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आज खेला जायेगा लखनऊ सुपर जाएंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला

लखनऊ आईपीएल 2025 में शीर्ष-दो की जंग अब रोमांचक हो चली है। मंगलवार को लखनऊ सुपर जाएंट्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में (शाम साढ़े सात बजे से) लीग स्टेज का आखिरी मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में आरसीबी का काफी कुछ दांव पर लगा होगा। टीम ने प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई करने तक प्रभावी प्रदर्शन किया था, लेकिन पिछले मैच में टीम सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ चोक कर गई और उन्हें 42 रन से हार का सामना करना पड़ा। इसने टेबल टॉप करने की आरसीबी की उम्मीदों को झटका दिया। हालांकि, बाकी नतीजे आरसीबी के पक्ष में गए और अब उनके पास एक बार फिर टेबल टॉप करने का अवसर है। लखनऊ के खिलाफ जीत उन्हें शीर्ष दो में स्थान पक्का करने के लिए काफी होगी, लेकिन हार उन्हें एलिमिनेटन मैच में धकेल सकती है। लखनऊ की टीम अच्छे फॉर्म से आ रही है और होम ग्राउंड पर लखनऊ को हराना आसान नहीं होगा। लखनऊ की टीम एड़ी चोटी का जोर लगाएगी लखनऊ की टीम मौजूदा सत्र में अपने निराशाजनक अभियान का अंत जीत से करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाएगी। गुजरात टाइटंस की लगातार हार ने तीसरे स्थान पर काबिज आरसीबी के लिए 2016 के बाद पहली बार शीर्ष दो में जगह बनाने का शानदार मौका बना दिया है।आईपीएल की तालिका में शीर्ष दो पायदान पर रहने वाली टीमों को तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों के मुकाबले फाइनल में पहुंचने का एक अतिरिक्त मौका मिलता है। आरसीबी के नाम 17 अंक है और उसके लिए गलती की गुंजाइश बहुत कम है। मुंबई इंडियंस (16 अंक) और पंजाब किंग्स (17 अंक) में से कोई एक आज शाम होने वाले मुकाबले के बाद टाइटंस से (18 अंक) से आगे निकलने के लिए तैयार है। हेजलवुड की वापसी से आरसीबी खेमा खुश भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के कारण लीग के 10 दिवसीय विराम से पहले आरसीबी शानदार फॉर्म में थी। उसने लगातार चार मैच जीते थे, लेकिन इस ब्रेक ने टीम की लय को प्रभावित किया। लीग के फिर से शुरू होने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ उनका मैच बारिश से धुल गया और फिर सनराइजर्स हैदराबाद से 42 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की वापसी से आरसीबी के खेमे में उत्साह बढ़ा है। हेजलवुड इस सत्र में टीम के लिए सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने 10 मैचों में 18 विकेट लिए हैं और फिलहाल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में चौथे नंबर पर हैं। दिग्वेश राठी की वापसी से लखनऊ मजबूत आरसीबी भी परिस्थितियों से परिचित होगी क्योंकि उसने अपना पिछला मैच इकाना स्टेडियम में ही खेला था। वहीं, लखनऊ की टीम अपने पिछले मैच में टाइटंस को हराने के बाद आत्मविश्वास से भरी हुई है। एडेन मार्करम, मिचेल मार्श और निकोलस पूरन की तिकड़ी ने इस सत्र में लखनऊ के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम ने टाइटंस के खिलाफ दो विकेट पर 235 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया था। इस मैच में टीम की गेंदबाजी इकाई ने भी प्रभावित किया था। चोटिल मयंक यादव की जगह लेने वाले विल ओरुर्के को शामिल करना एक सकारात्मक कदम रहा है। इस सत्र में एलएसजी की खोज रहे स्पिनर दिग्वेश राठी भी एक मैच का निलंबन पूरा करने के बाद इस मुकाबले से वापसी करेंगे। टीम को सत्र के आखिरी मुकाबले में अपने कप्तान ऋषभ पंत से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी जो पूरे सत्र में रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। संभावित-11 इस प्रकार है- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: फिल सॉल्ट, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), मयंक अग्रवाल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड/लुंगी एनगिडी, क्रुणाल पांड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, यश दयाल। सुयश शर्मा इम्पैक्ट प्लेयर हो सकते हैं। लखनऊ सुपर जाएंट्स: ऋषभ पंत (विकेटकीपर/कप्तान), एडेन मार्करम, मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, आयुष बदोनी, अब्दुल समद, शाहबाज अहमद, आवेश खान, आकाश दीप, रवि बिश्नोई, विल ओरुर्के। दिग्वेश राठी इम्पैक्ट प्लेयर हो सकते हैं।  

स्टॉक मार्केट में गिरावट, सेंसेक्स 800 अंक गिरा, क्‍या Covid-19 है वजह?

मुंबई देश में कोराना (Corona) का साया एक बार फिर मंडराने लगा है और लगातार इसके मामलों में इजाफा हो रहा है. इसका डर शेयर बाजार (Corona Fear On Share Market) पर भी दिखने लगा है. बीते कारोबारी दिन सोमवार को जहां Sensex-Nifty दिनभर जोरदार तेजी के साथ भागते हुए नजर आए थे, तो वहीं मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलते ही 800 अंक से ज्यादा फिसलकर 81500 के नीचे कारोबार करता नजर आया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी अपने पिछले बंद की तुलना में 200 अंक से ज्यादा टूटकर रेड जोन में ट्रेड करता दिखा. शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स से लेकर महिंद्रा एंड महिंद्रा और टीसीएस जैसे शेयरों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली. धराशायी हुई सेंसेक्स और निफ्टी बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स (Sensex) अपने पिछले बंद 82,176.45 की तुलना में गिरावट लेकर 82,038.20 पर ओपन हुआ और महज कुछ मिनटों में ही ये इंडेक्स करीब 800 अंकों की गिरावट लेकर 81,303 पर कारोबार करता नजर आने लगा. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई के निफ्टी ने भी शुरुआती कारोबार में बड़ी गिरावट देखी और अपने पिछले बंद 25,001.15 की तुलना में फिसलकर 24,956.65 पर कारोबार की ओपनिंग की, लेकिन मिनटों में ये 200 अंक से ज्यादा टूटकर 24,769 पर कारोबार करता दिखा. सबसे ज्यादा गिरावट वाले 10 स्टॉक बात करें शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के बीच सबसे ज्यादा बिखरने वाले शेयरों के बारे में, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Tata Motors Share (1.50%), NTPC Share (1.54%), M&M Share (1.40%) और TCS Share (1.20%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में FirstCry Share (4%), GICRE Share (2.70%), Emcure Share (2.40%) फिसलकर कारोबार कर रहा था. बात स्मॉलकैप शेयरों की करें, तो RatGain Share (7.40%), Sagility Share (5%) और Infobean Share (4.90%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहा था. एशियाई बाजारों में मिले थे सुस्ती के संकेत बाजार खुलने से पहले सप्ताह के दूसरे दिन मिले जुले ग्लोबल संकेत मिल रहे थे. जहां कुछ अमेरिकी इंडेक्स में ग्रीन बंद हुए थे, तो वहीं एशियाई बाजार में गिरावट देखने को मिल रही थी. जी हां, गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) जहां मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. तो वहीं जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 100 अंक फिसलकर 37,440 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. हांगकांग के हैंगसेंग (Hang Seng) की बात करें, तो ये भी शुरुआती कारोबारी में 90 अंक की गिरावट लेकर 23,199 पर कारोबार कर रहा था. साउथ कोरिया का कोस्पी (KOSPI) में भी मामूली गिरावट देखने को मिली थी. कल दिनभर रही थी बाजार में तेजी बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार में दिनभर जोरदार तेजी देखने को मिली थी. बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 81,721.08 की तुलना में तेज उछाल के साथ 91,928.95 पर खुला था और 700 अंक से ज्यादा चढ़ गया था. हालांकि, कारोबार खत्म होते-होते BSE Sensex की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी, फिर भी ये 455.38 अंक की तेजी लेकर 82,176.45 के लेवल पर क्लोज हुआ था. तो वहीं NSE Nifty 24,853.15 की तुलना में सोमवार को 24,919.35 के स्तर पर खुला और फिर 25,079 तक उछला, लेकिन अंत में निफ्टी इंडेक्स 148 अंकों की बढ़त के साथ 25,001.15 के लेवल पर बंद हुआ था. कोरोना फिर से डराने लगा सिंगापुर, हांगकांग के बाद अब भारत में भी पिछले कुछ हफ्तों में कोरोना के मामले बढ़ (Covid-19 Cases In India) हैं और देश की तमाम स्वास्थ्य एजेंसीज कोरोना के मामलों पर नजर रखी हुई हैं और कई राज्यों ने एडवाइजरी भी जारी कर दी है. चीन में कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़तों का प्रतिशत पिछले महीने 3.3 प्रतिशत से बढ़कर 6.3 प्रतिशत हो गया है और वहां के अस्पतालों में वायरस के लिए A&E रोगियों की दर 7.5 प्रतिशत से बढ़कर 16.2 प्रतिशत हो गई है. इसके अलावा ताइवान ने कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती होने वालों में 78 प्रतिशत की वृद्धि देखी है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वर्तमान में कोरोना के 104 एक्टिव केस (मामले) हैं. बीते एक हफ्ते में 99 नए मामले सामने आए हैं.वहीं, अब पूरे देश में कोरोना के मरीजों की संख्या एक हजार के पार पहुंच गई है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सबसे ज्यादा मामले केरल में 430 में है.  

खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन में 4376.30 करोड़ रूपये का निवेश, सृजित होंगे 6164 रोजगार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह अद्भुत समय चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की खुशबू देशभर में फैल रही है। प्रदेश में विकास का क्रम जारी है। इस विकास यात्रा में सभी राज्यों के उद्योगपतियों का स्वागत है। जहां जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, अधिकारी साथ में मिलकर प्रदेश के औद्योगिक विकास में अपना योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के फरवरी में आयोजन के बाद पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मध्यप्रदेश को निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं। यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि जीआईएस में 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को आवंटन आदेश और आशय पत्र वितरित किये। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में हमें टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मेड इन इंडिया का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को नरसिंहपुर जिले में कृषि उद्योग समागम में “खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों के सम्मेलन” को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश की संकल्पनाओं को साकार करने के लिए हमें सभी क्षेत्रों में समान प्रगति करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में माइनिंग, टेक्सटाइल, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के विकास की अपार संभावनायें हैं। कृषि आधारित उद्योगों के लिए चार स्थानों पर कृषि उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की एग्रीकल्चर ग्रोथ रेट वर्तमान में 12 प्रतिशत से अधिक होकर देश में अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 (जीआईएस) के सफल आयोजन के बाद मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए नए अवसर सृजित हुए हैं। राज्य सरकार द्वारा 1744 एकड़ भूमि 46 औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गई है। इन इकाइयों में लगभग 24,500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 35,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। भूमि आवंटन प्राप्त प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में मेसर्स पतंजलि ग्रुप, रीवा को सर्वाधिक 433 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इसके अलावा मेसर्स अल्ट्राटेक सीमेंट, सीधी को 264 एकड़, मेसर्स बीईएमएल, रायसेन को 148 एकड़, मेसर्स गौतम सोलार को 55 एकड़ एवं मेसर्स ग्लेक्सो स्मीथ एशिया प्रा. को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज के कार्यक्रम में कुल 52 इकाईयों से रू. 4376 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 6100 से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इन निवेश प्रस्तावों के राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। औद्योगिक इकाईयों को वितरित किये गये आवंटन आदेश एवं आशय पत्र क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार   नर्मदापुरम     ग्रेनटेक फूड्स एण्ड बेवरेजेस इण्डिया प्रा.लि. एवं मे. सेक्टर सेवन फूड्स प्रा.लि. 1150.00   630   सिवनी बड़ेबाबा मेटेलिक प्रा.लि. 340.80 450   बालाघाट श्री गुरुदेव राइस इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड. 310.08   805     बालाघाट विसाग बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड 210.00   250     जबलपुर जबलपुर बायोफ्यूल्स 200.00 111   सीहोर   गोविन्द मिल्क एण्ड मिल्क प्रोडक्ट्स 150.00 210     सिवनी जनक फूड्स 2.00 15   मण्डला   माउंट कैलाश एग्री फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड 5.00 35     मण्डला       जबलपुर कमर्शियल नेटवर्किंग एंड कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड 1.00   14     छिंदवाड़ा   स्नेह ग्लोबल केम्स प्राइवेट लिमिटेड 1.20   30     मण्डला   स्टील क्लैड इन्फ्रा सॉल्यूशन 1.21   25   मण्डला दी ऑल सॉल्यूशन्स 0.92 15   मण्डला   पीके राइस एंड जनरल मिल्स एलएलपी 1.50   17     कटनी किआरा इम्पेक्स 1.25 9   सिवनी   विट फूड केम प्राइवेट लिमिटेड 7.00   35   योग 2381.96 2651   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नरसिंहपुर जिला गन्ने की फसल के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि गन्ने की फसल के लिए स्प्रिंक्लर सिंचाई का लक्ष्य बढ़ाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि कृषकों की आय को बढ़ाया जायेगा। हमारी सरकार का प्रयास है कि कृषकों को उनके उत्पादों के सही दाम मिले। खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों की अधिक से अधिक स्थापना होगी। खेती, बागवानी, फल-सब्जी उत्पादन सभी क्षेत्रों में बजट को बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य की प्रगतिशील नीतियों से निवेशकों की कठिनाईयों को दूर करने के प्रयास किये जा रहे हैं।   प्रमुख निवेश प्रस्ताव क्र. जिला इकाई का नाम प्रस्तावित निवेश (करोड़ रूपये) प्रस्तावित रोजगार क्षेत्र   सिवनी विस्तार एग्री फूड्स प्रा. 400 500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर   काकड़ा मेटल्स प्रा. लि. 400   500   कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर धारणी शुगर मिल प्रा. लि. 300 500 कृषि/खाद्य उत्पाद   नरसिंहपुर 1 मार्चे एलएलपी 160 140 ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा   नरसिंहपुर भूमि साहू 100 250 शिक्षा   नरसिंहपुर मेसर्स विजय कुमार लुनावत 4 15   ऊर्जा   नरसिंहपुर जैन पॉली प्लास्टिक्स 2.5 8 प्लास्टिक उत्पाद योग 1366.5 1913   नरसिंहपुर में कृषि आधारित और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अपार संभावनाएं: मंत्री श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास, श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने “कृषि उद्योग समागम-2025” के नरसिंहपुर जिले में आयोजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हार्दिक अभिनंदन और आभार माना। उन्होंने देश भर से आए निवेशको/ उद्योपतियों का आयोजन में सम्मिलित होने पर आभार भी व्यक्त किया। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि नरसिंहपुर जिले के कृषकों ने अनुसंधान एवं नवीन तकनीकों को अपनाकर प्रदेश और देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि नरसिंहपुर प्रदेश का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक जिला है, जहां सर्वाधिक शुगर फैक्ट्रियां स्थापित हैं। जिले में कृषि के लिए अनुकूल परिस्थितियां हैं और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहा है आशातीत विकास : मंत्री श्री राजपूत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि जब से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बागडोर संभाली … Read more

महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन का गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी आगामी 31 मई को भोपाल में हो रहे महिला सशक्तिकरण और स्वावलम्बन महासम्मेलन में पधार रहे हैं। लोकमाता देवी अहिल्या बाई जी के त्रि शताब्दी जयंती समारोह के अवसर पर यह विशेष महासम्मेलन हो रहा है। समारोह को गरिमामय रूप से आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में प्रधानमंत्री श्री मोदी की यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव गत 21 मई को इस महासम्मेलन के स्थल भोपाल के जम्बूरी मैदान पहुंचकर जायजा ले चुके हैं। बैठक में प्रस्तुत प्रजेंटेशन में बताया गया कि प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री श्री मोदी लोकमाता देवी अहिल्या बाई को समर्पित विशेष डाक टिकट और सिक्के का विमोचन भी करेंगे। इसके साथ ही इंदौर में मेट्रो रेल परियोजना के लोकार्पण और उज्जैन में क्षिप्रा के विभिन्न घाटों के भूमिपूजन-लोकार्पण भी होगा। कार्यक्रम में एक लघु फिल्‍म का प्रदर्शन भी किया जाएगा। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, संस्कृति विभाग, जिला प्रशासन भोपाल सहित अन्य संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को इस महासम्मेलन के व्यवस्थित आयोजन के लिए दिए गए दायित्वों पर भी चर्चा हुई। महासम्मेलन में बड़ी संख्या में महिला उद्यमियों, स्व सहायता समूहों की सदस्य, लाड़ली बहनों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाओं की भागीदारी रहेगी। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेश श्री कैलाश मकवाना तथा अन्य विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

पंजाब ने मुंबई को 7 विकेट से धोया,श्रेयस अय्यर की टीम टेबल टॉपर बनी

 जयपुर पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 2 विकेट से हरा दिया है. इस जीत के साथ पंजाब अब पॉइंट्स टेबल (IPL 2025 Points Table) में पहले स्थान पर पहुंच गई है. इस मैच में मुंबई ने पहले खेलते हुए 184 रन बनाए थे, जिसके जवाब में पंजाब ने 18वें ओवर में ही अपनी जीत सुनिश्चित कर ली. पंजाब किंग्स के लिए प्रियांश आर्य और जोश इंग्लिश ने अर्धशतकीय पारी खेली. पंजाब किंग्स को 185 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही क्योंकि प्रभसिमरन सिंह केवल 13 रन बनाकर आउट हो गए. उसके बाद प्रियांश आर्य और जोश इंग्लिश, दोनों MI के गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटे. प्रियांश और इंग्लिश के बीच 109 रनों की विशाल साझेदारी हुई, इस बीच 15वें ओवर में प्रियांश 62 रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने 62 रन की पारी में 9 चौके और 2 छक्के लगाए. जोश इंग्लिश दूसरे छोर से डटे रहे और 42 गेंद में 73 रनों की शानदार पारी खेली. ऐसी रही पंजाब की बल्लेबाजी 185 रनों के जवाब में उतरी पंजाब की शुरुआत अच्छी नहीं रही. पांचवे ओवर में बुमराह ने प्रभसिमरन को चलता किया. प्रभसिमरन के बल्ले से 13 रन ही आए. लेकिन इसके बाद प्रियांश आर्य और जोस इंग्लिस के बीच अच्छी साझेदारी हुई. दोनों ने 9वें ओवर में टीम का स्कोर 80 के पार पहुंचा दिया. 10 ओवर के बाद मुंबई का स्कोर 90-1 है. प्रियांश आर्य और जोस इंग्लिस दोनों ने ही तूफानी फिफ्टी जमाई. लेकिन 14वें ओवर में प्रियांश आर्य 62 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इंग्लिस दूसरे छोर पर टिके रहे. श्रेयस अय्यर ने भी उनका बखूबी साथ दिया. इंग्लिस का विकेट 18वें ओवर में गिरा. इंग्लिस ने 42 गेंद में 73 रनों की शानदार पारी खेली. जब इंग्लिस आउट हुए तो पंजाब को जीत के लिए 15 गेंद में 14 रनों की दरकार थी. आखिरकार पंजाब ने ये मैच 7 विकेट से जीत लिया. गुजरात को पछाड़कर पंजाब अब अंक तालिका में टॉप पर पहुंच गई है. पंजाब के अब 14 मैच में 19 अंक हैं. जबकि गुजरात के 18 प्वाइंट हैं. ऐसे रही मुंबई की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी मुंबई की शुरुआत बेहद शानदार रही. रोहित शर्मा और रेयान रिकेल्टन ने आतिशी अंदाज में पारी का आगाज किया. लेकिन छठे ओवर में मुंबई को पहला झटका लगा जब रेयान रिकेल्टन अपना विकेट गंवा बैठे. 45 के स्कोर पर मुंबई को ये झटका लगा. रेयान ने 27 रनों की पारी खेली. लेकिन इसके बाद सूर्यकुमार यादव और रोहित शर्मा में अच्छी साझेदारी हुई. 9 ओवर में मुंबई का स्कोर 79-1 था. लेकिन 10वें ओवर में मुंबई को दूसरा झटका लगा जब रोहित शर्मा 24 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद 11वें ओवर में तिलक वर्मा भी आउट हो गए. तिलक ने केवल एक रन बनाया. वहीं, 13वें ओवर में विल जैक्स भी आउट हो गए. जैक्स ने 17 रन बनाए. वहीं, 17वें ओवर में हार्दिक पंड्या 26 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इसके बाद सूर्या ने 33 गेंद में फिफ्टी जड़ दी. वहीं, नमन धीर ने भी शानदार अंदाज में बल्लेबाजी की. नमन ने 11 गेंद में 20 रन बनाए. इसके दम पर मुंबई ने पंजाब के सामने 185 रनों का लक्ष्य दिया है. 

SC ने यौन शिक्षा में सुधार और POCSO मामलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के सुझावों पर केंद्र सरकार से राय मांगी

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने 22 मई को सरकार को निर्देश दिया कि वह बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों से निपटने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर POCSO कोर्ट बनाए। कोर्ट ने कहा कि कई राज्यों ने स्पेशल POCSO कोर्ट बनाए हैं, लेकिन तमिलनाडु, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में केस पेंडेंसी के चलते और ज्यादा कोर्ट बनाए जाने की जरूरत है। जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के मामलों के लिए स्पेशल कोर्ट कम होने के कारण मामले की जांच करने के लिए डेडलाइन का पालन नहीं हो पा रहा है। कोर्ट ने पॉक्सो केस के लिए निर्धारित डेडलाइन के अंदर ट्रायल पूरा करने के अलावा निर्धारित अवधि के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट और एमिकस क्यूरी वी गिरी और सीनियर एडवोकेट उत्तरा बब्बर को POCSO कोर्ट की स्थिति पर राज्यवार डीटेल देने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उसने “बाल बलात्कार की घटनाओं की संख्या में खतरनाक वृद्धि” को हाइलाइट करते हुए एक्शन लिया था। कोर्ट ने राज्य सरकारों से उन जिलों में दो कोर्ट बनाने को कहा जहां POCSO अधिनियम के तहत बाल शोषण के पेंडिंग मामलों की संख्या 300 से ज्यादा है। कोर्ट ने कहा POCSO एक्ट के तहत 100 से ज्यादा FIR वाले हर जिले में एक कोर्ट बनाने के जुलाई 2019 के निर्देश का मतलब था कि डेजिगनेटेड कोर्ट केवल कानून के तहत ऐसे मामलों से निपटेगा। पहले जानिए क्या है पॉक्सो एक्ट भारत में बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए पॉक्सो एक्ट, 2012। अगर कोई 18 साल से कम उम्र का यौन शोषण करता है तो उसे इस कानून के तहत सजा मिलती है। बच्चों को गलत तरीके से छूना, उन्हें गलत तरीके से छूने के लिए कहना, या उनके साथ यौन संबंध बनाना, बच्चों को अश्लील चीजें दिखाना, उन्हें वेश्यावृत्ति या पोर्नोग्राफी में शामिल करना, या इंटरनेट पर उनसे गलत बातें करना भी बाल यौन शोषण (CSA) है। पॉक्सो एक्ट के तहत पुरुष और महिला आरोपी दोनों के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट का हाल बहरहाल, इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्श फंड (ICPF) की एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में CSA के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। लेकिन इन मामलों को निपटाने की रफ्तार बहुत धीमी है। इसी वजह से भारत सरकार ने अक्टूबर 2019 में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने योजना शुरू की। इसके तहत, देश भर में 1,023 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) बनाए गए हैं। ये कोर्ट CSA के मामलों की तेजी से सुनवाई करते हैं। भारत के प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में FTSC को 1 अप्रैल, 2023 से 31 मार्च, 2026 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इस पर कुल 1952.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (ICPF) की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में पॉक्सो एक्ट के तहत मामलों को निपटाने की क्या स्थिति है। पूरे देश में, 2022 में सिर्फ 3% मामलों में ही दोषियों को सजा मिली। मतलब 2,68,038 मामलों में से सिर्फ 8,909 मामलों में ही आरोपियों को दोषी पाया गया। हर FTSC ने 2022 में औसतन सिर्फ 28 पॉक्सो मामलों का निपटारा किया। 2022 में, हर पॉक्सो मामले को निपटाने में औसतन 2.73 लाख रुपये खर्च हुए। इसी तरह, हर सफल सजायाफ्ता पॉक्सो मामले पर सरकारी खजाने से औसतन 8.83 लाख रुपये खर्च हुए। अगर कोई नया मामला नहीं आता है, तो भी भारत को 31 जनवरी, 2023 तक लंबित पॉक्सो मामलों के बैकलॉग को खत्म करने में लगभग नौ (9) साल लगेंगे। अभी 2.43 लाख पॉक्सो मामले पेंडिंग हैं। इसलिए, यह बहुत जरूरी है कि हर जिले में स्थिति का दोबारा आकलन किया जाए और जरूरत पड़ने पर नए ई-पॉक्सो कोर्ट बनाए जाएं। योजना के अनुसार, सभी 1,023 स्वीकृत फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट को तुरंत पूरी तरह से चालू किया जाना चाहिए। ट्रायल की समय-सीमा तय की जाए रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ित के लिए न्याय की लड़ाई लोअर कोर्ट में सजा होने के बाद भी खत्म नहीं होती है। यह लड़ाई तब तक जारी रहती है जब तक कि अपील की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। इसलिए, अपील/ट्रायल के समय को तय किया जाना चाहिए ताकि जल्द न्याय मिल सके। इस संबंध में नीतियां बनाई जानी चाहिए, और हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्तर पर समयबद्ध ढांचे बनाए जाने चाहिए ताकि लंबित पॉक्सो मामलों का निपटारा तेजी से हो सके। विशेष अदालतें स्थापित करने के निर्देश सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया ने 16 दिसंबर, 2019 को एक विस्तृत आदेश पारित किया था। इसमें राज्य सरकारों को पॉक्सो एक्ट, 2012 के तहत मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। यह 25 जुलाई, 2019 के आदेश के क्रम में था, जिसमें सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि हर जिले में 60 दिनों के भीतर एक विशेष पॉक्सो अदालत स्थापित की जाए, जिसमें 100 से अधिक पॉक्सो मामले लंबित हैं। कानून और न्याय मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई की और जनवरी 2020 में बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के मामलों के त्वरित निपटान के लिए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) की योजना लेकर आया. इस योजना में FY 2021-22 के अंत तक पूरे भारत में बलात्कार और पॉक्सो मामलों के त्वरित निपटान के लिए 389 एक्सक्लूसिव पॉक्सो कोर्ट (EPC) सहित 1,023 FTSC स्थापित करने की परिकल्पना की गई थी। इस विश्लेषण के माध्यम से, इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन फंड (ICPF) पॉक्सो एक्ट के तहत मामलों और शिकायतों के संबंध में भारत की स्थिति पर प्रकाश डालता है। इस व्यापक कानून के बनने के एक दशक बाद भी, पीड़ितों और उनके परिवारों की उम्मीदें पूरी नहीं हुई हैं, जिन्हें पहले के कानूनों द्वारा पर्याप्त रूप से संबोधित नहीं किया गया था। हालांकि, जिस गति से मामलों को निपटाया जा रहा है, वह बहुत निराशाजनक है। केस बैकलॉग की चौंकाने वाली स्थिति रिपोर्ट में केस बैकलॉग की एक चौंकाने वाली प्रवृत्ति का पता चला। … Read more

बीजेपी का ट्रेनिंग कैंप पचमढ़ी में लगेगा, जेपी नड्डा और अमित शाह भी होंगे शामिल

पचमढ़ी मध्य प्रदेश के नेताओं के द्वारा हाल में की गई बयानबाजी के बाद पार्टी ने नेताओं को ट्रेनिंग देने का फैसला किया। 14 से 16 जून तक भारतीय जनता पार्टी का स्पेशल प्रशिक्षण शिविर आयोजित होगा। यह ट्रेनिंग कैंप हिलस्टेशन पचमढ़ी में लगेगा। कार्यक्रम में राज्य के सभी बीजेपी विधायक, मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को अनिवार्य रूप से शामिल होना है। जेपी नड्डा और अमित शाह भी पहुंचेंगे     तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। ट्रेनिंग कैंप के समापन सत्र में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में यह शिविर बीजेपी नेताओं को अनुशासन का पाठ सिखाने का प्रयास माना जा रहा है। विधायकों, सांसदों को 5 साल में दिया जाता है प्रशिक्षण विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बाद नवनिर्वाचित विधायकों, सांसदों को भाजपा 5 साल में एक बार प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम आयोजित करती है। यह ट्रेनिंग कैंप इस साल की शुरुआत में होना था। लेकिन संगठन चुनाव के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया था। लगातार आए विवादित बयान, प्रशिक्षण का एक कारण ये भी 11 मई को जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान दिया। इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, विधायक नरेंद्र प्रजापति के बयानों से भी विवाद बढ़ा। ऐसे में लगातार आ रहे विवादित बयानों के बाद पार्टी अब सभी विधायकों और सांसदों को प्रशिक्षण देने जा रही है। भाजपा के संविधान के अनुसार हर पांच साल में विधायकों और सांसदों को प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रक्रिया चुनाव के बाद नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों यानी सांसद, विधायकों को दी जाती है। ट्रेनिंग का उद्देश्य उन्हें पार्टी की विचारधारा, कार्यशैली और जनहित के मुद्दों को समझाना होता है। साल की शुरुआत में यह ट्रेनिंग प्रस्तावित थी, लेकिन संगठन चुनाव के चलते इसे आगे बढ़ाना पड़ा था। अब परिस्थिति अनुकूल होने पर इसे पचमढ़ी में आयोजित किया जा रहा है। विवादित बयानों के बाद पार्टी ने चुनी ये रणनीति हाल के दिनों में पार्टी नेताओं के कई विवादित बयानों ने संगठन की छवि पर असर डाला है। 11 मई को जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह का बयान सेना की महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादों में रहा। इसके बाद डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और विधायक नरेंद्र प्रजापति के बयानों से स्थिति और गंभीर हो गई। इन घटनाओं को देखते हुए पार्टी ने तय किया है कि सभी विधायकों और सांसदों को एक बार फिर अनुशासन, संवेदनशीलता और जनता के बीच बयानबाजी को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पीएम ने भी दी संभल कर बोलने की सलाह रविवार को NDA की बैठक में पीएम मोदी ने भी पार्टी के नेताओं को संभल कर बोलने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कहीं भी कुछ भी बोलने से नेताओं को बचना चाहिए। इससे पार्टी की छवि खराब होती है।

रातापानी टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास, 12KM का साउंडप्रूफ कॉरिडोर

रायसेन रातापानी अभ्यारण्य के जंगलों से गुजरे हाइवे के 12 किलोमीटर रोड को पूरी तरह से साउंडप्रूफ कॉरिडोर के रूप में तैयार किया गया है. 12 किमी के दौरान वन्य जीवों के लिए 7 अंडरपास बनाए गए हैं. चारों ओर हरा-भरा जंगल और सड़क के दोनों तरफ 3-3 मीटर ऊंची बाउंड्री वॉल बनाई गई हैं, जोकि पूरी तरह साउंड प्रूफ हैं. इससे रातापानी के जंगल के वन्य जीवों को जहां काफी राहत मिली है तो वहीं, यहां से गुजरने वाले वाहनचालकों को भी अद्भुत अहसास होता है. वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास गौरतलब है कि रायसेन जिला स्थित रातापानी टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए 12.3 किलोमीटर लंबा साउंड प्रूफ गलियारा तैयार किया गया है. यह कॉरिडोर राजधानी के पास वन्य प्राणियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर है, जिसमें वन्य जीवों के निर्बाध आवागमन के लिए अंडरपास बनाए गए हैं. कॉरिडोर के ऊपर से वाहनों का आवागमन होगा तो वहीं, अंडरपास से टाइगर और अन्य वन्य जीव आसानी से वन्य क्षेत्र में आराम से विचरण कर सकेंगे. कॉरिडोर की बाउंड्री वॉल में लगाए नोइज बैरियर कॉरिडोर में 5 बड़े और 2 छोटे अंडरपास बनाए गए हैं. कॉरिडोर से वाहनों से निकलने वाली तेज आवाज को कम करने के लिए नॉइस बैरियर लगाए गए हैं, जिससे वाहनों के शोरगुल को कम किया जा सकता है, इसमें इंसुलेशन मैटेरियल का उपयोग किया गया है और पॉलीकार्बोनेट सीट से नोइज बैरियर लगाए गए हैं. NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नवल ने बताया ” रातापानी टाइगर रिजर्व से गुजरने वाले कॉरिडोर की सड़क 18 मीटर चौड़ी है. कॉरिडोर से आधे घंटे का सफर अब 10 मिनट में पूरा किया जा सकता है. पहले इस सड़क की चौड़ाई कम होने और जगह-जगह टर्निंग पॉइंट होने की वजह से यहां पर अधिक समय लगता था.” हाल ही में रोड पर तेंदुए की मौत से चिंताएं बढ़ी अब्दुल्लागंज वन मंडल के डीएफओ हेमंत कुमार रैकवार का कहना है “कॉरिडोर की समीक्षा की जा रही है कि इससे कितना लाभ वन्य जीवों को हो सकता है. हाल ही में एक लैपर्ड के कॉरिडोर के बीच में दुर्घटना के चलते मौत हो गई थी. इसलिए फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि इस कॉरिडोर के बनने से जानवरों को पूरी सुरक्षा मिली है. लेकिन कॉरिडोर बनने से जानवरों के वन्य क्षेत्र में ध्वनि का प्रदूषण नहीं होगा और ना ही वाहन सड़क से उतरकर वन्य क्षेत्र में जा पाएंगे.” बता दें कि ये कॉरिडोर भोपाल-नर्मदापुरम रोड पर बरखेड़ा रेंज के पास बनाया गया है. ज्यादातर इसी क्षेत्र में वन्यजीवों की दुर्घटना में मौत होती थी.

कोलार सिक्सलेन रोड 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित करेगा

भोपाल  एमपी के भोपाल शहर में कोलार सिक्सलेन रोड यानी कोलार गेस्ट तिराहे से लेकर गोल जोड़ तिराहे तक करीब 15 किलोमीटर लंबी सड़क को नगर निगम प्रशासन ग्रीन कॉरिडोर के तौर पर विकसित कर रहा है।  राजधानी की सबसे पहली और बड़ी सिक्सलेन सड़क पर नगर निगम प्रशासन करीब 10 करोड़ रुपए की राशि से 15 किलोमीटर के दायरे में लगभग 20 हजार से अधिक पौधे लगाएंगी। यह काम नगर निगम प्रशासन अगले महीने यानी जून से शुरू करने वाली है। नगर निगम प्रशासन करेगा काम सेन्ट्रल वर्ज में ये पौधे लगाए जाएंगे और इनकी सुरक्षा को लेकर करीब तीन फीट ऊंची रैलिंग भी लगाई जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने इस काम को लेकर अपनी कार्ययोजना बना ली है। इस संबंध में काम करने के लिए योजना के हिसाब से काम अंतिम चरणों में काम चल रहा है। जल्द ही इसे मूर्त रुप देने के लिए नगर निगम प्रशासन काम शुरू करेगा। लगातार हो रही हैं बैठकें, जल्द शुरू होगा काम हाल ही में ग्रीन कॉरिडोर विकसित करने के लिए विधायक रामेश्वर शर्मा ने निगम प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। गौरतलब है कि करीब छह महीने पहले कोलार सिक्सलेन सड़क बनकर तैयार हो चुकी है, यहां से लगातार आवाजाही भी सुचारू हो गई है। लेकिन अब तक इसका औपचारिक शुभारंभ नहीं हुआ है। ऐसे में अभी इस रोड पर बचे हुए कामों को पूरा किया जा रहा है। लगभग 325 करोड़ रुपए की राशि से कोलार सिक्सलेन सड़क को विकसित किया गया है।

यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी, एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म

भोपाल /इंदौर  भोपाल में दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है. पीथमपुर के रामकी संयंत्र में कचरे का निस्तारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार किया जा रहा है. इसकी रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को लगातार दी जा रही है. बड़ी बात ये है कि इस जहरीले कचरे को लेकर खतरनाक प्रदूषण फैलने की आशंकाएं न के बराबर हो गई हैं. दावा है कि प्रदूशण नियंत्रण बोर्ड ने जहरीले कचरे से होने वाले प्रदूषण को सामान्य बताया है. एक माह में जहरीले कचरे का नामोनिशान खत्म इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह का कहना है “यूनियन कार्बाइड का कचरा विशेषज्ञों की निगरानी में जलाया जा रहा है, जो अगले 30 से 35 दिन में पूरी तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा. इसके निष्पादन प्रक्रिया की पूरी निगरानी की जा रही है. कचरे के निष्पादन के हरेक चरण की रिपोर्ट हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की गई है. वर्तमान में पीथमपुर के आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर भी सामान्य है. यूनियन कार्बाइड के कचरे में कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड के अलावा नैप्थलीन और पार्टिकुलेट मैटर पाया गया. इसके अलावा कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोजन क्लोराइड समेत हाइड्रोजन फ्लुराइड का उत्सर्जन हुआ. प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के मुताबिक सामान्य प्रदूषण श्रेणी का था.” भोपाल से लेकर इंदौर तक दहशत का दौर दरअसल, 3 दिसंबर 1984 की सुबह भोपाल में यूनियन कर्बाइड से निकली मिथाइल आइसोसाइनाइड गैस से 5000 से ज्यादा मौत हुई थीं. इस जहरीली गैस के दुष्प्रभाव के कारण करीब डेढ़ दशक में 15000 लोगों की अलग-अलग बीमारियों से मौत हो गई. तभी से यूनियन कार्बाइड में इस गैस के अवशेष के रूप में यह कचरा परिसर में मौजूद था. लगातार कई सालों से इस कचरे को गैस की तरह ही घातक और प्रदूषण की वजह बताया जा रहा था. भोपाल गैस कांड के 40 साल बाद हाई कोर्ट जबलपुर के आदेश के तहत कचरे को इंदौर के पास पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित रामकी एनवायरो प्लांट में जलाकर नष्ट करने पर सहमति बनी. पीथमपुर में जहरीले कचरे को जलाने की प्रक्रिया जारी इसके बाद 2 जनवरी को 12 कंटेनर में इस कचरे को भरे जाने के बाद एक विशेष प्रकार के ग्रीन कॉरिडोर को तैयार कर 230 किलोमीटर दूर पीथमपुर लाया गया. कचरे को पीथमपुर में जलाए जाने को लेकर स्थानीय स्तर पर भारी विरोध हुआ. फिर 10 मार्च 2025 को कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू की गई. फिलहाल यहां 50 से ज्यादा मजदूर प्रति घंटा 90 किलोग्राम कचरे को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम की निगरानी मे जलाकर नष्ट कर रहे हैं. तीन ट्रायल रन में 6570 किलोग्राम कचरे को नष्ट किए जाने के बाद लगातार शेष कचरे को जलने की प्रक्रिया जारी है.

रिसर्च : Energy Drinks बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा रही,दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर भी दे रही

नई दिल्ली एनर्जी ड्रिंक्स का चलन तेजी से बढ़ रहा है. आज कल हर किसी के हाथ में एनर्जी ड्रिंक देखने को मिल जाती है. ये दिखने में भले ही मजेदार और इंस्टेंट एनर्जी देने वाली लगें, लेकिन ये बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. हाल के एक रिसर्च में पाया गया है कि ये ड्रिंक्स बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं. साथ ही, ये दिल की बीमारी, घबराहट, हाई ब्लड प्रेशर और नींद की दिक्कत जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन और बहुत ज्यादा चीनी होती है, जो छोटे बच्चों के शरीर के लिए ठीक नहीं होती. इसलिए डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बच्चों को एनर्जी ड्रिंक नहीं पीनी चाहिए. आज हम आपको बताएंगे कि एनर्जी ड्रिंक्स पीने से आपके बच्चे की हेल्थ पर क्या बुरा असर पड़ता है. डिहाइड्रेशन एनर्जी ड्रिंक्स किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं और इसका एक मुख्य कारण डिहाइड्रेशन है. इन ड्रिंक्स में अक्सर बहुत ज्यादा कैफीन होता है, जिससे शरीर में ज्यादा पेशाब बनता है. इससे बच्चों को बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है और उनके शरीर से जरूरी फ्लूइड्स निकल जाते हैं. किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ता है एनर्जी ड्रिंक्स रिडनी स्टोन के जोखिम को बढ़ा सकते हैं. एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन, सोडियम और फॉस्फोरिक एसिड के साथ-साथ चीनी फ्रुक्टोज का लेवल ज्यादा होता है. ये शरीर में ऐसे एलिमेंट्स बनने में मदद करते हैं, जो  किडनी स्टोन बना सकते हैं.   किडनी पर डालती हैं बुरा असर एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ज्यादा चीनी भी एक बड़ी चिंता है. ज्यादा चीनी खाने से मोटापा और डायबिटीज हो सकती है, जो किडनी की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं. बच्चों के लिए बहुत ज्यादा मीठे एनर्जी ड्रिंक्स पीना आगे चलकर किडनी के खराब होने जैसी गंभीर दिक्कतें ला सकता है. ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद ऐसे कई एलिमेंट्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट को बढ़ा सकती हैं. हाई ब्लड प्रेशर किडनी डैमेज होने का एक मुख्य कारण होता है.   एक्यूट किडनी इंजुरी बहुत ज्यादा एनर्जी ड्रिंक पीना, खासकर जब आप ज्यादा एक्सरसाइज करते हों तो वो बच्चों की किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है. इन ड्रिंक्स में टॉरिन होता है, जो किडनी पर बुरा असर करता है. बच्चों के किडनी अभी पूरी तरह डेवलप नहीं बने होती, इसलिए यह ज्यादा खतरा होता है. ऊर्जा पेय क्या हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि एनर्जी ड्रिंक्स ऐसे पेय पदार्थ हैं, जिनमें कैफीन के अलावा अतिरिक्त चीनी और कानूनी उत्तेजक पदार्थ होते हैं, जिनका उपयोग सतर्कता और ऊर्जा बढ़ाने के लिए किया जाता है। भले ही वे अल्पावधि में दिन भर आपकी सहनशक्ति को बढ़ा सकते हैं, लेकिन कैफीन शरीर से बाहर निकलने के बाद भी लंबे समय तक भारी प्रभाव डाल सकता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार , एनर्जी ड्रिंक बच्चों और किशोरों के लिए उपयुक्त नहीं हैं। उनके विकासशील अंगों- मस्तिष्क, हृदय या गुर्दे- के कारण ये पेय पदार्थ आवेग नियंत्रण को कम करते हैं, और छोटे शरीर के आकार कैफीन के सेवन के प्रभावों और जोखिमों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।  सोने में कठिनाई के अलावा,अधिकांश युवाओं में क्रोनिक किडनी संबंधी समस्याएं विकसित होती हैंडॉ. जैन ने कहा, “एनर्जी ड्रिंक्स में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक होती है (प्रति सर्विंग 150-300 मिलीग्राम), जो एक सामान्य कप कॉफी से कहीं अधिक है। कैफीन एक मूत्रवर्धक है, जिससे शरीर में अधिक मूत्र बनता है और व्यक्ति निर्जलित हो सकता है, जिससे हृदय और गुर्दे पर अधिक दबाव पड़ता है।” ऊर्जा पेय आपके बच्चे के गुर्दे को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?     निर्जलीकरण का कारण बनता है     गुर्दे की पथरी का खतरा     गुर्दे की कार्यप्रणाली पर प्रभाव     तीव्र किडनी चोट का जोखिम बढ़ जाता है ऊर्जा पेय पीने के दीर्घकालिक प्रभाव डॉ. जैन ने बताया कि यदि आपका बच्चा लम्बे समय तक एनर्जी ड्रिंक्स का सेवन करता है, तो उसे निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:     बहुत अधिक चीनी से मोटापा और मधुमेह होता है; दोनों ही मधुमेह के प्रमुख जोखिम कारक हैं।दीर्घकालिक वृक्क रोग(सीकेडी)     कृत्रिम मिठास वाले पदार्थों में गुर्दे की कार्यप्रणाली में बाधा उत्पन्न करने तथा अपशिष्ट और तरल पदार्थों के प्रसंस्करण के तरीके को बदलने की क्षमता होती है     कोला और एनर्जी ड्रिंक्स में बड़ी मात्रा में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड गुर्दे की पथरी, कमजोर हड्डियों और रक्त वाहिकाओं के कैल्सीफिकेशन में योगदान देता है, जिसके परिणामस्वरूप दिल का दौरा और स्ट्रोक हो सकता है     मधुमेह के साथ-साथ बढ़ता रक्तचाप क्रोनिक किडनी रोग का प्रमुख कारण है     एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन और उत्तेजक पदार्थ रक्तचाप और हृदय गति के स्तर को बढ़ाते हैं, जिससे किडनी के कार्य पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है एक स्वस्थ, प्राकृतिक विकल्प जिसे बच्चों को पीने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए डॉ. जैन के अनुसार, माता-पिता के रूप में, आप अपने बच्चे को अपने शरीर को हाइड्रेट करने और अपनी प्यास बुझाने के लिए बहुत सारा पानी पीने की आदत डाल सकते हैं। आप अन्य पेय पदार्थों की जगह पानी चुनकर और उनके भोजन के साथ पानी परोसकर इस व्यवहार को अपना सकते हैं। हालाँकि, कुछ अन्य स्वस्थ विकल्प इस प्रकार हैं:     बिना मीठा किया हुआ नारियल पानी     100 प्रतिशत पतला फलों का रस     कम वसा वाला दूध या दूध के विकल्प     हर्बल चाय     हरी चाय     ताजे फलों का उपयोग करके घर पर बनाई गई स्मूदी    

भारत अब अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को हटाकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा

नई दिल्ली भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अब अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को हटाकर तीसरे स्थान पर पहुंच जाएगा। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बीवीआर सुब्रह्मण्यम 25 मई 2025 को लुटियन दिल्ली में एक बड़े कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठकर पत्रकारों के सामने जब यह ऐलान कर रहे थे, तब नरेंद्र मोदी के भारत के प्रधानमंत्री के तीसरे कार्यकाल के तौर पर 4018 दिन गुजर चुके थे। मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और आज 26 मई 2025 है यानी पीएम के तौर उनके कार्यकाल का आज 4019वां दिन है। इनमें 1148 वीकेंड, 122 हॉलीडेज और 2747 कामकाजी दिन शामिल हैं। दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था सुब्रह्मण्यम 10वीं नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे जिसमें उन्होंने कहा, “मैं जब बोल रहा हूं, तब हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और 4 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी हैं और यह मेरा डेटा नहीं है। यह आईएमएफ का डेटा है। आज भारत जापान से भी बड़ी अर्थव्यवस्था है।” उन्होंने बताया, “केवल संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और जर्मनी ही हमसे बड़े हैं और जो योजना बनाई जा रही है, अगर हम उसी पर टिके रहते हैं, तो भारत अगले 2, 2.5 से 3 वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।” मोदी के कार्यकाल का कुल हासिल प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का कुल हासिल भारत का दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाना है…और अगर अर्थव्यवस्था के हिसाब-किताब की नजर में प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी के कार्यकाल के दिनों को देखा जाए तो पीएम मोदी अब तक जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद सबसे ज़्यादा समय तक चुने हुए प्रधानमंत्री हैं। नेहरू और इंदिरा गांधी मुख्यमंत्री नहीं थे। लेकिन वे 6,130 और 5,829 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे। 26 मई 2025 तक मोदी PM के तौर पर 4018 दिनों से ज़्यादा समय पूरा कर चुके हैं। इस लिस्ट में वह तीसरे पायदान पर पहुंच चुके हैं। उनसे पहले जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी हैं। मनमोहन सिंह तीसरे पायदान से खिसकर चौथे स्थान पर जा चुके हैं। जिस सड़क पर अर्थव्यवस्था दौड़ रही है, उसी रास्ते पर पीएम मोदी का कार्यकाल भी आगे बढ़ रहा है। माना जा रहा कि 2.5-3 साल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा, और यह भी संयोग देखिए कि नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए, मोदी को मार्च 2031 तक प्रधानमंत्री बने रहना होगा। सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री बने मोदी 17 सितंबर 2024 को नई दिल्ली स्थिति नेशनल मीडिया सेंटर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की प्रेस कॉन्फ्रेंस याद कीजिए। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के 100 दिन पूरे होने पर आयोजित की गई थी। यह वह दिन भी था जब 17 सितंबर 1950 को जन्मे मोदी 74 वर्ष के हुए थे। उस दिन अमित शाह प्रधानमंत्री मोदी के के तीसरे कार्यकाल के शुरुआती 100 दिनों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। तब उन्होंने कहा था… पीएम मोदी के 8 बड़े काम प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों में कई बड़े फैसले लिए हैं। केंद्र की मोदी सरकार ने कई फैसले लिए जिसमें आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचा को प्राथमिकता दी गई। 1. आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचा विकास: मोदी सरकार ने 2017 में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया, जिससे पूरे देश में एक समान कर व्यवस्था बनी। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिला और विदेशी निवेश आकर्षित किया गया। ‘स्टार्टअप इंडिया’ के जरिए नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया गया। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में रिकॉर्ड स्तर पर सड़कें बनाई गईं और ‘भारतमाला’ व ‘सागरमाला’ जैसी योजनाएं शुरू की गईं। मेट्रो नेटवर्क भी देश के कई शहरों में तेजी से फैला। 2. जनकल्याण और सामाजिक योजनाएं: प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 50 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए जिससे वित्तीय समावेशन को बल मिला। उज्ज्वला योजना के माध्यम से 9 करोड़ से अधिक गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए। स्वच्छ भारत मिशन के तहत 10 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए लाखों लोगों को घर मिले और आयुष्मान भारत योजना के तहत 50 करोड़ लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया गया। 3. डिजिटल और तकनीकी प्रगति: डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से ई-गवर्नेंस को बढ़ावा मिला, ग्रामीण क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचा और ऑनलाइन सरकारी सेवाएं आसान हुईं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए भारत ने डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बनाई। देश में 5G सेवा की शुरुआत हुई और सेमीकंडक्टर निर्माण जैसे कदम भी उठाए गए। 4. राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा: 2016 और 2019 में भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा दिया गया — तेजस लड़ाकू विमान, INS विक्रांत, अग्नि-V मिसाइल जैसे कई प्लेटफॉर्म विकसित हुए। माइनस्वीपर युद्धपोतों की योजना को फिर से शुरू किया गया ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती गतिविधियों का मुकाबला किया जा सके। 5. विदेश नीति और वैश्विक पहचान: ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘इंडो-पैसिफिक रणनीति’ के तहत भारत ने चीन के प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में काम किया। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय देशों के साथ संबंध मजबूत किए। भारत ने 2023 में G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत की। 6. शासन और संरचनात्मक सुधार: 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया, जिससे राज्य को विशेष दर्जा समाप्त हुआ। तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाया गया। ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना से प्रवासी मजदूरों को देश के किसी भी हिस्से में राशन मिलना संभव हुआ। 7. कृषि और ग्रामीण विकास: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के तहत किसानों को सीधे खातों में आर्थिक सहायता दी गई। ‘सौभाग्य योजना’ और ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ से गांवों में बिजली और सड़कें पहुंचीं। ‘जल जीवन मिशन’ के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य लिया गया। 8. क्राइसिस मैनेजमेंट: कोविड-19 महामारी के दौरान सरकार ने … Read more

हिंदू लड़कियों को फंसाने के बाद इस्लाम की शिक्षा दे रहे, गिरोह में कई कॉलेज फैकल्टी के भी शामिल होने की बात पीड़िताओं ने बताई

 भोपाल  मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में हिंदू लड़कियों के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की कई घटनाएं हाल ही में एक-एककर सामने आई हैं। सभी घटनाओं में समान बात यह भी पता चली है कि आरोपित हिंदू लड़कियों को फंसाने के बाद उन्हें इस्लाम की शिक्षा दे रहे थे। आरोपित लड़कियों में सनातन परंपरा के विरुद्ध जहर भरते और फिर समझाते कि हमारी दुआ में बहुत ताकत होती है। उनका ब्रेन वाश कर उन्हें बताते थे कि कलमा क्या होता है। रोजा क्यों रखा जाता है। हमारे इस्लाम में पद्धति कठिन जरूर है लेकिन दुआ जल्दी स्वीकार होती है। पीड़ित लड़कियों के बयान और बरामद साक्ष्यों से ऐसे कई तथ्य मिले हैं, जिससे पता चलता है कि फरहान और उसके साथियों का यह संगठित अपराध कई वर्षों से चला आ रहा था। भोपाल में दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के मुख्य आरोपित फरहान के ही मोबाइल में पुलिस को 64 लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें से 58 टीआईटी कॉलेज में पढ़ चुकी हैं। जोया लड़कियों को फोन करती थी हिंदू लड़कियों को फंसाने में फरहान की बहन जोया उसकी और अन्य आरोपितों की मदद किया करती थी। पीड़ित लड़कियों ने बताया कि जब वे फरहान से दूर जाने का प्रयास करती थी, तब जोया उन्हें फोन किया करती थी कि फरहान भाई अपसेट हैं। भाई आपको बहुत मानते हैं, आप उनसे एक बार बात कर लो। जोया भी वीडियो वायरल करने की धमकी देती थी एक पीड़िता ने जब जोया से दुष्कर्म और ब्लैकमेल की शिकायत की। उससे कहा कि फरहान के मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दो, वह हमारे वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, तो जोया ने डराया कि ज्यादा बोला तो भाई बाद में करेगा, मैं तेरे वीडियो पहले वायरल कर दूंगी। लापरवाही का चरम यह है कि इन तथ्यों के सामने आने के बाद भी भोपाल पुलिस ने जोया व फरहान के अन्य स्वजन को आरोपित नहीं बनाया। माता के जगराते में शामिल होते थे फरहान व अन्य आरोपित हिंदू लड़कियों को फंसाने और उनका विश्वास जीतने के लिए आरोपित माता के जगराते में भी शामिल होते थे। इसके बाद वे कहते कि आज से मैं भी वर्मा हो गया। जम्मू-कश्मीर और बंगाल के सर्वाधिक छात्र भोपाल स्थित टीआईटी कॉलेज में जिन हिंदू छात्राओं को लव जिहाद का शिकार बनाया गया, उस कॉलेज में जम्मू-कश्मीर और बंगाल के छात्र अधिक संख्या में प्रवेश लेते हैं। इनमें भी अधिकांश मुस्लिम वर्ग से आते हैं। यही वजह है कि कॉलेज प्रबंधन ने आरोपितों को बेजा संरक्षण दिया हुआ था। इस गिरोह में कई फैकल्टी के भी शामिल होने की बात पीड़िताओं ने बताई है। महंगी गाड़ियां, फाइव स्टार होटल और 50 लाख के ट्रांजैक्शन भोपाल में हिंदू छात्राओं से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के मुस्लिम आरोपियों से बड़ा खुलासा हुआ है। उनके बैंक खातों की पड़ताल से उनकी फंडिंग पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच के दौरान मुख्य आरोपी फरहान के दो बैंक खातों से करीब 50 लाख रुपये का लेनदेन मिला है। कमाल की बात यह है कि यह लेनदेन पिछले ढाई वर्षों में किया गया है। महंगी गाड़ियों और होटलों पर करता था खर्च प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि इन रुपयों के माध्यम से फरहान महंगी गाड़ियों और आलीशान होटलों में खर्च करता था और इसी तरह युवतियों को आकर्षित करता था। इसके बाद उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनसे दुष्कर्म करता, जिसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेलिंग करने लगता। आशंका है कि लेनदेन में बड़ी राशि इस काम के लिए बाहर से मिल रही वित्तीय मदद का हिस्सा हो सकती है। पुलिस ने साधी चुप्पी पुलिस ने इन बैंक खातों में हुए इस लेनदेन और फंडिंग की आशंकाओं पर अब तक चुप्पी ही साध रखी है। आपको बता दें कि करीब एक महीने की जांच के बावजूद पुलिस फंडिंग की बात से इनकार ही करती आ रही है, जबकि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और महिला आयोग की समिति ने आरोपियों की फंडिंग की जांच की अनुशंसा की थी। ढाई साल में 50 लाख के लेनदेन पर सवाल एक छात्र के बैंक खातों में महज ढाई साल में 50 लाख रुपये की राशि का लेनदेन एक बार फिर फंडिंग की ओर इशारा कर रहा है। बताया जा रहा है कि जांच में सामने आया है कि फरहान पुरानी गाड़ियां खरीदता-बेचता था। पहले वह बाइकों की डीलिंग करता था, जबकि एक साल से पुरानी कारों की खरीद-फरोख्त का काम भी कर रहा था। इस काम में अतीक नाम का एक युवक भी उसके साथ था। पुलिस ने उसके नाम से मिली छह से अधिक गाड़ियों को जब्त किया है। आशंका जताई जा रही है कि बैंक खाते में मिली लेनदेन की राशि इस कारोबार से भी जुड़ी हो सकती है। पीड़ित युवतियों के बैंक खातों का भी करता था इस्तेमाल वहीं, फरहान पीड़ित युवतियों के बैंक खातों का उपयोग भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए करता था। वह किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए शेयर बाजार में पैसा लगाता। यहां लेनदेन के लिए चंगुल में फंसी छात्राओं का बैंक खाता इस्तेमाल किया जाता। पुलिस को शक है कि वह मनी म्यूल एकाउंट की तरह इन खातों का इस्तेमाल कर रहा था।  खुलासा :रेप और ब्लैकमेलिंग के पीछे बड़े नेटवर्क और फंडिंग की आशंका राजधानी भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गंभीर तथ्य उजागर किए हैं. आयोग ने इस मामले को संगठित अपराध और संभावित धर्मांतरण नेटवर्क से जोड़ा है. इस संबंध में तैयार की गई जांच रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेज दी है. दरअसल, भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में कुछ छात्रों ने छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया और इसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित छात्राओं पर दबाव डाला कि वे अपनी परिचित अन्य लड़कियों को भी उनसे दोस्ती करने के लिए लाएं, अन्यथा वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित … Read more

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जैविक उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण नवाचारों की प्रशंसा की

उप राष्ट्रपति धनखड़ ने कृषि उद्योग समागम 2025 कृषि प्रदर्शनी का किया शुभारंभ कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया उप राष्ट्रपति धनखड़ ने जैविक उत्पादों, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण नवाचारों की प्रशंसा की  नरसिंहपुर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, राज्यपाल मंगुभाई पटेल एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम-2025 में कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। कृषि प्रदर्शनी में आधुनिक कृषि तकनीकों, यंत्रों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में ड्रोन आधारित कृषि तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युक्त उपकरण, पॉवर स्प्रेयर, सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र, जैविक एवं नैनो फर्टिलाइज़र सहित विविध नवीनतम संसाधनों को प्रदर्शित किया गया। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सभी स्टॉलों का अवलोकन कर विकसित की गई तकनीकों की प्रशंसा की। उप राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी में कृषकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उत्पादों की गुणवत्ता, तकनीक एवं विपणन के विषय में जानकारी ली तथा उनके नवाचारों की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के प्रयासों की सराहना की एवं उन्हें आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए सशक्त कड़ी बताया। पशुपालन विभाग द्वारा आचार्य गोवंश संवर्धन योजना के अंतर्गत प्रदर्शनी में भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारू गायों का प्रदर्शन किया गया। इसमें गिर नस्ल की उस गाय को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया, हाल ही में आयोजित भारतीय उन्नत नस्ल की दुधारु गाय प्रतियोगिता 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उपराष्ट्रपति धनखड़ ने स्वयं गाय को चारा खिलाकर गौसंवर्धन के प्रति अपनी संवेदनशीलता प्रदर्शित की।  

हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया 140 करोड़ भारतीय एकजुट होकर विकसित भारत का निर्माण कर रहे हैं: प्रधानमंत्री हमारे देश की प्रगति के लिए हमें जो कुछ भी चाहिए, वह यहीं, भारत में ही होना चाहिए: प्रधानमंत्री आदिवासी समाज के विकास के लिए पिछले 11 वर्षों में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं: प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, यह हम भारतीयों के मूल्यों और भावनाओं की अभिव्यक्ति है: प्रधानमंत्री दाहोद  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के दाहोद में 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित किया। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि 26 मई का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन उन्होंने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने गुजरात के लोगों के अटूट समर्थन और आशीर्वाद को स्वीकार किया, जिन्होंने उन्हें देश का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इस विश्वास और प्रोत्साहन ने दिन-रात देश की सेवा के लिए उनके समर्पण को बढ़ावा दिया है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने ऐसे अभूतपूर्व और अकल्पनीय निर्णय लिए हैं, जो दशकों पुरानी बाधाओं से मुक्त हुए हैं और हर क्षेत्र में आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा, “आज देश निराशा और अंधकार के युग से निकलकर आत्मविश्वास और आशावाद के नए युग में प्रवेश कर चुका है।”                      मोदी ने कहा, “140 करोड़ भारतीय एक विकसित भारत के निर्माण में एकजुट हैं”, उन्होंने भारत के भीतर आवश्यक वस्तुओं के निर्माण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन और निर्यात दोनों में लगातार वृद्धि हो रही है। भारत अब स्मार्टफोन, ऑटोमोबाइल, खिलौने, रक्षा उपकरण और दवाओं सहित कई तरह के उत्पादों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भारत न केवल रेल और मेट्रो तकनीक का निर्माण कर रहा है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर निर्यात भी कर रहा है। इस प्रगति का एक प्रमुख उदाहरण दाहोद को बताते हुए, जहां हजारों करोड़ रुपये की प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ किया गया, मोदी ने दाहोद इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव फैक्ट्री को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उजागर किया। उन्होंने तीन साल पहले इसकी आधारशिला रखने को याद किया और गर्व व्यक्त किया कि अब पहला इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव सफलतापूर्वक निर्मित किया गया है। उन्होंने लोकोमोटिव को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो गुजरात और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि गुजरात ने अपने रेलवे नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण हासिल कर लिया है, इसे एक उल्लेखनीय मील का पत्थर बताया और इस उपलब्धि के लिए गुजरात के लोगों को बधाई दी। दाहोद के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे संबंधों और इस क्षेत्र से जुड़ी कई यादों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे दशकों से दाहोद आते रहे हैं और अपने शुरुआती वर्षों में वे अक्सर साइकिल से इस क्षेत्र का भ्रमण करते थे। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन अनुभवों से उन्हें दाहोद की चुनौतियों और संभावनाओं दोनों को समझने का मौका मिला। मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भी वे कई बार इस क्षेत्र का दौरा करते रहे और इसके मुद्दों को हल करने के लिए निर्णायक कदम उठाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दाहोद में हर विकास पहल से उन्हें अपार संतुष्टि मिलती है और आज का दिन उनके लिए एक और सार्थक दिन है।    पिछले 10-11 वर्षों में भारत के रेलवे क्षेत्र के तेजी से विकास पर प्रकाश डालते हुए, मोदी ने मेट्रो सेवाओं के विस्तार और सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनों की शुरूआत पर जोर दिया, जिससे पूरे देश में कनेक्टिविटी बदल रही है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत ट्रेनें अब लगभग 70 मार्गों पर चल रही हैं, जो भारत के परिवहन नेटवर्क को और मजबूत बनाती हैं। उन्होंने अहमदाबाद और वेरावल के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत की घोषणा की। मोदी ने आगे कहा कि भारत में आधुनिक ट्रेनों का उदय देश की प्रौद्योगिकी में प्रगति के कारण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोच और लोकोमोटिव अब घरेलू स्तर पर निर्मित होते हैं, जिससे आयात पर निर्भरता कम होती है। मोदी ने कहा, “भारत रेलवे उपकरणों के एक प्रमुख निर्यातक के रूप में उभरा है”, उन्होंने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया को मेट्रो कोच और इंग्लैंड, सऊदी अरब और फ्रांस को ट्रेन कोच निर्यात करता है। उन्होंने कहा कि मैक्सिको, स्पेन, जर्मनी और इटली भी भारत से रेलवे से संबंधित घटक आयात करते हैं। मोदी ने आगे कहा कि भारतीय यात्री कोच मोजाम्बिक और श्रीलंका में इस्तेमाल किए जा रहे हैं, और ‘मेड इन इंडिया’ लोकोमोटिव कई देशों को निर्यात किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के निरंतर विस्तार को दर्शाता है तथा राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करता है।                              प्रधानमंत्री ने कहा, “एक मजबूत रेलवे नेटवर्क सुविधा को बढ़ाता है और उद्योगों और कृषि को बढ़ावा देता है”, उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत के कई क्षेत्रों को पिछले दशक में पहली बार रेलवे कनेक्टिविटी मिली है। उन्होंने कहा कि गुजरात के कई इलाकों में पहले केवल छोटी, धीमी गति वाली ट्रेनें थीं, लेकिन अब कई नैरो-गेज मार्गों का विस्तार किया गया है। दाहोद और वलसाड के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन सहित कई रेलवे मार्गों के उद्घाटन की घोषणा करते हुए, जिससे आदिवासी क्षेत्र को बहुत लाभ होगा, प्रधानमंत्री ने कहा कि कारखाने युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि दाहोद की रेल फैक्ट्री 9,000 हॉर्स पावर के इंजनों का निर्माण करेगी, जिससे भारत की ट्रेनों की शक्ति और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, उन्होंने कहा कि दाहोद में बनने वाले हर इंजन पर शहर का नाम होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में सैकड़ों इंजन बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के … Read more

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