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96 प्रत्याशी चुनावी मैदान में, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा में चाचा भतीजा का मुकाबला, निर्दलीय भी, आप भी काटेगी कांग्रेस का वोट.

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With 96 candidates in the electoral arena, a face-off between uncle and nephew in the Uttar Legislative Assembly, a stronghold of the Congress for 25 years. Independents are also in the fray. AAP also cut the Congress vote. नाम वापसी के लास्ट दिन तक 21 ने नाम वापस लिए, 7 उत्तर से, अब आज से चुनव प्रचार पकड़ेगा और जोर, जोर आजमाइश का दौर शाकिब कबीरभोपाल, 25 साल से कांग्रेस का गढ़ बनी उत्तर विधानसभा सीट में विधायक आरिफ अकील के चुनाव न लड़ने से यहां घर में ही फूट पड़ गई। आरिफ के भाई आमिर अकील जो अब तक अपने भाई का चुनाव मैनेजमेंट संभालते थे, वे खुद अपने भतीजे आतिफ अकील के खिलाफ खड़े हो गए हैं। वहीं एक और निर्दलीय नासिर इस्लाम और आप पार्टी के मौ. सउद भी यहां चुनाव लड़ रहे हैं। आरिफ अकील के हटने और इन लोगों के खड़े होने से इस सीट के समीकरण गड़बड़ा गए हैं। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। हुजूर का संकट खत्म: जितेंद्र डागा के नाम वापस लेने से हुजूर विधानसभा का संकट खत्म हो गया है। डागा कहीं न कहीं कांग्रेस का ही वो काटते। इनके बैठने के बाद यहां कांग्रेस प्रत्याशी नरेश ज्ञानचंदानी ने राहत की सांस ली है। नाम वापसी के बाद नरेश की आंखों में आंसू आ गए। मैदान में 96 प्रत्याशी, 41 निर्दलीय, 21 ने नाम वापस, 12 रिजेक्टसात विधानसभा सीट पर 17 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए 96 प्रत्याशी मैदान मेें हैं। नाम वापसी के आखिरी दिन 19 लोगों ने नाम वापस लिए हैं। सबसे ज्यादा 7 नाम उत्तर से वापस हुए हैं। इसके बाद 4 नाम दक्षिण पश्चिम से। दो दिनों में 21 ने नाम वापस लिए हैं और 12 के फॉर्म रिजेक्ट हुए हैं। इसमें भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा, आप और अन्य दलों व 41 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। अब ये फाइनल तस्वीर- बैरसिया- 9 प्रत्याशी, 1 निर्दलीयउत्तर- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयनरेला- 23 प्रत्याशी, 14 निर्दलीयदक्षिण पश्चिम- 11 प्रत्याशी, 5 निर्दलीयभोपाल मध्य- 15 प्रत्याशी, 8 निर्दलीयगोविंदपुरा-17 प्रत्याशी , 4 निर्दलीयहुजूर- 6 उम्मीदवार, 1 निर्दलीय इन्होंने लिए नाम वापस- इस विधानसभा में निरस्त हुएहुजूर-3गोविंदपुरा-2उत्तर-1दक्षिण-2मध्य-3नरेला-1ल

मुंगावली, अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बोला कांग्रेस तीखा हमला।

Union Minister Scindia, who reached Mungawali, Ashoknagar, made a sharp attack on Congress. चुनावी दौरे में पहुंचे शाढ़ौरा और कदवाया, कहा कांग्रेस जनता के विकास और सुरक्षा के लिए नहीं सोचती।भाजपा के लिए कुर्सी सेवा का माध्यम है, कांग्रेस को कुर्सी दिखती है तो उनकी आंखें चमकने लगती है।भाजपा बेटियों को स्कूटी देती है, दिग्विजय जी और कमलनाथ जी अगर होते तो खुद ही स्कूटी पर बैठ जाते।   कांग्रेस को वोट दोगे तो मिलेगा धोखा ही धोखा और अगर भाजपा को वोट दोगे तो मिलेगा मौका ही मौका। संतोष सिंह तोमर भोपाल। मैहर से चुनावी दौरे की कल शुरुआत करने के बाद आज अशोकनगर पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पहले मुंगावली विधान सभा और फिर अशोकनगर एवं चंदेरी विधान सभा में भाजपा प्रत्याशियों के लिए जनता का समर्थन प्राप्त किया। उन्होंने क्षेत्र में स्थित माँ बीजासन के मंदिर में जाकर भाजपा की आगामी चुनाव में सफलता और मध्यप्रदेश के हर निवासी की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना भी की। अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस को जहाँ एक तरफ जम कर धोया वहीँ दूसरी तरफ शाढ़ौरा से अपने व्यक्तिगत सम्बन्ध के बारे में भी विस्तार से बात की। कांग्रेस को कुर्सी का लोभ है:सिंधिया अपने भाषण में उन्होंने कहा की, मैं देख रहा हूँ की आजकल विपक्षी दल के नेता फुदक – फुदक के बाहर निकल रहे है और प्रचार – प्रसार करने के लिए इधर – उधर जा रहे है। पर मैं जनता को बताना चाहता हूँ की इनका उदेश्य जनता की सेवा करना नहीं, आपकी सुरक्षा करना नहीं बल्कि इनका एक ही लक्ष्य है ‘कुर्सी’ . कुर्सी को देखकर इनकी आँखें चमकने लगती है और फिर इन्हे बहने, किसान, युवा और बेटियां – कोई याद नहीं रहता। यह बरसाती मेढक है जो बस चुनावी समय में बाहर आते है और चुनाव ख़तम हो जाने के बाद विदेशी पक्षी बनकर यहाँ से भाग जाते है। भाजपा का योद्धा ही लाएगा विकास अशोकनगर और चंदेरी विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी जजपाल सिंह जग्गी एवं जगन्नाथ सिंह रघुवंशी के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा की जजपाल सिंह जैसे ही भाजपा के अनेक योद्धाओं ने जनता को सुरक्षित रखा है। कोरोना काल के कठिन समय में इन्होने ने आपकी मदद की, अशोकनगर में जब बाढ़ आया था तो जग्गी ने आपकी रक्षा के लिए खुद पर मुश्किल ले ली थी। इसी तरह प्रदेश के स्तर पर मैंने और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आप सब तक दवाई और मास्क पहुचाये थे और राष्ट्रिय स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर में जनता को टीके लगवाए – एक ऐसी उपलब्धि जिसे अमेरिका भी हासिल नहीं कर पायी। हम आपदा में भी अवसर को ढूंढते है आगे उन्होंने कहा की, यह मोदी जी का नेतृत्व है की आज हम आपदा में भी अवसर को ढूंढते है ताकि विकास न रुके और कांग्रेस अवसर में भी सिर्फ कुर्सी को देखती है – जिसे देख के इनकी आँखें चमकने लगती है। हमारे लिए कुर्सी सेवा का माध्यम है। कांग्रेस और भाजपा की तुलना के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा की, एक तरफ है  धोखा और दूसरी तरफ है विकास का मौका; एक तरफ है डबल इंजन की सरकार तो दूसरी तरफ है बिना इंजन की सरकार; एक तरफ है तलवार और धार तो दूसरी तरफ है श्रीमान बंटाधार! महिला अब सुरक्षित है और किसान है खुशहाल आप बस 17 नवंबर को कमल के बटन को दबाने की मेहनत करो, आने वाले 5 साल और पूरी ज़िन्दगी मैं आपके लिए मेहनत करूँगा। कांग्रेस की महिला विरोधी धारणा के बारे में बात करते हुए उन्होंने स्टेज से एक एक महिला से पूछा की कांग्रेस की सरकार में उन्हें क्या मिला, जिसपर महिलाओं ने जवाब दिया ‘कुछ नहीं’, ‘कांग्रेस में कोई मान सम्मान नहीं था.’. वहीँ भाजपा की सरकार जबसे आयी है तब से बेटियां लखपति पैदा हो रही है, स्कूल में अच्छे अंक लाने पर उन्हें स्कूटी मिल रही है और शादी होने पर कन्यादान योजना से लाभ। जब बेटी 21 वर्ष की हो जाती है तो लाड़ली बहना बन जाती है। अगर कांग्रेस की सरकार होती तो क्या होता ? दिग्विजय जी और कमलनाथ जी स्कूटी पर खुद बैठ जाते, 15 महीनों में उन्होंने हर योजना ओर ताला लगा दिया, अगर भविष्य में गलती से इनकी सरकार बन गयी तो यह फिर से हर योजना बंद कर देंगे।  किसानों के साथ भी कांग्रेस ने विश्वासघात कियान कर्जमाफ किया, न मुख्यमंत्री बदला और उल्टा हर किसान को फ़र्ज़ी सर्टिफिकेट दे दिए जिस से मेरे अन्नदाता कर्ज में डूब गए। इसी के साथ उन्होंने यह भी कहा की, ‘आप बस 17 नवंबर को कमल के बटन को दबाने की मेहनत करो, आने वाले 5 साल और पूरी ज़िन्दगी मैं आपके लिए मेहनत करूँगा।’         आगामी चुनाव को मंत्री सिंधिया ने ‘किसान, माताओं और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की लड़ाई’ बताया और कहा की 17 तारीख को इनको हमें करारा जवाब देना है। इसीलिए अगर आप ‘कांग्रेस को वोट दोगे तो मिलेगा धोखा ही धोखा और अगर भाजपा को वोट दोगे तो मिलेगा मौका ही मौका।’ 2001 का वर्ष याद कर भावुक हुए सिंधिया अपने भाषण में सिंधिया भावुक होते हुए भी नज़र आये जब उन्होंने 2001 वर्ष को याद किया और कहा की, 2001 में सिंधिया परिवार ने 2 लोगों को खोया था – एक मेरी आजी अम्मा राजमाता और एक मेरे पूज्य पिताजी माधवराव सिंधिया। दोनों ने ही शाढ़ौरा और कदवाया के लिए काम किया था और उस समय में शाढ़ौरा ने मुझे जो शक्ति दी वह मैं कभी भी भूल नहीं सकता। आपके विश्वास और आशीर्वाद से मैंने क्षेत्र में योजनाओं की बौछार कर दी – कोटा से बिना के बीच  लाइन को रु 2100 करोड़ की डबल लाइन करवाया, रु 700 करोड़ की लागत से उसका विद्युतीकरण करवाया, हिनोतिया और पीलीघाटा में रेलवे स्टेशन बनवाया, अनेक ट्रैन का अशोकनगर में स्टॉपेज करवाया। इसीलिए मैं मंत्री नहीं बल्कि आपके घर का बेटा हूँ।

कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री बनाए गए प्रकाश पांडे.

Congress; Prakash Pandey; Khujraho; Sahara Samachaar;

Prakash Pandey has been appointed as the Pradesh Mahamantri (State General Secretary) of the Congress. जीतेंद रिछारिया भारतीय जनता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए खजुराहो क्षेत्र के दिग्गज नेता प्रकाश पांडे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री बनाया गया है। संगठन प्रभारी व उपाध्यक्ष राजीव सिंह के हस्ताक्षर से जारी पत्र में प्रकाश पांडे को प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महामंत्री नियुक्त करने का ऐलान किया गया है। प्रकाश पांडे को कांग्रेस का प्रदेश महामंत्री बनाए जाने से राजनगर विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति और मजबूत हो गई है। खजुराहो में तीन दिन पहले देश के गृहमंत्री अमित शाह चिंतन शिविर किया था। इसके बावजूद लगातार वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का भारतीय जनता पार्टी पार्टी से मोहभंग हो रहा है। अब यहां के वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी नेता प्रकाश पांडेय ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। कुछ समय पहले किसानों के मुद्दों को लेकर प्रकाश पांडेय पर शासकीय कार्य में बाधा डालने को लेकर मुकदमा दर्ज हुआ था। लेकिन प्रकाश पांडेय का कहना था कि भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं ने उन पर फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया था।मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। प्रकाश पांडेय राजनगर विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के वर्तमान प्रत्याशी अरविंद पटेरिया को बाहरी प्रत्याशी बताते हुए उनका पुरजोर विरोध भी कर रहे हैं। इतना ही नहीं वह यहां खजुराहो से वर्तमान सांसद और प्रदेश भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष VD शर्मा को बाहरी प्रत्याशी बता रहे हैं। प्रकाश पांडेय ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के सभी दायित्वों/पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसके उन्होंने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस भी की है।

कुर्सी देखकर चमकने लगती हैं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की आंखें : ज्योतिरादित्य सिंधिया.

Jyotraditya Scindia; Minister; BJP; Sahara Samachaar;

Jyotiraditya Scindia says, “The chairs seem to shine in Kamal Nath and Digvijaya Singh’s eyes.” केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को किया संबोधित उदित नारायणभोपाल। मप्र में सवा साल तक रही कांगेस की कमलनाथ सरकार ने सेवा भाव की जगह सत्ता का भाव पाल लिया था। जब कांग्रेस की सरकार आई तो बड़े भाई और छोटे भाई ने मिलकर वल्लभ भवन को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया । प्रदेश में उद्योग नहीं लाए, ट्रांसफर-पोस्टिंग का उद्योग शुरू करके भ्रष्टाचार का खेल खेला। कमलनाथ के पास अपने मंत्रियों से मिलने का समय नहीं होता था, वह बोलते थे ‘चलो, चलो, समय नहीं है’, तो वह जनता की क्या सोचते। कांग्रेस झूठ और लूट की पार्टी है, इस पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता। जब भी दिग्विजय जी और कमलनाथ को कुर्सी दिखती है उनकी आँखें चमकने लगती है। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को मैहर, सुरखी, सांची और बदनावर में जनसभा को संबोधित करते हुए कही। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनसभा में कहा कि आजादी के बाद 55 वर्ष हमने कांग्रेस की सरकार देखी। उस कांग्रेस ने 2003 तक आपके और मेरे मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य बना कर छोड़ दिया था। कांग्रेस के बीमारू मध्यप्रदेश को भाजपा सरकार ने बदला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक पूर्व मुख्यमंत्री दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री को कहते हैं कि गाली खाने के लिए तुम्हें पावर ऑफ अटॉर्नी दे दी है। टिकट वितरण के मामले में कहते हैं कि जाओ पूर्व मुख्यमंत्री के कपड़े फाड़ो। कांग्रेस के एक महासचिव ने कहा कि ये जोड़ी जय-वीरू की जोड़ी है। मैं नहीं कह रहा, कांग्रेस महासचिव खुद कहते हैं कि ये चोर हैं। क्या ऐसे लोगों को आप सत्ता देंगे? ये किसी भी तरह सत्ता पाना चाहते हैं।

नाम वापसी के बाद मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच, दोनों पाटियों के लिए बागी बने सिरदर्द।

Congress; BJP; Sahara Samachaar;

After the withdrawal of nominations, the main contest will be between BJP and Congress, rebels will become a headache for both the parties. उदित नारायणभाेपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में नामांकन वापसी के बाद कुल 3367 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। इसमें भाजपा व कांग्रेस ने सभी 230 विधानसभा सीटाें पर प्रत्याशी खड़े किए हैं, जबकि अन्य क्षेत्रीय दलों के प्रत्याशी व निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं। इन्हीं प्रत्याशियों के बीच अब कांटे की टक्कर होगी। हालांकि मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच ही है। इन्हीं दोनों पार्टियों के बागी जरूर मैदान में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशियों के लिए मुसीबत बन रहे हैं। प्रदेश में 21 अक्टूबर से नामांकन की प्रकि्रया शुरू हुई थी। यह 30 अक्टूबर तक चली। इस दौरान 3832 प्रत्याशियों ने कुल 4359 नामांकन फार्म भरे थे। इसमें स्क्रूटनी में 528 प्रत्याशियों के नामांकन आधी-अधूरी जानकारी व अन्य कारणों से निरस्त हो गए थे। बाकी बचे प्रत्याशियों में से करीब 992 ने 2 नवंबर को नामांकन वापसी के अंतिम दिन अपने नाम वापस ले लिए। बाकी बचे प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है। 17 नवंबर काे इन सभी प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम मशीनों में कैद हो जाएगा। मतगणना 3 दिसंबर को होगी। नाम वापसी के पहले तक की जानकारी के अनुसार सबसे अधिक अनूपपुर में 46 प्रत्याशी थे। भिंड के अटेर से 43 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन दोपहर 3 बजे तक वापस किए गए, किंतु चुनाव आयोग की आधी अधूरी तैयारी की वजह से देर रात 8 बजे तक इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। रात 8 बजे तक में 383 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। चार बागी विधायकों को मनाने में कांग्रेस नेता नाकाम नाम वापसी के अंतिम दिन पिछले 24 घंटे में 15 बागियों को कांग्रेस ने बैठा दिया। जबकि कांग्रेस के चार पूर्व विधायक नहीं माने। कांग्रेस के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार, सिवनी-मालवा के पूर्व विधायक ओम प्रकाश रघुवंशी को नहीं मना पाई। टिकट नहीं मिलने से नाराज आलोट से पूर्व विधायक प्रेमचंद गुड्डू, गोटेगांव से पूर्व विधायक शेखर चौधरी अब निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। इसीतरह महू के पूर्व विधायक नेता रहे अंतर सिंह दरबार निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ेंगे। आज उन्होंने प्राथमिक तौर पर इस्तीफा कांग्रेस पार्टी को दे दिया है। आखिरी समय तक किया बागियों को मनाने की कोशिश-कांग्रेस के बागियों ने चुनाव का पूरा समीकरण बिगाड़ दिया है। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने एक साथ बैठक करके बागी नेताओं को समझाया था। सूत्रों ने बताया कि दिग्विजय सिंह ने कई बागियों से व्यक्तिगत संपर्क किया और कई प्रत्याशियों को भाेपाल भी बुलाया था। उन्होंने फोन पर भी समझाया, इसके बाद भी कई बागी नहीं माने। बागी नेता बिगाड़ सकते हैं भाजपा का खेल भाजपा में भी करीब-करीब वही स्थिति है। नामांकन वापसी के बाद बागी नेता कई जगहों पर खेल बिगाड़ने पर आमादा हो गए हैं। भाजपा में सबसे बड़ी बगावत निमाड़ में हुई-भाजपा के दिग्गज नेता नंद कुमार सिंह चौहान के बेटे हर्ष सिंह चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने बुरहानपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। भाजपा के कई नेताओं ने उन्हें मनाने की भी कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। हर्ष ने बुरहानपुर से टिकट मांगी थी, किंतु पार्टी ने सर्वे आदि के आधार पर पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया। बताते हैं कि हर्ष चौहान के पिता भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. नंद कुमार चौहान व श्रीमती चिटनीस के बीच काफी समय तक अंदरूनी आपसी लड़ाई रही। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक ने हस्तक्षेप किया था। इसके बाद मामला सुलझा था। पिछली बार श्रीमती चिटनीस ने सीधे तौर पर आरोप लगाया था कि उन्हें हराने के लिए नंद कुमार चौहान जिम्मेदार हैं। अब चूंकि नंद कुमार चौहान नहीं हैं। किंतु दोनों के बीच की यह अंदरूनी लड़ाई नई पीढ़ी तक आ चुकी है। जबकि विंध्य क्षेत्र में विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा से बगावत करने के बाद नई पार्टी का गठन कर लिया और करीब 30 से अधिक सीटों पर चुनाव प्रत्याशी मैदान में उतारकर चुनावी समर में भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक नारायण त्रिपाठी की वजह से भाजपा का बड़ा नुकसान होता नजर आ रहा है। भोपाल उत्तर सीट पर कांग्रेस में बड़ी बगावत भोपाल उत्तर सीट पर पहली बार आरिफ अकील की नहीं चल पा रही है। उन्होंने भोपाल उत्तर से कांग्रेस पार्टी से अपने बेटे आतिफ अकील को टिकट दिलवा दिया। इससे उनके सगे भाई आमीर अकील बागी होकर मैदान में कूद गए। आमीर को मनाने की भी कोशिश हुई, किंतु वे नहीं माने। चुनाव आयोग ने आज नामांकन वापसी के बाद आमिर अकील काे हॉकी- बॉल चुनाच चिन्ह आवंटित किया है। मनावर से पूर्व मंत्री रंजना बघेल ने नाम वापस लिया-भाजपा पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नामांकन पत्र वापस कराने में कामयाब हो गई। मनावर से श्रीमती रंजना ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था। उनके मैदान में कूद जाने की वजह से मनावर का समीकरण बदलने लगा था। इससे भाजपा को खासा नुकसान हो सकता था। किंतु अब चुनाव मैदान से उनके हटने के बाद भाजपा व कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है।  मतदान से ठीक 15 दिन पहले भाजपा को लगा झटका पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती की बड़ी बहन के पोते इंजी. दुष्यंत लोधी ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई। बताते हैं कि लोधी टीकमगढ़ में भाजपा के बड़े नेता हैं। वे लोधी क्षत्रिय समाज की युवा इकाई के प्रदेश महामंत्री भी हैं। दुष्यंत और उनके पिता का टीकमगढ़ और लोधी समाज में खासा प्रभाव माना जाता है। वे टीकमगढ़ विधानसभा से भाजपा से टिकट मांग रहे थे। किंतु स्थानीय समीकरण के हिसाब से उन्हें टिकट नहीं दिया। इस वजह से उन्होंने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। भाजपा छोड़ने के बाद दुष्यंत ने भाजपा पर लोधी समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है।

एमपी में कांग्रेस का महाजनसंपर्क अभियान आज से, लांच किया मिशन 150 प्लस।

Congress; Kamalnath; Priyanka Gandhi; Rahul Gandhi; Sahara Samachaar;

Congress’s Mahajansampark campaign in MP from today, Mission 150 Plus launched. मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने लांच किया मिशन 150 प्लस राष्ट्रीय अध्यक्ष ख़ड़गे, राहुल-प्रियंका की होंगी 15 दिन में 18 पब्लिक मीटिंग। राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह से ज्यादा पीसीसी चीफ कमलनाथ के दौरे, सुरजेवाला को 30 सीटों पर रैली की जिम्मेदारी। भोपाल और जबलपुर पश्चिम में राहुल गांधी करेंगे पदयात्रा, महाजनसंपर्क के दौरान 230 विधानसभाओं को कवर करेगी कांग्रेस। उदित नारायणभोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस आज शुक्रवार यानी 3 नवंबर से महा जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। अगले 15 दिनों में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की 18 सभाएं होंगी। पीसीसी चीफ कमलनाथ 70 रैलियों में शामिल होंगे। कांग्रेस ने एमपी में जीत के लिए मिशन 150 प्लस को लांच किया है। भोपाल और जबलपुर पश्चिम में राहुल गांधी पदयात्रा भी करेंगे। मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने मिशन 150+ किया लांच प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य 150+ सीटें जीतने का है। महा जनसंपर्क के दौरान 230 विधानसभाओं को कवर किया जाएगा। इस दौरान सभाएं, रैलियां और पदयात्रा करेंगे। दिग्विजय सिंह 60 रैलियों को संबोधित करेंगे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला 30 रैलियों में शामिल होंगे। 11 और 12 नवंबर को दिवाली के कारण कार्यक्रम नहीं होंगे। जानकारों का कहना है कि नेताओं का दौरे के लिए बकायदा दिल्ली में बैठक हुई थी। इस बैठक में नेताओं के प्रभाव को लेकर प्रचार की रणनीति बनाई गई है। इसके अलावा वरिष्ठ नेता अरुण यादव, सुरेश पचौरी, जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, अजय सिंह राहुल, कांतिलाल भूरिया, उमंग सिंगार, ओंकार मारकम, विजयलक्ष्मी साधो, सज्जन वर्मा भी विधान सभा क्षेत्रों में जनसंपर्क और रैली करेंगे। यह व्यापक महाजनसंपर्क अभियान प्रदेश की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा। नेताओं के होंगे खास सीटों पर प्रोग्राम चुनावी समर में आज से शुरू हो रहे महाजनसंपर्क अभियान के तहत कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे ,राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, रणदीप सिंह सुरजेवाला को मध्य प्रदेश की तमाम खास सीटों पर प्रोग्राम करने की जिम्मेदारी दी गई है। जिसके अनुसार 4 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे कटंगी और शाहपुरा, 5 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी कुक्षी और इंदौर-5 जबकि 7 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे उज्जैन और ग्वालियर पूर्व, 8 नवम्बर 2023: महासचिव प्रियंका गांधी सांवेर और खातेगाँव, 9 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी रीवा, 9 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी नई सराय, अशोक नगर, चंदेरी, जबलपुर ईस्ट, जबलपुर वेस्ट में पदयात्रा, 10 नवम्बर 2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सतना, 13 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी टिमरनी, उदयपुरा और इकबाल नगर, भोपाल पदयात्रा। 14 नवम्बर,2023: पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी विदिशा, राजनगर, खजुराहो, 15 नवम्बर,2023: महासचिव प्रियंका गांधी दतिया, 15 नवम्बर,2023: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लीकार्जुन खरगे आमला (बेतूल) में पब्लिक मीटिंग एवं रोड शो और जनसभाएं करेंगे।

मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं।

Sahara Samachaar; MP Elections;

As the election date approaches, all political parties are launching sharp attacks on each other. Sahara Samachaar मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में मतदान की तारीख नजदीक आने के साथ ही सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर तीखे हमले कर रहे हैं। चुनावी समर को लेकर आज हमने भिंड जिले की मेहगांव विधानसभा से चुनाव लड़ रहे भूपेंद्र कराना से बातचीत की। भूपेंद्र सिंह कराना आजाद समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस बातचीत में उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर हमला करते हुए बड़े आरोप लगाए हैं। भूपेंद्र सिंह ने भाजपा और कांग्रेस को चोर चोर मौसेरे भाई कहते हुए दलित और पिछड़े वर्ग का विरोधी करार दिया है। आइए सुनते हैं उन्होने क्या कुछ कहा…

आटे को लीटर में तोलने वाले कांग्रेसी, जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं : शिवराज सिंह चौहान

Shivraj Singh; Kamalnath; Digvijay Singh; Sahara Samachaar;

Those who measure flour by the liter are not familiar with ground realities,” said Shivraj Singh Chouhan, criticizing the Congress. बोले मुख्यमंत्री : गुटों में बटी कांग्रेस- दिग्गी गुट, कमलनाथ गुट, भगवान जाने कितने गुटChief Minister said: Congress is divided into groups – Diggi Group, Kamal Nath Group, God knows how many other groups Udit Narayanभोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अपने गृह ग्राम जैत में हनुमान मंदिर, कुल देवी-देवता,नर्मदा मैया और सलकनपुर में माता विजयासन की पूजा-अर्चना कर बुधनी विधानसभा से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बिना तंज कसते हुए कहा कि, आप ही देखिए उनमें और हम में अंतर क्या है। वो लोग आटे को लीटर में तोलते हैं। धान का खेत काटने पहुँच जाते हैं लेकिन यह पता ही नहीं है कि धान जमीन के नीचे होती है या जमीन के उपर। जमीनी वास्तविकता से परिचित नहीं हैं। हमनें तो बक्खर हांके हैं और ढुली टांग कर उराई भी की है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के मित्र बहुत परेशान रहते हैं। कहते हैं कहां से आ गया ढे़ड मुट्ठी का। एक बार तो मेरा श्राध्द ही कर दिया। तो मैंने कहा राख के ढेर से भी उठकर खड़ा हो जाऊंगा। अभी तो बहुत काम करना है। यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, मैं अपनी जन्मभूमि, कर्मभूमि, मातृभूमि, पुण्यभूमि और वो माटी जिसके आशीर्वाद से प्रदेश की जनता की सेवा कर इतना काम कर पाया हूं, वहां प्रणाम करने आया हूँ। अपने ग्रामवासियों की शुभकामनाएं और बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर आज मैंने नामांकन फ़ॉर्म भरा है। इसके बाद यहां का चुनाव यहां की जनता लड़ेगी, यहां का हर नागरिक शिवराज है,मैं तो केवल वोट डालने आऊंगा। लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि, एक दिल के टुकड़े हजार हुए कोई इधर गिरा कोई उधर गिरा। सपा, आप, कांग्रेस और कांग्रेस में भी दिग्गी गुट, सेठ कमलनाथ गुट, अरुण यादव और अजय सिंह गुट और न जाने कितने गुट हैं ये तो भगवान ही जाने। उन्होंने कहा कि, मल्लिकार्जुन खड़गे तो नाममात्र के अध्यक्ष हैं। असल में तो भैया-बहन फसल काटते हैं। मध्यप्रदेश में भी कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने पूरी पार्टी पर कब्जा जमा कर रखा है और आगे की संभावनाएं भी कांग्रेसियों की समाप्त कर दी हैं। उनके आगे की पीढ़ी भी तैयार है और वो टिकट भी बाँट देती है। इन लोगों ने कब्जा करके कांग्रेस को निष्प्राण बना दिया है।कांग्रेस में कुछ नेता जेल में और कुछ नेता बेल पर हैं : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, कांग्रेस जनता का भल नहीं कर सकती। अब नेताओं की पहचान भी छुपा रहें हैं। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के एक नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को जय-वीरू कहकर बुला रहें हैं, लेकिन जय और वीरू तो जेल से छूट कर आए थे। उन्होंने कहा कि, कुछ नेता जेल में हैं और कुछ कांग्रेस के नेता बेल पर हैं। कांग्रेस के जमाने में नेताओं को कभी जेल नहीं होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कह दिया कि, ना खाउंगा ना खाने दूंगा। इसके बाद सभी कांग्रेसी घबराए हुए हैं। अब जमाना बदल गया है। नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं गड़बड़ की तो नेता भी जेल जाएगा।

हुजूर में लगा कांग्रेस को एक और झटका

Rameshwar Sharma; Huzur; Kolar; Bhopal; BJP;

Huzur delivers another blow to the Congress. भाजपा में शामिल हुए विनोद राजौरिया, तीन पीढ़ी से कांग्रेस के हाथ के साथ रहा विनोद का परिवार Udit Narayan भोपाल। इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट में कांग्रेस को लगातार झटके लग रहे हैं। सोमवार शाम को रातीबड़ निवासी विनोद राजोरिया ने अपने सेकड़ौं समर्थकों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस का दामन छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है। राजोरिया परिवार करीब तीन पीढियों से कांग्रेस की सक्रिय सदस्य रहे हैं। इसके पहले उनकी नाराजगी के कारण कांग्रेस को भोपाल जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी खोना पड़ा था। चुनाव के दौरान उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोटिंग की थी। सोमवार को उन्होंने भी कांग्रेस पार्टी को छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है, जिससे भाजपा पार्टी क्षेत्र में और मजबूत हो गई है। कांग्रेस के पूर्व ज़िला उपाध्यक्ष एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रहे विनोद राजौरिया ने कहा कि कांग्रेस में नेता, नीति और नेतृत्व पूरी तरह समाप्त हो चुका है। श्री राजौरिया ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की जन कल्याणकारी योजनाओं एवं विधायक श्री रामेश्वर शर्मा द्वारा हुजूर विधानसभा में कराये गये विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। वह भाजपा परिवार के एक एक सदस्य के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनकल्याण के कार्य में पूरी तन्मयता के साथ जुटेंगे । विधायक रामेश्वर शर्मा ने दिलायी सदस्यता रातीबड़ भाजपा मंडल की बैठक में विधायक रामेश्वर शर्मा ने विनोद राजौरिया को भाजपा का अंग वस्त्र उढ़ाकर भाजपा में स्वागत किया। श्री शर्मा ने कहा की भाजपा परिवार में आपका स्वागत है । श्री शर्मा ने कहा की समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान एवं जन कल्याण के क्षेत्र में ऊर्जा के साथ काम करेंगे। ये भी हुए शामिल महेंद्र मारण सेवा दल का पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, पंडित श्री रंगीलाल जी शर्मा, दिनेश राजोरिया, रघुवीर राजौरिया, नीतेश राजौरिया, अशोक पाटीदार, नारायण सिंह सेमरी, दिनेश नागर, अमित राजौरिया, मनीष द्विवेदी, प्रेम नारायण, संजीव राजौरिया, राजेश नागर, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं समर्थक भाजपा में शामिल हुए।

भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला.

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Bhopal, among the 175 candidates for the seven assembly seats, “Daga,” an independent candidate, is the richest, followed by Shukla. भोपाल की सातों विधानसभा के 175 उम्मीदवारों में हुजूर के निर्दलीय डागा सबसे ज्यादा अमीर, दूसरे पर आए शुक्ला- रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में हुआ खुलासा Udit Narayan भोपाल। राजधानी की सातों विस में भरे गए 175 उम्मीदवारों में से हुजूर विधानसभा से कांग्रेस के बागी निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा सबसे ज्यादा अमीर उम्मीदवार है। रिटर्निंग अधिकारी को पेश किए गए शपथ पत्र में उनकी कुल प्रॉपर्टी 108 करोड़ 44 हजार 585 रुपए बताई गई है। जबकि दूसरे नंबर पर नरेला से कांग्रेस उम्मीदवार मनोज शुक्ला 44 करोड़ की प्रॉपर्टी के साथ दूसरे नंबर पर आ गए है। सोमवार को उत्तर से आलोक शर्मा, दक्षिण पश्चिम से भगवानदास सबनानी और बैरसिया से भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री ने भी खुद की प्रॉपर्टी का शपथ पत्र पेश किया है।निर्दलीय उम्मीदवार जीतेंद्र डागा खुद की आय -7984794 , पत्नी 1250009संपत्ति चल – खुद- 50477466, पत्नी 69378281 संपत्ति-अचल – 881511338 , पत्नी 78677500 कुल संपत्ति खुद और पत्नी- 108 करोड़ 44 हजार 585 क्रिमिनल रिकॉर्ड- गाजियाबाद के सीबीआई कोर्ट में केसकैश इन हैंड- एक लाख, पत्नी एक लाख 80 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद-1077923, पत्नी 184689 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद-एक करोड़ 55 लाख, पत्नी 5 करोड़ 65 लाख साझा फर्म- खुद 25449543, पत्नी 7918722 वाहन- मारुति जिप्सी गहने- खुद 1152 ग्राम सोना, पत्नी 722 ग्राम सोना शैक्षणिक योग्यता – एमकॉम प्रिवियस आय के स्त्रोत – कृषि एवं कार डीलरशिप में भागीदारी भाजपा उम्मीदवार विष्णु खत्री खुद की आय- 346540, पत्नी 455580 क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं है कैश इन हैंड- 70 हजार, पत्नी 90 हजार रुपए कैश इन बैंक- खुद- 1850359 पत्नी 376703 संपत्ति-चल-अचल – 6 करोड़ 17 लाख 2 हजार 200, पत्नी 1 करोड़ 90 लाख शस्त्र – रिवाल्वर, 12 बोर गन वाहन- स्कार्पियो, एक्टिवा, पत्नी सुजुकी एक्सिस गहने- खुद 80 ग्राम सोना, पत्नी आधा किलो सोना, सात सौ ग्राम चांदी शैक्षणिक योग्यता – एलएलबी आय के स्त्रोत – सलाहकार और खेती से आय बीमा- खुद 261250 पत्नी 156750 भाजपा उम्मीदवार ओलाक शर्मा खुद की आय – 527250, पत्नी 335254 संपत्ति चल – खुद- 6571117 , पत्नी 12386196 रुपए संपत्ति-अचल -खुद 5939538 , पत्नी 2185500 कुल संपत्ति खुद 12510655 और पत्नी- 14571696 रुपए कुल 27082351 क्रिमिनल रिकॉर्ड- आधा दर्जन थानों में केस राजनीति सहित अन्य मामले कैश इन हैंड- 45000 , पत्नी 48000कैश इन बैंक- खुद- 3853083, पत्नी रुपए 2272528 रुपए फिक्स डिपाजिट- खुद- , पत्नी वाहन- मारुति स्विफ्ट शस्त्र – एक रिवाल्वर, एक रायफल कर्ज देनदारी – 6887350 रुपए गहने- खुद 150 ग्राम सोना, पत्नी 550 ग्राम सोना, साढ़े पांच किलो चांदी के बर्तन शैक्षणिक योग्यता – बीकॉम आय के स्त्रोत – कृषि और किराये से आय भाजपा उम्मीदवार भगवानदास सबनानीखुद की आय – 425000 , पत्नी 210000 संपत्ति चल – खुद 3634000 लाख, पत्नी 6388000 रुपए संपत्ति-अचल संयुक्त 1 करोड़ 25 लाख रुपए कुल संपत्ति संयुक्त- 2 करोड़ 25 लाख 22 हजार रुपए क्रिमिनल रिकॉर्ड- नहीं कैश इन हैंड- खुद 44000 , पत्नी 33000 कैश इन बैंक- खुद 5765000- पत्नी 185000 रुपए वाहन- स्कार्पियों और पत्नी के पास मारूति बलिनो कर्ज देनदारी – 34 लाख 38 हजार रुपए गहने- खुद 10.50 लाख का सोना, पत्नी के पास 33 लाख रुपए का सोना

आसान नही है राघोगढ़ की राह,

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The path to Raghogarh is not easy. साकिब कबीरभोपाल, दिग्विजय सिंह के प्रभुत्व और कांग्रेस के लिए सॉफ्ट माने जाने वाली राधौगढ़ सीट इस बार हॉट सीट में तब्दील हो गई है।दरअसल इस बार भाजपा की ओर से अब तक दिग्विजय सिंह और उनके पुत्र की लगातार जीत में अहम भूमिका निभाने वाले हीरेन्द्र सिंह बंटी बना मैदान में हैं।बंटी खुद भी जिला जनपद सदस्य रह चुके है जबकि उनके पिता मूलसिंह दादा भाई दो बार कांग्रेस से विधायक रह चुके हैं जिनके दिग्विजय सिंह परिवार से नज़दीकी रिश्ते रहें हैं।लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद बंटी उनके साथ भाजपा में चले गए।माना जा रहा है कि दादा भाई और बंटी एक समय क्षेत्र में दिग्विजय सिंह का प्रतिनिधित्व करते थे। इलाके के लोग भी अपनी समस्याएं इनके माध्यम से ही दिग्विजय सिंह तक पहुंचते थे जिसकी वजह से इनका सीधा संबन्ध लोगों से है।यही वजह है कि इस बार राधौगढ़ की राह आसान नही है।यहां कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।

‘भाजपा में इन दिनों गुटबाजी हावी, इसे ढकने कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का कर रही प्रचार-प्रसार

Digvijay Singh; Kamalnath; MP Elections; Sahara Samachaar;

These days, there is factionalism prevalent in the BJP, which Congress leaders are promoting as false news among themselves,” said Digvijaya Singh. कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए कर रहे हैं काम Udit Narayan भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर राज्य में हलचल बढ़ी हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के साथ किसी तरह की मतभेद की बातों से इनकार किया है। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा है कि ऐसी बातें बीजेपी फैला रही है। दिग्विजय सिंह ने अपने बयान में कहा कि कई अखबारों ने यह दावा किया है कि नाराजगी की वजह से वो झाबुआ और खातेगांव नहीं गए। दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘बीजेपी में इन दिनों गुटबाजी काफी बढ़ी हुई है। इसे ढकने के लिए बीजेपी, कांग्रेस नेताओं के बीच झूठी खबरों का प्रचार-प्रसार कर रही है। खासकर मेरे और कमलनाथ के बीच। कांग्रेस के प्रत्येक नेता दृढ़ निश्चय वाले हैं, यूनाइटेड हैं औऱ वो बीजेपी को हराने के लिए काम कर रहे हैं।’राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि झाबुआ और खातेगांव का दौरा उन्होंने इसलिए रद्द किया क्योंकि कांग्रेस महासचिव उनसे संगठन और चुनाव को लेकर कुछ अहम चर्चा करना चाहते थे। कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। हालांकि, बीजेपी सचिव रजनीश अग्रवाल ने कहा कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच खुलेआम मतभेद है। इस सबूत है उनके बीच में हुई बातचीत का वीडियो। अग्रवाल ने कहा कि हाल के विवाद से यह साफ है कि कमलनाथ और समर्थक चुनावी कैंपेन से दिग्विजय सिंह को दूर रखना चाहते हैं और उन्हें साइडलाइन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में टिकट बंटवारे के बाद जब पार्टी नेताओं की नाराजगी सामने आने लगी तब कमलनाथ ने खुलेआम दिग्विजय के कपड़े फाड़ने के बारे में कहा था। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने टिकट बंटवारे के लिए कमलनाथ को जिम्मेदार बताते हुए कहा था कि इलेक्ट्रॉल फॉर्म पर कमलनाथ ने हस्ताक्षर किए थे जो कि राज्य में पार्टी के चीफ हैं। बीजेपी नेता ने आगे कहा कि दोनों नेताओं के बीच बढ़ी दूरियों को बताने के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है। सुरजेवाला के इस बयान प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा उनके बयान से यह साबित होता है कि दिग्विजय सिंह औऱ कमलनाथ जय और वीरू के उस छलिया कैरेक्टर जैसे हैं जो जेल से भाग गए थे। इससे पहले इसी महीने कमलनाथ का एक वीडियो सामने आया था उसमें उन्होंने शिवपुरी में किसी पार्टी नेता को टिकट नहीं दिए जाने पर पार्टी के लोगों से कहा था कि वो दिग्विजय सिंह के कपड़े फाड़े।

भाजपा ने खत्म किया सस्पेंस, विदिशा से मुकेश टंडन व गुना से शाक्य को मैदान में उतारा।

BJP has ended the suspense and fielded Mukesh Tandon from Vidisha and Shaky from Guna,” is what the statement translates to in English. उदित नारायण भोपाल। मप्र में सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है। इसके ठीक एक दिन पहले भाजपा ने विदिशा व गुना सीट पर अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। भाजपा ने पांचवी सूची तक में 228 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए थे, किंतु विदिशा व गुना को होल्ड पर रख दिया गया है। शनिवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय में करीब तीन घंटे तक चली केंद्रीय मंत्री अमित शाह की संभागीय बैठक से पहले उक्त दोनों सीटों को लेकर भी काफी देर तक चर्चा हुई। अंतत: दोनों सीटों पर प्रत्याशी के नामों का ऐलान कर दिया गया। टंडन के मामले में शाह ने लगाई थी फटकार। विदिशा से टंडन के साथ गुना से इस बार पन्नालाल शाक्य को टिकट मिला है। विदिशा क्षेत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गढ़ है। वे सीहोर जिले के बुधनी से भले ही चुनाव लड़ते हैं, किंतु विदिशा से उनका दसकों पुराना नाता है। परंतु, इस बार विधानसभा चुनाव में कई दावेंदार सामने आ गए। बताते हैं कि मुख्यमंत्री अपने करीबी मुकेश टंडन को ही टिकट देना चाह रहे थे, किंतु दावेदारों की संख्या देखकर वे भी कोई निर्णय नहीं ले पाए। अंतत: इसे हाईकमान पर छोड़ दिया गया। शनिवार को केंद्रीय मंत्री शाह ने रात 10 से लेकर एक बजे तक संभागीय बैठक लिए। उन्होंने एक-एक सीट की जानकारी ली और नेताओं को अपना सुझाव भी दिया। सूत्रों ने बताया कि शाह ने कुछ मुद्दों को लेकर काफी खरी खोटी भी सुनाई। इस बैठक से पहले दोनों सीटों को लेकर माथापच्ची हुई। इसके बाद निर्णय ले लिया गया। भाजपा के गढ़ से कांग्रेस की जीत भी रही वजह। 2018 के चुनाव में विदिशा से कांग्रेस के शशांक भार्गव जीते थे। इससे समूची भाजपा परेशान हो गई थी। इस बार ऐसी कोई गलती नहीं हो, इसलिए टिकट देने से पहले काफी माथापच्ची हुई। यहां पर भाजपा में तीन दावेदारों के बीच पेंच फंस गया था। यहां से पूर्व वित्तमंत्री राघव की बेटी ज्योति शाह के अलावा पिछला चुनाव हार चुके मुकेश टंडन भी दावेदारी कर रहे थे। इसके अलावा संगठन ने श्याम सुंदर शर्मा का नाम बढ़ाया था। जबकि गुना सीट को संघ की मजबूत सीट मानी जाती है। यह सीट संघ और भाजपा दोनों के कारण फंसी रही। इस सीट पर सिंधिया परिवार का भी प्रभाव है। इसके चलते यहां पर प्रत्याशी चयन को लेकर मामला अटका रहा। अभी इस सीट पर भाजपा के गोपीलाल जाटव विधायक हैं। इस बार गुना से पन्नालाल शाक्य को भाजपा ने मैदान में उतारा है।

मैं अच्छा हिंदू, राम मंदिर निर्माण के लिए दिए ₹1.11 लाख दान दिया : दिग्विजय सिंह

I am a devout Hindu, donated ₹1.11 lakh for the construction of the Ram Temple,” said Digvijaya Singh पीएम मोदी को चेक भेजा, लेकिन उन्होंने वापस भेज दिया, फिर मैंने…स्वयं जमा किए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। Udit Narayan भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने रविवार को कहा कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए ₹1.11 लाख का दान दिया क्योंकि वह एक ‘अच्छे हिंदू’ हैं। चुनावी राज्य मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करता हूं। मैं एक अच्छा हिंदू हूं। दिग्विजय सिंह का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख तय हो गई है। बता दें कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होगी जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। ऐसे में जब चुनावी राज्य मध्य प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू है और कानूनी लिहाज से चुनाव में धर्म का इस्तेमाल प्रतिबंधित है, सूबे में राम मंदिर का मुद्दा भी गर्म है। राम हमारे इष्टदेव हैं… चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधितमध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति हूं और एक अच्छा हिंदू हूं। राम हमारे इष्टदेव हैं, हम सनातन धर्म का पालन करते हैं लेकिन चुनाव में धर्म का उपयोग करना प्रतिबंधित है… राम मंदिर के निर्माण के लिए शिवराज सिंह चौहान ने 1 लाख रुपए का दान दिया और मैंने 1 लाख 11 हजार रुपए का दान दिया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि मैंने अपने योगदान का चेक प्रधानमंत्री मोदी को भेजा कि जाकर जमा करवा दीजिए… मैंने वह चेक ट्रस्ट को सौंपने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को भेजा। उन्होंने इसे वापस भेज दिया और मुझसे इसे स्वयं जमा करने के लिए कहा। मैंने इसे जमा कर दिया। हाल ही में मध्य प्रदेश में राममंदिर के निर्माण का श्रेय लेने वाले होर्डिंग नजर आए थे। इस पर कांग्रेस की ओर से आपत्ति जताई गई थी। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि कांग्रेस राममंदिर निर्माण को लेकर दुखी है। वहीं कांग्रेस ने उस पर भगवान राम की भक्ति से भटकने का आरोप लगाया था। कांग्रेस की इंदौर इकाई ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी कि भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान अयोध्या में राममंदिर और उज्जैन में महाकाल लोक का प्रदर्शन करके धार्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया। यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। वहीं भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की शिकायत को एक्स पर साझा करते हुए उस पर राम विरोधी होने का आरोप लगाया। मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शनिवार को कहा था कि कांग्रेस का मूल चरित्र भगवान श्रीराम, हिंदुत्व और सनातन धर्म के खिलाफ रहा है। कांग्रेस राम मंदिर के होर्डिंग के खिलाफ निर्वाचन आयोग से शिकायत कर रही है, जो दुनिया की आस्था का केंद्र है। कांग्रेस के नेता कह रहे हैं कि ऐसे होर्डिंग हटाए जाने चाहिए। कांग्रेस को दुख है कि राम मंदिर के होर्डिंग्स क्यों लगाए गए हैं… कांग्रेस को राम मंदिर बनने से दुख है।

25 चुनाव प्रत्याशियों के साथ विंध्य से नारायण त्रिपाठी ने खोला चुनावी मोर्चा।

Narayan Tripathi from Vindhya opened an electoral front with 25 election candidates. विंध्य क्षेत्र में ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। नारायण त्रिपाठी। 5 से 7 विधानसभा सीटों पर जीत के आसार, और भी कई सीटें होंगी प्रभावित। उदित नारायण सतना। विंध्य की राजनीति में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां भाजपा से इस्तीफा दे चुके विधायक नारायण त्रिपाठी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही झटका देते हुए विंध्य जनता पार्टी का गठन कर दिया। विधायक नारायण त्रिपाठी ने अब अपने पत्ते खोलते हुए विंध्य जनता पार्टी के 25 प्रत्याशियों की पहली सूची भी जारी कर दी है। नवगठित मैहर जिले की सीट से खुद नारायण त्रिपाठी चुनाव लड़ेंगे। इस सीट को नारायण त्रिपाठी का मजबूत गढ़ माना जाता है। इसके साथ ही आज शाम तक विंध्य जनता पार्टी चुनाव प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट भी जारी कर सकती है। जानकारी मिली है की पार्टी नेतृत्व द्वारा दूसरी लिस्ट में करीब 15 प्रत्याशियों के नामों पर सहमति बन चुकी है। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। हम आपको बता दें कि नारायण त्रिपाठी ने विंध्य के अलावा मध्य भारत और महाकौशल में भी अपने प्रत्याशी मैदान में उतार दिए हैं। भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के बाद तरह तरह के कयास नारायण त्रिपाठी के लिए लगाए जा रहे थे, लेकिन इन सभी पर विराम लगाते हुए नारायण ने अब अपनी विंध्य जनता पार्टी से चुनाव मैदान पर उतरने का आगाज कर दिया है, जिसका चुनाव चिन्ह गन्ना और किसान है। विंध्य में मुकाबला हुआ त्रिकोणीय। यहां ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि विंध्य में कुल 30 विधानसभा सीट हैं। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन 30 में से 24 सीटों पर जीत दर्ज की थी। विधायक नारायण त्रिपाठी ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं और विंध्य क्षेत्र की अधिकांश सीटों पर हार जीत का निर्णय ब्राह्मण मतदाता करते हैं। विधायक नारायण त्रिपाठी की यहां की राजनीति में तगड़ी पकड़ है। राजनीति के जानकारों के हिसाब से विंध्य क्षेत्र का चुनाव परिणाम इस बार बहुत ही चौंकाने वाला रहेगा। नारायण त्रिपाठी की पार्टी के चुनाव मैदान में उतरने से अब यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। जिसके चलते यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टी के समीकरण गड़बड़ा रहे हैं और क्षेत्र की करीबन पांच से सात सीटों पर नारायण त्रिपाठी की पार्टी की जीत सुनिश्चित दिखाई दे रही है। जिसे रोक पाना अब दोनों ही पार्टियों के लिए असंभव नजर आ रहा है। जिसके चलते भाजपा और कांग्रेस दोनों ही खेमों में खलबली मची हुई है। इस चुनाव में विंध्य क्षेत्र से तीनों पार्टियों में से किसका पलड़ा भारी रहेगा यह तो चुनाव परिणाम ही बताएगा। मैहर विधानसभा में बजा चुनावी बिगुल। मध्य प्रदेश के मैहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नारायण त्रिपाठी ने अपने पत्ते खोलते हुए आगामी 2023 के चुनाव में अपनी विंध्य जनता पार्टी से चुनाव मैदान पर उतरने का आगाज कर दिया है। यदि हम बात करें मैहर विधानसभा क्षेत्र की तो यह विधानसभा क्षेत्र नारायण त्रिपाठी का गढ़ माना जाता है, जहां नारायण त्रिपाठी अलग-अलग दलों से चार बार विधायक चुने जा चुके हैं। अभी तक नारायण त्रिपाठी समाजवादी पार्टी, कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी से मैहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक चुने जा चुके हैं, लेकिन आगामी 2023 के चुनाव को लेकर नारायण त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था, ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि नारायण त्रिपाठी कांग्रेस पार्टी का दामन थाम कर एक बार फिर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, लेकिन सभी पार्टियों को दरकिनार करते हुए नारायण त्रिपाठी ने अब अपने द्वारा गठन की गई विंध्य जनता पार्टी से मैहर विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मैदान पर ताल ठोक कर सभी कयासों पर विराम लगा दिया है। वीजेपी की सूची ने बढ़ाई भाजपा-कांग्रेस की धड़कनें। नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी के उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए चुनावी बिगुल बजा दिया है। पहली सूची में नारायण त्रिपाठी ने सतना जिले की 7 विधानसभा में से 4 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, जिसमें मैहर से खुद नारायण त्रिपाठी, सतना विधानसभा से हरिओम गुप्ता, रैगांव विधानसभा क्षेत्र से आरती वर्मा और अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र से शशि सतेंद्र शर्मा उम्मीदवार घोषित किए हैं। फिलहाल नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी की सूची जारी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी दोनों की ही धड़कने बढ़ा दी हैं। वीजेपी ने 25 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। विंध्य जनता पार्टी द्वारा जारी पहली चुनाव प्रत्याशी लिस्ट में रैगांव से आरती वर्मा, सतना से हरिओम गुप्ता, अमरपाटन     से शशि सत्येंद्र शर्मा, सेमरिया से हासिफ मोहम्मद अली, त्यौथर से कमांडो अरुण गौतम, देवतालाब से कुंजबिहारी तिवारी, गगुढ़ से शिवमोहन शर्मा, चुरहट से अरुण द्विवेदी और सीधी से वाल्मिीक तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया है। जबकि सिंहावल से आशीष मिश्रा, चितरंगी से रामकृष्ण कोल, सिंगरौली से कुंदन पांडेय, ब्यौहारी से लेखन सिंह, जयसिंह नगर से फूलमती सिंह, जैतपुर से हीरालाल पनिका और अनूपपुर से प्यारेलाल पनिका को टिकट दिया है। इसके साथ ही पुष्पराजगढ़ से अमृतलाल सोनवानी, बांधवगढ़ से धूप सिंह, मानपुर से राजकुमार बैगा, शहपुरा से मदन सिंह परस्ते, डिंडौरी से सितार मरकाम, भोपाल दक्षिण पश्चिम से मनीष पांडेय, अंबेडकर नगर से वैघनाथ मिश्रा और बड़ामलहरा से दिनेश यादव को चुनाव प्रत्याशी घोषित कर मैदान में उतारा है। विंध्य प्रदेश की मांग करते रहे हैं नारायण त्रिपाठी। नारायण त्रिपाठी हमेशा विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर मीडिया के सुर्खियों में रहते हैं और वे भाजपा सरकार में रहकर भी विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करते थे। वर्ष 2018 के चुनाव में नारायण त्रिपाठी ने भारतीय जनता पार्टी से चुनाव में जीत दर्ज की थी, जहां उनके सामने उनके प्रतिद्वंदी श्रीकांत चतुर्वेदी चुनाव मैदान में थे। श्रीकांत चतुर्वेदी को मात देते हुए नारायण त्रिपाठी ने जीत दर्ज की थी। मैहर विधानसभा चुनाव 2023। मैहर विधानसभा सीट पर अगले महीने चुनाव होना है। कांग्रेस ने जहां इस सीट से धर्मेश घई को अपना उम्मीदवार बनाया … Read more

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