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कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में उमंग सिंघार शामिल नहीं हुए, राजनीतिक मामलों की समिति के 25 में से 16 सदस्य बैठक में अनुपस्थित रहे

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस की कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को विवादों और मतभेद के बीच संपन्न हुई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार शुक्रवार को इस बैठक में शामिल नहीं हुए, जबकि गुरुवार को राजनीतिक मामलों की समिति के 25 में से 16 सदस्य बैठक में अनुपस्थित रहे। इस अनुपस्थिति ने पार्टी में असंतोष और अंदरूनी मतभेदों को और उजागर किया है, खासकर पिछले साल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी से मिली करारी शिकस्त के बाद। बैठक के पहले दिन जिन प्रमुख नेताओं ने बैठक में भाग नहीं लिया, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व राज्य मंत्री गोविंद सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, प्रवीण पाठक, कमलेश्वर पटेल, शोभा ओझा और विधायक आरिफ मसूद शामिल थे। इसी तरह पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी बैठक से अनुपस्थित रहे। कांग्रेस की बैठक में मतभेद बैठक से अनुपस्थित रहने वाले नेताओं की सूची में इतने बड़े नामों के शामिल होने से पार्टी में असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख जीतू पटवारी ने हालांकि उमंग सिंघार की अनुपस्थिति को उनके गले में खराश के कारण बताया। बैठक के पहले दिन उनके रोने के बारे में पूछे जाने पर पटवारी ने इसे “मीडिया द्वारा गढ़ी गई कहानी” बताया और कहा, “मैं एक योद्धा हूं।’’ हालांकि, एक पार्टी नेता ने बताया कि बैठक में शामिल न होने वाले नेता बीजेपी सरकार की नीतियों और विफलताओं को लेकर अगले सप्ताह विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लेने के पक्ष में थे। साथ ही पार्टी ने सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारी नियुक्त करने का फैसला किया है, ताकि आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। पार्टी ने संगठनात्मक फैसले लिए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान पार्टी ने वार्ड, मोहल्ला और ग्राम समितियों के गठन का निर्णय भी लिया। यह बैठक पार्टी के नए संगठनात्मक ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि पिछले महीने इन समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू हुई थी और यह पहली बैठक थी। बैठक में लिए गए फैसलों से पार्टी ने यह संकेत दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर गंभीर है, लेकिन अंदरूनी असंतोष और नेताओं के बीच मतभेद पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं।

विजयपुर में मुरझाया कमल, मंत्री रामनिवास रावत को मिली करारी हार, कांग्रेस के मुकेश मल्होत्रा जीते

Lotus withered in Vijaypur, Minister Ramniwas Rawat got a crushing defeat, Congress’s Mukesh Malhotra won. श्योपुर। Vijaypur By-Election Result 2024: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की विजयपुर (Vijaypur) विधानसभा सीट पर कांग्रेस (Congress) ने कब्जा कर लिया है। भाजपा प्रत्याशी (BJP candidate) और सरकार में वनमंत्री (Forest Minister) रामनिवास रावत (Ramniwas Rawat) की बड़ी हार हुई है। मुकेश मल्होत्रा (Mukesh Malhotra) ने रावत को 7 हजार 228 वोटों से हरा दिया।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस बनाएगी मोहल्ला समितियां, 35-40 घरों के लिए तैनात होगा एक कार्यकर्ता

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी संगठन को विस्तार और मजबूती देने के लिए अब मोहल्ला समितियां बनाएगी। 35 से 40 घरों के लिए एक कार्यकर्ता की तैनाती की जाएगी। पार्टी की प्राथमिक इकाइयां वार्ड, पंचायत, बूथ कमेटियां होंगी। मप्र विधानसभा के 16 दिसंबर से प्रारंभ होने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी संगठन की मजबूती और आगामी कार्यक्रमों को तय करने के लिए गठित समिति की पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया। संगठन को मजबूत करने की कवायद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संगठन को मैदानी स्तर पर मजबूती देने और बैठकों, धरना, प्रदर्शन, आंदोलनों का एजेंडा तय करने के लिए वरिष्ठ नेताओं की समिति बनाई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में इसकी मंगलवार को पहली बैठक हुई। नए लोगों को जोड़ने पर जोर प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह और अशोक सिंह ने बताया कि 21 और 22 नवंबर को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी। इसमें संगठन के विस्तार को चर्चा की जाएगी। जितने भी पदाधिकारी बनाए गए हैं, उन सभी को जिला, ब्लॉक और विधानसभा क्षेत्र का प्रभार दिया जाएगा। नए लोगों को पार्टी से जोड़ने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। जनहित के मुद्दों पर प्रदर्शन की तैयारी उन्होंने बताया कि पार्टी की प्राथमिक इकाई वार्ड, पंचायत और बूथ कमेटियां होंगी। मोहल्ला कमेटी का गठन किया जाएगा। 35-40 घरों के बीच एक कार्यकर्ता तैनात किया जाएगा जो पार्टी की रीति-नीति और कार्यक्रमों को जनता के बीज पहुंचाने का काम करेगा। प्रदेश में महिलाओं, बच्चियों, अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ हो रहे अन्याय, किसानों से वादाखिलाफी, कानून व्यवस्था की बदतर स्थिति, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

शीतकालीन सत्र में कांग्रेस का निशाना सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग रहेंगे

भोपाल मध्यप्रदेश में 16 दिसंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में कांग्रेस, भाजपा की मोहन सरकार को घेरने की तैयारी में है। कांग्रेस का निशाना सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग रहेंगे। कानून-व्यवस्था, पदोन्नति, ओबीसी आरक्षण, महिला और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग पर अत्याचार, कृषि, पंचायत, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, आवास, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी। साथ ही, राज्य की अर्थव्यवस्था और निवेश प्रस्तावों की स्थिति पर भी कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है। इन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस कांग्रेस ने अनुसूचित जाति-जनजाति और पिछड़ा वर्ग पर पिछले दस महीनों में हुए अत्याचारों की जांच के लिए अलग-अलग दलों का गठन किया था। इन दलों की रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस विधानसभा में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगी। भोपाल में एमडी ड्रग्स का मामला, मादक पदार्थों का बढ़ता उपयोग, अपहरण, महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचार की घटनाओं को कांग्रेस प्रमुखता से उठाएगी। इसके साथ ही, कर्मचारियों की पदोन्नति और ओबीसी आरक्षण पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की जाएगी। प्रमोशन पर भी मांगा जाएगा जवाब राज्य में आठ साल से पदोन्नतियां रुकी हुई हैं। हजारों कर्मचारी पदोन्नति के बिना ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। कांग्रेस ने ओबीसी आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया था लेकिन मामला अभी भी न्यायालय में लंबित है और 13 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक लगी हुई है। लोक निर्माण विभाग में अनियमितता के मामले लगातार सामने आ रहे हैं और कई परियोजनाओं पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है। किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरने का प्लान भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले किसानों से 2,700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं और 3,100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदने, महिलाओं को लाडली बहना योजना में 3,000 रुपये देने, मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना लागू करने जैसे कई वादे किए थे, लेकिन अभी तक इन वादों को पूरा नहीं किया गया है। शहरों के मास्टर प्लान अटके हुए हैं और घर-घर नल से जल पहुंचाने की योजना में भी अनियमितताएं सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने अपने विधायकों से कहा है कि वे विधानसभा में इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाएं और सरकार से जवाब मांगें। जनहित से जुड़े मुद्दे उठाएंगे विधानसभा में उपनेता हेमंत कटारे ने कहा, ‘आगामी विधानसभा सत्र में हम सरकार से वे सभी प्रश्न पूछेंगे, जो जनहित से जुड़े हैं।’ उन्होंने कहा, ‘वित्तीय प्रशासन गड़बड़ाया हुआ है तो रोजगार की बात बेमानी हो गई है। प्रशासनिक अराजकता की स्थिति है। विभागों में काम ही नहीं हो रहे हैं। हम विभागवार रिपोर्ट तैयार करेंगे और जनता के सामने सरकार की वास्तविकता लाएंगे।’

कम मतदान प्रतिशत से उनके द्वारा घोषित किए गए मतदान के मार्जिन पर कोई असर नहीं पड़ेगा: कांग्रेस

वायनाड वायनाड लोकसभा सीट पर बुधवार को हुए उपचुनाव में 64.72 प्रतिशत वोटिंग हुई। 2009 में इस सीट के गठन के बाद से अब तक का सबसे कम मतदान प्रतिशत है। राहुल गांधी के द्वारा इस सीट से इस्तीफा देने के कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी। यहां प्रियंका गांधी वाड्रा का मुकाबला सीपीआई उम्मीदवार सत्यन मोकेरी और बीजेपी की नव्या हरिदास से है। मतदान प्रतिशत में गिरावट को लेकर कांग्रेस के भीतर चिंताएं भी जताई गई हैं। आपको बता दें कि कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के लिए जीत का अंतर 5 लाख वोटों का दावा किया था। कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने कहा है कि कम मतदान प्रतिशत से उनके द्वारा घोषित किए गए मतदान के मार्जिन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, यूडीएफ नेताओं ने इसका खंडन किया और दावा किया कि पार्टी की स्थिति मजबूत है। सीपीआई नहीं दिखी उत्साहित केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने कम मतदान प्रतिशत के लिए सीपीआईएम के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में मतदाताओं के बीच उत्साह की कमी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि कुछ इलाकों में मतदाताओं का रुझान अपेक्षाकृत कम था, जिसके कारण मतदान प्रतिशत में गिरावट आई। प्रियंका गांधी को समर्थन जुटाने के लिए आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल और दीपा दासमुनी ने प्रियंका गांधी के साथ बैठकों में भाग लिया। इसके अलावा, कांग्रेस नेताओं ने यह सुनिश्चित किया कि उनके विधायक और कार्यकर्ता प्रियंका गांधी के अभियान के दौरान क्षेत्र में मौजूद रहें। प्रियंका गांधी वाड्रा के लिए प्रचार में वरिष्ठ कांग्रेस नेता जैसे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, विपक्षी नेता राहुल गांधी और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी शामिल हुए। इस उपचुनाव के दौरान इन नेताओं ने प्रियंका गांधी के प्रचार का नेतृत्व किया और पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय रूप से मैदान में लाने की कोशिश की। वायनाड में बाढ़ का असर यह उपचुनाव वायनाड जिले में आई बाढ़ के कुछ महीने बाद हुआ है। बाढ़ के कारण 231 लोगों की मौत हो गई थी। 47 अभी भी लापता हैं। वायनाड उपचुनाव के मतदान प्रतिशत में कमी के बावजूद कांग्रेस और UDF के नेताओं का मानना है कि प्रियंका गांधी की जीत में कोई बाधा नहीं आएगी। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि कम मतदान के बावजूद क्या कांग्रेस की उम्मीदें पूरी होती हैं और क्या प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से जीत हासिल कर पाती हैं।

आधी रात को मध्य प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

Full force at midnight…Sudden transfer of IAS officers: Congress expressed objection MP IAS Transfer: मध्य प्रदेश में एक बार फिर दो दर्जन से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का आधी रात तबादला कर दिया गया है. ट्रांसफर लिस्ट में मुख्यमंत्री मोहन यादव के दोनों प्रमुख सचिव का भी नाम शामिल है. रात में अधिकारियों के तबादला आदेश पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि आधी रात पूरी ताकत से चल रहा ‘तबादला उद्योग’ अब प्रशासनिक मशीन में खड़खड़ाहट की तेज आवाज पैदा कर रहा है. पटवारी ने कहा कि नियमों के विपरीत लगातार हो रहे तबादले डरी हुई सरकार की कमजोर इच्छाशक्ति और अनिर्णय की स्थिति को दर्शाता है. पटवारी के आरोप पर बीजेपी ने पलटवार किया है. बीजेपी नेता राजपाल सिंह ने कहा कि जीतू पटवारी अभी तक के सबसे असफल प्रदेश अध्यक्ष साबित हुए हैं. लगता है कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल शायद याद नहीं रहा. उन्होंने कहा कि 15 महीने में कमलनाथ सरकार ने तबादला उद्योग चला दिया था. एक अधिकारी को एक महीने में तीन बार बदला जा रहा था. रात में तबादले का आदेश जारी होने पर कांग्रेस ने उठाये सवाल प्रदेश की बीजेपी सरकार नियम अनुसार पोस्टिंग कर रही है. कांग्रेस को मध्य प्रदेश के विकास से शायद घृणा है, शायद इसलिए जीतू पटवारी झूठे आरोप लगा रहे हैं. प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया का दावा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यकाल में अभी तक सबसे कम तबादले हुए हैं. कार्यकाल पूरा होने के बाद अधिकारियों को नियमानुसार इधर से उधर भेजा गया है. उन्होंने मोहन यादव सरकार के आदेश का बचाव किया. बीजेपी नेता ने कहा कि उपचुनाव होने की वजह से कांग्रेस को हर आदेश में राजनीति दिख रही है. सरकार कोई भी आदेश दिन-रात देखकर नहीं निकालती है. सरकार का आदेश जनहित को देखते हुए जारी होता है.

कांग्रेस ने महाराष्ट्र में भाजपा नीत महायुति सरकार का प्रचार अभियान नफरत से भरा है, आरोप लगाया

नई दिल्ली कांग्रेस ने सोमवार को महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत महायुति सरकार पर अपने चुनाव प्रचार अभियान में जानबूझकर ‘‘नफरत एवं जहर’’ घोलने और ‘‘राज्य में साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने’’ का प्रयास करने का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह प्रचार अभियान भाजपा की ‘‘बीमार मानसिकता’’ को सामने लाता है। रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति के प्रचार अभियान में केवल एक ही एजेंडा है – सिर्फ और सिर्फ धर्म के आधार पर समाज का ध्रुवीकरण करना और राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ना। ऐसा खतरनाक अभियान उनकी बीमार मानसिकता को सामने लाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उनका पूरा प्रचार अभियान नफरत से भरा है और जानबूझकर समाज में जहर घोलने का काम कर रहा है। लेकिन महाराष्ट्र की जनता 20 नवंबर को इस तरह के प्रचार अभियान को निर्णायक रूप से खारिज करेगी।’’ रमेश ने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस नीत महा विकास आघाडी (एमवीए) का प्रचार अभियान लोगों की दैनिक समस्याओं, परेशानियों और बुनियादी मुद्दों पर है जैसे कि किसानों और महिलाओं के गंभीर संकट, आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि और श्रमिकों में असुरक्षा। उन्होंने कहा कि गठबंधन के एजेंडे में युवाओं के लिए नौकरियों की कमी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अपर्याप्त सामाजिक न्याय और बड़ी निवेश परियोजनाओं में महाराष्ट्र के साथ भेदभाव भी शीर्ष पर हैं। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा जिसमें एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना, भाजपा और अजित पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) समेत सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का मुकाबला कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार नीत राकांपा (एसपी) वाले एमवीए से है। मतगणना 23 नवंबर को होगी।  

उपचुनाव के रिजल्ट के बाद कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, बदले जाएंगे कई जिलाध्यक्ष

भोपाल  मध्य प्रदेश में दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव कांग्रेस के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं. कांग्रेस की ओर से इस उपचुनाव के रिजल्ट के बाद संगठन में बड़ा फेरबदल करने की बात कही जा रही है. चर्चा है कि मध्य प्रदेश के कई जिला अध्यक्षों को बदल दिया जाएगा. इसके अलावा संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे कांग्रेस नेताओं की जिम्मेदारी में भी बदल सकती है. मध्य प्रदेश में बुधनी और विजयपुर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव पर पूरे प्रदेश के लोगों की नजर है. खास तौर पर विजयपुर सीट पर सभी राजनेताओं की निगाह है. यहां पर कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी से रामनिवास रावत अपना भाग्य आजमा रहे हैं, जबकि कांग्रेस ने उपचुनाव के पहले ही बड़ा ऐलान कर दिया है. मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुकेश नायक के मुताबिक, उपचुनाव के बाद संगठन में बड़े फेरबदल की संभावना है. उन्होंने कहा, “मध्य प्रदेश में जिन जिला अध्यक्षों को तीन साल से अधिक का वक्त हो गया है, उन्हें हटाकर नए लोगों को मौका दिया जाएगा. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी चाहते हैं कि सभी कांग्रेस नेताओं को काम करने का मौका मिले. इसी को देखते हुए प्रदेश स्तर पर भी कई और नियुक्तियां हो सकती है.” उपचुनाव के पहले मच सकता था घमासान राजनीति के जानकार मानते हैं कि उपचुनाव के पहले संगठन में फिर फेरबदल से घमासान मच सकता था, इसी वजह से उपचुनाव के बाद ही संगठन में फेरबदल किया जाएगा. वरिष्ठ पत्रकार कीर्ति राणा के मुताबिक, “मध्य प्रदेश में कई कैसे पदाधिकारी हैं जो पूर्व अध्यक्ष की ओर से बनाए गए थे. जीतू पटवारी अपनी नई टीम तैयार करना चाहते हैं शायद इसी वजह से फेर बदल की संभावना है.”

मल्लिकर्जुन खड़गे का मोदी सरकार पर हमला: ओबीसी आरक्षण और जातिगत जनगणना पर दोहरा रुख

Mallikarjun Kharge’s sharp comment on Modi government: Double stance on OBC reservation and caste census नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकर्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। खड़गे ने कहा कि मोदी जी चुनावी लाभ के लिए खुद को बार-बार ओबीसी बताने का दावा करते हैं, लेकिन यह कभी नहीं बताते कि वे जातिगत जनगणना से पिछड़ी जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को क्यों छुपाए रखना चाहते हैं।खड़गे ने इस संदर्भ में मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया और कहा, “जब मंडल आयोग की सिफारिशें लागू की गईं, तो बीजेपी ने इसका विरोध करते हुए यात्रा निकाली थी। अब मोदी जी ओबीसी वोट हासिल करने के लिए ओबीसी होने का दावा करते हैं, लेकिन जब बात उनके वास्तविक कामकाजी रुख की आती है, तो वे पिछड़ों के हक में कभी खड़े नहीं हुए।” राहुल गांधी के हालिया बयान का हवाला देते हुए खड़गे ने कहा कि हाल ही में धनबाद में राहुल गांधी ने यह खुलासा किया था कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी ओबीसी वर्ग से है, 15 प्रतिशत दलित हैं, और 8 प्रतिशत आदिवासी वर्ग के लोग हैं। इन वर्गों की बेहतर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने का सबसे बड़ा तरीका जातिगत जनगणना है।खड़गे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ओबीसी, दलित और आदिवासी वर्ग के खिलाफ है, और यह बात झारखंड की गठबंधन सरकार द्वारा किए गए एक बड़े कदम से स्पष्ट होती है। झारखंड विधानसभा ने OBC आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन मोदी सरकार ने इसे गवर्नर से रोकवा दिया। “यह दोहरा चरित्र दर्शाता है कि मोदी जी अपने घोषणापत्र में OBC आरक्षण बढ़ाने की बात करते हैं, लेकिन जब असल में इसे लागू करने का समय आता है, तो वे उसे रोकने में किसी भी हद तक जा सकते हैं। क्या इस तरह के दावे पर आप लोग विश्वास करेंगे?” खड़गे ने सवाल उठाया। खड़गे ने यह भी कहा कि मोदी सरकार का यह दोगला रुख ही उनकी असल नीयत को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे पर गंभीर सोच-विचार करें और सही पक्ष का समर्थन करें।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से अपील: 13 नवंबर को करें मतदान

Leader of Opposition Umang Singhar’s appeal to the voters of Vijaypur and Budhni: Vote on 13th November and strengthen democracy. भोपाल ! मध्य प्रदेश में 13 नवंबर को श्योपुर जिले की विजयपुर और सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट के उपचुनाव होने जा रहे हैं। इस उपचुनाव में न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों का भविष्य तय होगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश सरकार के पिछले 10 महीने के कार्यकाल का भी महत्वपूर्ण मूल्यांकन का अवसर होगा। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने विजयपुर और बुधनी के मतदाताओं से एक अपील की है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ उम्मीदवारों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की ताकत को मजबूत करने और प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यों पर आम जनता की राय जानने का भी मौका है। उमंग सिंघार ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा, “आपका एक-एक वोट प्रदेश की दिशा तय करेगा। यह सिर्फ विधानसभा चुनाव नहीं है, बल्कि यह हमारी सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता का मापदंड भी है। आपके मतदान से यह संदेश जाएगा कि आप किस प्रकार के नेतृत्व और नीतियों को अपने क्षेत्र और प्रदेश में देखना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि 10 महीने पहले सत्ता में आई प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली, वादों की पूर्ति और जनता की सेवा के हिसाब से इस उपचुनाव में मतदाताओं को अपना फैसला लेना है। यह एक बड़ा मौका है जहां जनता को यह तय करना है कि क्या सरकार अपने वादों को पूरा करने में सफल रही है या नहीं।“आपका मतदान ही यह तय करेगा कि आने वाले दिनों में प्रदेश की विकास यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ेगी। विजयपुर और बुधनी के मतदाता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं, और हम आपसे आग्रह करते हैं कि आप 13 नवंबर को अपने मतदान का अधिकार अवश्य उपयोग करें,” उमंग सिंघार ने कहा। यह उपचुनाव न केवल इन दो विधानसभा क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में चुनाव परिणामों से यह संकेत मिलेगा कि राज्य के नागरिक आगामी विधानसभा चुनावों में किस दिशा में अपना समर्थन देंगे।

महाराष्ट्र चुनाव के बीच कांग्रेस का बड़ा कदम , 28 बागी उम्मीदवारों को किया पार्टी से निष्कासित

 मुंबई महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Election 2024) से पहले कांग्रेस ने बागियों के खिलाफ सख्ती की शुरुआत कर दी है. पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले 22 नेताओं को कांग्रेस ने सस्पेंड कर दिया है. इन नेताओं को पार्टी के खिलाफ काम करने के चलते 6 साल के लिये निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, महाराष्ट्र में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले बागी उम्मीदवार कांग्रेस के लिए चुनौती खड़ी करते दिख रहे हैं. जिन 22 नेताओं को पार्टी से निकाला गया है, उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में महा विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवारों के खिलाफ ही ताल ठोंक रखी है. पार्टी से निकाल दिये गए ये दिग्गज कांग्रेस से निकाले गए नेताओं में कई दिग्गज भी शामिल हैं. इनमें पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक (रामटेक निर्वाचन क्षेत्र), याज्ञवल्क जिचकर (काटोल), कमल व्यवहारे (कसबा), मनोज शिंदे (कोपरी पचपखाड़ी) और आबा बागुल (पार्वती) शामिल हैं. बागियों पर एक्शन के बाद कांग्रेस की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि यह फैसला अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के प्रभारी रमेश चेन्निथला के निर्देश पर लिया गया है. कब है महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव? महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 20 नवंबर को होगी. महाराष्ट्र, झारखंड और अन्य उपचुनावों के नतीजे 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे. महाराष्ट्र में इस समय दो मुख्य गठबंधन के बीच मुकाबला है जिसमें MVA और महायुति शामिल हैं. महायुति में बीजेपी, शिवसेना (एकनाथ शिंदे)और NCP (अजित पवार) शामिल हैं. इन्हें भी किया पार्टी से बाहर जिन बागी उम्मीदवारों को पार्टी से निष्कासित किया गया है, उनमें सिंदखेडा से बागी शामकांत सनेर, श्रीवर्धन से राजेंद्र ठाकूर, पर्वती से आबा बागुल, शिवाजीनगर से मनीष आनंद, परतूर से सुरेश कुमार जेथलीया और  कल्याण बोराडे, रामटेक सीट से चंद्रपाल चौकसे, सोनल कोवे, मनोज सिंधे, अविनाश लाड, आनंदराव गेदाम, शब्बीर खान, हंसकुमार पांडे, मंगल भुजबल, अभिलाषा गावतुरे, कमल व्यवहारे, मोहनराव दांडेकर, प्रेमसागर गणवीर, याज्ञवल्क्य जिचकर, अजय लांजेवार, राजेंद्र मुलक, विजय खडसे और विलास पाटिल का नाम शामिल हैं. बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में महायुति और महा विकास अघाड़ी के बीच कांटे की टक्कर होने वाली है. 20 नवंबर को वोटिंग के होगी और 23 नवंबर को काउंटिंग होगी. महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त होने वाला है. इस चुनाव में महाविकास अघाड़ी के सामने लोकसभा चुनाव परिणाम को दोहराने की चुनौती है तो वहीं महायुति को दोबारा सत्ता में आने के लिए 145 सीटें हासिल करनी होंगी. दोनों पार्टियां अपना दम-खम दिखाने की पूरी कोशिश कर रही हैं.  

Madhya Pradesh by-election : खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मुद्दे पर जीतू पटवारी ने मोहन सरकार को घेरा

Jitu Patwari cornered Mohan government on fertilizer crisis and nursing college issue भोपाल। मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस बीजेपी सरकार पर हमलावर हो गई है। खाद संकट और नर्सिंग कॉलेज मामले को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर जमकर निशाना साधा है। प्रदेश में किसानों को हो रहे खाद संकट पर पटवारी ने कहा कि बुधनी जो केंद्रीय कृषि मंत्री का क्षेत्र है वहां भी लोगों को खाद की परेशानी हो रही है। बीजेपी के लोग बार-बार खाद की समस्या न होने की बात करते हैं, जबकि स्थितियां सबके सामने है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि बीजेपी के नेता बताएं रवि और खरीफ के लिए कितना खाद चाहिए था, सरकार ने कितनी मांग की है और उसके एवज में कितनी आपूर्ति हुई है। यदि बुधनी में पर्याप्त खाद किसानों को मिला होगा तो पिछली बार एक लाख आठ हजार से बीजेपी जीती थी, इस बार 1 लाख 9000 से चुनाव जीतना चाहिए। नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी साधा निशाना पीसीसी चीफ ने नर्सिंग कॉलेज मामले पर भी सरकार पर हमला बोला है। जीतू पटवारी ने कहा कि लंबी जांच के बाद यह स्थिति स्पष्ट हो गई है कि प्रदेश में केवल 200 कॉलेज ही ऐसे हैं, जो नियमों की पूर्ति करते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग लगातार भ्रष्टाचार की बात उठा रहे थे, वह सच साबित हुई। ऐसे में अब जिन लोगों ने इन कॉलेजों को मान्यता दी चाहे वह अधिकारी हो मंत्री हो या कर्मचारी हो सब पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं एक बार फिर इन सब पर कार्रवाई की मांग करता हूं और मंत्री को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है विजयपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर पटवारी ने कहा कि बीजेपी विजयपुर में लूट के जरिए जीत दर्ज करना चाहती है। लेकिन कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता इस लूट के खिलाफ शासन प्रशासन और बीजेपी नेताओं से लड़ने के लिए तैयार खड़ा है। उन्होंने कहा मैं खुद 11 तारीख तक विजयपुर में रहूंगा उसके बाद विजयपुर के आसपास सबलगढ़ शिवपुरी और श्योपुर में डेरा डालूंगा। ताकि विजयपुर में जनमत के साथ लूट ना हो सके। उमंग सिंगार के आरोपों पर पटवारी ने कहा उमंग सिंगार के आरोपों पर जीतू पटवारी ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष एक जिम्मेदार पद पर है। यदि उन्होंने कोई बात कही है तो बिल्कुल प्रमाणिक होगी। रही बात बीजेपी को प्रमाण देने की तो बीजेपी बताएं कि रामनिवास रावत क्या फ्री फोकट में बीजेपी गए हैं। 2020 में जो बड़ी संख्या में विधायक जॉइन कराए, क्या वह मुफ्त में बीजेपी ज्वाइन किया और समय आने पर प्रमाण भी उपलब्ध करा दिए जाएंगे। बीजेपी के नेता तो खुद ही इस बात को स्वीकारते हैं कि भाजपा नेता खरीद फरोख्त करते हैं। लाड़ली बहनों से की वादाखिलाफी लाड़ली बहन की किस्त जारी करने पर जीतू पटवारी ने कहा कि सरकार ने महिलाओं को 3000 रुपए देने का वादा किया था। लेकिन केवल 1250 रुपए दे रहे हैं। यह सीधे तौर पर महिलाओं के साथ छलावा है। महिलाएं भी अपने आप को छला हुआ महसूस कर रही है। इन दोनों उप चुनाव में महिलाएं इसका जवाब देंगी। पीएम मोदी के “एक रहोगे सेफ रहोगे” के बयान पर किया पलटवार पीएम मोदी के एक रहोगे सेफ रहोगे वाले बयान पर भी पटवारी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान की भी यही भावना है कि सब भारत के लोग एक साथ मिलजुल कर रहे। लेकिन बीजेपी के लोग मंच से तो सबके एकजुटता होने की बात करते हैं। लेकिन पीछे के रास्ते समाज में बांटने का काम करते हैं। काम, संविधान को कमजोर करने का मोदी प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा राहुल गांधी भी यही कहते हैं कि भारत की अखंडता बनी रहनी चाहिए। प्रधानमंत्री को यह नारा भी लगाना चाहिए कि हिंदू मुस्लिम सिख इसाई हम आपस में भाई-भाई। भारत की संस्कृति में सबको एकजुट रहने की बात कही गई है।

मध्यप्रदेश में बीजेपी नेताओं को खुली छूट, पुलिस को जहां चाहो वहां पीटो”, जीतू पटवारी का तंज

BJP leaders in Madhya Pradesh have a free hand, beat the police wherever they want”, Jitu Patwari. मध्यप्रदेश कांग्रेस ने पुलिस पर हो रहे हमलों को लेकर सरकार को आईना दिखाने का अनोखा तरीका निकाला है. भोपाल। कटनी जिले के एक थाने में पुलिस कर्मियों के साथ गालीगलौच किए जाने और हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में हंगामा करने वाले खुद को बीजेपी पदाधिकारी बता रहे हैं. ये लोग वीडियो में पुलिस अधिकारियों को वर्दी उतारने की धमकी दे रहे हैं. वीडियो वायरल होने के बाद अब कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया “बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट दी गई है कि पुलिस को पीटो. कांग्रेस जल्द ही प्रदेश में पुलिस पिटाई की पूरी सीरीज निकालने जा रही है.” कांग्रेस बोली – अपराध न रोकें, इसलिए पिटती है पुलिसपुलिस से गालीगालौच का वीडिया समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता यश भारतीय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा “बीजेपी नेता पुलिस से गालीगलौच कर थाना परिसर से अपने साथी को छुड़ा ले गए.” पुलिस से बदसलूकी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया “पुलिस की कैसे पिटाई होती है, मध्यप्रदेश इसका ज्वलंत उदाहरण है. बीजेपी कार्यकर्ताओं को खुली छूट है कि पुलिस को पीटो. पुलिस को इसलिए मारो कि वे अपराधों को न रोकें.” कांग्रेस पार्टी पुलिस पिटाई की सीरीज निकालेगीजीतू पटवारी का कहना है “मोहन यादव सरकार में कितने पुलिसकर्मियों की पिटाई हुई है, हर जिले, तहसील में रोज पुलिस पिटती है, इस पर पूरी सीरीज निकाली जाएगी, इसे तैयार किया जा रहा है.” पटवारी ने कहा कि बीजेपी ने मोदी की गारंटी दी थी कि बहनों को 3 हजार रुपए महीना दिया जाएगा. क्या यह मिलने लगे हैं ? लाडली बहना के नाम पर भ्रमित किया गया. इसी तरह किसानों को 2700 रुपए में गेहूं खरीदा जाएगा. बीजेपी बताए यह सच है या झूठ. सरकार ने गरीबों की योजनाएं बंद कर दी. एससी,एसटी, ओबीसी की छात्रवृत्ति बंद कर दी. 33 विभागों के पास पैसा नहीं है,. बीजेपी झूठ के पैरों पर खड़ी है. अगर कांग्रेस झूठ बोल रही है तो सरकार बताए सच क्या है ?

सचिन पायलट : भोपाल सचिवालय में जमे है माफिया, 400 पार के अहंकार को जनता ने दिया करारा जवाब

Sachin Pilot: Mafia is established in Bhopal Secretariat, public gave a befitting reply to the arrogance of Rs 400 भोपाल। MP by election 2024: मध्यप्रदेश पहुंचे कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने बड़ा बयान दिया है। कहा कि- हम सब आज उपचुनाव में प्रचार करेंगे। जनता ने जिन उम्मीदों को लेकर वोट डाले थे उस पर सरकार खरा नहीं उतरी। हर क्षेत्र में सिर्फ प्रचार, प्रसार, फोटो छप रही हैं। भोपाल सचिवालय में माफिया जमे है। 400 पार के अहंकार को जनता ने करारा जवाब दिया है। भाजपा ने दो बैसाखियों पर सरकार बनाई है। राहुल गांधी के नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद सरकार की जवाबदारी तय की है।केंद्र की सरकार आज भी कांग्रेस को दोष दे रही है। चिन्हित लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नीतियां बन रही हैं। बीजेपी का ग्राफ देशभर में डाउन हो रहा है। झारखंड और महाराष्ट्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। झारखंड में इंडिया गठबंधन की सरकार बनाने की हवा चल रही है। हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे एमपी में मजबूत विपक्ष के रूप में सरकार काम कर रही है। उपचुनाव में हम अच्छा करेंगे, एक नए बदलाव की शुरुआत होगी। प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ रही हैं, सुखद परिणाम हर जगह कांग्रेस के लिए है।भारत की सीमाओं का संरक्षण किसकी जिम्मेदारी है। गौ माता, भगवान राम के नाम पर वोट बटोरते हैं, विपक्षी सरकारों को बजट नहीं देते, बहुत सारे नेता पार्टी छोड़ते हैं, हमारे यहां पूरी पार्टी चुनाव लड़ती है। फ्री बीज को लेकर बोले – कांग्रेस सरकार अगर गरीबों को मदद करना चाहे तो उसे फ्री बीज कहते हैं, हमने जहां जो कहा वह करके दिखाया है। झूठ बोलना, कांग्रेस को कोसना कब तक करेंगे। शिवराज की योजना इतनी अच्छी थी तो उन्हें हटाया क्यों। हमारा संख्या बल अब बहुत बेहतर है, हम हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करेंगे। जम्मू कश्मीर को फुल स्टेट का दर्जा मिले यह हम चाहते हैं। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पायलट ने कहा कि- बाटेंगे और काटेंगे के खिलाफ कांग्रेस का नया प्लान। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे अभियान पर कांग्रेस काम करेगी।लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस अगर आई तो मंगलसूत्र छीन ले जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री काटेंगे की बात करते हैं। हम सकारात्मक राजनीति करेंगे। पढ़ेंगे और बढ़ेंगे। बीजेपी का काम है कि ध्रुवीकरण करना, धार्मिक भावना राजनीतिक आक्रमण करना, विपक्ष की आवाज दबाने के लिए सत्ता का दुरुपयोग करना। अब एक तरफा हवा चल रही है गठबंधन की सरकार बनाने के लिए लोग उठ चुके हैं। नेताओं की बयानबाजी और नाराजगी बहुत सारे नेता छोड़ते हैं तो आते हैं। कांग्रेस पार्टी अपने-अपने संगठन अपने विचारधारा पर काम कर रही है। हम एकजुटता से काम कर रहे हैं। शिवराज के बयान पर कहा कि वे कितने साल से काम कर रहे थे। मजबूरन उन्होंने जाना क्यों पड़ा, इसका जवाब दें। रेवाड़ी की राजनीति करते हैं। हम लोग काम करते हैं तो दिक्कत और हम अगर अनुदान देना चाहे तो समस्या, और खुद 80 करोड लोगों को फ्री भोजन कर रहे हैं. आप अन्नदाता है हम कोई घोषणा करें तो हम पाप कर रहे हैं.. सीजी में उपराष्ट्रपति के बयान पर छत्तीसगढ़ के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट बोल- कानून के बारे में रहकर कानून का काम करना चाहिए। चुनाव से पहले इस प्रकार की बातें करना और धार्मिक बातें बोलकर वोट बटोरना ठीक बात नहीं है। विकास की बात करनी चाहिए। कभी गौ माता, कभी नागरिक संहिता, कभी मंदिर की बात सिर्फ चुनाव के लिए करते हैं। ऐसी राजनीति को जनता भी स्वीकार नहीं कर रही है

कांग्रेस ने कनाड़ा में हो रही हिंसा का किया विरोध, पीएम ट्रूडो का पोस्टर सड़क पर चिपकाए

इंदौर इंदौर में कांग्रेस ने कनाड़ा में रह रहे भारतीयों के साथ हो रही हिंसा का विरोध किया हैै। सेवादल कार्यकर्ता कनाड़ा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के पोस्टर सड़कों पर चिपकाए है और पोस्टर पर से दिनभर वाहन चलते रहे। पोस्टरों पर कनाड़ा पीएम मुर्दाबाद लिखा था।  जिला कांग्रेस सेवादल के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल और गिरीश जोशी व देवेंद्र सिंह यादव ने यह अनूठा प्रदर्शन कनाड़ा सरकार के खिलाफ किया। वे पोस्टर लेकर निकले और सड़कों पर चिपकाने लगे। उन्होंने कहा कि कनाडा मेें अब भारत विरोधी गतिविधियां हो रही है। खलिस्तानी आतंकियों को वहां की सरकार समर्थन दे रही हैै। इस कारण कनाड़ा में भारतीय मूल के लोगों को परेशान किया जा रहा है।   नेतागणों ने कहा कि केंद्र सरकार को कनाड़ा को आतंकवादी समर्थक देश की सूची में शामिल करने के लिए मुहिम चलाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कनाड़ा में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा की चिंता भी भारत को करना चाहिए। वहां हिन्दू मंदिरों को भी निशाना बनाया जा रहा है।  

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