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सरकार अब छोटे निवेशकों के साथी किसानों को भी बिजली उत्पादन का अवसर मुहैया कराने जा रही

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार अब छोटे निवेशकों के साथी किसानों को भी बिजली उत्पादन का अवसर मुहैया कराने जा रही है। छोटे निवेशकों के साथ किसान सौर ऊर्जा अभियान में “सूर्य मित्र कृषक फीडर योजना” में निवेश करके बेहतर लाभ अर्जित कर सकते हैं। इस योजना का लाभ लेकर किसान सौर ऊर्जा के माध्यम से “बिजली उत्पादक” बन सकते है। मंत्री श्री शुक्ला ने रविवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि “सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना” से प्रदेश के छोटे निवेशकों के साथ किसान भी लाभान्वित होंगे। मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि योजना में विद्युत सब स्टेशन की 100% क्षमता तक की सौर परियोजनाओं को स्थापित करने का सरकार ने निर्णय लिया है। इस योजना से वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे। शासन के साथ 25 वर्षों तक का विद्युत क्रय अनुबंध किया जाएगा। मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि योजना से किसानों को दिन में भी सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण में भी योजना कारगर साबित होगी। अपर मुख्य सचिव, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने योजना के संबंध में विस्तार से पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश के छोटे निवेशकों और किसानों को इससे होने वाले लाभों के बारे में अवगत कराया। पत्रकार वार्ता में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के एमडी श्री अमनवीर सिंह बैंस भी उपस्थित रहे। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना में ग्रिड से जुड़े हुए कृषि पम्पों को सौर ऊर्जा से बिजली देने के लिए फीडर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के विस्तार का शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। यहाँ पर सिंचाई सुविधाओं के लिए लगभग 8000 पृथक कृषि फीडर्स स्थापित किये गए हैं, जिन पर लगभग 35 लाख कृषि पम्प हैं। इन पृथक कृषि फीडर्स एवं मिश्रित फीडर्स भी जिन पर कृषि पम्प हैं को शीघ्र सौर ऊर्जा से बिजली देने के लिए फीडर पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना की जाएगी। इन परियोजनाओं के मुख्य उद्धेश्य सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना का उद्देश्य कृषि लोड का दिन में प्रबंध कर किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराना है। इससे किसानों की जीवन शैली को व्यवस्थित किया जा सकेगा। योजना से सीधे 11 किलो वोल्ट साईड पर बिजली देने से सब- स्टेशन के सभी फीडरों को दिन में एक साथ बिजली दी जा सकेगी। इस व्यवस्था के लिए विद्युत सबस्टेशन के सुधार / नए ट्रांसफार्मर पर होने वाले तात्कालिक खर्चे कम हो सकेंगे। योजना से म.प्र.पॉवर मेनेज़मेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध करवाना है ताकि कृषि क्षेत्र में विद्युत सब्सिडी का भार कम हो सके। साथ ही सीधे विद्युत खपत स्थल पर ऊर्जा प्रदाय कर पारेषण हानि को कम करना, 33/11 किलोवोल्ट विद्युत वितरण उप- केन्द्रों पर स्थापित पावर ट्रांसफार्मर पर ओवर- लोडिंग. लो-वोल्टेज एवं पावर कट की समस्या कम करना , रिएक्टिव पॉवर के उपयोग से ग्रिड स्टेबिलिटी का प्रबंधन किया जा सकेगा। “सूर्य-मित्र कृषि फीडर”- क्रियान्वयन के मुख्य बिंदु – योजना के अंतर्गत विद्युत् सब-स्टेशंस की 100 प्रतिशत क्षमता तक की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत् क्रय अनुबंध किया जाएगा। वर्तमान में 1900 से अधिक सब-स्टेशंस पर 14500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन हेतु उपलब्ध हैं।परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत ब्याज में छूट का प्रावधान है। परियोजनाओं की स्थापना उचित ढंग से हो सके, परियोजनाओं को सरलता से ऋण प्राप्त हो सके, स्थापना के बाद परियोजनाएं बेहतर से ढंग से संचालित हों ताकि अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके इसके लिये शासन ने बैंकों, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ एमओयू किये हैं। विगत 4 से 8 जून के दौरान जीआईज़ेड के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया जिसमे 100 से अधिक विकासकों एवं संयंत्र स्थापना कर्ता ईकाईयों ने भाग लिया। उपलब्धि एवं वर्तमान निविदा प्रदेश में अद्यतन 80 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे 16000 से अधिक कृषि पम्पों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जा चुका है। 240 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं के विद्युत क्रय अनुबंध होकर स्थापनाधीन हैं एवं 200 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं प्रक्रियाधीन हैं। इस प्रकार इन 520 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं की स्थापना से एक लाख से अधिक कृषि पम्पों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जा सकेगा। पीएम कुसुम योजनान्तर्गत 3.45 लाख पम्पस का लक्ष्य प्राप्त है। शेष 2.45 लाख पम्प के सोलाराईज़ेशन सहित “सूर्य-मित्र कृषि फीडर” के अतर्गत परियोजनाओं के विकासकों के चयन हेतु म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा निविदा जारी की गयी है। इसमें पीएम् कुसुम योजनान्तर्गत 1200 मेगावाट क्षमता तक की सौर परियोजनाओं को अनुदान प्राप्त करने का विकल्प होगा। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सूर्य मित्र कृषक फीडर योजना समिट 10 जून को परियोजना के विकासकों एवं अन्य स्टेकहोल्डर्स को निगम द्वारा इस निविदा, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी जानकारी देने की दृष्टि से सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट आगामी 10 जून को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशनल हाल में आयोजित होग

‘संकल्प से सिद्धि तक’ अभियान: केंद्र की मोदी सरकार की 11 वर्षों की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाएंगे

भोपाल  भारतीय जनता पार्टी आज से देशभर में ‘संकल्प से सिद्धि तक’ नामक एक व्यापक जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करने जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य केंद्र की मोदी सरकार के 11 वर्षों की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना और कांग्रेस शासन की विफलताओं को उजागर करना है।   भारतीय जनता पार्टी आज से ‘संकल्प से सिद्धि तक’ नामक विशेष जनसंपर्क अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से पार्टी के नेता और कार्यकर्ता देशभर में जाकर केंद्र की मोदी सरकार की 11 वर्षों की उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाएंगे। साथ ही, कांग्रेस शासन के दौरान हुई विफलताओं की भी जानकारी घर-घर दी जाएगी। इस अभियान के दौरान भाजपा मोर्चा और प्रकोष्ठों को विशेष जिम्मेदारी दी गई है ताकि सरकार की योजनाएं और नीतियां समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें। पार्टी स्तर पर रणनीति तय की गई है कि 10 और 11 जून को जिला स्तर पर प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें मीडिया के माध्यम से लोगों तक सरकार की उपलब्धियों का संदेश जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक मंडल में ‘भारत संकल्प सभा’ का आयोजन किया जाएगा। 15 से 20 जून के बीच अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी के तहत मंडल स्तर पर योग शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे लोगों में स्वास्थ्य और योग के प्रति जागरूकता बढ़े। भाजपा इस अभियान को वैचारिक दृष्टिकोण से भी मजबूती देना चाहती है। 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और 6 जुलाई को उनकी जयंती का आयोजन कर पार्टी अपने वैचारिक स्तंभों को जन-जन तक ले जाएगी। वहीं, 25 जून को आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़े सेनानियों का सम्मान भी किया जाएगा। इस अभियान को व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए पार्टी ने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों की जिम्मेदारी संभाग और जिला स्तर पर तय की है। भाजपा का लक्ष्य है कि जनता तक सरकार के कार्यों की सीधी जानकारी पहुंचे और 2024 लोकसभा चुनाव के बाद अब पार्टी 2029 की तैयारी के लिए फिर से जनविश्वास मजबूत करे। 

सुरक्षाबल के जवानों से मुलाकात करने इसी माह छत्तीसगढ़ आ सकते है केंद्रीय गृह मंत्री शाह

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जून माह के अंतिम दिनों में छत्तीसगढ़ के दौरे पर आएंगे. अपने प्रवास के दौरान अमित शाह नक्सल ऑपरेशन में शामिल जवानों से मुलाकात करेंगे. नक्सल मोर्चे पर सुरक्षाबलों को मिली कामयाबी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा होने जा रही है. नक्सल मोर्चे पर मिली कामयाबी के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने अधिकारियों का दिल्ली में सम्मान किया था. अब छत्तीसगढ़ में आकर सुरक्षाबल के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाएंगे.

कूनो राष्ट्रीय उद्यान में फारेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल, भारत में 26 चीते जन्मे, वर्तमान में हैं 19 शावक, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर की जाएगी ब्रांडिंग

भोपाल मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित चीतों का घर पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में कूनो फारेस्ट रिट्रीट फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन वन विभाग एवं पर्यटन विभाग मिलकर करवाया जाएगा। 17 सितंबर 2025 को चीता परियोजना को तीन साल पूरे हो जाएंगे, इसी उपलक्ष्य में आयोजन की तैयारी की जा रही है।  बता दें कि यह आयोजन सितंबर में होगा। इसको लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष के एक प्रस्तुतीकरण दिया जा चुका है। इसे निवेश की दृष्टि से भी देखा जा रहा है, क्योंकि इस फारेस्ट फेस्टिवल में पर्यटन क्षेत्र में निवेश करने वाले देश विदेश के निवेशकों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसकी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग भी की जाएगी।   पर्यटकों के लिए बन रहा जंगल लॉज इसके साथ ही, कूनो नेशनल पार्क में तीन करोड़ रुपये की लागत से ईको पर्यटन केंद्र बनाया जा रहा है। कूनो के ससइपुरा में बैंगलुरु की तर्ज पर जंगल लॉज बनाया जा रहा है। इसमें 8 कक्ष बनाए जा रहे है, हर कक्ष में आरामदायक सुविधा उपलब्ध होगी। पर्यटन की दृष्टि से इसे इस तरह से बनाया जा रहा है कि यहां ठहरने वाले पर्यटक को प्रकृति की करीब से अनुभूति हो सकें। चीतों के नए घर गांधी सागर में भी पर्यटकों के लिए ईको पर्यटन गंतव्य स्थल बनाया जाएगा। यह स्थल भी कूनो में बनाए जा रहे जंगल कॉटेज की तरह ही होगा। चीतों के लिए एक बेहतर ब्रीडिंग सेंटर बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने जन्म दिवस पर 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए 8 चीतों को कूनो में छोड़ा था। इसके बाद 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत लाए गए। भारत में अब तक 26 चीता शावकों का जन्म हो चुका है। 7 शावकों की मौत से अब 19 चीता शावक कूनो में है। वहीं 8 चीतों की मौत होने से 12 चीते है। लगातार चीतों की बढ़ती संख्या से तय हो गया है कि कूनो नेशनल पार्क चीतों का एक बेहतर ब्रीडिंग सेंटर का रूप ले चुका है। वर्तमान में छह चीता और 11 शावक खुले जंगल में घूम रहे हैं। बाकी को बाड़ों में रखा गया है। अब कूनो को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है।

जबलपुर से रायपुर के बीच एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन रोजाना संचालित की जाएगी, इंटरसिटी में होंगे 15 कोच

रायपुर रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! जबलपुर स्थित मदन महल स्टेशन से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बीच एक नई इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन रोजाना संचालित की जाएगी। रेलवे ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। बता दें कि यह नई इंटरसिटी ट्रेन मदन महल से सुबह 6:10 बजे रवाना होगी और बालाघाट व गोंदिया होते हुए दोपहर 1:50 बजे रायपुर स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन रायपुर से दोपहर 2:45 बजे चलकर रात 10:30 बजे मदन महल पहुंचेगी। इस इंटरसिटी एक्सप्रेस से मदन महल और रायपुर के बीच का सफर महज 6 घंटे 40 मिनट में पूरा होगा। वर्तमान में, रायपुर से जबलपुर के बीच केवल अमरकंटक एक्सप्रेस संचालित होती है, जिसे यह दूरी तय करने में लगभग 9 घंटे लगते हैं। एक ही ट्रेन होने के कारण अमरकंटक एक्सप्रेस में अक्सर लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है, जिससे यात्रियों को कंफर्म सीट मिलने में परेशानी होती है। नई इंटरसिटी के शुरू होने से यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने में सुविधा होगी और उनके यात्रा समय में 2 घंटे 20 मिनट की बचत होगी।   इंटरसिटी में होंगे 15 कोच नई मदन महल-रायपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में यात्रियों की सुविधा के लिए एक वातानुकूलित कुर्सी यान, 4 आरक्षित द्वितीय श्रेणी यान, 8 द्वितीय साधारण जनरल कोच, 1 एसएलआर, और 1 जनरेटर कोच सहित कुल 15 एलएचबी कोच होंगे। फिलहाल, अमरकंटक एक्सप्रेस में टिकटों की भारी मारामारी देखी जा रही है। 16 जून तक स्लीपर क्लास में और 14 जून तक एसी थ्री टायर में औसतन 50 के करीब वेटिंग चल रही है। जबलपुर से रायपुर आने वाली अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में 16 जून तक और एसी थ्री टायर में 15 जून तक वेटिंग है। नई इंटरसिटी ट्रेन के चलने से यह दबाव कम होने और यात्रियों को आसानी से टिकट मिल पाने की उम्मीद है।

साची से अब 15 दिन के लिए धातु कलश को धार्मिक विधि-विधान से किया जाएगा विदा, जायेगा चंगेज खान के देश मंगोलिया

भोपाल विश्व धरोहर सांची स्थित चेतियागिरि विहार से गौतम बुद्ध के परम शिष्यों सारिपुत्र और महामोग्गलायन के पवित्र अस्थि कलश (धातु कलश) को अब 15 दिन के लिए मंगोलिया भेजा जाएगा। यह कदम भारत सरकार के सांस्कृतिक मिशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बौद्ध धर्म से जुड़े देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना है। यह 73 वर्षों में दूसरी बार होगा जब ये कलश सांची से बाहर ले जाए जाएंगे।   मंगोलिया में होता है तिब्बती बौद्ध परंपरा का पालन ध्यान देने वाली बात यह है कि मंगोलिया, जो कभी चंगेज खान के साम्राज्य का केंद्र रहा था, आज तिब्बती बौद्ध परंपरा का पालन करता है। ऐसे में इन पवित्र अवशेषों का वहां पहुंचना बौद्ध श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। मिशन की तैयारियां विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के समन्वय में चल रही हैं। संस्कृति मंत्रालय ने मध्य प्रदेश सरकार से इस योजना को लागू करने में सहयोग मांगा है। रायसेन जिला प्रशासन को इस कार्य का जिम्मा सौंपा गया है। प्रशासन ने सांची स्थित महाबोधि सोसायटी से विधिवत अनुमति ली है। कलश को धार्मिक विधि-विधान से किया जाएगा विदा महाबोधि सोसायटी ऑफ सांची के भिक्षु इंचार्ज स्वामी विमल तिस्स थेरो ने बताया कि उन्होंने धातु कलश को मंगोलिया भेजने की सहमति दे दी है। जिला प्रशासन के अनुसार, जैसे ही संस्कृति विभाग अंतिम यात्रा की व्यवस्था कर लेगा, कलश को पूरे धार्मिक विधि-विधान से विदा किया जाएगा। यात्रा के दौरान सांची से कुछ भिक्षु भी साथ जाएंगे, ताकि प्रतिदिन पूजन और परंपरा अनुसार सम्मान बना रहे। क्या है इन धातु कलश का इतिहास और महत्व? इन पवित्र अवशेषों की खोज 1851 में जनरल कनिंघम ने सांची स्तूप नंबर 3 की खुदाई के दौरान की थी। आजादी से पहले ये अवशेष ब्रिटेन में रहे, लेकिन 30 नवंबर 1952 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की उपस्थिति में इन्हें चेतियागिरि विहार में स्थापित किया गया। पिछले वर्ष 28 दिन के लिए भेजा था थाइलैंड पिछले साल थाइलैंड सरकार के आग्रह पर 28 दिन के लिए पवित्र अस्थि कलश को वहां भेजा गया था। थाइलैंड के बौद्ध प्रतिनिधिमंडल ने इन्हें दिल्ली में प्राप्त किया था। थाइलैंड में चार स्थानों पर भव्य कार्यक्रम हुए, जहां लाखों की संख्या में बौद्ध अनुयायियों ने इनके दर्शन किए थे। क्यों महत्वपूर्ण हैं ये धातु कलश? बौद्ध परंपरा में सारिपुत्र और महामोग्गलायन को भगवान बुद्ध के दाएं और बाएं स्थान पर बैठने का गौरव प्राप्त है। इन्हें धम्म और अभिधम्म का सर्वोच्च ज्ञाता माना जाता है। बुद्ध के जीवनकाल में ही उनका परिनिर्वाण हो गया था। इसलिए उनके पवित्र अवशेषों का धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्व है।

ग्वालियर में MPL का 12 जून से होगा आगाज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 50 रुपये में देख सकेंगे मैच

भोपाल क्रिकेट लवर्स के लिए एक अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश लीग (एमपीएल) के दूसरे सीजन के टिकट इस बार मात्र 50 रुपये में उपलब्ध होंगे। दर्शकों की बढ़ती दिलचस्पी और भीड़ को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से ग्वालियर डिविजनल क्रिकेट एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है। इस बार सभी टिकट पूरी तरह डिजिटल होंगे और जोमैटो ऐप के जरिए खरीदे जा सकेंगे। ग्वालियर डिविजनल क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजय आहूजा ने जानकारी दी कि टिकट ईस्ट और वेस्ट गैलरी के लिए उपलब्ध होंगे और दर्शकों को मैदान में प्रवेश केवल अपने मोबाइल पर मिले क्यूआर कोड को स्कैन करके मिलेगा। हर मैच का टिकट अलग होगा और प्रतिदिन के लिए नया टिकट लेना अनिवार्य होगा।  सुरक्षा के कड़े इंतजाम गौरतलब है कि पिछले साल के फाइनल मुकाबले में गेट नंबर 3 और 4 पर अव्यवस्था और आगजनी जैसी घटनाएं सामने आई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार ऑर्गेनाइजेशन ने सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था को लेकर खास योजना बनाई है। मैदान में किसी भी अव्यवस्था से बचने के लिए एक सीमित संख्या में ही टिकट जारी किए जाएंगे।    12 जून से लीग का आगाज श्रीमंत माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम, ग्वालियर में एमपीएल सीजन-2 की शुरुआत 12 जून को ग्वालियर चीताज और चंबल घड़ियाल के बीच होने वाले मुकाबले से होगी। कुल 13 दिनों तक चलने वाली इस लीग में इस बार महिला क्रिकेट लीग की भी शुरुआत की जा रही है, जिसमें चंबल घड़ियाल, बुंदेलखंड बुल्स और भोपाल वाल्बस की टीमें भाग लेंगी। इस पूरे आयोजन में नईदुनिया मीडिया पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।   तैयारियों में जुटे खिलाड़ी एमपीएल सीजन-2 में प्रदेश की छिपी हुई प्रतिभाओं को मंच देने का अवसर मिलेगा। गत चैंपियन जबलपुर रॉयल लायंस और ग्वालियर चीताज की टीमें पहले ही ग्वालियर पहुंच चुकी हैं और कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में जमकर अभ्यास कर रही हैं। शनिवार को जबलपुर की टीम ने सुबह से दोपहर तक मैच सिमुलेशन ड्रिल्स में भाग लिया, जबकि दोपहर के बाद ग्वालियर की टीम ने नेट प्रैक्टिस और कैचिंग सेशन किया। गर्मी और तेज धूप के बावजूद खिलाड़ियों का उत्साह देखने लायक है। अभ्यास सत्रों में स्थानीय और युवा खिलाड़ी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं, जबकि फ्रेंचाइजी के स्टार खिलाड़ी जल्द ही टीम से जुड़ेंगे। एमपीएल-2 का आयोजन 12 जून से 24 जून 2025 तक किया जाएगा। इस दौरान क्रिकेट प्रेमियों को रोमांचक मुकाबले और उभरते सितारे देखने का अवसर मिलेगा।

शुभांशु द्वारा संचालित प्रतिष्ठित एक्सिओम-4 मिशन अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरेगा

नई दिल्ली भारत एक बार फिर अंतरिक्ष में परचम फहराने के लिए तैयार है। इस बार भारतीय गौरव के वाहक बनेंगे शुभांशु शुक्ला। शुभांशु द्वारा संचालित प्रतिष्ठित एक्सिओम-4 मिशन 10 जून मंगलवार की सुबह अमेरिका से अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए उड़ान भरेगा। यह मिशन भारतीय समयानुसार सुबह 6 बजकर 12 मिनट पर होगा। एक्स-4 चालक दल नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर में एलसी-39ए से स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना होगा। चार देश, एक मिशन यह अमेरिका, भारत, पोलैंड और हंगरी के चार अंतरिक्ष यात्रियों को 14-दिवसीय डॉकिंग मिशन के लिए निम्न पृथ्वी कक्षा में ले जाएगा। इसमें विभिन्न प्रयोग किए जाएंगे, जिनमें से सात इसरो अंजाम देगा। एएक्स -4 मिशन भारत, पोलैंड और हंगरी के लिए मानव अंतरिक्ष यान की वापसी को साकार करेगा। इसमें हर देश की 40 से अधिक वर्षों में पहली सरकारी प्रायोजित उड़ान होगी। जबकि एएक्स-4 इन देशों के इतिहास में दूसरा मानव अंतरिक्ष यान मिशन है, यह पहली बार होगा जब तीनों देश आईएसएस पर एक मिशन को अंजाम देंगे। इसरो करेगा सात माइक्रोग्रैविटी प्रयोग इसरो आगामी एक्सिओम-4 एक्सिओम इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन मिशन के दौरान सात माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान प्रयोग करेगा। इसरो ने कहाकि मानव स्वास्थ्य, भौतिक/जीवन विज्ञान, सामग्री अनुसंधान, नवीन दवा विकास और जैव प्रौद्योगिकी जैसे विविध क्षेत्रों में संभावित अनुप्रयोगों के साथ माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान का क्षेत्र राष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय को महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।  

वित्त मंत्री ने ‘सशक्त नारी के 11 वर्ष’ पर प्रकाश डालते हुए कहा- देश के आर्थिक विकास में अहम योगदान दे रहीं महिलाएं

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि पिछले 11 वर्षों में महिलाएं देश में प्रगति की प्रमुख चालक के रूप में उभरी हैं और नरेंद्र मोदी सरकार ने नारी शक्ति को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। वित्त मंत्री ने ‘सशक्त नारी के 11 वर्ष’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत खोले गए 55.7 प्रतिशत खाते महिलाओं के पास हैं, जो जमीनी स्तर पर उनके सशक्तिकरण को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि देश भर में मुद्रा लोन लाभार्थियों में 68 प्रतिशत महिलाएं हैं। इन लोन ने लाखों महिलाओं को उद्यमी बनने और स्वतंत्र रूप से अपने सपनों को साकार करने में सक्षम बनाया है। वहीं, स्टार्ट-अप इंडिया उद्यमी योजना के तहत लाभ पाने वालों में से 74 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसके अलावा, गरीबों के लिए पीएमएवाई (ग्रामीण) योजना के तहत 73 प्रतिशत घरों का स्वामित्व महिलाओं के पास है। वित्त मंत्री ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को 10 करोड़ एलपीजी कनेक्शन दिए गए हैं। ये उनके लिए एक बड़ा वरदान साबित हुए हैं, क्योंकि इससे उनका जीवन आसान हुआ है और स्वास्थ्य लाभ भी मिला है। साथ ही, उन्हें लकड़ी और अन्य ईंधन जैसे कि गोबर के हानिकारक धुएं से मुक्ति मिली है, जिसका उपयोग पहले खाना पकाने के लिए किया जाता था। जन धन योजना वित्तीय समावेशन में एक बड़ी सफलता रही है। इस योजना के तहत खोले गए खातों में मार्च 2015 में प्रति खाते औसत बैंक बैलेंस 1,065 रुपए था, जो अब बढ़कर 4,352 रुपए हो गया है। मौजूदा समय में करीब 80 प्रतिशत जन धन खाते सक्रिय हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में 66.6 फीसदी जनधन खाते खोले गए हैं, जिनमें से 29.56 करोड़ (55.7 प्रतिशत) खाते महिलाओं के पास हैं। करीब 10 साल पहले जब मोदी सरकार पहली बार सत्ता में आई थी, तो उसने हर नागरिक को वित्तीय और बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराने का लक्ष्य रखा था। इसके लिए 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री जनधन योजना’ के तहत सबसे गरीब लोगों के लिए बैंकों में जीरो बैलेंस बैंक खाते खोले गए थे। मौजूदा समय में केवल 8.4 प्रतिशत जन धन खातों में ही जीरो बैलेंस है।

अगले साल तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में बनागी एनडीए की सरकार : गृह मंत्री शाह

मदुरै केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मदुरै में कहा कि अगले साल तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में जनता द्रमुक को हराएगी। उन्होंने कहा कि साल 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और अन्नाद्रमुक मिलकर एनडीए सरकार बनाएंगे। शाह ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में एनडीए की सरकार बनेगी।   उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मेलन द्रमुक सरकार को सत्ता से हटाने और बदलाव की शुरुआत का संकेत है। अमित शाह ने कहा कि तमिलनाडु की जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा कार्यकर्ता इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। अमित शाह ने कहा, यहां 2026 में बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन की एनडीए सरकार बनेगी। एम.के. स्टालिन कहते हैं कि अमित शाह द्रमुक को हरा नहीं सकते। वह सही कह रहे हैं, मैं नहीं, बल्कि तमिलनाडु की जनता आपको हराएगी। शाह ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की तैयारी की समीक्षा भी की और राज्य के नेताओं के साथ रणनीति पर चर्चा की। शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, तमिलनाडु की जनता द्रमुक सरकार के भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी है। भाजपा के कार्यकर्ता हर गली, मोहल्ले और घर तक पहुंचेंगे और (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए का विकसित और समृद्ध तमिलनाडु का दृष्टिकोण लोगों तक पहुंचाएंगे। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 साल में तमिलनाडु को 6.80 लाख करोड़ रुपये दिए हैं। फिर भी मुख्यमंत्री स्टालिन पूछते हैं कि केंद्र ने राज्य के लिए क्या किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्टालिन को चुनौती दी कि वह बताएं क्या उन्होंने 2021 के चुनाव में द्रमुक की ओर से किए गए सभी वादों को पूरा किया है। अमित शाह ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में शराब बिक्री घोटाले के बराबर पैसे से हर स्कूल में कम से कम दो कक्षाएं बनाई जा सकती थीं। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, मैं तमिलनाडु सरकार से एक बार फिर अपील करता हूं कि मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई जल्द ही तमिल भाषा में शुरू की जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में सेंगोल स्थापित कर तमिलनाडु का सम्मान किया है, और मैं उम्मीद करता हूं कि मुख्यमंत्री स्टालिन उन्हें इसके लिए धन्यवाद देने के लिए पत्र लिखेंगे। गृह मंत्री शाह ने दिन की शुरुआत प्रसिद्ध मीनाक्षी मंदिर के दर्शन से की, जहां उन्होंने पूजा की और मंदिर के पुजारियों ने उन्हें पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने तमिल भाषा में न बोल पाने पर खेद जताया। उन्होंने कहा, मैं तमिलनाडु के पार्टी कार्यकर्ताओं से माफी चाहता हूं क्योंकि मैं भारत की सबसे महान भाषाओं में से एक तमिल में बात नहीं कर सकता। अप्रैल में तमिलनाडु दौरे के दौरान शाह ने अन्नाद्रमुक के साथ फिर से गठबंधन की घोषणा की थी। अपने संबोधन में भाजपा के राज्य अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने द्रमुक सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा। उन्होंने पश्चिमी कोगु क्षेत्र के गांवों में बुजुर्गों की लक्षित हत्या को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी लगन के साथ काम करने की अपील की। नागेंद्रन ने कहा कि उनका लक्ष्य होगा कि विधानसभा में ज्यादा से ज्यादा विधायक पहुंचें। उन्होंने अमित शाह की तुलना भारत के ‘लौह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल से की और उन्हें ‘भारत का नया लौह पुरुष’ करार दिया। भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने कहा कि पार्टी का एकमात्र लक्ष्य तमिलनाडु से द्रमुक को सत्ता से हटाना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस ‘संकल्प’ के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

प्रदेश के 41 सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पदों पर बदलाव किए, भोपाल और इंदौर में नए CMHO मिले

भोपाल  भोपाल सहित प्रदेश के 41 सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पदों पर बदलाव किए हैं। डॉ. प्रभाकर तिवारी, जो 5 वर्षों से भोपाल के सीएमएचओ थे, को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भेजा गया है। उनकी जगह डॉ. मनीष शर्मा को भोपाल का नया सीएमएचओ नियुक्त किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल सहित प्रदेश के 41 सीएमएचओ और सिविल सर्जन के पदों पर बदलाव किए हैं। डॉ. प्रभाकर तिवारी, जो 5 वर्षों से भोपाल के सीएमएचओ थे, को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भेजा गया है। उनकी जगह डॉ. मनीष शर्मा को भोपाल का नया सीएमएचओ नियुक्त किया गया है, जो ग्वालियर में उप संचालक के रूप में पदस्थ थे। डॉ. मनोज हुरमाडे को भोपाल से बैतूल भेजा गया है, और डॉ. दिनेश खत्री को रायसेन से राजगढ़ भेजा गया है। अन्य जिलों में भी कई सीएमओ और सिविल सर्जन के तबादले हुए हैं, जिनमें इंदौर, सिवनी, धार, छतरपुर, शाजापुर, नरसिंहपुर और राजगढ़ शामिल हैं। भोपाल और इंदौर में नए CMHO मिले मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। पांच साल से जमे भोपाल CMHO डॉ. प्रभाकर तिवारी को हटाकर उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में भेजा गया है। उनकी जगह डॉ. मनीष शर्मा को भोपाल का नया CMHO नियुक्त किया गया है। डॉ. शर्मा वर्तमान में ग्वालियर में उप संचालक के रूप में कार्यरत थे और क्षयरोग विशेषज्ञ हैं। इसी तरह इंदौर सहित अन्य जिलों में भी नए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इन अधिकारियों के हुए तबादले डॉ. राजेश कुमार अठ्या – CMHO दमोह डॉ. राज सिंह ठाकुर – CMHO कटनी डॉ. भरत कुमार खटीक – जिला स्वास्थ्य अधिकारी, कटनी डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी – प्रभारी, CMHO पन्ना डॉ. मनोज कुमार हुरमाडे – प्रभारी, CMHO बैतूल डॉ. दिनेश खत्री – शल्यक्रिया विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय राजगढ़ डॉ. हरिनारायण मांड्रे – प्रभारी, CMHO रायसेन डॉ. बी. के. वर्मा – प्रभारी, CMHO दतिया डॉ. दर्पण टोके – प्रभारी, सिविल सर्जन, बुरहानपुर डॉ. प्रदीप मोजेश – मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी, बुरहानपुर डॉ. वी. एस. चंदेल – प्रभारी, CMHO उमरिया डॉ. शोभाराम रोशन – संयुक्त संचालक, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, सागर डॉ. धरित्री जे. मोहंती – CMHO मंडला डॉ. पवन जैन – प्रभारी संचालक, राज्य स्वास्थ्य प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर डॉ. एम. के. जोशी – संयुक्त संचालक, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, उज्जैन डॉ. जितेन्द्र राजपूत – जिला स्वास्थ्य अधिकारी, उज्जैन डॉ. राजेश सिसोदिया – जिला चिकित्सालय, हरदा डॉ. किरण वाडिवा – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, भोपाल डॉ. भूरे सिंह सैत्या – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, कार्यालय क्षेत्रीय संचालक, ग्वालियर डॉ. पवन शर्मा – शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय ग्वालियर डॉ. नीरज कुमार – शल्यक्रिया विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय भिंड डॉ. अलका त्रिवेदी – प्रभारी, CMHO अशोकनगर डॉ. के. सी. सरोत – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल डॉ. माधव हसानी – प्रभारी, CMHO इंदौर डॉ. राष्ट्रेन्द्र कुमार खाड्योत – प्रभारी, CMHO नीमच डॉ. रामहित कुमार – जिला स्वास्थ्य अधिकारी, विदिशा डॉ. मनीष शर्मा – CMHO भोपाल डॉ. प्रभाकर तिवारी – वरिष्ठ संयुक्त संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल डॉ. दिनेश देहलवार – प्रभारी, CMHO मालवा डॉ. राजेश गुप्ता – जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी, बड़वानी डॉ. मनोज कौरव – DHO, ग्वालियर डॉ. नरसिंह गेहलोत – CMHO नर्मदापुरम डॉ. सनेराम परस्ते – प्रभारी, सिविल सर्जन, अनूपपुर डॉ. अनिल झामनानी – प्रभारी, CMHO निवाड़ी डॉ. रामकुमार गुप्ता – CMHO ग्वालियर डॉ. प्रदीप कुमार जैन – शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय ग्वालियर डॉ. यशपाल सिंह – प्रभारी, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, रायसेन डॉ. मुकेश जैन – शल्यक्रिया विशेषज्ञ, जिला चिकित्सालय दमोह डॉ. एस. के. त्रिपाठी – प्रभारी, CMHO पन्ना डॉ. राजेश परिहार – जिला परिवार कल्याण अधिकारी, बैतूल डॉ. सुशीला यादव – चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय सागर  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 56 करोड़ के 67 कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के 68 कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कल नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एक भव्य आयोजन में 80 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत के 135 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 56 करोड़ 58 लाख रुपये के 67 कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के 68 कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल जीवन मिशन के अंतर्गत 396 लाख रुपये की लागत से देवरी से बनवारी पिपरिया तक 8.27 किमी सड़क, साईंखेड़ा में सीवरेज मलजल योजना तथा पुस्तकालय एवं प्रतीक्षालय जैसे शहरी विकास से जुड़े कार्यों का लोकार्पण और 23 करोड़ 88 लाख रुपये के निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन करेंगे। जिले में सामुदायिक भवन, अमृत सरोवर 2.0, आंगनबाड़ी भवनों और अन्य बुनियादी संरचनात्मक सुविधाओं का निर्माण प्रस्तावित है। समाजसेवियों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, शिक्षकों और विद्याथियों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव नरसिंहपुर जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, शिक्षकों और विकास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभागीय कर्मचारियों और मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान करेंगे।  

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रदेश में 5 जून तक 2139 बावड़ियों और 4254 तालाबों की सफाई की गई

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में 30 मार्च को उज्जैन से शुरू हुए जल गंगा संवर्धन अभियान को दो माह से अधिक हो गए है। अभियान का समापन 30 जून को होगा। जन सहभागिता से आगे बढ़ रहे इस अभियान से जल संरक्षण के क्षेत्र में खंडवा जिले को देश में पहला स्थान मिला है, जबकि केन्द्रीय जल संसाधन विभाग की एजेंसी के आकलन में प्रदेश को राज्यों की श्रेणी में चौथा स्थान मिला है। अभियान के अंतर्गत रिकार्ड खेत तालाब और अमृत सरोवर बनाये गए हैं। प्रदेश में 5 जून तक 2139 बावड़ियों और 4254 तालाबों की सफाई की गई है। अभियान में 3468 नदी घाटों की सफाई की गई है, 15 913 जल संगोष्ठी, 1677 नुक्कड़ नाटक और 12878 दीवार लेखन के कार्य किये गए हैं। इस अवधि में अभियान में 36 लाख नागरिकों ने सहभागिता की है, इस तरह अभियान जनांदोलन बन गया है। आने वाली वर्षा ऋतु में अभियान के अंतर्गत बने खेत तालाबों, पुनरुद्धरित बावड़ियों और तालाबों में करोड़ों लीटर वर्षा जल सहेजा जा सकेगा। इससे भूजल स्तर में भी सुधार आयेगा और किसानों को फसल के लिए वर्ष भर पानी उपलब्ध रहेगा। जन सहभागिता से हुई कुओं, बावड़ियों की सफाई और सौंदर्यीकरण देवास में जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से जल संरचनाओं के निर्माण एवं गहरीकरण का कार्य किया जा रहा है। नदी, नालों, कुएं, बावड़ियों और कुंड की साफ-सफाई की जा रही है तथा उनमें से गदंगी और गाद बाहर निकाली जा रही है। इसके साथ ही खेत तालाबों का भी निर्माण किया जा रहा है। अभियान के तहत कुएं, बावड़ियों की साफ-सफाई कर उनका सौंदर्यीकरण भी किया जा रहा है। मप्र जन अभियान परिषद ने जिले के बागली विकासखंड के कमलापुर गांव की 450 वर्ष प्राचीन हाथी बावड़ी साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण किया गया। इस प्राचीन बावड़ी में हाथी पानी पीते थे। सहभागिता करने वाले नागरिकों ने जल संरक्षण की शपथ भी ली। दीवारों पर पेंटिंग बना कर जल संरक्षण का संदेश ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के अंतर्गत बुरहानपुर जिले की नगर परिषद शाहपुर में अमरावती नदी किनारे स्थित अधो-संरचनाओं के आस-पास जल ही ‘जीवन की आस, इसे बचाने करो प्रयास’, ‘बोलेगी चिड़िया डाली-डाली, फैलाओ तो तुम हरियाली’, ‘दूषित नहीं करना जल, बर्बाद हो जायेगा कल’, ‘सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम’, ‘सबका हो एक ही नारा, वर्षा जल बचाओ सारा’, और ‘साफ सुथरा पानी, अच्छे स्वास्थ्य की निशानी, जैसे जल संरक्षण के संदेश लिखे गए। कलात्मकता का परिचय देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जल बचाने का संदेश देती आकर्षक पेंटिंग्स भी बनाई गईं। जिले में ये प्रेरणादायक स्लोगन और आकर्षक पेंटिंग्स नागरिकों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। 300 वर्ष पुरानी बावड़ी की साफ-सफाई औऱ सौंदर्यीकरण जल संरक्षण के उद्देश्य से सीहोर जिले में चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जन अभियान परिषद के सदस्यों ने गांव लीलाखड़ी और आममाय में स्थित लगभग 300 वर्ष पुरानी बावड़ी पर श्रमदान कर साफ सफाई की गई और ‘बावड़ी उत्सव’ मनाया गया। प्राचीन जल स्त्रोंतों के संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से बावड़ी पर 51 फिट लम्बी चुनरी ओढ़ाई गई और दीप प्रज्ज्वलन कर आकर्षक रंगोली से बावड़ी की साज सज्जा की गई। जन अभियान परिषद के सदस्यों औऱ ग्रामवासियों ने आरती की और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण भी किया। 

‘चिंतन शिविर 2.0’ को मुख्यमंत्री साय ने बताया नीति-निर्माण का सशक्त मंच

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि ‘चिंतन शिविर 2.0’ जैसे प्रशिक्षण सत्र शासन को नया दृष्टिकोण और नीतिनिर्माण प्रक्रिया को सशक्त बनाने का अवसर प्रदान करते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से मंत्रीगणों को सुशासन और परिवर्तनकारी नेतृत्व के महत्वपूर्ण गुर सीखने का अवसर मिलता है. आईआईएम रायपुर में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और राज्य के सभी मंत्रीगण शामिल हुए. इस सत्र में ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व’, ‘दूरदर्शी शासन’, ‘संस्कृति’, ‘सुशासन’ और ‘राष्ट्र निर्माण’ जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई. आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने ‘परिवर्तनकारी नेतृत्व और दूरदर्शी शासन’ विषय पर अपने व्याख्यान में भगवद्गीता के श्लोकों के माध्यम से निष्काम कर्म और नैतिक प्रशासन पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कार्य केवल फल की आशा से नहीं, बल्कि उसके सही होने के कारण किया जाना चाहिए. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे ने ‘संस्कृति, सुशासन और राष्ट्र निर्माण’ विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा, “भारत की एकता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भी है. राष्ट्र निर्माण केवल नीतियों या संसाधनों से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और नैतिक मूल्यों से संभव है.” उन्होंने अंत्योदय के महत्व पर बल देते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण को सुशासन की प्राथमिकता बताया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि चिंतन शिविर जैसे आयोजन शासन को नई दिशा और ऊर्जा देते हैं. उन्होंने दोनों विशेषज्ञ वक्ताओं के विचारों को अत्यंत प्रेरणादायक और नीति-निर्माण के लिए उपयोगी बताया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सुशासन और अभिसरण विभाग के विशेष सचिव रजत बंसल, भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के निदेशक राम काकाणी और सभी मंत्रीगण उपस्थित थे.

सीएम मोहन यादव के छोटे बेटे की सगाई डॉ. इशिता से पारिवारिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई संपन्न

भोपाल भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में सोमवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे सुपुत्र डॉ. अभिमन्यु यादव (मास्टर्स इन सर्जरी) की सगाई खरगौन के सेल्दा निवासी श्री दिनेश यादव (पटेल) की सुपुत्री डॉ. इशिता (एमबीबीएस) से पारिवारिक एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई। सगाई समारोह में दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदार, राज्य सरकार के मंत्रीगण, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। पूजन के बाद दोनों ने अंगूठी पहनाकर जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। डॉक्टर अभिमन्यु एक प्रतिभाशाली चिकित्सक एवं सक्रिय समाजसेवी हैं, वहीं डॉ. इशिता भी चिकित्सा क्षेत्र में सेवाएं दे रही हैं। इससे पहले डॉ. यादव के बड़े बेटे वैभव की शादी भी सादे और पारिवारिक माहौल में संपन्न हुई थी। अब उनके छोटे बेटे डॉक्टर अभिमन्यु की सगाई डॉ. इशिता के साथ भोपाल में सादे समारोह में हुई। डॉ. अभिमन्यू एमबीबीएस की डिग्री के बाद पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं।  बेटे अभिमन्यु और बहू इशिता के साथ सीएम मोहन यादव – फोटो : सोशल मीडिया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, दिल्ली के विधायक सतीश उपाध्याय, मध्य प्रदेश भाजपा प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल समेत कई बड़े नेता शामिल हुए और नवयुगल को सुखद भविष्य की शुभकामनाएं दी। सरकारी जिम्मेदारियों के बीच मुख्यमंत्री का यह पारिवारिक आयोजन एक भावनात्मक क्षण रहा। इसमें निजी संबंधों की गर्माहट साफ झलकी। परिवार की यह सादगी और परंपराओं के प्रति आस्था राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सीमा यादव के दो सुपुत्र एवं एक सुपुत्री हैं। ज्येष्ठ सुपुत्र एवं सुपुत्री का विवाह पहले ही संपन्न हो चुका है। डॉ. अभिमन्यु यादव (मास्टर्स इन सर्जरी) एक प्रतिभाशाली चिकित्सक एवं समाजसेवी हैं। वहीं डॉ इशिता (एमबीबीएस) भी चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। दोनों ने पारंपरिक पूजन के पश्चात एक दूसरे को अंगूठी पहनाकर जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की।  

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