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37 साल पहले भी अहमदाबाद में हुआ था प्लेन क्रैश, हादसे में बोइंग 737-200 खराब दृश्यता के कारण हुआ था दुर्घटनाग्रस्त

अहमदाबाद  अहमदाबाद में गुरुवार दोपहर बड़ा विमान हादसा हुआ। इस हादसे ने 37 साल पहले हुए विमान हादसे की यादें ताजा कर दी। तब हुए हादसे में कुल 137 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में बोइंग 737-200 खराब दृश्यता के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में विमान नोबल नगर के एक खेत में गिर गया। इस हादसे को भारतीय इतिहास के सबसे घातक विमान दुर्घटना के रूप में देखा जाता है। बात साल 1988 की है। 19 नवंबर को बोइंग 737-200 विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उतरने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान दृश्यता कम होने के कारण विमान को नीचे उतरने में समस्या हो रही थी। इस दौरान उतरने के प्रयास में प्लेन एयरपोर्ट के पास नोबल नगर के पास एक धान के खेत में गिर गया था। यहां जमीन से टकराने के बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में प्लेन में सवार 135 लोगों में से 133 की मौत हो गई थी। 2 लोग बच गए थे।  

पीएम मोदी ने विमान हादसे को लेकर जताया दुख, यह शब्दों से परे दिल दहला देने वाली घटना

नई दिल्ली गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने इसे शब्दों से परे परे और दिल दहला देने वाला हादसा बताया। साथ ही, बताया कि वह अपने मंत्रियों व अधिकारियों से संपर्क में हैं। अहमदाबाद के मेघाणीनगर में हुए विमान हादसे में कई लोगों के जान गंवाने की आशंका है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। यह हादसा गुरुवार दोपहर 1.38 मिनट पर हुआ। पीएम मोदी ने विमान हादसे को लेकर ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ”अहमदाबाद में हुई त्रासदी ने हमें स्तब्ध और दुखी कर दिया है। यह शब्दों से परे दिल दहला देने वाली घटना है। इस दुखद घड़ी में, मेरी संवेदनाएं इससे प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। मैं मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में हूं जो प्रभावित लोगों की सहायता के लिए काम कर रहे हैं।” हादसे के तुरंत बाद पीएम मोदी ने नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू से बात की और अहमदाबाद हवाई अड्डे पर हुए विमान हादसे की जानकारी ली। अहमदाबाद से गैटविक (ब्रिटेन)) जा रही उड़ान संख्या एआई 171 का बोइंग 787 विमान उड़ान भरने के तुरंत बाद ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में चालक दल के 12 सदस्यों सहित 242 लोग सवार थे। नागरिक उड्डयन मंत्री के कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि मोदी ने व्यक्तिगत रूप से नायडू से बात की और अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना की घटना की जानकारी ली। कार्यालय के मुताबिक, ”मंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि वह जमीनी स्तर पर बचाव एवं राहत कार्यों की निगरानी के लिए अहमदाबाद जा रहे हैं।” एक अधिकारी ने बताया, ”प्रधानमंत्री ने मंत्री को तत्काल सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है तथा स्थिति के बारे में नियमित रूप से जानकारी देने को कहा है।” इसके अलावा, अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित एजेंसियां ​​हाई अलर्ट पर हैं और समन्वित प्रयास जारी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की। अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने शाह और नायडू दोनों से अहमदाबाद जाकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि हवाई दुर्घटना से प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।  

रायपुर : युक्तियुक्तकरण का असर: कोंडागांव जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं

रायपुर : युक्तियुक्तकरण से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शिक्षा व्यवस्था को मिली नई मजबूती शिक्षक विहीन विद्यालयों की स्थिति में आया ऐतिहासिक सुधार सूरजपुर जिले की शालाएं बनीं शिक्षक युक्त, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर ऐतिहासिक पहल रायपुर : युक्तियुक्तकरण का असर: कोंडागांव जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं 10 पूर्णतः शिक्षकविहीन विद्यालयों को भी मिले शिक्षक रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित युक्तियुक्तकरण अभियान के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में शिक्षक विहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। यह सुधार शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। शासन के निर्देश पर जिले में संचालित विद्यालयों की व्यापक समीक्षा की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि युक्तियुक्तकरण से पूर्व जिले में 3 प्राथमिक शालाएं और 1 हाई स्कूल पूरी तरह से शिक्षक विहीन थे। इन सभी शालाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए शिक्षकों की पदस्थापना की गई है। अब जिले का कोई भी प्राथमिक विद्यालय या हाई स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है, जो प्रशासन की सक्रियता और शिक्षा विभाग की तत्परता को दर्शाता है। हालांकि, जिले में अभी भी 2 प्राथमिक शालाएं एकल शिक्षक प्रणाली पर आधारित हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन शालाओं को भी शीघ्र ही बहु-शिक्षक विद्यालयों में परिवर्तित करने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। मनेंद्रगढ़, चिरमिरी और भरतपुर विकासखंडों के ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों में स्थित कई विद्यालयों में पूर्व में शिक्षकों की अनुपलब्धता के कारण पठन-पाठन प्रभावित हो रहा था। अब युक्तियुक्तकरण के पश्चात इन शालाओं में नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि “राज्य शासन द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति से शिक्षकों की तैनाती में असंतुलन को दूर किया गया है। अब हमारा प्रयास शेष एकल शिक्षकीय विद्यालयों को भी बहु-शिक्षकीय स्वरूप प्रदान करने का है, जिससे शिक्षकों का कार्यभार संतुलित हो और छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिले।” विभाग ने बताया कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में जिले के सभी विकासखंडों से प्राप्त आंकड़ों का सूक्ष्म विश्लेषण कर प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों की नवीन पदस्थापना की गई है। साथ ही, जहां आवश्यकता है, वहां त्वरित समाधान की दिशा में निरंतर कार्य जारी है।  सूरजपुर जिले की शालाएं बनीं शिक्षक युक्त, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर ऐतिहासिक पहल सूरजपुर जिले में बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की गई है। इस पहल के तहत अब जिले की लगभग सभी शालाएं शिक्षक युक्त हो चुकी हैं, जिससे जिले की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक और सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। पूर्व में जिले की 18 प्राथमिक शालाएं पूरी तरह से शिक्षकविहीन थीं, लेकिन अब ये सभी शालाएं शिक्षकयुक्त हो गई हैं। इसी तरह, पहले 281 प्राथमिक शालाएं एकल शिक्षक प्रणाली पर आधारित थीं, जिनकी संख्या अब घटकर केवल 47 रह गई है। इसके अतिरिक्त, दो हाई स्कूल भी शिक्षकविहीन थे, जिन्हें अब योग्य शिक्षकों से सुसज्जित कर दिया गया है। जिले के सभी पूर्व माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों की पूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, 1 से 3 जून 2025 तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, विश्रामपुर में ओपन काउंसलिंग का आयोजन किया गया। इस प्रक्रिया में वरीयता क्रम के आधार पर सैकड़ों अतिशेष शिक्षकों की नवीन पदस्थापना की गई। इससे न केवल शिक्षकविहीन शालाओं की समस्या का समाधान हुआ, बल्कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों की शालाओं में भी शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। शिक्षकों के इस युक्तियुक्तकरण से जिले में शिक्षा के परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है। शासन और जिला प्रशासन की यह पहल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध हो रही है। युक्तियुक्तकरण का असर: कोंडागांव जिले में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं 10 पूर्णतः शिक्षकविहीन विद्यालयों को भी मिले शिक्षक 244 एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाओं सहित हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी हुई शिक्षक नियुक्ति, शिक्षा की गुणवत्ता में आएगा सुधार छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लागू की गई “युक्तियुक्तकरण” नीति के सकारात्मक नतीजे अब धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखने लगे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर संचालित इस प्रक्रिया के तहत कोंडागांव जिले के सभी शिक्षकविहीन और एकल शिक्षकीय विद्यालयों को आवश्यकतानुसार शिक्षक मिल चुके हैं। इससे जिले में शिक्षा का नया उजाला फैला है और विद्यार्थियों का भविष्य अब अधिक सुरक्षित हुआ है। इस पहल के तहत जिले के 10 पूरी तरह शिक्षकविहीन प्राथमिक विद्यालयों को शिक्षक उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही 244 एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाएं, दो पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दो हाई स्कूल और एक हायर सेकेंडरी स्कूल में भी शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गई है। अब जिले में एक भी विद्यालय ऐसा नहीं बचा है जहां शिक्षक न हो। इन विद्यालयों को मिला सबसे अधिक लाभ माकड़ी विकासखण्ड के प्राथमिक शाला करमरी, डोंगरीपारा क्षमतापुर और नेवरा, बड़ेराजपुर विकासखण्ड के रावसवाही, कोण्डागांव विकासखण्ड के कोरमेल, बाखरा, ज्ञान ज्योति नयापारा छोटेबंजोड़ा, एहरा और खुटडोबरा जैसे प्राथमिक विद्यालय वर्षों से शिक्षकविहीन थे। इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति से अब बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सकेगी। एकल शिक्षकीय विद्यालयों में भी सुधार फरसगांव विकासखण्ड के उच्च प्राथमिक शाला भैंसाबोड़, माध्यमिक शाला बाजारपारा फरसगांव, कोण्डागांव विकासखण्ड के हाई स्कूल डोंगरीगुड़ा और हाई स्कूल नवागांव, माकड़ी विकासखण्ड के हाई स्कूल एरला जैसे अनेक स्कूलों में भी अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। कुल मिलाकर 244 एकल शिक्षकीय प्राथमिक शालाओं में भी अब संतुलित शिक्षक संख्या उपलब्ध हो चुकी है। शिक्षा व्यवस्था को मिली नई दिशा युक्तियुक्तकरण के इस व्यापक और सुनियोजित प्रयास से जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। शिक्षकों की उपलब्धता से जहां बच्चों की पढ़ाई में निरंतरता आएगी, वहीं शैक्षणिक गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना की 25वीं किस्त होगी जारी, इस दिन खाते में आ जाएंगे 1250 रुपये

भोपाल  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की करोड़ों लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी है। योजना की 25वीं किस्त को लेकर इंतजार खत्म होने वाला है। 13 जून शुक्रवार को सीएम मोहन यादव जबलपुर से 1.27 करोड़ बहनों के खाते में 1250 रुपए आंतरित करेंगे। इसके साथ ही 26 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए भी राशि जारी की जाएगी।इसकी जानकारी महिला व बाल विकास विभाग ने एक्स पर पोस्ट करके दी है।इधर, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने ऐलान किया है कि रक्षाबंधन में बहनों को इस योजना से अतिरिक्त राशि दी जाएगी। आने वाले समय में योजना की राशि भी 1250 से बढ़ाकर 3 हजार रुपए प्रतिमाह तक की जाएगी। अप्रैल से हुआ है किस्त जारी करने की तारीख में बदलाव आमतौर पर योजना की किस्त हर महीने की 10 तारीख तक जारी कर दी जाती थी, लेकिन अप्रैल 2025 से तारीख में बदलाव किया गया है।इस दौरान कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने फैसला किया था कि वह प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास बहनों के खाते में राशि भेजेगी। यही कारण था कि अप्रैल में 16 तारीख को 23वीं किस्त और 15 मई को 24वीं किस्त जारी की गई है। अब 13 जून को 25वीं किस्त आने का अनुमान है। लाड़ली बहना योजना में मिलते है हर माह 1250     लाड़ली बहना योजना पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में शुरू की गई थी।     लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनके जीवन को बेहतर बनाना है।     इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था और फिर इसकी पहली किस्त 10 जून को जारी की गई थी।     इसके बाद रक्षाबंधन 2023 पर राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था।     अब इस योजना के तहत 1250 रुपए महीना के हिसाब से महिलाओं को सालाना 15,000 रुपये मिलते हैं।     लाड़ली बहनों को जून 2023 से मई 2025 तक मासिक आर्थिक सहायता राशि की कुल 24 किश्तों का अंतरण किया गया है।प्रदेश की लाड़ली बहनों को अब तक 28 हजार करोड़ से अधिक का लाभ मिल चुका है।     इसके अतिरिक्त माह अगस्त 2023 एवं 2024 में (कुल 2 बार) लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की राशि की विशेष आर्थिक सहायता का भी अंतरण किया गया। जानिए लाड़ली बहना योजना के लिए आयु/पात्रता/नियम     इस योजना में 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी समस्त विवाहित महिलाएं (विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता समेत) वर्ष 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है।     यदि कोई महिला 60 वर्ष से कम उम्र की है और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत पहले से ही प्रति माह 1250 रुपये से कम प्राप्त कर रही है, तो उस महिला को भी 1250 रुपये तक की राशि दी जाएगी।     विवाहित महिलाओं में विधवा, और तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल हैं। जिस साल आवेदन किया जाए, उस साल 1 जनवरी को आवेदक की उम्र 21 वर्ष पूरी हो चुकी होनी चाहिए और अधिकतम उम्र 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। लाड़ली बहना योजना के ये अपात्र     महिलाएं, खुद या उनके परिवार में कोई टैक्सपेयर नहीं होना चाहिए ।परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये होना चाहिए।     जिनके या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते हैं।     जिनके परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में है (स्थायी, संविदा या पेंशन पाने वाला)।     अगर संयुक्त परिवार है तो 5 एकड़ से ज्यादा जमीन न हो, परिवार में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी न करता हो।घर पर ट्रैक्टर, चारपहिया वाहन न हो।     जो खुद किसी और सरकारी योजना से हर महीने 1250 रुपये या उससे ज्यादा की राशि पा रही हैं     जिनके परिवार में कोई वर्तमान या पूर्व सांसद या विधायक हो।     जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम, मण्डल आदि का अध्यक्ष, संचालक या सदस्य हो।     जिनके परिवार में कोई स्थानीय निकाय का चुना हुआ जनप्रतिनिधि हो (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)।     जिनके परिवार के पास कुल 5 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन हो।     जिनके परिवार के नाम पर कोई चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) रजिस्टर्ड हो। लाभार्थी सूची में चेक करें नाम, पैसा मिलेगा या नहीं?     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।

अहमदाबाद में बड़ा विमान हादसा, लन्दन जा रहा एयर इंडिया का विमान टेक ऑफ होते ही हुआ धमाका

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को दोपहर एयर इंडिया का विमान क्रैश हो गया। लंदन के लिए उड़ान भरने वाले विमान में 244 लोग सवार थे। विमान में गुजरात के पूर्व सीएम विजय रुपाणी भी सवार थे। विजय रुपाणी विमान में दूसरी पंक्ति में सीट नंबर 12 पर सवार थे। उनका टिकट भी सामने आया है और पैसेंजर लिस्ट में उनका नाम मौजूद है। पूर्व सीएम किस स्थिति में हैं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि रुपाणी अपनी बेटी से मिलने के लिए लंदन के लिए निकले थे। विजय रुपाणी 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। वह राजकोट वेस्ट सीट से विधायक चुने जाते रहे। विमान में कुल 232 यात्री थे, जिनमें 230 व्यस्क और दो नवजात थे। विमान में 12 क्रू सदस्य थे। विमान में कुल 244 लोग थे। एयर इंडिया के विमान ने 1 बजकर 39 मिनट पर उड़ान भरी थी। रनवे नंबर 23 से टेक ऑफ के तुरंत बाद पायलट को कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ। उसने एटीसी से संपर्क भी किया लेकिन तब तक विमान क्रैश हो गया। एयरपोर्ट के बेहद करीब रिहायशी इलाके में विमान गिरा। कई लोगों ने इस हादसे को अपने मोबाइल फोन में कैद किया है। वीडियो में दिख रहा है कि बेहद कम ऊंचाई पर उड़ता हुआ विमान तेजी से नीचे आ रहा है और फिर तेज धमाका होता है। आग का बड़ा गोला दिखाई देता है और फिर आसमान तक काले धुएं का गुबार छा जाता है। मेघानीनगर इलाके में एक पांच मंजिला इमारत के पीछे यह विमान क्रैश हुआ। तुरंत ही रेस्क्यू टीम को मौके पर भेजा गया। फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, पुलिस के साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और बीएसएफ की टीमों को भेजा गया। आग बुझाने के बाद मलबे से कई लोगों को निकालकर अस्पताल भेजा गया था। गुजरात के अहमदाबाद में एअर इंडिया का प्लेन क्रैश होने की खबर आ रही है. क्रैश साइट से आसमान में काला धुआं उठता हुआ देखा गया. रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्लेन के टेक ऑफ करने के तुरंत बाद यह हादसा हुआ. प्लेन में 12 क्रू मेंम्बर्स (दो पायलट समेत) और 230 यात्रियों सहित कुल 242 लोग सवार थे. विमान ने गुरुवार दोपहर 1 बजकर 38 मिनट पर उड़ान भरी थी और दो मिनट के बाद ही 1 बजकर 40 मिनट बाद क्रैश हो गया. अहमदाबाद पुलिस कंट्रोल रूम ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक यह विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था और अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेक ऑफ करने के कुछ देर बाद मेघानीनगर के पास क्रैश हो गया. प्लेन में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक सवार थे.  नागरिक उड्डयन मंत्रालय में एक इमरजेंसी बैठक के बाद मिनिस्टर ऑफ सिविल एविएशन राम मोहन नायडू और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए हैं. हादसे के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की 7 गाड़ी मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का काम शुरू किया. सोशल मीडिया पर प्लेन क्रैश के कई वीडियो वायरल हैं, जिनमें दुर्घटनास्थल से धुएं का काला गुबार आसमान में उठता हुआ दिखाई दे रहा है. दुर्घटना के तुरंत बाद इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम की तैनाती मौके पर कर दी गई. अधिकारियों ने अभी तक दुर्घटना के कारण की पुष्टि नहीं की है. मेघानीनगर क्षेत्र के निकट धारपुर से दुर्घटनास्थल पर आसमान में भारी धुआं उठता दिखाई दिया. बीएसएफ और एनडीआरएफ की टीमों को दुर्घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है. क्रैश प्लेन बोइंग का 787-8 ड्रीमलाइनर बताया जा रहा है, जो 11 साल पुराना था. गुजरात के पूर्व CM विजय रूपाणी भी प्लेन में थे सवार एअर इंडिया के विमान AI-171 ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport) से अहमदाबाद के लिए उड़ान भरी थी और यहां कुछ देर के ठहराव के बाद गुरुवार दोपहर लंदन के लिए टेक ऑफ किया क्रैश हो गया. अग्निशमन अधिकारी जयेश खड़िया ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विमान में आग लग गई और आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. सूत्रों के मुताबिक गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय रूपाणी भी इस प्लेन में सवार थे. एनडीआरएफ ने एक बयान में कहा कि 90 कर्मियों वाली उसकी तीन टीमें गांधीनगर से विमान दुर्घटना स्थल पर भेजी गई हैं. वडोदरा से कुल तीन और टीमें भेजी जा रही हैं. एअर इंडिया प्रवक्ता के ने X पर एक पोस्ट में कहा, ‘अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट AI171 आज 12 जून, 2025 को दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस समय, हम हादसे में हुए नुकसान का पता लगा रहे हैं और http://airindia.com और हमारे एक्स हैंडल https://x.com/airindia पर जल्द से जल्द आगे की जानकारी साझा करेंगे.’ सीआईएसएफ की एयरपोर्ट पर मौजूद टीम लोकेशन पर मौजूद है. विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट के रनवे 23 से उड़ान भरने के तुरंत बाद एयरपोर्ट परिसर के अंदर ही जमीर पर आ गिरा और ब्लास्ट की तेज आवाज सुनी गई. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि एयर एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) के डायरेक्टर जनरल, एक टीम के साथ जांच के लिए अहमदाबाद रवाना हो गए हैं. डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एक बयान में कहा, ‘अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट जा रहा एअर इंडिया का B787 ड्रीमलाइनर विमान 1:38 बजे उड़ान भरते समय एक रिहायशी इलाके (मेघानीनगर) में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. डायरेक्टोरेट ऑफ एयर वर्दीनेस (DAW), असिस्टेंट डायरेक्टर्स ऑफ एयर वर्दीनेस (ADAW) और एक फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर (FOI) पहले से ही अहमदाबाद में हैं. वे हादसे के कारणों का पता लगा रहे हैं.’ एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने दुर्घटना पर जयाता दुख अहमदाबाद विमान दुर्घटना पर एअर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने कहा, ‘मैं अत्यंत दुःख के साथ पुष्टि करता हूं कि अहमदाबाद से लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाली एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI 171 आज एक दुखद दुर्घटना का शिकार हो गई. हमारी संवेदनाएं  इस विनाशकारी घटना से प्रभावित सभी लोगों के परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं. इस समय, हमारा प्राथमिक ध्यान सभी प्रभावित लोगों और उनके परिवारों … Read more

मध्य प्रदेश में 15 जून को मानसून के पहुंचने की संभावना, भीषण गर्मी से मिलेगी राहत

भोपाल  मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज बदला-बदला सा है। कई इलाकों में भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। इस बीच मौसम विभाग ने एक गुड न्यूज दी है। आईएमडी की ताजा भविष्यवाणी के अनुसार, आज मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। बारिश के बाद गर्मी से राहत की उम्मीद है। दो-तीन दिनों में तापमान में भी कमी आएगी। इसके अलावा मॉनसून को लेकर भी अपडेट सामने आया है। आज कई इलाकों में होगी बारिश आज मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। गरज-चमक के साथ बिजली और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों (14-15 जून) में बारिश का दायरा बढ़ेगा और पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश (64.5-115.5 मिमी) की संभावना है। गर्मी भी कर रही परेशान मध्य प्रदेश में गर्मी अभी भी अपने तेवर दिखा रही है। कई इलाकों में अधिकतम तापमान 39-43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, खासकर पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से काफी ऊपर। आज कुछ जगहों पर लू की स्थिति बनी रहेगी और 13 जून तक कहीं-कहीं भीषण लू का असर भी देखने को मिल सकता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि अगले तीन दिन बाद तापमान में 2-4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। मॉनसून को लेकर क्या अपडेट? मॉनसून की रफ्तार अब तेज हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा अभी मुंबई, आदिलाबाद और भवानीपटना से होकर गुजर रही है। मध्य प्रदेश में मॉनसून के 14 जून के आसपास और जोर पकड़ने की संभावना है। हालांकि, अभी प्रदेश में मॉनसून का पूरा जोर नहीं दिखेगा, लेकिन कुछ इलाकों में हल्की बारिश गर्मी से राहत देने को तैयार है। कैसे बदल रहा मौसम का मिजाज? मध्य प्रदेश के मौसम को आकार देने में कई मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। मध्य मध्य प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक फैली एक ट्रफ लाइन बारिश और तेज हवाओं को बढ़ावा दे रही है। 14-15 जून से इन सिस्टम्स के और सक्रिय होने से मौसम में और बदलाव आएगा। आज इन जिलों में भीषण गर्मी का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर के अलावा ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सागर में भी लू चलेगी। भोपाल में गिर सकता है पानी वहीं, भोपाल, विदिशा, शाजापुर, रायसेन, सीहोर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में आंधी-बारिश एवं गरज-चमक का अलर्ट है। प्रदेश में गर्मी के साथ आंधी-बारिश वाला मौसम भी प्रदेश में भीषण गर्मी के साथ आंधी-बारिश वाला मौसम भी है। बता दें कि प्रदेश में 26 अप्रैल से आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया था, जो 7 जून को भी जारी रहा। यानी, लगातार 43 दिन से प्रदेश के किसी न किसी जिले में पानी गिरा या आंधी चली। 44वें दिन रविवार को आंधी-बारिश का दौर थमा रहा, लेकिन इसके बाद फिर से बारिश शुरू हो गई। बुधवार को बैतूल, धार, उज्जैन, रतलाम, बुरहानपुर, हरदा, पन्ना, छतरपुर, रायसेन में मौसम बदला रहा। गरज-चमक के साथ कुछ जिलों में हल्की बारिश भी हुई। अगले 2 दिन लू का अलर्ट मौसम विभाग ने अगले 2 दिन यानी, 12 और 13 जून को ग्वालियर, चंबल, उज्जैन और सागर संभाग के जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। 14 जून से फिर से बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। 15 जून को पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट है। इसी दौरान मानसून की एंट्री भी प्रदेश में हो जाएगी। आगे बढ़ेगा मानसून पिछले 14 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा है। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री लेट हो रही है। हालांकि, बुधवार को मानसून की हलचलें तेज हुईं है। इससे मौसम विभाग ने 14-15 जून को मध्य और पूर्वी भारत के हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के एंटर होने की संभावना जताई है। यानी, मध्यप्रदेश में मानसून इन दो दिन के अंदर आमद दे सकता है। मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था।

ओवरब्रिज पर 90 डिग्री का अंधा मोड़, भविष्य में एक बड़ा एक्सीडेंट जोन हो सकता है साबित

भोपाल  भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की इंजीनियरिंग डिजाइन अब सवालों के घेरे में है। दरअसल, इस ओवरब्रिज पर 90 डिग्री का अंधा मोड़ बनाया गया है, जो भविष्य में एक बड़ा एक्सीडेंट जोन या ब्लैक स्पॉट साबित हो सकता है। यातायात विशेषज्ञ और आम नागरिक इस निर्माण को लेकर चिंता जता रहे हैं, वहीं लोक निर्माण विभाग (PWD) रेलवे को जिम्मेदार ठहरा रहा है। फ्लैट स्लैब डालने से डिजाइन में बदलाव ओवरब्रिज की जिस भुजा से बोगदा की तरफ उतरना है, वहां बना यह तीखा मोड़ आने-जाने वाले वाहनों के लिए बेहद जोखिम भरा है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि मूल डिजाइन में यह मोड़ घुमावदार था, लेकिन रेलवे द्वारा फ्लैट स्लैब डालने की वजह से डिजाइन में बदलाव करना पड़ा। 90 डिग्री का अंधा मोड़: पुल की डिजाइन में खामी, दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी। रेलवे बनाम पीडब्ल्यूडी: विभागों में जिम्मेदारी को लेकर टकराव। एक्सपर्ट की चेतावनी: गलत मोड़ से सड़क सुरक्षा को गंभीर खतरा। चौड़ाई बढ़ाने का तर्क: पीडब्ल्यूडी ने 8 की जगह 11 मीटर चौड़ाई दी, लेकिन खतरा बरकरार। एक्सपर्ट की राय ट्रैफिक और इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के तीखे मोड़ सड़क नियमों और सुरक्षा मापदंडों के खिलाफ हैं। खासकर भारी वाहनों और तेज गति से चलने वाली गाड़ियों के लिए यह मोड़ बड़ा खतरा बन सकता है।

राज कुशवाह बस एक प्यादा , सोनम का प्यार कोई और… राजा रघुवंशी केस में अब नए किरदार की एंट्री

इंदौर  मेघालय में पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार की गई इंदौर की सोनम रघुवंशी के राज बहुत गहरे हैं। हनीमून कपल के मेघायल में लापता होने की कहानी हर दिन नए मोड़ लेते हुए मर्डर मिस्ट्री तक पहुंच गई। अब तक यह तो साफ हो चुका है कि राजा का कत्ल हुआ और इसे अंजाम दिया सोनम, राज और उसके तीन दोस्तों ने। लेकिन अब भी कई अनसुलझे सवाल जिनकी तलाश पुलिस आरोपियों से पूछताछ के जरिए कर रही है। अभी यह साफ होना बाकी है कि इस हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड कौन है, राज कुशवाहा या सोनम रघुवंशी?  रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों से बातचीत के आधार पर बताया गया है कि सोनम ही इस पूरे मामले की असली मास्टरमाइंड है और संभव है कि राजा का इस्तेमाल एक मोहरे के रूप में ही किया गया। सभी आरोपियों से पूछताछ की निगरानी कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि सोनम ने सभी को झांसे में लेकर इस्तेमाल किया। राज को प्यार का वादा दिया तो अन्य को पैसों का लालच। अब तक यह माना जा रहा था कि राज इस पूरे मामले का असली साजिशकर्ता है। उसे सोनम का प्रेमी बताया जा रहा था। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस मामले में और भी बड़े खेल का खुलासा हो सकता है। ऐसा प्रतीत होता है कि राज का इस्तेमाल मोहरे के रूप में हुआ। उन्हें शक है कि सोनम किसी तीसरे के साथ भागने की फिराक में थी और राज इस बड़े खेल से अनभिज्ञ था और इसलिए वह सोनम रघुवंशी की मदद करता रहा। वहीं, सोनम का परिवार और प्लाईवुड कंपनी में काम करने वाले लोग यह बार-बार दोहरा रहे हैं कि सोनम और राज के बीच प्रेम संबंध नहीं था. सोनम के भाई गोविंद ने भी कहा- राज सोनम को दीदी बोलता था और तीन साल से सोनम उसे राखी बांध रही थी. ऐसे में सवाल अब ये उठ रहा है कि अगर सोनम और राज के बीच सच में कोई ऐसा रिश्ता नहीं था तो उसने किसके लिए अपने पति की जान ली? क्राइम सीन रीक्रिएट करवाया जाएगा शिलॉन्ग पुलिस अब घटनास्थल पर सोनम और अन्य आरोपियों को ले जाएगी. फिर वहां क्राइम सीन रीक्रिएट करके सबूत जुटाएगी. इसके बाद आरोपियों को इंदौर भी लाने की योजना है। राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर में कहां रुकी और किस-किस से मिली, इसकी तहकीकात के बाद नए पहलू सामने आ सकते हैं. फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है. बताया जा रहा है कि सोनम की जब जेल में राज के साथ वीडियो कॉल करवाई पर बात करवाई गई तो वो रोने लगी. एक टक राज को देखती रही. फिर उसने गुनाह कबूल कर लिया. अब यह तीसरा शख्स कौन था यह खुलासा होना बाकी है। लेकिन ध्यान देने लायक बात यह है कि सोनम का परिवार और प्लाईवुड कंपनी में काम करने वाले लोग यह बार-बार दोहरा रहे हैं कि सोनम और राज के बीच प्रेम संबंध नहीं था। राज सोनम को दीदी बोलता था और सोनम उसे कई बार राखी बांध चुकी थी। यदि सोनम और राज के बीच सच में कोई ऐसा रिश्ता नहीं था तो उसने किसके लिए अपने पति की जान ली, यह सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। शिलॉन्ग पुलिस जहां घटनास्थल पर सोनम और अन्य आरोपियों को ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट करके सबूत जुटाएगी तो दूसरी तरफ आरोपियों को इंदौर भी लाने की योजना है। राजा की हत्या के बाद सोनम इंदौर में कहां रुकी और किस-किस से मिली, इसकी तहकीकात के बाद नए पहलू सामने आ सकते हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। बुधवार को सूत्रों के हवाले से खबर आई कि सोनम ने सबूतों को देखकर अपना गुनाह कबूल कर लिया है। सोनम रघुवंशी ने सूटकेस में क्यों छोड़ा मंगलसूत्र मेघालय पुलिस ने रहस्यमय हनीमून हत्याकांड को सुलझा लिया है। इस केस को सुलझाने में मंगलसूत्र ने अहम भूमिका निभाई है। यह मंगलसूत्र एक सूटकेस में मिला था। मेघालय डीजीपी आई नोंगरंग ने यह जानकारी दी है। 22 मई को होमस्टे में पहुंचा था जोड़ा राजा रघुवंशी (29) और उनकी पत्नी सोनम (25) की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी। वे 20 मई को हनीमून के लिए निकले थे। 22 मई को यह जोड़ा पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा पहुंचा और एक होमस्टे में कमरा लेने की कोशिश की। लेकिन, पहले से बुकिंग न होने के कारण उन्हें कमरा नहीं मिल पाया। दो जून को मिला शव 2 जून को राजा का शव वेइसवडोंग वाटरफॉल के पास एक खाई में मिला। सोनम की तलाश जारी थी। आखिरकार, 9 जून की सुबह सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में, जो कि लगभग 1,200 किलोमीटर दूर है, आत्मसमर्पण कर दिया। उसी दिन उसके कथित प्रेमी, राज कुशवाहा और तीन भाड़े के हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया गया। सोनम ने मंगलसूत्र क्यों छोड़ा? सोनम रघुवंशी ने अपना मंगलसूत्र क्यों छोड़ा? इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब पुलिस ने एक अंगूठी और सोनम का मंगलसूत्र बरामद किया। मंगलसूत्र एक पवित्र हार होता है जिसे विवाहित हिंदू महिलाएं पहनती हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह जोड़ा 22 मई को सोहरा में एक होमस्टे पर बिना बुकिंग के पहुंचा था। कमरा उपलब्ध नहीं होने के कारण, उन्होंने अपना सूटकेस होमस्टे में छोड़ दिया। उन्होंने सोचा कि 3,000 से अधिक सीढ़ियों वाली नोंग्रियाट गांव की ट्रेकिंग पर इसे ले जाना मुश्किल होगा। वे वहां डबल-डेकर रूट ब्रिज देखने जा रहे थे। सूटकेस में मिला मंगलसूत्र और अंगूठी मेघालय डीजीपी ने बताया कि हमने सोहरा में एक होमस्टे में जोड़े द्वारा छोड़े गए सूटकेस से सोनम का ‘मंगलसूत्र’ और एक अंगूठी बरामद की। डीजीपी ने आगे कहा कि एक विवाहित महिला का गहने छोड़कर जाना, हमें इस मामले में उसे संदिग्ध के रूप में देखने का एक सुराग दे गया। दूसरे होमस्टे में बिताई रात उनका सूटकेस सोहरा होमस्टे में ही रहा, जबकि उन्होंने नोंग्रियाट में एक होमस्टे में रात बिताई और 23 मई को सुबह जल्दी ही वहां से निकल … Read more

हाइवे पर जितनी चलेगी गाड़ी उतना ही कटेगा टोल, आ रही नई पॉलिसी पर बड़ा अपडेट

नई दिल्ली आपको भी लॉन्‍ग रूट पर अपनी कार से जाना पसंद है तो यह खबर आपको खुश कर देगी. लंबे इंतजार के बाद सरकार की तरफ से जल्‍द नई टोल पॉल‍िसी (New Toll Policy) लाने की तैयारी की जा रही है. सरकार की नई टोल पॉल‍िसी (New Toll Policy) से देशभर के एक्सप्रेसवे और नेशनल हाइवे पर सफर करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी. सूत्रों की तरफ से दावा क‍िया गया क‍ि नई पॉल‍िसी के तहत हर टोल प्‍लाजा पर FASTag और कैमरे लगाए जाएंगे. टोल के चार्ज का पैसा कार माल‍िक के सीधे अकाउंट से काटा जाएगा. जितने किमी की यात्रा, उतना ही टोल टैक्‍स सूत्रों की तरफ से दावा क‍िया गया क‍ि नई पॉल‍िसी लाने के बाद जितने किलोमीटर की यात्रा की जाएगी, उतना ही टोल टैक्‍स देना होगा. नए सिस्टम में टोल बूथ पर लगे कैमरे हर गाड़ी की नंबर प्लेट को रिकॉर्ड करेंगे और FASTag के जर‍िये टोल का चार्ज काट ल‍िया जाएगा. सूत्रों का कहना है कि यह नई टोल पॉल‍िसी मौजूदा सिस्टम से क‍िफायती और सुविधाजनक रहेगी. इससे लोगों को टोल प्‍लाजा पर रोजाना होने वाली परेशानियों और लंबी कतार से छुटकारा मिलेगा. टोल में सबसे ज्यादा राजस्व उत्तर प्रदेश ने जुटाया बता दें कि यूपी उन राज्यों की सूची में सबसे ऊपर है, जिन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-फरवरी अवधि में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल के माध्यम से उच्च राजस्व जुटाया है. यह जानकारी संसद में दी गई थी. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया था कि सरकार ने फरवरी 2025 तक उत्तर प्रदेश से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सबसे अधिक 7,060 करोड़ रुपये का ‘टोल’ एकत्र किए, इसके बाद राजस्थान ने 5,967.13 करोड़ रुपये और महाराष्ट्र ने 5,115.38 करोड़ रुपये टोल एकत्र किए. जानकारी के लिए बता दें कि गडकरी ने उस समय ये बताया था कि सरकार (टोल) ‘पास’ प्रणाली के विवरण पर काम कर रही है। ‘पास’ प्रणाली के विवरण को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इनके कार्यान्वयन के वित्तीय प्रभाव का पता लगाया जा सकता है. एक अलग प्रश्न का उत्तर देते हुए गडकरी ने कहा था कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय में सरकार मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है. हाइवे पर आपने क‍ितने क‍िमी का सफर क‍िया? फास्टैग बेस्‍ड क‍िमी टोल पॉलिसी एक नया स‍िस्‍टम है, जिसमें टोल चार्ज को इस बेस पर लिया जाएगा कि आपने हाइवे पर कितने किमी का सफर क‍िया. अभी, टोल प्लाजा पर एक न‍िश्‍च‍ित शुल्क देना पड़ता है चाहे आप पूरा रास्ता यूज करें या नहीं. लेकिन नई पॉलिसी में आप केवल उतने ही किमी के ल‍िये पेमेंट करेंगे, जितना आपने हाइवे पर सफर क‍िया. यह चार्ज आपके फास्टैग अकाउंट से खुद-ब-खुद कट जाएगा. कैसे काम करेगी यह पॉलिसी? जीपीएस का यूज इस सिस्टम में जीपीएस (सैटेलाइट नेविगेशन) टेक्‍न‍िक का प्रयोग होगा. यह आपकी कार के रास्ते को ट्रैक करेगा और उसी के बेस पर टोल चार्ज की कैलकुलेशन की जाएगी. पॉलिसी के तहत टोल प्लाजा को हटाने का लक्ष्‍य है, ताकि आपको ज्‍यादा देर तक रुकना नहीं पड़े और यात्रा तेज व आसान हो. मीडि‍या रिपोर्ट में दावा क‍िया जा रहा है क‍ि एक कार को हर 100 किमी के लिए करीब 50 रुपये देने होंगे. फायदे क्या हैं?   आप केवल उस दूरी के लिए पेमेंट करेंगे, ज‍ितना आपने हाइवे का इस्तेमाल किया है. इसके अलावा समय और ईंधन की बचत होगी और टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जीपीएस, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) और कैमरों के जरिये टोल अपने आप कटेगा.  

राजा रघुवंशी हत्याकांड के चारों आरोपियों ने कुबूला जुर्म, जाने क्या कहा?

इंदौर  इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या में शामिल चार मुख्य आरोपियों को मेघालय पुलिस ने एक साथ मीडिया के सामने पेश किया. चारों आरोपियों की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें हत्या का आरोपी और सोनम का प्रेमी राज कुशवाह सफेद शर्ट में अकेले बैठा दिख रहा है, उसके बगल में आनंद बैठा है, जबकि आकाश काले टी-शर्ट में और विशाल सफेद चेक्स की शर्ट में नजर आ रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. अन्य तीन आरोपी सोनम के प्रेमी राज कुशवाह ने हायर किए थे. इनकी प्लानिंग के अनुसार, राजा और सोनम मेघालय के वेसॉडोंग वॉटरफॉल्स घूमने गए थे, जहां पहले से मौजूद इन तीनों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या कर दी. इस दौरान सोनम भी मौके पर मौजूद थी. इस मामले के खुलासे में उस वक्त बड़ा मोड़ आया, जब पुलिस को सोनम द्वारा छोड़े गए सूटकेस में ‘मंगलसूत्र’ और अंगूठी मिली. इसके बाद पुलिस ने सोनम को यूपी के गाजीपुर में ट्रेस किया, जहां वह खुद ही सरेंडर करने पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने उसके प्रेमी राज और तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया. इन चारों आरोपियों को अब शिलॉन्ग की कोर्ट से 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस इनसे हत्या की योजना, पैसे के लेन-देन और साजिश से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है. हत्या के इस मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. सूटकेस और उसमें मिले मंगलसूत्र से सुलझी हत्या की गुत्थी दरअसल, इंदौर से शादी के बाद मेघालय हनीमून मनाने पहुंचे राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. केस की गुत्थी एक छोड़े गए सूटकेस और उसमें मिले ‘मंगलसूत्र’ से सुलझी. राजा की पत्नी सोनम, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और तीन सुपारी किलर को गिरफ्तार कर लिया गया है. सभी आरोपी शिलॉन्ग पुलिस कस्टडी में हैं. 29 साल के राजा रघुवंशी और 25 साल की सोनम की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी. दोनों 20 मई को असम के गुवाहाटी होते हुए मेघालय के मशहूर पर्यटन स्थल चेरापूंजी (सोहरा) पहुंचे. 22 मई को ये कपल बिना बुकिंग के एक होमस्टे में पहुंचा, लेकिन कमरा न मिलने पर उन्होंने अपना सूटकेस वहीं छोड़ दिया और करीब 3,000 सीढ़ियों की चढ़ाई वाले नोंग्रियात गांव में रात बिताई. 23 मई को दोनों नोंग्रियात से वापस सोहरा आए, जहां से स्कूटर उठाकर वे वेसॉडोंग फॉल्स गए. यहीं राजा की हत्या कर दी गई. पुलिस के अनुसार, इस वारदात को सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर की मदद से अंजाम दिलवाया. हैरान कर देने वाला यह हनीमून मर्डर केस उस वक्त सुलझा जब पुलिस को छोड़े गए सूटकेस में सोनम का ‘मंगलसूत्र’ और एक अंगूठी मिली. मेघालय की पुलिस महानिदेशक (DGP) एल. नोंग्रांग ने बताया कि शादीशुदा महिला द्वारा मंगलसूत्र छोड़ जाना सामान्य नहीं था, जिससे पुलिस को शक हुआ और सोनम पर फोकस किया गया. इसी आधार पर जांच ने मोड़ लिया और सोनम के यूपी के गाजीपुर में पकड़े जाने के साथ पूरा षड्यंत्र सामने आ गया. पुलिस के मुताबिक, हत्या के दौरान सोनम मौके पर मौजूद थी और राजा की हत्या उसकी आंखों के सामने की गई.  

मिडिल ईस्ट से अमेरिकी सैनिक-राजनयिक निकालेंगे ट्रंप, ईरान पर हमले की तैयारी, बढ़ेगा तनाव!

वॉशिंगटन  मिडिल ईस्‍ट में हालात एक बार फिर से विस्‍फोटक होने लगे हैं. ईरान अपने न्‍यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने पर अभी तक सहमत नहीं हुआ है. अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने तेहरान की परमाणु महत्‍वाकांक्षाओं को हर हाल में रोकने की बात कही है. अब इजरायल ने ईरान के न्‍यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने के लिए सैन्‍य टकराव का रास्‍ता अपनाने की मंशा को स्‍पष्‍ट कर दिया है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि इज़राइल अब ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. बताया जा रहा है कि इजरायल अब जल्द ही ईरान के खिलाफ अपना स्‍पेशल ऑपरेशन शुरू कर सकता है. अमेरिकी अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इज़राइल ईरान के खिलाफ सैन्‍य ऑपरेशन करने के लिए अब पूरी तरह से तैयार है. इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन शुरू करने की पूरी तैयारी कर रखी है. वहीं, अमेरिका मिडिल ईस्ट से अपने सैनिकों को हटाने की बात कही है. CBS न्यूज को मिली जानकारी के मुताबिक, अमेरिका को उम्मीद है कि इजरायल के कदम पर ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की जा सकती है. अमेरिका को डर है कि इराक में मौजूद उसके ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है. इसी वजह से अमेरिका ने पहले ही वहां के कुछ क्षेत्रों से गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को निकालने की सलाह दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे मध्य पूर्व से अपने सैनिकों को हटा रहे हैं, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. राष्‍ट्रपति ट्रंप ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में कहा कि वहां स्थिति काफी खतरनाक हो सकती है. बता दें कि इजरायल पहले से ही हमास के साथ जंग लड़ रहा है. ईरान के खिलाफ मिलिट्री ऑपरेशन शुरू कर इजरायल एक और मोर्चा खोलने जा रहा है.  ईरानी अधिकारी का बड़ा दावा सामने आया है. उनका कहना है कि इज़राइल के हमले पर दुश्‍मन को तगड़ा जवाब देने की पूरी तैयारी है. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि देश के सैन्य और सरकारी शीर्ष अधिकारी पहले ही एक साथ बैठकर इज़राइल के संभावित हमले का सामना करने के लिए रणनीति तैयार कर चुके हैं. तेहरान ने ऐसी प्रतिक्रिया योजना बनाई है, जिसके तहत इज़राइल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों से जोरदार जवाबी हमला किया जाएगा. वहीं, हूती विद्रोहियों का अमेरिका और इज़राइल को खुली चेतावनी देते हुए कहा – ईरान पर हमला होगा तो होगा बड़ा युद्ध.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि अमेरिकी कर्मियों को मध्य पूर्व से बाहर निकाला जा रहा है, क्योंकि यह एक खतरनाक स्थान हो सकता है. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देगा. रॉयटर्स ने बुधवार को पहले बताया कि अमेरिका अपने इराकी दूतावास को आंशिक रूप से खाली करने की तैयारी कर रहा है और अमेरिकी और इराकी स्रोतों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़े हुए सुरक्षा जोखिमों के कारण सैन्य आश्रितों को मध्य पूर्व के आसपास के स्थानों को छोड़ने की अनुमति देगा.  अमेरिका द्वारा कुछ कर्मचारियों को निकालने का निर्णय क्षेत्र में अस्थिर समय में लिया गया है. ईरान के साथ परमाणु समझौते पर पहुंचने के ट्रम्प के प्रयास गतिरोध में फंसते दिखाई दे रहे हैं और अमेरिकी खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि इजरायल ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला करने की तैयारी कर रहा है. ट्रम्प ने कहा, ‘उन्हें वहां से हटाया जा रहा है, क्योंकि यह एक खतरनाक जगह हो सकती है. हम देखेंगे कि क्या होता है. हमने वहां से हटने का नोटिस दे दिया है.’ समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बुधवार को पहले खबर दी थी कि अमेरिका अपने इराकी दूतावास को आंशिक रूप से खाली करने की तैयारी कर रहा है और क्षेत्र में बढ़े सुरक्षा जोखिमों के कारण सेना से जुड़े परिवारों को मिडिल ईस्ट छोड़ने कह रहा है.   अब अमेरिकी विदेश विभाग ने आतंकवाद, किडनैपिंग, हथियारबंद लड़ाई और आंतरिक अशांति का हवाला देते हुए इस क्षेत्र में आने के खिलाफ लेवल-4 कैटेगरी की चेतावनी जारी की है और लोगों ने से कहा है कि वे इन इलाकों की यात्रा न करें. अमेरिका ने कहा है कि इस समय इराक की यात्रा करना अत्यधिक और जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाला जोखिम हो सकता है.   चार अमेरिकी और दो इराकी सूत्रों ने यह नहीं बताया कि किस सुरक्षा जोखिम के कारण यह निर्णय लिया गया.  मध्य पूर्व से अमेरिका के बाहर आने की खबरों ने मार्केट में शंका देखी गई.वहीं तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो गई.  एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि विदेश विभाग ने बहरीन और कुवैत से वैसे लोगों को एरिया छोड़ देने को कहा है जो इस क्षेत्र को छोड़ना चाहते हैं. ये स्वैच्छिक फैसला होगा. विदेश विभाग ने बुधवार शाम को अपने विश्वव्यापी ट्रेवल एडवाइजरी को अपडेट करते हुए कहा, “11 जून को विदेश विभाग ने बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के कारण गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी स्टाफ को यहां से प्रस्थान करने का आदेश दिया है.” बता दें कि अमेरिका द्वारा मध्यपूर्व से अपने स्टाफ को निकालने का फैसला उन नाजुक क्षणों में आया है जब ट्रंप ईरान के साथ परमाणु समझौते को अंतिम रूप नहीं दे पा रहे हैं. ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु डील लगातार अटक रहा है.  इस बीच अमेरिकी खुफिया संकेत देते हैं कि इजरायल ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर हमले की तैयारी कर रहा है.  इस मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट से अमेरिकी कर्मियों को निकाला जा रहा है क्योंकि ये खतरनाक जगह हो सकता है और हम देखते हैं कि आगे क्या होता है. हमने उन्हें बाहर जाने का नोटिस दिया है.  जब राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि पूरे क्षेत्र का राजनीतिक और सैन्य तापमान कम करने के लिए कुछ किया जा सकता है या नहीं. इसके जवाब में ट्रंप ने साफ साफ कहा कि, ‘ईरान परमाणु बम नहीं बना सकता है, ये बहुत ही सिंपल सी बात है, उनके पास परमाणु बम नहीं हो सकता है.’ यूरेनियम का संवर्धन रोके ईरान, नहीं तो… बता दें कि ट्रम्प ने बार-बार ईरान पर हमला करने की धमकी दी है. उन्होंने कहा है … Read more

मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ

रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को घर-घर तक पहुंचाने की संकल्पना हो रही है पूरी : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री अपेक्स बैंक के  नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के पदभार ग्रहण में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक राजेश मूणत, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

किसानों के खाते में इस दिनआएंगे 2000 रुपये, पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं तो निपटा लें ये 4 जरूरी काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए अच्छी खबर है। ताजा अपडेट मिली है कि किसानों के खाते में 2000 रुपये जल्द ही आने वाले हैं। पीएम किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को साल में 6000 रुपये मिलते हैं। यह पैसा 2000-2000 की तीन किस्तों में आता है। पिछली किस्त फरवरी में आई थी। इसके बाद 20वीं किस्त के 2000 रुपये का इंतजार सभी को है। जानकारी मिली है कि 20 जून, 2025 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 2000 रुपये खाते में ट्रांसफर हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह तारीख बताई जा रही है। ऐसे में अगर आपने अभी भी पीएम किसान सम्मान योजना से जुड़े काम पूरे नहीं किए हैं तो उन अधूरे कामों केा तुरंत निपटा लें। सरकार इसके लिए सैचुरेशन ड्राइव चला रही है। सिर्फ इन किसानों के खाते में आएगा पैसा पीएम किसान सम्मान निधि योजना में आ रही गड़बड़ियों की शिकायतों के मद्देनजर सरकार ने यह तय कर लिया है कि सिर्फ उन्हीं किसानों के खाते में पैसा जाएगा, जिन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। अगर अभी तक आपने फार्मर रजिस्ट्री कराकर फार्मर आईडी नहीं बनाई है तो फिर 20 जून को 20वीं किस्त खाते में नहीं आएगी। हालांकि अभी भी समय है और यह काम आप ऑनलाइन कर सकते हैं। ईकेवाईसी भी करा लें अगर किसी ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है तो उनके खाते में आने वाला पैसा अटक सकता है। आप ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर अभी भी यह काम कर सकते हैं। आपको बस Farmer Corner में जाकर ई-केवाईसी का विकल्प चुनना है। आधार नंबर और बायोमैट्रिक के जरिए आप यह काम कर सकते हैं। आप नजदीक के CSC जाकर भी यह काम करा सकते हैं। पिछली बार फरवरी में पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त केंद्र सरकार की ओर से 10,04,67,693 किसानों के खाते में भेजी गई थी।. ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य PM Kisan Yojana की किस्त पाने के लिए सबसे जरूरी शर्त ई-केवाईसी है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन किसानों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई होगी, उन्हें अगली किस्त नहीं दी जाएगी. ई-केवाईसी आप अपने नजदीकी CSC केंद्र या खुद पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर करा सकते हैं. इसके लिए आपके आधार नंबर और मोबाइल नंबर की आवश्यकता होगी. भूमि सत्यापन (Land Verification) पीएम किसान योजना का लाभ पाने के लिए किसानों को लैंड वेरीफिकेशन कराना जरूरी है. इसके जरिए ये जांचा जाता है कि किसान के नाम पर वास्तविक कृषि भूमि मौजूद है और वह योजना की पात्रता की सभी शर्तें पूरी करता है. यूपी, बिहार, एमपी, राजस्थान समेत देश के करीब 14 राज्यों में डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत लैंड वेरीफिकेशन का काम जारी है. अपात्र लोगों को योजना से बाहर किया जा सके इसके लिए इन राज्यों द्वारा जमीन की जांच की जा रही है. बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों के साथ मिलकर अब तक 14 राज्यों के 6.1 करोड़ (61 मिलियन) किसानों को डिजिटल आईडी (फार्मर आईडी या किसान आईडी) दी है. हाल ही सामने आई एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) तक 11 करोड़ (110 मिलियन) किसानों को “किसान पहचान पत्र” नाम की यह यूनिक ID दी जाए. इस पहचान पत्र में किसान की जमीन, फसलों और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी. मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, इस ID की मदद से किसानों को कर्ज (Loan) और फसल बीमा की सुविधा जल्दी और आसान तरीके से मिल सकेगी. साथ ही पीएम किसान योजना की रकम भी अब सीधे इस ID से लिंक की जा रही है. अब तक सबसे ज्यादा IDs इन राज्यों में बनी हैं: उत्तर प्रदेश – 1.3 करोड़ महाराष्ट्र – 99 लाख मध्य प्रदेश – 83 लाख राजस्थान – 75 लाख आंध्र प्रदेश – 45 लाख गुजरात – 44 लाख तमिलनाडु – 30 लाख असम, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, केरल, तेलंगाना और अन्य राज्यों में भी काम जारी है. यह पूरी प्रक्रिया AgriStack नाम की सरकारी डिजिटल योजना के तहत हो रही है, जिसका मकसद किसानों तक सरकारी योजनाओं के लाभ तेजी से और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना है. यह डिजिटल ID बिल्कुल आधार कार्ड जैसी होगी. सरकार की योजना है कि FY26 में 3 करोड़ और FY27 में 2 करोड़ किसान और जोड़े जाएंगे. अगर आपने अभी तक अपनी भूमि से जुड़ी जानकारी को अपडेट नहीं किया है या वेरीफिकेशन नहीं कराया है, तो आपकी अगली किस्त अटक सकती है.  आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक होना चाहिए पीएम किसान योजना की किस्त सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है. ऐसे में यह जरूरी है कि आपका बैंक खाता आधार से लिंक हो. यदि आपका आधार आपके खाते से लिंक नहीं है या खाता NPCI मैपिंग में नहीं है, तो भुगतान फेल हो सकता है. बैंक शाखा में जाकर यह जानकारी चेक करें और जरूरत हो तो लिंकिंग प्रक्रिया पूरी कराएं. पीएम किसान पोर्टल पर स्टेटस चेक करें कई बार तकनीकी या दस्तावेजी कारणों से किसानों की किस्तें अटक जाती हैं. ऐसे में आपको पीएम किसान योजना की वेबसाइट पर जाकर “Beneficiary Status” और “Payment Status” चेक करते रहना चाहिए. इससे आपको यह पता चल जाएगा कि आपकी पिछली किस्तें मिलीं या नहीं, और अगली किस्त में कोई अड़चन है या नहीं. किसानों के खाते में किस दिन आएगी 20वीं किस्त? पीएम किसान योजना की 20वीं किस्त जून के तीसरे या चौथे सप्ताह में किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है. कुछ मीडिया रिपोर्ट की मानें तो लाभार्थी किसानों के खाते में योजना के तहत 2000 रुपये 20 जून को आ सकते हैं. हालांकि, आधिकारिक तिथि की घोषणा अभी नहीं हुई है. इसलिए किसान नियमित रूप से वेबसाइट और अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाले SMS पर नजर बनाए रखें. अगर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी हैं और समय पर 2000 रुपये की 20वीं किस्त पाना चाहते हैं, तो ऊपर बताए गए चार जरूरी काम जरूर पूरा कर लें. सरकार की ओर से यह योजना किसानों … Read more

मुख्यमंत्री यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रमिक परिवारों के खातों में संबल योजनाओं की राशि करेंगे अंतरित आज अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये का होगा अंतरण मुख्यमंत्री यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संबल योजना अंतर्गत, अनुग्रह सहायता के 6821 प्रकरणों में 150 करोड़ रूपये सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। आज शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में होने वाले इस कार्यक्रम में श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। प्रदेश में संबल योजना, असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। योजना अन्तर्गत प्रारंभ से अब तक 1 करोड़ 76 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी है। योजना में अनुग्रह सहायता अंतर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये प्रदान किये जाते हैं। स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 1 लाख रुपये तथा अंत्येष्टि सहायता के लिए 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। संबल योजना में जहाँ एक ओर महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के लिये 16 हजार रुपये दिये जाते हैं, तो वहीं दूसरी ओर श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना में उच्च शिक्षा के लिये सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है। भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना में सम्मिलित किया जाकर इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है, जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं। संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है, जिसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता दी जा रही है। वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है, जिसे लागू करने का श्रेय प्रदेश की सरकार को है। मध्यप्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिये भी निर्माण मंडल के माध्यम से कई योजनायें संचालित की जाती हैं, इनमें निर्माण श्रमिकों की मृत्यु होने पर अनुग्रह सहायता तथा स्थायी एवं आंशिक अपंगता पर सहायता भी सम्मिलित है। सभी संबल हितग्राहियों को आयुष्मान भारत निरामय योजना अंतर्गत पात्र श्रेणी में चिन्हित किया गया है, उन्हें 5 लाख रुपये वार्षिक निःशुल्क चिकित्सा का लाभ मिल रहा हैं।  

रिपोर्ट : मुस्लिम जनसंख्या एक दशक में सबसे तेजी से बढ़ी, मुसलमान कुल आबादी का 25 % हुए

 नई दिल्ली  मुस्लिमों की आबादी दुनिया में सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रही है। यह खुलासा प्यू रिसर्च सेंटर की स्टडी में हुआ है। इसके अनुसार 2010-2020 के बीच दुनिया में मुस्लिम आबादी 34.7 करोड़ की वृद्धि के साथ बढ़कर 194.6 करोड़ हो गई है। इसकी के साथ मुस्लिम समुदाय की वैश्विक हिस्सेदारी 25.6 प्रतिशत हो चुकी है। हिंदुओं की आबादी में कितना इजाफा? हिंदुओं की बात करें तो पिछले 10 साल में हिंदू आबादी में इजाफा देखने को मिला है। हालांकि हिंदुओं की वैश्विक हिस्सेदारी 15 प्रतिशत की दर पर ही स्थिर बनी हुई है, यह न तो बढ़ी है और न ही घटी है। शोध में पाया गया है कि इस दर के हिसाब से 2010-2020 के बीच हिंदुओं की आबादी 12.6 करोड़ की वृद्धि के साथ बढ़कर 115.8 करोड़ हो गई है।  दुनिया में धार्मिक आबादी को लेकर जारी एक नई रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। प्यू रिसर्च सेंटर की इस रिपोर्ट में साल 2010 से 2020 के धार्मिक आबादी के डेटा का विश्लेषण किया गया है, जिससे पता चलता है कि इस दौरान वैश्विक धार्मिक परिदृश्य तेजी से बदला है। एक दशक के दौरान मुस्लिम आबादी किसी भी धर्म के मुकाबले सबसे तेजी से बढ़ी है। अब इस्लाम को मानने वाले दुनिया की कुल आबादी का एक चौथाई हिस्सा हैं। इस रिपोर्ट में हिंदू,ईसाई और बौद्ध आबादी के बारे में भी जानकारी दी गई है। मुस्लिम आबादी सबसे तेजी से बढ़ी प्यू रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2010 से 2020 के बीच मुस्लिम आबादी अपेक्षाकृत सबसे तेजी से बढ़ने वाली आबादी थी, जो दुनिया की आबादी का 25.6 प्रतिशत हिस्सा बन गई है। 2010 में यह 23.9 प्रतिशत थी। मुस्लिम आबादी 34.6 करोड़ बढ़ी है। हालांकि, ईसाई अभी भी सबसे बड़ी आबादी है, लेकिन दुनिया की कुल आबादी में इसका हिस्सा घटा है। अब यह दुनिया की कुल जनसंख्या का 25.6 प्रतिशत है, जो कि 1.5 प्रतिशत की गिरावट को दिखाता है। 2010-20 के दौरान ईसाई (सभी मतों) आबादी 12.16 करोड़ बढ़ी है। हिंदुओं की आबादी स्थिर एक अलग प्यू रिपोर्ट बताती है कि इस एक दशक के दौरान ईसाई धर्म को छोड़ने वालों की संख्या शामिल होने के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हिंदू धर्म को मानने वालों की जनसंख्या कमोबेश 14.9 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि बौद्ध धर्म में 0.8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जो ईसाई धर्म के बाद सबसे ज्यादा है। बौद्ध इकलौता धर्म है, जिसके मानने वालों की संख्या 2010 के मुकाबले 2020 में कम हुई है। इसमें 1.8 करोड़ की गिरावट देखी गई है। नास्तिकों की संख्या में जबर्दस्त उछाल रिपोर्ट में सबसे दिलचस्प पहलू उन लोगों की तेजी से बढ़ती संख्या हैं, जो खुद को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ते हैं। किसी भी धर्म को न मानने वालों की संख्या 27 करोड़ बढ़ी है। यह अब दुनिया की आबादी का 24.2 प्रतिशत है। इस दौरान यहूदी आबादी की जनसंख्या भी स्थिर रही, जो कुल आबादी का 0.2 प्रतिशत है। यहूदी आबादी में 10 लाख की वृद्धि देखी गई, जो अब 1.48 करोड़ तक पहुंच गई है। धर्म  देश वैश्विक हिस्सेदारी ईसाई-मुस्लिम 53 53.6% बौद्ध 7 4.2% हिंदू 2 15% यहूदी 1 0.2% अन्य धर्म 1 2.2% कोई बहुसंख्यक नहीं 7 – नास्तिकों की आबादी भी बढ़ी रिसर्च रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 2010 में दुनिया में कुल 113 लोग नास्तिक थे, जो किसी भी धर्म को नहीं मानते। 2020 तक इनकी आबादी बढ़कर 140 करोड़ हो गई है, जोकि 27 करोड़ का इजाफा है। वहीं, वैश्विक हिस्सेदारी की बात करें तो नास्तिक 18.2 प्रतिशत हैं।   अन्य धर्मों की हिस्सेदारी   प्यू की रिसर्च में अन्य धर्मों का भी विवरण मौजूद है। मसलन बौद्ध धर्म के लोगों की संख्या 1.9 करोड़ घटकर 32.4 करोड़ ही रह गई है और इनकी वैश्विक हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से कम होकर 4.2 प्रतिशत ही बची है। इसके अलावा यदूही समुदाय दुनिया की सबसे छोटी धार्मिक आबादी है, जिनकी आबादी 1.4 से बढ़कर 1.5 करोड़ हो गई है। यहूदी समुदाय की वैश्विक हिस्सेदारी महज 0.2 प्रतिशत है। वहीं, अन्य धर्मों जैसे सिख, जैन और बहाई समुदाय की आबादी 1.8 करोड़ से बढ़कर 17.2 करोड़ हो गई है। इनकी वैश्विक हिस्सेदारी 2.2 प्रतिशत है।  

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