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प्रदेश में पंचायतों में उपचुनाव से जुड़ी बड़ी खबर, 1 महीने में होगा यह काम, तैयारियां पूरी

भोपाल मध्य प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं में उपचुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं, जिन पंचायतों में उपचुनाव होना है, वहां हलचल जारी है, ऐसे में राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का कार्यक्रम भी जारी कर दिया है. जिसमें इलेक्शन कमीशन की तरफ से कहा गया है कि 1 जनवरी 2025 को आधार मानकर नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाएं, यानि 1 जनवरी 2025 से जो लोग 18 साल के होंगे उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा, जहां रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ग्राम पंचायतों में मतदाता सूची का आखिरी प्रकाशन करेंगे. ताकि उपचुनाव की स्थिति पर काम किया जा सके. आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सभी रजिस्ट्रीकरण अधिकारी आज शाम तक अधिकारियों को प्रशिक्षण देने और शिफ्टिंग सूची के सत्यापन का कार्य करेंगे। इसके बाद मतदाता सूची तैयार किए जाने का काम शुरू होगा। इसके लिए जो भी कर्मचारी तैनात किए जाएंगे उन्हें आयोग द्वारा तय समय सीमा में मतदाता सूची में बदलाव कर देना होगा ताकि चुनाव कार्यक्रम तय किए जा सकें। ऐसे अपडेट होगी मतदाता सूची मतदाता सूची अपडेट के लिए 30 मई को शिफ्टिंग के साथ-साथ जांच और संशोधन के लिए  चेकलिस्ट रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को सौंपी जाएगी. फिर 5 जून को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा, इस संबंध में मतदाताओं और जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी जाएगी, फिर 5 और 6 जून को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित होगी, जिसमें दावे-आपत्तियां 5 से 11 जून तक ली जाएगी, फिर 17 जून तक दावे और आपत्तियों का निराकरण किया जाएगा. इसके बाद 20 जून को चेकलिस्ट तैयार होगी और 21 जून को वेण्डर भी उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिसके बाद 23 जून को फोटो युक्त मतदाता सूची जारी कर दी जाएगी, जिसे 23 जून को ही निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया जाएगा. बता दें कि मध्य प्रदेश के कई जिलों में पंचायतों में उपचुनाव की स्थिति बन रही है, ऐसे में निर्वाचन आयोग ने पंचायत उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसलिए वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की तरफ से शुरू हो गई है. ऐसे चलेगा कार्यक्रम     मतदाता सूची बनाने वाले वेण्डर 30 मई को शिफ्टिंग, जांच और संशोधन के लिए चेकलिस्ट रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को देंगे।     दाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 5 जून को किया जाएगा। इस संबंध में मतदाताओं तथा जनप्रतिनिधियों को जानकारी देने के लिए 5 और 6 जून को स्टैंडिंग कमेटी की बैठक आयोजित की जाएंगी।     मतदाता सूची के संबंध में दावे-आपत्तियां 5 से 11 जून तक प्राप्त की जाएंगी।     दावे आपत्तियों का निराकरण 17 जून तक किया जाएगा। इसकी चेकलिस्ट 20 जून तक तैयार करके चेकलिस्ट में सुधार के बाद 21 जून को वेण्डर को उपलब्ध करा दिया जाएगा। फोटोयुक्त मतदाता सूची 23 जून तक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं वेण्डर द्वारा जनरेट की जाएगी। इसे 23 जून को ही वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।

आधार और वोटर आईडी को जोड़ने के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग अगले हफ्ते बैठक करेगी

नई दिल्ली  चुनाव आयोग अगले हफ्ते अहम बैठक करने वाला है। इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के बड़े अधिकारी शामिल होंगे। ईसी सूत्रों ने बताया कि यह बैठक आधार को वोटर आईडी कार्ड से जोड़ने के बारे में होगी। 2021 में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में संशोधन के बाद, आधार को EPIC (इलेक्टर्स फोटो आइडेंटिटी कार्ड) जोड़ने की अनुमति मिल गई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने स्वैच्छिक आधार पर मतदाताओं से आधार नंबर लेना शुरू कर दिया। हालांकि, अभी तक दोनों डेटाबेस को लिंक नहीं किया गया है। वोटर लिस्ट से फर्जी नाम हटाने पर जोर इस कदम का मकसद वोटर लिस्ट से फर्जी नाम हटाना और उसे साफ-सुथरा बनाना था। इसके लिए आधार और वोटर कार्ड को जोड़ना जरूरी नहीं था। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और चुनाव आयुक्त विवेक जोशी 18 मार्च को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, विधायी विभाग के सचिव राजीव मणि और UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार से मिलेंगे। आधार को EPIC से जोड़ने की चर्चा इस बैठक में आधार को EPIC से जोड़ने पर चर्चा होगी। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मतदाताओं के एक ही EPIC नंबर होने का मुद्दा उठाया है। चुनाव आयोग ने माना है कि कुछ राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने EPIC नंबर जारी करते समय गलत अल्फान्यूमेरिक सीरीज का इस्तेमाल किया था। चुनाव आयोग का प्लान क्या है इलेक्शन कमीशन ने हाल ही में फैसला लिया है कि वह तीन महीने के अंदर डुप्लिकेट नंबर वाले मतदाताओं को नए EPIC नंबर जारी करेगा। आयोग ने कहा है कि डुप्लिकेट नंबर होने का मतलब फर्जी वोटर नहीं है। केवल वही लोग वोट डाल सकते हैं जो किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र में रजिस्टर्ड हैं। आधार को EPIC से जोड़ने के पीछे मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाना है। इससे फर्जी वोटरों की पहचान करने में मदद मिलेगी। आधार कार्ड को वोटर आईडी से जोड़ने के कई फायदे आधार कार्ड को वोटर आईडी से जोड़ने के कई फायदे हो सकते हैं। जैसे, इससे फर्जी वोटिंग रुक सकती है। एक व्यक्ति के एक से ज्यादा जगह वोट डालने की संभावना कम हो जाएगी। वोटर लिस्ट में एक ही व्यक्ति का नाम कई बार होने की समस्या भी दूर हो सकती है। चुनाव आयोग का मानना है कि इससे चुनाव प्रक्रिया और पारदर्शी होगी। हालांकि, कुछ लोग इस कदम पर प्राइवेसी की चिंता भी जता रहे हैं। उनका मानना है कि इससे लोगों की निजी जानकारी लीक हो सकती है। वो निजता के उल्लंघन को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि आधार जैसी संवेदनशील जानकारी को वोटर आईडी से जोड़ना खतरनाक हो सकता है। यह लोगों के निजता के अधिकार का उल्लंघन भी हो सकता है। आधार-वोटर आईडी जोड़ने का फैसला अहम चुनाव ने इस मुद्दे पर सभी पक्षों से बातचीत करने का फैसला किया है। इसलिए गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय और UIDAI के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होगी। यह देखना होगा कि EC इस मुद्दे को कैसे संभालता है। आधार को वोटर कार्ड से जोड़ने का फैसला काफी अहम है। इससे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता आ सकती है, लेकिन साथ ही लोगों की निजता की सुरक्षा भी जरूरी है। आने वाले समय में इस पर और भी चर्चा होगी।

मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जम्मू –कश्मीर में होने वाले नगरीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया को सशक्त करने में मदद करेगा

भोपाल राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग और जम्मू एवं कश्मीर राज्य निर्वाचन आयोग के बीच एमओयू किया गया। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जम्मू –कश्मीर में होने वाले नगरीय निकाय निर्वाचन की प्रक्रिया को सशक्त करने में मदद करेगा। नेशनल कांफ्रेंस में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने प्रेजेंटेशन दिया। एमओयू के तहत मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जम्मू और कश्मीर में होने वाले आगामी नगरीय निकाय चुनाव में 7 हजार ईवीएम और अन्य उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही पोलिंग स्टाफ को ट्रेनिंग भी दिलाएगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में किए गए नवाचारों को जम्मू और कश्मीर में लागू करवाने के लिए प्रयास करेगा। साथ ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित बूथों पर पेपर लेस बूथ की प्रक्रिया अपनाने में मदद करेगा। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव की उपस्थिति में एमओयू में सचिव मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग अभिषेक सिंह और सचिव जम्मू एवं कश्मीर राज्य निर्वाचन आयोग सुशील कुमार ने हस्ताक्षर किए। सचिव सुशील कुमार ने मध्यप्रदेश के राज्य निर्वाचन आयुक्त को इस एमओयू के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अब हमारे राज्य में सुगमता से नगरीय निकाय निर्वाचन कराने में मदद मिलेगी। राज्य निर्वाचन आयुक्तों के समक्ष विषय विशेषज्ञों ने दिया प्रेजेंटेशन पेंच नेशनल पार्क सिवनी में आयोजित राज्य निर्वाचन आयुक्तों की 31वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश के विषय विशेषज्ञों द्वारा सुगम-सुविधाजनक निर्वाचन सम्बन्धी विभिन्न विषयों पर प्रेजेंटेशन दिए गये। आईसीपीएस (इंटरनेशनल सेंटर फॉर पार्लियामेंटलरी स्टडीज) लंदन के डायरेक्टर अरविंद वेंकटरमन ने ‘’रिकगनाइजिंग इंडियास रोल एस ग्लोवल लीडर इन इलेक्शन एंड इलेक्टोरल डिप्लोमेसी’’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने भारत जैसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था वाले देश मे निर्वाचन प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए इलेक्टोरल मैनेजर, ई-लर्निग जैसे ए-आई टूल्स तथा ब्लॉक चैन के उपयोग करने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। सेल्स डायरेक्टर एपीएसी टर्की मेहमत बुरक ने दूरस्थ मतदाता के पंजीयन तथा ऑनलाईन मतदान की कार्ययोजना पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। उन्होंने मतदाताओं के डिजिटल प्रक्रिया द्वारा पंजीयन तथा बायोमेट्रिक से मतदाताओं के पहचान करने की प्रक्रिया पर जानकारी दी। साथ ही सुरक्षित, सुविधाजनक एवं पारदर्शी रूप से ऑनलाइन वोटिंग कराने की प्रक्रिया के बारे में बताया। कनाड़ा, बेनिन में वोटर रजिस्ट्रेशन एप्लिकेशन का डेमो भी दिया। वर्कली विश्वविद्यालय केलि फोर्निया के रिसर्च स्कालर प्रनव गुप्ता और अनस्तुभ अग्निहोत्री ने स्थानीय निर्वाचन में रिसर्च करने के संबध में प्रेजेंटेशन दिया। देश मे सुगम, सुविधाजनक पारदर्शी निर्वाचन कराने में ईवीएम, सॉफ्टवेयर सहित अन्य सपोर्ट उपलब्ध कराने वाले संस्थान इलेक्ट्रानिक्स कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईआईटी लिमिटेड बैंगलुरु के प्रतिनिधियों द्वारा राज्य निर्वाचन आयुक्तों के समक्ष निर्वाचन में किये जा रहे अनुसंधानों के बारे में अपना प्रेजेंटेशन दिया। विशेष रूप से नवीन एस-3 ईव्हीएम, इलेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग की कार्यविधि और लाभ को रेखांकित किया। इसी तरह पोलिंग एवं काउंटिंग में उपयोग होने वाले विभिन्न एप्लीकेशन के संबंध में आईएनसीटी चेन्नई के सीईओ गजपथी ने प्रेजेंटेशन दिया। अमिट स्याही और अन्य चुनाव सम्बन्धी सामग्री के संबंध में हैदराबाद एवं जयपुर की कम्पनियों के प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन दिया। विभिन्न राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्तों ने परिचर्चा में सहभागिता की। उन्होंने मध्यप्रदेश के पेपर लेस बूथ के मॉडल का अवलोकन किया।  

अब पोल बूथों के सीसीटीवी फुटेज उम्मीदवारों और आम जनता को उपलब्ध नहीं कराए जा सकते, चुनाव आयोग ने बदल नियम

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने चुनाव संबंधी नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। इसके तहत अब पोल बूथों के सीसीटीवी फुटेज उम्मीदवारों और आम जनता को उपलब्ध नहीं कराए जा सकते। इस सुधार से पहले, कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स के सेक्शन 93(2) के तहत चुनाव से संबंधित सभी कागजात आम जनता के निरीक्षण के लिए उपलब्ध थे। हालांकि इसके लिए कोर्ट के परमिशन की जरूरत थी। चुनाव आयोग द्वारा इन नियमों में बदलाव के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर हमला बोला है। उसने चुनावी प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता को खत्म करने का आरोप लगाया है। हालांकि आयोग का कहना है कि वोटरों की निजता और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाए गए हैं। यह बदलाव ऐसे वक्त में किए गए हैं जब पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिए थे कि वह हरियाणा विधानसभा चुनाव से संबंधित कागजात एडवोकेट महमूद प्राचा को उपलब्ध कराए। एडवोकेट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उसने हरियाणा चुनाव के दौरान हुई वीडियोग्राफी, सीसीटीवी कैमरा फुटेज, फॉर्म 17-सी पार्ट 1 और पार्ट 2 की कॉपीज मांगी थीं। अभी तक नियमों के नियमों में एक लिस्ट थी, जो सक्षम न्यायालय के निर्देश पर लोगों के लिए मुहैया करानी थी। शुक्रवार को नियमों में किए गए बदलाव ने इसमें एक लाइन जोड़ी है। इसमें चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पेपर्स की लिस्ट में डॉक्यूमेंट्स या फिर इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स शामिल नहीं होंगे, जिनके बारे में नियमों में नहीं कहा गया है। कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने कहाकि उनकी पार्टी इन बदलावों को कोर्ट में चुनौती देगी। उन्होंने कहाकि अगर हालिया समय में चुनाव की शुचिता को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग ने कोई कदम उठाया है तो वह यही है। चुनाव आयोग के सूत्रों ने हालांकि बदलावों को जस्टिफाई किया है। इसमें कहा गया है कि सीसीटीवी फुटेज किसी को भी उपलब्ध कराने से मामला गंभीर हो सकता था। खासतौर पर जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील जगहों और नक्सल इलाकों में यह सुरक्षा का मसला बन सकता था। टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके चलते वोटरों की जिंदगी पर भी संकट आ सकता था। चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक सभी इलेक्शन पेपर्स और डॉक्यूमेंट्स आम लोगों के निरीक्षण के लिए उपलब्ध हैं। किसी भी मामले में उम्मीदवार सभी तरह के रिकॉर्ड्स के बारे में जान सकते हैं। अधिकारी ने कहाकि प्राचा भी अपने विधानसभा क्षेत्र के सभी कागजात पाने के अधिकारी हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक नियमों में जिन डॉक्यूमेंट्स को पब्लिक के लिए उपलब्ध न कराने की बात कही गई है वह इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स हैं। चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज पाने के बाद कोई भी एआई के जरिए उसमें छेड़छाड़ कर सकता है। इसलिए इस नियम को बदल दिया गया है।

चुनाव आयोग ने 3 दिसंबर को कांग्रेस नेताओं को बुलाया, ‘चुनाव में कोई गडबड़ी नहीं, हर सवाल का मिलेगा जबाव’

नई दिल्ली महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस की ओर से ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) समेत चुनाव प्रक्रिया से समझौता किए जाने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर निर्वाचन आयोग ने जवाब देते हुए कहा कि चुनाव में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। आयोग ने कहा कि इसके बाद भी पार्टी के जो भी सवाल है वह उन सभी का लिखित और मौखिक दोनों ही तरीके जवाब देने को वह तैयार है। आयोग ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को बुलाया चुनाव आयोग ने कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को तीन दिसंबर को शाम पांच बजे मिलने अपने मुख्यालय बुलाया है। निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस पार्टी को यह जवाब उनकी ओर से 29 नवंबर को चुनाव में गड़बड़ियों को लेकर सौंपे गए ज्ञापन पर दिया है। जिसमें वोटों की संख्या और मतदान प्रतिशत को लेकर सवाल खड़े किए गए थे। चुनाव आयोग शिकायतों को सुनने को तैयार कांग्रेस कार्यसमिति की शुक्रवार को हुई बैठक में भी महाराष्ट्र चुनाव में हेर-फेर का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करने की बात कही गई हरियाणा के बाद महाराष्ट्र चुनाव नतीजों को लेकर उठाए गए सवालों पर आयोग ने अपने जवाब में कहा है कि मतदान के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदान प्रतिशत और कुल वोटरों की संख्या की जानकारी लगातार दी जाती रहती है। मगर इसके बाद भी अगर कुछ और शिकायतें और जानकारी हैं तो आयोग उनको विस्तार से सुनने का तैयार है। उद्धव ठाकरे की पार्टी ने भी लगाया गंभीर आरोप आयोग ने कहा कि वह स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के लिए सदैव राजनीतिक दलों के सुझाव और शिकायतों का स्वागत करता है। खास बात यह है कि महाराष्ट्र चुनाव के नतीजों के बाद शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने चुनाव में गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। साथ ही ईवीएम में हेर-फेर की भी शिकायत की थी। कांग्रेस की ओर से लगाए गए दो प्रमुख आरोपों का शनिवार को चुनाव आयोग ने विस्तार से जवाब दिया। इसमें पहला आरोप मतदान प्रतिशत को लेकर था। जिसमें कांग्रेस ने मतदान के दिन पांच बजे और रात 11 बजे के आंकड़े में भारी अंतर की शिकायत की है। इस पर आयोग ने सफाई दी कि वोटिंग प्रतिशत की एक तय प्रक्रिया है, उसी का पालन मतदान के दौरान किया जाता है। जैसे-जैसे मतदान के आंकड़े आते हैं वैसे ही उन्हें पूर्व के आंकड़ों में जोड़ दिया जाता है। बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में दूसरी अहम शिकायत मतदाता सूची को लेकर कि है जिस पर आयोग ने कहा है कि यह प्रक्रिया प्रत्येक पार्टी को जानकारी देकर अपनाई जाती है। सभी पार्टियां इसकी जांच परख भी करती हैं। कांग्रेस ने महाराष्ट्र चुनाव में शाम पांच बजे के बाद वोटिंग प्रतिशत में भारी उछाल के साथ इवीएम से जुड़ी शिकायतों के साथ शुक्रवार को चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी शिकायतें विस्तृत तौर पर रखने के लिए आयोग से मिलने का वक्त मांगा था। चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से समझौता करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने के लिए देशभर में जनजागरण अभियान चलाने का एलान भी किया है।

अब चुनाव आयोग ने खड़गे को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई, जाने क्या है मामला

नई दिल्ली हरियाणा में 48 सीटें जीतकर बीजेपी ने हैट्रिक मारी है. वहीं जीत की आस लगाए बैठी कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा. पार्टी के खाते में सिर्फ 37 सीटें ही आईं. नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने नतीजों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए इसे तंत्र की जीत और लोकतंत्र की हार बता दिया था. इसको लेकर चुनाव आयोग ने आपत्ति दर्ज कराई है और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखा है और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दिया है. चुनाव आयोग ने खड़गे से कहा कि वह अप्रत्याशित परिणामों पर पार्टी अध्यक्ष के रुख को मानता है, न कि पार्टी के कुछ नेताओं के इस रुख को कि परिणाम स्वीकार्य नहीं हैं. कांग्रेस नेताओं को बयान पर आयोग ने कहा कि देश की समृद्ध लोकतांत्रिक विरासत में सामान्य अर्थों में उपर्युक्त जैसा अभूतपूर्व बयान अनसुना है, यह मुक्त भाषण और अभिव्यक्ति के वैध हिस्से से बहुत दूर है और यह वैधानिक और नियामक चुनावी ढांचे के अनुसार व्यक्त लोगों की इच्छा को अलोकतांत्रिक रूप से अस्वीकार करने की ओर बढ़ता है, जो जम्मू-कश्मीर और हरियाणा सहित देश के सभी चुनावों में समान रूप से लागू होता है. EC ने आगे कहा, “इस बीच आयोग ने आपके और विपक्ष के नेता के उन बयानों को नोट किया है, जिनमें हरियाणा के नतीजों को “अप्रत्याशित” बताया गया है और कांग्रेस इसका विश्लेषण करने और अपनी शिकायतों के साथ चुनाव आयोग से संपर्क करने का प्रस्ताव रखती है. चुनाव आयोग को अब एक अनुरोध प्राप्त हुआ है, जिसमें कांग्रेस के 12 सदस्यीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल से मिलने का समय मांगा गया है, जिसमें वे सदस्य भी शामिल हैं, जिन्होंने पैरा 1 और 2 में उल्लिखित प्रकृति में बयान दिया है.” चुनाव आयोग ने कहा कि इस उचित धारणा पर आगे बढ़ते हुए कि पार्टी अध्यक्ष का बयान चुनावी नतीजों पर पार्टी की औपचारिक स्थिति है, चुनाव आयोग ने आज शाम 6 बजे (बुधवार) सुकुमार सेन हॉल (सातवीं मंजिल), निर्वाचन सदन में प्रतिनिधिमंडल से मिलने पर सहमति व्यक्त की है. कांग्रेस नेताओं ने लगाए थे ये आऱोप मंगलवार को नतीजे आने के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए आरोप लगाया था कि हरियाणा के नतीजे बहुत अप्रत्याशित हैं, इसको हम स्वीकार नहीं कर सकते. कई जिलों से गंभीर शिकायत आई है. पवन खेड़ा ने कहा था कि नतीजे चौंकाने वाले हैं और जमीनी स्तर पर हमने जो देखा, उसके बिल्कुल विपरीत हैं. हमें अपने कार्यकर्ताओं से मतगणना से संबंधित शिकायतें मिल रही हैं. जल्द ही हम औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे. यह तंत्र की जीत है, लोकतंत्र की नहीं. हम यह स्वीकार नहीं कर सकते. वहीं जयराम रमेश ने कहा था कि हम एक या दो दिन में हम चुनाव आयोग के पास जाएंगे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे. स्थानीय अधिकारियों पर दबाव था. कई सीटें ऐसी हैं जहां हम हार ही नहीं सकते, लेकिन वहां हम हारे हैं. नतीजे भावनाओं के खिलाफ हैं. तीन जिलों में मतगणना को लेकर हमारे पास गंभीर शिकायतें हैं. यह जानकारी एकत्रित की जाएगी. हरियाणा में नतीजे पूरी तरह अप्रत्याशित, आश्चर्यजनक और विरोधाभासी हैं. यह जमीनी हकीकत के विपरीत हैं. यह हरियाणा के लोगों की इच्छा के विपरीत हैं, इन परिस्थितियों में इन नतीजों को स्वीकार करना संभव नहीं है.  

आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर पुलिस में सेना अधिकारी की डेप्यूटेशन पर लगाई रोक

श्रीनगर भारतीय निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर सरकार से यह बताने को कहा है कि जब आदर्श आचार संहिता लागू है, तो आयोग की पूर्व अनुमति के बिना एक सैन्य अधिकारी की सिविल पुलिस में डेप्यूटेशन (प्रतिनियुक्ति) का आदेश क्यों जारी किया गया। जम्मू-कश्मीर सरकार ने कर्नल विक्रांत पराशर को जम्मू-कश्मीर पुलिस में एसएसपी (प्रशिक्षण) और स्पेशल (ऑपरेशन) के पद पर नियुक्त करने का आदेश जारी किया था। इस कदम पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर सरकार को लिखा, “जम्मू-कश्मीर में आदर्श आचार संहिता लागू है और इस तरह चुनाव से जुड़े अधिकारियों के तबादले पर प्रतिबंध है। आदर्श आचार संहिता के संचालन की अवधि के दौरान सेना के अधिकारी को सिविल साइड में एसएसपी के पद पर नियुक्त करने के औचित्य, प्रक्रिया और तात्कालिकता पर विचार किए बिना आयोग निर्देश देता है कि आदेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाए। यदि आदेश जारी किया गया है, तो आदेश जारी होने से पहले की स्थिति तत्काल प्रभाव से बहाल की जाएगी।” चुनाव आयोग ने कहा कि मुख्य सचिव एक अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट भेजेंगे, जिसमें स्पष्टीकरण होगा कि आयोग की पूर्व अनुमति के बिना ऐसा आदेश क्यों जारी किया गया। पैराशूट रेजिमेंट के विक्रांत प्रशर को रक्षा मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार में दो साल की डेप्यूटेशन के लिए पहले ही मंजूरी दे दी है। शौर्य चक्र से सम्मानित प्रशर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले से हैं और उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों में अपनी अलग पहचान बनाई है। इससे पहले वह घाटी के गुलमर्ग इलाके में हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल में तैनात थे।  

लोकसभा चुनाव 2024 की वोटिंग अपडेट : सुबह 11 बजे तक देश में 23.66 फीसदी मतदान

Voting update of Lok Sabha elections 2024: 23.66 percent voting in the country till 11 am लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण में आठ राज्यों की 49 सीटों पर मतदान है। इस चरण में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर और महाराष्ट्र की 13 सीटों पर मतदान हैं। वहीं ओडिशा की 35 विधानसभा सीटों पर भी आज मतदान है। ओडिशा में इस दौरान 94,732 मतदान केंद्रों पर लगभग 9.47 लाख मतदान अधिकारी तैनात हैं। नई दिल्ली। सात चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव 2024 का पांचवें चरण में आज यानी 20 मई को आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 49 सीटों पर मतदान है। इस चरण में उत्तर प्रदेश की 14, महाराष्ट्र की 13, पश्चिम बंगाल की सात, ओडिशा की पांच, बिहार की पांच, झारखंड की तीन, जम्मू कश्मीर की एक, लद्दाख की एक सीट पर वोटिंग है। पांचवें चरण में कई बड़े दिग्गजों की चुनावी प्रतिष्ठा दांव पर है। इनमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, राहुल गांधी, चिराग पासवान, राजीव प्रताप रूडी, रोहिणी आचार्य,उमर अब्दुल्ला और पीयूष गोयल जैसे दिग्गज शामिल हैं। पांचवें चरण के साथ कुल 428 सीटों पर चुनाव संपन्न हो जाएगा।

चुनाव आयोग से आज मिलेंगे इंडी गठबंधन के नेता, मतदान प्रतिशत सहित अन्य मुद्दों पर करेंगे चर्चा

Indi alliance leaders will meet the Election Commission today, will discuss voting percentage and other issues इंडिया गठबंधन के नेता बृहस्पतिवार दोपहर को चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मिलेंगे और एक ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। विपक्षी नेता भाजपा के अपने चुनावी अभियान में कथित तौर पर धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल का मुद्दा उठा सकते हैं। विपक्षी गठबंधन इंडिया के नेता लोकसभा चुनाव में हर चरण के बाद पूर्ण मतदान प्रतिशत के आंकड़े तत्काल जारी करने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने बताया कि विपक्षी नेता भाजपा के अपने चुनावी अभियान में कथित तौर पर धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाएंगे। सूत्रों ने बताया कि इंडिया गठबंधन के नेता बृहस्पतिवार दोपहर को चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मिलेंगे और एक ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) समेत विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग को अलग-अलग पत्र लिखकर पहले दो चरणों में मतदान के आंकड़ों को जारी करने में कथित देरी पर चिंता जताई है। पहले भी जता चुके हैं विरोधइससे पहले, पहले और दूसरे चरण के मतदान प्रतिशत को लेकर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए थे। कांग्रेस महासचिव अविनाश पांडेय ने पूछा था कि चुनाव के 11 दिन बाद मत प्रतिशत 60 से बढ़कर 66 फीसदी कैसे हो गया? पांडेय ने इसे देश की आबादी के साथ छलावा करार दिया है। उन्होंने कहा कि आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि जो मतदान प्रतिशत वोटिंग वाले दिन फाइनल हो जाता है, वह मतदान के 11 दिनों के बाद कैसे बढ़ गया। भाजपा के ‘अबकी बार चार सौ के पार’ दावे पर कहा कि दो चरणों के चुनाव के बाद तस्वीर साफ हो रही है और पिछले आठ-दिनों से भाजपा के शीर्ष नेताओं ने अपनी सभाओं में यह दावा करना भी बंद कर दिया है।

प्रदेश में मतदान को लेकर उत्‍साह, 11 बजे तक 30.21 प्रतिशत हुई वोटिंग

Enthusiasm regarding voting in the state, 30.21 percent voting took place till 11 am नौ लोकसभा सीटों पर 127 उम्मीदवार हैं चुनावी मैदान में।दिग्विजय, शिवराज और ज्योतिरादित्य के राजनीतिक भविष्य का होगा फैसला।तीसरे चरण में 1 करोड़ 77 लाख मतदाता चुनेंगे अपना सांसद। मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के तहत नौ लोकसभा क्षेत्रों में हो रही मतदान में खासा उत्साह नजर आ रहा है। मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्र पहुंचना शुरू हो गए और अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस दौरान कहीं मतदाताओं का तिलक लगाकर स्वागत किया गया, तो कहीं लकी ड्रॉ भी निकाला जा रहा है। बता दे कि इस चरण में 1.77 करोड़ से अधिक मतदाता 127 उम्मीदवारों में से अपनी पसंद के प्रत्याशी के लिए मतदान करेंगे। प्रदेश में 11 बजे तक के मतदान के आंकड़े बैतूल- 32.65% भिंड – 25.46%भोपाल- 27.46%गुना- 34.53%ग्‍वालियर- 28.55%मुरैना- 26.62%राजगढ़ – 34.81%सागर- 30.31%विदिशा- 32.64%

चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी को दिया झटका, कैंपेन गीत पर लगाई रोक; AAP ने केंद्र को घेरा

Election Commission gave a blow to Aam Aadmi Party, banned its campaign song; AAP surrounded the center चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को झटका देते हुए उसके चुनावी कैंपेन सॉन्ग पर रोक लगा दी है। हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। वहीं आप ने इसे केंद्र की तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा कि इसमें कहीं भी भाजपा का नाम नहीं है फिर इसपर रोक कैसे लगाई जा सकती है? नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, आयोग ने पार्टी के कैंपेन गीत पर रोक लगा दी है। बता दें, हाल ही में पार्टी ने अपना कैंपेन गीत लॉन्च किया था। दो मिनट के इस कैंपेन सॉन्ग में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया भी दिखे थे। इस गीत को पार्टी विधायक दिलीप पांडेय ने लिखा था। वहीं आयोग के इस कदम को आप ने केंद्र की तानाशाही बताया है। आप की वरिष्ठ नेता और मंत्री आतिशी ने कहा कि कैंपेन गीत में कहीं भी भाजपा का नहीं है। चुनाव आयोग को जेल का जवाब वोट से पर आपत्ति है जो कि सरासर गलत है। इसमें कुछ भी ऐसी आपत्तिजनक बातें नहीं है जिससे गीत पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस गीत से कहीं भी चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हो रहा है। इसमें जो पिक्चर हैं वे सच हैं। आतिशी ने कहा कि भारत का चुनाव आयोग एक प्रतिष्ठित संस्था है। जब इसके आयुक्त टीएन शेषन थे, तब उन्होंने इसकी मर्यादा को अधिक बढ़ाया था। उन्हें देश में निष्पक्ष चुनाव कराने का श्रेय दिया जाता है। उनके काम के जरिए उन्हें आज भी याद किया जाता है। विपक्ष का प्रचार न रोके चुनाव आयोग: आतिशीउन्होंने कहा कि मैं आज के आयुक्त से यह अपील करती हूं कि वह ऐसा काम न करे जिससे आगे आनेवाले समय में 2024 के चुनाव को इस रूप में याद करे कि 2024 के चुनाव में लोकतंत्र खत्म हो गया। 2024 के चुनाव में भारत का चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं रहा और 2024 में भारत का चुनाव पाकिस्तान का चुनाव बन गया। इसलिए चुनाव आयोग से अपील करती हूं कि विपक्ष का प्रचार रोकना बंद करे और BJP द्वारा जो आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उस पर भी एक्शन ले। गीत में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन: चुनाव आयोगदिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय का कहना है कि आम आदमी पार्टी के कैंपेन गीत ‘जेल का जवाब वोट से’ में केबल प्रोग्राम कोड का उल्लंघन किया गया है। कोई भी राजनीतिक दल अपने कैंपेन गीत या चुनाव प्रचार के वीडियो में न्यायपालिका पर सवाल खड़े नहीं कर सकते हैं। किसी को जेल में होना न्यायपालिका से संबंधित मामला होता है।

26 से 30 अप्रैल तक चलेगा होम वोटिंग का प्रथम चरण, 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता करेंगे मतदान

The first phase of home voting will run from 26 to 30 April, voters above 85 years of age will vote. गुना में होम वोटिंग दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण 26 से 30 अप्रैल तक ताे वहीं दूसरा चरण एक से तीन मई तक चलेगा। गुना। घर से मतदान की सहमति देने वाले 85 वर्ष से अधिक आयु एवं पीडब्ल्यूडी वोटर्स के लिए घरों तक पहुंचकर मतदान करवाया जाएगा। गुना की सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए होम वोटिंग का प्रथम चरण 26 से 30 अप्रैल तक चलेगा। वहीं पहले चरण से छूटे मतदाताओं के लिए दूसरा चरण एक से तीन मई तक चलेगा, जिसमें घर से मतदान कराया जाएगा। वहीं होम वोटिंग को लेकर आयोजित बैठक में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डा. सतेंद्र सिंह ने सभी एएआरओ को घर-घर मतदान के लिए सभी आवश्यक तैयारियां करने के लिए कहा है। इनमें पोलिंग पार्टियों का गठन, प्रशिक्षण, मतदान सामग्री वितरण व वापसी, सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी आदि शामिल है। बैठक के दौरान डाक मतपत्र, ईडीसी में मतदान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर द्वारा सभी एआरओ एवं नोडल अधिकारी डाक मतपत्र को निर्देशित किया कि आयोग के निर्देशानुसार डाक मतपत्र, ईडीसी प्रक्रिया विभिन्न निर्वाचन ड्यूटी में संलग्न अधिकारी-कर्मचारियों का मतदान कराया जाए। द्वितीय रेंडमाईजेशन होने के पश्चात मतदान दल से संबंधित मतदान दलों का द्वितीय चरण का प्रशिक्षण 26 अप्रैल से प्रारंभ किया जाएगा, जो 30 अप्रैल तक संपन्न होगा। बैठक में चुनावी कार्यों जैसे ईवीएम कमिशनिंग कार्य, स्ट्रांग रूम व्यवस्था, मतदान सामग्री वितरण व वापसी स्थल पर व्यवस्थाएं, मतदान केंद्रों पर एएमएफ फैसिलिटी, कानून व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।

प्रदेश में आज थम जाएगा पहले चरण का प्रचार, 19 अप्रैल को होगी वोटिंग

Campaigning for the first phase will end in the state today, voting will take place on April 19. मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर पहले चरण में होने वाले मतदान का प्रचार आज थम जाएगा। भोपाल। मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए चुनाव प्रचार आज शाम 6 बजे थम जाएगा, लिहाजा इन क्षेत्रों में रोड शो और रैलियां नहीं की जाएगी। जबकि बालाघाट लोकसभा क्षेत्र के बैहर, लांजी और परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रतिबंध चार बजे से लागू होगा। ऐसे में उन सभी लोगों को निर्वाचन क्षेत्र छोड़ना होगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। इसके लिए होटल, लाज और धर्मशालाओं की जांच होगी। जहां राजनीतिक दलों का प्रचार थमने जा रहा है वहीं पहले चरण के मतदान के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी अंतिम दौर में हैं। सुरक्षा एवं जांच समग्र रूप से की जा रही है। चुनाव आयोग के निर्देश हैं कि मतदान पूरी तरह से निष्‍पक्ष एवं पारदर्शी होना चाहिये, इसी को ध्‍यान में रखते हुए मैदानी अमला पूरी तरह से जुटा हुआ है। गौरतलब है कि 19 अप्रैल को सीधी, शहडोल, मंडला, जबलपुर, बालाघाट और छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्रों में मतदान होगा। जिसके चलते बुधवार को शाम पांज बजे के बाद रोड शो, रैली और सभाओं पर प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया है कि प्रचार-प्रसार समाप्त होने की समय-सीमा के बाद बाहरी क्षेत्र के व्यक्तियों को जो उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता नहीं हैं, उन्हें वह क्षेत्र छोड़ना होता है। इसके लिए सघन अभियान चलाया जाएगा। पुलिस प्रशासन द्वारा होटल, लाज, धर्मशालाओं की जांच कर ऐसे लोगों को चिन्हित कर बाहर भेजा जाएगा, जो वहां के मतदाता नहीं हैं। संवेदनशील केंद्रों पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल तैनात किया गया है तो अन्य केंद्रों पर जिला पुलिस बल रहेगा। गुरुवार को रवाना होंगे मतदान दल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण का मतदान संपन्न कराने के लिए मतदान दल गुरुवार को रवाना होंगे। रात में ही मतदान को लेकर सभी व्यवस्थाएं कर ली जाएंगी। अभ्यर्थियों की उपस्थिति में स्ट्रांग रूम से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन मतदान केंद्रों में पहुंचाई जाएंगी। यहां मतदान से एक घंटे पहले अभ्यर्थी या उसके अधिकृत प्रतिनिधि की उपस्थिति में माकपोल होगा। 50-50 वोट डलवाए जाएंगे। बालाघाट के तीन विधानसभा क्षेत्रों में चार बजे तक ही होगा मतदानबालाघाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत तीन विधानसभा क्षेत्र ऐसे आते हैं, जो नक्सल प्रभावित हैं। इनमें बैहर, लांजी और परसवाड़ा शामिल हैं। तीनों में सुबह सात से चार बजे तक मतदान होगा। बाकी निर्वाचन क्षेत्रों में शाम छह बजे तक मतदान कराया जाएगा।

अपर कलेक्टर ने तीन एसएसटी चैक पोस्ट का किया निरीक्षण दिए दिशा निर्देश रंगोली बनाकर मतदाताओं को किया जागरूक

Additional Collector inspected three SST check posts, gave guidelines and made voters aware by making rangoli हरिप्रसाद गोहे आमला ! बैतुल हरदा संसदीय क्षेत्र लोकसभा 29 के लिए चुनाव की तारीख आगे बढ़ाई गई है। अब लोकसभा चुनाव 7 मई को सम्पन्न कराए जाएंगे। जिसके लिए सभी तैयारी लगभग पूरी की जा चुकी है। अपर कलेक्टर राजवीर नंदन श्रीवास्तव ने एसएसटी चैक पोस्ट हसलपुर, मोरखा खैरवानी का औचक निरीक्षण किया वही एसएसटी दल को वहानं चेकिंग के सम्बध में दिशा निर्देश दिए है। जानकारी देते हुए विधानसभा आमला 130 के सहायक रिटर्निंग अधिकारी शलेन्द्र बड़ोनिया ने बताया कि आमला विधानसभा क्षेत्र 130 में तीन स्थानों में एसएसटी चैक पोस्ट बनाए गए है।जिनका आज अपर कलेक्टर राजवीर नंदन श्रीवास्तव द्वारा औचक निरीक्षण किया है। एसएसटी दल को वहानं सम्बंधित दिशा निर्देश दिए गए है। उन्होंने बताया कि एसएसटी चैक पोस्ट बड़े छोटे सभी वहानो की चेकिंग अनिवार्य रूप से की जाना है। वही वहानं एव सामग्री(वस्तु) नगद राशि(सोना,चांदी,जैसी वस्तु का बिल भी चैक किया जाना है अधिकारी मात्रा में नगद राशि या (सोना,चांदी)अवैध शराब परिवहन करते हुए कोई वहानं पकड़ाया जाता है। तो तत्काल ही चुनाव कन्ट्रोल रूम को सूचित किया जाए। आमला विधानसभा के सारणी क्षेत्र में रंगोली बनाकर किया मतदाताओं को जागरूक… विधानसभा आमला-सारणी के शॉपिंग सेंटर सारणी में नगर पालिका परिषद सारणी के द्वारा मतदाताओं को जागरूक करने के लिए रंगोली बनाकर जागरूक किया गया,निर्वाचन के द्वारा अनेक कार्यक्रमों के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है। सहायक रिटर्निंग अधिकारी शलेन्द्र बड़ोनिया ने बताया कि सारणी के शॉपिंग सेंटर में रंगोली बनाकर मतदाताओं को जागरूक किया जा रहा है।नवीन मतदाताओं का स्वागत कर उनको मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

वोट देने से पहले बस एक क्लिक में जानें ‘नेताजी’ के आपराधिक रिकॉर्ड ,ECI

Before voting, know the criminal records of ‘Netaji’ in just one click, ECI निर्वाचन आयोग द्वारा इस केवाईसी (KYC) ऐप के उपयोग की गाइड लाइन भी जारी की गई है. इसका उपयोग बेहद आसान है. KYC ऐप एंड्रॉइड और iOS दोनों डिवाइस के लिए उपलब्ध कराया गया है. लोकसभा चुनाव-2024 में आप जिस उम्मीदवार को वोट देने जा रहे हैं, उसका चाल-चलन कैसा है? यह आप अब आसानी से जान सकते हैं. मोबाइल में एक क्लिक में उसका पूरा बायोडाटा आपके सामने होगा. इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (Election Commission of India) ने इसके लिए स्पेशल मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की है. भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा नो योर कैंडिडेट (KYC) नाम से एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है. यह एप्लिकेशन नागरिकों या मतदाताओं को चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास के बारे में जानने में मदद करता है.यह एप्लिकेशन एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है. बेहद आसान है उपयोगनिर्वाचन आयोग द्वारा इस केवाईसी (KYC) ऐप के उपयोग की गाइड लाइन भी जारी की गई है. इसका उपयोग बेहद आसान है. उम्मीदवार के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी प्राप्त करने के लिए मतदाताओं को एप में राज्य के साथ चुनाव के प्रकार के प्रकार यानी असेम्बली कॉन्स्टीटुएन्सी या पार्लियामेंट्री कॉन्स्टीटुएन्सी का चयन करना होगा.इसके अलावा उम्मीदवार को नाम से खोजा का सकता है. मिलेगी तमाम जानकारियांइसके बाद अगर उम्मीदवार का आपराधिक इतिहास होगा, उसके संबंध में भी ऐप पर जानकारी मिलेगी. इस मोबाइल ऐप में उम्मीदवार के शपथ पत्र को लोड कर दिया गया है, जिसके माध्यम से मतदाता उसकी चल-अचल संपत्ति, विदेशी बैंक खाते और अपराधिक रिकॉर्ड सहित अन्य तमाम जानकारियां हासिल कर सकता है. ऐप को कैसे करें डाउनलोड और उपयोग आधिकारिक ऐप स्टोर या Google Play Store पर जाएं.Google Play और App Store से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक ‘KYC-ECI’ ऐप डाउनलोड करें.ऐप खोलें और ‘आगे बढ़ें’ पर टैप करें.कोई भी व्यक्ति उपर में दिए गए सर्च बॉक्स में अपना नाम दर्ज करके उम्मीदवार को खोज सकता है.विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र/संसदीय निर्वाचन क्षेत्र (सामान्य/अलविदा) की सूची खोजने के लिए नीचे ‘सिलेक्शन क्राइटेरिया’ बॉक्स पर क्लिक करें; 2019-2024 से अब तक हुए चुनावों की सूची; राज्य; उम्मीदवारों का विवरण जानने के लिए निर्वाचन क्षेत्र और सबमिट पर क्लिक करें.

आचार संहिता के उल्लंघन पर पांच मिनट में होगी कार्रवाई, ऐसे करें शिकायत

Action will be taken on violation of code of conduct within five minutes, complain like this आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की शिकायत सी-विजिल सिटीजन एप पर की जा सकती है। इसके लिए जीपीएस को ऑन रखना होगा। सी-विजिल एप पर कर सकते हैं आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतशिकायत करते वक्त जीपीएस ऑन रखना जरूरीपांच मिनट में पहुंचेगी फ्लाइंग स्क्वायड की टीम भोपाल ! लोक सभा चुनाव की आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की आनलाइन शिकायत आप भी कर सकते हैं। ऐसे किसी भी उल्लंघन के मामले का वीडियो और फोटो लेने के पांच मिनट के अंदर इसे सी-विजिल सिटीजन एप पर भेजना होगा। इसके लिए उसे मोबाइल पर जीपीएस आन रखना होगा। सी-विजिल एप को गूगल प्ले स्टोर से मोबाइल में डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप का इस्तेमाल करने के लिए शिकायतकर्ता के मोबाइल पर जीपीएस और इंटरनेट चालू होना आवश्यक है। वीडियो दो मिनट से अधिक का नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही जिस मोबाइल से फोटो या वीडियो कैप्चर किए गए हैं शिकायत केवल उसी से की जा सकेगी। किसी दूसरे मोबाइल या कैमरे की फोटो या वीडियो अथवा पहले से स्टोर फोटो या वीडियो इस एप पर अपलोड नहीं होगी। इस तरह काम करेगी सी-विजिल एप

मीडिया को तुरंत मिलेगी चुनावी घटनाओं की वस्तुस्थिति की जानकारी

The media will immediately get information about the actual situation of election events. भोपाल ! मप्र के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) अनुपम राजन ने शुक्रवार को राज्यस्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ और सोशल मीडिया प्रकोष्ठ का निरीक्षण किया। राजन ने कहा कि चुनाव से संबंधित विशेष घटनाओं की जानकारी तुरंत भेजें। घटनाओं की वस्तुस्थिति की जानकारी तुरंत मीडिया में जानी चाहिए। राजन ने कहा कि अभ्यर्थियों की ओर से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर किए जा रहे प्रचार के व्यय की जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर किए जा रहे प्रचार में मॉनिटरिंग की विस्तार से जानकारी ली। मप्र में 16 मार्च से लोकसभा चुनाव की आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। लोकसभा निर्वाचन के दौरान पेड न्यूज संबंधी मामलों, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अखबारों में प्रकाशित एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया चैनल में प्रसारित और सोशल मीडिया में चल रही खबरों की 24 घंटे सतत मॉनिटरिंग, रिकॉर्डिंग की जा रही है। राज्य स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ, राज्य नोडल अधिकारी, आयुक्त जनसम्पर्क संदीप यादव के मार्गदर्शन में कार्य कर रहा है। इस दौरान संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनोज खत्री भी उपस्थित रहे। राज्यस्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठमुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, निर्वाचन सदन, अरेरा हिल्स, भोपाल में राज्यस्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ (स्टेट लेवल एमसीएमसी सेल) कार्य कर रहा है। इस प्रकोष्ठ में जनसम्पर्क विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तीन पारियों में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की खबरों की सतत्ा निगरानी कर रही है। यह कार्य प्रतिदिन तीन पारियों में सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 से रात्रि 10 बजे तक और रात्रि 10 से अगले दिन सुबह 6 बजे तक निर्बाध रूप से निरन्तर किया जा रहा है। राज्य स्तरीय सोशल मीडिया मॉनिटरिंग प्रकोष्ठ नर्मदा भवन में संचालित है। डॉ. एचएल चौधरी को मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गयान्यूज मॉनिटरिंग एवं पेड न्यूज के मामलों सहित अन्य सभी कार्यों के लिए अपर संचालक जनसम्पर्क डॉ. एचएल चौधरी को मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गया है। समाचार पत्र, पत्रिकाओं में प्रकाशित समाचारों एवं मीडिया रिपोर्ट्स की कतरनों के संधारण कार्य के लिए भी सुबह 6 से शाम 6 बजे तक के लिए अधिकारी, कर्मचारी तैनात किए गए हैं। तीनों पारियों के लिए आकस्मिक एवं वैकल्पिक व्यवस्था के लिए रिजर्व अधिकारी और कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं।

एक्शन में चुनाव आयोग, 6 राज्यों के गृह सचिव हटाए

Election Commission in action, removed Home Secretaries of 6 states पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को भी हटा दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर को भी बदला गया है। नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद चुनाव आयोग (EC) एक्शन में है। चुनाव आयोग ने सोमवार को 6 राज्यों के गृह सचिवों को हटा दिया। ये राज्य हैं – यूपी, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात।साथ ही पश्चिम बंगाल के डीजीपी राजीव कुमार को भी हटा दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर को भी बदला गया है। मिजोरम के प्रशासनिक सचिव को हटाया गया है। हिमाचल के सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। आयोग ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े उन अधिकारियों का तबादला करें, जो तीन साल पूरे कर चुके हैं या अपने गृह जिलों में हैं। चंडीगढ़ के डीजीपी का पदभार संभालने के बाद सुरेंद्र सिंह यादव ने कहा, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना निश्चित रूप से एक चुनौती है। चुनाव को किस तरह से मैनेज किया जाए, इसके लिए आईजी और यूटी के एसएसपी हर छोटी से छोटी बात पर नजर रखकर इसकी तैयारी कर रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए तैयार है।

मप्र में चार चरणों में मतदान, पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को ,तारीखों का एलान

Voting in four phases in Madhya Pradesh, first phase voting on April 19, dates announced लोकसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में मतदान कब होगा, इसके लेकर चुनाव आयोग तारीख का एलान कर दिया है। जानिए, क्या है चुनाव कार्यक्रम? किस जिले में कब कहां मतदान पहले चरण यानी 19 अप्रैल को सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा में मतदान होगा। दूसरे चरण में 26 अप्रैल को टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद और बैतूल वोटिंग होगी। तीसरे चरण में सात मई को मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल और राजगढ़ मतदान होगा। चौथे और आखिरी चरण में 13 मई को देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन और खंडवा जिले में वोटिंग होगी। चार चरण में मतदानमुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। मध्य प्रदेश में चार चरणों में मतदान होगा। पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी, जबकि दूसरे चरण का मतदान 26 अप्रैल को होगा। तीसरे चरण में सात और चौथे चरण में 13 मई को वोटिंग होगी। नतीजे चार जून को घोषित किए जाएंगे।

85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता घर से ही डाल सकेंगे वोट, जानें ,निर्वाचन आयोग

Voters above 85 years of age will be able to vote from home लोकसभा चुनाव 2024 : मध्य प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या सात लाख से अधिक है। लोकसभा चुनाव 2024 । कोरोनाकाल में निर्वाचन आयोग ने बुजुर्ग मतदाताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था बनाई थी कि वे घर से ही मतदान कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आवदेन करने पर मत पत्र जारी किए गए थे। इसके बाद उनके घर पर मतदान दल जाता है। मतदान की गोपनीयता के लिए कार्ड बोर्ड का बूथ भी बनाया जाता और मतदान करवाया जाता। मतदान में पारदर्शिता रहे, इसके लिए इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई गई। इस व्यवस्था से उत्साहित निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। 80 वर्ष से अधिक आयु और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं को घर से मतदान की अनुमति दी गई। आयोग ने अब यह व्यवस्था कर दी है कि 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता घर से ही मतदान कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें आवेदन करना होगा। एक सप्ताह पहले घर पहुंचेगा दल मतदान के दिनांक से एक सप्ताह पहले मतदान दल संबंधित मतदाता के घर पहुंचेगा। इसके पूर्व संबंधित क्षेत्र के उम्मीदवारों को भी जानकारी दी जाएगी ताकि वे मतदान के समय चाहें तो अपना प्रतिनिधि वहां भेज सकते हैं ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इस व्यवस्था से बुजुर्गों को मतदान केंद्र तक आने की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती और उनका मतदान भी सुनिश्चित हो जाता है। बता दें, प्रदेश में 80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या सात लाख से अधिक है। अब 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं की सूची तैयार कर संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को दी जाएगी।

लोकसभा क्षेत्र में तीन साल से पदस्थ अफसर हटेंगे, भले ही वे जिले में एक साल पहले ही पदस्थ किए गए हों

Officers posted in the Lok Sabha constituency for three years will be removed, even if they were posted in the district only a year ago. भोपाल। लोकसभा चुनाव की उल्टी गिनती आज से शुरू हो गई है। 12 मार्च के बाद किसी भी वक्त चुनाव कार्यक्रम जारी हो जाएगा। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाएगा। मप्र में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने अपनी तैयारी लगभग पूरी कर ली है। अभी कुछ दिन पहले चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से लोकसभा क्षेत्र में तीन वर्ष से जमे अफसरों को हटाने का निर्देश दिया था। सरकार ने इस पर काम शुरू कर दिया है। जल्दी ही आयोग की नई गाइडलाइन के अनुसार कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को हटाकर नई पदस्थापना कर दी जाएगी। मप्र में 55 जिलों में कुल 29 लोकसभा क्षेत्र आते हैं। इन जिलों में कई ऐसे अफसर पदस्थ हैं, जो जिले से तो हटाए गए थे, लेकिन आसपास के जिले में उनकी पदस्थापना हो गई। वह जिले उसी लोकसभा क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में इन जिलों में पदस्थ कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को जल्दी ही हटाने का आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस दायरे में कलेक्टर, एसपी के अलावा अन्य ऐसे अधिकारियों व कर्मचारी भी आ रहे हैं, जो चुनाव कार्य में लगे हुए हैं। लोकसभा चुनाव में भी विधानसभा चुनाव की ही तरह प्रदेश के सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों के लिए करीब 4 लाख चुनाव कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसमें ऐसे सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं, जो मप्र के वोटर हैं। एक ही लोकसभा में 3 वर्ष की अवधि पूरी करने वाले अफसर हटेंगे मप्र में एक ही लोकसभा क्षेत्र में तीन वर्ष की अवधि पूरी करने वाले जिलों के कलेक्टरों में सीधी, विदिशा, ग्वालियर कलेक्टर तथा शिवपुरी, श्योपुर के पुलिस अधीक्षक शामिल हैं। जल्दी ही इन अफसरों को हटाकर किसी अन्य जिले में भेजा जाएगा। दूसरी तरफ कई ऐसे अफसर भी हैं, जिनकी 30 जून 2024 तक एक ही जिले में तीन साल की पदस्थापना हो चुकी है। अब उनके सामने असमंजस की स्थिति है। इसमें कई अधिकारी कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो जिले में तो एक दो साल ही रहे हैं, पर लोकसभा क्षेत्र में वे तीन साल या उससे भी ज्यादा समय तक पदस्थ रहे हैं। ऐसे में विभिन्न्ा पदों पर पदस्थ आईएएस, आईपीएस अफसरों की दिक्कतें चुनाव आयोग के नए निर्देश ने बढ़ा दी है। जीएडी ने ऐसे अफसरों की सूची तैयार करना शुरू किया सूत्रों ने बताया कि आयोग की 3 साल की क्राइटेरिया वाले निर्देश के बाद से सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने ऐस लोगों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद उन कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों के साथ ही विभिन्न्ा पदों पर पदस्थ शासकीय सेवकों का हटना तय हो गया है। जीएडी ने ऐसे अफसरों की जानकारी खुद उन्ही अफसरों से मंगाई है, तो किस जिले में खासकर लोकसभा क्षेत्र में तीन साल या उससे ज्यादा अवधि तक पदस्थ हैं। एक तथ्य यह भी है कि कई ऐसे लोकसभा क्षेत्र भी हैं, जो आसपास के तीन से चार जिलों में फैला हुआ है। इस स्थिति में यदि दो सौ किमी दूर किसी शासकीय सेवक की पदस्थापना की गई है, और वे उस क्षेत्र में आते हैं, तो उन्हें भी हर हाल में हटाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों से इस तरह की सूची तैयार करने को कहा है। चुनाव कार्य में लगे इन अफसरों को भी हटाया जाएगा अब जीएडी और गृह विभाग ने पुलिस निरीक्षकों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की पदस्थापना को लेकर पीएचक्यू और राजस्व विभाग को भी ऐसे अधिकारियों की पदस्थापना संबंधी जानकारी जुटानी पड़ रही है, ताकि जल्द से जल्द आदेश जारी किए जा सकें। इसी तरह चुनाव से सीधा संबंध रखने वाले आबकारी विभाग के अफसरों के मामले में भी नए सिरे से तबादले की कवायद करनी पड़ सकती है। जिला कार्यालयाें में पदस्थ कर्मचारियों को भी जो सीधे तौर पर चुनाव कार्य से जुड़े हैं, उनकी भी डिटेल खंगाली जा रही है।

लोकसभा चुनाव की तारीख और आचार संहिता को लेकर यह है नया अपडेट

This is the new update regarding Lok Sabha election date and code of conduct विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान होने वाला है। मध्यप्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इनमें से एक सीट कांग्रेस के पास है, जबकि 28 सीटें भाजपा के पास है।देश में लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान कब होगा, चुनाव कितने चरण में होंगे। कौन से राज्य में कब चुनाव होंगे और आचार संहिता कब लगेगी। इसे लेकर ज्यादातर लोग अनुमान लगा रहे हैं। चुनाव आयोग ने भी तैयारी तेज कर दी है। विधानसभा चुनाव के बाद अब लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान जल्द होने वाला है। राजनीतिक दलों से जुड़ा व्यक्ति हो या सरकारी कर्मचारी सभी यह जानना चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव कब होने वाले हैं। क्योंकि आचार संहिता लग जाने के बाद कई सरकारी कर्मचारी अवकाश नहीं ले पाएंगे। मध्यप्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। इनमें से एक सीट कांग्रेस के पास है, जबकि 28 सीटें भाजपा के पास है। देशभर में नए मतदाताओं को जोड़ने का काम किया जा रहा है। मध्यप्रदेश निर्वाचन आयोग 8 फरवरी तक मतदाता सूचा का काम पूरा कर देगा। इसके बाद आचार संहिता लगने के कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक आचार संहिता फरवरी अंत में या मार्च के प्रथम सप्ताह तक लग सकती है, यानी चुनाव आयोग इन दिनों में तारीखों का ऐलान कर सकता है। अप्रैल से जून के बीच होंगे चुनाव पिछले चुनावों के दौरान आचार संहिता और मतदान की तारीखों को देखा जाए तो तो 2014 और 2019 में लोकसभा के चुनाव अप्रैल से लेकर मई के बीच हुए थे। यह करीब 7 चरणों में आयोजित किए गए थे। मई के अंत में केंद्र में मंत्रियों ने शपथ ले ली थी। चुनाव आयोग भी इसी तैयारी में है चुनाव अप्रैल और मई माह के बीच करा लिया जाए। हालांकि हाल ही में चुनाव आयोग ने स्कूली बच्चों और कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा का भी अवलोकन करने के लिए शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी है। मार्च में लग सकती है आचार संहिता सूत्रों के मुताबिक 10 मार्च तक लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग सकती है। यानी चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है। पहले फरवरी अंत तक आचार संहिता लगने की उम्मीद व्यक्त की जा रही थी। लेकिन स्कूल-कॉलेजों की परीक्षा होने के कारण इसे थोड़ा देरी से किया जा सकता है। गौरतलब है कि 2019 में चुनाव की घोषणा 10 मार्च हो हुई थी। तब देशभर में 11 अप्रैल से 19 मई के बीच 7 चरणों में चुनाव हुए थे। 25 मार्च को होली के साथ ही स्कूल-कॉलेज के बच्चों की परीक्षाएं, किसानों की स्थिति, अफसरों के तबादले, सरकारी अवकाश को देखते हुए चुनाव आयोग इन सब परिस्थितियों के अध्ययन में जुटा हुआ है। मध्यप्रदेश में कितने मतदाता मध्यप्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 59 लाख 98 हजार 370 है। इनमें 28790967 पुरुष मतदाता हैं और 27206136 महिला मतदाता है। थर्ड जेंडर की संख्या 1267 है। इसके साथ ही राज्य में 75 हजार 326 सेवा मतदाता हैं। राज्य में कुल 5 लाख 03 हजार 564 दिव्यांग मतदाता भी हैं।

मध्य प्रदेश मतगणना हेतु मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस वार्ता

Press conference of the Chief Election Commissioner for the Madhya Pradesh election counting. प्रेस नोट मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 में 230 विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना 52 जिला मुख्यालयों पर दिनाक 03.12.2023 को प्रारंभ होगी। मतगणना के लिए सभी इंतेजाम किए जा चुके है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं पुलिस आयुक्त एवं पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा मापदण्डो को कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए है। मतगणना के दिन शुष्क दिवस घोषित किया गया है। मतगणना स्थल पर 3 Tier सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, केवल अधिकृत पासधारी व्यक्ति ही प्रवेश कर सकेंगे। कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति मतगणना सेंटर पर प्रवेश नहीं करेगा। मतगणना सेंटर पर प्रत्येक विधानसभा के लिए पृथक-पृथक मतगणना हॉल बनाए गये है, जहां आयोग के निर्देशानुसार टेबलों की व्यवस्था ईव्हीएम एवं पोस्टल बैलेट की मतगणना के लिए की गई है। मतगणना कर्मियों का रेण्डमाईजेशन 3 स्तर पर होगा। प्रथम स्तर का रेण्डमाईजेशन हो चुका है, द्वितीय स्तर का रेण्डमाईजेशन मतगणना के प्रारंभ से 24 घंटे पूर्व होगा तथा तृतीय रेण्डमाईजेशन मतगणना दिनांक को सुबह 5 बजे होगा। आयोग द्वारा सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए प्रेक्षक नियुक्त किए गए है, जो जिलों में पहुंच चुके हैं। द्वितीय एवं तृतीय रेण्डमाईजेशन प्रेक्षक की उपस्थिति में किया जाएगा। रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पोस्टल बैलेट के लिए बनाए गए स्थानीय स्ट्रांग रूम से मतगणना सेंटर में बने पोस्टल बैलेट के स्ट्रॉग रूम में दिनांक 02.12.2023 को अपरान्ह 3 बजे के पश्चात् स्थानांतरित करने की कार्यवाही करेगें, जिसकी सूचना मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों तथा अभ्यर्थी / उनके अभिकर्ता को अनिवार्यतः दी जायेगी। पोस्ट से प्राप्त होने वाले सेवा निर्वाचकों के पोस्टल बैलेट मतगणना केन्द्र पर प्रातः 08 बजे के पूर्व तक प्राप्त हो सकते है। इसके लिए रात्रि में पोस्टल डिपार्टमेन्ट को प्राप्त होने वाले पोस्टल बैलेट की डिलेवरी प्रातः 08 बजे के पूर्व मतगणना केन्द्र पर हो जाएं, इस हेतु पोस्टल डिपार्टमेन्ट के नोडल अधिकारी / पोस्टमेन को पास जारी किए गए है। अधिकृत मीडियाकर्मी के लिए मतगणना केन्द्र पर एक पृथक कक्ष में मीडिया सेन्टर बनाया गया है जहां पर टेलिफोन कम्प्यूटर, प्रिन्टर एवं इंटरनेट आदि की सुविधा उपलब्ध रहेगी। मीडिया कर्मियों के लिए आयोग द्वारा प्राधिकार पत्र जारी किए गए है। ईव्हीएम की मतगणना टेबल पर एक काउटिंग सुपवाईजर एक काउटिंग असिस्टेंट तथा एक काउटिंग स्टॉफ तथा एक माइक्रो आर्जवर रहेगा। इसी प्रकार पोस्टल बैलेट की गणना टेबल पर एक सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, एक काउटिंग सुपरवाईजर, दो काउटिंग असिस्टेंट तथा एक माइक्रो आर्जवर रहेगा। ईव्हीएम / पोस्टल बैलेट की टेबल पर अभ्यर्थी के काउटिंग ऐजेन्ट रहेगें, जिनके बैठने का क्रम (1) मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दल, (2) ऐसे मान्यता प्राप्त अन्य राज्यों के राज्यीय दल जिन्हें उस विधानसभा क्षेत्र के लिए चुनाव चिन्ह नियत किया गया है. (3) अमान्यता प्राप्त रजिस्ट्रीकृत दल. (4) निर्दलीय रहेगा। स्ट्रॉग रूम से मतगणना हॉल तक मशीनें पहुंचने के लिए विधानसभा क्षेत्रवार पृथक-पृथक मार्ग / रास्ता / व्यवस्था निर्धारित की गई है, जिसका सीसीटीवी कवरेज होगा। आर्जवर के अतिरिक्त किसी को भी मतगणना हॉल में मोबाईल ले जाने की अनुमति नहीं है, केवल RO/ARO /Counting Supervisor जो ईटीपीबी से जुड़े है वह केवल ईटीपीबीएमएस सिस्टम ओपन करने के लिए ओटीपी हेतु मोबाईल ले जा सकेंगे तथा उसके पश्चात मोबाईल बंद कर प्रेक्षक/RO/ARO के पास जमा कराएंगे। मतगणना जिला मुख्यालय पर प्रातः 8 बजे विधानसभा क्षेत्रवार प्रारंभ होगी। सबसे पहले पोस्टल बैलेट की मतगणना शुरू होगी। पोस्टल बैलेट की मतगणना के आधे घण्टें पश्चात् 08:30 बजे ईव्हीएम से मतगणना प्रारंभ होगी। विधानसभा के पोस्टल बैलेट की मतणना समाप्त होते ही अभ्यर्थीवार डाकमतों के परिणाम की घोषणा की जावेगी। प्रत्येक राउंड पूरा होने पर नियमानुसार उस राउंड के परिणाम की घोषणा की जावेगी तथा दूसरे राउंड की गिनती प्रारंभ होगी। मीडिया को भी इसकी जानकारी मीडिया सेन्टर में दी जावेगी, इस हेतु जिला जनसंपर्क अधिकारी समन्यय बनाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन 2023 में 80 वर्ष से अधिक उम्र के 51259 वरिष्ठ मतदाताओं एवं 12093 दिव्यांग मतदाताओं ने घर से मतदान किया। Essential Services के 1113 कर्मियों द्वारा मतदान किया गया। 304623 मतदान कर्मियों द्वारा पोस्टल बैलेट से मतदान किया गया। मतदान केन्द्र पर ही मतदान हेतु 21197 मतदान कर्मियों को ईडीसी जारी किए गए। मध्यप्रदेश में ईव्हीएम की गणना हेतु 4369 टेबल तथा पोस्टल की मतगणना हेतु 692 टेबल लगाएं गए है। ईव्हीएम मतगणना हेतु सबसे अधिक 26 राउंड 193-झाबुआ विधानसभा क्षेत्र में तथा सबसे कम 12 राउंड 20-सेवढ़ा विधानसभा क्षेत्र जिला दतिया में होगें। मतगणना के परिणाम के लिए जिलों में स्क्रीन आदि पर व्यवस्था की गई है। मतगणना के परिणाम भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट https://results.eci.gov.in तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मध्यप्रदेश की वेबसाईट ceomadhyapradesh.nic.in पर भी प्रदर्शित होगें। इसके साथ साथ आमजनों की सुविधा के लिए वोटर हेल्पलाईन एप्प पर भी मतगणना के परिणाम उपलब्ध रहेगें, इस हेतु इस एप्प को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। मतगणना उपरांत निकाले जाने वाले जुलूस, रैली आदि पर नियमानुसार अनुमति प्राप्त कर ही

सोशल मीडिया पर प्रचार से पहले लेनी होगी अनुमति, आयोग द्वारा दिशा-निर्देश जारी

ECI; Katni; Election Commission; BJP; Congress; INC, AAP; SP; BSP;

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