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28 को बोत्सवाना से भारत आ रहे चीते, एमपी में बढ़ेगा चीता कुनबा

भोपाल  40 महीने पहले देश में चीतों को बसाने का शुरू हुआ सिलसिला अब और बढऩे जा रहा है। 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीतों के साथ शुरू हुए प्रोजेक्ट में अब 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 और चीते लाए जाएंगे। उन्हें कूनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा। इससे पहले 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में 28 फरवरी को 8 चीतों को लाने की बात कही। गांधी सागर है चीतों का दूसरा घर 40 माह पहले देश में चीतों का इकलौता घर एमपी का कूनो था। 20 अप्रेल 2025 को मंदसौर जिले के गांधीसागर में चीतों का दूसरा घर बनाया गया। यहां कूनो से शिफ्ट तीन चीते हैं, इनमें नर प्रभास, पावक तो मादा धीरा है।  असम का जंगली भैंसा भी आएगा मध्यप्रदेश सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि असम से जंगली भैंसा को मध्यप्रदेश लाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है. नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच तंत्रगत प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जैव विविधता को सुरक्षित करते हुए वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा दी जा रही है. बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी महीने 28 फरवरी के आसपास बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। चीतों के पुनर्स्थापन के लिए केंद्रीय मंत्री यादव से आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत रूप से बात की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में यह जानकारी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चीता प्रोजेक्ट , असम से गैंडे और जंगली भैंसे सहित अन्य वन्य प्राणियों को लाने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहे हैं। बोत्सवाना से 8 चीते लाने की प्रक्रिया पूरी कराने सहित प्रोजेक्ट की मंजूरी सहित अन्य कार्यों को लेकर वे दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से विभिन्न विषयों पर विस्तार से बातचीत की गई है। सीएम यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में ने बताया कि कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। कूनो में 27 चीते, इनमें से 19 यहीं जन्मे – 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते लाए गए। – 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए।  अभी कूनो में 27 चीते हैं। – इनमें से विदेशों में जन्मे 8 चीते हैं। – भारत में जन्मे चीतों की संख्या 19 है। यह कूनो में ही हैं।

हाईकोर्ट का अहम फैसला, धारा 500 की कार्रवाई रद्द, कानूनी अधिकार से की गई शिकायत मानहानि नहीं

जबलपुर  हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि कानूनी अधिकार के तहत आपराधिक शिकायत सक्षम प्राधिकरण के समक्ष करना मानहानि की श्रेणी में नहीं आता है। हाईकोर्ट जस्टिस बी पी शर्मा ने अपने आदेश में कहा है कि यह धारा 498 अपवाद 8 के सुरक्षा कवच के अंदर आता है। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ तलाश पूर्व पत्नी की शिकायत पर भोपाल न्यायालय द्वारा मानहानि तहत धारा 500 के तहत प्रारंभ की गयी आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने के आदेश जारी किये हैं।  भोपाल निवासी सैयद राशिद अली की तरफ से तलाकशुदा पत्नी की तरफ से दायर आवेदन पर भोपाल न्यायालय द्वारा मानहानि के तहत प्रारंभ किये गये आपराधिक प्रकरण को निरस्त किये जाने की राहत चाही गयी थी। याचिका में कहा गया था कि शादी के बाद झगड़ा होने पर पत्नी ने उसके खिलाफ धारा 498 ए के तहत प्रकरण दर्ज करवाया था। न्यायालय ने उसे एक साल की सजा से दंडित किया था परंतु अपीलीय न्यायालय ने उसे दोषमुक्त कर दिया था। दोषमुक्ति के खिलाफ अनावेदिका ने हाईकोर्ट के अपील की है, जो लंबित है। शिकायतकर्ता अनावेदिका का कहना है कि धारा 498 ए के तहत प्रकरण दर्ज करवाने के बाद आवेदक ने मुस्लिम कानून के तहत लिखित तलाक-ए-बैन दिया। इसके बाद आवेदन ने शिकायतकर्ता तलाकशुदा पत्नी तथा उसके रिश्तेदारों के खिलाफ धारा खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 477, 494 और 149 के तहत अपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 14 अक्टूबर 2023 को उसकी तलाकशुदा पत्नी और अन्य को दोषमुक्त कर दिया था। तलाकशुदा पत्नी ने उसके खिलाफ धारा 499 और 500 के तहत यह शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसके तथा रिश्तेदारों के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत आरोपों लगाते हुए अपराधिक कार्रवाई प्रारंभ की थी, जिसके उसके मानसिक तकलीफ हो। इसके अलावा समाज में उसकी बदनामी करना और लंबित अपराधिक प्रकरण वापस लेने के दबाव बनाना है। तलाकशुदा पत्नी तथा उसके पिता के बयान के आधार पर भोपाल जिला न्यायालय के जेएफएमसी ने उसके खिलाफ धारा 500 के तहत अपराधिक कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश जारी किये हैं, जिसमें सजा का प्रावधान है। याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि उसने आपराधिक शिकायत कानूनी अधिकार रखने वाली प्राधिकरण के समक्ष की थी। धारा 499 के सेक्शन 8 के तहत कानूनी अधिकार रखने वाले किसी व्यक्ति के द्वारा अच्छी नीयत से आपराधिक शिकायत में आरोप लगाना मानहानि नहीं है। एकलपीठ ने मामला धारा 499 के सेक्शन 8 के तहत आता है, इसलिए याचिकाकर्ता के खिलाफ मानहानि का कोई अपराध नहीं बनता है। याचिकाकर्ता के खिलाफ धारा 500 के तहत भोपाल की अदालत में चल रही आपराधिक कार्रवाई को रद्द किया जाता है।  

जतिन ने इंदौर सांसद से मांगी माफी, दौड़ते हुए विधायक जी के किस्से थे चर्चा में

 इंदौर दौड़ते हुए ‘विधायक जी संग युवा नेता के किस्से’ सुनाने वाले जतिन शुक्ला के खिलाफ इंदौर में केस दर्ज होने के बाद उनका माफी मांगने का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर ने वीडियो में कहा- “मेरे शब्दों से माननीय सांसद जी की भावना आहत हुई, इसके लिए मैं सांसद जी और आप सब से माफी मांगता हूं।” दरअसल सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। मैंने भूलवश माननीय सांसद जी… नए वीडियो में उन्होंने सफाई देते हुए माफी मांगी है। वीडियो में कहा- “कुछ दिन पहले मैंने इंदौर की घटना पर वीडियो बनाया था। इसमें जानकारी के अभाव में मैंने भूलवश माननीय सांसद इंदौर जी के प्रति कुछ अपशब्दों का प्रयोग कर दिया था। मेरा मकसद माननीय सांसद जी की छवि धूमिल करने या उनका अपमान करने का नहीं था। मेरे शब्दों से माननीय सांसद जी की भावना आहत हुई, इसके लिए मैं सांसद जी और आप सब से माफी मांगता हूं।” इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ था केस एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक- सांसद के प्रतिनिधि ने क्राइम ब्रांच थाने में जतिन ऑफिशियल नामक इंस्टाग्राम से एक गलत और झूठा वीडियो वायरल करने की बात कही गई थी। वीडियो में अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने जतिन शुक्ला के खिलाफ बीएनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज कर लिया गया था। इसी मामले में अब जतिन ने नई वीडियो शेयर करते हुए माफी मांगी है। इंदौर में पानी से मौत पर की थी टिपप्णी शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा था- जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं हैं, जो पूरी तरह असत्य हैं। शिकायतकर्ता ने आगे कहा- सांसद कभी जतिन से नहीं मिले हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों पर भी सांसद पर कटाक्ष करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे थे।

भोपाल से विदिशा, रायसेन और सीहोर तक मेट्रो, राजधानी के सैटेलाइट शहरों को मिलेगा फायदा

भोपाल  मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत अब भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन यानी बीएमआर में भी रूट तय होगा। भोपाल से सीहोर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़ की ओर मेट्रो की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। बीएमआर के लिए बन रही डीपीआर में इसके प्रावधान किए जा रहे हैं। भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन की योजना में मेट्रो को शामिल करने शासन ने बीडीए को निर्देशित किया है। रोड नेटवर्क के साथ मेट्रो नेटवर्क से पास के शहरों में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप को भोपाल से सीधे जोड़ा जाएगा। भोपाल शहर में 6 लाइनें तय अभी मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट में भोपाल शहर में ही छह लाइनें तय की हुई है। 103 किमी लंबी लाइन में से फिलहाल 6.22 किमी की लाइन पर मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू किया जा चुका है। पहले चरण की दो लाइनों के 32 किमी में मेट्रो को आमजन यात्रियों के साथ चलाने 2028 से 2030 तक की समय सीमा तय की है। मेट्रो रेल कारपोरेशन धीरेधीरे मेट्रो को चरणबद्ध तरीके से तैयार करने की योजना बना रहा है। अब वहभोपाल के भीतर के साथ मेट्रोपॉलिटन रीजन वाले क्षेत्रों तक भी रूट तय करेगा। उपनगरीय परिवहन में बदलेगी मेट्रो बीएमआर की डीपीआर तैयार करने वाले अफसरों के अनुसार भोपाल के लिए लोकल ट्रांसपोर्ट का हिस्सा बनने जा रही मेट्रो बीएमआर में उपनगरीय रेल की भूमिका में रहेगी। इससे मौजूदा व बीएमआर में प्रस्तावित उपनगरों को जोड़ा जाएगा। बीएमआर में भोपाल की बसाहट को सैटेलाइट टाउनशिप से पास के शहरों में शिफ्ट किया जाएगा। यहां आबादी का दबाव बढऩे से रोकने के लिए नई टाउनशिप विकसित होगी। इन्हीं को आवाजाही में मदद के लिए मेट्रो उपनगरीय सेवा विकसित होगी। सवाल: छह किमी में दस साल, बीएमआर कब बनेगी? बीएमआर में मेट्रो की प्लानिंग तो ठीक है, लेकिन मौजूदा 103 किमी के प्रस्तावित नेटवर्क में से महज सात फीसदी ही बन पाया है। शहरी नेटवर्क का 93 फीसदी बनना बाकी है। सात फीसदी निर्माण में यूरोपियन बैंक से लोन लिया हुआ है। बचे हुए हिस्से को बनाने और बीएमआर से जुड़े शहरों तक मेट्रो पहुंचाने कई गुना ज्यादा बजट और समय लगेगा। मेट्रो, रोड सबका विकल्प है बीएमआर के लिए शासन की मंशा के अनुसार योजना तय की जा रही है। संबंधित क्षेत्रों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट सभी माध्यमों से जोड़ा जाएगा। मेट्रो, रोड सबका विकल्प है। -संजीव सिंह, अध्यक्ष बीडीए- संभागायुक्त

चंबल में रेत माफियाओं पर भारी प्रहार, 2 दिनों में मुरैना में 4 करोड़ से ज्यादा की अवैध रेत की गई नष्ट

मुरैना  चंबल की रेत पर वर्षों से चल रहा माफिया का खेल अब प्रशासन के सीधे निशाने पर आ गया है. जिले के कलेक्टर ने रेत माफिया की कमर तोड़ने के लिए अधिकारियों को पूरी तरह फ्री हैंड दे दिया है. टास्क फोर्स की बैठक के बाद वन विभाग, पुलिस, राजस्व, परिवहन और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की. चंबल में करोड़ों की रेत नष्ट की गई महज दो दिनों में 4 करोड़ रुपये से अधिक की चंबल में रेत नष्ट की जा चुकी है. बुधवार की सुबह से शाम तक 20 जेसीबी और 5 लोडरों की मदद से चंबल राजघाट स्थित पिपरई और भानपुर क्षेत्र में रेत को नष्ट किया गया. इस सख्त कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है, वहीं हाईवे पर लगने वाली रेत मंडी भी दो दिनों से बंद पड़ी है. प्रशासन का यह अभियान अगले 15 दिनों तक लगातार जारी रहेगा. बीते रोज जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने टास्क फोर्स की बैठक में स्पष्ट निर्देश देते हुए अधिकारियों को रेत माफियाओं पर सख्ती से कार्रवाई करने के लिए फ्री हैंड दे दिया था. इसके बाद प्रशासनिक मशीनरी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर आई. कलेक्टर के निर्देश पर वन मंडलाधिकारी हरिश्चंद्र बघेल के नेतृत्व में वन विभाग, पुलिस, परिवहन, राजस्व और माइनिंग विभाग की संयुक्त टीम ने चंबल राजघाट पुल क्षेत्र के पिपरई और भानपुर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की. चंबल नदी किनारे डंप कर रखी गई हजारों ट्राली रेत नष्ट मंगलवार और बुधवार को लगातार चली इस कार्रवाई में करीब 20 जेसीबी मशीनों और 5 लोडरों की मदद से 16,500 से अधिक ट्रॉली अवैध रेत को नष्ट किया गया. अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में चंबल नदी किनारे डंप कर रखी गई लगभग 1000 से अधिक ट्रॉली से अधिक रेत को नष्ट किया गया, जबकि बुधवार सुबह से शाम तक दोबारा अभियान चलाकर करीब 15,000 ट्रॉली अवैध रेत को मिट्टी में मिला दिया गया. यह रेत, माफियाओं द्वारा अवैध रूप से खनन कर नदी किनारे जमा की गई थी.  कार्रवाई के दौरान 150 पुलिस के जवान और 50 वन रक्षक तैनात दो दिनों में नष्ट की गई रेत का बाजार मूल्य करीब 4 करोड़ 10 लाख रुपये आंका गया है. प्रशासन इसे चंबल क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई बता रहा है. कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. मौके पर करीब 150 पुलिस जवान और 50 वन रक्षक तैनात रहे, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति न बन सके. इस बड़ी कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है. हाईवे पर लगने वाली रेत मंडियां भी बीते दो दिनों से बंद पड़ी हैं. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी. चंबल में अवैध रेत कारोबार पर अब आर-पार की लड़ाई के संकेत साफ नजर आ रहे हैं. ट्रैक्टर-ट्रॉली का रास्ता पूरी तरह बंद किया गया कलेक्टर के निर्देश पर चंबल नदी से आने-जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर जेसीबी मशीनों से गहरे गड्ढे खुदवाए गए हैं, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है. रेत विनिष्टीकरण की इस बड़ी कार्रवाई में मंगलवार को 6 जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया, जबकि बुधवार को अभियान और तेज करते हुए 20 जेसीबी और 5 लोडरों की मदद ली गई. कार्रवाई के दौरान वनमंडलाधिकारी हरिशचंद्र बघेल के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र पाल सिंह डाबर, एसडीएम मुरैना बीएस कुशवाह, जिला खनिज अधिकारी सुखदेव निर्मल, पुलिस लाइन आरआई रविकांत शुक्ला, सूबेदार गजेंद्र सिंह परिहार, राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य के एसडीओ सहित संबंधित राजस्व अमला मौके पर मौजूद रहा. 

जिला प्रबंधक की सेवा समाप्त, 2.80 लाख के गबन और फर्जी बिल पर कलेक्टर ने की सख्त कार्रवाई

उमरिया जिले में ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े बहुचर्चित गबन मामले में आखिरकार प्रशासन ने सख्त कदम उठा लिया है। फर्जी भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर सामने आई खबरों के बाद कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने बड़ा फैसला लेते हुए जिला प्रबंधक (कृषि) महेन्द्र कुमार बारसकर की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। यह आदेश मध्य प्रदेश शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा मध्य प्रदेश ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिला स्तर पर प्रदत्त प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों के आधार पर जारी किया गया है।  कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि महेन्द्र कुमार बारसकर पर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। इन्हीं कारणों से उनकी संविदा नियुक्ति को तत्काल समाप्त किया गया है। आदेश जारी होते ही प्रभावशील हो गया है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि शासकीय योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दरअसल, यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब अमर उजाला ने ग्रामीण आजीविका मिशन में हुए फर्जी भुगतान और गबन की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर में बताया गया था कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षण व्यय और मानदेय की स्वीकृत राशि का एक बार भुगतान होने के बावजूद उसी दावे का दोबारा भुगतान किया गया। इस दोहरे भुगतान से 1,43,440 रुपये का गबन सामने आया। इसके अलावा बिना सक्षम स्वीकृति के 1,36,683 रुपये का भुगतान कर दिया गया। कुल मिलाकर 2,80,123 रुपये की शासकीय राशि के दुरुपयोग का मामला उजागर हुआ। मामले की शिकायत जिला परियोजना प्रबंधक चंद्रभान सिंह द्वारा की गई थी। इसके बाद जिला मिशन प्रबंधन इकाई में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अंतरिक निरीक्षण के दौरान बिल-वाउचर, कैश बुक, लेजर, व्यय पंजी और बैंक स्टेटमेंट का मिलान किया गया। जांच में पाया गया कि कुछ भुगतान एक ही स्वीकृति आदेश के आधार पर दो बार किए गए, जबकि कुछ भुगतान बिना किसी वैध स्वीकृति के कर दिए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत उमरिया के निर्देश पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। थाना प्रभारी मदनलाल मरावी के अनुसार फर्जी बिल और वाउचर के आधार पर राशि निकाले जाने की पुष्टि हुई है। धारा 316(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है, हालांकि अभी गिरफ्तारी नहीं हुई है।  प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई और आखिरकार कलेक्टर ने कड़ा निर्णय लेते हुए सेवा समाप्ति की कार्रवाई की। यह फैसला न केवल इस मामले में अहम माना जा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि मीडिया की सक्रियता और पारदर्शिता कैसे सरकारी तंत्र को जवाबदेह बनाने में भूमिका निभाती है। अब सबकी निगाहें आगे की पुलिस जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।  

मऊगंज से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने कांग्रेस को छोड़ दिया, दिया इस्तीफा

रीवा  रीवा में कांग्रेस पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। मऊगंज से पूर्व विधायक लक्ष्मण तिवारी ने आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। अपने त्यागपत्र में लक्ष्मण तिवारी ने पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि कांग्रेस में गुटबाज़ी हावी हो चुकी है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है। 

भोपाल में बनेगी AI और नॉलेज सिटी, 3700 एकड़ में होगा विकास, देश का सबसे उन्नत शहर बनेगा

 भोपाल  भोपाल अब देश के भविष्य के टेक–एजुकेशन मैप पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। राजधानी के भौंरी क्षेत्र में 3700 एकड़ (1500 हेक्टेयर) भूमि पर देश की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिटी विकसित की जाएगी। यह प्रोजेक्ट केवल एक एजुकेशन टाउनशिप नहीं होगा, बल्कि रिसर्च, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज का एकीकृत इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश को देश का बड़ा AI हब बनाने की दिशा में काम होगा। इस परियोजना के लिए 20 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलपमेंट के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) दाखिल किए हैं। एजेंसी चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और फरवरी के अंत तक डेवलपमेंट एजेंसी तय होने की संभावना है। भौंरी में 3700 एकड़ जमीन पर भारत की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिटी विकसित होने जा रही है। यह प्रोजेक्ट केवल एजुकेशन टाउनशिप नहीं होगा, बल्कि यह रिसर्च, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज का एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बनेगा। बीडीए इसकी नोडल एजेंसी है, जबकि आइसर (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, एजुकेशन एंड रिसर्च) इसका पूरा रोडमैप तैयार करेगा। प्रोजेक्ट के लिए अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलपमेंट को लेकर 20 से ज्यादा ग्लोबल एजेंसियों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट दाखिल किया है। चयन प्र्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस माह के अंत तक डेवलपमेंट एजेंसी तय होने की संभावना है। नॉलेज एवं एआई सिटी के रोडमैप पर गुरुवार को राष्ट्रीय स्तर की बैठक भी रखी गई है। इसमें नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित केंद्रीय संस्थानों के निदेशक, कुलपति और प्राचार्य भाग लेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग ने आइसर को एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए 8 सदस्यीय कोर कमेटी बनी है, जिसके कन्वीनर प्रो. सौरभ दत्ता हैं। सुपरविजन आइसर डायरेक्टर गोवर्धन दास कर रहे हैं। बीडीए ने जमीन की पहचान के बाद ईओआई प्रक्रिया पूरी कर ली है। बीडीए सीईओ श्यामवीर सिंह ने बताया कि देश-विदेश की 20 से ज्यादा एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। डेवलपमेंट एजेंसी क्या करेगी     पूरे प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान तैयार करेगी     ग्रीन बिल्डिंग कांसेप्ट पर कैंपस डिजाइन     बड़े पैमाने पर ग्रीन जोन और ओपन स्पेस     ईवी, सीएनजी और हाइड्रोजन आधारित स्मार्ट ट्रांसपोर्ट     पीपीपी मॉडल, जॉइंट वेंचर और इंटीग्रेटेड पार्टनरशिप के विकल्प भौंरी क्षेत्र में पहले से मौजूद है एजुकेशन इको-सिस्टम देश के कई राज्य जैसे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र एजुकेशन सिटी की दिशा में काम कर रहे हैं, लेकिन भोपाल की नॉलेज–AI सिटी का कॉन्सेप्ट अलग होगा। भौंरी क्षेत्र में पहले से आईसर भोपाल, निफ्ट, राष्ट्रीय फॉरेंसिक रिसर्च इंस्टीट्यूट, अटल बिहारी वाजपेयी पॉलिसी रिसर्च सेंटर, एमपी पुलिस अकादमी और शंकर दयाल शर्मा आयुर्वेदिक इंस्टिट्यूट मौजूद हैं। इसी क्लस्टर में ट्रिपल आईटी (IIIT) कैंपस के निर्माण का प्रस्ताव भी है। इन संस्थानों की मौजूदगी से यहां पहले से एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार है, जहां AI, स्पेस टेक, फॉरेंसिक, पब्लिक पॉलिसी, हेल्थ और डिजाइन जैसे क्षेत्रों में साझा रिसर्च की जा सकेगी। IISER तैयार कर रहा है रोडमैप नगरीय प्रशासन विभाग, मप्र शासन ने नॉलेज–AI सिटी के लिए एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी IISER भोपाल को सौंपी है। IISER ने पिछले वर्ष फरवरी में एक ब्रेन स्टॉर्मिंग सेशन किया था, जिसके बाद इस परियोजना को सभी संस्थानों को साथ लेकर आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी IISER के डायरेक्टर गोवर्धन दास कर रहे हैं। फरवरी के आखिर तक एजेंसी नियुक्त होगी भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) ने जमीन की पहचान के बाद EOI प्रक्रिया पूरी कर ली है। पहले यह परियोजना 2000 एकड़ में प्रस्तावित थी, जिसे बढ़ाकर अब 3700 एकड़ कर दिया गया है। लक्ष्य है कि वर्ष 2026 में नॉलेज–AI सिटी को धरातल पर उतारने का काम शुरू हो जाए। प्रोजेक्ट के कन्वीनर प्रोफेसर सौरभ दत्ता ने बताया कि इस परियोजना पर पिछले एक वर्ष से योजना बनाई जा रही है। नॉलेज और AI सिटी के माध्यम से ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने का लक्ष्य है, जहां शिक्षा के साथ रिसर्च और इंडस्ट्री मिलकर काम करें। यह एक पूरी सिटी होगी, जिसे हायर एजुकेशन के साथ अर्बन डेवलपमेंट, हॉस्पिटल और मेट्रो से भी जोड़ा जाएगा।

बेल्जियम में दोस्ती, सिंगरौली में भारतीय रिवाज से संदीप और शेरला करेंगे विवाह, मनाई हल्दी की रस्म

सिंगरौली जिला मुख्यालय सिंगरौली बैढ़न स्थित होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशी सैलानियों के लिए बनी पहली पसंद, जहां शाही मेहनवाजी और विश्वस्तरीय सुविधाओं को लेकर सर्वश्रेष्ठ होटलों में गिना जा रहा हैं। आए दिन सिंगरौली भ्रमण के लिए आने वाले विदेशी सैलानी इस हेरिटेज होटल में निवास करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि अब इस होटल हेरिटेज पैलेस में विदेशियों द्वारा हिन्दू रीति रिवाजों के साथ विवाह भी किया जाने लगा है। बता दें कि हेरिटेज पैलेस में सिंगरौली निवासी संदीप कुमार सिंह पुत्र स्व.रमेश प्रसाद सिंह का विवाह फ्रांस लियाना कि शेरला पुलानीया के साथ दिनांक पांच फरवरी दिन गुरुवार को सम्पन्न होगा।  विवाह रस्म के पूर्व 4 फरवरी हेरिटेज पैलेस में संदीप और शेरला पुलानीया का हल्दी रस्म हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस पवित्र अवसर पर लगभग आधा सैकड़ा फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले वस्त्र धारण कर हेरिटेज पैलेस होटल में परिवार के सदस्यों के साथ दूल्हा-दुल्हन को हल्दी का लेप लगाया, जो सौंदर्य, पवित्रता, सुरक्षा और वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद का प्रतीक है। इस दौरान फ्रांसीसियों ने भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का विशेष सम्मान करते हुए सारी रस्म हिन्दी रस्म मंत्रोचारण के साथ सम्पन्न कराया। जानकारी के लिए बता दें कि संदीप कुमार सिंह बैढ़न सिंगरौली के निवासी है जो सरस्वती शिशु मंदिर बैढ़न से 12वीं पास करने के पश्चात इंदौर से बीसीए तथा पुणे से एमसीए की उपाधि प्राप्त कर बेल्जियम में सेटल हो गए जहां उन्होंने आईटी कंसल्टेंसी में अपना व्यवसाय प्रारंभ किया। इसी दौरान फ्रांसीसी शेरला पुलानीया के साथ उनकी मुलाकात हुई, फिर दोस्ती हुई, इसके बाद यह मुलाकात धीरे धीरे प्यार में तब्दील हो गया। शेरला पुलानीया सनाफ्री फार्मास्यूटिकल कंपनी में ब्रांड मैनेजर के रूप में कार्य कर रही है। जो आज वे दोनों शादी के दाम्पत्य सूत्र में बधने जा रहे हैं। हल्दी रस्म में दिखा हल्दी कलर का पहनावा हल्दी समारोह भारतीय शादी की सबसे रंगीन और खुशियों से भरी रस्मों में से एक है, जहां आज हेरिटेज पैलेस में आयोजित इस हल्दी रस्म में भारतीय परंपरा के अनुसार वैदिक रस्मों एवं मंत्रोचारण के साथ हल्दी रस्म की प्रक्रिया पूरी की गई। फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले रंग की चमकदार कपड़े पहनकर पूरे माहौल को रोशन कर दिया। बताते हैं कि इस खास मौके पर पीले रंग की ड्रेस पहनना न सिर्फ शुभ माना जाता है, बल्कि यह दुल्हन की खूबसूरती और ब्राइडल ग्लो को और भी निखार देता है। विदेशियों ने भारतीय संस्कृति की प्रशंसा की हेरिटेज पैलेस होटल में आयोजित उक्त कार्यक्रम में आए फ्रांसीसियों ने बातचीत के दरम्यान बताया कि वह हेरिटेज पैलेस होटल में भारतीय संस्कृति की विविधता, आध्यात्मिकता, मेहमाननवाज़ी (अतिथि देवो भव) की परंपरा से काफी प्रसन्न हैं। वे हेरिटेज होटल के खान-पान, पारंपरिक पहनावे से गहराई से प्रभावित हैं, जो भारत की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने उजागर करता है। हेरिटेज होटल में पधारे फ्रांसीसी नागरिकों ने कहा कि भारत की यह एक अच्छी संस्कृति है, जहां हर जात धर्म के लोग एकजुट होकर सामाजिक समरसता का उदाहरण पेश करते है, जिसकी उन्होंने काफी प्रशंसा की। विदेशियों ने भारतीय व्यंजनों एवं होटल प्रबंधन की काफी तारीफ की फ्रांसीसियों ने हेरिटेज होटल प्रबंधन की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली, स्मार्ट तकनीकों, स्वच्छता, कुशल परिचालन व मजबूत टीम को देख काफी सराहा। कहा होटल प्रबंधन की अपनत्वता और व्यवस्था को देख हमें खुशी हुई। उन्होंने कहा कि भविष्य में जब भी हमें भारत आने का सौभाग्य हुआ तो वह यहां निश्चित रूप से प्रवास करेंगे। 

एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ

एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ  इंदौर  प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पातालपानी झरने के सामने अहिंसा पर्वत स्थित अमर जवान स्मारक पर एक शाम राष्ट्र के नाम का सफल आयोजन हुआ। कार्यक्रम के आयोजक पर्यावरणविद् अशोक मेहता ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमें अपने संवैधानिक अधिकार समझना चाहिए और देश एवं समाज के प्रति अपनी कर्तव्य निष्ठा को भूलना नहीं चाहिए। कार्यक्रम के संयोजक राजेश बियानी ने बताया कि गायक कलाकार श्री राजा सलूजा श्री सुनील बामनिया श्रीमती मंगला जैन, श्री एवं श्रीमती जसविंदर बेस ने देशभक्ति आधारित राष्ट्र गीतों से श्रोताओं को झुमा दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में बालिका आरना मेहता, चहेती जैन, कियारा मेहता, हिरल जैन ने अपनी राष्ट्र के प्रति भावना प्रकट की साथ ही इस भावुक अवसर पर श्रीमती पायल परदेसी ने वंदे मातरम गीत पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी को मंत्र मुक्त कर दिया। इस अवसर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, एनिमल वेलफेयर, समाज सेवा, योग एवं सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग आदि क्षेत्रो में अपनी उत्कृष्ट सेवाओ के लिए श्रीमती पायल परदेसी, श्री यशवंतसिंग बिस्ट, डॉ अमित सोनी, श्री इंदरसिंग योगी, श्री आनंद यादव, श्रीमती आशा परमार, श्रीमती सुमित्रा अरोरा, श्री राधेश्याम वर्मा, डॉ अनुपम श्रीवास्तव, श्रीमती राधा तोषनवाल, डॉ लकी खंडएलवाल, श्रीमती दीक्षित, श्रीमती कांता मजदे को उत्कृष्ट सेवा सम्मान प्रदान किया गया।  कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री गोरू बियानी, श्रीमती रिवा सिंह, श्री आर एस बियानी, श्री सुमेर सिंह (गोल्डनमेन), श्री केपी सिंह,डाॅ शिवकांत वाजपेई, श्री विजय शर्मा, श्री मोहन चावडा, श्री हुकुम आंजना, श्री गनु भाई, श्रीमती नेहा जैन आदि उपस्थित थे। आभार कार्यक्रम संयोजक श्रेयांश मेहता ने प्रकट किया।

SP जैन की नई पहल, पुलिसकर्मियों को जन्मदिन और विवाह की सालगिरह पर मिलेगा अवकाश

पुलिस अधीक्षक अगम जैन की सार्थक पहल : सभी थानों एवं कार्यालय में पदस्थ पुलिसकर्मियों को जन्मदिन एवं विवाह की सालगिरह पर प्रदान किया जाएगा अवकाश छतरपुर  स्थानीय पुलिस अधीक्षक  अगम जैन द्वारा पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, मनोबल एवं पारिवारिक समन्वय को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिसकर्मियों के जन्मदिन एवं विवाह की सालगिरह के अवसर पर आयोजनों को परिजनों के साथ मनाने की पहल की जा रही है। इस प्रकार के कार्यक्रमों से पुलिस कर्मियों को अपनी व्यस्त और चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के बीच परिवार के साथ समय बिताने का अवसर प्राप्त होता है, जिससे मानसिक तनाव में कमी आती है एवं कार्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। परिजनों की सहभागिता से पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आती है, कार्य-जीवन संतुलन बेहतर होता है।  इस हेतु पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले के सभी प्रभारी अधिकारियों, थाना चौकी प्रभारी एवं कार्यालय के मुख्य लिपिक एवं अवकाश लिपिक हेतु आदेश जारी किया गया है।

किसानों को मोहन सरकार की नई सौगात, 12 हज़ार करोड़ रुपये खाते में डालने का ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश के किसानों के लिए सरकार ने राहत दी है। दरअसल धान किसानों के लिए सरकार आंशिक राहत लेकर आई है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इस बार धान का बंपर उत्पादन हुआ जिसके कारण रिकार्ड खरीदी भी हुई। सीएम मोहन यादव ने कहा कि इस साल 51.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान उपार्जित की गई है । खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था । इससे  किसानों को इससे बड़ी राहत मिली। अब  राज्य सरकार, धान किसानों के खातों में कुल 12 हज़ार करोड़ से ज्यादा की राशि डालेगी, और सरकार अधिकतर राशि का भुगतान भी कर  चुकी है। सीएम मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को इसकी राशि उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। किसानों को जल्द ही भुगतान हो इसके लिए तकनीक आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है। समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का किसानों को खासा लाभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। पिछले खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2300 रुपए प्रति क्विंटल था। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई इस वृद्धि का किसानों को खासा लाभ हुआ है। खरीफ सत्र में प्रदेश में कुल 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में भाग लिया। इन किसानों में से 7 लाख 62 हज़ार 620 किसान (89 प्रतिशत) धान विक्रेता के रूप में उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे। इस वर्ष धान उपार्जन के लिए प्रदेश में 1,436 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए। सीजन में 51 लाख 74 हज़ार 792 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। उपार्जित धान में से 48 लाख 38 हज़ार 637 मीट्रिक टन से अधिक धान का परिवहन भी पूरा कर लिया गया है। परिवहन किए गए धान में से 46 लाख 30 हज़ार 21 मीट्रिक टन धान गुणवत्ता परीक्षण के बाद स्वीकार किया जा चुका है। कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित किया गया। बेची गई धान की यह पूरी राशि किसानों को दी जाएगी इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उपार्जन मूल्य से किसानों को आर्थिक संबल मिला है। समर्थन मूल्य में बढ़ौतरी करने से किसानों को मिला है लाभ सीएम मोहन यादव ने बताया कि खरीफ़ सीजन में धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था, जो पिछले सत्र के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है। न्यूनतम समर्थन मूल्य में की गई इस वृद्धि का किसानों को खासा लाभ हुआ है। आपको बता दें कि  खरीफ सत्र में  कुल 8 लाख 59 हज़ार 822 धान उत्पादक किसानों का पंजीयन किया गया था। इनमें से 7 लाख 89 हज़ार 757 किसानों ने स्लॉट बुक कर धान उपार्जन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था मोहन यादव ने कहा कि इस सीजन में उपार्जित धान के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य कुल 12 हज़ार 259 करोड़ रुपए आंकलित किया गया। अब बेची गई धान की यह पूरी राशि किसानों को ट्रांसफर की जाएगी। वही इस आंकलित मूल्य में से करीब 11 हज़ार करोड़ रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किए जा चुके हैं।  लिहाजा किसानों के लिए ये बड़ी राहत मानी जा रही है।

ग्वालियर सहित 8 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे, राजगढ़ में 7 डिग्री सेल्सियस तापमान, 30 जिलों में छाया कोहरा

भोपाल   मध्य प्रदेश एक बार फिर से घने कोहरे की आगोश में है। आज सुबह प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में कहीं घना तो कहीं मध्यम कोहरा छाया रहा। जिससे विजिबिलिटी भी काफी कम हो गई। एमपी में सर्द हवाओं का सिलसिला भी जारी है। बुधवार को दिन में भी ठंडी हवाएं चलती रहीं। जिसके कारण अधिकांश जिलों में दिन का पारा 25 डिग्री से नीचे दर्ज हुआ। प्रदेश में फिलहाल बारिश पर ब्रेक लग गया है। आज कहीं भी बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। लेकिन जल्द ही MP में फिर से बारिश लौटने की संभावना है। MP में कब होगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, साथ ही साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। जिसका प्रभाव एमपी के मौसम पर देखने को मिलेगा। इसकी वजह से कई जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है। पहाड़ों पर हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश में सर्द हवाएं आ रही हैं। जिससे सुबह-शाम के साथ ही दिन में भी सर्दी का एहसास बना हुआ है। 8 फरवरी को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय रीजन में एक्टिव हो रहा है। जिसका प्रभाव फिर से एमपी में देखने को मिल सकता है। जिसके कारण 10 फरवरी को फिर से बारिश की संभावना जताई गई है। एमपी का सबसे ठंडा जिला एमपी में आज सुबह घने कोहरे के कारण ग्वालियर में विजिबिलिटी घट कर 50 मीटर से भी कम हो गई। वहीं दतिया और रीवा में 50 से 200 मीटर के बीच दृश्यता दर्ज की गई। रतलाम, उज्जैन, नौगांव, सीधी और दमोह में 500 मीटर से 1 किमी के बीच विजिबिलिटी रही। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सबसे ठंडा जिला राजगढ़ रहा, यहां का न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य सभी जिलों का न्यूनतम पारा 10 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ। इस दौरान सबसे कम अधिकतम तापमान नौगांव और पृथ्वीपुर में रहा, यहां का अधिकतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इस दौरान नर्मदापुर में सबसे अधिक अधिकतम पारा 31.5 डिग्री सेल्सियस रहा। 6 फरवरी- ग्वालियर, भिंड, दतिया, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में घना कोहरा रहेगा। वहीं, भोपाल, गुना, अशोकनगर, इंदौर, सागर, दमोह, जबलपुर, कटनी, विदिशा, सीहोर, रायसेन समेत कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर बना रहेगा। 7 फरवरी- कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा रहेगा। इस दिन बारिश का अलर्ट नहीं है। क्यों बना है ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के कारण प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे। वहीं पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी के बाद मैदानी क्षेत्रों में सर्द हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे ठंड और कोहरे की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्यप्रदेश में भी दिखेगा। 10 फरवरी से प्रदेश के कुछ हिस्सों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है।

15 दिनों के भीतर खातों में पहुंचेगी 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, प्रमुख सचिव डॉ. कुमार ने दिए निर्देश

15 दिनों के भीतर खातों में पहुंचेगी 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, प्रमुख सचिव डॉ. कुमार ने दिए निर्देश पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग की हुई समीक्षा भोपाल  पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. ई. रमेश कुमार ने  भोपाल स्थित वल्लभ भवन में विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति 15 दिनों में शत-प्रतिशत वितरित करना सुनिश्चित किया जाए। प्रमुख सचिव डॉ. कुमार ने बैठक में अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित प्रकरण तत्काल निराकृत कर नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण करने के संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने विधानसभा के प्रश्नों और कैबिनेट संक्षेपिका को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  बैठक में विभाग के अपर सचिव श्री अनुराग चौधरी, विभाग आयुक्‍त श्री सौरभ कुमार सुमन समेत वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

रेलवे की खुशखबरी: ‘उत्तरप्रदेश’ और ‘झारखंड’ जाने वाले यात्रियों के लिए अहम अपडेट

भोपाल  रेलवे ने मध्यप्रदेश में रहने वाले उत्तरप्रदेश और झारखंड के यात्रियों को बड़ी खुशखबरी दी है। भोपाल रेलवे स्टेशन पर तीसरी पिट लाइन का निर्माण होने के बाद रेलवे प्रशासन ने धनबाद और चोपन के बीच दो नई एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की तैयारी तेज कर दी है। रेलवे बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद अब संबंधित जोन को इन ट्रेनों के परिचालन, रखरखाव और प्रचारप्रसार की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सेवाओं के शुरू होने से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी स्थापित होगी। विंध्य अंचल की राह होगी सुगम विंध्य क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा के लिए भोपाल-चोपन एक्सप्रेस को भी स्वीकृति दे दी गई है। यह ट्रेन प्रत्येक रविवार रात भोपाल से रवाना होकर सोमवार सुबह चोपन पहुंचेगी। वापसी में सोमवार शाम चोपन से चलकर मंगलवार सुबह भोपाल वापस आएगी। इस ट्रेन का ठहराव सागर, कटनी, ब्योहारी, सिंगरौली और ओबरा डैम जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रखा गया है। भोपाल से अभी चोपन के लिए दो वीकली स्पेशन चलती हैं। इस ट्रेन के बाद वीकली स्पेशन की संख्या बढ़कर 3 हो जाएगी। ऐसा रहेगा दोनों ट्रेन का रूट सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि ट्रेन का संचालन सप्ताह में तीन दिन किया जाएगा। यह ट्रेन भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस सप्ताह में 03 दिन चलेगी। यह ट्रेन रात 8 बजकर 55 मिनिट पर भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और दूसरे दिन रात 8 बजकर 30 मिनिट पर धनबाद पहुंचेगी धनबाद से यह ट्रेन सुबह 7 बजे चलेगी और दूसरे दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर भोपाल पहुंचेगी। भोपाल-चोपन एक्सप्रेस रविवार को रात 8 बजकर 55 मिनिट पर चलेगी और दूसरे दिन सुबह 7 बजे चोपन पहुंचेगी. अगले दिन शाम 7 बजे चोपन से रवाना होकर दूसरे दिन सुबह 8 बजकर 35 मिनिट पर भोपाल पहुंचेगी।  

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