LATEST NEWS

प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की चिंता करने के साथ-साथ वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करने के लिए भी संवेदनशील :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक वन क्षेत्र और वन्यजीवों की विविधता से संपन्न राज्य है। भारत में सबसे अधिक बाघ (टाइगर) मध्यप्रदेश की धरती पर देखने को मिलते हैं। तेंदुआ (लेपर्ड) और गिद्ध (वल्चर) की संख्या भी मध्यप्रदेश में सबसे अधिक है। प्रदेश के अलग-अलग वन क्षेत्रों में मगरमच्छ और घड़ियालों का बसेरा है। प्रदेश में वन्य जीव संरक्षण, जंगलों की रक्षा और पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में वन्य प्राणी संरक्षण सहित सभी क्षेत्रों में तेज गति के साथ अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नए वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  गुजरात रवाना होने के पहले मीडिया में जारी एक संदेश में यह विचार रखे। संभाग स्तर पर आवश्यक हैं रेस्क्यू सेंटर  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब वन्यजीव प्रेमियों के लिए मध्यप्रदेश में किंग कोबरा भी लेकर आए हैं। चीतों को पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से गांधी सागर वन क्षेत्र में छोड़कर एक नया नेशनल पार्क विकसित किया जा रहा है। प्रदेश में अब तक दो नए टाइगर नेशनल पार्क बनने और चीतों के साथ-साथ दूसरे वन्य जीवों की संख्या बढ़ने से संभाग स्तर पर रेस्क्यू सेंटर की आवश्यकता महसूस हो रही है। इन सेंटर्स की स्थापना के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में अब तक केवल एक रेस्क्यू सेंटर राजधानी भोपाल स्थित वन विहार में है। यहां प्रदेशभर से घायल और बीमार वन्यजीवों को इलाज के लिए लाया जाता है, लेकिन उनके अनुकूल वातावरण में बदलाव हो जाने के कारण कई बार परेशानियां आती हैं। वन्यप्राणियों की जीवन रक्षा और उनके जीवन में सुखद बदलाव लाने के लिए संभाग स्तर पर रेस्क्यू सेंटर शुरू करने का प्रयास है। मध्यप्रदेश में जू़ की संख्या बढ़ेगी राज्य सरकार प्रदेश में चिड़ियाघरों अर्थात प्राणी उद्यान (जू़) की संख्या में भी वृद्धि करने जा रही है। बजट में दो प्राणी उद्यान की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात में देश का सर्वश्रेष्ठ जू एवं रेस्क्यू सेंटर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वे गुजरात की अध्ययन यात्रा में जामनगर में वन्यजीवों की देखरेख के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे साथ ही वन्यजीवों का आदान-प्रदान कर उनके जीवन रक्षा की संभावनाएं भी तलाशेंगे। नागरिकों के साथ-साथ वन्यजीवों के प्रति भी संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के कई विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में वेटनरी कोर्स और वेटनरी अस्पताल शुरू कर पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। निकट भविष्य में इससे संबंधित कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। वन संपदा और वन्यजीवों के संरक्षण का भी व्यापक अभियान प्रदेश में चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों का आह्वान किया है कि अगर किसी वन्यजीव के संकट में होने की जानकारी मिले या दिखाई दे तो नज़दीकी फॉरेस्ट ऑफिसर को सूचित करें। प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की चिंता करने के साथ-साथ वन्यजीवों को संरक्षण प्रदान करने के लिए भी संवेदनशील है।

मध्य प्रदेश की इस तहसील को बनाया जाएगा जिला! सरकार ने राजस्व विभाग से मांगी जानकारी

डिंडोरी  मध्य प्रदेश का आदिवासी जिला डिंडोरी अब टूटने की कगार पर खड़ा हो गया है. इस जिले में दो विधानसभा हैं, डिंडोरी और शहपुरा. जिसमें शहपुरा क्षेत्र के लोग इसे नया जिला बनाने की मांग पर इस बार न सिर्फ अड़े हुए हैं, बल्कि आंदोलन के लिए भी लामबंद हैं. इसके लिए मंगलवार की दोपहर शहपुरा क्षेत्रवासियों और आमजनों ने एक मांग पत्र प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम नायब तहसीलदार शहपुरा को सौंपा है. इस पत्र में शहपुरा को नया जिला बनाने की मांग की है. 47 सालों से हो रही शहपुरा को जिला बनाने की मांग दरअसल, शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति ने शहपुरा तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार सुखमन कुलेश को ज्ञापन सौंपा है. जिसमें शहपुरा को जिला बनाने की मांग की गई है. बताया जा रहा है कि शहपुरा को जिला बनाने की मांग पिछले 47 सालों से लगातार की जा रही है. यह मांग बीच-बीच में तब तेज होती है जब विधानसभा या लोकसभा चुनाव आते हैं. लेकिन इस बार एक पत्र ने शहपुरा क्षेत्र वासियों की टेंशन बढ़ा दी. इस पत्र में मंडला जिले की सबसे बड़ी तहसील निवास को जिला बनाने के लिए विस्तृत जानकारी चाही गई है. जिसमें निवास को शहपुरा के साथ जोड़कर जिला बनाने की बात लिखी गई है. जिसके बाद शहपुरा के लोग लामबंद हो गए. राष्ट्रपति से लेकर मंत्रियों को सौंपा ज्ञापन ज्ञापन के माध्यम से शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने बताया, ”सन 1977 से लेकर आज तक शहपुरा को डिंडोरी से पृथक कर अलग जिला बनाने की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा की जा रही है. लेकिन अब तक प्रदेश सरकार ने कोई विचार नहीं किया है. यह मांग उस दौरान भी की गई जब मंडला जिले से डिंडोरी को अलग जिला बनाया जा रहा था. इसको लेकर क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों ने महामहिम राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री, राज्यपाल से लेकर कैबिनेट मंत्रियों तक को ज्ञापन एवं मांग पत्र सौंपा है. शहपुरा को जिला बनाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन क्षेत्रवासियों ने मांग की है, शहपुरा को जिला बनाने के लिए निवास, मेहदवानी, विक्रमपुर, चौरई, रहटा क्षेत्र एवं तहसील व विधानसभा को जोड़ा जाए. मांग पत्र में शहपुरा क्षेत्रवासियों ने उल्लेख किया है कि हाल में ही शासन प्रशासन के द्वारा एक पत्र जारी किया है. जिसमें उल्लेख है कि निवास को जिला बनाए जाने के लिए स्थानीय प्रशासन से राजस्व विभाग संबंधी जानकारी शहपुरा राजस्व क्षेत्र की चाही गई है. जिसमें शहपुरा और मेहदवानी ब्लॉक को शामिल किया जाना है. इस पत्र के वायरल होने के बाद से शहपुरा क्षेत्र की जनता एक बार फिर सक्रिय हुईं और मांग पत्र सौंपा है कि शहपुरा को ही अलग जिला बनाया जाए. बैठक हुई थी आयोजित शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में 6 जून को एक बृहद बैठक आयोजित की गई थी. जिसमें शहपुरा के भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे भी शामिल रहे. विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने क्षेत्रवासियों की मांग को जायज बताते हुए अपना समर्थन भी दिया है. शहपुरा संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा है कि, ”शहपुरा हर दृष्टि से जिला बनने के लिए उपयुक्त है. कोरे आश्वासन का क्षेत्र की जनता विरोध करती है और शहपुरा को जिला घोषित नहीं करने पर क्षेत्र की जनता अब उग्र जन आंदोलन करने को मजबूर होगी. जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी.”    भारतीय किसान संघ ने भी जिला बनाने का किया समर्थन शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति की मांग को जायज और क्षेत्र हित का बताते हुए भारतीय किसान संघ ने भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा. तहसील अध्यक्ष प्रमोद कुमार मौर्य ने कहा कि, ”शाहपुरा को जिला बनाने की मांग वर्षों पुरानी है. इसके लिए शाहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति सतत संघर्षरत है. कई बार ज्ञापन आंदोलन हुए लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. आज पुनः शहपुरा जिला बनाओ संघर्ष समिति की मांग का भारतीय किसान संघ समर्थन करता है कि, शहपुरा को जल्द से जल्द जिला बनाया जाए.”

मुख्यमंत्री ने मजरा-टोला सड़क योजना को दी मंजूरी, मिली बड़ी सौगात, 39,900 किलोमीटर नई पक्की सड़कें और हजारों पुल-पुलिया होंगे तैयार

भोपाल  अब मध्यप्रदेश के मजरे-टोले भी विकास से जुड़ेंगे। इसके लिए 20,600 मजरे-टोलों को चिह्नित कर लिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना को स्वीकृति दी। इस योजना में 39,900 किमी सड़कें(New Road) बनेंगी। इन पर हजारों पुल-पुलिया बनेंगे। इस पर 21,630 करोड़ खर्च होगा। बारहमासी सड़कों से इलाके के स्कूली बच्चों, गर्भवतियों को बारिश में नदी-नाले रास्ता नहीं रोक पाएंगे। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 11 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कैबिनेट ने मंगलवार कोय ह सौगात दी। तबादले की डेडलाइन 17 जून करने समेत कई जनकल्याण निर्णय भी लिए। मध्यप्रदेश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत अब गांवों के सुदूर मजरे और टोले भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिसमें 20,600 मजरे-टोले चिन्हित किए गए हैं। योजना के तहत कुल 39,900 किलोमीटर लंबी नई पक्की सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिन पर हजारों पुल और पुलिया भी बनेंगी। इस परियोजना पर अनुमानित 21,630 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। बारहमासी सड़कों से सुविधाएं बढ़ेंगी इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि इन सड़कों के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में स्कूली बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को बारिश में भी निर्बाध आवागमन मिल सकेगा। नदी-नालों और कच्चे रास्तों की दिक्कतें समाप्त होंगी। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के 11 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिया गया, जिससे राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी। योजना दो चरणों में पूरी होगी  मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहला चरण 2025-26 से 2029-30 तक चलेगा और दूसरा चरण 2030-31 से 2034-35 तक। इस दौरान 30,900 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिससे राज्य के सभी पात्र ग्रामीण टोलों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जाएगा। छोटे टोले भी होंगे शामिल, न्यूनतम आबादी और मकानों की शर्त पिछले 75 वर्षों में आबादी बढ़ने और परिवारों के बंटवारे के चलते मजरे-टोले स्वतंत्र इकाइयों के रूप में उभरे हैं, लेकिन अब तक अधोसंरचना से वंचित रहे हैं। सरकार ने तय किया है कि ऐसे मजरे और टोले भी इस योजना में शामिल होंगे जिनमें कम से कम 20 मकान, 100 से अधिक की आबादी और 6,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल होगा। ऐसे 20,600 मजरे-टोले पहले ही चिन्हित किए जा चुके हैं। हर जिले का विकास होगा योजनाबद्ध प्रदेश के प्रत्येक जिले का विकास योजनाबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने जिला विकास सलाहकार समितियों के गठन को मंजूरी दी है। इन समितियों के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं होंगे और उपाध्यक्ष प्रभारी मंत्री। स्थानीय जनप्रतिनिधि सदस्य होंगे और क्षेत्रीय विशेषज्ञों को भी सम्मिलित किया जाएगा। यह समिति जिले के लिए दीर्घकालिक विकास का रोडमैप तैयार कर सरकार को सौंपेगी। चार शहरों में बनेंगे सुरक्षित हॉस्टल कैबिनेट ने नर्मदापुरम, झाबुआ, सिंगरौली और देवास में कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित हॉस्टलों के निर्माण को भी स्वीकृति दी है। 40.59 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ये हॉस्टल उन महिलाओं को सुविधा देंगे जो औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत हैं। ये आवास पूरी तरह सुरक्षित होंगे और महिला श्रमिकों के लिए एक सशक्त सहारा साबित होंगे। ब्याज मुक्त कर्ज और ग्रामीण सेवा की शर्त में होगा बदलाव कैबिनेट ने मेधावी छात्र योजना में भी महत्वपूर्ण बदलाव को मंजूरी दी है। अब मेडिकल (MBBS) छात्रों को अपनी पढ़ाई का शुल्क स्वयं वहन करना होगा, लेकिन सरकार फीस पूर्ति के लिए छात्रवृत्ति और अतिरिक्त खर्चों के लिए ब्याज मुक्त कर्ज की व्यवस्था करेगी। यदि छात्र पांच वर्षों तक ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा करते हैं, तो सरकार कर्ज चुकाने में मदद करेगी। यह प्रावधान 2025 के शैक्षणिक सत्र से लागू होगा। जो छात्र ग्रामीण सेवा नहीं करेंगे, उन्हें यह कर्ज स्वयं चुकाना होगा। तुअर दाल उद्योग को राहत प्रदेश में महाराष्ट्र जैसे राज्यों से आयातित तुअर से संचालित 134 दाल मिलों को भी सरकार ने राहत दी है। अभी तक इन पर मंडी टैक्स लगता था, जिससे उत्पादन लागत बढ़ती थी। अब इस टैक्स को हटा दिया गया है, जिससे इन मिलों को गति मिलेगी और जीएसटी संग्रहण में भी बढ़ोतरी होगी। हालांकि मंडी राजस्व में लगभग 20 करोड़ रुपये की कमी आएगी, लेकिन राज्य सरकार का मानना है कि उद्योगों को राहत देना अधिक आवश्यक है। मेडिकल पढ़ाई में शुल्क से माफी नहीं, 5 साल के बांड से आजादी मेडिकल छात्रों को पढ़ाई के अतिरिक्त खर्च के लिए सरकार ब्याज मुक्त कर्ज दिलाएगी। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र योजना में बदलाव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। छात्रों को शुल्क खुद भरना होगा, फीसपूर्ति के लिए छात्रवृत्ती देंगे। अतिरिक्त खर्च के लिए कर्ज ले सकेंगे, जिसमें सरकार मदद करेगी। सरकार की मंशा अनुरूप 5 साल ग्रामीण इलाके में सेवा देंगे तो सरकार कर्ज चुकाने में मदद करेगी। जो ग्रामीण क्षेत्र में सेवा नहीं देंगे, उन्हें कर्ज खुद चुकाना होगा। यह बदलाव चालू वित्त वर्ष में एमबीबीएस में प्रवेश लेने वालों पर लागू होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2024-25 के अंतर्गत 8 वर्किंग वूमेन हॉस्टल की स्वीकृति प्रदान की गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की कामकाजी महिलाओं के लिये वर्किंग वुमेन हॉस्टल की सौगात दी है। भारत सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंट ऑफ स्टेटस फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2024-25 के अंतर्गत 8 वर्किंग वूमेन हॉस्टल की स्वीकृति प्रदान की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि योजना अंतर्गत महिला श्रम बल भागीदारी दर (फीमेल लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट) को बढ़ाने और महिलाओं के जीवन को आसान बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में 8 वर्किंग वूमेन हॉस्टल की स्वीकृति प्रदान की गई है जिसमें से महिला बाल विकास विभाग द्वारा 4 वर्किंग वूमेन हॉस्टल और शेष 4 हॉस्टल औद्योगिक नीति निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा बनाये जायेंगे। 289 करोड़ रूपये की स्वीकृति हुई जारी मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि महिला बाल विकास विभाग द्वारा देवास, नर्मदापुरम और सिंगरौली में 100 सीटर तथा झाबुआ में 50 सीटर हॉस्टल बनाये जायेंगे। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग द्वारा उज्जैन में 1554 सीटर, धार में 1776, रायसेन 776 और भिण्ड में 666 सीटर हॉस्टल का निर्माण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण के लिये 289.72 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से 40.59 करोड़ की राशि महिला बाल विकास विभाग व्यय करेगी। वर्किंग वूमेन हॉस्टल का स्वामित्व राज्य सरकार के पास रहेगा और रख-रखाव का काम पीपीपी मोड पर किया जायेगा। हॉस्टल में होंगी आधुनिक सुविधाएँ वर्किंग वूमेन हॉस्टल में आधुनिक सुविधाओं सहित डे केयर सेंटर, जिम, इंडोर स्पोर्टस, लायब्रेरी, वाय-फाई, पर्याप्त पार्किंग, फूड कोर्ट और मनोरंजन गतिविधियां आदि उपलब्ध होंगी। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराये जा रहे हैं, जिससे कामकाजी महिलाओं का जीवन आसान होगा। विशेष रूप से जनजातीय एवं औद्योगिक क्षेत्रों में महिला श्रमिकों की आवास जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह योजना क्रांतिकारी सिद्ध होगी।  

सुकमा में ढेर हुए दो नक्सली, मारे गए नक्सलियों के पास से एक ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद

सुकमा छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों और सुरक्षाबलों की मुठभेड़ की खबर है। दोनों के बीच हुए एनकाउंटर में दो नक्सली मारे गए हैं। कुकनार थाना क्षेत्र के जंगल में मारे गए नक्सलियों के पास से एक ऑटोमैटिक हथियार भी बरामद हुआ है। सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि मुठभेड़ और तलाशी अभियान जारी है। मारे गए दो नक्सलियों में एक महिला भी शामिल है। बता दें कि आज 11 जून 2025 की सुबह प्रतिबंधित सीपीआई माओवादी संगठन के नक्सली कैडरों की क्षेत्र में मौजूदगी के बारे में विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर कुकनार थाना कर्मचारियों और सुकमा DRG की एक संयुक्त टीम को तलाशी अभियान के लिए रवाना किया गया था। यह तलाशी अभियान लगभग दोपहर 2 बजे शुरू हुआ,जिसके दौरान सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच कई बार गोलीबारी हुई। मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान पेदरास के स्थानीय संगठन स्क्वाड (LOS) कमांडर बामन के रूप में हुई है,जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था। मुठभेड़ के बाद बरामद हुई महिला नक्सली कैडर की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मुठभेड़ स्थल से एक इंसास राइफल,एक 12 बोर की राइफल,साथ ही अन्य हथियार,गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। अतिरिक्त सहायक टीमें तैनात कर दी गई हैं और इलाके का फायदा उठाकर भागे हुए अन्य माओवादी कैडरों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए आसपास के घने जंगल क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान जारी है। इससे पहले, सुकमा जिले में आईईडी धमाके में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आकाश राव गिरिपूंजे मारे गए थे। आईजी के अनुसार, एएसपी गिरिपूंजे किसी भी नक्सली घटना को रोकने के लिए पैदल गश्त पर थे, तभी कोंटा-एर्राबोरा रोड पर डोंड्रा के पास आईईडी धमाका हुआ, जिससे सुकमा जिले के कोंटा डिवीजन के एएसपी आकाश राव गिरिपूंजे गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्होंने चोटों के कारण दम तोड़ दिया।  

मुख्यमंत्री साय ने अपेक्स बैंक की नई शाखा का किया वर्चुअल शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी केदारनाथ गुप्ता के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में शामिल हुए और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा का वर्चुअल शुभारंभ किया और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकार से समृद्धि की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। उनकी प्रेरणा से प्रदेश के घर-घर को सहकारिता से जोड़ने का कार्य हमारी सरकार कर रही है। साय ने कहा कि नवनियुक्त प्राधिकृत अधिकारी के नेतृत्व में प्रदेश में सहकारिता को और अधिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि सहकारी गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ मिलकर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में हमने दुधारू पशु वितरण का शुभारंभ किया है, जिसके अंतर्गत पायलट प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश के 6 जिलों का चयन कर हितग्राहियों को दो-दो दुधारू गाय वितरित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के किसानों और ग्रामीण जनों को बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने की एक बड़ी पहल हमने इस वर्ष पंचायती राज दिवस से प्रारंभ की है। प्रदेश के 1460 ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र खोले गए हैं, जिसके माध्यम से ग्राम पंचायत भवन में ही बैंकिंग सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगले पंचायती राज दिवस तक यह सुविधा प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में उपलब्ध हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मुख्यमंत्रित्व काल के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने किसानों को अल्पकालिक ऋण के लिए भारी-भरकम ब्याज दर से मुक्ति दिलाई और ब्याज दरों को लगातार कम कर किसानों को राहत दी। अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए बिना किसी ब्याज के अल्पकालिक ऋण उपलब्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने फरसाबहार में अपेक्स बैंक की नई शाखा खुलने पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि अब किसानों को बैंकिंग सुविधा के लिए 50-60 किलोमीटर दूर पत्थलगांव नहीं जाना पड़ेगा। इस पुनीत पहल के लिए उन्होंने सहकारिता विभाग को साधुवाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता का बीजारोपण करने वाले महान विभूतियों को पुण्य स्मरण करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वामनराव लाखे और ठाकुर प्यारेलाल जैसे पुरोधाओं ने सहकारिता की नींव रखी, जिसका विकसित स्वरूप आज हम सभी देख रहे हैं। यह वर्ष सहकारिता का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष है, और केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों से निश्चित रूप से इस क्षेत्र में चमत्कारिक परिवर्तन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय के अथक प्रयासों से प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आई है। पूरे देश में वे पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल और 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साय ने सहकारिता को राज्य के अंतिम गांव तक पहुंचाने का कार्य किया है। अपेक्स बैंक प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपए के टर्नओवर के साथ सबसे शक्तिशाली संगठन है और इसके माध्यम से अब तक 7 हजार 5 सौ करोड़ रुपए का ऋण किसानों को उपलब्ध कराया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से देश के हर एक नागरिक को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया और इसी का परिणाम है कि आज बिना किसी बिचौलिए के शत-प्रतिशत राशि सीधे हितग्राहियों के खाते में प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के क्षेत्र में अभी भी अपार संभावनाएं हैं और शत-प्रतिशत किसानों को सहकारिता और अपेक्स बैंक से जोड़ने का काम शीघ्र पूरा करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सत्य साईं हॉस्पिटल को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि सौंपी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में कार्यक्रम में मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड ने सीएसआर गतिविधियों के तहत राजधानी रायपुर के सत्य साईं हृदय चिकित्सालय को 2.25 करोड़ रुपए की सहायता राशि का चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पुनीत कार्य के लिए मजगांव डॉक शिप बिल्डर्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। पदभार ग्रहण समारोह में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, विधायक राजेश मूणत, विधायक अनुज शर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक सुनील सोनी, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष, अपर मुख्य सचिव सहकारिता सुब्रत साहू और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  

एलन मस्क राष्ट्रपति ट्रम्प के खिलाफ गई अपनी कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर खेद व्यक्त किया

वाशिंगटन   दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ पिछले सप्ताह की गई अपनी कुछ सोशल मीडिया पोस्ट पर खेद व्यक्त किया और कहा कि उनकी पोस्ट ” बात बहुत आगे बढ़ गई”।एलन मस्क ने लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में लिखी गई अपनी कुछ पोस्टों पर खेद है। बात बहुत आगे निकल गईं।” क्या थी विवाद की वजह?  एलॉन मस्क और ट्रंप के बीच विवाद तब गहरा गया जब मस्क ने डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के चीफ के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद मस्क ने ट्रंप के खर्च और टैक्स कटौती वाले विधेयक जिसे ट्रंप ‘One Big Beautiful Bill’ कह रहे हैं, उसकी कड़ी आलोचना की. इस पर ट्रंप ने मस्क को जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने एलॉन को इस बिल के बारे में बताया था, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सब्सिडी में कटौती की बात, लेकिन एलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पलटवार करते हुए कहा कि यह बिल उन्हें कभी दिखाया ही नहीं गया. इतना ही नहीं, मस्क ने X पर ट्रंप के इंपीचमेंट (महाभियोग) का समर्थन करते हुए एक पोस्ट किया था, हालांकि उसे बाद में डिलीट कर दिया. बात इतनी बढ़ गई थी कि एलॉन ने ट्रंप के जेफरी एपस्टीन से पुराने संबंधों का भी ज़िक्र किया, जिसे ट्रंप ने पुराना और झूठा मुद्दा बताया. सरकारी ठेकों और सब्सिडी खत्म करने की धमकी  Elon Musk से विवाद बढ़ा तो ट्रंप ने खुली धमकी दी कि वे मस्क की कंपनियों विशेष रूप से SpaceX के साथ सरकारी ठेकों और सब्सिडी खत्म करने पर विचार कर सकते हैं. ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है एलॉन बहुत दुखी और निराश महसूस कर रहे हैं. NBC न्यूज को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में तो ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि मुझे लगता है अब हमारा रिश्ता खत्म हो गया है.  ‘डेमोक्रेट्स को फंड न दें मस्क’  ट्रंप ने मस्क को ये भी धमकी दी कि अगर एलॉन मस्क डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को फंडिंग करते हैं, खासकर उन उम्मीदवारों को जो रिपब्लिकन पार्टी के टैक्स बिल का विरोध कर रहे हैं, तो उसके गंभीर परिणाम होंगे. हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे परिणाम क्या होंगे. मस्क को ट्रंप से दिक्कत क्या है?  डोनाल्ड ट्रंप सरकार के खर्च और टैक्स कटौती वाले बिल में इलेक्ट्रिक व्हीकल की खरीद पर मिलने वाली टैक्स छूट को खत्म करने का प्रस्ताव है. अमेरिका की पिछली बाइडेन सरकार नई EV खरीदने पर 7500 डॉलर की टैक्स छूट देती थी. ट्रंप इसे खत्म करने जा रहे हैं. इस बिल में प्रावधान है कि जो कंपनियां 2009 से 2025 के बीच दो लाख EV बेच चुकी हैं, उन्हें छूट नहीं मिलेगी. यह सीधेतौर पर एलॉन मस्क की टेस्ला के लिए झटका है.  एक दूसरी वजह ये भी है कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA में एलॉन मस्क अपने भरोसेमंद जेरेड इसाकमैन को एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में नियुक्त करवाना चाहते थे, लेकिन ट्रंप ने उनकी सिफारिश को नजरअंदाज कर दिया. मस्क का मानना था कि अगर इसाकमैन NASA में एडमिनिस्ट्रेटर बनते हैं, तो इससे उनकी कंपनी SpaceX को भी फायदा होगा.

विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण पर कार्यशाला हुई

सर्वेक्षण गुणात्मक एवं प्रमाणिकता के साथ करें : उप मुख्यमंत्री देवड़ा सर्वेक्षण 3 माह की तय समय में पूरा करें : राज्यमंत्री श्रीमती गौर विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण पर कार्यशाला हुई भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार विमुक्‍त, घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु जातियों के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इन जातियों के कल्याण की गतिविधियों को पावन कार्य बताते हुए कहा कि यह गर्व करने योग्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिये इन समुदायों का सर्वेक्षण के माध्यम से डाटा इक्कठा किया जायेगा। इस डाटा के आधार पर कार्यक्रम बनाये जायेगें और राज्य एवं केन्द्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से इन समुदायों को लाभांवित किया जायेगा। राज्य पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान में उप मुख्यमंत्री देवड़ा विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय के सर्वेक्षण-2025 पर बुधवार को हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जन अभियान परिषद और विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग के बीच सर्वेक्षण के लिये एमओयू हुआ है। सर्वेक्षण प्रमाणिकता के साथ होगा। उन्होंने कहा कि सर्वे कार्य में लगे कार्य समन्वयक पूरी ईमानदारी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करेंगे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि घुमन्तु समाज के उत्थान का यह पुण्य एवं पवित्र कार्य है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण विभाग के कार्य की सराहना भी की। पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के परिवारों के समेकित विकास के दृष्टिगत सर्वेक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में प्रदेश के 12 जिलों में सर्वेक्षण का कार्य होगा और यह कार्य तय समय सीमा 3 माह में पूरा किया जायेगा। सितम्बर में सर्वेक्षण का प्रथम चरण पूरा होने के बाद दूसरे चरण में प्रदेश के शेष जिले में सर्वेक्षण होगा। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण से इन समुदायों की जानकारी एकत्र की जायेगी और जानकारी के आधार पर इन समुदायों के विकास के लिये कार्यक्रम बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण दल यह सुनिश्चित करें कि सर्वेक्षण से एक भी परिवार नहीं छूटे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सर्वेक्षण के लिये दिये गये प्रस्ताव पर तुरंत सहमति दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। कार्यशाला में क्षेत्रीय प्रमुख घुमन्तु कार्य गौरेलाल ने सर्वेक्षण कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि वह विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदायों के बीच में पिछले कई वर्षों से कार्य कर रहे है। उन्होंने कार्य के दौरान हुए अनुभवों पर आधारित इन समुदायों की समास्याओं से जुड़े अनेक संस्मरण सुनाये और कहा कि इन समुदायों के विकास के लिये व्यवस्थित कार्य योजना जरूरी है और सर्वेक्षण का डाटा महत्वपूर्ण होगा। कार्यशाला को मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर, अध्यक्ष विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास अभिकरण बाबूलाल बंजारा ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विकास विभाग ई. रमेश कुमार और कार्य पालक निदेशक जन अभियान परिषद डॉ. बकुल लाड ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर जानकारी दी। कार्यशाला में जनअभियान परिषद के कार्यपालक निदेशक डॉ. बकुल लाड और संचालक विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तुसमुदाय विकास विभाग नीरज वशिष्ठ ने एमओयू का दस्तावेज एक दूसरे को सौंपा। इस अवसर पर विमुक्त, घुमन्तु और अर्धघुमन्तु समुदाय विभाग द्वारा तैयार किये गये पोस्टर का विमोचन भी किया गया।  

सोनम रघुवंशी ने SIT के सामने कबूल किया अपना जुर्म, सोनम और राज कुशवाह के साथ वाली फोटो आई सामने

इंदौर सोनम रघुवंशी ने आखिरकार यह कबूल कर लिया कि उसने ही अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या करवाई थी। शिलॉन्ग में पुलिस पूछताछ के दौरान सोनम टूट गई और उसने रोते-रोते यहब कबूल कर लिया है कि हां उसने ही अपने पति की जान ली है।सोनम रघुवंशी ने आखिरकार यह कबूल कर लिया कि उसने ही अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या करवाई थी। शिलॉन्ग में पुलिस पूछताछ के दौरान सोनम टूट गई और उसने रोते-रोते यह कबूल कर लिया है कि हां उसने ही अपने पति की जान ली है। इस बीच खास बात यह है कि सोनम का राज कुशवाहा से भी आमना-सामना कराया गया है। मेघालय के राजा रघुवंशी हत्याकांड में मेघालय पुलिस ने सोनम रघुवंशी और उसके प्रेमी राज कुशवाह का आमना-सामना करवाया, जिसके बाद सोनम टूट गई और उसने अपने पति राजा की हत्या की साजिश में शामिल होने की बात कबूल कर ली. पुलिस ने पुख्ता सबूतों के साथ दोनों को आमने-सामने बिठाया, जिसके बाद सोनम के पास छिपाने को कुछ नहीं बचा. मेघालय पुलिस के ‘ऑपरेशन हनीमून’ के तहत 23 मई को शिलांग के सोहरा में हुई राजा रघुवंशी की हत्या की जांच में बड़ा खुलासा हुआ. पुलिस ने सोनम और राज कुशवाहा को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की. 42 सीसीटीवी फुटेज, खून से सनी जैकेट, सोनम का रेनकोट, और अन्य सबूतों को सामने रखा गया. सबूतों के दबाव में सोनम टूट गई और उसने कबूल किया कि उसने राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर्स आकाश राजपूत, विशाल उर्फ विक्की ठाकुर, और आनंद कुर्मी के साथ मिलकर राजा की हत्या की साजिश रची.   पुलिस जांच में पता चला कि सोनम ने हनीमून के बहाने राजा को सोहरा के सुनसान इलाके में ले जाकर हत्यारों को उसकी लोकेशन भेजी. उसने अपनी सास को झूठ बोला कि वह अपरा एकादशी का व्रत रख रही है, जबकि होटल रिकॉर्ड से पता चला कि उसने खाना खाया था. हत्या के बाद सोनम ने राजा के सोशल मीडिया अकाउंट से ‘सात जन्मों का साथ है’ पोस्ट कर जांच को भटकाने की कोशिश की. पुलिस को गुवाहाटी रेलवे स्टेशन के पास से हत्या में इस्तेमाल हथियार भी मिला.   मेघालय पुलिस ने सोनम, राज कुशवाह और तीनों हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया है. सोनम ने 9 जून को गाजीपुर (UP) में सरेंडर किया था. पुलिस के मुताबिक, सोनम का मकसद राजा को रास्ते से हटाकर राज कुशवाह के साथ नई जिंदगी शुरू करना था.    राजा के भाई सचिन और पिता अशोक रघुवंशी ने सोनम के लिए फांसी की सजा और उसके परिवार के सामाजिक बहिष्कार की मांग की है. सोनम के भाई गोविंद ने भी हत्यारों के लिए फांसी की मांग की, लेकिन दावा किया कि उसे साजिश की जानकारी नहीं थी.   मुझे अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए- राजा रघुवंशी की मां राजा रघुवंशी की मां उमा ने कहा, ‘मुझे अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए. दोषियों को सजा मिलनी चाहिए. मेरे बेटे ने क्या किया था? उसकी क्या गलती थी? उसे क्यों मारा गया?’ कामाख्या मंदिर क्यों गई सोनम, क्या नरबलि की थी इच्छा…’ राजा की मां का सोनम पर आरोप राज उससे प्यार नहीं कर सकता- सोनम की बॉयफ्रेड की मां राज कुशवाह की मां ने भी बातचीत में कहा कि राज उससे प्यार नहीं कर सकता. सोनम क्यों राज को पसंद करेगी? मेरा  बेटा सोनम से कभी बात नहीं करता था. हमारा एक कमरा है, ऊपर राज सोता है और नीचे हम.अगर वो किसी से बात करता तो हमें तो सुनाई देता. किसी को तो पता चलता. वहां गोविंद भी काम करता था. ऐसा नहीं सकता है कि किसी को इस बारे में कुछ पता चले. मैंने तो सोनम को आजतक देखा नहीं, ना ही मैंने उनके घरवालों को देखा. मेरे बच्चे को मारा उनकी इतनी हिम्मत कैसे हुई- राजा की मां राजा रघुवंशी की मां ने कहा कि राजा की मौत के बाद हमारे यहां जब राज आया तो मेरे मन में यही ख्याल आया कि जिन्होंने मेरे बच्चे को मारा उनकी हिम्मत कैसे हुई मेरे यहां आने की. हनीमून पर गोल्ड पहनकर आने के लिए सोनम ने राजा से कहा था राजा रघुवंशी की मां ने कहा कि राजा ने कामख्या जाने के बाद कोई फोटो नहीं डाली. मुझे एक फोटो में राजा की चैन दिखी तो मैंने बोला तुमने चैन क्यों पहनी? जिस पर राजा ने कहा कि सोनम ने पहनने के लिए बोला है. हमें अपने बेटे के लिए इंसाफ चाहिए.   बेटे की हत्या में जो भी लोग शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए- राजा रघुवंशी की मां बातचीत में राजा रघुवंशी की मां ने कहा कि वो चाहती हैं कि उनके बेटे की हत्या में जो भी लोग शामिल हैं उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. उन्होंने कहा कि सोनम पर हमारा ध्यान कभी ज्यादा नहीं गया. सोनम शादी के बाद चली गई थी तब उसके घरवालों ने बोला कि अमावस्या के बाद आना. सोनम के शिलांग पहुंचने से पहले ही सुलझ गई राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी  मध्य प्रदेश के राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी गुवाहाटी पहुंच चुकी हैं। रात करीब दो बजे तक सोनम रघुवंशी के शिलांग पहुंच जाने की संभावना है। मंगलवार को मेघालय पुलिस पटना से लेकर कोलकाता और फिर कोलकाता से लेकर गुवाहाटी पहुंची। गुवाहाटी से सोनम रघुवंशी को सड़क मार्ग से शिलांग के लिए निकाला गया। उधर, राजा रघुवंशी की हत्या में गिरफ्तार सोनम के प्रेमी राज कुशवाहा समेत तीन अन्य आरोपियों को भी मेघालय पुलिस इंदौर से लेकर शिलांग के लिए रवाना हो गई है। इंदौर एयरपोर्ट एक आरोपी की एक व्यक्ति ने गुस्से में थप्पड़ भी मारा। गुवाहाटी से शिलांग की कुल दूरी 100 किलोमीटर की है। सोमवार की देर रात को मेघालय पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की कोर्ट ट्रांजिट रिमांड हासिल की थी। इंदौर में कबूले सुपारी किलर्स मेघालय पुलिस के दबाव के बाद गाजीपुर में इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम के सरेंडर किया था। इतना ही नहीं इंदौर पुलिस के साथ ज्वाइंट ऑपरेशन में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तार किया गया था। मेघालय पुलिस ने इस केस को सुलझाने … Read more

राजा की मां से गले मिलकर रोया सोनम का भाई बोला -मैं हर पल आपके साथ हूं… मेरी बहन गुनहगार है

इंदौर  मैं हर पल आपके साथ हूं… मेरी बहन गुनहगार है… मैं सोनम के खिलाफ खुद केस लडूंगा… पति की हत्या में गिरफ्तार सोनम के भाई गोविंद, राजा के घर पहुंचे तो माहौल भावुक हो गया. गोविंद राजा की मां उमा रघुवंशी से लिपट गए और फूट-फूटकर रोने लगे. उन्होंने उनके पैर पकड़ लिए. इंदौर के राजा हत्याकांड में बुधवार को यह भावुक लम्हा आया. सोनम के भाई गोविंद ने राजा की मां से कहा कि इस मामले में वह उनके परिवार का पूरा साथ देंगे. उन्होंने सोनम के खिलाफ खुद केस लड़ने की की बात भी कही. पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिलॉन्ग ले जाई गई सोनम ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है. पुलिस इस मामले में गिरफ्तार किए गए बाकी चार आरोपियों को भी शिलॉन्ग ले जा चुकी है. उनसे राजा हत्याकांड का हर राज उगलवाया जा रहा है. पुलिस के हाथ कुछ अहम सबूत भी लगे हैं. इसमें खून से सना रेनकोट और टी-शर्ट भी शामिल है. इसके साथ ही वह खुखरी भी बरामद कर ली गई है जिससे शिलॉन्ग की पहाड़ी पर राजा की हत्या की गई थी.    शिलॉन्ग में जहां पुलिस राजा की हत्या का हर पन्ना खोलने में जुटी हुई है, वहीं इंदौर में सोनम और राजा के परिवार सदमे में है. राजा रघुवंशी की मां अपनी बहू की करतूत से सदमे में है. बुधवार दोपहर सोनम के भाई  गोविंद सीधे राजा की मां से मिलने चले गए. इस दौरान माहौल में नमी घुल गई. रोती-बिलखती राजा की मां ने गोविंद को गले से लगा लिया. गोविंद भी बिलख-बिलखक रोने लगे. उन्होंने राजा की मां के पैर पकड़े लिए. मीडिया से बातचीत में गोविंद ने कहा कि उनके परिवार को राज कुशवाहा और सोनम के रिश्ते के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. सोनम को राज ‘दीदी’ कहकर बुलाता था. पिछले तीन सालों से सोनम राज कुशवाहा को राखी बांध रही थी.  सोनम के भाई गोविंद ने राजा के परिवार के साथ मीडिया के कई सवालों के जवाब दिए. सोनम के भाई ने कहा कि राजा मेरा बहुत प्रिय था. सोनम ने जो भी प्लानिंग की, मुझे मीडिया से पता चला. गोविंद ने कहा कि मैंने राजा की मां से माफी मांगी है. अगर सोनम है गुनहगार है तो उसे सजा मिलनी चाहिए. सोनम ने खुद को दोषी नहीं माना है. उससे कोई संपर्क नहीं हुआ है. हमने उससे सभी संबंध तोड़ लिए हैं…हम राजा (रघुवंशी) की ओर से लड़ेंगे. हम राजा के परिवार के लिए वकील से बात करेंगे. राजा रघुवंशी की मां ने क्या बताया?  राजा रघुवंशी की मां ने कहा कि गोविंद ने कहा कि सोनम को फांसी पर लटका देना चाहिए. उसे राजा के लिए दुख है, सोनम के लिए नहीं. गोविंद की कोई गलती नहीं है. मैंने गोविंद से पूछा कि क्या वह सोनम से मिला था. उसने कहा कि वह उससे तीन मिनट के लिए मिला था. मैंने उससे पूछा कि उसने उसे क्यों नहीं मारा? उसने कहा कि उसे मौका नहीं मिला क्योंकि वहां मीडिया और पुलिस थी.” सोनम ने ही राज कुशवाहा के साथ मिलकर रची थी! इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी 29 साल के राजा रघुवंशी ने 11 मई 2025 को धूमधाम से सोनम से शादी की थी. शादी के तुरंत बाद ही उसे मौत के घाट उतारने का प्लान तैयार हो चुका था. उसकी नई नवेली पत्नी सोनम ने ही राज कुशवाहा के साथ मिलकर रची थी. साजिश के तहत यह कपल शिलॉन्ग पहुंचा था. 21 मई को शिलॉन्ग पहुंचने के बाद इस कपल ने 22 मई को चेरापूंजी में जाकर एक होमस्टे लिया. कपल के साथ ही हत्याकांड में संलिप्त अन्य आरोपियों ने भी वहां पर होमस्टे लिया. लेकिन, इस बात की बिल्कुल भी भनक राजा रघुवंशी को नहीं थी. ‘ऑपरेशन हनीमून’ के जरिए जांच जारी मेघालय पुलिस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष ऑपरेशन चलाया, जिसका नाम ‘ऑपरेशन हनीमून’ रखा गया. पुलिस ने बताया कि यह मामला काफी जटिल था, इसलिए इसे एक ऑपरेशन के रूप में लिया गया. इस ऑपरेशन के तहत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ जारी है. 

सरकार ने बदले AC के नियम! अब नहीं मिलेगी 20°C से नीचे की बर्फीली हवा, जानिए Plan

नई दिल्ली भारत सरकार अब एयर कंडीशनर (AC) के उपयोग को लेकर एक नया नियम लागू करने जा रही है. केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐलान किया है कि अब देशभर में ACs के तापमान को एक तय सीमा में रखा जाएगा. इस नई योजना के तहत AC को 20 डिग्री सेल्सियस से कम ठंडा नहीं किया जा सकेगा, जबकि अधिकतम तापमान सीमा 28 डिग्री सेल्सियस रखी जाएगी. मनोहर लाल खट्टर ने बताया साहसिक कदम मंत्री ने इसे ऊर्जा दक्षता (energy efficiency) की दिशा में एक “साहसिक कदम” बताया है. उनका कहना है कि ये कदम AC के जरिए जरूरत से ज्यादा बिजली खपत को रोकने में मदद करेगा. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में जब बिजली की मांग तेजी से बढ़ती है, तब ऐसे छोटे बदलाव भी बड़े असर डाल सकते हैं. लक्ष्य है बिजली की बचत करना भारत में अक्सर देखा गया है कि घरों और दफ्तरों में AC का तापमान 18 डिग्री या उससे भी कम तक सेट कर दिया जाता है. इससे बिजली की खपत बहुत ज्यादा हो जाती है और बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ता है. अब सरकार चाहती है कि सभी यूजर्स के लिए एक समान नियम हो, जिससे बिजली की बचत की जा सके. क्यों जरूरी हुआ ये बदलाव? केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि जितना कम तापमान पर एसी चलता है, उतनी ही ज्यादा बिजली की खपत होती है. इससे न केवल ऊर्जा की बर्बादी होती है, बल्कि पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. इस कदम से क्लाइमेट चेंज से लड़ने और बिजली की बचत में मदद मिलेगी. जापान और इटली में पहले से लागू है ऐसा नियम प्रेस कॉन्फ्रेंस में खट्टर ने बताया कि दुनिया के कई देशों में यह प्रणाली पहले से लागू है. जापान में एसी का तापमान 26°C पर फिक्स किया गया है. इटली में यह सीमा 23°C है. भारत भी अब इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है ताकि 2030 और 2047 के विजन को पूरा किया जा सके. अभी कितने डिग्री पर चलते हैं एसी? वर्तमान में बाजार में उपलब्ध अधिकतर एसी 16°C तक के न्यूनतम तापमान पर चल सकते हैं. लेकिन सरकार के इस प्रस्ताव के बाद नई तकनीक वाले एसी में यह लिमिट पहले से फिक्स होगी. यानी उपभोक्ता चाहकर भी एसी को 20 डिग्री से कम या 28 डिग्री से अधिक पर सेट नहीं कर पाएंगे. यूजर्स पर क्या असर होगा? अगर यह नियम लागू होता है, तो बाजार में मौजूद ऐसे AC जिनका तापमान 16°C या 18°C तक जाता है, वे अब 20°C से कम पर कूल नहीं करेंगे और अधिकतम तापमान 28°C तक सीमित रहेगा. इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि लंबे समय में उपभोक्ताओं को बिजली के बिल में राहत भी मिलेगी. जनता से राय मांगी गई सरकार ने इस फैसले से पहले mygov.in पोर्टल पर एक पब्लिक सर्वे भी शुरू किया है, जिसमें लोगों से पूछा गया है कि उनके लिए सबसे उपयुक्त AC का तापमान क्या है. यह सर्वे 25 मार्च 2025 तक खुला रहेगा, और इसका उद्देश्य जनता की आदतों और कूलिंग की जरूरतों को समझना है. बिजली बचत में कितना असर पड़ेगा? ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के अनुसार, AC का तापमान बढ़ाकर बिजली की खपत को काफी हद तक कम किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर, यदि AC को 20°C से 24°C पर सेट किया जाए, तो करीब 24% तक बिजली की बचत होती है. हर 1 डिग्री तापमान बढ़ाने पर लगभग 6% बिजली की बचत होती है. अगर भारत के 50% AC उपयोगकर्ता यह आदत अपना लें, तो 10 अरब यूनिट बिजली सालाना बचाई जा सकती है, करीब ₹5,000 करोड़ की बचत हो सकती है और 8.2 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन भी घटाया जा सकता है. यह न सिर्फ पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी जरूरी कदम है. 

मंत्री शाह ने बताया है कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिये वचनबद्ध है

भोपाल जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने बताया है कि मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के लोगों के उत्थान के लिये वचनबद्ध है। प्रदेश की प्रमुख पिछड़ी जनजाति में कोल जनजाति तीसरी प्रमुख पिछड़ी जनजाति है। उन्होंने कहा कि कोल जनजाति स्वतत्रंता आंदोलन में गौरवमयी संघर्ष की याद दिलाती है। संघर्षमयी इतिहास, उनकी शैली और संस्कृति स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान के लिये जानी जाती है। मध्यप्रदेश में 10 लाख से भी ज्यादा कोल जनजाति के लोग निवासरत है। रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, कटनी, नरसिंहपुर, जबलपुर और डिण्डौरी में मुख्यत: निवासरत है। बढ़ी आबादी कोल जनजाति केवल मध्यप्रदेश ही नहीं देश के उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्य में भी निवास करती है। यह खरवार समूह की एक प्राचीन जनजाति है। ये स्वयं को शबरी माता का वंशज मानते है। कोल शब्द कुल से निकला है, जो समस्त का रूप है। ग्रामीण सांस्कृति की धड़कन है वाद्ययंत्र मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि कोल जनजाति का मुख्य जीविकोपार्जन वनोपज संग्रहण, कृषि और मजदूरी पर आधारित है। प्रकृति की पूजा करने वाली यह जनजाति जंगल, नदियों और पहाड़ों से गहरा नाता रखती है। कोल समाज के पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और वाद्ययंत्र आज भी ग्रामीण संस्कृति की धड़कन है। सरकार और समाज मिलकर कोल जनजाति के उत्थान और सम्मान के लिये कार्य कर रहे है। सरकार द्वारा जनजातियों के विकास के लिये संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने से और औद्योगिकरण के विकास से कोल जनजाति भी विकास की और अग्रसर है। शिक्षा और रोजगार पर शासन का फोकस मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जनजाति वर्ग के चहुँमुखी उत्थान के लिये राज्य और केन्द्र सरकार के द्वारा छात्र-छात्राओं के विकास के लिये किये जा रहे समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि कोल जनजाति के छात्र-छात्राएँ आज उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे है। राज्य शासन द्वारा म.प्र. प्रदेश लोक सेवा आयोग तथा संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं साक्षात्कार में सफल होने पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों पर सफल होने वाले अभ्यर्थियों को देय राशि प्रारम्भिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 40 हजार मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 60 हजार एवं साक्षात्कार उपरांत सफल होने पर 50 हजार की राशि प्रदान की जाती है। इसमें प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने की पात्रता के लिए आय सीमा का बंधन नहीं है। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा में विभिन्न स्तरों पर सफल होने वाले जनजातीय वर्ग के सफल अभ्यार्थी जिनके माता-पिता / अभिभावक की वार्षिक आय रुपये 8 लाख से अधिक न हो को प्रारंभिक परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 20 हजार मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होने पर 30 हजार साक्षात्कार उपरांत सफल होने पर 25 हजार की राशि प्रदान की जाती है। दूसरी बार सफलता प्राप्त करने पर अभ्यर्थी को उपरोक्त उल्लेखित राशि की 50 प्रतिशत राशि एवं तीसरी बार योजना का लाभ प्रदान नहीं किया जाता। अंगेजी हुकुमत के विरूद्ध हुआ कोल विद्रोह मंत्री डॉ. विजय शाह ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम में कोल समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कोल जनजाति ने अंग्रेजी हुकुमत के अन्याय के विरूद्ध 1831 में अंग्रेजों से लोहा लिया, जिसे कोल विद्रोह के रूप में याद किया जाता है। बुधू भगत और मदारा महतो के नेतृत्व में कोल विद्रोह असमानता, शोषण और अत्याचार के विरूद्ध अन्य जनजातियों के लिये प्रेरणा का स्त्रोत बना। कोल विद्रोह से प्रभावित होकर इसका अनुसरण करते हुए अन्य कई जनजातियों ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।  

राज्यपाल ने कहा वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति के साथ रोग उन्मूलन की प्रतिबद्धता जरूरी

लक्ष्य को समय सीमा से पहले पूरा करने का भाव जरूरी : राज्यपाल मंगुभाई पटेल सिकल सेल मिशन के कार्य मानवता की सेवा का माध्यम : राज्यपाल राज्यपाल ने कहा वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति के साथ रोग उन्मूलन की प्रतिबद्धता जरूरी राजभवन में सिकल सेल समीक्षा बैठक हुई भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वर्ष 2047 तक सिकल सेल उन्मूलन के लिए संवेदनशीलता, सहानुभूति के साथ रोग उन्मूलन की प्रतिबद्धता जरूरी है। कार्य का भाव लक्ष्य को समय सीमा से पूर्व पूरा करने का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिकल सेल मिशन के कार्य मानवता की सेवा के माध्यम है। ईश्वरीय कृपा के भागी होने का यह बड़ा अवसर है। राज्यपाल पटेल राजभवन में सिकल सेल मिशन के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल, आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित थे। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के द्वारा सिकल सेल उपचार, प्रबंधन और नियंत्रण प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उनको बताया गया कि मिशन के अंतर्गत 19 जून से 3 जुलाई तक समस्त ग्राम पंचायतों, एकलव्य आवासीय स्कूलों एवं छात्रावासों में मेगा शिविर आयोजित होंगे। अधिक से अधिक स्क्रीनिंग जांच की जाएगी। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से लेकर जिला चिकित्सालयों में पीओसी किट  के द्वारा स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रतिदिन स्क्रीनिंग जांच का डेटा पोर्टल में दर्ज होगा। जेनेटिक काउंसलिंग की जाएगी। जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड प्रदान किए जाएंगे। ब्लॉक स्तर एवं जिला स्तर पर चिह्नित सिकल सेल रोगियों के लिए शिविर लगेंगे। उन्हें विशेषज्ञों की परामर्श सेवायें उपलब्ध कराई जाएगी। सिकल सेल रोगियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं यू.डी.आई.डी. कार्ड प्रदान कर पेंशन की सुविधा प्रदान की जाएगी। आयुष विभाग द्वारा बताया गया कि विश्व सिकल सेल दिवस के तारतम्य में जनजातीय बहुल 20 जिलों में संचालित 78 आयुष औषधालयों में शिविर का आयोजन किया जाएगा। सिकल सेल उपचार में सहायक आयुर्वेद दवाओं की किट का वितरण होगा। रोग उपचार में सहायक स्थानीय वनस्पति के संरक्षण, संवर्धन के प्रति जन जागरूकता के कार्य होंगे। सिकल सेल एनीमिया प्रभावित प्रत्येक ग्राम में जनजागृति के लिए प्रभात फेरी, योगाभ्यास, ग्राम-सभा आदि के आयोजन किए जाएंगे। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव, सचिव जनजातीय प्रकोष्ठ श्रीमती जमुना भिड़े, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सुसलोनी सिडाना, आयुक्त आयुष संजय मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

देशभर में कोरोना की बढ़ रही रफ्तार, अबतक 74 मौत…इस नए वेरिएंट की हुई एंट्री

नई दिल्ली  देश में एक बार फिर कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंगलवार को कर्नाटक में कोरोना से 3 मौतों के बाद देश में कुल मृतकों की संख्या 71 हो गई है। इसी के साथ एक्टिव मरीजों की संख्या 7121 पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में 306 नए मामले और 6 लोगों की मौत हुई है। इनमें कर्नाटक के दो, केरल और दिल्ली में 1 मरीज ने संक्रमण के कारण अपनी जान गंवाई है। महाराष्ट्र में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें कोरोना से अब तक महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 19 मौतें हुई हैं। इसके बाद केरल में 19, दिल्ली में 8 और कर्नाटक में 11 लोगों ने कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान गंवाई है।  इसके साथ ही गुजरात में 114 और कर्नाटक में 100 नए मामले सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार, देश में बीते 10 दिन में 3000 से ज्यादा कोरोना के मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, इस दौरान 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। केरल में कोरोना के सर्वाधिक मामले देश में कोरोना वायरस से केरल के हालात सबसे ज्यादा नाजुक बने हुए हैं। केरल में एक्टिव मरीजों की संख्या 2941 से ज्यादा हो चुकी है। राज्य में बढ़ते मामलों के बीच सरकार और स्वास्थ्य विभाग एक्टिव हो चुका है। मीडिया को संबोधित करते हुए केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोरोना का नया वैरिएंट बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक है। स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से मास्क का इस्तेमाल और सैनिटाइजर का उपयोग करने की अपील की है। कोरोना के खिलाफ युद्ध स्तर पर तैयारी चालू देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए एक बार फिर इससे बचाव के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। विभिन्न राज्यों में कोरोना के मरीजों के लिए आइसोलेशन वॉर्ड का निर्माण किया जा रहा है। ऑक्सीजन और अन्य दवाओं की पूर्ति के लिए अस्पताल और प्रशासन तैयारी कर रहा है। PM से मिलने के पहले कराना होगा RT-PCR टेस्ट कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा आदेश जारी किया गया है कि मंत्रियों और अन्य अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने से पहले अपना आरटी-पीसीआर टेस्ट कराना होगा। टेस्ट कराने के बाद ही मंत्री प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पाएंगे। आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद ही अधिकारी और मंत्री पीएम मोदी से मुलाकात कर पाएंगे। क्या है RT-PCR टेस्ट? जानकारी के लिए बता दें कि रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पॉलीमरेज चेन रिएक्शन (RT-PCR) टेस्ट कोरोना का का पता लगाने के लिए किया जाता है। इस टेस्ट के जरिए कोरोना संक्रमण के आनुवंशिक पदार्थ (RNA) का पता लगाने के लिए नाक-गले से स्वाब नमूने लेते हैं। आरटी-पीसीआर टेस्ट के जरिए 4 स 5 घंटों के भीतर ही इस बात की जानकारी मिल जाती है कि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या नहीं। कोरोना के 4 नए वैरिएंट का डर भारत में वर्तमान में कोरोना वायरस के 4 नए वैरिएंट देखें जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में कोविड-19 के ओमिक्रोन की सब‑वैकिएंट XFG, LF.7, JN.1, NB.1.8.1 के मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना के इन नए वैरिएंट के सामान्य लक्षणों में बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, थकान शामिल हैं । कोरोना से बचाव के उपाय कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को मद्देनजर रखते हुए एक बार फिर इससे बचाव के लिए उपायों को अपनाना जरूरी है। आइए जानते हैं इसके बारे में।     भीड़भाड़ वाले क्षेत्र जैसे बाजार और मॉल में जाने से बचें।     सार्वजनिक स्थान और वाहन का इस्तेमाल करते समय मास्क लगाएं।     बार-बार साबुन और पानी से हाथ धोए।     अगर आपके पास पानी मौजूद नहीं है तो सैनेटाइजर का उपयोग करें।     खांसी और छींकते समय नैपकिन या कोहनी मुंह के पास रखें। अगर आपको स्वयं या अपने परिवार के किसी सदस्य में कोरोना के लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाएं। टेस्ट का रिजल्ट पॉजिटिव आने पर डॉक्टर से सलाह लें।

मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को सौगात देने जा रही मोहन यादव सरकार, पदोन्नति में आरक्षण का नियम जल्द होगा लागू

भोपाल  पिछले 9 सालों से पदोन्नति का रास्ता देख रहे मध्य प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य सरकार जल्द ही बड़ी राहत देने जा रही है. प्रदेश सरकार पदोन्नति में आरक्षण का नियम जल्द ही लागू करने की तैयारी करने जा रही है. इसके प्रारूप को देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सभी मंत्रियों ने इसमें अपनी सहमति दे दी है. नए प्रारूप में तय किया गया है कि पहले जिनकी पदोन्नति हो चुकी है, उन्हें न तो रिवर्ट किया जाएगा और न ही रिटायर्ड हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा. पदोन्नति में आरक्षण के लाभ के लिए सबसे पहले एससी के 16 फीसदी और एसटी के 20 फीसदी पद भरे जाएंगे. इसके बाद बाकी वर्गों को इसका फायदा मिलेगा. माना जा रहा है कि जून माह के अंतिम सप्ताह में इस प्रारूप पर कैबिनेट अपनी मुहर लगा देगी. 9 साल से देख रहे पदोन्नति की राह मध्य प्रदेश में पदोन्नति का मामला पिछले 9 सालों से उलझा हुआ है. इन 9 सालों के दौरान हजारों कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर्ड हो गए और बड़ी संख्या में कर्मचारी पदोन्नति का रास्ता देख रहे हैं, लेकिन अब इसका रास्ता खुलने जा रहा है. राज्य सरकार ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है. इस प्रारूप को दो बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी देख चुके हैं. मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट में सभी मंत्रियों के साथ इसका प्रजेंटेशन दिया. अब माना जा रहा है कि अगली कैबिनेट में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाया जा सकता है. इस तरह मिलेगा पदोन्नति का आरक्षण का लाभ     प्रारूप में तय किया गया है कि पदोन्नति में आरक्षण का सबसे पहले जनजातीय वर्ग को लाभ दिया जाएगा. इसमें जनजातीय वर्ग के खाली पदों को भरा जाएगा. इसके बाद अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों को इसका लाभ दिया जाएगा. यदि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षिण पद पर कोई पात्र व्यक्ति नहीं मिलता तो दूसरे वर्ग के कर्मचारी को इसका लाभ नहीं दिया जाएगा. यह पद खाली रखे जाएंगे.     पदोन्नति के लिए जितने भी पद खाली होंगे, उससे दो गुना के साथ 4 अतिरिक्त नाम बुलाए जाएंगे. इस तरह यदि 10 पद खाली हैं तो उसके लिए 20 और 4 अतिरिक्त यानी 24 लोग बुलाए जाएंगे.     पदोन्नति के लिए हर साल सितंबर से लेकर नवंबर के बीच डीपीसी की जाएगी. इसके अलावा 31 दिसंबर को रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों की पात्रता का निर्धारण किया जाएगा. हर साल 1 जनवरी को रिक्त होने वाले पदों पर पात्र लोगों को प्रमोशन का लाभ मिलता जाएगा.     पदोन्नति के लिए दो तरह की लिस्ट तैयार होंगी. इसमें क्लास वन अधिकारियों को पदोन्नति का आधार मैरिट कम सीनियेरिटी को बनाया जाएगा. वहीं क्लास 2 के लिए नीचे के पदों के लिए सीनियेरिटी कम मैरिट के आधार पर लिस्ट तैयार की जाएगी. इससे सभी वर्गों को फायदा पहुंचेगा. प्रक्रिया दो आधारों पर होगी निर्धारित क्लास-1 अधिकारियों की पदोन्नति के लिए “मेरिट कम सीनियरिटी” का फार्मूला लागू होगा। क्लास-2 व उससे नीचे के पदों के लिए “सीनियरिटी कम मेरिट” का आधार अपनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह संतुलित व्यवस्था आरक्षित और अनारक्षित दोनों वर्गों के हितों का ध्यान रखेगी। सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी की पदावनति (रिवर्ट) नहीं की जाएगी और पूर्व में सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। नई व्यवस्था उस दिन से लागू मानी जाएगी जिस दिन इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी होगा। पात्रता की अंतिम तिथि 31 दिसंबर सरकार ने निर्णय लिया है कि पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल सितंबर से नवंबर के बीच संपन्न होगी। पात्रता का निर्धारण 31 दिसंबर तक किया जाएगा और 1 जनवरी से पद रिक्तियों के अनुसार योग्य अधिकारियों को पदोन्नति दी जाएगी। पदोन्नति की रिक्तियों की संख्या के दोगुना दावेदारों के साथ चार अतिरिक्त अभ्यर्थियों को सूची में शामिल किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि 6 पद रिक्त हैं, तो 12 (दोगुना) + 4 अतिरिक्त = कुल 16 लोगों को प्रमोशन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। पिछले कई वर्षों से प्रमोशन पर लगी रोक के कारण लगभग एक लाख कर्मचारी सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सरकार अब इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति देने की दिशा में कार्य कर रही है। 

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet