्षा, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता को रखा गया है। इस बजट में महिला सशक्तिकरण के लिए जो रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। वह सामाजिक न्याय से आगे बढ़कर आर्थिक भागीदारी, तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक प्रतिस्पर्धा तक महिलाओं की भूमिका को विस्तार देता है। हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट मंत्री सारंग ने कहा कि विकसित भारत की संकल्पना और हर वर्ग के सपनों को साकार करने वाला बजट है। यह बजट न केवल अर्थव्यवस्था को गति देने पर केंद्रित है बल्कि गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग के सशक्तिकरण के लिए भी केंद्रित है। केंद्र सरकार द्वारा इस लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए एक प्रगतिशील, दूरगामी और प्रभावकारी बजट प्रस्तुत किया गया है। मंत्री सारंग ने युवाओं से आह्वान किया कि इस बजट को एक सशक्त भारत, समृद्ध भारत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के एक अवसर के रूप में स्वीकार करें। उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर इस बजट की भावना को जन-जन तक पहुंचाएं और राष्ट्र निर्माण के इस महायज्ञ में अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाएं।  

न्‍यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैंटरबरी के डेलीगेट़स से किया वन-टू-वन संवाद

भोपाल. गोवा में आयोजित क्यूएस इंडिया समिट-2026 में मध्यप्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपनी वैश्विक महत्वाकांक्षाओं को मजबूती से रखा। अपर मुख्य सचिव (एसीएस), उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने इस समिट न्यूजीलैंड की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी के डेलीगेट्स से वन-टू-वन संवाद कर शोध, नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय अकादमिक सहयोग पर सार्थक चर्चा की। एसीएस राजन ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में मध्यप्रदेश को उच्च शिक्षा का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी, संयुक्त अनुसंधान और शैक्षणिक आदान-प्रदान बेहद आवश्यक हैं। समिट में सस्टेनेबिलिटी, रिसर्च-ओरिएंटेड लर्निंग और नवोन्मेषी शिक्षण पद्धतियों पर विशेष जोर दिया गया। वर्ष 1873 में स्थापित यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटरबरी न्यूजीलैंड की अग्रणी रिसर्च यूनिवर्सिटी है। यह विश्व की शीर्ष 300 यूनिवर्सिटियों में शामिल है। कला, वाणिज्य, कानून, इंजीनियरिंग और विज्ञान जैसे विषयों में इसकी वैश्विक पहचान है। तीन दिवसीय क्यूएस इंडिया समिट-2026 में एसीएस राजन की सक्रिय सहभागिता से मध्यप्रदेश ने फॉरेन यूनिवर्सिटीस के साथ सहयोग, संयुक्त अनुसंधान और क्षमता निर्माण को लेकर अपनी ठोस रणनीति प्रस्तुत की। यह पहल प्रदेश को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में ग्लोबल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। समिट में आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, विशेष कर्तव्‍यस्‍थ अधिकारी डॉ. सुनील सिंह, राकेशवास्तव, मनोज अग्निहोत्री सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। 

स्टेट टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय वल्लभ भवन में राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति और कार्ययोजना की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में निर्देश दिए कि सभी विभाग अंतर्विभागीय समन्वय और जागरूकता से फायलेरिया को जड़ से ख़त्म करने हेतु अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल कर आमजन को दवाओं के सेवन के प्रति जागरूक करने में सहयोग लें। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न विभाग मैदानी अमलों से 10 फ़रवरी से प्रारंभ हो रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) जमीनी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण सुनिश्चित करें साथ ही अभियान में आम जन की सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य, जनसंपर्क, वन, नगरीय निकाय, महिला एवं बाल विकास और आवास सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। नागरिक वितरित दवाओं का अवश्य करें सेवन उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्टेट टास्क फ़ोर्स की बैठक में वर्तमान में प्रदेश में लिम्फेटिक फायलेरियासिस बीमारी की स्थिति, मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एम.डी.ए) चक्र-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक्शन प्लान और फायलेरिया उन्मूलन गतिविधियों के संचालन हेतु अन्य विभागों से अपेक्षायें एवं सहयोग के विषयों की वृहद् समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर से प्रयास करें। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि एमडीए अभियान में वितरित दवाओं का अवश्य सेवन करें। फायलेरिया के उन्मूलन में सहयोग करें। मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि एमडीए 2026 में मध्यप्रदेश के 8 जिलों छतरपुर, पन्ना, उमरिया, मउगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल और भिंड के 12 ब्लॉक में एम.डी.ए अभियान का संचालन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि एमडीए 2025 में मध्य प्रदेश के 9 जिलों के 23 ब्लॉक में एमडीए का क्रियान्वयन किया गया था। एमडीए 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की योजना प्रदेश में 10 फरवरी से 8 जिलों के 12 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर भ्रमण के दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन समस्त पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए के सघन और सफल क्रियान्वयन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 दिन का माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 4 दिन बूथ स्तर पर, 7 दिन घर-घर अभियान और 4 दिन में शेष रह गई जनता के लिए मॉप-अप गतिविधि की जायेंगी। शत-प्रतिशत दवा सेवन के लिए उच्च/वर्तमान संचरण क्षेत्रों में आमजन को जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। विभिन्न विभागों से ज़मीनी सहयोग प्राप्त करने के लिए विभागवार अपेक्षाओं को कार्ययोजना में शामिल किया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त धनराजु एस, मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। फायलेरिया लक्षण और बचाव फायलेरिया संक्रमित मच्छर (क्यूलेक्स) के द्वारा फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी एक धागे के समान कृमि वुचरेरिया बेनक्रफ्टाई से होती है। प्रदेश में फायलेरिया बीमारी संक्रमण हेतु क्यूलेक्स क्वींक्वीफेसियेटस प्रमुख वाहक मच्छर है। यह मच्छर सामान्यतः गंदे एवं रूके हुए पानी में प्रजनन करता है। फायलेरिया बीमारी के प्रमुख लक्षण प्रारंभिक अवस्था में लगातार बुखार, प्रभावित अंगों (पैरों/हाथ/अण्डकोष/स्तन) में दर्द एवं सूजन है, जो कि धीरे-धीरे हाथी पांव के समान हो जाती है। संक्रमण के 8 से 10 वर्षों के बाद भी उपरोक्त लक्षण प्रकट हो सकते है। राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन हेतु मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए), मोर्बिडिटी मैनेजमेंट ऐंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) गतिविधियाँ की जा रही हैं। एमडीए में प्रत्येक वर्ष में 1 बार 2 साल से अधिक उम्र (2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर) के जनसमुदाय को निर्धारित मात्रा में डी.ई.सी (डाय इथाईल कार्बामैज़ीन) एवं एल्बेण्डाजोल दवा का सेवन कराया जाता है। खाली पेट दवा का सेवन नहीं कराया जाना है। नवीन नीति अनुसार चिन्हित जिलों में इन दो दवाओं के साथ आईवरमेक्टिन दवा का भी उपयोग किया जा रहा है जिसे आईडीए का नाम दिया गया है।  

मंत्री परमार ने, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय भोपाल द्वारा प्रकाशित शोध जर्नल का किया विमोचन

भोपाल. उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने, भोपाल स्थित निवास कार्यालय में मंगलवार को शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय भोपाल द्वारा संकलित शोध पत्रों पर प्रकाशित शोध जर्नल (RJMLB) का विमोचन किया। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने महाविद्यालय द्वारा प्रकाशित शोध पत्रों एवं उनकी गुणवत्ता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य महाविद्यालयों द्वारा भी इस प्रकार के शोध प्रकाशन किए जाना चाहिये। मंत्री परमार ने छात्र-छात्राओं को भी शोध पत्र लेखन के लिये प्रोत्साहित किये जाने को कहा। परमार ने भारतीय ज्ञान परम्परा से संबंधित आलेख का भी समुचित समावेश किये जाने पर जोर दिया ताकि नयी पीढी भारतीय समृद्ध पुरातन ज्ञान एवं संस्कृति से परिचित हो सकें। ज्ञातव्य है कि शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर (स्वशासी) महाविद्यालय भोपाल द्वारा पर्यावरण से संबंधित राष्ट्रीय स्तर का वेबीनार का आयोजन किया गया था, जिसमें लगभग 250 से अधिक प्रतिभागी सम्मिलित हुये थे। प्रतिभागियों की ओर से दिये गये शोध पत्रों की समीक्षा उपरांत चयनित शोध पत्र एवं महाविद्यालय द्वारा आमंत्रित अन्य शोध पत्रों का संकलन कर, महाविद्यालय द्वारा शोध जर्नल (RJMLB) प्रकाशित किया गया है। इस अवसर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. प्रवीण तामोट, विभागाध्यक्ष प्राणीशास्त्र डॉ. मीनल फडनीस एवं डॉ. संजय सिंह उपस्थित थे।  

राज्य सरकार सरसों को भावांतर योजना में शामिल करने पर कर रही है विचार

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में जहां-जहां भी ओला-पाला से फसलें प्रभावित हुई हैं, उन जिलों के कलेक्टर्स, सर्वे कराकर तत्काल सहायता राशि किसानों को उपलब्ध कराएं। किसानों के सभी प्रकार के हित सुनिश्चित करने और उनकी आय दोगुना करने के उद्देश्य से ही वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। कृषक कल्याण कृषि वर्ष में मालवा, निमाड़, चंबल और विंध्य अंचलों में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। कृषि के साथ उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां अपनाने के लिए कृषकों को प्रेरित किया जा रहा है। हाल ही में प्रदेश में पहली बार राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव आयोजित किया गया। पुष्प उत्पादन और देश-विदेश में फूलों की बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था को प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश में नरवाई प्रबंधन और पराली जलाने पर नियंत्रण के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। भावांतर योजना में सरसों और अन्य तिलहन फसलों को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। मूंग के स्थान पर उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए नीति बनाई जा रही है। इसके लिए किसानों को प्रेरित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कैबिनेट की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने प्रदेश में राज्य स्तरीय एमपी यूथ गेम्स-2026 के भव्य आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रतिष्ठित आयोजनों में देशज खेलों को भी शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रीवा मेडिकल कॉलेज में 750 बेड की क्षमता वृद्धि की गई है। प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेज की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीपशुपतिनाथ लोक में विकसित की गई सुविधाओं और प्रतिमा के क्षरण को रोकने के लिए किए गए उपाय को अनुकरणीय बताया। उन्होंने बताया कि मंदसौर के मल्हारगढ़ में आयोजित “अन्नदाता सम्मान समारोह” में भावांतर योजना में सोयाबीन उत्पादक एक लाख 17 हजार किसानों के खातें में 200 करोड़ रुपए की भावांतर राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रस्तुत केंद्रीय बजट विकसित भारत के संकल्पों की सिद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। राजनैतिक विषयों के स्थान पर वित्त आयोग के सुझावों को महत्व देना बजट की विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने मंत्रि-परिषद सदस्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में केंद्रीय बजट की विशेषताओं से जनसामान्य को अवगत कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कच्छ में आयोजित ‘रण उत्सव’ में टेंट सिटी के माध्यम से की गई ईको-सेंसेटिव आवास व्यवस्था और रोजगार के अवसर सृजित करने के नवाचार सराहनीय हैं। उन्होंने गिर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी और रेस्क्यू सेंटर में सिंहों को देखने के लिए किए गए प्रयोगों से प्रेरणा लेते हुए उन्हें प्रदेश में लागू करने की दिशा में गतिविधियां संचालित करने की आवश्यकता बताई। 

राजस्व मंत्री वर्मा का ऐलान: प्रदेश के प्रभावित किसानों को नुकसान का पूरा भुगतान

प्रदेश के ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को मिलेगा पूरा मुआवजा – राजस्व मंत्री  वर्मा राजस्व मंत्री ने देवास के ओलावृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण भोपाल  राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ है। सरकार अत्यंत संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों, मकानों एवं मवेशियों की क्षतिपूर्ति के लिए सर्वे कार्य निरंतर किया जा रहा है। सर्वे पूर्ण होने के बाद सभी पात्र ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को उनकी क्षति का पूरा मुआवजा प्रदान किया जाएगा। राजस्व मंत्री  वर्मा ने देवास जिले में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का निरीक्षण कर किसानों से चर्चा के दौरान यह बात कही। राजस्व मंत्री  वर्मा ने देवास जिले के ओलावृष्टि प्रभावित ग्राम रमलखेड़ी, खजुरिया बीना एवं करनावद का निरीक्षण कर किसानों से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण उनकी फसलों को नुकसान हुआ है। मंत्री  वर्मा ने निर्देश दिए कि सर्वे कार्य में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि कोई भी किसान छूटने ना पाए। प्रत्येक प्रभावित किसान को राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। निरीक्षण के दौरान हाटपीपल्या विधायक  मनोज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष मती लीला अटारिया, अपर कलेक्टर  संजीव जैन, बागली एसडीएम  शिवम यादव सहित जनप्रतिनिधि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।  

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश: मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता दें

चिकित्सकीय अधोसंरचनात्मक विकास में स्टेट ऑफ़ द आर्ट सुविधाओं को करें शामिल: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्यों की समीक्षा की भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल एवं सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रीवा के सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रस्तावित निर्माण कार्यों, उपलब्ध अधोसंरचना और भविष्य की आवश्यकताओं पर गहन चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि अस्पतालों के विस्तार एवं उन्नयन कार्यों में चिकित्सकीय सुविधाओं का गुणवत्तापूर्ण, सुगम एवं समयबद्ध प्रदाय सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों की सुविधा, सुरक्षा और सहज आवागमन का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, जिससे अस्पतालों में बेहतर उपचार के साdथ मानवीय संवेदनशीलता भी परिलक्षित हो। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने अधोसंरचना विकास के दौरान स्टेट ऑफ़ द आर्ट सुविधाओं को शामिल करने पर बल देते हुए कहा कि भवन निर्माण, वार्ड व्यवस्था, ओपीडी, डायग्नोस्टिक सुविधाओं और अन्य सहायक सेवाओं में आधुनिक मानकों का पालन किया जाए। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए आवश्यक प्रावधानों को योजना में सम्मिलित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा और तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि रीवा संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को उन्नत एवं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजु एस, विभागीय अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

सरदार सरोवर प्रभावितों के लिए राहत: आवासीय भूखंडों का पंजीकरण अब बिना शुल्क

सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय 6 विभागों की 10 योजनाओं की निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति मैहर एवं कटनी जिले की 620 करोड़ रूपये से अधिक की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किये गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय लिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जायेगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 600 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आयेगा। मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिलें में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 कृषक लाभान्वित होंगे। कटनी जिलें की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी। 10 योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रूपये, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। अन्य निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग कर कर्मचारियों का संविलयन महिला बाल विकास विभाग में करने की स्वीकृति प्रदान की गई।  

आयुष्मान भारत योजना पर बड़ा बयान, इन्सेंटिव वितरण को पारदर्शी बनाने के निर्देश

आयुष्मान भारत योजना की इन्सेंटिव वितरण प्रणाली को बनायें पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एवं मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों एवं सहायक चिकित्सकीय स्टॉफ को आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत प्रदाय की जाने वाली इन्सेंटिव व्यवस्था की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए कि इंसेंटिव वितरण प्रणाली को पूर्णतः पारदर्शी, सरल एवं समयबद्ध बनाया जाए, ताकि पात्र चिकित्सकों एवं स्टॉफ को समय पर प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो सके। उन्होंने डेटा एंट्री प्रक्रिया को सरलीकृत एवं सुगम बनाने तथा समयबद्ध डेटा एंट्री सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मैन पॉवर की व्यवस्था किए जाने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपलब्ध कुशल एवं दक्ष मैनपावर को प्रोत्साहन देना अत्यंत आवश्यक है, जिससे उनका मनोबल बना रहे और वे पूर्ण ऊर्जा, प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रदाय कर सकें। इससे आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सकेगा। बैठक में आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजु एस एवं आयुष्मान भारत योजना के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. योगेश भरसट उपस्थित रहे।  

नागलवाड़ी में राज्यपाल दौरे की तैयारियों की समीक्षा, कलेक्टर जयति सिंह ने किया स्थल निरीक्षण

बड़वानी. महामहिम राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती जयति सिंह ने राजपुर के नागलवाड़ी स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मंच, बैठक व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, पेयजल, बिजली, साफ-सफाई एवं पार्किंग व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं ताकि राज्यपाल के आगमन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। कलेक्टर जयति सिंह ने कहा कि कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। सुरक्षा व्यवस्था विशेष रूप से मजबूत रखने तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं संबंधित विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

CM मोहन यादव की प्रतिक्रिया: Union Budget भविष्यदर्शी, रेलवे में बड़े सुधार की तैयारी

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार के यूनियन बजट को लेकर कहा है कि यह बजट केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि देश और राज्यों को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती देने वाला है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्रों के रिन्यूएशन को इस बजट में आधार बनाया गया है ताकि चालू उद्योगों को संरक्षण दिया जा सके। समय और नई तकनीक के साथ आगे बढ़ाया जा सके। यह बात सीएम मोहन यादव ने भोपाल के कुशाभाऊ सेंटर में आयोजित लाइव चर्चा में कही। बता दें कि वे यहां केंद्रीय बजट पर विस्तार से चर्चा कर रहे थे। अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि, लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर सीएम ने कहा कि बजट में अधोसंरचना सुधार, औद्योगिक भूमि और लघु सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। वित्तीय स्थिरता और सरकारी सहयोग के माध्यम से आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए सेवा क्षेत्र को प्रमुखता दी गई है, जिससे भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकेगा। महिला सशक्तिकरण पर रहा फोकस महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। नारी सशक्तिकरण के लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक जिले में हॉस्टल निर्माण, बहनों को सीधा लाभ और ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रखेंगी। टियर-2 और 3 शहरों के विकास को मिलेगी रफ्तार सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो सिटी प्लान मध्यप्रदेश में पहले से चल रहे हैं और प्रधानमंत्री के सहयोग से इन्हें पूरा विस्तार दिया जा रहा है, जिससे केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर तालमेल स्पष्ट होता है। टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए दी गई राशि से संतुलित विकास होगा और मध्यप्रदेशआर्थिक रूप से समृद्ध बनेगा। कृषि को नहीं किया नजरअंदाज सीएम ने कहा कि ग्रीन एनर्जी के दौर में कृषि को नजरअंदाज नहीं किया गया है। कार्बन कैप्चर, हरित पहल और पर्यावरणीय संतुलन के साथ यह बजट भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। सीएम ने कहा कि राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने का यह नया मॉडल देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। बजट से रेलवे में क्रांति मुख्यमंत्री ने रेलवे क्षेत्र को मिले बजट को लेकर कहा की रेलवे में क्रांति आई है। मध्यप्रदेश और देश में रेल पटरी बिछाने की गति आठ गुना तक बढ़ी है। भुसावल-खंडवा रेल खंड से जुड़ी तीन परियोजनाओं को 18,500 करोड़ रुपए की मंजूरी रेलवे कनेक्टिविटी बढ़ना किसानों और राज्य के विकास के लिए बड़ी उपलब्धि है। राहुल को खुद नहीं पता कि वो क्या कहते हैं- सीएम मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद उस पर सवाल उठाना समझ से परे है। राहुल गांधी को लेकर पूछे गए एक प्रश्न को लेकर उन्होंने कहा कि यह बजट भारत के मजबूत नेतृत्व और आत्मविश्वास को दर्शाता है। लेकिन फिर भी राहुल गांधी कुछ भी बोल देते हैं। सीएम ने कहा कि राहुल को खुद नहीं पता कि वे क्या कहते हैं। 

उप मुख्यमंत्री शुक्ल का बयान: पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत

प्रधानमंत्री  मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुआ भारत : उप मुख्यमंत्री शुक्ल भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका का व्यापार समझौता भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब भोपाल  उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर आत्मविश्वासी और प्रभावशाली शक्ति बना है। आर्थिक सुधारों, वैश्विक सहयोग और सतत विकास के प्रति प्रधानमंत्री  मोदी की प्रतिबद्धता ने भारत को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संपन्न हुआ व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच गहरे, भरोसेमंद और दूरदर्शी साझेदारी संबंधों का सशक्त प्रतिबिंब है। यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को नई गति प्रदान करेगा तथा निवेश, नवाचार और औद्योगिक सहयोग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहभागिता को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। यह व्यापार समझौता भारत की विकास यात्रा को और तेज करेगा, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करेगा तथा दीर्घकालिक आर्थिक समृद्धि में सार्थक योगदान देगा। यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और भारत के समग्र विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को देगी नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ . मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक स्थिति लगातार मजबूत हो रही है। भारत-अमेरिका के बीच हुई नई ट्रेड डील अभिनन्दनीय है। यह ट्रेड डील, मेक इन इंडिया को नई गति देगी। इससे देश को प्रगति के नए अवसर प्राप्त होंगे। यह डील भारत के सशक्त नेतृत्व और विकास में साझा विश्वास को दर्शाता है। 

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद

आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: भारी मात्रा में विदेशी मदिरा बरामद भोपाल  कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह के निर्देशन पर,सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ के मार्गदर्शन और नियंत्रण कक्ष प्रभारी रामगोपाल भदौरिया के नेतृत्व में भोपाल जिले की आबकारी विभाग की टीम ने की  रात्रि में मुखबिर की सूचना के आधार पर  विदिशा रोड पर  एक एरटिगा वाहन सहित 06 पेटी में 72 बॉटल कुल 54बल्क लीटर अवैध विदेशी मदिरा परिवहन का  प्रकरण दर्ज़ कियाl

केन्द्रीय बजट: डॉ. मोहन यादव का मानना, नई आर्थिक संभावनाओं का मार्गदर्शन करेगा

आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा केन्द्रीय बजट •    डॉ. मोहन यादव  भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में हम विकसित भारत का मिशन लेकर आगे बढ़ रहे हैं। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 मध्यप्रदेश के लिए आर्थिक विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा, उद्योगों को सरल प्रक्रियाएँ, निवेशकों को भरोसेमंद वातावरण, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण, एमएसएमई सेक्टर को संस्थागत समर्थन और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ प्राप्त होंगी। आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की जो नींव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रखी गई है उसे वर्ष 2026-27 के बजट ने और ज्यादा मजबूत किया है। भारत की अर्थव्यवस्था अब तेजी से नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तत्पर है। युवा शक्ति, नारी शक्ति, किसान शक्ति और उदयमिता के सहयोग से भारत ने आगे बढ़ने जो संकल्प लिया है वह कई अर्थों में अदभुत है। आज जब भारत औदयोगिक निवेश और निर्माण क्षेत्र का हब बनने जा रहा है, उसमें मध्यप्रदेश भी अपनी पूरी शक्ति के साथ योगदान देने के लिए तैयार है। हमने औदयोगिक निवेश के लिये अनूकूल वातावरण तैयार किया, जिससे निरंतर निवेश आ रहा है। नये बजट से पूरे इको-सिस्टम को नई ऊर्जा मिली है। बजट में हरित अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया गया है। इससे मध्यप्रदेश को दीर्घकालिक लाभ होने वाला है। कृषक कल्याण और कृषि विकास को मिशन के रूप में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया गया है। इसी प्रकार सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, मैन्युफैक्चरिंग और एआई आधारित तकनीक के विकास पर बजट में ध्यान केन्द्रित किया गया है। इन तीनों क्षेत्रों में मध्यप्रदेश को हाई टेक उद्योग, डिजिटल निवेश और नवाचार आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा। इन क्षेत्रों के लिये नीतियां बनाने का काम पूरा कर लिया है। निवेश आकर्षित करने के प्रयास निरंतर जारी हैं।  केन्द्रीय बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। यह सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट है। जिस प्रकार मध्यप्रदेश में तेजी से शिक्षा का आधुनिकीकरण हो रहा है, नया बजट युवाओं के कौशल विकास और रोज़गार के लिए व्यापक अवसर लेकर आया है। शिक्षा से रोजगार एवं उदयम स्थायी समिति का गठन और 15 हजार माध्यमिक विदयालयों एवं 500 महाविदयालयों में एपीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आईआईएम के सहयोग से 10 हजार गाइड्स के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेलों के परिदृश्य में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। महिलाओं के लिये एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10 हजार करोड़ रूपये का आवंटन लाभदायी होगा। युवा भारत के लिये सेवा क्षेत्र का विस्तार संभावनाओं के नये द्वार खोलेगा और रोज़गार और उदयम के अवसर बढ़ेंगे।  महिला उदयमिता को बढ़ावा देने के लिए लखपति दीदी योजना में महिला उदयमियों को क्रेडिट लिंक आजीविका से उद्म स्वामित्व से जोड़ने में मदद मिलेगी। मध्यप्रदेश ने पहले ही इस दिशा में ठोस प्रयास किये हैं।      सिटी ईकॉनामिक रीजन बनाने की नीति मध्यप्रदेश के शहरी विकास के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी। शहरों को संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने में यह सहायक सिद्ध होगी। शहरी क्षेत्रों में नियोजित आर्थिक विकास, औद्योगिक व्यावसायिक क्लस्टरिंग और आधुनिक अधोसंरचना का निर्माण होगा। इससे मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर संगठित आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगे और निवेश अनुकूल शहरी अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। यह निवेश मॉडल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा और कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स तथा व्यापारिक सुगमता को व्यापक रूप से मजबूत बनायेगा।  बजट में सामाजिक समावेश पर पूरा ध्यान दिया गया है। आर्थिक विकास की ये पहल मध्यप्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। समावेशी विकास के साथ मानव-पूंजी निर्माण को भी मजबूती मिलेगी। शी-मार्ट्स, दिव्यांगजन कौशल योजना, सभी जिलों में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा कौशल आधारित पहल से सामाजिक सशक्तिकरण के साथ आर्थिक विकास को समावेशी स्वरूप मिलेगा। इससे मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण मानव पूंजी का सृजन होगा। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को विकास के केन्द्र में रखते हुए यह बजट प्रशासनिक सरलीकरण, निवेश-अनुकूल नीतियों, संरचनात्मक सुधारों और वित्तीय स्थिरता के माध्यम से मध्यप्रदेश को तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की ठोस आधारशिला रखता है। मध्यप्रदेश के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 केवल एक नीति-दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास का एक ऐतिहासिक अवसर है, जो मध्यप्रदेश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में अत्यंत सहायक एवं परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी।   (लेखक मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन हैं)  

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet