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1.27 करोड़ लाड़ली बहनों का इंतजार खत्म, आज शुक्रवार को लाडली बहना योजना की 25 वीं किस्त जारी करेगी मोहन सरकार

भोपाल   मध्य प्रदेश सरकार की लोकप्रिय लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त जारी होने का ऐलान हो गया है. खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि लाडली बहनों के खाते में सरकार की ओर से 1250 रुपये आने वाले हैं.  सीएम मोहन यादव ने बताया है कि लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त के पैसे आज शुक्रवार (13 जून) को जारी करेंगे. मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से पोस्ट कर लिखा, “सशक्त नारी, समृद्ध मध्यप्रदेश का वादा. लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त के रूप में 1250 रुपये की राशि 13 जून को बहनों के खातों में अंतरित करूंगा.” जबलपुर के बेलखेड़ा में एक कार्यक्रम से सीएम मोहन यादव लाडली बहना योजना की लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में करीब 1500 करोड़ की राशि ट्रांसफर करेंगे। पिछले महीने की तरह इस महीने भी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं हिस्सा लेंगी और मुख्यमंत्री उनके साथ संवाद भी कर सकते हैं। पिछली बार लाडली बहना योजना का पैसा 15 जून को खाते में भेजा गया था। इसके साथ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की लाभार्थियों के खाते में भी एलपीजी गैस की सब्सिडी ट्रांसफर की गई थी। इस एक काम में बिना अटक सकता है पैसा दरसअल फर्जीवाड़ा करके सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने वालों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से सरकार ने समग्र आईडी की e-KYC जरूरी कर दी है। खासतौर से लाडली बहना योजना के लिए समग्र आईडी का ईकेवाईसी बहुत ही जरूरी है। दरअसल ऐसा देखने में आया है कि कई इलाकों में जनसंख्या से ज्यादा समग्र आईडी बने हुए हैं और लोग फर्जी तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। समग्र ईकेवाईसी करने के लिए आपको बस समग्र पोर्टल पर जाकर e-KYC पर क्लिक करना होगा। अपना समग्र आईडी डालने के बाद आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। इसके बाद आधार या वर्चुअल आईडी के माध्यम से आंखों के रेटिना को स्कैन (IRIS) करें और बस हो गया ईकेवाईसी। यह काम बहुत ही आसान है लेकिन इसके न होने पर लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त अटक सकती है। कैसे चेक करें लिस्ट में नाम प्रदेश में लगातार अपात्र लाभार्थियों के नाम लाडली बहना योजना से हटाए जा रहे हैं। ऐसे में आपका नाम लिस्ट में है या नहीं, आप खुद ही ऑनलाइन चेक कर लें। इसके लिए लाडली बहना योजना के ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं। वहां ‘आवेदन एवं भुगतान स्थिति’ पर क्लिक कर अपना रजिस्ट्रेशन या समग्र आईडी डालकर चेक कर लें। इस वित्त वर्ष में सरकार पहले ही कर चुकी है कि योजना का पैसा खाते में 10 से 15 तारीख के बीच में ही आएगा। ये है पात्रता की जरूरी शर्तें — मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी — विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता — 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी महिलाएं — किसी भी वर्ग की महिलाएं ले सकती हैं लाभ — स्वयं या परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता न हो — जिनके परिवार के पास 5 एकड़ से कम भूमि हो।

हर्राखेड़ा में ग्रामीणों की मांग पर बन रहे महिलाओं के लिए पिंक शौचालय, यहां सबकुछ महिलाओं के हवाले

भोपाल   आमतौर पर पुरुष और महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय में द्वार एक ही होता है. वहीं कॉमन टॉयलेट होने या खुले में पुरुषों के यूरिनल होने से महिलाएं इन शौचालयों का इस्तेमाल करने से हिचकती हैं. लेकिन अब जनपद पंचायत बैरसिया में आने वाली माडल पंचायत हर्राखेड़ा में अनूठी पहल हुई है, जिससे महिलाओं को इस समस्या से निजात मिलने वाली है. इस गांव में अब प्रदेश का पहला पिंक शौचालय (शी-टॉयलेट) बनाया जा रहा है. ग्रामीणों ने की थी अलग टॉयलेट बनाने की मांग बात दें कि कुछ समय पहले गांव में महिलाओं की समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने उनके लिए अलग टॉयलेट बनाने की मांग ग्राम पंचायत से की थी. इसके बाद ग्राम पंचायत ने इसका प्रस्ताव बनाकर जिला पंचायत को भेजा था. जिसकी स्वीकृत मिलने के बाद अब काम शुरु हो गया है. पंचायत सचिव दीनदयाल दांगी कहते हैं, ” दो महीने के अंदर हर्राखेड़ा ग्राम पंचायत की महिलाओं को पिंक टॉयलेट (शी-टॉयलेट) की सुविधा मिलनी शुरु हो जाएगी.” सप्ताहिक बजार के पास बन रहा शी टॉयलेट पंचायत सचिव दीनदयाल दांगी ने बताया, ” हर्राखेड़ा पूरा गांव ही एक पंचायत है. यहां हर सप्ताह बाजार लगता है, तो वहीं पंचायत भवन में भी महिलाओं का आवागमन बना रहता है. इससे महिला शौचालय की कमी खल रही थी, जिसके चलते पंचायत भवन और सप्ताहिक हाट के पास ही पिंक शौचालय बनाने का निर्णय लिया है. यह शौचालय करीब 350 वर्ग फिट जगह पर बनाया जाएगा, जिसमें करीब साढ़े चार लाख रुपये का खर्च आएगा.” महिलाएं ही करेंगी पिंक टॉयलेट का संचालन पिंक टॉयलेट सिर्फ महिलाओं के उपयोग के लिए रहेगा और इसमें साफ-सफाई सहित अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा. इसका संचालन भी महिलाओं के द्वारा ही कराया जाएगा. पंचायत सचिव ने बताया कि पहले गांव में शौचालयों का अभाव था, इससे स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण के लिए 105 परिवारों का चयन किया गया है. अब तक ग्राम में 380 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया जा चुका है. प्रोत्साहन राशि के अलावा भी ग्रामीणों ने अपना पैसा लगाकर मजबूत शौचालयों का निर्माण कराया है. शी-टॉयलेट के साथ ग्राम पंचायत पूरे प्रदेश के लिए बनेगी मिसाल ग्राम पंचायत हर्राखेड़ा के सरपंच माचल सिंह ने बताया, ” ग्राम पंचायत में निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं. शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज व स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है. गावं में महिलाओं के लिए अलग से पिंक टॉयलेट की मांग की गई थी. इसलिए अब पिंक शौचालय बनाया जा रहा है. हर्राखेड़ा मध्यप्रदेश की पहली ग्राम पंचायत होगी, जहां महिलाओं के लिए अलग से शी-टॉयलेट की सुविधा मिलेगी.” एक नजर में ग्राम पंचायत हर्राखेड़ा     राजधानी से दूरी – 29 किलोमीटर     पंचायत की कुल जनसंख्या – 3,606     पुरुषों की संख्या – 1806     महिलाओं की संख्या – 1800     कुल परिवारों की संख्या – 480     बीपीएल परिवार – 212     एपीएल परिवार – 351     अनुसूचित जाति परिवार – 170     अन्य पिछड़ा वर्ग परिवार – 305     सामान्य परिवार – 88     आय का मुख्य स्रोत – कृषि

भीषण गर्मी के बीच पाकिस्तान गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है, फसलों में 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट

नई दिल्ली पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिए जाने से पाकिस्तान अब गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है. पाकिस्तान के इंडस रीवर सिस्टम अथॉरिटी (सिंधु नदी प्रणाली प्राधिकरण) ने बताया कि बुधवार को उसे जितना पानी प्राप्त हुआ, उसकी तुलना में उसने 11,180 क्यूसेक अधिक पानी छोड़ा है, जिससे जल उपलब्धता का संकट और गहरा गया है. पाकिस्तान के दो प्रमुख जलाशयों, सिंधु नदी पर तरबेला और झेलम नदी पर मंगला, का जल स्तर अपने-अपने डेड स्टोरेज लेवल (जल भंडारण के न्यूनतम स्तर) के करीब पहुंच गया है. इसका मतलब यह है कि पानी का प्रवाह लगभग समाप्त हो गया है, जिससे सिंचाई या पीने के लिए इसका उपयोग सीमित हो जाता है.  पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में संकट गंभीर है, जहां खरीफ की खेती शुरू हो चुकी है, पिछले साल इसी दिन 1.43 लाख क्यूसेक की तुलना में केवल 1.14 लाख क्यूसेक पानी मिला है, जो 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्शाता है. भारत ने इस साल 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था, जब पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे. भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश में कहा कि खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते. आने वाले सप्ताहों में स्थिति और खराब होने की आशंका है, विशेषकर इसलिए क्योंकि भारत अपनी जल भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए जम्मू और कश्मीर में बांधों से नियमित रूप से गाद निकालने और फ्लशिंग का काम कर रहा है.  पाकिस्तान का कृषि क्षेत्र गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है. महत्वपूर्ण फसलों में 13 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई है. कपास का उत्पादन 30 प्रतिशत से अधिक, गेहूं में लगभग 9 प्रतिशत और मक्का में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है. पाकिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद में कृषि क्षेत्र की कुल हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 में पिछले वर्ष के 24.03 प्रतिशत से घटकर 23.54 प्रतिशत रह गई, जिसका खास असर खरीफ उत्पादन पर पड़ा है. मानसून की बारिश में अभी कई सप्ताह बाकी हैं. पाकिस्तान के इंडस रीवर सिस्टम अथॉरिटी ने पहले ही खरीफ सीजन के आरंभ में 21 प्रतिशत तथा खरीफ सीजन के अंत में 7 प्रतिशत जल की कमी की चेतावनी दे दी है.  सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान लगातार भारत से सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार करने की अपील कर रहा है. उसके जल संसाधन मंत्रालय ने नई दिल्ली को चार पत्र भेजे हैं, जिनमें से सभी को भारत के जल शक्ति मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय को भेज दिया है. भारत अपने इस रुख पर अड़ा हुआ है कि कोई भी संधि आतंकवाद के साथ नहीं हो चल सकती. पाकिस्तान ने 1960 की संधि में मध्यस्थता करने वाले विश्व बैंक से भी हस्तक्षेप करने के लिए संपर्क किया है. हालांकि, विश्व बैंक ने इस मामले को उठाने से इनकार कर दिया. इस बीच, भारत अपने वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने पर काम कर रहा है, जिसमें ब्यास को गंगा और सिंधु को यमुना से जोड़ने वाली नई नहर परियोजनाएं, डोमेस्टिक स्टोरज में बढ़ोतरी और पाकिस्तान के साथ जल बंटवारे पर रणनीतिक नियंत्रण शामिल है. आसमान से बरस रही आग, पानी के लिए मचा हाहाकार; मानसून के भरोसे है सरकार पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार की ओर से पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सिंघु जल समझौता रद कर दिया गया था, जिसका असर अब पड़ोसी देश में देखने को मिल रहा है। पाकिस्तान में गंभीर जल संकट नजर आने लगा है। पाकिस्तान के  पंजाब प्रांत के किसान सूखे की मार झेलने का मजबूर हैं।  पाकिस्तान सरकार की एक रिपोर्ट की माने तो सिंधु नदी प्रणाली से मिलने वाले पानी में सालाना औसत 13.3 प्रतिशत की कमी आई है। पाकिस्तान की इंडस रिवर सिस्टम अथॉरिटी (Indus River System Authority-IRSA) की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंधु बेसिन से 5 जून को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बांधों में 1.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि पिछले साल इसी  अवधि में  यह आंकड़ा 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। विशेषज्ञों की मानें तो पानी की कमी का असर सीधा खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ेगा। हालांकि, मानसून की बारिश से स्थिति में सुधार उम्मीद जताई जा रही है। बारिश होने तक खेतों में फसल लगी है, उसके सूखे की चपेट में आने की आशंका  लगातार बनी हुई है। केंद्रीय जल आयोग के पूर्व अध्यक्ष ए.के. बजाज ने एक चैनल से कहा कि पाकिस्तान में सिंधु नदी प्रणाली से जुड़ी नदियों और जलाशयों में जलस्तर घट गया है। इसके कारण वहां के किसान संकट में हैं।  

Pachmarhi में BJP विधायकों-सांसदों की लगेगी क्लास, मोबाइल इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं, बीजेपी के चाणक्य देंगे ‘गुरुमंत्र’

पचमढ़ी  मध्यप्रदेश बीजेपी, एक खास तरह का प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने जा रही है, जो पचमढ़ी की वादियों में 14 जून से 16 जून तक चलेगा. इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे, जिन्हें पार्टी में रणनीति के चाणक्य के तौर पर जाना जाता है. अमित शाह उद्घाटन सत्र में हिस्सा लेंगे और बीजेपी की विचारधारा से लेकर संगठन पर चर्चा करेंगे. सभी विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को 13 जून की रात तक पचमढ़ी पहुंचना होगा, ताकि 14 जून दोपहर 12 बजे से होने वाले कार्यक्रम में पूरी उपस्थिति हो सके. मिली जानकारी के अनुसार, बीजेपी का प्रशिक्षण शिविर में कुल तीन सत्र आयोजित किए जाएंगे. पहले सत्र में पार्टी की विचारधारा ‘हमारा विचार और पंच निष्ठा’ पर चर्चा होगी, जिसमें प्रदेश प्रभारी महेन्द्र सिंह और वरिष्ठ नेता गोपाल भार्गव मार्गदर्शन देंगे. दूसरे सत्र में बीजेपी की कार्यपद्धति पर प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और सांसद बंशीलाल गुर्जर जानकारी साझा करेंगे. तीसरे और अंतिम सत्र में स्वप्निल कुलकर्णी तथा प्रदेश महामंत्री भगवान दास सबनानी द्वारा पार्टी की शताब्दी वर्ष योजना और पंच परिवर्तन विषय पर प्रस्तुति दी जाएगी.  तीन ग्रुपों में बांटा जाएगा दूसरे दिन के प्रशिक्षण में नेताओं को विधानसभा क्षेत्रों में प्रबंधन, चुनावी इनोवेशन और सदन में बेहतर भूमिका निभाने को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा. विधायकों और सांसदों को अनुभव के आधार पर तीन ग्रुपों में बांटा जाएगा. पहले ग्रुप में पहली और दूसरी बार के विधायक होंगे, जिन्हें सुधीर गुप्ता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा संबोधित करेंगे. दूसरे ग्रुप में वरिष्ठ विधायक होंगे, जिनसे उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेन्द्र शुक्ला, विधायक प्रदीप लारिया और हरिशंकर खटीक संवाद करेंगे. तीसरे ग्रुप में राज्यसभा और लोकसभा सांसद होंगे, जिनसे केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र खटीक और राज्य मंत्री दुर्गादास उईके मार्गदर्शन करेंगे. योग से होगी शुरूआत हर दिन की शुरुआत योग और ध्यान से होगी, जो सुबह 6 बजे सभी नेताओं के साथ सामूहिक रूप से कराया जाएगा. इस कैंप में नेताओं को सिर्फ भाषण नहीं बल्कि नेतृत्व कौशल, समय प्रबंधन और जनसंपर्क जैसी चीजों पर भी व्यावहारिक रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा. पचमढ़ी की हरियाली और शांत वातावरण में नेताओं को आत्मचिंतन और राजनीतिक दिशा पर सोचने का अवसर मिलेगा. यह प्रशिक्षण वर्ग आने वाले चुनावों और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जहां पार्टी की सोच और संगठनात्मक अनुशासन को और धार दी जाएगी.  उद्घाटन सत्र में अमित शाह बताएंगे जनसंघ से बीजेपी तक की विकास यात्रा 13 जून की रात तक सभी प्रशिक्षणार्थी विधायक, सांसद और मंत्री पचमढ़ी पहुंच जाएंगे। 14 जून को दोपहर 12 बजे से आयोजित उद्घाटन सत्र में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह जनसंघ से लेकर भाजपा की विकास यात्रा के बारे में व्याख्यान देंगे। अमित शाह के साथ मंच पर सीएम डॉ मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा मौजूद रहेंगे। पहले दिन होंगे चार सत्र डेढ़ घंटे के लंच ब्रेक के बाद करीब साढ़े तीन बजे से पहला सत्र होगा। इस सत्र में “हमारा विचार और पंच निष्ठा” विषय पर प्रदेश प्रभारी डॉ महेंद्र सिंह और सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव संबोधन देंगे। इसके बाद दूसरे सत्र में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और सांसद बंशीलाल गुर्जर भाजपा की कार्यपद्धति पर जानकारी देंगे। चुनाव क्षेत्र में मैनेजमेंट, इनोवेशन और सदन में भूमिका पर एक ही सत्र में 3 ग्रुप बनेंगे दूसरे दिन के शुरुआती सत्र में विधायकों-सांसदों को निर्वाचन क्षेत्र में मैनेजमेंट इनोवेशन और चुनौतियों के साथ सदन में भूमिका पर जानकारी दी जाएगी इस सत्र में विधायकों-सांसदों के तीन ग्रुप बनाए जाएंगे। पहले ग्रुप में पहली और दूसरी बार के विधायकों को सांसद सुधीर गुप्ता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीता शरण शर्मा संबोधित करेंगे। दूसरे समूह में बाकी बचे वरिष्ठ विधायकों को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, विधायक प्रदीप लारिया और हरिशंकर खटीक संबोधित करेंगे। तीसरे समूह में राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों को केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक और केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास ऊईके संबोधित करेंगे। सीएम बताएंगे- उमा भारती से मोहन तक बीजेपी का सफर लंच ब्रेक के बाद विकसित मप्र 2047-अवसर एवं चुनौती( 2003 से 2023) तक की पृष्ठभूमि पर – सीएम डॉ मोहन यादव अपना वक्तव्य देंगे। पूर्व मंत्री और दमोह विधायक जयंत मलैया इस सत्र की अध्यक्षता करेंगे। सोशल मीडिया और मीडिया पर स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय विमर्श बनाने में हमारी भूमिका के विषय पर विनोद तावडे व्याख्यान देंगे। धौंहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम सत्र की अध्यक्षता करेंगे। शिवप्रकाश समझाएंगे समन्वय और समाधान बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को समन्वय, प्रक्रिया, समस्या और समाधान के विषय में समझाएंगे। शिवप्रकाश यह भी बताएंगे कि संगठन, अन्य जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, विचार परिवार और स्वयं के परिवार के लिए समय प्रबंधन करें और पर्सनल, प्रोफेशनल लाइफ में तालमेल बनाएं। कैलाश, प्रहलाद और देवड़ा बताएंगे एमपी बीजेपी का उद्भव दूसरे दिन डिनर के बाद कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और डिप्टी सीएम मप्र में बीजेपी का उद्भव और विकास संस्मरण के स्वरूप को सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सुनाएंगे। अंतिम दिन सीखेंगे स्पीच स्किल और मोबाइल शिष्टाचार प्रशिक्षण वर्ग के अंतिम दिन सुबह 7 बजे से 45 मिनट का योग प्रार्थना और खेल का आयोजन होगा। नाश्ते के बाद सांसदों, विधायकों को केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल वक्तव्य कौशल, सामाजिक और मोबाइल शिष्टाचार सिखाएंगे। राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार इस सत्र की अध्यक्षता करेंगी। अंतिम सत्र में जिज्ञासाओं यानि विधायकों, सांसदों के सवाल-जवाब होंगे। इसमें राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष शामिल होंगे।

मप्र भाजपा के अगले अध्यक्ष की घोषणा 16 जून के बाद, वीडी शर्मा को अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ सकता है

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सबकी नजरें भाजपा के अगले प्रदेश अध्यक्ष पर टिक गई हैं. पिछले पाँच महीनों से चली आ रही रहस्यमयी चुप्पी अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहाँ 16 जून के बाद प्रदेश संगठन में एक बड़े ऐलान की संभावना है. इस महत्वपूर्ण घोषणा से पहले, पार्टी की उम्मीदें और रणनीतिक मंथन अब “पचमढ़ी प्रशिक्षण वर्ग” से जुड़ गए हैं, जिसे प्रदेश भाजपा के भविष्य की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है. हेमंत खंडेलवाल, फग्गन सिंह और नरोत्तम मिश्रा के नाम सुर्खियों में हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह प्रशिक्षण वर्ग केवल कार्यकर्ताओं के लिए एक सामान्य शिविर नहीं है, बल्कि प्रदेश के वरिष्ठ नेता, मंत्री और संगठन के बड़े चेहरे यहाँ एक साथ जुटेंगे. पचमढ़ी की शांत और गोपनीय वादियों में होने वाला यह मंथन, भाजपा की रणनीति का एक अहम हिस्सा है. बीते वर्षों का अनुभव बताता है कि भाजपा ऐसे आयोजनों का उपयोग न केवल कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने के लिए करती है, बल्कि अपने बड़े सांगठनिक और राजनीतिक निर्णयों की ज़मीन भी यहीं तैयार करती है. इस बार, यह शिविर सिर्फ प्रशिक्षण का मंच नहीं होगा, बल्कि प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बनी लंबी चुप्पी को तोड़ने का भी एक संकेत दे सकता है. अध्यक्ष पद पर वीडी शर्मा और ‘वन मैन, वन पोस्ट’ का पेच वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के पास लोकसभा सांसद का पद भी है, और यही वह बिंदु है जहाँ पार्टी के भीतर एक महत्वपूर्ण सवाल उठ रहा है: क्या भाजपा “वन मैन, वन पोस्ट” (एक व्यक्ति, एक पद) के उस स्थापित फॉर्मूले पर चलेगी, जिस पर वह अतीत में जोर देती आई है? यह सिद्धांत भाजपा की आंतरिक अनुशासन और सांगठनिक शुचिता का प्रतीक रहा है. वीडी शर्मा को अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ सकता है अगर संगठन इस सिद्धांत पर कायम रहता है, तो मध्य प्रदेश को जल्द ही एक नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है, जो केवल सांगठनिक जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित करेगा. इस स्थिति में, वीडी शर्मा को अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ सकता है, जिससे संगठन में एक नए चेहरे को कमान संभालने का मौका मिलेगा. लेकिन, अगर किसी कारणवश पार्टी इस बार इस नियम में अपवाद करती है और वीडी शर्मा को ही डबल रोल में बनाए रखने का निर्णय होता है, तो इससे पार्टी का आंतरिक संतुलन किस तरह प्रभावित होगा—यह देखना दिलचस्प होगा. यह निर्णय न केवल पार्टी की भविष्य की नीतियों पर, बल्कि प्रदेश के राजनीतिक समीकरणों पर भी गहरा असर डालेगा. पचमढ़ी मंथन के बाद साफ होगी तस्वीर यह प्रशिक्षण वर्ग ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब लोकसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं और भाजपा केंद्रीय नेतृत्व अब विभिन्न राज्यों में सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है. मध्य प्रदेश में सभी 29 सीटें जीतने के बावजूद, पार्टी भविष्य की चुनौतियों, खासकर 2028 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए एक मजबूत और प्रभावी अध्यक्ष चाहती है. मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी एक बड़ी प्राथमिकता है. भाजपा के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जा रहा पचमढ़ी का प्रशिक्षण वर्ग 16 जून के बाद संगठनात्मक चुनाव की अधिसूचना आने की संभावना है, जिससे अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल दावेदारों की किस्मत का फैसला हो सकता है. ऐसे में, पचमढ़ी का प्रशिक्षण वर्ग भाजपा के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ माना जा रहा है. यही वह मंच हो सकता है जहाँ पार्टी अपने भीतर के विभिन्न मतभेदों को सुलझा कर एक राय बना ले—कि प्रदेश में पार्टी की कमान किसे सौंपी जाए. यह निर्णय केवल एक नियुक्ति नहीं होगा, बल्कि आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश की राजनीति में भाजपा की स्थिति और भविष्य की दिशा को परिभाषित करेगा.  

‘ अविवाहित पुरुष डरने लगे हैं…’, सोनम रघुवंशी मामले को लेकर बाबा बागेश्वर ने जताई चिंता

छतरपुर  सोनम रघुवंशी को लेकर देश में खुब चर्चा हो रही है। हर किसी के जुबान पर सोनम रघुवंशी की कहानी सुनने को मिल रही है। इसी दौरान बाबा बागेश्वर ने भी सोनम को लेकर चौकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने लव और अरेंज मैरिज को लेकर भी अपनी बात रखी है। बाबा ने कहा है कि ऐसे मामले देखने के बाद उनके जैसे अविवाहित पुरुष डरने लगे हैं। वहीं मैरिज को लेकर उन्होंने कहा है कि ये दोनों ही सिस्टम खराब है। दरअसल बाबा बागेश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस समय ऑस्ट्रेलिया के शहर सिडनी में कथा कर रहे हैं। जहां उन्होंने कथा के दौरान ही ये चौकाने और हैरान करने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस समय मानों एक चलन सा चल गया है। शास्त्री ने तो पहले तो यूपी के मेरठ में हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक से बढ़कर एक खतरनाक ट्रेंड चल रहा है। नीले ड्रम से देवियां निकल रही हैं। बाबा ने कहा, ‘आजकल पत्नियों का बड़ा खतरनाक ट्रेंड चल रहा है। एक से एक खतरनाक नीले ड्रम वाली निकल रही हैं। तुम लोगों ने सुना नहीं, अभी कल नई खबर आई: सोनम। देखो तो कहानियां हमारे जैसे अविवाहित पुरुष डरने लगे हैं। पहले तो लगता था कि अरेंज मैरिज सही है फिर लगता लगता था लव मैरिज सही है। और अब दोनों ही बेकार लगते हैं। जब से राजा वाला कांड सुना है, बड़ा बेकार है।’ इसके बाद बाबा थोड़ा मजाकिए अंदाज में बोले कि हमने सुना है लुगाइयों के सामने बुद्धि और सख्ती दोनों नहीं चलती। हमको ये बात सिडनी के एक विवाहित पुरुष ने बताई है। और फिर जोर का ठहाका लगाया।बाबा बागेश्वर ने कहा कि भारत में पत्नियों का खतरनाक ट्रेंड चल रहा है। एक से एक खतरनाक नीले ड्रम वाली देवियां निकल रही हैं। भारत में नये-नये कांड सामने आ रहे हैं, जो न्यूज में देखने को मिल रहे हैं। अभी नया कांड सामने आया है सोनम का। पत्नियां शादी के बाद पति की हत्या करवा देती हैं। हमारे जैसे अविवाहित पुरुष डरने लगे हैं।  रही मेरी बात तो मेरी तो पत्नी से पटेगी ही नहीं। पत्नी को झूठ बोलेगी हम पर्चा पकड़ा देंगे।  मेरी शादी में पहले ही दिन मंडप में ही विवाद खड़ा हो जाएगा। फिर पत्नि कहेगी कि तलाक देना है। बाद में उन्होंने कहा कि फिलहाल शादी का इरादा नहीं है। क्या है सोनम और राजा रघुवंशी मामला इंदौर के व्यापारी सोनम और राजा रघुवंशी की बीते महीने 11 मई को शादी हुई थी। जिसके बाद दोनों 20 मई को हनीमून के लिए मिजोरम के शिलॉग गए। जिसके बाद पता चला कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर अपने पति राजा की हत्या कर दी। काफी छानबीन के बाद ये जानकारी निकल के सामने आई। जिसको लेकर पिछले कई दिनों से खूब चर्चा हो रही है।  

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: विमान हादसे में पुलिश कमिश्नर मलिक ने 204 लोगों की मौत की पुष्टि की

अहमदाबाद  लंदन के लिए उड़ा एयर इंडिया का एक विमान अहमदाबाद में एयरपोर्ट के पास ही क्रैश हो गया। हादसे में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने इसकी पुष्टि की। इसके अलावा 50 लोगों को इलाज के लिए अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही विमान मेघनीनगर के मेडिकल कॉलेज परिसर में जा गिरा। इंटर्न डॉक्टरों के हॉस्टल से विमान का एक हिस्सा टकराने की वजह से कुछ मेडिकल स्टूडेंट के मारे जाने और घायल होने की सूचना है। पुलिश कमिश्नर मलिक ने कहा कि 204 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 204 शव पोस्टमार्टम के लिए लाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि ये सभी लोग विमान में ही सवार थे। उन्होंने कहा कि जो हॉस्टल जद में आया है वहां भी कुछ लोग हताहत हो सकते हैं। जिन लोगों की अभी तक मौत हुई उनमें से कितने विमान में सवार लोग थे और कितने हॉस्टल और आसपास मौजूद रहे लोग, यह अभी साफ होना बाकी है। अहमदाबाद के स्वास्थ्य विभाग के अडिशनल चीफ सेक्रेट्री धनंजय द्विवेदी ने कहा कि एयर इंडिया 171 विमान में 230 पैसेंजर की बुकिंग थी। इसके अलावा क्रू मेंबर भी थे। दोपहर 1.40 बजे के बाद प्लेन टेक ऑफ होने के साथ दुर्घटनाग्रस्त हुई। जहां प्लेन गिरा है वहां अहमदाबाद सिविल अस्पताल में हॉस्टल, स्टाफ क्वार्टर और आवासीय विस्तार है। वहां के लोग भी जद में आए हैं। 50 घायलों को सिविल अस्पताल में लाया गया है। पहचान के लिए परिजनों से डीएनए सैंपल की मांग द्विवेदी ने कहा कि फ्लाइट के जो पैसेंजर हैं उनसे अपील है कि हमने डीएनए जांच की व्यवस्था अस्पताल में की है। परिजनों से अपील है कि वो अपने डीएनए सैंपल दें ताकि मृतकों की पहचान हो सके। पीड़ितों के परिजनों को यदि कोई पूछताछ करनी है तो हेल्पलाइन 6357373831 और 6357373841 पर संपर्क कर सकते हैं। गुजरात के पूर्व सीएम समेत कुल 242 लोग थे सवार बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (एआई171) उड़ान भरने के तुरंत बाद तेजी से नीचे आ गिरा। विमान में दो पायलट और चालक दल के 10 सदस्य सहित 242 लोग सवार थे, जिनमें गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी भी शामिल हैं। विमान ने सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के काफी निकट गिरा और इसमें जोरदार धमाका हुआ। डीजीसीए के एक बयान के अनुसार, ‘विमान ने अहमदाबाद से अपराह्न 1:39 बजे रनवे 23 से उड़ान भरी। इसने एटीसी (हवाई यातायात नियंत्रण) को ‘मेडे’ (आपातकालीन संदेश देने के लिए) कॉल किया, लेकिन उसके बाद एटीसी द्वारा की गई कॉल का विमान से कोई जवाब नहीं मिला।’ दुर्घटनास्थल के वीडियो में झुलसे हुए शवों को बाहर निकाले जाते और घायलों को, जिनमें से कई झुलसे हुए थे, नजदीक स्थित शहर के सिविल अस्पताल में ले जाते देखा जा सकता है।  

अब कर्मचारियों की ‘कुंडली’ मोबाइल एप पर, मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में ई-गवर्नेंस की ओर बड़ा कदम

प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को होगा लाभ: सेवानिवृत्ति, पदोन्नति और वेतन विसंगति में नहीं होगी कोई परेशानी: जीपीएफ का होगा त्वरित भुगतान रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ई-गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन को सशक्त और सहज बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। “डिजिटल प्रशासन – पारदर्शी समाधान” की नीति को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश सरकार ने अब कर्मचारियों की सेवा जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से अद्यतन करने की अभिनव पहल की है। यह प्रयास मुख्यमंत्री साय की उस सोच को दर्शाता है जिसमें प्रत्येक कर्मचारी की सुविधा, सम्मान और अधिकार सुरक्षित हों — तेज़, सरल और भरोसेमंद प्रणाली के माध्यम से। इसी कड़ी में प्रदेश के लगभग 4 लाख सरकारी कर्मचारियों की सीआर के लिए अब फाइलें पलटने का झंझट समाप्त हो गया है।कर्मचारियों की प्रोफाइल अब एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप पर अद्यतन (अपडेट) की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, वेतन विसंगति आदि के समय किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। नई व्यवस्था के अनुसार अब कर्मचारियों की प्रोफाइल को कार्मिक संपदा पोर्टल पर लोड और अपडेट करना अनिवार्य होगा। इसके लिए एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप और वेब पोर्टल विकसित किए गए हैं।संचालनालय कोष एवं लेखा की इस नई व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कर्मचारियों की सेवा संबंधी “कुंडली” को अद्यतन रखने में यह व्यवस्था अत्यंत सहायक सिद्ध होगी। हालाँकि 2019 से कार्मिक संपदा मॉड्यूल का उपयोग किया जा रहा है, किंतु यह नवीन डिजिटल प्लेटफॉर्म कर्मचारियों को उनकी व्यक्तिगत एवं सेवा संबंधी जानकारी त्वरित व सुविधाजनक रूप से उपलब्ध कराएगा। संचालक कोष एवं लेखा श्री रितेश अग्रवाल ने कहा कि यह पाया गया है कि कार्मिक संपदा पोर्टल पर अधिकांश कर्मचारी अपनी जानकारी अपडेट नहीं करते हैं, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कार्मिक संपदा मॉड्यूल में व्यक्तिगत जानकारी अपडेट करने की जिम्मेदारी कार्यालय प्रमुख की होती है, लेकिन इसमें समय लगने के कारण असुविधाएँ उत्पन्न होती हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप विकसित किया गया है, जो कर्मचारियों को स्वयं लॉगिन कर अपनी जानकारी अपडेट करने की सुविधा देता है। अब सेवा संबंधी जानकारी, नामिनी परिवर्तन, बैंक खाता परिवर्तन आदि के लिए कार्यालय प्रमुख पर निर्भरता नहीं रहेगी, जिससे अनावश्यक विलंब की स्थिति में भी कमी आएगी। स्थानांतरण, वेतन निर्धारण, पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और प्रगति सुनिश्चित होगी। साथ ही सेवा के दौरान और सेवानिवृत्ति उपरांत मिलने वाले लाभ जैसे पेंशन, जीपीएफ, उपादान, अवकाश नगदीकरण आदि प्रकरणों का शीघ्र निराकरण संभव होगा, क्योंकि संबंधित डेटा अद्यतन रहेगा। कार्मिक संपदा एप से मिलेंगे ये प्रमुख लाभ कर्मचारियों से प्राप्त सेवा संबंधी आवेदनों का निपटारा सक्षम अधिकारी समयबद्ध तरीके से कर सकेंगे। मॉड्यूल के अद्यतन होने से वेतन विसंगति से जुड़ी समस्याएँ कम होंगी। कर्मचारी  एम्प्लाई कॉर्नर मोबाइल एप या वेब एप्लिकेशन पर लॉगइन कर जानकारी स्वयं अपडेट कर सकते हैं। प्रोफाइल अद्यतन की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के उद्देश्य से यह एप और पोर्टल तैयार किया गया है। इसके उपयोग के लिए एसओपी (Standard Operating Procedure) की जानकारी https://ekoshonline.cg.gov.in/Advertisement/sop_karmik_website_merged.pdf में दी गई है। साथ ही, शासकीय कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति उपरांत महालेखाकार कार्यालय में अंतिम जीपीएफ दावा को पूर्णतः ऑनलाइन माध्यम से प्रस्तुत करने की व्यवस्था भी तैयार की गई है। इससे दावे के निराकरण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन जीपीएफ क्रेडिट मिसिंग मॉड्यूल भी विकसित किया गया है, जिससे कार्यालय प्रमुख और कर्मचारी सेवा काल के दौरान मिसिंग जीपीएफ एंट्री का ऑनलाइन सुधार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि राज्य शासन का प्रत्येक निर्णय आम जन और कर्मचारियों के हित में हो। यह डिजिटल पहल कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित निपटान की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो छत्तीसगढ़ को ई-गवर्नेंस की अग्रणी श्रेणी में स्थापित करता है।

अहमदाबाद विमान हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे, जिनका इस हादसे में मौत निधन

इंदौर अहमदाबाद में एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन क्रैश का बड़ा हादसा हुआ है। इसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे, जिनका इस हादसे में मौत निधन हो गया है। विमान के गिरते ही पूरा इलाका धुएं के गुबार ढक गया था। इसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित 242 पैसेंजर सवार थे, जिसमें 56 ब्रिटिश और 6 पुर्तगाल नागरिक भी थे। विजय रूपाणी लंदन अपनी बेटी व पत्नी से मिलने के लिए जा रहे थे। विजय रूपाणी का नाम गुजरात भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं में आता है। वह भाजपा के उन खांटी नेताओं में गिने जाते हैं, जो शुरू से पार्टी से जुड़े रहे। इसका इनाम भी उनको मिला। उन्होंने 2014 में पहली बार विधानसभा का चुनाव जीता था। 2016 में आनंदीबेन पटेल को हटाकर उनको राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया।   म्यांमार हुआ था जन्म 2 अगस्त 1956 को विजय रूपाणी का जन्म म्यांमार की राजधानी रंगून में हुआ था। उनके पिता वहां बिजनेस किया करते थे, लेकिन उनके जन्म के ठीक 4 साल बाद वह राजकोट लौट आए थे। उन्होंने राजकोट में ही शिक्षा प्राप्त की थी। युवा दौर में ही राष्ट्रवादी विचारों से थे प्रेरित विजय रूपाणी का छात्र जीवन से राष्ट्रवादी विचारों की तरफ झुकाव था। ऐसे में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर छात्र राजनीति की शुरुआत की। 1971 में जनसंघ से जुड़कर राजनीतिक मैदान में उतरे। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना होने पर उसकी सदस्यता ले ली। ऐसे में वह पार्टी से उसके स्थापना काल से जुड़े थे। इमरजेंसी में इंदिरा गांधी को ललकारा विजय रूपाणी इमरजेंसी के दौर में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ मुखर रहे। उनको 1976 में पुलिस ने पकड़ लिया था। 11 महीने उन्होंने भावनगर और भुज की जेल में बिताए। 1987 में उन्होंने चुनावी राजनीति में प्रवेश किया। राजकोट नगर निगम का चुनाव लड़ा। 1996 से 1997 तक वह राजकोट के मेयर पद पर रहे। उसके बाद उनको संगठन में तरजीह दी गई। वह 1998 में भाजपा गुजरात इकाई के महासचिव रहे। 2006 में उनको गुजरात पर्यटन का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 2006 में उनको पार्टी ने राज्यसभा भेजा।   2014 में लड़ा पहला विधानसभा चुनाव, 2016 में बन गए सीएम वाजुभाई वाला को केंद्रीय नेतृत्व ने राज्यपाल बना दिया था। उनको अपनी सीट से इस्तीफा देना पड़ा। उस सीट पर चुनाव लड़ने का विजय रूपाणी को मौका मिला। वह पहली बार विधानसभा पहुंचे। नवंबर 2014 में आनंदीबेन पटेल की सरकार ने पहला मंत्रीमंडल विस्तार किया, तो उनको परिवहन, जल आपूर्ति, श्रम और रोजगार मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया। पार्टी ने उनको संगठन की भी जिम्मेदारी सौंपी। वह फरवरी 2016 से लेकर अगस्त 2016 तक बीजेपी के स्टेट प्रेसिडेंट बने। उसके बाद 5 अगस्त 2016 को आनंदीबेन पटेल की जगह उनको गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया।

प्रदेश में 4197 पीवीटीजी गांव के अंतर्गत 11 लाख 67 हजार 373 परिवार इस योजना के तहत लाभांवित हुए

पीवीटीजी के 7.84 लाख परिवारों के हर घर में नल और हर नल से जल हर घर में नल हर नल में जल योजना के तहत 6019.95 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई प्रदेश में 4197 पीवीटीजी गांव के अंतर्गत 11 लाख 67 हजार 373 परिवार इस योजना के तहत लाभांवित हुए  भोपाल पीएम जनमन योजना के अंतर्गत (पीवीटीजी) विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के परिवारों को मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दृष्टि से अन्य योजनाओं के साथ पेयजल आपूर्ति के लिये 360 पीवीटीजी गांवों के 7 लाख 84 हजार 327 घरों में नल कनेक्शन जारी किये गये है। प्रधानमंत्री जनमन आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनजाति संवर्ग के उत्थान के लिये इस योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंशा के अनुरूप नल-जल योजना भी विभिन्न क्षेत्रों दी जा रही सुविधाओं में से एक है। मध्यप्रदेश में 4197 पीवीटीजी गांव है। इसके अंतर्गत 11 लाख 67 हजार 373 परिवार इस योजना के तहत लाभांवित हुए है। वर्ष 2027 तक अधिकांश गांवों को सतही जल योजना के माध्यम से कवर कर लिया जाएगा। हर घर में नल हर नल में जल योजना के तहत 6019.95 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। 432 बसाहटों में से 192 बसाहटों कार्यपूर्ण किया जा चुका है। शेष 240 बसाहटों को कार्य 30 जून 2025 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। 60 गांव हुए नल – जल युक्त लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के माध्यम से प्रदेश के 400 स्वीकृत पीवीटीजी गांवों में से 60 गांवों में के हर घर में नल जल संचालित है। अभी 340 गांवों में कार्य प्रगति पर है। कार्य पूर्ण हो चुके गांव में 61 प्रतिशत के साथ दतिया प्रथम स्थान पर है इसके पश्चात 58 प्रतिशत सैचुरेरडे गांव के साथ ग्वालियर के 134 गांव में से 78 गांव में नल जल योजना का कार्य पूरा हो चुका है। शिवपुरी में सर्वाधिक स्वीकृत 592 गांव में से 97 गांव में नल जल योजना का काम पूरा हो चुका है। 495 गांवों कार्य प्रगति पर है। दूसरे नबंर पर शहडोल के 431 स्वीकृत गांवों में से 208 गांव में नल जल का कार्य पूर्ण हो चुका है शेष 223 गांव में कार्य प्रगति पर है। पीएम जनमन योजन के अंतर्गत जनजाति बसाहट वाले गांवों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के माध्यम से सामुदायिक जल आपूर्ति का काम प्रचलन में है। आगामी दो वर्षो में इस योजना के अंतरित लक्ष्य प्राप्ति प्रस्तावित है।      

हरित क्षेत्र से जुड़े विषय-विशेषज्ञों के होंगे व्याख्यान

प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिये 13 जून को कार्यशाला अमृत हरित कार्यशाला भोपाल के रवीन्द्र भवन में हरित क्षेत्र से जुड़े विषय-विशेषज्ञों के होंगे व्याख्यान भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा शुक्रवार 13 जून को प्रात: 8:30 बजे राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में अमृत हरित अभियान पर केन्द्रित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में हरित क्षेत्र के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों और पहलों का प्रसार करना है। कार्यशाला में मंत्रीगण, सांसद, विधायक, महापौर, निकायों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और जन-प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यशाला में प्रदेश के समस्त नगरीय निकायों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। प्रत्येक नगर निगम से 6, नगरपालिका परिषद से 4 और नगर परिषद से 2 प्रतिभागियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गयी है। कार्यशाला के दौरान कृषि और उद्यानिकी से संबंधित उत्पादों एवं यंत्रों की प्रदर्शनी के साथ ही नर्सरी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जायेगा। कार्यशाला में विभिन्न संस्थानों जैसे इफ्को एवं भारतीय प्रबंध संस्थान के विषय-विशेषज्ञों द्वारा चर्चा की जायेगी। कार्यशाला में स्थानीय वृक्ष प्रजातियों की विशेषताएँ एवं संरक्षण, जैव-विविधता एवं जलवायु परिवर्तन, बागीचों के लिये तकनीक एवं उपकरण की आवश्यकताएँ, वृक्षारोपण और पौध-रोपण से संबंधित अधिनियमों का विश्लेषण तथा वृक्षारोपण उपरांत समुचित प्रबंधन विषय पर चर्चा की जायेगी। हरित क्षेत्र बढ़ाने की रणनीतियाँ कार्यशाला में दिव्यांग पार्क, नर्मदापुरम एवं उज्जैन की सफलता की कहानियों को भी साझा किया जायेगा। इन कहानियों पर आधारित फिल्म का विशेष प्रस्तुतिकरण किया जायेगा। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण समस्त नगरीय निकायों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया जायेगा। सीधे प्रसारण से राज्य के सभी निकाय इस अभियान से जुड़ सकेंगे। इसके साथ ही पौध-रोपण कार्य से जुड़े शासकीय और अशासकीय संगठनों के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में भाग लेंगे। कार्यशाला में होंगे 3 सत्र उद्घाटन सत्र में कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों का उद्बोधन होगा। प्रथम सत्र में इंडियन इन्स्टीट्यूट ऑफ फॉरेस्ट मैनेजमेंट (आईआईएफएम) के प्रतिनिधि स्थानीय वृक्षों की प्रजातियों की विशेषताओं एवं संरक्षण पर जानकारी देंगे। एप्को के श्री राम रतन जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन पर, आईआईएफएम के पूर्व प्रो. डी.के. वर्मा बागीचे के लिये तकनीक एवं उपकरण आवश्यकता से संबंधी जानकारी देंगे। द्वितीय सत्र में ‘वूमेन फॉर ट्री’ विषय पर प्रमुख अभियंता श्री प्रदीप एस. मिश्रा का उद्बोधन होगा। समापन सत्र में राम वाटिका सिवनी-मालवा, दोहेला पार्क खुरई की सफलता की कहानी के साथ प्रदेश में हरित विकास संवर्धन के कार्यों की जानकारी दी जाएगी। सत्र का समापन शाम 5 बजे होगा।  

विमान हादसे के बाद DNA टेस्ट से होगी शवों की पहचान, कैसे होती है शवों की पहचान, जानिए पूरी प्रक्रिया

अहमदाबाद  अहमदाबाद एयरपोर्ट के पास गुरुवार को एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। ये हादसा इतना बड़ा था कि विमान में सवार क्रू मेंबर्स समेत सभी 242 लोगों की मौत । इस विमान में 169 भारतीय नागरिक, 53 ब्रिटिश नागरिक हैं, 1 कनाडाई नागरिक है और 7 पुर्तगाली नागरिक थे। विमान टेकऑफ करते ही डॉक्टरों के हॉस्टल पर जा गिरा अहमदाबाद से उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद ही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 एक बड़े हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी 242 लोगों की मौत हो गई है। लंदन जा रहा यह विमान जब शहर के मेघानीनगर इलाके के पास पहुंचा, तो तुरंत ही हादसे का शिकार हो गया। इलाके में अचानक हुए धमाके और आसमान में उठते धुएं के गुबार ने लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान क्रैश होने के बाद दुर्घटना स्थल पर बचाव और राहत कार्यों में कई एजेंसियां ​​लगी हुई हैंAir India Plane Crash: अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान क्रैश होने के बाद दुर्घटना स्थल पर बचाव और राहत कार्यों में कई एजेंसियां ​​लगी हुई हैं DNA टेस्ट से होगी शवों की पहचान एयर इंडिया विमान हादसे में सभी 242 लोगों के मारे जाने की आशंका है। ये हादसा इतना भीषण था कि मरने वाले लोगों के शवों की पहचान तक करना मुश्किल हो रहा है। अब खबर आ रही है कि अहमदाबाद के सिविल अस्पताल ने उन लोगों से DNA सैंपल मांगे, जिनके अपने इस हादसे का शिकार हुए हैं, ताकि शवों की सही तरीके से पहचान की जा सके। तो सही क्या ऊंचाई पर नहीं पहुंच पाया था विमान? अहमदबाद में एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया, जिसमें सभी 242 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। इस हादसे के कई वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो विमान के क्रैश होने से ठीक पहले का है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसारा, वीडियो के विश्लेषण के आधार पर कई एक्सपर्ट ने कहा कि बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, एक ऐसा मॉडल है, जिसका सुरक्षा रिकॉर्ड बेदाग रहा है। ऐसे में वो अहमदाबाद में रनवे से उड़ान भरता है और इसके तुरंत बाद उसे मामूली थ्रस्ट का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों ने कहा कि पायलट इस समय लिफ्ट और ऊंचाई हासिल करने के कोशिश में योक को खींच रहे होंगे और वीडियो से पता चलता है कि उन्होंने विमान का लैंडिंग गियर भी नीचे छोड़ दिया था। वीडियो को देख कर लगता है कि विमान ऊंचाई हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा था, इससे पहले कि वह अपने सही ऊंचाई पर पहुंचता, उससे पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया और आग के गोले में बदल गया। कैसे होती है शवों की पहचान, जानिए पूरी प्रक्रिया अचानक ये हादसे का शिकार हो गया. जब किसी विमान हादसे में जान-माल का नुकसान होता है, तो सबसे बड़ी चुनौती होती है मृतकों की पहचान करना. हादसे की भयावहता इतनी होती है कि कई बार शव बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है. ऐसे में प्रशासन और विशेषज्ञों की एक टीम बेहद सावधानी और साइंटिफिक तरीकों से यह काम करती है. आइए जानते हैं कि किसी विमान हादसे के बाद शवों की पहचान कैसे की जाती है. मौके पर सबसे पहले पहुंचती है रेस्क्यू टीम हादसे के तुरंत बाद पुलिस, एनडीआरएफ, मेडिकल और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचती हैं. सबसे पहले जिन्दा बचे लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जाता है. फिर घटनास्थल पर मौजूद शवों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाता है. डीएनए जांच से होती है पुष्टि अगर शव की हालत इतनी खराब होती है कि चेहरा या शरीर से पहचान संभव नहीं होती, तो वैज्ञानिक तरीका अपनाया जाता है – डीएनए टेस्ट. इसके लिए शव के ऊतक, बाल या हड्डियों से डीएनए सैंपल लिया जाता है और उसकी तुलना परिवार के किसी सदस्य से लिए गए सैंपल से की जाती है. फिंगरप्रिंट और मेडिकल रिकॉर्ड की मदद अगर शव का कोई हिस्सा सुरक्षित होता है, जैसे उंगलियां, तो फिंगरप्रिंट लेकर उसकी पहचान की जाती है. इसके अलावा, शवों के पुराने मेडिकल रिकॉर्ड, जैसे एक्स-रे, दांतों के इलाज की फाइल या सर्जरी के निशान भी पहचान में मदद करते हैं. कपड़े, गहने और सामान भी मददगार कई बार शवों के साथ मिले कपड़े, गहने, घड़ी, मोबाइल, चश्मा या कोई और निजी सामान से भी परिजन पहचान कर लेते हैं. लेकिन यह तरीका केवल प्रारंभिक पहचान के लिए होता है, अंतिम पुष्टि डीएनए या फिंगरप्रिंट से ही की जाती है. परिवार से होता है संपर्क हादसे में मारे गए लोगों की लिस्ट बनाकर उनके परिवार वालों से संपर्क किया जाता है. उन्हें शव की हालत और पहचान प्रक्रिया के बारे में बताया जाता है. परिवार की मौजूदगी में ही पहचान की पुष्टि होती है.

मध्यप्रदेश में कोरोना से एक और मौत, अब तक तीन लोगों ने गंवाई जान, 86 एक्टिव केस

भोपाल  मध्य प्रदेश में कोरोना से एक और मौत हुई है। कोविड 19 डैशबोर्ड से इसकी पुष्टि हुई है। प्रदेश में अब तक कुल तीन लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में कोविड के अब तक 123 मामले सामने आ चुके हैं। वर्तमान में 86 एक्टिव केस है। 11 जून को 21 नए मामले आए सामने भारत में कोरोना की नई लहर में एक्टिव केसों की संख्या लगातार बढ़ते जा रही है। रोजोना सैकड़ों नए केस सामने आ रहे हैं। प्रदेश में बुधवार, 11 जून को कोरोना के 21 नए केस दर्ज किए गए। जो इस साल एक दिन में दर्ज सबसे अधिक मामले हैं। इसके साथ ही 2025 में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 123 हो गई है। इनमें 34 मरीज रिकवर हो चुके हैं। वर्तमान में 86 एक्टिव केस हैं। इन जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, महिला रतलाम की रहने वाली थीं और इंदौर के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उन्हें 8 जून को सांस लेने में तकलीफ होने पर भर्ती किया गया था। 10 जून को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई और इसके बाद उन्हें एमआरटीबी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रेफर किया गया, जहां 11 जून को उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने नहीं जारी किए जिलेवार आंकड़े प्रदेश में कोरोना की स्थिति को लेकर इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलेंस प्रोग्राम (IDSP) द्वारा अब जिलेवार आंकड़े जारी नहीं किए जा रहे हैं, जबकि अन्य राज्य अभी भी रोजाना हेल्थ बुलेटिन जारी कर रहे हैं। IDSP के प्रभारी डॉ. अश्विनी भागवत से संपर्क करने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन न तो फोन का जवाब मिला और न ही मैसेज का। साल 2020 में महामारी शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब अधिकारी कोरोना से जुड़ी जानकारी साझा करने से बच रहे हैं। एक दिन में 21 नए केस, अब तक 123 संक्रमित प्रदेश में बुधवार, 11 जून को कोरोना के 21 नए केस दर्ज किए गए। यह इस साल एक दिन में दर्ज सबसे ज्यादा मामले हैं। इसके साथ ही 2025 में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 123 हो गई है। इनमें से 86 एक्टिव केस हैं और 34 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अब तक 3 मौतें हुई हैं। इन 3 जिलों की महिलाओं की हुई मौत     रतलाम: 52 वर्षीय महिला, जिन्हें टीबी, ब्रोंकाइटिस और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां थीं। मौत 11 जून को इंदौर में इलाज के दौरान हुई।     खरगोन: 44 वर्षीय महिला, जिन्होंने हाल ही में एमटीएच अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। 6 जून को एमआरटीबी अस्पताल में मृत्यु हुई।     इंदौर: 74 वर्षीय महिला, जिन्हें किडनी की बीमारी थी। 27 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी। 3 की हो चुकी हैं मौत वहीं प्रदेश में अब तक 3 मौतें हुई हैं। 11 जून को रतलाम जिले की रहने वाली 52 वर्षीय महिला की इंदौर में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला को ब्रोंकियल अस्थमा था। कोविड 19 डैशबोर्ड से इसकी पुष्टि हुई है। इससे पहले खरगोन जिले की 44 वर्षीय महिला, जिन्होंने हाल ही में एमटीएच अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। 6 जून को एमआरटीबी अस्पताल में मृत्यु हुई थी। वहीं इंदौर की 74 वर्षीय महिला, जिन्हें किडनी की बीमारी थी। 27 अप्रैल को अरबिंदो अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हुई थी। कमजोर इम्यूनिटी वाले, गर्भवती महिलाएं रहें अलर्ट भारत में फिलहाल कोरोना का JN.1 वैरिएंट सबसे अधिक देखा जा रहा है। जांच में आधे से ज्यादा सैंपल में यही वैरिएंट पाया गया है। इसके बाद BA.2 (26%) और ओमिक्रॉन सबलाइनज (20%) के मामले मिल रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने JN.1 को ‘वैरिएंट ऑफ कंसर्न’ माना है, यानी इस पर निगरानी बनाए रखने की जरूरत है। भोपाल के सिविल सर्जन डॉ. राकेश श्रीवास्तव के अनुसार, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, उन्हें सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, पुराने रोगियों और गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना से संबंधित सभी सावधानियां बरतनी चाहिए। भोपाल और इंदौर में नए केस     भोपाल: अब तक कुल 13 केस सामने आए हैं, जिनमें से 2 नए केस बुधवार को मिले।     इंदौर: अब तक कुल 81 केस दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 12 नए मामले बुधवार को सामने आए।

जल गंगा संवर्धन अभियान से घोड़ा पछाड़ नदी पुनर्जीवित, अन्य सहायक नदियाँ भी प्रवहमान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल संरक्षण की दिशा में जल गंगा संवर्धन अभियान मध्यप्रदेश सरकार की महत्त्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यह अभियान 30 मार्च से 30 जून तक संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नदियों, जल स्त्रोतों और वेटलैण्ड्स का संरक्षण व पुनर्जीवन है। शासन और समाज के समन्वित प्रयासों से इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। घोड़ा पछाड़ नदी पुनर्जीवित, अन्य सहायक नदियाँ भी प्रवहमान खण्डवा जिले में आम नागरिकों और प्रशासन के सहयोग से नर्मदा की सहायक घोड़ा पछाड़ नदी को पुनर्जीवित किया गया है। अंधाधुंध भू-जल दोहन के कारण यह नदी और आसपास की कई छोटी नदियाँ सूख चुकी थीं, जिससे खेती-किसानी प्रभावित हो रही थी। रिज टू वैली सिद्धांत पर आधारित जल संरचनाओं के निर्माण से लगभग 33 किलोमीटर क्षेत्र में जल संचय किया गया। परिणामस्वरूप घोड़ा पछाड़ नदी में फिर से जल प्रवाह शुरू हो गया है, जिससे वर्ष भर इन नदियों के प्रवहमान रहने की संभावनाएं बनी हैं। राज्य की नदियों का सर्वेक्षण और जल शोधन संयंत्रों की स्थापना मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा नर्मदा, चंबल, क्षिप्रा, बेतवा, सोन, टोंस, ताप्ती, कान्ह, माही, सिंध, और बेनगंगा सहित प्रमुख नदियों का सर्वेक्षण किया गया। अध्ययन में पाया गया कि 158 नालों से प्रतिदिन लगभग 450 मिलियन लीटर घरेलू अपशिष्ट जल सीधे इन नदियों में बहाया जा रहा है। इस स्थिति में सुधार के लिए नगरीय विकास विभाग द्वारा 869 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) की स्थापना की जा रही है। वेटलैण्ड संरक्षण में मध्यप्रदेश की अग्रणी भूमिका वर्ष 2002 में जहां मध्यप्रदेश में केवल एक रामसर साइट थी, वहीं आज यह संख्या बढ़कर पाँच हो चुकी है। साथ ही इंदौर को देश का पहला वेटलैण्ड सिटी घोषित किया जाना राज्य के लिए गौरव की बात है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में राज्य वेटलैण्ड प्राधिकरण ने 2.25 हैक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल वाले 13,565 वेटलैण्ड्स का भौतिक सत्यापन और सीमांकन समय-सीमा में पूर्ण किया है। इंदौर नगर निगम एवं एप्को ने मिलकर शहर के 330 पारंपरिक कुएं और बावड़ियों का संरक्षण कार्य किया है। यह पहल शहर की जल-परंपरा को पुनर्जीवित करने में सहायक सिद्ध हो रही है। प्रकृति के संरक्षण के लिये साझा जिम्मेदारी प्रकृति में पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए समाज की सहभागिता आवश्यक है। नदियाँ, पेड़, पहाड़ और मानव – सब एक-दूसरे पर आश्रित हैं। जल गंगा अभियान इसी पारस्परिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहा है, जिससे जल, जीवन और प्रकृति की यह अमूल्य विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहे।  

हृदय विदारक आपदा में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

नई दिल्ली  गुरुवार दोपहर को भारत ने एक गंभीर और हृदय विदारक विमान दुर्घटना का सामना किया, जब एअर इंडिया की लंदन जा रही उड़ान (AI-171), अहमदाबाद हवाई अड्डे से टेक-ऑफ के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य शामिल थे। विमान के मेघाणी नगर क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई है। विमान के मलबे से निकाले जा रहे घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संवेदनाएं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे को “हृदय विदारक आपदा” करार देते हुए, सभी प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पूर्व में ट्विटर पर पोस्ट करते हुए राष्ट्रपति ने लिखा: “यह एक अत्यंत दुखद विमान दुर्घटना है। इस हृदय विदारक आपदा में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है। राष्ट्र इस अवर्णनीय दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।” हादसे की जांच और राहत कार्य इस दुर्घटना की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। वहीं एअर इंडिया ने यात्रियों के परिजनों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर – 1800 5691 444 जारी किया है। टाटा समूह और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने भी कहा कि एयरलाइन सभी प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। अंतरराष्ट्रीय यात्री भी थे सवार एयर इंडिया की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस विमान में सवार 230 यात्रियों में: 169 भारतीय नागरिक 53 ब्रिटिश नागरिक 7 पुर्तगाली नागरिक 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। यह अंतरराष्ट्रीय उड़ान लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए निर्धारित थी। क्या है आगे की स्थिति? मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, स्थानीय प्रशासन और एयरपोर्ट अथॉरिटी की टीमें तैनात हैं। विमान के ब्लैक बॉक्स की बरामदगी के बाद तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे दुर्घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सके। इस भयावह हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, और अन्य शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। राहत कार्य जारी हैं, और उम्मीद की जा रही है कि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिलेगी।  

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