LATEST NEWS

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में 30 नक्सली ढेर, सुरक्षा बलों के साथ जारी है मुठभेड़

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर इलाके में बड़ा एनकाउंटर हो रहा है. अबूझमाड़ में डीआरजी के जवान लगातार ऑपरेशन चल रहा है. एनकाउंटर में अब तक 31 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है. बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है. नारायणपुर, बीजापुर और दंतेवाड़ा डीआरजी के जवानों से नक्सलियों की मुठभेड़ जारी है. माड़ के इलाके में सुबह से फायरिंग हो रही है. बताया ज रहा है कि DRG के जवानों ने बड़े नक्सली लीडर्स को घेर लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक मुठभेड़ में नक्सल संगठन के जनरल सेक्रेटरी वसवा राजू के मारे जाने की भी खबर सामने आ रही है. वसवा राजू काफी उम्रदराज नक्सली लीडर है. ये दंडकारण्य में नक्सल संगठन की बुनियाद रखने वालों में से एक है. पिछले कई सालों से माड़ में पनाह लिया हुआ था. इस पर इंटरस्टेट 1 करोड़ का इनाम है. बताया जा रहा है कि नक्सलियों के सबसे गोपनीय ठिकाने पर जवानों ने अटैक किया है. माना जा रहा है कि अगर वसवा मारा जाता है तो जवानों की नक्सलियों पर अब तक की सबसे बड़ी फतह होगी. बताया जा रहा है इस मुठभेड़ में एक जवान भी शहीद हो गया है। मुठभेड़ अबूझमाड़ के जाटलूर इलाके में चल रही है। अभी मुठभेड़ की शुरुआती जानकारी ही सामने आई है। सुरक्षाबलों को इसमें बड़ी सफलता मिल सकती है। नारायणपुर एसपी प्रभात कुमार के मुताबिक माओवादियों के के माड़ डिवीजन के बड़े कैडर की सूचना मिलने पर डीआरजी नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंडागांव का अबूझमाड़ में ऑपरेशन चलाया है। बुधवार सुबह से मुठभेड़ जारी है। फिलहाल घटना की जांच जारी है बीजापुर में 5 नक्सली मारे गए वहीं इससे कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर बीजापुर जिले के कर्रेगुट्टा के जंगल में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए थे। सुरक्षा बलों ने सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था।तलाशी अभियान और मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधिकारियों ने ये जानकारी दी है। तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ इन तीनों राज्यों के हजारों की संख्या में जवान ऑपरेशन पर हैं। इससे पूर्व छत्तीसगढ़ में 20 मार्च गुरुवार की दोपहर तक 30 नक्सली ढेर हुए हैं। इनमें बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26  और कांकेर सीमा पर हुई मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। दो अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 30  नक्सली मारे जा चुके हैं। मारे गए सभी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मौके से हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं। इससे पहले 9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर हुए थे। विज्ञापन छत्तीसगढ़ में इस साल अब तक 71 नक्सली मारे जा चुके हैं। साल 2024 में अलग-अलग एनकाउंटर में जवानों ने करीब 300 नक्सलियों को मार गिराया है। वहीं 290 ने हथियार जब्त किये गये हैं। साल 2025 में हुई नक्सली मुठभेड़-     5 जनवरी 2025 को अबूझमाड़ के जंगल में एक महिला नक्सली समेत पांच नक्सली ढेर।     12 जनवरी 2025 को बीजापुर के मद्देड़ इलाके में एनकाउंटर में दो महिला समेत पांच नक्सली मारे गये थे।     16 जनवरी 2025 को बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर और मारुड़बाका के जंगल में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें फोर्स ने 18 नक्सलियों को मार गिराया था।     21 जनवरी 2025 को गरियांबद जिले में 14 नक्सली मारे गये थे।     2 फरवरी 2025 को बीजापुर जिले के गंगालुर थाना क्षेत्र के तोड़का जंगल में मुठभेड़ में जवानों ने आठ नक्सलियों को मार गिराया था।     9 फरवरी 2025 को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में 31 नक्सली ढेर।     20 मार्च को बीजापुर में पुलिस नक्सल मुठभेड़ में 26 और कांकेर मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गये हैं। इस तरह 20 मार्च को कुल 30 नक्सली मारे गये।   साल 2024 के नक्सली मुठभेड़- 16 अप्रैल 2024 को कांकेर में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में 33 नक्सली मारे गये थे। यह साल 2024 की देश की सबसे बड़ी नक्सली मुठभेड़ थी, जिससे नक्सली डर के भय से कांप उठे थे। 30 अप्रैल को 9 घंटे तक चली मुठभेड़ जवानों ने 10 नक्सलियों को मार गिराया था। बूझमाड़ के टेकामेटा के जंगलों में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों का सामना नक्सलियों से हुआ था। मारे गए नक्सलियों में 3 महिला और 7 पुरुष माओवादी शामिल थे। प्राथमिक तौर पर मुठभेड़ में मारे गये माओवादियों में से 2 की शिनाख्तगी डीवीसीएम जोगन्ना और डीवीसीएम विनय उर्फ अशोक के रूप में हुई थी। इस साल बस्तर रेंज में 141 माओवादी ढेर हो चुके हैं। पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज सुन्दरराज पी ने बताया कि वर्ष 2024 में अब तक प्रतिबंधित एवं गैर कानूनी सीपीआई नक्सली संगठन के विरूद्ध चले अभियानों में बस्तर रेंज के तहत कुल 141 नक्सलियों के शव बरामद करने के साथ ही अत्याधुनिक हथियारों में दो एलएमजी, चार एके-47- 04, एक एसएलआर, तीन इंसास, चार  303 रायफल और चार 9एमएम पिस्टल सहित बड़ी संख्या में अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई हैं। 27 मार्च 2024 को नक्सल डिप्टी कमांडर समेत 6 नक्सलियों का किया एनकाउंटर 27 मार्च को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के चिपुरभट्टी-पुसबाका के पास वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ जवानों ने एक नक्सली डिप्टी कमांडर समेत छह नक्सलियों को मार गिराया था। घटना स्थल से नक्सलियों के शव समेत हथियार बरामद हुए थे। मारे गए नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल थी। मामला बासागुड़ा थाने क्षेत्र का था। 2 अप्रैल 2024 को 13 नक्सली ढेर दो अप्रैल को बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के कोरचोली और लेंड्रा के जंगल में हुई जबरदस्त मुठभेड़ में पुलिस ने तीन महिला नक्सली समेत 13 नक्सलियों को मार गिराया था। घटनास्थल से पुलिस ने कई अत्याधुनिक हथियार बरामद किये थे। इनमें 1 नग 7.62 एलएमजी -58 राउंड, 1 नग 303 रायफल -39 राउंड, 12 बोर सिंगल शॉट 1 नग, बीजीएल लांचर 3 नग – 17 सेल, एयर गन 2 नग, विस्फोटक – हेंड ग्रेनेड 1, यूबीजीएल सेल 1, टिफिन बम 7 नग, जिलेटिन स्टीक कार्डेक्स वायर, सेफ्टी फ्यूज, डेटोनेटर, इलेक्ट्रिक वायर, उपकरण -लेपटॉप, डीव्हीडी … Read more

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम:मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर : हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हमारी सरकार की योजनाओं का लाभ कलेक्टरों को राजस्व न्यायालयों का नियमित संचालन करने के निर्देश विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ करें काम मुख्यमंत्री ने तीन जिलों के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आम लोगों की राजस्व संबंधी समस्याओं के तेजी से निराकरण करने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टरों को नियमित रूप से राजस्व न्यायालयों का संचालन करने और इसके लिए दिन भी निर्धारित करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का जायजा लेने के लिए अब तक 19 जिलों का औचक निरीक्षक और समाधान शिविर में शामिल हो चुके हैं। जनता से मिले फीडबैक से इस बात का गर्व है कि हमारी सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ उन लोगों तक पहुंच रहा है, जिनके लिए सरकार ने योजनाएं बनाई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए टीम वर्क के साथ काम करना ही हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री आज दुर्ग जिले में आकस्मिक निरीक्षण, समाधान शिविर में शामिल होने के बाद दुर्ग जिला मुख्यालय में कवर्धा, बेमेतरा और दुर्ग जिले के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी ने सुशासन तिहार में सक्रिय भागीदारी और परिश्रम से अच्छा कार्य किया है। आप सभी ने संकल्प लेकर नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु कार्य किया है, यह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं और शिकायतों के समाधान का प्रतिशत बेहतर है, जिससे यह स्पष्ट है कि हम सुशासन और आम जनता की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं। पिछले डेढ़ वर्ष में हमने अनेक अच्छे कार्य किए हैं, जिसका अच्छा फीडबैक जनता से मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी समस्त योजनाएं आमजनता को केंद्र में रखकर बनाई गई हैं। साय ने कहा कि जनहित में किए गए अच्छे कार्यों की हमेशा प्रशंसा होती है और जो अधिकारी अच्छा कार्य करेंगे उन्हें हम पुरस्कृत भी करेंगे। वहीं यदि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जहां कहीं भी पेयजल की समस्या हो, इसको दूर करने का पुख्ता प्रबंध किया जाए। उन्होंने बरसात की मौसमी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण हेतु किसानों को फसल चक्र अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए तथा कम पानी वाली फसलों जैसे दलहन एवं तिलहन की खेती को बढ़ावा देने विशेष रूप से प्रयास हो। साय ने कहा कि राजस्व से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए शिविरों का आयोजन आगे भी नियमित रूप से किया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के आधार कार्ड और ई-केवाईसी के कारण होने वाली दिक्कतों को भी तेजी से दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि अविवादित नामांतरण के प्रकरण तेजी से निपटाएं और प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों को तत्काल राहत दें। उन्होंने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की विस्तार से समीक्षा की और सुशासन तिहार के अंतर्गत आवास के संबंध में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से अंतर विभागीय  समन्वय स्थापित कर निर्माणाधीन सड़कों और शासकीय भवनों लंबित निर्माण कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वामित्व योजना की भी समीक्षा की गई। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आय सृजन गतिविधियों और ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण की पुख्ता व्यवस्था की जाए ताकि महिलाएं तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। मुख्यमंत्री कहा कि बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत होने से महिलाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुले है। कंस्ट्रक्शन के लिए सेटरिंग प्लेट को किराए में देकर समूह की महिलाएं अच्छी आय प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ऐसी सभी संभावनाओं पर लगातार काम करना है। बैठक में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण की प्रगति, संस्थागत प्रसव की स्थिति, स्किल्ड बर्थ अटेंडेंट्स की तैनाती, और सिकलसेल स्क्रीनिंग की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा तालाबों और छोटे जल स्रोतों के इनलेट मार्ग अवरुद्ध न हों, ताकि वर्षा जल का संचयन सुचारु रूप से हो सके और भूजल स्तर बना रहे। मुख्यमंत्री ने भारतीय न्याय संहिता के कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि न्याय की संकल्पना पूर्ण रूप से साकार हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए कानूनों में जो तकनीक आधारित प्रावधान शामिल किए गए हैं, उनका समुचित और पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी हो। उन्होंने कहा कि नशे के कारण अपराध में वृद्धि हो रही है, इसके खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाएं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर उन्होंने कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। साय ने कहा कि सभी किरायेदार की सूचना पुलिस के पास हो और मकान मालिकों को इसके लिए विशेष निर्देश दिए जाए। यदि मकान मालिक जानकारी नहीं देंगे तो उन पर कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को विलेज लेवल रजिस्टर को अनिवार्य रूप से मेंटेन करने के निर्देश दिए ताकि अधिकारियों के स्थानांतरण होने पर नए अधिकारियों को भी आपराधिक गतिविधियों और संदिग्धों की जानकारी प्राप्त हो सके। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, विधायक सर्व डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, ललित चंद्राकर, गजेन्द्र यादव, रिकेश सेन एवं ईश्वर साहू, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद, संभागायुक्त एस. एन राठौर, आईजी आर जी गर्ग, तीनों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

जल संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा भू-जल संवर्धन मिशन – विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने भू-जल संवर्धन मिशन का किया शुभारंभ, भू-जल और वर्षा जल संरक्षण पर शहरों में होंगे प्रभावी काम हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों ने जल संरक्षण पर किया मंथन वर्षा जल का संचय और संरक्षण भू-जल स्रोतों को रिचार्ज करने में बेहद अहम – उप मुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) का शुभारंभ किया। इसके तहत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में भू-जल और वर्षा जल के संरक्षण-संवर्धन के लिए मिशन मोड पर काम किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम में मिशन के ब्रोशर का विमोचन और इस पर तैयार वीडियो भी लॉन्च किया। उन्होंने राज्य के नौ नगरीय निकायों में सेवाकाल के दौरान दिवंगत 18 कर्मचारियों के परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी सौंपा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव, जल संसाधन तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, विधायकगण सर्वराजेश मूणत, सुनील सोनी, मोती लाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, इन्द्र कुमार साहू, रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और वाटरमैन के नाम से मशहूर राजेन्द्र सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए। भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ के मौके पर आयोजित कार्यशाला में हाइड्रोलॉजिस्ट्स, कॉलोनाइजर्स, उद्योग समूह, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने जल संरक्षण, इसके उपायों और परिणामों पर मंथन किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव और भारत के वाटरमैन के नाम से प्रसिद्ध राजेन्द्र सिंह ने भी कार्यशाला में अपने विचार रखे तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए। गुजरात के सूरत म्युनिसिपल कार्पोरेशन की टीम ने वहां वर्षा जल के संचय और भू-जल रिचार्ज के लिए किए जा रहे कार्यों को साझा किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय भू-जल संवर्धन मिशन (शहरी) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जल के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। जल की पर्याप्त उपलब्धता की चिंता करते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस महत्वाकांक्षी मिशन की शुरूआत की जा रही है। इसके लिए मैं उप मुख्यमंत्री अरुण साव और नगरीय प्रशासन विभाग को धन्यवाद देता हूं। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्षा जल और भू-जल के संरक्षण व संवर्धन में यह मिशन मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्रामीणों की सहभागिता से ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों अभियानों का मकसद एक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर जल संरक्षण के लिए पूरे देश में अमृत सरोवरों के रूप में नए तालाबों का निर्माण और पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। आज मिशन के शुभारंभ के मौके पर चार घंटों तक विशेषज्ञों ने इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर संवाद किया है। साय ने कहा कि जल को लेकर यदि हम अभी सचेत और सावधान नहीं होंगे तो आने वाला समय मुश्किल होगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि वर्षा जल के संचय, संरक्षण और भू-जल को रिचार्ज करने के उपायों पर विशेषज्ञों ने अभी चार घंटे तक चर्चा की है। वाटरमैन राजेन्द्र सिंह और सूरत नगर निगम के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस संवाद के दौरान जल के संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने और राज्य में वर्षा के पैटर्न के अनुरूप फसल चक्र अपनाने की बातें प्रमुखता से आई हैं। साव ने कहा कि आने वाले समय में शहरों में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पर्याप्त बारिश होती है। इसके सावधानीपूर्वक संचय और संवर्धन से हम पानी की दिक्कतों को दूर कर सकते हैं। जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने भू-जल संवर्धन मिशन के शुभारंभ पर खुशी जताते हुए कार्यक्रम में कहा कि इस मिशन के तहत अनुकरणीय काम होंगे, ऐसी उन्हें उम्मीद है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनभागीदारी से जल संचय करने में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में प्रथम स्थान मिला है। जल के महत्व को देखते हुए इसके स्रोतों के पुनर्भरण और रिचार्ज करने के लिए गंभीरता से काम करने की जरूरत है। जल संसाधन विभाग भी इस पर गंभीरता से काम कर रहा है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक आर. एक्का और राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित सभी नगर निगमों के महापौर, सभापति और आयुक्त, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगरीय निकायों के अभियंता, जल विशेषज्ञ, समाजसेवी, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि, नगरीय प्रशासन विभाग और सुडा के अधिकारी बड़ी संख्या में शुभारंभ कार्यक्रम में मौजूद थे।

भारत ने एक हजार साल की गुलामी देखी , इससे हमारी संस्कृति, परम्पराओं और शिक्षा पद्धति को क्षति हुई : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिस तरह ईश्वर को पाने के लिए कठिन मार्ग से गुजरना होता है। उसी तरह पत्रकारिता का भी क्षेत्र है। इसमें विचारों की अभिव्यक्ति सहजता से होना चाहिए और देश सेवा की भावना निहित होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में निजी समाचार समूह द्वारा ‘नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता की भूमिका, चुनौती और संभावना’ विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, प्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक गुलाब कोठारी, क्रिकेटर अमय खुरासिया, शिक्षाविद सुधरा पांडे एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे देश ने एक हजार साल की गुलामी देखी है। इससे हमारी संस्कृति, परम्पराओं और शिक्षा पद्धति को क्षति पहुंची है। हमारी संस्कृति दुनिया में सबसे अलग है। इस संस्कृति को बचाए रखने के लिए जड़ों से जुड़कर काम करने की आवश्यकता है। नए भारत में स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए हमारे आचार-विचार और शैली में नैतिकता के साथ व्यक्ति का मन भी पवित्र होना चाहिये। पत्रकारिता, समाज सेवा, व्यापार आदि में देश सेवा की भावना होना चाहिए। स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए जड़ों से जुड़कर कार्य करने और अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने की आवश्यकता है।  

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 सबके लिये आवास मिशन शुरू, वर्ष 2029 तक बनेंगे 10 लाख आवास

भोपाल प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 सबके लिये आवास मिशन शुरू किया जा चुका है। यह मिशन वर्ष 2029 तक 5 वर्ष की अवधि के लिये क्रियान्वित किया जायेगा। देश भर में एक करोड़ और मध्यप्रदेश में 10 लाख नवीन आवासों के निर्माण का कार्यक्रम तैयार किया गया है। योजना का उद्देश्य सभी पात्र शहरी गरीब एवं आवासहीन परिवारों को सुरक्षित स्थायी और किफायती आवास उपलब्ध कराना है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-1.0 (पीएमएवाई) में अब तक 8 लाख 50 हजार आवासों का कार्य पूरा किया जा चुका है। इस पर अब तक 22 हजार 975 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों को पीएमएवाई-यू-2.0 के लक्ष्य को समय-सीमा में हासिल करने के लिये निर्देश जारी किये गये हैं। आवास योजना में लाभार्थी को 4 घटकों में दी जायेगी मदद प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 में पात्र लाभार्थी को 4 प्रमुख घटकों के माध्यम से लाभ दिया जायेगा। योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक हितग्राही आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा विकसित यूनिफाइड वेब पोर्टल (https://pmay-urban.gov.in/) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये हितग्राही अपने संबंधित नगरीय निकाय कार्यालय में भी सम्पर्क कर सकते हैं। केन्द्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र परिवार आवास के अभाव में न रहे। स्पेशल फोकस ग्रुप पीएमएवाई-यू-2.0 विभिन्न वर्गों के लिये समानता सुनिश्चित करता है, जिसमें कल्याणी, अकेली महिलाएँ, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, ट्रांसजेंडर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक और अन्य कमजोर वंचित वर्गों की आवास आवश्यकता को ध्यान में रखा गया है। इस योजना में विशेष रूप से सफाईकर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के तहत चिन्हित स्ट्रीट वेण्डर्स, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत विभिन्न कारीगरों, आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, झुग्गी-बस्तियों और चालों के निवासियों और अन्य पात्र समूहों को प्राथमिकता दी जायेगी।  

पीएम आवास योजना में अब 75,000 सैलरी वालों को भी सरकार से सब्सिडी, शहरों में बन रहे एक करोड़ नए घर

भोपाल शहरों में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के बाद अब केंद्र सरकार ने पीएम आवास योजना-शहरी (PMAY-U) की डेडलाइन भी बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने एक करोड़ नए घरों के लिए आवेदन लेने शुरू कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने इस योजना को 31 मार्च, 2022 तक रखा था। PMAYU 2.0 के तहत सरकार का लक्ष्य शहरों में रहने वाले ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को पक्का घर मुहैया कराना है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ गरीब मजदूर से लेकर मध्यम वर्ग के लोगों तक मिलेगा। मध्यम वर्ग के लोग अगर पहला घर खरीदते हैं तो पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत होम लोन के ब्याज में सरकार की ओर से सब्सिडी मिलती है। केंद्र सरकार ने 25 जून, 2015 को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी को लॉन्च किया था। ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ मिशन के साथ शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य शहरों में रहने वाले परिवारों को सस्ते घर मुहैया कराना था। इस योजना के तहत घर लेने पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। पीएम आवास योजना शहरी के लिए कम से कम 30 वर्ग मीटर का घर होना चाहिए। केंद्र सरकार न सिर्फ घर बनाने में मदद करती है बल्कि होम लोन पर 2.67 लाख रुपये तक की सब्सिडी भी देती है। इसके अलावा किराए का घर मुहैया कराने में भी मदद की जाती है। इन 4 तरीकों से सरकार दे रही मदद पीएम आवास योजना शहरी के अंतर्गत EWS, LIG और MIG श्रेणी में आने वाले उन लोगों को लाभ दिया जाता है, जिनके पास पक्का मकान नहीं है। सरकार चार तरीकों से इनकी मदद करती है।     खुद का घर तैयार करने में आर्थिक मदद करना     हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए पब्लिक या प्राइवेट सेक्टर के साथ पार्टनरशिप करना     होम लोन पर लगने वाले ब्याज में सब्सिडी देना     किराए का घर मुहैया कराना 31 मई तक पहले खाते में जरूर रखें 456 रुपये, नहीं तो मुश्किल वक्त में गंवा देंगे ये 2 बड़े लाभ 1.5 लाख का मुफ्त इलाज, एक्सीडेंट में घायल लोगों के लिए संजीवनी बनेगी मोदी सरकार की नई योजना पीएम आवास योजना के फायदे     EWS कैटेगरी में आने वाले परिवारों को घर बनाने के लिए 2.5 लाख रुपये की मदद     ऐसे प्रोजेक्ट जहां 35% घर EWS कैटेगरी के लिए हैं और 250 से ज्यादा घर हैं, वहां प्रति घर 2.5 लाख रुपये की मदद     होम लोन पर लगने वाले ब्याज में सब्सिडी: EWS/LIG/MIG परिवारों को 3 से 6.5% तक ब्याज में सब्सिडी क्या आपको मिलेगा PMAY-U का फायदा     EWS कैटेगरी: वो परिवार जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये तक है     LIG : ऐसे परिवार जिनकी आय 3 लाख से 6 लाख रुपये के बीच है     MIG: वे परिवार जिनकी आय 6 लाख से 9 लाख के बीच है     आवेदक के पास देश के किसी भी राज्य में अपने नाम से पक्का घर नहीं होना चाहिए     आप जिस राज्य या शहर में रह रहे हों, वहां यह योजना लागू होनी चाहिए     अगर आपने पहले सरकार से ऐसी किसी भी योजना का फायदा नहीं लिया हो इन्हें मिलेगी प्राथमिकता पीएम आवास योजना शहरी में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों, सिंगल महिलाओं, विधवाओं, दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स को इस योजना के तहत आवेदन करने पर प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पीएम स्वनिधि योजना के तहत चुने गए स्ट्रीट वेंडर्स, सफाई कर्मियों और पीएम विश्वकर्मा के तहत रजिस्टर्ड कारीगरों पर भी फोकस किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश में सड़क हादसे में घायलों की मदद पर मिलेगा ₹25000 का इनाम – जानिए कैसे!

भोपाल मध्यप्रदेश में डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने ‘राहवीर योजना’ के तहत घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25,000 इनाम देने की घोषणा की। पीएम मोदी करेंगे इंदौर मेट्रो और दतिया-सतना एयरपोर्ट का उद्घाटन। जानें कैबिनेट बैठक के सभी बड़े फैसले। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में इंदौर के ऐतिहासिक राजवाड़ा गणेश हॉल में हुई कैबिनेट बैठक कई बड़े फैसलों की गवाह बनी। इस दौरान मंत्रियों ने परंपरागत धोती-कुर्ता और भगवा साफा पहनकर देवी अहिल्या को पुष्पांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक बैठक में घायल को अस्पताल पहुंचाने पर इनाम से लेकर मेट्रो-एयरपोर्ट, महिला सुरक्षा और पर्यटन विकास तक कई अहम घोषणाएं हुईं। लोगों को इनाम देने की योजना पुरस्कार पाने की सबसे अहम शर्त यह होगी कि गंभीर घायल(Road Accident) को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाना होगा। बता दें, आमतौर पर घायलों की मदद के लिए आगे आने वालों से ही कुछ मामलों में कई सवाल पूछे जाते हैं, इस वजह से कई बार घायलों की मदद के लिए लोग आगे आने से भय खाते हैं। इस परोपकार से जोड़ने लोगों को इनाम देने की योजना बनाई है। ऐसे मिलेगा पुरस्कार सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले व्यक्ति का चोटे की वजह से ऑपरेशन करना पड़े, कम से कम तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता हो, सिर या रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें हो। घायल के साथ इनमें से कोई भी स्थिति निर्मित होने की स्थिति में बचाने वाले नागरिक पुरस्कार के हकदार होंगे।  घायल को अस्पताल पहुंचाने पर ₹25 हजार का इनाम मध्यप्रदेश सरकार ने ‘राहवीर योजना’ की घोषणा की है। इसके तहत सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को ₹25,000 का इनाम दिया जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि उस व्यक्ति को पुलिस या प्रशासन द्वारा कोई परेशानी नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस योजना को “मानवता की नई मिसाल” बताया है। गेहूं खरीदी में रचा इतिहास, किसानों को मिला ₹20 हजार करोड़ का भुगतान सरकार ने इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2600 प्रति क्विंटल तय कर 30 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा की खरीदी की है। इसके तहत प्रदेश के किसानों को ₹20 हजार करोड़ का भुगतान किया गया, जो अब तक की सबसे बड़ी राशि है।

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के काम ने पकड़ी तेजी, 300 किलोमीटर लंबा पुल तैयार, 27 कास्टिंग यार्ड फाइनल

मुंबई गुजरात के सूरत में 40 मीटर लंबे गर्डर के बनने के साथ ही बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के 300 किलोमीटर लंबे पुल का निर्माण पूरा हो गया है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (NHSRCL) ने  यह जानकारी दी। एनएचएसआरसीएल ने बताया कि 300 किलोमीटर लंबे सुपरस्ट्रक्चर में से 257 किलोमीटर पुल का निर्माण फुल स्पैन लॉन्चिंग मैथड से की गई है। अभी क्या है काम की स्थिति एनएचएसआरसीएल के अनुसार, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत अभी तक नदियों पर 14 ब्रिज बनाए गए हैं। 37 किलोमीटर लंबा पुल स्पैन बाय स्पैन तकनीक से बनाया गया है। 0.9 किलोमीटर लंबा स्टील का पुल बनाया गया है और 1.2 किलोमीटर लंबा पीएससी पुल बनाया गया है। साथ ही 2.7 किलोमीटर में स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण हुआ है। 300 किलोमीटर के अलावा 401 किलोमीटर में नींव का काम और 326 किलोमीटर में गर्डर कास्टिंग का काम पूरा हो चुका है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 508 किलोमीटर है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य में तेजी आई है। खासकर फुल स्पैन लॉन्चिंग मैथड से इसमें उल्लेखनीय विकास हुआ है। रेल मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया। इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का कितने किमी लंबा ट्रैक तैयार हो गया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘300 किमी वायडक्ट पूरा हुआ।’ इसका मतलब है कि बुलेट ट्रेन के रास्ते का 300 किलोमीटर का हिस्सा अब खंभों पर बन चुका है। वायडक्ट का मतलब है, पुल जैसा ढांचा जिस पर ट्रेन चलेगी। मुंबई स्टेशन का कितना काम पूरा? मुंबई बुलेट ट्रेन स्टेशन बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में बन रहा है। यह स्टेशन जमीन के नीचे होगा। यहाँ पर 76 प्रतिशत खुदाई का काम पूरा हो चुका है। एक खबर के अनुसार, 14.2 लाख क्यूबिक मीटर खुदाई हो चुकी है। कुल 18.7 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी वहां से निकालनी है। यानी मिट्टी निकालने का करीब आधा काम पूरा हो गया है। साइट पर कंक्रीट लैब साइट पर 120 cum/hr क्षमता के तीन बैचिंग प्लांट लगाए गए हैं। बैचिंग प्लांट का मतलब है, वह जगह जहां कंक्रीट (सीमेंट, रेत, गिट्टी का मिश्रण) बनाया जाता है। बैचिंग प्लांट में आइस प्लांट और चिलर प्लांट भी हैं। ये कंक्रीट के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। गर्मी में कंक्रीट जल्दी सूख जाता है। इसलिए उसे ठंडा रखना जरूरी है। साइट पर एक आधुनिक कंक्रीट लैब भी है। यहां पानी की पारगम्यता और रैपिड क्लोराइड पेनिट्रेशन टेस्ट जैसी सुविधाएं हैं। इन टेस्ट से कंक्रीट की क्वालिटी पता चलती है। सारे कंक्रीट टेस्ट साइट पर ही होते हैं। कुछ सैंपल अच्छे लैब में भी भेजे जाते हैं। क्या होगा स्टेशन में खास?     प्लेटफॉर्म जमीन से लगभग 26 मीटर नीचे होगा।     यह लगभग 10 मंजिला इमारत जितना गहरा है।     स्टेशन में तीन फ्लोर होंगे: प्लेटफॉर्म, कॉनकोर्स (प्रतीक्षालय) और सर्विस फ्लोर।     खुदाई का काम लगभग 32 मीटर (100 फीट) की गहराई तक किया जा रहा है।     स्टेशन में छह प्लेटफॉर्म होंगे। हर प्लेटफॉर्म लगभग 415 मीटर लंबा होगा। यह 16 कोच वाली बुलेट ट्रेन के लिए काफी है। स्टेशन मेट्रो और सड़क से भी जुड़ा होगा।     स्टेशन में दो एंट्री/एग्जिट पॉइंट होंगे। इससे लोगों को स्टेशन में आने-जाने में आसानी होगी। स्काईलाइट होगी प्राकृतिक रोशनी के लिए एक स्काईलाइट भी बनाई गई है। स्काईलाइट से दिन में स्टेशन में सूरज की रोशनी आएगी। इससे बिजली की बचत होगी और स्टेशन सुंदर भी दिखेगा। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे देश में यातायात और तेज होगा। स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का हो रहा इस्तेमाल बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए 27 कास्टिंग यार्ड बनाए गए हैं। स्टील ब्रिज के लिए सात वर्कशॉप स्थापित की गई हैं, जिनमें से तीन गुजरात में और एक उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में स्थापित की गई हैं। एजेंसी ने बताया कि पुल पर तीन लाख से ज्यादा आवाज अवरोधक लगाए गए हैं। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के तहत बुलेट ट्रेन स्टेशनों की सड़क और रेल मार्ग से कनेक्टिविटी बनाई जा रही है ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से भारत की रेल तकनीक में बढ़ती क्षमताओं का भी प्रदर्शन हो रहा है। मुंबई अहमदाबाद रेल प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये है, इसमें से 10 हजार करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी और पांच-पांच हजार करोड़ रुपये गुजरात और महाराष्ट्र सरकार देंगी। वहीं बाकी जापान की सरकार कर्ज के रूप में देगी। 

स्मार्ट पीडीएस व्यवस्था लागू होने के बाद केंद्र सरकार सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगी

 ग्वालियर  मध्य प्रदेश में सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली (PDS System) को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए स्मार्ट पीडीएस सिस्टम अब एक जून से लागू हो जाएगा। पहले इसे एक मई से लागू होना था, लेकिन ई-केवाईसी (eKYC ) का काम पूरा न हो पाने के कारण देरी हुई। प्रदेश में 87 प्रतिशत उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी हो चुकी है। 31 मई तक बचे हुए उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पूरा कर लेने का लक्ष्य है। ई-केवाईसी के लिए यही अंतिम तिथि भी है। केंद्र सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगा     इस प्रणाली के लागू होने के बाद केंद्र सीधे मॉनिटरिंग कर सकेगा। स्मार्ट पीडीएस के तहत पारदर्शिता को बढ़ाया जा रहा है, ताकि सभी राज्यों में खाद्यान्न वितरण को लेकर एक जैसी स्थिति रहे। अब राज्यों की स्थिति के आधार पर राशन देना होगा कुछ राज्य अपने स्तर पर बदलाव कर लेते थे, लेकिन अब राज्यों की स्थिति के आधार पर राशन देना होगा। अभी भी कुछ राज्यों में एपीएल को राशन दिया जाता है, जिसे अब बंद कर दिया जाएगा। वैसे पहले से ही वन नेशन वन राशन कार्ड लागू है, जिसके तहत पात्र हितग्राही देश में कहीं से भी राशन ले सकता है। मदरसा बोर्ड के मान्यता नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई से होंगे इस बीच, भोपाल से खबर है कि मदरसा बोर्ड द्वारा शिक्षा सत्र 2025-26 में मदरसा मान्यता नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मई से 30 जून तक के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें वर्ष 2025 तक मान्यता प्राप्त सामान्य मदरसों के अतिरिक्त वर्ष 2022 तक मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए यह अंतिम अवसर है। इसके बाद ऐसे मदरसों की मान्यता नवीनीकरण के ऑनलाइन आवेदन करने की पात्रता समाप्त कर दी जाएगी। ऑनलाइन आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी मदरसा बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट पर एवं एमपी ऑनलाइन के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। मान्यता प्राप्त मदरसों में निर्धारित तिथियों में आवेदन करना सुनिश्चित करें एवं आवेदन की एक प्रति समस्त दस्तावेजों के साथ अविलम्ब बोर्ड में भेजना एवं एक प्रति अपने जिले के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें। इसके बाद ही प्रकरण पर अग्रिम कार्रवाई की जा सकेगी।

सोलर पंप के लिए मोहन यादव सरकार किसानों को देगी सब्सिडी, स्थाई बिजली कनेक्शन नहीं होने वाले किसानों को मिलेगा लाभ

भोपाल  मध्य प्रदेश के किसानों को भी अब केन्द्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री कृषक मित्र सूर्य योजना का लाभ मिल सकेगा. राज्य सरकार ने सिंचाई के लिए सोलर पंप लगाने की इस योजना में संशोधन कर इसे राज्य में लागू कर दिया है. इस योजना के तहत सभी किसानों को सोलर पंप लगाने का मौका फिलहाल नहीं मिल सकेगा. राज्य सरकार ने इसमें संशोधन किया है. इसके तहत योजना के पहले चरण में चुनिंदा किसानों को ही इस योजना का लाभ मिल सकेगा. अभी सिर्फ उन्हीं किसानों के खेतों पर सोलर पंप लगाए जाएंगे, जिन खेतों पर बिजली का स्थाई कनेक्शन मौजूद नहीं है. इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी जेब से कितनी राशि खर्च करनी होगी यह भी साफ कर दिया है. शुरूआत में किन किसानों को मिलेगा लाभ राज्य सरकार ने योजना में संशोधन कर इसे लागू करने अधिसूचना जारी कर दी है. इसमें प्रावधान किया गया है कि योजना के लिए वह किसान पात्र होंगे, जिनकी भूमि पर अभी स्थाई बिजली कनेक्शन नहीं है. सोलर पंप लगाए जाने के पहले कृषि भूमि पर टैगिंग किया जाएगा, ताकि किसान को सोलर पंप और बिजली कनेक्शन दोनों के अनुदान का लाभ न मिल सके. इस योजना के दूसरे चरण में उन सभी किसानों के खेतों पर सोलर पंप लगाने के लिए अनुदान का लाभ दिया जाएगा, जिसके खेतों पर स्थाई बिजली कनेक्शन मौजूद है. विभाग बनाएगा किसानों का डाटा बेस नवीन एवं नवकरणीय विभाग बिजली कंपनियों की मदद से प्रदेश के किसानों का डाटाबेस तैयार करेगी. इसमें किसानों द्वारा लिए गए अस्थायी और स्थायी बिजली कनेक्शन उससे लिंक किए गए किसानों के समग्र, आधार का डाटा प्राप्त करेगी और उसे मध्य प्रदेश भू लेख की मदद से खसरा नंबर से लिंक किया जाएगा. इसके आधार पर ही किसानों को सोलर पंप के लिए ऋण और अनुदान दिया जाएगा. सोलर पंप लेने वाले किसानों से हितग्राही अंश की राशि पोर्टल के जरिए ही जमा कराई जाएगी. इससे किसानों का डाटा वैरीफाई किया जाएगा. सोलर पंप के साथ ड्रिप, स्प्रिंकलर सिस्टम भी जोड़ा जाएगा राज्य सरकार ने तय किया है कि सोलर पंप की इस योजना के साथ किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा. इसमें भी किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग द्वारा अनुदान दिया जाता है. इससे किसानों को पानी की बचत होगी. ऐसे कर सकेंगे योजना के लिए आवेदन इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम के वेब पोर्टल पर सोलर पंप के लिए आवेदन करना होगा.     हितग्राही का नाम, पता, आधार नंबर और मोबाइल नंबर भरना होगा.     भू -स्वामित्व संबंधी दस्तावेज का विवरण जैसे खसरा नंबर, ग्राम, आर.आई सर्कल, तहसील एवं जिला का नाम भरना होगा.     उस खसरे, खसरे के बटांकन पर सिंचाई का वर्तमान स्त्रोत बताना होगा.     कृषि भूमि के खसरों पर बिजली कनेक्शन है या नहीं ? यदि है, तो वह स्थाई या अस्थाई है?     आवेदन के बाद विभाग प्राथमिकता के आधार पर हितग्राहियों की सूची तैयार करेगी और इसके बाद सोलर पंप लगाए जाएंगे. कितना मिलेगा अनुदान     3 एचपी सोलर पंप पर केन्द्र सरकार का अनुदान 30 फीसदी, कृषक ऋण 65 फीसदी और किसान द्वारा दी जाने वाली मार्जिन मनी 5 फीसदी.     3 एचपी सोलर पंप पर केन्द्र सरकार का अनुदान 30 फीसदी, कृषक ऋण 60 फीसदी और किसान द्वारा दी जाने वाले मार्जिन मनी 10 फीसदी. सोलर पंप योजना के लाभ     प्रदेश में जिन किसानों के पास स्थायी विद्युत कनेक्शन नहीं है, वे इस योजना के पात्र होंगे। सोलर पंप की लागत का 5-10 प्रतिशत हिस्सा किसान को देना होगा, जिसमें तीन हार्स पावर से कम के पंप के लिए 5 प्रतिशत और उससे अधिक के लिए 10 प्रतिशत अंशदान निर्धारित है। 30 प्रतिशत अनुदान भारत सरकार द्वारा कुसुम योजना के तहत दिया जाएगा। शेष 60-65 प्रतिशत राशि बैंक ऋण के रूप में उपलब्ध होगी, जिसका भुगतान राज्य सरकार करेगी। ऊर्जा विकास निगम का सर्विस चार्ज भी किसानों से नहीं लिया जाएगा। सोलर पंप की दरें निविदा के आधार पर तय होंगी, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

उत्तराखंड के मदरसों में गूंजेगा सेना का पराक्रम, ऑपरेशन सिंदूर की कहानी, मौलाना की जुबानी

देहरादून  पाकिस्तान की कायराना हरकत के जवाब में भारतीय सेना का पराक्रम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए सबने देखा। अब उत्तराखंड की धामी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। मदरसों में अब छात्र-छात्राओं को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बारे में पढ़ाया जाएगा। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने यह फैसला लिया है। बोर्ड चाहता है कि बच्चे सेना के पराक्रम की कहानियों से परिचित हों। उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। उत्तराखंड में कुल 451 मदरसे हैं, जिनमें लगभग 50 हजार बच्चे पढ़ते हैं। मुफ्ती शमून कासमी ने नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उनके साथ कुछ शिक्षाविद और बुद्धिजीवी भी मौजूद थे। उन्होंने रक्षा मंत्री को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए बधाई दी। कासमी ने बताया कि उत्तराखंड सैनिकों की भूमि है। ऑपरेशन सिंदूर में हमारे सशस्त्र बलों ने बेजोड़ शौर्य का परिचय दिया। इसका मतलब है कि उत्तराखंड वीरों की धरती है और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हमारी सेना ने अद्भुत बहादुरी दिखाई। उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता ने सेना के शौर्य को सराहा है। कासमी ने आगे कहा कि मदरसों के बच्चों को भी सैनिकों की बहादुरी के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने बताया कि नए पाठ्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का चैप्टर शामिल किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही पाठ्यक्रम समिति की बैठक बुलाई जाएगी। रक्षा मंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में कई लोग शामिल थे। इनमें रक्षा विशेषज्ञ कमर आगा, इस्लामिक सेंटर के पूर्व अध्यक्ष सिराज कुरैशी और आईसीएफए के अध्यक्ष एमजे खान जैसे लोग मौजूद थे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारतीय सेना द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण अभियान था। इसकी सफलता की कहानी अब मदरसों के बच्चों को पढ़ाई जाएगी। इससे बच्चों को देश के सैनिकों के बलिदान और शौर्य के बारे में पता चलेगा। यह फैसला उत्तराखंड मदरसा बोर्ड ने लिया है। बोर्ड चाहता है कि बच्चे देश के इतिहास और सेना के पराक्रम से परिचित हों। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने तबाह किए आतंकी ठिकाने भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने स्पष्ट करते हुए 6 और 7 मई की दरमियानी रात को एक साहसिक सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया. इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कुल 9 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए. ये सभी ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे भारत-विरोधी आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे. इस सुनियोजित और रणनीतिक कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया. यह सभी आतंकी गुट भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे और इन्हीं ठिकानों से उन्हें प्रशिक्षण, हथियार और दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे. भारतीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर इन ठिकानों की पहचान की गई थी, जिसके बाद सेना ने सटीक लक्ष्य साधकर ऑपरेशन को अंजाम दिया. भारत के सैन्य इतिहास में गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा ऑपरेशन सिंदूर ऑपरेशन सिंदूर की सबसे खास बात यह रही कि इस पूरे अभियान में भारत ने सिर्फ और सिर्फ आतंकी अड्डों को ही निशाना बनाया. पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान या नागरिक ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. यह ऑपरेशन न केवल भारतीय सेना की तकनीकी दक्षता और सटीकता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘नो टॉलरेंस’ नीति पर पूरी मजबूती से कायम है. ऑपरेशन सिंदूर, भारत के सैन्य इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है. इस अध्याय के बारे में उत्तराखंड के मदरसों के छात्र विस्तार से पढ़ेंगे. उत्तराखंड में कितने मदरसे हैं? BBC की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 451 मदरसे मदरसा शिक्षा परिषद (मदरसा बोर्ड) से पंजीकृत हैं, लेकिन करीब 500 मदरसे बिना पंजीकरण के चल रहे हैं.

मुंबई से गोरखपुर जा रही काशी एक्सप्रेस की एक बोगी के पहियों में लगी आग, यात्रियों ने ट्रेन से कूदकर बचाई जान

खंडवा मंगलवार दोपहर लोकमान्य तिलक टर्मिनस मुंबई से गोरखपुर जा रही 15017 काशी एक्सप्रेस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ट्रेन के एक डिब्बे के पहियों से अचानक आग और धुआं निकलने लगा। यह घटना खंडवा जिले के चारखेड़ा रेलवे स्टेशन के पास स्थित तवा ब्रिज पर हुई।   यात्रियों ने खुद को बचाया यात्री धुआं उठते देख घबराकर तुरंत डिब्बे से बाहर कूद गए। सूचना मिलते ही ट्रेन को वहीं रोक दिया गया। संबंधित बोगी की जांच की गई। आग पर तुरंत काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ब्रेक जाम से हुआ हादसा चारखेड़ा स्टेशन मास्टर ने बताया कि प्राथमिक जांच में ब्रेक जाम होने के कारण पहिए से धुआं उठने की बात सामने आई है। घटना के चलते दो से तीन ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से रवाना हुईं। काशी एक्सप्रेस को आवश्यक जांच के बाद आगे रवाना कर दिया गया।

जब तक नेतन्याहू सरकार इन जघन्य कार्रवाइयों को जारी रखेगी, हम चुप नहीं बैठेंगे:UK-फ्रांस-कनाडा

 गाजा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शपथ ली है कि वे पूरे गाजा को ‘नियंत्रण’ में लेकर रहेंगे. लेकिन नेतान्याहू के प्लान पर ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने आंखें तरेर ली है. बेंजामिन नेतान्याहू की सेना ने कहा है कि उन्होंने पूरे गाजा शहर को कॉम्बैट जोन घोषित कर दिया है. इस बीच गाजा में एयरस्ट्राइक में 60 लोग मारे गए हैं. इजरायल के वित्त मंत्री बेजलेल स्मॉट्रिच ने कहा कि इजरायल की सेना फिलिस्तीनी गाजा के बचे हुए हिस्से को “समाप्त” कर देगी. इस बीच  ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने सोमवार को कहा है कि, “जब तक नेतन्याहू सरकार इन जघन्य कार्रवाइयों को जारी रखेगी, हम चुप नहीं बैठेंगे. अगर इजरायल ने नए सिरे से सैन्य हमले बंद नहीं किए और मानवीय सहायता पर अपने प्रतिबंध नहीं हटाए, तो हम जवाब में और ठोस कदम उठाएंगे.” नेतन्याहू का टोटल कंट्रोल का प्लान क्या है? इजरायल की गाजा पर पूर्ण नियंत्रण की योजना में सैन्य कब्जा, हमास को खत्म करना, बंधकों की रिहाई, और पूरे क्षेत्र को इजरायल के लिए सुरक्षित बनाना शामिल है. यह योजना सैन्य अभियानों, मानवीय सहायता पर नियंत्रण, और संभावित विस्थापन नीतियों के माध्यम से लागू की जा रही है. बता दें कि इजरायली संसद और सुरक्षा कैबिनेट ने मई 2025 में गाजा पट्टी पर पूर्ण सैन्य नियंत्रण की योजना को मंजूरी दी है. इस योजना का उद्देश्य हमास को सैन्य और प्रशासनिक रूप से पूरी तरह से खत्म करना और गाजा में बंधकों को रिहा कराना है. इजरायल पहले से ही गाजा के लगभग 50% हिस्से पर नियंत्रण रखता है, और इस योजना के तहत पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेने की रणनीति बनाई गई है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद इजरायल पूरे गाजा पर कंट्रोल करेगा. शुक्रवार को एक नए ऑपरेशन की शुरुआत की घोषणा करने वाली इजरायली सेना ने सोमवार को दक्षिणी शहर खान यूनिस के निवासियों को तुरंत समुद्री तट पर जाने की चेतावनी दी, क्योंकि वह “अभूतपूर्व हमले” की तैयारी कर रही है. इजरायल ने गाजा में सैन्य अभियानों को तेज करने का फैसला किया है, जिसमें हवाई हमले, जमीनी ऑपरेशन, और हमास के ठिकानों को निशाना बनाना शामिल है.  मार्च 2025 में युद्धविराम टूटने के बाद से इजरायली सेना ने सैकड़ों लोगों को मार गिराया है और बड़े भूभाग पर कब्जा किया है. प्रतिबंधों, मौतों और बमबारी से सिसक रहा है गाजा गाजा की स्थिति बहुत दयनीय है. गाजा की स्वास्थ्य एजेंसियों ने कहा है कि सोमवार सुबह तक 72 घंटों में इजरायली बमबारी में 300 से अधिक लोग मारे गए है. दक्षिणी शहर खान यूनिस में हवाई हमलों की एक सीरीज में मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं. यह हमला तब हुआ जब नेतन्याहू ने कहा था कि उनकी सेना अकाल के जोखिम से बचने के लिए सीमित मात्रा में भोजन की अनुमति देगी. इजरायल ने हमास के कब्जे से 58 बंधंकों की रिहाई के लिए लगातार दबाव बना रहा है. इजरायल इसके लिए सारे उपाय अपना रहा है. इजरायल ने गाजा में खाद्य, पानी, ईंधन, और अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति को रोक दिया है. इस नाकेबंदी के कारण गाजा में भयावह मानवीय संकट पैदा हो गया है, और भुखमरी का खतरा बढ़ गया है. हालांकि, मई 2025 में इजरायल ने सीमित मात्रा में मानवीय सहायता की अनुमति देने का फैसला किया, लेकिन यह सहायता आतंकवादियों तक न पहुंचे, इसके लिए सख्त निगरानी की योजना है. कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस की एंट्री ने इजरायल को उलझाया इजरायल के इस प्लान पर यूरोप के बड़े देशों और पश्चिमी लॉबी ने घोर असंतोष जताया है. ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने इजरायल के युद्ध विस्तार को असंगत बताया है. इन्होंने गाजा की स्थिति को “असहनीय” बताया और धमकी दी कि यदि इजरायल का अभियान जारी रहा तो “ठोस” जवाब दिया जाएगा. “जब तक नेतन्याहू सरकार इन जघन्य कार्रवाइयों को जारी रखेगी, हम चुप नहीं बैठेंगे. अगर इजरायल ने नए सिरे से सैन्य आक्रमण बंद नहीं किया और मानवीय सहायता पर अपने प्रतिबंध नहीं हटाए, तो हम जवाब में और ठोस कदम उठाएंगे.” ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने गाजा में अनाज न आने देने के फैसले की तीखी आलोचना की है. इन देशों ने कहा है कि ये अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है. इसके अलावा, इन देशों ने इजरायली सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा गाजा की नागरिक आबादी के “जबरन विस्थापन” की धमकी देने वाले बयानों की निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया. प्रतिबंध की धमकी पर नेतन्याहू का जवाब ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा के बयानों पर इजरायल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि लंदन, ओटोवा और पेरिस के नेता 7 अक्टूबर को इज़रायल पर नरसंहार हमले के लिए एक बड़ा इनाम दे रहे हैं. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ट्वीट कर कहा, “हमारी सीमा पर हमास आतंकवादियों के नष्ट होने से पहले हमारे अस्तित्व के लिए किए जा रहे रक्षात्मक युद्ध को समाप्त करने के लिए इज़रायल से अनुरोध करके और फ़िलिस्तीनी राज्य की मांग करके, लंदन, ओटोवा और पेरिस के नेता 7 अक्टूबर को इज़राइल पर नरसंहार हमले के लिए एक बड़ा इनाम दे रहे हैं, ऐसा करके ये देश इस तरह के और अधिक अत्याचारों को आमंत्रित कर रहे हैं.” नेतन्याहू ने कहा कि युद्ध 7 अक्टूबर को शुरू हुआ जब फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने हमारी सीमाओं पर हमला किया, 1,200 निर्दोष लोगों की हत्या की और 250 से अधिक निर्दोष लोगों को किडनैप कर गाजा की काल कोठरी में ले गए. नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दृष्टिकोण से सहमति जताते हुए कहा कि यूरोप के नेता भी ऐसा ही विचार रखें. युद्ध कल समाप्त हो सकता है यदि शेष बंधकों को रिहा कर दिया जाए, हमास अपने हथियार डाल दे, उसके हत्यारे नेताओं को निर्वासित कर दिया जाए और गाजा को सैन्य विहीन कर दिया जाए. उन्होंने खरी-खरी कहा कि किसी भी देश से इससे कम कुछ भी स्वीकार करने की उम्मीद नहीं की जा सकती है और इज़रायल निश्चित रूप से ऐसा नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि यह बर्बरता पर सभ्यता का युद्ध है. इजरायल तब तक न्यायपूर्ण तरीकों से अपना बचाव करना जारी रखेगा जब तक कि पूर्ण विजय प्राप्त नहीं … Read more

बारिश का साया के चलते कोलकाता नहीं अहमदाबाद में होगा IPL फाइनल, प्लेऑफ के मैचों का वेन्यू भी बदला

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का फाइनल 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। एक रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है। मशहूर स्पोर्ट्स वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार अहमदाबाद 1 जून को क्वालीफायर 2 की मेजबानी भी करेगा जबकि न्यू चंडीगढ़ के मुल्लानपुर में पहले दो प्लेऑफ मैच जिसमें 29 मई को क्वालीफायर 1 और 30 मई को एलिमिनेटर के मेजबानी की उम्मीद है। इससे पहले फाइनल कोलकाता में होना था। यह निर्णय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय बैठकों की एक श्रृंखला के बाद लिया गया है। ये शेड्यूलिंग और स्थल परिवर्तन मुख्य रूप से बरसात के मौसम की शुरुआत और भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार तनाव के बीच टूर्नामेंट के हाल ही में एक सप्ताह के निलंबन के कारण लागू किए गए थे। लीग को 9 मई को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था और 17 मई को ही फिर से शुरू किया गया। मूल रूप से 25 मई के लिए निर्धारित फाइनल को एक सप्ताह से अधिक समय के लिए 3 जून तक टाल दिया गया था। यह संभावित रूप से तीसरी बार होगा जब दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट क्षेत्र नरेंद्र मोदी स्टेडियम आईपीएल फाइनल की मेजबानी करेगा। प्रतिष्ठित मैदान ने पहले 2022 और 2023 में फाइनल की मेजबानी की थी। विशेष रूप से 2022 में गुजरात टाइटन्स के डेब्यू सीजन के दौरान अहमदाबाद को COVID-19 प्रोटोकॉल के कारण केवल दो मैचों तक सीमित रखा गया था, वे दो क्वालीफायर और फाइनल थे। टाइटन्स ने उस वर्ष खिताब जीता और स्थल ने 2023 में फाइनल बरकरार रखा। मई के अंत में देश के कई हिस्सों में मानसून के पैटर्न को प्रभावित करने के साथ बोर्ड ने निर्बाध नॉकआउट मैचों को सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक रूप से शुष्क जलवायु वाले शहरों को चुना। अब तक तीन टीमों ने प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली है जिसमें गुजरात टाइटन्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स। अंतिम स्थान के लिए प्रतिस्पर्धा जारी है, जिसमें मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच कड़ी टक्कर है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को सामग्री, चेक, केसीसी और एटीएम कार्ड वितरित

रायपुर : समाधान शिविर सरकार की जवाबदेही और जनसेवा का प्रतीक – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुरमुंदा के हाईस्कूल को हायर सेकण्डरी स्कूल में उन्नयन की घोषणा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों को सामग्री, चेक, केसीसी और एटीएम कार्ड वितरित रायपुर सरकार का काम केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। जब हम गांव-गांव जाकर समाधान शिविर लगाते हैं, तो यह हमारी जवाबदेही का प्रमाण है। यह कार्य वही सरकार कर सकती है, जो ईमानदारी से जनता के लिए काम करती हो। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड की ग्राम पंचायत मुरमंदा में आयोजित समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविर केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की जनसामान्य के प्रति उत्तरदायित्व का जीवंत प्रमाण है। हमारी सरकार ने एक वर्ष पूर्ण होने पर जनता के समक्ष रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया था, और अब डेढ़ साल बाद पुनः जनता के बीच अपने कामकाज का रिपोर्ट दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत् दुर्ग 19 वां जिला है जहां वे सुशासन शिविर में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि औचक निरीक्षण और सुशासन शिविर में लोगों से फीडबैक पाकर  इस बात की खुशी होती है कि हमारी सरकार ने डेढ़ सालों में जो काम किया है उसका लाभ जनता को मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि मुरमुंदा शिविर में कुल 2630 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2539 मामलों का मौके पर समाधान कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का पूर्ण निराकरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमारी सरकार हर घर तक बिजली और नल से जल पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना में 18 लाख गरीब परिवारों के हक छीनने का काम किया। गरीबों से उनका घर और छत छीनने का काम करके पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का बंटाधार कर दिया था। इसी तरह, नल-जल योजना में भी पिछली सरकार की अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में टंकियां तो बना दी गईं, लेकिन पानी का कोई प्रबंध नहीं था। हमारी सरकार ने इन योजनाओं को सुधारा और धरातल पर लागू किया। किसान, मजदूर और बुजुर्ग हर वर्ग के लिए योजनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार अपने वादे के अनुसार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए की दर से कर रही है, पिछले दो वर्षों का बोनस भी किसानों को दिया गया है। मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना के माध्यम से बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा का अवसर मिला है। रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत 22000 से अधिक लोग अयोध्या दर्शन कर चुके हैं। भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10,000 रूपए की वार्षिक सहायता दी जा रही है। स्वामित्व कार्ड का वितरण तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भूमि रजिस्ट्री प्रणाली में सुधार का भी उल्लेख किया और बताया कि अब रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण स्वतः हो जाएगा, लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यदि कोई व्यक्ति अपने बेटा-बेटी को ज़मीन देना चाहता है, तो 500 रूपए में दानपत्र देकर कार्य पूरा कर सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना की जा रही है। अब तक 1460 ग्राम पंचायतों में यह केंद्र शुरू हो चुके हैं, जहां प्रतिदिन 1 से 1.5 लाख रुपए तक के बैंकिंग ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। अगले एक वर्ष में सभी ग्राम पंचायतों तक यह सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य है। शिविर में किया गया सामग्री वितरण मुख्यमंत्री साय ने समाधान शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को गृह प्रवेश की चाबियां, मनरेगा श्रमिकों को जॉब कार्ड, पात्र हितग्राहियों को सामाजिक पेंशन, किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, चेक और एटीएम कार्ड वितरित किए। मुख्यमंत्री साय ने अंत में कहा कि सरकार का कार्य सिर्फ शासन चलाना नहीं, बल्कि जनता की सेवा करना है। जब शासन जनता के द्वार तक आता है, तभी असली सुशासन स्थापित होता है। सुशासन शिविर को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायक साजा ईश्वर लाल साहू, पूर्व विधायक प्रेमप्रकाश पांडेय, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं मुरमुंदा सहित 15 पंचायतों के ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

slot server thailand super gacor

spaceman slot gacor

slot gacor 777

slot gacor

Nexus Slot Engine

bonus new member

olympus

situs slot bet 200

slot gacor

slot qris

link alternatif ceriabet

slot kamboja

slot 10 ribu

https://mediatamanews.com/

slot88 resmi

slot777

https://sandcastlefunco.com/

slot bet 100

situs judi bola

slot depo 10k

slot88

slot 777

spaceman slot pragmatic

slot bonus

slot gacor deposit pulsa

rtp slot pragmatic tertinggi hari ini

slot mahjong gacor

slot deposit 5000 tanpa potongan

mahjong

spaceman slot

https://www.deschutesjunctionpizzagrill.com/

spbo terlengkap

cmd368

368bet

roulette

ibcbet

clickbet88

clickbet88

clickbet88

bonus new member 100

slot777

https://bit.ly/m/clickbet88

https://vir.jp/clickbet88_login

https://heylink.me/daftar_clickbet88

https://lynk.id/clickbet88_slot

clickbet88

clickbet88

https://www.burgermoods.com/online-ordering/

https://www.wastenotrecycledart.com/cubes/

https://dryogipatelpi.com/contact-us/

spaceman slot gacor

ceriabet link alternatif

ceriabet rtp

ceriabet

ceriabet link alternatif

ceriabet link alternatif

ceriabet login

ceriabet login

cmd368

sicbo online live

Ceriabet Login

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

casino online

clickbet88

login kudahoki88

Ceriabet

Ceriabet

Ceriabet

slot olympus

sbobet

slot thailand

sbobet