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झाबुआ जिले में भी लैंड करेंगे हवाई जहाज, क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम, करोड़ों की लागत से बनेंगे एयरस्ट्रिप, हेलीपैड और बिल्डिंग!

झाबुआ  झाबुआ के गोपालपुरा हवाई पटटी के नए सिरे से निर्माण की दिशा में कयावद शुरू हो गई है। विस्तार के लिए 120 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी। इसमें से वर्तमान में 23.62 हेक्टेयर जमीन पूर्व से हवाई पट्टी के नाम से दर्ज है। इसके अलावा 71.33 हेक्टेयर वन भूमि और 0.41 हेक्टेयर निजी जमीन का अधिग्रहण करना होगा। जबकि पास की 24.64 हेक्टेयर शासकीय जमीन का उपयोग भी इस कार्य के लिए किया जाएगा। विस्तारीकरण के बाद वर्तमान 792 मीटर की हवाई पटटी बढकऱ 1660 मीटर लंबी हो जाएगी। यहां 2 हेलीपेड के साथ 2250 वर्ग मीटर के एक हैंगर का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा अन्य कार्य भी होंगे। जिन पर कुल 95.37 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कलेक्टर नेहा मीना ने प्रस्ताव तैयार करवाकर विमानन आयुक्त को भेज दिया है। सिंहस्थ के दौरान उतर सकेंगे छोटे विमान उज्जैन सिंहस्थ-2028 को देखते हुए जिला मुख्यालय से 4 किमी दूरी स्थित हवाई पट्टी के विस्तार का निर्णय लिया है, ताकि यहां छोटे विमान उतर सके। वर्तमान में एयर स्ट्रीप का उपयोग वीआईपी विजिट के दौरान हेलीकॉप्टर उतारने के लिए किया जाता है। दो बार झाबुआ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हेलीकॉप्टर से यहीं उतरे थे। पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और पीएम श्री धार्मिक पर्यटन हेली सेवा में भी झाबुआ की एयर पट्टी का नाम शामिल है।  1660 मीटर तक बढ़ेगी लंबाई निर्धारित मानक के अनुसार हवाई पटटी की लंबाई बढ़ाकर 1660 मीटर की जाएगी। जबकि चौड़ाई पूर्व की तरह ही 30 मीटर रहेगी। यहां 2 हेलीपेड के निर्माण के साथ प्लेन रखने के लिए हेंगर बनाया जाएगा। 1000 वर्ग मीटर में प्रशासकीय भवन और कर्मचारियों के रहने के लिए आई टाइप के दो मकान भी बनाए जाएंगे। 70 मीटर चौड़ाई में पुलिया का निर्माण होगा। पूरे क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए 6621 मीटर लंबी और 2.10 मीटर ऊंची बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी। झाबुआ जिले में वर्षों से निष्क्रिय पड़ी गोपालपुरा एयर स्ट्रीप को अब सक्रिय बनाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए झाबुआ में हवाई सेवाओं की शुरुआत की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। जिला मुख्यालय से मात्र 4 किलोमीटर दूर स्थित इस एयर स्ट्रीप के विस्तार के लिए लगभग 52 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है, जिसे जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। फिलहाल सीमित उपयोग, रनवे विस्तार की दरकार वर्तमान में यह एयर स्ट्रीप केवल वीआईपी हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए उपयोग की जाती है, क्योंकि इसका रनवे केवल 792 मीटर लंबा है, जो बड़े विमानों की लैंडिंग के लिए पर्याप्त नहीं है। नए प्रस्ताव के तहत रनवे को 2600 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, ताकि छोटे हवाई जहाज भी यहां उतर सकें। इसके साथ ही विमान हेंगर, कंट्रोल रूम, विद्युतीकरण और बाउंड्रीवॉल जैसी आधारभूत संरचनाओं के निर्माण की योजना भी शामिल है। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में वन विभाग की भूमिका रनवे विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता पड़ेगी, जो फिलहाल वन विभाग के अधीन है। ऐसे में वन विभाग से अनुमति लेकर जमीन का हस्तांतरण किया जाना प्रस्तावित है। यह प्रक्रिया जैसे ही पूरी होती है, विस्तारीकरण कार्यों की शुरुआत की जा सकती है। उज्जैन सिंहस्थ में निभाएगा अहम भूमिका सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान इंदौर एयरपोर्ट पर भीड़ अत्यधिक बढ़ सकती है। ऐसे में झाबुआ एयर स्ट्रीप का विकल्प के रूप में विकसित होना न केवल यात्री भार को बांटेगा, बल्कि यहां से सड़क मार्ग द्वारा तीर्थयात्रियों को सीधे उज्जैन पहुंचने की सुविधा भी मिल सकेगी। झाबुआ को पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और धार्मिक पर्यटन हेली सेवा योजनाओं में भी शामिल किया गया है, जो इसके महत्व को और बढ़ाता है। 35 साल पुराना है एयर स्ट्रीप का इतिहास यह एयर स्ट्रीप वर्ष 1989-90 में बनाई गई थी और अब तक इसका उपयोग सीमित रूप से वीआईपी मूवमेंट के लिए होता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने झाबुआ दौरे के दौरान इसी एयर स्ट्रीप पर हेलीकॉप्टर से उतरे थे, जिससे इसकी रणनीतिक उपयोगिता साबित होती है। विफल रही एविएशन ट्रेनिंग सेंटर की योजना वर्ष 2006-07 में इस स्थान पर एक एविएशन ट्रेनिंग सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए राज्य सरकार और एयरोस्पेस एकेडमी ऑफ सेंट्रल इंडिया के बीच करार हुआ और एयर स्ट्रीप को 10 वर्षों के लिए लीज पर दिया गया था। परंतु योजना आगे नहीं बढ़ सकी और बाद में समझौता भी समाप्त हो गया।   विकास को गति मिलेगी गोपालपुरा में स्थित हवाई पटटी के विस्तार का प्रारंभिक प्रस्ताव विमानन आयुक्त को भेजा है। उज्जैन सिंहस्थ को देखते हुए जल्द प्रस्ताव मंजूर होने की उम्मीद है।– नेहा मीना, कलेक्टर, झाबुआ

राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब आर्थिक अपराध की दिशा में बढ़ी,मृतक का करोबार भी संदेह के घेरे में…

इंदौर चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच अब आर्थिक अपराध की दिशा में बढ़ गई है। इस केस में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री हो चुकी है। हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी के साथ-साथ उसके भाई गोविंद रघुवंशी की गतिविधियां भी ईडी के रडार पर आ गई हैं। जांच एजेंसियों को हवाला नेटवर्क और संदिग्ध लेनदेन से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। पूछताछ में राज ने कबूली थी हवाला की बात सूत्रों के मुताबिक, राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किए गए राज कुशवाह के मोबाइल से हवाला ट्रांजेक्शन से जुड़े सबूत मिले हैं। पुलिस को फोन में दस रुपये के नोटों की तस्वीरें भी मिली हैं, जो एक खास कोडवर्ड के रूप में इस्तेमाल की जाती थीं। पूछताछ में राज ने कबूल किया कि वह सोनम और गोविंद के साथ मिलकर हवाला का पैसा इधर-उधर करता था। इंदौर और गुजरात में फैला है बिजनेस जानकारी के अनुसार गोविंद रघुवंशी का श्री बालाजी एक्टिरियो के नाम से प्लायवुड और लेमिनेशन का कारोबार है। उसका ऑफिस इंदौर के मंगल सिटी स्थित मॉल में है, जबकि गोदाम समरपार्क (कमल विहार) निपानिया इलाके में स्थित है। क्राइम ब्रांच ने हवाला और नकद लेनदेन से जुड़ा पूरा ब्योरा ईडी को सौंप दिया है, जिसके बाद ईडी ने विस्तृत जानकारी मांगी है। अब गोविंद से जुड़े जितेंद्र रघुवंशी के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है, जिनके जरिए सोनम ने ट्रांजेक्शन किए थे। सोनम रघुवंशी ने हत्यारों को हवाला के जरिए पहुंचाया पैसा जांच में पता चला है कि सोनम रघुवंशी ने अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के लिए कथित तौर पर हवाला के जरिए हत्यारों को पैसे पहुंचाए हैं। इस मामले में जितेंद्र रघुवंशी का नाम भी सामने आ रहा है, जिसके बैंक खाते से 23 मई 2025 को हत्यारों को शुरुआती पेमेंट की गई थी। सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। गोविंद का कहना है कि जितेंद्र उनके चचेरे भाई हैं और पारिवारिक बिजनेस में जूनियर कर्मचारी की भूमिका निभाते हैं। उनका बैंक खाता सिर्फ सामान्य व्यावसायिक लेनदेन के लिए इस्तेमाल किया जाता है न कि हवाला के लिए। गोविंद ने हवाला के दावों को कोरी और बनावटी कहानियां बताया है। सोनम और कथित प्रेमी राज के फोन में मिलीं नोटों की तस्वीरें बताया जा रहा है कि जांच के दौरान पुलिस को सोनम के कथित प्रेमी और सह-आरोपी राज कुशवाह के फोन में टूटे हुए नोटों की तस्वीरें मिली हैं। जो हवाला लेनदेन की ओर इशारा करती हैं।खबर है कि राज ने मध्य प्रदेश के पीथमपुर में एक हवाला डीलर से 50,000 रुपए लिए थे, जो हत्यारों तक पहुंचाए गए। ऐसे में हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के चलते इस मामले में ईडी की जांच की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।पुलिस इस केस में सोनम के परिवार के एचपीएल शीट्स बिजनेस की भी छानबीन कर रही है, जिसमें राज कुशवाह कथित तौर पर पैसे का लेनदेन देखता था। सोनम के भाई ने उसके खाते में 15 लाख रुपए, कहां से आए ये पता नहीं बता दें कि सोनम के भाई गोविंद रघुवंशी का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वो सोनम के खाते में पड़े 15 लाख रुपए की बात कह रहे हैं। गोविंद ने बताया कि पिछले एक महीने से सोनम के खाते में 15 लाख रुपए हैं। लेकिन वो कहां से आए हैं, इस बारे में उन्हें कुछ भी जानकारी नहीं है। दंपति के खातों से असामान्य लेन-देन दर्ज बताया जा रहा है कि मामले की जांच में दंपति के खातों में असामान्य लेन-देन की बात सामने आई है। इस लेन-देन में अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिक्शन भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक राजा रघुवंशी के कारोबार में पिछले कुछ महीनों में बड़ी मात्रा में कैश का फ्लो नजर आया है। जो संदेह को गहरा कर रहा है। तीन राज्यों की पुलिस उलझी राज रघुवंशी की हत्या और सोनम रघुवंशी की प्रेम कहानी का ये मामला अब उलझता जा रहा है। तीन राज्यों मेघालय, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस मिलकर इस हत्याकांड की परतें खोलने में जुटी हैं।राजा-सोनम रघुवंशी के इस मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है, अब देखना होगा कि ईडी कब इस मामले की आधिकारिक जांच शुरू करती है और क्या नये खुलासे हो सकते हैं। सोनम के नार्को टेस्ट की उठी मांग इस बीच, राजा रघुवंशी के परिजनों ने सोनम के नार्को टेस्ट की मांग की है। भाई सचिन और विपिन रघुवंशी का कहना है कि मामले की परतें खुलनी बाकी हैं और सोनम कई सच्चाइयों को छिपा रही है। शिलांग पुलिस ने गोविंद रघुवंशी को भी पूछताछ के लिए तलब किया है। शुक्रवार को उसे ईस्ट खासी हिल्स थाने से कॉल आया, जिसमें जल्द शिलांग पहुंचने को कहा गया है। राजा के परिजन लगा रहे गंभीर आरोप परिजनों का यह भी आरोप है कि सोनम की मां को प्रेम प्रसंग की पूरी जानकारी थी, फिर भी उसने चुप्पी साधे रखी। वहीं सोनम के पिता देवीसिंह भी कई अहम जानकारी छिपाते रहे। सगाई के बाद उन्होंने सभी कर्मचारियों को तो मिलवाया, लेकिन राज को कभी सामने नहीं लाए। अब परिजनों को उम्मीद है कि नार्को टेस्ट से सच सामने आएगा।

एमपी में आंधी बारिश का कहर, बेरछा और पीर अमरूद स्टेशनों के बीच आंधी में रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा पेड़ गिरा

उज्जैन  मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में तेज आंधी और तूफान ने लगातार दूसरे दिन ट्रेन संचालन को रोक दिया। शनिवार दोपहर बेरछा और पीर अमरूद स्टेशनों के बीच आंधी में रेलवे ट्रैक पर एक बड़ा पेड़ गिर गया जिसके कारण भोपाल से दाहोद जा रही ट्रेन नंबर 19340 को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। ट्रैक पर पेड़ गिरने के कारण भोपाल-दाहोद ट्रेन करीब एक घंटे से ज्यादा वक्त तक ट्रैक पर ही खड़ी रही।   लगातार दूसरे दिन रेलवे ट्रैक पर गिरा पेड़ शनिवार को उज्जैन जिले में एक बार फिर तेज आंधी तूफान ने जनजीवन पर असर डाला है। बेरछा स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर तेज आंधी के कारण एक बड़ा पेड़ गिर गया जिसके कारण भोपाल से दाहोद जा रही ट्रेन एक घंटे से भी ज्यादा वक्त के लिए खड़ी रही। रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से आरा मशीन से पेड़ को काटकर अलग किया और विद्युत लाइन की मरम्मत कर रेल संचालक शुरू कराया। रतलाम रेल मंडल के पीआरओ खेमराज मीणा ने बताया कि बड़नगर और फतेहाबाद स्टेशन के बीच ट्रैक बाधित हुआ था। हमारी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रैक और लाइन को दुरुस्त कर दिया, जिसके बाद ट्रेन को रवाना किया गया। शुक्रवार को बड़नगर-इंदौर ट्रैक पर गिरा था पेड़ बता दें कि शुक्रवार को भी बड़नगर क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश के चलते रेलवे ट्रैक बाधित हुआ था। बड़नगर-इंदौर ट्रैक पर पेड़ गिरने से महू जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को करीब एक घंटे रोका गया था। तेज हवाओं से कई घरों की टिन की छतें उड़ गईं और गोदामों के शेड बिखर गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग तेज तूफान से बचने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए।

मुख्यमंत्री यादव ने हाल ही में ‘एमपी-टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव’ 2025 में एक डेडिकेटेड स्पेस-टेक नीति बनाने की घोषणा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में ‘एमपी-टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव’ 2025 में एक डेडिकेटेड स्पेस-टेक नीति बनाने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रदेश को भविष्य के स्पेस टेक्नोलॉजी और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने की सोच को मूर्त रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने के उद्देश्य से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर में “एमपी स्पेस-टेक नीति परामर्श: संभावनाएँ और चुनौतियाँ” विषय पर विचार-विमर्श हुआ। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एसीएस श्री संजय दुबे ने बताया कि प्रदेश की स्पेस-टेक पॉलिसी अगस्त 2025 तक जारी कर दी जायेगी। इसके लिये रोडमैप तैयार किया जा चुका है। “एमपी स्पेस-टेक नीति परामर्श: संभावनाएँ और चुनौतियाँ” विषय पर हुए संवाद में 30 से अधिक प्रमुख विशेषज्ञ, शोध संस्थान, स्टार्ट-अप प्रतिनिधि, रक्षा और तकनीकी क्षेत्र के अधिकारियों तथा शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञों ने परामर्श दिया। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के एसीएस श्री दुबे ने आईआईटी इंदौर में हुए इस संवाद को अत्यंत सार्थक बताया।उन्होंने कहा कि हमारी स्पेस-टेक नीति आधारभूत संरचना या नीतिगत प्रोत्साहनों तक सीमित नहीं रहेगी। यह नीति में संबंधित नवाचारों को प्रोत्साहन, प्रतिभाओं को राज्य में बनाए रखने और प्रदेश को स्पेस-टेक के क्षेत्र में एक सशक्त दावेदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। स्पेस-टेक पर हुए संवाद में आईईटी इंदौर के शोध और विकास के डीन प्रो. अभिरूप दत्ता और निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने कहा, कि स्पेस-टेक केवल उपग्रहों तक ही सीमित नहीं है, यह इंजीनियरिंग, मटेरियल साइंस, डाटा मैनेजमेंट और राष्ट्रीय क्षमताओं का संगम है। उज्जैन में ऑप्टिक्स एवं ऑप्टिकल कम्युनिकेशन क्लस्टर की स्थापना, क्षेत्रीय डाटा सेंटर और सैटेलाइट ग्राउंड स्टेशन का विकास, पेलोड और कम्पोनेंट निर्माण के लिए मेक-इन-इंडिया को बढ़ावा देना, डोमेन-स्पेसिफिक स्किलिंग, स्पेस सिस्टम्स में साइबर सुरक्षा और नवाचार को सहयोग दिये जाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने सपेस-टेक पॉलिसी निर्माण में रिमोट सेंसिंग और कोर स्पेस-टेक के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण अपनाये जाने पर जोर दिया। स्पेस-टेक पॉलिसी पर हुए विचार-विमर्श के परामर्श सत्र में इसरो-इन-स्पेस एमसीएफ भोपाल, एनआरएससी, डीआरडीओ-सीएआईआर, सी-डॉट, राजा रमन्ना उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र, मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेली-कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और आईआईटी इंदौर के प्रतिनिधियों एवं एसआईए-इंडिया, ट्रेड प्रमोशन काउंसिल फॉर जियो-स्पेशियल एंड स्पेस इंडस्ट्री जैसे निकाय और कई नवाचार स्टार्ट-अप्स के प्रतिनिधि शामिल हुये। निजी संगठनों में अभ्युदय, स्पेक्ट्रागेज़, सोअरिंग एयरोटेक, अफर्मिटी कॉर्प और ओमएग्री जैसे संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।  

सीएम साय बोले – अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा है. यदि हम संतुलित आहार लें, नियमित रूप से व्यायाम करें और समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराएं, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है. मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के केनाल रोड स्थित झूलेलाल धाम में आयोजित भव्य निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे. पूज्य बाबा गुरुदास राम साहेब जी की 94वीं जयंती के अवसर पर इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन पूज्य शदाणी सेवा मंडल, पूज्य बाबा गरीबदास सेवा मंडल, पूज्य छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत, भारतीय सिंधु सभा तथा पूज्य कंधकोट पंचायत द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से किया गया. शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई और आयुष्मान कार्ड भी बनवाए. शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं प्रदान की. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज की अनियमित जीवनशैली, मिलावटी खानपान और प्रदूषित वातावरण के कारण बीपी और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ अब आम हो चुकी हैं. यहां तक कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेहनतकश लोग भी अब इन बीमारियों से अछूते नहीं हैं. ऐसे में इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन अत्यंत सराहनीय पहल है. मुख्यमंत्री साय ने सिंधी समाज की सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज प्रारंभ से ही सामाजिक सरोकारों में अग्रणी रहा है. उन्होंने स्मरण करते हुए कहा कि जब वे रायगढ़ से सांसद थे, तब से वे सिंधी समाज के विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होते रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस अवधि में स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों में चौतरफा विकास हुआ है. स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से छत्तीसगढ़ आज मेडिकल हब के रूप में उभर रहा है. राज्य निर्माण के समय जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं अब शासकीय और निजी क्षेत्र मिलाकर 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं. निजी क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों की स्थापना भी हुई है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाएं सुदृढ़ हुई हैं. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी प्रारंभ किए गए हैं. उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बेहतर इलाज की सुविधा देने हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है. साथ ही, 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को वय वंदन योजना के अंतर्गत इलाज हेतु 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है. इसी प्रकार, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के अंतर्गत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 25 से 30 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है. मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से भी पात्र मरीजों को आर्थिक सहायता दी जाती है. मुख्यमंत्री ने अंत में स्वास्थ्य शिविर के संयोजक अमित चिमनानी और शिविर में सेवा प्रदान करने वाले डॉक्टरों को सम्मानित किया. इस अवसर पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब, धमतरी महापौर रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कार्यक्रम संयोजक अमित चिमनानी, भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष लधाराम, छत्तीसगढ़ सिंधी पंचायत के अध्यक्ष महेश दरयानी सहित सिंधी समाज के सेवादार, विशेषज्ञ डॉक्टर और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशा

रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक नया आयाम स्थापित किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीति के चलते आज प्रदेश का प्राथमिक से लेकर हायर सेकण्डरी तक कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं रह गया है। राज्य की एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में 80 प्रतिशत की कमी आई है।  यह परिवर्तन युक्तियुक्तकरण के माध्यम से संभव हो सका है, जिसका उद्देश्य राज्य के शैक्षणिक संसाधनों का न्यायसंगत उपयोग, शिक्षकों की तर्कसंगत पदस्थापना और शिक्षा के अधिकार अधिनियम व नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप शालाओं में आवश्यकता के अनुरुप शिक्षकों की पदस्थापना रहा है ।  गौरतलब है कि युक्ति -युक्त करण से पर्व प्रदेश में 453 विद्यालय शिक्षक विहीन  और 5936 विद्यालयों में मात्र एक ही शिक्षक पदस्थ था। विशेषकर सुकमा, नारायणपुर और बीजापुर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील जिलों में यह समस्या अधिक थी। इस विसंगति को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने जिला, संभाग और राज्य स्तर पर तीन चरणों में शिक्षकों की  काउंसलिंग की प्रक्रिया चलाई। इसके परिणामस्वरूप, आज प्रदेश का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है और सभी हाई स्कूलों में न्यूनतम आवश्यक शिक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने युक्ति- युक्तकरण के जरिये स्कूलों में शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास की सराहना करते हुए  कहा कि हमने यह ठान लिया था कि छत्तीसगढ़ में अब कोई बच्चा शिक्षक के बिना नहीं पढ़ेगा। युक्तियुक्तकरण के माध्यम से हम न केवल शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन कर रहे हैं, बल्कि एक मजबूत और समान शिक्षा प्रणाली की नींव भी रख रहे हैं। यह सिर्फ स्थानांतरण नहीं, यह शिक्षा में न्याय की पुनर्स्थापना है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि एकल शिक्षकीय शालाओं की स्थिति में सुधार सरकार की प्राथमिकताओं में है और आगामी महीनों में पदोन्नति और नई नियुक्तियों के माध्यम से इन विद्यालयों में अतिरिक्त शिक्षक भेजे जाएंगे। राज्य सरकार अब उन 1207 प्राथमिक विद्यालयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जहां अभी भी एक शिक्षक है। इसके समाधान हेतु प्राथमिक शाला प्रधान पाठकों की पदोन्नति, शिक्षकों की पदस्थापना तथा भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति बनाई गई है। राज्य में एकल शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालयों में बस्तर जिले में  283, बीजापुर 250,सुकमा 186,मोहला -मानपुर – चौकी 124,कोरबा 89, बलरामपुर 94,नारायणपुर 64,धमतरी 37,सूरजपुर 47,दंतेवाड़ा 11,अन्य जिले में मात्र 22 शालाएं है। इन शालाओं में जल्द ही आवश्यकता के अनुसार शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास शिक्षा को समावेशी बनाने और हर बच्चे को शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर उपलब्ध कराना है। इस पूरी प्रक्रिया ने यह साबित किया है कि युक्तियुक्तकरण केवल प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि यह एक सामाजिक न्याय आधारित शिक्षा सुधार है, जिसके केंद्र में हर बच्चा, हर गांव, हर स्कूल है।

शुभांशु शुक्ला कब भरेंगे अंतरिक्ष की उड़ान, ISRO ने बताई नई तारीख

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना के पायलट और इसरो के नए नवेले अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अब 19 जून 2025 को अंतरिक्ष के लिए रवाना होंगे। Ax-04 मिशन की लॉन्चिंग की नई तारीख की आधिकारिक पुष्टि की गई है। इसे पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था। इसे फ्लोरिडा स्थित NASA के केनेडी स्पेस सेंटर से लॉन्च किया जाएगा। आपको बता दें कि यह Axiom Space, SpaceX और ISRO का संयुक्त मिशन है। इसके साथ ही शुभांशु शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले भारत के चुनिंदा अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल हो जाएंगे। लिक्विड ऑक्सीजन लीक की समस्या हल पिछले हफ्ते, 10 जून 2025 को Axiom-4 मिशन की शुरुआत टल गई थी, क्योंकि फाल्कन 9 रॉकेट में लिक्विड ऑक्सीजन लीक मिला था. यह लीक रॉकेट के बूस्टर में पाया गया था, जिससे लॉन्च को रोकना पड़ा. ISRO, Axiom Space और SpaceX के विशेषज्ञों ने मिलकर इस समस्या को सुलझाया.  बैठक में बताया गया कि लीक की मरम्मत पूरी हो गई है. रॉकेट के बूस्टर को फिर से जांचा गया और अब यह सुरक्षित है. ISRO के चेयरमैन ने इस फैसले की तारीफ की और कहा कि सुरक्षा पहले है. इसके बाद, टीम ने मिशन को फिर से शुरू करने की योजना बनाई. Zvezda सर्विस मॉड्यूल की जांच दूसरी ओर, Axiom Space ने NASA के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर Zvezda सर्विस मॉड्यूल में एक दबाव की असामान्यता (pressure anomaly) की जांच शुरू की है. यह मॉड्यूल रूस का हिस्सा है. हाल ही में इसकी मरम्मत की गई थी.  इससे पहले Falcon 9 रॉकेट में लिक्विड ऑक्सीजन लीकेज की समस्या सामने आई थी, जिसे SpaceX के इंजीनियरों ने अब पूरी तरह ठीक कर दिया है। इसरो, Axiom Space और SpaceX के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के बाद मिशन को हरी झंडी दी गई। अंतरिक्ष में भारत के प्रयोग इस मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला भारत द्वारा डिजाइन किए गए सात वैज्ञानिक प्रयोग करेंगे और NASA के साथ संयुक्त शोध में भी भाग लेंगे। यह भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन कार्यक्रम के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। Axiom Space और NASA फिलहाल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के Zvezda सर्विस मॉड्यूल में सामने आई दबाव असमान्यता (pressure anomaly) की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि यह समस्या Ax-04 मिशन से संबंधित नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सुरक्षा के महत्व को रेखांकित करती है। Ax-04 मिशन Axiom Space की उस दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत वे दुनिया का पहला कॉमर्सियल अंतरिक्ष स्टेशन विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। Axiom Space ने कहा कि वे NASA के साथ मिलकर इस समस्या का हल निकाल रहे हैं. यह जांच मिशन की सुरक्षा के लिए जरूरी है. अभी तक कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन सावधानी बरती जा रही है. Ax-04 मिशन की नई तारीख: 19 जून 2025 Axiom Space ने अब Ax-04 मिशन के लिए नई लॉन्च तारीख 19 जून 2025 तय की है. यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला सहित चार लोगों को ISS पर ले जाएगा. लॉन्च फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से होगा.  फाल्कन 9 रॉकेट और ड्रैगन अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल होगा. मिशन में वैज्ञानिक प्रयोग और अंतरिक्ष में मानव जीवन का अध्ययन शामिल है. शुभांशु शुक्ला भारत के पहले गगनयात्री होंगे, जो इस मिशन के जरिए अंतरिक्ष में जाएंगे. हाल की चुनौतियां और सफलता इससे पहले, Ax-04 मिशन की शुरुआत कई बार टली. मई 2025 में खराब मौसम और जून में लिक्विड ऑक्सीजन लीक के कारण देरी हुई. लेकिन अब टीम का कहना है कि सारी समस्याएं हल हो गई हैं. SpaceX ने कहा कि वे रेंज की उपलब्धता के बाद नई तारीख की पुष्टि करेंगे. ISRO ने भी इस मिशन में तकनीकी सहायता दी है, जो भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए गर्व की बात है.

बालाघाट में बड़ा नक्सल ऑपरेशन, पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 3 महिला नक्सली समेत चार ढेर

 बालाघाट मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई एक मुठभेड़ में 4 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। यह मुठभेड़ पचामा दादर के पहाड़ी क्षेत्र में हुई। पिछले कुछ समय से बालाघाट जिले में नक्सली गतिविधियां बढ़ी थीं और इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सूत्रों के अनुसार, इस मुठभेड़ में तीन महिला नक्सली और एक पुरुष नक्सली मारे गए। पुलिस ने की हथियारों की बरामदगी मध्य प्रदेश पुलिस और हॉक फोर्स ने इस मुठभेड़ में महत्वपूर्ण हथियार बरामद किए, जिनमें एक ग्रेनेड लॉन्चर और एसएलआर शामिल हैं। यह पुलिस की नक्सल उन्मूलन के प्रयासों में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। मारे गए नक्सलियों से हथियारों के अलावा अन्य उपकरण भी मिले हैं। फिलहाल, मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन जारी है और शवों की बरामदगी की उम्मीद जताई जा रही है। नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों कर रहे लगातार कार्रवाई यह मुठभेड़ बालाघाट जिले के लांजी थाना क्षेत्र के आसपास हुई, जहां पहले भी कई बार नक्सली गतिविधियों की खबरें आई थीं। इससे पहले भी पुलिस चौकी डाबरी में माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई थी, जिसमें सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग कर नक्सलियों को भगाने में सफलता प्राप्त की थी। इस मुठभेड़ में 20 से 30 राउंड फायरिंग की गई थी। आदित्य मिश्रा की अगुवाई में मिली बड़ी सफलता बालाघाट में नक्सल उन्मूलन के लिए नए एसपी आदित्य मिश्रा की अगुवाई में यह बड़ी सफलता मिली है। मिश्रा ने नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है और उनकी कोशिशों से पुलिस को इस मुठभेड़ में सफलता मिली है। नक्सलियों के खिलाफ जारी इस अभियान से राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही इस खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सकेगा।  जवानों की बड़ी सफलता मिशन 2026 के मद्देनजर इसे हॉक फोर्स और बालाघाट पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। जहां लगातार एक्शन से नक्सलियों के मारे जाने के साथ ही उनके मंसूबो को नाकामयाब करने में पुलिस और फोर्स लगातार जुटी हुई है। हाल ही में नवागत पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्र ने बालाघाट एसपी का पदभार ग्रहण किया हैं। जिसमें उन्होंने मिशन 2026 को प्राथमिकता बताते हुए बालाघाट ने नक्सलवाद से उन्मूलन की बात कही थी। वहीं पद संभालने के 1 सप्ताह के भीतर ही बालाघाट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मिशन के लिए तैयार जवान इससे पहले भी पुलिस चौकी डाबरी में माओवादियों के साथ मुठभेड़ हुई थी, जिसमें सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग कर नक्सलियों को भगाने में सफलता प्राप्त की थी। इस मुठभेड़ में 20 से 30 राउंड फायरिंग की गई थी। सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बनाई है और उनकी कोशिशों से पुलिस को इस मुठभेड़ में सफलता मिली है। नक्सलियों के खिलाफ जारी इस अभियान से राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही इस खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सकेगा। मुठभेड़  में 4 नक्सली ढेर हुए हैं- ADG पंकज श्रीवास्तव ADG पंकज श्रीवास्तव ने इस मामले पर आधिकारिक जानकारी दी है. बालाघाट नक्सली मुठभेड़ मामले में उन्होंने कहा कि अब तक कुल 4 नक्सली ढेर हुए हैं. 3 महिला 1 पुरुष नकस्ली की मारे जाने की पुष्टी की है. नक्सलियों के पास से 1 ग्रेनेड लॉन्चर 1 SLR और खाने- पीने के समान थे. जिसे बरामद कर लिया गया है. नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन अभी जारी…  

‘चोकर्स’ से चैंपियन बनी साउथ अफ्रीका, मारक्रम अकेले पूरी ऑस्ट्रेलिया पर भारी, घमंड हुआ चकनाचूर

लंदन   नई दिल्ली। आईसीसी टूर्नामेंट के नॉक आउट मुकाबलों में अक्‍सर चोक करने वाली साउथ अफ्रीका टीम ने अब यह ठप्‍पा हटा दिया है। प्रोटियाज टीम अब चोकर्स नहीं चैंपियन बन चुकी है। लंदन के लॉर्ड्स में खेले गए वर्ल्‍ड टेस्‍ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में साउथ अफ्रीका ने ऑस्‍ट्रेलिया को 5 विकेट से हराया। इसके साथ ही साउथ अफ्रीका टीम ने एक अनचाहा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। साउथ अफ्रीका टीम ने 27 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी जीती है। इससे पहले 1998 में प्रोटियाज टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। इसके साथ ही प्रोटियाज टीम आईसीसी के दो टाइटल के बीच सबसे लंबा इंतजार करने वाली टीम बन गई है। उन्‍होंने वेस्‍टइंडीज को पीछे छोड़ दिया है। वेस्‍टइंडीज ने 2 आईसीसी ट्रॉफी के लिए 25 साल का इंतजार किया था। विंडीज टीम ने 1979 में वनडे विश्‍व कप और 2004 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। इस लिस्‍ट में तीसरे नंबर पर भारतीय टीम आ गई है। भारत को 2 आईसीसी ट्रॉफी के लिए 19 साल का इंतजार करना पड़ा था। कपिल देव की कप्‍तानी वाली भारतीय टीम ने पहली बार 1983 में वनडे विश्‍व कप जीता था। इसके बाद 2002 में टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्‍जा जमाया था। एडन मार्करम 136 रन बनाकर लौटे पवेलियन दक्षिण अफ्रीका के स्टार बल्लेबाज एडन मार्करम 207 गेंद में 136 रन बनाकर पवेलियन लौट गए हैं। जोश हेजलवुड ने उन्हें आउट किया। अफ्रीका को पांचवां झटका लगा है।  बावुमा-मार्करम ने पलट दिया मैच टारगेट का पीछा करते हुए साउथ अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 70 रनों के स्कोर पर दूसरा विकेट गंवा दिया था. यहां से एडेन मार्करम और कप्तान टेम्बा बावुमा ने क्रीज पर खूंटा गाड़ दिया. दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 147 रनों की पार्टनरशिप हुई, जिसने साउथ अफ्रीका का काम आसान कर दिया. इस साझेदारी के दौरान मार्करम ने 11 चौके की मदद से 101 गेंदों पर शतक पूरा किया. यह उनके टेस्ट करियर का आठवां शतक रहा. मार्करम ऐसे पहले साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज बन गए, जिन्होंने आईसीसी इवेंट के फाइनल मे शतक जड़ा. दूसरी ओर टेम्बा बावुमा भी हैमस्ट्रिंग इंजरी से जूझने के बावजूद बेहतरीन पारी खेलने में कामयाब रहे. बावुमा ने 134 गेंदों पर 66 रन बनाए, जिसमें पांच चौके शामिल रहे. बावुमा को विपक्षी कप्तान पैट कमिंस ने चलता किया. ट्रिस्टन स्टब्स कुछ खास नहीं कर पाए और 8 रन बनाकर मिचेल स्टार्क का शिकार बने. यहां से मार्करम और डेविड बेडिघम ने पांच विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी करके साउथ अफ्रीका को जीत के करीब पहुंचा. जब साउथ अफ्रीका को जीतने के लिए 6 रन बनाने थे, तब मार्करम आउट हुए. मार्करम को जोश हेजलवुड ने चलता किया. मार्करम ने 207 गेंदों पर 136 रन बनाए, जिसमें 14 चौके शामिल रहे.  

इंदौर के उत्कर्ष ने NEET UG में रचा इतिहास, प्राप्त की दूसरी रैंक; टॉप 100 में MP के 4 स्टूडेंट

इंदौर  नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शनिवार को NEET UG 2025 का बहुप्रतीक्षित परिणाम घोषित कर दिया है। इस बार भी मध्यप्रदेश के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इंदौर के उत्कर्ष अवधिया ने 99.9 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल कर पूरे राज्य को गर्वित किया है। टॉप 100 में एमपी से कुल 4 छात्र टॉप 100 में एमपी से कुल 4 छात्र शामिल हैं। अगम जैन (AIR 45), अनुभव पांडे (AIR 79) और मोहित भारती (AIR 82)। वहीं छिंदवाड़ा की स्तुति पांडे ने 18302वीं रैंक हासिल की है। इस साल मध्यप्रदेश के 60,346 छात्रों ने NEET परीक्षा क्वालिफाई की है। उम्मीदवार neet.nta.nic.in पर जाकर अपना स्कोर चेक कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने लॉगिन डिटेल्स (एडमिट कार्ड नंबर और जन्मतिथि) का उपयोग करना होगा। बता दें, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने याचिका दायर करने वाले 75 उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी सभी के नीट यूजी परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित करने के निर्देश दिए हैं। नीट यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है, इसमें करीब 20 लाख छात्र MBBS और BDS सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। मेडिकल प्रवेश परीक्षा 4 मई को आयोजित की गई थी। रिजल्ट जारी होने से वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक है। ऐसे में सर्वर डाउन या वेबसाइट स्लो होने पर घबराएं नहीं। ये हैं टॉप 10 स्टूडेंट राजस्थान के हनुमानगढ़ के महेश केसवानी ने टॉपर हैं, उन्हें 720 में से 686 मार्क्स मिले हैं. मध्य प्रदेश के उत्कर्ष अवधिया की दूसरी और महाराष्ट्र के कृषांग जोशी की तीसरी रैंक है. उसके बाद दिल्ली के मृणाल की चौथी, अविका की 5वीं रैंक है. गुजरात के जेनिल की 6वीं पंजाब के केशव की 7वीं, गुजरात की झा भाव्या चिराग की 8वीं, दिल्ली के हर्ष की 9वीं और महारष्ट्र के आरव की 10 वीं रैंक है. टॉप 10 में एक लड़की है. दिल्ली की अविका अग्रवाल को फीमेल कैटेगरी में पहला स्थान मिला है. यहां देखें परिणाम NEET UG Result 2025 Online Link छात्रों को परीक्षा का परिणाम देखने के लिए सबसे पहले नीट की आधिकारिक वेबसाइट ‘https://neet.nta.nic.in/’ पर जाना होगा. वेबसाइट के होमपेज पर नीट 2025 रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें. इसके बाद अपना लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें और सबमिट करें. इसके बाद रिजल्ट देखें और स्कोरकार्ड डाउनलोड कर लें. परीक्षा परिणाम जारी करने से पहले एनटीए ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर नीट यूजी परीक्षा 2025 की अंतिम उत्तर कुंजी जारी कर दी है. प्रदेश में कुल MBBS की 4938 सीटें मध्यप्रदेश में MBBS की कुल सीटों की संख्या 4938 है। इनमें से 17 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2488 सीटें और 13 निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 2450 सीटें हैं। काउंसलिंग में एमबीबीएस के साथ बीडीएस में भी दाखिला दिया जाएगा। प्रदेश में 13 निजी डेंटल कॉलेज हैं जिसमें कुल बीडीएस की कुल 1220 सीटें हैं। इन साइट्स पर भी देख सकते हैं स्कोरकार्ड NEET UG Scorecard Download नीट यूजी 2025 का परीक्षा परिणाम और स्कोरकार्ड देखने के लिए इन वेबसाइट्स और एप का उपयोग किया जा सकता है. nta.ac.in examinationservices.nic.in UMANG ऐपDigiLocker एप / वेबसाइट NEET UG का रिजल्ट प्रक्रिया How to Check NEET UG Result 2025 Online यहां पर रिजल्ट चेक करने लिए स्टेप दर स्टेप पूरी प्रक्रिया समझायी गई है. आप इसे फॉलो करके रिजल्ट चेक कर सकते हैं. मोबाइल या कंप्यूटर ब्राउजर में neet.nta.nic.in खोलें. उसके बाद NEET UG 2025 रिजल्ट या View Result लिंक पर क्लिक करें. पोर्टल खुलने पर अपना आवेदन संख्या यानी Application Number, जन्म तिथि (Date of Birth) डालें और सिक्योरिटी (Security Pin) दर्ज करें. उसके बाद Submit बटन पर क्लिक करें. आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा.आप इसे डाउनलोड करके भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रख सकते हैं. 75 स्टूडेंट के रिजल्ट पर रोक इंदौर के परीक्षा केंद्रो पर NEET UG परीक्षा देने वाले 75 स्टूडेंट्स ने शिकायत की थी कि 4 मई को आंधी-तूफान और बिजली चली जाने की वजह से उनका पेपर बिगड़ गया. इस पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में दायर याचिकाओं पर 9 जून को सुनवाई हुई थी. कोर्ट ने कहा था कि NTA इन 75 कैंडिडेट्स को छोड़कर बाकी सभी का रिजल्‍ट जारी कर सकता है. इन 75 छात्रों का रिजल्ट बाद में जारी किया जाएगा. इसके बाद NEET UG 2025 की फाइनल मेरिट बनेगी. NEET UG 2025 की परीक्षा 4 मई को हुई थी. इसमें 20.08 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे, वहीं इनमें से 112.3 लाख स्टूडेंट्स क्वालीफाई हुए हैं.  भारत में MBBS कोर्स के लिए कुल 1,18,190 सीटें हैं. एकेडमिक सेशन 2024-25 के दौरान इनमें से 1,15,250 सीटों पर दाखिला हुआ था. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी NEET UG 2025 के जरिए 15% ऑल इंडिया कोटा के तहत MBBS और BDS सीटों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित करती है.

भारत में कोरोना केस 7 हजार के पार, पंजाब ने जारी की नई एडवाइजरी

नई दिल्ली देशभर में एक बार फिर कोरोना संक्रमण के मामलों में इजाफा देखा जा रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए अब पंजाब सरकार ने भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक नई एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें खासतौर पर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और स्वास्थ्यकर्मियों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है. पंजाब सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि संक्रमण से बचाव हो सके. इसके अलावा लोगों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की गई है. वहीं अगर किसी को खांसी या बुखार जैसी शिकायत हो तो वह स्वयं आइसोलेशन में रहकर इलाज कराए और दूसरों से संपर्क से बचे. पंजाब सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं और मास्क व सैनिटाइजर का नियमित प्रयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है, साथ ही लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह ढकने, हाथों को बार-बार धोने और सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है. हालांकि राज्य सरकार ने अभी किसी प्रकार की पाबंदी या लॉकडाउन जैसे उपाय नहीं अपनाए हैं, लेकिन आने वाले दिनों में संक्रमण की रफ्तार बढ़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं. सरकार का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात ही बचाव है. इसलिए आमजन से सहयोग की अपील की जा रही है. देश में 7400 कोरोना मामले एक्टिव देशभर में कोरोना संक्रमण के मामलों में दिन-ब-दिन बढ़ोतरी हो रही है. संक्रमण तेजी से फैल रहा है, जिससे लोगों की टेंशन बढ़ गई है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, अब देश में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 7400 पहुंच गए हैं. देश में कुल एक्टिव केस 7400 हैं. कोरोना मामलों को लेकर राज्यों में क्या हैं हालात? इसके अलावा राज्यों की बात करें तो सबसे ज्यादा एक्टिव केस इस समय गुजरात में हैं, यहां यह आंकड़ा 1437 है. वहीं दिल्ली में 672 केस एक्टिव हैं. इसके अलावा केरल में 2109 और महाराष्ट्र में 613 कोरोना केस एक्टिव हैं. राजस्थान में 180, तमिलनाडु में 232, उत्तर प्रदेश में 248, पश्चिम बंगाल में 747, कर्नाटक में 527, मध्य प्रदेश में 120, हरियाणा में 97 और आंध्र प्रदेश में 102 केस एक्टिव हैं.

Raja Raghuvanshi की हत्या के बाद आरोपी विशाल ने Indore में किराए पर लिया था किराए पर फ्लैट

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्या मामले में लगातार कई खुलासे होते जा रहे हैं. अब मध्य प्रदेश इंदौर में संपत्ति प्रबंधन कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति ने शुक्रवार को दावा किया कि मेघालय के राजा रघुवंशी हत्याकांड के एक आरोपी ने वारदात के हफ्ते भर बाद मध्यप्रदेश के इस शहर में उससे एक फ्लैट किराये पर लिया था.  मेघालय में हनीमून मनाने गए राजा रघुवंशी (29) की साजिशन हत्या में शामिल होने के आरोप में उनकी पत्नी सोनम (25) (Sonam Raghuvanshi) और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह (20) (Raj Kushwaha) समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. रघुवंशी पूर्वोत्तर के इस सूबे में 23 मई को लापता हो गए थे और ऐसा माना जा रहा है कि इसी तारीख को उनकी हत्या कर दी गई थी.  भाड़े के हत्यारे नहीं… दोस्त?  राजा रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों-विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर शुरुआत में ‘भाड़े के हत्यारे’ होने का संदेह जताया गया था, लेकिन मेघालय पुलिस अब इन्हें कुशवाह के दोस्त बता रही है. देश भर में चर्चा का केंद्र बने हत्याकांड के पांचों आरोपी फिलहाल मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं. विशाल ने किराए पर लिया था फ्लैट फ्लैट किराए पर देने वाले सिलोम जैम्स ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 20 मई की रात विशाल फ्लैट लेने पहुंचा था। युवक के एक्शन से सब कुछ सामान्य लगा, इसलिए चाबी सौंप दी गई। बाद में विशाल ने देर रात फ्लैट में प्रवेश करने की बात कही, लेकिन उसके बाद कई दिनों तक उसने संपर्क नहीं किया। फ्लैट में कौन रुका जानकारी नहीं सिलोम जैम्स ने कहा कि इसके बाद फ्लैट में सोनम रघुवंशी या कोई अन्य रूका की नहीं, इसकी जानकारी नहीं है। सिलोम ने कहा कि काम में व्यस्त रहने पर इस तरफ ध्यान नहीं गया। लेकिन जब किसी दोस्त ने जानकारी दी कि आपके किराए पर दिए फ्लैट में सोनम के रहने की बात सामने आ रही है। तब मैंने जाकर एग्रीमेंट देखा तो पता चला कि उसके (सोनम) साथी विशाल सिंह के नाम पर फ्लैट है। सिलोम ने कहा कि ना तो वह सोनम से मिले है ना उसको देखा है। ना मुझे मालूम है कि वह यहां रह के गई है की नहीं गई है। शिलांग पुलिस कर रही आरोपियों से पूछताछ इस हत्याकांड में अब तक की जांच में सोनम रघुवंशी (राजा की पत्नी), राज कुशवाहा, विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी की संलिप्तता सामने आई है। 2 जून को मेघालय के शिलांग स्थित घाटी में राजा रघुवंशी का शव बरामद होने के बाद यह मामला उजागर हुआ। 9 जून को पुलिस ने सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को फिलहाल शिलांग पुलिस की कस्टडी में भेजा गया है, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह हत्या पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी। फ्लैट बुकिंग, किराया भुगतान, और शिलांग जाने से पहले की गतिविधियां इस ओर इशारा करती हैं कि घटना को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने महीनों पहले तैयारी की थी। पुलिस अब तकनीकी सबूतों और कॉल डिटेल्स के आधार पर पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।   30 मई को किराए पर लिया फ्लैट इंदौर में संपत्ति प्रबंधन की एक फर्म चलाने वाले कारोबारी शिलोम जेम्स ने संवाददाताओं को बताया कि राजा रघुवंशी की हत्या के आरोपियों में शामिल चौहान ने 30 मई को उनसे मुलाकात करके शहर के देवास नाका क्षेत्र में 17,000 रुपये प्रति माह पर एक फ्लैट किराए पर लिया था और इसके लिए अनुबंध पर दस्तखत भी किए थे.  जिस इमारत में फ्लैट है वह नई है और उसमें अभी तक सीसीटीवी नहीं लगे हैं. मैंने पुलिस को चौहान द्वारा इस फ्लैट को किराए पर लेने के बारे में सूचित किया था. आपको बता दें कि राजा और सोनम की शादी 11 मई को हुई थी और वे 20 मई को अपने हनीमून के लिए मेघालय चले गए थे.  वहीं, मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में राजा के लापता होने के बाद 23 मई को शुरू हुई जांच में उसकी पत्नी सोनम पर ध्यान केंद्रीत किया गया. जिसके बाद उसे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार कर लिया गया. रघुवंशी हत्याकांड में सोनम के प्रेमी राज कुशवाह, विशाल चौहान, आनंद कुर्मी और आकाश राजपूत को भी गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल इस वक्त सभी पांचों आरोपी मेघालय पुलिस की गिरफ्त में हैं. पूछताछ में सोनम ने कबूल लिया है कि वह राजा रघुवंशी हत्याकांड में शामिल थी. आपको बता दें कि पति राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर भी पहुंची थी और इसी फ्लैट में रुकी थी. 

प्रदेश में कोविड-19 के 24 घंटों में 34 नए केस आए सामने, सबसे ज्यादा जयपुर में

जयपुर राजस्थान में एक बार फिर कोरोना वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को प्रदेश में कोविड-19 के 34 नए केस सामने आए हैं, वहीं उदयपुर में इलाज के दौरान एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला की मौत इस साल राज्य में कोरोना से हुई दूसरी मौत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार मृतक महिला प्रतापगढ़ की निवासी थी और सांस लेने में तकलीफ के चलते उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज से अटैच एक अस्पताल में भर्ती थीं। जांच में महिला की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इलाज के दौरान शुक्रवार को महिला की मौत हो गई। इससे पहले राजधानी जयपुर में पिछले महीने कोरोना से एक मरीज की मौत हुई थी। इस साल में अब तक यह दूसरी मौत दर्ज की गई है। मृतक महिला के सैंपल को वायरस के वैरियंट की जांच के लिए जिनोम सिक्वेंसिंग हेतु भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश में 34 नए संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें सबसे ज्यादा केस जयपुर से सामने आए हैं। यहां 22 मरीज मिले, जिनमें एक छह महीने की बच्ची भी शामिल है, जबकि उदयपुर में 4, बीकानेर में 3, जोधपुर में 2 और अजमेर, अलवर और सीकर में एक-एक मरीज की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में फिलहाल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 180 हो गई है। वहीं कुल 193 मरीज रिकवर भी हो चुके हैं। राज्य में इस साल कोरोना के कुल 376 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें एक केस मध्यप्रदेश से जुड़ा हुआ है। जयपुर इस लिस्ट में सबसे ऊपर है, जहां 235 केस सामने आ चुके हैं, जोधपुर में 25 और अन्य जिलों में भी छुटपुट केस रिपोर्ट हुए हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। अधिकारियों के मुताबिक वायरस का ट्रैकिंग सिस्टम सक्रिय कर दिया गया है और टेस्टिंग की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। राज्य सरकार और चिकित्सा विभाग की ओर से लोगों से अपील की गई है कि हल्के लक्षण दिखने पर तुरंत कोविड टेस्ट करवाएं और सार्वजनिक स्थानों पर सतर्कता बरतें। बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और फ्लू जैसी बीमारियों के बढ़ने के साथ कोरोना वायरस दोबारा सक्रिय हो सकता है। इसलिए संक्रमण की रोकथाम के लिए मास्क पहनना, हाथ धोते रहना और भीड़भाड़ से बचना अब भी जरूरी है। राज्य में पिछले दो वर्षों की अपेक्षा इस साल केस कम हैं लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लगातार सतर्कता और ट्रैकिंग जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग अब नए मामलों की गंभीरता, अस्पताल में भर्ती दर और रिकवरी रेट के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगा। विभाग का कहना है कि हालात अभी बेकाबू नहीं हैं, लेकिन आने वाले दिनों में आंकड़े बढ़ सकते हैं। संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए कोरोना की निगरानी और रोकथाम पर एक बार फिर फोकस किया जा रहा है।

ईरान पर हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई

‘अभी तो और तबाही मचेगी, ये सिर्फ शुरुआत…’, नेतन्याहू की ईरान को वॉर्निंग  ईरान ने इजरायल पर दागीं 100 मिसाइलें, IDF ने भी किया जोरदार पलटवार… जानें रातभर क्या-क्या हुआ  ईरान पर हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई  तेल अवीव इजरायल और ईरान की जंग ने मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है. दोनों ओर से अंधाधुंध हमले जारी है. इस बीच ईरान के खिलाफ ऑपरेशन राइजिंग शुरू करने पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ खुलकर हल्ला बोला है. नेतन्याहू ने ईरान को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि ये तो अभी सिर्फ शुरुआत है. अभी और तबाही मचनी बाकी है. बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा.  हमारा मकसद इजरायल के अस्तित्व के समक्ष बने ईरान के खतरे को खत्म करना है. इस ऑपरेशन को तब तक जारी रखा जाएगा, जब तक इस खतरे को जड़ से खत्म नहीं कर दिया जाता. उन्होंने कहा कि ईरान का बर्बर शासन दशकों से खुले तौर पर इजरायल की तबाही की धमकी देता रहा है. हाल के महीनों में, हमें खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के करीब है. हाल के सालों में ईरान ने नौ परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त यूरेनियम हासिल कर लिया है. यह न केवल इजरायल के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर खतरा है. हम यह अनुमति नहीं दे सकते कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करे क्योंकि यह हमारे देश और हमारे बच्चों के भविष्य के लिए खतरा है. नेतन्याहू ने इससे पहले कहा था बीते कुछ महीने में ईरान ने ऐसे कदम उठाए हैं, जो उन्होंने पहले कभी नहीं उठाए थे. परमाणु हथियार तैयार करने के कदम. अगर इसे नहीं रोका गया तो ईरान बहुत कम समय में परमाणु हथियार तैयार कर लेगा. यह समय एक साल भी हो सकता है, कुछ महीने भी या उससे भी कम.यह इजरायल के अस्तित्व के समक्ष स्पष्ट और मौजूदा खतरा है. 80 साल पहले यहूदी लोग नाजी होलोकॉस्ट के शिकार हुए थे. आज हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यहूदी ईरान के परमाणु नरसंहार का शिकार नहीं हो. हम उन लोगों को कभी भी अपने विनाश के साधन विकसित करने की अनुमति नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि मैं अपने नागरिकों से अपील करता हूं कि वे शांत रहें और इजरायली रक्षा बल (IDF) के होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें. यह लड़ाई कुछ घंटों या दिनों की नहीं है, बल्कि यह तब तक चलेगी जब तक हमारे लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते. हमें जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है और इसके लिए हमें तैयार रहना होगा लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सेना पूरी तरह सक्षम है और हम अपने देश की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे.   ईरान ने इजरायल पर दागीं 100 मिसाइलें, IDF ने भी किया जोरदार पलटवार इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें छह वैज्ञानिक और कई मिलिट्री कमांडर मारे गए. ईरान ने भी पलटवार करते हुए इजरायल पर 150 से ज्यादा मिसाइलें दागीं. ईरान ने अपने जवाबी कार्रवाई को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया है. मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है. इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्थिति पर चर्चा की, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को परमाणु समझौता करने की चेतावनी दी. यह तनाव मध्य-पूर्व में अस्थिरता को बढ़ा रहा है. ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष तेज हो गया है. इजरायल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान पर हमला किया, छह वैज्ञानिक और कई शीर्ष मिलिट्री कमांडर को मार गिराया. हमलों में अब तक 78 लोग मारे गए और 350 से ज्यादा घायल हुए. इजरायल ने हमले में ईरान के मुख्य परमाणु संयंत्र के ऊपरी हिस्से को नष्ट किया कर दिया.  इजरायल के हमले में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख हुसैन सलामी, ईरानी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद बाघेरी, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी अली शामखानी और आईआरजीसी की एयरफोर्स के कमांडर आमिर अली हाजीजादेह जैसे बड़े अधिकारी मारे गए. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती. अभी और तबाही मचनी बाकी है. बिल्कुल बख्शा नहीं जाएगा. हमारा मकसद इजरायल के अस्तित्व के समक्ष बने ईरान के खतरे को खत्म करना है. ईरान ने इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए पलटवार किया और इस कार्रवाई को ‘ट्रू प्रॉमिस थ्री’ नाम दिया. ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल पर 100 से ज्यादा मिसाइलें दागी हैं. इस हमले में कई नागरिक घायल हो गए हैं.  इस गंभीर स्थिति के बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और वर्तमान हालात की जानकारी दी. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि वह अगर परमाणु समझौता करें नहीं तो और बड़ा हमला किया जाएगा. …… हमले के बाद PM नेतन्याहू ने PM मोदी को किया फोन, जानें क्या बातचीत हुई  ईरान से बढ़ते तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ईरान-इजरायल में टकराव के बात हालिया स्थिति को लेकर बातचीत हुई. इसकी जानकारी खुद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर दी. प्रधानमंत्री मोदी ने एक पोस्ट में कहा, “मुझे इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया.  उन्होंने मुझे मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी. मैंने भारत की चिंताओं को साझा किया और क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली की आवश्यकता पर जोर दिया.” इजरायली हमले में ईरान के 78 लोगों की मौत इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने यह कॉल ईरान के साथ जारी ताजा संघर्ष के सिलसिले में किया. शुक्रवार को इजरायल ने ईरान की परमाणु सुविधाओं, मिसाइल निर्माण स्थलों और सैन्य कमांडरों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए. इसमें 78 लोगों की मौत हुई है और तीनों से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. इजरायल ने इस अभियान को ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नाम दिया है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इसे देश के … Read more

एमपी की चौखट पर पहुंचा मानसून, शनिवार को लू और गर्मी का आखिरी दिन, इंदौर संभाग में आज भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून 16-17 जून को प्रवेश कर सकता है, जिससे पहले प्रदेश में तेज गर्मी और आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत कई जिलों में आंधी, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि ग्वालियर-चंबल में लू चलने की आशंका है। इन जिलों में आंधी-बारिश से हाल बेहाल शुक्रवार को गुना और अशोकनगर समेत कई जिलों में बारिश हुई, वहीं मुरैना में आंधी से पेड़ उखड़ गए और रतलाम में रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिरने से ट्रेनें प्रभावित हुईं। इस बार मानसून के समय पर आने की उम्मीद है, क्योंकि यह देश में 8 दिन पहले ही आ गया था और महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ में भी तय समय से पहले पहुंच गया था। कुछ दिनों अटकने के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ी है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले 3 दिन यानी, 15-16 जून को मानसून मध्यप्रदेश में प्रवेश कर लेना। शनिवार के लिए IMD का इन जिलों में अलर्ट शनिवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, आगर-मालवा, धार, बड़वानी, खरगोन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, दमोह, पन्ना, सतना, मऊगंज, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट में भी तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है। मानसून से पहले हीट वेव का आखिरी दिन मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि शुक्रवार को रतलाम, धार, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, गुना, अशोक नगर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया था. शनिवार को भी गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, रतलाम और धार को छोड़कर लू चलेगी. हालांकि 14 जून को मध्य प्रदेश में हीट वेव का आखिरी दिन होगा. इसके बाद पूरे मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश का दौर शुरू होगा. यहां तक पहुंचा मानसून, मध्य प्रदेश पहुंचने की देर मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मानसून की उत्तरी सीमा मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी और सैंडहेड द्वीप से होकर गुजर रही है. अगले 2 दिनों के दौरान विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ और हिस्सों में और उसके बाद गुजरात, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है.” दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि “मध्य प्रदेश में मानसून की सामान्य तिथि 15 जून है. इस बार भी मानसून 15 या 16 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है.” शुक्रवार को कई जिलों में पारा 40 के पार शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। तय समय से पहले आया मानसून बीच में अटका इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। हालांकि, अब मानसून आगे बढ़ने लगा है। इसलिए अब यह प्रदेश में 15-16 जून तक पहुंच सकता है। बता दें कि एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।   बिजली गिरने से 2 की मौत, कई पेड़ उखड़े, ट्रैक पर ट्रेनें थमी इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश का दौर रहा। शिवपुरी के ककरवाया गांव के पास भूसा से गट्टा बनाने वाली दो फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचा। आंधी में दोनों फैक्ट्रियों के जमीन में गढ़े पिलर और शेड उखड़कर हवा में उड़ गए। जिससे शेड के नीचे रखा भूसा और भूसे से बनी ब्रिक बारिश में धुल गई। गुना में तेज आंधी चली। शिवपुरी में धूलभरी आंधी चलने के साथ बारिश हुई। कोलारस में तेज पानी गिरा। खंडवा में भीषण गर्मी के बीच तेज बारिश का दौर रहा। मुरैना में तेज आंधी से कई पेड़ उखड़ गए और झोपड़ियों को नुकसान पहुंचा। रतलाम रेल मंडल के गौतमपुरा बड़नगर रेलवे ट्रैक के बीच आंधी-तूफान के साथ हुई तेज बारिश से पेड़ ट्रैक पर आ गिरा। इससे महू से रतलाम आने वाली पैसेंजर ट्रेन गौतमपुरा में खड़ी हो गई। रतलाम के मोयाखेड़ा में बिजली गिरने से एक 15 वर्षीय बालिका और तंबोलिया में एक युवती की मौत हो गई। एक अन्य युवती घायल हो गई। गुना में एक इंच से ज्यादा पानी गिरा। आलोट में ग्राम जोयन में महिला श्यामू बाई पर पेड़ गिर गया। जिससे उसकी की मौत हो गई। खजुराहो में पारा 45 डिग्री, ग्वालियर, नर्मदापुरम-नौगांव भी गर्म रहे शुक्रवार को कई शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां दिन का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ग्वालियर में 44.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री और नौगांव में 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 40 डिग्री, इंदौर में 38.2 डिग्री, उज्जैन में 41.8 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह टीकमगढ़, नरसिंहपुर, गुना, सतना, रीवा, सीधी, शिवपुरी, उमरिया, सागर, रतलाम, शाजापुर, खरगोन और खंडवा में तापमान 40 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। गुना में आज सवा इंच से ज्यादा पानी गिर गया। इस बार समय पर ही एंट्री करेगा मानसून इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में … Read more

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