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असम के धुबरी में सांप्रदायिक तनाव के बाद एक्शन में सीएम हिमंत, उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश

 धुबरी असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को जिले में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को लेकर सख्त रुख अपनाया. बांग्लादेश की सीमा से सटे इस जिले में हालिया सांप्रदायिक घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अशांति फैलाने वालों पर देखते ही गोली मारने के आदेश लागू रहेंगे. मुख्यमंत्री ने धुबरी दौरे के दौरान कहा, जैसे ही मैं गुवाहाटी पहुंचूंगा, आदेश जारी कर दिया जाएगा. रात में बाहर घूमने या पत्थरबाजी करने वालों की तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी. धुबरी में एक मंदिर के सामने बीते सप्ताह गाय का सिर मिलने के बाद तनाव फैल गया था. बकरीद के एक दिन बाद यह घटना सामने आई, जिसके बाद सोमवार को क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू की गई थी. मंगलवार को प्रतिबंध हटाया गया. अगले दिन एक और ऐसी ही घटना और पत्थरबाजी ने हालात को और गंभीर बना दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘नबीन बांग्ला’ नामक एक संगठन ने बकरीद से पहले भड़काऊ पोस्टर लगाए थे. इनमें धुबरी को बांग्लादेश में मिलाने की बात कही गई थी. राज्य की संप्रभुता पर सीधा हमला मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और आरएएफ के जवानों को इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात किया जाएगा. जो लोग कानून को अपने हाथ में ले रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. सभी अपराधियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. इसके बाद हिंदू और मुस्लिम दोनों समूहों ने शांति और सद्भाव की अपील की थी. सरमा ने कहा कि अगले दिन मंदिर के सामने फिर से गाय का सिर रखा गया और रात में पत्थर फेंके गए. सरमा ने कहा कि बकरीद से एक दिन पहले ‘नबीन बांग्ला’ नामक संगठन ने धुबरी को बांग्लादेश में शामिल करने के अपने उद्देश्य को उजागर करते हुए “भड़काऊ पोस्टर” लगाए थे. सरमा ने आरोप लगाया कि बकरीद के दौरान पहले भी कुछ लोग गोमांस खाते थे, लेकिन इस बार पश्चिम बंगाल से हजारों मवेशी लाए गए हैं और धुबरी में एक ‘नया गोमांस माफिया’ उभरा है. जिसने त्योहार से ठीक पहले हजारों जानवरों की खरीद की है. मेरी जानकारी में आया है और मैंने इसकी जांच के आदेश दिए हैं. मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस मवेशी व्यापार को शुरू करने वाले को गिरफ्तार करें.  जरूरत पड़ी तो मैं निगरानी करूंगा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि इस बार बकरीद के मौके पर पश्चिम बंगाल से हजारों मवेशी धुबरी लाए गए और एक नया बीफ माफिया सक्रिय हुआ है, जिसने बड़े पैमाने पर मवेशियों की खरीदारी की. उन्होंने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. अवैध व्यापार में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि राज्य सरकार धुबरी में किसी भी तरह की सांप्रदायिक साजिश को सफल नहीं होने देगी. धुबरी हमारे हाथ से नहीं जाएगा. जरूरत पड़ी तो मैं खुद पूरी रात हनुमान मंदिर की निगरानी करूंगा.  

प्रदेश में मेट्रो रेल परियोजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय-सीमा का ध्यान रखते हुए पूरे किए जाएं :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में मेट्रो रेल परियोजना के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से समय-सीमा का ध्यान रखते हुए पूरे किए जाएं। भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना के कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण और अन्य संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करें, जिससे कार्य के दौरान कोई कठिनाई नहीं आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मध्यप्रदेश मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा कर रहे थे। भोपाल मेट्रो रेल परियोजना भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को नवंबर 2018 में मंजूरी दी गई। भोपाल मेट्रो की दोनों लाइन की कुल वास्तविक लंबाई लगभग 30 किलोमीटर है और इसके 30 स्टेशनों में ये 2 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं। जिसकी लागत 10 हजार 033 करोड़ रूपए अनुमानित है। शुरुआत में यहां 3 कार वाली कुल 27 ट्रेन संचालित होंगी। भविष्य में मेट्रो की कार संख्या बढ़ाकर 6 की जा सकती है। ऑरेंज लाइन-करोंद चौराहा से एम्स साकेत नगर तक और ब्लू लाइन- भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक होगी। मेट्रो डिपो सुभाष नगर में स्थापित होगा। भोपाल मेट्रो के पहले फेज (पुल बोगदा से एम्स तक) का कार्य अगस्त 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसकी लंबाई 7 किलोमीटर और स्टेशनों की संख्या 8 है। वहीं, दूसरे फेज में करोंद चौराहा से पुल बोगदा तक 9 किलोमीटर में 6 स्टेशन बनाए जाएंगे इनमें से 2 स्टेशन जमीन के नीचे बनाए जाएंगे। भोपाल मेट्रो के तीसरे फेज में भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक 14.16 किलोमीटर में मेट्रो ट्रैक बनाया जाएगा, जिसमें कुल 14 एलिवेटेड स्टेशन निर्मित किए जाएंगे। भोपाल मेट्रो के दूसरे और तीसरे फेज का निर्माण कार्य जून 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। यहां पुल बोगदा ऑरेंज और ब्लू लाइन का इंटरचेंज स्टेशन होगा। पूर्व में सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन के बीच मेट्रो की टेस्टिंग अक्टूबर 2023 में की जा चुकी है। इंदौर मेट्रो रेल परियोजना राज्य सरकार ने इंदौर मेट्रो ट्रेन परियोजना को नवंबर 2018 में स्वीकृति प्रदान की थी। इस परियोजना की कुल लंबाई 31 किलोमीटर से अधिक है, 7 भूमिगत सहित जिसमें कुल 28 स्टेशन बनाए गए हैं। यहां पहले फेज में 3 कार वाली ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है। आगामी वर्षों में मेट्रो ट्रेन बढ़ाकर 25 और मेट्रो कार संख्या आवश्यकतानुसार 6 तक बढ़ाई जा सकती है। इंदौर मेट्रो परियोजना की कुल लागत 12 हजार 088 करोड़ रूपए अनुमानित है। यलो लाइन के प्रमुख स्टेशन- गांधी नगर, आईएसबीटी, विजय नगर चौराहा, पत्रकार कॉलोनी, रेलवे स्टेशन, राजवाड़ा, बड़ा गणपति, एयरपोर्ट हैं। मेट्रो डिपो गांधी नगर में स्थापित होगा। इंदौर मेट्रो के पहले फेज (रीच 1) में गांधीनगर से सुपर कॉरिडोर 3 के बीच 6.3 किलोमीटर में मेट्रो का संचालन शुरू हो चुका है, जिसका उद्घाटन 31 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया। इस फेज में मेट्रो स्टेशनों की संख्या 5 है। पहले फेज के रीच 2 में सुपर कॉरिडोर से मालवीय नगर चौराहा के बीच लगभग 11 किलोमीटर लंबाई में 11 स्टेशन बनकर तैयार होंगे। इस कार्य की डेडलाइन अक्टूबर 2025 रखी गई है। इसी प्रकार इंदौर मेट्रो के दूसरे फेज में मालवीय नगर चौराहा से पलासिया चौराहा तक 5.34 किलोमीटर ट्रैक बनाया जाएगा इसमें 5 एडिवेटेड स्टेशन होंगे। इस फेज में कार्य पूर्ण होने का लक्ष्य दिसंबर 2027 रखा गया है। तीसरे फेज में पलासिया चौराहा से गांधीनगर तक 8.70 किलोमीटर भूमिगत ट्रैक निर्माण किया जाएगा। यहां अंडरग्राउंड स्टेशनों की संख्या 7 होगी। इस फेज का निर्माण कार्य दिसंबर 2028 में पूर्ण करने का लक्ष्य है। व्यापक गतिशीलता योजना और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट की वर्तमान स्थिति मेट्रो परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन एवं जबलपुर शहरों के लिए व्यापक गतिशीलता योजना और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें बताया गया कि परियोजनाएं अनुमोदन के विभिन्न चरणों में हैं। भोपाल-सीएमपी और एएआर प्रस्तुत एमआरटीएस कॉरिडोर प्रस्तावित हितधारकों को प्रस्तुत किया जाना है। इंदौर- सीएमपी और एएआर एमआरटीएस मेट्रो कॉरिडोर भी प्रस्तावित किए गए हैं। ग्वालियर- सीएमपी और एएआर और हितधारकों द्वारा अनुमोदित एमआरटीएस लाइट मेट्रो कॉरिडोर भी प्रस्तावित किए गए हैं। उज्जैन और जबलपुर- सीएमपी और एएआर हितधारकों को प्रस्तुत किया जाना है। राज्य शासन के अनुमोदन के बाद प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडर के डीपीआर तैयार किए जाने के प्रक्रिया की जाएगी। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ला, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी तथा अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में लिया निर्णय, मूंग एवं उड़द का 19 जून से प्रारंभ होगा पंजीयन का कार्य

किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजा 19 जून से प्रारंभ होगा पंजीयन का कार्य मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में लिया निर्णय भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की बेहतरी के लिये सभी क्षेत्रों में कार्य कर रही है। सरकार ने किसानों के हित में निर्णय लेते हुए ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन किये जाने संबंधी निर्णय लेकर प्रस्ताव केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय को भेजा है। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग एवं उड़द के उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन 19 जून से प्रारंभ होगा। इस संबंध में संबंधित विभाग एवं एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिये गये हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिये कृषि आधारित उद्योग लगाने में भी मदद कर रही है। किसानों को उनकी फसल का वाजिब दाम दिलाने के लिये प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान संघों से हुई चर्चा में आश्वस्त किया कि हम सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य की बेहतरी के लिये डबल इंजन की सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सरकार किसानों को अगली फसल के लिये भी आवश्यक सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उन्नत बीज और उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश में निरंतर कृषि मेलों का आयोजन कर रही है। न्यूनतम समर्थन मूल्य कृ‍षि लागत एवं मूल्य आयोग भारत सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8682 रूपये प्रति क्विंटल और उड़द का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7400 रूपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। राज्य किसान कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा केन्द्र को भेजे गये प्रस्ताव में किसानों का पंजीयन, उपार्जित फसल की गुणवत्ता, परिवहन, भुगतान के साथ प्रचार-प्रसार की कार्य-योजना भी प्रेषित की गई है। 36 जिलों में मूंग और 13 जिलों में उड़द प्रदेश के 36 जिलों में मई माह के तृतीय सप्ताह से जून माह के प्रथम सप्ताह तक मूंग फसल कटाई और प्रदेश के 13 जिलों में मई माह के तृतीय सप्ताह से जून माह के प्रथम सप्ताह तक उड़द फसल की कटाई की जाती है। प्रदेश में मूंग का संभावित क्षेत्राच्छादन 14.35 लाख हेक्टेयर, संभावित उत्पादन 20.23 लाख मीट्रिक टन है। इसी प्रकार उड़द का संभावित क्षेत्राच्छादन 0.95 लाख हेक्टेयर, संभावित उत्पादन 1.24 लाख मीट्रिक टन है। एमएसपी पर पंजीयन प्रक्रिया न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जित की जाने वाली मूंग एवं उड़द के लिये संबंधित किसानों को पंजीयन के लिये किसान की फसल का नाम, आधार नंबर, बैंक खाता नंबर, आईएफसी कोड सहित भूअधिकार ऋण पुस्तिका की स्व-प्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना होगी। बैंक खाता राष्ट्रीयकृत बैंक एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की शाखा का होना अनिवार्य है। सिकमी/बटाई काश्तकार को पंजीयन के लिये आवेदन के साथ सिकमी के अनुबंध की स्व-प्रमाणित प्रति संलग्न करना होगी। किसानों से ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द की उपार्जित मात्रा के भुगतान के लिये कम्प्यूटराईज प्रिंटेड रसीर उपार्जन करने वाली संस्था द्वारा प्रदाय की जायेगी जिसमें किसान का नाम, बैंक खाता क्रमांक तथा भुगतान योग्य राशि का विवरण होगा। इस रसीद पर उपार्जन केन्द्र प्रभारी के हस्ताक्षर भी किये जायेंगे। समर्थन मूल्य पर उपार्जित मूंग-उड़द की एक समान विनिर्दिष्टियां भारत सरकार, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिये केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित एक समान विनिर्दिष्टियां के अनुरूप किया जायेगा। इसके अनुसार ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द के उपार्जन करने की जिम्मेदारी संबंधित उपार्जन करने वाली सहकारी संस्थाओं की होगी। निर्धारित मापदण्ड अनुसार उपार्जन सुनिश्चित करने के लिये सहकारी संस्थाओं/मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपण संघ मर्यादित भोपाल/म.प्र. वेयर हाउसिंग एवं लॉजिस्टिक कार्पोरेशन, खाद्य, कृषि, सहकारिता एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले को ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द की गुणवत्त हेतु जिला स्तर पर प्रशिक्षित किया जायेगा। साथ ही किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द उपार्जन की कीमत एवं समान विनिर्दिष्टियां का व्यापार प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे किसानों का ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द विचौलियों द्वारा कम दाम पर खरीदा न जा सके। उपार्जित फसल का परिवहन उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक मूंग-उड़द परिवहन करने के लिये परिवहनकर्ताओं की नियुक्ति एवं अनुबंध की कार्रवाई की जायेगी। उपार्जन केन्द्र पर प्रतिदिन उपार्जन मात्रा की समीक्षा भी होगी। ई-उपार्जन साफ्टवेयर के माध्यम से ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द के परिवहन के लिये जारी रसीद पर परिवहनकर्ता की प्राप्ति कर उसे मूंग-उड़द सौंपा जायेगा। किसी कारणों से एजेंसियों द्वारा नियुक्त परिवहनकर्ता परिवहन करने में विफल होता है तो वैकल्पिक व्यवस्था जिला स्तरीय समितियों द्वारा की जायेगी। परिवहनकर्ता द्वारा विलम्ब से परिवहन करने पर उसके विरूद्ध नियमानुसार उपार्जन एजेंसियों द्वारा पेनाल्टी लगाई जायेगी। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के‍लिये सुविधाएं उपार्जन केन्द्रों पर किसानों की सुविधा के लिये व्यवस्था उपार्जन समिति होगी, जो केन्द्र पर किसानों के बैठने के लिये छायादार स्थान, साफ पीने के पानी, शौचालय एवं फर्स्ट बॉक्स सुविधा उपलब्ध करायेगी। उपार्जन किये जाने वाले खाद्यान की गुणवत्ता परीक्षण के लिये आवश्यक उपकरण की व्यवस्था भी होगी। इसके लिये विस्तृत परीक्षण भी दिया जायेगा। उपार्जन केन्द्र पर एक बैनर लगाया जायेगा, जिसमें केन्द्र का नाम, एफएक्यू गुणवत्ता का मापदण्ड और भुगतान का उल्लेख होगा। जिन उपार्जन केन्द्रों पर अत्यधिक खरीदी की संभावना होगी, उन केन्द्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था की जायेगी। साथ ही निर्धारित केन्द्रों पर लैपटॉप, प्रिन्टर, बैटरी आदि को चालू अवस्था में रखा जायेगा।  

सिंहस्थ में भीड़, यातायात और पार्किंग प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी उपयोग किया जाएगा

 भोपाल  उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ में भीड़, यातायात और पार्किंग प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का भी उपयोग किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रबंध के लिए ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसी वर्ष प्रयागराज महाकुंभ में इन तकनीकों के सफल प्रयोग के बाद इन्हें यहां भी अपनाया जाएगा। सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों को लेकर पुलिस मुख्यालय में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें प्रयागराज कुंभ की व्यवस्थाओं में बड़ी भूमिका निभाने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के आइपीएस अधिकारी प्रेम कुमार गौतम ने वहां किए गए प्रबंध के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। रीयल-टाइम ट्रैफिक मानीटरिंग की जाएगी गौतम ने बताया कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए एआइ आधारित ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर की स्थापना, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएस) द्वारा रीयल-टाइम ट्रैफिक मानीटरिंग की गई। ड्रोन से प्रमुख मार्गों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में सटीक पर्यवेक्षण किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रूट डायवर्सन मोबाइल एप बनाकर लाइव ट्रैफिक अपडेट उपलब्ध कराए गए। आंतकवाद से निपटने की भी तैयारी साथ ही उन्होंने बताया कि आतंकवाद विरोधी गतिविधियों से निपटने के लिए डाग स्क्वाड, बम डिस्पोजल यूनिट को तैनात किया। डार्कवेब से साइबर खतरों और फेस रिकग्नीशन ट्रैकिंग सिस्टम से संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी गई। वीवीआइपी मूवमेंट और श्रद्धालु सुविधाओं के बारे में भी उन्होंने बताया। प्रयागराज की तुलना में जगह कम उज्जैन सिंहस्थ में भी प्रदेश पुलिस इन व्यवस्थाओं को अपनाने की तैयारी कर रही है। सिंहस्थ के लिए अभी लगभग तीन वर्ष होने के कारण पुलिस के पास तैयारी के लिए पर्याप्त अवसर भी है। इसमें लगभग तीन करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, पर बड़ी चुनौती यह है कि प्रयागराज की तुलना में उज्जैन में जगह बहुत कम है, गलियां संकरी हैं।

Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहनों के लिए बड़ा अपडेट, इस दिन आएगी 25वीं किस्त; CM मोहन यादव करेंगे ट्रांसफर

भोपाल  मध्य प्रदेश की 1.27 करोड़ महिलाओं को लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त के लिए इंतजार करना होगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने एक दिन पहले ही सोशल मीडिया के जरिए कहा था कि 13 जून लाडली बहना योजना की अगली किस्त के रूप में 1250 रुपये खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। लेकिन गुजरात के अहमदाबाद में हुए दर्दनाक विमान हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। अब लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त कब आएगी, इसकी जानकारी हम आपको दे रहे हैं। राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक अब 16 जून को लाडली बहना योजना का पैसा ट्रांसफर करने का कार्यक्रम आयोजित होगा। सीएम जबलपुर के बेलखेड़ा से 16 जून यानी सोमवार को लाभार्थी महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की अगली किस्त को ट्रांसफर करेंगे। ऐसे में राज्य की करोड़ों महिलाओं को थोड़े समय और इंतजार करना होगा। 13 को  ट्रांसफर होना था पैसा वित्त वर्ष 2025-26 में लाडली बहना योजना की किस्त की तारीख में बदलाव किया जा चुका है। पहले किस्त 10 तारीख से पहले आ जाती थी, लेकिन अब 10 से 15 तारीख के बीच में पैसा आता है। पिछले महीने मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की ओर से 15 मई को 1.27 करोड़ पात्र महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की किस्त ट्रांसफर की थी। कल ही उन्होंने खुद जानकारी दी थी कि इस बार 13 जून को पैसा ट्रांसफर दिया जाएगा। इससे महिलाएं खुश थीं कि दो दिन पहले ही उनके खाते में पैसा आ जाएगा।  बहन के चेहरे पर मुस्कान, अब 16 जून का इंतजार प्रदेश की 1.27 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना से हर महीने ₹1250 की सहायता पा रही हैं। यह सिर्फ पैसों का ट्रांसफर नहीं, बल्कि सरकार की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प है। 24 किस्तें पहले ही आ चुकी हैं और अब 25वीं किस्त का इंतजार खत्म होने वाला है। बेलखेड़ा गांव बनेगा महिला सशक्तिकरण की मिसाल बरगी विधानसभा क्षेत्र का बेलखेड़ा गांव अब एक ऐतिहासिक दिन का गवाह बनने जा रहा है। इस राज्य स्तरीय आयोजन में डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी इसे सामाजिक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से खास बना रही है। सम्मेलन में सिर्फ पैसे नहीं बांटे जाएंगे, बल्कि महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देने का संदेश भी दिया जाएगा। मगर गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। दुख की इस घड़ी में सीएम ने भी अपने आज के सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि अहमदाबाद विमान हादसे में हुई यात्रियों की मौत से पूरा देश शोक में डूबा हुआ है। इस वजह से जबलपुर और इंदौर में आयोजित सभी कार्यक्रम रद्द किए जा रहे हैं। उन्होंने हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की। बदल चुकी है तारीख राज्य सरकार ने बजट के प्रबंधंन के लिए इस वित्त वर्ष से लाडली बहना योजना की तारीख में बदलाव किया है। दरअसल केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड की तारीख की वजह से इसमें बदलाव किया गया है। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मई 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 24 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 28 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। जानिए लाड़ली बहना योजना के लिए आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं     जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।     जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन … Read more

BJP का बड़ा प्रशिक्षण वर्ग आज से पचमढ़ी में, केंद्रीय गृह मंत्री शाह आज दोपहर 3 बजे करेंगे, जबकि समापन 16 जून को रक्षा मंत्री सिंह करेंगे

पचमढ़ी  भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने कार्यकर्ताओं को समय समय पर पार्टी की रीती नीति और सरकार के कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करती रहती है इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश (BJP Madhya Pradesh) तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करने जा रही है ये वर्ग पचमढ़ी में आयोजित किया जायेगा। भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश के अध्यक्ष वीडी शर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिविसीय प्रशिक्षण वर्ग पचमढ़ी में 14, 15 और 16 जून को आयोजित किया जायेगा, इसका उद्घाटन गृह मंत्री मित शाह करेंगे जबकि 16 जून को प्रशक्षण वर्ग का समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पूरे समय मौजूद रहेंगे वीडी शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के कई वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के सभी सांसद, राज्यसभा सदस्य और विधायक शामिल होंगे, उन्होंने कहा इस प्रशिक्षण वर्ग में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव पूरे समय मौजूद रहेंगे यानि वे तीनों दिन हर सत्र में शामिल होंगे। प्रदर्शनी में दिखेगी जनसंघ से अब तक की यात्रा  उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण वर्ग स्थल पर एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जायेगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण के 11 वर्ष की प्रदर्शनी लगेगी, इसके  भाजपा की यात्रा जो जनसंघ से लेकर आज तक जारी है उसमें डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर आज तक कार्यों की जानकरी होगी। सभी सांसद विधायक लगायेंगे पौधे  वीडी शर्मा ने बताया कि सभी सांसद विधायक एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पौधा लगायेंगे साथ ही वर्ग में सैद्धांतिक, व्यावहारिक सहित कई विषयों पर चर्चा सत्र होंगे जिनपर आपस में चर्चा होगी पार्टी कैसे दुनिया के सबसे बड़ी राजनैतिक दल बनी इसपर प्रकाश डाला जायेगा। लक्ष्मण सिंह के निष्कासन पर कही ये बात  लक्ष्मण सिंह निष्कासन मामले पर पूछे गए सवाल पर वीडी शर्मा ने कहा कि ये कांग्रेस का उनका आंतरिक मामला है, इस पर मेरा बोलना उचित नहीं है क्योंकि मैं प्रदेश अध्यक्ष हूँ,  अनुशासन बहुत जरूरी है कई बार हमें भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी पड़ती है। कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार  कांग्रेस द्वारा विधायकों की छाती पर मूंग दलने की किसानों से अपील करने वाले बयान पर वीडी शर्मा ने कहा ये अनुचित है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव किसान के बेटे हैं पूर्व मुख्यमंत्री और और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी किसान के बेटे हैं, भाजपा की सरकार किसानों को ताकत देने का काम करती है, कांग्रेस केवल भड़काती है। अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर जताया दुःख  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश दुर्घटना पर दुःख जताते हुए कहा कि घटना असहनीय है पूरा देश स्तब्ध है, मैं भाजपा मध्य प्रदेश की तरफ से जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ, पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा है। विधायक सांसद लगाएंगे एक-एक पौधा वीडी शर्मा ने बताया- इस वर्ग में सभी सांसद विधायक एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण करेंगे। वर्ग में सैद्धांतिक, व्यावहारिक, कई विषयों पर सत्र होंगे। भाजपा किस तरह से देश में काम कर रही है। संगठन तंत्र की मजबूती के साथ हम कहते हैं कि भाजपा संगठन तंत्र के आधार पर काम करने वाला विशिष्ट दल है। शिविर स्थल पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 11 वर्षों की सेवा और सुशासन की उपलब्धियां दिखाई जाएंगी। इसके साथ ही जनसंघ से लेकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर वर्तमान तक पार्टी की यात्रा को भी दिखाया जाएगा। सत्र के दौरान मोबाइल के उपयोग की मनाही प्रशिक्षण शिविर में विधायकों, सांसदों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। प्रशिक्षण स्थल पर सभी विधायक, सांसद 13 जून की रात तक पहुंच गए । ट्रेनिंग कैम्प में प्रतिभागियों के मोबाइल उनके नाम के स्टिकर लगाकर साइलेंट मोड पर एक जगह रख दिए जाएंगे। सत्रों के बाद ब्रेक के दौरान प्रशिक्षणार्थी विधायक, सांसद अपने मोबाइल पर बात कर सकेंगे। प्रशिक्षण वर्ग में मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को अलग-अलग सत्रों में पब्लिक डीलिंग, मोबाइल मैनेजमेंट, टाइम मैनेजमेंट से लेकर पार्टी की रीति-नीति और सफरनामे की जानकारी दी जाएगी। विधायक-सांसदों को सुबह 6:00 बजे जागना होगा। प्रशिक्षण स्थल पर सुबह 7:00 से 8:00 के बीच योग और प्रार्थना कराई ।      

जबलपुर देश का पहला खेल मास्टर प्लान बनाने वाला शहर बन गया

जबलपुर  जबलपुर शहर ने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। भारत का पहला “खेल मास्टर प्लान” जबलपुर में लॉन्च किया गया है, जो खासतौर पर 0 से 5 साल की उम्र के बच्चों और उनके देखभाल करने वालों के लिए बनाया गया है। इस योजना का मकसद शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों को बच्चों के अनुकूल बनाना और उन्हें खेलने, सीखने व सुरक्षित रहने का अवसर देना है। इस योजना को जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड और नगर निगम ने मिलकर तैयार किया है। बच्चों में कम हो रही फिजिकल एक्टिविटी को लेकर शहर में नवाचार किया जा रहा है। जबलपुर देश का पहला खेल मास्टर प्लान बनाने वाला शहर बन गया है। यह मास्टर प्लान न केवल छोटे बच्चों को खेलने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि शहर में प्लेस्पेस अपॉर्चुनिटीज को विकसित भी करेंगे। अगले दस सालों के लिए यह प्लान तैयार किया गया है। दरअसल, नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज 2.0 में चयनित होने के बाद शहर को यह उपलब्धि हासिल हुई है। टॉप 10 में शामिल होने पर मिला दोबारा मौका जानकारी के अनुसार नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज 2.0 (एनएनसी 2.0) के अंतर्गत 0-5 वर्ष के बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए शहर के उद्यानों एवं सार्वजनिक स्थलों में अनुकूल वातावरण एवं सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। एनएनसी 1.0 के अंतर्गत आयोजित चैलेंज में जबलपुर भी शामिल हुआ था। सभी गाइडलाइन का पालन करते हुए शहर ने देश के शीर्ष 10 शहरों में अपनी जगह बनाई थी। इन्हीं को 2.0 में शामिल किया गया है। खेल मास्टर प्लान को महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, कलेक्टर दीपक सक्सेना, नगर निगम कमिश्नरप्रीति यादव, स्मार्ट सिटी सीईओ अनुराग सिंह के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। बनाया खेल सेल एनएनसी 2.0 में जबलपुर द्वारा वल्र्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) के सहयोग से नर्चरिंग नेबरहुड सेल, खेल सेल एवं खेल मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें उन सभी विभागों को सम्मिलित किया गया है जो शहर में विकास कार्यों तथा बच्चों और महिलाओं के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। इनमें नगर निगम जबलपुर, स्मार्ट सिटी जबलपुर, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग, जबलपुर विकास प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यातायात पुलिस तथा विभिन्न गैर-सरकारी संगठन शामिल हैं। कलेक्टर दीपक सक्सेना की अध्यक्षता में तैयार की गई खेल सेल पूरे प्लान की निगरानी करने के साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा भी करेगी।  ये करेगी सेल – छोटे-बड़े सभी खाली पड़े स्थानों को प्ले स्पेस अपॉचुनिटीज में विकसित करेंगे। – छोटे बच्चों के लिए शहर में कितनी खेलने की जगह होनी चाहिए इस पर काम करेगी। – शहर में वर्तमान में जितने भी खेल के स्थान है उन्हें चिह्नित कर लिया है। – कहां क्या कमी है, उस कमी के अनुसार मास्टर प्लान बनाया है। – अगले दस साल 2035 तक कहां कब कितना काम किया जाएगा ये भी रूपरेखा तैयार की जा चुकी है। खेल शब्द को किया विस्तारित खेल मास्टर प्लान में ‘खेल’ शब्द को केवल पारंपरिक खेल-कूद तक सीमित न रखते हुए, इसे एक विस्तृत रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। जिसके तहत के- किड्स, एच- हेल्थ, ई- एम्पावरिंग कम्युनिटीज, एल- लेवल प्ले अपॉर्चुनिटीज विस्तार करने की योजना है। जबलपुर शहर ‘खेल मास्टर प्लान’ बनाने वाला देश का पहला शहर बन गया है। यह बड़े ही गौरव की बात है। 0 से 5 साल तक के बच्चों को ध्यान में रखकर इसे बनाया गया है। इस मास्टर प्लान के अंतर्गत अगले दस वर्षों में (2035) तक हर स्तर पर खेल के स्थानों को विकसित करने का लक्ष्य तय किया गया है। जिस पर काम शुरू हो चुका है। – संभव अयाची, एनएनसी 2.0 नोडल अधिकारी एवं उपायुक्त नगर निगम

भोपाल की सेंट्रल जेल में बन रही हैं 12 हाई सिक्योरिटी सेल, यहां बंद हैं 69 बडे़ आतंकी, क्षमता सिर्फ इतनी

भोपाल   भोपाल सेंट्रल जेल के हाई सिक्योरिटी सेल में खूंखार आतंकियों को संभालने की क्षमता अब पार हो चुकी है। सेंट्रल जेल में 58 खतरनाक आतंकियों के रखे जाने की व्यवस्था है, लेकिन फिलहाल यहां रहने वाले आतंकियों की संख्या 69 हो गई है। इस स्थिति को देखते हुए, जेल प्रशासन ने 12 नई हाई सिक्योरिटी सेल के निर्माण के लिए 1.20 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है। इन संगठनों के आतंकी हैं कैद सेंट्रल जेल में कैद आतंकी विभिन्न संगठनों से जुड़े हुए हैं, जिनमें स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) के 23, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के 21, हिज्ब उत तहरीर (HUT) के 17, JMB के 4 और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) के 4 आतंकवादी शामिल हैं। भोपाल जेल में 69 आतंकी बंद  भोपाल सेंट्रल जेल में इस वक्त 69 बड़े आतंकी बंद हैं, ये अलग-अलग संगठनों के आतंकी हैं, हालांकि भोपाल सेंट्रल जेल में कुल 58 आतंकवादियों को ही रखने की क्षमता है, लेकिन संख्या बढ़ने के बाद सेल बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसके बाद यहां 12 नई हाई सिक्योरिटी का निर्माण जेल विभाग की तरफ से करवाया गया है. वहीं यह सेल तैयार होने के बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी जाएगी.  आम कैदियों से अलग व्यवस्था जेल में बंद आतंकियों को हर दिन साढ़े तीन घंटे के लिए बाहर निकाला जाता है, जिसमें वे अपने व्यक्तिगत काम जैसे कपड़े सुखाना, धूप लेना और टहलना कर सकते हैं। इनकी निगरानी के लिए प्रत्येक आतंकी पर 2 प्रहरियों की जिम्मेदारी होती है। आतंकियों को सुबह ढाई घंटे और शाम में एक घंटे के लिए बाहर निकाला जाता है, लेकिन उन्हें किसी से बातचीत की अनुमति नहीं होती। सभी आतंकियों को अलग-अलग रखा जाता है। जेल मैन्युअल के अनुसार, केवल चार आतंकियों को ही अपने परिजनों से मिलने की अनुमति है, जबकि बाकी 65 आतंकियों को मिलने और कैंटीन की सुविधाएं मिलती हैं। सभी आतंकियों को जेल की ड्रेस और टोपी पहनने की आवश्यकता होती है और उन्हें जेल के नियमों का पालन करना होता है। इन संगठनों के आतंकी बंद      स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के 23 आतंकी      पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 21 आतंकी      हिज्ब उत तहरीर (हट) के 17 आतंकी      जेएमबी के 4 आतंकी      इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसएस) के 4 आतंकी  ऐसा रहता है रूटीन  भोपाल सेंट्रल जेल में बंद आतंकियों को केवल साढ़े 3 घंटे के लिए ही सेल से बाहर निकाला जाता है, जिसमें वह अपने पर्सनल काम पूरे करते हैं, जिनमें धूप लेना, टहलना, कपड़े सुखाना, इस दौरान भी इन पर कड़ी निगरानी रखी जाती है. सभी पर नजर रखने के लिए 2-2 प्रहरियों को रखा जाता है. सुबह के वक्त ढाई घंटे के लिए यह बाहर निकलते हैं, जबकि शाम के वक्त 1 घंटे के लिए बाहर निकाले जाते हैं, इस दौरान उन्हें किसी से बातचीत करने की इजाजत नहीं होती है.  हर रोज 3.30 घंटे निकाला जाता है बाहर सेंट्रल जेल में बंद आतंकियों को हर रोज साढ़े तीन घंटे के लिए हाई सिक्योरिटी सेल से बाहर निकाला जाता है। जिससे वह अपने पर्सनल काम जैसे कपड़े सुखाना, धूप लेना, टहलना आदि कर सकें। इन आतंकियों को बाहर निकलने के बाद निगरानी में रखा जाता है। हर एक आतंकी पर नजरें रखने की जिम्मेदारी 2 प्रहरियों की होती है। आतंकियों को सुबह ढाई घंटा, जबकि शाम में एक घंटा बाहर निकाला जाता है। उन्हें किसी से बातचीत की इजाजत नहीं होती। सभी आतंकियों को बाहर निकालने पर भी अलग-अलग रखा जाता है। जेल मैन्युअल के हिसाब से मुलाकात की इजाजत आतंकी कामरान, अबु फैजल, शिबली और कमरुद्दीन को छोड़कर सभी 65 आतंकियों को जेल मैन्युअल के हिसाब से परिजनों से मिलने और कैंटीन सुविधा मिलती है। इनमें शामिल सजायाफ्ता आतंकी जेल ड्रेस में रहते हैं और जेल की टोपी लगाते हुए जेल नियमों का पालन करते हैं।      

इंदौर के बाद अब भोपाल मेट्रो पर लक्ष्य , एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस में एंट्री, एग्जिट समेत अधूरे काम तेजी से होंगे पूरे

भोपाल  इंदौर में मेट्रो के कॉमर्शियल रन को 12 दिन बीत चुके हैं। 31 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल लोकार्पण किया था। इंदौर के बाद अब भोपाल मेट्रो पर फोकस है। खासकर 3 स्टेशन- एम्स, अलकापुरी और डीआरएम ऑफिस में एंट्री, एग्जिट समेत अधूरे काम तेजी से होंगे पूरे।  इंदौर मेट्रो के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री ने भोपाल मेट्रो के काम को भी तेजी से चलने की बात कही थी। ऐसे में उम्मीद है कि जब भी भोपाल में मेट्रो का कॉमर्शियल रन होगा, पीएम ही हरी झंडी दिखाने आएंगे। इसलिए मेट्रो के अधूरे कामों को तेजी से निपटाया जा रहा है। वहीं, मेट्रो एमडी एस. कृष्ण चैतन्य भी लगातार दो दिन से मैराथन मीटिंग और निरीक्षण कर रहे हैं। इन कामों को जल्दी पूरा करने का टारगेट तीनों मेट्रो स्टेशन के एंट्री-एक्जिट, सिविल, सिस्टम, रोलिंग स्टॉक, ट्रैफिक, सिग्नल्लिंग, आंतरिक एवं बाहरी निर्माण कार्य पर फोकस है। इन्हें अगस्त तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट रखा गया है। पहले आरडीएसओ टीम आएगी भोपाल मेट्रो के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम पहले आएगी। इसके लिए सभी डॉक्युमेंट्स सब्मिट किए जा चुके हैं। इसके बाद कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी टीम इंस्पेक्शन करेगी। टीम की ‘ओके’ रिपोर्ट मिलने के बाद लोग मेट्रो में सफर कर सकेंगे। इस पूरी प्रोसेस में 4 से 5 महीने लग सकते हैं। इसी बीच मेट्रो के बाकी बचे 3 स्टेशन- एम्स, डीआरएम तिराहा और अलकापुरी के काम भी पूरे कर लिए जाएंगे। साल 2018 में शुरू हुआ था काम भोपाल में मेट्रो का पहला रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में 2018 में शुरू हुआ था। सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशन तक काम पूरा हो गया है। इसके आगे अलकापुरी, एम्स और डीआरएम मेट्रो स्टेशन तक ट्रैक का काम हो चुका है और मेट्रो यहां तक पहुंच चुकी है। वहीं, दोनों स्टील ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी की जा चुकी है। भोपाल में पूर्व सीएम शिवराज ने किया था ट्रायल 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में पहली बार मेट्रो ट्रैक पर दौड़ी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाषनगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था। इसके बाद से ही लगातार टेस्टिंग की जा रही है। मेट्रो सबसे ज्यादा स्पीड 80Km प्रति घंटे से भी दौड़ चुकी है। इतनी ही स्पीड में कॉमर्शियल रन भी होगा। हालांकि, इससे पहले सुरक्षा के तमाम पैमाने जांचें जाएंगे। इसे सीएमआरएस टीम ही जांचेंगी। भोपाल में यह टीम अगले कुछ महीने में आ जाएगी। भोपाल में इसलिए देरी से कॉमर्शियल रन पिछले साल रेलवे ट्रैक और डीआरएम तिराहे पर दो स्टील ब्रिज भी लॉन्च कर दिए गए थे। वहीं, मार्च में दोनों ब्रिज की लोड टेस्टिंग भी कर ली गई। पहले सुभाषनगर से आरकेएमपी स्टेशनों के बीच ही मेट्रो को चलाने का प्लान था, लेकिन अब यह पूरे 6.22 किमी में दौड़ेगी। चूंकि, अभी स्टेशन में काम बाकी है। इसलिए इसे प्रायोरिटी में न लेते हुए इंदौर में पहले मेट्रो दौड़ाने का प्लान तैयार किया गया। पिछले 6-8 महीने से पूरा फोकस इंदौर पर रहा। छोटे-बड़े काम जल्दी निपटाए गए। इसलिए इंदौर में पहले मेट्रो चली। ये देखेगी सीएमआरएस टीम आरडीएसओ की टीम मेट्रो के संचालन से जुड़े काम देखेगी। इसके बाद मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम दो बार पहुंचेंगी। मेट्रो कॉरपोरेशन के अफसरों का कहना है कि कॉमर्शियल रन से पहले सुरक्षा के लिहाज से कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम जांच करती है। जिसमें वह ट्रैक के नट-बोल्ट तक देखती है, क्योंकि यह मामला आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होता है। इसलिए हर पैमाने पर जांच होती है।  सितंबर से शुरू होगी कमर्शियल सेवा, जानें क्या है खास? मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से किया जाएगा। इस ट्रायल की निगरानी आरडीएसओ (रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन) द्वारा की जाएगी। यह संस्था हर स्पीड पर ट्रेन की ब्रेकिंग, स्थिरता और तकनीकी सुरक्षा का आकलन करेगी। आरडीएसओ की टीम के इसी माह के अंत तक आने की संभावना है। इसके बाद रेलवे सेफ्टी कमिश्नर मेट्रो के ट्रैक, सिविल वर्क, ट्रेन, सिग्नलिंग सिस्टम और सार्वजनिक सुविधाओं की व्यापक जांच करेगा। एक माह की प्रक्रिया के बाद ट्रेन का कमर्शियल रन शुरू किया जाएगा।  तीन कोच 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम  अब तक सात मेट्रो ट्रेनें भोपाल पहुंच चुकी हैं। कुल 27 ट्रेनों का संचालन प्रस्तावित है। प्रत्येक ट्रेन तीन कोच की होगी, जो लगभग 900 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। इनमें 150 लोगों के बैठने की व्यवस्था भी होगी। ट्रेनों में दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सितंबर तक चल सकती है मेट्रो यदि सभी परीक्षण समय पर सफलतापूर्वक पूरे होते हैं, तो अगस्त-सितंबर तक भोपाल मेट्रो का संचालन शुरू हो सकता है। ट्रायल और सुरक्षा अनुमोदन के बाद राज्य सरकार अंतिम निर्णय लेगी। इंदौर मेट्रो का परीक्षण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है, जिसका कमर्शियल रन जल्द शुरू होगा।  क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम भोपाल मेट्रो में क्यूआर कोड आधारित टिकटिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, जिसमें पेयजल, स्वच्छता और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं शामिल हैं। सुरक्षा के लिए  रिटायर्ड फौजियों और निजी सुरक्षा एजेंसियों की भी मदद ली जाएगी। सभी स्टेशनों पर एएफसी (ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन) गेट लगाए जा रहे हैं, जहां बारकोड टिकट से प्रवेश मिलेगा।  सबकुछ ठीक मिला तो ‘ओके’ रिपोर्ट देगी टीम निरीक्षण में यदि सबकुछ पैमाने और सुरक्षा के लिहाज से परफेक्ट मिलता है तो सीएमआरएस की टीम ‘ओके’ रिपोर्ट देगी। इसके बाद कॉमर्शियल रन की तारीख तय कर दी जाएगी। 6.22 Km लंबा है प्रायोरिटी कॉरिडोर भोपाल में मेट्रो का 6.22 किमी लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर है। अगले कुछ महीनों में कॉमर्शियल रन शुरू करने का प्लान है। इसके बाद जब आप मेट्रो ट्रेन में सफर करने के लिए स्टेशन में एंट्री करेंगे तो आपको ठीक वैसी तस्वीर नजर आएगी, जो किसी एयरपोर्ट के अंदर की होती है। अंदर फूड प्लाजा और कुछ शॉप भी रहेंगी। जहां से आप खाने-पीने और जरूरत का सामान भी खरीद सकेंगे। इसके लिए मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने तैयारी भी शुरू कर दी … Read more

मंत्री सारंग ने कहा- केन्‍द्र सरकार की गाइड-लाइन का तय समय-सीमा में हो प्रभावी क्रियान्वयन

भोपाल सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए निर्धारित “सहकार से समृद्धि’’ के विज़न के अंतर्गत दी गई गाइड-लाइन्स का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री सारंग ने आगामी 20 जून को भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित उच्च स्तरीय बैठक के लिए राज्य स्तर पर की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री सारंग शुक्रवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा कर रहे थे। अपर मुख्य सचिव श्री अशोक वर्णवाल भी बैठक में उपस्थित थे। मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के संकल्प की सिद्धि के लिए पूरी तत्परता से कार्य करें। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की हर योजना को हर गाँव, हर पंचायत, हर किसान और हर सहकारी संस्था तक पूरी प्रतिबद्धता के साथ शत-प्रतिशत क्रियान्वयन तय समय-सीमा में प्राथमिकता के साथ हो। मंत्री श्री सारंग ने प्रदेश के पैक्स की वर्तमान स्थिति, पैक्स अंतर्गत की जा रही गतिविधियाँ, बी-पैक्स को एम-पैक्स के रूप में डेवलप करना, प्रदेश के सहकारी बैंकों की वर्तमान स्थिति एवं सुदृढ़ीकरण पर चर्चा, प्रदेश के पैक्स द्वारा माइक्रो एटीएम के संचालन एवं विस्तार, पैक्स सोसाइटी द्वारा खाद एवं बीज वितरण व्यवस्था की समीक्षा, पैक्स कंप्यूटरीकरण की जिलेवार समीक्षा, प्रत्येक पंचायत में पैक्स, प्राथमिक डेयरी एवं मत्स्य पालन सहकारी समितियों का गठन एवं संचालन, पैक्स के माध्यम से सीएससी सेवाएं, जन-औषधि केन्द्र का संचालन, भारतीय बीज सहकारी समिति, नई राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति, एफपीओ का गठन, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष पर अभी तक किए गए कार्य एवं भविष्य की कार्य-योजना सहित सीपीपीपी द्वारा किये गये कार्य की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक श्री मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक विपणन संघ श्री अलोक कुमार सिंह, उप सचिव श्री मनोज सिन्हा, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री मनोज गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

गर्मी की छुट्टियों के बाद अब फिर से स्कूल खुलने का समय नजदीक, किताबों पर 10% डिस्काउंट, यूनिफार्म पर 15%

ग्वालियर गर्मी की छुट्टियों के बाद अब फिर से स्कूल खुलने का समय नजदीक आ गया है। ऐसे में बच्चों की कापी-किताबों और यूनिफार्म की खरीदारी फिर से जोर पकड़ने लगी है। इस बार अच्छी खबर ये है कि माता-पिता को जेब ढीली करने से पहले थोड़ा राहत जरूर मिलेगी, क्योंकि दुकानों पर अब भी पुस्तक मेले जैसा डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसका फायदा खासतौर पर नए एडमिशन लेने वाले बच्चों के परिवारों को मिलेगा   किताबों पर मिलेगी पुस्तक मेला वाली छूट ग्वालियर सहित अंचल में स्टेशनरी, किताबों और स्कूल यूनिफार्म की दुकानों पर अभी भी वही छूट दी जा रही है जो पुस्तक मेले के दौरान मिलती थी। दुकानदारों के अनुसार किताबों पर 10 प्रतिशत तक, जबकि कापी, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म पर 15 प्रतिशत तक का डिस्काउंट मिलेगा। इससे स्कूल शुरू होने से पहले की तैयारी अब कम खर्च में पूरी हो सकेगी। स्कूल खुलने की तारीखें सरकारी स्कूल: 16 जून से केंद्रीय विद्यालय: 20 जून के आसपास एमपी बोर्ड व सीबीएसई स्कूल: 1 जुलाई से इन तारीखों के अनुसार अब स्कूलों में पढ़ाई शुरू होने से पहले बच्चों को फिर से कापी-किताबें, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म की जरूरत होगी। नए एडमिशन वालों को होगा ज्यादा फायदा मार्च में लगे पुस्तक मेले के बाद अप्रैल में नया शिक्षण सत्र शुरू हुआ था, लेकिन अधिकतर छात्र अप्रैल के पहले सप्ताह में ही जरूरी चीजें खरीद चुके थे। अब जून-जुलाई में जो छात्र नए स्कूलों में एडमिशन ले रहे हैं, उन्हें एक बार फिर से ये सारी चीजें खरीदनी होंगी। ऐसे में ये डिस्काउंट उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। शहर की प्रमुख स्टेशनरी और यूनिफार्म दुकानों पर स्टॉक सज चुका है। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने पुस्तक मेले के दौरान जो छूट दी थी, वही साल भर जारी रखने का निर्णय लिया गया था। इसका लाभ अब भी सभी को मिलेगा, जिससे किसी को भी महंगे दामों पर सामान नहीं खरीदना पड़ेगा। एसोसिएशन अध्यक्ष ने क्या कहा? एसोसिएशन अध्यक्ष धनराज सेवानी का कहना है, “हमने पुस्तक मेले में ही निर्णय लिया था कि पूरे शिक्षण सत्र में किताबों, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म पर डिस्काउंट जारी रहेगा। यह निर्णय छात्रों और अभिभावकों के हित में है।”

16 जून से शुरू होगा शाला प्रवेश उत्सव , शिक्षा को जनअभियान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की नई पहल

रायपुर,  छत्तीसगढ़ में आगामी 16 जून 2025 से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों को  पत्र लिखकर “शाला प्रवेश उत्सव” में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह आयोजन राज्य में शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने और शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि प्रदेश को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने का लक्ष्य चुनौतीपूर्ण अवश्य है, परंतु यह असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि “असंभव को संभव” बनाने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर सार्थक प्रयास करने होंगे। इसके लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि कोई भी बच्चा विद्यालय से वंचित न रहे और सभी बच्चों का समय पर प्रवेश सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावशील है, तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यह सुनिश्चित किया गया है कि कक्षा 12वीं तक शाला त्याग दर को धीरे-धीरे शून्य किया जाए। इसके लिए शैक्षणिक अवरोधों को पहचानकर उन्हें दूर करने की जिम्मेदारी सभी हितधारकों की साझा है। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान: एक ठोस पहल मुख्यमंत्री श्री साय ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” की शुरुआत की जा रही है, जिसका उद्देश्य शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुधारना है। इसके साथ ही, सरकार द्वारा शिक्षकों एवं विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण करते हुए शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों में शिक्षकों की प्राथमिकता से पदस्थापना की गई है, जिससे शिक्षा का अधिकार हर बच्चे तक पहुंच सके। अधोसंरचना विकास सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में स्कूल शिक्षा क्षेत्र की अधोसंरचना और मूलभूत सुविधाओं के विकास को सरकार ने अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में रखा है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे शाला प्रवेश उत्सव के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में व्यक्तिगत सहभागिता करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे। सामाजिक सहभागिता से संवरता भविष्य  मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे” इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हम सभी को मिलकर परिणाममूलक कार्य करने होंगे। उन्होंने आशा जताई कि सभी जनप्रतिनिधि इस अभियान का नेतृत्व कर सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करेंगे और छत्तीसगढ़ को एक शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शाला प्रवेश उत्सव को बनाएं जनअभियान मुख्यमंत्री के इस पत्र को राज्य में शिक्षा को लेकर एक जनांदोलन की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल बच्चों की स्कूल तक पहुंच बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक सहभागिता को भी एक नई दिशा मिलेगी। प्रदेश सरकार के इस प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण को गति मिलेगी।

सोनम रघुवंशी और राज का नार्को टेस्ट से सामने आएगा, राजा रघुवंशी मर्डर केस का ‘पूरा सच’आएगा सामने?

इंदौर मेघालय में हनीमून के दौरान मार डाले गए इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी  राजा रघुवंशी मर्डर केस का पूरा सच सामने लाने के लिए अब आरोपियों का नार्को टेस्ट कराने की मांग उठने लगी है। राजा रघुवंशी के बड़े भाई ने मांग की है कि राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम (25) और राज कुशवाह का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। इस मामले में सोनम और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा (20) समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  मेघालय पुलिस की कस्टडी में हैं आरोपी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम पर आरोप है कि उसने कुशवाहा के साथ मिलकर उसके तीन दोस्तों की मदद से अपने पति की हत्या कराई ताकि उसे रास्ते से हटाया जा सके। इस मर्डर केस के के पांचों आरोपी फिलहाल मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं। इन आरोपियों से पूछताछ करके इस वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने इंदौर में कहा,”हम चाहते हैं कि मेघालय पुलिस सोनम और कुशवाह का नार्को टेस्ट कराए ताकि मेरे भाई की हत्या का पूरा सच बाहर आ सके।”  नार्को टेस्ट से पूरा सच आएगा सामने सचिन ने कहा, “सोनम और राज कुशवाहा से मेघालय पुलिस की पूछताछ को लेकर सामने आ रही खबरों से हमें लग रहा है कि दोनों मिलीभगत के तहत एक-दूसरे को इस वारदात का मास्टरमाइंड बताकर जांचकर्ताओं को गुमराह कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि सोनम और कुशवाहा अपने दम पर उनके भाई राजा रघुवंशी की हत्या नहीं कर सकते थे। सचिन ने कहा,”मुझे लगता है कि हत्याकांड में और लोग भी शामिल हैं जो अब तक मेघालय पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सोनम और कुशवाह के नार्को टेस्ट से इन लोगों के नाम भी पता चल सकते हैं।”  ‘राज-सोनम के नार्को टेस्ट से सामने आएगा सच’ राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने राजा हत्याकांड में शामिल सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह के नार्को टेस्ट की मांग की है। सचिन रघुवंशी का कहना है कि सोनम और राज दोनों ही पुलिस की पूछताछ में एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बताकर पुलिस को गुमराह कर रहे हैं इसलिए दोनों का नार्को टेस्ट होना चाहिए जिससे कि सच का पता चल सके। इसके साथ ही उन्होंने राजा की हत्या की साजिश में और लोगों के शामिल होने की आशंका भी जताई है। भाई-भतीजे ने किया राजा का पिंडदान इधर राजा रघुवंशी का उनके परिजन ने उज्जैन में पिंडदान किया। राजा के दशाकर्म के लिए भाई विपिन रघुवंशी, भतीजा विधान (विपिन का बेटा), भाई सुजित रघुवंशी व उज्जैन में रहने वाले रिश्तेदार सिद्धवट घाट पहुंचे थे। सोनम का भाई गोविंद भी पूजन करने इनके साथ आया था। राजा का पिंडदान भतीजे विधान ने किया। पूजन पंडित राजेश त्रिवेदी ने कराया। पिंडदान में पहुंचे सोनम के भाई गोविंद ने एक बार फिर साफ साफ कहा है कि सोनम उनके लिए मर चुकी है और अब उससे हमारा कोई रिश्ता नहीं है। सोनम और राज के रिश्ते के बारे में परिवार को मालूम था? राजा रघुवंशी के भाई ने इस मर्डर केस की विस्तृत जांच की मांग की और यह संदेह भी जताया कि सोनम और कुशवाहा के कथित करीबी रिश्ते के बारे में इस महिला के परिवार, खासकर उसकी मां को पहले से पता था, लेकिन इसके बावजूद सोनम पर पारिवारिक दबाव डालकर राजा के साथ उसकी शादी कराई गई। उन्होंने यह मांग भी की कि राजा रघुवंशी हत्याकांड का मुकदमा फास्ट ट्रैक अदालत में चलाया जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले लोगों को ‘दोहरे आजीवन कारावास’ की सजा दी जाए।  राज कुशवाहा है इस केस का मस्टरमाइंड मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के एसपी विवेक सायम ने बृहस्पतिवार को  बताया था कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ उनकी शादी से ठीक पहले इंदौर में रची गई थी। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि राज कुशवाहा है। सोनम ने इस साजिश के लिए अपनी रजामंदी दी थी। राजा रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार तीन अन्य आरोपियों-विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी पर शुरुआत में ‘भाड़े के हत्यारे’ होने का संदेह जताया गया था, लेकिन मेघालय पुलिस अब इन्हें कुशवाह के दोस्त बता रही है।  अन्य आरोपी सुपारी किलर नहीं, राज के दोस्त एसपी ने कहा, “हत्याकांड में शामिल तीनों युवक कुशवाह के दोस्त हैं जिनमें से एक आरोपी उसका चचेरा भाई है। यह हत्या की सुपारी देने का कोई आम मामला नहीं है, लेकिन साजिश हत्या की ही थी और तीनों युवकों ने अपने दोस्त कुशवाह की मदद के लिए इसे अंजाम दिया था।’’ सायम ने बताया कि कुशवाह ने तीनों युवकों को खर्च के लिए 50 हजार रुपये दिए थे। उन्होंने बताया कि राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचे जाने का सिलसिला फरवरी में इंदौर में शुरू हुआ था और आरोपियों ने इस वारदात के बाद सोनम के फरार होने के तरीके सोचे थे। 

बुर्का पहन मेघालय से भागी सोनम, फरवरी में ही बना लिया था राजा रघुवंशी की हत्या का प्लान,पुलिस का खुलासा

इंदौर जा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय पुलिस ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हत्या के बाद सोनम बुर्का पहनकर मेघालय से भाग गई थी। वह टैक्सी, बस और ट्रेन से मध्यप्रदेश के इंदौर पहुंची। हत्या की योजना फरवरी में ही बननी शुरू हो गई थी। साजिश को अंतिम रूप इंदौर में शादी से ठीक पहले दिया गया, जिसमें सोनम भी शामिल थी। पुलिस ने राज कुशवाहा के तीन दोस्तों विशाल, आकाश और आनंद को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सोनम 26 मई से आठ जून तक इंदौर में रही है। सुपारी किलर नहीं थे ये पुलिस के अनुसार, ये सुपारी किलर नहीं थे, बल्कि राज के दोस्त थे और दोस्ती के लिए हत्या करने को तैयार हो गए थे। राजा को मारने के बाद, आरोपियों ने एक और महिला की हत्या करके उसे सोनम के रूप में पेश करने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गहराई से कर रही जांच मेघालय पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। ईस्ट खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने इस मामले में कई अहम जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया कि हत्या की साजिश कैसे रची गई और कैसे आरोपियों ने इसे अंजाम दिया। पुलिस अधीक्षक विवेक सिएम ने बताया कि राजा की हत्या की योजना बहुत पहले से बन रही थी। आरोपियों ने 19 मई को असम में राजा को मारने की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। इसके बाद सोनम ने शिलॉन्ग और सोहरा जाने का सुझाव दिया। सभी आरोपी नोंग्रियात में मिले। वहां से वाई वेसाडोंग फॉल्स के लिए निकले। पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ उसकी शादी से ठीक पहले इंदौर में रची गई थी तथा इसका मास्टरमाइंड राज कुशवाह है, जबकि सोनम ने इस साजिश के लिए सहमति जताई थी. पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने कहा, “तीनों युवक दोस्त थे और उनमें से एक राज का चचेरा भाई है. यह हत्या की सुपारी देने का कोई मामला नहीं है. हां, योजना हत्या की थी और उन्होंने अपने दोस्त राज की मदद करने के लिए ऐसा किया.” पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज ने उन्हें खर्च के लिए 50,000 रुपये दिए थे. उन्होंने बताया कि वारदात की योजना फरवरी में इंदौर में शुरू हुई थी और उन्होंने राजा की हत्या के बाद सोनम के वहां से फरार होने के तरीके सोचे थे. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “आरोपियों की एक योजना यह थी कि लोगों को विश्वास दिलाया जाए कि वह झरने में बह गई होगी. दूसरी योजना यह थी कि किसी अनजान महिला की हत्या कर दी जाए, उसके शव को दोपहिया वाहन पर लाद दिया जाए, शव को जला दिया जाए और दावा किया जाए कि यह सोनम का शव है. हालांकि, कोई भी योजना सफल नहीं हुई.” 18 मिनट में कर दी हत्या विवेक सिएम के अनुसार, दोपहर 2:00 बजे से 2:18 बजे के बीच तीनों ने राजा पर माचेते (चाकू जैसे हथियार) से हमला कर दिया। सोनम के सामने ही राजा की हत्या कर दी गई। फिर लाश को खाई में फेंक दिया गया। हत्या के बाद सोनम ने अपना रेनकोट आकाश को दिया, क्योंकि उसकी शर्ट पर खून के धब्बे थे। बाद में उस रेनकोट और टू-व्हीलर को घटनास्थल से कुछ दूरी पर छोड़ दिया गया। पुलिस ने सोनम के ‘लापता’ होने के दौरान इसे बरामद किया था। बुर्का पहनकर भागी थी सोनम सोनम की फरारी की कहानी भी काफी दिलचस्प है। राज ने अपने दोस्त विशाल को एक बुर्का दिया, जिसे सोनम ने पहना। वह पुलिस बाजार से टैक्सी लेकर गुवाहाटी गई। फिर बस से सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल), फिर पटना और आरा, फिर ट्रेन से लखनऊ और वहां से बस से इंदौर पहुंची। गाइड की बात से खुलासा हुआ पूरा मामला तब खुला जब मेघालय मीडिया ने एक गाइड से बात की। उस गाइड ने राजा और सोनम को तीन अन्य लोगों के साथ देखा था। राज ने सोनम से कहा था कि वह सिलीगुड़ी जाकर खुद को अगवा बताकर पेश करे। लेकिन 8 जून को सोनम जब इंदौर से निकली, तभी मेघालय पुलिस की दो टीमें यूपी और मध्यप्रदेश पहुंच चुकी थीं। जब पहली गिरफ्तारी (आकाश) हुई, तब राज घबरा गया। उसने सोनम से कहा कि वह अपने परिवार को फोन कर दे और कहे कि वह किसी गैंग से बचकर निकली है। यहीं से यह पूरा मामला उजागर हुआ और सोनम गाज़ीपुर में पुलिस के सामने आई। सोनम और राज को लगा था कि राजा की लाश जल्दी नहीं मिलेगी क्योंकि जगह बहुत दुर्गम थी और जांच में महीने भर का वक्त लग सकता था। इसी वजह से सोनम खुद को अगवा दिखाकर सहानुभूति पाना चाहती थी। 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल कर देंगे एसपी सिएम ने कहा कि आरोपियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि 90 दिनों की समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। सभी पांच आरोपियों को बुधवार को 8 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।

ट्रंप की धमकी के बाद बोले ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन, ‘ऐसा हमला करेंगे कि इजरायल को होगा अफसोस’

वॉशिंगटन/ तेहरान/ तेल अवीव इजरायल के हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ‘कुछ भी न बचे’ उससे पहले ईरान जल्द से जल्द परमाणु समझौते के लिए तैयार हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर बाद में होने वाले इजरायली हमले “और भी क्रूर” होंगे। हाल के हफ्तों में ईरान के साथ एक नए परमाणु समझौते पर बातचीत तेज हो गई है, लेकिन तेहरान का यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार पर जोर देना एक बड़ा मुद्दा साबित हुआ है। शुक्रवार को इजरायल ने ईरान के परमाणु सुविधाओं, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और एयर डिफेंस सिस्टम पर भीषण हमला किया। इन हमलों में कम छह ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। इसके बाद ईरान ने इजरायल से बदला लेने का कसम खाई है। ट्रंप बोले- नरसंहार को खत्म करने को अब भी समय शुक्रवार की सुबह ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि ईरानी नेताओं को “पता नहीं था कि क्या होने वाला है। वे सभी अब मर चुके हैं, और यह और भी बदतर हो जाएगा!” ट्रंप ने लिखा, “पहले से ही बहुत सारी मौतें और विनाश हो चुके हैं, लेकिन इस नरसंहार को समाप्त करने के लिए अभी भी समय है, अगले पहले से ही योजनाबद्ध हमले और भी क्रूर हैं।” उन्होंने कहा, “ईरान को एक समझौता करना चाहिए, इससे पहले कि कुछ भी न बचे, और जिसे कभी ईरानी साम्राज्य के रूप में जाना जाता था उसे बचाना चाहिए।” ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर क्या लिखा ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “मैंने ईरान को सौदा करने के लिए कई मौके दिए। मैंने उन्हें सबसे कड़े शब्दों में कहा, “बस करो”, लेकिन चाहे उन्होंने कितनी भी कोशिश की हो, चाहे वे कितने भी करीब क्यों न पहुंचे हों, वे इसे पूरा नहीं कर पाए। मैंने उनसे कहा कि यह उनके द्वारा ज्ञात, प्रत्याशित या बताई गई किसी भी चीज से कहीं ज़्यादा बुरा होगा, कि संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया में कहीं भी सबसे अच्छा और सबसे घातक सैन्य उपकरण बनाता है, अब तक, और इजरायल के पास इसका बहुत ज़्यादा हिस्सा है, और आने वाले समय में और भी बहुत कुछ होगा – और वे इसका इस्तेमाल करना जानते हैं।” महायुद्ध की आहट; खामेनेई का करीबी भी इजरायली हमले में घायल इजरायल के हमले में ईरान को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ईरान के आर्मी चीफ मोहम्मद घावेरी मारे गए हैं तो वही एलीट फोर्स कही जाने वाली इस्लामिक रिवॉलूशनरी गार्ड के लीडर हुसैन सलामी की भी मौत हो गई है। यही नहीं इस हमले में ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार भी जख्मी हो गए हैं। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने ही अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है। रिपोर्ट में कहा गया कि शीर्ष नेता के सलाहकार अली शमखानी भी आज के यहूदी अटैक में घायल हुए हैं। इस बीच इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के महायुद्ध में तब्दील होने की भी आशंका है। एक तरफ इजरायल के जवाब में ईरान ने 100 ड्रोन्स से जवाब देने की कोशिश की है तो वहीं इजरायल का कहना है कि अभी तो यह शुरुआत है। इस बीच मिडल ईस्ट के कई देशों ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। आशंका यह है कि कहीं यात्री विमान ना ईरान और इजरायल के हमले की चपेट में आ जाएं। ईरान और इजरायल के पड़ोसी देशों इराक, लेबनान, सीरिया और जॉर्डन ने अपने एयरस्पेस फिलहाल बंद कर लिए हैं। इसके चलते कई देशों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ईरान का एयरस्पेस बंद होने से भारत की ही तमाम उड़ानों को वापस दिल्ली या मुंबई लौटना पड़ा है। इसके अलावा विदेशों से आ रही फ्लाइट्स को डायवर्ट करके लाया जा रहा है। इजरायल ने तो अपने यहां विमानों का संचालन अगली सूचना तक रोक दिया है। ईरान ने तेहरान के अपने मुख्य हवाई अड्डे तक को बंद कर दिया है। माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच जंग में तेजी आ सकती है। इजरायल का कहना है कि वह अब भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले करेगा। इजरायल ने कहा कि यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो। यही बात डोनाल्ड ट्रंप ने भी कही है और उन्होंने इजरायल की सुरक्षा के लिए तत्पर रहने की बात कही है। इस तरह नेतन्याहू से लेकर ट्रंप तक के रुख ने महायुद्ध की आशंकाओं को बल प्रदान किया है। गौरतलब है कि इजरायल ने करीब 100 ठिकानों पर ईरान के अंदर अटैक किया है। इस हमले के बाद से ही दुनिया भर में आशंकाओं का दौर तेज है। बाजारों पर भी इस जंग का असर दिख रहा है। कच्चे तेल के दामों में इजाफा हुआ है तो वहीं एयरलाइन कंपनियों के शेयर गिरे हैं। ऐसे में अगले कुछ दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से अहम रहने वाले हैं। ईरान को दी सीधी चेतावनी ट्रंप ने आगे कहा, “कुछ ईरानी कट्टरपंथियों ने बहादुरी से बात की, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि क्या होने वाला था। वे सभी अब मर चुके हैं, और यह और भी बदतर हो जाएगा! पहले से ही बहुत ज़्यादा मौतें और विनाश हो चुका है, लेकिन इस नरसंहार को समाप्त करने के लिए अभी भी समय है, अगले पहले से ही योजनाबद्ध हमलों के साथ और भी ज़्यादा क्रूर। ईरान को सौदा करना चाहिए, इससे पहले कि कुछ भी न बचे, और जो कभी ईरानी साम्राज्य के रूप में जाना जाता था उसे बचाएं। अब और मौत नहीं, और विनाश नहीं, बस करो, इससे पहले कि यह हो जाए बहुत देर हो चुकी है। भगवान आप सबका भला करे!” ईरान के न्यूक्लियर साइट पर इजरायल ने फिर शुरू किए हमले इजरायल ने एक बार फिर से ईरान पर हमले शुरू कर दिए है. ईरानी मीडिया के अनुसार इजरायल ने अब शिराज और तबरीज शहरों के साथ-साथ नतान्ज न्यूक्लियर साइट पर फिर से हमला शुरू कर दिया है.  हिजबुल्लाह इजरायल पर हमला नहीं करेगा इजरायल पर हमले के लिए हिजबुल्लाह ईरान का साथ नहीं देगा. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक हिजबुल्लाह के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा … Read more

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