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कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए शहर अध्यक्ष के लिए रायशुमारी की जा रही

भोपाल कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नए शहर अध्यक्ष के लिए रायशुमारी की जा रही है। अमृतसर सांसद गुरमीत सिंह औजला ने तीन दिन शहर में रहकर इसके लिए मंथन किया। इस दौरान कई नाम सामने आए, लेकिन प्रदेश प्रभारी के एक बयान से कई दावेदारों के माथे पर चिंता की लकीर है। नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी एक दिन पहले प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी(Harish Chaudhary) और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया विभाग की वर्चुअली मीटिंग ली थी। इसमें चौधरी ने कहा था कि जिला अध्यक्षों की नियुक्ति आम सहमति से की जाएगी, लेकिन 45 वर्ष से अधिक के नेताओं को अध्यक्ष नहीं बनाया जाएगा। कई नेताओं की उम्र 45 वर्ष से अधिक इंदौर में दावेदारी करने वाले कई नेता 45 वर्ष से अधिक की उम्र के हैं। ऐसे में अरविंद बागड़ी, अश्विन जोशी जैसे नेताओं की दावेदारी खटाई में पड़ सकती है। हालांकि चौधरी ने विशेष परिस्थितियों में रियायत देने की बात भी कही है।

गुटबाजी खत्म करो, बदलाव चाहिए तो बताओ – मैं करूंगा’: भोपाल में राहुल गांधी का कांग्रेस नेताओं को सख्त संदेश

Rahul Gandhi’s strong message to Congress leaders in Bhopal भोपाल | लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भोपाल में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की शुरुआत करते हुए पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया: गुटबाजी अब और नहीं चलेगी, सभी को मिलकर संगठन को मजबूत करना होगा। पार्टी संगठन को मिशन 2028 के तहत नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश के तहत राहुल गांधी ने एक ही दिन में पांच अहम बैठकें कीं। उन्होंने सभी नेताओं से साफ कहा, कोई भी फैसला ऊपर से नहीं थोपा जाएगा। आप मिलकर निर्णय लें, और अगर कोई बदलाव चाहिए, तो बताइए – मैं करूंगा। लेकिन पहले एकजुट हो जाइए। संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश राहुल गांधी ने नेताओं को याद दिलाया कि पिछले बीस सालों में कांग्रेस का संगठन मध्य प्रदेश में कमजोर हुआ है और अब समय है इसे फिर से खड़ा करने का। उन्होंने संगठन को मजबूत, पारदर्शी और जनसरोकार से जुड़ा बनाने पर जोर दिया। कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ का लक्ष्य 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय और जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित करना है। राहुल गांधी ने कहा कि कार्यकर्ताओं की आवाज़ सुनी जाएगी और निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाएंगे, न कि ऊपर से थोपे जाएंगे।

3 जून को एमपी आएंगे Rahul Gandhi, 7 घंटे होगा स्टे, कांग्रेस पदाधिकारियों और विधायकों से करेंगे बात

Rahul Gandhi MP Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दो दिन बाद राहुल गांधी कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान की शुरुआत करेंगे। वे पदाधिकारियों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठन को धार देंगे। Rahul Gandhi MP Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के दौरे के दो दिन बाद 3 जून को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भोपाल आएगे। वे संगठन सृजन अभियान की शुरुआत करेंगे। करीब सात घंटे के दौरे में पार्टी के पदाधिकारियों, विधायकों के अलावा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें करेंगे। उमंग सिंघार ने दी जानकारीविधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में यह जानकारी दी। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस संगठन प्रभारी संजय कामले, मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक भी मौजूद थे।सिंघार ने कहा, राहुल गांधी के मार्गदर्शन में शुरू होने वाला यह अभियान कांग्रेस को जमीनी स्तर पर और सशक्त करेगा। यह पहल युवाओं, किसानों, श्रमिकों और समाज के वंचित वर्गों को कांग्रेस के साथ वापस जोड़ने का माध्यम बनेगी। अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षकों, प्रदेश कार्यकारिणी, राजनीतिक मामलों की समिति और सभी जिला अध्यक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा। उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और स्पष्ट रणनीति तैयार करना है। ये है दौरे का पूरा शेड्यूलसुबह 11 से 12 : प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पॉलीटिकल अफेयर कमेटी की बैठक।दोपहर 12 से 12.30 विधायकों के साथ बैठक।दोपहर 12.30 से 1.30: पर्यवेक्षकों, प्रभारियों के साथ बात करेंगे।दोपहर 1.30 से 2.30: आरक्षित समय।दोपहर 2.30 से 4 : रवींद्र भवन में एआइसीसी डेलीगेट्स, पीसीसी डेलीगेट्स, जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्षों का अधिवेशन।

MP में जिला अध्यक्षों के चयन के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त, इन पर्यवेक्षकों को एआईसीसी ने दिए निर्देश

भोपाल  कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों (MP congress Districts Presidents List) को महत्त्वपूर्ण बनाने के अहमदाबाद अधिवेशन के प्रस्ताव (Ahmedabad Session Proposal) पर काम शुरू हो गया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्षों के चयन के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। पर्यवेक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी देने के साथ ही एआइसीसी (AICC) ने इन्हें तत्काल प्रभाव से अपना काम शुरू करने के लिए कहा है। संगठन सृजन अभियान के तहत 50 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति संगठन सृजन अभियान के तहत मध्यप्रदेश के लिए 50 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। मध्यप्रदेश के लिए सप्तगिरि उलाका, गुरदीप सिंह सप्पल, अखिलेश प्रताप सिंह, डॉ. अजय कुमार, विवेक बंसल, रिपुन बोरा, कृष्णा तीरथ सहित 50 नेताओं को रखा गया है। गुजरात का फार्मूला लागू करने की तैयारी कांग्रेस में अब गुजरात फार्मूला लागू करने की तैयारी है। इसके तहत पर्यवेक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। जिला इकाई गठन में केन्द्रीय और राज्य पर्यवेक्षकों की राय भी मायने रखेगी। इसे पार्टी में नये बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। असल में कांग्रेस में संगठन को और मजबूत किए जाने की कवायद चल रही है। प्रयास है कि सभी कार्यकर्ताओं को मौका मिले, सिर्फ नाम के लिए पदाधिकारी न हो।

कांग्रेस के कद्दावर नेता आनंद शर्मा ने नरेंद्र मोदी सरकार की तारीफ, जानें क्या कहा

नई दिल्ली पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से शशि थरूर लगातार मोदी सरकार के पक्ष में बात कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पार्टी द्वारा इशारों में समझाने के बाद भी थरूर ने अपनी बात को सार्वजनिक रूप से रखना जारी रखा। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने भी मोदी सरकार के फैसले की तारीफ की है। शर्मा ने वैश्विक स्तर पर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान की पोल खोलने और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत की राय रखने के लिए सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को विदेश भेजने के फैसले को महत्वपूर्ण पहल बताया है। वहीं कांग्रेस पार्टी ने इसे एक भटकाने वाली योजना के रूप में रेखांकित किया था। कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गए चार नामों में से केवल आनंद शर्मा को ही केंद्र सरकार ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया है। आने वाले दिनों में शर्मा अपनी टीम के साथ मिस्र, कतर और इथियोपिया की यात्रा करेंगे।  बात करते हुए शर्मा ने कहा, “हमारा क्षेत्र दशकों से सीमा पार आतंकवाद से पीड़ित है। ऐसे में इसे लेकर वैश्विक जनमत को संवेदनशील बनाना महत्वपूर्ण है। पाकिस्तानी सेना और आईएसआई द्वारा पोषित आतंकवादी संगठनों ने भारत का बहुत खून बहाया है। हमने इस आतंकवाद की एक बड़ी कीमत चुकाई है। लेकिन इसके बाद भी हमने अपनी प्रतिक्रियाओं में संयम बरता.. आतंकवाद को लेकर बहुत कम देश ऐसे होते हैं, जो संयमित हो सकते हैं .. लेकिन भारत ने ऐसा किया। पहलगाम के बाद हमने जवाबी कार्रवाई की लेकिन यह एक मापी हुई कार्रवाई थी, जिसे हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया था।” आपको बता दें शशि थरूर के बाद अब आनंद शर्मा ने भी ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की कार्रवाई पर सरकार के प्रति नरम रुख अपनाया है, जबकि कांग्रेस पार्टी इस मामले को लेकर केंद्र पर हमलावर बनी हुई है। बुधवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सर्वदलीय सांसदों को विदेश भेजने के फैसले को केंद्र सरकार द्वारा सवालों से बचने और ध्यान भटकाने का तरीका बताया। जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 1950 के बाद हर अक्टूबर-नवंबर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र का दौरा करता था लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में इस परंपरा को खत्म कर दिया। अब जबकि वैश्विक स्तर पर वह हताश हैं और उनकी छवि को धक्का लग चुका है तब वह दोबारा से सर्वदलीय सांसदों को विदेशों में भेजने का फैसला ले रहे हैं।

सेना किसी नेता के चरणों में नतमस्तक नहीं होती, बल्कि वह सिर्फ भारत माता के प्रति समर्पित रहती है – कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयान को लेकर कांग्रेस लगातार विरोध दर्ज कर रही है। इसी कड़ी में अब भूतपूर्व सैनिक भी उतर आए हैं। पीसीसी में शनिवार को कांग्रेस सैनिक प्रकोष्ठ ने मंत्री विजय शाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बयानों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मेजर जनरल श्याम श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय सेना किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति की नहीं, बल्कि संविधान और राष्ट्र की सेवा करती है। सेना किसी नेता के चरणों में नतमस्तक नहीं होती, बल्कि वह सिर्फ भारत माता के प्रति समर्पित रहती है। बतौर पूर्व सैनिक हमें सेना के अपमान ने बहुत आघात पहुंचाया है। अगर नेताओं के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होगी, तो देशभर के पूर्व सैनिक सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा की तोड़ मरोड़कर बयान पेश करने की दलील गलत है। सरकार ने नहीं की कोई ठोस कार्रवाई मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि इस विवादित बयान पर अभी तक सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि जब हमारी सेना देश की रक्षा में जान तक देने को तैयार है, तो फिर उसके सम्मान पर चोट करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? अगर सरकार ने समय पर कार्रवाई की होती, तो सैनिकों का मनोबल बना रहता। लेकिन इस चुप्पी से जवानों में दुख और आक्रोश है। वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को खींचा जा रहा मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि यह मामला अब सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं रहा, बल्कि यह साफ दर्शाता है कि वोट बैंक की राजनीति में अब सेना को भी खींचा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना देश के लिए नतमस्तक होती है, न कि किसी पार्टी के लिए। राजनीति में सीमा का ध्यान रखना चाहिए। जो देश के जवान के मनोबल को तोड़ने का काम करेगा, वह देशद्रोही के समान होगा। सैनिकों को पहले दिन से सिखाया जाता है देश सबसे ऊपर समाजवादी पार्टी द्वारा दिए गए बयान पर भी उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि सेना के पहले दिन से ही सैनिकों को सिखाया जाता है कि देश सबसे ऊपर है। ऐसे में कोई भी नेता या दल यदि व्यक्तिगत या सांप्रदायिक टिप्पणी करता है, तो वह भारत के सशस्त्र बलों का अपमान करता है। सरकार को खुल कर देनी चाहिए प्रतिक्रिया उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कोर्ट ने संज्ञान लिया है, लेकिन यह विषय इतना गंभीर है कि सरकार को भी खुलकर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। हमें सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार जरूर है, लेकिन सरकार की चुप्पी बहुत खलती है। यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता और सैनिकों का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा।मेजर श्याम सुंदर ने कहा कि ट्रुप्स का धर्म ही अफसर का धर्म होता है। मैं एक ऐसे अफसर को जानता हूं, जो अपने जवानों के रोजा रखने पर स्वयं भी रोजा रखते थे। यही समर्पण हमारी सेना को दुनिया में सबसे अलग बनाता है। हमारी सेना अनुशासन में विश्वास रखती है, और नेतृत्व की भावना उसमें बचपन से ही सिखाई जाती है। अगर करनाल सोफिया कुरैशी का चयन हुआ है, तो वह निश्चित रूप से एक उत्कृष्ट अधिकारी रही होंगी। उनके खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना सेना का अपमान है और इससे गलत संदेश फैलता है।

कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया में मज़बूत करेगी, लगेगा स्पेशल ट्रेनिंग कैंप

भोपाल मध्य प्रदेश की सत्ता से करीब 2 दशक से बाहर कांग्रेस पार्टी अब आगामी 2028 विधानसभा चुनाव के लिए संगठन को नए सिरे से तैयार करने में जुट गयी है. यह तैयारी ज़मीन पर बूथ मैनेजमेंट से लेकर आभासी दुनिया यानि वर्चुअल वर्ल्ड में कांग्रेस को कैसे मज़बूत करना है, उसकी होगी. जिसमें नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के गुर सिखाये जायेंगे. सबसे खास बात यह है कि इसका खर्चा नेता और कार्यकर्ता खुद उठाएंगे. इसके लिए AICC ट्रेनिंग डिपार्टमेंट के प्रमुख सचिन राव अपनी टीम के साथ 9 जून से 15 जून तक मध्यप्रदेश में रहेंगे और सर्वोदय मेथोडोलॉजी को अपनाते हुए किसी शांत जगह पर यह ट्रेनिंग कैंप लगाया जायेगा. सबसे बड़ी बात है कि कांग्रेस के सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस प्रशिक्षिण शिविर में आना अनिवार्य होगा, जिसके लिए एक निश्चित शुल्क उनसे लिया जायेगा. एमपी कांग्रेस के अभिनव बरोलिया ने बताया कि सर्वोदय कैंप पहले भी आयोजित होते रहे हैं लेकिन अब नए ज़माने की नई तकनीक को भी इस बार शामिल किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी चाहते हैं कि कार्यकर्ताओं को बीजेपी के संगठन से मुकाबले के लिए हर मोर्चे पर तैयार करना पड़ेगा इसलिए इस कैंप का आयोजन किया जा रहा है. बीजेपी जिस तरह से सोशल मीडिया में नैरेटिव बनाती है और फेक न्यूज़ फैलाती है उसे कैसे पहचानें और कांग्रेस के खिलाफ होने वाले दुष्प्रचार को कैसे रोका जाये, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करते हुए कांग्रेस पार्टी का देश की आज़ादी और विकास में क्या योगदान रहा इसे जनता तक पहुंचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा नेताओं और कार्यकर्ताओं को बताया जायेगा कि वो कैसे प्रवास पर रहें, प्रवास के दौरान लोगों से मिले, कार्यकर्ताओं के घर खाना खाएं या जिस इलाके में प्रवास पर हों वहां के लोगों के साथ समय बिताएं यह सारी बातें इस सर्वोदय कैंप में बताई जाएगी.

कांग्रेस शहर अध्यक्ष के लिए कई नए नाम सामने आने से समीकरण भी बदल रहे, दीपू यादव और चिंटू चौकसे पर चर्चा

इंदौर  एमपी के इंदौर शहर में कांग्रेस के जिला-शहर अध्यक्ष के बदलाव को लेकर चल रही कवायद फिर से तेज हो गई है। माना जा रहा था कि गुजरात अधिवेशन के बाद इंदौर के जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। इसके बाद पिछले दिनों भोपाल के अलावा प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दिल्ली में नामों को लेकर बड़े नेताओं से चर्चा की थी। शहर अध्यक्ष के लिए कई नए नाम सामने आने से समीकरण भी बदल रहे हैं। हटाने की कवायद तेज मालूम हो कि लंबे समय तक शहर अध्यक्ष पद खाली रहने के बाद सुरजीत सिंह चड्ढा को कुर्सी मिली थी। वे कमलनाथ के प्रदेश अध्यक्ष होने के समय बनाए गए थे। विधानसभा की सभी सीटें हारने के बाद चड्ढा और जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव को हटाने की कवायद चल रही है। गांधी भवन में कैलाश विजयवर्गीय की आवभगत करने के बाद अध्यक्ष बड़े नेताओं के निशाने पर हैं। चड्ढा को जब अध्यक्ष बनाया था तब अरविंद बागड़ी और अमन बजाज ही दावेदार थे। इन नामों पर चर्चा अब नए समीकरण के तहत नए नाम सामने आए हैं। इनमें दीपू यादव और चिंटू चौकसे का नाम सामने आया है। बताया जाता है कि चिंटू राजी नहीं है। ऐसे में यादव के नाम पर विचार चल रहा है। जिला अध्यक्ष के लिए राधेश्याम पटेल दावेदार है। बताया जा रहा है कि दावेदारों ने अपने नेताओं से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

करनाल पहुंचे राहुल गांधी: लेफ्टिनेंट के परिवार से की मुलाकात, पहलगाम आतंकी हमले मारे गए थे विनय नरवाल

पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार से मिलने के लिए कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज करनाल पहुंचे। राहुल गांधी दिल्ली स्थित अपने आवास से सुबह करनाल के लिए रवाना हुए थे। उनके आगमन को देखते हुए शहीद के सेक्टर-7 स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। जानकारी के अनुसार, रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा और हरियाणा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष दिव्यांशु बुद्धिराजा पहले ही विनय नरवाल के घर पहुंच चुके हैं। राहुल गांधी शहीद की पत्नी हिमांशी नरवाल और उनके परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में लेफ्टिनेंट विनय नरवाल मारे गए थे। वे अपनी पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून के लिए पहलगाम गए थे, जहां आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी।

नागरिकता विवाद में राहुल गांधी को राहत: हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की, केंद्र पर उठाए सवाल

Relief to Rahul Gandhi in citizenship dispute: High Court dismisses petition, raises questions on Centre लखनऊ। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की नागरिकता को चुनौती देने वाली याचिका को लखनऊ हाईकोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से अस्पष्ट जवाब दिए जाने पर नाराजगी जताई और कहा कि जब तक केंद्र कोई स्पष्ट स्थिति नहीं रखता, तब तक याचिका को लंबित रखने का कोई औचित्य नहीं है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता को अन्य कानूनी रास्ते अपनाने की स्वतंत्रता दी है। यह मामला पिछले कुछ वर्षों से सुर्खियों में बना हुआ था, जिसमें राहुल गांधी पर ब्रिटेन की एक कंपनी के डायरेक्टर पद पर रहते हुए खुद को “ब्रिटिश नागरिक” बताने का आरोप लगाया गया था। याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर, जो कर्नाटक के निवासी और भाजपा से जुड़े हैं, ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि यदि राहुल गांधी ने स्वयं को ब्रिटिश नागरिक बताया है, तो भारतीय नागरिकता कानून 1955 के अनुसार उनकी नागरिकता रद्द की जानी चाहिए और वे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित किए जाएं। हाईकोर्ट की टिप्पणी और केंद्र की भूमिका कोर्ट की खंडपीठ जिसमें न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति राजीव सिंह शामिल थे, ने कहा कि केंद्र सरकार याचिकाकर्ता की शिकायत के निपटारे के लिए कोई समयसीमा नहीं दे पा रही है। ऐसे में याचिका पर विचार जारी रखना व्यर्थ होगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में अन्य वैकल्पिक विधिक उपायों के लिए स्वतंत्र है। इससे पहले 21 अप्रैल को हुई सुनवाई में कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है, और इसमें देरी नहीं की जा सकती। कोर्ट ने केंद्र से पूछा था कि क्या राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या नहीं—और 10 दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। लेकिन 10 दिन की समयसीमा बीतने के बाद भी सरकार की ओर से ठोस जवाब नहीं आया। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सूर्यभान पांडेय ने कोर्ट में केंद्र की ओर से स्थिति रिपोर्ट पेश की थी, जिसे कोर्ट ने अपर्याप्त” बताया था। इसके बाद कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ही मामले की गंभीरता को नहीं समझ रही, तो कोर्ट के पास याचिका खारिज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। याचिकाकर्ता के आरोप क्या थे? याचिकाकर्ता एस विग्नेश शिशिर ने दावा किया था कि राहुल गांधी ने वर्ष 2005-2006 में ब्रिटेन की एक कंपनी, ‘BackOps Limited’ में डायरेक्टर के रूप में खुद को “British citizen” बताया था। उन्होंने ब्रिटिश सरकार के 2022 के एक गोपनीय मेल का भी हवाला दिया और कहा कि राहुल गांधी की नागरिकता संदिग्ध है। याचिका में यह भी कहा गया कि यदि राहुल गांधी वास्तव में ब्रिटिश नागरिक रहे हैं या दोहरी नागरिकता रखते हैं, तो भारतीय कानून के अनुसार उन्हें संसद सदस्य बने रहने और चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं है। भारतीय नागरिकता अधिनियम की धारा 9(2) के तहत याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी की नागरिकता को समाप्त करने की मांग की थी। Read More: मध्यप्रदेश में मंजूरी के 4 दिन बाद तबादला नीति जारी: आधी रात के बाद आदेश; जिनकी परफॉर्मेंस खराब, उनको पहले बदलेंगे पिछली सुनवाइयों का विवरण Rahul Gandhi in citizenship dispute मामले की सुनवाई कई चरणों में हुई। 24 मार्च को कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था, लेकिन सरकार ने आठ सप्ताह का समय मांगा। 19 दिसंबर 2024 को जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने केंद्र सरकार को यूके सरकार से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने ब्रिटिश सरकार को पत्र लिखा है और जांच जारी है। राहुल गांधी की ओर से चुप्पी Rahul Gandhi in citizenship dispute इस पूरे मामले के दौरान कोर्ट में राहुल गांधी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ, जिससे कई सवाल खड़े हुए। हालांकि, कांग्रेस पार्टी या राहुल गांधी की ओर से सार्वजनिक रूप से इस याचिका पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इससे मामले की संवेदनशीलता और राजनीतिक प्रकृति और भी गहरी हो जाती है। क्या आगे की कार्रवाई होगी? हालांकि हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है, लेकिन यह मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि याचिकाकर्ता अन्य वैधानिक विकल्पों के लिए स्वतंत्र हैं। इसका अर्थ यह है कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट या किसी अन्य मंच पर चुनौती के रूप में फिर से उठाया जा सकता है। राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर उठे सवाल और कोर्ट की टिप्पणी दोनों ही भारतीय राजनीति में संवेदनशील और अहम हैं। हाईकोर्ट ने फिलहाल याचिका खारिज कर एक स्पष्ट संकेत दिया है कि जब तक केंद्र खुद ठोस जानकारी नहीं देता, तब तक न्यायपालिका इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दे सकती। अब देखना होगा कि क्या याचिकाकर्ता इस मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाते हैं या केंद्र सरकार इस पर कोई नई स्थिति स्पष्ट करती है।

सरकार बेच रही गली गली शराब, अवैध दुकानों की भरमार :पंकज उपाध्याय

The government is selling liquor in every street, there are many illegal shops: Pankaj Upadhyay आज जौरा विधायक पंकज उपाध्याय ने सरकार एवं मुरैना प्रशासन पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि जब से शासन ने नए ठेके दिए हैं तब से शराब की बिक्री लगभग चौगुनी हो गई है प्रत्येक गांव के हर नुक्कड़ चौराहे पर एक शराब का ठेला रख दिया गया है गली-गली में शराब बिक रही है जौरा क्षेत्र के कई स्वयंसेवी संस्थाओं स्कूल के बच्चों युवाओं एवं माता बहनों ने बार-बार आकर कहा है कि हमारी गली मोहल्ले में शराब की बिक्री बहुत ज्यादा  बढ़ गई है अवैध दुकानों की अंबार आ गया है ग्राम परसोटा में एक धार्मिक आयोजन में ग्राम वासियों ने पंकज उपाध्याय से शिकायत की की जैन तीर्थ टिकटोली दमदार के मुख्य मार्ग पर शराब ठेकेदारों ने शराब की दुकान खोल रखी है जिससे जैन श्रद्धालु आसपास के महिलाएं बच्चे बहुत परेशान होते हैं शराबी बीच रोड पर शराब पीते हैं शराब की दुकान के सामने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आंगनबाड़ी पंचायत भवन जैसी संस्थाएं हैं तब भी शासन प्रशासन की नजर इस गोरख धंधे पर नहीं पड़ रही विधायक ने चेतावनी देते हुए प्रशासन से कहा कि अगर 8 दिन में अवैध शराब की दुकान एवं धार्मिक स्थलों बस स्टैंड और मुख्य मार्गो से शराब की दुकान नहीं हटाई गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी समस्त जवाबदारी शासन प्रशासन की रहेगी

गुजरात में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद होगी एमपी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति

भोपाल कांग्रेस गुजरात में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर रहा है। नियुक्ति प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इस वजह से दूसरे प्रदेशों के जिला अध्यक्षों की नियुक्ति रुक गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन का कहना है कि गुजरात के तर्ज पर ही मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति करेगा। यही वजह है कि मध्य प्रदेश कांग्रेस जिला अध्यक्षों की लिस्ट रुक गई है।  हालांकि जिन जिलों में अध्यक्षों के पद खाली है वहां एक सप्ताह के भीतर नाम की घोषणा हो जाएगी। दरअसल कांग्रेस के इतिहास में पहली बार अब जिलाध्यक्षों की सीधी नियुक्ति खुद हाईकमान कर रहा। इसके तहत सबसे पहले गुजरात राज्य को राहुल गांधी ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना है। अब स्थानीय नेताओं की सिफारिश के बजाय पर्यवेक्षक जिलाध्यक्ष चुनेंगे। केवल 30 फीसदी बदले जाएंगे अध्यक्ष मध्य प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ.संजय कामले में बताया कि मध्य प्रदेश में ज्यादा जिला अध्यक्षों के बदलाव नहीं किए जाएंगे केवल 30 फ़ीसदी अध्यक्ष ही बदले जा सकते हैं क्योंकि एक-दो साल पहले ही ज्यादातर जिला अध्यक्ष बदले गए थे उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद भी बदलने की संभावना है। ज्यादातर पुराने नाम पर ही सहमति बन गई है। गुजरात में जिला अध्यक्षों को लेकर पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। गुजरात में जिला अध्यक्षों की घोषणा होने के बाद मध्य प्रदेश उसी तर्ज पर जिला अध्यक्षों की लिस्ट तैयार की जाएगी। जिला अध्यक्ष होंगे पावरफुल संगठन की मजबूती के मिशन में जुटे कांग्रेस आलाकमान ने अब जिला अध्यक्षों को फिर से पावरफुल बनाने की दिशा में धरातल पर ऑपरेशन शुरु कर दिया है। जिम्मेदारी के साथ जिला अध्यक्षों की जवाबदेही तय करने के लिए अब उनके चयन से जुड़ा कांग्रेस ने नया फार्मूला चुना है। अब विधायक और सांसदों सहित अन्य सीनियर लीडर की सिफारिशों पर जिला अध्यक्ष नहीं बनाए जाएंगे। अब नियुक्ति से पहले बाकायदा हर एंगल और समीकरणों के मद्देनजर रखते हुए पड़ताल की जाएगी। कांग्रेस में जिलाध्यक्ष बनाने का नया फार्मूला 1- अब बड़े नेताओं की नहीं चलेगी चयन में पसंद-नापसंद 2- अब हाईकमान खुद करेगा जिला अध्यक्षों का चयन 3- गुजरात से चयन का पायलट प्रोजेक्ट किया शुरु 4- कांग्रेस के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा 5- जब पर्यवेक्षक करेंगे जिला अध्यक्ष का चयन 6- पर्यवेक्षक 5-5 नामों का करेंगे पैनल तैयार 7- हाईकमान हर एंगल से पैनल के नामों को करेगा क्रॉस चेक 8- उसके बाद जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की होगी सूची जारी होगी। राहुल गांधी की ड्रीम प्रोजेक्ट खास बात है कि  खुद राहुल गांधी अपने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं। दरअसल राहुल गांधी का इसके पीछे मकसद है कि अब पार्टी को संगठन खास तौर से जिला अध्यक्षों के भरोसे चलाया जाए. इसलिए टिकट वितरण जैसे बड़े काम में उनका रोल तय होगा। लिहाजा वो चाहते है कि जिला अध्यक्ष ऐसा बने जो पार्टी की विचारधारा से जुड़ा हुआ हो। इसलिए उनका साफ कहना है कि जिला अध्यक्षों के चयन में कोई समझौता अब नहीं होगा।  

पहलगाम हमले के बाद देश में आक्रोश, कांग्रेस नेता का भारत विरोधी पोस्ट, लिखा – पाकिस्तान से हार निश्चित है

रायपुर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को करारा जवाब देने की मांग उठ रही है। इसी बीच कांग्रेस के एक सीनियर नेता ने ऐसा पोस्ट किया है जिसके बाद सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। कुनकरी विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे यूडी मिंज ने अपने सोशल मीडिया में भारत और सेना के खिलाफ विवादित पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा है कि अगर पाकिस्तान से भारत युद्ध करता है तो उसकी हार निश्चित है। विधायक की सोशल मीडिया पोस्ट पर तेजी से वायरल हो रही है। क्या लिखा है कांग्रेस विधायक ने कांग्रेस विधायक यूडी मिंज ने अपने फेसबुक में लिखा है- ” जो आज पाकिस्तान के विरुद्ध निर्णायक युद्ध की बात कर रहे हैं वे जान लें कि इस बार पाकिस्तान के साथ-साथ भारत को चीन से भी लड़ना होगा और ऐसी स्थिति में भारत की हार सुनिश्चित है। पीओके के महत्वपूर्ण हिस्से में चीन ने अंधाधुंध निवेश किया है। पुराने सिल्क रोड को खोल दिया गया है। यही हाल बलूचिस्तान का भी है। ग्वादर पोर्ट को चीन ने डेवलप किया है और उसकी सेना सुरक्षाकर्मियों के नाम पर वहां पर तैनात है। बलूच विद्रोहियों की औकात नहीं है कि वे चीनी सैनिकों का मुकाबला कर सके। यही दोनों जगह हैं जहां से पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी ऑपरेट करते हैं। एटबबाबाद भी इन्ही जगहों में है, जहां से लश्कर-ए-तैयबा का नेटवर्क काम करता है। अब अगर भारत इन स्थानों पर सीधे हमला करे तो चीन स्वत: इस युद्ध में पाकिस्तान के साथ खड़ा हो जाएगा। नतीजा सोच लीजिए। इसलिए पुलवामा पार्ट-2 के बाद बालाकोट कौवा मार स्ट्राइक पार्ट-2 के लिए तैयार रहिए।” इकोनॉमी को लेकर की की टिप्पणी पूर्व विधायक यूडी मिंज ने आगे लिखा- “जहां तक बात इकोनॉमी की है तो भारत अगर पूरी तरह से युद्ध में जाता है तो देश की अस्सी करोड़ आबादी को राशन देने के पैसे छह महीने में ही खत्म हो जाएंगे। मुद्रस्फीति दर वैसे ही डबल डिजिट में है, कहां तक जाएगी ये पता नहीं है। डॉलर के अलावे भी अन्य वैश्विक मुद्राओ के मुकाबले रुपया2.5 फीसदी कमजोर हुआ है। अमरीकी टैरिफ के चलके निर्यात न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। देश में बेरोजगारी पिछले 45 साल में सबसे ज्यादा है। महंगाई बेलगाम हो गई है। ऐसी स्थिति में कोई भी युद्ध आत्मघाती होगा और दोनों देशों की मेहनतकश जनता पर असहनीय बोझ पड़ेगा। यह समय भारत, पाकिस्तान और चीन के लीडरशिप को साथ बैठकर आतंकवाद की समस्या का निदान ढूंढने का है किसी भी प्रकार का राजनीति में जाने का नहीं। वैसे जो भारतीय युद्ध का समर्थन करते हैं उन सबको अग्निवीर बनाकर बॉर्डर पर भेज देना चाहिए।” विवादित पोस्ट के बाद दी सफाई यूडी मिंज की पोस्ट सोल मीडिया में वायरल हुई तो पूर्व विधायक ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मेरा अकाउंट हैक कर लिया गया है। उन्होंने एक अन्य पोस्ट करते हुए लिखा- “मैं आप सभी को सूचित करना चाहता हूं कि मेरा फेसबुक अकाउंट हाल ही में हैक हो गया है। इस दौरान मेरे अकाउंट से कुछ ऐसी गतिविधियां हुई हैं, जो मेरे नियंत्रण में नहीं थीं, और इससे कुछ गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं। मैं इस असुविधा के लिए दिल से माफी मांगता हूं। मैंने इस समस्या को ठीक करने के लिए फेसबुक सपोर्ट से संपर्क किया है और अपने अकाउंट को सुरक्षित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा हूं। कृपया मेरे अकाउंट से आए किसी भी संदिग्ध मैसेज, लिंक या पोस्ट पर ध्यान न दें और न ही उसका जवाब दें।”

खरगे की बक्सर में फ्लॉप रैली की गाज जिलाध्यक्ष पर गिरी, कांग्रेस ने मनोज पांडेय को किया निलंबित

बक्सर बक्सर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज कुमार पांडे को पार्टी ने किया निलंबित कर दिया है. उन पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है. कहा गया है कि कोऑर्डिनेशन स्थापित नहीं करने के कारण पार्टी से उनको निलंबित किया गया है. रविवार को खरगे की सभा में भीड़ नहीं होने के कारण सत्ता पक्ष ने जनसभा पर कसा तंज था. पार्टी ने क्या आरोप लगाया पार्टी का आरोप है कि पांडे ने खड़गे के कार्यक्रम को सही तरीके से संभाला नहीं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल स्थापित नहीं कर पाए. नतीजतन, खड़गे की जनसभा में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट पाई. जब सभा में भीड़ कम दिखी, तो विपक्ष ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी अपना जन समर्थन खो रही है. गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने रविवार को बक्सर में एक जनसभा को संबोधित किया था, जिसमें कम संख्या में लोग पहुंचे, जिससे पार्टी में असंतोष फैल गया और पांडे पर यह कार्रवाई की गई. 90 प्रतिशत कुर्सियां रहीं खाली जिला अध्यक्ष ने 40 हजार लोगों के जुटने का दावा किया था। उन्होंने 25 हजार कुर्सियां लगवाई थीं। लेकिन खड़गे के मंच पर पहुंचने तक केवल दो हजार लोग ही मौजूद थे। मैदान में 90 प्रतिशत कुर्सियां खाली रहीं। इस स्थिति से खड़गे भी नाराज दिखे। पार्टी में खलबली बिहार प्रदेश कांग्रेस के कार्यालय सचिव द्वारा जारी एक्शन पत्र ने कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं में हलचल मचा दी है. इस पत्र के बाद बक्सर जिला कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बक्सर और राजपुर के विधायकों में भी खलबली मच गई है. इस घटना ने आगामी विधानसभा चुनावों में विधायकों को टिकट मिलने को लेकर भी चिंता सताने लगी है. जिसके चलते जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। इसके बाद जिला कांग्रेस की राजनीति में सरगर्मी बढ़ने के साथी हड़कंप मच गया है। इसके अलावा अब भविष्य की राजनीति को लेकर अटकलें का बाजार भी गर्म हो गया है। स्थानीय नेताओं ने भीषण गर्मी को कम उपस्थिति का कारण बताया। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठन की विफलता माना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हाईकमान इस दौरे को आगामी चुनाव की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण मान रहा था। बक्सर के दोनों कांग्रेस विधायक भी संगठन को सक्रिय करने में विफल रहे। इससे उनकी टिकट की दावेदारी कमजोर हुई है। पार्टी जल्द ही नए जिला अध्यक्ष की घोषणा करेगी। साथ ही लापरवाह पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। गर्मी के कारण भीड़ रही कम- विधायक खड़गे के कार्यक्रम में खाली कुर्सियों को लेकर बक्सर के सदर विधायक संजय तिवारी से बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ‘भीषण गर्मी के कारण लोग सभा स्थल तक नहीं पहुंचे। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार है, इसलिए लोग आसपास के बगीचे में बैठे थे।’ वहीं, कांग्रेस के राजपुर के विधायक विश्वनाथ राम ने कहा कि ‘आज बहुत चिलचिलाती धूप और शादी विवाह का दिन है। कार्यकर्ताओं ने सहयोग भी नहीं किया, जिससे हमलोग खुद शर्मिंदा हैं।’

नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे की गिरफ्तारी पर बवाल, हीरानगर थाने के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेसी

इंदौर इंदौर नगर निगम के विपक्षी नेता चिंटू चौकसे को हत्या के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह कार्रवाई चौकसे और उनके परिवार के बीजेपी नेता कपिल पाठक के परिवार के बीच हुए झगड़े के बाद हुई. चिंटू चौकसेकी गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने मध्य प्रदेश  सरकार पर अपने सदस्यों को गलत तरीके से निशाना बनाने का आरोप लगाया. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित सिंह ने बताया कि बीती शनिवार रात चौकसे और बीजेपी नेता कपिल पाठक के बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था. उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों के बीच झगड़ा हुआ, जिसमें पाठक के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उसे अस्पताल ले जाया गया. पुलिस को दिए गए अपने बयान में पाठक ने चौकसे पर रॉड से हमला करने का आरोप लगाया. पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में भी डॉक्टर ने पाठक के सिर पर गहरे घाव की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि चौकसे के अलावा 7 अन्य लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि चिंटू चौकसे और सुभाष यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य – रोहन चौकसे, ईशान चौकसे, राधेश्याम चौकसे, गौरव चौधरी, सुमित ठक्कर, रवि प्रजापति और एक अज्ञात व्यक्ति फरार हैं. इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा बताया. पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने सत्ता के इस दुरुपयोग को उठाने के लिए डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) से मिलने की मांग की है.” गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता इंदौर पुलिस कमिश्नर के कार्यालय के बाहर एकत्र हुए, जबकि चौकसे समर्थकों ने हीरानगर पुलिस स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया. आगे की अराजकता को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया. मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बीजेपी समर्थकों ने दावा किया कि पाठक की शिकायत सही थी.

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