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मध्य प्रदेश PWD में हुए थोकबंद तबादले, देखें पूरी लिस्ट

भोपाल प्रदेश में तबादला नीति को मंजूरी मिलने के बाद से ही मध्य प्रदेश सरकार में तबादलों ने रफ़्तार पकड़ ली है, राज्य शासन के अलग-अलग विभाग रोज कोई न कोई तबादला आदेश जारी कर रहे हैं, अभी कुछ दिन पहले ही लोक निर्माण विभाग में 20 अफसरों के तबादले हुए थे वहीं आज फिर से 41 सहायक यंत्रियों के तबादले कर दिए गए हैं।      

मुख्यमंत्री ने किया लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास के लिए भूमि-पूजन

लालबाग के ऐतिहासिक स्थल के सौंदर्यीकरण व पर्यटन संवर्धन हेतु 24 महीने में होगा पुनर्निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 47.59 करोड़ की लागत से लालबाग पैलेस का संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में होगा विकास: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास के लिए भूमि-पूजन मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक लालबाग पैलेस का भ्रमण कर किया अवलोकन मंत्रि-परिषद सदस्यों की उपस्थिति में हुई लालबाग के ऐतिहासिक परिवर्तन की शुरुआत इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को इंदौर के ऐतिहासिक स्थल लालबाग पैलेस पहुंचकर होल्कर राजवंश के संस्थापक सूबेदार मल्हारराव होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने 47.59 करोड़ रूपये लागत से लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं उद्यान पुनर्विकास कार्य का भूमि-पूजन किया। उन्होंने लालबाग पैलेस का भ्रमण भी किया, जहां उन्होंने महल की ऐतिहासिक संरचना और सौंदर्य का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस  ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के प्रयास कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए बैठक कक्ष, क्राउन हॉल, बैंकेट हॉल, दरबार हॉल, किंग्स ऑफिस, मंत्रणा कक्ष, पश्चिमी बैठक कक्ष, भारतीय भोजन कक्ष पुरुष एवं महिला, बॉल रूम आदि की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की। आर्किटेक्ट पुनीत सोहल द्वारा लालबाग पैलेस परियोजना का प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को उन्होंने लालबाग पैलेस के जीर्णोद्धार एवं पुनर्विकास के लिए किए गए कार्य एवं आगामी कार्य योजना से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस महत्वाकांक्षी कार्य के सफलतापूर्वक पूर्ण होने की कामना व्यक्त की। यह कार्य लालबाग के समृद्ध इतिहास और उसकी पुनः प्रतिष्ठा के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है। उद्यान और होल्कर्स की विरासत को जीवंत रखने, उद्यान को सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधि स्थल के रूप में विकसित करने एवं ऐतिहासिक अवधारणा पर आधारित रचना अनुसार पुनःविकसित करने के उद्देश्य से यह कार्य किया जाएगा। इसके लिए 47.59 करोड़ की स्वीकृति सिंहस्थ मद अंतर्गत प्राप्त हुई है। यह कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा किया जाएगा। कार्य की समय सीमा 24 माहअर्थात मई 2027 निर्धारित है। इसमें  बाउंड्री वाल,  पाथवे,  पार्किंग, सॉफ्ट स्केपिंग एवं सिंचाई, जनसुविधा, टिकिट काउंटर, उद्यान कैफे,  मुक्ताकाश मंच, मंडप,रानी अहिल्या बाई आत्मरक्षा केंद्र (बालिकाओं के लिए), वनस्पति रक्षा ग्रह, बाहरी विद्युतीकरण, सजावटी प्रकाश खंभे, बगीचे के लिए पाइप संगीत प्रणाली, सीसीटीवी आदि का कार्य किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मंत्रि-परिषद के सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिन्होंने परियोजना की महत्वता और विकास के प्रति सरकार के संकल्प का समर्थन किया।  

राहुल गांधी नए युग के मीर जाफर हैं, आसिम मुनीर संग हाफ फोटो शेयर कर अमित मालवीय ने साधा निशाना

नई दिल्ली पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया. इस ऑपरेशन की सफलता को लेकर एक तरफ जहां सरकार देश-विदेश में अभियान चला रही है. वहीं राहुल गांधी इस ऑपरेशन का हिसाब-किताब मांगने में जुटे हैं. ऐसे में अब बीजेपी नेता ने राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से कर दी है. बीजेपी आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने कहा कि यह चौंकाने वाला नहीं है कि राहुल गांधी पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को लेकर प्रधानमंत्री को बधाई भी नहीं दी. इसके बजाए वह बार-बार पूछ रहे हैं कि हमने कितने एयरक्राफ्ट गंवा दिए जबकि इस सवाल का जवाब डीजीएमओ की ब्रीफिंग में पहले से दिया जा चुका है. मालवीय ने कहा कि राहुल ने हालांकि एक बार भी ये जानने की कोशिश नहीं की कि इस संघर्ष के दौरान पाकिस्तान के कितने जेट मार गिराए गए या फिर कितनों को नष्ट किया गया. राहुल गांधी को आगे क्या मिलेगा? निशान-ए-पाकिस्तान? क्या है पूरा मामला? बता दें कि इस पोस्ट के साथ अमित मालवीय ने एक तस्वीर भी पोस्ट की है, जिसमें आधा चेहरा पाकिस्तानी सेना के चीफ आसिम मुनीर का और आधा चेहरा राहुल गांधी का नजर आ रहा है. वह एक और पोस्ट कर कहते हैं कि राहुल गांधी नए युग के मीर जाफर हैं. पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया. इस पूरे ऑपेरशन को लेकर राहुल गांधी बार-बार पूछ रहे हैं कि इस पूरे ऑपरेशन के दौरान भारत के कितने एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुंचा है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विदेश मंत्री जयशंकर से सवाल करते हुए कहा था कि विदेश मंत्री जयशंकर चुप है. उनकी यह चुप्पी बहुत कुछ कह रही है. ये निंदनीय है. इसलिए मैं दोबारा पूछूंगा कि पाकिस्तान को हमले का पता होने की वजह से हमने कितने एयरक्राफ्ट खो दिए? यह सिर्फ चूक नहीं थी. यह अपराध था और देश को सच्चाई जानने का हक है. इससे पहले भी राहुल गांधी ने जयशंकर पर निशाना साधते हुए कहा था कि हमला करने से पहले पाकिस्तान को बताना एक अपराध है. विदेश मंत्री ने सार्वजनिक तौर पर इसे स्वीकार किया है. इसकी मंजूरी किसने दी? हमने कितने एयरक्राफ्ट खोए? इससे पहले 11 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एयर मार्शल एके भारती ने कहा था कि हम युद्ध की स्थिति में है और नुकसान इसका एक हिस्सा है. सवाल ये है कि क्या हमने अपना उद्देश्य हासिल कर लिया है? इसक जवाब है हां. उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी डिटेल पर वह फिलहाल टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि हम अभी भी युद्ध की स्थिति में है और ऐसी कोई भी जानकारी दुश्मनों के हाथ लगाना सही नहीं है. एयर मार्शल ने कहा कि भारत के सभी पायलट सुरक्षित लौट आए हैं. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि हमने ऑपरेशन की शुरुआत में पाकिस्तान सरकार को मैसेज भेजा था कि हम आतंकी ठिकानों को निशाना बना रहे थे लेकिन हम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा. ऐसे में सेना के पास पीछे हटने और हस्तक्षेप नहीं करने का विकल्प है. पाकिस्तान ने इस सलाह को नहीं सुनने में ही अपनी भलाई समझी. बता दें कि मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था, जिसने प्लासी के युद्ध में सिराजुद्दौला के खिलाफ ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी का साथ देकर विश्वासघात किया था.  

शासन के द्वारा छात्रवृत्ति की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर

 रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित, रायपुर द्वारा संचालित विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों को छात्रवृत्ति का वितरण किया गया। यह राशि सुकमा जिले के लाभार्थियों अथवा उनके माता-पिता के बैंक खातों में सीधे अंतरित की गई।     वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वन विभाग के अधिकारियांे को स्पष्ट रूप से निर्देशित किए है कि विभाग द्वारा चलाई जा रही शासकीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा सभी लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाया जाए।     वन मंडलाधिकारी सुकमा श्री अक्षय भोंसले ने बताया कि मेधावी छात्रवृत्ति योजना के तहत 46 छात्रों को कुल, एक लाख चौबीस हजार पांच सौ रूपए की राशि वितरित की गई है। वहीं प्रतिभाशाली छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत कुल 34 छात्रों को पांच लाख सत्तर हजार रूपए की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इसके अलावा व्यवसायिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 6 विद्यार्थियों को कुल चालीस हजार रूपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि प्रदान की गई है।     वनमंडलाधिकारी श्री भोंसले ने यह भी बताया कि एक अभिनव पहल के रूप में वन विभाग के कर्मचारियों को यह निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार को इस आर्थिक सहायता की जानकारी दें और यह सुनिश्चित करें कि लाभार्थियों को राशि की जानकारी समय पर मिले। इसके साथ ही उन्होंने जंगल में रहने वाले समुदायों से आह्वान किया है कि वे आगे आएं और तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य में भाग लें, जिससे वे भी शासन की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित हो सकें। यह योजनाएँ न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को प्रोत्साहित करती हैं, बल्कि वनवासियों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करती हैं। जिले के प्रभारी मंत्री और वन मंत्री श्री केदार कश्यप एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री श्रीनिवास राव के निर्देशानुसार वन विभाग का यह प्रयास समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

ऐसा तो पाकिस्तान में ही मुमकिन है! भारत से बुरी तरह पिटे, फिर भी मुनीर का प्रमोशन

करांची  पाकिस्तान की शहबाज शरीफ ने मंगलवार को बड़ा फैसला करते हुए आसिम मुनीर को बड़ी उपलब्धि से नवाज दिया है. शहबाज शरीफ कैबिनेट ने आर्मी चीफ आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किया है. आसिम मुनीर पाकिस्तान के दूसरे फील्ड मार्शल होंगे, इससे पहले जनरल अय्यूब खान फील्ड मार्शल के पद तक पहुंचे थे. पाकिस्तान की कैबिनेट ने मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट ने जनरल असीम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.पाकिस्तान में फील्ड मार्शल का पद पाकिस्तानी सशस्त्र बलों में सर्वोच्च पद है. जनरल असीम मुनीर देश के इतिहास में दूसरे फील्ड मार्शल बन गए हैं, इससे पहले अयूब खान 1959-1967 के बीच इस पद के कार्यरत थे. असीम मुनीर ने पाकिस्तान में रखी आतंकवाद 2.0 की बुनियाद, तीसरी नस्ल भी बर्बाद!  पाकिस्तान एक ऐसा अभागा देश है जहां के बच्चों को पढ़ने लिखने की नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ जिहाद का जहर चटाकर जवान किया जाता है। यही वजह है कि आम पाकिस्तानियों में भारत के खिलाफ इतनी नफरत भरी हुई है। पाकिस्तान की सेना देश की युवा पीढ़ी को आतंक की नई नस्ल बनाने के लिए काफी तेजी से काम कर रही है और असीम मुनीर की नियुक्ति का मतलब भी यही करना था। भारत के शीर्ष खुफिया सूत्रों का मानना है कि जनरल असीन मुनीर को पाकिस्तानी सेना का प्रमुख बनाना सिर्फ एक आम नियुक्ति नहीं है, पाकिस्तान की तीसरी पीढ़ी को भी कट्टरपंथी जिहादी राजनीति में शामिल करने के एक और खतरनाक दौर की शुरूआत है। पाकिस्तान में ऐसा सालों से होता आया है और पाकिस्तान की सेना के जनरल देश की अवाम को भारत के खिलाफ जिहाद शुरू करने के लिए हमेशा से भड़काते रहे हैं।  ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि जनरल आसिम मुनीर मजहब को हथियार बनाकर एक ऐसे “जिहाद” को आगे बढ़ा रहा है, जो न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है।  रिपोर्ट में भारत के शीर्ष खुफिया सूत्रों ने पाकिस्तान में जिहाद के खतरनाक डेवलपमेंट को लेकर चेतावनी दी है। जनरल असीम मुनीर के जहरीले भाषण के बाद ही आतंकवादियों ने पहलगाम में आतंकी हमला किया था और लोगों से धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी थी। भारत के शीर्ष खुफिया सूत्रों का मानना है कि जनरल असीम मुनीर का भाषण सिर्फ बयानबाजी नहीं था, बल्कि इसे हत्या करने का आदेश के रूप में देखना चाहिए। पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी ऐसा करते रहे हैं और मजहब को हथियार बनाकर भारत के खिलाफ जिहाद लड़ने के लिए अपने देश के लोगों को जमा करते रहे हैं। देश की तीसरी पीढ़ी को भी जहरीला बना रहे असीम मुनीर सूत्रों का कहना है कि असीम मुनीर पाकिस्तान की तीसरी पीढ़ी को भी उसी रास्ते पर ले जा रहा हैं, जिस रास्ते पर भारत के खिलाफ नफरत सिखाया जाता है। असीम मुनीक की स्ट्रैटजी हाफिज सईद और मौलाना मसूद अजहर के कश्मीर को आजाद कराने के लक्ष्यों के मुताबिक ही है। हालांकि हााफिज सईद और मसूद अजहर आतंकवादी हैं और उन्हें सरकारी संसाधन नहीं मिले हैं, लेकिन असीम मुनीर सेना का कमान संभाले हुए इन्हीं आतंकवादियों वाले काम कर रहा है। यानि पाकिस्तान की सेना ने भारत के खिलाफ जिहाद को अपना मुख्य मकसद बना लिया है। असीम मुनीर पाकिस्तान के ऐसे पहले सेनाध्यक्ष हैं, जिसे पूरा कुरान याद है और देश की सेना में उसे मौलाना के तौर पर पहचान हासिल है। वो अपने हर भाषण में कुरान की आयतों का हवाला देता है और ‘पवित्र युद्ध’ की बात करता है। असीम मुनीर पाकिस्तान के नागरिक समाज और सेना में धार्मिक भावना का इस्तेमाल कर रहा है ताकि ‘जिहाद’ को एक स्टेट पॉलिसी की तरह अपनाया जा सके।  सूत्रों के हवाले से बताया है कि असीम मुनीर ने पाकिस्तान की सेना के ट्रेनिंग कार्यक्रमों में भड़काऊ भाषण करने वाले मौलानाओं को बुलाना शुरू कर दिया है और उसने जवानों को कहना शुरू कर दिया है कि ‘कश्मीर को आजाद करवाना ऊपरवाले का आदेश है।’ यही सब बातें हाफिज सईद और मसूद अजहर भी करते हैं। लिहाजा धीरे धीरे फर्क करना मुश्किल होता जा रहा है कि पाकिस्तान की सेना कहीं आतंकवादी संगठन में तो तब्दील नहीं होने लगी है। सूत्रों का कहना है कि असीम मुनीर अक्सर कुरान की आयतें पढ़ता रहता है और बैठकों के दौरान कुरान की आयतों को ही अपने तर्ज पर व्याख्या करते हुए भाषण देता रहता है। सूत्रों ने कहा है कि छद्म युद्ध के लिए मुनीर बार बार कुरान का हवाला देता है और हाफिज सईद या मसूद अजहर की तरह ही भारत के खिलाफ लड़ाई को अल्लाह के लिए लड़ाई बताता है। असीम मुनीर के आने के बाद लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे समूहों के लिए पाकिस्तान में भारी समर्थन हो गया है। उन्हें ड्रोन, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराए गए हैं। सूत्रों से पता चलता है कि मुनीर ने ISI सहित पाकिस्तान की सैन्य-खुफिया मशीनरी का इस्तेमाल करते हुए हिंदुओं को निशाना बनाकर 2025 के पहलगाम नरसंहार जैसे हमलों को अंजाम दिया है। पाकिस्तान सेना का मकसद अब कश्मीरी मुस्लिम समाज में धार्मिक चरमपंथ को दोबारा पनपाना है। इसके अलावा कट्टरपंथी मौलवियों के जरिए भारत के अंदर भी कट्टरपंथी विचारधारा को भड़काने की कोशिश किया जाना है और पहलगाम आतंकी हमले से पहले टू नेशन थ्योरी और मुसलमानों को हिंदुओं से अलग बताना उसकी इसी कोशिश को दिखाता है।

प्रधानमंत्री मोदी को राहवीर योजना को लागू किए जाने के लिए मंत्रि-परिषद ने किया धन्यवाद ज्ञापित

प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन 31 मई को भोपाल में प्रधानमंत्री मोदी इंदौर मेट्रो तथा सतना और दतिया एयरपोर्ट का करेंगे वर्चुअल लोकार्पण लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर दिनांक 20 मई से 31 मई तक प्रदेश में सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रम उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में नरसिंहपुर में 26 से 28 मई तक कृषि-उद्योग समागम पचमढ़ी में जनजातीय राजा भभूत सिंह की स्मृति में मंत्रि-परिषद की बैठक 3 जून को प्रधानमंत्री मोदी को राहवीर योजना को लागू किए जाने के लिए मंत्रि-परिषद ने किया धन्यवाद ज्ञापित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले सदस्यों को किया संबोधित इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर का जीवन समाज, संस्कृति और राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व भारत की अमोल निधि है। लोकमाता के सुशासन के साथ ही न्याय, शिक्षा, समाज कल्याण, धर्म कल्याण, जल संरक्षण और संवर्धन आदि के कार्यों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके जीवन से प्रेरणा लेने के लिए इंदौर में मंत्रि-परिषद की बैठक आयोजित की गई है। मालवा का गौरवशाली और स्वर्णिम इतिहास रहा है। इसे रेखांकित करने के आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मालवा के ऐतिहासिक व्यक्तित्व मल्हार राव होल्कर, लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर, बाजीराव आदि को स्मरण करते हुए मालवा की धरती को नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के राजवाड़ा के दरबार हाल में मंत्रि-परिषद की बैठक के पहले सदस्यों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणा वाक्य “विरासत से विकास की ओर” से प्रेरणा लेकर विरासत के संरक्षण और संवर्धन करते हुए विकास की अवधारणा को मूर्त रूप दिया जा रहा है। मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जनजातीय वीरांगना रानी दुर्गावती की स्मृति में जबलपुर में आयोजित की गई थी। आज लोकमाता अहिल्याबाई को समर्पित मंत्रि-परिषद की बैठक की जा रही है। उन्होंने कहा कि आगामी 3 जून को पचमढ़ी में जनजातीय राजा भभूत सिंह की स्मृति में मंत्रि-परिषद की बैठक का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में देश में अग्रणी प्रदेश है। कृषि और कृषि उत्पाद को बढ़ावा देने के साथ कृषकों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार कटिबद्ध है। खेत में उपज से कारखाने और कारखाने से उद्योग तक की संकल्पना को चरितार्थ करते हुए उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में नरसिंहपुर में 26 से 28 मई की अवधि में कृषि-उद्योग समागम का आयोजन किया जा रहा है। म.प्र. सरकार किसानों तक नवीनतम तकनीक पहुंचाने, खाद्य प्र-संस्करण उद्योगों को बढावा देने तथा किसानों को अपने उत्पाद का सही मूल्य दिलाने के हर प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य आतिथ्य में 31 मई को भोपाल में महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन आयोजित होगा। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के साथ भोपाल के जम्बूरी मैदान में महिला उद्यमियों, कामगारों, महिला स्व-सहायता समूहों, लाड़ली बहनों का महिला सशक्तिकरण महा सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश से 2 लाख से अधिक महिलाओं की सहभागिता होगी। महा सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी इंदौर मेट्रो का लोकार्पण तथा सतना एवं दतिया एयरपोर्ट का वर्चुअल लोकार्पण भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 20 मई से 31 मई 2025 तक कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन, नर्मदापुरम, ग्वालियर और अन्य स्थानों पर सांस्कृतिक और साहित्यिक आयोजन होंगे। 22 मई को कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर पर केंद्रित महानाट्य “अहिल्याकथान संनादति” का मंचन किया जाएगा। 23 मई को ग्राम-महिदपुर, उज्जैन में देवी अहिल्या पर केंद्रीत महिला कवि सम्मेलन आयोजित होगा। ग्वालियर में 24 मई को नर्मदापुरम में 26 मई को, 27 मई को भोपाल में और बैतूल में 28 मई को महानाट्य “अहिल्याकथान संनादति” का मंचन होगा। इंदौर में 28 मई को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर पर केंद्रीत एकल कविता पाठ और सांस्कृतिक गतिविधियां होंगी, वहीं 29 मई को लता मंगेशकर ऑडिटोरियम, इंदौर में देवी अहिल्या केंद्रीत महानाट्य “शिवयोगिनी अहिल्या” का मंचन होगा। अंतिम दिन, 31 मई को राजवाड़ा परिसर, इंदौर में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर को समर्पित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के साथ प्रदेशव्यापी आयोजन का समापन होगा। यह आयोजन लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के योगदान को याद करने और उनकी विरासत को सम्मान देने का एक प्रयास है। प्रधानमंत्री मोदी को राहवीर योजना को लागू किए जाने के लिए मंत्रि- परिषद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एक्सीडेंट में घायल प्रत्येक व्यक्ति के लिए “108 एम्बुलेंस, एयर एम्बुलेंस” तो शुरू की ही है, इसके साथ ही भारत सरकार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा “राहवीर योजना” प्रारंभ की गई है। इस योजना को भी प्रदेश में लागू कर दिया है, इसके क्रियान्वयन के लिए जिला कलेक्टर को आदेशित कर दिया है। योजना में प्रावधान है कि यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में किसी घायल व्यक्ति को उसके गोल्डन-ऑवर (प्रारंभिक 1 घंटे) में चिकित्सा हेतु अस्पताल तक पहुंचाता है, और उसकी जान बच जाती है, उस स्थिति में उसे  25 हजार रूपये का ईनाम दिया जाएगा, जो पूर्व में 5 हजार रूपये था । साथ ही यदि कोई नागरिक घायल व्यक्ति को सीधा अस्पताल ले जाता है, उस स्थिति में अस्पताल द्वारा पुलिस को सूचना दी जाएगी। संबंधित व्यक्ति को भी इस पत्र की प्रति दी जाएगी, साथ ही पुलिस द्वारा कलेक्टर को भी इस संबंध में एक पत्र लिखा जायेगा। परिवहन विभाग द्वारा व्यक्ति के खाते में सीधे राशि ट्रांसफर की जावेगी। मुख्यमत्री डॉ. यादव को मंत्रि-परिषद के सदस्यों ने इस वर्ष प्रदेश के 9 लाख किसानों से लगभग 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जाने पर धन्यवाद दिया। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 30 लाख) मीट्रिक टन अधिक (लगभग 62% अधिक) रहा है। गेहूं खरीद पर इस वर्ष लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को किया गया है। प्रदेश के जिन् … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौंपी सपनों के घर की चाबी और सम्मानजनक जीवन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अटल विहार योजना अंतर्गत 226 आवासों का लोकार्पण यह क्षण न केवल आपके जीवन का बल्कि शासन के जनकल्याणकारी प्रयासों का भी स्मरणीय पड़ाव है-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सौंपी सपनों के घर की चाबी और सम्मानजनक जीवन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के तहत् ग्राम मुरमुंदा स्थित अटल विहार योजना के अंतर्गत निर्मित 226 नवीन आवासों का विधिवत लोकार्पण कर हितग्राहियों को उनके सपनों का घर सौंपा। इस अवसर पर उन्होंने भवन क्रमांक 226 के स्वामी तुषार साहू को गृह प्रवेश कराते हुए कहा, आज हम आपको सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि आपके सपनों का आशियाना सौंप रहे हैं। यह क्षण न केवल आपके जीवन का बल्कि शासन के जनकल्याणकारी प्रयासों का भी स्मरणीय पड़ाव है। मुख्यमंत्री ने सभी हितग्राहियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन की प्राथमिकता है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को गरिमामय और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि अटल विहार जैसी योजनाएं जनसामान्य को न केवल आवासीय सुविधा देती हैं, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी अहम भूमिका निभाती हैं। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित थे। साकार हुआ वर्षों का सपना आवास क्रमांक 226 के लाभार्थी तुषार साहू ने मुख्यमंत्री के हाथों गृह प्रवेश प्राप्त कर अभिभूत होते हुए कहा कि हमेशा एक सुंदर, स्वच्छ और शांत वातावरण में रहने का सपना देखा था। वर्षों का यह सपना आज साकार हुआ। मुख्यमंत्री जी द्वारा गृह प्रवेश कराना मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। उन्होंने बताया कि यह 2 बीएचके आवास सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त है और बाज़ार मूल्य की तुलना में किफायती भी है। साहू इस अवसर पर अपने माता-पिता और परिजनों के साथ उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने उनके आवास का अवलोकन भी किया और निर्माण गुणवत्ता की सराहना की। कई हितग्राहियों को मिली चाबी इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा रूपनारायण देवांगन, अरुण साहू, तथा चंद्रशेखर राठौर को भी उनके आवास की चाबी सौंपी गई। भवन क्रमांक 215 के स्वामी अरुण साहू, जो भिलाई इस्पात संयंत्र में पदस्थ हैं। उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट से पहले अपने स्वप्निल घर में प्रवेश करना मेरे जीवन की सबसे सुखद अनुभूति है। अटल विहार योजना के माध्यम से राज्य शासन ने हमें वह अवसर दिया है, जिसकी वर्षों से प्रतीक्षा थी। उज्ज्वल आवासीय भविष्य की सौगात छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा संचालित अटल विहार योजना के तहत ग्राम मुरमुंदा में लगभग 10 एकड़ भूमि पर 24 करोड़ 57 लाख 98 हजार रुपए की लागत से कुल 226 स्वतंत्र आवास और 12 दुकानों का निर्माण किया गया है। इनमें 55 भवन ईडब्ल्यूएस श्रेणी, 69 एलआईजी-ए टाइप, 86 बी टाइप, 16 एमआईजी टाइप के हैं। सभी भवनों का विक्रय पूर्ण हो चुका है तथा 7 भवनों की रजिस्ट्री भी की जा चुकी है।

मुंबई में कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के मिले संकेत, खबरों के बीच इन शेयर पर टूटे निवेशक, खरीदने की लूट

मुंबई बीएमसी के अफसरों ने कहा है कि सिंगापुर, हांगकांग, पूर्वी एशिया और अन्य देशों में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। बीएमसी का स्वास्थ्य विभाग इस पर नियंत्रण रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।  देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक बार फिर कोरोना के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में कुछ 53 कोरोना के पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने कोरोना मरीजों के लिए गाइडलाइन जारी की है।  बीएमसी ने नई गाइडलाइन में लोगों को बताया है कि नगरपालिका अस्पतालों में कोविड-19 रोगियों के उपचार एवं मार्गदर्शन की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है। मुंबई महानगरपालिका के अस्पतालों में मरीजों के लिए विशेष बिस्तर और विशेष कमरों की व्यवस्था भी की गई है। कोरोना को लेकर बीएमसी कर्मचारी फिर अलर्ट बीएमसी की ओर से जारी बयान के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सिंगापुर, हांगकांग, पूर्वी एशिया और अन्य देशों में COVID मामलों की संख्या बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग COVID-19 के प्रसार पर नियंत्रण रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। जनवरी 2025 से अप्रैल 2025 तक कोविड मरीजों की संख्या बहुत कम आई थी। हालांकि, मई से अब तक कुछ मरीज देखे गए हैं, लेकिन बृहन्मुंबई नगर निगम प्रशासन नागरिकों से न घबराने की अपील कर रहा है। बीएमसी के अस्पताल में अलग से बेड की व्यवस्था बृहन्मुंबई नगर निगम के अस्पतालों में कोरोना मरीजों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कई कदम उठाए गए हैं. कोरोना मरीजों के लिए सेवन हिल्स अस्पताल में 20 बिस्तर (एमआईसीयू), 20 बिस्तर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए और 60 सामान्य बिस्तर हैं. इसके अलावा, कस्तूरबा अस्पताल में 2 गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बेड और 10 बेड का वार्ड है. यदि आवश्यक हुआ तो यह क्षमता बढ़ाई जा सकती है. कोविड-19 के लक्षण COVID-19 के सामान्य लक्षणों में मुख्य रूप से बुखार, खांसी (सूखी या कफ के साथ), गले में खराश या दर्द, थकान महसूस होना, शरीर में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं। इसके साथ ही कभी-कभी सर्दी, नाक बहना, स्वाद या गंध का एहसास न होने जैसे लक्षण भी शामिल हो सकते हैं। ये लक्षण प्रायः सामान्य सर्दी-जुकाम के समान हो सकते हैं। प्रत्येक व्यक्ति में भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। गंभीर मामलों में सांस लेने में कठिनाई एक बड़ा खतरे का संकेत है। कोविड से बचने के उपाय अगर आपको कोई भी लक्षण महसूस हो तो आपको तुरंत किसी नगरपालिका क्लिनिक, अस्पताल या पारिवारिक चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। ताकि कोरोना को फैलने से समय पर रोका जा सके। इस बीच, कोविड वैक्सीन बनाने वाली कंपनी के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है। साथ ही अन्य फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी बढ़ी है। आज मंगलवार को ग्लोबल वैक्सीन निर्माता फाइजर इंक की भारतीय यूनिट फाइजर लिमिटेड के शेयर एनएसई पर 13% तक चढ़ गए और 5,009 रुपये के पार पहुंच गए थे। इन शेयरों में भी तेजी अजंता फार्मा के शेयर में आज तेजी है। इसके अलावा, एबॉट इंडिया लिमिटेड, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड में तेजी है। डिवीज़ लैबोरेटरीज लिमिटेड, सनफार्मा, सिप्ला समेत के शेयर फोकस में हैं। बता दें कि पिछली बार कोविड के समय शेयर बाजार पस्त पड़ गया था, बावजूद फार्मा कंपनी के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई थी। ऐसे में निवेशकों में फार्मा कंपनी के शेयरों को लेकर एक बार फिर उत्साह नजर आ रहा है और वे खरीदारी को लेकर अलर्ट हो गए हैं। बता दें कि ग्लोबल मार्केट में बीते सोमवार को साउथ कोरियाई डायग्नोस्टिक किट निर्माता सुगेंटेक इंक. सोमवार को 29% तक उछल गया था। जापान में, कोविड वैक्सीन निर्माता दाइची सैंक्यो के शेयरों में 7.4% तक की बढ़ोतरी हुई थी, जब यूबीएस द्वारा इसके टारगेट प्राइस को भी बढ़ा दिया गया। हांगकांग में, शंघाई जुंशी बायोसाइंसेज कंपनी, जो कोविड टीके भी बनाती है, के शेयरों में 4.3% तक की बढ़ोतरी हुई थी। भारत में स्थिति कंट्रोल बता दें कि देश के विभिन्न राज्यों में कुल 257 सक्रिय COVID मामले दर्ज हैं। इनमें से ज्यादातर मामले केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से सामने आए हैं। सरकार के मुताबिक, स्थिति कंट्रोल में और लगातार निगरानी में है। इस बार संक्रमण के लिए ओमिक्रोन के नए वेरिएंट JN.1 और इसके सब-वेरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। हालांकि, यह खतरनाक है भी नहीं। अभी इस तरह का कोई प्रमाण नहीं मिला है।  

मोहन कैबिनेट बैठक सम्पन्न, लिए गए अहम फैसले, इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर

इंदौर आज इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट की बैठक राजवाड़ा स्थित गणेश हॉल में आयोजित की गई। इस बैठक की खास बात यह रही कि परंपरा और संस्कृति को केंद्र में रखते हुए देवी अहिल्या बाई होलकर की प्रतिमा को बैठक में प्रमुख स्थान दिया गया। प्रतिमा को मुख्यमंत्री से भी आगे रखा गया, और बैठक की शुरुआत उनसे स्मरण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। यह दृश्य राज्य की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव का प्रतीक था। परंपरागत पहनावे में पहुंचे सीएम मोहन यादव कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री धोती-कुर्ता और भगवा दुपट्टा पहनकर पहुंचे, जो एक विशेष परंपरागत संदेश दे रहा था। पूरी बैठक का माहौल बेहद गरिमामय और अनुशासित रहा। सुरक्षा के लिहाज से सभी अधिकारियों और मंत्रियों के OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) को सघन चेकिंग के बाद ही हॉल में प्रवेश दिया गया। राज्य सरकार ने इस बैठक को न केवल प्रशासनिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी खास बनाने की पूरी तैयारी की थी। इन अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि देवी अहिल्या की 300वीं जयंती पर 21 मई से 31 मई का कई कार्यक्रम चलेंगे। कल का नाटक देखकर मुझे और प्रहलाद पटेल को भी आंसू आ गए। जबकि हम दोनों बहुत कठोर माने जाते हैं। हमें आंसू नहीं आते। हमारी वजह से दूसरों को आंसू आ जाते हैं। सीएम डॉ मोहन ने निर्णय लिया है कि प्रदेश का जो शहर मांगेगा। वहां हम ये नाटक कराएंगे। इसका प्रोग्राम तैयार हो गया है। इंदौर में एकल कविता पाठ लगातार चलेगा। वहीं ग्वालियर, भोपाल और बैतूल में भी ये नाटक किया जाएगा। कालिदास संस्कृत अकादमी उज्जैन में भी ये महानाट्य होगा। राहवीर योजना से मिलेगा 25 हजार का इनाम मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि राहवीर योजना… जब कभी एक्सीडेंट हो जाता है तो लोग देखकर आगे बढ़ जाते हैं। इस पर सीएम ने चिंता व्यक्त की। अब जहां पर भी एक्सीडेंट होगा। उसे अस्पताल पहुंचाया जाएगा। सरकार की ओर से 25 हजार रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। किसानों को हुआ 20 हजार करोड़ का भुगतान सरकार ने इस बार एमएसपी 2400-2500 रुपए तय की थी। सरकार ने 2600 रुपए प्रति क्विंटल में गेंहू खरीदा। पिछली बार से 30 लाख मीट्रिक टन ज्यादा खरीदी की है। किसानों को 20 हजार करोड़ रुपयों का भुगतान किया गया है। नरसिंहपुर में होगा किसान समागम नरसिंहपुर में 26 से 28 मई तक किसान समागम आयोजित किया जाएगा। जिसमें कृषि आधारित उद्योगों पर चर्चा होगी और ऑर्गनिक और प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच शहर महानगर बनेंगे मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आगे बताया कि इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर मेट्रोपॉलिटन विकास प्राधिकरण बनाने का फैसला किया गया। इसमें कुछ हिस्सा देवास और धार का भी मिलाया जाएगा। इसके नियमों को मंजूरी दी गई। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि नगर निगमों के काम प्रभावित न हों। सीएम इसके चेयरमैन होंगे। यहां आने वाले दिनों में पीने के पानी की जरूरत कितनी होगी? खेती के लिए कितने पानी की जरूरत होगी? कितने वाहनों के आवागमन की व्यवस्था करनी होगी? ये सब काम इसमें किए जाएंगे। इसमें सभी विधायक भी अपने सुझाव दे सकेंगे। मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता कार्यक्रम शुरु होगा स्वच्छ भारत मिशन पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किया गया है। 2.0 में कई ऐसे प्रावधान हैं जो नंबर वन में नहीं थे। अब हम मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता कार्यक्रम फिर शुरू कर रहे हैं। इसके लिए 277 करोड़ का प्रावधान किया है। विजयवर्गीय ने कहा- ये राशि कम लग रही है। आगे बढ़ाई जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन में नई मशीन या कचरा गाड़ी खरीदने के लिए प्रावधान नहीं है। बुनकरों के लिए 100 करोड़ का प्रावधान लोकमाता देवी अहिल्या ने उस समय रोजगार देने के लिए बुनकरों को महेश्वर में साड़ी बनाने का प्रशिक्षण दिया था। उनको समर्पित स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम हमने शुरू किया है। इसके तहत व्यक्ति को बैंक ब्याज से छूट दी जाएगी। योजना में 100 करोड़ का प्रावधान है। ओंकारेश्वर को मिलेंगे 2100 करोड़ ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की प्रतिमाओं के आसपास सनातन परंपराओं के विकास के लिए 2100 करोड़ का प्रावधान किया है। लोग रहकर पढ़कर, रिसर्च, अध्ययन, लाइब्रेरी में पढ़ सकेंगे। टूरिज्म के लिए बढ़िया रहेगा। भारत की सनातन परंपरा को जानने का मौका मिलेगा। एक हजार लोग रह सकें इसलिए होस्टल बन रही है। इसमें फाइव स्टार कमरे भी रहेंगे। संस्कृति केंद्र बनेगा। पर्यटन के क्षेत्र में क्रांति लाएगा। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद दर्शकों की संख्या बढ़ी है और इकोनॉमी बदली है। इसी तरह का काम ओंकारेश्वर के क्षेत्र में किया जाएगा जो इकोनॉमी बदलने का काम करेगा। एमवाय अस्पताल को 773 करोड़ इंदौर के एमवाय अस्पताल में 773 करोड़ रुपए से वर्तमान व्यवस्था से दोगुनी व्यवस्था होगी। यह हॉस्पिटल हार्ट, लिवर की सर्जरी होगी, ताकि लोगों को दिल्ली-मुंबई न जाना पड़े। रीवा के जिला अस्पताल को 321 करोड़ रुपए दिए हैं। सेंट्रल इंडिया के लिए गरीब और मध्यमवर्गीय के लिए बड़ा तोहफा है। वर्किंग वूमन हॉस्टल बनेंगे वर्किंग वूमन हॉस्टल इंडस्ट्रियल एरिया में बनाने के प्रस्ताव पर मंत्रियों ने सुझाव दिया है कि उद्योगपति सीएसआर फंड से भी यह काम कर सकते हैं। इसे पीपीपी मोड पर भी बनाने का काम किया जा सकता है। सभी जिलों में बनाएंगे। पीथमपुर में, मालनपुर, उज्जैन में बनेंगे। इंडस्ट्रिलिस्ट से सीएसआर मद में बनवाएंगे। पीपीपी मोड में भी बनवाएंगे। खासकर औद्योगिक क्षेत्र में महिलाएं सुरक्षित रह सकें, इसलिए ये योजना है।

मुख्यमंत्री ने मुंगेली जिला ग्रंथालय में किया अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।” वे आज सवेरे मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद श्री लखन साहू भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आदर्श विद्यार्थी के पाँच गुण “काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। एक छात्र द्वारा सोशल मीडिया के प्रभाव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, डिजिटल युग में अच्छाई को अपनाएं और बुराई से दूर रहें। श्री साय ने अपने छात्र जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले में शिक्षा के अवसर सीमित थे। नटवर स्कूल ही एकमात्र विकल्प था। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, कभी निराश न होने और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।         मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ और ‘नालंदा परिसर’ जैसे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुंगेली जिला ग्रंथालय की सराहना करते हुए बताया कि यह ग्रंथालय अब तक सैकड़ों युवाओं की सफलता की नींव बन चुका है। उन्होंने इसे केवल अध्ययन का स्थल न मानकर एक सफलता केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को तोप सिंह कुंभकार द्वारा उनके चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र तथा भगवद् गीता और अन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए। गौरतलब है कि जिला ग्रंथालय में वर्तमान में यहाँ 4780 से अधिक पुस्तकों का संग्रह, 893 पंजीकृत सदस्य, 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे हैं। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ दूसरे चरण का अभियान शुरू किया, 8 हजार अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त

अहमदाबाद  गुजरात के अहमदाबाद शहर में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का एक्शन जारी है। अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अधिक्रमण हटाने के लिए दूसरे चरण का अभियान शुरू कर दिया है। इसके तहत 2.5 लाख वर्ग मीटर की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, चंदोला क्षेत्र में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का काम शुरू भी कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। बता दें कि पहले चरण के अभियान में 1.5 लाख वर्ग मीटर की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया था। बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुका है चंडोला तालाब पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा कि ये अवैध निर्माण अवैध बांग्लादेशी नागरिकों का ठिकाना बन चुके थे. पिछले महीने शहर में 250 अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए थे, जिनमें से 207 चंडोला तालाब के अवैध निर्माणों में रहते थे और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े थे. इससे पहले साल 2009 में 95 अवैध बांग्लादेशी पकड़े गए थे, तब भी यहां डिमोलिशन किया गया था. डिमोलिशन के दूसरे चरण के दौरान एक जेसीपी, एक एडीसीपी, 6 डीसीपी, एसीपी, और पीआई सहित कुल 3 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे. 25 एसआरपी कंपनियां भी मौजूद रहेंगी. पहले चरण के दौरान स्थानीय लोगों ने गुजरात हाईकोर्ट में जाकर डिमोलिशन रोकने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध बताते हुए  डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी. इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे. अब दूसरे चरण में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा. प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि इस खाली जगह पर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो.     शहर के पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने बताया कि दो शिफ्ट में पुलिस के करीब 3000 कर्मियों और एसआरपी की 25 कंपनियों को तैनात किया गया है। अतिक्रमण हटाए जाने की प्रक्रिया अगले 3-4 दिनों तक चल सकती है।     प्रभावित क्षेत्रों में दो दिन से लाउडस्पीकर से घोषणा कर लोगों से घर खाली करने की अपील की गई थी। चंदोला क्षेत्र में बिना कानूनी दस्तावेज के काफी अवैध बांग्लादशी रहते थे। इसमें से अधिकतर को अब डिपोर्ट किया जा चुका है।     दावा था कि क्षेत्र के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल अवैध गतिविधियां संचालित करने के लिए भी किया जा रहा था। 2010 से पहले क्षेत्र में रहने वाले लोगों को ईडब्ल्यूएस आवास के लिए वार्ड कार्यालय से फॉर्म लेने को कह दिया गया है। सुरक्षाबल इलाके में गश्त कर रहे हैं। अधिकारियों ने दी जानकारी अहमदाबाद के डीसीपी रवि मोहन सैनी ने कहा, ‘ये पूरा तालाब का एरिया है। इसमें जो भी निर्माण किया गया है, वो अवैध है। इसलिए आज इसे हटाया जा रहा है। पहले चरण में हमने जब अतिक्रमण हटाया था, तब कई अवैध बांग्लादेशी प्रवासी पकड़े गए थे। उनके खिलाफ डिपोर्टेशन की कार्रवाई शुरू की गई थी। ज्यादातर मकान अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के बता दें कि इससे पहले 29 और 30 अप्रैल को अभियान के पहले चरण में लगभग 3 हजार अवैध मकानों को ध्वस्त किया गया था, जिनमें ज्यादातर अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के थे। दूसरे चरण में भी प्रशासन ढाई हजार से ज्यादा अवैध निर्माणों को निशाना बना रहा है। बता दें कि गुजरात पुलिस ने पिछले कुछ हफ्तों में हजारों अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनमें से बड़ी संख्या में अहमदाबाद में रह रहे बांग्लादेशी भी शामिल हैं। चंदोला लेक इलाके में चल रही इस कार्रवाई का मकसद अवैध कब्जों को हटाना और घुसपैठियों पर नकेल कसना है। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई चंदोला लेक का इलाका लंबे समय से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का गढ़ बना हुआ था, जहां मानव तस्करी और जाली दस्तावेजों का जाल फैला हुआ था। इस इलाके में अवैध कब्जे की शुरुआत 1970-80 के दशक में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में प्रवासी बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस क्षेत्र में सियासत नगर नाम से बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जों में तेजी आई। प्रशासन के अनुसार, इस इलाके में लोगों ने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण किए, जिनमें कई अवैध बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल थे। अवैध कब्जे की शुरुआत कब हुई? लंबे समय से चंदोला लेक का इलाका अवैध बांग्लादेशियों का गढ़ बना हुआ था, जहां ह्यूमन ट्रैफिकिंग और फेक डॉक्यूमेंट्स का जाल फैला था। अवैध कब्जे की शुरुआत 1970 में हुई, जब यहां बड़ी संख्या में माइग्रेंट के लिए बस्तियां बसाई गईं। 2002 में एक NGO ने इस एरिया में सियासत नगर नाम से एक बस्ती बसाई थी। इसके बाद 2010 से लेकर 2024 के बीच चंदोला झील की जमीन पर अवैध कब्जे बढ़ोतरी होने लगी। प्रशासन के मुताबिक, इस इलाके में लोगों ने कई बड़े अवैध निर्माण किए, जिनमें कई बांग्लादेशी नागरिक भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने की थी ये मांग गुजरात हाईकोर्ट में पहली स्टेज के दौरान लोकल लोगों ने जाकर डिमोलिशन रोकने को लेकर मांग की थी, लेकिन गुजरात कोर्ट ने तालाब पर बने सभी निर्माणों को अवैध करार देते हुए डिमोलिशन पर रोक नहीं लगाई थी। इसके बाद प्रशासन ने 4 हजार अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए थे। अब दूसरी स्टेज में बाकी अवैध निर्माणों को ध्वस्त करके तालाब का हिस्सा खाली करवाया जाएगा। प्रशासन यह भी नजर रखेगा कि खाली जगह पर फिर दोबारा कोई अवैध निर्माण न हो।

कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी करने वाले मंत्री शाह के खिलाफ जांच करेगी 3 सदस्यीय SIT टीम, जानें पूरा मामला

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ राज्य के मंत्री विजय शाह की टिप्पणी की जांच के लिए सोमवार देर रात तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है. विशेष जांच दल (एसआईटी) में पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा, उप महानिरीक्षक कल्याण चक्रवर्ती और पुलिस अधीक्षक वाहिनी सिंह शामिल हैं. सुप्रीम ने सोमवार को कर्नल कुरैशी पर की गई ‘‘अभद्र” टिप्पणी के लिए विजय शाह को फटकार लगाई और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी से जुड़े मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन करने का निर्देश दिया. कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने गठित की एसआईटी शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को मंगलवार सुबह 10 बजे तक आईजी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित करने को कहा था, जिसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल हो, जो मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज प्राथमिकी से जुड़े मामले की जांच करेगी.  मंत्री ने अपनी टिप्पणी के लिए प्राथमिकी दर्ज करने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि वह एक सार्वजनिक व्यक्ति और अनुभवी राजनेता हैं और इसलिए उनके शब्दों में कुछ वजन होना चाहिए. इस मामले में CID ​​ने आदेश जारी कर कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 मई 2025 को कुंवर विजय शाह बनाम मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय एवं अन्य के मामले में यह आदेश जारी किया था, जो एफआईआर क्रमांक 188/2025 से जुड़ा हुआ है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 152, 196 (1) (बी) एवं 197 (1) (सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया है. गठित एसआईटी में पुलिस महानिरीक्षक सागर जोन प्रमोद वर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक विशेष सशस्त्र बल भोपाल कल्याण चक्रवर्ती, पुलिस अधीक्षक डिंडोरी वाहिनी सिंह जांच करेंगे. CID के आदेश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः एवं निर्धारित समय सीमा में पालन किया जाए. क्या है पूरा मामला दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह के मामले में जांच करने के लिए एसआईटी गठन करने का आदेश दिया था. कुछ दिनों पहले मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी पर की विवादित टिप्पणी की थी. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में आईपीएस अधिकारियों की विशेष जांच समिति (एसआईटी) बनाने का आदेश दिया था. साथ ही पीठ ने विजय शाह की याचिका पर मध्य प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया था. कोर्ट ने मंत्री की लगाई फटकार पीठ ने कहा कि हमें ऐसी माफी नहीं चाहिए. आप पहले गलती करते हैं, फिर कोर्ट चले आते हैं. आप जिम्मेदार राजनेता हैं. आपको सोच-समझकर बोलना चाहिए, लेकिन आपने बहुत घटिया भाषा अपनाई है. इस पर विजय शाह के वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि वह माफी मांग चुके हैं और माफी का वीडियो भी जारी कर चुके हैं. विजय शाह मेरी पार्टी में होते तो उन्हें निकाल देता: चिराग पासवान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में मध्यप्रदेश के मंत्री विजय शाह की टिप्पणी की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सोमवार को कहा कि अगर भाजपा नेता उनकी पार्टी में होते तो उन्हें ‘‘जीवन भर के लिए निष्कासित कर दिया जाता.” लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे. वह अपने गृह राज्य बिहार के दौरे पर हैं. हाजीपुर से सांसद ने कहा, ‘‘हमें अपने सैन्यकर्मियों पर गर्व है, जो कोई भी उनकी तुलना आतंकवादियों से करता है, वह निंदा का पात्र है। अगर ऐसा कोई व्यक्ति मेरी पार्टी में होता, तो उसे जीवन भर के लिए निष्कासित कर दिया जाता.” चिराग की पार्टी भाजपा की सहयोगी है. शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में मीडिया को जानकारी देने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को ‘‘आतंकवादियों की बहन” कहकर विवाद खड़ा कर दिया था. हालांकि, भाजपा ने अभी तक शाह के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, जो दावा कर रहे हैं कि यह ‘‘जुबान फिसलने” के कारण हुआ. मध्यप्रदेश के मंत्री को राजग सहयोगियों के साथ-साथ विरोधियों की भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई. न्यायालय ने कहा कि शाह के बयानों से ‘‘पूरा देश शर्मसार हुआ है”. इसने साथ ही आदेश दिया कि इस संबंध में दर्ज प्राथमिकी की जांच तीन सदस्यीय विशेष जांच दल द्वारा की जाए. 8 दिन में सौंपना होगी जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी को 28 मई तक जांच करने के आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने शाह को गिरफ्तारी से राहत देते हुए जांच में सहयोग करने के लिए भी कहा है. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह को फटकार लगाई है. कोर्ट ने सरकार और पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए. कोर्ट ने कहा कि एफआईआर के बाद आपने क्या किया? जांच कहां पहुंची? पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को कुछ और ठोस कदम उठाने चाहिए थे. इस बयान से बढ़ीं विजय शाह की मुश्किलें मंत्री विजय शाह की मुश्किलें 11 मई को उनके द्वारा दिए गए बयान से बढ़ी हैं. उन्होंने महू के रायकुंडा गांव में एक कार्यक्रम में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर मंच से बयान दिया था. उन्होंने नाम लिए बिना कर्नल सोफिया कुरैशी को आतंकियों की बहन बता दिया था. उन्होंने कहा था कि, उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी तैसी करने उनके घर भेजा.” हाई कोर्ट ने लिया था संज्ञान मंत्री का वीडियो वायरल हुआ तो जबलपुर हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया. हाईकोर्ट ने 14 मई को 4 घंटे में मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए. हालांकि मामले में FIR तो दर्ज हुई, लेकिन हाईकोर्ट ने FIR को खाना पूर्ति बताया था. हाईकोर्ट ने कहा था कि अब इस मामले में कोर्ट ही पुलिस जांच की निगरानी करेगी. हाईकोर्ट ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में भी कैविएट दायर की है. यानी आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के मामले को भी सुना जाएगा. विजय शाह मामले में कब क्या हुआ     11 मई को मंत्री विजय शाह, महू के रायकुंडा गांव पहुंचे और यहां एक कार्यक्रम … Read more

स्वास्थ्य अधोसंरचनाओं के सशक्तीकरण, चिकित्सकीय मैनपॉवर और अत्याधुनिक उपकरण की उपलब्धता के किए गए सुगठित प्रयास

भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत के संकल्प को साकार करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार “स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत” के संकल्प को साकार करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि “राइट टू हेल्थ” के साथ “राइट टू स्क्रीनिंग” भी आवश्यक है। राज्य ने सिकल सेल, टीबी और अन्य बीमारियों की समय पर पहचान और इलाज को प्राथमिकता दी है। राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन, टीबी मुक्त भारत अभियान, निरोगी काया अभियान में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन, मध्यप्रदेश की प्रतिबद्धता स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण का परिणाम है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा है कि यह परिणाम हमें आश्वस्त करते हैं कि स्वस्थ सशक्त मध्यप्रदेश के निर्माण में हम शीघ्र सफल होंगे। प्रदेश में निक्षय भारत अभियन के अंतर्गत 23 जिलों में 78.14 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई, 21,992 टीबी मरीज चिन्हित हुए, 28,664 निक्षय मित्र बनाए गए और 23,818 फूड-बास्केट वितरित किये गये। अभियान में उत्कृष्ट परिणामों के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। प्रदेश में नए बने जिलों के अतिरिक्त सभी जिलों में क्षय रोग की जांच के लिए हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं। सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में 1.05 करोड़ स्क्रीनिंग हुई, 28,297 मरीजों का इलाज हुआ और 75.36 लाख कार्ड वितरित किये गये। इसके उपचार के लिए बीएमएचआरसी भोपाल और एमजीएम इंदौर में 2 सेंटर ऑफ कॉम्पिटेंस उपलब्ध हैं। साथ ही, संजय गांधी चिकित्सालय रीवा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया गया है। उच्च रक्तचाप के 77.73 लाख, मधुमेह के 76.07 लाख, एनएएफएलडी के 33.94 लाख, ओरल कैंसर के 11.90 लाख, सर्वाइकल कैंसर के 3.38 लाख और स्तन कैंसर के 5.59 लाख नागरिकों की स्क्रीनिंग की गई। प्रदेश के 52 डे-केयर में 42 प्रकार की कैंसर रोधी दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। दिसंबर-2024 के पल्स पोलियो अभियान में 36 लाख बच्चों को 99% लक्ष्य के साथ पोलियो खुराक दी गई। 6 जनवरी 2025 से शुरू 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने अब तक 21 जिलों के 87 विकासखंडों के 1268 ग्रामों में 2.08 लाख रोगियों को सेवा दी है। अब प्रदेश में इमरेजेंसी पेसेंट्र से लिए एयर एम्बुलेंस भी उपलब्ध है। इस सेवा से अब तक 61 नागरिक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षा में सतत विस्तार और उन्नतिकरण हुआ है। प्रदेश में 30 मेडिकल कॉलेज है। सत्र 2024-25 में 400 नई एमबीबीएस की सीटें उपलब्ध हुई हैं। आगामी वर्ष में 6 मेडिकल कॉलेज स्थापित होंगे। साथ ही पीपीपी मोड में 12 शासकीय कॉलेज भी स्थापित किये जायेंगे। 2300 और सीटों की वृद्धि संभावित है। सुपर स्पेशियलिटी सीटें 47 से बढ़कर 64 हुईं हैं, जबकि नॉन-क्लिनिकल विषयों में 291 सीनियर रेजिडेंट पद सृजित हुए हैं। भोपाल और इंदौर मेडिकल कॉलेज एम्स की तर्ज पर उन्नत किए जा रहे हैं। प्रदेश में 13 नए नर्सिंग कॉलेज निर्माणाधीन है, शेष 27 जिलों में भी इनकी स्थापना प्रस्तावित है। जबलपुर में बोन मेरो ट्रांसप्लांट, इंदौर में सीएआर-टी सेल थेरेपी और रक्त विकिरणक मशीन की सेवा शुरू की गई। 15वें वित्त आयोग और पीएम अभीम के तहत 271 उप स्वास्थ्य केंद्र, 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 79 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, 15 आईपीएचएल, 1 क्रिटिकल केयर ब्लॉक, 5 ब्लड बैंक और 2 मैटरनिटी वार्ड सहित 37 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए। एनक्यूएएस के तहत 1977 संस्थाएँ अभिप्रमाणित, 176 लेबर रूम, 53 मेटरनिटी ओटी, 22 एसएनसीयू मुस्कान अभिप्रमाणित, 30 पैथोलॉजी लैब एनएबीएल प्रमाणित और 24 ब्लड बैंक ऑटोमेटेड हैं। प्रदेश में 10 हज़ार करोड़ के स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य प्रगतिरत हैं। ‘हेल्थ केयर इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी-2025’ लॉन्च की जा चुकी है। नीति 2020 के अंतर्गत 120 करोड़ रूपए के 84 प्रस्ताव और नई नीति में 200 से अधिक ‘इंटेंशन टू इन्वेस्ट’ प्राप्त हो चुके हैं। आयुष्मान भारत में अग्रणी अब तक 4.29 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना में 58 लाख लाभार्थियों को 8,757 करोड़ रूपए की सेवाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। योजना में शामिल किए जाने के बाद से 40 लाख वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना कार्ड बनाकर मध्यप्रदेश देश में शीर्ष स्थान पर है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य “मातृ शिशु संजीवन मिशन” और “अनमोल 2.0” प्रारंभ किये गए हैं। प्रदेश में MMR 173 से घटकर 80, NMR को 31 से 10 और IMR को 43 से 20 तक लाने का लक्ष्य तय किया गया हैं। अनमोल 2.0 के माध्यम से शत-प्रतिशत ट्रैकिंग, गर्भवती महिलाओं को जाँच और पोषण आहार के लिए प्रेरित करना, मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना और जननी सुरक्षा योजना के भुगतान को सुगम बनाया जाएगा। प्रदेश में SNCU, HDU, ICU और स्तनपान सहायता इकाइयों की स्थापना की गई है। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष पैकेज निजी अस्पतालों तक विस्तारित हुए हैं। मध्यप्रदेश में 30 से 65 वर्ष की 39.5 लाख महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की गई, 12,251 को उपचार उपलब्ध कराया गया। प्रदेश में 111 लाख महिलाओं की स्तन कैंसर जाँच की जा कर अब तक 8000 मरीजों की कीमोथेरेपी कारई जा चुका है। भारत सरकार ने मध्यप्रदेश के डे-केयर सेंटर मॉडल को अपनाकर पूरे देश में लागू करने का प्रावधान किया है। ब्लड बैंक और डायलिसिस सेवा प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में ब्लड बैंक; 278 ब्लॉक्स में से 118 में यूनिट संचालित। साथ ही 67 ब्लॉकों में PPP मॉडल पर डायलिसिस यूनिट्स का संचालन किया जा रहा है। शेष में 2028 तक ब्लड बैंक और डायलिसिस सेवा विस्तार की योजना है। निःशुल्क दवाएँ और जाँच सेवाएँ प्रदेश के जिला अस्पतालों में 295 से बढ़ाकर 530 दवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में 267, सामुदायिक केंद्रों पर 80 तरह की जाँच सेवाएँ उपलब्ध हैं। 14 जिलों में आईपीएचएल कार्यरत है। आईपीएचएल सेवा का विस्तार भी योजनाबद्ध तरीके से किया जा जा रहा है।उज्जैन में ₹592.30 करोड़ से अटल मेडिसिटी का निर्माण कराया जा रहा है। मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण वर्ष 2024-25 में 1768 रिक्त पदों (40 पीजीएमओ, 420 एमओ, 980 सीएचओ, 7 जिला कार्यक्रम प्रबंधक, 7 जिला लेख प्रबंधक, 10 जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर, आदि) पर भर्ती की गई। 3850 नए पदों (1388 विशेषज्ञ, 1832 एमओ, 469 दंत चिकित्सक) के लिए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग से और 454 लैब … Read more

CM यादव ने कहा देवी अहिल्या बाई होलकर ने करके दिखाया कि कठिन समय में कुशलता के साथ सत्ता का संचालन कैसे किया जाता

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देवी अहिल्या सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, नारी सशक्तिकरण और सुशासन की एक मिसाल है। कुशल प्रशासक के रूप में उनके जन कल्याण के कार्य हमें आज भी समाज के हर वर्ग के कल्याण की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर के लता मंगेशकर सभागार में विश्व मांगल्य सभा द्वारा पुण्यश्लोका लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की जन्म त्रिशताब्दी अवसर पर “राष्ट्र समर्था देवी अहिल्या की पुण्य गाथा” नाट्य के मंचन में उपस्थित जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों के साथ इस नाट्य को देखा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवी अहिल्या बाई होलकर ने करके दिखाया कि कठिन समय में कुशलता के साथ सत्ता का संचालन कैसे किया जाता है। उन्होंने सोमनाथ और वाराणसी में मंदिर बनाने के साथ ही नदियों पर घाट बनवाए हैं। रामेश्वरम के मंदिर निर्माण में भी लोकमाता देवी अहिल्या बाई होलकर का योगदान है। मंदिर के साथ ही धर्मशाला, अन्नशाला, घाट निर्माण, पुजारी के मानदेय इत्यादि सबका ध्यान रखा। सहस्त्रबाहु की राजधानी रही महेश्वर (महिष्मती) का पुरूद्धार कराया। लोकमाता देवी अहिल्या बाई में एक आदर्श बहु और बेटी का रुप भी दिखाई देता है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या की 300वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सम्पूर्ण देश में अहिल्या उत्सव मनाए जाने का मार्ग प्रशस्त किया है। लोकमाता देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती के अवसर पर इंदौर के राजवाड़ा में प्रदेश की कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया है। कैबिनेट की इस बैठक में लोकमाता देवी अहिल्या बाई की दूरदृष्टि से प्रेरित होकर प्रदेश के विकास के निर्णय लिए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकमाता देवी अहिल्या बाई के जीवन के विविध पहलुओं को एक नाटक के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए विश्व मांगल्य सभा की सराहना करते हुए कहा कि यह नाटक जन सामान्य को लोकमाता देवी अहिल्या बाई के कार्यों और सुशासन से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि महेश्वर में इस नाटक का कुछ भाग ही देखा था, लेकिन आज इंदौर में पूरी जीवनगाथा कैबिनेट के सभी सदस्यों के साथ देखने का अवसर मिला है। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित कैबिनेट के सदस्यों का मालवी पगड़ी पहनाकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय राजेन्द्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा, मंत्रीगण प्रहलाद सिंह पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, राकेश सिंह, तुलसीराम सिलावट, मुख्य सचिव अनुराग जैन, संभागायुक्त दीपक ‍सिंह, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, सुमित मिश्रा एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

एक ओवर ने सब बर्बाद कर दिया, प्लेऑफ की रेस से बाहर हुई लखनऊ, बना मैच का टर्निंग पॉइंट

हैदराबाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) का 61वां मैच सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ के बीच गया. इस मैच में हैदराबाद ने 6 विकेट से जीत हासिल की. लखनऊ को मिली इस हार के बाद प्लेऑफ में पहुंचने की उसकी उम्मीद भी टूट गई है. इस मुकाबले में टॉस जीतकर हैदराबाद ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. लखनऊ की टीम ने पहले बैटिंग करते हुए मार्श और मार्करम की फिफ्टी के दम पर 206 रनों का लक्ष्य हैदराबाद के सामने रखा था. इसके जवाब में उतरी हैदराबाद ने 19वें ओवर में ये मैच जीत लिया. ऐसी रही हैदराबाद की बल्लेबाजी 206 रनों के जवाब में उतरी हैदराबाद की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे ही ओवर में अथर्व का विकेट दिग्वेश ने चटकाया. अथर्व के बल्ले से केवल 13 रन ही निकले. लेकिन इसके बाद अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों ने हैदराबाद को संभाला और ताबड़तोड़ अंदाज में रन बनाए. अभिषेक ने लगातार तीन छक्के जड़कर महज 18 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ दी. आलम ये रहा की हैदराबाद ने 8वें ओवर में ही 100 रनों का आंकड़ा पार कर लिया. लेकिन 8वें ओवर में अभिषेक शर्मा का विकेट गिर गया. अभिषेक ने 59 रनों की पारी खेली. इसके बाद 12वें ओवर में ईशान किशन भी चलते बने. उन्हें भी दिग्वेश सिंह राठी ने चलता किया. किशन ने 35 रनों की पारी खेली. इसके बाद हेनरिक क्लासेन और कामिंदु ने शानदार बल्लेबाजी की. दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हुई. हालांकि, ये जोड़ी 18वें ओवर में टूट गई. क्लासेन ने 47 रनों की पारी खेली.  लेकिन हैदराबाद ने ये मुकाबला 6 विकेट से जीत लिया. हैदराबाद की इस जीत के साथ ही लखनऊ की उम्मीदें टूट गईं. अब प्लेऑफ का सफर उसके लिए खत्म हो गया है. हैदराबाद की टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी थी.   रवि बिश्नोई के एक ओवर में पड़े थे 26 रन दरअसल, सनराइजर्स हैदराबाद की पारी का सातवां ओवर लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से लेग स्पिनर रवि बिश्नोई डालने आए थे। उनके ओवर की पहली गेंद वाइड रही थी। इसके बाद स्ट्राइक पर मौजूद इशान किशन ने एक डॉट बॉल खेली और ओवर की दूसरी बॉल पर सिंगल लेकर स्ट्राइक रोटेट कर ली। अब स्ट्राइक पर थे अभिषेक शर्मा, जिन्होंने लगातार चार गेंदों पर चार छक्के जड़ डाले। उन्होंने तीसरे सिक्स के साथ ओवर में 18 गेंद पर अपनी फिफ्टी भी पूरी की। रवि बिश्नोई के इस एक ओवर में कुल 26 रन पड़े। यहां से पूरी तरह खेल हैदराबाद के हाथ में आ गया था। ऐसी रही लखनऊ की शुरुआत पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी लखनऊ की शुरुआत बेहद धमाकेदार रही. मिचेल मार्श और एडेन मार्करम ने तूफानी अंदाज में आगाज किया. छक्के-चौके की बारिश की. मिचेल मार्श ने महज 28 गेंदों पर ही फिफ्टी जड़ दी. अपनी इस पारी में उन्होंने 3 चौके और 4 छक्के लगाए. 9 ओवर में ही लखनऊ ने 100 का आंकड़ा भी पार कर लिया था.लेकिन 11वें ओवर में लखनऊ को पहला झटका लगा, जब हर्ष दुबे ने मिचेल मार्श का विकेट झटका. मार्श ने 39 गेंद में 65 रनों की पारी खेली. उन्होंने 6 चौके और 4 छक्के लगाए. लेकिन दूसरे छोर पर मार्करम टिके रहे. लेकिन ऋषभ पंत फिर फ्लॉप रहे. वह नंबर-3 पर बल्लेबाजी के लिए आए लेकिन 7 रन बनाकर ही 12वें ओवर में आउट हो गए. 27 करोड़ी पंत के लिए ये सीजन बेहद खराब रहा है. वहीं, मार्करम ने 28 गेंदों पर अर्धशतक लगाया. ये उनका इस सीजन का 5वां अर्धशतक था. लेकिन 16वें ओवर में एडेन मार्करम का विकेट गिर गया. मार्करम ने 38 गेंद में 61 रनों की तूफानी पारी खेली. वहीं, 18वें ओवर में लखनऊ को चौथा झटका लगा जब बदोनी 3 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि, निकोलस पूरन एक छोर पर टिके रहे. पूरन ने 26 गेंद में 45 रन बनाए और आखिरी ओवर में वो रन आउट हो गए. लखनऊ ने 20 ओवर में 7 विकेट गंवाकर 205 रन बनाए. राठी और अभिषेक में हुई तीखी बहस जब हैदराबाद 206 रनों का चेज करने उतरी तो अभिषेक शर्मा तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने महज 18 गेंदों में ही फिफ्टी जड़ी और लगातार 4 छक्के भी लगाए. लेकिन पारी का 8वां ओवर लेकर दिग्वेश सिंह राठी पहुंचे. अभिषेक शर्मा इस ओवर में कैच आउट हो गए. इसके बाद दिग्वेश राठी ने अभिषेक को देखकर अपने पुराने अंदाज में जश्न मनाया. इसपर अभिषेक शर्मा आग बबूला हो गए. दोनों में तीखी बहस हुई. अंपायर को बीच-बचाव करना पड़ा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. हर्षल पटेल ने बुमराह-मलिंगा को भी छोड़ा पीछे  इस मैच में SRH के तेज गेंदबाज हर्षल पटेल ने IPL इतिहास में सबसे तेज़ 150 विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. उन्होंने इस उपलब्धि के साथ लसिथ मलिंगा को पीछे छोड़ दिया है. हर्षल पटेल ने यह उपलब्धि मैच के 16वें ओवर में हासिल की, जब उन्होंने एडन मार्करम को 61 (38 गेंदों) पर क्लीन बोल्ड किया. इस विकेट के साथ उन्होंने IPL में 2381 गेंदों में 150 विकेट पूरे किए. उन्होंने लसिथ मलिंगा (2444 गेंदें) और युजवेंद्र चहल (2543 गेंदें) जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराया. हर्षल इस सीजन में अब तक 11 पारियों में 15 विकेट लेकर संयुक्त रूप से 5वें सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उनका औसत 24.26 है और उन्होंने दो बार चार विकेट लिए हैं. 150 IPL विकेट सबसे कम गेंदों में 1. 2381 गेंदें – हर्षल पटेल 2. 2444 गेंदें – लसिथ मलिंगा 3. 2543 गेंदें – युजवेंद्र चहल 4.2656 गेंदें – ड्वेन ब्रावो 5. 2832 गेंदें – जसप्रीत बुमराह

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