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जंग की ‘तपीश ‘ में तपकर चमका कुंदन ! 10 ग्राम का भाव ₹1 लाख के पार, आया सबसे तेज उछाल, तोड़े सारे रिकॉर्ड- आगे क्या?

मुंबई  इजरायल का ईरान की राजधानी तेहरान पर अटैक के बाद Gold की कीमत में भारी उछाल दिखाई दे रहा है. MCX पर सोना 1 लाख रुपये के पार पहुंच चुका है. इस उछाल के साथ ही Gold ने इतिहास बना दिया है. MCX पर सोने की कीमत पहली बार ₹1,00,000 प्रति 10 ग्राम के पार पहुंची है. इस लेवल पर पहुंचने में गोल्‍ड को सिर्फ 74 दिन का वक्‍त लगा है.  यह अब‍तक की सबसे तेज उछाल है. गोल्‍ड ने इस साल निवेशकों को मार्केट से भी ज्‍यादा रिटर्न बनाकर दिया है, जिसने यह साबित किया है कि Gold आज भी मुसीबत में काम वाला असेट है. इसके अलावा, चांदी का भाव भी रिकॉर्ड बना रहा है. MCX पर चांदी का भाव 1 लाख 6 हजार प्रति किलो के पार है, जो कुछ दिन पहले 96 हजार के करीब था.  22 अप्रैल का रिकॉर्ड फिर टूटा इससे पहले 22 अप्रैल को भी गोल्ड फ्यूचर्स 2,048 रुपये की तेजी के साथ 1,00,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा था. अब एक बार फिर सोने की कीमत ने इस लेवल को पार करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया है. मिडिल ईस्ट में तनाव और कमजोर रुपया बना वजह एक्सपर्ट्स का कहना है कि इजराइल और ईरान के बीच तनाव (Israel-Iran conflict) की वजह से मिडिल ईस्ट में हालात गंभीर(Middle East Tensions) हो गए हैं. इसके चलते ग्लोबल इन्वेस्टर्स ने सेफ इनवेस्टमेंट ऑप्शन यानी सोने की तरफ रुख किया है. साथ ही, भारतीय रुपये में कमजोरी भी सोने की कीमतों (Gold Rate In India) में तेजी का बड़ा कारण बना. इस वक्त रुपया 56 पैसे टूटकर 86.08 पर पहुंच गया है, जो डॉलर के मुकाबले भारी गिरावट है. ग्लोबल लेवल पर भी सोना चमका न सिर्फ भारत, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी सोना चमक रहा है. इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड फ्यूचर्स 41.62 डॉलर प्रति औंस यानी 1.22% चढ़कर 3,444.02 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया. यूएस डेटा और फेड की पॉलिसी भी फैक्टर एक्सपर्ट के अनुसार, अमेरिका के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और कोर PPI के डेटा से ये साफ हुआ है कि अमेरिका में महंगाई थोड़ी कम हो रही है. इससे इन्वेस्टर्स को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे चलकर अपनी मौद्रिक नीति थोड़ी आसान कर सकता है. इसका असर भी सोने की कीमतों (Gold Prices) पर पड़ा है. अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना भी रिकॉर्ड हाई पर MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना भी 1,970 रुपये चढ़कर 1,01,295 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जो अभी तक का सबसे ऊंचा स्तर है. सोना-चांदी के भाव में क्‍यों आई इतनी तेजी?      ईरान पर इजरायल के हमले से जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ चुका है. जिस कारण निवेशक अब गोल्‍ड में निवेश की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में सोने के दाम में जबरदस्‍त उछाल देखी जा रही है.      वहीं क्रूड ऑयल के दाम में 13 फीसदी तक की उछाल आई है. जिससे दुनियाभर में आर्थिक संकट गहरा गया है. इसके अलावा, डॉलर इंडेक्‍स में भी लगातार कमजोरी देखी जा रही है.      दुनिया के ज्‍यादातर देश फिर से गोल्‍ड को स्‍टोर करने लगे हैं. चीन और भारत में सोने की खरीदारी खूब हो रही है, जिस कारण गोल्‍ड प्राइस के दाम में तेजी आई है.      ETF जैसे निवेश विकल्‍प में खरीदारी तेज हुई है, जिस कारण Gold-Silver प्राइस प्रभावित हुआ है.  MCX पर गोल्‍ड प्राइस  आज एमसीएक्‍स पर रिकॉर्ड तोड़ते हुए 5 अगस्‍त वायदा के लिए सोना 1742 महंगा होकर 100154 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. जबकि चांदी के दाम में 533 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह 1 लाख 6 हजार रुपये के पार पहुंच गया.  सर्राफा बाजार में सोना  सर्राफा बाजार में भी सोने की कीमत में बढ़ोतरी देखी जा रही है. 24 कैरेट गोल्‍ड सर्राफा बाजार में 97460 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है. 23 कैरेट का भाव 97070 रुपये और 22 कैरेट का भाव 89270 रुपये प्रति 10 ग्राम था. इसके अलावा, 18 कैरेट गोल्‍ड प्राइस 73090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था. चांदी का भाव आज सर्राफा बाजार में 1 लाख 6 हजार रुपये प्रति किलो पर है.   

राज्य में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से हुआ जल संरचनाओं के निर्माण स्थलों का चयन

मंत्री पटेल से महाराष्ट्र के अधिकारियों ने की भेंट सिपरी सॉफ्टवेयर से प्रभावित हुआ महाराष्ट्र का दल, फील्ड विज़िट में देखा ग्राउंड इम्पैक्ट राज्य में पहली बार वैज्ञानिक पद्धति से हुआ जल संरचनाओं के निर्माण स्थलों का चयन मनरेगा परिषद का अभिनव नवाचार बना अन्य राज्यों के लिए उदाहरण भोपाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल से महाराष्ट्र सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के छह सदस्यीय दल ने शुक्रवार को उनके शासकीय निवास पर मुलाकात की। इस अवसर पर वर्षा जल के संचयन और भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए किए जा सकने वाले प्रयासों पर विस्तृत चर्चा हुई। महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों ने इस दौरान मध्यप्रदेश में वर्षा जल और भूजल प्रबंधन को लेकर किए जा रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। खासतौर पर दल ने जल गंगा संवर्धन अभियान और सिपरी सॉफ्टवेयर की प्रशंसा की। इस अवसर पर मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद, महाराष्ट्र सरकार के वाटरशेड विभाग के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलाकर रणदिवे, अवर सचिव मृदा एवं संरक्षण विभाग देवेन्द्र भामरे, प्रकाश पाटिल, क्षेत्रीय जल संरक्षण अधिकारी दिलीप निपाने, जीआईएस विशेषज्ञ अमोल विधाते और असिस्टेंट इंजीनियर अविनाश देवपारे शामिल रहे। महाराष्ट्र के दल ने को सिपरी सॉफ्टवेयर की सराहना जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मध्यप्रदेश मनरेगा परिषद द्वारा किए गए नवाचारों का अध्ययन करने के लिए महाराष्ट्र सरकार का यह छह सदस्यीय दल 12 जून को दो दिवसीय दौरे पर भोपाल आया। दल के सदस्यों ने फील्ड में जाकर सिपरी सॉफ्टवेयर के माध्यम से चिन्हित किए गए खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का अवलोकन किया। उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर के कार्य को गहराई से देखा और उसकी तकनीकी कार्यप्रणाली की सराहना की। यह पहला अवसर है जब मध्यप्रदेश में सॉफ्टवेयर की मदद से वैज्ञानिक पद्धति से खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थलों का चयन किया गया। दल ने किया फील्ड भ्रमण भोपाल आगमन के पश्चात दल ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी और मनरेगा आयुक्त-संचालक वाटरशेड मिशन अवि प्रसाद से पृथक से भेंट कर विस्तृत चर्चा की। पहले दिन 12 जून को अधिकारियों ने भोपाल जिले की जनपद पंचायत बैरसिया की ग्राम पंचायत गुनगा एवं जैतपुर का भ्रमण किया, जहां उन्होंने सिपरी सॉफ्टवेयर से चिन्हित खेत तालाब और अमृत सरोवरों के निर्माण स्थल देखे। इस दौरान उन्होंने हितग्रहियों से चर्चा भी की। शुक्रवार को दल ने रायसेन जिले के सांची विकासखंड का भ्रमण किया और वहां भी सिपरी सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली को देखा व आवश्यक जानकारियां प्राप्त कीं। एमपीएसईडीसी ने दी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी विकास भवन में एमपीएसईडीसी और इसके नॉलेज पार्टनर संस्थाओं के विषय विशेषज्ञों ने प्रजेंटेशन के माध्यम से महाराष्ट्र से आए अधिकारियों को सिपरी सॉफ्टवेयर की तकनीकी जानकारी दी।साथ ही मनरेगा परिषद के अधिकारियों ने प्लानर सॉफ्टवेयर और एरिया ऑफिसर ऐप के बारे में भी दल को अवगत कराया। यह जानकारी इस बात पर केंद्रित थी कि ये तकनीकी उपकरण किस प्रकार कार्य को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाते हैं। क्या है सिपरी सॉफ्टवेयर और प्लानर ऐप सिपरी (Software for Identification and Planning of Rural Infrastructure) एक उन्नत तकनीकी सॉफ्टवेयर है, जिसे महात्मा गांधी नरेगा, मध्यप्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल द्वारा एमपीएसईडीसी और इसरो के सहयोग से विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण हेतु उपयुक्त स्थलों की सटीक पहचान कर गुणवत्तापूर्ण संरचनाओं का निर्माण सुनिश्चित करना है। यह भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) आधारित वैज्ञानिक पद्धतियों से कार्य करता है। वहीं प्लानर ऐप मनरेगा परिषद द्वारा विकसित एक डिजिटल उपकरण है जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा कार्यों की वार्षिक कार्ययोजना को सरलता से तैयार करना है। यह ऐप मनरेगा के उद्देश्यों और प्रावधानों के अनुपालन को भी सुनिश्चित करता है। इस तरह की पहल करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राज्य में हो रहे हैं कार्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत बारिश की हर बूंद का संचयन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका समापन 30 जून को होगा। अभियान के अंतर्गत सिपरी सॉफ्टवेयर की मदद से प्रदेशभर में 79,815 खेत तालाब, 1,254 अमृत सरोवर और 1,03,900 कूप रिचार्ज पिट चिन्हित किए गए हैं, जिन पर निर्माण कार्य प्रगति पर है।अब तक 2 लाख 30 हजार से अधिक जलदूतों ने स्वयं को पंजीकृत किया है, जो इस अभियान को धरातल पर सफल बनाने में जुटे हुए हैं।   

भोपाल में अमृत हरित महा अभियान पर हुई कार्यशाला, समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया

नगरीय क्षेत्रों को नगर वन से पर्यावरण के अनुकूल बनायें : एसीएस शुक्ला हरित क्षेत्र के मामले में मध्यप्रदेश बने देश का मॉडल स्टेट: एसीएस शुक्ला भोपाल में अमृत हरित महा अभियान पर हुई कार्यशाला, समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने कहा है कि बढ़ती आबादी के दबाव के कारण शहरों का पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। जरूरत इस बात की है कि जन भागीदारी से हम शहरों में हरित क्षेत्र को बढ़ायें। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पौधरोपण के साथ-साथ हम पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करें। अपर मुख्य सचिव शुक्ला शुक्रवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में अमृत हरित महा अभियान पर केन्द्रित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण जुड़ी गतिविधियों और पहल का प्रसार करना है। कार्यशाला में समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव शुक्ला ने कहा कि आगामी बारिश के मौसम के दौरान जिन चिन्हित स्थानों पर पौधरोपण होना है, वहां व्यापक स्तर पर तैयारी की जाये। शुक्ला ने कहा कि शासकीय भवन परिसर, कॉलेज एवं स्कूल परिसर के आस-पास पौधरोपण किया जाये। उन्होंने कहा कि नगरों के कुल क्षेत्रफल का लगभग 20 से 25 प्रतिशत भाग समृद्ध हरित क्षेत्र होना चाहिए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि हमारे देश में प्राचीन काल से जिन पेड़ों को आस्था के साथ लगाया जाता रहा है, हम उनको स्थानीय परिस्थिति के अनुसार ज्यादा संख्या में लगा सकते हैं। इनमें आम, जामुन, पीपल, नीम इत्यादि हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे काम करने वाले नगरीय निकायों को पुरस्कृत किये जाने की भी पहल की जाना चाहिए। एक करोड़ पौधरोपण का कार्यक्रम कार्यशाला में नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि वर्षा काल के दौरान प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में एक करोड़ पौधरोपण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि व्यापक पौधरोपण और वृक्षों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शत-प्रतिशत जनभागीदारी से सफल हो सकती है। आयुक्त ने कहा कि पौधरोपण के साथ उनकी सुरक्षा से जुड़ी 3 वर्ष की कार्य योजना बनाये जाना भी जरूरी है। आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक नगर परिषद में एक लाख, नगर पालिका में 5 लाख और नगर निगम में 15 से 20 लाख पौधरोपण की योजना तैयार की जाये। औद्योगिक क्षेत्र की चर्चा करते हुए आयुक्त ने कहा कि पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में वर्षा काल के इस सीजन में 11 लाख पौधरोपण की योजना तैयार की गई है। इसी तरह की योजना मंडीदीप सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में भी बनाई जा रही है। आयुक्त ने कहा कि हमें अमृत मित्र तैयार करना होंगे, जो इस कार्य में सहयोग करेंगे। विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी कार्यशाला में अपर आयुक्त कैलाश वानखेड़े, आईआईएफएम के डॉ. योगेश दुबे ने शहरी अधोसंरचना में नीली-हरी अवसंरचना का प्रबंधन, एप्को के रामरतन ने जलवायु परिवर्तन, एसपीए भोपाल के सौरभ पोपली ने शहरी स्थल पर हरित प्रणाली, अपर आयुक्त सुटीना यादव ने पर्यावरण संरक्षण संबंधित कानून और प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा ने नगर वनों के विकास की जानकारी दी। कार्यशाला में दिव्यांग पार्क और छिंदवाड़ा में आधुनिक पार्क पर केन्द्रित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। रवीन्द्र भवन परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी का बड़ी संख्या में नागरिकों ने अवलोकन किया। प्रदर्शनी में खाद, बीज, उन्नत किस्म के पौधे, कृषि और उद्यानिकी के लिये उपयोगी यंत्रों का विक्रय एवं प्रदर्शन किया गया।  

ईरान के इस्फहान परमाणु ठिकाने पर इजरायली हमलों का कोई असर नहीं: IAEA

तेल अवीव इजरायल ने शुक्रवार की सुबह ईरान पर एक साथ कई हवाई हमले किए. दोनों देशों के बीच काफी समय से तनातनी चल रही है. इजरायल को ऐसी खुफिया जानकारी मिली थी, जिसमें  ईरान में परमाणु बम बनाने के संकेत मिले थे.  कई चेतावनियों के बाद आज तड़के इजरायल ने ईरान के परमाणु साइट पर हमला बोल दिया. ये हमले इतने सटीक थे कि सिर्फ ईरान स्थित परमाणु प्लांट, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों के ठिकाने ही तबाह हुए.  इजरायल के आईडीएफ ने ये स्पष्ट कर दिया है कि उनकी खुफिया एजेंसी (मोसाद) से मिली सटीक जानकारी के बाद ही ये हमला हुआ है और सिर्फ उन जगहों पर ही प्रहार किया गया, जहां उनका परमाणु कार्यक्रमऔर इजरायल विरोधी सैन्य गतिविधियां चल रही थी. जब बात इजरायल की खुफिया एजेंसी की आती है तो हर किसी के जेहन में मोसाद का नाम कौंध जाता है.  अपने कारनामों के लिए जाना जाता है मोसाद मोसाद इजरायल की खुफिया एजेंसी है और ये दुनिया की सबसे खतरनाक और तेज-तर्रार एजेंसी मानी जाती है. इसके काम करने का तरीका इतना सटीक होता है कि दुश्मन इसके नाम से ही खौफ खाते हैं. चाहे वो हमास के छुपे हुए शीर्ष कमांडर को खोजकर मौत के घाट उतारना हो, या फिर ईरान के अतिसुरक्षित परमाणु कार्यक्रम की डिटेल उड़ानी हो. हर काम में मोसाद के तेज-तर्रार एजेंट सफाई से अंजाम देते हैं.  अब आईडीएफ ने ऑपरेशन राइजिंग लॉयन के तहत जब ईरान के नतांज परमाणु स्थल पर हमला किया, इसके पहले सारा होमवर्क मोसाद का था. क्योंकि ईरान पर हमले के बाद आईडीएफ ने इसकी पुष्टि भी की. यरुशल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल सैन्य अधिकारियों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिली थी कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम में काफी तेजी आई है. पता चला है कि ईरानी शासन परमाणु हथियार बनाने का प्रयास कर रही है.  इजरायल ने आपातकाल घोषित कर दिया एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल के 200 से अधिक लड़ाकू विमानों ने पहले ही ईरान के कुछ ठिकानों को तबाह कर दिया है. बदले में अगर कुछ ड्रोन या मिसाइलें इजरायल के हवाई रक्षा तंत्र को भेदने में कामयाब होती हैं तो तेल अवीव और यरुशलम जैसे शहरों में सीमित नुकसान होगा. इजरायल ने आपातकाल घोषित कर दिया है और नागरिकों को बम शेल्टरों में भेजा गया है. असली युद्ध का खतरा अब बढ़ गया लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि असली युद्ध का खतरा अब बढ़ गया है क्योंकि दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने कहा है कि इजरायल को इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. यह संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट में फैल सकता है जिसमें ईरान समर्थित समूह हिजबुल्लाह, हमास और हूती विद्रोही शामिल हो सकते हैं. कमजोर होने के बाद भी हिजबुल्लाह लेबनान से और हूती यमन से इजरायल पर हमले तेज कर सकते हैं. इजरायल इसके लिए पूरी तरह से तैयार बैठा अगर ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करता है तो इजरायल इसके लिए पूरी तरह से तैयार बैठा. इस युद्ध में वैश्विक शक्तियों के शामिल होने की भी आशंका है जो इस युद्ध को और भी खतरनाक बना सकता है. अमेरिका पहले से ही क्लियर है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता है. वह इस बात को लेकर भी क्लियर है कि वह इजरायल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और उसकी सेना क्षेत्र में तैनात है.  अमेरिका यही चाहता है? दूसरी तरफ रूस और चीन जैसे देश ईरान के साथ अपने रणनीतिक संबंधों के कारण उसका समर्थन कर सकते हैं. अगर ये देश प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध में शामिल होते हैं तो यह एक बड़े युद्ध की आहट बन सकता है. तेल की आपूर्ति पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा. एक्सपर्ट्स का एक पॉइंट यह भी है कि ईरान का अगर किसी ने खुलकर साथ नहीं दिया तो वह कमजोर होगा. अमेरिका यही चाहता है. इसके बाद ईरान की स्थिति भी मिडिल ईस्ट के बाकी मुस्लिम देशों की तरह हो जाएगी. अब देखना होगा कि दोनों में से क्या स्थिति बनेगी.  ईरान के सारे परमाणु ठिकाने की दी सूचना  आईडीएफ के अनुसार मोसाद ने ही वो खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई थी, जिसमें  हजारों किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम के उत्पादन के प्रयास के साथ-साथ अंडरग्राउंड फैसिलिटी में  एटॉमिक फिजन की कोशिश करने के ठोस सबूत थे. यही वजह है कि आईडीएफ ने कहा कि ईरान के पास इतना यूरेनियम है कि वह कुछ ही दिनों में 15 परमाणु हथियार बना सकता है. मोसाद ने किया सफाई से काम  मोसाद ने अपना काम इतनी सफाई से किया और ईरान के गुप्त परमाणु और सैन्य ठिकाने की समय रहते जानकारी अपनी सेना तक पहुंचाई. यरुशलम टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ ने भी कहा कि इजरायल के पास ऑपरेशन “राइजिंग लायन” के तहत हवाई हमले करने के अलावा “कोई विकल्प नहीं बचा है. क्योंकि हमें खुफिया एजेंसी से जो जानकारी मिली है, उससे ये संकेत मिलता है कि ईरानी शासन उस बिंदु पर पहुंच रहा है जहां से वापसी संभव नहीं है.   राइजिंग लॉयन के पीछे मोसाद का होमवर्क मोसाद ने ही इजरायली सेना को ईरान के परमाणु साइट और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अड्डे की जानकारी दी थी. इसके बाद ही राइजिंग लॉयन ऑपरेशन के तहत आईडीएफ ने ऐसा सटीक हमला किया कि सिर्फ टारगेट को ही नुकसान पहुंचा है. मोसाद से मिली जानकारी के बाद ही आईडीएफ ने अपने लक्ष्य निर्धारित किए थे. इस बारे में इजरायल की सेना ने भी बताया कि उन्होंने सिर्फ ईरानी कमांडर, बेस और परमाणु स्थल को टारगेट बनाया था. हालांकि, मुख्य लक्ष्य परमाणु स्थल ही हैं. मोसाद की सूचना पर ही आईडीएफ ने किया सटीक हमला मोसाद की मदद से ही आईडीएफ ने ईरान पर हमले से उस पर साइबर अटैक किया और उनके एयर डिफेंस सिस्टम को जाम कर दिया. इसके बाद सुबह ऑपरेशन राइजिंग लायन के एक-एक कर इजरायल ने ईरान के परमाणु साइट और अलग-अलग जगहों पर सैन्य महत्व के बिल्डिंग्स को निशाना बनाया. इन हमलों में नतांज का परमाणु साइट तबाह हो गया. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर हुसैन सलामी और आईआरजीसी के मेजर जनरल गुलाम … Read more

युवा कांग्रेस के चुनावों की आई सूची, अध्यक्ष के लिए 18 तो महासचिव के 178 दावेदार

भोपाल  मध्य प्रदेश में युवा कांग्रेस के चुनावों के लिए नामांकन की स्क्रूटनी के बाद उम्मीदवारों की सूची जारी की गई है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए 20 नामांकन फार्म भरे गए थे, जिनमें से एक नामांकन को रिजेक्ट किया गया और एक को होल्ड पर रखा गया। राजीव सिंह का नामांकन होल्ड किया गया है, जबकि डॉ दौलत पटेल का नामांकन रिजेक्ट हुआ है। महासचिव के 178 उम्मीदवार कांग्रेस के चुनाव में प्रदेश महासचिव के लिए टक्कर ज्यादा है। कुल 182 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से 4 के नामांकन होल्ड किए गए हैं और 178 नामांकन स्वीकार किए गए हैं। युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के लिए उम्मीदवार प्रदेश अध्यक्ष के लिए 18 उम्मीदवारों में नाम हैं। इनमें योगिता सिंह, जावेद पटेल, अभिषेक परमार, नीरज पटेल, गीता कड़वे, प्रमोद सिंह, विश्वजीत सिंह चौहान, विनय पांडेय, राजवीर कुडिया, प्रियेश चौकडे़, अब्दुल करीम सिद्दीकी, शुभांगना राजे जामनिया, आशीष चौबे, यश घनघोरिया, देवेन्द्र सिंह दादू, स्वीटी पाटिल, शिवराज यादव, और मोनिका मांडरे शामिल हैं। रेस में यश आगे पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक लखन घनघोरिया के बेटे यश घनघोरिया का नाम रेस में आगे है और फिलहाल कांग्रेस के सभी दिग्गजों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि कई दावेदारों ने परिवारवाद को लेकर यश पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदेश महासचिव के उम्मीदवार किशोर सोलंकी, ऋतिक नाथ चौहान, राहुल हितेश ठाकुर राज नेमा, शुभम दुबे, अक्षय जायसवाल, सत्यम सिंह गुर्जर, अली शान मोहम्मद, इरफान खान, जयंत जोशी, आदित्य मिश्रा, गौरव विनोद दीक्षित, सुमन मौर्य, धीरज सिंह परिहार, अभिषेक पांडे, दिगंबर पारधी, अखंड प्रताप सिंह चौहान, अभिषेक जाट, आशुतोष सिंह, विनोद नाथ, प्रीतेश पटेल, सुनील कुमार जायसवाल, पंकज सिंह, शिवदीप रघुवंशी, आसिफ मोहम्मद, मानवेंद्र सिंह गुर्जर, यशवीर सिंह गोयल, धनजी गिरी, आशुतोष आर्य, राहुल राजपूत, अमन सिद्दीकी, जितेंद्र लोधी, मोहम्मद अली हुसैन, हेमंत कुमार मेहता, दीपक ठाकुर, रितेश रोहित, देवांशु सिंह परिहार, रोहित राजोरिया, शिव शंकर पोगरा, सांवरिया पटेल, अर्जुन गुर्जर, भागीरथ ख़तवासे, सुरेखा शाह, शहरयार, शेखर शर्मा, सद्दाम पटेल, अमित कुमार सोहेल पटेल, अनुज पटेल, योगेश एरोलू, मोहम्मद इरफान मनोज पाटीदार, लोकेश दीक्षित, सोपान कोहली, मोहम्मद यावर चौधरी, प्रांजल तिवारी, सागर मोतियानी, मोहम्मद जैद, अनिकेत द्विवेदी, शिवम सिंह परिहार, विजय सिंह बिष्ट, गौरी पारुलेकर प्राची पारधी, यश संजय दवे, धनंजय मिश्रा, राहुल डी, गीता मेहता, नमन दुबे, भूमन्यु सिंह, शुभम चौहान, जितेंद्र सिंह, अपूर्व जैन, सुष्मिता सिंह, सिद्धांत तिवारी, कुणाल सोलंकी, प्रतीक जैन, ऋषभ मिश्रा, मुस्तकीम कुरैशी, नरेंद्र यादव, कृष्णा पंडित, प्रमोद पटेल, ज्योति सनेरिया, दिव्यांशु मिश्रा, मेहताब मावई गुर्जर, शुभम बागरी, विकास चौधरी, कुणाल गजभिए, शिवम पांडे, नितेश आर्य, रवि मुकाती, जितेंद्र इवने, हर्षल आंजना, लोकेंद्र शर्मा, सौम्या राज परते, श्रद्धा सिंह, सोहेब कुरैशी, पवन भिलाला, राहुल वामनिया, अर्जुन नरवाले, रवि दुधानिया, विक्की भदोरिया, दीपेंद्र सोलंकी, प्रिंस नवांगे, मोहम्मद शाहबाज खान, बलवान कुशवाहा, जगदीश सूर्यवंशी, रोहित राजोरिया, विपिन सिंह चौहान, सलमान गौरी, श्रेया यादव, अब्दुल आमिर, सागर शुक्ला, जुनैद अली, पायल जैन, आशुतोष चौधरी, शालू पुरोहित, हाजी मुजाहिद अली, अंकित दुबे, स्मिता तोमर, गंगा पट्टा, राजमल, पंकज कुमार सिंह, मोहित सक्सेना, अंकित यादव, सिद्धार्थ रैकवार, खुशी गुर्जर, निखिल चौकसे, राधा मालवीय, उदित देव परमार, अभिषेक पटेल, आदित्य शर्मा, अतुल मिश्रा, अक्षय दुबे, सक्षम गुलाटी, दीपक तिवारी, प्रवीण चौधरी, संजय पटेल, रेणुका गांधी, मोहम्मद आतीक खान, अर्पित तिवारी, चेतन चौधरी, दर्शन कोरी, लुकमान कुरेशी, रोहित वंशकार, अतीक मंसूरी, विक्रम सिंह, शेख सलमान, विनोद पाटीदार, संदीप अग्रहरि, अदनान अंसारी, अभिषेक शुक्ला, अभिजीत तोमर, गौरव परमार, रजा कादरी, विजय यादव, युवराज सिंह सूरमा, मंजू गुर्जर, शांभवी शुक्ला, अभय सोलंकी, बृजपाल राजावत, गौरीशंकर गुर्जर, वीरेश जादौन, प्रियंका केसरवानी, तारिक खान, अमनदीप सिंह, किशन गुर्जर, जितेंद्र पाटीदार, उबेद अल्लाह, विपुल दीक्षित, निर्देश सोनगरा, प्रशांत सांवले, मौज कामिल, हेमंत कुमार शर्मा, रवि सोनी, हरि कृष्ण शर्मा, नरेंद्र सिंह दांगी, अनुराग रघु, इम्तियाज़ खान। प्रदेश महासचिव के चार नामांकन होल्ड रिया पटेल यासमीन बी अभिषेक यादव हिमांशु बडवे किस जिले में जिला अध्यक्ष के कितने उम्मीदवार जिला कुल नामांकन उम्मीदवार नामांकन होल्ड रिजेक्ट आगर मालवा 5 लक्ष्मण सिंह पृथ्वीराज सिंह चौहान अनमोल वर्मा ज्ञान सिंह गजेंद्र चौहान सोंधिया – – अलीराजपुर 2 पुष्पराज रावत दीपक भूरिया – – अशोक नगर 2 रजनीश सिंघई सचिन त्यागी – – बड़वानी 5 मोतीराम सोलंकी अंकुर सोनी लखन चौहान सागर डाबर आदित्य गोयल – – बालाघाट 5 आशुतोष डहरवाल अमरकांत बिसेन विवेक दुफारे राजा कोरी शिवम विश्वकर्मा दिलेन्द्र नागोतरा – बैतूल 6 विपुल पवार प्रदीप कोकटे संजय यादव तुलसी उईके कमलेश यादव राहुल परते – – भिंड 3 राजू सिंह लोधी स्वदेश गुर्जर मिनेश कुमार शर्मा – – भोपाल ग्रामीण 3 अंकुर राणा राहुल सिंह मंडलोई प्रिंस सिंह – – भोपाल शहर 9 याचना बघेल अंकित दुबे आदित्य दुबे अभिषेक आठिया नीरज यादव हेमंत रजक मालवीय अमित खत्री आशीष शर्मा मयंक सिंह अंशुल सिंह – बुरहानपुर 7 दीपक भिलावेकर राजेंद्र मसाने अर्जुन जांगले संदीप मोरे कन्हैया डाबर आकिब बागवान मोहम्मद अर्सलान – – छतरपुर 6 गजेंद्र परमार आदर्श रावत रामकरण अहिरवार राजवर्धन मिश्रा मानवेंद्र सिंह परमार अभिलाषा अहिरवार मानवेन्द्र सिंह परमार – छिंदवाड़ा 1 हरिओम रघुवंशी – – दमोह 2 अरुण दुबे अफजल अजीज दृगपाल लोधी – दतिया 6 आकाश कुशवाहा अमन सिंह यादव नोमी सिंह कमरिया शिवाजी गुर्जर प्रवेंद्र सिंह गुर्जर – – देवास 6 किशोर चौहान प्रथम भोजक रोहित अंधेरिया नवीन बाली समरोज पठान शुभम धोते – – धार 15 रोहित कामदार जोगेंद्र सिसोदिया अक्षय दुबे सोनू सेमलिया चेतन सिंह राठौड़ अनिल अचाले लोकेन्द्र सिंह ठाकुर चिराग मालवीय हनीफ वारसी हितेष कनसया सुनील चौहान राजेन्द्र पटेल राहुल डाबर प्रवीण कटारे अनूप चौधरी – – डिंडोरी 4 सोमपाल सिंह मसराम राजेश मरावी रोशन पंद्राम अमन पाठक – – गुना 10 सुमित पांडे संदेश अहिरवार संतोष अहिरवार पंचम सिंह भील सहदेव वाल्मीकि विष्णु बरेला सोनू मेहर दीपक बिलारवां नवल दामले प्रिया कुशवाहा – – ग्वालियर ग्रामीण 5 कुश राज कंडील पुष्पेंद्र सिंह प्रदीप सिंह कंसाना योगेंद्र सिंह परमार कपिल गुर्जर – राजा गुर्जर ग्वालियर शहर 6 सुमित सिंह विजय यादव तौहीद अहमद कुणाल सिंह भदौरिया अक्षय पांडे ऋषभ सिंह चौहान – – हरदा 1 योगेश चौहान – – इंदौर ग्रामीण 7 गजेंद्र सिंह राठौर राकेश मौर्य विजय पटेल नरेंद्र चौधरी शारदा पटेल गौरव सिंह सोलंकी आरिश शेख – – इंदौर शहर 7 मारूफ खान पठान अमित पटेल हिबा खान सैयद आकिब अली नितिन कुशवाहा रचना नागवंशी संदीप … Read more

कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की शासन ने की मान्यता रद्द …

भोपाल  एमपी के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज को लेकर यह फैसला लिया है। कॉलेज को अंतरिम मान्यता मिली थी, लेकिन कॉलेज जरूरी कागजात और शर्तें पूरी नहीं कर पाया। इसलिए विभाग ने मान्यता रद्द कर दी। विभाग को जांच में कई अनियमितताएं भी मिलीं। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार कॉलेज ने जरूरी दस्तावेज जमा नहीं किए थे। दस्तावेजों में भी कई कमियां पाई गईं। इसी वजह से कॉलेज की मान्यता रद्द करने का फैसला लिया गया। पहले कॉलेज को मौका दिया गया था। यह अवसर सत्र 2025-26 के लिए था। पर इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज जरूरी शर्तें पूरी नहीं कर पाया। दरअसल, मई 2025 में इस कॉलेज को अस्थायी मान्यता (Temporary Recognition) दी गई थी, लेकिन विभाग की जांच में सामने आया कि कॉलेज (College) द्वारा जरूरी दस्तावेज (Documents) और शर्तें पूरी नहीं की गई थीं। साथ ही, निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं भी पाई गईं। इन्हीं आधारों पर विभाग ने मान्यता निरस्त करने का आदेश जारी किया है। दस्तावेज अधूरे, अनियमितताएं भी मिलीं उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मान्यता को लेकर की गई जांच में इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज के दस्तावेज अधूरे मिले हैं। जांच में कुछ अनियमितताएं भी मिलीं। जिसके बाद ही कॉलेज की मान्यता को खत्म करने का निर्णय लिया है। जिसके बाद से सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में पड़ता नजर आ रहा है। विधायक का जवाब यह निर्णय अनुचित कॉलेज की मान्यता निरस्त करने पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक आरिफ मसूद ने कहा हैं कि यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। कॉलेज की दो बार जांच हो चुकी है और नवीनीकरण की प्रक्रिया भी पूरी की गई थी। इसके बावजूद मान्यता रद्द किया जाना पूरी तरह अनुचित और दुर्भावनापूर्ण प्रतीत होता है। हाईकोर्ट में मामला विधायक आरिफ मसूद ने इस कार्रवाई को सही नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला हाई कोर्ट में चल रहा है। मसूद के अनुसार कॉलेज की दो बार जांच हो चुकी है। कॉलेज का नवीनीकरण भी हो चुका है। कांग्रेस नेता आरिफ मसूद का कहना विधायक मसूद का कहना है कि कॉलेज ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की हैं। फिर भी मान्यता रद्द करना समझ से परे है। उन्होंने इस फैसले को अनुचित बताया है। अब देखना होगा कि हाई कोर्ट इस मामले में क्या फैसला लेता है। कॉलेज प्रशासन भी इस फैसले से नाखुश है। हाई कोर्ट में इसके अलावा भी कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर मामला चल रहा है। बीजेपी के नेता ध्रुव नारायण सिंह ने नामांकन के दौरान 50 लाख के लोन वाली बात छिपाने के एवज में याचिका लगाई थी। इस पर भी कार्रवाई चल रही है।

भारत-फ्रांस का समझौता अगले तीन वर्षों के लिए वैध होगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा

भोपाल  फ्रांस और मध्यप्रदेश के बीच संस्कृति और पर्यटन क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष मुख्यमंत्री निवास, समत्व में एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह मध्यप्रदेश को भारत और फ्रांस के बीच सांस्कृतिक एवं पर्यटन सहयोग का नया केंद्र बनाएगा। इस ऐतिहासिक एमओयू पर भारत में फ्रांस के राजदूत डॉ. थिएरी मथौ, प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति श्री शिव शेखर शुक्ला और अलायंस फ्रांसेज़ डी भोपाल के अध्यक्ष श्री अखिलेश वर्मा ने हस्ताक्षर किए। यह समझौता अगले तीन वर्षों के लिए वैध होगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकेगा।   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत और फ्रांस के साथ सम्बन्ध हमेशा से अच्छे रहे है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के फ्रांस दौरे के बाद यह और प्रगाढ़ हुए है। मध्यप्रदेश फ्रांस के साथ सांस्कृतिक संबंधों के साथ व्यापारिक सम्बन्धों के लिए भी तत्पर है। उनकी आगामी माह फ्रांस यात्रा प्रस्तावित है। भारत और फ्रांस के बीच औद्योगिक विकास की दृष्टि से, उद्यमियों को प्रोत्साहित करने और शिल्प कलाओं को प्रोत्साहन देने की दृष्टि से परस्पर सहयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा। यह समझौता ज्ञापन मध्यप्रदेश को न केवल देश की सांस्कृतिक राजधानी बल्कि एक प्रगतिशील, वैश्विक पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की हमारी दूरदृष्टि को साकार करता है। प्रदेश के कलाकारों को वैश्विक मंच मिलेगा और फ्रांस तथा यूरोप से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। भारत में फ्रांस के राजदूत डॉ. थिएरी मथौ ने इस साझेदारी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “हमें मध्यप्रदेश सरकार के साथ इस महत्वपूर्ण सहयोग को स्थापित करते हुए बहुत खुशी हो रही है। फ्रांस मुख्य रूप से पर्यटन, सुरक्षा, पर्यावरण और शिक्षा पर विशेष रूप से कार्य करता है। यह एमओयू दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करेगा, जिससे कला, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।”  एमओयू के तहत प्रमुख रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संयुक्त आयोजन किया जाएगा, जिसमें कला उत्सव, संगीत, नृत्य, प्रदर्शनियां, फिल्म स्क्रीनिंग, खानपान और संस्कृति से जुड़े अन्य कार्यक्रम शामिल हैं। प्रतिवर्ष एक समर्पित इंडो-फ्रेंच सांस्कृतिक कैलेंडर तैयार किया जाएगा। साथ ही प्रदेश की पर्यटन प्रचार सामग्री का फ्रेंच भाषा में अनुवाद किया जाएगा और फ्रांसीसी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन क्षेत्र के अधिकारियों और गाइड्स को फ्रेंच भाषा एवं संस्कृति का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह समझौता प्रदेश की सांस्कृतिक रणनीति को बल देगा और स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों, छात्रों तथा सांस्कृतिक संगठनों को वैश्विक मंच प्रदान करेगा, जिससे मध्यप्रदेश की विशिष्ट पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित होगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्योग श्री राघवेंद्र कुमार सिंह, फ्रांस के कौंसुल जनरल श्री जीन-मार्क सेरे-शार्ले, फ्रांसीसी दूतावास के राजनीतिक परामर्शदाता, श्री शाद जॉयनाल आबेदीन और अलायंस फ्रांसेज़ के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।  

चौथी कोशिश में हुई राजा रघुवंशी की हत्या, तीन बार फेल रहे सोनम, राज कुशवाहा और साथी

इंदौर इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड के मामले में मेघालय की पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मेघालय पुलिस ने कहा है कि सोनम, राज कुशवाहा और अन्य आरोपी चौथी कोशिश में राजा रघुवंशी की हत्या के अपने नापाक इरादों में कामयाब हुए, इससे पहले तीन बार इनकी कोशिश फेल हो गई।पुलिस ने कहा है कि राजा रघुवंशी की हत्या कोई कांट्रेक्ट किलिंग नहीं थी और इसका मास्टरमाइंड सोनम रघुवंशी का प्रेमी राज कुशवाहा था।पूर्वी खासी हिल्स के एसपी विवेक सिएम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज कुशवाहा के दोस्त आकाश राजपूत, विशाल चौहान और आनंद कुर्मी तीनों सोनम और राज कुशवाहा से पहले गुवाहाटी पहुंच गए।  ट्रांसपोर्टर राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई। उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी और उसके साथियों ने मिलकर यह काम किया है। पुलिस के अनुसार, यह हत्या का चौथा प्रयास था। यह घटना 23 मई को चेरापूंजी के पास वेई सावडोंग झरने के पास हुई। उस समय राजा और सोनम हनीमून पर थे। ईस्ट खासी हिल्स के SP विवेक सिएम ने गुरुवार को बताया कि सोनम समेत सभी आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड सोनम का बॉयफ्रेंड राज कुशवाहा था। सुपारी लेकर हत्या नहीं की गई पुलिस ने यह भी बताया कि यह सुपारी लेकर की गई हत्या नहीं थी। राज के तीन दोस्तों – आकाश राजपूत, विशाल चौहान और आनंद कुर्मी – ने उसकी मदद की थी। ये तीनों सोनम और राजा से पहले गुवाहाटी पहुंच गए थे। राजा को मारने का पहला प्रयास गुवाहाटी में विफल रहा। इसके बाद शिलॉन्ग और ईस्ट खासी हिल्स के माव्लाखियात गांव के पास भी दो बार कोशिश की गई, लेकिन वे नाकाम रहे। आखिरकार 23 मई को दोपहर 2 बजे से 2.18 बजे के बीच, आरोपियों ने वेई सावडोंग झरने के पास राजा को मार डाला। सभी ने बारी-बारी राज पर हमला किया SP अभिषेक सिएम ने कहा कि उन सभी ने बारी-बारी से राजा पर हमला किया। उन्होंने यह भी बताया कि आकाश ने अपने खून से सने शर्ट को फेंक दिया और सोनम का रेनकोट पहन लिया। DIG (पूर्वी रेंज) डेविस एनआर मार्क ने बताया कि सोनम सारा दोष राज पर डाल रही है, जबकि राज उसे दोषी ठहरा रहा है। मारक ने कहा कि हां, उसने साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की है। 11 मई को हुई थी शादी सोनम, जिसकी उम्र 24 साल थी, और राजा, जिसकी उम्र 28 साल थी, ने 11 मई को शादी की थी। शादी के कुछ दिनों बाद वे कामाख्या मंदिर जाने के लिए गुवाहाटी रवाना हो गए। 21 मई को वे मेघालय पहुंचे। तीन दिन बाद, दोनों गायब हो गए। 2 जून को राजा का शव झरने के पास एक गहरी खाई में मिला। सूत्रों के अनुसार, सोनम ने राजा के शव को खाई तक ले जाने में मदद की थी। नौ जून को गाजीपुर में मिली सोनम सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में एक ढाबे पर दोबारा दिखाई दी। उसे गिरफ्तार कर शिलांग लाया गया। बुधवार को मेघालय की एक अदालत ने सभी पांच आरोपियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। एक SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) उनसे अलग-अलग और एक साथ पूछताछ कर रही है। राज निकला मास्टरमाइंड 11 मई को 28 साल के राजा और 24 साल की सोनम की शादी हुई। दोनों हनीमून के लिए गुवाहाटी और फिर मेघालय रवाना हुए। लेकिन सोनम का दिल तो कहीं और धड़क रहा था। पुलिस के मुताबिक, राज कुशवाहा ही इस खौफनाक साजिश का मास्टरमाइंड निकला। कॉल रिकॉर्ड्स बताते हैं कि शादी के चार दिन बाद से ही सोनम और राज के बीच लगातार बातचीत शुरू हो गई थी। खूनी साजिश का खुलासा पूर्वी खासी हिल्स के एसपी विवेक सियेम ने बताया कि सभी आरोपियों ने हत्या में शामिल होने की बात कबूल की है। सोनम और राज एक-दूसरे पर इल्जाम मढ़ रहे हैं, लेकिन सबूत उनके खिलाफ हैं। हत्या के बाद आकाश ने खून से सनी शर्ट फेंक दी और सोनम का रेनकोट पहन लिया। डीआईजी डेविस मारक ने कहा, ‘सोनम ने साजिश में शामिल होने की बात स्वीकारी है।’ राजा के शव को सोनम ने भी खाई में फेंकने में मदद की थी। राज के साथ लगातार संपर्क में थी सोनम UP पुलिस ने बताया कि सोनम हत्या से पहले राज के साथ लगातार संपर्क में थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) से पता चला कि 16 मई से 23 मई के बीच उनके बीच 30 बार फोन पर बात हुई, जिसमें देर रात की बातचीत और ऐप-आधारित मैसेज भी शामिल हैं। सर्विलांस डेटा से पता चला कि साजिश 15 मई को ही शुरू हो गई थी, जब दोनों कथित तौर पर इंदौर में सोनम के घर के पास एक कैफे में मिले थे। डिजिटल फोरेंसिक टीमें अब GPS लॉग, बैकअप और डिलीट की गई फाइलों की जांच कर रही हैं ताकि साजिश का पता लगाया जा सके। जांच आगे बढ़ने पर और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।  

ग्वालियर समेत 12 जिलों में आज चलेगी लू, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 15-16 जून को भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में जून की भीषण गर्मी लोगों पर भारी पड़ रही है। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। इस वजह से प्रदेश में इसकी एंट्री नहीं हो पाई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 15 और 16 जून को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दक्षिणी हिस्से के पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, खंडवा में 24 घंटे में ढाई से 4.5 इंच तक बारिश हो सकती है। इसी दौरान मानसून भी प्रदेश में एंटर हो जाएगा। हालांकि, इससे पहले आज शुक्रवार को उज्जैन, सागर, ग्वालियर-चंबल संभाग के 12 जिलों में लू का अलर्ट है। 15 और 16 जून को भारी बारिश का अलर्ट  मध्यप्रदेश में 15 और 16 जून को भारी बारिश का अलर्ट है। दक्षिणी हिस्से के पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, खंडवा में 24 घंटे में ढाई से 4.5 इंच तक बारिश हो सकती है। इसी दौरान मानसून भी प्रदेश में एंटर हो जाएगा। हालांकि, इससे पहले शुक्रवार को उज्जैन, सागर, ग्वालियर-चंबल संभाग के 12 जिलों में लू का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। हालांकि, अब मानसून के सक्रिय होने की हल चल तेज हुईं है। ऐसे में मौसम विभाग ने 14-15 जून को मध्य और पूर्वी भारत के हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के एंटर होने की संभावना जताई है। दूसरी ओर, मौसम विभाग ने अगले 4 दिन का अनुमान भी जारी किया है। जिसमें शुक्रवार को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, गुना और अशोकनगर में लू का अलर्ट है। भोपाल, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में गरज-चमक, आंधी और बारिश होने की संभावना है। 14 जून को प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में गरज-चमक और बारिश के आसार है। वहीं, 15 और 16 जून को दक्षिणी हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यानी, मानसून इन्हीं दो दिन के अंदर प्रवेश करेगा। पिछले 2 दिन से प्रदेश में मौसम फिर से बदला है। दिन में भीषण गर्मी का असर है, जबकि रात में तेज आंधी के साथ बारिश हो रही है। गुरुवार को इंदौर में शाम को तेज बारिश शुरू हो गई। वहीं, बुरहानपुर, बैतूल, रतलाम, उज्जैन, धार, विदिशा, सागर, रायसेन, हरदा, नर्मदापुरम, शाजापुर, राजगढ़, गुना, ग्वालियर, भोपाल, आगर-मालवा, देवास, सीहोर और खंडवा में भी मौसम बदला रहा। इंदौर में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। ग्वालियर, मुरैना, धार समेत कई जिलों में भी बारिश वाला मौसम रहा। प्रदेश में तेज आंधी और बारिश के बीच भीषण गर्मी का असर भी है। गुरुवार को 22 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। सबसे गर्म छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव रहे। खजुराहो में 45.8 डिग्री और नौगांव में तापमान 45 डिग्री दर्ज किया गया।प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 44.2 डिग्री रहा। उज्जैन में 43.5 डिग्री, भोपाल में 41 डिग्री, इंदौर में 41.6 डिग्री और जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह टीकमगढ़ में 44.7 डिग्री, शिवपुरी में 44 डिग्री, शाजापुर, गुना-नर्मदापुरम में 43.7 डिग्री, नरसिंहपुर में 43.4 डिग्री, रतलाम में 43.2 डिग्री, सतना में 43 डिग्री, सीधी-रीवा में 42.6 डिग्री, धार-दमोह में 42.4 डिग्री, सागर में 42.2 डिग्री, उमरिया में 41.5 डिग्री और खरगोन में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सबसे गर्म रहा छतरपुर जिला, खजुराहो में पारा 45.8 डिग्री पहुंचा प्रदेश में तेज आंधी और बारिश के बीच भीषण गर्मी का असर भी है। गुरुवार को 22 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। सबसे गर्म छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव रहे। खजुराहो में 45.8 डिग्री और नौगांव में तापमान 45 डिग्री दर्ज किया गया।प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 44.2 डिग्री रहा। उज्जैन में 43.5 डिग्री, भोपाल में 41 डिग्री, इंदौर में 41.6 डिग्री और जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह टीकमगढ़ में 44.7 डिग्री, शिवपुरी में 44 डिग्री, शाजापुर, गुना-नर्मदापुरम में 43.7 डिग्री, नरसिंहपुर में 43.4 डिग्री, रतलाम में 43.2 डिग्री, सतना में 43 डिग्री, सीधी-रीवा में 42.6 डिग्री, धार-दमोह में 42.4 डिग्री, सागर में 42.2 डिग्री, उमरिया में 41.5 डिग्री और खरगोन में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार 43 दिन तक बारिश होने का रिकॉर्ड इस बार गर्मी में भी लगातार 43 दिन तक बारिश होने का रिकॉर्ड बना है। प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 7 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 43 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिरा या आंधी चली। 44वें दिन आंधी-बारिश का दौर थमा रहा, लेकिन इसके बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। बुधवार को भोपाल समेत कई जिलों में तेज आंधी चली। ओले, आकाशीय बिजली के गिरने और आंधी का असर भी देखा गया। गुरुवार को भी मौसम बदला रहा। गुरुवार को 22 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा प्रदेश में तेज आंधी और बारिश के बीच भीषण गर्मी का असर भी है। गुरुवार को 22 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार रहा। सबसे गर्म छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव रहे। खजुराहो में 45.8 डिग्री और नौगांव में तापमान 45 डिग्री दर्ज किया गया।प्रदेश के 5 बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा। यहां तापमान 44.2 डिग्री रहा। उज्जैन में 43.5 डिग्री, भोपाल में 41 डिग्री, इंदौर में 41.6 डिग्री और जबलपुर में 40.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 14 जून को प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में गरज-चमक और बारिश के आसार है। वहीं, 15 और 16 जून को दक्षिणी हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यानी, मानसून इन्हीं दो दिन के अंदर प्रवेश करेगा। इस साल मई में टूटे रिकॉर्ड, गर्मी की बजाय आंधी-बारिश पूरे मई महीने में आंधी, बारिश और ओले वाला मौसम रहा। एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब प्रदेश के किसी न किसी जिले में आंधी-बारिश न हुई हो। एमपी में ऐसा पहली बार हुआ। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर समेत कुल 53 जिले भीग गए। सिर्फ निवाड़ी ही ऐसा जिला रहा, जहां बूंदाबांदी तो हुई, लेकिन … Read more

अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर PM मोदी का पोस्ट- ‘तबाही का मंजर दुखद, मौतों को शब्दों में बयां नहीं कर सकते’

अहमदाबाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अहमदाबाद जाकर विमान हादसे वाली का जायजा लिया। इसके बाद पीएम मोदी ने सिविल अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल हुए लोगों से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने इस दुर्घटना में एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति विश्वास कुमार रमेश से भी मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। मोदी अस्पताल के सी7 वार्ड में भी गए जहां 25 घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने सिविल अस्पताल के डॉक्टरों से भी बातचीत की। इस दौरान गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल, गृह मंत्री हर्ष संघवी समेत तमाम बड़े मंत्री और अधिकारी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने अहमदाबाद विमान हादसे वाली जगह और अस्पताल का दौरान करने के बाद सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया है। पीएम ने लिखा, ‘’अहमदाबाद में हुए विमान हादसे से हम सभी स्तब्ध हैं। इतने सारे लोगों की अचानक और हृदय विदारक तरीके से हुई मौत को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। सभी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना। हम उनके दर्द को समझते हैं और यह भी जानते हैं कि उनके पीछे जो खालीपन रह गया है, वह आने वाले कई सालों तक महसूस किया जाएगा। ओम शांति।” पीएम मोदी ने दूसे पोस्ट में लिखा, ”आज अहमदाबाद में दुर्घटनास्थल का दौरा किया। तबाही का मंजर दुखद है। अधिकारियों और टीमों से मुलाकात की जो घटना के बाद अथक परिश्रम कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं, जिन्होंने इस अकल्पनीय त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया है।” गौरतलब है कि गुरुवार दोपहर में अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (एआई171) विमान टेकऑफ के दो मिनट बाद ही क्रैश हो गया था। विमान में 242 लोग सवार थे जिसमें 230 यात्री एवं 12 चालक दल के सदस्य थे। इनमें से 241 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी का भी निधन हो गया। इस भयानक हादसे में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश ही एकमात्र जीवित बचे हैं। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।  

इजरायल ने ईरान पर शुरू किया हमला, तेहरान के परमाणु और सैन्य लक्ष्यों को बनाया निशाना, जानिए आखिर क्या वजह

तेहरान  इजरायल ने अब ईरान पर हमला करना शुरू कर दिया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायल ने शुक्रवार, 13 जून की सुबह कहा कि उसने ईरान पर हमला किया है, और ईरानी मीडिया ने कहा कि ईरान की राजधानी तेहरान में विस्फोटों की आवाज सुनी गई. इजरायल की तरफ से ईरान पर हमला उस समय शुरू हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच एक नए न्यूक्लियर डील पर पहुंचने के अब तक के प्रयास नाकाम साबित हुए हैं और पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा हुआ है.  इजरायल को अब यह भी आशंका है कि उसके हमले के बाद तेहरान उसपर मिसाइल और ड्रोन हमला कर सकता है, इसी आशंका में इजरायल आपातकाल की घोषणा कर दी है. उसने अपने एयर स्पेस को भी पूरी तरह बंद कर दिया है. हालांकि इजरायल के हमले के बाद अमेरिका ने पूरी तरह से पल्ला झाड़ते हुए ईरान को मैसेज दे दिया है कि यह इजरायल की एकतरफा कार्रवाई थी, इसमें अमेरिका का कोई हाथ नहीं. ईरान के परमाणु और सैन्य लक्ष्यों पर हमला एक इजरायली सैन्य अधिकारी ने कहा कि इजरायल “दर्जनों” परमाणु और सैन्य लक्ष्यों पर हमला कर रहा है. अधिकारी ने कहा कि ईरान के पास कुछ ही दिनों में 15 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री है. रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने एक बयान में कहा, “ईरान के खिलाफ इजरायल राज्य द्वारा पूर्वव्यापी हमले के बाद, तत्काल समय सीमा में इजराइल देश और इसकी नागरिक आबादी के खिलाफ एक मिसाइल और यूएवी (ड्रोन) हमले की उम्मीद है.” नाम न छापने की शर्त पर दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इजरायल ने ईरान पर हमले करना शुरू कर दिया है और ऑपरेशन में कोई अमेरिकी सहायता या भागीदारी नहीं थी. सीएनएन ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कैबिनेट बैठक बुलाई है. ईरान के सरकारी टीवी ने कहा कि तेहरान में कई विस्फोट सुने गए और देश की वायु रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम) पूरी तरह अलर्ट पर है. दोनों देशों के अधिकारियों और उनके ओमानी मध्यस्थों के अनुसार, अमेरिकी और ईरानी अधिकारी रविवार को ओमान में तेहरान के बढ़ते यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम पर छठे दौर की वार्ता (न्यूक्लियर डील की वार्ता) करने वाले थे. लेकिन बातचीत में गतिरोध बनता दिख रहा है. जानिए आखिर इजरायल ने ईरान पर क्यों किया इतना बड़ा हमला?   ईरान ने पुष्टि की है कि इजरायली हमले में नतांज परमाणु साइट तबाह हो गया है. नतांज वो जगह है जहां ईरान यूरेनियम इनरिचमेंट कर रहा था. यूरेनियम को इनरिच करने के बाद ही इससे परमाणु बम बनाया जाता है.  यही नहीं इजरायल ने ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों को मारने का दावा किया है. इजरायल ने ईरान के टॉप सैन्य कमांडरों को मार डाला है. इसके अलावा इजरायली सेना ने ईरान के बैलेस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को पंगु कर दिया है.  इजरायल ने ईरानी एयर डिफेंस को भेदते हुए अपने फाइटर प्लेन तेहरान के आसमान में उतार दिए और अपने हमले को अंजाम दिया.  लेकिन सवाल है कि इजरायल ने इतना बड़ा हमला क्यों किया? ये हमला इतना बड़ा है कि इसके आउट आफ कंट्रोल हो जाने की आशंका है और ये पूर्ण युद्ध में तब्दील हो सकता है. आखिर इजरायल ने इतना बड़ा, इतना घातक और इतना प्रचंड प्रहार क्यों किया.  इसका जवाब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने एक वीडियो जारी कर दिया है. बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “दशकों से, तेहरान के तानाशाह बेशर्मी से खुलेआम इजरायल के विनाश का आह्वान करते रहे हैं.उन्होंने अपने नरसंहारक बयानों को परमाणु हथियार विकसित करने के कार्यक्रम के साथ समर्थन दिया है. हाल के वर्षों में, ईरान ने नौ परमाणु बमों के लिए पर्याप्त उच्च-संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन किया है. नौ,” ईरान से किस बात का डर इजरायल को सताता है? दरअसल इजरायल को डर सताता आ रहा है कि अगर ईरान ने परमाणु बम बना लिया तो ईरान की ये कामयाबी इजरायल के वजूद को ही खत्म कर सकती है. इसलिए इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु बम हासिल होने नहीं देना चाहता है. अमेरिका भी यही चाहता है कि ईरान किसी भी हालत में परमाणु बम न बनाए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान परमाणु बम नहीं बना सकता है. अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा.  लेकिन ईरान इसे अपनी सुरक्षा के जरूरी बताता है और हर हाल में परमाणु बम बनाना चाहता है. इसके लिए ईरान इजरायल-अमेरिका से किसी तनाव को लेने पर आमदा है. हाल ही में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका या इजरायल नहीं बताएगा कि हमें परमाणु कार्यक्रम रखना चाहिए या नहीं? खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका हमारे परमाणु कार्यक्रम को कमजोर नहीं कर पाएगा और तेहरान अपने यूरेनियम संवर्धन कार्य को नहीं छोड़ेगा.    ईरान और इजरायल के बीच लंबे समय से तनाव चला आ रहा है. ईरान द्वारा समर्थित हमास और हिजबुल्लाह जैसे समूहों के हमलों, खासकर 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले, ने तनाव को और बढ़ाया. ईरान का 1 अक्टूबर 2024 को इजरायल पर मिसाइल हमला भी इस जवाबी कार्रवाई का कारण बना. इजरायल का मानना था कि ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों को नष्ट करना क्षेत्रीय स्थिरता और उसकी सुरक्षा के लिए जरूरी था.  नेतन्याहू ने ईरान पर इजरायली हमले की वजह बताते हुए कहा कि इजरायल ने नाजी नरसंहार से सबक सीखा है और “फिर कभी ऐसा नहीं होगा” का संदेश दिया है, इजरायल ने कसम खाई कि उनका देश ईरानी शासन द्वारा किए गए परमाणु नरसंहार का शिकार नहीं बनेगा. उन्होंने जोर देकर कहा, “इजराइल उन लोगों को कभी भी उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के साधन विकसित करने की अनुमति नहीं देगा जो हमारे विनाश का आह्वान करते हैं. आज रात इजरायल उन शब्दों को कार्रवाई के साथ समर्थन देता है.” इन खतरों को अगली पीढ़ी के लिए नहीं छोड़ सकते नेतन्याहू ने कहा हमने ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम के केंद्र पर हमला किया. हमने ईरान के परमाणु हथियारीकरण कार्यक्रम के केंद्र पर हमला किया. हमने नतांज़ में ईरान की मुख्य संवर्धन सुविधा को निशाना बनाया. हमने ईरानी बम पर काम कर रहे ईरान … Read more

मध्यप्रदेश में लाखों कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, मोहन सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, 1 अप्रैल से मिलेगा लाभ

भोपाल मध्य प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को मोहन सरकार ने वेतन वृद्धि का तोहफा दिया है। करीब डेढ़ लाख संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन में 2.94 प्रतिशत बढ़ाया गया है। संविदा कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ 1 अप्रैल 2025 से मिलेगा। सामान्य प्रशासन विभाग के 22 जुलाई 2023 के सर्कुलर के आधार पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की रिपोर्ट पर यह वृद्धि 2.94 प्रतिशत तय की गई है। यानी अब हर अधिकारी और कर्मचारी को 31 मार्च 2025 की स्थिति में मिल रहे वेतन में 1 अप्रैल 2025 से 2.96 प्रतिशत बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। वित्त विभाग ने सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त, राजस्व मंडल अध्यक्ष, सभी कलेक्टरों को वेतनवृद्धि के निर्देश जारी किए। ये वेतनवृद्धि पिछले साल के मुकाबले कम मध्य प्रदेश संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर का कहना है कि प्रदेश में संविदा पर काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी का न्यूनतम वेतन 12 हजार से लेकर 65 हजार रुपए प्रति माह तक है। इसमें दो महीने से वृद्धि नहीं किए जाने पर उनके द्वारा शासन के संज्ञान में यह मामला लाया गया था। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह वृद्धि 3.78 प्रतिशत की गई थी। संविदा वर्ग को उम्मीद थी कि इस बार सरकार 4 प्रतिशत तक की वृद्धि कर लाभ देगी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।  वित्त विभाग ने वेतनवृद्धि संबंधी आदेश जारी कर दिए। इसके संबंध में वित्त विभाग ने सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, संभागीय आयुक्त, राजस्व मंडल अध्यक्ष, सभी कलेक्टरों को वेतनवृद्धि के निर्देश जारी कर दिया है। बताया जा रहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग के 22 जुलाई 2023 के सर्कुलर के आधार पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की रिपोर्ट पर यह वृद्धि तय की गई है, जो कि 2.94 प्रतिशत है। इसके अनुसार हर अधिकारी और कर्मचारी को 31 मार्च 2025 की स्थिति में मिल रहे वेतन में 2.96 प्रतिशत बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2025 से बढ़ी हुई मानी जाएगी। महंगाई भत्ते के आधार पर मिले वेतन वृद्धि राठौर ने कहा कि आज जो वृद्धि की गई है, उससे कर्मचारियों को 300 रुपए से 1500 रुपए तक की वेतन वृद्धि मिलेगी, जो नाम मात्र है। पहले यह वृद्धि दो हजार से आठ हजार तक होती थी। इसलिए सरकार से मांग है कि जैसे पहले संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तरह महंगाई भत्ता मिलता था, वैसे ही महंगाई भत्ता दिया जाए। वेतन वृद्धि से खुश नहीं हैं संविदा कर्मचारी हालांकि संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ इस निर्णय से ज्यादा खुश नहीं है। संविदा पर काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी का न्यूनतम वेतन 12 हजार से लेकर 65 हजार रुपए प्रतिमाह तक है। ऐसे में उन्हें 300 रुपए से 1500 रुपए तक की वेतन वृद्धि मिलेगी, जो नाम मात्र है। पहले यह वृद्धि दो हजार से आठ हजार तक होती थी। बता दें कि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह वृद्धि 3.78 प्रतिशत की गई थी। संविदा वर्ग को उम्मीद थी कि इस बार सरकार 4 प्रतिशत तक की वृद्धि कर लाभ देगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश के किसान अब ऊर्जादाता बनेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश के किसान अब ऊर्जादाता बनेंगे। “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” से प्रदेश के किसानों और छोटे निवेशकों को लाभ होगा। योजना का लाभ लेकर किसान बिजली उत्पादक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि नेट जीरो का लक्ष्य पाने में मध्यप्रदेश के किसान बड़ी भूमिका निभाएंगे। ऊर्जा समिट में एक ही मंच पर निवेशक, किसान, विशेषज्ञ और नीति-निर्माताओं ने उपस्थित होकर समृद्धि के नये द्वार पर दस्तक दी है। प्रदेश में अब तक 80 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे 16 हजार से अधिक कृषि पम्पों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जा चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी आय में बढ़ोतरी एवं आर्थिक विकास के लिये संकल्पित है। मध्यप्रदेश अब देश की सोलर कैपिटल ऊर्जाधानी बनने के मार्ग पर अग्रसर हैं। प्रदेश के रीवा, नीमच और ओंकारेश्वर सौर ऊर्जा का सशक्त हस्ताक्षर बन रहे हैं। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा प्रदेश के लिए वरदान है। अब हमारी सरकार छोटे निवेशकों और किसान भाइयों को भी बिजली उत्पादन का अवसर मुहैया कराने जा रही है। अब हमारे अन्नदाता, ऊर्जादाता बनने के पथ पर अग्रसर होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” से छोटे निवेशकों के साथ किसानों को भी लाभ मिलेगा। इस योजना से वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर उद्यमियों को निवेश एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे। निवेशकों के साथ सरकार 25 साल तक बिजली खरीदने का समझौता करेगी। निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन के साथ सस्ती ज़मीन और तय बिजली रेट मिलेगा। उन्होंने बताया कि “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” से किसानों को भी अत्यधिक फायदा होगा। योजना से किसानों को दिन में भी सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। अन्नदाताओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। किसानों को रात में बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दिन में 8 घंटे तक लगातार बिजली मिलेगी। किसान बिना रुकावट सिंचाई कर सकेंगे। कुसुम-सी योजना का विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, प्रधानमंत्री कुसुम-सी योजना का विस्तार है। इस योजना में हर गाँव के पास जो कृषि फीडर (जहाँ से किसानों को बिजली मिलती है) है, उसको सौर ऊर्जा से चलाने की तैयारी हो रही है। किसानों को आवश्यक बिजली की आपूर्ति सौर ऊर्जा से हो इसके लिए सम्पूर्ण फीडर और विद्युत सब-स्टेशन का सोलराइज़ेशन किया जाएगा। सरकार ने अलग से लगभग 8 हजार कृषि फीडर्स लगाए हैं, जिन पर करीब 35 लाख कृषि पम्प जुड़े हुए हैं। अब जल्द ही इन सभी फीडर्स पर सोलर पॉवर प्लांट लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि किसान भाई खेती के लिये अनुपयोगी या बंजर जमीन पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली बना सकते हैं और सरकार को बेच सकते हैं। किसानों को बैंकों से समन्वय करते हुए एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड के तहत 7 वर्षों तक 3% ब्याज में छूट भी मिलेगी। 240 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश मना रहा उद्योग और रोजगार वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया गया। इसमें 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे 21.40 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे जो प्रदेश के युवाओं के साथ अन्य लोगों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि मंदसौर और नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम हुआ, इंदौर में IT कॉन्क्लेव हुआ। उज्जैन में स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट- 2025 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, इसमें 1900 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। प्रदेश के हर वर्ग को रोजगार से जोड़ने के साथ ही निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिये औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के लिए 18 उद्योग फ्रैन्डली नीतियां जारी की गईं। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार क्लीन और ग्रीन एनर्जी के विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में नवकरणीय ऊर्जा समिट का भी आयोजन किया गया, जिसमें निवेशकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2012 में प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की क्षमता 500 मेगावाट से भी कम थी। हमने अलग से विभाग का गठन करके सौर, पवन, बायोमास और लघु जल ऊर्जा की क्षमता को बढ़ाने के लिए नीतियां बनाईं हैं। उन्होंने कहा कि नीतियों और विभिन्न प्रोत्साहन के फलस्वरूप पिछले 12 वर्षों में राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 15 गुना वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48% और पवन ऊर्जा में 19% वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में राज्य में 9 हजार 300 मेगावाट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित हो चुकी है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट को विश्व बैंक और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से प्रशंसा मिली है। यह प्रोजेक्ट एक केस स्टडी बन चुका है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट, जो दुनिया के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स में से एक है, का पहला चरण पूरा कर लिया गया है और इसमें ऊर्जा उत्पादन शुरू हो गया है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट की सफलता बता रही है कि मध्यप्रदेश न केवल नवाचार में अग्रणी है, बल्कि इसे साकार करने में भी सक्षम है। नीमच सोलर पार्क 500 मेगावाट की क्षमता वाला है। यह परियोजना 2.15 रुपए प्रति यूनिट की दर पर देश की सबसे किफायती सौर ऊर्जा परियोजनाओं में एक है। सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने किया अहमदाबाद प्लेन क्रैश साइट का निरीक्षण, घायलों से मिलने पहुंचे अस्पताल

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद में हुए भीषण प्लेन क्रैश में 265 लोगों की मौत की बात सामने आ रही है। इसमें यात्री और क्रू मेंबर्स के अलावा उस हॉस्टल के ट्रेनी डॉक्टर भी शामिल हैं, जिस पर एयर इंडिया का विमान गिरा था। हादसे के अगले दिन यानी आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहमदाबाद पहुंच चुके हैं। उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू भी हैं। अहमदाबाद पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सीधे घटनास्थल का दौरा किया। इसके बाद वह अहमदाबाद सिविल हॉस्पिटल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। प्रधानमंत्री हादसे में बचने वाले इकलौते शख्स रमेश विश्वास कुमार से भी मुलाकात कर सकते हैं। फिलहाल रमेश का इलाज किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आज ही इस हादसे को लेकर समीक्षा बैठक भी करेंगे। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस कमिश्नर विधि चौधरी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 265 पहुंच गई है। रेस्क्यू टीम को मौके से प्लेन का एक ब्लैक बॉक्स भी मिला है। 4 बार गुजरात के सीएम रहे हैं मोदी प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा कई मायनों में अहम है। गुजरात पीएम मोदी का गृह राज्य है। वह 2001 से लेकर 2014 तक लगातार 4 बार गुजरात के मुख्यमंत्री चुने गए। गुजरात में लगातार मिली राजनीति सफलता के कारण ही नरेंद्र मोदी को 2014 में प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार चुना गया था। प्रधानमंत्री के गृह राज्य में हुए इस हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पूर्व सीएम की भी हादसे में मौत बता दें कि गुरुवार को अहमदाबाद में हुई इस विमान दुर्घटना में गुजरात के पूर्व सीएम और राज्य में बीजेपी के दिग्गज नेता विजय रूपाणी की भी मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि एयर इंडिया की फ्लाइट A171 दुर्घटना में सर्वाधिक गुजरात के आणंद में रहने वाले 33 लोगों की जान गई है। आणंद के कलक्टर प्रवीण चौधरी ने बताया कि लिस्ट की जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मरने वालों में 12 राजस्थान के हैं। इस हादसे में बांसवाड़ा के रहने वाले डॉ दीपक, उनकी पत्नी, बेटी और दो जुड़वां बेटे भी मारे गए।  पीएम न राहत और बचाव कार्य को लेकर अहम बैठक की अस्पताल में दौरे के बाद पीएम मोदी ने स्थानीय अधिकारियों के साथ राहत और बचाव कार्य को लेकर अहम बैठक की. पीएम ने एयरपोर्ट ही ये अहम बैठक की. इससे पहले उन्होंने अस्पतालों का दौरा किया जहां घायलों का इलाज चल रहा है.  डीजीसीए ने एयर इंडिया के सीईओ को जांच के लिए समन किया  अहमदाबाद विमान हादसे की जांच के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के सीईओ को जांच के लिए समन किया है.  अहमदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे पीएम मोदी, घायलों से की मुलाकात एयर इंडिया विमान हादसे के बाद पीएम मोदी शुक्रवार सुबह में अहमदाबाद के सिविल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने इस हादसे में मेडिकल कॉलेज के घायल छात्रों और अन्य लोगों से मुलाकात की. विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई थी. हादसे में एक यात्री की जान बच गई. उससे भी पीएम मोदी मुलाकात करेंगे. परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता देगा टाटा समूह अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को टाटा समूह एक-एक करोड़ की आर्थिक सहायता देगा. एयर इंडिया टाटा समूह की कंपनी है. कुछ साल पहले ही टाटा समूह ने इस एयरलाइंस को भारत सरकार से खरीदा था. टाटा समूह के लिए यह हादसा एक बहुत बड़ा झटका है. एयर इंडिया की मुंबई-लंदन फ्लाइट में भी गड़बड़ी, विमान को सुरक्षित उतारा गया  एक दिन पहले गुरुवार को अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग विमान हादसे के बाद अगले दिन शुक्रवार को मुंबई से लंदन की एक दूसरी फ्लाइट में गड़बड़ी की सूचना है. यह फ्लाइट भी एयर इंडिया थी. आज सुबह में मुंबई से विमान ने टेकऑफ किया था. फिर बीच रास्ते में गड़बड़ी के संकेत मिले. उसके बाद विमान को वापस मुंबई की ओर मोड़ दिया गया. उसे मुंबई एयरपोर्ट पर सुरक्षित तरीके से लैंड करवा लिया गया है.   

पीएफ खाताधारकों को ATM और UPI से सीधे पीएफ का फंड निकालने की मिलेगी सुविधा

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार PAN 2.0 की तर्ज पर EPFO 3.0 लॉन्च करने की तैयारी में है। यह प्लेटफॉर्म आपको अपने पीएफ अकाउंट से मोबाइल के जरिए पैसे निकालने की सुविधा देगा। इससे यूजर्स ATM और UPI से सीधे पीएफ का फंड निकाल सकेंगे।यह नया सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा । संभावना है कि जून महीने में इसे लॉन्च किया जा सकता है।इससे पीएफ से अकाउंट में सुधार, शिकायतों के निपटारे पैसा निकालना, डाटा अपडेट करना और क्लेम सेटलमेंट और आसान हो जाएगा। ATM से कैसे होगी PF फंड की निकासी ?     खबर है कि EPFO 3.0 प्रोग्राम के तहत ईपीएफओ जल्द अपने सदस्यों के लिए ATM से विड्रॉल की सुविधा देगा। इसमें ATM कार्ड बिल्कुल डेबिट कार्ड की तरह काम करेगा। पैसे निकालने के लिए आपको पहले अपना UAN लिंक करना होगा, OTP वेरीफाई करना होगा और फिर कैश निकालना होगा।     पैसे की क्लेमिंग ऑनलाइन होगी और 3 दिनों के अंदर कार्ड में अमाउंट क्रेडिट हो जाएगा, जिसे फिर ATM से निकाला जा सकेगा। PF अकाउंट को आपके UPI ID या लिंक्ड बैंक अकाउंट से जोड़ा जाएगा।एक बार क्लेम करने पर पैसा सीधे आपके UPI वॉलेट में आ जाएगा।इसके बाद आप QR कोड स्कैन करके कहीं भी भुगतान कर सकेंगे।     यूजर्स अपने अकाउंट की डिटेल्स, नॉमिनी या अन्य बदलाव मोबाइल से ही OTP के ज़रिए कर सकेंगे। इस कार्ड के जरिए वे डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड की तरह ही बैलेंस चेक, कैश विड्रॉल जैसी सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे।हालांकि, एटीएम और यूपीआई के जरिए केवल 1 लाख रुपये तक की ही निकासी की जा सकेगी। अकाउंट डिटेल में भी कर सकेंगे करेक्शन     खास बात ये है कि ईपीएफओ 3.0 के साथ सदस्य अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए नाम, जन्मतिथि, लिंग, राष्ट्रीयता, माता-पिता का नाम, वैवाहिक स्थिति, और नौकरी शुरू करने की तारीख जैसे विवरण ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे। यानी सदस्यों को किसी भी अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी।     ईपीएफओ 3.0 सिस्टम के तहत सदस्य अपने अकाउंट हुई गड़बड़ी जैसे कर्मचारी का नाम, डेट ऑफ बर्थ, मोबाइल नंबर, स्थायी पता को भी ऑनलाइन माध्यम से सुधार सकेंगे। इसके लिए OTP वेरिफिकेशन की सुविधा होगी, जिससे पुराने फॉर्म को भरने की जरूरत खत्म हो जाएगी।

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