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सिपाहियों को लेटर देकर बोले शाह- हर नागरिक को प्राथमिकी दर्ज होने के तीन साल के अंदर न्याय मिल सके

लखनऊ केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि सरकार अगले पांच साल में ऐसी व्यवस्था बनाने जा रही है जिससे हर नागरिक को प्राथमिकी दर्ज होने के तीन साल के अंदर न्याय मिल सके। शाह ने यह भी दावा किया कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस में 60,244 नवनियुक्त सिपाहियों को नियुक्ति पत्र वितरण के अवसर पर अपने संबोधन में कहा, ‘भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, यह तीनों कानून…. मैं आज आप सबके सामने बोलकर जा रहा हूं कि पांच साल के अंदर देश में ऐसी व्यवस्था बन जाएगी कि कोई भी प्राथमिकी दर्ज हुई तो नागरिक को उच्चतम न्यायालय तक तीन साल के अंदर न्याय मिल जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘सीसीटीएनएस, आईसीजेएस और फॉरेंसिक साइंस की सारी सुविधाओं और तकनीक के आधार पर न्याय को आगे बढ़ाने की व्यवस्था करनी है।’ शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 11 साल के कार्यकाल में देश सुरक्षित हुआ है। उन्होंने कहा, ‘सबसे बड़ी बात है कि मोदी जी के 11 साल में देश सुरक्षित हुआ है। देश के 11 राज्यों में नक्सलवाद हुआ करता था। अब 11 सालों में 11 राज्यों में से नक्सलवाद तीन जिलों में बचा है….और मेरी बात याद रखना, 31 मार्च 2026 को यह देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।’ गृह मंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तान और उसके द्वारा प्रायोजित आतंकवाद को करारा जवाब दिए जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘कांग्रेस के शासन में आए दिन आतंकवादी हमले होते थे। अहमदाबाद, दिल्ली, मुंबई, जयपुर, कोयंबटूर और कश्मीर की तो बात ही छोड़ दें। मोदी जी के शासन में पाकिस्तान ने जब उरी में हमले का प्रयास किया तो हमने सर्जिकल स्ट्राइक की, पुलवामा में किया तो हमने एयर स्ट्राइक की और पहलगाम में किया तो ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवादियों के मुख्यालय को चूर-चूर कर दिया।’ उन्होंने कहा, ‘नरेन्द्र मोदी जी ने पूरी दुनिया में एक संदेश भेजा है कि भारतीयों का खून जमीन पर बहाने के लिए नहीं है और जो भी यह हिमाकत करेगा उसको दंड दिया जाएगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने एक सख्त संदेश पूरी दुनिया को भेजने का काम किया है।’ केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, ‘हमारी सेना के वीर जवानों की सटीक मारक क्षमता ने जहां आतंकवादी बैठकर गरजते थे, इंटरव्यू देते थे, बयान देते थे उन्हीं अड्डों को जमींदोज कर दिये। अब उनके रोते हुए इंटरव्यू आ रहे हैं। यह सशक्त भारत का एक नया युग शुरू हुआ है।’ शाह ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को कहा, ‘आपका डर गुंडागर्दी करने वालों और माफिया पर सख्त से सख्त होना चाहिए और गरीब, दलित, पिछड़े और आदिवासियों को आप में मसीहा दिखाई पड़ना चाहिए। इस तरह से उत्तर प्रदेश के माध्यम से आप देश की सेवा करेंगे, इसका मुझे भरोसा है।’ इस अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक ने 15 नवचयनित पुलिसकर्मियों को नियुक्ति पत्र वितरण किये। इससे पहले, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक और उनके तमाम मंत्रिमंडलीय सहयोगियों तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने हवाई अड्डे पर गृह मंत्री अमित शाह की अगवानी की। कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने भी संबोधित किया।  

प्रदेश में कोरोना के 120 एक्टिव केस, भोपाल में मिले 2 नए मरीज

भोपाल मध्य प्रदेश में कोरोना तेजी पैस पसर रहा है. राजधानी भोपाल में 2 नए मरीज मिले हैं. ऐसे में इनके संपर्क में आए लोगों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए एम्स भेजे गए हैं. फिलहाल, दोनों मरीजों को आइसोलेट कर दिया गया है और स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन सभी जरूरी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. साथ ही ट्रेवल इनकी हिस्ट्री भी निकाली जा रही है. बता दें कि अब भोपाल में कुल एक्टिव केस की संख्या 8 हो गई है. पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोरोना के 27 नए केस मिले हैं. कुल 169 लोग संक्रमित हैं, जिनमें से 120 एक्टिव केस हैं. जबकि 46 मरीज ठीक हो चुके हैं और इस साल अब तक 3 मौतें दर्ज की गई हैं. इंदौर, भोपाल जैसे बड़े शहरों में भी कोरोना के केस बढ़ रहे हैं. वहीं नए केस सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की भी टेंशन बढ़ गई है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की लापरवाही न करें. हल्की सर्दी, खांसी या बुखार जैसी सामान्य लक्षणों को भी नजरअंदाज न करें और तुरंत जांच करवाएं. साथ ही, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने और हाथों की सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी गई है.

उतर गया भगवान जगन्नाथ का ज्वर, अब कमजोरी दूर करने के लिए भगवान 10 दिन विश्राम करेंगे, 27 जून को निकलेगी रथयात्रा

जबलपुर ज्येष्ठ पूर्णिमा से भगवान जगन्नाथ ज्वर से पीड़ित हैं। बलदाऊ व बहन सुभद्रा के साथ वे एकांतवास में हैं। भगवान जगन्नाथ स्वामी को इस समय सिर्फ औषधि व काढ़े का भोग लगाया गया। शनिवार को भी जगन्नाथ मंदिरों में भगवान के निजी सेवक व वैद्यों ने भगवान की सेवा व उपचार किया। काढ़ा व औषधि अर्पित कीं। आज रविवार को आषाढ़ कृष्ण पंचमी पर भगवान का ज्वर उतर गया है। अब कमजोरी दूर करने के लिए भगवान 10 दिन विश्राम करेंगे। इसके बाद स्वस्थ होकर 27 जून को रथयात्रा में प्रजा को दर्शन देने निकलेंगे। रथयात्रा की तैयारी जोरों पर चल रही है।   पुजारी ने दी दवा, काढ़ा मंदिर में विराजित भगवान जगन्नाथ स्वामी अपने भाई और बहिन के साथ एकांतवास में है। इस दौरान शनिवार को मंदिरों में पुजारी द्वारा भगवान की सेवा की गई। सुबह शाम भगवान को सिर्फ काढ़े का भोग अर्पित किया गया। सभी भक्त कर रहे सेवा जबलपुर के जगदीश स्वामी कर्मा माई शंकर भगवान मन्दिर ट्रस्ट गढ़ाफाटक के सदस्य कोठिया श्रीकांत साहू ने बताया कि वात्री साहू समाज के वरिष्ठ एवं युवा सदस्यों द्वारा प्रतिदिन भगवान की सेवा की जा रही है। 15 दिनों के इस काल के रथयात्रा की तैयारियां भी की जा रही हैं।

कोरोना वायरस की नई लहर में पहली बार एक दिन में तीन लोगों की मौत

नई दिल्ली देशभर में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। राजधानी दिल्ली में भी कोरोना का कहर जारी है। नई लहर में दिल्ली में कोरोना वायरस से पहली बार एक दिन में तीन लोगों की मौत हुई है। कोरोना से दिल्ली में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली में अब जिन तीन लोगों की मौत हुई है उनमें दो महिला और एक पुरुष शामिल है। 57 वर्षीय महिला को मधुमेह, फेफड़े की समस्या थी। 57 वर्षीय पुरुष को मधुमेह, फेफड़े की समस्या थी। वहीं, 83 वर्षीय महिला को मधुमेह, उच्च रक्तचाप, फेफड़े की समस्या थी। विज्ञापन हालांकि, कोरोना के सक्रिय मरीजों में तीन दिन से गिरावट देखी गई है। शनिवार को सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 672 रह गई। कोई नया मामला भी दर्ज नहीं किया गया। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के कोविड डैशबोर्ड के अनुसार, 24 घंटे में 212 मरीजों ने कोरोना को मात दी। दिल्ली में एक जनवरी से अब तक 1960 कोरोना के मरीज सामने आए हैं जिनमें से 11 मरीजों की मौत हो गई। देश में दिल्ली कोरोना के कुल मामलों में दूसरे नंबर पर है। कितना खतरनाक है नया कोरोना स्ट्रेन? नए वैरिएंट्स आमतौर पर तेजी से फैलते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि वे पहले जितने घातक हों। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और पहले से बीमार व्यक्ति सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। हल्के लक्षणों से शुरू होकर गंभीर सांस की दिक्कत तक मामला जा सकता है। कोरोना के सामान्य लक्षण     बुखार या कंपकंपी     सूखी खांसी     गले में खराश     सिरदर्द और बदन दर्द     थकान और कमजोरी     सूंघने या स्वाद की क्षमता कम होना     सांस लेने में दिक्कत स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर घबराने या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि सर्दी जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत से पीड़ित होने वाले मरीजों को डॉक्टर से मिलकर जांच कराना चाहिए। अधिकतर लोग घर पर रहकर ही ठीक हो जा रहे हैं, इसलिए संक्रमण की स्थिति में भी ज्यादा परेशान होने या अस्पताल भागने की जरूरत नहीं है।

यूपी दंगा मुक्त हो चुका है, यहां अपराधियों को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिला, अब न्याय का शासन है : अमित शाह

लखनऊ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि न पर्ची, न खर्ची, न जाति, न भ्रष्टाचार, बल्कि योग्यता के आधार पर नौकरी मिली है। यूपी दंगा मुक्त हो चुका है। यहां अपराधियों को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिला है। यूपी में न्याय का शासन है। यहां पर योग्यता के आधार पर अब नौकरी मिलती है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रविवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी के साथ राजधानी लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में 60,244 नव चयनित पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र बांटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि न पर्ची, न खर्ची, न जाति, न भ्रष्टाचार बल्कि योग्यता के आधार पर नौकरी मिली है। आज इन 60,244 युवाओं के लिए सबसे शुभ दिन है। आज ये सभी लोग देश के सबसे बड़े प्रदेश के पुलिस बल का हिस्सा बनने जा रहे हैं। यूपी में कुछ साल ऐसे आए जब यहां की कानून व्यवस्था बिगड़ती गई। लेकिन, फिर समय आया और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने और यहां पर फिर कानून का राज स्थापित हुआ। अमित शाह ने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के तीन साल बाद तक यूपी में बदलाव नहीं हुआ। लेकिन योगी सरकार बनने के बाद यहां काफी बदलाव हुआ। आज किसी युवा को एक पैसा भी नहीं देना पड़ा, न खर्ची, न पर्ची, न सिफारिश, सिर्फ योग्यता के आधार पर आप सबको चयनित किया गया। इसमें 12 हजार से अधिक बच्चियां हैं। आज बच्चियों के चेहरे पर मुस्कान, तेज, आत्मसंतोष देखकर काफी सुकून मिला। उन्होंने कहा कि यूपी आज दंगा मुक्त हो चुका है। आज यूपी में अपराधियों को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं मिलता। पिछले 11 साल के अंदर 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए। गैस सिलेंडर, पांच लाख तक का मुफ्त इलाज, आदि मिल रहा है। जब पीएम नरेंद्र मोदी आए तब देश आर्थिक जगत में 11वें नंबर पर था। आज हम चौथे पायदान पर हैं। 2027 तक हमारा देश दुनिया के तीसरे नंबर का अर्थतंत्र बन जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि सभी युवा यूपी पुलिस का हिस्सा बनिए। गरीब, वंचित को आपके अंदर मसीहा दिखना चाहिए। ऐसा काम कीजिए। यूपी में अच्छा काम करते हुए आप देश की सेवा करेंगे।   

मथुरा में खुदाई के दौरान कई माकन गिरने की खबर आ रही है, ये मकान टीले पर बने थे, 12 लोग मलबे में दबेम बड़ा हादसा

मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा में इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। खुदाई के काम के दौरान कई माकन गिरने की खबर आ रही है। ये मकान टीले पर बने थे। हालांकि सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। सभी को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मौके पर अधिकारी, पुलिस और एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है। मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने का काम जारी है। जेसीबी भी मौके पर पहुंच गई है और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि टीमें फिलहाल मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों का पता लगाने के लिए काम कर रही हैं। सीओ सिटी भूषण वर्मा ने कहा कि हमें सूचना मिली कि मसानी थाना क्षेत्र में एक इमारत ढह गई है। फिलहाल मलबा हटाया जा रहा है। नगर निगम की एक टीम जेसीबी के साथ मौके पर मौजूद है। हम जांच कर रहे हैं कि मलबे में कितने लोग फंसे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि खुदाई के दौरान कम से कम छह घर ढह गए हैं। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि अभी कितने मकान गिरे हैं इसका पता लगाया जा रहा है। साथ ही अधिकारियों ने मकान गिरने के कारणों के बारे में कहा कि कारणों की पुष्टि नहीं है। संभावना है कि सुबह चली आंधी के कारण भी ये हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शाहगंज के माया टीला इलाके के पास हुई।  

अहमदाबाद विमान हादसे में अब तक 31 सैंपल मैच हुए, विजय रूपाणी का DNA मैच

अहमदाबाद  अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले गुजरात के रुपाणी का डीएनए मैच हो गया है जिसके बाद अब उनका पार्थिव शरीर उनके परिवारवालों को सौंपा जाएगा और राजकोट में उनका अंतिम संस्कार होगा। गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा, “गुजरात के पूर्व सीएम विजय रूपाणी का 12 जून को अहमदाबाद में एयर इंडिया दुर्घटना के दौरान निधन हो गया था आज सुबह करीब 11:10 बजे उनका डीएनए मैच हो गया है। अब उनके परिवारवालों को उनका पार्थिव शरीर सौंपा जाएगा। गुरुवार को अहमदाबाद से लंदन जाने वाला एयर इंडिया का विमान मेघानीनगर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस दौरान पायलट और क्रू मेंबर्स के साथ फ्लाइट में कुल 242 लोग मौजूद थे जिनमें से एक विजय रुपाणी भी थे। वह अपनी बेटी से मिलने लंदन जा रहे थे। अहमदाबाद म्युनिसिपल कमिश्नर बोले- ब्लैक बॉक्स का मिलना जरूरी था अहमदाबाद के म्युनिसिपल कमिश्नर बंछा निधि पानी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान ब्लैक बॉक्स को निकालना बेहद जरूरी था। आमतौर पर ब्लैक बॉक्स या तो प्लेन के आगे वाले हिस्से में होता है या फिर पीछे। सौभाग्य से इस हादसे में प्लेन का पिछला हिस्सा पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ था, बल्कि वह पहली बिल्डिंग में फंसा हुआ था। AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की टीम ने क्रेन, मजदूर और इंजीनियर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि ब्लैक बॉक्स को सुरक्षित तरीके से निकाला जा सके। इसके बाद ब्लैक बॉक्स को सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया।  

मुख्यमंत्री साय बोले- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर

‘राष्ट्रीय परिदृश्य में उभरता छत्तीसगढ़’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दैनिक नवप्रदेश के 14वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘राष्ट्रीय परिदृश्य में उभरता छत्तीसगढ़’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। वर्ष 2014 में भारत जहाँ आर्थिक दृष्टि से विश्व में 10वें स्थान पर था, वहीं आज चौथे स्थान पर पहुँच चुका है, और शीघ्र ही हम तीसरे स्थान पर पहुँचने की ओर अग्रसर हैं। प्रधानमंत्री के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विकसित छत्तीसगढ़ हेतु विजन डॉक्यूमेंट और नई औद्योगिक नीति तैयार की गई है। मुख्यमंत्री साय ने दैनिक नवप्रदेश की 14वीं वर्षगांठ पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हम छत्तीसगढ़ की रजत जयंती मना रहे हैं। मुझे यह सौभाग्य प्राप्त हुआ कि मैंने संसद में एक सांसद के रूप में छत्तीसगढ़ निर्माण संबंधी विधेयक पर हुई ऐतिहासिक चर्चा को प्रत्यक्ष रूप से देखा और अनुभव किया। एक आदिवासी परिवार से आने के नाते मैंने प्रदेश में भुखमरी की समस्याएँ देखी हैं। डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में 2003 में लागू की गई पीडीएस व्यवस्था ने छत्तीसगढ़ को इस गंभीर समस्या से मुक्ति दिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। आईआईटी, आईआईएम तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे उच्च शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ में स्थापित हो चुके हैं। प्रदेश में समृद्धि बढ़ी है और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक पहुँची हैं। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति को उद्यमियों का सकारात्मक प्रतिसाद मिला है। राज्य को लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर चिप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में कार्य प्रारंभ हो चुका है। एनर्जी सेक्टर में भी राज्य को भारी निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर युवाओं को सरकारी नौकरियाँ प्रदान कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्किलिंग के माध्यम से निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने पर भी बल दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति में बिस्पोक पॉलिसी का प्रावधान रोजगार सृजन में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में सिंचाई रकबा में निरंतर वृद्धि हुई है। हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से बोधघाट परियोजना पर चर्चा की गई। इस परियोजना से बस्तर अंचल के किसानों को भरपूर सिंचाई जल मिलेगा। साथ ही इंद्रावती और महानदी की इंटरलिंकिंग परियोजना पर भी कार्य प्रारंभ किया गया है, जिससे सिंचाई रकबा बढ़कर 7 लाख हेक्टेयर तक पहुँच जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब विकास की मुख्यधारा में है। जहाँ कभी गोलियों की आवाज़ सुनाई देती थी, वहाँ अब स्कूलों की घंटियाँ गूंज रही हैं। धूड़मारास को संयुक्त राष्ट्र द्वारा पर्यटन क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि विकास केवल क्षेत्रफल या जनसंख्या से नहीं, बल्कि संसाधनों के सदुपयोग और इच्छाशक्ति से होता है। आज राज्य की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ हुई है। प्रधानमंत्री द्वारा हाल ही में उद्घाटित चिनाब पुल में छत्तीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र का लोहा प्रयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज स्टील, सीमेंट, ऊर्जा जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों में अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश के पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर समाज में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वालों में पद्मश्री श्रीमती शमशाद बेगम, कार्टून वॉच के सम्पादक श्री त्रयंबक शर्मा, खेल पत्रकार श्री नितेश छाबड़ा, वरिष्ठ पत्रकार श्री जीवन एस साहू (गरियाबंद) एवं श्री यशवंत राजवाड़े (नवप्रदेश ब्यूरो चीफ, कोरिया) शामिल हैं। उन्होंने नवप्रदेश छात्रवृत्ति योजना 2025-26 के अंतर्गत हॉकर परिवार के बच्चों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की। वरिष्ठ पत्रकार पद्मश्री श्री आलोक मेहता ने वीडियो संदेश के माध्यम से नवप्रदेश को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। नवप्रदेश के सम्पादक श्री यशवंत धोटे ने कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, हरिभूमि के प्रधान सम्पादक श्री हिमांशु द्विवेदी, रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल ठाकुर सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित थे।

केदारनाथ में हेलिकॉप्टर क्रैश , पायलट समेत 7 लोगों की मौत

देहरादून उत्तराखंड में केदारनाथ के पास रविवार सुबह एक निजी कंपनी का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हेलिकॉप्टर ने रविवार सुबह 5:24 मिनट पर केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी। हेलिकॉप्टर में पायलट समेत 6 लोग सवार थे। हादसे में सभी लोगोंं के मारे जाने की खबर है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक हादसे की वजह खराब मौसम बताई जा रही है। हादसे की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर रवाना कर दी गई हैं। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इस हादसे पर दुख जताया है। भाषा के रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में केदारनाथ के पास रविवार को एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार छह श्रद्धालुओं समेत 7 लोगों की मौत हो गई।रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यह दुर्घटना गौरीकुंड के जंगलों के ऊपर हुई। इस दुर्घटना में मरने वालों में पायलट और एक शिशु भी शामिल है। उन्होंने बताया कि सुबह लगभग साढ़े पांच बजे हेलीकॉप्टर ने केदारनाथ से गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरी और अचानक यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एसडीआरएफ के हवाले से बताया गया है कि हेलिकॉप्टर हादसे में मरने वालों में कुल 7 लोग शामिल हैं। मृतकों की डिटेल  कैप्टन राजबीर सिंह चौहान – पायलट (जयपुर) विक्रम रावत, बीकेटीसी निवासी रासी ऊखीमठ विनोद देवी (उम्र 66) निवासी उत्तर प्रदेश तृष्टि सिंह (उम्र 19) उत्तर प्रदेश राजकुमार सुरेश जायसवाल (उम्र 41) निवासी गुजरात श्रद्धा राजकुमार जायसवाल, निवासी महाराष्ट्र काशी (उम्र 02 साल) निवासी महाराष्ट्र जानकारी के मुताबिक, यह हेलिकॉप्टर आज सुबह केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी जा रहा एक हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास लापता हो गया था। बता दें कि बीते मई से अब तक उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर क्रैश होने की यह चौथी घटना है। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, ”जनपद रुद्रप्रयाग में हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन एवं अन्य रेस्क्यू दल राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हैं।बाबा केदार से सभी यात्रियों के सकुशल होने की कामना करता हूं।” जिला पर्यटन विकास अधिकारी एवं नोडल हेलिकॉप्टर सेवा राहुल चौबे ने बताया कि आज सुबह एक हेलिकॉप्टर मिसिंग की जानकारी मिली थी। जानकारी मिलते ही इसकी जांच एवं खोजबीन की गई। प्राथमिक जानकारी के अनुसार आर्यन एविएशन का एक हेलिकॉप्टर केदारनाथ धाम से यात्रियों को वापस अपने गुप्तकाशी बेस पर ला रहा था, घाटी में अचानक मौसम खराब हो गया। पायलट ने हेलिकॉप्टर को घाटी से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हेलिकॉप्टर में पायलट के अलावा पांच यात्री एवं एक शिशु भी सवार था। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस बल सहित सभी रेस्क्यू टीमें स्थानीय लोगों के सहयोग से खोज एवं रेस्क्यू कार्य में जुटे हुए हैं, पूरे मामले में जल्द अपडेट दिया जाएगा। हेलिकॉप्टर हादसे पर उत्तराखंड सिविल एविएशन डेवलपमेंट अथॉरिटी (UCADA) ने एक बयान जारी कर कहा, ”आज सुबह करीब 5:20 बजे श्री केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी जा रहा एक हेलिकॉप्टर गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली है। हेलिकॉप्टर में पायलट समेत छह यात्री (5 वयस्क और 1 बच्चा) सवार थे। हेलिकॉप्टर में सवार यात्री उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के हैं। राहत और बचाव के मद्देनजर NDRF और SDRF की टीमें घटनास्थल पर भेज दी गई हैं। एएनआई के मुताबिक, उत्तराखंड एडीजी कानून-व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा, ”गौरीकुंड में लापता हुआ हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया है। दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर में छह लोग सवार थे। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।” बीते दिनों हुए हेलिकॉप्टर हादसे इससे पहले 7 जून को भी उत्तराखंड के केदारनाथ जा रहे एक हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने के बाद उसकी रुद्रप्रयाग जिले में हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी। इस घटना में हेलिकॉप्टर में सवार पांच तीर्थयात्री और एक पायलट बाल-बाल बच गए थे। अधिकारियों ने बताया कि हेलीकॉप्टर ने बड़ासू हेलीपैड से केदारनाथ के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के दौरान तकनीकी खराबी आने के कारण इसे आपात स्थिति में सिरसी के निकट राजमार्ग पर उतारना पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया था कि केस्ट्रेल एविएशन के हेलिकॉप्टर हाईवे के बीच में खड़ा है और यह रिहायशी इमारतों के बहुत करीब था तथा उसके ‘टेल रोटर’ से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई थी। 17 मई को भी ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से आई एक हेली एंबुलेंस उत्तराखंड में केदारनाथ हेलीपैड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। हालांकि उसमें सवार तीनों लोग -एक डॉक्टर, एक पायलट और एक अन्य व्यक्ति सुरक्षित बच गए थे। इससे पहले, 8 मई को उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री धाम जा रहा एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 6 लोगों की मौत हो गई थी ।  

संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय-समय पर जांच ही रोगों से बचाव का मूल मंत्र : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा है। यदि हम संतुलित आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराएं, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के केनाल रोड स्थित झूलेलाल धाम में आयोजित भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे। पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती के अवसर पर इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन पूज्य शदाणी सेवा मंडल, पूज्य बाबा गरीबदास सेवा मंडल, पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, भारतीय सिंधु सभा तथा पूज्य कंधकोट पंचायत द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई और आयुष्मान कार्ड भी बनवाए। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज की अनियमित जीवनशैली, मिलावटी खानपान और प्रदूषित वातावरण के कारण बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ अब आम हो चुकी हैं। यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश लोग भी अब इन बीमारियों से अछूते नहीं हैं। ऐसे में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सिंधी समाज की सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज प्रारंभ से ही सामाजिक सरोकारों में अग्रणी रहा है। उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि जब वे रायगढ़ से सांसद थे, तब से वे सिंधी समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होते रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अवधि में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में चौतरफा विकास हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से छत्तीसगढ़ आज मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है। राज्य निर्माण के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब शासकीय एवं निजी क्षेत्र मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना भी हुई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा देने हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को वय वंदन योजना के अंतर्गत इलाज हेतु 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 से 30 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री ने अंत में स्वास्थ्य शिविर के संयोजक श्री अमित चिमनानी एवं शिविर में सेवा प्रदान करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कार्यक्रम संयोजक श्री अमित चिमनानी, भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष श्री लधाराम जी, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष श्री महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के सेवादार, विशेषज्ञ डॉक्टर एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

16 जून को बरगी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे

भोपाल   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार 16 जून को जबलपुर जिले के बरगी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना, संबल योजना और सिलेंडर रिफिलिंग योजना में हितग्राहियों के खातों में जून माह की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की जून माह की किस्त 1551 करोड़ 44 लाख रूपये अंतरित करेंगे। लाड़ली बहनों को मिलने वाली यह 25वीं किस्त है। योजना में प्रत्येक लाड़ली बहना को प्रत्येक माह 1250 रूपये की राशि उनके खातों में अंतरित की जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रूपए की राशि अंतरित करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री 27 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की 39.14 करोड़ रुपए की राशि भी उनके खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव संबल योजना में 6821 श्रमिक परिवारों की 150 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि का सिंगल क्लिक से अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ वितरण करने के साथ ही अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी करेंगे।  

भारत अपने एयर डिफेंस सिस्टम को तीन स्तरों की मजबूती दे रहा, DRDO का प्रोजेक्ट भारत के लिए गेमचेंजर साबित होगा

नई दिल्ली  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारत ने जिस तरह से पाकिस्तान के मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही खत्म कर दिया, उससे यह साबित हो गया कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम कितना मजबूत है. लेकिन भारत अब और भी खतरनाक तरीके से इसकी ताकत बढ़ाने में लगा है. दरअसल, पाकिस्तान के साथ ही भारत को चीन से भी मुकाबला करना पड़ सकता है और इसीलिए उसे अपने एयर डिफेंस को इतना पावरफुल बनाना होगा, जिससे कि दुश्मनों की कोई भी मिसाइल हमारी सीमा में घुसते ही तबाह हो जाए. इस पर काम भी शुरू हो गया है.  भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख ने घोषणा की कि प्रोजेक्ट कुशा रूस के S-500 के बराबर है और ताकत में S-400 से आगे है. यह इसे भारत के एयर डिफेंस के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ के रूप में स्थापित करता है. इसे 80-90% इंटरसेप्शन सक्सेस रेट के साथ स्टील्थ जेट, ड्रोन, विमान और मैक 7 एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. प्रोजेक्ट कुशा डीआरडीओ द्वारा विकसित की जा रही एक महत्वाकांक्षी स्वदेशी लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) है. इसे विस्तारित रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (ERADS) या प्रेसिजन-गाइडेड लॉन्ग-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (PGLRSAM) के रूप में भी जाना जाता है. प्रोजेक्ट कुशा 80 किलोमीटर एमआर-एसएएम और 400 किलोमीटर एस-400 के बीच की खाई को पाटता है, जो आकाश और बराक-8 जैसे सिस्टम के साथ इंटीग्रेटेड है. यह भारत की आत्मनिर्भरता पहल, ‘आत्मनिर्भर भारत’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. घरेलू समाधान का उद्देश्य क्षेत्रीय खतरों, विशेष रूप से पाकिस्तान और चीन से सुरक्षा को मजबूत करके भारत के हवाई क्षेत्र को हवाई खतरों से बचाना है. मई 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद इस प्रोजेक्ट ने सबका ध्यान खींचा है, जहां एयर डिफेंस सिस्टम ड्रोन और मिसाइलों के खिलाफ महत्वपूर्ण साबित हुई, जिसने कुशा जैसी स्वदेशी क्षमताओं की जरूरत को नोटिस में लाने का काम किया. यूरेशियन टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक, अनुमान लगाया जा रहा है कि 2028-2029 तक यह डिफेंस सिस्टम तैयार हो जाएगा, जिसके बाद यह भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और भारतीय नौसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा देगा. सिस्टम स्पेसिफिकेशन: इंटरसेप्टर मिसाइल: प्रोजेक्ट कुशा की मुख्य ताकत इसके तीन-लेवल वाली इंटरसेप्टर मिसाइल सिस्टम में छिपा है, जिसे अलग-अलग दूरी पर विभिन्न हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. M1 इंटरसेप्टर (150 किमी) मिसाइल कम दूरी पर लड़ाकू जेट, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों जैसे खतरों को टारगेट करेगी. इसका कॉम्पैक्ट 250 मिमी व्यास वाला किल व्हीकल, दोहरे पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर और थ्रस्ट वेक्टर कंट्रोल से लैस है, जो हाई स्पीड और सटीकता को तय करता है, जो इसे जंग के हालात में और भी खतरनाक बना देता है. और ज्यादा रेंज वाली M2 इंटरसेप्टर (250 किमी) मिसाइल एडवांस टारगेट्स को शामिल कर सकती है, जिसमें एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AEW&CS) और एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल (ASBM) शामिल हैं. यह M1 के 250 मिमी किल व्हीकल को साझा करता है, जो मध्यम दूरी के खतरों के खिलाफ चालाकी और सटीकता के लिए अनुकूल है. एम3 इंटरसेप्टर (350-400 किमी), सिस्टम में सबसे लंबी दूरी की मिसाइल है, जिसे बड़े विमानों और संभावित रूप से छोटी और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों (एसआरबीएम और आईआरबीएम) का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसकी विस्तारित सीमा और बढ़ी हुई मारक क्षमता को हासिल करने के लिए इसमें 450 मिमी व्यास का बड़ा किलिंग व्हीकल हो सकता है. कैपेबिलिटी: इन इंटरसेप्टर में 85% की असरदार सिंगल-शॉट किल संभावना है, जो पांच सेकंड के अंतराल पर साल्वो मोड में दो मिसाइलों को लॉन्च करने पर 98.5% तक बढ़ जाती है. मिसाइलों में संभवतः हिट-टू-किल (HTK) तकनीक का उपयोग किया जाता है, जो विस्फोटक वारहेड्स के बजाय काइनेटिक एनर्जी पर निर्भर करती है, जो US THAAD या SM-3 जैसे एडवांस सिस्टम के समान है. रडार और इंफ्रारेड गाइडेंस को मिलाकर ड्यूअल-सीकर टेक्नोलॉजी, लो-रडार-सिग्नेचर टारगेट्स, जैसे कि स्टील्थ एयरक्राफ्ट और क्रूज मिसाइलों को ट्रैक करने और नष्ट करने की उनकी क्षमता को बढ़ाती है. एडवांस रडार सिस्टम: प्रोजेक्ट कुशा का असरदार होना इसकी स्टेट-ऑफ-द-आर्ट रडार सिस्टम्स, विशेष रूप से लॉन्ग रेंज बैटल मैनेजमेंट रडार (LRBMR), एक S-बैंड रडार पर निर्भर करती है, जिसकी डिटेक्शन रेंज 500 किमी से अधिक है. यह रडार दुश्मन के इलाके में 500-600 किमी तक स्कैन कर सकता है, जो स्टील्थ एयरक्राफ्ट, ड्रोन, सटीक-गाइडेड युद्ध सामग्री और बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ शुरुआती चेतावनी देता है. यह सिस्टम भारत के इंटीग्रेटेड एयर कमांड और कंट्रोल सिस्टम (IACCS) के साथ बड़ी आसानी से इंटीग्रेट होती है, जिससे आकाश, MRSAM और S-400 सहित अन्य एयर डिफेंस सिस्टम्स के साथ रियल टाइम तालमेल संभव होता है. इसी तरह से, भारतीय नौसेना अपने अगली पीढ़ी के विध्वंसक के लिए 6×6 मीटर का रडार विकसित कर रही है, जो विशाखापत्तनम कैटेगरी के विध्वंसक के रडार से चार गुना बड़ा है, ताकि 1,000 किलोमीटर तक की दूरी तक मार करने वाली समुद्री मिसाइलों और ASBM का पता लगाया जा सके.

2047 तक MP में वृद्धों की संख्या 57 लाख से बढ़कर 1.82 करोड़ हो जाएगी, युवा आबादी बढ़ने की बजाय घटेगी-रिपोर्ट

भोपाल  1999 में बुजुर्गों के लिए बनी मप्र वृद्धजन नीति में 25 साल बाद सुधार की कवायद शुरू हो गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि मप्र समेत पूरे देश में प्रजनन दर घटती जा रही है। यानी धीरे-धीरे युवाओं की संख्या घट रही है  मध्य प्रदेश की राजधानी को देश की सबसे स्वच्छ राजधानी का खिताब मिला है, कई मामलों में भोपाल देश में टॉप पर है, लेकिन प्रजनन दर के मामले में भोपाल देश ही नहीं बल्कि मध्य प्रदेश में भी सबसे पिछड़ा है. एक ओर जहां मध्य प्रदेश की प्रजनन दर 2.8 है, जो देश के औसत प्रजनन दर 2.3 से 0.5 अधिक है. वहीं भोपाल की प्रजनन दर 2.0 है, यानि यहां प्रति महिला दो बच्चे पैदा होते हैं. प्रजनन दर के मामले में पन्ना जिला अव्वल नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019-2021 की रिपोर्ट के अनुसार “भोपाल में तेजी से प्रजनन दर घट रही है. प्रदेश में भोपाल इस मामले में सबसे निचले पायदान पर है. जबकि सबसे अधिक प्रजनन दर वाले जिलों में पन्ना है. वहां टीएफआर 4.1 है. इसी तरह शिवपुरी का 4.0, बड़वानी में 3.9, विदिशा में 3.9 और छतरपुर का टीएफआर 3.8 है. नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट इसी तरह यदि प्रदेश में टाप 5 सबसे कम प्रजनन दर वाले जिलों की बात करें तो इनमें भोपाल टीएफआर 2.0, ग्वालियर का 2.1, मंदसौर का 2.2, इंदौर 2.2 और दतिया जिले में प्रजनन दर 2.3 है.” आइडियल फर्टिलिटी रेट से कम भोपाल की दर बता दें कि प्रजनन दर यानि टोटल फर्टिलिटी रेट का आशय किसी क्षेत्र में प्रति एक हजार महिलाओं पर पैदा होने वाले बच्चों से है. इसका सीधा मतलब ये है कि संबंधित क्षेत्र की महिलाएं अपने प्रजनन काल में कितने बच्चों को जन्म देती हैं. इसी के आधार पर भविष्य की जनसंख्या का अनुमान लगाया जाता है. भारत में टीआरएफ 2.1 एक आइडियल प्रजनन दर है, लेकिन भोपाल इससे भी पीछे है. हालांकि ये पहली बार नहीं है, इसके पहले किए गए फैमिली हेल्थ सर्वे में भी भोपाल का टीएफआर 2.1 था. साल 2047 तक सबसे अधिक होगी बजुर्गो की संख्या मध्य प्रदेश में फर्टिलिटी रेट कम होने से बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ेगी. स्वास्थ्य एवं परिवार कलयाण मंत्रालय भारत सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 20 से 29 साल के युवाओं की आबादी 1 करोड़ 54 लाख है, लेकिन आने वाले साल यानि वर्ष 2047 तक युवा आबादी बढ़ने की बजाय कम होने लगेगी. जिलेवार फर्टिलिटी रेट  इसके उलट वर्तमान में जहां 60 साल से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों की संख्या 57 लाख के करीब है, वो साल 2045 तक बढ़कर 1 करोड़ 80 लाख से अधिक होगी. यानि 23 साल बाद मध्य प्रदेश की अधिकतर आबादी बुजुर्ग होगी. मध्य प्रदेश के इन जिलों में कम हुई प्रजनन दर यदि फैमिली हेल्थ सर्वे 2011-12 और 2019-21 की रिपोर्ट का विश्लेषण करें, तो भोपाल के मध्य प्रदेश में कई अन्य जिले भी हैं, जहां तेजी से फर्टिलिटी रेट घट रहा है, लेकिन यह आइडियल फर्टिलिटी रेट से अधिक है. इनमें पन्ना, शिवपुरी, बड़वानी, विदिशा और छतरपुर जिलों में टीएफआर तेजी से घट रहा है. जबकि अन्य जिलों में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि इन 10 सालों में रीवा, सीधी, शाजापुर, सिवनी, धार और श्योपुर ऐसे जिले हैं, जहां टीएफआर में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. भोपाल में इसलिए तेजी से घट रही प्रजनन दर नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि “मध्य प्रदेश में शहरी क्षेत्रों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रजनन दर अधिक है. इसका कारण लोगों में जागरुकता और परिवार नियोजन जैसे प्रबंधों का अभाव है. डॉ. रचना दुबे ने बताया कि भोपाल जैसे शहर में परिवार नियोजन को लेकर बड़े स्तर पर काम होता है. नसबंदी को लेकर यहां लोग ज्यादा जागरूक हैं. लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में नसबंदी को लेकर भी भ्रांतियां हैं, जिससे कई बार लोग परिवार नियोजन का सहारा नहीं लेते.”

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर जाएंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बार फिर विदेश यात्रा प्रस्तावित है. वे 5 दिन में 3 देशों की यात्रा करेंगे. पीएम मोदी सबसे पहले साइप्रस जाएंगे. वहां दो दिन (15-16 जून) विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. उसके बाद कनाडा पहुंचेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देंगे. कनाडा में भी पीएम मोदी की दो दिन (16-17 जून) की यात्रा है. पीएम मोदी 18 जून को क्रोएशिया जाएंगे और 19 जून को भारत लौट आएंगे. जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी 15 से 19 जून तक विदेश यात्रा पर रहेंगे और साइप्रस गणराज्य, कनाडा और क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे. यह दौरा तीन देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और यूरोपीय संघ और वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका को और ज्यादा सक्रिय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी आज साइप्रस, कनाडा और क्रोएशिया की पांच दिन की यात्रा पर जाएंगे। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी आज साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जायेंगे। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की दो दशक में साइप्रस की यह पहली यात्रा होगी।  निकोसिया में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के साथ वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे। इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने और भूमध्यसागरीय क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की भागीदारी को मजबूत करने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को मज़बूती मिलेगी।  साइप्रस यात्रा: दो दशक बाद भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडूलाइड्स के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 15-16 जून को साइप्रस की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. यह पिछले दो दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की साइप्रस की पहली यात्रा होगी. निकोसिया में प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति क्रिस्टोडूलाइड्स के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और लिमासोल में व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों का संदेश देगी और मेडिटेरेनियन क्षेत्र और यूरोपीय संघ के साथ भारत की साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में सहयोग बढ़ाएगी. कनाडा यात्रा: PM मोदी छठी बार G-7 समिट में होंगे शामिल यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कनाडा पहुंचेंगे. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर पीएम मोदी 16-17 जून को कनानास्किस में आयोजित होने वाले G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री मोदी लगातार छठी बार G-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी G-7 देशों, आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेषकर AI-ऊर्जा संबंध, और क्वांटम तकनीक से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे. प्रधानमंत्री इस दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. क्रोएशिया यात्रा: भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे. क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रे प्लेंकोविच के निमंत्रण पर भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी, जो दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी. प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलानोविच से भेंट करेंगे. यह यात्रा भारत की यूरोपीय संघ के साझेदार देशों के साथ संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी. यात्रा के दूसरे चरण में, श्री मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 16 जून को कनाडा जाएंगे। यह दौरा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर हो रहा है। शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी-7 देशों के नेताओं, अन्य आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), सहित महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। श्री मोदी शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।     यात्रा के अंतिम चरण में, प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। प्रधानमंत्री मोदी क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और क्रोएशिया के राष्ट्रपति ज़ोरान मिलनोविच से मुलाकात करेंगे। क्रोएशिया की यात्रा यूरोपीय संघ में भागीदारों के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगी। क्रोएशिया यात्रा: 18 जून यात्रा के अंतिम चरण में, पीएम मोदी 18 जून को क्रोएशिया पहुंचेंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर होगी। क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा में पीएम मोदी उनके साथ द्विपक्षीय चर्चा करेंगे और राष्ट्रपति जोरान मिलानोविच से भी मुलाकात करेंगे। क्रोएशिया की यात्रा भारत के यूरोपीय संघ के साथ संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। क्रोएशिया, अपनी समुद्री सुविधाओं और एड्रियाटिक सागर पर बंदरगाहों के कारण, IMEC परियोजनाओं के लिए आकर्षक है। यह यात्रा व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी। सरकारी बयान के अनुसार, पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान भारत और क्रोएशिया के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान, तकनीक, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। भारत और क्रोएशिया के बीच पारंपरिक रूप से सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद, आर्थिक सहयोग और लोगों से लोगों के संपर्क में वृद्धि हुई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का ओंकारेश्वर में अद्वैत लोक कला संग्रहालय की स्वीकृति पर श्रृंगेरी शारदा पीठम ने माना आभार राज्य सरकार ने एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के लिए स्वीकृत किए 2195 करोड़ रुपए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ पधारने का आमंत्रण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम में भव्य ‘अद्वैत लोक कला संग्रहालय’ के निर्माण के लिए 2195 करोड़ राशि स्वीकृत करने पर कर्नाटक के श्रृंगेरी शारदा मठ प्रशासन ने आभार माना है। श्रृंगेरी शारदा पीठम के प्रशासक पी.ए. मुरली ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित कैबिनेट बैठक में अद्वैत लोक संग्रहालय को एकात्मता के वैश्विक केन्द्र (ए ग्लोबल सेंटर ऑफ़ वननेस) के रूप में विकसित करने का निर्णय ऐसिहासिक है। मुरली ने राज्य सरकार के प्रति गहन कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह प्रयास न केवल जगद्गुरु आदि शंकराचार्य की कालातीत शिक्षाओं को समर्पित एक भव्य स्मृति स्वरूप है, बल्कि समूचे विश्व में अद्वैत वेदांत के प्रकाश-स्तंभ के रूप में कार्य करेगा। मुरली ने कहा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम के अंतर्गत प्रथम चरण में 108 फीट ऊंची आदि शंकराचार्य की भव्य प्रतिमा (स्टैचू ऑफ़ वननेस) का लोकार्पण भी श्रृंगेरी मठ के वेदज्ञ पंडितों और विद्वानों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को श्रृंगेरी मठ में आमंत्रित भी किया। उल्लेखनीय है कि जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने आज से 1200 वर्ष पूर्व कर्नाटक की पवित्र तुंगा नदी के तट पर श्रृंगेरी मठ की स्थापना की थी। चार आम्नाय पीठों में प्रथम यह मठ, ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी शारदाम्बा की दिव्य उपस्थिति से पावन है और सदा से ही यह मठ विद्या, आध्यात्म और परंपरा का पूज्य केंद्र रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा है कि सिंहस्थ : 2028 से पहले ओंकारेश्वर को उज्जैन की तरह श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाया जाए। यह स्थान प्रदेश के धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन परिदृश्य में महत्वपूर्ण महत्व रखता है।  

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