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कैलारस शक्कर कारखाना नीलामी के विरोध में धरना दे रहे विधायक पंकज उपाध्याय को पुलिस ने किया गिरफ्तार  10 हजार किसान युवाओ ने दी गिरफ्तारी।

Police arrested MLA Pankaj Upadhyay who was protesting against Kailaras sugar factory auction. 10 thousand farmer youth arrested. कारखाने की जमीन नीलामी ना होना किसानो की बड़ी जीत: पंकज उपाध्याय कैलारस शक्कर कारखाने पर पिछले 4 दिनों से धरना चल था । अततःपूर्व से घोषित कार्यक्रम में शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के द्वारा सत्याग्रह एवं जेलभरो आंदोलन का आह्वान किया गया था जिसमें हजारों की संख्या में किसान और युवा और हजारो की संख्या में ट्रैक्टर  धरना स्थल पर शक्कर कारखाने पर पहुंचे सुबह 9:00 बजे से ही ग्रामीण क्षेत्र के किसान और युवा बड़ी संख्या में अपने स्वयं के ट्रैक्टरों एवं मोटर साइकिलोऔर छोटे वाहनों से धरना स्थल पर पहुंचने लगे सुबह 10:00 बजे सभा को संबोधित करते हुए विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि हमारे चार दिन से शांति पूर्ण धरना चल रहा है परंतु प्रशासन ने हमारी कोई खबर नहीं ली हमें मजबूरन सड़कों पर आना पड रहा है हमारा कारखाना हमारै पुरखों की संपत्ति है इसे बेचना किसाने और हमारे साथ बड़ा धोखा है पंकज उपाध्याय के आहवान पर हजारों की संख्या में किसान और युवा सड़क पर उतर के तहसील घेराव करने पहुंचे एडीएम C B प्रसाद पूर्व से गेट पर उपस्थित थे जिन्होंने विधायक एवं नेताओं से बात कर समाधान निकालने का प्रयास किया कम्युनिस्ट नेता अशोक तिवारी ने कहा कि यह कारखाना सहकारी नियमों से बना था और किसी शासन प्रशासन को इसकी भूमि बेचने का अधिकार नहीं है एडीएम प्रसाद ने कहा कि कारखाने की भूमि हाई कोर्ट के निर्णय के बाद बिक रही है कार्यक्रम में उपस्थित उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि कारखाने की भूमि बेचना किसानों एवं युवा के साथ बड़ा धोखा है कारखाने को पुनः प्रारंभ करना ही होगा प्रशासन से सहमति ना बनने पर विधायक पंकज उपाध्याय एवं अन्य नेता सड़क पर बैठकर अपनी मांगे मंगवाने के लिए अड  गए बहुत हुज्जत के बाद कई थानों की पुलिस ने विधायक पंकज उपाध्याय अशोक तिवारी गयाराम धाकड़  बैजनाथ कुशवाह, अशोक तिवारी , सोनेराम कुशवाह,गयाराम धाकड़, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मधुराज  सिंह तोमर ,विनोद शर्मा पार्षद  ,नंदलाल खरे ,सुभाष सिंह सिकरवार, हरीश पाठक बृजमोहन मरैया,केशव प्रसाद गोयनर, सुरेश उपाध्याय,  राजवीर धाकड़ ,ओमप्रकाश श्रीवास पूरन धाकड़,सुरेंद्र शाक्य, नरहरि शर्मा, डॉ.शम्मा कुरैशी,मोहित शुक्ला,ओमप्रकाश शर्मा,अशोक जाटव,दीपेंद्र सिंह जादौन,राजेंद्र सिंह जादौन, बिंदु कुरैशी,राजेश गुप्ता,विनोद दुबे,राजकुमार सिंह सिकरवार ،मुकेश शुक्ला,कुरैशी,उदयराज सिंह जादौन,रामपाल सिंह सिकरवार,हरेंद्र सिंह जादौन ,भूषण सिंह धाकड़,रफीक मोहम्मद,जीवनलाल त्यागी,रामदयाल धाकड़, रामहेत त्यागी,दिलशाद कुरैशी,मोहन रसोईया,शराफत अली खान,साबिर पठान,विजेंद्र   गौड़,रानू मिश्रा,संदीप मरैया,बल्लभ यादव,जगदीश जाटव पूर्व सरपंच रीजोनी,धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, नरेश शर्मा जापथाप,डॉ.सुरेश शर्मा जोरा,सतेंद्र सोलंकी,नीरज जाटव,संतोष सोलंकी,बदन सिंह आम आदमी पार्टी,कमल रावत,पम्मी शर्मा,मनोज कुशवाह,बादशाह यादव,विनोद पलैया पार्षद,श्रीमती कमलेश उमरैया,सुनीता आदिवासी  ، राजकुमार धाकड़,धर्मेंद्र धाकड़,राजू शर्मा ,ओमप्रकाश शाक्य,सुमेर शाक्य,रमेश कुशवाह,केदार सोलंकी, उम्मेद कुशवाह फौजी,दर्शन धाकड़ सरपंच,अरुण शर्मा,मोनू धाकड़,विकाश त्यागी,पवन शर्मा, इशाक मोहम्मद,सुमेर धाकड़ सरपंच,माखन शाक्य, के साथ पुलिस वाहन में बिठाकर अस्थाई जेल कम्युनिटी हॉल कैलारस में ले गए रास्ते भर हजारों कार्यकर्ताओं ने पुलिस वाहन को रोककर रास्ता रोका और चक्का जाम कर दिया लगभग 2 घंटे के बाद पुलिस वाहन तहसील से अस्थाई जेल पहुंच सका हजारों की संख्या में किसान युवा और कार्यकर्ता पहुंचने पर पुलिस की व्यवस्था बिगड़ गई पुलिस प्रशासन ने आनंन फानन में गिरफ्तारी  दर्शाकर प्रदर्शनकारियों को रिहा करने लिया निर्णय लिया कुछ समय बाद सूचना लगी किसी भी शक्कर कारखाने की बोली में भाग नहीं लिया और बोली निरस्त की गई पंकज उपाध्याय ने कहा कि नीलामी में किसी बोली वाले का भग ना लेना निश्चित रूप से किसानों और युवाओं की जीत है और शक्कर कारखाना प्रारंभ होने तक या आंदोलन निरंतर जारी रहेगा

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी बोले- ‘कैंसर की तरह है गुटबाजी, इसे…’

politics jitu patwari urges congress to leave factionalism and move forward ann Jitu Patwari इन दिनों मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैली को लेकर पूरे राज्य में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को महू आने का निमंत्रण दे रही है. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद कई विधानसभाओं में जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आमंत्रित कर रहे हैं. इस दौरान वे गुटबाजी छोड़ने का भी आह्वान कर रहे हैं. ऐसा ही कुछ जोशीला बयान पटवारी ने मनावर में भी दिया. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मनावर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए कहा, “अब गुटबाजी छोड़कर कांग्रेस को मजबूत बनाने के लिए आगे बढ़ना होगा”. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर तक कांग्रेस के संगठन को मजबूत करना पड़ेगा. इसमें ग्राम पंचायत स्तर तक कांग्रेस कमेटी का गठन होना चाहिए. जीतू पटवारी ने कहा कि आने वाले 4 साल तक अगर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता बिना छुट्टी लिए संगठन का काम करते हैं तो एमपी में आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता है. पटवारी ने मनावर के साथ-साथ कुक्षी और बड़वानी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर उन्हें महू आने का आमंत्रण दिया. ‘कांग्रेस में ‘कैंसर’ की तरह है गुटबाजी’- जीतू पटवारीजीतू पटवारी ने गुटबाजी को कांग्रेस का ‘कैंसर’ बताया है. इस पर बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने पलटवार किया है और कहा कि हम लगातार कांग्रेस में गुटबाजी होने का दावा कर रहे हैं, जिसे कांग्रेस झुठलाती आ रही है. अब जीतू पटवारी खुद कांग्रेस में गुटबाजी को कैंसर बता रहे हैं. जीतू पटवारी ने बीजेपी कार्यकर्ता का दिया उदाहरण प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बीजेपी का छोटा सा छोटा कार्यकर्ता गांव की चौपाल पर चार लोगों को बीजेपी के समर्थन में आगे बढ़ाने के लिए सफलतापूर्वक समझाइश दे देता है. जब विकास की बात होती है तो गांव और विधानसभा से लेकर प्रदेश और देश तक बात नहीं बनती है, तो बीजेपी कार्यकर्ता पाकिस्तान से अफगानिस्तान तक चर्चा करता है. इसी तरह कांग्रेस को भी अपना संगठन मजबूत करते हुए अपनी विचारधारा को लोगों तक पहुंचाना है. हर गांव हर बूथ से एक गाड़ी जरूरी- पटवारी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने मनावर में यह भी कहा कि एक गांव से दो गाड़ी की आवश्यकता नहीं है बल्कि हर एक पोलिंग बूथ और एक गांव से एक ही गाड़ी महू पहुंचनी चाहिए. इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि गांव-गांव तक रैली का संदेश पहुंचाना चाहिए, इसलिए हर गांव से एक गाड़ी लानी जरूरी है. बीजेपी संगठन की बराबरी करने में कई जन्म लगेंगे- बीजेपी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजपाल सिंह सिसोदिया के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं को यह बात समझ लेनी चाहिए कि बीजेपी संगठन के बराबरी करने में कांग्रेस नेताओं को कई जन्म लेने पड़ेंगे. सिसोदिया ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी यह बात समझ में आ गई है कि बीजेपी का संगठन काफी मजबूत और बड़ा है. यही वजह है कि वे अपने हर सभा में भाजपा के संगठन की मजबूती को लेकर बयान दे रहे हैं.

धरने को असफल करने के लिए सांसद का कुत्सित असफल प्रयास है बयान: पंकज उपाध्याय     

  The statement is a disgusting failed attempt by the MP to make the protest unsuccessful: Pankaj Upadhyay  हमने कई अखबारों में पढ़ा और सुना कि माननीय सांसद शिवमंगल सिंह तोमर अपने बयान में  कह रहे हैं कि शक्कर कारखाने को चालू करने के लिए योजना बन गई है कार्यवाही प्रारंभ हो गई है मेरा सांसद महोदय से अनुरोध है कि अगर कल रात में ऐसी कोई योजना बनी हो तो मुझे उपलब्ध करा दे क्योंकि मैंने मुख्यमंत्री सहकारिता मंत्री कृषि मंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष को कलेक्टर को पत्र लिखकर यह मांग करी की शक्कर कारखाने की भूमि नीलामी रोककर कारखाने को पुनः प्रारंभ करने हेतु कार्रवाई करें परंतु अभी तक माननीय मुख्यमंत्री जी सहकारी मंत्री जी विधानसभा अध्यक्ष एवं कलेक्टर महोदय का जवाब मुझे नहीं मिला है आपके द्वारा यह बयान निश्चित रूप से किसानों एवं कर्मचारियों को बरगलाने के लिए जो किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है उसे असफल करने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है आपसे अनुरोध है आपको मुरैना की जनता ने किसानों के हितों के लिए चुना था ना कि किसानों को बरगलाने के लिए अतः आगे आकर  धरने में अपना साथ दे और अगर सांसद जी आगे आकर हमारे बंद शक्कर कारखाने को प्रारंभ करते हैं तो हम सब शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति के लोग उनका नागरिक अभिनंदन करेंगे

शक्कर कारखाने की भूमि नीलामी के विरोध में 18 जनवरी से धरना

Protest from January 18 against sugar factory land auction कैलारस शक्कर कारखाने की जमीन नीलामी का मामला अब गरमाता जा रहा ह जौरा में विधायक पंकज उपाध्याय के कार्यालय पर शक्कर कारखाना बचाओ समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शक्कर कारखाने से जुड़े हुए कई पुराने किसान नेताओं कर्मचारी संगठन सामाजिक संगठनों ने भाग लिया बैठक की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक महेश मिश्रा ने कहा कि कैलारस शक्कर कारखाना सहकारी नियमों के तहत बनाया गया था जिसकी भूमि या कोई भी संपत्ति बेचने से पहले सरकार को शेयरहोल्डरों से बात करनी होगी यह नीलामी पूर्ण रूप से अवैध और असंवैधानिक है साथी इस समिति का नाम शक्कर कारखाना चलाओ समिति रखा जाए शक्कर कारखाना बचाओ समिति के ओमप्रकाश श्रीवास ने कहा कि शक्कर कारखाना बचाने के लिए अब किसान युवाओं और आमजन को सड़कों पर आना होगा हम सबको एक जुटता से नीलामी का विरोध करना होगा जिसमें सबसे प्रखर माध्यम धरना रहेगा विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि मेरे द्वारा मुख्यमंत्री सहकारिता मंत्री एवं कलेक्टर को पत्र लिखकर सात दिवस में शक्कर कारखाना बेचने की प्रक्रिया रोकने की मांग की गई है हम सात दिवस बाद धरने का आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा जिसमें प्रत्येक कार्यकर्ता अपना राशन पानी घर से लेकर आएगा जौरा विधानसभा के हर गांव से कम से कम 100 लोग आकर धरने में बैठेंगे कारखाने के सभी पुराने शेयरधारकों को भी बुलाया जाएगा बैठक में कई युवा एवं किसान नेताओं ने नीलामी के विरोध में कहा कि यह स्पष्ट रूप से सरकार की कथनी और करनी में अंतर है एक तरफ मुख्यमंत्री मुरैना मंडी में घोषणा करके गए कि कैलारस का शक्कर कारखाना प्रारंभ होगा वहीं दूसरी ओर किसानों और युवाओं को धोखा देकर कारखाने की जमीन बिक रहे हैं बैठक में डॉ मुरली लाल अमर जगदीश राठौर रामहेत त्यागी धर्मेंद्र सिकरवार संतोष सोलंकी साबिर पठान ओम प्रकाश शर्मा सरपंच विनोद दुबे दिलीप कला बृजेश शर्मा फोदलिया जाटव नरहरि शर्मा शहाबुद्दीन उस्मानी दीपक यादव अप्पू जैन राजकुमार सिकरवार रामहेत जाटव प्रमोद शर्मा प्रकाश पलिया शराफत अली रानी खान हरेंद्र जादौन के साथ बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे

थीम : ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ ,डॉ अंबेडकर की जन्मस्थली महू में होगी कांग्रेस की बड़ी रैली

mp congress big rally held in dr ambedkar birthplace mhow theme is jai bapu jai bhim jai constitution भोपाल:मध्य प्रदेश कांग्रेस 26 जनवरी को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली, महू में एक विशाल ‘संविधान’ रैली का आयोजन कर रही है। इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। यह रैली नवंबर 2023 और 2024 के चुनावी नुकसान के बाद कांग्रेस का पहला बड़ा आयोजन है। साथ ही जीतू पटवारी के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद एमपी में यह पहला बड़ा आयोजन है। इस रैली की तैयारी को लेकर पीसीसी मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई है। बैठक में कांग्रेस के तमाम बड़े नेता दिखे। हालांकि कमलनाथ नहीं दिखाई दिए हैं। रैली को लेकर राजनीति इस रैली को लेकर राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस पर डॉ. अंबेडकर की विरासत का राजनीतिक फायदा उठाने का आरोप लगाया है। हाल ही में जीतू पटवारी द्वारा डॉ. अंबेडकर की तस्वीर अपने घुटने पर रखने के मामले ने भी विवाद को हवा दी है। 26 को महू में होगी रैली कांग्रेस अपनी ‘संविधान’ रैली की तैयारी जोर-शोर से कर रही है। यह रैली 26 जनवरी को महू में होगी, जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ था। कांग्रेस ने इस रैली को सफल बनाने के लिए लगभग एक दर्जन कमेटियां बनाई हैं। इस रैली का थीम ‘जय बापू-जय भीम-जय संविधान’ रखा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी होंगे शामिल इस रैली में AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होंगे। कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस रैली में मौजूद रहेंगे। महू में एक मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण देंगे। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया सहित कई दिग्गज नेता 11 सदस्यीय समन्वय समिति का हिस्सा हैं जो रैली की व्यवस्था देख रही है। तैयारियों का दौर जारी PCC प्रमुख जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह भोपाल में पार्टी मुख्यालय पर विभिन्न समितियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। जितेंद्र सिंह गुरुवार देर रात तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए भोपाल पहुंचे। नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस द्वारा आयोजित किया जा रहा यह पहला बड़ा कार्यक्रम है। मोहन यादव ने साधा निशाना रैली को लेकर सीएम मोहन यादव ने निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी भी डॉ. अंबेडकर का सच्चा सम्मान नहीं किया। उन्होंने राहुल गांधी से संविधान निर्माता का कथित तौर पर अपमान करने के लिए माफी मांगने की भी मांग की।

‘जीतू और जय’ की जोड़ी के पीछे है दिग्विजय सिंह का माइंडगेम! कमलनाथ होते जा रहे हैं साइड

digvijay singh mind game behind new pairing of jeetu patwari and jai vardhan singh in mp congress भोपाल ! किसी बड़े टास्क या मिशन को पूरा करने के लिए पार्टनरशिप या कहे तो जोड़ी जरूरी होती है। खासकर कांग्रेस के अंदर की जोड़ी हमेशा चर्चा में रहती है। विधानसभा चुनाव के दौरान इस बार कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की जोड़ी थी। सियासी गलियारों में इसे जय-वीरू की जोड़ी कहा जाता था लेकिन यह खास कमाल नहीं कर पाई है। इन दिनों एमपी कांग्रेस में नई जोड़ी की चर्चा है, यह जोड़ी जीतू और जय की है। यानी जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह की। साथ आने के बाद इस जोड़ी ने कमाल भी शुरू कर दिया है। एमपी उपचुनाव में जीतू और जय की जोड़ी ने मिलकर श्योपुर में कमाल किया। कहा जा रहा है कि इस जोड़ी को आगे बढ़ाने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का माइंडगेम है। इसकी वजह से कमलनाथ जैसे दिग्गज नेता असहज होने लगे हैं। पार्टी के दिग्गज नेता भी इशारों इशारों में कह चुके हैं कि इन सबके पीछे दिग्विजय सिंह ही हैं। दिग्गी राजा तैयार कर रहे मैदान दिग्गी राजा राजनीति से रिटायर्ड होने से पहले अपने बेटे के लिए मैदान तैयार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसके लिए समय समय पर जयवर्धन सिंह को जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। जिसे लेकर दूसरे नेता और कार्यकर्ताओं में असंतोष भी दिखा है। वहीं जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी ने खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इसके सबसे अच्छा एग्जांपल श्योपुर विधानसभा उपचुनाव हैं। इस चुनाव में जयवर्धन सिंह को प्रभारी बनाया गया था। इस दौरान जीतू और जयवर्धन ने जनमत साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। और उसका परिणाम जीत को तौर पर कांग्रेस पार्टी को मिला भी है। सीनियर नेता ने खड़े किए सवाल कांग्रेस में चल रहे इस माइंडगेम पर उनकी पार्टी के वरिष्ठ नेता सवाल खड़े कर चुके हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष रह चुके कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय सिंह जीतू पटवारी की अध्यक्षता वाली एमपी कांग्रेस की नई कार्यकारिणी पर भी निशाना साधा था। इसे दौरान उन्होंने बयान देते हुए यह भी कहा था कि कांग्रेस का भगवान ही मालिक है। पर्दें के पीछे वालों पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को बर्बाद करने वाले लोग आज भी पार्टी को पीछे से चला रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्ट दोनों की एक मुलाकात से जुड़ा हुई वीडियो भी सामने आया है। जिसमें जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह हंसी खुशी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं। इसे दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी चलते चलते उनका हाथ थामते भी नजर आ रहे हैं। ये वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग अपनी अपनी प्रतिक्रिया भी देते नजर आ रहे हैं। ऐसे ही एक लाला यादव नामक यूजर से लिखा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में ये जोड़ी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। अब देखना होगी कि आने वाले समय में क्या होता हैं।

कांग्रेस से आए नेताओं ने भी बिगाड़ा भाजपा जिलाध्यक्षों के चयन का समीकरण, अब फैसला दिल्ली से

District presidents of BJP in Madhya Pradesh भोपाल (District presidents of BJP in Madhya Pradesh)। मध्य प्रदेश में जिलाध्यक्षों के चयन का राजनीतिक समीकरण बिगाड़ने के पीछे भाजपा के दिग्गज नेता तो हैं हीं, कांग्रेस से आए नेताओं के कारण भी यह चुनाव प्रभावित हुआ है। ग्वालियर-चंबल में जिलाध्यक्ष के चयन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का हस्तक्षेप रहा है, तो सागर में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और पारुल साहू की वजह से राजनीतिक समीकरण बिगड़े हैं। इंदौर में मंत्री तुलसी सिलावट और संजय शुक्ला का दबाव रहा, तो गुना, नीमच, मंदसौर भी यही हाल है। यहां यह सभी नेता कांग्रेस से भाजपा में आए हैं, जिन्हें मूल भाजपाई आज भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में मूल भाजपाई और आयातित नेताओं के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। संघ से प्रस्तावित नाम भी दरकिनार संघ ने जो नाम प्रस्तावित किए थे, उनको भी दरकिनार किया गया और दिग्गज नेताओं के दबाव में सूची तैयार कर ली गई। इन सब के बीच अब केंद्रीय नेतृत्व ने कमान अपने हाथ में ले ली है।दिल्ली में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व संगठन पर्व की केंद्रीय पर्यवेक्षक सरोज पांडेय के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने दिल्ली में जिलाध्यक्षों के नामों पर विचार विमर्श किया।बताया जा रहा है कि नामों पर सहमति बन गई है। जल्द ही जिलाध्यक्षों की सूची जारी की जा सकती है। हालांकि नामों सूची में बड़े शहरी जिले अभी रोके जाएंगे। जहां विवाद स्थिति नहीं है, उन जिलों के अध्यक्षों की ही घोषणा की जाएगी।इधर, यह भी बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश का नया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया आगे न बढ़े, इस हिसाब से जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी। पहली सूची 35 से 40 नामों की आ सकती है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुन पाई भाजपादो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की। लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी।

जीतू पटवारी का शिवराज पर तंज: ‘कृषि मंत्री न जाने किन किसानों से मिल रहे, 17 मंगलवार से इंतजार

jitu patwari accuses shivraj singh chouhan of ignoring meeting requests for 17 tuesdays कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री का एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि मैं सिर्फ दफ्तर में अधिकारियों से नहीं मिलता, बल्कि हर मंगलवार को अलग अलग राज्यों के किसानों से भी मुलाकात करता हूं। इसपर पटवारी ने कहा है कि वे पिछले सत्रह मंगलवार से शिवराज जी से मिलने का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक बुलावा नहीं आया है। Jitu Patwari Accuses Shivraj Singh Chouhan : जीतू पटवारी ने बुधवार को शिवराज सिंह चौहान पर उनके साथ मंगलवार को न मिलने का आरोप लगाया है। दरअसल वे पिछले सत्रह मंगलवार से केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं और उनका कहना है कि उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आज उन्होंने शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो X पर साझा करते हुए कहा है कि ‘न जाने आप कौन से किसानों से मिल रहे हैं’। बता दें कि एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वह पिछले सत्रह मंगलवारों से शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात का समय मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक समय नहीं दिया गया है। नए साल में भी मध्य प्रदेश के किसानों के लिए कोई राहत नहीं मिली और शिवराज सिंह चौहान की चुप्पी उनके संघर्ष और दर्द का अपमान है। जीतू पटवारी ने शेयर किया शिवराज सिंह चौहान का वीडियोजीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शिवराज सिंह चौहान का एक वीडियो साझा किया है जिसमें वे कहते दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैं ऐसा मंत्री नहीं हूं कि सिर्फ दफ्तर में बैठकर अधिकारियों से बात करूं। मंगलवार का दिन मैंने किसानों से मिलने के लिए रखा है और हर मंगलवार मैं अलग-अलग प्रांत के किसानों से मिलता हूं।’ कहा ‘सत्रह मंगलवार हो गए, नहीं मिल रहा मुलाकात का समय’इस वीडियो को साझा करते हुए जीतू पटवारी ने शिवराज सिंह चौरान पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘कृषि मंत्री जी, न जाने कौन से किसानों से मिल रहे हैं। मैं भी किसान हूँ और पिछले 17 मंगलवार से अपने किसान भाइयों के साथ आपके समय की फसल का इंतज़ार कर रहा हूँ।’ बता दें कि मध्य प्रदेश में किसानों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष हर मंगलवार को शिवराज सिंह चौहान से मिलने का समय मांगते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें बुलावा नहीं आया है। इससे पहले, 1 जनवरी को जीतू पटवारी ने कहा था कि वे 100 मंगलवार तक शिवराज सिंह चौहान द्वारा समय दिए जाने की प्रतीक्षा करेंगे। इसके बाद वे खुद उनसे मिलने जाएंगे।

कमलनाथ को एमपी कांग्रेस में नहीं मिल रहा ‘भाव’? पूर्व सीएम ने खबरों पर तोड़ी चुप्पी

kamal nath not getting respect in mp congress former cm broke silence on news भोपाल: मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी कलह की खबरों के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को पार्टी में किसी भी मतभेद से इनकार किया। कमलनाथ ने कहा कि सभी नेता एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करने और मोहन यादव सरकार को चुनौती देने के लिए काम कर रहे हैं। यह बयान उन खबरों के बीच आया है जिनमें कहा गया था कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सहित कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी में उपेक्षित होने पर नाराजगी जताई थी। महू में होने वाला है कांग्रेस का बड़ा कार्यक्रम यह नाराजगी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित होने वाले कांग्रेस के एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी को लेकर हुई वर्चुअल मीटिंग के दौरान सामने आई थी। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के शामिल होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, कमलनाथ ने कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी उनसे किसी भी कार्यक्रम के बारे में सलाह नहीं ले रहे हैं। दिग्विजय सिंह समेत कुछ अन्य नेताओं ने भी कमलनाथ की बात का समर्थन किया था। सभी लोग हैं एकजुट कमलनाथ ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि सभी कांग्रेसी पार्टी को मजबूत करने और प्रदेश की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एकजुट हैं। विवाद का कोई सवाल ही नहीं है। पार्टी की राज्य राजनीतिक मामलों की समिति की हालिया बैठक को लेकर मीडिया में नाराजगी की अटकलें निराधार हैं। कमलनाथ का यह स्पष्टीकरण प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान के एक दिन बाद आया है। पटवारी ने भी इन खबरों का खंडन करते हुए कहा था कि सभी फैसले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श करके लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह खुद कमलनाथ से मुलाकात करेंगे। मीडिया पैनलिस्टों की सूची हो गई थी वापस हाल ही में, MPCC ने पार्टी के मीडिया पैनलिस्टों और प्रवक्ताओं की एक सूची जारी की थी। लेकिन, मीडिया को जारी करने के कुछ ही घंटों बाद यह सूची वापस ले ली गई। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी के बाद सूची वापस ली गई। नवंबर 2023 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने कमलनाथ की जगह जीतू पटवारी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। इस बदलाव के बाद से ही पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरें आती रही हैं।

Delhi Election 2025 Date: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 5 फरवरी को मतदान, 8 को आएंगे नतीजे

Delhi Assembly Election 2025 Date: चुनाव आयोग ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर 5 फरवरी 2025 को मतदान होगा। 8 फरवरी 2025 को मतगणना होगी और इसी के साथ यह तय हो जाएगा कि दिल्ली में अगली सरकार किसकी बनने जा रही है? दिल्ली में इस तरह है चुनाव कार्यक्रम चुनाव की अधिसूचना- 10 जनवरीनामांकन की आखिरी तारीख- 17 जनवरीनामांकन पत्रों की जांच- 18 जनवरीनाम वापसी का अंतिम दिन- 20 जनवरीमतदान की तारीख- 5 फरवरीमतगणना की तारीख- 8 फरवरी ‘दुनिया के देशों में तो एक-एक महीने काउंटिंग चल रही है’ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हम पर यह सवाल उठाए गए कि शाम पांच बजे के बाद कैसे मतदान का आंकड़ा बढ़ जाता है? करोड़ों वोट कैसे बढ़ जाते हैं? यह ध्यान रखना होगा कि सुबह 9:30 बजे, 11:30, दोपहर 1:30, 3:30 और शाम 5:30 बजे के बीच सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदान का आंकड़ा इकट्ठा करते हैं। वोटिंग खत्म होने के समय फॉर्म 17-सी दिया जाता है। जब शाम 7:30 बजे तक अधिकारी तक सारी मशीनें इकट्ठा करता है, तब उसके मतदान केंद्र का अंतिम आंकड़ा पता चल पाता है, जबकि हमसे कहा जाता है कि छह बजे ही आंकड़ा बता दें। लोग ये भूल जाते हैं कि दुनिया के बड़े देशों में तो एक-एक महीना मतगणना चल रही है। ‘ईवीएम को नई बैटरी डालकर सील किया जाता है’ उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ईवीएम में नई बैटरी डाली जाती है। उसी दिन उसे सील किया जाता है। जिस दिन मतदान होता है, उस दिन सील पोलिंग एजेंट के सामने तोड़ी जाती है। मॉक पोल किया जाता है। पोलिंग एजेंट रिकॉर्ड रखते हैं कि कौन आया, कौन गया। किसमें कितने वोट पड़े, इसकी संख्या उनको दी जाती है। काउंटिंग के दिन भी पूरी प्रक्रिया दोहराई जाती है। फॉर्म 17 सी से मिलान होता है। उसके बाद किसी भी पांच वीवीपैट से भी मिलान किया जाता है। हमारी प्रक्रिया पर कई बार सवाल उठाए गए हैं। फॉर्म सात के बिना नाम नहीं हटाया जा सकता: चुनाव आयोग चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि भारतीय मतदाता बेहद जागरूक हैं। मतदाता सूचियों को लेकर अब भी कहानियां चल रही हैं। करीब 70 सीटें हैं। जिसमें राजनीतिक दल और उम्मीदवार हमारे साथ रहते हैं, जितने भी दावे और आपत्तियां आती हैं। उन्हें सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाता है। फॉर्म सात के बिना नाम नहीं हटाया जा सकता। ईवीएम मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस: चुनाव आयोग चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि ईवीएम में अविश्वसनीयता या किसी खामी का कोई सबूत नहीं है। ईवीएम में वायरस या बग आने का कोई सवाल ही नहीं है। ईवीएम में अवैध वोट होने का सवाल ही नहीं है। कोई धांधली संभव नहीं है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट अलग-अलग फैसलों में लगातार यही कह रहे हैं और क्या कहा जा सकता है? ईवीएम मतगणना के लिए फुलप्रूफ डिवाइस है। टेम्परिंग के आरोप बेबुनियाद हैं। हम अभी बोल रहे हैं क्योंकि चुनाव के समय हम नहीं बोलते।

दिल्ली चुनाव: कांग्रेस ने किया ‘प्यारी दीदी’ योजना का ऐलान, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे 2500 रुपये

Delhi Elections: Congress announces ‘Pyaari Didi’ scheme, women will get Rs 2500 every month दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है. कांग्रेस ने दिल्ली की महिलाओं के लिए प्यारी दीदी योजना का ऐलान किया है. इस योजना के तहत दिल्ली की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये मिलेंगे. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि मैं यहां प्यारी दीदी योजना को लॉन्च करने आया हूं. उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाएगी और हमारी पहली कैबिनेट में प्यारी दीदी योजना लागू की जाएगी और दिल्ली की महिलाओं को 2500 रुपये दिए जाएंगे. यह उसी मॉडल पर है जो हमने कर्नाटक में लागू किया था. कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए कांग्रेस जरूरी है. दिल्ली की महिलाओं को 2100 रुपए देगी AAP सरकार इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने महिला सम्मान योजना का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि अगर दिल्ली में हमारी सरकार फिर से सत्ता में आएगी तो हम इस सम्मान की राशि 1000 से बढ़ाकर 21 रुपये कर देंगे. केजरीवाल ने 2024 के बजट में इसका ऐलान किया था. 18 से 60 साल तक की महिलाओं को इस योजना का फायदा मिलेगा. लाभार्थियों की संख्या 38 लाख है. सूत्रों के मुताबिक, अगले 2-3 दिन में दिल्ली विधानसभा चुनाव का ऐलान हो सकता है. सत्ताधारी आम आदमी पार्टी सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है. कांग्रेस भी दो लिस्ट जारी कर अपने कुछ उम्मीदवार उतार दिए हैं. बीजेपी ने दो दिन पहले 29 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की है. बीजेपी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दिल्ली सत्ता पर काबिज होने की जंग लड़ रही हैं.

IIT मद्रास के छात्रों से मिले rahul gandhi, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के…

rahul gandhi meets iit students said responsibility of the govt to provide quality education लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है। ‘शिक्षा पर अधिक पैसा हो खर्च’ उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया। सफलता का असली मतलब जानने की कोशिश की: राहुल गांधी उन्होंने कहा, ‘‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’ ‘शिक्षा प्रणआली पर विचार किया जाए’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’ भारत को विश्व मंच पर समानता… राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’ उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’

यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध: युवक बुरी तरह झुलसे ,कमलनाथ ने चिंता व्यक्त की

Protest against burning of Union Carbide garbage: Youth badly burnt, Kamal Nath expressed concern भोपाल। यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के विरोध में आज दो युवकों ने आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। घटना ने प्रदेश में एक बार फिर इस विवादित मुद्दे को गर्मा दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए दोनों युवकों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि इस मामले में सभी पक्षों को विश्वास में लेकर ही कोई निर्णय लिया जाए। कमलनाथ ने कहा, “यह मामला अत्यंत संवेदनशील है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से मेरा आग्रह है कि जनभावनाओं और जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ही कोई कदम उठाया जाए।” इस मुद्दे पर इंदौर और पीथमपुर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के नेता कचरा जलाने की कार्यवाही का विरोध कर रहे हैं। गौरतलब है कि यूनियन कार्बाइड का यह कचरा लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों का मानना है कि इसे जलाने से पर्यावरण और जन स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता है। जनभावनाओं को देखते हुए यह देखना होगा कि सरकार इस विवाद का समाधान कैसे करती है।

मध्यप्रदेश बीजेपी जिलाध्यक्षों को लेकर खींचतान, इंदौर,सहित डेढ़ दर्जन जिलों में नहीं बनी सहमति

Madhya Pradesh BJP tussle over district heads, no consensus reached in one and a half dozen districts including Indore भोपाल ! मध्यप्रदेश में बीजेपी जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर सियासी माहौल गर्माया हुआ है। फीडबैक और रायशुमारी के बाद अब जिलाध्यक्षों के चयन के लिए भोपाल में बीजेपी दफ्तर में मंथन चल रहा है। बीजेपी निर्वाचन पदाधिकारी नए जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। खबरें हैं कि इंदौर ग्रामीण और सागर सहित करीब डेढ़ दर्जन जिलों में जिलाध्यक्षों को लेकर जमकर खींचतान मची हुई है और कोई सहमति नहीं बन पाई है। मध्यप्रदेश में भाजपा जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर प्रदेश कार्यालय में से वन टू बन चर्चा शुरू हो गई। कई जिलों में सहमति नहीं बन पाने की खबरों के बीच प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह पार्टी दफ्तर में इन जिलों का मसला सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। सबसे ज्यादा विवाद इंदौर ग्रामीण, सागर में हैं। इंदौर ग्रामीण जिला अध्यक्ष चिंटू वर्मा हैं, कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि वे एक बार फिर अध्यक्ष बनें, जबकि कुछ नेता प्रयास कर रहे हैं कि उनकी जगह दूसरे नेता को इंदौर ग्रामीण की कमान दी जाए। चिंटू वर्मा का कार्यकाल सिर्फ एक साल का ही हुआ है। इंदौर ग्रामीण के लिए भाजपा के एक विधायक दिल्‍ली तक सक्रिय हो गए हैं, वे अपनी पसंद का जिला अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं। सागर जिले के अध्यक्ष को लेकर भी गहमा गहमी बनी हुईं है। यहां पर मंत्री गोंविद राजपूत अपनी पसंद से अध्यक्ष बनवाना चाहते हैं, जबकि पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह अपनी पसंद का अध्यक्ष चाहते हैं। इसके चलते यहां पर जमकर पेंच फंस गया है। इसके अलावा सतना में भी पेंच फंसता हुआ दिखाई दे रहा है। इन जिलों के अलावा करीब डेढ़ दर्जन और ऐसे जिले हैं, जहां पर रायशुमारी में नाम निकल कर सामने नहीं आए। यदि इन जिलों पर सहमति नहीं बनी तो यहां पर जिला अध्यक्ष के चयन को होल्ड किया जा सकता है और बाकी बचे जिलों के जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान 5 जनवरी को किया जा सकता है।

यूनियन कार्बाइड कचरे पर सुमित्रा महाजन से मिले पटवारी, जताई चिंता

Patwari met Sumitra Mahajan on Union Carbide waste, expressed concern प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने गुरुवार को इंदौर की पूर्व सांसद, पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन (ताई) से मुलाकात कर पीथमपुर के रामकी कंपनी में डंप लिए गए यूनियन कार्बाइड के कचरे इंदौर, धार, पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर गहन चर्चा की। पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने को लेकर कोर्ट के आदेश है, सरकार ने पीतमपुर की एक रामकी कंपनी में जो कचरा भेजा है जो रात में डंप हो चुका है, इसका इंदौर शहर पर क्या असर पड़ेगा बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है। पटवारी ने कहा कि इस मुद्दों को राजनीतिक रूप देने से वाजिब नहीं है, इससे इंदौर सहित अन्य क्षेत्रों की जनता के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। नहीं बनना चाहिए राजनीतिक मुद्दा उन्होंने कहा कि ताई से इस संबंध में बात हुई इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनना चाहिए। कुछ साल पहले रामकी में 10 टन कचरा जलाया गया था, जिसका असर लंबे क्षेत्रफल पर पढ़ा था। उन्होंने कहा कि यदि निरीक्षण करेंगे तो पता चलेगा कि जो फसल 5 कुंटल होती थी वह घटकर एक कुंटल ही रह गई है। सवाल यह है कि इतना कचरा जलेगा या डिस्पोजल होगा या वैज्ञानिक विधि से इसका डिस्पोजल होगा तो स्वाभाविक है यशवंत सागर तालाब जो वहां से 27 किलोमीटर दूर है, जब तालाब के पानी का रिसाव होगा तो उसका असर कितना पड़ेगा, यशवंत सागर का पानी दूषित होगा। कचरा जलाने की योजना को अभी थोड़ा रोका जाए पटवारी ने कहा कि कचरा जलाने के लिए जो एक्सपर्ट है, उनसे बात करके जब तक है क्लियर नहीं होगा, तब तक कचरा नहीं जलाना चाहिए, मेरा सभी से आग्रह किया है कि कचरा जलाने की योजना को थोड़ा अभी रोका जाए, विपक्ष के नाते हमारा दायित्व है कि हम जनता के प्रति अपने दायित्व निभाएं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि एक एक्सपर्ट की टीम बनानी चाहिए, कचरा जलाने से इसका क्या असर होगा इस पर चर्चा होना चाहिए। कोर्ट का आदेश है लेकिन यह आदेश नहीं है कि यही जलाया जाए पटवारी ने कहा कि 2020 में कोरोना आया था किसी को पता नहीं चला, लेकिन इसका कितना असर हुआ, हजारों, लाखों लोग हमारे परिवार के बीच से चले गए। फिर हम कचरा जलाने का रिस्क क्यों लें, प्रीतमपुर और धार में इसका विरोध हो रहा है। मीडिया जगत के साथियों से आग्रह है कि आप लोग बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा ले, यह राजनीतिक हिस्सा नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करता हूं कि इस कचरे के निष्पादन का निर्धारण करके लोगों को समझाना आपका दायित्व है। जब तक यह कचरा डिस्पोजल की प्रक्रिया चालू नहीं हो आपने जो कचरा दम किया है, वह प्रक्रिया गलत है। कचरा डिस्पोजल हो गया तो आने वाली जनरेशन उससे प्रभावित होगी, उसके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। कैंसर का खतरा बढ़ेगा। प्रदेष के नगरीय प्रषासन मंत्री भी इंदौर के ही है, उन्हें भी इस बात की चिंता व्यक्त करते हुये लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। कोर्ट के आदेश हैं लेकिन यह आदेश नहीं है कि कचरा यहीं डंप होना चाहिए।

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