मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह
मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह Swearing in ceremony of the cabinet of newly elected government of Madhya Pradesh
मध्यप्रदेश की नवनिर्वाचित सरकार के मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह Swearing in ceremony of the cabinet of newly elected government of Madhya Pradesh
After 12 days of the formation of the new BJP government under the leadership of Dr. Mohan Yadav in MP, today, the expansion of the cabinet is set to take place. विस्तार को लेकर पिछले कई दिनों से मंथन व अटकलों का दौर चल रहा था। नए मंत्रियों को सोमवार दोपहर तीन बजे बाद शपथ दिलाई जाएगी। मोहन सरकार के मंत्रिमंडल की शपथ साढ़े तीन बजे होने वाली है। इसमें 18 कैबिनेट मंत्री, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और चार राज्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। यहां देखें लिस्ट कैबिनेट मंत्री –1-प्रदुम्न सिंह तोमर2-तुलसी सिलावट3-एदल सिंह कसाना4-नारायण सिंह कुशवाहा5-विजय शाह6-राकेश सिंह7-प्रह्लाद पटेल8-कैलाश विजयवर्गीय9-करण सिंह वर्मा10-संपतिया उईके11-उदय प्रताप सिंह12-निर्मला भूरिया13-विश्वास सारंग14-गोविंद सिंह राजपूत15-इंदर सिंह परमार16-नागर सिंह चौहान17–चैतन्य कश्यप18-राकेश शुक्लाराज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार )19-कृष्णा गौर20-धर्मेंद्र लोधी21-दिलीप जायसवाल22-गौतम टेटवाल23- लेखन पटेल24- नारायण पवारराज्यमंत्री –25–राधा सिंह26-प्रतिमा बागरी27-दिलीप अहिरवार28-नरेन्द्र शिवाजी पटेल
माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। भोपाल। मध्य प्रदेश में आज दोपहर 3.30 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार होने जा रहा है। सुबह सीएम डा मोहन यादव राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने पहुंची और उन्हें शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची सौंप दी। इसके बाद से राजभवन से विधायकों को मंत्री पद की शपथ लेने के लिए फोन आने का सिलसिला शुरू हो गया है। दिसंबर को सीएम मोहन यादव के साथ दो डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी।माना जा रहा है कि करीब 28 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं, इनमें 20 कैबिनेट, 6 को राज्य मंत्री और 2 को स्वतंत्र प्रभार दिया जा सकता है। हालांकि इसको लेकर सरकार द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। आज दोपहर में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जिन विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जानी हैं उनमें ये नाम शामिल हैं। 1 एंदल सिंह कंसाना 2 इंदर सिंह परमार 3 नारायण सिंह कुशवाहा 4 विश्वास सारंग 5 प्रद्युम्न सिंह तोमर 6 कृष्णा गौर 7 तुलसी सिलावट 8 नागर सिंह चौहान 9 कैलाश विजयवर्गीय 10 प्रतिमा बागरी 11 प्रहलाद पटेल 12 राकेश शुक्ला 13 राकेश सिंह 14 नरेंद्र शिवाजी पटेल 15 संपतिया उईके 16 राधा सिंह चितरंगी 17 हेमंत खंडेलवाल 18 अजय विश्नोई 19 चेतन कश्यप 20 लखन पटेल 21 गोविंद सिंह राजपूत
The expansion of the Madhya Pradesh Mohan Yadav government’s cabinet is set to take place today. भोपाल में दोपहर साढ़े तीन बजे नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। माना जा रहा है कि आज 15 से 18 विधायक मंत्रीपद की शपथ ले सकते हैं। 13 दिसंबर को सीएम पद की शपथ लेने के बाद मोहन यादव को कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल करने के लिए तीन बार दिल्ली का दौरा करना पड़ा। सीएम यादव ने प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा से लेकर बीजेपी के तमाम नेताओं से मुलाकात की और जब सभी मंत्रियों के नाम फाइनल हो गए तो कल वो भोपाल लौट गए।15 से 18 मंत्री ले सकते हैं शपथबीजेपी सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने मंत्रियों के सभी पदों पर नामों को हरी झंडी दे दी है। संभावना है कि पहले विस्तार में इनमें से 15 से 18 मंत्री शपथ ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल में कौन-कौन विधायक शामिल होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। सीएम मोहन यादव ने आज सुबह 9 बजे राज्यपाल से मिलने का समय लिया है। जहां वो उन्हें वे नाम सौंपेंगे जो मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले हैं। शपथ ग्रहण राजभवन में होगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों की शपथ से पहले इंदौर जाएंगे। जहां वे कनकेश्वरी धाम परिसर में हुकुमचंद मिल के मजदूरों के बकाया भुगतान कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे। इस दौरान वे श्रमिकों को संबोधित भी करेंगे। मध्य प्रदेश के नए मंत्रिमंडल में ये हो सकते हैं संभावित मंत्री-कैलाश विजयवर्गीयप्रहलाद पटेलराकेश सिंहराव उदय प्रतापविश्वास सारंगतुलसी सिलावटरीति पाठकसंजय पाठकरामेश्वर शर्मागोविंद सिंह राजपूतप्रद्युम्न सिंह तोमरबृजेन्द्र सिंह यादवकृष्णा गौररमेश मेंदोलाअर्चना चिटनीसऊषा ठाकुरसीतासरन शर्माचेतन्य कश्यपघनश्याम चंद्रवंशीबता दें कि मध्यप्रदेश में मंत्रिमंडल के सदस्यों की अधिकतम संख्या मुख्यमंत्री समेत 35 हो सकती है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 163 और कांग्रेस ने 66 सीटें जीती थीं।
Several DIGs and IGs, including those from Gwalior range, to be transferred; transfers for more than 10 SPs as well. – पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं के मुखिया के भी काम काज में होगा बदलाव उदित नारायण भोपाल। – इस साल के अंत में आईपीएस अफसरों के बड़े पैमाने पर तबादले की कवायद शुरू हो गई हैं। चार रेंज के डीआईजी-आईजी के साथ ही पुलिस मुख्यालय की कई शाखाओं के मुखिया के भी काम काज में बदलाव होने जा रहा है। जिलों से भी एक दर्जन के लगभग पुलिस अधीक्षकों की बदली होने वाली है। डीआईजी रेंज में भी नए साल की शुरूआत में ही फेरबदल होने वाला है। पुलिस मुख्यालय से लेकर गृह विभाग तबादलों और पदोन्नति को लेकर अपने काम को अंतिम रूप देने में जुट गया है। पुलिस के लगभग दो दर्जन आईपीएस अफसरों के एक नए साल में प्रमोशन होना है। इनमें से तीन अफसर अभी जिलों में पदस्थ हैं। अमित सांघी छतरपुर में पुलिस अधीक्षक हैं, वहीं वीरेंद्र सिंह खंडवा और मनीष अग्रवाल इंदौर में डीसीपी के पद पर पदस्थ हैं। वहीं 2010 बैच के मोहम्मद युसूफ कुरैशी सिंगरौली में पुलिस अधीक्षक हैं और निमिष अग्रवाल, राजेश कुमार सिंह इंदौर में डीसीपी के पद पर पदस्थ हैं। इन 6 अफसरों की एक जनवरी को डीआईजी के पद पदोन्नति होना है, ऐसे में अब अफसरों को पदोन्नति के बाद नई पोस्टिंग दी जाएगी। प्रदेश की सात रेंज में पदस्थ अफसर एक जनवरी को आईजी के पद पर पदोन्नत होने जा रहे हैं। इनमें से कितनों को रेंज में आईजी बनाया जाएगा और कितनों को पुलिस मुख्यालय भेजा जाएगा, यह अभी तय नहीं हैं। चंद्रशेखर सोलंकी खरगौन,अनिल कुशवाह उज्जैन, आरआरएस परिहार जबलपुर,राजेश कुमार हिंगणकर इंदौर ग्रामीण, मनीष कपूरिया एडिश्नल कमिश्नर आॅफ पुलिस इंदौर, मिथलेष शुक्ला डीआईजी रीवा, अनुराग शर्मा एडिश्नल कमिश्नर आफ पुलिस भोपाल, ये सभी अफसर आईजी होने जा रहे हैं।ग्वालियर में नए आईजी की तलाश- ग्वालियर रेंज के एडीजी श्रीनिवास वर्मा प्रतिनियुक्ति पर सीबीआई जा रहे हैं। उनके प्रतिनियुक्ति पर जाने के बाद यहां पर नए एडीजी या आईजी को पदस्थ किया जाएगा। यहां पर राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अफसर की पोस्टिंग होगी। वहीं पुलिस मुख्यालय में पदस्थ स्पेशल डीजी, एडीजी की शाखाओं में बदलाव हो सकता है।
Shop employees fought over commission, one killed with a sharp weapon to the chest. कमीशन के लिए दुकान के नौकर आपस में लड़े, सीने में नुकीला हथियार से हत्यानोट खबर की फोटो मेल पर है। -बैरागढ़ स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर हुए विवाद में युवक की निर्मम हत्या भोपाल। बैरागढ़ थाना क्षेत्र स्थित संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स में रविवार दोपहर अलग-अलग दुकान में काम करने वाले युवकों के बीच कहासुनी हो गई। कहासुनी बढ़ने पर दोनों में मारपीट हुई और एक युवक ने दूसरे युवक के सीने पर किसी नुकेले हथियार से हमला कर दिया। सीने में हमला होने से युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, वहां डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है। थाना प्रभारी कमलजीत रंधावा ने बताया कि अंकित सिंह राजपूत मनोज सिंह राजपूत (22) बूढ़ाखेड़ा बैरागढ़ में रहता था। वह संत हिरदाराम शॉपिंग कांप्लेक्स स्थित श्रीमाया कलेक्शन में काम करता था। उसकी दुकान के बगल वाली दुकान में भरत सिंह काम करता है। दोनों दुकान के बाहर खड़े होकर ग्राहकों को बुलाते थे। इसके बदले उन्हें कमीशन मिलता था। रविवार को भी दोनों अपनी अपनी दुकान मालिकों की दुकान के सामने खड़े थे और ग्राहकों को बुला रहे थे। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद लात घूंसो में तब्दील हो गया और देखते ही देखते दोनों ने एक दूसरे पर हमला कर दिया। दुकान के बाहर रखा सामान जो भी हाथ में आता गया वह एक दूसरे पर फेंकते रहे और लातू घूंसे चलते रहे। इसी बीच भरत सिंह के हाथ में कोई नुकीली चीज लग गई और उसने अंकित पर नुकीली चीज से हमला कर दिया। उसके सीने में नुकीली चीज लगने से वह बेसुध होकर गिर गया था। अस्पताल में हुई मौत दोपहर करीब ढाई बजे के आसपास हुए इस विवाद के बाद अंकित को अस्पताल ले जाया गया, वहां सीने में गंभीर चोट होने के कारण उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी रंधावा ने बताया कि घटना के बाद से भरत सिंह फरार है। उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। उसकी तलाश की जा रही है।
Cabinet expansion in MP tomorrow, announces CM Mohan Yadav. मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार सोमवार दोपहर में हो सकता है। करीब 20 मंत्री दोपहर में शपथ ले सकते हैं। इसमें नए चेहरे के साथ ही कुछ पूर्व मंत्रियों को मौका देने की बात सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल के नाम पर अंतिम मुहर लग गई है। अधिकारिक सूत्रों की मानें सीएम मोहन यादव ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल से सोमवार सुबह मुलाकात का समय मांगा है। बताया जा रहा है कि वे राज्यपाल से भेंट कर संभावित मंत्रियों की सूची सौंप सकते हैं। बता दें सीएम का एक सप्ताह में यह तीसरा दौरा है। सीएम के दिल्ली दौरे के चलते भोपाल में आयोजित होने वाली बैठकों को रद्द कर दिया गया। देर शाम सीएम भोपाल लौट सकते हैं। बताया जा रहा है कि सीएम केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंत्रिमंडल को लेकर फाइनल चर्चा हो गई है। अब सोमवार को मंत्रिमंडल में तकरीबन 20 मंत्री शपथ ले सकते है।
Corona virus spread in the state, two patients found in Indore इंदौर ! मध्य प्रदेश फिर कोरोना ने दस्तक दे दी है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दो कोरोना संक्रमित मरीज मिलने से हड़कंप मंच गया है। इंदौर में एक महिला और पुरुष कोरोना संक्रमित मिले है। दोनों पलासिया क्षेत्र में रहने वाले महिला पुरुष एक ही परिवार से है। दोनों हाल ही में मालदीव से लौटे थे। सप्ताहभर पहले एक मरीज मिला था। वह ठीक हो गया। मध्य प्रदेश में दो कोरोना संक्रमित मिलने से चिंता बढ़ा दी है। दोनों मरीजों को आईसोलेशन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोविड प्रोटोकॉल को लेकर दिशा निर्देश जारी किए है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उनको कोई गंभीर लक्षण नहीं है। इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है। सरकार ने पहले ही अलर्ट जारी किया है। इसमें आरटी पीसीआर और रैपिड जांच के निर्देश सरकार ने दिए हैं। अस्पतालों में इलाज के इंतजाम करने के लिए भी कहा गया है। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बयान दिया था कि केंद्र की तरफ से जारी गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश जारी किए गए है। कोविड समेत दूसरी बीमारियों से निपटने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। केंद्र ने बुलाई बैठककेरल समेत दूसरे राज्यों में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमित की संख्या को लेकर सरकार अलर्ट हो गई है। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों की बैठक बुलाई है। इसमें कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के साथ ही इलाज के अस्पतालों में तैयारी को लेकर जानकारी साझा की जा सकती है। क्या है नया सब वेरिएंटकेंद्र सरकार की तरफ से बताया गया है कि जेएन.1, एसएआरएस-सीओवी-2 का एक उप्रकार है, जो कोविड-19 का कारण बनता है। इसका एक मामला केरल में सामने आया है। इस सबवेरिएंट को ओमिक्रॉन सबवेरिएंट का ही एक रूप बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया वेरिएंट ज्यादा खतरनाक नहीं है। इसमें सर्दी, इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी के हल्के लक्षण हैं। इससे संक्रमित जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।
Threat of stray dogs in the city, administration, corporation helpless दहशत में लोगों ने सुबह-शाम टहलना छोड़ा। स्कूली बच्चों से लेकर साइकिल व बाइक वालों पर झपटते हैं श्वान। 3500 मामले हर महीने केवल लाल अस्पताल में पहुंच रहे।2014-15 से कुत्तों की नसबंदी किए जाने का दावा।1 लाख 80 हजार श्वानों की अब तक हुई नसबंदी। 60 हजार करीब श्वान नसबंदी के लिए बचे। इंदौर। ऐसा लगता है, मानो नगर निगम और प्रशासन ने इंदौर को आवारा कुत्तों के हवाले कर दिया है। हर गली, हर मोहल्ले में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हद तो यह कि बीते कुछ ही दिनों में शहर में डाग बाइट अर्थात कुत्तों द्वारा बच्चों या लोगों पर हमला करने, उन्हें काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। प्रतिमाह औसतन 3500 ऐसे मामले हो रहे हैं, जिनमें किसी व्यक्ति, बच्चे या महिला को कुत्ते ने काटा हो। यह बहुत भयावह आंकड़ा है। लोगों ने कुत्तों की दहशत के कारण सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है। साइकिल से स्कूल जाने वाले बच्चे दहशत में हैं। बाइक सवारों पर कुत्तों के झपटने और उन्हें गिरा देने के मामले भी लगातार हो रहे हैं। इसके बावजूद निगम आयुक्त, महापौर और कलेक्टर नींद में हैं तथा कुत्तों के इस आतंक को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है।देश के सबसे स्वच्छ शहर की टांग पर इन दिनों आवारा कुत्तों के दांत गड़े हुए हैं और इन कुत्तों के सामने नगर निगम, प्रशासन, जनप्रतिनिधि…सब मानो असहाय हो गए हैं। दरअसल, कुछ दिनों से शहर में डाग बाइट के मामले अचानक तेजी से बढ़ गए हैं। महालक्ष्मी नगर, निपानिया क्षेत्र में तो ऐसे-ऐसे केस हो रहे हैं कि लोगों ने डर के मारे सुबह-शाम टहलना छोड़ दिया है।शाम होते ही बच्चों को घरों में कैद कर दिया जाता है। कोचिंग के लिए बच्चों को साइकिल से भेजने के बजाय पालक उन्हें कार से छोड़ने जा रहे हैं। इधर, नगर निगम के जिम्मेदारों का रटा-रटाया जवाब है कि श्वानों की नसबंदी कराकर हम उन्हें कैद में नहीं रख सकते, उन्हें छोड़ना ही पड़ता है। नगर निगम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ ही नागरिकों की सुरक्षा के लिए कोई समाधान निकालना ही होगा।
Online applications for admission in Eklavya Model Residential Schools will be open till January 8 इन विद्यार्थियों के लिए आरक्षणइन विद्यालयों में प्रवेश के लिए विशिष्ट पिछड़ी जनजाति (बैगा, भारिया और सहरिया), विमुक्त जनजातियां और घुमक्कड़ एवं अर्धघुमक्कड़ समुदाय के विद्यार्थियों के लिए सीटें आरक्षित की गईं हैं। साथ ही वे बच्चे, जिन्होंने अपने माता-पिता को वामपंथी उग्रवाद/ उग्रवाद या कोविड आदि के कारण खो दिया है, उनके लिए भी सीटें आरक्षित रखी गई हैं। विधवा महिला की संतान, दिव्यांग माता-पिता की संतान, अनाथ या भूमिदाता वर्गं (जिन्होंने विद्यालय भवन के निर्मांण के लिए भूमि दान की हो) के विद्यार्थिंयों के लिए भी सीटें आरक्षित की गईं हैं।
Mohan government will bring in an audit for the government expenditures and the pace of schemes for the last four months. भोपाल। भाजपा सरकार की 8 महीने में चलाई गई शिवराज सिंह चौहान की योजनाओं में कटौती की जाएगी। इसके पीछे का कारण है कि अक्टूबर तक का बजट सरकार पहले ही खर्च कर चुकी है। अब नई सरकार के सामने चुनौती है की योजनाओं को गति दी जाए और विकास कार्य के प्रोजेक्ट भी पूरे किया जाए। इसके लिए सरकार लेखा अनुदान लेकर आएगी। नए साल में आने वाले 4 महीने के लिए मोहन सरकार पुनरीक्षित बजट तैयार करने की शुरूआत कर दी है। वित्त विभाग में संबंध में सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें जल्द से जल्द वित्तीय बजट साल 2023 24 में की गई घोषणाओं के मुताबिक खर्च की जानकारी देनी होगी। किन योजनाओं में कितना पैसा खर्च हो चुका है। इसके अलावा सरकार की तरफ से चलाई जा रही लाडली बहना गेहूं और धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी सहित तमाम योजनाओं के लिए राशि की व्यवस्था बचे हुए फंड से की जाएगी।वही संकल्प पत्र के वचन के मुताबिक योजनाओं को गति देने के लिए भी राशि की सरकार के पास जरूरत है। इस बात का आकलन करने के निर्देश जारी किए गए हैं कि आखिर सरकार विकास कार्यों के लिए कितना चार महीने के लिए बजट जारी कर सकती है। जानकारों का कहना है कि सरकार अगर 100 करोड रुपए किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बजट का प्रावधान करती है। अगर वित्तीय स्थिति प्रोजेक्ट के मुताबिक बेहतर नहीं है तो योजना को गति देने के लिए 20 से 30 फीसदी फंड जारी कर विकास कार्य को जारी रखा जा सकता है। ऐसे ही कोई नई स्कीम की शुरूआत लेखानुदान में नहीं होगी। क्योंकि नई योजना के लिए सलाना वित्तीय बजट जरूरी होता है। जरूरत खर्च और योजना रहेगी प्रथमिकता लोकसभा चुनाव के चलते पड़ा असर, केंद्र के फंड से राज्य सरकार तय करती है बजट
CM Dr. Yadav assigned the responsibility of the regional meeting to the officers of the ACS level. पीएम मोदी की गारंटी और भाजपा के संकल्प को पूरा करने के लिए रहेगा लक्ष्य, रिव्यू के साथ करेंगे मानिटरिंग भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने संभागीय बैठक के लिए एसीएस लेवल के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। सीएम ने अधिकारियों को संभाग बैठक के लिए प्रभारी नियुक्त किया है। प्रदेश के दस संभाग के लिए दस अधिकारियों की तैनाती की गई है। ये सभी अधिकारी संभागीय बैठक की न सिर्फ तैयारी करेंगे बल्कि बैठक के बाद बैठक में दिए गए सीएम के निदेर्शों की मॉनिटरिंग भी करेंगे। एसीएस स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी देने के पीछे की वजह है कि मध्य प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी की गारंटी को प्राथमिकता देनी है। यानी कि अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि गारंटियों को पूरा किया जाए। इसके साथ ही भाजपा के संकल्प को भी पूरा करने की चुनौती होगी। लोक स्वास्थ्य, वन विभाग, गृह, नर्मदा घाटी विकास प्रधिकरण, जनजातिय कार्य विभाग, वित्त विभाग, किसान कल्याण, पिछड़ा वर्ग, उच्च शिक्षा से जुड़े विभाग के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। दरअसल, सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश की कमान संभालते ही संभागों की बैठक लेना शुरू किया है। उन्होंने इसकी शुरूआत अपने गृह संभाग उज्जैन से की थी। इसके बाद जिले वार समीक्षा के लिए अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। अधिकारियों को भी फील्ड की जानकारी भी सीएम को देना होगा। खास बात है कि राजेश राजौरा को उज्जैन का प्रभार दिया गया है। सीएम बनने के बाद राजौरा ही पहले अधिकारी थे। जिन्होंने लाउड स्पीकर पर नियंत्रण का आदेश जारी कराया। उज्जैन में रहते हुए एसीएस राजौरा सीएम मोहन यादव के काफी भरोसेमंद अफसरों में शुभार रहे हैं। इन्हें बनाया प्रभारी एसीएस मोहम्मद सुलेमान को भोपाल संभाग, एसीएस विनोद कुमार को जबलपुर संभाग, एसीएस जेएन कंसोटिया को रीवा संभाग, एसीएस राजेश राजौरा को उज्जैन संभाग, एसीएस एसएन मिश्रा को सागर संभाग, एसीएस मलय श्रीवास्तव को इंदौर संभाग, एसीएस अजीत केसरी को नर्मदापुरम संभाग, एसीएस अशोक वर्णवाल को शहडोल संभाग, एसीएस मनु श्रीवास्तव को चंबल संभाग और एसीएस केसी गुप्ता को ग्वालियर संभाग की जिम्मेदारी दी गई।
Election Code of Conduct: Officers will also be transferred in the Lok Sabha elections after the Assembly elections. आयोग के फरमान: राज्य सरकार को 30 जून तक एक ही जिले में पदस्थ अफसरों का करना होगा तबादला- जनवरी के पहले ही सप्ताह से अफसरों के प्रमोशन और ट्रांसफर की शुरू हो जाएगी प्रक्रिया भोपाल। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिए जाने के बीच अफसरों की पदस्थापना को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने कहा है कि मुख्य सचिव 30 जून 2024 को एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना पूरी करने वाले अफसरों को हटाते हुए रिपोर्ट देंगे। हालांकि इसकी प्रक्रिया सरकार जनवरी 2024 के पहले ही सप्ताह से शुरू कर दे दी। इसके पीछे का कारण है कि जनवरी में कई अफसरों के प्रमोशन का समय भी है। ऐसी स्थिति में ट्रांसफर से साथ पोस्टिंग भी होगी। कई अफसरों को फील्ड से हटाकर मंत्रालय में अटैच किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव से सीधा संबंध रखने वाला कोई भी अधिकारी उस जिले में पदस्थ नहीं रहेगा जो उसका गृह जिला होगा। अगर संबंधित अफसर ने पिछले चार साल के अंतराल में पदस्थापना वाले जिले में तीन साल पूरे कर लिए हैं या फिर 30 जून 2024 को उसके तीन साल पूरे होने वाले हैं। इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया 16 जून के पहले पूरी कर ली जाएगी। इसलिए आयोग ने निर्णय लिया है कि केंद्र शासित प्रदेश और राज्यों में गृह जिलों में पदस्थ अधिकारियों को हटाने की कार्यवाही की समय पर की जाए। अक्टूबर में विधानसभा चुनाव से पहले भी सरकार ने कई जिलों के अफसरों को हटा दिया था। हालांकि स्पष्ट है कि विधानसभा में ड्यूटी करने वाले अधिकांश अफसर चुनाव ड्यूटी में शामिल रहेंगे।
DICCI will provide training to 313 block coordinators in Madhya Pradesh for the creation of employment. DICCI के भोपाल ऑफिस में होगा यह बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम, DICCI मध्यप्रदेश के ब्लॉक कॉर्डिनेटर साझा करेंगे अपनी सफलता की कहानियां उदित नारायण भोपाल। दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) मध्यप्रदेश चैप्टर की ओर से बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण की शुरुआत की जा रही है। इसमें मध्यप्रदेश के सभी विकासखंडों में मौजूद डिक्की के 313 ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स शामिल होंगे। प्रशिक्षण के लिए 45-45 को-ऑर्डिनेटर्स के 7 बैच बनाए गए हैं। डिक्की मध्यप्रदेश चैप्टर के प्रेसिडेंट डॉ.अनिल सिरवैयां ने बताया कि प्रदेश में उद्यमिता विकास और स्व-रोजगार की गतिविधियों को विकासखंड स्तर पर क्रियान्वित कर रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए ब्लॉक लेबल बिजनेस लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम एवं प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। 23 दिसम्बर को पहले बैच, 24 दिसम्बर को दूसरे बैच और 25 दिसम्बर को तीसरे बैच का प्रशिक्षण होगा। इस दौरान एससी-एसटी उद्यमियों और युवाओं को अपने ब्लॉक में ही व्यापार-व्यवसाय और उद्यमिता के अवसर, सफल बिजनेस फ्रेचाइजी मॉडल, लघु और मध्यम उद्योगों के क्लस्टर निर्माण, एमएसएमई इकाईयों की स्थापना, महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ लेने की प्रक्रिया, आसान और सब्सिडाइस बैंक ऋण से अधिक से अधिक युवाओं को लाभान्वित करने के टिप्स दिए जाएंगे। लक्ष्य : प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना डॉ. सिरवैयां ने बताया कि डिक्की का लक्ष्य प्रत्येक विकासखंड में प्रत्येक माह में 10 से अधिक उद्यमी तैयार करना है। साथ ही प्रत्येक विकासखंड में एक एमएसएमई कलस्टर का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि औद्योगिकीकरण से वंचित और पिछड़े जिलों सहित प्रत्येक जिले में विनिर्माण, सर्विस सेक्टर के स्टार्टअप और नए उद्यम तथा ट्रेडिंग कारोबार के लिए डिक्की ने विशेष प्लान तैयार किया है। अगले दो साल में इसे शत-प्रतिशत क्रियान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी उद्देश्य से डिक्की द्वारा प्रत्येक विकासखंड में प्रशिक्षित एससी-एसटी व्यापारियों, उद्यमियों और युवाओं की टीम तैयार की जा रही है जो स्थानीय स्तर पर गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों का क्रियान्वयन करेंगे। कार्यशाला में विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण वर्तमान समय में व्यापार और रोजगार को बढ़ाने के लिए ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर्स को एक्सपर्ट्स द्वारा डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे वे व्यापार विस्तार के लिए ऑनलाइन माध्यमों का भरपूर उपयोग कर पाएंगे। इसके साथ ही उन्हें अपनी सफलता की कहानियों से दूसरों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने संबंधी टिप्स भी दिए जाएंगे। कार्यशाला में डिक्की के अनुभवी उद्यमी,बैंकों के अधिकारी और इंडस्ट्री और उद्यमिता के क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रशिक्षार्थियों को प्रशिक्षण देंगें।
Approval granted for new positions, including 4 DIGs, 2 ADGs, 13 IGs, and 18 DIGs. 7 आईपीएस अधिकारियों को मिलेगा सिलेक्शन ग्रेड, जानिए सभी रैंक के आईपीएस अधिकारियों के नाम भोपाल। मध्यप्रदेश में आईपीएस अफसरों की पदोन्नति की राह अब आसान हो गई है। पदोन्नति के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के चार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के दो, महानिरीक्षक (आईजी) के तेरह, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) के 18, और सलेक्शन ग्रेड में पदोन्नति के लिए सात पदों की मंजूरी मिल गई है।पदोन्नति की बांट जोह रहे आईपीएस अफसरों के लिए अच्छी खबर है। नये साल से इन अफसरों को पदोन्नतियां मिलने लगेंगी।सूत्रों के मुताबिक डीजीपी के जो चार पद मंजूर हुए है उनपर वर्ष 2024 में जैसे-जैसे पद रिक्त होते जाएंगे उस हिसाब से अफसरों को पदोन्नत किया जाएगा। जो अफसर डीजीपी के पद पर पदोन्नत होंगे उनमें एक मार्च को विजय कटारिया,एक मई को अनुराधा शंकर सिंह,एक जून को वरुण कपूर, 1 जुलाई को उपेन्द्र जैन डीजी बन जाएंगे। एक जनवरी से जिन अफसरों को पदोन्नति मिलना है उसमें जो अफसर एडीजी बनेंगे उनमें 1999 बैच के राकेश गुप्ता, दीपिका सूरी शामिल है। जो तेरह अफसर आईजी बनेंगे। इनमें 2006 बैच के चंद्रशेखर सोलंकी, रुचि वर्धन, एस चित्रा, अनिल कुशवाहा, आर आरएस परिहार, राजेश हिंगणकर, अंशुमान सिंह, मनीष कपूरिया, अरविंद सक्सेना, विनीत खन्ना, हिमानी खन्ना, मिथिलेश शुक्ला, अनुराग शर्मा शामिल है।जो 18 अफसर डीआईजी बनेंगे उनमे 2009 बैच के साकेत प्रकाश पांडे, अमित सांघी, टीके विद्यार्थी, सत्येन्द्र शुक्ला, वीरेन्द्र कुमार सिंह, प्रशांत खरे, अतुल सिंह, मनीष कुमार अग्रवाल और 2010 बैच के आबिद खान, आशुतोष प्रसाद सिह, मोहम्मद युसूफ कुरेैशी, निमिष अग्रवाल, सिद्धार्थ बहुगुणा,पंकज श्रीवास्तव, राजेश कुमार सिंह, विनीत कपूर, धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया, हेमंत चौहान शामिल है।इसके अलावा 2011 बैच के सात अफसरों को सलेक्शन ग्रेड मिलेगा। इनमें रियाज इकबाल, आदित्य प्रताप सिंह, राहुल लोढ़ा, सिमाला प्रसाद, डॉ असित यादव, सुशील रंजन सिंह, संजय कुमार सिंह शामिल है।